P. V. Sindhu

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इंडियन ओपन सुपर सीरीज़ बैडमिंटन का फाइनल जीतकर सिंधु ने नया इतिहास रच दिया. लगातार सफलता की बुलंदियों को छूती हुई सिंधु फाइनल में कैरोलीना मारिन को हराया. बैडमिंटन क्वीन सिंधु ने मारिन को 21-19. 21-16 से हराया. स़िर्फ 47 मिनट में पी वी सिंधु ने कैरोलिना को हराया. बता दें कि ये सिंधु की कैरोलिना पर दूसरी बड़ी जीत है.

रियो ओलिंपिक 2016 में कौरोलिना ने सिंधु को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल पर अपना क़ब्ज़ा जमाया था. विश्‍व नंबर 5 खिलाड़ी सिंधु लगातार मेहनत कर रही हैं और अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा है. वो दिन दूर नहीं जब भारत की ये स्टार खिलाड़ी दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बन जाएगी.

पूरे मैच के दौरान सिंधु को बहुत ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी. इस पूरे गेम में वो शुरुआत से ही मारिन पर भारी दिख रही थीं. फाइनल जीतकर सिंधु ने ये जता दिया है कि उन्हें गेम में पहले पॉइंट से लेकर आख़िर तक पकड़ बनाए रखना बखूबी आता है.

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मारिन से मैच जीतने के बाद सिंधु और मारिन के बीच दोस्ताना व्यवहार दिखा. दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और कैमरे में हैप्पी मोमेंट कैच करवाएं. वैसे देखा जाए, तो मारिन और सिंधु दोनों बेजोड़ खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छी दोस्त भी हैं. दोनों ही खेल के बाद बहुत ही सकारात्मक दिखाई देती हैं.

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रियो ओलिंपिक 2016 में देश के लिए रजत पदक जीतने वाले पी वी सिंधु रैंकिंग में टॉप 5 पर पहुंच चुकी हैं. सिंधू ने अपनी रैंकिंग में एक स्थान का सुधार किया है और उनके खाते में 69399 अंक हैं. ओलिंपिक के बाद से लगातार पीवी सफलता की सीढ़ियां चढ़ती जा रही हैं.

सायना से आगे निकलीं पी. वी.
भारत की ही सायना नेहवाल अपने नौंवें स्थान पर बनी हुई हैं. सिंधू ने 2017 की शुरुआत छठे स्थान से की थी, लेकिन 26 जनवरी को वह नौंवे स्थान पर खिसक गई थीं. सिंधू उसके बाद फिर छठे स्थान पर लौटीं और अब 5 वें नंबर पर आ गई हैं. सिंधु और सायना दोनों वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में चल रही एशियाई मिश्रित चैंपियनशिप में भारतीय टीम से हट गई थीं.

महिला युगल में टॉप 25 में कोई भारतीय जोड़ी नहीं है. हालांकि ज्वाला गुट्टा और अश्‍विनी पोनप्पा दो स्थान के सुधार के साथ 27वें नंबर पर आ गई हैं. मिश्रित युगल में प्रणव चोपड़ा और एन सिक्की रेड्डी का 14वां स्थान कायम है. एकल में भारत की ओर से पी वी सिंधु ही सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पर हैं. भारत के लिए यह गौरव की बात है.

 

श्वेता सिंह 

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रियो ओलिंपिक के फाइनल में कैरोलीना मारिन से फाइनल हारने के बाद पी. वी. सिंधु के मन में हार की वो कसक बरक़रार थी. उस हार को इसी साल जीत में बदलते हुए सिंधु ने दुबई में चल रहे वर्ल्ड सुपर सीरीज़ में कैरोलीना को हार की राह दिखाई. इसे कहते हैं जीत की हुंकार.

46 मिनट तक चले इस मैच को सिंधु ने 21-17, 21-13 से जीता. यह सिंधु की ग्रुप बी में दूसरी जीत थी, जिससे उन्होंने अंतिम चार में भी अपनी जगह पक्की कर ली. चीन की सुन यू अपने तीनों मैच जीतकर ग्रुप बी में शीर्ष पर रहीं, जबकि मारिन को अपने तीनों मैच में हार का सामना करना पड़ा.

शुरुआत में इस मैच में मारिन ने कई बार अपना दबदबा बनाने की कोशिश की, लेकिन सिंधु उन्हें अपनी धारा में बहा ले गईं. मारिन थोड़ी चीखते हुए भी दिखीं, लेकिन पहला सेट 21-17 से जीतकर सिंधु ने मारिन की कमर तोड़ दी.

वैसे इस मैच को देखने के बाद लग रहा था कि सिंधु के आगे मारिन कहीं टिक नहीं रही थीं. भले ही रियो ओलिंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट थीं मारिन, लेकिन इस मैच में वो सिंधु के सामने छोटे क़द की दिखीं.

इसे कहते हैं खेल. हार और जीत तो लगी ही रहती है. फिलहाल ये मैच सिंधु के नाम था. सेमीफाइनल में पहुंचकर सिंधु ने देश का मान बढ़ाया है.

– श्वेता सिंह