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अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) और दिशा पटानी (Disha Patani) की फिल्म ‘बागी 2’ देशभर के क़रीब 3.5 हज़ार स्क्रीन पर रिलीज़ की गई है. अहमद खान के निर्देशन में बनी यह फिल्म तेलुगु फिल्म ‘क्षणम’ की हिंदी रीमेक है. क्षणम ने साउथ में काफ़ी तगड़ा बिज़नेस किया था, जिसे देखते हुए इसका हिंदी रीमेक बनाने का फ़ैसला किया गया. हालांकि इससे पहले भी टाइगर की फिल्म ‘बागी’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कारोबार किया था और यह फिल्म100 करोड़ के क्लब में शामिल होने में सफल भी रही.

Baaghi 2 movie review

क्या है ‘बागी 2’ की कहानी ?

‘बागी 2’ की कहानी रॉनी (टाइगर श्रॉफ) और नेहा (दिशा पटानी) की है. रॉनी और नेहा एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं और दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन नेहा के पिता रॉनी को पसंद नहीं करते और नेहा की शादी किसी और से करा देते हैं. वहीं रॉनी ऑर्मी ज्वॉइन कर लेता है और एक-दूसरे से अलग होने के क़रीब 4 साल बाद नेहा रॉनी से अपनी किडनैप हुई बेटी को ढूंढ़ने के लिए मदद मांगती है.

नेहा के कहने पर रॉनी गोवा वापस आता है और इस मामले की तफ्तीश के दौरान काफ़ी उतार चढ़ाव आते हैं. इस दौरान रॉनी की मुलाक़ात उस्मान भाई (दीपक डोबरियाल), डीआईजी शेरगिल (मनोज बाजपेयी), एसीपी रणदीप हुड्डा से सिलसिलेवार घटनाओं के बीच होती है. हालांकि रॉनी उस लड़की को ढूंढ़ने में कामयाब होता है या नहीं इसके लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

पसंद आई दिशा और टाइगर की केमेस्ट्री 

रियल लाइफ में दिशा और टाइगर के अफेयर की चर्चा तो होती ही रहती है, लेकिन इन दोनों की ऑनस्क्रीन केमेस्ट्री को काफ़ी पसंद किया जा रहा है. बता दें कि फिल्म में टाइगर ने अपने फैंस को हैरान कर देने वाले ढ़ेरों एक्शन सीन खुद ही किए हैं और वन मैन आर्मी के अंदाज़ में जंच भी रहे हैं, लेकिन दिशा अपने किरदार को और भी बेहतर तरीक़े से निभा सकती थीं.

अपने-अपने किरदार में फिट दिखे कलाकार

बता दें कि इस फिल्म से प्रतीक बब्बर ने विलन के रोल से बड़े पर्दे पर वापसी की है. फिल्म में डीआईजी के किरदार को मनोज वाजपेयी ने बेहतरीन ढंग से निभाया है. वहीं एसीपी के रोल में रणदीप हुड्डा ने सराहनीय एक्टिंग की है और दीपक डोबरियाल ने भी उस्मान लंगड़ा के किरदार को बखूबी निभाया है.

फिल्म में टाइगर का एक्शन और फिल्म के संवाद काबिले तारीफ़ है. फिल्म की शूटिंग मनाली, थाइलैंड, गोवा और लद्दाक के ख़ूबसूरत लोकेशन्स पर हुई है. फिल्म का संगीत भी ठीकठाक है. समय-समय पर आनेवाले आतिफ असलम के गाने कहानी को दिलचस्प बनाते हैं. फिल्म का फर्स्ट हाफ दर्शकों को बांधे रखता है इसमें कई ऐसे मौके आते हैं जब सीटियों और तालियों के साथ आपके चेहरे पर मुस्कान भी आती है, लेकिन सेकेंड हाफ में कहानी फिल्म की पटरी से उतरती दिखाई देती है.

बहरहाल, अगर आप एक्शन फिल्मों के शौकीन हैं और टाइगर के एक्शन सीन्स के दीवाने हैं तो इस मामले में टाइगर श्रॉफ आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेंगे.

स्टारकास्ट- टाइगर श्रॉफ, दिशा पाटनी, मनोज बाजपेयी, रणदीप हुड्डा, प्रतीक बब्बर और दीपक डोबरियाल.

अवधि- 2 घंटा 24 मिनट

रेटिंग- 3/5 

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Smita-Patil

अपने सशक्त अभिनय के लिए जानी जाने वाली स्मिता पाटिल का आज जन्मदिन है. 17 अक्टूबर, 1956 को पुणे के एक मराठी परिवार में स्मिता का जन्म हुआ था. उनके पिता शिवाजीराव पाटिल महाराष्ट्र सरकार में मंत्री थे और मां विद्या ताई पाटिल सामाजिक कार्यकर्ता थीं. अपने केवल 10 साल के फिल्मी करियर में स्मिता पाटिल ने अपने अभिनय से वो छाप छोड़ी है, जिसे दर्शक और इनके फैन्स आज भी याद करते हैं. स्मिता पाटिल के जीवन के बारे में लोग कम जानते हैं, क्योंकि वो मीडिया से दूर ही रहती थीं और अपनी लाइफ को प्राइवेट रखना पसंद करती थीं. उनके जन्मदिन के मौक़े पर आइए, जानते हैं उनके बारे में कुछ अनसुनी बातें.

  • उनका नाम रखे जाने के पीछे एक कहानी है. स्मिता का मतलब होता है हल्की-सी मुस्कान, जब उनका जन्म हुआ, तो उनके चेहरे पर एक प्यारी-सी मुस्कान थी, जिसे देखकर उनकी मां ने उनका नाम स्मिता रख दिया.
  • फिल्मों में आने से पहले स्मिता न्यूज़ रीडर थीं. बॉम्बे दूरदर्शन चैनल पर वो मराठी में न्यूज़ पढ़ा करती थीं.
  • पर्दे पर ज़्यादातर भारतीय कपड़ों में नज़र आने वाली स्मिता को रियल लाइफ में जीन्स पहनना बेहद पसंद था. टीवी पर समाचार पढ़ने के लिए साड़ी पहनना ज़रूरी था, इसलिए स्मिता जीन्स पर ही साड़ी लपेट लिया करती थीं.
  • स्मिता पाटिल के नाम पर आज बॉलीवुड में अवॉर्ड भी दिए जाते हैं ‘स्मिता पाटिल अवॉर्ड’.
  • फिल्म भूमिका और चक्र में दमदार अभिनय के लिए उन्हें दो बार नेशनल अवॉर्ड से पुरस्कृत किया गया. इसके अलावा साल 1985 में उन्हें पद्मश्री अवार्ड से भी सम्मानित किया गया.
  • प्यारी-सी मुस्कान वाली स्मिता महज़ 31 साल की उम्र में सबको अलविदा कह गईं. 13 दिसंबर, 1986 को बेटे प्रतीक बब्बर को जन्म देने के दो सप्ताह बाद उनका निधन हो गया. उनकी मौत पर रहस्य अब भी बना हुआ है.