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आज ऋतिक रोशन (Hritik Roshan) के पापा राकेश रोशनजी (Rakesh Roshan) का जन्मदिन (Birthday) है. हर पिता को बेहद गर्व महसूस होता है, जब उन्हेंे उनके बेटे के नाम से अधिक जाना जाता है. ऋतिक ने जहां अपने पिता को ज़िंदगी के अनगिनत सबक सीखाने के लिए धन्यवाद कहा, वहीं उन्हें अपना प्रेरणास्त्रोत भी माना.

Hrithik Roshan Wishes Papa Rakesh Roshan

उनके अनुसार, वे हमेशा ही ज़िंदगी में एक विद्यार्थी रहे और बचपन से ही उनमें सीखने और जानने की प्रबल उत्सुकता रही है. लेकिन जब वे जीवन की बारीक़ियों को जानते-समझते उसके पहले पिता राकेश रोशन ने ही उन्हें जीवन के कई पाठ सिखला दिए. ये सभी बातें ऐसी थीं, जो कोई भी एज्युकेशन इंस्टीट्यूट, एक्टिंग क्लास या फिर कोई बुक नहीं सीखला सकता. आपने ही मुझे एक अच्छा इंसान, पिता, पुत्र, अभिनेता, दोस्त बनाया है. साथ मेरे बच्चों के सामने भी मैं एक मिसाल व उदाहरण बन पाया, जैसे की आप मेरे लिए हैं. इन सब के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद… हैप्पी टीचर्स डे… हैप्पी बर्थडे!…

पिता-पुत्र, राकेश रोशन व ऋतिक रोशन की एक अच्छी मित्र जैसी बॉन्डिंग है, जो अक्सर देखने व पढ़ने को मिलती है. ऋतिक रोशन के सफल करियर में उनके पिता राकेश का बहुत बड़ा हाथ रहा है. उनके प्रोडक्शन की कहो ना प्यार है, कोई मिल गया… से जो कामयाबी के सफ़र की शुरुआत हुई, वो क्रिश तक बरक़रार है. अब तो वे क्रिस 4 पर काम कर रहे हैं, जो साल 2020 में रिलीज़ होगी.

Hrithik Roshan and Rakesh Roshan

राकेश रोशन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें…

* राकेश रोशन ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म घर घर की कहानी से की थी, पर उन्हें सही मायने में कामयाबी अपने प्रोडक्शन की फिल्मों में अधिक मिली, जैसे- ख़ुदगर्ज, कामचोर, ख़ून भरी मांग आदि.

* राकेश रोशन को लेकर कई अफ़वाहें भी हैं कि वे गंजे थे, पर फिल्मों में हीरो के क़िरदार की ख़ातिर विग लगाते थे. बाद में जब वे निर्देशन में उतरे, तो उन्होंने विग निकाल दिया. वैसे ऐसी बातें अभिनेता राजकुमार के बारे में भी कही जाती थी कि वे विग लगाते थे, जबकि वे गंजे थे.

* लेकिन इस बात में एक ट्विस्ट यह भी है कि जब साल 1987 में उन्होंने ख़ुदगर्ज फिल्म बनाई थी, तब फिल्म की सफलता के लिए तिरुपति बालाजी में मन्नत मांगी थी कि यदि फिल्म हिट हो जाएगी, तो वे अपने सिर के बाल निकलवा देंगे यानी गंजे हो जाएंगे. संयोग देखिए फिल्म सुपर-डुपर हिट हुई. पर पत्नी पिंकी के कहने के बावजूद राकेशजी ने बाल नहीं निकलवाया, लेकिन बाद में वे गंजे हो गए. इसी बीच उनकी दूसरी फिल्म ख़ून भरी मांग ने भी कामयाबी के कई इबारत लिखें. तब उन्होंने ़फैसला कर लिया कि अब वे गंजे ही रहेंगे.

* राकेश रोशन की तक़रीबन हर फिल्म सफल रही है. फिर चाहे वो निर्माता के तौर पर आपके दीवाने हो या फिर निर्देशन के रूप में किशन कन्हैया, काला बाज़ार, कोयला, कहो ना प्यार है, कोई मिल गया, क्रिश आदि हो.

* राकेश रोशन की अधिकतर सभी फिल्मों का संगीत उनके भाई राजेश रोशन ने ही दिया है. दोनों भाइयों में ग़ज़ब की बान्डिंग और प्यार है.

* राजेश रोशन उनके जन्मदिन पर बचपन की यादों को ताज़ा करते हुए कहते हैं कि राकेश रोशन को बचपन में अपने बर्थडे की पार्टी देने का बहुत शौक था. वे अक्सर जन्मदिन पर अपने दोस्तों के साथ मौज-मस्ती किया करते थे. तब मैं भी साथ में जाने की ज़िद करता था, तो वे मना कर देते. तब हमारे बीच ख़ूब लड़ाई होती. मैं मां से भी उनकी शिकायत करता, पर वे कभी साथ नहीं ले जाते.

* बकौल उनके राकेशजी एक सच्चे योद्धा भी थे. जब अंडरवर्ल्ड के लोगों ने उन पर गोली से हमला किया था, तब गोली उनके सीने पर दिल के पास लगी थी. इस स्थिति में डॉक्टर, हॉस्पिटल जाने की बजाय वे हमलावरों को ललकारते हुए उनका पीछा करने पर ज़ोर देते रहे और पुलिस स्टेशन जाकर उनकी शिकायत दर्ज करवाई. सच, में रीयल हीरो व फाइटर हैं वे.

* राकेशजी को म्यूज़िक व गीतों की भी अच्छी समझ है. अपने भाई राजेश के वे शुभचिंतक के साथ-साथ सबसे बड़े आलोचक भी हैं. जहां उन्हें कुछ खटकता वे दख़लअंदाज़ी करते और धुन के साथ या फिर गाकर उन्हें गीत-संगीत की बारीक़ियों के बारे में समझाते.

* आज भी राकेश रोशन अपने बर्थडे पर जमकर पार्टी करते हैं. सभी यार-दोस्तों की महफ़िल सजती है. सभी पुराने दिनों की यादें ताज़ा करते हैं.

Hrithik Roshan and Rakesh Roshan

* राकेश रोशन की शिक्षा सातारा (महाराष्ट्र) के आर्मी स्कूल में हुई थी, इसलिए उनके जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व रहा है. तब वे हर रोज़ सुबह चार बजे उठा करते थे और एक मील तक जॉगिंग करते थे. इसके अलावा गेम्स, बॉक्सिंग, हार्स राइडिंग भी किया करते थे. अपने बेटे व पोतों को भी वे अनुशासन की पाठ अक्स पढ़ाते रहते हैं. तभी तो ऋतिक उन्हें अपना श्रेष्ठ गुरु मानते हैं. मेरी सहेली की तरफ़ से राकेशजी को जन्मदिन की शुभकामनाएं!…

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बॉलीवुड के ऐक्शन किंग और ही मैन कहे जाने वाले धरम पाजी (Dharam Paji) यानी कि धर्मेंद्र (Dharmendra) हो गए हैं 82 साल के. लेकिन उनकी फिटनेस देखकर कौन कहेगा कि वो 82 साल के हो गए हैं. धर्मेंद्र का एक आम इंसान से सुपरस्टार बनने का सफ़र बेहद ही रोचक रहा है.Happy birthday Dharmendraउनका जन्म 8 दिसंबर, 1935 को पंजाब में हुआ था. गांव में ही उन्होंने पढ़ाई गांव के ही स्कूल से की थी. उनका पूरा नाम धरम सिंह देओल (Dharam Singh Deol) है. उनकी पहली शादी तब हो गई थी, जब वो केवल 19 साल के थे. फिल्मों में काम करने से पहले धर्मेंद्र रेलवे में क्लर्क थे और उन्हें सवा सौ रुपए सैलरी मिलती थी.

फिल्मफेयर का टैलेंट अवॉर्ड जीतकर धर्मेंद्र मुंबई आ गए और फिल्मों में स्ट्रगल करने लगे. विवाहित होने की वजह से उन्हें फिल्में मिलने में काफ़ी दिक़्कते आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. धर्मेन्द्र की पहली फिल्म थी दिल भी तेरा हम भी तेरे, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि फिल्म के प्रीमियर पर धर्मेन्द्र को किसी ने नहीं पहचाना और ग़ुस्से में वो ट्रेन से घर चले गए थे. फिल्म अनपढ़ और बंदिनी से उन्हें पहचान मिली. फिल्मों में शुरुआत में उनकी छवि एक रोमांटिक हीरो की थी, लेकिन फूल और पत्थर, धरम वीर, चरस, आज़ाद और शोले ने उन्हें एक्शन हीरो बना दिया. आज भी धरम पाजी का अंदाज़ उनके फैन्स पसंद करते हैं. फिल्मों में उनकी दूसरी पारी को भी पसंद किया गया.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से धर्मेंद्र को ढेरों शुभकामनाएं.

गरम-धरम कहे जाने वाले धरम पाजी के डायलॉग्स बोलने का अंदाज़ दमदार और डांस की अदा अलग थी. आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं उनके 10 फेमस गाने.

फिल्म- लोफर

https://www.youtube.com/watch?v=8SXXGD1_rTU

फिल्म- ब्लैकमेल

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फिल्म- बहारें फिर भी आएंगी

https://www.youtube.com/watch?v=GQblX2TmEZI

फिल्म- प्रतिजा

फिल्म- शालीमार

फिल्म- दोस्त

https://www.youtube.com/watch?v=tLaYQzGntdw

फिल्म- मेरा गांव मेरा देश

https://www.youtube.com/watch?v=oK3E-YXEIXE

फिल्म- जुगनू

https://www.youtube.com/watch?v=TPopE3_ycjM

फिल्म- चरस

फिल्म- शोले

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हैप्पी बर्थ एनीवर्सरी- गुरु दत्त: एक सोच, एक ख़्याल… एक मिसाल, एक सवाल- जानें अनकही बातें! Birth Anniversary: Facts You Should Not Miss About Guru Dutt
  • गुरु दत्त (Guru Dutt) अपने आप में एक मिसाल का नाम है. जी हां, वो न स़िर्फ एक मंजे हुए अभिनेता (Actor) थे, बल्कि एक बेहतरीन निर्देशक (Director) भी थे.
  • कला को पहचानने की उनमें ग़ज़ब की क्षमता थी.
  • अपने ख़्यालों को, अपनी सोच को किस तरह से रूपहले पर्दे पर जीवंत होते देखा जा सकता है, इसे परखने की उनकी कला के सभी कायल थे.
  • यही वजह है कि आज भी इस अभिनेता का नाम आते ही मन में सम्मान और आंखों में कुछ सवाल भी उभर आते हैं.
  • सम्मान उनके कौशल के लिए और सवाल उनकी निजी ज़िंदगी के लिए… जी हां, आज भी गुरु दत्त सबके लिए एक पहेली या एक सवाल बने हुए हैं.

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  • उनकी निजी ज़िंदगी के बारे में बहुत कुछ कहा, लिखा गया, लेकिन आज भी वो सवाल बरक़रार हैं कि आख़िर क्यों इतना टैलेंटेड एक्टर, इतना युवा निर्माता-निर्देशक दुनिया को इस तरह से छोड़ गया था.
  • उनकी बर्थ एनीवर्सरी पर आज हम उन्हें एक मिसाल के रूप में याद करेंगे.
  • बोलती आंखों और गहरी सोचवाले गुरु दत्त का जन्म 9 जुलाई 1925 को बैंगलोर (आज बैंगलुरू) में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका असली नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था.
  • उनका बचपन कलकत्ता (अभी कोलकाता) में गुज़रा था, यही वजह है कि उनकी निजी जीवन पर भी वहां की संस्कृति का काफ़ी प्रभाव पड़ा था, यही वजह है कि उनकी फिल्मों में भी वहां की छाप नज़र आती है.

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  • गुरु दत्त ने कलकत्ता में टेलीफोन ऑपरेट की नौकरी से शुरुआत की थी, लेकिन उनका कलाप्रेमी मन मशीनों में उलझकर नहीं रहना चाहता था, यही वजह है कि उन्होंने जल्द ही मुंबई का रुख़ कर लिया और जल्द ही बॉलीवुड में एक मुकाम हासिल किया.
  • उनकी फ़िल्में- प्यासा, साहिब बीबी और गुलाम, काग़ज़ के फूल, चौदहवीं का चांद आज भी एक बेंचमार्क हैं.
  • यही वजह है कि प्यासा और काग़ज़ के फूल को टाइम पत्रिका (Time Magazine) की 100 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की सूचि में शामिल किया गया और साइट एंड साउंड आलोचकों और निर्देशकों के सर्वेक्षण में गुरु दत्त को सबसे बड़े निर्देशकों में जगह मिली.
  • वर्ष 2010 में सीएनएन (CNN) के ऑल टाइम 25 सर्वश्रेष्ठ एशियाई अभिनेताओं में गुरु दत्त भी शामिल हुए.
  • उनके हुनर के चलते ही उन्हें भारत का ऑर्सन वेल्स (Orson Welles) भी हा जाता था.
  • बहुत कम लोग ही जानते हैं कि गुरु दत्त कोरियोग्राफी का भी हुनर जानते थे और ख़ुद बहुत अच्छे कोरियोग्राफर भी थे.

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  • बात उनकी निजी ज़िंदगी की करें, तो गीता दत्त से उनकी शादी हुई, लेकिन कहा जाता है कि शादी, प्यार और भावनाओं की कश्मकश ही उनकी आत्महत्या का कारण बनी.
  • वहीदा रहमान (Waheeda Rehman) जैसी अदाकारा को उन्होंने ने ही बॉलीवुड में एंट्री दिलाई और वो उनकी कला से इतने प्रभावित थे कि वहीदा के लाख मना करने के बाद भी उन्होंने उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए तैयार कर लिया.
  • वहीदा के अलावा जॉनी वॉकर भी गुरु दत्त की ही खोज माने जाते हैं. अपने करियर की शुरुआत में देवानंद (Dev Anand) और रहमान से उनकी जो दोस्ती हुई, वो दोस्ती और भी गहरी हुई और ताउम्र वो दोनों उनके अच्छे दोस्तों में गिने जाते रहे.
  • देवानंद से दोस्ती के चलते ही उन्हें नवकेतन (Navketan) की फिल्म बाज़ी (Bazi) के निर्देशन का मौका मिला, जहां सभी ने उनकी हुनर को पहचाना.
  • देवानंद ने ही एक बार उनके बारे में कहा था कि गुरु दत्त असफलता को पचा नहीं पाते.
  • इसी तरह उनकी पड़ोसी रह चुकी नादिरा ने भी कहा था कि वो हमेशा एक डिप्रेशन में रहते थे, क्योंकि वो यह महसूस करते थे कि अपने रिश्तों और फिल्मों को वो इतना नहीं दे पा रहे, जितना वो देना चाहते हैं.

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  • 10 अक्टूबर 1964 को गुरु दत्त ने ज़िंदगी को छोड़ मौत का दामन थाम लिया और हमने एक होनहार कलाकार बहुत जल्द खो दिया. उनकी बर्थ एनीवर्सरी पर उन्हें दिल से नमन करते हैं.
देखते हैं गुरु दत्त की उत्कृष्ट फिल्मों के दिल को छू लेने वाले गीत…

फिल्म: प्यासा, गाना: जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला…

https://www.youtube.com/watch?v=EhDCAmXKBBs

फिल्म: चौदहवीं का चांद, गाना: चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो…
https://www.youtube.com/watch?v=5ZUR92B-UzE

फिल्म: प्यासा, गाना: ये महलों ये तख्तों ये ताजों की दुनिया… ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है…

फिल्म: प्यासा, गाना: हम आपकी आंखों में इस दिल को सजा दें तो…
https://www.youtube.com/watch?v=vBTcsTd2kF0

फिल्म: साहिब बीबी और गुलाम, गाना: भंवरा बड़ा नादान हाय…
https://www.youtube.com/watch?v=DHyRikMZXqw

IMG_7389242354 (1)राज कपूर के बाद बॉलीवुड के दूसरे शोमैन कहे जाने वाले सुभाष घई (Subhash Ghai) हो गए हैं 72 साल के. बॉलीवुड के इस शोमैन ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन फिल्में और जैकी श्रॉफ, माधूरी दीक्षित, मीनाक्षी शेषाद्री, मनीषा कोइराला, महिमा चौधरी, श्रेयस तलपड़े जैसे ऐक्टर्स दिए हैं. कोरियोग्राफर सरोज खान को भी उन्होंने ही फिल्मों में मौक़ा दिया था.

आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ बातें.

  • 24 जनवरी 1945 को नागपुर में जन्में सुभाष घई हीरो बनना चाहते थे. बचपन के इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से डिग्री हासिल की.
  • सुभाष पुणे से मुंबई आ गए और कुछ फिल्मों में ऐक्टिंग की, लेकिन ऐक्टर के तौर पर पहचान नहीं बना पाए.
  • सुभाष की किस्मत में था एक कामयाब निर्देशक बनना. उन्होंने बतौर निर्देशक अपने करियर की शुरूआत की साल 1976 में फिल्म कालीचरण के साथ. फिल्म हिट साबित हुई, जिसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दीं.
  • साल 1982 में सुभाष घई ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी मुक्ता आटर्स की स्थापना की और फिल्म हीरो बनाई. हीरो से उन्होंने जैकी श्राफ को लॉन्च किया था.
  • सुभाष घई बॉलीवुड के पहले ऐसे प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने अपनी फिल्म ताल के ज़रिए फिल्म इंश्योरेंस पॉलिसी की शुरुआत की. इसके अलावा फिल्मों को बैंक से फाइनेंस करवाने का कॉन्सेप्ट शुरू करने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है.
  • इंडस्ट्री को नए ऐक्टर्स देने के लिए सुभाष घई ने विसलिंग वूड्स नाम से ऐक्टिंग स्कूल भी खोला है. ये स्कूल दुनिया के टॉप 10 फिल्म स्कूलों में से एक माना जाता है.
  • घई साहब अपने काम के मास्टर हैं, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि परदेस फिल्म के सुपरहिट गाने ये दिल दिवाना… उन्होंने केवल 4 घंटे में शूट किया था, क्योंकि शाहरुख को इसी दिन रात की फ्लाइट पकड़नी थी. जब गाना बनकर तैयार हुआ, तब सब ये गाना देखकर दंग रह गए.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से शोमैन सुभाष घई को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.

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बॉलीवुड की टॉप की डांस कोरियोग्राफर फराह खान हो गई हैं 52 साल की. ख़ास बात ये है कि आज ही फराह के कज़िन फरहान अख्तर का भी बर्थडे है. 9 जनवरी 1965 को मुंबई में जन्मी बिंदास नेचर वाली फराह के लिए बॉलीवुड की राह आसान नहीं थी. आज वो बॉलीवुड की टॉप की कोरियोग्राफर हैं, पर उन्होंने डांस की कोई ट्रेनिंग नहीं ली है. फराह माइकल जैक्सन से काफ़ी इंस्पायर्ड थीं, उन्होंने ख़ुद से डांस सीखा और फिल्मों में काम शुरू किया. जो जीता वही सिंकदर फराह के लिेए ख़ास फिल्म रही. ये फिल्म सरोज खान ने छोड़ दी थी, जिसके बाद फराह को ये फिल्म मिल गई. फिल्म का पहला नशा… गाना सुपरहिट हो गया और लोग फराह खान को जानने लगे. शाहरुख और फराह की दोस्ती बॉलीवुड में काफ़ी फेमस है, दोनों की मुलाकात कभी हां, कभी ना के सेट पर हुई थी और फिर दोनों की दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि शाहरुख की होम प्रोडक्शन फिल्म मैं हूं ना को फराह ने डायरेक्ट किया. फराह ने शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी फिल्म से ऐक्टिंग में भी डेब्यू किया. एक कामयाब कोरियोग्राफर के साथ वो एक कामयाब निर्देशिका भी हैं. देखें फराह के कोरियोग्राफ किए हुए टॉप 5 सॉन्ग्स.

फिल्म- जो जीता वही सिकंदर

https://www.youtube.com/watch?v=19zvNxasmDU

फिल्म- तीस मार खां

फिल्म- दिल से

https://www.youtube.com/watch?v=-3eosg8OuF0

फिल्म- कोई मिल गया

https://www.youtube.com/watch?v=jJmHMINDGxA

फिल्म- दबंग

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से फराह को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.

बॉलीवुड के फिटेस्ट ऐक्टर माने जाने वाले जॉन अब्राहम (John Abraham) हो गए हैं 44 साल के. लेकिन जॉन की फिटनेस, उनसे कम उम्र वाले ऐक्टर पर भी भारी है. हैंडसम हंक जॉन की फीमेल फैन फॉलोइंग भी ज़बरदस्त है. 17 दिसंबर 1972 को केरल में जन्मे जॉन ने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की और आज ऐक्टर और प्रोड्यूसर बन गए हैं. बाइक्स के शौक़ीन जॉन फिटनेस को लेकर काफी सीरियस हैं. वो दूसरों को भी फिट रहने की सलाह देते हैं. फिटनेस फ्रीक जॉन जिम जाने का एक भी मौक़ा नहीं छोड़ते हैं. मद्रास कैफे के प्रमोशन के दौरान जॉन का एक छोटा-सा ऐक्सीडेंट हो गया था, लेकिन फिर भी जॉन आराम करने की बजाय अगले दिन जिम में वर्कआउट करने पहुंच गए.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से जॉन को ए वेरी हैप्पी बर्थडे.

जॉन का नाम बॉलीवुड के हॉट ऐक्टर्स में शुमार है, आइए देखते हैं उनकी कुछ हॉट पिक्चर्स.John Abraham

John Abraham

John Abraham

John Abraham

John Abraham

John Abraham John Abraham

 

प्रियंका चोपड़ा अब बन गई हैं प्रोड्यूसर भी. बतौर प्रोड्यूसर वो डेब्यू कर रही हैं अपनी पहली मराठी फिल्म के ज़रिए. टि्वटर पर अपनी होम प्रोडक्शन की मराठी फिल्म वेंटिलेटर का टीज़र रिलीज़ करते हुए प्रियंका ने लिखा, ”प्राउट टु प्रेज़ेंट द फर्स्ट लुक ऑफ वेंटिलेटर, पर्पल पेबल पिक्चर्स की डेब्यू मराठी प्रोडक्शन 4 नवंबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी.

https://twitter.com/priyankachopra/status/784282763172032512

इस फिल्म से आशुतोष गोवारिकर सिल्वर स्क्रिन पर वापसी करेंगे. इस फिल्म का टीज़र काफ़ी इंट्रेस्टिंग है. आप भी देखें वीडियो.

https://youtu.be/jkmSUttsmk0

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बचपन से लेकर अब तक क्या आप भी वीडियो गेम, कंप्यूटर गेम आदि पर घंटों समय बिताते हैं, तो आप इस क्षेत्र में करियर बनाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. नए-नए गेम्स बनाकर पैसे कमाने के साथ ही आप बच्चों के चेहरे पर मुस्कान भी बिखेर सकते हैं. इस क्षेत्र में कैसे बढ़ें आगे? आइए, जानते हैं.

शैक्षणिक योग्यता
इस फील्ड में करियर बनाने की चाह रखनेवालों के लिए ग्रैज्युएट होना ज़रूरी है. इसके बाद ही आप आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन भर सकते हैं.

प्रकार
खेल की दुनिया में करियर बनाना चाह रहे हैं, तो सबसे पहले उसके बारे में अच्छी तरह जान लें, उसके बाद ही आगे बढ़ें. आइए, हम आपको बताते हैं कि किस तरह के काम आप कर सकते हैं.

गेम प्रोड्यूसर
इसके लिए डिज़ाइनिंग की जानकारी के अलावा, 3डी मॉड्यूलिंग और 2डी सॉफ्टवेयर का नॉलेज होना ज़रूरी है. वहीं ऑडियो इंजीनियर के लिए ल++, साउंड इंजीनियरिंग के अलावा अन्य भाषा की जानकारी भी ज़रूरी है.

क्या करते हैं?
वीडियो गेम प्रोड्यूसर का काम पूरे प्रोडक्शन के काम पर नज़र रखना होता है.

गेम डिज़ाइनर
गेम डिज़ाइनर बनने के लिए आपको लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपना दोस्त बनाना होगा. दुनिया में कब क्या नया हो रहा है, ये आपको पता होना चाहिए. इसमें समय की चिंता किए बग़ैर आपको काम करते रहना होगा.

क्या करते हैं?
गेम डिज़ाइनिंग के साथ गेम को फनी बनाना, गेम राइटिंग और डायग्राम तैयार करना होता है. एक तरह से इनके ऊपर बहुत सारी ज़िम्मेदारियां होती हैं.

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एनिमेटर
एनिमेशन की दुनिया में मस्त रहनेवालों के लिए ये फील्ड बेहतरीन है. इसके लिए आपको 2डी कॉन्सेप्ट आर्ट के माध्यम से 3डी मॉडल्स और 2डी टेक्स्चर मैप तैयार करना आना चाहिए.

क्या करते हैं?
एनिमेटर आमतौर पर प्रोग्रामर और सीनियर आर्टिस्ट के साथ गेम के कैरेक्टर के हर पहलू पर काम करते हैं.

ऑडियो प्रोग्रामर
आवाज़ से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करनेवालों के लिए ये क्षेत्र बेहतरीन हैै. अलग-अलग गेम कैरेक्टर की तरह-तरह की आवाज़ें जनरेट करने की कला इस फील्ड में आपको आगे ले जाएगी. वैसे यह फील्ड कंप्यूटर इंजीनियर के लिए बेहतरीन माना जाता है. ऑडियो प्रोग्रामर को गेम में स्पेशल इफेक्ट के इस्तेमाल के लिए साउंड के बारे में अच्छी नॉलेज रखना ज़रूरी है.

क्या करते हैं?
इस तरह के प्रोग्रामर गेम के लिए ऑडियो तैयार करने के अलावा साउंड इंजीनियरिंग का भी काम करते हैं.

ग्राफिक प्रोग्रामर
गेम को डेवलप करने में ग्राफिक प्रोग्रामर टेक्निकल सपोर्ट देता है, लेकिन इसके लिए ग्राफिक प्रोग्रामर को ल, ल++, डायरेक्ट एक्स, ओपन जीएल, विंडो प्रोग्रामिंग, 3डी पैकेज आदि के बारे में मालूम होना चाहिए.

क्या करते हैं?
गेम का ग्राफिक डिज़ाइन करते हैं.

अट्रैक्टिव सैलरी पैकेज
देश में गेमिंग की दुनिया में 2डी और 3डी डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स की मांग है. इस हाईटेक गेम वर्ल्ड में शुरुआती दौर में ही आपकी सैलरी 2 लाख सालाना हो सकती है.

रोज़गार
मॉडर्न ज़माने में इस क्षेत्र में कई स्कोप हैं. देश से लेकर विदेश तक आप इस फील्ड में करियर बना सकते हैं. कई गेमिंग कंपनियां भारत में अपना सेटअप तैयार करवा रही हैं, लेकिन अच्छे गेम डेवलपर्स की बहुत कमी है. ऐसे में आपके लिए ये बेहतरीन विकल्प हो सकता है.

प्रमुख संस्थान

  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिज़ाइन पाल्दी, अहमदाबाद
  • सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी ऑफ इंडिया, चंडीगढ़
  • फॉरच्यून इंस्टिट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
  • महात्मा गांधी विश्‍वविद्यालय, केरल
  • माया एकेडमी ऑफ एडवांस सिनेमेटिक्स, मुंबई

इस फील्ड में कंप्यूटर के साथ-साथ मोबाइल गेमिंग का क्रेज़ भी बढ़ रहा है. ऐसे में आप घर बैठे मोबाइल गेम्स बनाकर भी बड़ी-बड़ी कंपनियों को अप्रोच कर सकते हैं. आप इसमें मन मुताबिक़ सैलरी की डिमांड भी कर सकते हैं.

नेम-फेम दोनों
ये एक ऐसा क्षेत्र है, जहां पैसे के साथ-साथ नाम भी होता है. आपको इंटरनेशनल मार्केट तक में जाना जाता है. आप चाहें, तो अपने नाम से गेम बनाकर देश-दुनिया में मशहूर हो सकते हैं.

– श्वेता सिंह