periods

अधिकांश महिलाओं के लिए पीरियड्स एक बेहद दर्दनाक अनुभव होता है, उन्हें इतना दर्द होता है कि पीरियड्स को लेकर मन में डर बैठ जाता है. इससे छुटकारा पाने के लिए वो अक्सर पेनकिलर का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन दर्दनिवारक दवाओं के अपने साइडइफेक्ट होते हैं इसलिए बेहतर होगा कि घरेलू उपायों को जाना और अपनाया जाए तो बेहद सरल होने के साथ साथ कारगर भी हैं.

पपीते का सेवन: पपीते की तासीर गर्म मानी जाती है और अक्सर दर्द की वजह होती है खुलकर फ्लो का ना होना, ऐसे में पपीता खायें क्योंकि इससे खुलकर फ्लो होता है और दर्द में आराम आता है. यही नहीं पपीता पेट के लिए भी काफ़ी अच्छा माना जाता है और पाचन को सही रखता है.

अदरक और काली मिर्च: अदरक को पानी में उबाल कर चाय की तरह पिएँ. अदरक के टुकड़े करके पानी में डालकर चाय बना लें, चाहें तो काली मिर्च भी मिला लें या फिर अदरक के टुकड़े करके उन्हें चबाकर खाएँ. यह पाचन को भी बेहतर करता है.
अजवायन: यह भी पेट के लिए बेहद फ़ायदेमंद है. इसकी भी तासीर गर्म होती है और यह गैस की समस्या से निजात दिलाने में कारगर है. अक्सर माहवारी के समय गैस की समस्या बढ़ जाती है जो दर्द की एक वजह होती है.

तुलसी की पत्तियाँ: चाय में इसे डालें क्योंकि इसमें दर्दनिवारक तत्व होते हैं जो काफ़ी तहाए पहुँचाते हैं.

जीरा: यह गर्भाशय को साफ़ करता है. इसमें दर्दनिवारक गुण भी हैं. जीरे की चाय बनाकर पिएं, पानी में भी उबालकर इसे पी सकती हैं या यूं ही चटकीभर जीरा चबा चबा कर खाएँ. इससे काफ़ी आराम मिलेगा.

Menstrual Cramps

मेथी: रात को एक कप पानी में एक टीस्पून मेथीदाना भिगो दें और अगले दिन इस पानी क सेवन करें.

गर्म पानी से सिकाई: एक बोतल में गर्म पानी भरकर उससे सिकाई करें काफ़ी आराम मिलेगा. यह पारंपरिक उपाय काफ़ी लोग अपनाते हैं, क्योंकि यह सबसे आसान और कारगर भी है.

तिल का तेल: इससे पेडू में यानी पेट के निचले भाग में हल्के हाथों से मालिश करें. यह गर्माहट और आराम देगा.
एक्सरसाइज़: शोध बताते हैं कि एरोबिक्स से पेन में काफ़ी राहत मिलती है. जो महिलाएँ लगातार दो महीनों तक हफ़्ते में तीन बार आधे घंटे एरोबिक्स करती हैं उन्हें पीरियड्स में दर्द बेहद कम होने लगता है. अगर एरोबिक्स नहीं करना चाहतीं तो सिर्फ़ नंगे पैर ज़मीन पर या घास पर चलें इससे भी दर्द में आराम मिलता है. अगर आप नियमित रूप से योग करती हैं तो भी पेन में आराम मिलेगा और आप ऐसे योगा पोज़ भी ट्राई कर सकती हैं जो इस दर्द में आराम दिलाते हैं.

मेडिटेशन: सांस लेने की तकनीक आपको काफ़ी निजात दिला सकती है. यह मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और इसे रिलैक्सेशन टेकनीक ही कहा जाता है. यह रक्त संचार बेहतर करके मस्तिष्क को सुकून का एहसास कराती हैं, दर्द पैदा करनेवाले हार्मोन्स को कम करके राहत का आभास कराती है.
नमक का सेवन कम करें और पानी खूब पिएं: पीरियड्स आने से कुछ दिन पहले से नमक खाना या तो बंद कर दें या कम करें, मसालेदार भोजन, तला-भुना भी ना खाएँ और फ़र्क़ देखें. इस तरह का खाना वॉटर रिटेंशन को बढ़ाता है जिससे गैस, अपच, भारीपन होता है और दर्द का एहसास ज़्यादा होता है. साथ ही पानी खूब पिएँ ताकी डीहाईड्रेट ना हों.

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हर महीने महिलाएं भावनात्मक बदलावों के दौर से गुज़रती हैं, उस पर पीरियड्स यानी माहवारी का उनके दिलो-दिमाग पर भी असर पड़ता है. पीरियड्स के लक्षण अक्सर उन्हें परेशान करते हैं, कभी-कभी तो इन्हें सहना भी मुश्किल हो जाता है और अगर इन सब के साथ हैवी फ्लो है, तो परेशानी और अधिक बढ़ जाती है.

पीरियड्स के दौरान हैवी फ्लो के कारण कई बार महिलाओं को अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे- एनिमिया, सांस फूलना और थकान. ऐसे में ज़रूरी है कि पीरियड्स के दौरान वे अपना ख़ास ख़्याल रखें, ताकि हैवी फ्लो उनके लिए मुश्किल न बन जाए. यहां पर परिधि मंत्री, कन्ज़्यूमर इनसाईट्स एण्ड प्रोडक्ट इनोवेशन, परी, कुछ सुझाव लेकर आई हैं, जो पीरियड्स के दौरान शारीरिक और मानसिक परेशानी को हल करने में मदद करेंगे.

सही सैनिटरी पैड चुनें
हैवी फ्लो के दिनों के लिए महिलाओं को सुपर एब्र्ज़ाबेन्ट पैड चुनना चाहिए, जिसकी बाहरी परत बेहद मुलायम और अच्छी गुणवत्ता से युक्त हो. साथ ही यह भी ज़रूरी है कि आप अपनी त्वचा और फ्लो को ध्यान में रखते हुए सही पैड चुनें. आपके शरीर के नाज़ुक हिस्सों में आसानी से रैश हो सकते हैं. हैवी फ्लो के दिनों में इस तरह के रैश परेशानी बढ़ा सकते हैं, इसलिए मुलायम पैड इस्तेमाल करें, ताकि गर्म और उमसभरे मौसम में भी आपकी त्वचा में रैश न होने पाएं.

माॅनसून में माहवारी के दौरान हाइजीन पर विशेष ध्यान दें
माॅनसून में जहां एक ओर गर्मी और उमस से राहत मिलती है, वहीं दूसरी ओर इस मौसम में इन्फेक्शन और रैश की संभावना भी बढ़ जाती है, इसलिए अच्छा होगा कि इस मौसम में आप पीरियड्स के लिए क्विक एब्र्ज़ाप्शन पैड चुनें, ताकि आपकी त्वचा सूखी रहे. गुप्तांगों की सफ़ाई के लिए साबुन या वेजाइनल हाइजीन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें. सादा पानी ही पर्याप्त है. हर 4-6 घण्टे में पैड बदलती रहीं, ताकि इन्फेक्शन की संभावना न हो. पीरियड्स के दौरान हैवी फ्लो के लिए डिज़ाइन किए गए पैड इस्तेमाल करें. इस तरह के पैड नियमित पैड की तुलना में बेहतर होते हैं और आपको गीलेपन का एहसास नहीं होने देते.

अपने आहार में आयरन शामिल करें
जब शरीर में आयरन की कमी होती है, तो पीरियड्स के दौरान फ्लो बढ़ जाता है, इसलिए अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें, जिनमें आयरन भरपूर मात्रा में हो. पालक, बीन्स, दालें, ब्राॅकली आदि आयरन के अच्छे स्रोत हैं.

घरेलू उपाय
अदरक का पानी पीने तथा दालचीनी और धनिये के बीज के सेवन से हैवी फ्लो में आराम मिलता है. घरेलू उपाय हमेशा कारगर होते हैं. अपने आहार में ये छोटे-छोटे बदलाव लाकर आप हैवी फ्लो की मुश्किलों को आसान बना सकती हैं.

ख़ूब पानी पीएं
अगर आपको कुछ दिनों के लिए हैवी फ्लो रहता है, तो आपमें खून की कमी हो सकती है. ऐसे में सामान्य से 4-6 कप ज़्यादा पानी पीएं. इलेक्ट्रोलाइट सोल्यूशन का इस्तेमाल करें, ज़्यादा पानी को संतुलित करने के लिए आहार में नमक की मात्रा बढ़ाएं.

– ऊषा गुप्ता


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मैं 28 वर्षीया महिला हूं. मेरी शादी को 3 साल हो गए हैं, पर अभी तक गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं. पिछले 6 महीनों से पीरियड्स के दौरान बहुत कम रक्तस्राव होता है. बताएं, क्या करूं? बचपन में मुझे टी. बी. हुई थी. लेकिन ट्रीटमेंट कराने पर ठीक भी हो गई थी.

– गायत्री कुकरेती, मिर्जापुर.

आप गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वे कुछ टेस्ट कराएंगे, जैसे- ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, हिस्टरियोसलपिंगोग्राफ़ी आदि. यदि ज़रूरत होगी तो ‘डी एंड सी’ भी कराएंगे, जिससे इंफ़र्टिलिटी के कारणों का पता चल सकेगा. वैसे बचपन में हुई टी.बी. का इससे कोई संबंध नहीं है. पर यदि इससे संबंधित कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत इसका ट्रीटमेंट कराएं और बाद में अन्य ट्रीटमेंट लें.

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Bleeding Less During Periods

मैं 20 वर्षीया युवती हूं. पिछले एक साल से मेरे पीरियड्स बंद हो गए हैं. 16 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हुए थे, जो अनियमित और काफ़ी दिनों तक होते थे. मेरी ब्लड रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर्स ने बताया कि मुझे दोबारा कभी भी नेचुरल पीरियड्स नहीं हो सकते. कृपया, बताएं क्या करूं?
– प्रियंका रस्तोगी, रानीखेत.

आपको प्री-मेच्योर ओवेरियन फेलियर की समस्या हो सकती है. किसी गायनाकोलॉजिस्ट से सलाह लें, जो आपके सारे टेस्ट कराएंगे और सही कारण बताएंगे. यदि उन्हें ज़रूरत लगेगी तो ‘लो डोज़ हार्मोन रिप्लेसमेंट’ थेरेपी शुरू करेंगे. अगर आप शादीशुदा हैं तो कंसीव करना आपके लिए मुश्किल हो सकता है. आप चाहें तो आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) ट्रीटमेंट से गर्भधारण कर सकती हैं.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मैं 19 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि सामान्य पीरियड्स किसे कहते हैं. इसकी क्या परिभाषा है? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– आस्था चहल, गंगटोक. 

यह बताना बहुत ही मुश्किल है कि सामान्य पीरियड्स क्या है, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है और उसकी ब्लीडिंग और लक्षण दूसरों से अलग होते हैं, इसलिए इसे परिभाषित करना आसान नहीं है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप कह सकती हैं कि आपके पीरियड्स असामान्य हैं, जैसे- किसी महीने पीरियड्स न आना, अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होना, लंबे समय तक ब्लीडिंग का होना आदि. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा हो, तो आप अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वो आपका चेकअप करके बताएंगी कि गर्भाशय से संबंधित कोई समस्या तो नहीं. साथ ही उसका सही इलाज भी करेंगी. पीरियड्स का साइकल 28 दिनों का ही होता है, यह एक मिथ्या है. बढ़ती उम्र के साथ हर महिला के साइकल में भी बदलाव होते रहते हैं.

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Normal Menstrual Period

मैं 26 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. मैं रोज़ाना अपने वेजाइना को साफ़ करती हूं, फिर भी एक गंध-सी आती है. क्या यह सामान्य है? 
– मधुमिता गौर, उज्जैन.

हेल्दी वेजाइना की अपनी एक गंध होती है, लेकिन वो बुरी नहीं होती. अगर आपको लगता है कि यह गंध गंदी या बदबूदार है, तो यह किसी तरह का वेजाइनल इंफेक्शन हो सकता है. ध्यान दें कि आपका खानपान भी वेजाइना की गंध को प्रभावित करता है. इसके अलावा बहुत ज़्यादा कैफीन, अल्कोहल या स्मोकिंग भी वेजाइना की गंध को प्रभावित करती है. अगर आपको गंध से कोई द़िक्क़त हो रही है, तो अपनी डॉक्टर से मिलें. वो आपको इस बारे में अच्छी तरह से गाइड करेंगी और अगर कोई इंफेक्शन हुआ, तो ट्रीटमेंट भी आसानी से हो जाएगा.

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मेरी उम्र 15 साल है और अभी तक मेरे पीरियड्स शुरू नहीं हुए हैं, जबकि मेरी सभी सहेलियों को 3-4 वर्ष पहले ही पीरियड शुरू हो गया था. मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है? क्या मुझमें कोई कमी है?
– श्रुति शर्मा, बैंगलोर.

सामान्यतया लड़कियों के पीरियड्स यानी माहवारी की उम्र 11-12 वर्ष होती है, लेकिन कुछ परिवारों में इसकी शुरुआत 14-15 की उम्र से भी होती है. फिर भी आपको चेकअप करा लेना चाहिए, ताकि ये पता चल जाए कि कहीं आपको जन्म से कोई शारीरिक समस्या तो नहीं है, जैसे- अविकसित यूटेरस आदि. कुछ हार्मोनल टेस्ट करवाने भी ज़रूरी हैं. यदि आपका क़द, वज़न, स्तनों का विकास, अंडरआर्म व प्यूबिक हेयर का विकास आदि सही हैं तो कोई बड़ी जेनेटिक प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए. फिर भी पूर्ण जानकारी के लिए किसी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

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Cause You To Not Have A Period

मैं 24 वर्षीया हूं. हाल ही में मैंने अपने मंगेतर के साथ असुरक्षित सेक्स किया. हालांकि इसके दूसरे ही दिन मैंने इमरजेंसी पिल्स ले ली थी, लेकिन मुझे अब भी डर लग रहा है कि कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी?
– विनिता रामचंद्र, हैदराबाद.

असुरक्षित सेक्स संबंध बनाने के बाद इमर्जेंसी पिल्स खाने के बावजूद गर्भधारण का ख़तरा 20 से 25 प्रतिशत तक बना रहता है, ख़ासकर तब, जब आपने अपने ओव्यूलेशन पीरियड के आसपास सेक्स किया हो. अब अगर आपकी माहवारी अनियमित हो गई हो तो तुरंत प्रेग्नेंसी टेस्ट कराएं. अगर टेस्ट पॉज़िटिव आता है तो फौरन किसी गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह लें.

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मेरी उम्र 26 साल है. अगले महीने मेरी शादी है. दरअसल, शादी के दिन से एक-दो दिन पहले ही मेरे पीरियड्स की डेट है. क्या मैं अपने पीरियड्स की डेट आगे या पीछे कर सकती हूं?
– हिमानी जोशी, रामनगर.

आप गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें, जो आपकी शादी के दिन और पीरियड्स की डेट को एडजस्ट करने के लिए हार्मोनल टैबलेट देंगे. शादी के कुछ महीनों बाद तक यदि आप कंट्रासेप्शन का प्रयोग करना चाहती हैं, तो ओरल कंट्रासेप्शन का इस्तेमाल करें. ओरल कंट्रासेप्शन आपके मासिक धर्म को रेग्युलर रखेगा और प्रेग्नेंसी को भी रोकेगा.

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 Prepone Or Postpone Periods
मेरी उम्र 17 साल है. पिछले कुछ दिनों से मेरे राइट ब्रेस्ट में गांठ-सी महसूस हो रही है, जिसमें दर्द तो बिल्कुल नहीं होता, पर सूजन बनी हुई है. मुझे डर है, कहीं ये गांठ कैंसर की तो नहीं है?
– वंदना मैथ्यू, दिल्ली.

आपको फाइब्रोएडेनोमा की शिकायत हो सकती है, जो टीनएजर लड़कियों में अधिक देखी जाती है. फाइब्रोएडेनोमा में होनेवाली सूजन व गांठ कैंसर की नहीं होती. आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट या जनरल सर्जन से संपर्क करें, जो आपका मार्गदर्शन कर सही इलाज करेंगे. अगर सूजन नॉर्मल है तो चिंता की कोई बात नहीं. लेकिन अगर यह सूजन अधिक दिनों तक बनी रहती है, तो हो सकता है कि सर्जन इससे संबंधित कोई टेस्ट कराएं और सर्जरी की सलाह दें.

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मैं 18 वर्ष की हूं. शुरू से ही मुझे अनियमित माहवारी की समस्या है. कभी-कभी 3-4 महीनों के बाद माहवारी आती है. इन दिनों मेरे चेहरे पर ख़ूब सारे बाल भी हो गए हैं. ऐसा क्यों हो रहा है? कृपया, सलाह दें.
– नुपूर बबेरवाल, हरियाणा.

पीरियड शुरू होने के एक-दो साल बाद तक कई लड़कियों को अनियमित पीरियड की समस्या होती है, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे पीरियड नियमित होने लगता है. यदि आपका पीरियड शुरू में नियमित था और अब अनियमित है, तो आपको हार्मोनल प्रॉब्लम हो सकती है. हो सकता है कि आपको पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम हो. इस समस्या में अनियमित माहवारी, चेहरे पर बाल, एक्ने और वज़न बढ़ने जैसे लक्षण होते हैं. समस्या के बारे में जानने के लिए आपको सोनोेग्राफ़ी व हार्मोनल टेस्ट करवा लेने चाहिए. दवाइयों से भी इस समस्या का निदान हो सकता है.

Periods 3-4 Months Late

मैं 30 वर्षीया हूं और मेरी शादी को तीन साल हो गए हैं. मैं गर्भधारण की कोशिश कर रही हूं, लेकिन सफल नहीं हो पा रही हूं. मैं बहुत चिंतित हूं. मुझे क्या करना चाहिए, जिससे मैं मां
बन सकूं?
– हर्षा कुलकर्णी, नागपुर.

सबसे पहले तो आप किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें और समस्या जानने के लिए टेस्ट करवाएं. पति के वीर्य की भी जांच करवाएं. आपको ब्लड, हार्मोन्स का टेस्ट व सोनोग्राफ़ी करवाने की ज़रूरत है. गर्भाशय का एक्स-रे करवाने से आपको यह पता चल जाएगा कि आपके फेलोपियन ट्यूब्स सामान्य हैं या नहीं. यह जांच हीस्टीरोस्कोपी व लेप्रोस्कोपी द्वारा संभव है. सारी जांच कराने के बाद ही समस्या का पता चल सकता है और उसी के अनुसार इलाज हो सकता है.

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मैं 23 वर्षीया नवविवाहिता हूं. पिछले कुछ ह़फ़्तों से मेरा जी मिचला रहा है और उल्टियां भी हो रही हैं.  मुझे पीरियड्स भी नहीं आए. मैंने घर पर प्रेग्नेंसी टेस्ट किया, तो वह भी पॉज़ीटिव आया है. कृपया बताएं, मेरी वॉमिटिंग कब तक रुकेगी और ऐसी अवस्था में मुझे क्या करना चाहिए?
                  – आरती जोशी, देहरादून.

प्रेग्नेंसी के पहले 3 महीने में जी मिचलाना, उल्टियां होना, भूख न लगना आदि शिकायतें होती ही हैं. सबसे पहले आप गायनाकोलॉजिस्ट के पास जाकर अपना पूरा चेकअप कराएं. जांच करने के बाद प्रेग्नेंसी कंफर्म पर वो आपको कुछ मेडिसिन देंगे. इसके अलावा सुबह चाय के साथ बिस्किट या ड्राय टोस्ट लें. थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद कुछ न कुछ खाते रहें. स्पाइसी और ऑयली खाने से बचें. ज़्यादा से ज़्यादा पानी व जूस पीएं. समय-समय पर डॉक्टर आपके सभी टेस्ट्स- ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, सोनोग्राफी आदि भी कराएंगे. आप रिलैक्स रहें और अपनी प्रेग्नेंसी को एन्जॉय करें.

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Pregnant

मेरी उम्र 26 साल है. पहले मेरे पीरियड्स रेग्युलर थे. कुछ ह़फ़्ते पहले मैंने अपने बॉय फ्रैंड के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे और पूरी सावधानी भी बरती थी. उसके बाद मुझे अभी तक पीरियड्स नहीं आए. कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो गई?
                   – मोना सावंत, चंडीगढ़.

संबंध बनातेे समय आपने कंडोम का प्रयोग किया होगा. कई बार कंडोम सफल नहीं  होता और गर्भ ठहर जाता है. इसके लिए आप घर पर होम प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकती हैं या गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.  टेस्ट से पीरियड्स न होने की वजह स्पष्ट हो जाएगी. कई बार हार्मोन्स में गड़बड़ी, ज़्यादा भागदौड़ के कारण भी पीरियड्स देर से आते हैं. अगर आप प्रेग्नेंट नहीं हैं, तो डॉक्टर पीरियड्स के लिए हार्मोन्स पिल्स देंगे.

यह भी पढ़ेंPersonal Problems: पीरियड्स में होनेवाले दर्द के लिए क्या कोई ख़ास टेस्ट कराना होगा? (Menstrual Cramps- Diagnosis And Treatments)

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मैं 35 वर्षीया महिला हूं और 2 बच्चों की मां भी. पिछले कुछ दिनों से मेरे ब्रेस्ट से मिल्की व्हाइट-सा लिक्विड डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि मैंने 5 साल पहले ही अपने बच्चों को स्तनपान कराना बंद कर दिया है. क्या ऐसा डिस्चार्ज होना ख़तरनाक है? मुझे डर है कहीं यह कैंसर तो नहीं?
– सोनाली बंसल, बीकानेर.

पहले तो आप यह बताएं कि क्या आप कोई दवा ले रही हैं? क्योंकि कई बार कुछ दवाओं के खाने से भी ब्रेस्ट से व्हाइट डिस्चार्ज होता है, जिसे ‘गलेक्टोरिया’ कहते हैं. या फिर किसी और कारण से भी ऐसा हो सकता है. इसके लिए आपको गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए. यदि ऐसा दवाओं की वजह से हो रहा है, तो वे उन दवाओं की जगह कुछ अन्य दवाएं आपको देंगी. यदि दवा बदलने के बाद भी यह डिस्चार्ज बंद नहीं होता है, तो गायनाकोलॉजिस्ट आपके कुछ हार्मोनल टेस्ट कराएंगी, जैसे- थायरॉइड टेस्ट, प्रोलेक्टीन लेवल आदि. उसी के आधार पर आपका ट्रीटमेंट करेंगी. कई बार थायरॉइड से संबंधित दवाएं खाने पर भी ब्रेस्ट से डिस्चार्ज होता है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं? (Can Birth Control Make My Periods Irregular?)

Abnormal Nipple Discharge

मैं 35 वर्षीया महिला हूं, मेरी शादी को 9 साल हो गए हैं. मेरे पीरियड्स अनियमित थे. लेकिन ट्रीटमेंट कराने के बाद अब मुझे नियमित पीरियड्स आते हैं. पर मैं गर्भ धारण नहीं कर पा रही हूं, जबकि मेरे और मेरे पति के सारे टेस्ट नॉर्मल हैं. कृपया बताएं, क्या करूं?
– रूपाली गौड, श्रीनगर.

आपको इंफ़र्टिलिटी की समस्या हो सकती है. लगता है आपके ओव्यूलेशन में कुछ प्रॉब्लम है. आपको इंफ़र्टिलिटी स्पेशलिस्ट के पास जाना चाहिए, जो आपके सारे टेस्ट कराने के बाद ही आपका सही ट्रीटमेंट करेंगे. यदि इसके बाद भी सफलता नहीं मिलती है तो टेस्ट ट्यूब बेबी की सहायता से आप मां बन सकती हैं. इसके अलावा यदि आप चाहें तो किसी बच्चे को गोद भी ले सकती हैं.

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मैं 27 वर्षीया महिला हूं. पिछले महीने मेरी डॉक्टर ने मुझे गर्भनिरोधक गोलियां (Birth Control Pills) लेने की सलाह दी. गोलियां शुरू करने के बाद भी बीच-बीच में मुझे ब्लीडिंग हो रही है. इस बारे में मेरी गायनाकोलॉजिस्ट ने कुछ बताया नहीं था. क्या मैं गर्भनिरोधक गोलियां लेना बंद कर दूं?
– काशी मौर्या, मुंबई.

आमतौर पर गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से ब्लीडिंग अनियमित हो जाती है और इसे नियमित होने में कम-से-कम तीन महीने का समय लगता है. इस दौरान आपको ब्रेस्ट में भारीपन महसूस होना, चक्कर आना और सिरदर्द जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं. अगर तीन महीने बाद भी ये लक्षण दिखाई दें, तो अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

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Birth Control Pills
मेरी बेटी की उम्र 20 साल है. उसकी शादी अभी नहीं हुई है. मेरी कुछ सहेलियां कह रही थीं कि भले ही कोई समस्या न हो, फिर भी एक बार गायनाकोलॉजिस्ट को मिल लेना चाहिए. क्या मैं अपनी बेटी को गायनाकोलॉजिस्ट के पास ले जाऊं?
– मयूरी यादव, नैनीताल.

आजकल बहुत-सी महिलाएं अपनी टीनएज बेटियों को गायनाकोलॉजिस्ट के पास लेकर आती हैं, ताकि वो उन्हें प्यूबर्टी के दौरान होनेवाले
हार्मोनल बदलावों, मेंस्ट्रुअल प्रॉब्लम्स, फैमिली प्लानिंग, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ेस आदि के बारे में समझा सकें. गायनाकोलॉजिस्ट को मिलना, न मिलना आपका व्यक्तिगत मामला है, लेकिन अगर आपकी बेटी को कोई मेंस्ट्रुअल या फीमेल प्रॉब्लम नहीं है, तो उसे डॉक्टर के पास ले जाने की ज़रूरत नहीं. ज़्यादातर जागरूक मांएं किसी समस्या के आने से पहले उसके बारे में बेटी को आगाह करना सही समझती हैं. वैसे देखा जाए, तो अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना अच्छी बात है.

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डॉ. राजश्री कुमार
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मेरी उम्र 36 वर्ष है और मेरे दो बच्चे हैं. माहवारी (Menstruation) के दौरान मुझे असहनीय दर्द (Pain) होता है, जिससे राहत पाने के लिए मुझे दर्दनिवारक गोलियां लेनी पड़ती हैं? इसकी क्या वजह है? क्या मुझे किसी ख़ास तरह के टेस्ट की ज़रूरत है?
– शशिबाला, इंदौर.

हो सकता है कि आपको यूटेरस में फायब्रॉइड हो. यह एक प्रकार की गांठ होती है, जो अक्सर युवतियों के गर्भाशय में बन जाती है. फायब्रॉइड की स्थिति और आकार की वजह से ही माहवारी के दौरान दर्द और ज़्यादा ब्लीडिंग होती है. इसके अलावा ओवरी, पेल्विक या गर्भाशय में रक्त जमा होने से वहां सूजन आ जाती है और यह भारी रक्तस्राव और दर्द का कारण बन जाती है. पेल्विक सोनोग्राफ़ी से इसका आसानी से पता लगाया जा सकता है. इसका इलाज सर्जरी से ही होता है. लेकिन इन दिनों लेप्रोस्कोपिक (कीहोल) सर्जरी से भी इसका इलाज किया जाता है.

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Menstrual Cramps

मैं 18 वर्ष की हूं. शुरू से ही मुझे अनियमित माहवारी की समस्या थी. 1-4 महीने के बीच में कभी भी हो जाती है. इन दिनों मेरे चेहरे पर ख़ूब सारे बाल भी हो गए हैं. कृपया सलाह दें. मैं क्या करूं?
– नुपूर बबेरवाल, हरियाणा.

शुरुआत के एक-दो साल तक पारियड अनियमित हो सकता है. इसके बाद धीरे-धीरे नियमित होने लगता है. यदि आपका पीरियड शुरू से नियमित रहा और अब अनियमित है, तो आपको हार्मोनल प्रॉब्लम हो सकता है. हो सकता है कि आपको पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम हो. इस तरह की समस्या में अनियमित माहवारी, चेहरे पर बहुत बाल, एक्ने और वज़न बढ़ने जैसे लक्षण होते हैं. समस्या के बारे में जानने के लिए आपको सोनोेग्राफ़ी व हार्मोनल टेस्ट करवा लेने चाहिए. दवाइयों से इस समस्या का निदान हो सकता है.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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मैं 18 साल की कॉलेज स्टूडेंट हूं. 13 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर कभी नियमित रूप से पीरियड्स आए नहीं. पिछले दो साल में स़िर्फ दो बार पीरियड्स आए हैं. डॉक्टर का कहना है कि इस उम्र में ऐसा होना सामान्य है, पर मेरी सभी सहेलियों के पीरियड्स नियमित हैं, इसलिए मुझे चिंता हो रही है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– सरोजनी राय, नोएडा.

आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के दो साल तक अनियमित रहते हैं. कभी-कभार तो डेढ़ या दो महीने बाद पीरियड्स आते हैं, पर ज़्यादातर मामलों में 2 साल के बाद पीरियड्स नियमित हो जाते हैं, जबकि आपके मामले में ऐसा नहीं हुआ. आपको डरने की ज़रूरत नहीं. डॉक्टर से मिलकर आपको जनरल चेकअप के साथ-साथ कुछ ब्लड टेस्ट्स कराने होंगे, ताकि किसी भी तरह के हार्मोनल इश्यूज़ के बारे में पता चल सके. हो सकता है, इसका कारण थायरॉइड या पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ हो, पर आप घबराएं नहीं, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए तुलना न करें, बल्कि डॉक्टर से मिलें.

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Reasons For Irregular Periods

मैं 27 वर्षीया वर्किंग वुमन हूं. पिछले दिनों पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत के कारण डॉक्टर की सलाह पर सोनोग्राफी करवाई. रिपोर्ट में मेरी ओवरीज़ में 5 से.मी. का सिस्ट दिखा है. मेरे गायनाकोलॉजिस्ट ने कहा है कि घबराने की कोई बात नहीं और 3 महीने बाद फॉलोअप करने की सलाह दी है. मैं बहुत परेशान हूं, कृपया मार्गदर्शन करें.
– रीना शुक्ला, नई दिल्ली.

आपकी रिपोर्ट में जिस सिस्ट के बारे में लिखा गया है, उसे फिज़ियोलॉजिकल सिस्ट कहते हैं. महिलाओं की रिप्रोडक्टिव एज में यह आम बात है. अगर घबराने की कोई बात होती, तो डॉक्टर आपको ब्लड टेस्ट्स करने की सलाह देतीं, क्योंकि आपको 3 महीने बाद फॉलोअप के लिए बुलाया गया है, इससे पता चलता है कि कोई गंभीर बात नहीं है. सिस्ट के आकार में कोई बदलाव आया या नहीं, यह जानने के लिए फॉलोअप बहुत ज़रूरी है.

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डॉ. राजश्री कुमार
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