rajesh khanna

बॉलीवुड स्टार्स के फैन्स उन पर जान छिड़कते हैं. अपने फेवरेट स्टार की एक झलक पाने के लिए उनके फैन्स घंटों उनके घर के सामने खड़े रहते हैं. बॉलीवुड स्टार्स के फैन्स उनकी तरह कपड़े पहनते हैं, उनकी तरह हेयरस्टाइल रखते हैं, उनके डायलॉग्स की नकल करते हैं. लेकिन कुछ बॉलीवुड स्टार्स ऐसे भी हैं, जिनका दिल अपने फैन्स पर आ गया और उन्होंने उनको ही अपना जीवनसाथी बना दिया. हम आपको ऐसे बॉलीवुड स्टार्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने अपने फैन्स से ही शादी कर ली.

Bollywood Stars

1) शिल्पा शेट्टी – राज कुंद्रा
बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी का दिल अपने फैन राज कुंद्रा पर आया और उन्होंने उनसे शादी कर ली. ये बात उस समय की है जब शिल्पा शेट्टी एस-2 नाम के परफ्यूम ब्रांड का प्रमोशन कर रही थीं और इसके प्रमोशन में राज कुंद्रा ने शिल्पा की मदद की थी. फिर दोनों में नज़दीकियां बढ़ने लगीं और 2009 में दोनों शादी कर ली. आज इनका एक बेटा भी है और दोनों अपनी शादी से बहुत खुश हैं.

Shilpa Shetty - Raj Kundra

2) विवेक ओबेरॉय – प्रियंका अल्वा
बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय का दिल जब विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय ने तोड़ा, तो उस वक्त उन्हें प्रियंका अल्वा ने संभाला था. हालांकि विवेक ओबेरॉय और प्रियंका अल्वा की शादी माता-पिता की मर्जी से हुई, लेकिन प्रियंका पहले से ही विवेक को अपना क्रश मानती थीं. फैमिली फ्रेंड होने के कारण दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और बाद में दोनों हमसफ़र बन गए.

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Vivek Oberoi and Priyanka Alva

3) जितेंद्र – शोभा कपूर
बॉलीवुड के जंपिंग जैक जितेंद्र पर लाखों हसीनाएं मरती थीं. कुछ बॉलीवुड एक्ट्रेस के साथ जितेंद्र के अफेयर की ख़बरें भी उन समय सुर्ख़ियों में रहीं, लेकिन जितेंद्र का दिल आया शोभा कपूर पर. शोभा कपूर उन दिनों ब्रिटिश एयरवेज़ में बतौर एयर होस्टेस काम करती थीं और जितेंद्र से शादी के सपने देखती थी. जितेंद्र को भी शोभा से प्यार हो गया और दोनों ने वर्ष 1974 में शादी कर ली.

Jitendra and Shobha Kapoor

4) मुमताज – मयूर माधवानी
अपने दौर की बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस मुमताज पर लाखों फैन्स जान छिड़कते थे, लेकिन मुमताज का दिल आया मयूर माधवानी पर. बता दें कि बिज़नेस टाइकून मयूर माधवानी उनके बहुत बड़े फैन थे और मुमताज से शादी होना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था.

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Mumtaz and Mayur Madhwani

5) राजेश खन्ना – डिंपल कपाड़िया
अपने जमाने के सुपरस्टार राजेश खन्ना पर लाखों लडकियां फ़िदा थीं, लेकिन राजेश खन्ना का दिल आया डिंपल कपाड़िया पर. अपनी पहली ही फिल्म ‘बॉबी’ से बॉलीवुड में तहलका मचा देने वाली अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया ने मात्र 16 साल की उम्र में सुपरस्टार राजेश खन्ना से शादी कर ली थी. बता दें कि राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया में उम्र का बहुत अंतर था, इसके बावजूद दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा और शादी कर ली.

Rajesh Khanna and Dimple Kapadia

6) दिलीप कुमार – सायरा बानो
बॉलीवुड के सुपरस्टार दिलीप कुमार की मशहूरियत का आलम ये था कि सायरा बानो जब सिर्फ 12 साल की थी, तब से ही दिलीप कुमार उनके क्रश थे. सायरा बानो की तरह ही कई हसीनाएं दिलीप कुमार की जबर्दस्त फैन थीं. सायरा बानो की ख़ुशी का तब ठिकाना न रहा, जब खुद दिलीप कुमार ने उन्हें प्रपोज़ किया. बता दें कि जब दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी हुई, तब सायरा बानो सिर्फ 22 वर्ष की थी और दिलीप कुमार 44 वर्ष के थे.

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Dilip Kumar and Saira Banu


कभी आपने सोचा है कि उस दौर के सबसे सेंसिटिव और रोमांटिक गीतकार गुलज़ार साहब और सबसे रोमांटिक एक्टर राजेश खन्ना ने कभी साथ में काम क्यों नहीं किया? इसके पीछे भी बड़ा ही दिलचस्प किस्सा है.

Rajesh Khanna



बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे

Rajesh Khanna


राजेश खन्ना, बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार, उन्हें जितनी पॉपुलैरिटी, जितना प्यार मिला, कहते हैं आज तक किसी स्टार को नहीं मिला. राजेश खन्ना, जिसके पीछे लड़कियां दीवानी थीं, जिसकी हर फिल्म सफलता की गारंटी हुआ करती थी, राजेश खन्ना जब गाते थे, तो लोग उनके साथ गाने लगते थे, वो जब रोमांस करते, तो उनके साथ ऑडिएंस भी रोमांस में डूब जाती, वो जब पर्दे पर रोते तो पूरा हॉल उनके साथ रोता.

लड़कियां खून से खत लिखा करती थीं

Rajesh Khanna


सुपरस्टार के सिंहासन पर राजेश खन्ना भले ही कम समय के लिए रहे, लेकिन आज भी कहा जाता है कि राजेश खन्ना जितनी लोकप्रियता किसी और स्टार को न मिली न मिलेगी. खासकर लड़कियां उनकी दीवानी थीं. रोजाना उनके घर जब फैन्स के लेटर आते, तो उसमें लड़कियों के खून से लिखे खत होते. उनकी फोटो से कई लड़कियों ने शादी कर ली, तो कइयों ने अपने हाथ पर राजेश नाम का टैटू बनवा लिया. कहते हैं लड़कियां राजेश खन्ना का फोटो तकिये के नीचे रखकर सोती थीं. किसी स्टुडियो या किसी प्रोड्यूसर के ऑफिस के बाहर राजेश खन्ना की सफेद रंग की कार रुकती थी तो लिपिस्टिक के निशान से सफेद रंग की कार गुलाबी हो जाया करती थी.

धीरे धीरे उन्हें सक्सेस से दूर कर दिया उनके अहंकार ने

Rajesh Khanna

लेकिन यही सफलता राजेश खन्ना के सिर पर चढ़ गई. कहते हैं एक समय ऐसा भी आया जब राजेश खन्ना का घमंड, बदमिजाजी लोगों को नागवार लगने लगी और लोग उनसे कटने लगे. उनके अहंकार और चमचों से घिरे रहने की उनकी आदत ने धीरे धीरे उन्हें सक्सेस से दूर कर दिया. राजेश खन्ना के इसी एटीट्यूड की वजह से मनमोहन देसाई, शक्ति सामंत, ऋषिकेश मुखर्जी और यश चोपड़ा ने उन्हें छोड़ अमिताभ को लेकर फिल्म बनाना शुरू कर दी.

जब गुलज़ार को रात एक बजे तक ऑफिस के बाहर इंतज़ार करवाया राजेश खन्ना ने

Gulzar


गुलज़ार साहब हृषिकेश मुखर्जी की ज़्यादातर फिल्मों के गीत लिखा करते थे और हृषिकेश दा की अधिकतर फिल्मों में लीड रोल में राजेश खन्ना हुआ करते थे. इसी वजह से राजेश खन्ना और गुलज़ार में अच्छी बॉन्डिंग हो गई. इसलिए जब गुलज़ार ने फ़िल्म ‘किनारा’ को डायरेक्ट करने का फैसला किया, तो उनके मन में सबसे पहला नाम राजेश खन्ना का ही आया, लेकिन जिस तरह से राजेश खन्ना ने उन्हें ऑफिस बुलाकर रात 1 बजे बिना उनसे बात किये ही लौटा दिया, उसके बाद से गुलज़ार साहब ने उन्हें हमेशा के लिए अपने ज़ेहन से निकाल दिया.

खन्ना दरबार में चमचों की बैठकों ने काका का दिमाग खराब कर दिया था


हुआ यूं कि सक्सेस के नशे में चूर काका के बंगले आशीर्वाद में हर शाम को ‘खन्ना दरबार’ सजाया जाता. इस दरबार में सुपर स्टारडम के साथ उनकी ज़िंदगी में आए ‘नए दोस्त’ और ‘चमचे’ बैठक जमाते थे. शराब की चुस्कियों के साथ राजेश खन्ना की तारीफ शुरू होती जो देर रात तक चलती रहती. यहां काका का हर शब्द हुक़्म था और उसे मानना उनके इन ‘चमचों’ का फर्ज़. जी-हुज़ूरी करने वाले यही लोग धीरे-धीरे उन्हें हक़ीक़त से किस क़दर दूर ले गए, इसका अंदाज़ा शायद राजेश को उस समय बिलकुल नहीं हुआ.

Gulzar

जब गुलज़ार साहब ने ‘किनारा’ में काका को लेने की ख्वाहिश के बारे में उन्हें बताया तो काका ने फ़िल्म के कहानी सुनने के लिए गुलज़ार को अपने बंगले में बुला लिया. गुलज़ार साहब ठीक 7 बजे आशीर्वाद पहुंच गए. लेकिन तब तक काका का खन्ना दरबार सज चुका था, जिसमें उनके चमचों ने जाम उठाना शुरु कर दिया था. चूंकि गुलज़ार साहब शराब नहीं पीते थे, तो उनसे बाहर ही रुकने को कहा गया.


पीने-पिलाने का ये दौर रात एक बजे तक चलता रहा और गुलज़ार साहब बाहर बैठे महफ़िल के खत्म होने का इंतज़ार करते रहे. रात एक बजे जब काका की महफ़िल खत्म हुई, तब भी वे गुलज़ार से नहीं मिले और उन्हें घर जाने व दूसरे दिन आने को कह दिया.
काका के इस एटिट्यूड से गुलज़ार साहब इतने आहत हुए कि उन्होंने काका के साथ कभी फ़िल्म न करने की कसम खा ली. इतना ही नहीं, इस इंसिडेंस के बाद उन्होंने काका की फिल्मों के लिए गाने लिखने भी बन्द कर दिये.


खैर बाद में गुलज़ार ने जितेंद्र को लेकर ‘किनारा’ बनाई, जो उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जाती है.

Rajesh Khanna



इस तरह राजेश खन्ना ने अपने अहंकार और लापरवाही से गुलज़ार के रूप में न सिर्फ एक अच्छा दोस्त खो दिया, बल्कि उनकी लिस्ट से एक और बेहतरीन फिल्ममेकर भी माइनस हो गया.

Rajesh Khanna

हमारे देश में राजनीति और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का बड़ा पुराना संबंध है. ऐसे कई एक्टर्स हैं, जिन्होंने पॉलिटिक्स को बतौर दूसरे करियर के रूप में शुरू किया और कामयाब भी रहे, पर बहुत से ऐसे भी रहे, जिन्हें राजनीति रास नहीं आई और वो लौटकर बॉलीवुड में वापस आ गए. आइये देखते हैं कौन से हैं वो बड़े सितारे जिन्होंने राजनीति में अपने हाथ आज़माएं.

अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan)

Amitabh Bachchan

शायद बहुतों की तरह आपको भी पता न हो कि बॉलीवुड के शहंशाह भी राजनीति में अपनी किस्मत आज़मा चुके हैं. दरअसल, साल 1984 में अपने दोस्त राजीव गांधी को सपोर्ट करने के लिए अमिताभ बच्चन ने राजनीति में कदम रखा था. बॉलीवुड से ब्रेक लेकर उन्होंने प्रयागराज (इलाहाबाद) सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था और भारी मतों से जीते भी थे. लेकिन बिग बी को राजनीति रास नहीं आई और वो 3 साल बाद ही राजनीति छोड़कर मुंबई वापस आ गए.

सुनील दत्त (Sunil Dutt)

Sunil Dutt

एक ज़माने में बॉलीवुड के हैंडसम हीरो कहे जानेवाले सुनील दत्त ने बॉलीवुड में कई हिट फिल्में दी हैं. स्वर्गीय सुनील दत्त साहब न सिर्फ़ ऐक्टर थे, बल्कि उन्होंने बताहर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी काम किया है. सुनील दत्तजी ने 1984 में कांग्रेस पार्टी जॉइन की थी. उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया का सकता है कि वो लगातार 5 बार विजयी हुए थे. साथ ही साल 2004 से 2005 तक वो यूथ अफेयर्स और स्पोर्ट्स मंत्री भी थे. उनके ही पदचिह्नों पर चलते हुए उनकी बेटी प्रिया दत्त ने भी कांग्रेस पार्टी से जुड़कर उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीती ही भी.

विनोद खन्ना (Vinod Khanna)

Vinod Khanna

बॉलीवुड से पॉलिटिक्स में कदम रखनेवाले सभी एक्टर्स में से विनोद खन्ना का सफर सबसे दिलचस्प माना जाता है. विनोद खन्ना ने 1997 में बीजेपी जॉइन की थी और पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा सीट से 1998 से 2009 और फिर 2014 से 2018 तक लोकसभा सांसद रहे. साल 2002 में उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कल्चर और टूरिज्म मंत्रालय मिला. इसके 6 महीने बाद ही विनोद खन्ना एक्सटर्नल अफेयर्स में मिनिस्टर और स्टेट नियुक्त किये गए.

राजेश खन्ना (Rajesh Khanna)

Rajesh Khanna

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने भी राजनीति में अपने हाथ आज़माएं थे. उन्होंने 1992 लोक सभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर दिल्ली से चुनाव लड़ा था और जीते भी थे. बतौर सांसद उन्होंने 5 सालों का कार्यक्रम पूरा किया, लेकिन उन्हें राजनीति रास नहीं आई और उसके बाद उन्होंने पॉलिटिक्स छोड़ दी.

शत्रुघन सिन्हा (Shatrughan Sinha)

Shatrughan Sinha

साल 1992 में शत्रुघन सिन्हा ने बीजेपी जॉइन की और शुरुआत अपने दोस्त और बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना के सामने बाय इलेक्शन में खड़े हुए. यहां शत्रुघ्न सिन्हा राजेश खन्ना से 25 हज़ार वोटों से हार गए, लेकिन उसके बाद से दोनों के रिश्ते बिगड़ गए. 2009 में उन्होंने बिहार के पटना साहिब से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीते. उसके बाद 2014 में भी वो वहां से विजयी हुए. अटल बिहारी बाजपेयी की तीसरी सरकार में वो कैबिनेट मंत्री बने. उन्हें स्वास्थ्य के साथ साथ शिपिंग विभाग भी दिया गया. हालांकि 2019 में उन्होंने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस पार्टी जॉइन कर ली है.

हेमा मालिनी (Hema Malini)

Hema Malini

बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी ने भी एक्टिंग के साथ साथ पॉलिटिक्स में एंट्री ली. 2004 में उन्होंने बीजेपी जॉइन की और विनोद खन्ना के लिए उनके चुनाव क्षेत्र में प्रचार प्रसार किया. बॉलीवुड में कई ब्लॉकबस्टर फ़िल्में देनेवाली हेमा मालिनी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में मथुरा से चुनाव लड़ा और जीतकर लोकसभ सांसद बनीं. उसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी मथुरा की जनता ने भारी मतों से विजयी बनाया.

जया प्रदा (Jaya Prada)

Jaya Prada

जया प्रदा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1994 में तेलुगू देशम पार्टी से की थी, लेकिन चंद्रबाबू नायडू से चलते मतभेदों के कारण उन्होंने टीडीपी छोड़ दी और समाजवादी पार्टी जॉइन की. 2004 से 2014 तक वो उत्तर प्रदेश के रामपुर से लोकसभा सांसद रहीं. देखा जाये तो जया प्रदा का राजनीतिक करियर काफ़ी सफल रहा है. लेकिन समाजवादी पार्टी में चल रहे बदलावों के कारण कुछ ऐसे मतभेद हुए कि उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली.

जया बच्चन (Jaya Bachchan)

Jaya Bachchan

जया बच्चन ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की. साल 2004 में राजनीति से जुड़ने के बाद वो 2004 से 2006 तक समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुनी गईं. वो अब चौथी बार राज्यसभा सदस्य बनी हैं. 2006 से 2010 और फिर 2012 में वो एक बार फिर चुनकर आयीं. उसके बाद 2018 में उन्हें फिर राज्यसभा सदस्यता मिली.

राज बब्बर (Raj Babbar )

Raj Babbar

3 बार लोकसभा सदस्य और 2 बार राज्यसभा सदस्य राज बब्बर की राजनीतिक पारी काफी सफल मानी जाती है. साल 1989 में वो जनता दल से जुड़ते हुए राजनीति में आए. कुछ साल बाद वो जनता दल छोड़कर समाजवादी पार्टी से जुड़ गए. लेकिन वहां भी बहुत ज़्यादा समय तक उनका मन नहीं लगा और उन्होंने कांग्रेस पार्टी जॉइन कर ली. वो उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

स्मृति ईरानी (Smriti Irani)

Smriti Irani

मॉडल, एक्ट्रेस और अब सक्सेसफुल पॉलिटिशियन स्मृति ईरानी ने 2003 में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की. 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी को हराकर वो लोकसभा सदस्य बनीं. इससे पहले वो गुजरात से राज्यसभा सांसद थीं और नरेंद्र मोदी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. फ़िलहाल वो टेक्सटाइल मिनिस्टर हैं और महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार भी उन्हें दिया गया है.

किरण खेर (Kirron Kher)

Kirron Kher

इंडियन फिल्म, टेलीविज़न और थियटर आर्टिस्ट किरण खेर ने 2009 में बीजेपी से जुड़ीं. यहीं से इनके राजनीतिक पारी की शुरुआत हुई. साल 2014 में चंडीगढ़ से वो लोकसभा सदस्य बनीं और 2019 में वो दोबारा लोकसभा सदस्य बनीं.

इनके अलावा टैलेंटेड एक्टर और कॉमेडियन परेश रावल 2014 में अहमदाबाद से लोकसभा सदस्य रहे, फिल्म स्टार गोविंदा 2004 में मुंबई से लोकसभा सांसद बने और अपना टर्म पूरा किया. 2019 के लोकसभा चुनाव में जहां गुरदासपुर से बीजेपी के कैंडिडेट सन्नी देओल ने चुनाव जीता, वहीं कांग्रेस की उर्मिला मातोंडकर को हार का सामना करना पड़ा.

बॉलीवुड के अलावा टॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स हैं, जिन्होंने लंबी राजनीतिक पारियां खेली हैं. एम जी रामचंद्रन और जयललिता की राजनीतिक पारियां काफ़ी सफल रहीं. वहीं मेगास्टार चिरंजीवी, रजनीकांत और पवन कल्याण भी राजनीति से जुड़ गए हैं.

– अनीता सिंह

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राजेश खन्ना भारत के पहले सुपर स्टार जिन्होंने स्टारडम का मतलब ही बदल कर रख दिया था… राजेश खन्ना मात्र एक स्टार नहीं थे वो क्रेज़ थे, वो रूमानियत थे, वो हर जवाँ दिल की धड़कन थे, हर निगाह का सपना थे और ऐसे में जब उनके इश्क़ की चर्चा होती है तो सबकी ज़ुबान पर या तो उनकी को स्टार्स के लिंक अप्स की बात आती है या फिर चर्चा होती है कमसिन डिंपल से उनकी जल्दबाज़ी में की गई शादी की.
इन तमाम बातों के बीच राजेश और अंजू की इश्क़ की वो दास्तान खो सी जाती है जिसमें मोहब्बत की कशिश भी थी और शिद्दत से साथ निभाने का वादा भी. जी हां, अंजू के साथ राजेश पूरे सात साल तक लिव इन में रहे और दोनों इस रिश्ते को लेके काफ़ी गम्भीर भी थे और कमिटेड भी, पर नसीब में दोनों का जुदा होना ही लिखा था.

Rajesh Khanna And Anju Mahendru

राजेश और अंजू एक अरसे से एक दूसरे को जानते थे. वो दोनों बचपन के दोस्त थे, एक साथ पढ़ाई भी की यानी दोनों गहरे दोस्त थे फिर ये दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई. अंजू उस समय मॉडलिंग करती थीं और वो फैशन इंडस्ट्री में जाना माना नाम थीं. राजेश भी स्ट्रगल करते करते अपना एक मुक़ाम ढूँढ रहे थे. दोनों ने स्ट्रगल के दौर में एक दूसरे को काफ़ी सपोर्ट किया. जब राजेश सुपर स्टारडम की ओर बढ़ चले तब भी दोनों के प्यार में कोई कमी नहीं आई, लेकिन शिकायतों का सिलसिला बढ़ने लगा था. अंजू सेल्फ़ डेपेंडेंट लड़की थी और काफ़ी खुले विचारों की थी पर राजेश खन्ना को ना जाने क्या चाहिए था, वो मॉडर्न लड़कियों की तरफ़ आकर्षित होते थे लेकिन घर में उन्हें टिपिकल हाउस वाइफ ही चाहिए थी.

Rajesh Khanna And Anju Mahendru

राजेश का आरोप था कि अंजू के पास उनके लिए वक़्त नहीं होता था जबकि अंजू का कहना था कि राजेश बहुत ही पुराने विचारों के थे. उनके कपड़ों पर भी बहुत ऐतराज़ होता था राजेश को. जब वो स्कर्ट पहनती तो राजेश आपत्ति जताते और जब वो साड़ी पहनती तो भी राजेश कहते कि टिपिकल भारतीय नारी क्यों दिखना चाहती हो. अंजू हमेशा असमंजस में रहतीं.

Anju Mahendru

सुनने में यह भी आया था कि राजेश अंजू से शादी करना चाहते थे लेकिन अंजू इसे टालती जा रही थीं. राजेश कहते थे कि अंजू के साथ वो समय बिताना चाहते थे लेकिन अंजू के पास वही नहीं था. अंजू पार्टी करती रहती थी और राजेश उनका इंतज़ार.
उधर अंजू राजेश की इस रोज़ की टोका टोकी से तो तंग आ ही चुकी थीं, साथ ही राजेश के ग़ुस्सैल स्वभाव से भी उनका अक्सर सामना होता था.

Anju Mahendru

राजेश की कोई फ़िल्म अगर अच्छा नहीं करती तो राजेश बेहद परेशान हो जाते थे और इसका असर दोनों के रिश्ते पर पड़ता था. धीरे धीरे इन दोनों के बीच दूरियाँ आने लगीं और दोनों के रास्ते अलग हो गए थे. इसी बीच सुना था अंजू ने क्रिकेटर गैरी सोबर्स से सगाई रचा ली थी.
राजेश और अंजू भले ही जुदा हो गए थे लेकिन राजेश इस जुदाई को पचा नहीं पा रहे थे.

Rajesh Khanna And Anju Mahendru

डिंपल का उनकी ज़िंदगी में आना एक ख़ूबसूरत ख़्वाब की तरह था लेकिन राजेश ने डिंपल से शादी अंजू से बदला लेने के लिए जल्दबाज़ी में की थी और अंजू को जलाने के लिए अपनी बारात जानबूझकर अंजू के बंगले के नीचे से निकाली थी.

Rajesh Khanna And Anju Mahendru

डिंपल और राजेश का रिश्ता भी तल्खियों भरा ही था लेकिन राजेश के अंतिम दिनों में डिंपल और अंजू दोनों ही उनके साथ थीं. ये राजेश का असाधारण व्यक्तित्व ही था कि कोई चाहकर भी उनसे नफ़रत नहीं कर पाता था. उन्होंने अपना निजी जीवन भी एक सुपर स्टार की तरह ही जिया.

रील से रियल: क्या आप जानते हैं इन बॉलीवुड स्टार्स के रियल नाम?

आप अपने चहेते फिल्मी सितारों की हर बात, हर अंदाज़ को पसंद करते हैं और उनके बारे में हर चीज़ जानने को आतुर भी रहते हैं. ऐसे में आपको यह भी पता होना चाहिए कि वो जिन नामों से हमारे बीच मशहूर हैं, वो दरअसल उनके असली नाम हैं ही नहीं. रील लाइफ के लिए वो अपना नाम बदलते हैं, जबकि रियल लाइफ में उनके नाम बहुत अलग होते हैं. क्या हैं उनके असली नाम, आइए जानें

दिलीप कुमार: मुहम्मद यूसुफ खान

Dilip Kumar: Muhammad Yusuf Khan

मधुबाला: मुमताज़ जहां देहलवी

Madhubala: Mumtaz Jahan Dehalvi
मीना कुमारी: महज़बीन बान

Meena Kumari: Mahazbeen Ban
राजेश खन्ना: जतिन खन्ना
Rajesh Khanna: Jatin Khanna

अमिताभ बच्चन: इंकलाब

Amitabh Bachchan: Inquilab

अक्षय कुमार: राजीव हरि ओम भाटिया

Akshay Kumar: Rajiv Hari Om Bhatia

रीना रॉय: सायरा ख़ान

Reena Roy: Saira Khan

देव आनंद: धरम देवदत्त पिशोरीमल आनंद

Dev Anand: Dharam Devdutt Pishorimal Anand

गुरु दत्त: वसंथ कुमार शिवशंकर पादुकोण

Guru Dutt: Vasanth Kumar Shivshankar Padukone

शम्मी कपूर: शमशेर राज कपूर

Shammi Kapoor: Shamsher Raj Kapoor

संजीव कुमार: हरीभाई ज़रीवाला

Sanjeev Kumar: Haribhai Zariwala

मनोज कुमार: हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी

Manoj Kumar: Harikrishna Giri Goswami

रेखा: भानुरेखा गणेशन

Rekha: Bhanurekha Ganesan

जॉनी वॉकर: बदरुद्दीन जमालुद्दीन काज़ी

Johnny Walker: Badruddin Jamaluddin Kazi

सनी देओल: अजय सिंह देओल

Sunny Deol: Ajay Singh Deol

श्रीदेवी:  अम्मा येंगर अय्यपन

Sridevi: Amma Yengar Ayyapan

नरगिस: फातिमा राशिद

Nargis: Fatima Rashid

मिथुन चक्रबर्ती:  गौरांग चक्रबर्ती

Mithun Chakraborty: Gaurang Chakraborty

जॉन अब्राहम: फरहान अब्राहम

John Abraham: Farhan Abraham

शिल्पा शेट्टी: अश्‍विनी शेट्टी

Shilpa Shetty: Ashwini Shetty

कमल हसन: पार्थसारथी 

Kamal Hassan: Parthasarathy

कटरीना कैफ: कटरीना टरक्वेट

Katrina Kaif: Fatima Rashid

आमिर ख़ान: मोहम्मद आमिर हुसैन ख़ान

Aamir Khan: Mohammad Aamir Hussain Khan

अजय देवगन: विशाल देवगन

Ajay Devgan: Vishal Devgan

सैफ अली ख़ान: साजिद अली ख़ान

Saif Ali Khan: Sajid Ali Khan

तबु: तबस्सुम फातिमा हाशमी

Tabu: Tabassum Fatima Hashmi

डैनी डेनजॉन्गपा: शेरिंग फिन्सो डेनजॉन्गपा

Danny Denzongpa: shering phinso denajongapa

राज कुमार: कूलभूषण पंडित

Raj Kumar: Kulbhushan Pandit

सुनील दत्त: बलराज

Sunil Dutt: Balraj

संजय ख़ान: शाह अब्बास ख़ान

Sanjay Khan: Shah Abbas Khan

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राजेश खन्ना भले ही हम सब के बीच आज न हो, लेकिन उनकी यादें उनकी सुपरहिट फिल्मों और गानों के ज़रिए सबके ज़हन में अब भी ताज़ा है.  आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं, उनकी फिल्मों के 10 सुपरहिट गाने.

फिल्म- आराधना (1969), गायक- किशोर कुमार

फिल्म- कटी पतंग (1970), गायक- किशोर कुमार

फिल्म- मेहबूब की मेहंदी (1971), गायक- मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर

 

https://www.youtube.com/watch?v=iUyYnqx0Q6Q

फिल्म- अनुरोध (1977), गायक- किशोर कुमार

फिल्म- दो रास्ते (1969), गायक- मोहम्मद रफ़ी

https://www.youtube.com/watch?v=q9aMSJGAkeY

फिल्म- मेरे जीवन साथी (1972), गायक- किशोर कुमार

https://www.youtube.com/watch?v=heXQRxM2Gro

फिल्म- आप की कसम (1974), गायक- किशोर कुमार, लता मंगेशकर

फिल्म- अमर प्रेम (1972), गायक- किशोर कुमार

फिल्म- सच्चा झूठा (1970), गायक- मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर

https://www.youtube.com/watch?v=6F7Ld-qLTTk

फिल्म- द ट्रेन (1970), गायक- मोहम्मद रफ़ी

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Top 10 Dialogues Of Rajesh Khanna

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार, रोमांस के बादशाह, जवां दिलों की धड़कन राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन इस लीजेंड की फिल्में और डायलॉग्स आज भी हमें कुछ सिखा जाते हैं. आइए, इस स्पेशल डे पर एक नज़र डालते हैं उनके कुछ फेमस डायलॉग (Famous Dialogues) पर.

  • मैं मरने से पहले नहीं मरना चाहता… ये तो मैं ही जानता हूं कि ज़िंदगी के आख़िरी पड़ाव पर कितना अंधेरा है.
  • बाबू मोशाय, ज़िंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है जहांपनाह, उसे ना आप बदल सकते हैं ना मैं. हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिनकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों में बंधी है. कब कौन कहां उठेगा ये कोई नहीं बता सकता.
  • बाबु मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए…लंबी नहीं…
  • मैंने तुमसे कितनी बार कहा पुष्पा मुझसे ये आंसू नहीं देखे जाते. आई हेट टियर्स.
  • एक छोटा सा ज़ख़्म बहुत गहरा दाग़ बन सकता है.
  • इंसान को दिल दे, दिमाग़ दे, जिस्म दे पर कमबख़्त ये पेट न दे.
  • सेठ जिसे तुम ख़रीदने चले हो, उसके चेहरे पर लिखा है नॉट फॉर सेल.
  • किसी बड़ी ख़ुशी के इंतज़ार में हम ये छोटी-छोटी ख़ुशियों के मौ़के खो देते हैं.
  • मैंने मौत को देखा तो नहीं, पर शायद वो बहुत ख़ूबसूरत है. कमबख़्त जो भी उससे मिलते हैं, जीना छोड़ देते हैं.
  • ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं.
  • इस एक ग्लास में एक मज़दूर के एक महीने की रोटी है औऱ परिवार की सांस.

आज भी काका के प्रशंसक उन्हें उतना ही प्यार करते हैं और शायद काका भी ऊपर से ये देख रहे होंगे कि उनके फैन्स उन्हें कितना मिस करते हैं. उनकी फिल्में, गाने, संवाद, स्टाइल और दरियादिली को भुलाया नहीं जा सकता. आप भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन अपने फैन्स के दिलों में हमेशा यूं ही छाए रहेंगे, क्योंकि आनंद मरा नहीं… आनंद मरते नहीं.

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राजेश खन्ना… एक रूमानी एहसास

Top 10 Dialogues Of Rajesh Khanna

एक मीठी मुस्कान और न जाने कितनी हसीनाओं के दिल की धड़कनें थम जाती थीं… एक जादूभरी नज़र और न जाने कितनों की रातों की नींदें उड़ जाती थीं… हर दिल उनकी एक-एक अदा पर फिदा था… हर जवां नज़रों में जिसको पाने का ख़्वाब था… वो थे रोमांस के बादशाह, जिनको प्यार से सब कहते थे काका… जी हां, राजेश खन्ना साहब (Rajesh Khanna)… जिनके लिए यह मशहूर था कि ऊपर आका, नीचे काका… ये था उनकी पॉप्युलैरिटी का सबसे बड़ा सबूत…

उनके जन्मदिन के अवसर हम उनकी ज़िंदगी से जुड़े कुछ राज़ आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं…

  • ऐसा माना जाता है कि जब राजेश खन्ना और डिंपल पहली बार मिले थे, तो दोनों ही अपने टूटे दिलों को संभालने की कोशिश में जुटे थे. कहा जाता है कि डिम्पल और ऋषि कपूर बॉबी के दौरान बेहद क़रीब आ गए थे, पर दोनों एक न हो पाए… इसी तरह राजेश खन्ना भी अंजू महेंद्रू के साथ अपनी रिलेशनशिप को एक मुकाम देने में नाकामयाब हो रहे थे. दो टूटे दिल साथ आए और फिर एक हो गए.
  • शादी के व़क्त डिंपल महज़ 15 साल की थीं और राजेश लगभग 31 साल के. शादी के बाद डिंपल का 16वां जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया.
  • दोनों ने अपना हनीमून पोस्टपोन किया था, क्योंकि तब तक डिंपल की डेब्यू मूवी बॉबी कंप्लीट नहीं हुई थी.
  • राजेश खन्ना ने जो उस दौरान स्टारडम देखा था, वो आज तक किसी भी सुपरस्टार ने नहीं देखा. उनके स्टारडम का आलम यह था कि उनकी स़फेद कार लड़कियों के लिपस्टिक के निशान से लाल हो जाती थी.
  • सुपरस्टार शब्द ही उनके स्टारडम की व्याख्या करने के लिए इजाद हुआ था.
  • उस व़क्त मुंबई के बंद पड़े स्टूडियोज़ को फिर से जीवंत कर देने का श्रेय भी राजेश खन्ना को जाता है. उस समय के वो सबसे कम समय में सबसे बिज़ी स्टार बन चुके थे.
  • कहा जाता है कि अपने स्ट्रगल के दौर में भी राजेश खन्ना उस दौर की सबसे महंगी कार में प्रोड्यूसर्स से मिलने जाते थे.
  • राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उन्हें उनके रिश्तेदारों ने गोद लिया था. बचपन में उनके कपड़े विदेशों से ही आते थे और वो काफ़ी लाड़-प्यार में पले-बढ़े थे.
  • किशोर कुमार उनके बेहद क़रीबी दोस्त थे और जो किशोर कुमार अपनी कंजूसी के लिए मशहूर थे, उन्होंने राजेश के लिए उनकी होम प्रोडक्शन मूवी (अलग-अलग) के लिए मुफ़्त में गाने गाए.
  • 1969 से लेकर 1971 के बीच राजेश खन्ना ने बतौर सोलो लीड एक्टर लगातार १५ हिट फ़िल्में दी थीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इनमें से प्रमुख फ़िल्में थीं- आराधना, बंधन, ख़ामोशी, डोली, आन मिलो सजना, सच्चा और झूठा, आनंद, मेहबूब की मेहंदी, दुश्मन आदि.
  • यूँ तो राजेश खन्ना की सभी को स्टार्स के साथ जोड़ी जमी लेकिन इनमें से सबसे ज़्यादा फिलमें उन्होंने की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी के साथ, जी हाँ कुल मिलकर १५ फ़िल्में उनके साथ हैं.
  • गौरतलब है कि मुमताज़ उनकी बेहद क़रीबी को स्टार और दोस्त भी थीं और उनके साथ की सभी ८ फ़िल्में ज़बरदस्त हिट साबित हुई.
  • राजेश खन्ना ने अपनी सुपरहिट फिल्म आराधना में ही इतिहास रच दिया था, फिल्म के मोस्ट रोमांटिक सांग ..रूप तेरा मस्ताना… को सिंगल टेक में ही शूट करनेवाले वो बॉलीवुड के पहले एक्टर बन गए थे.
  • 60 और 70 के दशक में जन्मे कई बच्चों का नाम राजेश रखा गया, ये राजेश खन्ना के स्टारडम का की कमाल था.
  • बहुत काम लोग ही जानते हैं कि फिल्म मिस्टर इंडिया का टाइटल यानि लीड रोल पहले राजेश खन्ना को ही ऑफर किया गया था, लेकिन वो खुद को एक अदृश्य करैक्टर से रिलेट नहीं कर पाए और उन्होंने इस रोल को ठुकरा दिया… बाद में यह रोल अनिल कपूर को मिला, जिसने एक और इतिहास रच दिया.
  • मुम्बई यूनिवर्सिटी में एक लेख राजेश खन्ना के जादुई व्यक्तित्व और करिश्मे पर भी था जो उस वक़्त सिलेबस में शामिल था.
  • अपने करियर में राजेश ने कुल मिलाकर 180 फ़िल्में की. उनके जन्मदिन के अवसर पर हम उन्हें दिल से याद करते हैं और उनकी सबसे जुदा और बेमिसाल अदाकारी व अंदाज़ को सलाम करते हैं.
  • 29 दिसम्बर 1942 में जन्मा ये हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार हमें 18 जुलाई 2012 में अलविदा कह गया. ज़िन्दगी को अपने ही अंदाज़ में जीनेवाले राजेश के आखिरी शब्द थे… टाइम हो गया… पैक अप!

‘गोरे रंग पे न इतना गुमान कर… गाना गुज़रे ज़माने की जिस मशहूर अदाकारा पर फिल्माया गया था, वह हैं मुमताज़. मुमताज़ ने अपनी बड़ी-बड़ी आंखों, काले बाल, गोरे रंग और अभिनय की अनोखी अदा से सभी पर अपना जादू बिखेरा. उन्होंने 60-70 के दशक में अपने ख़ूबसूरत अंदाज़ से दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया था.
मुमताज़ का नाम बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्रियों में शुमार है. उन्होंने कई फिल्मों में अपने अभिनय के जलवे बिखेरे और एक के बाद एक कई हिट फिल्में दीं.
उनका जन्म 31 जुलाई, 1947 को मुस्लिम परिवार में हुआ. घर की माली हालत खस्ता थी, सो महज़ 12 वर्ष की उम्र में उन्हें फिल्मों में कदम रखना पड़ा. अपनी छोटी बहन मलिका के साथ वह रोज़ाना स्टूडियो के चक्कर लगाया करतीं और छोटी-मोटी भूमिका मांगती थीं.

उनकी मां नाज़ और चाची नीलोफर पहले से फिल्मी दुनिया में मौजूद थीं, लेकिन दोनों जूनियर आर्टिस्ट होने के नाते अपनी बेटियों की सिफारिश करने के योग्य नहीं थीं. मुमताज़ ने जूनियर आर्टिस्ट से स्टार बनने का सपना अपने मन में संजोया था और उन्होंने यह सच कर दिखाया.
अपनी लगन और मेहनत से 70 के दशक में उन्होंने स्टार की हैसियत हासिल कर ली. उस दौर के कई नामी सितारे, जो कभी मुमताज़ का नाम सुनकर मुंह बनाते थे, वे भी उनके साथ काम करने को बेताब रहने लगे.
मुमताज़ ने दारा सिंह से लेकर दिलीप कुमार जैसे महान कलाकारों के साथ अभिनय किया. उन्होंने शम्मी कपूर, देवानंद, संजीव कुमार, जितेंद्र और शशि कपूर जैसे सितारों के साथ काम किया, मगर राजेश खन्ना के साथ उनके काम को सबसे ज़्यादा सराहा गया. मुमताज़ और राजेश की फिल्में देखने के लिए सिनेमाघरों में भीड़ उमड़ती थी.

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मुमताज़ ने लगभग दस साल तक बॉलीवुड पर राज किया है. वह शर्मिला टैगोर के समकक्ष मानी गईं और उन्हें मेहनताना भी उन्हीं के बराबर मिलता था.
सत्तर के दशक तक मुमताज़ का भी स्टार बनने का सपना सच हो गया था. उन्होंने गुजराती मूल के लंदनवासी मयूर वाधवानी नामक व्यवसायी से 1974 में शादी की और ब्रिटेन में जा बसीं. शादी के पहले उनका नाम संजय खान, फिरोज़ खान, देव आनंद जैसे कुछ सितारों के साथ जोड़ा गया था.
मुमताज़ जब 18 साल की थीं, तभी शम्मी कपूर ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज़ किया था. उस समय मुमताज़ भी शम्मी से प्यार करती थीं. शम्मी चाहते थे कि मुमताज़ अपना फिल्मी करियर छोड़कर उनसे शादी कर लें, लेकिन उनके लिए उस समय अपने परिवार को संभालना ज़रूरी थी, इसलिए मुमताज़ ने इनकार कर दिया.शादी के बाद भी मुमताज़ की तीन फिल्में रिलीज़ हुईं, जिनकी शूटिंग उन्होंने शादी से पहले ही पूरी कर ली थी. फिल्मों के प्रस्ताव हालांकि उन्हें शादी के बाद भी मिलते रहे. उन्हें 53 साल की उम्र में ब्रेस्ट कैंसर हो गया था, जिसे उन्होंने मात दी.
साल 1967 की फिल्म राम और श्याम व 1969 की फिल्म आदमी और इंसान के लिए फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिग एक्ट्रेस का अवार्ड जीता. साल 1971 में उन्हें खिलौना के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था.

मेरी सहेली की ओर से मुमताज़ को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएं. 

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Twinkle Khanna

पापा की परी टि्ंवकल खन्ना हो गई हैं 43 साल की. राजेश खन्ना और टि्ंवकल खन्ना का जन्मदिन 29 दिसंबर को ही है. इंस्टाग्राम पर टि्ंवकल ने पापा के साथ एक ब्लैक एंड व्हाइट फोटो शेयर करते हुए उन्हें याद किया और लिखा कि उन्हें अपनी बहन रिंकी खन्ना और बेटे आरव में पापा की झलक दिखाई देती है.

टि्ंवकल ने केवल 14 फिल्में ही की हैं, लेकिन अपनी पहचान को उन्होंने बनाए रखा है. टि्ंवकल सोशल मीडिया पर काफ़ी एक्टिव हैं, राइटर होने के साथ ही टि्ंवकल एक अच्छी इंटीरियर डिज़ाइनर भी हैं और कई सेलेब्रिटिज़ के घरों को उन्होंने डिज़ाइन भी किया है. उनकी लिखी हुई बुक मिसेज फनीबोन्स के लिए उन्हें क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से टि्ंवकल को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.

आइए, देखते हैं पापा राजेश खन्ना के साथ टि्ंवकल की कुछ पिक्चर्स.

Twinkle Khanna

Twinkle Khanna

 

 

Twinkle Khanna

Twinkle Khanna

Twinkle Khanna

– प्रियंका सिंह

 

बाबु मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए…लंबी नहीं…वाक़ई ये लाइन बिल्कुल फिट बैठती है बॉलीवुड के काका यानी राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) पर, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी ज़िंदादिली से जी है. बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना. काका ने जो स्टारडम देखा है, वो शायद ही किसी एक्टर ने देखा हो. उनकी हर एक अदा पर फिदा थे उनके फैन्स.Rajesh Khannaराजेश खन्ना भले ही हम सब के बीच आज न हो, लेकिन उनकी यादें उनकी सुपरहिट फिल्मों और गानों के ज़रिए सबके ज़हन में अब भी ताज़ा है.  आइए, उनके जन्मदिन के मौक़े पर देखते हैं, उनकी फिल्मों के 10 सुपरहिट गाने.

फिल्म- आराधना (1969), गायक- किशोर कुमार

फिल्म- कटी पतंग (1970), गायक- किशोर कुमार

फिल्म- मेहबूब की मेहंदी (1971), गायक- मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर

https://youtu.be/iUyYnqx0Q6Q

फिल्म- अनुरोध (1977), गायक- किशोर कुमार

फिल्म- दो रास्ते (1969), गायक- मोहम्मद रफ़ी

https://www.youtube.com/watch?v=q9aMSJGAkeY

फिल्म- मेरे जीवन साथी (1972), गायक- किशोर कुमार

https://www.youtube.com/watch?v=heXQRxM2Gro

फिल्म- आप की कसम (1974), गायक- किशोर कुमार, लता मंगेशकर

फिल्म- अमर प्रेम (1972), गायक- किशोर कुमार

फिल्म- सच्चा झूठा (1970), गायक- मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर

https://www.youtube.com/watch?v=6F7Ld-qLTTk

फिल्म- द ट्रेन (1970), गायक- मोहम्मद रफ़ी

https://www.youtube.com/watch?v=2rvoiBkDePY

Rajesh Khanna

एक मीठी मुस्कान और न जाने कितनी हसीनाओं के दिल की धड़कनें थम जाती थीं… एक जादूभरी नज़र और न जाने कितनों की रातों की नींदें उड़ जाती थीं… हर दिल उनकी एक-एक अदा पर फिदा था… हर जवां नज़रों में जिसको पाने का ख़्वाब था… वो थे रोमांस के बादशाह, जिनको प्यार से सब कहते थे काका… जी हां, राजेश खन्ना साहब (Rajesh Khanna)… जिनके लिए यह मशहूर था कि ऊपर आका, नीचे काका… ये था उनकी पॉप्युलैरिटी का सबसे बड़ा सबूत…

उनके जन्मदिन के अवसर हम उनकी ज़िंदगी से जुड़े कुछ राज़ आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं…

– ऐसा माना जाता है कि जब राजेश खन्ना और डिंपल पहली बार मिले थे, तो दोनों ही अपने टूटे दिलों को संभालने की कोशिश में जुटे थे. कहा जाता है कि डिम्पल और ऋषि कपूर बॉबी के दौरान बेहद क़रीब आ गए थे, पर दोनों एक न हो पाए… इसी तरह राजेश खन्ना भी अंजू महेंद्रू के साथ अपनी रिलेशनशिप को एक मुकाम देने में नाकामयाब हो रहे थे. दो टूटे दिल साथ आए और फिर एक हो गए.

– शादी के व़क्त डिंपल महज़ 15 साल की थीं और राजेश लगभग 31 साल के. शादी के बाद डिंपल का 16वां जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया.

– दोनों ने अपना हनीमून पोस्टपोन किया था, क्योंकि तब तक डिंपल की डेब्यू मूवी बॉबी कंप्लीट नहीं हुई थी.

– राजेश खन्ना ने जो उस दौरान स्टारडम देखा था, वो आज तक किसी भी सुपरस्टार ने नहीं देखा. उनके स्टारडम का आलम यह था कि उनकी स़फेद कार लड़कियों के लिपस्टिक के निशान से लाल हो जाती थी.

Rajesh Khanna
– सुपरस्टार शब्द ही उनके स्टारडम की व्याख्या करने के लिए इजाद हुआ था.

– उस व़क्त मुंबई के बंद पड़े स्टूडियोज़ को फिर से जीवंत कर देने का श्रेय भी राजेश खन्ना को जाता है. उस समय के वो सबसे कम समय में सबसे बिज़ी स्टार बन चुके थे.

– कहा जाता है कि अपने स्ट्रगल के दौर में भी राजेश खन्ना उस दौर की सबसे महंगी कार में प्रोड्यूसर्स से मिलने जाते थे.

Rajesh Khanna
– राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था और उन्हें उनके रिश्तेदारों ने गोद लिया था. बचपन में उनके कपड़े विदेशों से ही आते थे और वो काफ़ी लाड़-प्यार में पले-बढ़े थे.

– किशोर कुमार उनके बेहद क़रीबी दोस्त थे और जो किशोर कुमार अपनी कंजूसी के लिए मशहूर थे, उन्होंने राजेश के लिए उनकी होम प्रोडक्शन मूवी (अलग-अलग) के लिए मुफ़्त में गाने गाए.

– 1969 से लेकर 1971 के बीच राजेश खन्ना ने बतौर सोलो लीड एक्टर लगातार १५ हिट फ़िल्में दी थीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इनमें से प्रमुख फ़िल्में थीं- आराधना, बंधन, ख़ामोशी, डोली, आन मिलो सजना, सच्चा और झूठा, आनंद, मेहबूब की मेहंदी, दुश्मन आदि.

– यूँ तो राजेश खन्ना की सभी को स्टार्स के साथ जोड़ी जमी लेकिन इनमें से सबसे ज़्यादा फिलमें उन्होंने की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी के साथ, जी हाँ कुल मिलकर १५ फ़िल्में उनके साथ हैं.

Rajesh Khanna

– गौरतलब है कि मुमताज़ उनकी बेहद क़रीबी को स्टार और दोस्त भी थीं और उनके साथ की सभी ८ फ़िल्में ज़बरदस्त हिट साबित हुई.

– राजेश खन्ना ने अपनी सुपरहिट फिल्म आराधना में ही इतिहास रच दिया था, फिल्म के मोस्ट रोमांटिक सांग ..रूप तेरा मस्ताना… को सिंगल टेक में ही शूट करनेवाले वो बॉलीवुड के पहले एक्टर बन गए थे.

– 60 और 70 के दशक में जन्मे कई बच्चों का नाम राजेश रखा गया, ये राजेश खन्ना के स्टारडम का की कमाल था.

– बहुत काम लोग ही जानते हैं कि फिल्म मिस्टर इंडिया का टाइटल यानि लीड रोल पहले राजेश खन्ना को ही ऑफर किया गया था, लेकिन वो खुद को एक अदृश्य करैक्टर से रिलेट नहीं कर पाए और उन्होंने इस रोल को ठुकरा दिया… बाद में यह रोल अनिल कपूर को मिला, जिसने एक और इतिहास रच दिया.

Rajesh Khanna

– मुम्बई यूनिवर्सिटी में एक लेख राजेश खन्ना के जादुई व्यक्तित्व और करिश्मे पर भी था जो उस वक़्त सिलेबस में शामिल था.

– अपने करियर में राजेश ने कुल मिलाकर 180 फ़िल्में की. उनके जन्मदिन के अवसर पर हम उन्हें दिल से याद करते हैं और उनकी सबसे जुदा और बेमिसाल अदाकारी व अंदाज़ को सलाम करते हैं.

– 29 दिसम्बर 1942 में जन्मा ये हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार हमें 18 जुलाई 2012 में अलविदा कह गया. ज़िन्दगी को अपने ही अंदाज़ में जीनेवाले राजेश के आखिरी शब्द थे… टाइम हो गया… पैक अप!

– गीता शर्मा

 

rajesh-limg1बाबु मोशाय, ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए…लंबी नहीं…वाक़ई ये लाइन बिल्कुल फिट बैठती है स्व. राजेश खन्ना पर, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी ज़िंदादिली से जी है. 18 जुलाई 2012 को महज़ 69 साल की उम्र में काका सभी को अलविदा कह गए, लेकिन उनकी यादें उनकी सुपरहिट फिल्मों और गानों के ज़रिए सबके ज़हन में अब भी ताज़ा है. बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना. काका ने जो स्टारडम देखा है, वो शायद ही किसी एक्टर ने देखा हो….काका की पुण्यतिथि पर आइए, उनके कुछ सुपरहिट गाने देखते हैं.

फिल्म- आराधना (1969)

फिल्म- महबूब की मेंहदी (1971)

https://youtu.be/iUyYnqx0Q6Q

फिल्म- मेरे जीवन साथी (1972)

https://youtu.be/heXQRxM2Gro

फिल्म- दो रास्ते (1969)

https://youtu.be/q9aMSJGAkeY

फिल्म- आराधना (1969)