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Wedding Industry Careers
दशकों पहले शादी कराने का ज़िम्मा पंडित, नाई व दूर-दराज़ के रिश्तेदारों का होता है, लेकिन समय के साथ अब इनकी जगह प्रोफेशनल्स और एक्सपर्ट्स ने ले ली हैं. इन प्रोफेशनल्स और एक्सपर्ट्स के कारण ही वेडिंग इंडस्ट्री में करियर की अपार संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं अगर आप भी वेडिंग इंडस्ट्री में अपने पांव जमाना चाहते हैं, तो इन क्षेत्रों में ट्राई कर सकते हैं.
वेडिंग प्लानर
शादी के दिन को ख़ास बनाने के लिए वेडिंग प्लानर की भूमिका अहम् होती है. इसका मुख्य काम अपने क्लाइंट के बजट को ध्यान में रखते हुए बेहतरीन इवेंट ऑर्गेनाइज़ करना होता है यानी विवाह स्थल, थीम पार्टी, डेकोरेशन, केटरिंग, फोटोग्राफर, डीजे और बैंड आदि की व्यवस्था करना. वेडिंग प्लानर बनने के लिए इवेंट मैनेजमेंट में डिप्लोमा, बैचलर या मास्टर डिग्री होना ज़रूरी है. सैलरी या लाभ के तौर पर वेडिंग प्लानर को कुल बजट का लगभग 10% हिस्सा मिलता है. ज़िम्मेदारीवाले इस काम को निभाते हुए वेडिंग प्लानर को इस बात का विशेष ध्यान रखना होता है कि इस समारोह में दोनों परिवार की भावनाओं का ख़ास ख़्याल रखा जाए.

मैच मेकर्स
इनका काम दूल्हा-दुल्हन की जोड़ी मिलाना होता है. पुराने ज़माने में जो काम पंडित किया करते थे, वही काम आज मैच-मेकर्स करते हैं. मैच-मेकर्स का काम लड़का-लड़की के बारे में ज़रूरी जानकारी प्राप्त करके उनकी जोड़ी मिलाना होता है. बदलते ट्रेंड के साथ बड़े-बड़े मैरिज सेंटर्स और शादी करानेवाली कंपनियां व्यवहारकुशल मैच-मेकर्स को सैलरी के तौर पर मोटी रक़म देने को तैयार रहती हैं. इसका यह कारण है कि आजकल लोग शादी के लिए वर-वधू ढूंढ़ने से लेकर विदाई तक रस्म निबटाने का काम वेडिंग कंपनियों को सौंप देते हैं. इस काम के लिए वेडिंग कंपनियां अपने यहां प्रोफेशनल्स नियुक्त करती हैं, जिनमें से मैच-मेकर्स भी एक हैं.

रिलेशनशिप काउंसलर
अविवाहित हों या विवाहित, सगाई व शादी के शुरुआती समय में अधिकतर लोगों को रिलेशनशिप संबंधी मतभेदों व विवादों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इन मतभेदों व विवादों को रिलेशनशिप काउंसलर की मदद से आसानी से सुलझाया जा सकता है. रिलेशनशिप काउंसलिंग एक तरह की थेरेपी होती है, जो कपल्स को रिलेशनशिप संबंधी समस्याओं को सुलझाने में मदद करती है. यदि आप इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक हैं, तो इसके लिए ग्रैजुएशन के बाद मैरिज काउंसलिंग में मास्टर डिग्री करना ज़रूरी है. काम चलने के बाद आप 25,000-60,000 रुपए प्रति माह तक कमा सकते हैं.

इवेंट ऑर्गेनाइज़र    

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बदलते ट्रेंड को देखते हुए लोग अपनी पसंद के अनुसार विला, फॉर्म हाउस, बड़े-बड़े होटल, बीच, रिसॉर्ट, क्लब आदि को प्राथमिकता देने लगे हैं. इसके अलावा कॉकटेल पार्टी, संगीत, मेहंदी जैसी रस्मों को यादगार बनाने की ज़िम्मेदारी भी इवेंट ऑर्गेनाइज़र की होती है. इसलिए वेडिंग कंपनियां ऐसे इवेंट ऑर्गेनाइज़र की तलाश करती हैं, जो व्यवहारकुशल और ख़ुशमिज़ाज़ हो और विवाह स्थल के अनुरूप प्रोग्राम ऑर्गेनाइज़ करने में कुशल हों. इवेंट ऑर्गेनाइज़र्स की सैलरी अच्छी-ख़ासी होती हैं. बड़ी-बड़ी वेडिंग कंपनियां इवेंट सक्सेसफुल होने के बाद अपने इवेंट मैनेजर को सैलरी के साथ-साथ कमीशन भी देती हैं.

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डेस्टिनेशन मैनेजर
आजकल डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन है, इसलिए जिन युवाओं को टूरिज़्म की अच्छी जानकारी है, उनके लिए इस क्षेत्र में करियर की संभावनाएं हैं. डेस्टिनेशन मैनेजर स्वतंत्र रूप से अपना काम कर सकता है. इसके अलावा चाहे तो वह वेडिंग प्लानर के साथ मिलकर काम कर सकता है. डेस्टिनेशन मैनेजर का मुख्य काम शादियों के लिए ख़ूबसूरत स्थलों, बीच, रिसॉर्ट आदि स्थलों का चुनाव, नवविवाहितों के लिए हनीमून पर जानेवाली जगहों का चुनाव और उनकी एडवांस बुकिंग करना होता है.

फोटोग्राफर और वीडियोेग्राफर
वीडियो और फोटोग्राफी के शौकीन युवाओं के लिए वेडिंग इंडस्ट्री में रोज़गार के अवसर मौजूद हैं. शादी का समारोह चाहे छोटा हो या बड़ा, फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर की ज़रूरत सभी को पड़ती है. टेक्नोलॉजी के बदलते दौर में फोटोग्राफी के क्षेत्र में काफ़ी बदलाव आए हैं, जिसके चलते प्रोफेशनल फोटोग्राफर मंथली एक-डेढ़ लाख रुपए तक कमा लेते हैं. वीडियोग्राफर बनने के लिए वीडियो फोटोग्राफी का प्रोफेशनल कोर्स करना पड़ता है, साथ ही मार्केट में आनेवाली नई-नई टेक्नोलॉजी से भी ख़ुद को अपडेट रखना पड़ता है.

ब्राइडल ज्वेलरी डिज़ाइनर
बदलते ट्रेंड के साथ ब्राइडल ज्वेलरी की डिमांड बदल रही है. पद्मावत, बाजीराव-मस्तानी जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में बॉलीवुड ऐक्ट्रेस द्वारा पहनी गई ज्वेलरी की फ़रमाइशें ब्राइड करने लगी हैं, जिसके कारण शादी के बाज़ार में ब्राइडल ज्वेलरी डिज़ाइनर की मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. ब्राइडल ज्वेलरी डिज़ाइनर बनने के लिए ज्वेलरी डिज़ाइनिंग का कोर्स करना ज़रूरी है.

ब्राइडल ड्रेस डिज़ाइनर और स्टाइलिस्ट
शादियों में डिज़ाइनर ड्रेसेज़ पहनना आम बात है. केवल वर-वधू के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवारवाले और दोस्त भी डिज़ाइनर ड्रेस पहनना पसंद करते हैं. हाई प्रोफाइल शादियों में रितु कुमार, रोहित बाल, नीता लुला, अनिता डोेंगरे, तरुण तहिल्यानी, मनीष मल्होत्रा आदि के बनाए हुए डिज़ाइनर ड्रेसेज़ की मार्केट में बहुत डिमांड है. यदि आपको भी फैशन की अच्छी समझ है, तो आप ब्राइडल ड्रेस डिज़ाइनर और स्टाइलिस्ट बन सकते हैं. इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए फैशन डिज़ाइनिंग की डिग्री होना आवश्यक है. डिग्री प्राप्त करने के बाद आप नौकरी या अपना काम दोनों ही कर सकते हैं.

ब्राइडल मेहंदी आर्टिस्ट
शादी की महत्वपूर्ण रस्मों में से एक है मेहंदी की रस्म. इस अहम् रस्म के कारण ही पिछले कुछ सालों से शादियों में मेहंदी आर्टिस्ट की मांग बहुत बढ़ गई है. मेहंदी आर्टिस्ट बनने के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता ज़रूरी नहीं है, लेकिन मेहंदी डिज़ाइन्स बनाने के लिए क्रिएटिव होना बहुत ज़रूरी है. मेहंदी आर्टिस्ट बनने के लिए 12वीं के बाद वोकेशनल कोर्स कर सकते हैं, जहां पर प्रोफेशनल तौर से ट्रेनिंग दी जाती है. आजकल ऑनलाइन मेहंदी कोर्स भी होते हैं. दिलचस्प बात है कि घर पर भी मेहंदी डिज़ाइन्स की प्रैक्टिस करके आप प्रोफेशनल मेहंदी आर्टिस्ट बन सकते हैं. शादियों के सीज़न में प्रोफेशनल मेहंदी आर्टिस्ट को मेहंदी सेरेमनी में कम-से-कम 25,000-30,000 तक मिल जाते हैं.

मेकअप आर्टिस्ट

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शादी का दिन केवल दूल्हा-दुल्हन के लिए ही ख़ास नहीं होता, बल्कि सभी के लिए महत्वपूर्ण होता है. हर कोई ख़ूबसूरत दिखना चाहता है और इसके लिए मेकअप आर्टिस्ट की ज़रूरत होती है. मेकअप आर्टिस्ट बनने के लिए ज़रूरी ब्यूटीशियन का कोर्स करना ज़रूरी है. ये वोकेशनल कोर्स होते हैं, जिसे करने के बाद आप अपना ब्यूटी सेंटर खोल सकते हैं. इसके अलावा पॉप्युलर ब्यूटी सेंटर में नौकरी भी करके 15,000-50,000 प्रति माह तक कमा सकते हैं.

कोरियोग्राफर
शादी में लेडीज़ संगीत, मेहंदी की रात ऐसी रस्में होती हैं, जो डांस के बिना अधूरी होती हैं. इन रस्मों में फैमिली और फ्रेंड्स मिलकर डांस परफॉर्म करते हैं. सभी लोग बॉलीवुड सेलेब्स जैसा परफॉर्म नहीं कर सकते हैं, तो उनके जैसा परफॉर्म करने के लिए ऐसे लोगों को कॉरियोग्राफर की ज़रूरत होती है. कॉरियोग्राफर का काम छोटे-छोटे डांसिंग स्टेप्स सिखाना होता है, ताकि रिश्तेदार शादी के दिन सबके सामने परफॉर्म कर सकें. कोरियोग्राफर बनने के लिए किसी प्रोफेशनल डिग्री की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन डांस की ट्रेनिंग और सालों अभ्यास के बाद डांस कोरियोग्राफर बना जा सकता है. एक अनुभवी कोरियोग्राफर अपने डांसिंग व टीचिंग स्किल्स के आधार पर प्रति माह 6,000-15,000 रुपए कमा सकता है.

फ्लोरिस्ट
इसका काम सगाई-शादी की रस्मों को पूरा करने के लिए बुक किए वेन्यू को विभिन्न प्रकार के ख़ूबसूरत फूलों से डेकोरेट करना होता है.
फ्लोरिस्ट बनने के लिए हाई स्कूल या समकक्ष होना ज़रूरी है. इसके अलावा फ्लोरिस्ट को विभिन्न फूलों के प्रकार, क्वालिटी, थीम के अनुसार डेकोरेशन, डिलिवरी के तरीक़ों की जानकारी होना आवश्यक है. धीरे-धीरे अनुभव के आधार पर आप 20,000-30,000 रुपए प्रतिमाह तक कमा सकते हैं.

केटरिंग
शादी में केटरर का काम मेनू सिलेक्शन, प्रज़ेंटेशन, फूड सर्विंग, टेबल सेटिंग और स्टाफ उपलब्ध कराना होता है. केटरिंग का काम शुरू करने के लिए होटल मैनेजमेंट का कोर्स करना ज़रूरी है. कोर्स करने के बाद आप वेडिंग इंडस्ट्री में हाथ आज़मा सकते हैं. इस क्षेत्र में काम करते हुए आप प्रति माह 15,000-80,000 रुपए तक कमा सकते हैं.

वेडिंग इंश्योरेंस एजेंट
शादी के दौरान किसी तरह की अनहोनी होने से बचने के लिए अब वर-वधू वेडिंग इंश्योरेंस कराने लगे हैं. ये अनहोनी मानवीय व प्राकृतिक तौर पर हो सकती है. इस अनहोनी से होनेवाले नुक़सान की भरपाई वेडिंग इंश्योरेंस के द्वारा की जा सकती है, लेकिन इसके लिए ज़रूरत है अनुभवी वेडिंग इंश्योरेंस एजेंट की, जिसे बीमे के बारे में पूरा ज्ञान हो. वेडिंग इंश्योरेंस एजेंट के तौर पर आप प्रतिमाह 25-30 हज़ार रुपए तक कमा सकते हैं.

क्रिएटिव कार्ड डिज़ाइनर
समय के साथ शादी के कार्ड का स्टाइल भी बदल गया. पारपंरिक स्टाइल से हटकर अब वर-वधू भी इसमें काफ़ी बदलाव चाहते हैं. दूसरी वजह यह है कि कार्ड का स्टाइल, डिज़ाइन और पैटर्न वर-वधू की पसंद को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की झलक पेश करता है. इन्हीं कारणों से शादी के बाज़ार में क्रिएटिव कार्ड डिज़ाइनर की मांग बढ़ती जा रही है.

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– पूनम नागेंद्र शर्मा