positive

अभिनेत्री नताशा सूरी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है. उन्हें इस बात का बेहद दुख है कि वह 14 अगस्त को मैक्स प्लेयर पर रिलीज होनेवाली उनकी फिल्म ‘डेंजरस’ का प्रमोशन अब नहीं कर पाएंगी. नताशा के साथ इस फिल्म में बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर भी मुख्य भूमिका में हैं. लंबे अरसे के बाद दोनों साथ दिखाई देंगे.
नताशा का यह मानना है कि वे पुणे से संक्रमित हुई हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले ज़रूरी काम से वे पुणे गई थीं. शायद वहीं से उन्हें इस वायरस ने अपनी चपेट में लिया. उन्हें अपनी दादी और बहन की भी चिंता होने लगी है, जो उनके साथ रहती हैं. अब वे उनका भी कोरोना टेस्ट करवाने वाली हैं.
बकौल उनके जब वे पुणे से आई थीं, तब उन्हें हल्का-सा बुखार, गले में खराश और थकान-सी थी. तीन दिन पहले उन्होंने अपना Covid-19 का टेस्ट करवाया, जो पॉजिटिव निकला. उन्हें इस बात का बेहद अफ़सोस है कि कल से डेंजरस फिल्म के प्रमोशन शुरू हो जाएंगे, जिसमें वे बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर के साथ हिस्सा लेनेवाली थी, जो अब ऐसा नहीं कर पाएंगी. उन्हें इस फिल्म के प्रमोशन का बेसब्री से इंतज़ार था, जिसे लेकर काफ़ी उत्साहित थीं, पर अब ऐसा नहीं हो पाएंगी.
नताशा दवाइयों के साथ इम्यूनिटी बूस्टर भी ले रही हैं. उन्हें काफ़ी कमज़ोरी भी महसूस हो रही है. फ़िलहाल होम क्वारंटाइन होकर अपनी देखभाल कर रही हैं. वे चाहती हैं कि जल्द-से-जल्द ठीक हो जाएं, ताकि आगे के प्रोजेक्ट पर काम कर सकें.
नताशा ने की पहली फिल्म साल 2016 में ‘किंग लायर’ आई थी, जो मलयालम में थी. वे मिस वर्ल्ड इंडिया भी रह चुकी हैं.

डिप्रेशन के संकेत यदि वक़्त रहते समझ आ जाएं, तो इससे बहुत आसानी से बचा जा सकता है. यदि आपके घर में या आपके आसपास कोई व्यक्ति आपको डिप्रेस्ड दिखाई दे, तो खुद आगे बढ़कर उसकी मदद करें, उसके साथ वक़्त बिताएं, उसकी समस्या को समझने की कोशिश करें, उसे डिप्रेशन से बाहर निकलने में मदद करें. यदि इतना सब करने के बाद भी कोई सकारात्मक परिवर्तन न दिखाई दे, तो एक्सपर्ट की मदद लें. डिप्रेशन एक ऐसी नकारात्मक भावना है, जो व्यक्ति के जीवन से सारी खुशियां छीन लेती है. ऐसे व्यक्ति को जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं लगता, कई बार तो उसकी जीने की इच्छा भी ख़त्म हो जाती है. ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी बता रही हैं डिप्रेशन को खुद से दूर करने के आसान और असरदार उपाय.

Depression

क्या हैं डिप्रेशन के कारण?
यदि किसी व्यक्ति के परिवार में अचानक किसी की मृत्यु हो जाए, किसी को बिज़नेस में बहुत बड़ा लॉस हो जाए, किसी की शादी टूट जाए… ऐसी कोई भी बात या घटना, जिसे आप चाहकर भी भूल नहीं पाते या जिसे सहन करना आपके लिए मुश्किल हो जाए, छह महीने बाद भी आप उस चीज़ को भूल न पाएं और आपका किसी चीज़ में मन न लगे, तो समझ जाइए कि ये डिप्रेशन है.

यह भी पढ़ें: तनाव दूर करके मन को शांत रखते हैं ये 4 योगासन (4 Yoga Poses For Stress Relief)

क्या हैं डिप्रेशन के लक्षण?
डिप्रेशन की शुरुआत में चीज़ों में रुचि कम होने लगती है, फिर आप लोगों से कटने लगते हैं, सामाजिक समारोहों में जाने से कतराते हैं, घर से बाहर नहीं निकलना चाहते, आपका किसी काम में मन नहीं लगता, आप बहुत ज़्यादा सोने लगते हैं, आपका खाने का मन नहीं करता. जब ये स्थिति छह महीने बाद भी नहीं बदलती, तो मन में आत्महत्या के ख़्याल आने लगते हैं, जीने की रूचि ख़त्म होने लगती है.

डिप्रेशन को खुद से दूर करने के आसान और असरदार उपाय जानने के लिए देखें लाइफ कोच हित्ती रंगनानी का ये वीडियो:

आसान है डिप्रेशन को हराना
डिप्रेशन से बाहर निकलने के लिए सबसे ज़रूरी है किसी अपने का साथ, जिससे आप अपने मन की हर बात शेयर कर सकें, इसलिए अपने करीबी दोस्त या घर के करीबी सदस्य से अपने मन की बात शेयर करें. साथ ही अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करें. नियमित एक्सरसाइज़, योग, ध्यान, सही आहार, पूरी नींद आदि से आप डिप्रेशन से बाहर निकल सकते हैं. यदि इतना सब करने के बाद भी कोई सकारात्मक परिवर्तन न दिखाई दे, तो एक्सपर्ट की मदद लें.

Happy

सीखें ख़ुश रहने के 10 मंत्र

आज की लाइफस्टाइल में खुश रहना भी किसी चुनौती से कम नहीं, पर इन टिप्स को आज़माकर आप भी रह सकते हैं खुश और पॉज़िटिव

1 आप हैं तो सबकुछ है, इसलिए सबसे पहले ख़ुद से प्यार करना सीखें.

2 अगर आप ख़ुश हैं, तो आप दूसरों को भी ख़ुश रखते हैं. इसलिए अपनी ख़ुशियों को प्राथमिकता दें.

3 यदि आपको किसी से कुछ कहना है, तो कह दीजिए, क्योंकि कह देने से मन हल्का हो जाता है. यदि आप मन की बात कह नहीं सकते, तो उसे काग़ज़ पर लिख दीजिए, ऐसा करने से भी आप हल्का महसूस करेंगे.

4 रिश्ते अनमोल होते हैं, इसलिए अपने रिश्तों की क़द्र करें और उन्हें पर्याप्त समय दें.

5 दोस्तों के साथ हम सबसे ज़्यादा ख़ुश रहते हैं, इसलिए दोस्तों के साथ समय गुज़ारें.

6 किसी भी मनमुटाव को मन में रखने से मन भारी हो जाता है और तनाव बढ़ जाता है, ख़ुश रहने के लिए माफ़ करना सीखें.

7 आपकी उम्र चाहे जो होे, अपने भीतर के बच्चे को कभी बड़ा न होने दें. उसे शरारतें करने दें, तभी आप ज़िंदगी की असली ख़ुशी महसूस कर सकेंगे.

8 आप चाहे कितने ही बिज़ी क्यों न हों, अपने शौक़ के लिए समय ज़रूर निकालें. इससे आपको कभी बोरियत नहीं महसूस होगी और आप ज़िंदगी से हमेशा प्यार करेंगे.

9 ख़ुशी पाने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी देने से संतुष्टि मिलती है, इसलिए जीवन में ऐसे काम ज़रूर करें जिनसे आप दूसरों के चेहरे पर ख़ुशी बिखेर सकें.

10 स्वस्थ और फिट रहें, क्योंकि बीमार शरीर कभी ख़ुश नहीं  रह सकता.

– वंशज विनय

यह भी पढ़ें: कल कभी नहीं आता (Tomorrow Never Comes)

यह भी पढ़ें: सफलता के 10 सूत्र (10 Ways To Achieve Your Dream)

आपके साथ भी ऐसा कई बार हुआ होगा जब आपने जाने-अनजाने अपने पैरेंट्स, पार्टनर या क़रीबी दोस्तों का दिल दुखाया होगा. उस समय ग़ुस्से में आपने उन्हें भला-बुरा कह तो दिया होगा, लेकिन बाद में पछताए होंगे कि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था. क्या आप अपने ऐसे व्यवहार या हरक़तों को बदल सकते हैं? बेशक, आप अपने दिमाग़ को अपनी भावनाओं पर कंट्रोल करना सिखा सकते हैं, ताकि आगे से आपकी ज़ुबान से ऐसा कोई वाक्य न निकले, जिसके लिए आपको बाद में पछताना पड़े. हां, इसके लिए आपको थोड़ी प्रैक्टिस ज़रूर करनी पड़ेगी.

How Emotionally Intelligent Are You

तलाशें नए रंग
रोज़ सुबह ये कल्पना करें कि आपका मन एक कोरी क़िताब है, जिस पर आपको स़िर्फ अच्छी बातें लिखनी हैं. अपनी कल्पनाओं के रंग भरने हैं. अब तक आपने या दूसरों ने जो भी बुरी बातें कहीं या सुनी, उन्हें आप अपने मन की क़िताब से मिटा देंगे और उनकी जगह ढेर सारी नई, अनोखी, दिलचस्प बातें लिखेंगे. यक़ीन मानिए, आपके ये पॉज़िटिव विचार आपके व्यवहार में भी झलकने लगेंगे. ऐसे में यदि कोई आपके सामने बुरा व्यवहार करता भी है, तो आप उसे अपने मन तक पहुंचने नहीं देंगे और हमेशा ख़ुश व एनर्जेटिक महसूस करेंगे.

कह दें मन की बात
जो लोग बीती बातों का बोझ मन में लिए फिरते हैं, उनके लिए मन को साफ़ रखना आसान नहीं होता. अतः किसी से भी कोई शिकवा-गिला हो तो उसे बातचीत द्वारा सुलझा लें, ताकि आपके मन में कोई ऐसी बात न रह जाए, जिसे आप कह न पाए हों, क्योंकि मन की कड़ुवाहट ही कई बार जाने-अनजाने ज़ुबान से आ जाती है. वैसे भी कह देने से मन हल्का हो जाता है.

यह भी पढ़ें: हार कर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं!

 

जब आए ग़ुस्सा
शॉपिंग करते समय यदि बच्चे ग़ैर ज़रूरी चीज़ के लिए ज़िद करने लगें, पति महोदय हमेशा की तरह बच्चे के स्कूल की पैंरेट्स टीचर्स मीटिंग में जाने से इनकार कर दें या फिर ऑफ़िस से थक कर आने पर सासू मां घर के कामों की लंबी लिस्ट थमा दें, तो आपको ग़ुस्सा आना लाज़मी है. ऐसी स्थिति में भी अपने ग़ुस्से पर कंट्रोल रख पाना ही इमोशनली इंटेलिजेंट होना है. आप अपनी भावनाओं पर जितना कंट्रोल रख पाएंगी, विपरीत स्थितियों से उतनी ही आसानी से निकल पाएंगी.

समाधान आसान है
ग़ुस्सा करने से पहले सोचें कि क्या इस स्थिति में आपका ग़ुस्सा करना वाजिब है? क्या आपके ग़ुस्सा करने से स्थिति सुधर जाएगी? ग़ुस्सा करने के अलावा आपके पास और क्या विकल्प है? हो सकता है, पति के साथ प्यार से बातचीत करके आप उन्हें अगली बार बच्चे की पैंरेट्स टीचर्स मीटिंग में जाने के लिए तैयार कर दें. इसी तरह सास व बच्चों को भी प्यार से अपने मन की बात समझा सकें.

हमारी नैतिक प्रकृति जितनी उन्नत होती है, उतना ही उच्च हमारा प्रत्यक्ष अनुभव होता है और उतनी ही हमारी इच्छा शक्ति अधिक बलवती होती है.
– स्वामी विवेकानंद

यह भी पढ़ें: इसलिए सिखाएं बच्चों को हेल्दी कॉम्पटीशन

Vastu Tips to bring Positive energy

जहां सकारात्मक ऊर्जा मौजूद होती है, वहां का माहौल भी ख़ुशनुमा बना रहता है. ऐसे में अपने बेडरूम को ख़ुशियों से भरने के लिए क्या करें कि बेडरूम में सकारात्मक ऊर्जा भर जाए? आइए, हम बताते हैं.

बेडरूम की दिशा
कोशिश करें कि आपका मास्टर बेड दक्षिण दिशा में हो. इससे बेडरूम सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होगा और सौभाग्य की प्राप्ति होगी.
बेडरूम का दरवाज़ा
इस बात का ध्यान रहे कि बेडरूम में प्रवेश करने के लिए एक से अधिक दरवाज़े न हों. हालांकि ऐसा बहुत कम होता है, मगर तब भी इस ओर विशेष ध्यान दें.
बचें अवरोध से
बेडरूम में इस तरह से सामान सेट करें कि दरवाज़ा और खिड़की आसानी से खुले और बंद हो सके. किसी तरह की कोई रुकावट न हो. ऐसा होने से कमरे में सकारात्मक ऊर्जा आसानी से प्रवेश करती है.
पर्याप्त रोशनी
रोज़ाना सुबह के वक़्त और रात होने से पहले 15 से 20 मिनट के लिए बेडरूम का दरवाज़ा और खिड़की खुला रखें ताकि घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और ताज़ी हवा का संचार हो सके.
बेडरूम की सफ़ाई
बेडरूम की सजावट से ज़्यादा सफ़ाई पर ध्यान दें. बिखरी पड़ी चीज़ों को एक ओर समेटकर रखें. नियमित झाड़ू-पोंछा लगाएं. गंदगी से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है.
बेडरूम में बेड
बेडरूम में बेड को किसी भी दीवार से सटाकर न रखें. वास्तु के अनुसार बेड की ये स्थिति अशुभ का प्रतीक मानी जाती है.
सीनरी या पेंटिंग
बेडरूम के दरवाज़े के ठीक सामने सुंदर-सी सीनरी या पेंटिंग लगाएं. जिसे देखकर सुखद एहसास हो. मायूस या दुख से भरी तस्वीरें दीवारों पर न लगाएं.
बेडरूम न खाएं खाना
बेडरूम में लंच या डिनर करने की ग़लती न करें, ख़ासकर बेड पर. ऐसा करने से न स़िर्फ बेडरूम में गंदगी फैलती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा भी आकर्षित होती है.
समय बिताएं बेडरूम में
स़िर्फ सोने के लिए ही बेडरूम की ओर रूख़ न करें, बल्कि बाकी चीज़ें, जैसे- लिखने-पढ़ने, म्यूज़िक सुनने आदि के लिए भी बेडरूम में जाएं यानी सकारात्मकता के लिए ज़्यादा से ज़्यादा समय बेडरूम में बिताएं.

यह भी पढ़ें: धन प्राप्ति के लिए 25 Effective वास्तु टिप्स 

Vastu Tips to bring Positive energy

रखें इन बातों का भी ध्यान

* डबल बेड पर दो अलग-अलग गद्दे न बिछाएं. एक ही गद्दा बिछाएं. हो सके तो तकिया भी शेयर करें. इससे पति-पत्नी के रिश्ते मज़बूत होते हैं.

* रात में सोते वक़्त सिर दक्षिण दिशा की ओर करके सोएं. भूल से भी उत्तर दिशा की ओर सिर या दक्षिण दिशा की ओर पैर न करें. ये अशुभ माना    जाता है.

* पानी या पानी से बने शो पीसेस, जैसे- वॉटर डेकोरेटिव आइटम्स, फाउंटेन, वॉटर फॉल पेंटिंग/सीनर आदि बेडरूम में न रखें. ये पति-पत्नी के बीच  झगड़े की वजह बन सकता है.

* बेडरूम में टीवी रखने की भूल न करें. अगर आप टीवी देखने के शौक़ीन हैं और हटाना नहीं चाहते, तो इसे ढंक दें, मगर ढंकने के लिए कपड़े की बजाय  प्लास्टिक कवर का इस्तेमाल करें.

* इसी तरह बेडरूम के ठीक सामने आईना न हो, इस बात का भी ध्यान रखें. साथ ही साथ बेडरूम में मौजूद बाकी आईने को भी ढंक कर रखें.

* सिलिंग को जोड़ने वाले पिलर के नीचे न सोएं. ये न स़िर्फ आपके बीच होने वाले झगड़े की वजह बन सकता है, बल्कि आप दोनों को एक-दूसरे से  अलग भी कर सकता है.

यह भी पढ़ें: फेंगशुई के इन लकी चार्म से दूर करें निगेटिव एनर्जी

वास्तु और फेंगशुई के अन्य लेखों के लिए यहां क्लिक करें: Vastu and Fengshui

सुविचार – quote of the day

सुविचार सुविचार सुविचार

 

आज का सुविचार- Quote Of The Day

Inspirational Quotes

Inspirational Quotes

Inspirational Quotes

घर की पॉज़ीटिव व निगेटिव एनर्जी का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. पॉज़ीटिव एनर्जी जहां हमें ऊर्जावान बनाने के साथ-साथ चुस्त-दुरुस्त बनाए रखती है, वहीं निगेटिव एनर्जी से घर में तनाव का माहौल बना रहता है और वहां रहनेवालों की तबीयत भी ख़राब रहती है. पर कुछ छोटे-छोटे बदलावों से आप घर की निगेटिव एनर्जी को दूर कर पॉज़ीटिव एनर्जी ला सकते हैं.

5

बेसिक टिप्स

* पॉज़ीटिव एनर्जी को आकर्षित करने के लिए सबसे ज़रूरी है, घर को साफ़-सुथरा व व्यवस्थित रखना, क्योंकि कबाड़, पुराना सामान और टूटी-फूटी  चीज़ें निगेटिव एनर्जी पैदा करती हैं.

* हर हफ़्ते या 15 दिन में पूरे घर की सफ़ाई करें. घर में धूल-मिट्टी इकट्ठा न होने दें.

* पॉज़ीटिव एनर्जी को फ्लो होने के लिए खाली जगह की ज़रूरत होती है, इसलिए घर में खुली जगह बनाएं, ताकि पॉज़ीटिव एनर्जी ज़्यादा से ज़्यादा घर  में आ सके.

* घर की खिड़कियां खुली रखें, ताकि ताज़ी हवा के साथ-साथ पॉज़ीटिव एनर्जी भी घर में आ सके.

* भले ही आपको पुरानी चीज़ें इकट्ठा करने का शौक़ है, फिर भी ज़रूरत की चीज़ें रखकर ग़ैरज़रूरी पुरानी रद्दी और मैग्ज़ीन को समय-समय पर  निकालते रहें.

* फर्नीचर को री-अरेंज करें. फर्नीचर एक जगह से दूसरी जगह खिसकाने से वहां पर जमा निगेटिव एनर्जी बिखरकर बाहर निकल जाती है.

* घर में इनडोर प्लांट्स और बालकनी में रंग-बिरंगे फूलोंवाले प्लांट्स लगाएं. प्लांट्स घर में कलर, ऑक्सीजन, ताज़ी हवा और पॉज़ीटिव एनर्जी
बढ़ाते हैं.

* घर में टॉक्सिक और केमिकलयुक्त चीज़ों की बजाय इको-फ्रेंडली, नॉन-टॉक्सिक और होममेड सोल्यूशन्स का  इस्तेमाल करें.

* ज़्यादा से ज़्यादा प्राकृतिक चीज़ों का इस्तेमाल करें. कोशिश करें कि ज़्यादातर चीज़ों को रिसाइकल कर इस्तेमाल करें.

* बैम्बू, कॉर्क, हार्डवुड जैसे प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करें. फ्लोरिंग के लिए नेचुरल फाइबर कारपेट बेहतरीन माना जाता है.

* पेंट में मौजूद वोलाटाइल ऑर्गैनिक कम्पाउंड्स (वीओसी) जैसे टॉक्सिक तत्वों के कारण सिरदर्द, एलर्जी और पाचन संबंधी समस्याएं घेर लेती हैं.  इसलिए घर को टॉक्सिन फ्री रखने के लिए लो वीओसी वाले पेन्ट्स, ग्लू, फिनिशेज़ का इस्तेमाल करें.

* लाइटिंग आपके घर की एनर्जी को काफ़ी हद तक प्रभावित करती है. जहां घर में मौजूद सही रोशनी से आप ऊर्जावान महसूस करते हैं, वहीं हल्की या  डिम लाइट आपको डल व डिप्रेस्ड फील कराती है.

* घर में सही लाइटिंग अरेंजमेंट करें. सीएफएल की बजाय एलईडी लाइट्स इस्तेमाल करें. सीएफएल लाइट्स में मौजूद टॉक्सिक तत्व हमारे स्वास्थ्य  और पर्यावरण दोनों के लिए ख़तरनाक साबित हो सकते हैं.

* ख़ुशबू घर में मौजूद निगेटिव एनर्जी को ख़त्म कर पॉज़ीटिव एनर्जी पैदा करती है. इसलिए लैवेंडर, मिंट और नीलगिरी युक्त ख़ुशबूदार कैंडल्स हर  कमरे में जलाएं.

* लिविंग रूम में रोज़ाना ताज़े फूल लगाएं. फूल रंग, ख़ुशबू और पॉज़ीटिव एनर्जी को अट्रैक्ट करते हैं.

* धार्मिक कारणों के अलावा घरों में ख़ुशबूदार अगरबत्ती और धूप जलाने के पीछे पॉज़ीटिव एनर्जी बढ़ाने का ही उद्देश्य होता है.

* घर के हर कमरे में पांचों तत्वों से जुड़े रंग- काला, हरा, लाल, पीला और स़फेद ज़रूर रखें. ये आपकी शारीरिक एनर्जी को बैलेंस करते हैं और घर में  निगेटिव को हटाकर पॉज़ीटिव एनर्जी बैलेंस करते हैं.
* प्रकृति को क़रीब से देखकर हम अपने सारे दुख-दर्द भूल जाते हैं. अपने घर में भी प्रकृति की झलक लाने के लिए नेचर पेंटिंग्स लगाएं.

* मिरर्स एनर्जी को बढ़ाते हैं, इसलिए घर के उन हिस्सों में इन्हें लगाएं, जहां आप ज़्यादा एनर्जी क्रिएट करना चाहते हैं. इन्हें टॉयलेट या डस्टबिन के  सामने न लगाएं, वरना निगेटिव एनर्जी बढ़ेगी.

* घर में बाथरूम और टॉयलेट में सबसे ज़्यादा निगेटिव एनर्जी रहती है, इसलिए इन्हें हमेशा साफ़ रखने के साथ ही इनके दरवाज़े बंद रखें, ताकि  निगेटिव एनर्जी घर के बाकी हिस्सों में फैल न सके.

* घर का माहौल सौहार्दपूर्ण बनाए रखें, क्योंकि तनाव, झगड़े और अपशब्दों से निगेटिव एनर्जी पनपती और बढ़ती है.

* घर में रोज़ाना मंत्रों का उच्चारण घर में पॉज़ीटिव एनर्जी को बढ़ाता है.

* मेडिटेशन से घर में पावरफुल पॉज़ीटिव वाइब्रेशन्स बढ़ती हैं. मेडिटेशन के कई घंटों बाद भी उस स्थान पर पॉज़ीटिव एनर्जी बरकरार रहती है.

3

रंगों से लाएं पॉज़ीटिव एनर्जी आप रंगों के ज़रिए भी अपने घर में पॉज़ीटिव एनर्जी ला सकते हैं.

सफ़ेद: यह रंग स्वच्छता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए बेहद आसानी से पॉज़ीटिव एनर्जी अट्रैक्ट करता है. स़फेद रंग को पेंट के रूप में दीवारों पर या होम एक्सेसरीज़ में इस्तेमाल कर सकते हैं.

लाल: यह रंग पॉज़ीटिव एनर्जी के साथ-साथ सौभाग्य और सफलता को भी आकर्षित करता है, इसलिए दरवाज़े पर लाल फूलोंवाला कोई प्लांट लगाएं या फिर लाल तोरण या डोरमैट लगाएं. पेंट करना है, तो इसे आप लिविंग रूम, डाइनिंग रूम, किचन, जिम आदि में इस्तेमाल कर सकते हैं. यह बहुत पावरफुल कलर है, इसलिए इसे बेडरूम में इस्तेमाल न करें. अगर आपको एनीमिया है या फिर आप थके हुए या लो फील करते हैं, तो अपने कमरे में किसी हल्के रंग के साथ इसका प्रयोग करें.

ऑरेंज: इसे ऑप्टिमिस्टिक ऑरेंज भी कहते हैं, क्योंकि यह रंग घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. यह उत्साह-उमंग, प्रसन्नता और
उत्पादकता का प्रतीक है. ऑरेंज लाल और पीले रंग का मिश्रण है, इसलिए इन दोनों रंगों के गुण मौजूद होते हैं. यह आपको उत्साही व ज़िंदादिल बनाता है. आपके लिविंग रूम और बच्चों के प्ले ज़ोन के लिए यह एकदम सही चुनाव है.

पर्पल: घर के किसी कमरे में शांत व सुकूनभरा माहौल लाने के लिए आप पर्पल रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं. बेडरूम या मेडिटेशन रूम में यह रंग आपको शांति का एहसास कराता है. पर्पल के लाइट शेड्स लैवेंडर या वॉयलेट कलर्स से दीवारों को पेंट करें.

पिंक: यह रंग शांति, स्थिरता और निश्‍चिंतता का प्रतीक है. इतना ही नहीं, यह आपके माहौल में पॉज़ीटिव एनर्जी का संचार भी करता है. अगर आपको सोने में तकलीफ़ होती है, तो अपने बेडरूम को पिंक के लाइट शेड कलर से पेंट करें.

पीला: यह रंग सभी क्रियाओं का सेंटर माना जाता है, क्योंकि सूरज ब्रह्मांड का सेंटर और पॉज़ीटिव एनर्जी का सबसे बड़ा स्रोत है. इसके अलावा यह मूड लिफ्टिंग कलर भी माना जाता है. वैसे तो यह सभी कमरों के लिए बेहतरीन है, पर ज़्यादातर लोग इसे लिविंग रूम में लगाते हैं, ताकि वहां का माहौल हमेशा ख़ुशगवार रहे.

हरा: हरे रंग में हीलिंग पावर है. यह आपके स्ट्रेस को कम करने में भी आपकी मदद करता है. इसकी रेस्टफुल और बैलेंसिंग क्वालिटीज़ इसे लिविंग रूम और बेडरूम के लिए पॉप्युलर बनाती हैं.

नीला: यह निगेटिव इमोशन्स को कम करके आपको स्ट्रेस और टेंशन से बचाता है. अगर आपको बहुत ज़्यादा मूड स्विंग्स होते हैं, तो सभी दीवारों पर ब्लू न लगाएं. वैसे तो यह सभी कमरों के लिए उपयुक्त है, इसलिए इसे आप अपने किसी भी पसंदीदा कमरे में लगा सकते हैं.

एनर्जी बूस्टर टिप्स

* घर की निगेटिव एनर्जी को दूरकर पॉज़ीटिव एनर्जी लाने के लिए समुद्री नमक को एक बाउल में रखें या फिर एक बाल्टी पानी में 4-5 टेबलस्पून  नमक डालकर घर में पोंछा लगाएं.

* घंटी की आवाज़ निगेटिव एनर्जी को घर से दूरकर पॉज़ीटिव एनर्जी और वाइब्रेशन्स बढ़ाती है, जिससे घर में रहनेवालों का मूड हमेशा अच्छा
रहता है.

* निगेटिव एनर्जी के कारण भी अक्सर लोगों को सुकून की नींद नहीं आती. ऐसे में रात को सोते व़क्त एसेंशियल ऑयल युक्त कैंडल्स जलाएं. सुकूनभरी  नींद के साथ-साथ आपकी सुबह भी ख़ुशगवार होगी.

* म्यूज़िक में बहुत पॉज़ीटिव एनर्जी होती है, इसलिए दिन में 2-3 बार म्यूज़िकल सीडी प्ले करें और घर में पॉज़ीटिव एनर्जी बढ़ाएं.

– सुनीता सिंह