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शब्दों की शक्ति (Power Of Words)

Power Of Words

Power Of Words

हमारे दिल में किसी के लिए क्या भाव/विचार हैं उससे ज़्यादा मायने रखते हैं उसके लिए कहे हमारे शब्द. शब्दों की बहुत अहमियत होती है. आप किसी से बात करते समय कैसे बोलते हैं इससे न स़िर्फ आपके व्यक्तिव का पता चलता है, बल्कि सामने वाले पर भी उसका गहरा असर होता है. यदि आप चाहते हैं कि आपके न रहने पर भी लोग आपको याद रखें, तो सबसे पहले अपने शब्दों को संवारें, उसे शालीन बनाएं, क्योंकि शब्दों में बहुत शक्ति होती है.

याद रह जाती हैं बातें
84 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले स्वर्गीय पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल के जाने पर लोग उनके काम से ज़्यादा उनकी कही बातों को याद कर रहे हैं. उनकी बातें लाखों-करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है. उनके शब्दों में ऐसा जादू था कि सुनने वाला सम्मोहित हुए बिना नहीं रह सकता था, आज भले ही वो लोगों के बीच नहीं हैं, मगर उनके कहे शब्द हमेशा लोगों के दिलो-दिमाग़ में ज़िंदा रहेंगे. कलाम के मुताबिक, सपने वो नहीं होते जो रात को सोते समय नींद में आएं, सपने वो होते हैं जो रातों में आपको सोने न दें. उनकी ऐसी ही हज़ारों प्रेरणादायी बातें वर्तमान पीढ़ी का उत्साह बढ़ाती है. कलाम की ही तरह स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी के कहे शब्द आज बरसों बाद भी हमें प्रेरित करते हैं. शब्दों के रूप में महान शख़्सियते हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहते हैं. यदि आप भी चाहते हैं कि आपके पीछे लोग आपको दिल से याद करें, तो किसी से कुछ कहने से पहले अपने शब्दों को संभालें और उसे शालीन बनाने की कोशिश करें.

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व्यक्तित्व का आईना

शब्दों में इतनी ताक़त होती है कि वो आपका व्यक्तित्व बना भी सकती है और बिगाड़ भी. जब आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिलते हैं जोे बहुत प्यार व सम्मान से बात करता है, तो आप तुंरत उसके मुरीद बन जाते हैं, उस व़क्त आप उसके विचार/भावनाओं से अवगत नहीं रहते हैं, मगर उसके शब्दों का जादू आप पर ऐसा चल जाता है कि आपकी नज़र में वो नेक इंसान बन जाता है. दूसरी तरफ़ पहली मुलाक़ात में यदि कोई इंसान आपसे बेरूख़ी से बात करे, तो दुबारा उससे मिलना तो दूर आप उसका ज़िक्र भी पसंद नहीं करेंगे और ऐसा इंसान आपकी नज़रों में अकड़ू कहलाएगा. आपके कहे शब्द ही हैं, जो आपको लोगों का प्रिय या अप्रिय बना सकते हैं, अब फैसला आप पर है कि आप क्या बनना चाहते हैं.

मुश्किल काम बनाए आसान
यदि आपको किसी व्यक्ति से कोई काम करवाना है, तो वहां भी शब्द बहुत अहम् हो जाते हैं. यदि आप उससे प्लीज़ सर/मैडम करके विनम्रता से बात करते हैं, तो आपका काम ज़रूर हो जाएगा. इसके विपरित यदि आप अपनी ताकत या किसी और चीज़ का धौंस जमाते हुए बेरुख़ी से कहेंगे तो हो सकता है सामने वाला आपका काम करने से इनकार कर दे या जानबूझकर देर करे. दरअसल, जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के लिए ये बहुत ज़रूरी है कि आपकी भाषा शालीन और शब्द सुंदर हों. ऑफिस में बॉस व कलीग से लेकर घर में जीवनसाथी और बच्चों तक, हर जगह बोलते समय शब्दों पर ध्यान देना ज़रूरी है. यदि आपके शब्द सकारात्मक व सुंदर हैं तो हर जगह आपकी छवि अच्छी बनेगी, बच्चे भी आपका अनुसरण करके विनम्र बनेंगे. इतना ही नहीं किसी से प्यार से बात करने पर आपका मन भी शांत व ख़ुश रहता है और जब आप अंदर से ख़ुश रहेंगे तो आपको हर चीज़ अच्छी लगेगी, हर काम मन लगाकर करेंगे, ऐसे में ज़ाहिर है अपने काम में सफलता भी मिलेगी. क्या कभी आपने महसूस किया है कि किसी से कठोरता/बदतमीज़ी से बात करने या किसी को झिड़क देने पर आपका मन भी अशांत हो जाता है, आप स्थिर होकर अपने काम पर ध्यान नहीं दे पाते. अतः जब कठोर शब्द सामने वाले के साथ ही आपको भी अशांत/अस्थिर कर देते हैं, तो भला क्यों न ऐसे शब्दों से दूर ही रहा जाए और सुंदर शब्दों से लोगों का दिल जीतने के साथ ही अपना व्यक्तित्व निखारने की कोशिश की जाए.

कंचन सिंह 

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बर्थ एनीवर्सरी: साहस, ऊर्जा व प्रेरणा के प्रतीक स्वामी विवेकानन्द को नमन! (Birth Anniversary: Swami Vivekanand…. Power of Youth)

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उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए… स्वामी विवेकानन्द (Swami Vivekanand) ने हम सबको जागरूक करने और ऊर्जावान बने रहने के लिए हमेशा ही प्रेरित किया है… और आज भी वो हमारे बहुत बड़े प्रेरणास्रोत हैं. उनके जन्मदिवस पर उनको नमन!

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उन्हें मात्र एक आध्यात्मिक गुरु कहना सही नहीं होगा, वे अपने आप में संपूर्ण ज्ञान, ऊर्जा व प्रेरणा थे. समाज को जागरूक करने में उनकी अहम् भूमिका हमेशा सुनहरे पन्नों में दर्ज रहेगी.

12 जनवरी 1863 में जन्मे स्वामी जी का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था. उनके पिताजी प्रख्यात वकील थे. कॉन्वेंट में पढ़े स्वामी जी बचपन से ही काफ़ी जिज्ञासु थे और उनकी इसी जिज्ञासा ने उन्हें ईश्‍वर को समझने व सनातन धर्म को जानने की दिशा में आगे बढ़ाया.

शिकागो में दिया उनका भाषण आज भी सबके बीच प्रसिद्ध है, जहां उन्होंने भारत व सनातन धर्म का इतनी संवेदनशीलता व गहराई से प्रतिनिधित्व किया था कि हम सब आज भी गौरवांवित महसूस करते हैं.

रामकृष्ण परमहंस के इस प्रिय शिष्य ने हमें धर्म को देखने का एक नया व वैज्ञानिक नज़रिया दे दिया. यही वजह है कि उनका नाम आते ही हम एक अलग ही अनुभूति से गुज़रते हैं.

उनके जन्मदिवस को युवा दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है.

मंत्रों का हेल्थ कनेक्शन (Healing Power Of Mantras)

कभी भी आपके ज़ेहन में यह बात आई  है कि मंत्रों का क्या और कितना महत्व है? मंत्रों की शक्ति और उनके हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में अक्सर हम सुनते रहते हैं, लेकिन शायद ही कभी हमने हेल्थ और मंत्र के साइंटिफिक कनेक्शन को जानने की कोशिश की हो. अगर हम मंत्रों के हेल्थ कनेक्शन को जान जाएंगे, तो ज़ाहिर है उन्हें बेहतर तरी़के से अपने जीवन में अपनाकर हेल्दी और बेहतर ज़िंदगी जी सकेंगे.
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साउंड इज़ पावर
–    मंत्र दरअसल साउंड यानी ध्वनि होते हैं और विज्ञान कहता है, ध्वनि ऊर्जा के सिवा कुछ नहीं है. यानी मंत्र का सीधा मतलब है- एनर्जी. मंत्र जप करने का अर्थ है शक्ति के विभिन्न स्तर को महसूस करना.
–   एक ही ध्वनि अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग परिणाम देती है. विज्ञान यह भी कहता है कि मनुष्य शरीर ऊर्जा का एक घना रूप है. जब किसी ख़ास मंत्र का ख़ास उद्देश्य के लिए जाप किया जाए, तो शरीर की एनर्जी को बेहतर व पूर्ण रूप से महसूस किया जा सकता है.
विज्ञान और मंत्र
–    मंत्र किस तरह से हमारे जीवन व हेल्थ को प्रभावित करते हैं, इसका वर्णन वेदों में हज़ारों वर्ष पूर्व ही किया गया है. लेकिन इसके वैज्ञानिक आधार की खोज अब तक जारी थी. मंत्र और साइंस में बहुत ही गहरा कनेक्शन है.
–   मंत्रों की एक निश्‍चित फ्रिक्वेंसी होती है. मंत्रों के नियमित जाप से हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम में एक रिदम में दबाव यानी प्रेशर पैदा होता है, जिससे हमारे चक्र जाग जाते हैं और शरीर एवं मस्तिष्क में एनर्जी पैदा होती है.
–   मंत्रों के उच्चारण से जो फ्रिक्वेंसी पैदा होती है, उसका सकारात्मक असर हमारे शरीर व मन पर पड़ता है, साथ ही मंत्रों को लगातार पढ़ने से जीभ व तालु में जो संपर्क होता है, ॐ के उच्चारण के व़क्त जो ध्वनि नाभि से आती है, उन सबका असर शरीर के प्रेशर पॉइंट्स पर पड़ता है, जिससे हम हेल्दी और एनर्जेटिक महसूस करते हैं.
–    मंत्रों का साइंटिफिक कनेक्शन इसी बात से साबित होता है कि हाल ही में नासा ने सूर्य की ध्वनि को यूनिवर्स में रिकॉर्ड करके उसे कंप्रेस किया, ताकि हम उसे सुन सकें. सुनने पर यह पूरी तरह से साबित हो गया कि यह ध्वनि ठीक वही मंत्र है, जिसका वर्णन वेदों में हज़ारों वर्ष पूर्व किया गया है और यह मंत्र है- ॐ जिसे लगातार सुनने पर एक विशेष प्रकार का कंपन महसूस होता है यानी नासा ने अब इस मान्यता की पुष्टि कर दी है कि मंत्रों का हमारे मन-मस्तिष्क पर कितना गहरा प्रभाव पड़ता है.
–    ओहायो यूनिवर्सिटी के शोध के मुताबिक भी यह साबित हुआ है कि ध्यान यानी डीप मेडिटेशन से लोगों की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. यही नहीं, जो लोग रोज़ाना ध्यान करते हैं, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा भी कम हो जाता है, साथ ही मांसपेशियों के दर्द से भी राहत मिलती है.
–    शोधों में भी यह पाया गया कि कई मरीज़ों पर मंत्र के काफ़ी सकारात्मक नतीजे देखने को मिलते हैं. साउंड व मंत्रों पर किए गए रिसर्च से यह पता चलता है कि निश्‍चित साउंड फ्रिक्वेंसी हमारे माइंड को विशेष प्रकार की आरामदायक परिस्थिति में पहुंचा देती हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में अल्फा स्टेट कहा जाता है.
–    ध्वनि की शक्ति अपार है. ध्वनि से बड़ी-बड़ी इमारतें, पुल और यहां तक कि इंसान का तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम तक प्रभावित हो सकता है. जैसेकि राग दीपक के सही जाप से दीप जलाए जा सकते हैं, राग मल्हार से बारिश करवाई जा
सकती है.
–    आज विज्ञान की बदौलत हम सभी जानते हैं कि विशेष तरंगों को इंसानी कान नहीं सुन सकते, लेकिन सोनोग्राफी एवं अल्ट्रासाउंड के द्वारा आज हम विभिन्न प्रकार के असाध्य रोगों से निजात पा सकते हैं. कई प्रकार के प्रयोगों से पता चलता है कि एक विशेष प्रकार की ध्वनि सुनाने पर मुर्गियों ने अपने पंख गिरा दिए व पेड़-पौधे एवं फसलें सूख गईं.
–    शब्दों की ताक़त अपार है. अगर कुछ उत्साहवर्द्धक शब्द सैनिकों में नई जान डालकर एक हारे हुए युद्ध को जिता सकते हैं, तो कुछ अपशब्द बड़े से बड़े और गहरे रिश्ते-नाते तोड़ भी देते हैं.
धर्म या अंधविश्‍वास नहीं, ये है विज्ञान
–    अक्सर लोग आज भी इसी ग़लतफ़हमी में हैं कि मंत्रों का संबंध किसी विशेष धर्म से है, जबकि तमाम साइंटिफिक रिसर्च और शोधों से यह साफ़ हो चुका है कि मंत्रों का आधार विज्ञान है. धर्म से इनका कोई संबंध नहीं, इसीलिए हर धर्म व समुदाय के लोग इनका प्रयोग करके स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं.
–    मंत्र का यदि गूढ़ अर्थ जानें, तो मन का मतलब है- माइंड और त्र का अर्थ है तरंग या कंपन. मंत्रों के जप से जो कंपन होता है, वह न स़िर्फ हमारे मस्तिष्क को प्रभावित करता है, बल्कि मंत्रोच्चारण के समय श्‍वास-प्रश्‍वास की क्रिया व रिदम हमारे ग्लांड्स पर असर डालते हैं, जिसका सीधा प्रभाव हमारी हेल्थ पर होता है.
–    मंत्र जप के व़क्त हम ध्यानावस्था में पहुंच जाते हैं और हमारा मस्तिष्क अल्फा स्टेट में, जिससे नर्वस सिस्टम बैलेंस होता है और तनाव दूर होता है.
–   मंत्रों के नियमित जप से इम्यूनिटी बढ़ती है, क्योंकि इनका प्रभाव मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम पर इस तरह से होता है, जिससे हमारे
हार्मोंस प्रभावित होते हैं. सेरोटोनिन और डोपामाइन को हैप्पीनेस हार्मोंस कहा जाता है, मंत्रों के सकारात्मक प्रभाव से हैप्पी
हार्मोंस रिलीज़ होकर मस्तिष्क को सुखद अवस्था में पहुंचाते हैं. स़िर्फ इतना ही नहीं, हमारे मूड से लेकर भूख और नींद तक से जुड़े मस्तिष्क के केंद्रों को यह प्रभावित करके हार्मोंस के स्तर को बैलेंस करते हैं, जिससे हमारी इम्यूनिटी बेहतर होती है.
हॉवर्ड मेडिकल स्कूल ने बताए मेडिटेशन के फ़ायदे
–    हॉवर्ड मेडिकल स्कूल ने अपने रिसर्च में पाया कि जो लोग नियमित रूप से ध्यान करते हैं, उनके ‘डिसीज़ फाइटिंग जींस’ यानी बीमारियों से लड़नेवाले जींस अधिक एक्टिव रहते हैं.
–    दरअसल, ध्यान की अवस्था में मस्तिष्क शांत हो जाता है और तनावरहित होने पर बीमारियों से लड़नेवाले हार्मोंस क्रियाशील होते हैं और बीमारी उत्पन्न करनेवाले हार्मोंस कम होते हैं.
–    शोधकर्ताओं के अनुसार मेडिटेशन का पूरा लाभ पाने के लिए ॐ का उच्चारण भी करना चाहिए.
ॐ के जप के फ़ायदे
–    शरीर के टॉक्सिन्स निकल जाते हैं.
–    वोकल कॉर्ड और गले की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है. ख़ासतौर से बढ़ती उम्र में यह और भी फ़ायदेमंद है.
–    ॐ के नियमित उच्चारण से जो कंपन पैदा होता है, उसका असर वोकल कॉर्ड और साइनस पर भी पड़ता है.
–   यह रक्तचाप व थायरॉइड को नियंत्रित करता है.
–    कुछ लोगों के निजी अनुभव तो यह भी कहते हैं कि ॐ के जप से उनका वज़न भी नियंत्रित रहता है, क्योंकि इसके वाइब्रेशन्स पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं और बढ़ते वज़न को कम करते हैं.
‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ के ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप से पाएं हेल्दी लाइफ, वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट!
मंत्रों के इस हेल्थ कनेक्शन को देखते हुए ‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन ‘द वर्ल्ड बियॉन्ड’ ने ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसमें विभिन्न समस्याओं के लिए अलग-अलग मंत्र दिए हैं. इस तरह एक्सपर्ट्स की मदद से विभिन्न समस्याओं के लिए वेदों से मंत्रों को संकलित किया है. वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप एंड्रॉयड और आइओएस दोनों के लिए उपलब्ध है, वो भी मुफ़्त, तो आज ही अपना फोन उठाएं और वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप फ्री डाउनलोड करें.
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पावर ऑफ हनुमान चालीसा (The Power Of Hanuman Chalisa)

नासे रोग हरे सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमंत बलबीरा॥hanuman
हनुमानजी और हनुमान चालीसा का हेल्थ कनेक्शन भी है. हनुमान चालीसा की चौपाई- नासै रोग हरै सब पीरा, जो सुमिरै हनमत बलबीरा- तंदुरुस्ती को समर्पित है. कहा जाता है कि जो लोग रोज़ाना कम से कम एक बार हनुमान चालीसा का जाप करते हैं, वे तंदुरुस्त जीवन व्यतीत करते हैं.

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हनुमानजी को संकटमोचक कहा जाता है. भगवान राम जब-जब संकट में पड़े, तब-तब हनुमानजी संकटमोचक बनकर सामने आए. इसीलिए हिंदू धर्म में हनुमान चालीसा का बहुत अधिक महत्व है. जब भी हम अंधेरे या सुनसान इला़के से गुज़रते हैं, हनुमानजी को याद करना नहीं भूलते. ज़्यादातर लोग हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू कर देते हैं. मज़ेदार बात यह है कि जैसे ही हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू करते हैं हमारा डर दूर हो जाता है. हमें नई ऊर्जा मिलती है. हनुमानजी सर्वशक्तिमान और एकमात्र ऐसे देवता हैं, जिनका नाम जपने से ही संकट शरीर और मन से दूर हटने शुरू हो जाते हैं.

अगर आप मानसिक अशांति से गुज़र रहे रहे हैं. कार्य की अधिकता के चलते आपका मन अस्थिर है, आपके घर-परिवार या रिश्तेदारी की कोई समस्या है तो आपकी समस्या का हल हनुमान चालीसा है. इसके पाठ से चमत्कारिक लाभ प्राप्त होता है. हिंदुओं की यह मान्यता है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने पर डर, भय, संकट या विपत्ति नहीं आती और अगर आती है तो फ़ौरन दूर हो जाती है. कहते हैं, अगर किसी व्यभक्ति पर शनि के संकट की छाया है तो हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि का संकट दूर हो जाता है और जीवन में शांति का वास होता है.

हनुमान चालीसा की रचना गोस्वामी तुलसीदास ने की है. इसमें तीन दोहे और 40 चौपाइयां है. हनुमान चालीसा में हनुमानजी के जीवन का सार छुपा है जिसे पढ़ने से जीवन में प्रेरणा और शक्ति मिलती है. हनुमान चालीसा को सिर्फ़ तुलसीदास का विचार नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह उनकी श्रद्धा और अटूट विश्वाचस है. जब औरंगज़ेब ने तुलसीदास को बंदी बना लिया था. तब अपने इसी विश्वाास के चलते तुलसीदासजी ने बंदीगृह में ही हनुमान चालीसा की रचना की थी.

कहते हैं, जब हर जगह भटकने के बाद भी शांति और सुख न मिले और संकटों का समाधान न हो, तब हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए. संकट से हनुमानजी की भक्ति ही बचा सकती है. इसीलिए जो पहले से ही हनुमान जी की शरण में हैं यानी हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, उनका किसी भी प्रकार के संकट से साक्षात्कार नहीं होता. शास्त्रों अनुसार कलयुग में हनुमानजी की भक्ति को सबसे ज़रूरी और उत्तम बताया गया है.

भगवान हनुमानजी की भक्ति सबसे सरल और जल्द ही फल प्रदान करने वाली मानी गई है. हनुमान की सबसे बड़ी भक्ति हनुमान चालीसा का पाठ है. यह भक्ति हमें न केवल भूत-प्रेत जैसी अदृश्य आपदाओं से बचाती है, बल्कि यह ग्रह-नक्षत्रों के बुरे प्रभाव से भी बचाती है. व्यक्ति रोज़ाना नियमित रूप से हनुमान चालीसा पढ़ता है वह कभी संकट में नहीं पड़ता. कहते हैं भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमानजी अपने भक्तों और धर्म के मार्ग पर चलने वालों की हर क़दम पर सहायता करते हैं. हनुमान चालीसा बहुत प्रभावकारी है. इसकी सभी चौपाइयां मंत्र ही हैं. जिनके निरंतर जप से ये सिद्ध हो जाती है और पवनपुत्र हनुमानजी की कृपा प्राप्त हो जाती है. हनुमानजी को मनाने के लिए सबसे सरल उपाय है हनुमान चालीसा का नित्य पाठ. हनुमानजी की यह स्तुति सबसे सरल और सुरीली है.

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हनुमान चालीसा के लाभ
अगर किसी व्यक्ति को बुरी और अदृश्य शक्तियां परेशान करती हैं तो उसे नियमित रूप से रोज़ाना हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से उसे पढ़ने से संकट से मुक्ति मिल जाती है.

  • अगर आपसे अनजाने में कोई अपराध हो गया. इसलिए ग्लानि महसूस करते हैं और क्षमा मांगना चाहते है तो चालीसा का पाठ करें. इसका पाठ आपको क्षमा करके आपको अपराध से मुक्त कर देगा.
  • भगवान गणेश की तरह हनुमानजी भी कष्ट हरते हैं. ऐसे में हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी लाभ मिलता है. हनुमान चालीसा पढ़ने से मन शांत होता है तनाव मुक्त हो जाता है.
  • अगर आप कहीं यात्रा पर जा रहे हैं, तो ज़ाहिर तौर पर आप चाहेंगे कि यात्रा सुखद हो. ऐसे में हनुमान चालीसा पढ़ लेने से वाक़ई यात्रा सुरक्षित बीत जाती है और यात्रा के दौरान भय नहीं लगता.
  • कहते हैं, किसी भी तरह की अभिलाषा होने पर हनुमान चालीसा का पाठ करने से लाभ मिलता है. हनुमान चालीसा के पाठ से दैवीय शक्ति मिलती है. इससे सुकून मिलता है.
  • ऐसी मान्यता है कि कलियुग में एक मात्र हनुमानजी ही जीवित देवता हैं. यह अपने भक्तों और आराधकों पर सदैव कृपालु रहते हैं और उनकी हर इच्छा पूरी करते हैं.
  • हनुमानजी बुद्धि और बल के ईश्‍वर हैं. उनका पाठ करने से यह दोनों ही मिलते हैं. हनुमान चालीसा का पाठ करने से कुटिल से कुटिल व्यक्ति का मन भी अच्छा  हो जाता है.
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से एकता की भावना में विकास होता है. हनुमान चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक भावनाएं दूर हो जाती हैं और मन में सकारात्मकता आती है.
  • हनुमानजी के बारे में यह भी कहा जाता है कि जहां कहीं भी रामकथा होती है हनुमान जी वहां किसी न किसी रूप में ज़रूर मौजूद रहते हैं.

‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ ऐप

‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन द वर्ल्ड बियॉन्ड के ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ ऐप से पाएं हेल्दी लाइफ, वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट! मंत्रों के इस हेल्थ कनेक्शन को देखते हुए ‘मेरी सहेली’ की सिस्टर ऑर्गनाइज़ेशन द वर्ल्ड बियॉन्ड ने ‘वैदिक हीलिंग मंत्रा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसमें विभिन्न समस्याओं के लिए अलग-अलग मंत्र दिए हैं. इस तरह एक्सपर्ट्स की मदद से विभिन्न समस्याओं के लिए वेदों से मंत्रों को संकलित किया है. वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप एंड्रॉयड और आइओएस दोनों के लिए उपलब्ध है, वो भी मुफ़्त, तो आज ही अपना फोन उठाएं और वैदिक हीलिंग मंत्रा ऐप फ्री डाउनलोड करें.

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– हरिगोविंद विश्‍वकर्मा

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