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डायबिटीज़ कंट्रोल करने के लिए 10 योगासन(10 Yoga for Diabetes Control)

Yoga for Diabetes Control

डायबिटीज़ को कंट्रोल करना है तो व्यायाम और योगासन को अपने रूटीन में शामिल करें. यक़ीन मानिए ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का सबसे इफेक्टिव और ईज़ी तरीका है योग (Yoga for Diabetes Control).

1. प्राणायाम

गहरी सांस लेने और छोड़ने से रक्त संचार दुरुस्त रहता है. इससे नर्वस सिस्टम को आराम मिलता है, जिससे अमूमन दिमाग़ शांत रहता है. इसलिए हर किसी को सुबह फ्रेश होने के बाद पद्मासन मुद्रा में बैठकर प्राणायाम करने की सलाह दी जाती है.

Yoga for Diabetes Control
2. सेतुबंधासन

यह आसन डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए बहुत फ़ायदेमंद है. यह न स़िर्फ ब्लडप्रेशर कंट्रोल करता है, बल्कि मन को शांति और सुकून देता है. इसे नियमित करने से पाचनतंत्र ठीक रहता है. गर्दन और रीढ़ की स्ट्रेचिंग के साथ-साथ यह आसन पीरियड में आराम दिलाता है.

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3. बलासन

डायबिटीज़ को जड़ से समाप्त करनेवाला यह आसन बच्चों की मुद्रा नाम से भी जाना जाता है. इससे सारा तनाव और थकान दूर हो जाती है. यह स्पाइन, जंघा और टखनों की स्ट्रेचिंग करता है. इससे तनाव और थकान से राहत मिलती है. लोअर बैक पेन में भी यह सहायक है.

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4. वज्रासन

यह बेहद सरल आसन है जो डायबिटीज़ के मरीज़ों को ज़रूर आज़माना चाहिए. इससे मन शांत और पाचन तंत्र ठीक रहता है. इससे स्पाइन की हड्डियों और शरीर के निचले हिस्से का मसाज हो जाता है. इस कारण यह बहुत अच्छे नतीजे देता है.

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5. सर्वांगासन

डायबिटीज़ में फ़ायदेमंद यह आसन वस्तुतः थायरॉइड ग्रंथि का कामकाज दुरुस्त करता है. थायरॉइड की ग्रंथियां पूरे शरीर की ऐक्टिविटीज़ सही रखती हैं. इस आसन से पाचन तंत्र, नर्वस सिस्टम और ब्रीदिंग सिस्टम अच्छा रहता हैं. यह स्पाइन को भी मज़बूत करता है.

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6. हलासन

इस आसन को डायबिटीज़ के लिए इसलिए अनुकूल माना गया है, क्योंकि यह लंबे समय तक बैठनेवालों के लिए फ़ायदेमंद है. यानी पोस्चर संबंधी समस्या के लिए यह वरदान है. यह गले की ग्रंथि, फेफड़ों और दूसरे अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे पूरे शरीर में रक्त संचार तेज़ी से होता है.

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7. धनुरासन

जिन्हें लंबे समय से डायबिटीज़ की शिकायत हो, उनके लिए यह आसन कारगर है. इससे पीठ और रीढ़ की बहुत अच्छी एक्सरसाइज़ हो जाती है. इसे नियमित करनेवाले हमेशा तनावमुक्त रहते हैं. यह क़ब्ज़ से राहत दिलाता है. इसे नियमित करनेवालों के प्रजनन संबंधी अंग ठीक रहते हैं.

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8. चक्रासन

डायबिटीज़ को हमेशा के लिए ख़त्म करनेवाला यह आसन रीढ़ की स्ट्रेचिंग और पीठ के टिश्यूज़ को रिलैक्स करने में कारगर होता है. इस आसन को बिना नागा किए रोज़ाना करने से दिमाग़ को बहुत सुकून मिलता है और जीवन तनाव-मुक्त रहता है.

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9.पश्‍चिमोत्तासन

यह आसन डायबिटीज़ और ब्लडप्रेशर के लिए बहुत कारगर माना जाता है. इसमें शरीर को आगे की ओर मोड़ा जाता है, जिससे रक्त संचार चेहरे की तरफ़ होता है. इसे करने से पेट संबंधी विकार ख़त्म हो जाते हैं. जांघ के टिश्यूज़ के साथ पीठ और बांह के टिश्यूज़ को मज़बूत करता है.

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10. अर्ध मत्स्येन्द्रासन

इस आसन को डायबिटीज़ ठीक करनेवाले आसन की कैटेगरी में इसलिए भी रखा गया है, क्योंकि यह आसन विशेष रूप से फेफड़ों की सांस लेने और ऑक्सीजन ज़्यादा समय तक रोकने की क्षमता बढ़ाता है. यह स्पाइन को आराम देता है. पीठदर्द या पीठ संबंधी दूसरी समस्यों से निजात दिलाता है.

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योग द्वारा सिरदर्द से छुटकारा (Yoga for Migraine and Headache | Cure Migraine with Yoga)

अक्सर हम सिरदर्द के लिए पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं, जिनके अपने साइडइफेक्ट्स होते हैं. बेहतर है दर्दनिवारक दवाओं की बजाय आप योगासन करें और सिरदर्द से मुक्ति पाएं (Cure Migraine with Yoga).
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महासिर मुद्रा

* सुखासन में बैठ जाएं.
* मध्यमा, तर्जनी और अंगूठे के आगे के भाग आपस में मिलाएं.
* अनामिका को मोड़कर अंगूठे की जड़ के पास लगाएं. छोटी उंगली सीधी रहनी चाहिए.
* आंखें बंद रखें और रिलैक्स रहें.

  • यदि माइग्रेन है, तो भुजंगासन, ब्रह्म मुद्रा व महासिर मुद्रा करें.
  • सामान्य सिरदर्द के लिए अनुलोम-विलोम, शलभासन, मकरासन, बालासन व ताड़ासन
    भी करें.
चंद्रभेदन प्राणायाम
* पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं.
* बाईं नाक से सांस लें और दाईं नाक से सांस छोड़ें. इस प्रकार इसे करते रहें. आंखें बंद रखें.
* कमर व रीढ़ एकदम सीधी रखें.
* 2 मिनट तक कर सकते हैं.
युवराज सिंह, क्रिकेटर
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कैंसर से लड़ने के बाद युवराज सिंह पूरी तरह से योग की शरण में आ गए. उनका मानना है कि योग के ज़रिए वो बेहतर तरी़के से रिकवर कर सकते हैं. बीमारी के बाद दोबारा भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की कोशिश में जुटे युवराज सिंह ने फिटनेस के लिए योग को ज़रूरी बताते हुए कहा था, “मैं अपनी ऊर्जा को वापस पाने के लिए नियमित योग कर रहा हूं. शारीरिक व मानसिक तौर पर फिर से ऊर्जावान होना बहुत मुश्किल होता है. लेकिन मैंने चुनौतियों का सामना किया और मुश्किलों से बाहर भी आया, अब मेरा लक्ष्य है कि शत-प्रतिशत फिट होकर वापसी करना. अगले 5-6 साल मेरे करियर के बेहतरीन साल होंगे और मैं बहुत आशान्वित हूं अपने भविष्य को लेकर.”

वेट लॉस के लिए योग (Yoga for Weight Loss)

Yoga for Weight Loss
जंक फूड, अनहेल्दी लाइफस्टाइल ने एक ऐसी सबसे बड़ी समस्या हमें दे दी है, जो ख़ुद कई समस्याओं व रोगों की जड़ है, वो है- मोटापा. मोटापे से मुक्ति और फ्लैट टमी के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ-साथ इन आसनों को अपनाएं. (Yoga for Weight Loss)

श्वसन मार्ग शुद्धि

– पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं.
– दोनों अंगूठों को ऊपर की ओर रखते हुए नाक के पास लाएं और बाकी की उंगलियां मोेड़ें.
– आंखें और मुंह बंद रखें.
– अब बाएं नाक से सांस लेकर बाएं अंगूठे से उसे बंद कर दें. दाएं अंगूठे से दाएं नाक को ऊपर की तरफ़ खींचें और तेज़ी से सांस छोड़ दें.
– अब दाएं नाक से भी यही प्रक्रिया दोहराएं.
– दोनों नाक से 5-5 बार यह क्रिया करें.
– अगर आपको सर्दी हुई है या आपकी नाक बंद है, तो यह क्रिया न करें. किसी तरह की गंभीर बीमारी में भी इसे ट्राई न करें.

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अन्य फ़ायदे: श्‍वसन तंत्र को बेहतर बनाता है, फेफड़ों को मज़बूत करता है. पेट की मसल्स को टोन करता है और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है.

भस्त्रिका

– वज्रासन, पद्मासन या किसी भी आरामदायक आसन में
बैठ जाएं.
– पीठ को सीधा रखें और मुंह बंद करें.
– तेज़ी से सांस लें और छोड़ें. एक राउंड में 10 बार सांस लें और छोड़ें.
– एक राउंड पूरा होने पर थोड़ी देर सांसों की गति सामान्य रखें, फिर दूसरा राउंड करें.
– रोज़ाना 3 राउंड तक कर सकते हैं, पर अगर समय की कमी है, तो एक ही राउंड करें.

Yoga for Weight Loss

Yoga for Weight Loss

बाबा रामदेव, योग गुरु

योग स़िर्फ शरीर के रोगों का ही निदान नहीं करता, बल्कि मन-मस्तिष्क के रोगों का भी निदान करने में मदद करता है. यदि किसी का शरीर बीमार है, तो वो स़िर्फ प्रभावित व्यक्ति को ही तकलीफ़ देगा, लेकिन यदि किसी का मन बीमार है, तो वो कई अन्य लोगों को भी तकलीफ़ दे सकता है. ऐसे में योग बेहद फ़ायदेमंद व प्रभावकारी साबित हो सकता है.”

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सूर्यभेदन प्राणायाम

– वज्रासन या सुखासन में बैठकर आंखें बंद कर लें.
– दाएं हाथ की अनामिका से बाईं नाक को धीरे से बंद कर लें.
– दाईं नाक से सांस लें और छोड़ें. सांस छोड़ने की गति सांस लेने की गति से दुगनी होनी चाहिए.
– 2 मिनट तक करें.
– हाई बीपी वाले व माइग्रेन वाले न करें.

स्क्वैट वेरिएशन

– सीधे खड़े रहें. दोनों पैरों के बीच में दो से ढाई फीट का फासला रखें. अब कुर्सी पर बैठने जैसी पोज़ीशन में आ जाएं.
– दोनों पैरों के पंजों को 90 डिग्री तक घुमाएं. दाएं पंजे को दाईं तरफ़ और बाएं पंजे को बाईं तरफ़.
– दोनों हथेलियों को घुटने के थोड़ा ऊपर जांघों पर रखें.
– अब अपनी दाईं एड़ी को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं. थोड़ा नीचे लाएं, ज़मीन को छुए बग़ैर फिर ऊपर उठाएं.
– ऐसा 10 बार करें.
– दाईं एड़ी को ज़मीन पर रखें और यही प्रक्रिया बाईं एड़ी से भी दोहराएं.
– बारी-बारी दोनों पैरों से करने के बाद आप चाहें, तो दोनों एड़ियों को एक साथ ऊपर उठाकर भी यह प्रक्रिया दोहरा सकते हैं.
– अगर आपके घुटनों में दर्द है, तो यह क्रिया न करें.
अन्य लाभ : स्क्वैट वेरिएशन पैरों की मसल्स को टोन करता है और पैरों की स्ट्रेंथ बढ़ाता है. यह एंकल पेन से भी छुटकारा दिलाता है.
वेट लॉस के लिए करें सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं. ये ना स़िर्फ वेटलॉस में लाभदायक है, बल्कि बॉडी को टोन करता है और आपको हेल्दी व रोगमुक्त रखता है.