queen

एक वक़्त था जब सभी कंगना के फैशन सेंस और अंग्रेज़ी ठीक से ना बोल पाने का मज़ाक़ उड़ाते थे लेकिन समय के साथ ना सिर्फ़ उनका व्यक्तित्व बल्कि फैशन सेंस भी ग़ज़ब का हो गई और वो वाक़ई हर क्षेत्र की क्वीन ही साबित हुईं.

उनकी ये तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं.

Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
Kangna Ranaut
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Kangna Ranaut
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10 महिला प्रधान फिल्में (Women Oriented Films) हर महिला को जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि इन फिल्मों ने महिलाओं के जीवन के ऐसे कई पहलुओं को उजागर किया है, जिन पर इससे पहले बात तक नहीं की जाती थी. 10 महिला प्रधान फिल्मों ने कई सामाजिक मान्यताओं को तोड़ा है और समाज को नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया है. यदि आपने अभी तक ये फिल्में नहीं देखी हैं, तो आपको ये महिला प्रधान फिल्में जरूर देखनी चाहिए.

Women Oriented Bollywood Films

1) क्वीन (Queen)
महिला प्रधान फिल्मों की बात हो और कंगना रनौत की फिल्म क्वीन का ज़िक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. क्वीन फिल्म की सबसे बड़ी ख़ासियत है इस फिल्म का मैसेज. इस फिल्म में ये बताया गया है महिलाओं की चाहतें पुरुषों के सहारे की मोहताज नहीं हैं और कंगना रनौत ने अपनी अदाकरी से महिलाओं की भावनाओं को बहुत दमदार तरीके से प्रस्तुत किया है. यदि आपने अभी तक क्वीन फिल्म नहीं देखी है, तो आपको ये फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए.

Queen

2) द डर्टी पिक्चर (The Dirty Picture) 
बॉलीवुड की मोस्ट टेलेंटेड एक्ट्रेस विद्या बालन की बेहतरीन फिल्मों में से एक द डर्टी पिक्चर 80 के दशक की दक्षिण भारतीय फिल्मों की कलाकार सिल्क स्मिता के जीवन पर आधारित थी. द डर्टी पिक्चर फिल्म में रुपहले पर्दे के की चमक के पीछे छुपे अंधेरे को उजागर किया गया. साथ ही महिला के शरीर के प्रति लोगों की मानसिकता को भी दर्शाया गया. इस फिल्म में विद्या बालन की एक्टिंग को खूब सराहा गया.

The Dirty Picture

 

3) लिपस्टिक अंडर माय बुर्का (Lipstick Under My Burka) 
विवादों से घिरी फिल्म लिपस्टिक अंडर माय बुर्का अलग-अलग उम्र की चार ऐसी महिलाओं को कहानी है, तो अपने हिसाब से आज़ादी से ज़िंदगी गुज़ारने में विश्‍वास रखती हैं. कोंकणा सेन शर्मा, रत्ना पाठक शाह, आहना कुमरा, पल्बिता बोरठाकुर ने लिपस्टिक अंडर माय बुर्का फिल्म में दमदार अभिनय किया है. हालांकि इस फिल्म को रिलीज़ होने से पहले सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने के लिए काफ़ी इंतज़ार करना पड़ा था, लेकिन जब भी महिला प्रधान फिल्म की बात की जाएगी, तो लिपस्टिक अंडर माय बुर्का फिल्म का ज़िक्र ज़रूर होगा.

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Lipstick Under My Burka

4) पार्चड (Parched) 
पार्चड यानी सूखा और इस फिल्म में गांव की तीन स्त्रियों के माध्यम से इस शब्द को भलीभांति प्रस्तुत किया गया है. पार्चड फिल्म में पुरुष प्रधान मानसिकता, महिलाओं पर अत्याचार, बाल विवाह जैसी समस्याओं का कटु सत्य को बहुत तीखे अंदाज़ में पेश किया गया है. पार्चड फिल्म को 24 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया और इस फिल्म ने 18 अवॉर्ड्स हासिल किए.

Parched

5) ऐंग्री इंडियन गॉडेसेस (Angry Indian Goddesses)
ऐंग्री इंडियन गॉडेसेस फिल्म की कहानी पांच लड़कियों के ईर्दगिर्द घूमती है. ये लड़कियां हंसती भी हैं और रोती भी हैं, मस्ती भी करती हैं और दर्द भी झेलती हैं. इस फिल्म में लड़कियों के साथ छेड़छाड़, कोर्ट में इंसाफ न मिलना, मां-बाप का प्यार न मिलना जैसी कई सामाजिक समस्याओं को उजागर किया गया है. महिलाओं को ये फिल्म भी ज़रूर देखनी चाहिए.

Angry Indian Goddesses

6) चांदनी बार (Chandni Bar) 
चांदनी बार फिल्म मुंबई की बार बालाओं के जीवन पर आधारित है. मधुर भंडारकर की फिल्म चांदनी बार में तब्बू ने अपनी दमदार अदाकारी से मुंबई की बार बालाओं के जीवन को बहुत ही सटीक तरीके से प्रस्तुत किया है. चांदनी बार फिल्म के लिए तब्बू को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला और इस फिल्म को चार राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले.

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Chandni Bar

7) फायर (Fire)
दीपा मेहता की फिल्म फायर दो महिलाओं के समलैंगिग रिश्तों पर आधारित कहानी है. इस फिल्म को दो साल तक सेंसर बोर्ड की हरी झंडी का इंतज़ार करना पड़ा और दो साल बाद इस फिल्म को एडल्ट कैटेगरी में सिनेमाघरों में दिखाया गया. इस फिल्म में शबाना आज़मी और नंदिता दास की एक्टिंग को बहुत सराहा गया था.

Fire

8) नीरजा (Neerja)
नीरजा फिल्म को सोनम कपूर की बेस्ट फिल्मों में गिना जाता है. फिल्म में प्लेन हाइजैक के दौरान एक एयर होस्टेस किस तरह बहादुरी से अपनी नैतिक और सामाजिक ज़िम्मेदारी निभाती है, इसका बेहतरीन प्रस्तुतिकरण किया गया है. नीरजा फिल्म की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इस फिल्म में कहीं से भी हीरो या अभिनेता की कमी नहीं महसूस होती.

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Neerja

9) मॉम (Mom)
बॉलीवुड की चांदनी श्रीदेवी जी भले ही आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी फिल्म मॉम महिलाप्रधाान फिल्मों में खास स्थान रखती है. इस फिल्म में बताया गया है कि एक मां अपने बच्चों के लिए क्या कुछ कर सकती है. पूरी फिल्म श्रीदेवी यानी मॉम के ईर्दगिर्द घूमती है. इस फिल्म में भी हीरो की ज़रूरत महसूस नहीं होती.

Mom

10) पिंक (Pink)
तापसी पन्नू की फिल्म पिंक भी लीक से हटकर थी. इस फिल्म की कहानी तीन महिलाओं के ईर्दगिर्द घूमती है और समाज को महिलाओं के बारे में काफी कुछ सोचने पर मजबूर करती है. फिल्म पिंक में बिग बी अमिताभ बच्चन ने भी दमदार अभिनय किया है.

Pink

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Beauty And The Beast Story in Hindi

Fairy Tales: ब्यूटी एंड द बीस्ट… (Beauty And The Beast)

एक शहर में एक व्यापारी अपनी तीन बेटियों के साथ रहता था. तीनों बेटियां बेहद सुंदर थीं, पर सबसे छोटी बेटी ब्यूटी सबसे ख़ूबसूरत और समझदार थी. इसी वजह से उसकी दोनों बहनें उससे ईर्ष्या रखती थीं. दोनों बड़ी बहनें बेहद स्वार्थी थीं और अपने पिता की दौलत उड़ाने में ही उनकी दिलचस्पी थी. ब्यूटी हमेशा अपने पिता का ख़्याल रखती और हर रात वो एक सुंदर से राजकुमार का सपना देखती. उसे यकीन था कि एक दिन उसे वो राजकुमार अपने साथ महल में ले जाएगा.

दिन गुज़र रहे थे कि एक दिन की बात है व्यापारी को ख़बर मिलती है कि उनके सारे जहाज़ समुद्री तूफ़ान में डूब गए और वो तबाह हो गए. इस मुश्किल घड़ी में ब्यूटी ने पिता को संभाला, जबकि बाकी बहनें दिनभर रोना रोती रहतीं.

एक दिन व्यापारी को ख़बर मिली कि उनका एक जहाज़ मिल गया है. वो बेहद ख़ुश हुए और बंदरगाह जाने से पहले अपनी बेटियों से पूछने लगे कि उन्हें क्या उपहार चाहिए. दोनों बड़ी बहनों से कपड़े और गहने मांगे, जबकि ब्यूटी ने कहा कि आप सही सलामत वापस आ जाओ, इसके अलावा कुछ नहीं चाहती मैं. पर पिता ने ज़ोर दिया, तो उसने कहा कि मेरे लिए एक गुलाब का फूल लेते आना.

पिता बंदरगाह चल दिए, पर वहां जाकर देखा कि जहाज़ पूरी तरह अस्त-व्यस्त था, सारा माल गायब था. वो फिर निराश हो गए. वापसी में रास्ते में बर्फीले तूफ़ान से उनका सामना हुआ. उनका घोड़ा आगे चल नहीं पा रहा था. ऐसे में कुछ देर रुक जाना ही उन्हें सही लगा.

अपने घोड़े को एक पेड़ के नीचे खड़ाकर उन्होंने देखा कि कुछ दूरी पर रोशनी-सी चमक रही थी. वो उस तरफ़ चल पड़े. वहां जाकर देखा कि एक आलीशान महल था और वहां तूफ़ान का भी कोई असर नहीं था. बड़े से सोने के दरवाज़े से वो अंदर गए. वहां जाकर आवाज़ लगाई, पर वहां कोई नहीं था. अंदर जाकर उन्होंने देखा, खाने की मेज़ सजी हुई थी. उन्होंने इंतज़ार किया, पर जब कोई नहीं आया, तो भूख से व्याकुल उन्होंने खाना खा लिया. फिर ऊपर के कमरे की ओर जाकर देखा कि आरामदायक बिस्तर लगा हुआ था. वो आराम से सो गए.

Beauty Aur Beast Kahani

सुबह नींद खुली तो अपने कमरे में नए कपड़े देखे, उन्होंने नहाने के बाद कपड़े पहने और नीचे आ गए. नीचे नाश्ते का टेबल सजा हुआ था. लज़ीज़ नाश्ता करके उन्होंने ज़ोर से कहा कि आप जो कोई भी हैं, बड़े दयालू हैं. आपकी मेज़बानी के लिए धन्यवाद, अब मैं जा रहा हूं. जैसे ही वो बाहर गया, तो सामने गुलाबों का बगीचा था, जिसमें ख़ूबसूरत बैंगनी रंग के गुलाब लगे हुए थे. व्यापारी ने सोचा वो ब्यूटी की इच्छा तो पूरी कर ही सकता है, इसलिए उसने एक गुलाब तोड़ लिया. पर जैसे ही उसने गुलाब तोड़ा, अचानक धरती हिलने लगी और किसी के तेज़ गुर्राने की आवाज़ आने लगी. व्यापारी कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उन्होंने देखा कि सामने से एक भीमकाय, दानवी आकृति चली आ रही है. उसके दांत और पंजे चाकू से भी तेज़ थे. वो जीता-जागता दानव था. उसने व्यापारी से कहा कि तुमको मेरे बगीचे से गुलाब तोड़ने की इजाज़त किसने दी. मैंने तुम्हारा इतना सत्कार किया और तुमने इस तरह से मेरा आभार प्रकट किया. इसकी सज़ा तुम्हें मिलनी चाहिए.

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Beauty And The Beast

यह सुनकर व्यापारी डर गया. उसने कहा कि आप इतनी दयालू हैं, इसलिए मुझे लगा कि एक गुलाब तोड़ने पर आप नाराज़ नहीं होंगे. ये गुलाब भी मैंने अपनी बेटी की इच्छा पूरी करने के लिए तोड़ा था. यह सुनकर दानव की आंखें चमकने लगीं, वो बोला, तुम्हारी बेटी है? तो मेरे पास तुम्हारे लिए एक प्रस्ताव है, जिससे तुम्हारी जान बच सकती है.

व्यापारी ने कहा, मुझे क्षमा कर दें और अपना प्रस्ताव बताएं, क्योंकि मेरी तीन बेटियां मेरा इंतज़ार कर रही हैं.

दानव और ख़ुश हो गया. तुम्हारी तीन बेटियां हैं, तब तो बहुत अच्छा है. उनमें से किसी एक से कहो कि वो यहां आकर रहे. मैं उसे अपने पास इस महल में रखूंगा, इसके बदले तुम्हें आज़ादी मिलेगी.

व्यापारी ने कहा कि ठीक है, मैं घर जाकर अपनी बेटियों को बताता हूं, मुझे यकीन है कि उनमें से कोई न कोई ज़रूर तैयार हो जाएगी. मैं वापसी का वादा करता हूं.

बीस्ट ने कहा कि मैं तुम्हें अपना सबसे तेज़ घोड़ा देता हूं और एक महीने का समय, लेकिन तुम्हारी बेटी को यहां अपनी मर्ज़ी से आना होगा, ज़ोर-ज़बर्दस्ती से नहीं. अगर तुम एक महीने में नहीं आए, तो मैं ख़ुद तुम्हें ढूंढ़ने आऊंगा.

व्यापारी ने भले ही यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था, पर उसे यही लग रहा था कि उसकी कोई भी बेटी तैयार नहीं होगी और उसकी मौत निश्‍चित है. घर जाकर सारी बातें बताईं. दोनों बहनें ब्यूटी पर क्रोधित हो उठीं कि ये सब तुम्हारे गुलाब की वजह से हुआ.
ब्यूटी ने कहा कि मैं पिताजी का वादा निभाने के लिए उनके साथ जाऊंगी. व्यापारी बेहद दुखी था कि उसके कारण यह दुर्भाग्य आया है. ब्यूटी ने समझाया और पिता का हौसला बढ़ाया. व्यापारी यही कहता रहा कि ब्यूटी अपनी ज़िंदगी जीओ, उसे यूं मुझ बूढ़े के लिए ख़राब मत करो.

Beauty And The Beast in Hindi

ब्यूटी ने कहा कि मैं इसका सामना कर सकती हूं. मुझमें हिम्मत है. आप घबराएं नहीं. दोनों जल्द ही आलिशान महल में पहुंच गए. वहां बढ़िया खाना मेज़ पर सजा हुआ था. दोनों ने खाना खाना शुरू किया. कुछ ही देर में बीस्ट वहां आ पहुंचा, जिसे देखकर ब्यूटी बेहद घबरा गई. बीस्ट ने ब्यूटी से पूछा कि क्या वो अपनी मर्ज़ी से यहां आई है, तो ब्यूटी ने सहमति जताई. बीस्ट ने कहा कि क्या तुम अपने पिताजी के बगैर मेरे साथ यहां रहने के लिए तैयार हो, तो ब्यूटी ने हां कहा.

बीस्ट ने व्यापारी से कहा कि आप अपने घोड़े के पास जाएं, वहां सोने से भरे ट्रंक हैं, जो आपकी दोनों बेटियों के लिए है. व्यापारी ने भारी मन से ब्यूटी से विदा ली. बीस्ट ने ब्यूटी को भी ऊपर जाकर आराम करने की सलाह दी. ब्यूटी ने ऊपर जाकर देखा कि बेहद ख़ूबसूरत कमरा उसके लिए तैयार था. वो सो गई. सुबह उठी तो उसकी ज़रूरत व शृंगार का हर सामान तैयार था. वो तैयार होकर नीचे आई, तो लज़ीज़ खाना मिला. खाना खाकर वो आराम ही कर रही थी कि बीस्ट ने उसके पास आकर पूछा कि क्या वो बदसूरत और डरावना है, तो ब्यूटी ने हां में गर्दन हिला दी. फिर बीस्ट ने पूछा क्या वो उससे शादी करेगी, बिना डरे उसे जवाब दे, तो ब्यूटी ने मना कर दिया. जवाब सुनकर बीस्ट चला गया. ब्यूटी हैरान थी कि इंकार करने पर भी बीस्ट नाराज़ नहीं हुआ, न ही ज़बर्दस्ती की.

Beauty And The Beast Hindi Story

बीस्ट हर रात को खाने के बाद ब्यूटी से शादी की बात कहता और ब्यूटी जब मना कर देती, तो वो बेहद उदास व दुखी होकर लौट जाता. धीरे-धीरे दिन गुज़रते गए. अब ब्यूटी को बीस्ट से डर नहीं लगता था. वो उसके नेक दिल का सम्मान करती थी. बीस्ट उसके लिए पियानो भी बजाता और लंबी-लंबी बातें करता. आलिशान महल में रहना ब्यूटी को अच्छा तो लग रहा था, लेकिन अब उसे अपने पिता की याद सताने लगी थी.

ब्यूटी को उदास देखकर बीस्ट ने पूछा, तो ब्यूटी ने एक हफ़्ते के लिए घर जाने की इच्छा जताई. बीस्ट ने कहा कि वो ब्यूटी की इच्छा को पूरा करेगा, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि ब्यूटी अपनी नफ़रत के कारण उससे दूर जाना चाह रही हो. ब्यूटी ने कहा कि वो बीस्ट से नफ़रत नहीं करती और उसे अकेला छोड़कर जाने का उसे भी अफ़सोस है. बीस्ट ने कहा कि तुम जा सकती हो, पर यदि समय पर वापस नहीं आई, तो मेरी मौत निश्‍चित है.

ब्यूटी ने कहा वो ऐसा नहीं होने देगी. बीस्ट ने उसे एक अंगूठी देकर कहा कि इसे पहनकर सो जाओ और जब तुम उठोगी, तो अपने पिता के घर पर होगी. जब तुम्हारी वापस आने की इच्छा हो, तो यह अंगूठी उतार देना, तुम फिर इस महल में आ जाओगी.
ब्यूटी बेहद ख़ुश थी. अगली सुबह उसने ख़ुद को अपने घर पर अपने बिस्तर पर पाया. पिता से मिलकर वो भावुक हो गई. पिता भी बेहद ख़ुश थे. एक हफ़्ता गुज़र गया, पर ब्यूटी महल में वापस जाने की बात भूल गई थी.

Beauty Aur Beast Kahani

एक रात उसे सपना आया कि बीस्ट ज़मीन पर गिरा हुआ है और बस मौत के क़रीब है. वो बेहद डर गई और उसने वापस जाने का निर्णय लिया. सबसे अलविदा कहकर उसने अंगूठी उतारी और अगली सुबह वो महल में पहुंच गई. वो फ़ौरन उस बगीचे में गई, जहां सपने में उसने बीस्ट को मरते हुए देखा था. वो चौंक गई, क्योंकि बीस्ट सचमुच में बेहोशी की हालत में था. ब्यूटी ने पानी के छींटें मारे, तो बीस्ट को होश आया. उसे होश में आया देख ब्यूटी ख़ुशी से झूम उठी और उसे यह एहसास हुआ कि बीस्ट उसके दिल में जगह बना चुका था.

ब्यूटी ने कहा कि मैं बुरी तरह डर गई थी, अगर आपको कुछ हो जाता, तो मैं ख़ुद को कभी माफ़ नहीं करती. मैं आपसे बेहद प्यार करती हूं.
यह सुनकर बीस्ट ने कहा कि क्या तुम मुझ जैसे बदसूरत व अजीब से दिखनेवाले प्राणी से प्यार कर सकती हो?

ब्यूटी ने कहा क्यों नहीं, आपका दिल इतना सुंदर है कि कोई भी आपसे प्यार कर सकता है. मुझे जीवन में और कुछ नहीं चाहिए.
बीस्ट ने पूछा, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?

ब्यूटी ने कहा कि हां, करूंगी.

यह सुनते ही बीस्ट के चारों तरफ़ रौशनी का साया मंडराने लगा और वो एक ख़ूबसूरत नौजवान में बदल गया.

ये देख ब्यूटी हैरान थी, क्योंकि ये वही नौजवान था, जिसके सपने वो देखती थी. उसने राजकुमार को बताया कि वो अक्सर उसके सपनों में आता था. राजकुमार ने बताया कि तुम्हारी वजह से मुझे एक भयंकर शाप से मुक्ति मिली. एक चुडैल को मैंने लड़ाई में हराया था, जब वो मर रही थी, तो उसने मुझे शाप दिया था कि मैं इतना कुरूप हो जाऊंगा कि कोई मुझसे प्यार नहीं करेगा. उसके शाप से मैं भयंकर दरिंदे में बदल गया था, पर तुम्हारे सच्चे प्यार ने मुझे फिर से जीवन दे दिया.

Beauty And The Beast Hindi Kahani

राजकुमार ब्यूटी को उसके घर ले गया, जहां उसके पिता से उसका हाथ मांगा. दोनों ने शादी की और ख़ुशी-ख़ुशी रहने लगे.

सीख: सुंदरता स़िर्फ तन की नहीं होती, उससे कहीं बड़ी सुंदरता मन की होती है, जिससे सारा जग जीता जा सकता है. चेहरा समय के साथ बदल जाता है, पर मन की ख़ूबसूरती हमेशा बरक़रार रहती है. इसलिए बाहरी सुंदरता से आकर्षित होने की बजाय मन की सुंदरता का सम्मान करना सीखें.

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कंगना रनौत

कंगना रनौत हो गई हैं 30 साल की. आज कंगना बॉलीवुड की टॉप की ऐक्ट्रेस में शामिल हैं. उन्हें अगर फिल्मों का हीरो कहा जाए तो गलत नहीं होगा,क्योंकि अपने दम पर फिल्में हिट करने का दम रखती हैं कंगना.

कभी अपने बोल्ड अंदाज़ को लेकर, तो कभी अपने तीखे बयानों के लेकर अक्सर सपर्खियों में रहने वाली कंगना ने अपनी कुछ फिल्मों से ही दर्शकों का दिल जीत लिया है.

कंगना के लिए बॉलीवुड की राह आसान नहीं थी. हिमाचल के छोटे से शहर भांबला से आईं कंगना डॉक्टर बनना चाहती थीं. 16 साल की  उम्र में कंगना दिल्ली पहुंची और मॉडलिंग की. घर वालों को कंगना का फिल्मों में अभिनय करना पसंद नहीं था, फिर भी कंगना ने बॉलीवुड में आने का फैसला किया. 22 साल की उम्र में नेशनल अवॉर्ड जीतकर कंगना ने साबित कर दिया की वो बेहतरीन ऐक्ट्रेस हैं. लगभग 30 फिल्मों में काम कर चुकी कंगना तीन नेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं.

कंगना का ग्लैमरस अवतार तो सबने देखा है, आइए आपको दिखाते हैं उनकी बचपन की कुछ पिक्चर्स.

कंगना रनौत कंगना रनौत कंगना रनौत कंगना रनौत कंगना रनौत

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स्टाइल आयकॉन
सामग्रीः 600 ग्राम मेहंदी ग्रीन रंग का ऊन, 25-25 ग्राम ऑरेंज, स्काई ब्लू, क्रीम और पिंक ऊन, सलाइयां.
विधिः आगे-पीछे का भागः मेहंदी ग्रीन रंग से
120-120 फं. डालकर उल्टी धारी का बॉर्डर बुनें. ग्राफ की सहायता से ऑरेंज व क्रीम रंग से बेलवाली डिज़ाइन डालें. 6 फं. का केबल बुनें, जिसे हर 6 सलाई में पलटते जाएं. दो केबल के बीच में 4-4 फं. उ. बुनें. 21 इंच लंबाई हो जाने के बाद मुड्ढे घटाएं. ग्राफ की सहायता से ऊपर भी बेल डालें. 8 इंच के मुड्ढे बुनें.
आस्तीनः 50-50 फं. डालकर आगे-पीछे के भाग की तरह बुनते हुए 17 इंच लंबी आस्तीन बुनें.
दोनों आस्तीन, आगे-पीछे के भाग एक साथ करके गला बुन दें. स्वेटर के सभी भागों को जोड़कर सिल लें.

3

फ्लावर वैली
सामग्रीः 400 ग्राम काले रंग का ऊन, बची हुई रंग-बिरंगी ऊन, सलाइयां व मोती.
विधिः आगे का भागः 100 फं. डालकर 6 सलाई सीधी-उल्टी सलाई की बुनाई में बुनें. 1 जोड़ा, 1 जाली, 1 सी., जोड़ा, 1 जाली, 1 सी.- पूरी सलाई ऐसे ही बुनें. फिर 6 सलाई सीधी-उल्टी बुनें. इसी तरह बुनते हुए 18 इंच लंबा बुनें. मुड्ढे घटाएं. 3 इंच बाद गोल गला घटाएं. 3 इंच लंबा और बुनें.
पीछे का भागः आगे के भाग की तरह ही बुनें. गला नहीं घटाएं. कंधे जोड़ें. गले के फं. उठाकर गले की पट्टी बुनें.
आस्तीनः 48-48 फं. डालकर सीधी-उल्टी सलाई की बुनाई करते हुए 20 इंच लंबी आस्तीन बुनें. हर 5वीं सलाई में दोनों तरफ़ से 1-1 फं. बढ़ा लें.
आगे के भाग में रंग-बिरंगे ऊन से कढ़ाई करें. स्वेटर के सभी भागों को जोड़कर सिल लें.

Untitled-2
स्वीटहार्ट
सामग्रीः 400 ग्राम ब्राउन रंग का ऊन, 25-25 ग्राम ऑरेंज व पिंक ऊन, सलाइयां.
विधिः आगे-पीछे का भागः ब्राउन रंग से 100-100 फं. डालकर उल्टी धारी का बॉर्डर बुनें. ब्राउन रंग से सीधी-उल्टी सलाई की बुनाई करते हुए चित्रानुसार ऑरेंज रंग से दिल व छोटी-सी बूटी डालते हुए बुनें. 2 इंच बाद 3 फं. उ., 1 सी., 3 उ., 1 सी. की पूरी सलाई बुनें. उल्टी सलाई उल्टी बुनें. 2 इंच बाद पिंक से दिल व बूटी की डिज़ाइन बुनें. यही बुनाई दोहराते हुए 18 इंच लंबाई कर लें. दोनों भागों में मुड्ढे घटाएं. आगे के भाग में 1 इंच बाद बीच में बटनपट्टी रख लें. 2 इंच बाद गोल गला घटाएं. 26 इंच लंबाई पूरी होने पर कंधे जोड़ें. बटनपट्टी के साथ गले के फं. उठाकर उल्टी धारी की गले की पट्टी बुनें.
आस्तीनः 50-50 फं. डालकर आगे-पीछे के भाग की तरह बुनते हुए 20 इंच लंबी आस्तीन बुनें. हर 5वीं सलाई में दोनों किनारों पर 1-1 फं. बढ़ाएं.
स्वेटर के सभी भागों को जोड़कर सिल लें. बटन टांकें व नीचे दोनों रंगों के फुंदने लगाएं.

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