personal problems

मैं 27 साल की विवाहित महिला हूं. मुझे अक्सर सेक्स के ख़्याल आते रहते हैं. जब भी किसी आकर्षक पुरुष को देखती हूं, तो शरीर में हलचल होने लगती है और बेहद उत्तेजित हो जाती हूं. मन करता है उस व्यक्ति से लिपट जाऊं और प्यार करूं. दिलोंदिमाग़ में सेक्स हावी होने लगता है. दरअसल, शादी के बाद पति से कभी भी सेक्सुअल संतुष्टि नहीं मिल पाई. क्या मैं असामान्य हूं? कृपया, उचित सलाह दें.

अंबिका शर्मा, रोहतक.

आप असामान्य बिल्कुल भी नहीं हैं. आप अपने शरीर में हो रहे असामान्य बातों पर ध्यान दे रही हैं, इससे आपके सही होने की संभावना बढ़ जाती है. आपकी समस्या एक बीमारी है, इसे आदत भी मान सकते हैं. मेडिकल में इसे निंफोमेनिया कहा जाता है. जब बॉडी में क्लाइटोरिस मात्रा बढ़ने लगती हैं, तब ऐसी स्थिति होने लगती है. कई बार हार्मोंस बढ़ने पर भी क्लाइटोरिस का आकार बड़ा हो जाता है. इससे सेक्स संबंधी उत्तेजना अधिक होने लगती है. इसके लिए अच्छे सेक्सोलाॅजिस्ट से सलाह अवश्य लें. वैसे ओरगैनम मेडिसन ली जा सकती है, लेकिन डाक्टर से परामर्श के बाद ही लेना उचित रहेगा.

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मैं 25 साल का हूं. काम के सिलसिले अधिकतर घर से बाहर रहता हूं यानी टूर पर. मुझे अक्सर सेक्स की इच्छा होती है, लेकिन सेक्सुअल रिलेशन बनाते समय दिल की धड़कन बढ़ जाती है. हाथ-पैर कांपने लगते हैं. घबराहट भी होने लगती है. हम पति-पत्नी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हो पाते हैं. उचित राय दें.

विनोद सिंह, रामपुर.

अति काम होने के कारण पुरुष ग्रंथि विकृत यानी बढ़ जाती है, इसलिए मन में सेक्स संबंधित चीज़ों को लेकर अधिक सोच-विचार ना करें. अपने चिंतन-मनन को बदलें. इसके अलावा अल्कोहल, सिगरेट, तंबाकू आदि नशीली चीज़ों का सेवन ना करें. पौष्टिक भोजन करें. पत्नी के साथ अधिक क्वालिटी टाइम बिताएं. उनसे खुलकर बात करें और अपनी समस्या बताएं. इससे आपके सेक्सुअल रिलेशन में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. एक-दूसरे की भावनाओं को समझना और इस विषय पर बात करना बेहद ज़रूरी है. एक दूसरे को सहयोग दें, ताकि आप जल्द इस स्तिथि से उबर सकें.

डॉ. राजीव आनंद
सेक्सोलॉजिस्ट
([email protected])

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मैं 22 साल की हूं अभी मेरी शादी नहीं हुई है मैं अपनी एक समस्या से परेशान हूं. मेरे ब्रेस्ट छोटे हैं और मुझे हमेशा इस बात की चिंता रहती है कि शादी के बाद इसके कारण सेक्सुअल रिलेशन में प्रॉब्लम तो नहीं होगी. यह भी विचार मन में उठता है कि बच्चे होने पर कहीं इसके कारण दूध पिलाने या और किसी और तरह की समस्या तो नहीं होगी. क्या ब्रेस्ट (स्तन) को बढ़ाने का कोई उपाय है. कृपया, उचित मार्गदर्शन करें.

– सोनी सिंह, जोधपुर. 

ब्रेस्ट छोटे या बड़े होने से सेक्सुअल रिलेशन पर कोई फ़र्क नहीं पड़ता है, क्योंकि सेक्स का इससे सीधे तौर पर कोई आपसी संबंध नहीं है. ना ही इसकी वजह से सेक्स प्लेजर में कोई प्रॉब्लम होती है. इसलिए आप इन बातों को लेकर परेशान ना हो. शादी के बाद इसे लेकर कोई समस्या नहीं होगी. हां, रही बात बच्चे के स्तनपान यानी ब्रेस्ट फीडिंग कराने की, तो ऐसा भी बिल्कुल नहीं है. मां के खानपान से ही दूध बनता है ना कि स्तन के आकार से. छोटे स्तन होने के बावजूद आप बच्चे को अच्छे से ब्रेस्ट फीडिंग करा सकती हैं, इसलिए इस बात को लेकर भी परेशान ना हो. रही बात ब्रेस्ट को शेप देने, इसे बढ़ाने की, तो इसके लिए अपने खानपान पर ध्यान दें. पौष्टिक भोजन लें. स्विमिंग व एक्सरसाइज करें.

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मैं 25 साल का हूं. अभी मेरी शादी नहीं हुई है. मुझे कोई बुरी आदत भी नहीं है. फिर भी हर महीने मुझे कम-से-कम चार-पांच बार नाइटफॉल (स्वप्नदोष) होता है. इसके अलावा उस समय सीमन भी काफ़ी निकलता है. इसे लेकर मैं बहुत परेशान रहता हूं. जिस दिन ऐसा होता है, उस दिन मेरा किसी भी काम में मन भी नहीं लगता. मैं क्या करूं? कृपया, मेरी समस्या का समाधान करें.
– विनोद शर्मा, रायपुर.

युवावस्था में नाइटफॉल होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. महीने में 4-6 बार इसका होना कोई बीमारी नहीं है, इसलिए आप इसे लेकर अधिक परेशान ना हों. ना ही इसे लेकर अधिक चिंतित हों. अक्सर पेट की ख़राबी यानी कब्ज और सेक्स से जुड़ी बातों को अधिक सोचने-विचारने के कारण भी स्वप्नदोष की समस्या अधिक होती है. अमूमन कामुक विचारों का चिंतन इस बीमारी का मुख्य कारण होता है. अतः सेक्स संबंधी बातों के बारे में ना सोचें. साथ ही पेट को भी साफ़ रखें, ताकि कब्ज की समस्या ना होने पाए. ऐसा करने से काफ़ी हद तक नाइटफॉल की समस्या दूर हो जाएगी. मन में कामुक विचारों को न लाने के अलावा अश्लील किताबें भी न पढ़ें. ये सरल उपाय करके इस समस्या से बचा जा सकता है. इन सबके अलावा तेज मसालेवाला भोजन, नॉनवेज, अल्कोहल या तेज गर्म पदार्थ आदि के खाने से बचें. नाइटफॉल को लेकर ज़्यादा चिंतित ना हो, क्योंकि इसके सोचनेभर से और अधिक विचार करने से भी नाइटफॉल होने लगता है. इसलिए इससे बचें. मन अधिक भटके, तो मेडिटेशन, प्राणायाम और योग करें.

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डॉ. राजीव आनंद
सेक्सोलॉजिस्ट
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मैं 28 वर्ष की हूं. मेरी शादी को दो साल हुए हैं. मुझे पिछले ह़फ़्ते पीरियड आना था, लेकिन नहीं आया. मैं यह सोचकर बेहद ख़ुश थी कि मैं गर्भवती हूं, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि यह एकटॉपिक प्रेगनेंसी है और मुझे ऑपरेशन करवाकर इसे हटवाना पड़ेगा. क्या इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है?
– कोमल, ग्वालियर.

एकटॉपिक प्रेगनेंसी ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भ गर्भाशय की जगह ओवरी या नली में अटक जाता है. इसका पता सोनोग्राफ़ी द्वारा ही चलता है. यह बहुत ही ख़तरनाक स्थिति है, क्योंकि ट्यूब कभी भी फट सकती है और पेल्विस में अत्यधिक ब्लीडिंग हो सकती है. इसलिए तुरंत इलाज कराना चाहिए. इसके लिए ख़ास तरह का इंजेक्शन, जैसे- मेथोट्रेक्सेट दिया जाता है या कीहोल सर्जरी की जाती है.

Personal Problems
मैं 30 वर्षीय महिला हूं और पिछले साल मेरा दो बार तीन-तीन महीने का गर्भपात हो चुका है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन डरती हूं कि कहीं फिर से कोई परेशानी न आ जाए. क्या मुझे नॉर्मल प्रेगनेंसी हो पाएगी?
पूूूजा, अहमदाबाद

वैसे तो दो बार गर्भपात होने के बाद तीसरी बार गर्भपात होने की संभावना और ज़्यादा बढ़ जाती है. आप यदि गर्भधारण करने के बारे में सोच रही हैं तो बेहतर होगा कि सबसे पहले सारे टेस्ट करवा लें, ताकि यह पता चल जाए कि आपका यूटेरस सामान्य है या नहीं. कोई बर्थ ड़िफेक्ट, जैसे- सेप्टम या डबल यूटेरस की समस्या तो नहीं है आदि. यदि इस तरह के ड़िफेक्ट्स हैं भी तब भी कीहोल सर्जरी, जैसे- लेप्रोस्कोपी, हीस्टिरोस्कोपी से इसका इलाज संभव है. इसके अलावा जेनेटिक टेस्टिंग और इम्यूनोलॉजी प्रॉब्लम्स के लिए विशेष तरह का ब्लड टेस्ट भी किया जाता है. गर्भधारण के पहले फोलिक एसिड और हार्मोन्स की टेबलेट लेने की आवश्यकता पड़ सकती है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: पीरियड्स में होनेवाले दर्द के लिए क्या कोई ख़ास टेस्ट कराना होगा? (Menstrual Cramps- Diagnosis And Treatments)

Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरी शादी को दो साल हो गए हैं. मुझे हाल ही में पता चला है कि मैं गर्भवती हूं. जब मैंने सोनोग्राफ़ी करवाई तो पता चला कि गर्भ यूटेरस की बजाय ट्यूब में है यानी एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी है, यह क्या है? और इसे हटाने के लिए क्या मुझे ऑपरेशन ही कराना पड़ेगा. क्या ऐसा कोई रास्ता नहीं है, जिससे मैं प्रेग्नेंसी जारी रख सकूं?
– रेणु घोष, असम.

3-4% महिलाएं ऐसी होती हैं, जिनकी प्रेग्नेंसी यूटेरस की बजाय ट्यूब में होती है, इसे ‘एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी’ कहा जाता है. यह स्थिति ठीक नहीं है, क्योंकि ट्यूब बहुत नाज़ुक व पतली होती है. यदि इसका तुरंत इलाज नहीं किया गया तो ट्यूब फट सकती है और मरीज़ को पेट में हैवी ब्लीडिंग हो सकती है. समय पर इलाज न किया जाए तो मरीज़ की जान को ख़तरा भी हो सकता है. इसलिए समय पर ही इस समस्या का पता चलना बेहद ज़रूरी है. इसके लिए लेप्रोस्कोपी (की होल सर्जरी) द्वारा ट्यूब को हटाया जाता है. ऐसे मामले में नॉर्मल प्रेग्नेंसी जारी रखना बहुत मुश्किल है.

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Ectopic Pregnancy

मेरी 25 वर्षीया सहेली को ब्लड डोनेट करते समय पता चला कि वह एचआईवी पॉ़ज़िटिव है. क्या यह संभव है कि उसका बच्चा भी एचआईवी पॉ़ज़िटिव हो? उसके पति भी एचआईवी पॉ़ज़िटिव हैं. दोनों ही हेल्दी हैं और कोई ट्रीटमेंट नहीं ले रहे हैं.
– सविता त्रिवेदी, रायपुर.

आपकी सहेली और उनके पति दोनों को ही काउंसलर से मिलना चाहिए और काउंसलर की राय लेने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए. यदि वह सेफ़ प्रेग्नेंसी चाहती हैं तो प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ मेडिसिन भी ले सकती हैं, ताकि बच्चे को इं़फेक्शन होने की संभावना को कम किया जा सके. अगर वह बच्चे को स्तनपान न कराएं तो इससे बच्चे को वायरस फैलने के चांसेस भी कम होंगे. जो भी हो, निर्णय उन्हें लेना है और सोच-समझकर कर ही निर्णय लें तो बेहतर है.

 

यह भी पढ़ें: Personal Problems: 3-4 महीनों के बाद पीरियड्स आते हैं (Why My Periods Are 3-4 Months Late?)

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स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मैं 28 वर्षीया महिला हूं. मेरी शादी को 3 साल हो गए हैं, पर अभी तक गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं. पिछले 6 महीनों से पीरियड्स के दौरान बहुत कम रक्तस्राव होता है. बताएं, क्या करूं? बचपन में मुझे टी. बी. हुई थी. लेकिन ट्रीटमेंट कराने पर ठीक भी हो गई थी.

– गायत्री कुकरेती, मिर्जापुर.

आप गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वे कुछ टेस्ट कराएंगे, जैसे- ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, हिस्टरियोसलपिंगोग्राफ़ी आदि. यदि ज़रूरत होगी तो ‘डी एंड सी’ भी कराएंगे, जिससे इंफ़र्टिलिटी के कारणों का पता चल सकेगा. वैसे बचपन में हुई टी.बी. का इससे कोई संबंध नहीं है. पर यदि इससे संबंधित कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत इसका ट्रीटमेंट कराएं और बाद में अन्य ट्रीटमेंट लें.

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Bleeding Less During Periods

मैं 20 वर्षीया युवती हूं. पिछले एक साल से मेरे पीरियड्स बंद हो गए हैं. 16 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हुए थे, जो अनियमित और काफ़ी दिनों तक होते थे. मेरी ब्लड रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर्स ने बताया कि मुझे दोबारा कभी भी नेचुरल पीरियड्स नहीं हो सकते. कृपया, बताएं क्या करूं?
– प्रियंका रस्तोगी, रानीखेत.

आपको प्री-मेच्योर ओवेरियन फेलियर की समस्या हो सकती है. किसी गायनाकोलॉजिस्ट से सलाह लें, जो आपके सारे टेस्ट कराएंगे और सही कारण बताएंगे. यदि उन्हें ज़रूरत लगेगी तो ‘लो डोज़ हार्मोन रिप्लेसमेंट’ थेरेपी शुरू करेंगे. अगर आप शादीशुदा हैं तो कंसीव करना आपके लिए मुश्किल हो सकता है. आप चाहें तो आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) ट्रीटमेंट से गर्भधारण कर सकती हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
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मैं 35 वर्षीया महिला हूं. मेरी समस्या यह है कि मैं हर घंटे में टॉयलेट जाती हूं, रात में भी कम से कम 4-5 बार टॉयलेट जाना पड़ता है. कई बार मैंने यूरिन टेस्ट भी करवाया, लेकिन रिपोर्ट नॉर्मल आई. मैं बहुत परेशान हूं. कृपया, उपाय बताएं?
– बरखा माणिक, शिलांग.

आपको ‘ओवरएक्टिव ब्लैडर’ यानी बार-बार पेशाब जाने की समस्या हो सकती है. इसके लिए आपको यूरोडायनेमिक टेस्ट कराने होंगे, जो मूत्र संबंधी बीमारियों के लिए कराए जाते हैं. आप किसी यूरोलॉजिस्ट या गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें, जो बार-बार पेशाब जाने और ब्लैडर में होनेवाली गड़बड़ी के बारे में आपको सही जानकारी देंगे और उसका इलाज करेंगे. यदि दवाओं से आपको आराम नहीं होता तो बोटोक्स इंजेक्शन या सर्जरी के द्वारा भी इसका इलाज किया जा सकता है.

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Personal Problems

मैं 25 वर्षीया युवती हूं. मेरी शादी होनेवाली है. मेरे मंगेतर का और मेरा ब्लड ग्रुप एक ही है. क्या पति-पत्नी दोनों का ब्लड ग्रुप समान होने पर भविष्य में किसी तरह की समस्या हो सकती है?
– मीनल सक्सेना, लखनऊ.

ज़रूरी नहीं कि आपका और आपके मंगेतर का ब्लड ग्रुप समान है, तो आपकी शादीशुदा ज़िंदगी में किसी तरह की कोई समस्या हो. कुछ केसेस में, यदि महिलाओं का ब्लड ग्रुप ‘आरएच’ निगेटिव है और पति का पॉज़िटिव तो प्रेग्नेंसी के समय कुछ समस्या हो सकती है, विशेष रूप से पहली प्रेग्नेंसी के बाद. पहली प्रेग्नेंसी के दौरान यदि बच्चे का ब्लड ग्रुप पॉ़ज़ीटिव है, तो डिलीवरी के समय उसके ब्लड सेल्स मां के ब्लड स्ट्रीम में प्रवेश कर जाते हैं. ऐसा मां के शरीर में एंटीबॉडीज़ के प्रोडक्शन के कारण होता है. अगली प्रेग्नेंसी में ये एंटीबॉडीज़ मां के शरीर से बच्चे में पास हो सकती हैं और उसके ब्लड सेल्स को नष्ट कर सकती हैं, जिससे बच्चे के विकास में बाधा आ सकती है और उसकी जान को ख़तरा भी हो सकता है. इसलिए सावधानी के तौर पर हर महिला को प्रत्येक डिलीवरी के 72 घंटे के अंदर एंटी डी इंजेक्शन लेना चाहिए, जिससे ‘आरएच’ पॉ़ज़िटिव ब्लड सेल्स और एंटीबॉडीज़ फ़ॉरमेशन को बेअसर किया जा सके. एबॉर्शन और प्रेग्नेंसी की स्थिति में यह इंजेक्शन लेना ज़रूरी है. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान कराए जानेवाले ब्लड टेस्ट मेंे एंटीबॉडी लेवल टेस्ट किया जाता है.

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मेरी एक साल की बेटी है, जो यूरिन पास करते समय बहुत रोती है. जन्म के समय से ही उसकी मूत्रनली बहुत संकीर्ण है. पेडियाट्रिशियन को दिखाया तो उसने गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करने को कहा. क्या करूं, समझ में नहीं आ रहा?
– रीता पॉल, जैसलमेर

आपकी बेटी को लेबियल फ्यूज़न की समस्या हो सकती है. लेबियल फ्यूज़न में योनि के बाहर की जननेन्द्रियां आपस में चिपकी रहती हैं. ये जननेन्द्रियां मां के शरीर में ज़्यादा हार्मोंस होने के कारण आपस में चिपक जाती हैं और पेशाब का रास्ता ब्लॉक हो जाता है. इसके लिए आप गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. आपकी बेटी की जांच करने के बाद वह एस्ट्रोजन (हार्मोन) क्रीम लगाने के लिए देंगी. अगर क्रीम लगाने से समस्या हल नहीं होती है, तो हो सकता है सर्जरी करवानी पड़े.

Child Pain When Urinating

मैं 25 वर्षीया महिला हूं और मेरा 3 साल का बच्चा है. मेरी सहेली ने मुझे कुछ ऐसे नए कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में बताया है, जिन्हें माह में एक बार योनि में इंसर्ट किया जा सकता है. कृपया, मुझे इनके बारे में कुछ जानकारी दें? क्योंकि मैं हमेशा ही योनि में पिल्स रखना भूल जाती हूं.
– काजल बडोनी, हरिद्वार

आजकल मार्केट में ऐसे कई नए कॉन्ट्रासेप्टिव्स मिल जाते हैं, जिन्हें आप आसानी से योनि में इंसर्ट कर सकती हैं, जैसे- नुवा रिंग. अन्य ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स की तरह यह भी एक हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव है, जिसे आप योनि में 3 सप्ताह के लिए रख सकती हैं और चौथे सप्ताह पीरियड के लिए उसे निकाल सकती हैं. इसे भी दूसरे वेजाइनल रिंग्स की तरह इंसर्ट किया जाता है. लेकिन इस कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें. वह आपको इंसर्ट करने का तरीक़ा बताएंगी कि उसे किस तरह वेजाइना में इंसर्ट करें. यदि इंटरकोर्स के दौरान नुवा रिंग निकल जाती है, तो उसे ठंडे पानी से साफ़ करके दोबारा इंसर्ट कर सकती हैं.

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मैं 19 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि सामान्य पीरियड्स किसे कहते हैं. इसकी क्या परिभाषा है? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– आस्था चहल, गंगटोक. 

यह बताना बहुत ही मुश्किल है कि सामान्य पीरियड्स क्या है, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है और उसकी ब्लीडिंग और लक्षण दूसरों से अलग होते हैं, इसलिए इसे परिभाषित करना आसान नहीं है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप कह सकती हैं कि आपके पीरियड्स असामान्य हैं, जैसे- किसी महीने पीरियड्स न आना, अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होना, लंबे समय तक ब्लीडिंग का होना आदि. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा हो, तो आप अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वो आपका चेकअप करके बताएंगी कि गर्भाशय से संबंधित कोई समस्या तो नहीं. साथ ही उसका सही इलाज भी करेंगी. पीरियड्स का साइकल 28 दिनों का ही होता है, यह एक मिथ्या है. बढ़ती उम्र के साथ हर महिला के साइकल में भी बदलाव होते रहते हैं.

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Normal Menstrual Period

मैं 26 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. मैं रोज़ाना अपने वेजाइना को साफ़ करती हूं, फिर भी एक गंध-सी आती है. क्या यह सामान्य है? 
– मधुमिता गौर, उज्जैन.

हेल्दी वेजाइना की अपनी एक गंध होती है, लेकिन वो बुरी नहीं होती. अगर आपको लगता है कि यह गंध गंदी या बदबूदार है, तो यह किसी तरह का वेजाइनल इंफेक्शन हो सकता है. ध्यान दें कि आपका खानपान भी वेजाइना की गंध को प्रभावित करता है. इसके अलावा बहुत ज़्यादा कैफीन, अल्कोहल या स्मोकिंग भी वेजाइना की गंध को प्रभावित करती है. अगर आपको गंध से कोई द़िक्क़त हो रही है, तो अपनी डॉक्टर से मिलें. वो आपको इस बारे में अच्छी तरह से गाइड करेंगी और अगर कोई इंफेक्शन हुआ, तो ट्रीटमेंट भी आसानी से हो जाएगा.

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मेरी उम्र 15 साल है और अभी तक मेरे पीरियड्स शुरू नहीं हुए हैं, जबकि मेरी सभी सहेलियों को 3-4 वर्ष पहले ही पीरियड शुरू हो गया था. मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है? क्या मुझमें कोई कमी है?
– श्रुति शर्मा, बैंगलोर.

सामान्यतया लड़कियों के पीरियड्स यानी माहवारी की उम्र 11-12 वर्ष होती है, लेकिन कुछ परिवारों में इसकी शुरुआत 14-15 की उम्र से भी होती है. फिर भी आपको चेकअप करा लेना चाहिए, ताकि ये पता चल जाए कि कहीं आपको जन्म से कोई शारीरिक समस्या तो नहीं है, जैसे- अविकसित यूटेरस आदि. कुछ हार्मोनल टेस्ट करवाने भी ज़रूरी हैं. यदि आपका क़द, वज़न, स्तनों का विकास, अंडरआर्म व प्यूबिक हेयर का विकास आदि सही हैं तो कोई बड़ी जेनेटिक प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए. फिर भी पूर्ण जानकारी के लिए किसी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

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Cause You To Not Have A Period

मैं 24 वर्षीया हूं. हाल ही में मैंने अपने मंगेतर के साथ असुरक्षित सेक्स किया. हालांकि इसके दूसरे ही दिन मैंने इमरजेंसी पिल्स ले ली थी, लेकिन मुझे अब भी डर लग रहा है कि कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी?
– विनिता रामचंद्र, हैदराबाद.

असुरक्षित सेक्स संबंध बनाने के बाद इमर्जेंसी पिल्स खाने के बावजूद गर्भधारण का ख़तरा 20 से 25 प्रतिशत तक बना रहता है, ख़ासकर तब, जब आपने अपने ओव्यूलेशन पीरियड के आसपास सेक्स किया हो. अब अगर आपकी माहवारी अनियमित हो गई हो तो तुरंत प्रेग्नेंसी टेस्ट कराएं. अगर टेस्ट पॉज़िटिव आता है तो फौरन किसी गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह लें.

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मैं एक कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि हैवी पीरियड्स किसे कहते हैैं? क्या दिन में कई पैड्स बदलना हैवी पीरियड्स कहलाता है?
– रेणु चौहान, नागपुर.

दिनभर में कई सैनीटरी पैड्स बदलने का मतलब यह नहीं कि आपके पीरियड्स हैवी हैं. हो सकता है, ऐसा आप हाइजीन के लिहाज़ से करती हों. पीरियड्स को तभी हैवी या असामान्य कह सकते हैं, जब यह आपके रोज़मर्रा की ज़िंदगी में खलल डालता हो. अगर आप कॉलेज या ऑफिस नहीं जा पा रही हैं और रोज़ाना के काम अपने आप नहीं कर पा रही हैं, तो यह हैवी कहलाता है. ऐसे में आपको डॉक्टर को मिलना होगा. वैसे हैवी पीरियड्स का कारण थायरॉइड भी हो सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि डॉक्टर से इस बारे में बात करें.

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Sexually Active

मैं 28 वर्षीया वर्किंग वुमन हूं. अभी मुझे फिज़िकल एक्ज़ामिनेशन के लिए डॉक्टर के पास जाना है. क्या डॉक्टर शारीरिक जांच करके पता लगा सकते हैं कि मैं सेक्सुअली एक्टिव हूं? दरअसल, डॉक्टर हमारे फैमिली फ्रेंड हैं और मैं नहीं चाहती कि मेरे पैरेंट्स को पता चले कि मैं सेक्सुअली एक्टिव हूं.
– रागिनी, नई दिल्ली.

यह बहुत मुश्किल है या यूं कहें कि नामुमकिन है, क्योंकि स़िर्फ फिज़िकल एक्ज़ामिनेशन से कोई डॉक्टर पूरे दावे के साथ यह नहीं बता सकता. वर्जिनिटी के लिए जिस हाइमन की बात की जाती है, कुछ महिलाओं में तो यह जन्म से ही नहीं होता. इसके अलावा फिज़िकल एक्टिविटी के कारण बहुतों का हाइमन सेक्स से पहले ही फट जाता है. सही तो यही होगा कि आप अपने डॉक्टर से कुछ न छिपाएं, क्योंकि वो आपको किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा सकते हैं. अगर आप उन्हें सच बता देंगी, तो वो उस नज़रिए से एक्ज़ामिनेशन करेंगे और आप भविष्य में होनेवाली किसी हेल्थ प्रॉब्लम से बच सकती हैं.

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मैं 40 वर्षीया महिला हूं. मेरे बिकनी लाइन के आसपास कुछ फुंसियां हो गई हैं, जबकि मैं अपने यौनांगों की साफ़-सफ़ाई का पूरा ध्यान रखती हूं. एंटीसेप्टिक सोल्यूशन से साफ़ करती हूं और रेग्यूलर शेव भी करती हूं. फिर भी फुंसियां हो जाती हैं. कोई उपाय बताएं.
– विनीता पांडे, दिल्ली.

बिकनी एरिया में शेव करते समय शायद कुछ कट लग जाने से आपको इंफेक्शन हो गया है. इसलिए बालों को हटाने के लिए शेविंग की बजाय कैंची से कट करें. नहाते समय यौनांगों की सफ़ाई के लिए माइल्ड एंटीसेप्टिक सोल्यूशन का इस्तेमाल करें. कॉटन के अंडर गार्मेंट्स पहनें. अगर फिर भी ये फुंसियां ठीक नहीं होती हैं और ज़्यादा दर्द होता है, तो गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वो आपको एंटीबायोटिक गोलियां और कोई क्रीम या लोशन देंगे.

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Bikini Boils

मेरी उम्र 42 साल है. मेरे दोनों ब्रेस्ट में बहुत दर्द होता है. कभी-कभी तो गांठ-सी भी महसूस होती है. आजकल मैंने ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बहुत सुना है. मुझे डर है कि कहीं मुझे भी तो ब्रेस्ट कैंसर नहीं हैं?
– नेहा देसाई, झांसी.

अच्छा होगा कि आप ब्रेस्ट सर्जन या गायनाकोलॉजिस्ट से अपना चेकअप कराएं, जो आपकी मेमोग्राफ़ी और सोनो मेमोग्राफ़ी कराएंगी. जांच के बाद सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. अमूमन 40 साल के बाद सभी महिलाओं को मेमोग्राफ़ी करानी चाहिए. हर महीने अपना सेल्फ़ ब्रेस्ट एग्ज़ामिनेशन करते रहना चाहिए. शीशे के सामने ख़ड़े होकर अपने वक्षों की सुडौलता, निप्पल का लेवलव कलर, स्किन के कलर को अच्छी तरह से चेक करें. ले़फ़्ट हैंड से राइट ब्रेस्ट को और राइट हैंड से ले़फ़्ट ब्रेस्ट को दबाएं. कहीं कोई गांठ तो महसूस नहीं हो रही है. कई बार पीरियड्स बंद होने के एक सप्ताह बाद और मेनोपॉज़ के बाद माह में एक बार ब्रेस्ट में दर्द होता है. हर महिला को 3-5 साल में मेमोग्राफ़ी कराते रहना चाहिए.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं. मुझे 7 महीने का गर्भ है. कुछ दिन पहले मुझे ब्लीडिंग हुई थी. तब डॉक्टर ने बताया कि मेरा प्लासेंटा भ्रूण के मुंह के बहुत पास है और दोबारा भी ब्लीडिंग हो सकती है. कृपया, ब्लीडिंग को रोकने का कोई उपाय बताएं. क्या मेरी डिलीवरी सिज़ेरियन होगी? मेरी पहली डिलीवरी भी सिज़ेरियन थी.
– निष्ठा गांधी, अजमेर.

ऐसा लगता है कि आपका प्लासेंटा कमज़ोर है. यूटेरस के निचले भाग के खिंचने और कमज़ोर होने के कारण ब्लीडिंग होती है. प्रेग्नेंसी के आख़िरी तीन महीने में ऐसा होता है और इसके खिंचाव व कमज़ोर होने का कारण है प्लासेंटा का कमज़ोर होना. अगर ब्लीडिंग होती है, तो आपको तुरंत अपने गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए. आपकी कंडीशन को देखते हुए ब्लीडिंग को रोकने के लिए वे आपकी डिलीवरी सिज़ेरियन भी कर सकते हैं.

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Cesarean Delivery

मेरी उम्र 22 वर्ष है. कुछ दिनों से मेरे प्राइवेट पार्ट के पास कुछ रैशेज़ हो गए हैं और बहुत खुजली व जलन भी होती है. मुझे उठने-बैठने में भी बहुत परेशानी होती है. कृपया, कोई उपाय बताएं.
– महक पॉल, मुंबई.

इसके लिए आप गायनाकोलॉजिस्ट या डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें. लेकिन आपने यह नहीं लिखा कि क्या आप सेक्सुअली एक्टिव हैं? हो सकता है आपको हर्पिस इं़़फेक्शन हो? आपको तुरंत इसका उपचार कराना चाहिए. हर्पीस दो तरह का होता है, पहला- एचएसवी-1 और दूसरा- एचएसवी-2. ज़्यादातर लोगों में एचएसवी-2 के कारण यौनांग हर्पिस होता है. इंफेक्शन होने पर मलाशय और उसके आसपास की जगह पर एक या एक से अधिक फफोले हो जाते हैं और फफोले फूटने पर घाव भी हो जाते हैं. एचएसवी-2 इंफेक्शन से पीड़ित व्यक्ति (पुरुष/स्त्री) से शारीरिक संबंध बनाने पर दूसरे व्यक्ति को भी एचएसवी-2 इंफेक्शन हो सकता है. इस रोग से बचने का तरीक़ा है- यौन संपर्क से बचना. यदि सेक्स करना चाहते हैं तो कंडोम का इस्तेमाल ज़रूर करें.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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