Rajkummar Rao

अपने 55 वें बर्थडे पर गोवा बीच पर न्‍यूड होकर दौड़ लगाने को लेकर मिलिंद सोमन आजकल न्यूज़ में हैं. सरेआम न्यूड होने के लिए उन पर केस भी दर्ज हो गया है. उन पर अश्‍लीलता फैलाने का आरोप लगाया गया है और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए आईटी एक्ट के तहत IPC की धारा 294 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

Milind Soman

लेकिन आपको बता दें कि इससे पहले भी बॉलीवुड के कई स्टार्स न्‍यूड हो चुके हैं. इनमें कई बड़े स्टार्स भी शामिल हैं. आइये जानते हैं उन स्टार्स के बारे में, जो न्यूड होकर कॉन्ट्रोवर्सी क्रिएट कर चुके हैं.

रणवीर सिंह

Ranveer singh

रणवीर सिंह दो बार न्यूड हो चुके हैं. कुछ समय पहले उन्होंने एक न्यूड फोटोशूट कराया था, जिसका काफी मज़ाक बनाया गया था. ये फ़ोटो जमकर वायरल हुई. लोगों को रणवीर के फ़ोटो से ज़्यादा दिक्कत उनके एक्सप्रेशन से था.

Ranveer singh

इसके अलावा फ़िल्म ‘बेफ़िक्रे’ के लिए भी रणवीर न्यूड हुए थे. रणवीर ने कहा भी था कि यह सीन उनके लिए ज़रा भी मुश्किल नहीं था, क्योंकि वो खुद को काफ़ी बड़ा बेशर्म मानते हैं.

विद्युत जामवाल

Vidyut Jammwal

बॉलीवुड के एक्शन स्टार और ‘कमांडो’ फ्रेंचाइजी फिल्मों के एक्टर विद्युत जामवाल भी न्यूड फोटोशूट करा चुके हैं. ये शूट उन्होंने हिमालय की वादियों से ट्वीट किया था और इस फोटो को भी लेकर विद्युत जामवाल को काफी क्रिटिसिज्म झेलनी पड़ी थी.

सुशांत सिंह राजपूत

Sushant Singh Rajput

दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत भी न्यूड फोटोशूट करा चुके हैं. ये शूट उन्होंने एक मशहूर फोटोग्राफर के लिए किया था.

अश्मित पटेल

Ashmit patel

बिग बॉस से फेमस हुए एक्टर अश्मित पटेल ने भी एक न्यूड फोटोशूट किया था, जिसमें वो हाथ में सिर्फ अंडरवेअर पकड़े नज़र आये थे.

आमिर खान 

Aamir Khan

मिस्‍टर परफेक्‍शनिस्‍ट आमिर खान की फ‍िल्‍म ‘पीके’ काफी पसंद की गई थी. इस फ‍िल्‍म में आमिर खान ने न्‍यूड सीन देकर फैंस को हैरान कर दिया था, जिसमें कि वह सिर्फ ट्रांजिस्टर पकड़े रेलवे ट्रैक पर खड़े दिखाई देते हैं. इस फ‍िल्‍म के पोस्‍टर्स पर भी आमिर खान का यह न्‍यूड फोटो इस्‍तेमाल किया गया था. इस पोस्टर को लेकर भी काफी बवाल मचा था और आमिर को काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं.

रणबीर कपूर

Ranbir Kapoor

रणबीर कपूर ने अपनी डेब्यु मूवी ‘सांवरिया’ में टॉवेल खोलकर सबको हैरान कर दिया था. साल 2007 में आई इस फिल्म के एक गाने में अपनी टॉवेल खोल दी थी, जो काफी चर्चा में रहा था. इसके अलावा संजय दत्‍त की बायोपिक फ़िल्म ‘संजू’ में भी रणबीर कपूर न्‍यूड सीन देते नजर आए थे.

जॉन अब्राहम

John abraham

बॉलीवुड के एक्‍शन हीरो कहे जाने वाले एक्‍टर जॉन अब्राहम भी ऑनस्क्रीन दो बार न्यूड हो चुके हैं. उन्होंने कबीर खान की फ‍िल्‍म ‘न्‍यूयॉर्क’ में न्‍यूड सीन दिया था. इस फ‍िल्‍म में वह एक आतंकवादी की भूमिका में थे.

John abraham

इसके अलावा जॉन ने ‘दोस्ताना’ फिल्म के एक गाने में अपने अंडरवियर को नीचे सरका दिया था, जिसे लेकर लोगों ने उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई थी.

रणदीप हुडा

Randeep Hooda

बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर्स में से एक रणदीप हुडा ने ‘रंगरसिया’ फिल्म के लिए एक न्यूड सीन किया था, जिसमें उनके साथ नंदिता दास भी नज़र आई थीं.

नील नितिन मुकेश

Neil Nitin Mukesh

जाने-माने सिंगर मुकेश के बेटे और ‘जॉनी गद्दार’, ‘न्‍यूयॉर्क’, ‘सात खून माफ’ जैसी फ‍िल्‍मों में नजर आ चुके एक्‍टर नील नितिन मुकेश भी न्‍यूड सीन देकर तहलका मचा चुके हैं. उन्होंने मधुर भंडारकर की फ‍िल्‍म ‘जेल’ में न्‍यूड सीन दिया था. हालांकि इस न्यूड सीन ने खूब सुर्खियां बंटोरी थीं, लेकिन इस फ‍िल्‍म में उनके काम की काफी तारीफ भी हुई थी.

राजकुमार राव

Raj Kumar Rao

लीक से हटकर फिल्में करने के लिए मशहूर एक्‍टर राजकुमार राव भी हंसल मेहता की फ‍िल्‍म ‘शाहिद’ में न्यूड सीन दे चुके हैं.

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद से ही बॉलीवुड में नेपोटिज्म की चर्चा फिर शुरू हो गई है. कंगना रनौत का वीडियो, शेखर कपूर के ट्वीट और अभिनव भट्ट द्वारा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट से लोगों के बीच बॉलीवुड में नेपोटिज्म वाले मुद्दे को फिर हवा दे दी है. बॉलीवुड में नेपोटिज्म एक्सिस्ट करता है, ये मानते तो सभी हैं. बस फर्क इतना है कोई इसे सही मानता है तो कई गलत. आइए देखते हैं नेपोटिज्म पर किस स्टार की क्या सोच है.

इमरान हाशमी
नेपोटिज्‍म ना होता तो मैं एक्टर बन ही नहीं पाता.

Emraan Hashmi

इमरान हाशमी कहते हैं कि वो नेपोटिज्‍म का ही नतीजा हैं. एक कम टैलेंटेड एक्टर को उनके अंकल महेश भट्ट ने 2003 में फुटपाथ जैसी फ़िल्म से लॉन्च कर दिया. ”यानी इंडस्ट्री में नेपोटिज्‍म न होता तो मैं एक्टर बन ही नहीं पाता, मुझे ब्रेक ही नहीं मिल पाता. अगर मेरे अंकल महेश भट्ट, जो कि प्रोड्यूसर-डायरेक्टर हैं, न होते तो मैं भी एक एक्टर के तौर पर इंडस्ट्री में न होता.”

आयुष्मान खुराना
अगर नेपोटिज्‍म न होता तो 22 साल की उम्र में ही डेब्यू कर लिया होता

ayushmann khurrana

आयुष्मान खुराना, जिन्हें बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा और टैलेंट होने के बावजूद जिन्हें खुद को साबित करने के लिए सालों लग गए, ने कहा कि अगर नेपोटिज्‍म न होता तो उन्होंने 22 साल की उम्र में ही डेब्यू कर लिया होता. ”मेरी डेब्यू फिल्म ‘विकी डोनर’ मुझे 27 साल की उम्र में मिली. अगर मैं स्टार किड होता, तो ये फ़िल्म मुझे 22 साल की उम्र में ही मिल जाती. हालांकि मेरे मामले में ये 5 साल की देरी से मुझे कोई खास फर्क नहीं पड़ा. उल्टे मुझे लगता है 27 साल की उम्र में मैं ज़्यादा मैच्योर एक्टर बन पाया.”

राजकुमार राव
नेपोटिज्‍म की वजह से मैं कई नॉन टैलेंटेड लोगों को फिल्मों में एक्टिंग करते देखता हूँ.

Raj Kumar Rao

राजकुमार राव ने हालांकि अपनी एक्टिंग और जो किरदार उन्होंने निभाये, उससे बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बना ली, लेकिन उन्होंने भी माना कि इंडस्ट्री में नेपोटिज्‍म एक्सिस्ट करता है और इस वजह से उन्हें भी स्ट्रगल करना पड़ा और इस वजह से जिनके पास कोई टैलेंट नहीं है, उन्हें भी बड़ी फिल्में मिल जाती हैं.
”फेवरिटीज़म सब जगह है, हर फील्ड में है और रहेगा. चलो कोई बात नहीं. पर मुझे तब बुरा लगता है जब फेवरिटीज़म की वजह से नॉन टैलेंटेड लोगों को बड़ी फिल्मों में देखता हूँ. मैं स्क्रीन पर टैलेंटेड लोगों को देखना चाहता हूँ. मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो किस फैमिली का हिस्सा हैं, बस उनमें टैलेंट हो. इंडस्ट्री में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट जैसे स्टार किड काम कर रहे हैं, लेकिन वो सही मायने में टैलेंटेड हैं.”

कंगना रनौत
स्टार किड तो शुरुआत ही वहीं से करते हैं, जहां उनके लिए सब कुछ, स्टारडम तक रेडी रहता है.

kangana ranaut

नेपोटिज्म पर अक्सर बोलने वाली कंगना ने ही दरअसल इस विषय पर बोलने की शुरुआत की थी जब करण जौहर के शो पर उन्होंने करण के मुंह पर ही कह दिया था कि बॉलीवुड में नेपोटिज्म के लीडर करण ही हैं, तब से नेपोटिज्म पर विवाद थमा ही नहीं. नेपोटिज्म पर बोलते हुए एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा था, ”क्या इन स्टार किड्स को पता भी है कि किसी भी एक्टर को ऑडियंस और क्रिटिक्स बनाने के लिए 10 साल से ज़्यादा लग जाते हैं. स्टार किड तो शुरुआत ही वहीं से करते हैं, जहां उनके लिए सब कुछ, स्टारडम तक रेडी रहता है. इसलिए वो कभी नहीं समझ पाएंगे कि आउटसाइडर को बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए कई बार पूरी ज़िंदगी लगा देनी पड़ती है.” सुशांत सिंह सुसाइड केस के बाद भी कंगना खुलकर नेपोटिज्म के खिलाफ बोल रही हैं.

करीना कपूर
अगर यहां रणबीर कपूर है तो यहां रणवीर सिंह भी है, जो किसी बॉलीवुड परिवार से वास्‍ता नहीं रखता.

kareena kapoor

नेपोटिज्‍म पर करीना कपूर का कहना है, ‘नेपोटिज्‍म कहाँ नहीं है? लेकिन कोई इसके बारे में बात नहीं करता. बिजनेस परिवारों में बेटे बिजनेस को आगे बढ़ाते हैं. राजनीतिक परिवारों में बेटे उनकी जगह लेते हैं. इस सब को नेपोटिज्‍म की श्रेणी में नहीं रखा जाता, बल्कि इसे अच्‍छा माना जाता है. बस बॉलीवुड को टारगेट किया जाता है. आप ये क्यों नहीं देखते कि कई स्‍टार किड्स भी उस मुकाम पर नहीं पहुंच पाए, जहां उनके माता-पिता पहुंचे. दरअसल में इंडस्‍ट्री में सिर्फ टैलेंट ही काम आता है और यहां वही टिक पाते हैं जिनमें टैलेंट हो, वरना यहां कई स्‍टार किड्स नंबर 1 की पोजीशन पर होते.’ करीना ने कहा, ‘अगर यहां रणबीर कपूर है तो यहां रणवीर सिंह भी है, यहां आलिया भट्ट है तो यहां कंगना रनोट भी है, जो किसी बॉलीवुड परिवार से वास्‍ता नहीं रखता. इसलिए मुझे लगता है कि ‘नेपोटिज्‍म’ की बहस बेमानी है.’

शाहरुख खान
मेरे भी बच्चे जो बनना चाहते हैं, बनेंगे और जाहिर है कि फादर होने के नाते मैं उनके साथ रहूंगा.

shahrukh khan

शाहरुख कहते हैं कि नेपोटिज्‍म पर इतनी कॉन्ट्रोवर्सी क्यों की जा रही है, “मुझे यह कॉन्सेप्ट बिल्कुल समझ नहीं आता. मेरे भी बच्चे हैं, वे जो बनना चाहते हैं, बनेंगे और जाहिर है कि मैं इसमें उनके साथ हूं और रहूंगा. सच बताऊं.. मुझे नेपोटिज्‍म शब्द समझ नहीं आता और यह भी कि इस पर बेवजह का बवाल क्यों मचा है? मैं दिल्ली का लौंडा हूं. वहां से मुंबई गया, लोगों का प्यार मिला और कुछ बना. मैं चाहता हूं कि मेरे बच्चे भी खुद अपने बूते पर नाम कमाएं. उनका फादर होने के नाते मुझसे जो भी बन पड़ेगा मैं करूँगा और ये मेरी ज़िम्मेदारी भी है.”

सोनू सूद
जब आप बाहर से होते हैं, तो कोई भी आप से नहीं मिलना चाहता.

sonu sood

सोनू सूद भी मानते हैं कि अगर आप फिल्मी बैकग्राउंड से न हों, तो सब कुछ मुश्किल हो जाता है. ”जब मैं फिल्म इंडस्ट्री में आया, तो निश्चित रूप से मुझे काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. जब आप बाहर से होते हैं, मतलब नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से तो कोई भी आप से नहीं मिलना चाहता, कोई भी आपकी बात नहीं सुनना चाहता और आपका काम नहीं देखना चाहता. मुझे लगता है कि इस मुश्किल हालात से हर नए स्टार को गुजरना पड़ता है.”

रणवीर शौरी
इंडस्ट्री का जो पावर है, वो चार छह लोगों के ही कंट्रोल में है.

Ranveer Shorey

मैं ये नहीं कहूंगा कि पूरी इंडस्ट्री पर नेपोटिज्म हावी है, क्योंकि इंडस्ट्री तो बहुत बड़ी है. यहां बहुत सारी छोटी फिल्में भी बनती हैं. हां ये ज़रूर कहूंगा कि इस इंडस्ट्री का जो पावर है, वो चार- छह लोगों के ही कंट्रोल में है. मेरी भी अनदेखी हुई है मेनस्ट्रीम के बड़े नामों से. साल दो साल मैं भी घर पर बिना काम के बैठा हूं. किसी तरह मैं इंडिपेंडेंट फिल्मों और सीरीज की तरह खुद को यहां बरकार रख पाया हूं. जिनके ड्रीम्स बड़े होंगे, उनको ये सब अनदेखी झेलने के लिए बहुत स्ट्रेंथ चाहिए. यही वजह है कि मैंने अपनी महत्वकांक्षाएं कम कर ली थीं. मैं समझ गया था कि मुझे कभी भी मेनस्ट्रीम फिल्मों में लीड भूमिकाएं नहीं मिलेंगी, चाहे मेरी एक्टिंग कितनी अच्छी क्यों न हो.शुरुआत में इस लालच में मेनस्ट्रीम में छोटे मोटे रोल कर लेता था कि शायद नोटिस होने से अच्छा काम मिलेगा. फिर समझ आया कि वो आपको नोटिस ही नहीं करना चाहते हैं. फिर दीवार पर सर मारने से क्या होगा.”

अनन्या पांडे
‘आप स्टार किड हों तो पहली फ़िल्म मिलना एकदम आसान होता है.’

Ranveer Shorey

स्टूडेंड ऑफ द ईयर 2 से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली अनन्या पांडे मानती हैं कि अगर आप स्टार किड हो तो आपको लॉन्चिंग फ़िल्म आसानी से मिल जाती है. ”मेरा मतलब है आपको पहली फ़िल्म आसानी से मिल जाती है, लेकिन फिर अपनी पहचान बनाना, खुद को एक एक्टर के तौर पर प्रूव करना आपकी ज़िम्मेदारी होती है…. फाइनली टैलेंट ही सक्सेस की gaurantee होता है.”

कृति सेनन
एक स्टार किड की वजह से मुझे फ़िल्म से आउट करके उसे लिया गया

kriti sanon

जब आप स्टार किड होते हैं या फिल्मी फैमिली से होते हैं, तो आपकी पहली फ़िल्म की रिलीज से पहले ही आपको फिल्में मिल जाती हैं, लेकिन जब आप फिल्म फैमिली से ताल्लुक नहीं रखते तो आपको दूसरी फिल्म पहली फिल्म की रिलीज से पहले नहीं मिलती. उन्होंने बताया कि किस तरह एक स्टार किड की वजह से उन्हें फ़िल्म में रिप्लेस कर दिया गया, “मैं नहीं जानती कि उन्होंने उसे फोन किया था या नहीं? लेकिन कोई था, जो फिल्म फैमिली से था या उसकी चर्चा कुछ ज्यादा थी, उससे मुझे रिप्लेस कर दिया गया था. हां, मेरे साथ यह हुआ है, लेकिन मुझे इसका कारण पता नहीं. हो सकता है कि डायरेक्टर को वाकई उसकी जरूरत हो? ऐसा एक बार नहीं, कई बार हुआ है.”

तापसी पन्नू
तापसी को बिना कोई वजह बताए एक फ़िल्म से किक आउट कर दिया गया

taapsee pannu

तापसी पन्नू जो सिर्फ सेलेक्टिव रोल्स करने के लिए जानी जाती हैं, ने एक इंटरव्यू में बताया था कि किस तरह उन्हें बिना कोई वजह बताए सिर्फ इसलिए एक फ़िल्म से आउट कर दिया गया क्योंकि वो किसी फिल्मी फैमिली से नहीं हैं. ”और मुझे इस बात से कोई शॉक भी नहीं लगा कि मेरे हाथ से कोई फ़िल्म निकल गई. और मुझे फ़िल्म से आउट करने की वजह ये नहीं थी कि मैं वो रोल डिज़र्व नहीं करती थी, बल्कि वजह थी कि मैं किसी स्टार या प्रोड्यूसर-डायरेक्टर की बेटी या बहन नहीं हूँ या किसी स्टार को डेट नहीं कर रही हूँ. लेकिन मुझे इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता. हां अगर कोई फ़िल्म मेरे हाथ से इसलिए चली जाती क्योंकि वो रोल करने का टैलेंट मुझमें नहीं होता, तो बेशक मुझे फर्क पड़ता.”

सिद्धांत चतुर्वेदी
स्टार किड के लिए सब कुछ आसान होता है और हम जैसे सेल्फ मेड एक्टर्स के लिए बहुत मुश्किल

Siddhant Chaturvedi

फ़िल्म ‘गली बॉय’ में एमसी शेर का किरदार निभाकर पॉपुलर हुए सिद्धांत चतुर्वेदी कहते हैं, ”हम जैसे सेल्फ मेड लोगों के लिए इंडस्ट्री में खड़े रहना मुश्किल होता है, जबकि अगर आप किसी स्टार के बच्चे हो तो नाम शोहरत सब आसानी से मिल जाता है. जहां हमारे सपने पूरे होते हैं, वहां इनका स्ट्रगल शुरू होता है.”

बेहतरीन अभिनेता राजकुमार राव (Rajkummar Rao) का आज जन्मदिन (Birthday) है. उन्होंने अपनी लाजवाब अदाकारी, विविधतापूर्ण भूमिकाओं से हर किसी का दिल जीता है. लेकिन कामयाबी का यह सफ़र इतना आसान न था. पहली फिल्म ’लव, सेक्स और धोखा’ से लेकर ‘जजमेंटल है क्या’ तक उन्होंने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, पर अपने लाजवाब अभिनय से सभी को प्रभावित किया.

 

दिल्ली के राजकुमार ने पुणे के एफटीआईआई (फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) से अभिनय में ग्रेजुएशन किया. फिर फिल्मों में करियर बनाने के लिए मुंबई आ गए. शुरुआत में कई छोटे-मोटे विज्ञापन मिलते रहे, पर सही मायने में ब्रेक दिबाकर बनर्जी ने लव, सेक्स और धोखा में दिया. फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. एकता कपूर की रागिनी एमएमएस से एक्टिंग की गाड़ी जो चल पड़ी व आज भी पूरी रफ़्तार से आगे बढ़ रही है. फिर शैतान, गैंग ऑफ वासेपुर 2, काई पो चे, शाहिद, न्यूटन जैसी फिल्मों ने उन्हें एक अलग पहचान दी. राजकुमार राव के जन्मदिन पर उनसे जुड़ी दिलचस्प, कही-अनकही बातों के बारे में जानते हैं.

Rajkummar Rao

राजकुमार का फिल्मी सफ़र…

* मध्यमवर्गीय परिवार के राजकुमार राव का जन्म गुरुग्राम में हुआ.

* बचपन से लेकर फिल्मी शुरुआती दौर तक उन्हें क़दम-क़दम पर संघर्ष करना पड़ा.

* स्कूली पढ़ाई गुड़गांव के ब्लू बेल्स मॉर्डन स्कूल से की. साथ ही वे थिएटर भी करते रहे. दसवीं करने के बाद उनका रुझान अभिनय की तरफ़ बढ़ता चला गया.

* एक दौर ऐसा भी रहा जब राजकुमार के पास स्कूल की फीस देने के पैसे नहीं थे. तब उनके टीचर ने दो साल तक उनकी पढ़ाई का ख़र्च उठाया. क़िस्मत का खेल देखें, कहा जाता है आज वही राजकुमार एक फिल्म के लिए सात करोड़ तक लेते हैं.

* वे शाहरुख ख़ान के ज़बर्दस्त फैन हैं. उनकी तस्वीरों से बातें करते हुए वे अक्सर यह सोचा करते थे कि जब शाहरुख ने बिना किसी गॉडफादर के कामयाब रहे और अपना एक मुक़ाम हासिल किया, तो वे क्यों नहीं ऐसा कर सकते.

Rajkummar RaoRajkummar Rao

* पुणे से एक्टिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद साल 2009 में फिल्मों में क़िस्मत आज़माने के लिए मुंबई आ गए.

* संघर्ष के दौर में कई बार उन्हें अपने दोस्तों के साथ खाना तक शेयर करना पड़ा.

* उन्हीं दिनों उनकी मां ने उन्हें अपने नाम की स्पैलिंग बदलने के लिए कहा. मां ने इसके लिए न्यूमेरोलॉजिस्ट से बात की थी. तब वे Rajkumar से Rajkummar लिखने लगे.

* आज दस साल में उन्होंने शाहिद, न्यूटन, ट्रैप्ड, स्त्री, बरेली की बर्फी, क्वीन, जजमेंटल है क्या जैसी एक से एक बेहतरीन फिल्में कीं.

* शाहिद फिल्म के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड तक मिला.

* उनकी न्यूटन फिल्म तो ऑस्कर के लिए भी भेजी गई थी.

Rajkummar RaoRajkummar Rao

 

* सिटी लाइट फिल्म में एक्ट्रेस पत्रलेखा पॉल के साथ ऐसी जोड़ी जमी की. दोनों ही एक-दूसरे के हो गए. पत्रलेखा ने लव गेम्स, नानू की जानू जैसी फिल्मों में काम किया है.

* एक इंटरव्यू में पत्रलेखा ने बड़ी दिलचस्प बातें कहीं कि जब वे पहली बार राजकुमार से मिली थीं, तब वे बेहद अजीब लगे थे. लेकिन धीरे-धीरे साथ काम करते हुए उनके बारे में जाना तो वे बहुत ही प्यारे और न्यारे लगे.

* जब राजकुमार संघर्ष के दौर से गुज़र रहे थे, तब उन्होने एक महंगी डिज़ाइनर बैग उन्हें उपहार में दी थी, जो विदेश यात्रा के समय चोरी हो गई. पत्रलेखा दुखी होकर राजकुमार को इसके बारे में बताया था. लेकिन सुखद आश्‍चर्य हुआ जब वे वापस आई, तो उसी तरह दूसरा बैग उन्हें राजकुमार ने दोबारा गिफ्ट में दी.

* उनकी मुलाक़ातों में राजकुमार अक्सर देरी से आया करते थे, लेकिन एक बार जब एयरपोर्ट पर ट्रैफिक जाम था, उनसे मिलने की ख़ातिर राजकुमार वहां से पैदल ही जुहू की तरफ़ दौड़ते-भागते आए. उनके इस प्यार पर पत्रलेखा भावविभोर हो गईं.

* राजकुमार ने भी भावनाओं में बहते हुए कहा कि उन्हें पहली ही नज़र में पत्रलेखा से प्यार हो गया था और उन्हें अपना जीवनसाथी बनाने का बन बना लिया था.

* राजकुमार व पत्रलेखा पिछले नौ साल से साथ हैं. आज जहां कई सितारे अपने रिश्तों को छिपाते फिरते हैं, वहीं इन दोनों ने कभी भी ऐसा नहीं किया.

* राजकुमार ने आज अपने अभिनय के जुनून, मेहनत-लगन व ज़ज्बे के कारण फिल्म इंडस्ट्री मे अपनी एक अलग पहचान बना ली है.

मेरी सहेली की ओर से उन्हें जन्मदिन की ढेर सारी बधाई और आगे के सफ़र के लिए शुभकामनाएं.

– ऊषा गुप्ता

 

यह भी पढ़ेपार्टनर के साथ छुट्टियां मना रहे हैं आयुष्मान खुराना व अर्जुन कपूर, देखें पिक्स (Ayushmann And Arjun Vacation Pics)

BEHEN-HOGI-TERI-COMPLETED (1)

राजकुमार राव और श्रुति हसन स्टारर फिल्म बहन होगी तेरी का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है. फिल्म का ट्रेलर इतना मज़ेदार है कि आप हंसे बिना रह नहीं पाएंगे. भारत मेरा देश है और सभी भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं… इस टैगलाइन को बड़े ही अलग अंदाज़ में इस्तेमाल किया गया है. अक्सर कहा जाता है कि मोहल्ले की लड़कियां बहन होती हैं, फिल्म में गट्टु यानी राजकुमार इसी डर में रहते हैं कि उनकी मोहल्ले की लड़की बिन्नी यानी श्रुति हसन उन्हें कहीं बहन न बना ले. फिल्म में शान फिल्म का गाना जानू मेरी जान… को भी रीमिक्स करके लिया गया है. फिल्म में गौतम गुलाटी भी हैं, जो राहुल के किरदार में हैं. राजकुमार राव राहुल नाम को लेकर भी शाहरुख खान की फिल्मों की भी ज़बरदस्त ऐक्टिंग करते नज़र आ रहे हैं. देखें ये ट्रेलर

फिल्म में काला चश्मा… गाने की धुन पर बना जय मां… सॉन्ग पहले ही ख़ूब सुर्खियां बटोर चुका है. देखें ये मज़ेदार गाना.

TRAPPED trailer

सोचिए क्या हो जब आप अपने ही घर में कैद हो जाएं. घर में न कुछ खाने को हो और ना ही कोई आपकी मदद कर पाए. सुनकर ही डरावनी लगती हैं ये बातें. लेकिन फिल्म ट्रैप्ड में आप ये सब देख पाएंगे. राजकुमार राव डिफरेंट फिल्में करने के लिए जाने जाते हैं. एक बार फिर कुछ अलग तरह की फिल्म में नज़र आने वाले हैं राजकुमार. फिल्म ट्रैप्ड को डायरेक्ट किया है विक्रमादित्य मोटवानी ने, जबकि इस फिल्म के प्रोड्यूसर हैं अनुराग कश्यप और विकास बहल. ट्रेलर देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. ट्रेलर में दिखाया गया है कि राजकुमार राव अपने ही घर में फंस जाते हैं. उनके फ्लैट का दरवाज़ा बंद हो जाता है और बिल्डिंग में किसी को उनकी आवाज़ सुनाई नहीं देती. राजकुमार फ्लैट से बाहर निकलने के लिए हर कोशिश करते हैं, लेकिन निकल नहीं पाते. आप भी देखें ये ट्रेलर.