Tag Archives: positive thinking

सीखें ख़ुश रहने के 10 मंत्र (10 Tips To Stay Happy)

Happy

सीखें ख़ुश रहने के 10 मंत्र

आज की लाइफस्टाइल में खुश रहना भी किसी चुनौती से कम नहीं, पर इन टिप्स को आज़माकर आप भी रह सकते हैं खुश और पॉज़िटिव

1 आप हैं तो सबकुछ है, इसलिए सबसे पहले ख़ुद से प्यार करना सीखें.

2 अगर आप ख़ुश हैं, तो आप दूसरों को भी ख़ुश रखते हैं. इसलिए अपनी ख़ुशियों को प्राथमिकता दें.

3 यदि आपको किसी से कुछ कहना है, तो कह दीजिए, क्योंकि कह देने से मन हल्का हो जाता है. यदि आप मन की बात कह नहीं सकते, तो उसे काग़ज़ पर लिख दीजिए, ऐसा करने से भी आप हल्का महसूस करेंगे.

4 रिश्ते अनमोल होते हैं, इसलिए अपने रिश्तों की क़द्र करें और उन्हें पर्याप्त समय दें.

5 दोस्तों के साथ हम सबसे ज़्यादा ख़ुश रहते हैं, इसलिए दोस्तों के साथ समय गुज़ारें.

6 किसी भी मनमुटाव को मन में रखने से मन भारी हो जाता है और तनाव बढ़ जाता है, ख़ुश रहने के लिए माफ़ करना सीखें.

7 आपकी उम्र चाहे जो होे, अपने भीतर के बच्चे को कभी बड़ा न होने दें. उसे शरारतें करने दें, तभी आप ज़िंदगी की असली ख़ुशी महसूस कर सकेंगे.

8 आप चाहे कितने ही बिज़ी क्यों न हों, अपने शौक़ के लिए समय ज़रूर निकालें. इससे आपको कभी बोरियत नहीं महसूस होगी और आप ज़िंदगी से हमेशा प्यार करेंगे.

9 ख़ुशी पाने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी देने से संतुष्टि मिलती है, इसलिए जीवन में ऐसे काम ज़रूर करें जिनसे आप दूसरों के चेहरे पर ख़ुशी बिखेर सकें.

10 स्वस्थ और फिट रहें, क्योंकि बीमार शरीर कभी ख़ुश नहीं  रह सकता.

– वंशज विनय

यह भी पढ़ें: कल कभी नहीं आता (Tomorrow Never Comes)

यह भी पढ़ें: सफलता के 10 सूत्र (10 Ways To Achieve Your Dream)

अपने सपनों को पूरा कैसे करें? (How To Fulfill Your Dreams)

How To Fulfill Your Dreams

सपनों को पूरा करना बहुत मुश्किल नहीं है, यदि आपका लक्ष्य सही हो, आप अपने लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत कर रहे हों. अपने सपनों को कैसे पूरा करें, इसके बहुत ही आसान उपाय यहां पर हम आपको बता रहे हैं.

How To Fulfill Your Dreams

सपनों की उड़ान
ख़्वाबों की दुनिया बड़ी हसीन होती है, यहां हम जो चाहें बन सकते हैं, जो चाहें हासिल कर सकते हैं, लेकिन आप यदि अपने ख़्वाबों को हकीक़त में बदलना चाहते हैं, तो पूरी लगन, ताक़त और जोश के साथ उसे पूरा करने में जुट जाइए, यक़ीन मानिए सपना सच होते देर नहीं लगेगी.

जीने के लिए ज़रूरी हैं सपने
यदि ज़िंदगी में सपने नहीं होंगे तो इच्छाएं नहीं होगीं, इच्छाएं नहीं होगी तो हम प्रयास नहीं करेंगे और यदि हमने प्रयास बंद कर दिए तो ज़िंदगी जड़ हो जाएगी यानी हमारा जीवन ही ख़त्म हो जाएगा. उस स्थिति की कल्पना करिए जब आपके पास करने के लिए कुछ न रहे, आप किसी चीज़ को हासिल करने के बारे में सोचे ही नहीं… कैसी होगी ज़िंदगी? निश्‍चय ही बेरंग, नीरस और उबाऊ. जीने के लिए कुछ मकसद होना ज़रूरी है और वो मकसद तभी मिलता है जब हम सपने देखते हैं. सपना कुछ करने का, सपना कुछ बदलने का, सपना अपनों को ख़ुश रखने का या देश/समाज में कुछ बदलाव लाने का, लेकिन स़िर्फ सपने देखना ही काफ़ी नहीं है, बल्कि उसे पूरा करने में जी जान लगाना भी ज़रूरी है.

प्रेरणा देते हैं सपने
विप्रो कंपनी के मालिक अजीम प्रेमजी ने एक बार अपने भाषण में कहा था कि ‘सपने आपके सच्चे प्रेरक होते हैं, सपनों से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती हैं. साथ ही ये लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ऊर्जा भी देते हैं.’ मगर ये भी सच है कि ख़्याली पुलाव पकाने या हवा में महल बनाने से ज़िंदगी में कुछ हासिल नहीं होता. सपने तभी सार्थक है जब वो हकीक़त के धरातल से जुड़े रहें. माना कोई इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए यदि डॉक्टर बनने का सपना देखता है तो ऐसा सपनों का कोई मतलब नहीं है, लेकिन एक साधारण इंसान यदि टाटा और अंबानी जैसा अमीर बनने का सपना देखता है, तो इसमें कुछ ग़लत नहीं है. कभी एक मामूली सी नौकरी करने वाले धीरूभाई अंबानी जब करोड़ों की कंपनी खड़ी कर सकते हैं, तो आप क्यों नहीं?

पूरा करने के लिए देखें सपने
एक बार पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने कहा था ‘सपने सच होने के लिए ज़रूरी है कि पहले आप सपने तो देखें.’ उनकी बात सौ फीसदी सच है. जब तक आप घर ख़रीदने, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, पत्रकार या कुछ और बनने का सपना ही नहीं देखेंगे, तो इस दिशा में प्रयास कैसे करेंगें? जब तक आप किसी चीज़ के बारे में सोचेंगे ही नहीं, तो उसे हासिल करने की तरक़ीब कैसे निकालेंगे? जीवन में क़ामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने के लिए पहले सपने देखिए फिर पूरी शिद्दत, ईमानदारी और लगन से उसे पूरा करने की कोशिश में जुट जाइए. फिर देखिए ‘सपने भी कहीं सच होते हैं?’ वाली आपकी ये सोच कैसे बदल जाती है.

हार कर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं! (How To Overcome Failure)

How To Overcome Failure

हार कर जीतने वाले को बाज़ीगर कहते हैं! शाहरुख़ ख़ान की फिल्म बाज़ीगर का ये डायलॉग यूं ही मशहूर नहीं हो गया. इस डायलॉग में जीवन का सार छुपा है. जब हम हार से हारते नहीं, लगातार जीतने की कोशिश करते रहते हैं, तो हमारी जीत निश्‍चित होती है. हम तब तक नहीं हारते, जब तक हम हार नहीं मान लेते.

How To Overcome Failure

 

सुपरस्टार भी हारते हैं
सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ ख़ान से लेकर उद्योग जगत के बादशाह टाटा और बिड़ला तक सबने एक ही प्रयास में सफलता का स्वाद नहीं चखा, बल्कि हर बार हारने पर दुगुने जोश से आगे बढ़कर आज वो क़ामयाबी की बुलंदियों पर हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन बार-बार चुनाव हारते रहे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आख़िरकार 52 वर्ष की उम्र में राष्ट्रपति का पद हासिल किया. कहने का अर्थ है कि आपकी हार में जीत का रास्ता छुपा होता है. ज़रूरत है तो बस उसे पहचानने की.

हार को जीत में बदलें
परिक्षा या प्यार में असफल हो जाने, नौकरी न मिलने और ऑफिस में कोई प्रॉजेक्ट हाथ से निकल जाने पर आप मायूस हो जाते हैं, लेकिन क्या मायूस होने से आपकी हार जीत में बदल सकती है? नहीं, क्योंकि कमान से निकला तीर और जुबान से निकले शब्द की ही तरह बीता व़क़्त भी लौटकर नहीं आता. आप अपने बीते कल को तो नहीं बदल सकते, लेकिन हार में छुपी जीते के अवसर को पहचानकर आप आने वाले कल को ज़रूर संवार सकते हैं.

यह भी पढ़ें: इसलिए सिखाएं बच्चों को हेल्दी कॉम्पटीशन

 

क्योंकि हारना ज़रूरी है
अगर आपको पता ही न हो कि कड़वाहट क्या होती है तो क्या आप कभी मिठास का असली म़जा ले सकते हैं? नहीं न, उसी तरह जब तक आप असफलता का स्वाद नहीं चख लेते, तब तक आपको सफलता के असली मायने समझ नहीं आएंगे. जिस तरह दुख के बाद मिली ख़ुशी अनमोल होती है, उसी तरह हार के बाद मिली जीत का कोई मोल नहीं होता. बार-बार प्रयास करके हासिल की गई चीज़ की अहमियत एक बार प्रयास करने पर मिली चीज़ से कहीं ़ज़्यादा होती है. हार के रूप में मिली ठोकरें हमें मज़बूत बनाती हैं, इसलिए इसे सकारात्मक रूप में लें.

हार से लें सबक
हार के आगे नतमस्तक होने की बजाय उसे एक सीख की तरह लें. एक बार यह जानने की कोशिश करें कि आख़िर आप हारे क्यों? क्या आपके प्रयासों में कहीं कोई कमी रह गई थी? अगर हां, तो अगली बार उसे दुुगुनी मेहनत से उन्हें सुधारने की कोशिश करें. और अगर नहीं, तो भी उदास न हों, बल्कि एक नए जोश से फिर आगे बढ़ने की कोशिश करें. हो सकता है, इससे बेहतर मौक़ा आपका इंतज़ार कर रहा हो. एक बात हमेशा याद रखें कि गिरते वही हैं जो आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं.

यह भी पढ़ें: ख़ुश रहना है तो सीखें ये 10 बातें 

इसलिए सिखाएं बच्चों को हेल्दी कॉम्पटीशन (Why Healthy Competition Is Good For Kids)

Why Healthy Competition Is Good For Kids

कॉम्पटीशन दो तरह की होती है- पॉज़िटिव और निगेटिव. पॉज़िटिव कॉम्पटीशन में इंसान ख़ुद को अपने प्रतिस्पर्धी से आगे ले जाने के लिए जीतोड़ मेहनत करता है और उससे आगे निकल जाता है. इसे हेल्दी कॉम्पटीशन कहते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो ख़ुद तो कुछ नहीं करते, लेकिन दूसरों को भी आगे नहीं बढ़ने देते. ऐसे लोग अपने से क़ामयाब लोगों की बुराई करते रहते हैं, उनके काम में रुकावट डालने की कोशिश करते रहते हैं. ऐसे लोग न ख़ुद आगे बढ़ पाते हैं और न ही दूसरों को आगे बढ़ता देख सकते हैं. ऐसे लोग अपने आसपास स़िर्फ निगेटिविटी ही फैलाते हैं. अत: सभी पैरेंट्स के लिए ये बेहद ज़रूरी है कि वे अपने बच्चों को हेल्दी कॉम्पटीशन सिखाएं, ताकि उनके बच्चे अपने दम पर आगे बढ़ें और क़ामयाबी हासिल करें.

Why Healthy Competition Is Good For Kids

बचपन से सिखाएं ये आदत
कई बच्चे जब खेल में हारने लगते हैं, तो गेम छोड़कर चले जाते हैं या फिर अपने दोस्तों से झगड़ने लगते हैं. ख़ुद चीटिंग करने के बावजूद वो दोस्तों पर इसका इल्ज़ाम लगाते हैं. ऐसे बच्चों को दूसरे बच्चे गेम में शामिल नहीं करना चाहते, जिससे उनके दोस्त भी नहीं बन पाते. उससे भी बड़ी समस्या ये है कि ऐसे बच्चे आगे चलकर कॉम्पटीशन का प्रेशर नहीं झेल पाते. अत: पैरेंट्स को चाहिए कि वे छोटी उम्र से ही अपने बच्चों को हेल्दी कॉम्पटीशन के बारे में सिखाएं. उन्हें बताएं कि गेम में जीत-हार तो लगी रहती है. आज आपका दोस्त जीता है, कल आप जीत सकते हैं, लेकिन गेम में आगे रहने के लिए आपको हमेशा मेहनत करनी होगी. तभी आप हमेशा गेम में आगे रह सकते हैं. ऐसा ही उसे पढ़ाई के बारे में भी बताएं कि अच्छे नंबर लाने के लिए उसे हमेशा ज़्यादा मेहनत करनी होगी.

ज़रूरी है हेल्दी कॉम्पटीशन
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हाईप्रोफाइल लाइफ़ स्टाइल की चाहत ने लोगों की प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी बढ़ा दिया है. हर कोई एक-दूसरे से बेहतर जीवन शैली चाहता है और इस चाहत को पूरा करने के चक्कर में लोग सामने वाले के पैर खींचकर आगे बढ़ने से भी परहेज नहीं करते. जबकि प्रतिस्पर्धा का मतलब दूसरों को पीछे खींचना नहीं, बल्कि ख़ुद आगे बढ़ना होता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा सही मायने में और अपने दम पर क़ामयाबी पाए, तो उसे अभी से हेल्दी कॉम्पटीशन का महत्व और उसके गुण सिखाएं.

हर मोड़ पर है कॉम्पटीशन
आज के दौर में बिना कॉम्पटीशन के जीवन के किसी क्षेत्र मेें आगे बढ़ने की कल्पना ही नहीं की जा सकती. स्कूल-कॉलेज से लेकर ऑफिस तक इसका दायरा बहुत बड़ा है. स्कूल-कॉलेज में छात्रों के बीच एक-दूसरे से अच्छे नंबर लाने की होड़ लगी रहती है, तो ऑफिस में दूसरों को नीचा दिखाकर ख़ुद को श्रेष्ठ साबित करने वालों की तादाद ज़्यादा होती है. प्रतिस्पर्धा अगर ईमानदारी से की जाए तो इससे काम की गुणवत्ता सुधरती है, क्योंकि अपने सहकर्मी को अच्छा काम करता देखकर दूसरा व्यक्ति भी उससे आगे बढ़ने के लिए अपने काम में सुधार करेगा. लेकिन प्रतिस्पर्धा में अगर ईमानदारी न हो, तो इसका परिणाम हमेशा नकारात्मक ही होता है. अत: अपने बच्चे को सिखाएं कि अच्छे नंबर लाने या खेल में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उसे अपने सहपाठियों से ज़्यादा मेहनत करनी होगी, तभी वो उनसे आगे बढ़ सकता है.

यह भी पढ़ें: कहीं आपको भी तनाव का संक्रमण तो नहीं हुआ है?

आगे बढ़ने का भाव
अपने बच्चे को सिखाएं कि ज़िंदगी में किसी क़ामयाब इंसान को देखकर उसकी तरह बनने या उससे आगे बढ़ने की बात सोचने में कोई हर्ज़ नहीं है. अपने सहपाठी से आगे बढ़ने के लिए अगर आप जी तोड़ मेहनत करते हैं, तो उसमें भी कुछ ग़लत नहीं है, क्योंकि ये सब आप अपनी तरक़्क़ी के लिए कर रहे हैं. लेकिन आप अगर किसी को पीछे धकेल कर या किसी को नीचे गिराकर आगे बढ़ रहे हैं, तो ये प्रतिस्पर्धा की श्रेणी में कतई नहीं आएगा. अपने बच्चे को यह भी समझाएं कि ग़लत तरी़के से मिली क़ायमाबी की उम्र ज़्यादा लंबी नहीं होती इसलिए हमेशा ख़ुद को बेहतर बनाने का प्रयास करते रहना चाहिए और इसके हमेशा मेहनत करनी चाहिए.

नफ़रत या ईर्ष्या का भाव
कई बार आपका बच्चा भी अपने दोस्त को पढ़ाई या खेल में उससे आगे बढ़ते देख निराश हो जाता होगा, ऐसा भी हो सकता है कि आपके बच्चे में अपने दोस्त को लेकर जलन या ईर्ष्या की भावना आ जाए. ऐसा होना स्वाभाविक है, क्योंकि हर कोई आगे बढ़ना चाहता है और ख़ुद को दूसरों से बेहतर साबित करना चाहता है. यदि आपका बच्चा भी ऐसा सोचता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है. ऐसी स्थिति में अपने बच्चे को सिखाएं कि सफलता की राह में आगे बढ़ने के लिए वो अपने प्रतिस्पर्धी भाव को जीवित रखते हुए सच्चे दिल व पूरी लगन से अपना काम करता रहे. पढ़ाई या खेल में आगे बढ़ने के लिए जी-जान से मेहनत करे. ऐसा करके जल्दी ही वो अपने दोस्त से आगे निकल सकता है. अपने बच्चे को सिखाएं कि दिल से की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती. देर से ही सही, मेहनत का फल अवश्य मिलता है.

यह भी पढ़ें: ख़ुश रहना है तो सीखें ये 10 बातें 

ख़ुद पर भरोसा रखें (Trust YourSelf)

Trust YourSelf

क्या आपके अंदर अचानक निराशा जन्म लेने लगी है? आपका आत्मविश्‍वास कम होता जा रहा है? आपको मन चाही सफलता नहीं मिल पा रही है? क्या आप अपने आपको लूज़र मानने लगे हैं? अगर ऐसा है, तो आप लो सेल्फइस्टीम के शिकार हो रहे हैं. यह एक मानसिक बीमारी है. यह धीरे-धीरे आपका आत्मविश्‍वास डिगाकर आपके अंदर इनफिरिऑरिटी कॉम्प्लेक्स पैदा कर सकती है. इसलिए समय रहते इस स्टेट ऑफ माइंड से निकलने की कोशिश करें. यक़ीन मानें, आप चाहेंगे तो इससे ज़रूर निकल जाएंगे.

Trust YourSelfइंसान की सेहत उसकी सबसे बडी दौलत है, संतोष उसका सबसे बड़ा ख़ज़ाना है और आत्मविश्‍वास उसका सबसे अच्छा दोस्त है. लिहाज़ा, इन तीनों को कभी अपने से दूर मत होने दीजिए. बस शांत मन से कोशिश जारी रखिए. इतना ही नहीं, आप अपनी अब तक की गई तमाम कोशिशों का मूल्यांकन भी करिए और यह पता लगाइए कि किन-किन वजहों से आप आशातीत सफलता हासिल करने से वंचित रह गए. एक बात शत-प्रतिशत सच है कि कहीं न कहीं आपसे चूक हुई है, इसलिए आप अपने समकालीन लोगों से पिछड़ गए. उस चूक को स्वीकार करके उसे दूर कीजिए. हर भूल को सुधारने की कोशिश कीजिए. भूल को सोर्स ऑफ इंसपिरेशन बनाइए न कि बाधा. यक़ीन मानिए, अगर आप अपना आत्मविश्‍वास नहीं खोएंगे तो सफलता आपके चरण चूमेगी.
यह सर्वविदित हो चुका है कि असफलता एक गंभीर बीमारी की तरह है. इस बीमारी से जो भी एक बार ग्रसित हुआ, वह जल्दी उबर नहीं पाता. इसीलिए पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी असफलता को एक बीमारी मानते थे और कहा करते थे कि आत्मविश्‍वास और कठिन परिश्रम असफलता रूपी इस बीमारी को मारने के लिए सर्वोत्तम औषधि है. उनके कहने का मतलब है कि अगर आपको अपने ऊपर भरोसा है, यानी आप आत्मविश्‍वास से भरे हैं, तो आप कठिन परिश्रम करने से बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे.जब आप कठिन परिश्रम करेंगे, तो ज़ाहिर है आप सफल होंगे.

यह भी पढ़ें: कितने दानी हैं आप?

कह सकते हैं कि आत्मविश्‍वास जीवन का आधार है. अगर इसमें कमी हो रही है, तो इसका मतलब है कि आपके जीवन का आधार ही हिल गया है. किसी में कितना ही बड़ा गुण क्यों ना हो, अगर उसका आत्मविश्वास एक बार डिग गया तो वह गुमनामी की ज़िंदगी जीने को मजबूर हो जाता है. जीवन में सफलता पाने के लिए हर कोई हर संभव कोशिश करता रहता है. जो जिस क्षेत्र है उसी में प्रयासरत है, जैसे- छात्र अच्छा करियर बनाने के लिए पढ़ाई में मेहनत करता है और अच्छे नंबर से पास होकर एक अच्छी नौकरी का अपना सपना पूरा करता है. इसी तरह खिलाङी खेल में बेस्ट प्रर्दशन करके सफलता हासिल करता है. ऐसे ही हर कोई अपने-अपने क्षेत्रों में अपना बेस्ट देने का प्रयास करता है.

मनचाही सफलता बहुत कम लोगों को मिलती है या कह सकते हैं कि मन के मुताबिक़ कामयाबी उन्हीं लोगों को मिलती है, जो स्ट्रगल के समय अपना आत्मविश्‍वास नहीं खोते. मुसीबत और बाधाएं हर किसी के जीवन में आती हैं, जिससे उत्साह में कमी आ ही जाती है. इस तरह की परिस्थितियों में आत्मविश्‍वास उत्साह को बढ़ाता है और उसका परिणाम कामयाबी के रूप में मिलता है. स्वामी विवेकानंद जी कहते हैं, ”जिसमें आत्मविश्‍वास नही उसमें अन्य चीजों के प्रति कैसे विश्‍वास हो सकता है? आप कभी कमज़ोर न पड़ें. अपने आपको शक्तिशाली बनाओ. आपके भीतर अनंत शक्ति है, जो आपके हर काम को आसान कर देगी. बस, आपको अपना आत्मविश्‍वास बनाए रखना है.”
जीवन में किसी भी समस्या का हल न हो, ऐसा बिल्कुल नहीं है. जीवन की कई कमियां तो सकारात्मक विचारों से ही पूरी हो जाती हैं. दरअसल, आत्मविश्‍वास की कमी तब होती हैं, जब हम किसी बात से डरते हैं या ये मानने लगते हैं कि वह हमारे अंदर नहीं है. इन दोनों ही वजहों से उबरना आपके अपने हाथ में है. इसीलिए कई मनोचिकित्सक कहते हैं कि आत्मविश्‍वास बढ़ाने के लिए सबसे पहले ख़ुद पर यक़ीन करना सीखें. अपनी कमी को पूरा करने की कोशिश करें. अगर आप बहुत ज़्यादा सफल न हों तो भी बिल्कुल न डरे. यह प्रकृति का ही नियम है कि हर आदमी सभी कार्यों के लिए नहीं बना होता. इसलिए आपने कोशिश की, यही सबसे बड़ी जीत है.

यह भी पढ़ें: ऑल राउंडर नहीं, एक्सपर्ट कहलाते हैं नंबर 1

सुविचार- Inspirational Quotes

सुविचार- Inspirational Quotes

सुविचार- Inspirational Quotes – Quote of the day

सुविचार- Inspirational Quotes

यह भी पढ़ें: सुविचार- Inspirational Quotes

रोचक और दिलचस्प शायरी के लिए यहां क्लिक करें: Shayeri