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Personal Problems: प्रेग्नेंसी के दौरान वज़न को कैसे मैनेज करूं? (How Should I Manage Weight During Pregnancy?)

मेरी उम्र 29 वर्ष है और यह मेरी पहली प्रेग्नेंसी (First Pregnancy) है. पिछले कुछ सालों से मैंने रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके अपना वज़न मेनटेन (Weight Maintain) किया है. पर प्रेग्नेंसी में मेरा वज़न बहुत बढ़ जाएगा, यह सोचकर मैं परेशान हूं. कृपया बताएं, प्रेग्नेंसी के दौरान अपने वज़न को कैसे मैनेज करूं?
– जेसिका कौर, अमृतसर.

यह तो बड़ी अच्छी बात है कि आप अपनी फ़िटनेस के प्रति जागरूक हैं. आप तब तक  एक्सरसाइज़ कर सकती हैं, जब तक कंफ़र्टेबल फील करें. प्रेग्नेंसी में सबसे अच्छी एक्सरसाइज़ वॉकिंग होती है. इसके अलावा दूसरी अहम् बात है- प्रेग्नेंसी के दौरान सही डायट लेना. प्रेग्नेंसी के समय एक महिला को अपना वज़न नॉर्मल रखने के लिए पहले 3 महीने में 150- 200 अतिरिक्त कैलोरी रोज़ाना लेनी चाहिए. दूसरे और तीसरे महीने में हर रोज़ 400-500 अतिरिक्त कैलोरीज़ ज़रूरी होती हैं. इसके अलावा पहले 3 महीने में अतिरिक्त डायट में 1 ग्लास दूध, ड्रायफ्रूट, दलिया,  उपमा आदि लेे सकती हैं और दूसरी-तीसरी तिमाही में अतिरिक्त डायट में दाल, दही, फ़िश, चिकन और अंडा आदि ले सकती हैं.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: क्या ब्रेस्ट से लिक्विड डिस्चार्ज होना ख़तरनाक है? (Is Abnormal Nipple Discharge Dangerous?)

Manage Weight During Pregnancy

 

मेरी बेटी की उम्र 16 साल है. पिछले कुछ महीनों से उसका वज़न बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है. हर समय नींद आने और थकान होने की शिकायत करती है. अभी तो वह बहुत छोटी है, उसके बढ़ते वज़न को देखकर मुझे बहुत चिंता होने लगी है. कृपया, उचित उपाय बताएं?
– नमिता साहनी, जोधपुर

आप अपनी बेटी को किसी जनरल फ़िज़िशियन या गायनाकोलॉजिस्ट को दिखाएं. वे आपकी बेटी का थायरॉइड टेस्ट कराएंगे. हो सकता है कि आपकी बेटी के बढ़ते वज़न का कारण थायरॉइड हार्मोन की कमी हो. अधिकतर युवाओं में इस तरह की समस्या का होना आम है. इसके अलावा गर्दन में हल्की-सी सूजन, स्किन का ड्राई होना, कब्ज़, थकान महसूस होना, वज़न बढ़ना, डिप्रेशन और आवाज़ का कर्कश होना आदि भी थायरॉइड हार्मोन की कमी के लक्षण हैं.

यह भी पढ़ेंPersonal Problems: पीरियड्स में होनेवाले दर्द के लिए क्या कोई ख़ास टेस्ट कराना होगा? (Menstrual Cramps- Diagnosis And Treatments)

Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: क्या ब्रेस्ट से लिक्विड डिस्चार्ज होना ख़तरनाक है? (Is Abnormal Nipple Discharge Dangerous?)

मैं 35 वर्षीया महिला हूं और 2 बच्चों की मां भी. पिछले कुछ दिनों से मेरे ब्रेस्ट से मिल्की व्हाइट-सा लिक्विड डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि मैंने 5 साल पहले ही अपने बच्चों को स्तनपान कराना बंद कर दिया है. क्या ऐसा डिस्चार्ज होना ख़तरनाक है? मुझे डर है कहीं यह कैंसर तो नहीं?
– सोनाली बंसल, बीकानेर.

पहले तो आप यह बताएं कि क्या आप कोई दवा ले रही हैं? क्योंकि कई बार कुछ दवाओं के खाने से भी ब्रेस्ट से व्हाइट डिस्चार्ज होता है, जिसे ‘गलेक्टोरिया’ कहते हैं. या फिर किसी और कारण से भी ऐसा हो सकता है. इसके लिए आपको गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए. यदि ऐसा दवाओं की वजह से हो रहा है, तो वे उन दवाओं की जगह कुछ अन्य दवाएं आपको देंगी. यदि दवा बदलने के बाद भी यह डिस्चार्ज बंद नहीं होता है, तो गायनाकोलॉजिस्ट आपके कुछ हार्मोनल टेस्ट कराएंगी, जैसे- थायरॉइड टेस्ट, प्रोलेक्टीन लेवल आदि. उसी के आधार पर आपका ट्रीटमेंट करेंगी. कई बार थायरॉइड से संबंधित दवाएं खाने पर भी ब्रेस्ट से डिस्चार्ज होता है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं? (Can Birth Control Make My Periods Irregular?)

Abnormal Nipple Discharge

मैं 35 वर्षीया महिला हूं, मेरी शादी को 9 साल हो गए हैं. मेरे पीरियड्स अनियमित थे. लेकिन ट्रीटमेंट कराने के बाद अब मुझे नियमित पीरियड्स आते हैं. पर मैं गर्भ धारण नहीं कर पा रही हूं, जबकि मेरे और मेरे पति के सारे टेस्ट नॉर्मल हैं. कृपया बताएं, क्या करूं?
– रूपाली गौड, श्रीनगर.

आपको इंफ़र्टिलिटी की समस्या हो सकती है. लगता है आपके ओव्यूलेशन में कुछ प्रॉब्लम है. आपको इंफ़र्टिलिटी स्पेशलिस्ट के पास जाना चाहिए, जो आपके सारे टेस्ट कराने के बाद ही आपका सही ट्रीटमेंट करेंगे. यदि इसके बाद भी सफलता नहीं मिलती है तो टेस्ट ट्यूब बेबी की सहायता से आप मां बन सकती हैं. इसके अलावा यदि आप चाहें तो किसी बच्चे को गोद भी ले सकती हैं.

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Personal Problems: क्या गर्भधारण के पहले कोई टेस्ट कराना ज़रूरी है? (Do I Need Any Pre-Pregnancy Test?)

मेरी उम्र 28 वर्ष है और मेरी शादी को 5 वर्ष हो गए हैं. मुझे मासिक धर्म में काफ़ी दर्द और रक्तस्राव होता है. मेरी सोनोग्राफ़ी से पता चला है कि मुझे चॉकलेट ओवेरियन सिस्ट है और इसकी सर्जरी करवानी होगी. लेकिन मैं अभी तक मां नहीं बन पाई हूं, इसलिए किसी भी तरह के ऑपरेशन से डरती हूं. मुझे क्या करना चाहिए?
– परमजीत कौर, दिल्ली.

एंडोमेट्रियोसिस में हर मासिक चक्र के दौरान ओवरी (अंडाशय) में रक्त इकट्ठा हो जाता है. धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ने लगता है और इकट्ठा हुआ रक्त चॉकलेट सिस्ट बना लेता है. इस कारण मासिक धर्म के दौरान दर्द होता है एवं गर्भधारण करने में भी समस्या हो जाती है. लेप्रोस्कोपिक (कीहोल) सर्जरी ही इसका एकमात्र उपाय है. लेज़र जैसी आधुनिक तकनीक ने अब इस तरह की सर्जरी को और भी आसान बना दिया है.

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Pre-Pregnancy Test

मैं 26 वर्ष की हूं और मेरी शादी को दो साल हो गए हैं. अब हम बच्चे की प्लानिंग कर रहे हैं. क्या गर्भधारण के पहले मुझे कोई टेस्ट कराना ज़रूरी है?
– तराना, मुंबई.

बच्चा प्लान करने के पहले होनेवाले बच्चे की सेहत के लिए ये बेहद ज़रूरी है कि रेग्युलर चेकअप करा लिए जाएं. आपको कुछ टेस्ट, जैसे- हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, थायरॉइड लेवल, थेलेसेमिया आदि टेस्ट करवा लेना चाहिए. एक सोनोग्राफ़ी टेस्ट करवाना चाहिए, जिससे ये पता चल सके कि यूटेरस और ओवरीज़ सामान्य हैं. ब्लड प्रेशर अवश्य चेक कराएं. यदि कोई भी समस्या हो, तो गर्भधारण करने के पूर्व ही उसका इलाज करा लेना चाहिए, ताकि जन्म लेनेवाला बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो.

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Personal Problems: क्या कम उम्र की महिलाओं के बच्चों में भी हो सकता है डाउन्स सिंड्रोम? (What Makes You High Risk For Down’s Syndrome Baby?)

मेरी 26 वर्षीया पड़ोसन पहली बार मां बनी है, पर डॉक्टरों ने जांच करके बताया है कि उसके बच्चे को डाउन्स सिंड्रोम (Down’s Syndrome) है. मैं अब तक यही समझती थी कि 40 साल की उम्र के बाद जो महिलाएं मां बनती हैं, उनके ही बच्चों को डाउन्स सिंड्रोम हो सकता है. क्या ऐसा भी होता है?
– आरती सोलंकी, पुणे.

जो महिलाएं 40 साल की उम्र के बाद मां बनती हैं, उनके बच्चों में डाउन्स सिंड्रोम का ख़तरा ज़्यादा होता है, लेकिन कम उम्र की महिलाओं के साथ भी यह ख़तरा बना रहता है. डाउन्स का अर्थ है, शरीर में दो की बजाय एक एक्स्ट्रा यानी तीसरे क्रोमोज़ोम का होना. जिन बच्चों में ये एक्स्ट्रा क्रोमोज़ोम होता है, उन्हें कई गंभीर मानसिक समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें से मंदबुद्धि होना एक है. आपको बता दें कि जहां 20-25 साल की महिलाओं के डेढ़ हज़ार बच्चों में से एक बच्चा डाउन्स सिंड्रोम का शिकार हो सकता है, वहीं 40-45 साल की महिलाओं के 130 में से एक बच्चे को यह गंभीर समस्या हो सकती है.

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Down's Syndrome

मैं 22 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या टॉयलेट सीट से भी एचपीवी इंफेक्शन फैल सकता है? इस डर से मैं पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल नहीं करती. कृपया, मेरी मदद करें.
– सरोजनी रॉय, गुवाहटी. 

एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक तरह का सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन है, जो टॉयलेट सीट इस्तेमाल करने से नहीं फैल सकता. एचपीवी इंफेक्शन के लिए त्वचा का त्वचा से संपर्क होना ज़रूरी है, जो टॉयलेट सीट से मुमकिन नहीं. अगर आपके पार्टनर के गुप्तांगों में किसी तरह की गांठ या मस्सा है या फिर कुछ समय पहले उन्हें एचपीवी हुआ था, तो शारीरिक संबंध न बनाएं. कंडोम भी इससे आपको सौ फ़ीसदी सुरक्षा नहीं दे पाएगा. याद रखें, एचपीवी पब्लिक टॉयलेट से नहीं फैलता.

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Personal Problems: क्या कंसीव करते ही गायनाकोलॉजिस्ट को मिलना चाहिए? (What’s The Right Time To See A Gynecologist After Conception?)

मैं 22 वर्षीया हूं और मेरी शादी को अभी एक साल ही हुआ है. हमने कभी कोई फैमिली प्लानिंग मेथड का इस्तेमाल नहीं किया. इस महीने दो हफ़्ते तक मेरे पीरियड्स नहीं आए, तो मैंने घर पर ही यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट (Pregnancy Test) किया, जो पॉज़िटिव आया. मुझे यह जानना है कि क्या मुझे तुरंत गायनाकोलॉजिस्ट (Gynecologist) को मिलना होगा?
– सत्या शर्मा, वाराणसी.

पहली बार गायनाकोलॉजिस्ट से मिलने के लिए आप 8वें से 10वें हफ़्ते के बीच कभी भी जा सकती हैं. याद रखें, प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीने महिलाओं के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए अपना ख़ास ख़्याल रखें, लेकिन अगर आपको इस बीच कभी असामान्य रक्तस्राव हो या पेट के निचले हिस्से में मरोड़ के साथ दर्द हो या फिर बुख़ार हो, तो तुरंत गायनाकोलॉजिस्ट को मिलें.

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Gynecological Problems

मैं 25 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. पीरियड्स के दौरान मुझे काफ़ी तकलीफ़ होती है. मैं कभी पेनकिलर नहीं खाती, पर मेरी सहेलियां हमेशा पेनकिलर लेती हैं और मुझे भी लेने की सलाह देती हैं. क्या मुझे पेनकिलर लेना चाहिए? कृपया, सलाह दें.
– शालिनी ओझा, पटना.

अगर पीरियड्स के दौरान आपको दर्द और मरोड़ ज़्यादा हो रहा हो, तभी पेनकिलर लेना चाहिए, वरना घरेलू नुस्ख़ों और गरम पानी की थैली से भी आपको काफ़ी राहत मिल सकती है. पीरियड्स के दौरान भी जितना हो सके फिज़िकली एक्टिव रहें. अगर आपको पेट फूला हुआ महसूस हो रहा हो, तो पानी पीएं, इससे आपको काफ़ी राहत मिलेगी. इस दौरान फलों का जूस और सब्ज़ियों के सूप आपके लिए काफ़ी हेल्दी और दर्द कम करनेवाले ऑप्शन हैं. खाने में फल और सलाद की मात्रा बढ़ा दें. नमक और चाय-कॉफी की मात्रा कम कर दें.

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Personal Problems: योनि में ढीलापन महसूस होता है (Loose Vagina: What Causes It And How To Tighten Up?)

मैं 37 वर्षीय महिला हूं और मेरी दो सामान्य डिलीवरी हो चुकी है. कुछ दिनों से मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरी योनि (Vagina) से कुछ बाहर आ रहा है. इसके अलावा मुझे योनि में ढीलापन भी महसूस होता है. क्या ऐसी कोई एक्सरसाइज़ (Exercise) है, जिससे इस स्थिति में सुधार हो सके?
– मनाली, छत्तीसगढ़

नॉर्मल डिलीवरी के बाद गर्भाशय का लटकना और योनि में ढीलापन दोनों ही सामान्य बातें हैं. इस स्थिति से उबरना मुश्किल है, बल्कि मेनोपॉज़ के बाद तो स्थिति और भी ख़राब होती चली जाती है. आप चाहें तो पेल्विक फ्लोर यानी कीगल एक्सरसाइज़ कर सकती हैं. यदि परमानेंट इलाज चाहती हैं तो सर्जरी ही सबसे अच्छा इलाज है. पेरीनियल रिपेयर विधि द्वारा योनि में कसाव लाया जा सकता है. यह बहुत ही छोटी व आसान-सी विधि है. इसके अलावा कीहोल सर्जरी द्वारा यूटेरस को फिक्स किया जा सकता है.

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How To Tighten Up Vagina

मेरी उम्र 38 वर्ष है और मेरे दो बच्चे हैं. पिछले एक साल से मुझे माहवारी के समय बहुत ज़्यादा दर्द और रक्तस्राव होता है. सोनोग्राफ़ी करवाने पर मुझे पता चला कि मेरेे गर्भाशय में 1-2 बड़े फायब्रॉइड (गांठ) हैं. मुझे डॉक्टर ने सलाह दी है कि यूटेरस निकलवा दूं, पर मैं इसके लिए मानसिक तौर पर तैयार नहीं हूं. क्या इसके अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं है?
– रंजीता, लखनऊ.

यदि गर्भाशय के बीच में अंदर की ओर फायब्रॉइड हो तो यह माहवारी के समय बहुत तकलीफ़ देता है. आधुनिक टेकनीक के चलते अब हीस्टिरोस्कोपिक व लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (कीहोल सर्जरी) द्वारा फायब्रॉइड को आसानी से हटाया जा सकता है. आप चाहें तो इस ट्रीटमेंट का सहारा ले सकती हैं. ऐसे केस में यदि महिला की उम्र कम हो तो कोशिश की जानी चाहिए कि यूटेरस को बगैर हटाए फायब्रॉयड को निकाला जा सके.

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Personal Problems: वज़न बहुत ज़्यादा और चेहरे पर काफ़ी बाल भी हैं (What Does Obesity And Facial Hair Indicate?)

मैं 18 साल की हूं और मेरा वज़न 75 किलो है. पिछले 1 साल से डायटिंग और एक्सरसाइज़ द्वारा मैं अपना वज़न कम करने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन वह घटने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है. मेरे चेहरे पर भी काफ़ी बाल हैं. मैं काफ़ी तनावग्रस्त रहती हूं. कृपया, मेरी मदद करें.
– रीना, रांची.

आपने यह नहीं बताया कि इन समस्याओं के साथ क्या आपको अनियमित माहवारी की भी समस्या है. आपको पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिन्ड्रोम की प्रबल संभावना लगती है, जिसके कारण वज़न बढ़ना, हिरसुट़िज़्म (अधिक बाल होना), कील-मुंहासे और अनियमित माहवारी होती है. लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि सभी मरीज़ों में ये सभी लक्षण हों. यह एक सामान्य हार्मोनल समस्या है, जिसका पता सोनोग्राफ़ी और हार्मोन टेस्ट से चल जाता है. कुछ ऐसी दवाइयां हैं, जिनसे आपका मेटाबॉल़ि़ज़म बेहतर होने में मदद मिल सकती है. इससे चेहरे के बाल भी कम होंगे और माहवारी भी नियमित होगी.

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 Facial Hair
मेरी उम्र 48 वर्ष है. 2 साल पहले मेरी रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) हो गयी थी. मेरी समस्या ये है कि मुझे डिप्रेशन, अचानक बहुत ़ज़्यादा गर्मी लगना, योनि में सूखापन जैसी तकलीफ़ रहती है. कृपया, इस समस्या का उपाय बताएं.
– रचना, दिल्ली

आपको बहुत जल्दी मेनोपॉज़ हो गया है, अत: आपको इस बात का ख़ास ध्यान रखना चाहिए कि कहीं आपको ऑस्टियोपोेेेरोसिस की तकलीफ़ न हो जाए. अमूमन मेनोपॉज़ के बाद ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों में कमज़ोरी की शिकायत होती है. इसके लिए आप नियमित एक्सरसाइज़ व कैल्शियमयुक्त डायट ले सकती हैं. सोया प्रोडक्ट से भी आपको फ़ायदा हो सकता है.

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Personal Problems: क्या पॉलिप बहुत ख़तरनाक होता है? (Is Polyp In Uterus Dangerous?)

मैं 36 वर्ष की शादीशुदा महिला हूं. मुझे पिछले 6 महीने से पीरियड (Periods) के दौरान बहुत ज़्यादा रक्तस्राव होता है. मैंने सोनोग्राफ़ी टेस्ट (Sonography Test) करवाया, जिससे पता चला कि मेरे यूटेरस (Uterus) में गांठ (पॉलिप) है. यह क्या है? क्या यह बहुत ख़तरनाक (Dangerous) है? क्या इसके लिए मुझे यूटेरस हटाना पड़ सकता है?
– ज्योति, अहमदाबाद

सबसे पहली बात जो हर महिला को ध्यान में रखना चाहिए वह ये कि जब भी माहवारी के समय हैवी ब्लीडिंग हो तो सबसे पहले इसका कारण जानने के लिए चेकअप करवाएं. साथ ही कैंसर के लिए पीएपी स्मीयर और सोनोग्राफ़ी टेस्ट भी करवाएं. आपने बताया कि सोनोग्राफ़ी टेस्ट में पॉलिप (गांठ) बताया गया है. यह भी अनियमित और भारी रक्तस्राव का कारण है. पॉलिप एक तरह का ट्यूमर है जो कि यूटेरस में पाया जाता है. इसे हीस्टिरोस्कोपी सर्जरी द्वारा हटाया जा सकता है. यदि यह ट्यूमर कैंसर का नहीं है तो सर्जरी के बाद फिर से ट्यूमर आने की संभावना नहीं होती.

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Polyp In Uterus

मैं 30 वर्षीय महिला हूूंं और पिछले साल मेरा दो बार तीन-तीन महीने का गर्भपात हो चुका है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन डरती हूं कि कहीं फिर से कोई परेशानी न आ जाए. क्या मुझे नॉर्मल प्रेगनेंसी हो पाएगी?
– संजना, मुरादाबाद

वैसे तो दो बार गर्भपात होने के बाद तीसरी बार गर्भपात होने की संभावना और ़ज़्यादा बढ़ जाती है. आप यदि गर्भधारण करने के बारे में सोच रही हैं तो बेहतर होगा कि सबसे पहले सारे टेस्ट करवा लें, ताकि यह पता चल जाए कि आपका यूटेरस सामान्य है या नहीं. कोई बर्थ ड़िफेक्ट, जैसे- सेप्टम या डबल यूटेरस की समस्या तो नहीं है आदि. यदि इस तरह के ड़िफेक्ट्स हैं भी तब भी कीहोल सर्जरी, जैसे- लेप्रोस्कोपी, हीस्टिरोस्कोपी से इसका इलाज संभव है. इसके अलावा जेनेटिक टेस्टिंग और इम्यूनोलॉजी प्रॉब्लम्स के लिए विशेष तरह का ब्लड टेस्ट भी किया जाता है. गर्भधारण के पहले फोलिक एसिड और हार्मोन्स की टेबलेट लेने की आवश्यकता पड़ सकती है.

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Personal Problems: चॉकलेट सिस्ट से बहुत परेशान हूं (Chocolate Cyst: Causes, Symptoms And Treatment)

मेरी उम्र 28 वर्ष है और मेरी शादी को 5 वर्ष हो गए हैं. मुझे मासिक धर्म में काफ़ी दर्द और रक्तस्राव होता है. मेरी सोनोग्राफ़ी से पता चला है कि मुझे चॉकलेट ओवेरियन सिस्ट (Chocolate Ovarian Cyst) है और इसकी सर्जरी करवानी होगी. लेकिन मैं अभी तक मां नहीं बन पाई हूं, इसलिए किसी भी तरह के ऑपरेशन से डरती हूं. मुझे क्या करना चाहिए?
– परमजीत कौर, दिल्ली.

एंडोमेट्रियोसिस में हर मासिक चक्र के दौरान ओवरी (अंडाशय) में रक्त इकट्ठा हो जाता है. धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ने लगता है और इकट्ठा हुआ रक्त चॉकलेट सिस्ट बना लेता है. इस कारण मासिक धर्म के दौरान दर्द होता है एवं गर्भधारण करने में भी समस्या हो जाती है. लेप्रोस्कोपिक (कीहोल) सर्जरी ही इसका एकमात्र उपाय है. लेज़र जैसी आधुनिक तकनीक ने अब इस तरह की सर्जरी को और भी आसान बना दिया है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: मेनोपॉज़ के बाद ब्लीडिंग कहीं गंभीर समस्या तो नहीं? (What Does It Mean If You’re Bleeding After Menopause?)

 Chocolate Cyst
मेरी उम्र 52 वर्ष है. 2 साल पहले ही मुझे मेनोपॉज़ हो गया था. मेरी समस्या यह है कि मुझे बहुत ़ज़्यादा गर्मी लगने लगी है, यहां तक कि फैन चालू रहने पर भी मैं पसीने में भीगी होती हूं. मुझे इन दिनों बहुत चिड़चिड़ाहट होने लगी है और ग़ुस्सा भी बहुत आने लगा है, जिसके कारण सब मुझसे परेशान रहने लगे हैं. क्या हर स्त्री ऐसे दौर से गुज़रती है? क्या मेरी समस्या का कोई उपाय है?
– रजनी मल्होत्रा, हिसार.

जब 40 के बाद और 50 के पहले की उम्र में हार्मोन्स का स्तर गिरने लगता है, तब कई स्त्रियों में मेनोपॉज़ के लक्षण नज़र आने लगते हैं. इसी की वजह से ़ज़्यादा गर्मी महसूस होना, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, ग़ुस्सा, नींद न आना जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में आपके लिए सबसे अच्छा उपाय है एस्ट्रोजन के साथ हार्मोनल ट्रीटमेंट. इसके अलावा आजकल नॉन हार्मोनल थेरेपी भी ली जा सकती है, जिसमें सोया एक्सट्रैक्ट व विटामिन्स लिए जा सकते हैं. इस समय ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव भी ज़रूरी है. इसके लिए कैल्शियम सप्लीमेंट्स लें.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: पीरियड्स में होनेवाले दर्द के लिए क्या कोई ख़ास टेस्ट कराना होगा? (Menstrual Cramps- Diagnosis And Treatments)

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Personal Problems: गर्भावस्था में सर्जरी से डर रही हूं (Is Surgery During Pregnancy Safe?)

मैं चार माह की गर्भवती (Pregnant) हूं और पूरी तरह ठीक हूं. लेकिन मेरा पहला बच्चा सातवें माह में ही पैदा हो गया था. इसलिए अब डॉक्टर का कहना है कि मुझे गर्भाशय के मुंह पर टांके लगवा लेने चाहिए, ताकि डिलीवरी पहले की तरह समय से पहले न हो. मैं गर्भावस्था में सर्जरी (Surgery) कराने से डरती हूं. क्या यह ज़रूरी हैै?
– अर्चना, मंदसौर.

आपकी समस्या सर्वाइकल इनकॉम्पिटेंस की है. इसके अंतर्गत सर्विक्स (गर्भाशय का मुंह) कुछ कमज़ोर हो जाता है और प्रेगनेंसी के दौरान समय से पहले ही खुल जाता है. यदि सर्विक्स छोटा है और खुल जाता है तो प्रीमैच्योर डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है. इस स्थिति में पेशेंट को किसी तरह का दर्द या परेशानी नहीं होती है, क्योंकि उसे पता ही नहीं चल पाता कि सर्विक्स खुल गया है. इसका पता सोनोग्राफ़ी कराने पर ही चलता है. चूंकि आपका पहला बच्चा समय से पूर्व हो गया था और फिर से ऐसा न हो, इसके लिए आपको सर्वाइकल स्टिच लगवा लेना चाहिए. यह बहुत ही साधारण व सुरक्षित तरीक़ा है. इससे आपका बच्चा 9 माह तक गर्भ में सुरक्षित रह पाएगा. डिलीवरी के कुछ ह़फ़्ते बाद टांकों को खोल दिया जाता है.

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Surgery During Pregnancy

मैं 24 वर्ष की हूं. मेरी शादी को दो साल हुए हैं. मुझे पिछले ह़फ़्ते पीरियड आना था, लेकिन नहीं आया. मैं यह सोचकर बेहद ख़ुश थी कि मैं गर्भवती हूं, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि यह एक्टोपिक प्रेगनेंसी है और मुझे ऑपरेशन करवाकर इसे हटवाना पड़ेगा. क्या इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है?
– संध्या, भोपाल.

एक्टोपिक प्रेगनेंसी ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भ गर्भाशय की जगह ओवरी या नली में अटक जाता है. इसका पता सोनोग्राफ़ी द्वारा ही चलता है. यह बहुत ही ख़तरनाक स्थिति है, क्योंकि ट्यूब कभी भी फट सकती है और पेल्विस में अत्यधिक ब्लीडिंग हो सकती है. इसलिए तुरंत इलाज कराना चाहिए. इसके लिए ख़ास तरह का इंजेक्शन, जैसे- मेथोट्रेक्सेट दिया जाता है या कीहोल सर्जरी की जाती है.

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Personal Problems: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं (Possible Reasons You Can’t Get Pregnant)

मैं 27 वर्षीय विवाहिता हूं. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं. मुझे अनियमित मासिक चक्र की समस्या (Irregular Menstrual Cycle Problem) है और मेरा वज़न भी ज़्यादा है. मेरे पति के वीर्य की मेडिकल रिपोर्ट भी सामान्य है. कृपया सहायता करें.
– मालती जैन, हैदराबाद.

हो सकता है कि आपको पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम हो. ऐसे मरीज़ों में अंडाणु हर महीने बाहर नहीं आते, इसी कारण माहवारी भी अनियमित रहती है और गर्भधारण करने में भी मुश्किल होती है. बाज़ार में कई तरह की दवाइयां और इंजेक्शन उपलब्ध हैं, जिनसे अंडाणु विकसित होता है. सोनोग्राफ़ी से अंडाणु के विकसित होने व फटने का सही समय का पता चलता है. इस व़क़्त यदि पति द्वारा इनसेमिनेशन होता है तो गर्भ धारण की संभावना बढ़ जाती है. इस प्रक्रिया के लिए आपकी फेलोपियन ट्यूब खुली व सामान्य होनी चाहिए, जिसकी जांच एक्स-रे या लेप्रोस्कोपी द्वारा की जा सकती है.

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Reasons You Can't Get Pregnant

मैं 19 वर्षीया महिला हूं और मेरा वज़न 73 किलो है. पिछले एक साल से मैं एक्सरसाइज़ और डायटिंग से वज़न कम करने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन फ़र्क़ नहीं लग रहा है. इसके अलावा मेरे चेहरे पर काफ़ी बाल भी हैं. इस वजह से मैं बहुत तनाव में हूं. कृपया, सहायता करें.
– राखी टंडन, जमशेदपुर.

आपने यह नहीं बताया कि आपको माहवारी नियमित है या नहीं, क्योंकि ़ज़्यादातर ये दोनों समस्याएं साथ-साथ होती हैं. हो सकता है आपको पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम हो, जिसकी वजह से वज़न का बढ़ना, मुंहासे, चेहरे पर अत्यधिक बाल और अनियमित माहवारी की समस्या पैदा हो जाती है. यह एक सामान्य हार्मोनल समस्या है. इसकी जांच सोनोग्राफ़ी या हार्मोनल टेस्ट से की जा सकती है. कुछ ऐसी दवाइयां हैं, जो पाचन क्रिया बढ़ाती हैं और वज़न कम करने में सहायक होती हैं. इससे चेहरे के बाल भी कम होते हैं और माहवारी भी नियमित रहती है. इसके अलावा कीहोल सर्जरी से ओवरी में बनी सिस्ट को जलाया जा सकता है. बेहतर होगा कि आप किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट से सलाह लें.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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Personal Problems: गर्भपात से बहुत ज़्यादा डरी हुई हूं (Scared Of My Previous Miscarriage Experiences)

मेरी उम्र 28 साल है. मेरा दो बार दो महीने का गर्भपात (Miscarriage) हो चुका है. मैं गर्भधारण करना चाहती हूं, लेकिन मैं पहले दो बार हुए गर्भपात से बहुत ज़्यादा डरी हुई हूं. क्या मैं गर्भधारण कर सकती हूं? कृपया, सलाह दें.
– रजनी वर्मा, जौनपुर.

आपको दो बार गर्भपात हो चुका है, इसलिए आपका डर वाजिब है. लेकिन आप मां बन सकती हैं. बस, गर्भधारण करने से पूर्व आपको कुछ टेस्ट करवा लेने चाहिए, जैसे- हार्मोन टेस्ट, शुगर लेवल, इम्यूनोलॉजिकल टेस्ट और सोनोग्राफ़ी आदि. इसके अलावा आपके और आपके पति के जेनेटिक टेस्ट भी करवाने ज़रूरी हैं. बार-बार गर्भपात होने पर हिस्टीरोस्कोपी टेस्ट किया जाता है, जिसमें गर्भाशय में कैमरा रख कर देखा जाता है कि किसी तरह की प्रॉब्लम तो नहीं है. यदि सभी टेस्ट सामान्य हैं तो आप गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड और हार्मोन्स की टैबलेट ले सकती हैं. बेहतर होगा कि आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

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 Abortion Experiences
मेरा पहला बच्चा सीज़ेरियन द्वारा हुआ था, क्योंकि बच्चे की ब्रीच पोज़ीशन थी. अब मैं 5 महीने की गर्भवती हूं. मैं जानना चाहती हूं कि क्या इस बार भी मेरी डिलीवरी सीज़ेरियन ही होगी?.
– श्रुति बियानी, उदयपुर.

यदि सब कुछ सामान्य है और कोई ख़तरे की बात नहीं है तो सीज़ेरियन डिलीवरी के बावजूद नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है. हालांकि डिलीवरी अच्छे हॉस्पिटल में बहुत सावधानीपूर्वक होनी चाहिए, क्योंकि ऐसे मामले में सीज़ेरियन डिलीवरी के दौरान लगे टांके टूटने का डर रहता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए घातक है. इसलिए हालात को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि दो सीज़ेरियन के बाद अगली डिलीवरी भी सिज़ेरियन द्वारा ही हो तो बेहतर होगा.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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