reita daria

मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स जैसे टाइटल्स जीतना कोई आम बात नहीं है. इन ब्यूटी पेजेंट्स को जीतने के पीछे महीनों या यूं कहें सालों की मेहनत होती है. ब्यूटी क्वीन के अलावा उनकी पूरी टीम दिन रात इस पर काम करती है, पर यह पूरी मेहनत तभी सफल होती है, जब ब्यूटी पेजेंट में पूछे गए सवालों के जवाब वाकई लाजवाब हों. और सबसे ज़रूरी वो आखिरी सवाल होता है, जो तीन ब्यूटी क्वीन्स में से किसी एक को मिस वर्ल्ड या मिस यूनिवर्स का टाइटल पहनाता है. अब तक हमारे देश की ब्यूटी क़वीन्स 2 बार मिस यूनिवर्स, 6 बार मिस वर्ल्ड और 1 बार मिस अर्थ का टाइटल जीत चुकी हैं. आइये देखें क्या थे वो सवाल जिनका ज़बर्दस्त जवाब देकर इन्होंने न सिर्फ़ जजेज़ का दिल जीता, बल्कि टाइटल भी अपने नाम किया.

रीता फारिया, मिस वर्ल्ड 1966

Rita Faria

कहने की ज़रूरत नहीं है कि रीता फारिया की ग़ज़ब की ख़ूबसूरती ने सबको मन मोह लिया था. उस ज़माने में जब हमें आज़ाद हुए ज़्यादा साल नहीं हुए थे और हम नए भारत को बसाने का सपना देख रहे थे, तभी रीता फारिया की इस जीत ने पूरे विश्व मे भारत के नाम का परचम लहरा दिया. रीता फारिया भारत की ही नहीं, बल्कि एशिया की भी पहिला महिला थीं, जिन्होंने यह टाइटल अपने नाम किया था. आपको बता दें कि रीता फारिया एक डॉक्टर हैं और अपने ब्यूटी पेजेंट में भी उन्होंने बताया था कि वो डॉक्टर बनना चाहती हैं. सबसे मजेदार बात यह कि रीता से सवाल भी यही पूछा गया कि वो डॉक्टर क्यों बनना चाहती हैं. इस सवाल के जवाब में रीता फारिया ने जूरी मेंबर्स को बताया कि इंडिया में प्रसूति विशेषज्ञ और स्त्रीरोग विशेषज्ञों की कमी है, इसलिए वो डॉक्टर बनना चाहती हैं. उनके इस जवाब के बदले जूरी ने वापस सवाल किया कि इंडिया में पहले ही जनसंख्या ज़्यादा है, तो रीता ने उनके शंका का समाधान करते हुए कहा कि इसीलिए तो क्योंकि यह ऐसी चीज़ है, जिसे हतोत्साहित करने की ज़रूरत है. उनके इस जवाब पर उन्हें जूरी ने काफ़ी सराहना मिली और इसी जवाब ने उन्हें मिस वर्ल्ड का ताज पहनाया.

सुष्मिता सेन, मिस यूनिवर्स 1994

Sushmita Sen

रीता फारिया की सफलता के बाद देश को अगले टाइटल के लिए काफ़ी लंबा इंतज़ार करना पड़ा, लेकिन यह इंतज़ार तब रंग लाया, जब बंगाली ब्यूटी क्वीन सुष्मिता सेन ने 1994 में देश को पहली बार मिस यूनिवर्स के टाइटल से नवाज़ा था. फाइनल राउंड में सुष्मिता से पूछा गया था कि औरत होने का सार क्या है? सुष्मिता ने इनके लिए बड़ा ही ख़ूबसूरत जवाब देकर जूरी का दिल जीत लिया. सुष्मिता ने कहा औरत होना ही ईश्वर का तोहफ़ा है, जिसे हम सभी मानते हैं. जब बच्चा इस दुनिया में आता है, तो न सिर्फ़ एक मां का जन्म होता है, बल्कि एक औरत का पुनर्जन्म भी होता है. एक औरत ही आदमी को शेयरिंग, केयरिंग और प्यार करना सिखाती है. यही औरत होने का सार है.

ऐश्वर्या राय, मिस वर्ल्ड 1994

Aishwarya Rai

साल 1994 भारत के लिए ब्यूटी पेजेंट का जैकपॉट लेकर आया था. जहां सुष्मिता सेन ने मिस यूनिवर्स का टाइटल जीता, वहीं ऐश्वर्या राय ने मिस वर्ल्ड का टाइटल जीतकर देश मे ब्यूटी पेजेंट का डंका बजा दिया. दुनिया में हर तरफ़ भारत की ख़ूबसूरती के ही चर्चे थे. ऐश्वर्या राय को फाइनल राउंड में पूछा गया कि मिस वर्ल्ड 1994 में क्या ख़ूबियां होनी चाहिए? इस सवाल का जवाब ऐश्वर्या ने कुछ इस तरह दिया. उन्होंने कहा कि अब तक जो मिस वर्ल्ड हुई हैं, उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उनके भीतर दयाभाव और सहानुभूति होनी चाहिए. दयाभाव सिर्फ़ उन लोगों के लिए नहीं, जिनका अपना स्टेटस है, बल्कि पिछड़े वर्ग के लिये भी. अब तक ऐसे लोग हुए हैं, जिन्होंने लोगों द्वारा बनाई गई देश और रंग की बेड़ियों से ऊपर उठकर देखा है. हमें उसके भी आगे देखना होगा और वही सच्चे मायने में मिस वर्ल्ड होगी. एक सच्चा व्यक्ति.

डायना हेडेन, मिस वर्ल्ड 1997

Diana hayden

साल 1997 में जब डायना हेडेन जब मिस वर्ल्ड टाइटल के फाइनल राउंड में पहुंचीं, तो उनसे यह पूछा गया कि वो मिस वर्ल्ड क्यों बनना चाहती हैं? डायना ने बड़े ही प्यार से जवाब देते हुए कहा कि मैं मशहूर लेखक और कवि विलियम बटलर यीट्स से काफ़ी प्रभावित हूं और उन्होंने एक बार लिखा था कि सपनों के साथ जिम्मेदारियों की भी शुरुआत होती है और मेरे लिए यह टाइटल भी सपनों के साथ जिम्मेदारियां लेकर आता है. मिस वर्ल्ड बनकर में कुछ अलग कर पाऊंगी और दूसरों के सपने पूरे करने में मदद कर पाऊंगी यह एहसाह ही मेरे लिए बेहद ख़ास है.

युक्ता मुखी, मिस वर्ल्ड 1999

Yukta mukhi

वैसे तो युक्ता मुखी से कई सवाल पूछे गए थे, लेकिन युक्त के इस जवाब ने उनको साल 1999 में इस टाइटल का विजेता घोषित कर दिया. युक्ता मुखी से काफ़ी दिलचस्प सवाल पूछा गया और वो यह कि अगर आपको मौका मिले तो पूरी दुनिया में वो कौनसा व्यक्ति है, जो वो बनना चाहेंगी? इसका जवाब युक्ता ने मुस्कुराते हुए यूं किया कि अगर मुझे मौका मिले तो मैं ऑड्रे हेपबर्न (बेहद ख़ूबसूरत ब्रिटिश ऐक्ट्रेस और मानववादी) बनना चाहूंगी. यह उनकी आंतरिक ख़ूबसूरती, उनका दयाभाव और उनका ऑरा है, जिससे उनके भीतर की आंतरिक शांति झलकती है.

लारा दत्ता, मिस यूनिवर्स 2000

Lara Dutta

साल 2000 भारत के लिए वापस ब्यूटी पेजेंट का डबल सेलिब्रेशन लेकर आया. जहां लारा दत्ता मिस यूनिवर्स बनीं, वहीं प्रियंका चोपड़ा ने मिस वर्ल्ड का टाइटल अपने नाम किया. साल 2000 में जहां मिस यूनिवर्स पेजेंट आयोजित किया गया था, वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे थे. मज़े की बात है कि इस फाइनल राउंड में तीनों कंटेस्टेंट्स से एक ही सवाल पूछा गया. सबसे आखिर में लारा का नंबर आया और उन्होंने इसका सबसे ज़बर्दस्त जवाब दिया. लारा को भी पूछा गया कि कुछ लोग मिस यूनिवर्स टाइटल का विरोध कर रहे हैं कि यह महिलाओं का अपमान है, आप उन्हें किस तरह समझाएंगी? लारा ने कहा मुझे लगता है कि मिस यूनिवर्स जैसा पेजेंट हम जैसी यंग महिलाओं को एक प्लैटफॉर्म देता है, जिसके जरिये हम अपनी मनपसंद फील्ड में जा सकते हैं, चाहे वो इंटरप्रेनेरशिप हो, आर्म्ड फोर्सेस हो या पॉलिटिक्स. यह एक ऐसा प्लैटफॉर्म है, जो हमें अपने विचारों और राय को रखने में मदद करता है और हमें मजबूत और आज़ाद बनाता है, जो कि आज हम हैं.

प्रियंका चोपड़ा, मिस वर्ल्ड 2000

प्रियंका चोपड़ा को पूछा गया कि साल 2000 में पूरी दुनिया में सबसे सफल जीवित महिला कौन है? इसका जवाब देते हुए प्रियंका ने कहा कि इस दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें मैं पसंद करती हूं और उनमें मेरा विश्वास है, लेकिन मुझे लगता है कि इस समय सबसे सफल महिला वो है, जिन्होंने न सिर्फ ख़ुद के लिए सफलता हासिल की, बल्कि दूसरे देशों के लिए भी किया है, तो वो हैं मदर टेरेसा. मैं तहेदिल से उनका सम्मान करती हूं और जिस तरह उन्होंने भारत के लोगों के लिए अपना सब कुछ लुटा दिया और उनके चेहरों पर मुस्कान लेकर आई हैं, मुझे लगता है वही उनकी सबसे बड़ी सफलता है.

मानुषी छिल्लर, मिस वर्ल्ड 2017

Manushi Chillar

मानुषी छिल्लर को पूछा गया कि तुम्हारे मुताबिक किस प्रोफेशन को सबसे ज़्यादा सैलरी मिलनी चाहिए और क्यों? इस मुश्किल सवाल का जवाब देते हुए मानुषी ने कहा कि मैं अपनी मां के बेहद करीब हूं और मुझे लगता है कि मां को इस दुनिया में सबसे ज़्यादा सम्मान मिलना चाहिए. मुझे नहीं लगता कि सैलेरी से मतलब सिर्फ़ पैसों से नहीं होता है, बल्कि यह दिखाता है कि आप किसी व्यक्ति को कितना प्यार व सम्मान देते हैं. और मुझे लगता है कि मेरी मां हमेशा मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं और सभी मांएं अपने बच्चों के लिए बहुत से त्याग और बलिदान करती हैं. तो मेरे ख़्याल से जिस प्रोफेशन को सबसे ज़्यादा सैलरी और सम्मान मिलना चाहिए, वो है मां का.

आपको बता दें कि साल 2010 में बैंगलोर की निकोल फारिया ने मिस अर्थ 2010 का टाइटल अपने नाम किया. निकोल फारिया भारत की पहली ब्यूटी क्वीन हैं, जिन्होंने मिस अर्थ का टाइटल जीता है.

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