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Personal Problems: सिर्फ़ 2 दिन पीरियड्स आना क्या मेनोपॉज़ की निशानी है? (Can Periods For 2 Days Mark Sign Of Menopause?)

Periods, Sign Of Menopause
Personal Problems: सिर्फ़ 2 दिन पीरियड्स आना क्या मेनोपॉज़ की निशानी है? (Can Periods For 2 Days Mark Sign Of Menopause?)
मेरी उम्र 39 साल है. 1 साल पहले मैं डिप्रेशन में थी और पिछले 7 महीनों से मेरे पीरियड्स सिर्फ़ 2 दिन ही रहते हैं और ब्लीडिंग भी बहुत कम होती है. क्या यह मेनोपॉज़ की निशानी है या फिर मुझे किसी तरह का ट्रीटमेंट लेना होगा?      
– विमला चंदेला, देहरादून.    

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- हार्मोंस का असंतुलन, पोषण की कमी, पीसीओएस, थायरॉइड प्रॉब्लम्स आदि. अपनी मां से इस बारे में पूछें कि आपके परिवार में अर्ली मेनोपॉज़ की हिस्ट्री तो नहीं. आपको कुछ ब्लड टेस्ट भी कराने होंगे. साथ ही अपना ओवेरियन रिज़र्व भी चेक कराएं और सोनोग्राफी करवाएं, ताकि पता चल सके कि कितने साल और रुक सकते हैं. इसके अलावा अगर आपको किसी तरह की तकलीफ़ हो रही है, तो आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें, वो आपको इस बारे में बेहतर बता पाएंगे.

Periods, Sign Of Menopause
पिछले एक साल से हर पीरियड्स के बाद मुझे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो जाता है, जिसके लिए मुझे एंटीबायोटिक्स लेनी पड़ती हैं और पीरियड्स भी समय पर नहीं आते. मैं बहुत परेशान हो गई हूं, कृपया, मेरी मदद करें. 
– सुहानी बत्रा, चंडीगढ़.  

यह बहुत ही कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम है.  ज़्यादातर यूरिन इंफेक्शन्स का कारण बैक्टीरिया होते हैं, जो हमारी ही आंतों से आते हैं. ये आंतों को तो कोई नुक़सान नहीं पहुंचाते, लेकिन जब शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंच जाते हैं, तब इंफेक्शन का कारण बनते हैं. कुछ बैक्टीरिया आपके गुदा द्वार में रहते हैं, जो ब्लैडर तक पहुंचकर यूरिन इंफेक्शन का कारण बनते हैं. सेक्सुअल एक्टिविटी और अनहाइजीनिक पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने के कारण भी महिलाओं को इंफेक्शन हो सकता है. भरपूर पानी पीएं और साथ ही क्रैनबेरी का जूस और नींबू पानी लें. और हां, पीरियड्स का यूटीआई से कोई कनेक्शन नहीं है. इस बारे में अपने गायनाकोलॉजिस्ट को बताएं.

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एनीमिया के कारण कंसीव नहीं कर पाऊंगी? (Can Anemia Cause Infertility?)

Can Anemia Cause Infertility
मेरी शादी को 2 साल हो चुके हैं और आजकल मैं एनीमिया से परेशान हूं. डॉक्टर ने बताया है कि एनीमिया की शिकार होने के कारण मैं कंसीव नहीं कर सकती. मेरा हीमोग्लोबिन 12 है, क्या यही एनीमिया का कारण है? मेरे पति के सभी टेस्ट्स नॉर्मल हैं. मैं जानना चाहती हूं कि क्या कंसीव करने का कोई और तरीक़ा है?
– विजयलक्ष्मी, उत्तर प्रदेश.

महिलाओं में कंसीव न कर पाने के कई कारण होते हैं. स़िर्फ एनीमिया के कारण ऐसा हो, इसकी संभावना बहुत कम है. आपका हीमोग्लोबिन 12 है, जिसका अर्थ है कि आप सामान्य हैं और आपको एनीमिया नहीं है. मुझे लगता है कि आपको किसी गायनाकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए, जो आपके टेस्ट्स करके इस बात का पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि इसके अलावा कोई और प्रॉब्लम तो नहीं, जैसे- ओवरीज़ में अंडे बन रहे हैं या नहीं और आपकी फैलोपियन ट्यूब्स कहीं डैमेज या ब्लॉक तो नहीं हो गई हैं. इन टेस्ट्स की मदद से आप प्रेग्नेंसी के लिए अपना सही ट्रीटमेंट करवा सकती हैं.

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 Can Anemia Cause Infertility
मैं 23 वर्षीया स्वस्थ महिला हूं और मुझे कोई हेल्थ प्रॉब्लम भी नहीं है. मैं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करना चाहती हूं, पर क्या इसके लिए मुझे किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलना पड़ेगा.
– आशा मल्होत्रा, दिल्ली.

आप बिना किसी डॉक्टर की सलाह के ख़ुद से गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन बिल्कुल न करें. एक ओर जहां सभी गर्भनिरोधक गोलियां अलग-अलग होती हैं, वहीं हर महिला की ज़रूरत भी अलग होती है. इसलिए गर्भनिरोधक गोली शुरू करने से पहले डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन बहुत ज़रूरी है. प्रिस्क्रिप्शन से पहले डॉक्टर आपका बेसिक एक्ज़ामिनेशन करते हैं और उस गोली के फ़ायदे और गोली लेने का सही तरीक़ा भी बताते हैं. साथ ही अगर उस गोली से कोई साइड इफेक्ट हो सकता है, तो वो भी बता देते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: सेक्स के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग के क्या कारण हो सकते हैं? (Causes Of Vaginal Bleeding During Sex)

Vaginal Bleeding, During Sex
मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. पिछले कुछ हफ़्तों से सेक्स के दौरान मुझे वेजाइनल ब्लीडिंग होती है. इसका क्या कारण हो सकता है? क्या मुझे डॉक्टर को मिलना चाहिए.
– युक्ता कौल, नोएडा.

बिल्कुल, आपको तुरंत किसी गायनाकोलॉजिस्ट को कंसल्ट करना चाहिए. डॉक्टर आपकी जांच करेंगे कि कहीं वेजाइना या सर्विक्स में कोई सूजन या बढ़ोतरी तो नहीं है. इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- इंफेक्शन्स, ड्राई वेजाइना, सेक्सुअल अराउज़ल के व़क्त बार्थोलिन ग्लैंड में लुब्रिकेशन की कमी, वेजाइना या सर्विक्स का प्री कैंसर आदि. इसलिए सबसे ज़रूरी है कि आप जल्द से जल्द किसी गायनाकोलॉजिस्ट को मिलें, ताकि वो ब्लीडिंग का कारण पता कर सके.

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 Vaginal Bleeding, During Sex
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मेरी कज़िन 16 साल की है और 13 साल की उम्र से ही उसके पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर पिछले एक साल से उसके पीरियड्स अनियमित हैं. क्या यह सामान्य है?
– प्रिया सेठी, बरेली.

आमतौर पर 12 से 14 साल की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, पर पीरियड्स को नियमित होने में कुछ साल लग जाते हैं. इस अवस्था को हाइपोथैलामिक पिट्यूटरी ओवेरियन एक्सिस डिस्फंक्शन कहते हैं. इस उम्र में ज़्यादातर लड़कियां अपने वज़न को लेकर काफ़ी सचेत रहती हैं, इसलिए अंडरवेट और ओवरवेट दोनों ही तरह की लड़कियों के पीरियड्स पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा अगर कोई बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती है या उसे पॉलिसिस्टिक ओवरीज़ या थायरॉइड जैसे हार्मोनल प्रॉब्लम्स हैं, तो भी उसके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: ब्रेस्ट में गांठ के लिए क्या बार-बार मैमोग्राफी करानी होगी? (Personal Problems: How often do I need mammography?)

Breast Mammography
मैं 37 वर्षीया महिला हूं. मेरा 9 साल का बेटा भी है. कुछ महीने पहले ही मैंने बाएं ब्रेस्ट में एक गांठ महसूस की. डॉक्टर ने बायोप्सी करके बताया कि वो कैंसर की गांठ नहीं है, पर मैं बहुत डरी हुई हूं. क्या मुझे बार-बार मैमोग्राफी (Mammography) करानी पड़ेगी?
– रश्मि कुंद्रा, नोएडा.

अगर आपकी बायोप्सी की रिपोर्ट यह कहती है कि वह गांठ कैंसर की नहीं है, तो आपको डरने की कोई ज़रूरत नहीं. आपको पता करना होगा कि आपकी मां, मौसी या नानी में से किसी को ब्रेस्ट कैंसर तो नहीं था, क्योंकि कुछ ब्रेस्ट कैंसर फैमिली हिस्ट्री के कारण ही होते हैं, ऐसे में आपको ध्यान रखना होगा. सबसे ज़रूरी बात, नियमित रूप से हर महीने आपको ब्रेस्ट्स का सेल्फ एक्ज़ामिनेशन करना होगा, ताकि किसी तरह की गांठ के बारे में आपको समय से पता चल सके. मैमोग्राफी (Mammography) हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही कराएं. डॉक्टर को ज़रूरत महसूस होगी, तभी वो इसकी सलाह देंगे.

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Breast Mammography
मैं 24 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. हर महीने पीरियड्स के एक-दो दिन पहले से ही मेरे ब्रेस्ट्स में बहुत दर्द होता है, पर मुझे डॉक्टर के पास जाने में बहुत डर भी लग रहा है. मैं क्या करूं? कृपया, मेरी मदद करें.
– आराध्या वासवानी, बनारस.

इसमें डरने की कोई बात नहीं है. आप ऐसी अकेली नहीं हैं, जिसके साथ यह हो रहा है, ऐसीबहुत-सी लड़कियां व महिलाएं हैं, जिन्हें पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट्स में दर्द होता है. दर्द से राहत पाने के लिए पीरियड्स के दौरान अच्छी फिटिंगवाली ब्रा पहनें और पेनकिलर ले लें. ज्यादातर मामलों में इससे फ़र्क़ पड़ता है, लेकिन अगर आपको इससे राहत न मिले, तो किसी गायनाकोलॉजिस्ट को ज़रूर दिखाएं. वो आपको सही दवाइयां देंगे, ताकि आपको दर्द से राहत मिले.

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ब्रेस्ट कैंसर शहरी महिलाओं में मौत का प्रमुख कारण

हाल ही में जारी आंकड़ों पर नज़र डालें, तो पता चलेगा कि ब्रेस्ट कैंसर शहरी महिलाओं की मौत का प्रमुख कारण बनता जा रहा है. ऐसे में इसके प्रति जागरूकता बहुत ज़रूरी है. हर महीने पीरियड्स के बाद अपने ब्रेस्ट्स को सेल्फ एक्ज़ामिन करें. यह आप लेटकर या शावर लेते समय भी कर सकती हैं. इसके कारण समय रहते महिलाओं को गांठ या सूजन का पता चल जाता है, जिससे सही समय पर इलाज हो जाता है. मैमोग्राफी एक ख़ास एक्स-रे है, जिसकी मदद से ब्रेस्ट की जांच होती है, पर यह हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही करवाएं. अगर ब्रेस्ट कैंसर की फैमिली हिस्ट्री है, तो नियमित रूप से ब्रेस्ट्स का सेल्फ एक्ज़ामिनेशन करें.

rajeshree kumarडॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें

 

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: डिलीवरी के दूसरे ही हफ़्ते ब्रेस्ट्स में दर्द व सूजन है (Personal problems: why swelling in breasts after 2 weeks of delivery)

breast feeding
 
मैं 31 वर्षीया महिला हूं. दो हफ़्ते पहले ही मेरी डिलीवरी हुई है. पहले हफ़्ते के अंत तक मुझे ब्रेस्टफीडिंग में थोड़ी तकलीफ़ हुई, जो दूसरे हफ़्ते में और बढ़ गई. मेरे दोनों ब्रेस्ट्स (breasts) में बहुत दर्द हो रहा है और उनमें सूजन भी आ गई है. मुझे बुख़ार भी आ गया है. पेनकिलर्स लेने के बावजूद यह कम नहीं हो रहा. मुझे क्या करना चाहिए?
– मुस्कान द्विवेदी, कानपुर.
आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करवानी होगी. अगर यह मामूली सूजन होती, तो पेनकिलर्स से ठीक हो जाती, पर जैसा कि आपने बताया कि आपको बुख़ार भी है, तो हो सकता है कि आपके बे्रस्ट्स में पस हो गया हो. पस निकालने के अलावा इसका कोई और इलाज नहीं है. डॉक्टर को हल्का-सा चीरा लगाकर आपके बे्रस्ट्स से पस निकालना होगा, तभी ये ठीक होगा. आप जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाएं. ऐसी स्थितियों से बचने के लिए शुरुआत से ही बे्रस्टफीडिंग में सावधानी बरतें.

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मेरी बेटी का नौंवा महीना चल रहा है और अभी-अभी पता चला है कि उसे डेंगू है. मुझे डर लग रहा है, कहीं इससे मां-बच्चे को कोई ख़तरा तो नहीं. कृपया, मेरी मदद करें.
– बेला कुर्मी, हैदराबाद.
प्रेग्नेंसी के दौरान डेंगू मां व गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए बहुत ही ख़तरनाक हो सकता है. इसके कारण महिलाओं में रक्तस्राव शुरू हो सकता है और प्री-मैच्योर डिलीवरी भी हो सकती है. कुछ गंभीर मामलों में बच्चे की जान को भी ख़तरा हो सकता है. डिलीवरी के नज़दीक डेंगू होने से मां से बच्चे में ट्रांसफर होने का ख़तरा भी बना रहता है.

 

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ब्रेस्टफीडिंग के स्मार्ट टिप्स 

  • जन्म के तुरंत बाद दूध पिलाते व़क्त बच्चे के सिर को अच्छी तरह पकड़ें. हाथों से ब्रेस्ट को इस तरह संभालें कि बच्चे के सिर पर भार न पड़े.
  • फीड करते व़क्त बच्चे को दोनों तरफ़ से 10-10 मिनट तक दूध पिलाएं, क्योंकि पहले 5 मिनट तक पतला दूध ही आता है. अगर आपने 5-5 मिनट ही दोनों तरफ़ पिलाया, तो बच्चे को जल्दी भूख लग जाएगी.
  • फीड करने से पहले ब्रेस्ट्स को वेट टिश्यू पेपर से पोंछकर साफ़ कर लें.
  • अगर निप्पल की स्किन रफ व ड्राय लग रही है, तो थोड़ा-सा अपना दूध लेकर उसमें ऑलिव ऑयल मिलाकर निप्पल्स पर लगाएं, स्किन सॉफ्ट हो जाएगी.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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