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हथेली के रंग से जानें अपना भविष्य (Palmistry: Know Your Future & Destiny By Looking At Your Hands)

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क्या आप जानते हैं कि आपकी हथेली का रंग आपके भविष्य और भाग्य के बारे में बहुत कुछ बता देता है. आपकी हथेली का रंग, हथेली की रेखाओं का रंग (Palmistry) आदि देखकर आप ये जान सकते हैं कि आपका भाग्य और भविष्य कैसा है. हथेली का रंग और भविष्य का क्या कनेक्शन है? बता रहे हैं पंडित राजेंद्र जी.

हथेली के रंग से जानें अपना भविष्य जानने के लिए देखें ये वीडियो:

हाथ की रेखाओं से जानें कि कहीं आपको ब्लडप्रेशर का ख़तरा तो नहीं(Palmistry: Read Your Palm To Know The Blood Pressure Risk)

भाग्य के अलावा आपकी हाथ की रेखाएं आपके स्वास्थ्य के बारे में भी संकेत देती हैं. हाथ की रेखाएं देखकर आप जान सकते हैं कि कहीं आपको ब्लडप्रेशर का ख़तरा तो नहीं.

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हाई ब्लडप्रेशर या लो ब्लडप्रेशर की शिकायत आजकल बढती ही जा रही है. यूं तो अनियमित जीवनशैली, गलत खान-पान, तनाव, अनिद्रा, बीमारी आदि को ही ब्लडप्रेशर के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके लिए आपकी हाथ की रेखाएं भी ज़िम्मेदार हैं. ये रेखाएं ही बताती हैं कि आपको ब्लडप्रेशर की तकलीफ़ हो सकती हैं या नहीं.

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– जिन व्यक्तियों को ब्लडप्रेशर की तकलीफ़ होती है, उनकी हथेली लालिमायुक्त होती है. अगर हथेली लाल दिखाई दे तो इसका अर्थ है कि आपको उच्च रक्तचाप की शिकायत है.
– जिन लोगों को लो ब्लडप्रेशर की शिकायत होती है, उनकी हथेली पीलापन लिए हुए और शुष्क होती है.
– हाई ब्लडप्रेशर से पीड़ित लोगों की हथेली में पसीना अधिक आता है.
– ब्लडप्रेशर का संबंध हृदय से होता है. इसलिए जिन लोगों को ब्लडप्रेशर की शिकायत होगी, उनकी हृदय रेखा जंजीरयुक्त होती है.
– अगर हृदय रेखा को कोई और रेखा काटती हो तो स्वास्थ्य की दृष्टि से ये अच्छा नहीं माना जाता. संबंधित व्यक्ति को हृदय रोग या मानसिक रोग होने की संभावना होती है.
– जो लोग ब्लडप्रेशर या उससे जुड़ी बीमारियों से पीड़ित होते हैं, उनका मंगल पर्वत अनियमित होता है. अगर मंगल पर्वत अत्यधिक ऊंचा है तो उस व्यक्ति को उच्च रक्तचाप होगा, जबकि निम्न रक्तचाप वालों का मंगल पर्वत निम्न होता है.
– यदि हृदय रेखा कटी हुई या टूटी हुई हो तो ये भी अच्छा संकेत नहीं है. ये ब्लडप्रेशर की अनियमितता का संकेत होने के साथ ही हार्ट अटैक की संभावना को भी दर्शाता है.
– हृदय रेखा पर द्वीप या रक्तिम बिंदु भी शुभ संकेत नहीं है. इसी तरह हृदय रेखा पर क्रॉस या किसी तरह का और निशान भी स्वास्थ्य की दृष्टि से ठीक नहीं है.
– मंगल रेखा और चंद्र रेखा में शाखाएं हों तो भी रक्तचाप की शिकायत हो सकती है.
रक्तचाप का संबंध मस्तिष्क और मानसिक स्थिति से भी होता है. इसलिए रक्तचाप के कारणों को जानने के लिए चंदपर्वत, चंद्ररेखा और मस्तिष्क रेखा का अध्ययन भी करना चाहिए.
– मस्तिष्क रेखा में गैप हो अथवा ये रेखा लंबी न हो तो ये मानसिक तनाव का संकेत होता है और अगर मानसिक तनाव होगा तो उच्च रक्तचाप की शिकायत होगी ही.
– मस्तिष्क रेखा का हृदयरेखा से मिलन या किसी शाखा का हृदय रेखा से मिलन भी रक्तचाप संबंधी बीमारियों की ओर इंगित करता है.
– चंद्रपर्वत पर उभार हो और मस्तिष्क रेखा उस पर समाप्त हो गई हो तो ये इस बात का संकेत है कि वह व्यक्ति बेहद भावुक है, जो कि रक्तचाप का कारण बन सकता है.
– अगर कई रेखाएं एक-दूसरे को काट रही हैं तो ये भी रक्तचाप की शिकायत होने का सूचक है.

हाथ की रेखाओं से अन्य बीमारियां का पता भी लगाया जा सकता है

– जब जीवनरेखा छोटे-छोटे टुकड़ों से बनी हो या जंजीरनुमा हो और स्वास्थ्य रेखा गहरी हो तो जीवनभर उसके रोगी बने रहने की संभावना है और उसे हमेशा सावधानी बरतनी होगी.
– जब स्वास्थ्य रेखा केवल मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा के बीच में गहरी बनी हुई हो या मस्तिष्क रेखा के ऊपर तथा नीचे एक द्वीप बनाती हो तो वह इस बात का संकेत है कि जातक किसी मानसिक रोग का शिकार होगा.
– जब जीवनरेखा टूटी हुई हो और स्वास्थ्य रेखा और उसकी कोई शाखा उस टूटे हुए भाग में जाती हो तो मृत्यु का स्पष्ट संकेत मिलता है.
– जब स्वास्थ्य रेखा जीवनरेखा से दूसरी ओर को मुड़ती हुई प्रतीत हो तो किसी भी आशंकित रोग से वह पूर्णतया छुटकारा पा जाएगा. ये रेखा लंबी आयु की सूचना देती है.
इसके अलावा नाखूनों की स्थिति देखकर भी रक्तचाप का पता लगाया जा सकता है.
– अगर नाखून की जड़ में अर्धचंद्र न हो तो ये रक्तचाप का संकेत है.
– बड़े नाखूनों पर चंद्रमा की उपस्थिति रक्तचाप की ओर इंगित करती है.
– नाखून नीले अथवा पीले हों तो उस व्यक्ति के रक्तचाप से पीड़ित होने की संभावना हो सकती है.

अन्य बीमारियां

– अगर नाखून छोटे ओर गोल हों और उसमें चंद्रमा न हो, लेकिन स्वास्थ्य रेखा गहरी बनी हो तो यह हृदय रोग का निश्‍चित लक्षण है.
– यदि नाखून लंबे और बादाम के आकार के हों और स्वास्थ्य रेखा में कहीं पर द्वीप चिह्न हो तो जातक को क्षय रोग होने की संभावना होती है.
– यदि नाखून सपाट और सीप के आकार के हों और साथ ही स्वास्थ्य रेखा गहरी हो तो लकवा होने की संभावना होती है.

हाथ की रेखाओें से जानें महिलाओं की सेक्स लाइफ (Reveal Her Sex Appeal With Palm Reading)

Sex Appeal With Palm Reading

ज्योतिष विज्ञान में ‘हस्त रेखा’ विज्ञान का भी अलग महत्व है. इसमें शरीर की बाहरी रचना, हस्त रेखाओं और शरीर पर बने विभिन्न चिह्नों का विस्तृत अध्ययन किया गया है. शरीर के बाहरी अंगों की आकृति, उन पर स्थित चिह्नों तथा रेखाओं को देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि स्त्री की सेक्स लाइफ (Sex Appeal With Palm Reading) और उसका सेक्स संबंधी स्वभाव कैसा होगा?

Sex Appeal With Palm Reading
शरीर के अंगों से जानें स्त्री की सेक्स लाइफ
– जिस स्त्री के तलुवे कोमल, एड़ी कोमल व गोलाई लिए हो और जिसे पैरों में  पसीना न आता हो, उसका सेक्स जीवन(Sex Appeal With Palm Reading) काफ़ी अच्छा होता है.
– गोल, भरे-भरे अंगूठे और पैर की दूसरी उंगली अंगूठे से बड़ी हो, तो उस स्त्री का मन चंचल होता है. वह एक से अधिक पुरुषों से संबंध बनाने में दिलचस्पी रखती है.
– पैर की तर्जनी उंगली अंगूठे से अधिक लंबी हो, तो वह शादी से पहले ही सेक्स संबंध स्थापित कर सकती है.
– हृष्ट-पुष्ट और चिकने पैरवाली महिलाओं की सेक्स लाइफ(Sex Appeal With Palm Reading) किसी राजरानी की तरह हो सकती है.
– हृष्ट-पुष्ट टखने भी सुखकारक होते हैं.
– जिसकी जांघें चिकनी, कोमल, रोमरहित व हृष्ट-पुष्ट हों, वे अपने पार्टनर को सेक्स में अच्छा सहयोग देती है और ख़ुद भी सेक्स का आनंद उठाती है.
– मांसरहित घुटनेवाली स्त्री स्वतंत्र विचारोेंवाली और चंचल मन की होती है. ये एक से अधिक पार्टनर से भी संबंध रखने में झिझकती नहीं, लेकिन इनको गुप्त रोगों का भय होता है.
– पतली कमर, गोल नितंबवाली महिलाएं सेक्स में माहिर होती हैं. मांसल और भरे हुए चौड़े नितंबवाली स्त्री भोगी प्रकृति की मानी गई है.
– जिनके अंडरआर्म्स में पतले कोमल रोएं हों और जिनके ब्रेस्ट पुष्ट हों, वे भी सेक्स क्रिया में अच्छी मानी जाती हैं.
– होंठों के आकार से भी सेक्स लाइफ का पता चलता है. जिस स्त्री का ऊपरी होंठ मोटा हो, तो वो सेक्स मेें दिलचस्पी रखनेवाली होगी और अगर निचला होंठ मोटा हो, तो किस करने की दृष्टि से उसके होेंठ आकर्षक माने जाएंगे.

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तिल के निशान से जानें सेक्स लाइफ
– तिल के संदर्भ में भी ज्योतिष शास्त्र में उल्लेख किया गया है. नाक में तिल तथा जांघों में लाल तिलवाली स्त्री के अन्य पुरुष से संबंध हो सकते हैं.
– कनिष्ठिका उंगली के नीचे काला तिल प्रेमी से बिछड़ने का संकेत है.
– हाथ के शुक्रपर्वत पर काले तिलवाली स्त्री छोटी उम्र से ही सेक्स-संबंधों में लिप्त हो जाती हैं. इन्हें गुप्तांग रोग हो सकते हैं.
– विवाह रेखा का काला तिल दांपत्य जीवन के ख़राब होने का प्रतीक है.
– अंगूठे की जड़ में स्थित काला तिल  गर्भपात का संकेत देता है.
– गालों में तिल या स्तनों में तिलवाली महिला अपने पति की प्रिय होती है.
– स्त्री के गुप्तांग में चिह्न, तिलादि हों, तो उस स्त्री का यौन-संबंध प्रायः राजकीय अधिकारी से होता है.
– जिस नारी के बाएं गाल पर तिल होता है, ऐसी महिलाओं को सेक्स में अलग-अलग पोज़ीशन्स व विभिन्नता पसंद होती है.
– जांघ पर तिलवाली स्त्रियां भौतिकवादी होती हैं. ऐसी युवतियां सेक्स(Sex Appeal With Palm Reading) को इच्छातृप्ति का साधन समझती हैं.
– अंगूठे के मूल में दो क्रॉस के चिह्न हों, तो महिला को यौन संबंधों के कारण जननेन्द्रिय रोगों की संभावना होती है और ऐसी महिला का कई पुरुषों से संबंध हो सकता है.

क्या कहती हैं हाथ की रेखाएं?
– जिस स्त्री की मध्यमा उंगली की रेखा कटी हो, वह अधिक पुरुषों से संबंध बनाती है.
– मन रेखा युक्त अंगूठेवाली स्त्री के कई पुरुष मित्र होते हैं.
– रति-रेखावाली स्त्री का जीवनसाथी से लगाव और वैवाहिक जीवन सुखद होता है.
– रति रेखा के ऊपर-नीचे रेखाएं हों, तो ऐसी स्त्री के कई प्रेमी होते हैं और वह सेक्स(Sex Appeal With Palm Reading) क्रिया में निपुण होती है.
– मोटी तथा भद्दी रति रेखावाली स्त्री सेक्स से संबंधित बातों से अनजान-सी होती है, जबकि पतली रेखा सेक्स-सुख प्राप्ति की प्रतीक है.
– रति रेखा टूटी हो, तो स्त्री के पति का अन्य स्त्री में यौनाकर्षण होता है.
– रति रेखा खंडित हो, तो रोगों का भय होता है.
– जिस स्त्री के अंगूठे के मूल से नीचे तक चक्राकार मोटी रेखा हो, ऐसी स्त्री परपुरुषों में रुचि रखनेवाली, स्वतंत्र विचार व व्यवहार करनेवाली होती है.
– शुक्र क्षेत्र पर रेखाएं विपरीत लिंगियों से शारीरिक संबंधों का संकेत देती हैं.
– जीवन रेखा और हृदय रेखा के मध्य जाल का चिह्न गर्भाशय की बीमारियों- प्रदर रोग आदि का संकेत देती है.

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