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ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि टॉयलेट सीट से ज़्यादा गंदा और घातक कुछ नहीं हो सकता. लेकिन आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि हर रोज़ उपयोग में आनेवाली कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जो टॉयलेट सीट से भी ज़्यादा गंदी और सेहत (Health) के लिए घातक होती हैं.

हमारे लाइफस्टाइल में कई ऐसी चीज़ें शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल हम हर रोज़ करते हैं. हालांकि इन चीज़ों की साफ़-सफ़ाई का हम ख़ासतौर पर ख़्याल भी रखते हैं, बावजूद इसके ये चीज़ें हमारी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं. दरअसल, रोज़ के कामों में इस्तेमाल की जाने वाली कई ऐसी चीज़ें हैं जिन्हें हम ख़ुद साफ़ करते हैं, इसलिए इनके इस्तेमाल के दौरान हमें लगता है कि ये चीज़ें सेहत को नुक़सान नहीं पहुंचा सकतीं. ये चीज़ें भले ही दिखने में हमें साफ़ नज़र आती हैं, लेकिन सेहत के लिए घातक साबित हो सकती हैं.

1- स्मार्टफोन

Things That Make You Sick
आज के इस दौर में स्मार्टफोन हर किसी के लिए सबसे बड़ी ज़रूरत बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल फोन पर टॉयलेट सीट से भी ज़्यादा बैक्टीरिया हो सकते हैं. जी हां, मोबाइल फोन पर लगे जर्म्स और बैक्टीरिया भले ही आपको नज़र न आएं, लेकिन आपका फोन आपको डायरिया और पेट से जुड़ी परेशानियां दे सकता है.

2- की-बोर्ड
आपके कंप्यूटर या लैपटॉप का की-बोर्ड भी आपको बीमार कर सकता है, क्योंकि इस पर आपकी टॉयलेट सीट से 200 गुना ज़्यादा बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं. ऐसे में की-बोर्ड का इस्तेमाल करते समय बिना हाथ धोए खाने-पीने से आप बीमार हो सकते हैं.

3- तकिया

Things That Make You Sick
जिस तकिए पर हर रोज़ रात को सिर रखकर आप सुकून भरी नींद लेते हैं, वही तकिया आपको बीमार बनाकर रातों की नींद भी हराम कर सकता है. दरअसल, तकिए में भी टॉयलेट सीट की तरह ही घातक बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जिनमें से अधिकतर हमारे शरीर की ही देन होते हैं.

4- रिमोट कंट्रोल

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टीवी का रिमोट कंट्रोल एक ऐसा डिवाइस है, जिसे घर के सभी सदस्य छूते हैं. कई बार रिमोट कंट्रोल बेड पर पड़ा रहता है या जमीन पर गिर जाता है. ऐसे में बीमारी फैलाने वाले ढेर सारे बैक्टीरिया उस पर आ जाते हैं. बार-बार रिमोट छूने और बगैर हाथ धोए खाने से बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और बीमारी का कारण बनते हैं.
5- रुपया
रुपए को दिनभर में कई सारे लोग अपने हाथों से छूते हैं. इतने सारे हाथों से गुज़रने की वजह से इसमें ढेर सारे हानिकारक बैक्टीरिया चिपक जाते हैं. एक शोध के मुताबिक़, एक नोट पर लगभग 3,000 अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जो हाथों से होते हुए मुंह के जरिए पेट में पहुंच सकते हैं और आपको बीमार कर सकते हैं.
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6- एटीएम
एटीएम का इस्तेमाल दिनभर में न जाने कितने लोग करते हैं, जिनके चलते एटीएम मशीन के हर बटन पर अनगिनत बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. अगर ये बैक्टीरिया आपके किसी घाव के संपर्क में आ जाएं तो आपको इंफेक्शन भी हो सकता है.
7- पर्स
घर से बाहर जाते समय ज़्यादातर लोग पर्स या वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं. कई बार हम पर्स को दुकान के काउंटर, बाथरूम के स्टॉल्स या कार की सीट पर रख देते हैं, जिससे इस पर ढेर सारे बैक्टीरिया आ जाते हैं. पर्स के जरिए ये बैक्टीरिया आपके शरीर में प्रवेश करके आपको बीमार कर सकते हैं.
8- स्पंज
जिस स्पंज का इस्तेमाल गंदे बर्तनों को साफ़ करने के लिए किया जाता है, उस स्पंज में भी टॉयलेट सीट से ढाई लाख गुना ज़्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं. दरअसल, स्पंज ज़्यादातर समय गीला ही रहता है इसलिए ये सेहत के लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है.
9- टूथब्रश

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रोज़ सुबह उठकर आप जिस ब्रश से अपने दांतों की सफ़ाई करते हैं, उसी ब्रश पर टॉयलेट के बैक्टीरिया भी मौजूद हो सकते हैं. दरअसल, जब भी हम फ्लश का इस्तेमाल करते हैं, तो उसके फोर्स से टॉयलेट के बैक्टीरिया हवा में आ जाते हैं और अगर उसी बाथरूम में आप अपना ब्रश रखते हैं तो ये बैक्टीरिया इस ब्रश पर आ जाते हैं.

10- सोप डिस्पेंसर्स
आप जिस सोप डिस्पेंसर का इस्तेमाल हाथ धोने के लिए करते हैं, वो आपको बीमार भी कर सकता है. ख़ासतौर पर पब्लिक टॉयलेट्स में लगे सोप डिस्पेंसर्स पर इतने ज़्यादा बैक्टीरिया मौजूद होते हैं कि वे अगर शरीर में पहुंच गए तो आपको पेटदर्द की तकलीफ़ हो सकती है.

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पूरे दिन की मेहनत के बाद थक-हार कर जब आप घर पहुंचते हैं, तब आरामदायक बेड ही नज़र आता होगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आराम पहुंचानेवाला बेड भी आपको बीमार कर सकता है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपने मुलायम बिस्तर को हाइजिनिक और हेल्दी बना सकते हैं.

एक रिसर्च के मुताबिक़, हम अपने जीवन का एक तिहाई हिस्सा बेड पर गुज़ारते हैं. बिस्तर अगर साफ़ न हो, तो आप कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. कई तरह के एलर्जी, जैसे- गले में खराश, सिरदर्द, अस्थमा अटैक, खुजली, आंखों में जलन आदि लक्षण नज़र आएं, तो सतर्क हो जाइए. हो सकता है, आपका बिस्तर आपके आराम को तकलीफ़देह बना रहा हो.

क्या है बेड पर?

* इंसान के शरीर से एक हफ़्ते में लगभग 14 ग्राम मृत त्वचा निकलती है, जो बिस्तर पर ही रह जाती है.
* इसके अलावा पसीना, धूल के कण, सूक्ष्म जीवाणु जैसे कई तरह के बैक्टीरिया बेड पर होते हैं, जो कई बार नज़र तक नहीं आते.
* ज़्यादातर गद्दे या तकिए पॉलीयुरेथेन फोम से बने होते हैं, जो कि सूक्ष्म जीव, धूल के कण और छोटे-छोटे कीड़ों का पसंदीदा ठिकाना है. आंकड़ों की      मानें तो प्रति बिस्तर इनकी संख्या तक़रीबन 10 लाख के क़रीब होती है.
* इस तरह के फोम से टोल्यून डायसिसियनेट्स नाम का रसायन निकलता है, जो सांस के ज़रिए सीधे शरीर के अंदर प्रवेश कर जाता है और फेफड़ों    की गंभीर बीमारी का कारण बनता है.

तकिया भी कर रहा है बीमार

* एक रिसर्च के मुताबिक़ रोज़ाना इस्तेमाल किए जानेवाले तकिए का 10 फ़ीसदी वज़न धूल के कण व उस पर मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है.
* सिर पर लगा तेल भी अक्सर तकिए पर चिपक जाता है, जो कई बार धोने पर भी साफ़ नहीं होता और उसपर भी बैक्टीरिया चिपक जाते हैं.
* बाज़ार में मिलनेवाले फोम से बने तकिए सेहत के लिए ठीक नहीं होते हैं. सोते समय इनसे निकलनेवाले केमिकल एलर्जी और कैंसर जैसी बीमारियों को न्योता देते हैं.

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कैसे साफ़ रखें बिस्तर?

* नई चादर या तकिए के कवर को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह से धो लें और धूप में ठीक से सुखा लें.
* धूल के कण और बैक्टीरिया को अच्छी तरह से साफ़ करने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें. पानी में कपड़े धोनेवाले कीटाणुनाशक लिक्विड या  एंटीबैक्टीरियल क्लींज़र का इस्तेमाल करें, इससे चादर की बदबू भी निकल जाएगी.
* बेड शीट व तकिए के कवर दूसरे कपड़ों के साथ न धोएं.
* सिंथेटिक फैब्रिक की जगह शुद्ध कॉटन की चादरों व तकिए के कवर का इस्तेमाल करें.
* हर दूसरे दिन बेड शीट और तकिए के कवर बदल दें.
* नर्म तकिए का इस्तेमाल करें, ताकि सोते समय गर्दन व कंधे में अकड़न न आए.
* तकिए को बीच में से मो़डिए, अगर वह अपने पुराने आकार में नहीं आता, तो समझ लीजिए कि इसे बदलने का समय आ गया है.
* खिड़कियां खुली रखें, ताकि धूप कमरे के अंदर आ सके और मॉइश्‍चर व नमी कमरे में न रहे.
* कमरे में मौजूद कारपेट की सफ़ाई रोज़ाना करें. हो सके तो बेडरूम में कारपेट न बिछाएं.
* अगर आपके घर में पेट्स, जैसे- कुत्ता, बिल्ली आदि हों, तो उन्हें बिस्तर या अपने बेडरूम से दूर रखें.

स्वस्थ नींद के लिए इन बातों का ध्यान रखें

* नर्म मैट्रेस, साफ़ चादर और आरामदेह और बैक्टीरिया फ्री तकिया आपको देगा आठ घंटों की स्वस्थ नींद.
* पॉलिस्टर से बनी चादरों को पेट्रोकेमिकल से बनाया जाता है. ये नर्म भले ही हों, लेकिन सेहत के लिए बेहद ही हानिकारक होती हैं.
* अनब्लीच्ड कॉटन की चादरों का इस्तेमाल करें.
* नो आयरन और रिंकल फ्री चादरों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि इन्हें फॉर्मलडीहाइड तरी़के से बनाया जाता है.

गद्दा ख़रीदते समय इन बातों का रखें ख़्याल

* आपकी त्वचा 8 से 10 घंटे तक गद्दे, चादर और तकिए के संपर्क में रहती है. इसलिए इनका चुनाव उतनी ही सावधानी
से करें, जितनी सावधानी से आप अपना आहार चुनते हैं.
* गद्दा ऑरगैनिक हो. दुकानदार से इस बात की पुष्टि कर लें कि मैट्रेस किस फोम से बना है और इसे बनाने में किसी रसायन का इस्तेमाल तो नहीं हुआ है.
* स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर बनाई गई चीज़ें अक्सर महंगी होती हैं. पैसे ख़र्च करने के लिए ज़्यादा मत सोचिए, क्योंकि सवाल आपकी सेहत का है.
* कई तरह के नॉन टाक्सिक व हाइपो एलर्जेनिक मैट्रेस मार्केट में मौजूद हैं. ऐसे गद्दों में बैक्टीरिया नहीं रह पाते हैं.