Tag Archives: pap smear test

Personal Problems: रूटीन हेल्थ चेकअप में क्या पैप स्मियर टेस्ट कराना चाहिए? (Should I Go For A Pap Smear Test In Routine Health Checkup?)

मैं 32 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में जानना चाहती हूं. क्या ये आम गर्भनिरोधकों की तरह है या इसके कुछ साइडइफेक्ट्स हैं?
– कुसुम मेहता, मुंबई.

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का इस्तेमाल असुरक्षित यौन संबंध के बाद इमरजेंसी में किया जाता है. इसे कभी भी रेग्युलर कॉन्ट्रासेप्टिव्स की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स दो तरह के हैं, एक प्रोजेस्टेरॉनयुक्त टैबलेट और दूसरा कॉपर टी. प्रेग्नेंसी टालने के लिए असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटों के भीतर टैबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि कॉपर टी के लिए 5 दिनों का समय होता है. इसके साइडइफेक्ट्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप कौन-सा मेथड इस्तेमाल कर रहे हैं. अनियमित माहवारी और उल्टी आना जैसे साइडइफेक्ट्स दोनों ही मेथड में हो सकते हैं, जबकि कॉपर टी में इंफेक्शन का भी डर रहता है. कभी-कभी मेथड फेल भी हो जाता है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: बच्चे को कितने समय तक ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए?

Pap Smear Test

मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और डॉक्टर ने मुझे रूटीन हेल्थ चेकअप में पैप स्मियर टेस्ट करने की सलाह दी है. क्या मुझे यह टेस्ट कराना चाहिए?
– कुमकुम अग्रवाल, देहरादून.

पैप स्मियर एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसके ज़रिए सर्विक्स में होनेवाले कैंसर व प्रीकैंसर सेल्स की जांच की जाती है. वैसे तो 21 वर्ष पार कर चुकी सभी महिलाओं को हर साल यह टेस्ट कराना चाहिए, ताकि शुरू में ही किसी समस्या का पता चल सके. अगर लगातार तीन सालों तक स्मियर टेस्ट निगेटिव आता है, तो यह टेस्ट हर तीन साल में 65 साल की उम्र तक कराना चाहिए. इसमें एक स्पेशल ब्रश के ज़रिए सर्विक्स के सेल्स को इकट्ठा कर टेस्ट के लिए लैब भेजा जाता है, ताकि पता चल सके कि कैंसर है या नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

Personal Problems: पैप स्मियर टेस्ट क्यों किया जाता है? (What Do They Check For In A Pap Smear Test?)

पैप स्मियर टेस्ट, Pap Smear Test
मैं 33 वर्षीया कामकाजी महिला हूं और मेरी 7 महीने की एक बच्ची है. कुछ दिनों पहले ही मुझे पता चला कि प्रेग्नेंसी के दौरान अगर मां को थायरॉइड हो, तो वो बच्चे को भी हो सकता है. हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान दवाई लेने के कारण मेरा थायरॉइड नॉर्मल था, पर क्या इसकी संभावना है? कृपया, मेरा मार्गदर्शन करें.
– सरोजनी भारद्वाज, पटना.

सबसे पहले तो आपको डरने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि प्रेग्नेंसी में थायरॉइड की शिकायत होना कोई बड़ी बात नहीं. यह किसी तरह का इंफेक्शन नहीं है, जो मां से बच्चे को हो जाएगा. थायरॉइड डिसफंक्शन प्रेग्नेंसी के दौरान भी हो सकता है, पर ज़्यादातर मामलों में डिलीवरी के 6 हफ़्तों के भीतर ही इसका समाधान कर दिया जाता है. इसलिए ज़रूरी है कि आप डिलीवरी के बाद थायरॉइड का लेवल चेक करते रहें. अगर मां को थायरॉइड डिसफंक्शन है, तो इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि भविष्य में यह बच्चे को हो सकता है. आमतौर पर डिलीवरी के बाद नियोनैटोलॉजिस्ट बच्चे के थायरॉइड हार्मोंस लेवल चेक करते हैं, ताकि किसी भी तरह की असामान्यता को तुरंत ठीक किया जा सके.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

पैप स्मियर टेस्ट, Pap Smear Test

 

मैं 26 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. हाल ही में मैंने पैप स्मियर टेस्ट के बारे में सुना. यह क्या है और क्यों किया जाता है?
– वृंदा नलावडे, नागपुर.

पैप स्मियर एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जो सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती जांच के लिए किया जाता है. वैसे हर शादीशुदा महिला को यह टेस्ट साल में एक बार और लगातार तीन सालों तक ज़रूर कराना चाहिए. अगर तीनों सालों की रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो फिर हर तीन साल में एक बार यह टेस्ट कराना चाहिए. इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य सर्विक्स के सेल्स में होनेवाले बदलावों को देखकर कैंसर की संभावना को तुरंत ख़त्म करना है. दरअसल, शरीर के किसी भी हिस्से में कैंसर अचानक से नहीं हो जाता, बल्कि सालों पहले उसके लक्षण दिखाई देते हैं, इसलिए रेग्युलर चेकअप से कैंसर की किसी भी आशंका को दूर किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या प्रेग्नेंसी में बहुत ज़्यादा उल्टियां होना नॉर्मल है? (Is Severe Vomiting Normal During Pregnancy?)

problems in Pregnancy
मैं 40 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि मेरे लिए इस उम्र में कौन-से टेस्ट्स करवाने ज़रूरी हैं?
– पल्लवी राणा, इंदौर.

किसी भी हेल्थ प्रोफेशनल से आप अपना जनरल चेकअप करवा सकती हैं, जिसमें ब्लड प्रेशर, पल्स रेट, चेस्ट व हार्ट की जांच के अलावा सिर से पैर तक की जांच की जाती है. इसके साथ ही पैप स्मियर टेस्ट व पेल्विक की जांच भी ज़रूर करवाएं. अगर कुछ डिटेक्ट हुआ, तो आपको सोनोग्राफी भी करानी पड़ सकती है. इसके अलावा साल में एक बार बेसिक एक्ज़ामिनेशन, जैसे ब्लड टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, लिवर और किडनी प्रोफाइल, चेस्ट एक्स-रे और ईसीजी ज़रूर करवाएं. अगर आप फिट और हेल्दी हैं, फिर भी हर साल आंख और दांत की जांच ज़रूर करवाएं.

यह भी पढ़ें: शारीरिक संबंध के बाद १-२ दिन तक ब्लीडिंग क्यों होती है?

 ulti
मैं 24 वर्षीया महिला हूं और पहली बार कंसीव किया है. मुझे डेढ़ महीने का गर्भ है. सब कहते हैं कि पहले तीन महीने उल्टियां होती ही हैं. पर मुझे बहुत ज़्यादा उल्टियां हो रही हैं. मुझे समझ में नहीं आ रहा कि मैं क्या करूं? कृपया, उचित सलाह दें.
– रश्मि सिंह, झांसी.

अगर आपको बहुत ज़्यादा उल्टियां हो रही हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. डॉक्टर यूरिन टेस्ट के ज़रिए जांच करेंगे कि यूरिन में कीटोन्स तो नहीं. अगर ऐसा हुआ, तो आपको एडमिट करके आईवी फ्लूइड दिया जाएगा. इसके साथ ही वो आपको कुछ दवाइयां भी दे सकते हैं. वैसे 3 महीने के बाद यह समस्या अपने आप कम हो जाती है, पर फिर भी ऐसी स्थिति में आपको हर दो-तीन घंटों में कुछ खाना चाहिए. सुबह-सुबह चाय-कॉफी या चॉकलेट से बचें. इसकी बजाय आप ठंडा दूध पीएं.

यह भी पढ़ें: नसबंदी ओपन करानेवाली सर्जरी की सफलता के कितने चांसेस हैं?

प्रेग्नेंसी में उल्टी के लिए होम रेमेडीज़ 

  • सुबह सोकर उठने पर सबसे पहले घूंट-घूंट कर थोड़ा पानी पीएं.
  • अदरक की चाय बनाकर पीएं या अदरक का एक टुकड़ा मुँह में रखें.
  • उल्टी में नींबू काफ़ी फायेदमंद साबित होता है. नींबू पानी में शहद मिलाकर पीएं. आप चाहें तो नींबू के तेल की कुछ बूंदें रुमाल में छिड़कें और जब भी उल्टी जैसा लगे तो उसे सूंघती रहें.
  • सौंफ भी इसमें काफ़ी कारगर सिद्ध होती है. आप चाहें तो सौंफ को यूँ ही फांकें या फिर १ कप पानी में उबालकर उसमें नींबू का रस और शहद मिलाकर पीएं.

 

यह भी पढ़ें: क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं पड़ती?

rajeshree-kumar-167x250
डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected] 

 

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें