Rang Tarang

रंग-तरंग- फिर भी हैप्पी न्यू ईयर… (Rang-Tarang- Phir Bhi Happy New Year…)

पिछले तीन साल भुगत चुका हूं. अब मैं किसी को नए साल के लिए हैप्पी न्यू ईयर का अभिशाप नहीं…

रंग-तरंग- क्रिकेट-क्रिकेट में तू-तू, मैं-मैं… (Satire Story- Cricket-Cricket mein tu-tu, main-main…)

‘‘दादाजी, आप गुज़रे ज़माने की चीज़ हैं. पहले घर में एक आदमी कमाता था और बाकी बैठकर खाते थे, लेकिन…

व्यंग्य- दिवाली पर साहित्यकार के घर की सफ़ाई (Satire Story- Diwali Par Sahitaykar Ke Ghar Ki Safai)

सब पत्र-पत्रिकाओं को देख छांटना कोई छोटी-मोटी बात नहीं, सो सुविधा से काम करने का सोच ही रहा था कि…

रंग-तरंग- अथ मोबाइल व्रत कथा (Satire Story- Ath Mobile Vrat Katha)

जैसे-जैसे समय बीत रहा था लाइव जुड़नेवालों की संख्या बढ़ रही थी. इसे देखकर घर में बैठे नए युग के…

व्यंग्य- द नींबू की कार्ड्स एंड कॉकटेल पार्टी (Satire- The Nimbu Ki Cards And Cocktail Party)

विदेशी मेहमान द नींबूजी की तारीफ़ करते ना थक रहे थे. मैंगोस्टीन ने बताया, "द नींबूजी, विश्व सुंदरी ऐश्वर्या रॉय…

व्यंग्य- गरीब आदमी का मोबाइल फोन (Satire- Garib Aadmi Ka Mobile Phone)

घर में वक़्त पर फफूंद लगी रोटी हो या न हो, लेकिन आज के जमाने में फोन तो होना चाहिए.…

व्यंग्य- हिजाब पर सियासत (Satire Story- Hijab Par Siyasat)

हिजाब की मथानी से मक्खन कम मट्ठा ज़्यादा निकल रहा है. जनता नौकरी, रोज़गार, शिक्षा और सुकून चाहती है, लेकिन…

हास्य व्यंग्य- कईसै तरै भवसागर (सोशल मीडिया) नर… (Satire- Kaise Tarre Bhavsagar (Social Media) Nar…)

गुरुदेव! इस सोशल मीडिया रुपी माया का विस्तार तो इसके निर्माता भी नहीं जानते, तो मैं अल्प बुद्धि प्राणी क्या…

व्यंग्य- कोरोना चुनाव दोऊ खड़े (Vyangy- Corona Chunav Dou Khade)

इस बार कोरोना के साथ उसका एक रिश्तेदार (ओमिक्रॉन) भी आया है. लेकिन सांताक्लॉज धोती में गोबर लगाए गली-गली आवाज़…

रंग-तरंग- बही खाता: फिर भी सब ख़ैरियत है… (Rang-Tarang- Bahi Khata: Phir Bhi Sab Khairiyat Hai…)

आनेवाले साल को लेकर मेरे अंदर कोई जोश नहीं है (जो था कोरोना और केजरीवाल को दे चुका हूं) अन्दर…

व्यंग्य- काला क़ानून बनाम सफ़ेद क़ानून (Satire- Kala Kanoon Banam Safed Kanoon)

सोशल मीडिया पर तमाम कौरव योद्धा ललकार रहे हैं, लेकिन धर्मयोद्धाओं की समझ में नहीं आ रहा है कि पक्ष…

रंग तरंग- भूखे इश्क़ न होत सजना… (Satire- Bhukhe Ishq Na Hot Sajna…)

''सिया उठो, सरगी का टाइम हो गया, मां बुला रही हैं.'' मैंने जान-बूझकर करवट ले ली. मन ही मन भगवान…

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