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बर्थ एनीवर्सरी: गुरु दत्त… एक सोच, एक ख़्याल… एक मिसाल, एक सवाल- जानें अनकही बातें! (Birth Anniversary: Facts You Should Not Miss About Guru Dutt)

बर्थ एनीवर्सरी: गुरु दत्त

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हैप्पी बर्थ एनीवर्सरी- गुरु दत्त: एक सोच, एक ख़्याल… एक मिसाल, एक सवाल- जानें अनकही बातें! Birth Anniversary: Facts You Should Not Miss About Guru Dutt
  • गुरु दत्त (Guru Dutt) अपने आप में एक मिसाल का नाम है. जी हां, वो न स़िर्फ एक मंजे हुए अभिनेता (Actor) थे, बल्कि एक बेहतरीन निर्देशक (Director) भी थे.
  • कला को पहचानने की उनमें ग़ज़ब की क्षमता थी.
  • अपने ख़्यालों को, अपनी सोच को किस तरह से रूपहले पर्दे पर जीवंत होते देखा जा सकता है, इसे परखने की उनकी कला के सभी कायल थे.
  • यही वजह है कि आज भी इस अभिनेता का नाम आते ही मन में सम्मान और आंखों में कुछ सवाल भी उभर आते हैं.
  • सम्मान उनके कौशल के लिए और सवाल उनकी निजी ज़िंदगी के लिए… जी हां, आज भी गुरु दत्त सबके लिए एक पहेली या एक सवाल बने हुए हैं.

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  • उनकी निजी ज़िंदगी के बारे में बहुत कुछ कहा, लिखा गया, लेकिन आज भी वो सवाल बरक़रार हैं कि आख़िर क्यों इतना टैलेंटेड एक्टर, इतना युवा निर्माता-निर्देशक दुनिया को इस तरह से छोड़ गया था.
  • उनकी बर्थ एनीवर्सरी पर आज हम उन्हें एक मिसाल के रूप में याद करेंगे.
  • बोलती आंखों और गहरी सोचवाले गुरु दत्त का जन्म 9 जुलाई 1925 को बैंगलोर (आज बैंगलुरू) में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका असली नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था.
  • उनका बचपन कलकत्ता (अभी कोलकाता) में गुज़रा था, यही वजह है कि उनकी निजी जीवन पर भी वहां की संस्कृति का काफ़ी प्रभाव पड़ा था, यही वजह है कि उनकी फिल्मों में भी वहां की छाप नज़र आती है.

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  • गुरु दत्त ने कलकत्ता में टेलीफोन ऑपरेट की नौकरी से शुरुआत की थी, लेकिन उनका कलाप्रेमी मन मशीनों में उलझकर नहीं रहना चाहता था, यही वजह है कि उन्होंने जल्द ही मुंबई का रुख़ कर लिया और जल्द ही बॉलीवुड में एक मुकाम हासिल किया.
  • उनकी फ़िल्में- प्यासा, साहिब बीबी और गुलाम, काग़ज़ के फूल, चौदहवीं का चांद आज भी एक बेंचमार्क हैं.
  • यही वजह है कि प्यासा और काग़ज़ के फूल को टाइम पत्रिका (Time Magazine) की 100 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों की सूचि में शामिल किया गया और साइट एंड साउंड आलोचकों और निर्देशकों के सर्वेक्षण में गुरु दत्त को सबसे बड़े निर्देशकों में जगह मिली.
  • वर्ष 2010 में सीएनएन (CNN) के ऑल टाइम 25 सर्वश्रेष्ठ एशियाई अभिनेताओं में गुरु दत्त भी शामिल हुए.
  • उनके हुनर के चलते ही उन्हें भारत का ऑर्सन वेल्स (Orson Welles) भी हा जाता था.
  • बहुत कम लोग ही जानते हैं कि गुरु दत्त कोरियोग्राफी का भी हुनर जानते थे और ख़ुद बहुत अच्छे कोरियोग्राफर भी थे.

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  • बात उनकी निजी ज़िंदगी की करें, तो गीता दत्त से उनकी शादी हुई, लेकिन कहा जाता है कि शादी, प्यार और भावनाओं की कश्मकश ही उनकी आत्महत्या का कारण बनी.
  • वहीदा रहमान (Waheeda Rehman) जैसी अदाकारा को उन्होंने ने ही बॉलीवुड में एंट्री दिलाई और वो उनकी कला से इतने प्रभावित थे कि वहीदा के लाख मना करने के बाद भी उन्होंने उन्हें फिल्मों में काम करने के लिए तैयार कर लिया.
  • वहीदा के अलावा जॉनी वॉकर भी गुरु दत्त की ही खोज माने जाते हैं. अपने करियर की शुरुआत में देवानंद (Dev Anand) और रहमान से उनकी जो दोस्ती हुई, वो दोस्ती और भी गहरी हुई और ताउम्र वो दोनों उनके अच्छे दोस्तों में गिने जाते रहे.
  • देवानंद से दोस्ती के चलते ही उन्हें नवकेतन (Navketan) की फिल्म बाज़ी (Bazi) के निर्देशन का मौका मिला, जहां सभी ने उनकी हुनर को पहचाना.
  • देवानंद ने ही एक बार उनके बारे में कहा था कि गुरु दत्त असफलता को पचा नहीं पाते.
  • इसी तरह उनकी पड़ोसी रह चुकी नादिरा ने भी कहा था कि वो हमेशा एक डिप्रेशन में रहते थे, क्योंकि वो यह महसूस करते थे कि अपने रिश्तों और फिल्मों को वो इतना नहीं दे पा रहे, जितना वो देना चाहते हैं.

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  • 10 अक्टूबर 1964 को गुरु दत्त ने ज़िंदगी को छोड़ मौत का दामन थाम लिया और हमने एक होनहार कलाकार बहुत जल्द खो दिया. उनकी बर्थ एनीवर्सरी पर उन्हें दिल से नमन करते हैं.
देखते हैं गुरु दत्त की उत्कृष्ट फिल्मों के दिल को छू लेने वाले गीत…

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