Relationship

एक वक्त था जब भाई-बहन का रिश्ता लिहाज़, संकोच और शर्म और हल्के से डर के दायरे में रहा करता था. भाई को रक्षक के समान देखा जाता था. उससे संकोच भी होता था और हल्का सा डर भी लगता था. न खुलकर बातें होती थीं और हंसी-मज़ाक़ तो दूर की बात थी. हालांकि उनके बीच प्यार तब भी भरपूर हुआ करता था. भाई अगर बड़ा हो तो पिता समान माना जाता था और छोटा हुआ तो बच्चे जैसा उसका ख़याल रखा जाता था. लेकिन दोनों के बीच दोस्ती तब कहीं नहीं थी.

  • भाई के सामने एक लिहाज़ का पर्दा रहता था.
  • भाई के सामने बातों से लेकर कपड़ों तक में एक शालीनता का पालन करना ज़रूरी होता था.
  • कहीं बाहर जाना है, तो भाई की रज़ामंदी भी ज़रूरी होती थी.
  • इसी तरह किसी लड़के से दोस्ती या बात करते बहन को भाई देख ले तो फिर उसे सफ़ाई देनी पड़ती थी.
  • घर आने में देर होने पर भी तमाम तरह के सवाल करने के हक़ भाई को भी होते थे, जबकि बहन उससे कोई सवाल नहीं कर सकती थी, क्योंकि इसे बदतमीज़ या ज़ुबान लड़ाना माना जाता था.
  • भाई के दोस्तों के बीच बहन का आना या कुछ बोलना भी माना था.
  • इसी तरह बहन की सहेलियों के बीच भाई भी सामने नहीं आता था.
  • एक-दूसरे के दोस्तों से वो अनजान रहते थे.

लेकिन अब वक्त बदल गया है और सोच भी. समाज व घरों में भी अब भाई-बहन के रिश्ते को नई दिशा मिली है और अब उसमें संकोच, डर और लिहाज़ की जगह दोस्ती ने ले ली है. क्या कुछ बदला है इस रिश्ते में आइए जानें-

  • दोनों अब बन चुके हैं बेस्ट फ़्रेंड्स. इनके बीच दोस्ती और दोस्ताना व्यवहार होता है.
  • लड़ना-झड़ना तो होता ही है लेकिन केयरिंग और शेयरिंग भी होती है.
  • दोनों एक-दूसरे से खुलकर बातें करते हैं और वो भी हर विषय पर.
  • अपनी पढ़ाई, दोस्तों से लेकर अपनी परेशनियां भी शेयर करते हैं.
  • यहां तक कि अपनी लव लाइफ़ और क्रश के बारे में दोनों एक-दूसरे से डिसकस करते हैं.
  • एक-दूसरे की इस बारे में मदद भी करते हैं.
  • साथ हैंग आउट करते हैं.
  • हॉलिडेज़ और पार्टी भी साथ-साथ करते दिखते हैं.
  • घर की प्रॉब्लम्स और पैरेंट्स की बातें भी साझा करते हैं.
  • एक-दूसरे को समझाते और सपोर्ट भी करते हैं.
  • पैसे भी उधार लेते-देते हैं. ऐसा नहीं है कि बहन से भाई पैसों की मदद नहीं लेता, आजकल उनके बीच ये सब चलता है.
  • एक कूलनेस आ गई है उनके रिश्ते में.
  • अब ऐसा नहीं है कि भाई के सामने स्विमिंग पूल में बिकिनी पहन बहन नहीं उतर सकती या शॉर्ट ड्रेस नहीं पहन सकती या फिर अपने बॉयफ़्रेंड से नहीं मिल सकती- सब एक साथ परिवार व दोस्तों की तरह पूल में भी चिल करते हैं.
  • इसी तरह भाई भी अपनी गर्लफ़्रेंड को सबसे पहले अपनी बहन से ही मिलवाता है ताकि घरवालों को मनाने में वो उसकी हेल्प करे.
  • दोनों को एक-दूसरे के फ़्रेंड सर्कल के बारे में न सिर्फ़ जानकारी होती है बल्कि वो एक-दूसरे के दोस्तों को अच्छी तरह जानते भी हैं.
  • पहले जहां भाई के सामने बहन का ज़ोरसे हंसना-बोलना तक ग़लत माना जाता था, वहीं अब दोनों एक-दूसरे से हंसी-मज़ाक़ करते हैं और खट्टी-मीठी छेड़ छाड भी.
  • बॉलीवुड में भी ऐसे कई भाई-बहन हैं जो दोस्त ज़्यादा हैं, जैसे- सारा अली खान और इब्राहिम खान. दोनों अक्सर साथ दिखते हैं. कई इवेंट्स से लेकर हॉलिडेज़ तक में वो साथ एंजॉय करते हैं.
  • कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भाई-बहन के पारम्परिक रिश्तों का ट्रेंड अब बदल चुका है, वो अब बन चुके हैं बेस्ट फ़्रेंड्स.

भोलू शर्मा

आजकल हर रिश्ते में एक शब्द ज़रूरत ज़्यादा ही ऐड हो गया है और वो है स्पेस. पैरेंट्स कुछ पूछें तो हम स्पेस का हवाला देते हैं, भाई-बहन एक-दूसरे के सामान को हाथ लगाएं तो हम स्पेस को हथियार बना लेते हैं और अब ये स्पेस नाम का भूत पति-पत्नी के रिश्ते में भी घुस आया है. किसी भी सवाल से बचने के लिए हम कह देते हैं प्लीज़ थोड़ा स्पेस दो. आख़िर रिश्तों में स्पेस कितना ज़रूरी है और कितना नहीं? और कहीं इस स्पेस की आड़ में पार्टनर आपसे छल तो नहीं कर रहे? इन बातों पर गौर करना ज़रूरी है.

  • ये माना कितना भी करीबी रिश्ता हो उसमें एक मर्यादा होनी ही चाहिए लेकिन ये मर्यादा या सीमा तय कौन करेगा?
  • हम अपनी सुविधानुसार इसको बार-बार बदलते रहते हैं.
  • स्पेस ज़रूरी है ताकि रिश्ते में दम न घुटे, लेकिन इतनी ज़्यादा छूट न हो कि रिश्ता ही दम तोड़ दे.
  • दोस्तों से बात करने, मिलने-जुलने और पार्टी करने की छूट सही है.
  • सहेलियों संग मौज-मस्ती, हॉलिडे, मूवी, शॉपिंग पर ज़रूर जाना चाहिए. इसे ज़रूरी स्पेस कहेंगे.
  • अपने परिवार के लिए अपनी मर्ज़ी से कोई निर्णय लेने या कुछ अच्छा करने की छूट ज़रूरी है.
  • अपने पैसों को एक हद तक खर्च करने की भी छूट ठीक है.
  • लेकिन अपने निर्णय हर बार थोप देना ग़लत है, ये सामनेवाले के स्पेस में दख़ल है.
  • आपका पार्टनर आपकी ही मर्ज़ी से और आपकी ही पसंद का खाए, पहने और आपके अनुसार ही दिनचर्या रखे… ये भी स्पेस में दख़ल है.
  • आप जब भी फ़ोन करे उसे उठाना ही होगा चाहे वो काम में ही व्यस्त क्यों न हो और न उठाने पर उससे सौ सवाल व शक करें- ये भी स्पेस में दख़ल है. इनसे आपका रिश्ता कमज़ोर व घुटन भरा होगा. क्योंकि आप अपने पार्टनर को वाक़ई में स्पेस नहीं दे रहे.
  • लेकिन एक-दूसरे से बातें छिपाना स्पेस नहीं, चोरी है.
  • अपने-अपने फ़ोन को सिर्फ़ इसलिए लॉक करना कि कहीं पार्टनर चेक न कर ले, स्पेस नहीं छल है.
  • अपने सोशल मीडिया को छिपाना या उसका पासवर्ड न बताना भी स्पेस नहीं कपट है.
  • आख़िर पति-पत्नी का रिश्ता इतना करीबी होता है कि उसमें छुपाने जैसा कुछ होना ही नहीं चाहिए.
  • ये माना हर पल एक-दूसरे के सिर पर सवार रहना या बस सवाल ही करते रहना ग़लत है, वहां ज़रूर आप अपने स्पेस की मांग कर सकते हैं.
  • अगर पार्टनर बिना वजह शक या जासूसी ही करे तब भी स्पेस की ज़रूरत जायज़ है.
  • लेकिन कई बार इसी स्पेस के नाम पर लोग रिश्तों को छलते हैं. ऐसे में आपको भी सतर्क रहना होगा कि कहीं आपके साथ तो ऐसा नहीं हो रहा?

कहीं स्पेस के नाम पर आपके साथ छलावा तो नहीं हो रहा?

  • अरे तुमने मेरे फ़ोन को हाथ क्यों लगाया, इतनी समझ नहीं कि किसी का फ़ोन ऐसे नहीं देखते… अगर आपका पार्टनर ऐसा कहे तो समझ जाएं कि वो कुछ छिपा रहा है.
  • अगर वो सोशल मीडिया पर काफ़ी वक्त बिताता है और आपसे अपना अकाउंट हाइड करके रखता है तो ज़रूर दाल में कुछ काला है.
  • अपने लैपटॉप का पासवर्ड बदलता रहता है कि कहीं आप ओपन न कर लें तो ये भी ग़लत है.
  • अक्सर ऑफ़िस से देर घर आता है और वीकेंड में भी बहाने बनाकर बाहर जाता है तो ये सही नहीं.
  • आपके द्वारा कुछ भी सवाल करने पर यही कहता है कि पर्सनल स्पेस में दखल मत दो तो वो स्पेस की आड़ में धोखा कर रहा है.
  • क्या पार्टनर ज़रूरत से ज़्यादा घर से बाहर वक्त बिताने लगा?
  • क्या उसका फ़ोन अक्सर नॉट रीचेबल मिलने लगा?
  • क्या आपके साथ वक्त कम बिताने लगा?
  • अपने में ही खोया रहने लगा और अपने लुक्स व फ़िटनेस को लेकर ज़्यादा अलर्ट हो गया?
  • फ़ोन को लॉक रखने लगा और बार-बार पासवर्ड बदलने लगा?
  • आपके सवालों से खीजने लगा और हर सवाल पर बस स्पेस की बात कहने लगा?
  • मुझे मेरा स्पेस चाहिए, तुम्हारे हर सवाल का जवाब नहीं… इतने सवाल मत करो… क्या इस तरह की बातें करने लगा?
  • आपसे कतराने व सवालों से बचने लगा और गोल-मोल उलझे से जवाब देने लगा?
  • ये तमाम बातें इशारा करती हैं कि स्पेस की मांग आख़िर क्यों बढ़ रही है…

क्या करें जब बात स्पेस की हो?

  • आपको पार्टनर को ये बताना होगा कि ये स्पेस में दखल नहीं आपका हक़ है.
  • आपको पूरा हक़ है ये जानने का कि वो सोशल मीडिया पर किसके साथ चैट करते हैं और किस तरह के दोस्त बनाते हैं.
  • क्या आप उनके इस बर्ताव से कम्फ़र्टेबल हो? अगर कहीं कुछ असहज लगे तो आपका सवाल करना बनता है.
  • आपको उनके फ़ोन को छूने का और पासवर्ड जानने का भी पूरा हक़ है.
  • स्पेस का मतलब ये नहीं कि कोई आपस में सवाल-जवाब ही न हों.
  • रिश्ते में जवाबदेही बनती है. स्पेस की आड़ में कोई बच नहीं सकता इससे.
  • बेहतर होगा कि आप दोनों मिलकर अपना स्पेस तय करें जिसमें दोनों सहज हों और कोई छल-कपट न हो.
  • ऐसा न हो कि बस हर बात पर एक की ही मर्ज़ी चले.
  • अपनी पसंद दूसरे पर न थोपें.
  • अगर पार्टनर आपकी किसी आदत से परेशान है, जैसे- ज़रूरत से ज़्यादा शॉपिंग, फ़िज़ूलखर्ची, ज़्यादातर घर से बाहर रहना और वो अगर इसको लेकर आपसे सवाल करे और आपको अपनी आदतों को बदलने को कहे तो ये स्पेस में दख़ल नहीं बल्कि उनका हक़ है.
  • इसी तरह किसी अन्य बुरी आदत या लत पर टोकना-समझाना भी ग़लत नहीं.एक-दूसरे को समझाएं भी, सपोर्ट भी करें, बेहतर करने की दिशा में साथ भी दें, पर एक-दूसरे को अपनी प्रॉपर्टी समझना और उसको अपने अनुसार ही चलाना ग़लत है.
  • एक-दूसरे के प्रति विश्वास बढ़ाएं ताकि स्पेस मांगने की नौबत ही न आए.
  • भरोसा करें और भरोसा जीतें ताकि स्पेस नाम का शब्द आपके रिश्ते के बीच न आए.
  • पिंकी शर्मा

पैसों, गाड़ी या अच्छी जॉब से ही ख़ुशियां मिलें, ये ज़रूरी नहीं. सोशल मीडिया या फिल्मों में भले ही दिखाया जाए कि सपनों की दुनिया में जीनेवाले कपल, ख़ूब पैसे कमाने वाले या रोज़ाना घूमने, रेस्टॉरेंट में खाना खाने और हर पल को भरपूर एंजॉय करनेवाले कपल ही सबसे हैप्पी कपल्स होते हैं, लेकिन ये सच नहीं है. इसके अलावा स़िर्फ उन्हीं कपल्स को हैप्पी कपल्स नहीं कहा जा सकता जो झगड़े नहीं करते, बल्कि हैप्पी और परफेक्ट कपल वो होते हैं, जो हालात को बेहतर ढंग से हैंडल करते हैं, जो इमोशनली इंटेलिजेंट होते हैं और जो लाइफ से जुड़े अहम फैसले सिर्फ इमोशनल होकर नहीं, बल्कि इंटेलिजेंट बनकर लेते हैं. इमोशनल इंटेलिजेंस का मतलब ही है इमोशन को इंटेलिजेंटली हैंडल करना. तो आइए जानते हैं कि इंटेलिजेंट कपल्स कौन होते हैं और आपको ऐसा कपल बनने के लिए क्या करना होगा.

एक दूसरे के प्रति रखते हैं पॉज़िटिव सोच


कपल्स जब कुछ समय एक साथ गुज़ार लेते हैं तो एक-दूसरे को लेकर उनके मन में कुछ पूर्वाग्रह आ जाते हैं. अगर ये पूर्वाग्रह नेगेटिव हों तो पार्टनर्स इसे नेगेटिव तरीके से ही लेते हैं और एक-दूसरे की नेगेटिव बातों पर ही फोकस करते हैं, जबकि इमोशनली इंटेलिजेंट पार्टनर्स एक-दूसरे की सिर्फ पॉज़िटिव बातों पर फोकस करते हैं. नेगेटिव बातों पर फोकस करना उन्हें समय की बर्बादी लगती है, इसलिए वो स़िर्फ पार्टनर की अच्छी बातों के साथ आगे बढ़ते हैं और हमेशा ख़ुश रहते हैं.

झगड़ों और स्ट्रेस को बुद्धिमानी से हैंडल करते हैं


इमोशनली इंटेलिजेंट पार्टनर्स स्ट्रेस वाली स्थिति में या झगड़ा होने पर बुरी तरह रिएक्ट नहीं करते, ना ही ऐसी कोई बात करते हैं जिससे हालात और बिगड़ें या पार्टनर हर्ट हों. वो ऐसे हालात को भी हेल्दी तरीके से और पूरी संवेदनशीलता के साथ हैंडल करते हैं और किसी भी हाल में ओवर रिएक्शन से बचते हैं. इससे हालात और बिगड़ने नहीं पाते और प्रॉब्लम्स का सोल्यूशन भी आसानी से मिल जाता है.

ग़लत होने पर ग़लतियां स्वीकार लेते है


हर पति-पत्नी में तू तू मैं मैं और मन-मुटाव होते ही हैं. लेकिन इमोशनली इंटेलिजेंट पार्टनर हर झगड़े का ठीकरा दूसरे पार्टनर पर नहीं फोड़ते, हर झगड़े के लिए अपने पार्टनर को ज़िम्मेदार नहीं ठहराते. अगर उनकी ग़लती हुई तो आगे बढ़कर ख़ुद अपनी ग़लती स्वीकार करते हैं, न कि हमेशा अपने पार्टनर को गलत साबित करने की कोशिश करते हैं. वो अपने पार्टनर के पक्ष को भी समझते हैं और दोनों की फीलिंग समझते हुए रिएक्ट करते हैं. साथ ही वो झगड़ा होने पर मुंह फुलाकर नहीं बैठते, बल्कि जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी सारे मनमुटाव दूर करके झगड़ों की हैप्पी एंडिंग में यकीन करते हैं.

थोड़ी दूरियां भी हैं ज़रूरी


हालांकि ये सच है कि पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से बॉन्डिंग मज़बूत होती है और ऐसा करनेवाले कपल्स ज़्यादा हैप्पी रहते हैं, लेकिन कई बार रिश्तों में ख़ुशियों के लिए थोड़ी दूरियां भी ज़रूरी होती हैं. इमोशनली इंटेलिजेंट कपल्स ये बात समझते हैं, इसीलिए वो हर समय पार्टनर के साथ नहीं बने रहते. चिपकू पार्टनर बनने की बजाय वो अपने पार्टनर को स्पेस देते हैं. वो समझते हैं कि अगर किसी स्पोर्ट या एक्टिविटी में उनकी दिलचस्पी नहीं है, तो इसका ये मतलब ये नहीं कि वो अपने साथी को भी उसे स्पोर्ट या एक्टिविटी को एंजॉय करने से रोकें.

इमोशन्स को हेल्दी तरीके से हैंडल करते हैं


एक्सपर्ट्स के अनुसार, इमोशनली इंटेलिजेंट कपल्स अपने इमोशन को बेहतर ढंग से समझते हैं और पार्टनर के इमोशन्स को भी अच्छे से हैंडल करना जानते हैं. साथ ही वो अपना इमोशल पार्टनर पर थोपे बगैर खुलकर बातचीत करते हैं. ज़रूरी होने पर इमोशल को हेल्दी तरीके से व्यक्त भी करते हैं. कुल मिलाकर वो अपना इमोशनल प्रेशर पार्टनर पर नहीं डालते, जिससे उनके रिश्ते में कभी स्ट्रेस नहीं आता.

गहरी सहानुभूति रखते हैं


जो कपल्स इमोशनली इंटेलिजेंट होते हैं, उनके बीच सहानुभूति की भावना भी ज़्यादा होती है. ऐसे कपल्स एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझते हैं और बिना कहे ही अपने पार्टनर के मूड और भावनाओं को समझ जाते हैं. इससे उनके बीच कम्युनिकेशन आसान हो जाता है और ये उनके रिश्ते में तनाव भी नहीं आने देता.

ये झगड़ों से दूर रहते हैं


हर पति-पत्नी में झगड़े तो होते ही हैं, लेकिन इन झगड़ों के दौरान अगर अनुचित शब्दों का इस्तेमाल किया जाए, एक-दूसरे पर गंदे आरोप लगाए जाएं, तो ये झगड़े बहुत ही गंदी शक्ल ले लेते हैं. लेकिन इमोशनली इंटेलिजेंट कपल्स कभी इस तरह के गंदे झगड़ों में इन्वॉल्व नहीं होते, बल्कि इन झगड़ों को भी प्यार और बुद्धिमानी से हैंडल करते हैं.

प्यार का एहसास हर किसी के लिए बहुत ही ज़्यादा ख़ूबसूरत होता है. शुरुआत में तो कुछ सालों तक ये प्यार काफी अच्छा लगता है. एक-दूसरे की हर बात अच्छी लगती है. हर पल, हर बात, हर अदा पर एक-दूसरे पर प्यार आता है. लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता जाता है, बात-बात पर नोक-झोंक होना आम बात हो जाती है. ये परेशानी ज़्यादातर कपल्स में देखने को मिलती है. कई बार तो नोक-झोंक इतनी ज़्यादा बढ़ जाती है कि रिश्ते को बचाकर रखना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अपने रिश्ते (Relationship) को तनाव के बावजूद संभाल कर रख पाएंगे.

कम्युनिकेशन गैप होने से बढ़ती है समस्या

कई बार ऐसा ही होता है. दो लोगों की सोच आपस में मिलती नहीं है. ये परेशानी किसी कपल के बीच भी हो सकती है. अब यहां पर हम ग़लती ये करने लगते हैं कि जब किसी बात पर हमारी आपसी सोच नहीं मिलती, तो हम बात करने से कतराने लगते हैं. हम सोचने लगते हैं कि बात करने से विवाद बढ़ेगा. इससेअच्छा है कि बात ही नहीं करते हैं. लेकिन आप इस बात को समझिए कि किसी भी टॉपिक पर बात नहीं करने से दूरी ज्यादा बढ़ जाती है, जो मनमुटाव को और भी ज्यादा बढ़ाने का काम करता है. जबकि भले ही सोच ना मिले, लेकिन बात कर लेना ही उचित रहता है, इससे तभी थोड़ी सी नोक-झोंक हो सकती है, लेकिन बाद में टेंशन नहीं बढ़ेगा और आपस में मनमुटाव नहीं होगा. इसलिए बेहतर है कि हर टॉपिक पर आपस में बात ज़रूर करते रहें.

पार्टनर को समय दें

जब हम शुरुआत में प्यार में पड़ते हैं, तो एक-दूसरे के साथ वक्त बिताने का बहाना ढूंढते रहते हैं. लेकिन बीतते वक्त के साथ इसमें कमी आने लगती है. कई बार हम पार्टनर को फॉर ग्रांटेड लेने लग जाते हैं, जो हमारे रिश्ते पर भारी पड़ जाता है. दरअसल जब हम पार्टनर के साथ टाइम स्पेंड करना कम कर देते हैं, तो हमारे बीच दूरियां बढ़ने लग जाती हैं, जो टेंशन का कारण बन जाता है और बात-बात पर आपस में विवाद होने लग जाते हैं. यहां तक कि कई बार तो तनाव इतना बढ़ने लग जाता है कि हम एक-दूसरे से दूर होने के बारे में सोचने लगते हैं. इसलिए ज़रूरी है कि अपने बिजी शेड्यूल से पार्टनर के लिए समय निकालें, क्योंकि छोटी-छोटी बातें रिश्ते की डोर को मजबूत बनाने का काम करते हैं.

झगड़ा हो तो दूर ना हों

किसी भी कपल के बीच किसी भी बात पर झगड़ा होना आम बात है, लेकिन यहां हममे से कई लोग ग़लती कर देते हैं और बातचीत करना तो बंद कर ही देते हैं, साथ ही साथ में खाना-पीना भी बंद कर देते हैं. यानी एक-दूसरे से कोई मतलब नहीं रखते हैं और यहीं पर हम ग़लती कर जाते हैं. जबकि होना क्या चाहिए कि जितनी जल्दी हो, बात को सॉरी बोलकर या माफ करके ख़त्म कर देना चाहिए. अगर आपकी लड़ाई हो गई है, तो भले ही आप बात ना करें, लेकिन कोशिश करें कि साथ में खाना ज़रूर खाएं. इससे आपके बीच का झगड़ा जल्द ही ख़त्म हो जाएगा.

किसी और का टेंशन पार्टनर पर ना निकालें

कई लोगों की आदत होती है कि किसी और का टेंशन और गुस्सा किसी और पर निकाल देते हैं. खासकर पति-पत्नी के बीच तो ये मामला और भी ज़्यादा देखने को मिलता है. कई बार ये भी होता है कि पार्टनर ऑफिस का टेंशन घर पर निकालते हैं. अगर आप भी ऐसा ही करते हैं, तो यकीन मानिये ये आपकी आदत बन चुकी है, जो आपके रिश्ते को धीरे-धीरे ख़राब करने का काम कर रहा होता है.

आपको इस बात का एहसास नहीं होता कि आपका पार्टनर आपके इस बिहेवियर से तनाव में आ जाता है और कई बार ये आपके रिश्ते के टूटने के पीछे सबसे बड़ी वजह बन जाती है. इसलिए वक्त रहते आप अपनी ये आदत बदल लें. ये

आपके रिश्ते के लिए अच्छा रहेगा.

पति-पत्नी के रिश्ते को अगर वक्त रहते संभाला ना जाए, तो कब ये रिश्ता बोझ लगने लग जाता है लोगों को पता भी नही चलता. कई बार तो लोग पार्टनर से दूरी बनाने का फैसला कर लेते हैं और दूर हो भी जाते हैं. लेकिन सोचने वाली बात है कि, क्या ऐसा करने से कोई पूरी तरह से टेंशन फ्री हो जाता है. कई बार तो दूर होने की वजह से लोग डिप्रेशन का शिकार भी हो जाते हैं. ज़रा सोचिए कि ऐसा कौन-सा रिश्ता है, जिसमें नोक-झोंक नहीं होता है, लेकिन हम उसे संभालकर चलते हैं. पति-पत्नी का रिश्ता तो और भी ज़्यादा नाजुक होता है, जिसे संभालकर रखने के लिए सिर्फ थोड़े से प्यार और विश्‍वास की ज़रूरत होती है.

इन बातों का भी रखें ख़्याल

  • रिश्तों की अहमियत को समझें. रिश्तों को सिर्फ जताएं नहीं, निभाएं भी.
  • चाहे कितने भी बिज़ी हों, अपने रिश्तों के लिए व़क्त ज़रूर निकालें.
  • ज़रूरी नहीं कि बहुत ज़्यादा वक्त बिताया जाए. अपनों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने की कोशिश करें.
  • जब सब चीज़ की प्लानिंग कर रहे हैं, वैसे ही रिश्तों में भी प्लानिंग करें, ताकि परिवार के लिए भी समय निकाल सकें.
  • ये आदत बनाएं कि कम से कम रात को पूरी फैमिली एक साथ डिनर करे.
  • इस फैमिली टाइम को नो मोबाइल टाइम बनाएं और सभी इसका सख़्ती से पालन करें.
  • अपनी सेक्स लाइफ को रिवाइव करें. कभी-कभी पार्टनर को स्पेशल फील कराएं.
  • वीकेंड पर या छुट्टी के दिन ऑफिस को भूल जाएं. पूरा दिन परिवार केसाथ बिताएं.
  • रिश्ते में किसी भी तरह का ईगो न आने दें. सभी एक-दूसरे को प्यार-सम्मान दें.

और भी पढ़ें: अपनी लाइफ पार्टनर में ख़ूबसूरती ही नहीं, ये खूबियां भी चाहते हैं पुरुष (Not only Beauty, Men also look for these qualities in their life partner)

क्या आपको लगता है कि आपकी पार्टनर अब पहले की तरह आप में उतनी दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं? आपके अंतरंग पलों की रूमानियत ख़त्म होने लगी है? यदि हां, तो कैसे अपने पार्टनर के दिल की बात जानकर आप अपने प्यार (sizzling sex secrets) के पलों को फिर से ख़ास बना सकते हैं? आइए, हम बताते हैं.

ऑफिस से आने पर एक प्यारी-सी किस के साथ वेलकम, फिर चाय की प्याली हाथ में लिए पार्टनर का धीरे से आपके पीछे आना, आपके खुले बालों का लहराना… क्या ये सारी चीज़ें बीता हुआ कल हो चुकी हैं? क्या अब वो आपको उस नज़ाकत से नहीं देखतीं जैसा पहले होता था या फिर आपके रिश्ते में पहले की तरह प्यार की मिठास नहीं रह गई? यदि आप प्यार के रूमानी एहसास को फिर से जीना चाहते हैं, तो जानिए कुछ ख़ास सेक्स सीक्रेट्स.

1.रोमांटिक बातें
ऑफिस से आने के बाद न्यूज़ या फिर डिस्कवरी पर कोई प्रोग्राम देखने की ग़लती कभी न करें. उनके इश्क़ में दोबारा गिरफ़्तार होना चाहते हैं, तो टीवी पर कोई रोमांटिक मूवी लगाएं और रोमांटिक बातों से पार्टनर का दिल बहलाएं. महिलाएं हमेशा पार्टनर की प्यार भरी बातों को ज़्यादा महत्व देती हैं. आपकी रोमांटिक बातें प्यार के उन ख़ास पलों में पार्टनर को आपके और क़रीब ले आएंगी.

2.दिल से करें तारीफ़
‘ये चांद-सा रोशन चेहरा, ज़ुल्फों का रंग सुनहरा, ये झील-सी नीली आंखें, कोई राज़ है इनमें गहरा…’ हुज़ूर इन गानों को आपके लिए ही बनाया गया है. ज़रा अपने इश्क़ को दर्शाने का नज़रिया तो बदलिए, फिर देखिए, इन गानों का कमाल. महिलाएं अक्सर अपने लुक को लेकर परेशान रहती हैं. वो चाहती हैं कि नए-नए तरी़के से आप उनकी तारीफ़ करें. ऐसे में आपका एक बार भी ये कहना कि तुम बिल्कुल अच्छी नहीं लग रही या फिर अब ये कपड़े तुम पर नहीं जंचते, तुम पहले से ज़्यादा मोटी हो गई हो आदि बातें आपको बेडरूम से बाहर का रास्ता दिखा सकती हैं. ज़रा प्यार से उनकी तारीफ़ तो कीजिए, फिर देखिए, कैसे वो आपके पास खिंची चली आएंगी.

3.समझें मिज़ाज को
सुबह बैग उठाकर ऑफिस जाना और शाम को घर आने के बाद बेडरूम में रोमांटिक होना आपके लिए कोई मुश्किल काम नहीं, लेकिन दिनभर के काम और घर की ज़िम्मेदारियों के झंझट से पार्टनर का मूड अगर बिगड़ा हुआ है, तो रात में उनसे रोमांस की उम्मीद न रखें. महिलाओं की दिनचर्या का उनकी सेक्स लाइफ पर गहरा असर पड़ता है. दिन अगर सही और अच्छा बीता तो सब कुछ ठीक, लेकिन उनका मूड अगर ठीक नहीं है, तो अंतरंग पलों में वो आपका साथ नहीं दे पाएंगी. अतः उनके मूड को समझकर ही अपनी इच्छा ज़ाहिर करें. इससे आपके साथ पार्टनर का भावनात्मक जुड़ाव और मज़बूत होगा. हो सके तो मूड ठीक करने के लिए पार्टनर का मन बहलाने की कोशिश करें.

4.ऑर्गे़ज़्म नहीं, फोरप्ले है ज़रूरी
अधिकतर पुरुष ये सोचते हैं कि सफल सेक्स के लिए पार्टनर को संतुष्ट करना (ऑर्गेज़्म की प्राप्ति) ज़रूरी है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता. उनकी ऐसी सोच के कारण कई बार महिलाएं भी दबाव महसूस करती हैं और उस पल को एंजॉय करने की बजाय उनके मन में संतुष्ट होने की बात घूमती रहती है. इस बात को समझें कि महिलाएं ऑर्गेज़्म से ज़्यादा फोरप्ले को महत्व देती हैं.

5.सीरियस होने से बचें
पार्टनर के साथ बेडरूम में खुलकर जीएं. ये कोई आपके ऑफिस डेस्क की वर्क फाइल नहीं, जिसे सीरियसली पूरा करना है. कुछ पुरुष सेक्स के दौरान हंसी-मज़ाक, रोमांटिक बातें, एक-दूसरे को टीज़ करना छोड़कर पूरी तरह सीरियस हो जाते हैं. महिलाओं को ऐसे पुरुष रास नहीं आते. यदि आप अपनी पार्टनर के दिल के क़रीब रहना चाहते हैं, तो इस तरह के व्यवहार से बचें.

6.नयापन है ज़रूरी
वही बोरिंग लाइफ और घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों से परेशान होकर महिलाएं अपने पार्टनर से कुछ नए की अपेक्षा करती हैं. रेग्युलर लाइफ से हटकर कुछ अलग करने की चाह आपको अपने पार्टनर के और क़रीब ले आएगी. इतना ही नहीं, अंतरंग पलों में आपकी पार्टनर क्या नया ट्राई करना चाहती है? इस बारे में उनकी राय लें. अमूमन पुरुषों को लगता है कि वो जो भी करेंगे पत्नी उसे स्वीकार कर लेगी, लेकिन ऐसा होता नहीं है. वो भले ही आपके सामने कुछ न कहे, लेकिन अंदर ही अंदर विरोध करती रहती है.

7.पार्टनर का हाथ बटाएं
कभी घर के कामों में पार्टनर का हाथ बंटा कर देखिए. इससे एक ओर जहां आप उनके साथ ज़्यादा समय बिता पाएंगे, वहीं दूसरी ओर उनके कंधे का बोझ भी हल्का करने में सफल होंगे और पार्टनर का आपकी ओर झुकाव बढ़ेगा. इन सारी चीज़ों से आपकी नीरस सेक्स लाइफ फिर से रोमांटिक बन जाएगी.

हर पुरुष की दिली ख़्वाहिश होती है कि उसकी पत्नी बेहद ख़ूबसूरत हो, मगर ख़ूबसूरती के साथ ही पुरुष पत्नी में कुछ ख़ूबियां भी चाहते हैं. ख़ूबसूरती के दीवाने पुरुष अपनी पत्नी की किन ख़ूबियों पर फ़ख्र महसूस करते हैं? आइए, हम बताते हैं.

इस बात को सिरे से नकारा नहीं जा सकता कि पति के लिए पत्नी की ख़ूबसूरती कोई मायने नहीं रखती, लेकिन ख़ूबसूरत होना ही काफ़ी नहीं. ख़ूबसूरती से कहीं बढ़कर पुरुषों को ऐसी महिलाएं पसंद आती हैं, जिनमें ये ख़ूबियां हों-

देश-दुनिया की ख़बर रखती हो

गली-मोहल्ले की जानकारी के साथ ही पति ये भी ख़्वाहिश रखते हैं कि उनकी पत्नी को देश-दुनिया की भी पूरी ख़बर हो ताकि वो हर मुद्दे पर पत्नी से बात कर सकें. इसके साथ ही पुरुष ये भी चाहते हैं कि पत्नी बच्चों को भी देश-दुनिया की जानकारी दे.

मन से ख़ूबसूरत हो

पहली नज़र में तन की ख़ूबसूरती को महत्व देने वाले पुरुष पत्नी के मन की ख़ूबसूरती को उससे कई गुना अधिक महत्व देते हैं. इसीलिए वो चाहते हैं कि उनकी पत्नी का मन ख़ूबसूरत हो. वो अपनी सादगी और अच्छे व्यवहार से पूरे परिवार का मन मोह ले. वो झूठी-बनावटी बातों से कोसों दूर हो.

परिवार को दिल से अपनाए

पुरुष चाहते हैं कि उनकी तरह ही पत्नी भी उनके माता-पिता को दिल से अपनाए. इसी तरह घर के हर एक सदस्य फिर चाहे वो पति का छोटा/बड़ा भाई/बहन हो, से प्रेम करे और उनसे सलीके से पेश आए. एक अच्छी होम मेकर की तरह परिवार को जोड़े रखे और घर के बड़े-बुज़ुर्गों से लेकर बच्चों तक सभी उसे प्यार करें.

पूरे परिवार का ख़्याल रखे

हो सकता है, पति के कहीं जाने पर जब आप उन्हें अपना ख़्याल रखने को कहें, तो मैं बच्चा नहीं हूं कहकर वो आपकी बात टाल दें, परंतु एक सच ये भी है कि वो दिल से चाहते हैं कि आप न स़िर्फ उनका, बल्कि उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य का ख़्याल रखें. उनकी ज़रूरतों को समझें और उन्हें पूरा करें.

समझदार हो

आमतौर पर कहा जाता है कि पुरुषों को ख़ूबसूरत पत्नी पसंद आती है, समझदार नहीं, जो उनके इशारों पर काम करे, लेकिन ये सच नहीं है. पुरुष ऐसी समझदार महिला को पसंद करते हैं जो उनकी ग़ैर मौजदूगी में किसी भी मसले को हल कर सके. उसे किसी के सहारे की ज़रूरत न हो.

सलाहकार हो


वो दिन गए जब घर के बाहर के काम पतियों के ज़िम्मे होते थे और घर के अंदर की सभी ज़िम्मेदारियां पत्नी संभालती थी. आज दोनों के कंधों पर समान ज़िम्मेदारियां हैं इसीलिए पुरुष चाहते हैं कि पत्नी उनके हर काम में साथ दे, उनकी अच्छी सलाहकार बने और हर ़फैसले में अपनी राय दे.

मुश्किल घड़ी में साथ दे


सुख और दुख जीवन के दो पहलू हैं. जो पत्नी दुख में भी ख़ुश रहना और हर मुश्किल घड़ी में पति और परिवार का साथ देना जानती है, पुरुष की नज़र में वही दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत महिला होती है. न कि वो जो ख़ूबसूरत तो होती है, पर मुश्किल घड़ी में पति और परिवार का साथ छोड़कर कन्नी काट लेती है.

अच्छी कुक हो

किसी ने सच ही कहा है, पति के दिल का रास्ता पेट से होकर गुज़रता है. यही वजह है कि ख़ूबसूरत महिलाओं से पहले अच्छा खाना बनाने वाली पत्नी पति के दिल में घर बनाती है. अगर पत्नी अच्छी कुक हो, तो खाने के शौक़ीन पुरुष रिश्तेदारों और दोस्तों के सामने भी फ़ख्र महसूस करते हैं.

अंतरंग पलों में साथ दे

इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की सेक्स में रुचि अधिक होती है. इसीलिए वो अंतरंग पलों के लिए हामी भरने वाली और सेक्स में पूरा साथ देने वाली पत्नी चाहते हैं. पुरुषों को अच्छे फिगर से कहीं ज़्यादा सेक्स में साथ देने वाली महिला पसंद आती है.

आइडियल मॉम हो

अच्छी पत्नी और बहू के साथ ही पति की अपेक्षा होती है कि उनकी पत्नी आइडियल मां की भूमिका भी बख़ूबी निभाए. बच्चों की तबीयत से लेकर उनकी पढ़ाई-लिखाई का भी पूरा ख़्याल रखे. बच्चों को संस्कारी और समझदार बनाए.

ताक़त बने कमज़ोरी नहीं
परेशानियों से मुंह मोड़ने की बजाय हिम्मत और मज़ूबती से उनका सामना करने वाली पत्नी पति के दिल पर राज करती है, क्योंकि पति उसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताक़त बनते देखना पसंद करते हैं. पत्नी अगर मज़बूत हो, तो पति के हौसले भी बुलंद हो जाते हैं.

जो संस्कारी हो
पुरुष ख़ूबसूरत महिला से कहीं बढ़कर संस्कारी महिला को पसंद करते हैं. वो चाहते हैं कि उनकी पत्नी संस्कारी हो. उसे न स़िर्फ घर के रीति-रिवाज़ों की जानकारी हो, बल्कि घर के बड़े-बुर्ज़ुगों का सम्मान करना भी वो बख़ूबी जानती हो. पत्नी का ऊंची आवाज़ में बात करना, बड़ों का अपमान करना पुरुषों को कतई पसंद नहीं आता. पत्नी के ऐसा करने पर पति शर्मिंदगी महसूस करते हैं.

एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही. महाठग सुकेश चंद्रशेखर से अपने रिश्ते को लेकर पिछले दिनों जैकलीन काफ़ी चर्चा में थी और अब इसी के चलते ED ने जबरन वसूली मामले में जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है और जैकलीन की 7.27 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त की है.

दरअसल सुकेश ने जेल में बंद रहते हुए एक महिला व कई अन्य लोगों को भी 200 करोड़ से ज़्यादा का चूना लगाया था और उनका ठगा था. इसी ठगी के पैसों से उसने जैकलीन को महंगे गिफ़्ट्स दिए थे, जिसमें उसने एक्ट्रेस को 9 लाख की बिल्ली और 52 लाख का घोड़ा भी गिफ़्ट दिया था. इसके अलावा भी जैकलीन को सुकेश ने कई महंगे गिफ़्ट्स दिए थे. सुकेश और जैकलीन की कई रोमांटिक पिक्चर्स भी लीक हो चुकी हैं, हालांकि जैकलीन ने सुकेश से रिश्ते की बात स्वीकारी नहीं लेकिन गिफ़्ट्स की बात क़ुबूल की है.

सुकेश ने जबरन वसूली के पैसे से ही जैकलीन को 5 करोड़ रुपये से अधिक के गिफ्ट दिए थे और उसके परिवार के लोगों को भी विदेशी मुद्रा की फ़ंडिंग की थी. फ़िलहाल जैकलीन पर ईडी की कड़ी नज़र है और हो सकता है आगे उनकी और भी सम्पत्ति ज़ब्त हों. जैकलीन को क्लीन चिट नहीं दी गई है और उनसे आगे भी पूछताछ की जाएगी इसलिए देश छोड़कर जाने की अनुमति नहीं है.

हर रिश्ते की अपनी खूबसूरती होती है और उसी के साथ-साथ हर रिश्ते की अपनी मर्यादा भी होती है. कहते हैं रिश्ता तभीज़्यादा टिकाऊ होता है जब आप उसमें कुछ छूट यानी स्पेस या आज़ादी देते हैं और वहीं ये भी सच है कि कुछ ज़्यादा हीकैज़ुअल अप्रोच आपके रिश्ते के लिए घातक भी साबित हो सकती है. पति-पत्नी का रिश्ता भी ऐसा ही प्यारा सा रिश्ता है, जिसमें विश्वास, दोस्ती और मर्यादा का समन्वय ज़रूरी होता है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए इसमें दोस्ती का पुट ज़्यादा होना चाहिए या फिर शिष्टाचार का पालन ज़्यादा करना चाहिए?

  • पति-पत्नी के बीच दोस्ताना व्यवहार अच्छा तो है लेकिन सात फेरों के बंधन में बंधने के बाद वो रिश्ता थोड़ा बदलजाता है. 
  • इस रिश्ते को सम्मान और लिहाज़ से सींचना पड़ता है.
  • इसमें विश्वास की नींव डालनी पड़ती है. 
  • इसमें प्यार और दोस्ती भी निभानी पड़ती है. 
  • ऐसे में आप या हम कोई एक दायरा नहीं बना सकते कि क्या कम हो और क्या ज़्यादा, क्योंकि हर कपल अलग होता है. उसकी सोच और अपने रिश्ते से उम्मीद भी अलग ही होती है. 
  • हां इतना ज़रूर हम तय कर सकते हैं कि इस रिश्ते में दोस्ती कब और कैसे निभाई जाए और शिष्टाचार का पालन कब और कितना किया जाए.
  • ज़ाहिर से बात है कि अगर आप दोनों दोस्त नहीं बनेंगे तो आपका रिश्ता महज़ औपचारिक बनकर रह जाएगा, जिसमें एक झिझक और संकोच हमेशा बना रहेगा. 
  • ऐसे में न खुलकर दिल की बात शेयर कर सकेंगे, न एक साथ मिलकर हंस सकेंगे और न दोस्तों की तरह शिकायतेंकर सकेंगे, इसलिए दोस्ती पहला स्टेप है पति-पत्नी के रिश्ते की बुनयाद को मज़बूती देने की तरफ़. 
  • एक दोस्त की तरह उनका दुःख बांटें, उनका विश्वास जीतें. पता है लोग अपने प्रेमी-प्रेमिका या पति-पत्नी से जोबातें शेयर करने से झिझकते हैं वो बातें वो खुलकर अपने दोस्तों के साथ शेयर करते हैं, इसकी वजह जानते हैं? क्योंकि लगभग सभी का ये मानना है कि दोस्त हमें जज नहीं करते, वो हमें और हमारी कमज़ोरियों को बेहतर तरीक़ेसे समझते हैं.
  • यही वजह है कि आपको सबसे पहले अपने पार्टनर को हर बात पर जज करना, परखना बंद करना होगा और उसकीजगह उनको समझना शुरू करना होगा, ताकि आप ही एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त बन जाएं.
  • अगर पति को कोई कलीग खूबसूरत और स्टाइलिश लगती है तो वो खुलकर कह सके बिना इस डर के कि आप इसआधार पर उनके चरित्र को जज न करें बल्कि ये सोचें कि ये तो इंसानी फ़ितरत है, आपके पार्टनर आपसे शेयर तोकर रहे हैं.
  • इसी तरह अगर पत्नी भी अपने किसी मेल दोस्त या कलीग की सराहना करती है तो पति को उसे स्पोर्टिंगली लेना चाहिए. 
  • आपका रिश्ता ऐसा होना चाहिए जिसमें छोटी-छोटी बातों से आपको परखे जाने का डर न हो. इन बातों से आपके रिश्ते पर असर न हो. इस तरह से दोस्ती का एक रिश्ता आपको क़ायम करना चाहिए. 
  • वहीं दूसरी ओर ये भी न हो कि रिश्ते में आप दोनों इतने बेपरवाह हो जाएं कि बस सिर्फ़ दोस्त ही बनकर रह जाएं. 
  • शिष्टाचार का मतलब ये न निकालें कि रिश्ते को औपचारिक बना लें. 
  • लेकिन हां, एक-दूसरे का सम्मान करें. 
  • दूसरों के सामने एक-दूसरे को बेवजह टोकें नहीं. 
  • सॉरी, थैंक्यू और प्लीज़ जैसे मैजिक वर्ड्स का इस्तेमाल न स़िर्फ शिष्टता दर्शाता है, बल्कि रिश्ते को मज़बूत भी बनाता है.
  • इसलिए आपसी बातचीत में शब्दों का चयन भी बहुत मायने रखता है.
  • ध्यान रहे आप एक-दूसरे के पार्टनर हैं न कि गार्जियन, इसलिए स्कूलिंग न करें एक-दूसरे की.
  • एक-दूसरे की सलाह लें, हर छोटे-बड़े मसले पर. 
  • शेयर करें, केयर करें. 
  • पार्टनर की राय का सम्मान करें. 
  • एक-दूसरे से परिवार वालों को भी रेस्पेक्ट दें. 
  • दूसरों के सामने बहुत ज़्यादा सवाल-जवाब न करें, अगर कहीं कोई संदेह है तो अकेले में बात करें. 
  • एक-दूसरे के काम में हाथ बंटाना भी शिष्टाचार है और शादी में ये बहुत ज़रूरी है.
  • अपनों से बात करते वक़्त हम अक्सर अपने शब्दों के चयन पर ध्यान नहीं देते. हम यह सोचते हैं कि अपनों के साथ क्या औपचारिकता करना और इसी सोच के चलते हम अक्सर शिष्टता भूल जाते हैं. 
  • चाहे अपने हों या अन्य लोग, तमीज़ से, प्यार से बात करेंगे, तो सभी को अच्छा ही लगेगा. अपनों के साथ तो और भीसतर्क रहना चाहिए, क्योंकि हमारे द्वारा कहा गया कोई भी कटु शब्द उन्हें ज़्यादा हर्ट कर सकता है, जिससे मन-मुटाव हो सकता है.
  • गलती होने पर माफ़ी मांगने से पीछे न हटें. अपने ईगो को एक तरफ़ रखकर यही सोचें कि गलती किसी से भी होसकती है, अगर आपसे भी हुई है तो पार्टनर से माफ़ी मांगें. 
  • इसके अलावा खाने-पीने से संबंधित शिष्टाचार भी ज़रूरी है. बहुत ज़्यादा आवाज़ करके या जल्दी-जल्दी न खाएं. 
  • पर्सनल हाईजीन यानी खुद को साफ़-स्वच्छ रखना भी शिष्टता में आता है. अपने पार्टनर और रिश्ते के प्रति इतनेबेपरवाह न हो जाएं कि अपनी ओर ध्यान ही न दें. पार्टनर भले ही कहें नहीं लेकिन उनको भी ये पसंद नहीं आएगा, इसलिए पर्सनल हाईजीन से लेकर ओरल हाईजीन का भी ख़याल रखें. 
  • कुल मिलाकर दोस्ती और शिष्टाचार के बीच एक सामंजस्य, समन्वय और संतुलन ही रिश्ते की सफलता की चाभी है.
  • हनी शर्मा 

एक-दूसरे से अलग होते हुए भी स्त्री और पुरुष साथ चलते हैं, परिवार और रिश्ते निभाते हैं, मगर उनकी चाहतें अलग-अलग होती हैं. सफल रिश्ते के लिए दोनों को ये पता होना चाहिए कि उनका हमसफ़र उनसे क्या चाहता है. क्या चाहते हैं कपल्स एक-दूसरे से?

पुरुष- ऐसी हो जीवनसंगिनी

Perfect Couple Tips
  1. आत्मनिर्भर हो: आजकल के पढ़े-लिखे और आत्मनिर्भर युवा चाहते हैं कि उनकी पत्नी भी आत्मनिर्भर हो, हर मुद्दे पर उसके अपने विचार हों. जो स़िर्फ पति की हां में हां न मिलाए, जिसे पता हो कि उसे ज़िंदगी से क्या चाहिए. जो पति को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे, जिसकी दुनिया बस, पति तक ही सीमित न हो, बल्कि उसका स्थायी करियर हो और अपना फ्रेंड सर्कल भी. कुछ घंटों के अंतराल पर फोन करके ‘तुम कहां हो, कब आ रहे हो’ पूछने की बजाय उसे ख़ुद को बिज़ी रखना आता हो.

2. इमोशनली स्टेबल हो:
पुरुष चाहते हैं कि उनकी पत्नी इमोशनली स्टेबल हो यानी बात-बात पर आंसू बहाने और पार्टनर को ब्लेम करने की बजाय उसे अपनी भावनाओं पर क़ाबू रखना और रिश्ते को सही ढंग से सहेजना आता हो. आईटी प्रोफेशन राकेश त्रिपाठी कहते हैं, “मेरी पत्नी यदि किसी बात से बेहद दुखी, परेशान या तनावग्रस्त रहती है, तब भी तुरंत रिएक्ट नहीं करती. यदि कभी मेरी कोई बात उसे अच्छी नहीं लगती, तो उस समय वो चुप रहती है, मगर बाद में शांति से मेरे सामने अपनी भावनाएं ज़ाहिर करती है. जिस परिपक्वता से वो परिवार और अपनी भावनाओं को हैंडल करती है, मैं उसका क़ायल हो जाता हूं और मेरे दिल में उसके लिए प्यार और बढ़ जाता है. मुझे लगता है, महिलाओं को अपनी भावनाएं ज़ाहिर ज़रूर करनी चाहिए, मगर सही तरी़के से और सही समय पर. बेकार में आंसू बहाने या बहस करने पर रिश्ते में खटास पैदा हो सकती है.”

3. प्रेज़ेंटेबल दिखे: आज के मॉडर्न पुरुषों को सीधी-सादी दिखने वाली पत्नी नहीं चाहिए. वो चाहते हैं कि उनकी पत्नी को फैशन, ब्यूटी और एटीकेट्स की अच्छी जानकारी हो. वो हर समय प्रेज़ेंटेबल दिखे. किस मौ़के पर क्या पहनना है, किसके साथ कैसा व्यवहार करना है आदि बातें उसे पता होनी चाहिए. ‘क्या करूं, घर और बच्चों से फुर्सत ही नहीं मिलती.’ ऐसे बहाने बनाकर अब आप नहीं बच सकतीं, क्योंकि आधुनिक ज़माने के पतियों को साधारण-सी साड़ी में लिपटी बिखरे बालों वाली बीवी नहीं, बल्कि ख़ुद को अच्छी तरह मेंटेन करने वाली, बालों से लेकर पैरों तक का ख़्याल रखने वाली वेल ग्रूम्ड वाइफ चाहिए.

4. बिंदास/एक्टिव: बिंदास और एक्टिव महिलाएं पुरुषों को ज़्यादा भाती हैं. महिलाओं का शोख, चंचल और मज़ाकिया लहज़ा उनकी दिनभर की थकान और तनाव दूर कर देता है. 30 वर्षीय समीर कहते हैं, “मेरी वाइफ वर्किंग है, घर-ऑफिस की कई ज़िम्मेदारियां निभाती है, फिर भी वो हमेशा हंसती-मुस्कुराती रहती है. उसका मज़ाकिया अंदाज़ और चुलबुली बातें सुनकर मेरी टेंशन ख़त्म हो जाती है. वो कहती है, उदास रहने से परेशानियां ख़त्म तो नहीं हो जाएंगी, तो क्यों न उनका हंसकर सामना किया जाए. वो मेरे साथ बैठकर क्रिकेट भी देखती है, इसलिए मुझे कभी दोस्त की कमी महसूस नहीं होती.”

5. पहल करने वाली: वो ज़माना गया जब स़िर्फ पति ही डिसीज़न मेकर हुआ करते थे. आज के मॉडर्न युवाओं की सोच और पसंद काफ़ी बदल गई है. वो ऐसी जीवनसंगिनी चाहते हैं जो फायनांस से लेकर प्यार तक हर मामले में न स़िर्फ पहल करे, बल्कि अपनी राय भी दे. साथ ही ज़िंदगी को रोमांचक बनाने की कोशिश करे. 35 वर्षीय संजय कहते हैं, “मेरी पत्नी बहुत हाज़िर जवाब है और एडवेंचर्स भी. बात टूर प्लान करने की हो या किसी को सरप्राइज़ देने की, पहल हमेशा वही करती है. उसकी वजह से ही शादी के इतने साल बाद भी हमारे रिश्ते में ख़ुशी और रोमांच बरक़रार है. मेरी पत्नी की यही क्वालिटी उसे अट्रैक्टिव बनाती है.”

महिलाएं- ऐसा हो हमसफ़र

Perfect Couple Tips
  1. सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो: महिलाएं चाहती हैं कि उनका जीवनसाथी ज़िंदादिल व ख़ुशमिजाज़ हो और उन्हें भी हंसाता रहे. काजल कहती हैं, “मैं बहुत सीरियस लड़की थी. मेरे दोस्तों की लिस्ट भी बहुत छोटी थी, मगर शादी के बाद मेरी ज़िंदगी बदल गई, क्योंकि मेरे पति बहुत मज़ाकिया और ज़िंदादिल इंसान हैं. जब वो साथ होते हैं तो मैं अपनी हर परेशानी भूल जाती हूं. आज की स्ट्रेसफुल लाइफ में यदि ऐसा पार्टनर मिल जाए तो ज़िंदगी ख़ुशहाल बन जाती है.”

2. जो मुझे समझे: अक्सर महिलाओं को एक ही शिकायत रहती है, ‘वो मुझे नहीं समझते.’ आजकल की महिलाएं ऐसा पार्टनर चाहती हैं, जो उनकी भावनाओं, उनके काम, परेशानियों को समझे और उन्हें आज़ादी दे. आज की बिज़ी लाइफ में कई कपल्स ऐसे भी हैं जिन्हें एक-दूसरे के साथ समय बिताने का मौक़ा नहीं मिलता. ऐसे में वो अपने जीवनसाथी की ज़रूरतों को समझ नहीं पाते. अगर आप अपनी लाइफ पार्टनर को ख़ुश देखना चाहते हैं, तो उसे समझें और उसे अपने तरी़के से जीने की आज़ादी भी दें. अधिकतर महिलाएं चाहती हैं कि उनका जीवनसाथी बिना कुछ कहे उनकी आंखों की भाषा पढ़ ले.

3. सुरक्षित महसूस कराए: महिलाएं हमेशा ऐसा जीवनसाथी चाहती हैं जिसके साथ वो न स़िर्फ भावनात्मक, बल्कि आर्थिक रूप से भी सुरक्षित महसूस करें. स़िर्फ प्यार के सहारे सारी ज़िंदगी नहीं बीत सकती, ये बात आज की महिलाएं अच्छी तरह जानती हैं, तभी तो वो ऐसा हमसफ़र चाहती हैं, जो न स़िर्फ उन्हें प्यार करे, बल्कि शारीरिक व मानसिक रूप से भी इतना मज़बूत हो कि उन्हें हर मुश्किल से उबार सके, जिसके साथ वो हर पल महफूज़ रह सकें.

4. ईमानदार हो: हालांकि ईमानदारी हर रिश्ते के लिए बेहद ज़रूरी है, मगर महिलाएं इसे सबसे ज़्यादा तवज्जो देती हैं. वो चाहती हैं कि उनका हमसफ़र पूरी ईमानदारी से रिश्ता निभाए. अपनी ज़िंदगी का हर अच्छा-बुरा अनुभव उनसे शेयर करे, उनका रिश्ता पूरी तरह ट्रांस्पेरेंट हो. एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि सफल शादीशुदा ज़िंदगी के लिए पुरुषों को अपने रिश्ते के प्रति ईमानदार होना चाहिए, उन्हें पार्टनर से कुछ नहीं छिपाना चाहिए. हां, कुछ स़फेद झूठ बोल सकते हैं, जैसे- तुम अभी भी बिल्कुल स्लिम और ब्यूटीफुल लगती हो, तुमसे ज़्यादा हसीन इस दुनिया में और कोई नहीं है.

5. प्रेज़ेंटेबल दिखे: जिस तरह पुरुष स्मार्ट और स्टाइलिश पत्नी की चाहत रखते हैं, वैसे ही महिलाएं भी चाहती हैं कि उनका पति न स़िर्फ स्मार्ट, बल्कि फिट एंड फाइन भी हो, उसका ड्रेसिंग सेंस सही हो.
तो जनाब, पत्नी के दिल में जगह बनाए रखना चाहते हैं, तो व़क्त के साथ न स़िर्फ अपनी नॉलेज, बल्कि पर्सनैलिटी को भी अपडेट रखिए.

रिश्तों की डोर काफ़ी नाज़ुक होती है इसमें ज़रा सा ढीलापन या ज़रूरत से ज़्यादा खिंचाव इसे तोड़ सकता है. बेहतर होगाकि हम अपने रिश्तों को संतुलित और सहज रखें. छोटी-छोटी बातों और ग़लतियों को इतना बड़ा ही न बनने दें कि रिश्तेपर आंच आ जाए. फ़ॉलो करें ये टिप्स जिन्हें आप भी जानते-समझते हैं लेकिन बस नज़रअंदाज़ कर देते हैं. 

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बचें इन ग़लतियों से… 

  • रिश्ते में ठंडापन न पनपने दें, क्योंकि रिश्तों में ऐसी उदासीनता ख़तरे की निशानी है. अगर आपका रिश्ता भी इसीस्थिति से गुज़र रहा है, तो अलर्ट हो जाएं.
  • वक़्त के साथ क्या आप अपने रिश्ते को भी वक़्त देना लगभग भूल सा गए? समय के साथ हम अपने रिश्ते को बहुतही कैज़ुअली लेने लगते हैं. 
  • दूसरों के लिए तो वक़्त है पर अपनों के लिए नहीं. हम अपने प्रोफेशन से लेकर दोस्तों तक को हम समय देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे अपने रिश्ते को ही समय देना भूल जाते हैं और उनके प्रति लापरवाह हो जाते हैं.
  • एक्स्ट्रा एफ़र्ट न डालना और अपने रिश्ते के लिए अतिरिक्त प्रयास न करना बहुत बड़ी भूल है. दरअसल शादी केकुछ समय बाद हम ये सोच लेते हैं कि अब रिश्ते को ज़्यादा या अतिरिक्त समय देने की या अपनों के लिएकुछ स्पेशल करने की ज़रूरत नहीं, लेकिन ये सोच ग़लत है. रिश्तों को हमेशा प्यार और अपनेपन से सींचना पड़ताहै. 
  • रिश्ते को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए आपके प्रयास ज़रूरी हैं. हमेशा कुछ नया करते रहें और पार्ट्नर कोस्पेशल फ़ील करवाते रहें. हमको लगता है हमारा रिश्ता स्टेबल हो गया और यहीं हम ग़लती करते हैं. धीरे-धीरेरिश्ते में बोरियत पनपने लगती.
  • अक्सर हमें एहसास ही नहीं हो पाता और हमारे बीच मौन पसर जाता है. ये कम्यूनिकेशन गैप धीरे-धीरे बड़ी खाईबन सकता है. अंजाने में ही हम अपने रिश्ते के प्रति इतने बेपरवाह होते चले जाते हैं कि आपस में बातचीत करनाहमारी प्राथमिकता में रहता ही नहीं. 
  • छोटी-छोटी बातों को हम अक्सर अपने अहम यानी ईगो का विषय बनाकर अपनों से ही उलझ पड़ते हैं. किसी भीरिश्ते की मज़बूती के लिए बहुत ज़रूरी है ईगो को बीच में न आने दिया जाए, लेकिन  हम अपने अहम् को इतनामहत्व देते हैं कि अधिकतर रिश्ते इसी के भेंट चढ़ जाते हैं.
  • रिश्तों में हमेशा झुककर चलने की, एडजेस्ट करने की और एक-दूसरे को सपोर्ट करने की ज़रूरत होती है लेकिनआपका ईगो आपको यह सब करने से रोकता है.
  • अपने रिश्ते को झूठ और अविश्‍वास जैसी चीज़ों से बचाएं, क्योंकि विश्‍वास की बुनियाद पर ही रिश्ते खड़े होते हैं. चाहे कोई भी बात या परेशानी हो या किसी चीज़ को लेकर निर्णय लेना हो, अपने पार्टनर से ज़रूर शेयर करें, क्योंकि बातें छिपाने पर ग़लतफ़हमियां बढ़ती हैं.
  • कई कपल यह ग़लती करते हैं कि जब भीउनमें कोई झगड़ा या विवाद हो जाए तो वोउसको सुलझाने की बजाए बात करना बंद कर देंगे हैं और अपने बीच केविवाद को अनसुलझा ही छोड़ देते हैं, लेकिन वो बैक फायर भी बैकफ़ायर करती सकती है.
  • ग़ुस्से में किसी भी बात का हल न ढूंढ़ें, बल्कि जब ग़ुस्सा शांत हो जाए तब उस पर बात की जाए.
  • एक दूसरे का सम्मान न करना भी रिश्ते की डोर को ढीला कर देता है. पार्टनर की बात और विचारों को महत्व दें औरउनके निर्णय का भी सम्मान करें. साथ ही उनसे विचार विमर्श करके ही आगे बढ़ें. 
  • ग़ुस्से में कभी भी एक-दूसरे के परिवारवालों को लेकर ताने न दें. इससे आप दोनों के बीच दूरियां ही बढ़ेंगी.
  • धोखा देने और एक्स्ट्रा मैरिटल एफ़ेयर से अपने रिश्ते को खोखला न करें, क्योंकि ये कुछ पलों का आकर्षण आपकेबरसों के रिश्ते को तोड़ सकता है जिसमें नुक़सान आपका ही होता है. 
  • इमोशनल ब्लैक मेलिंग से बचें. अक्सर कपल एक-दूसरे की कमज़ोरी जानते हैं और फिर उसी को लेकर अपनी बातया ज़िद मनवाते हैं. ऐसा करने से आप दोनों के बीच सम्मान व प्यार ख़त्म होता चला जाएगा.
  • बात-बात पर या बेवजह शक करना या बहुत अधिक रोक-टोक व सवाल-जवाब करना सही नहीं. इससे पार्टनर कोलगेगा कि आपको उन पर भरोसा नहीं.
  • अनरियलिस्टिक अपेक्षाएं पालना भी बहुत बड़ी गलती है. फ़िल्मी दुनिया और हक़ीक़त me बेहद फ़र्क़ होता है तोवहां से प्रेरणा लेकर अपने रिश्ते से ऐसी उम्मीदें न रखें जो पूरी न हो सकें. इससे आपको दुख होगा और रिश्ताकमज़ोर. यथार्थ में जीएं, कल्पना के संसार को वहीं तक सीमित रहने दें. 
  • अक्सर ऐसा देखा गया है कि घर के सदस्य या कपल आपस में ही प्रतियोगिता करने लग जाते हैं यह जताने के लिएकि वो श्रेष्ठ हैं या उनकी सोच हमेशा सबसे सही होती है. इतना ही नहीं वो एक-दूसरे की कामयाबी से भी ईर्ष्याकरने लगते हैं. ये न भूलें आप साथी हैं, हमसफ़र हैं, इसलिए साथ दें, कामयाबी पर जश्न मनाएं और गर्व करें.
  • इसी तरह रिश्तों में झूठ बोलने से भी बचें. भले ही झूठ किसी भी कारणवश बोला गया हो लेकिन जब वो खुलता हैतो रिश्ते में अविश्वास पनपता है और भरोसा टूटता है.
  • सेक्स को नज़रअंदाज़ करना भी बहुत बड़ी गलती है. अपनी सेक्स लाइफ़ में बोरियत न पसरने दें. कुछ न कुछ नयाट्राई करें. 

रिश्तों को टिकाऊ बनाने के ईज़ी टिप्स…

  • परिपक्वता से काम लें, और पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें.
  • शेयर करें, कम्यूनिकेट भी करें.
  • अपनी भावनाएं सकारात्मक रखें. नकारात्मक विचार मन से निकाल दें. 
  • न स़िर्फ अपने सुख-दुख, बल्कि छोटी-छोटी बातें भी शेयर करने का अलग ही सुख होता है. इससे रिश्ते मज़बूतबनते हैं.
  • यदि किसी में कोई कमी या कमज़ोरी भी है, तो भी उसके गुणों पर ध्यान दें.
  • भरोसा करना सीखें. इससे रिश्तों में अपनापन और प्यार बढ़ता है और सामनेवाला भी आप भी भरोसा करके ख़ुद कोसहज महसूस करता है.
  • रिश्तों में त्याग, समर्पण और एडजेस्टमेंट करना ही पड़ता है, तभी वे टिकते हैं. 
  • समय-समय पर अपने रिश्ते का विश्‍लेषण ज़रूर करें और नकारात्मक चीज़ों को बाहर करें.
  • पार्टनर को कॉम्प्लीमेंट्स दें. रोमांटिक बातें करें. 
  • रोमांटिक पलों को एंजॉय करें और ऐसे पलों को ज़रूर चुराएं, जो आप दोनों को क़रीब लाएं.
  • कुछ नया करें, ताकि एक्साइटमेंट बना रहे.
  • सरप्राइज़ दें, डेट्स प्लान करें.
  • समय के साथ-साथ सेक्स के प्रति अरुचि होने लगती है, जिससे रिश्ता उबाऊ होने लगता है. एक-दूसरे के प्रतिआकर्षण बना रहे, इसका प्रयास जारी रखें.
  • बेडरूम का डेकोर भी रोमांटिक ही रखें. बीच-बीच में डेकोर बदलते रहें, ताकि नीरसता न आए.
  • अपने लुक्स और ड्रेसिंग पर भी ध्यान दें. 
  • अपनी फिटनेस व पर्सनल हाइजीन का ख़्याल भी रखें. साथ ही ओरल हाइजीन भी ज़रूरी है.
  • बेवजह फैट्स न बढ़ने दें. एक साथ वॉक या एक्सरसाइज़ करें. डान्स या स्विमिंग क्लास जॉइन कर लें. 
  • अगर टाइम नहीं तो घर पर ही साथ में योगा करें. छुट्टी के दिन कुछ ख़ास करें. 
  • पार्टनर को स्पेशल फ़ील कराएं. उनको ये महसूस कराएं कि आपको उनकी ज़रूरत ही नहीं बल्कि उनसे प्यार भी है. 
  • ज़िम्मेदारियां बांटें, काम में मदद करें. 
  • पिंकी शर्मा 

आंखों से दिल का हाल बताने वाली महिलाओं से यूं तो कोई बात छुपाए नहीं छुपती, पर बात जब जीवनसाथी से कुछ कहने की हो, तो कई बार वो चुप्पी साध लेती हैं. कहूं या न कहूं… की कशमकश में उनके दिल की बात ज़ुबां पर नहीं आ पाती. चाहते हुए भी आपकी जीवनसंगिनी आपसे क्या नहीं कह पाती? चलिए, हम बताते हैं.

अगर आपको लगता है कि आपसे घंटों बातें करने वाली आपकी पत्नी के दिल में छुपी हर एक बात से आप इत्तेफ़ाक रखते हैं, तो आप बिल्कुल ग़लत हैं.
दिन-रात बोलने वाली महिलाएं इक्का-दुक्का नहीं, बल्कि कई बातें चाहते हुए भी पति से शेयर नहीं कर पातीं. पते की बात ये है कि बिना कहे वो आपसे इस बात की उम्मीद भी लगाए रहती हैं कि आप उनके दिल की बात जानें और ठीक वैसा ही करें जैसा वो चाहती हैं. आख़िर कौन-सी हैं वो बातें?

आगे-आगे आप चलें

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शादी के फेरे लेते वक़्त जिस तरह आप आगे और पत्नी आपके पीछे चल रही थी, ठीक उसी तरह जीवन के सफ़र में भी वो आपको आगे बढ़कर काम करते हुए देखना चाहती है. ऐसा नहीं है कि आपके साथ सुहाने सफ़र का मज़ा उसे रास नहीं आता या आपके साथ बैठकर रोमांटिक फिल्म देखना उसे पसंद नहीं. मज़ा तब किरकिरा हो जाता है जब सुहाने सफ़र का लुत्फ़ उठाने के लिए टिकट से लेकर होटल तक की बुकिंग उसे ख़ुद करनी पड़ती है, क्योंकि वो चाहती है कि हर काम को लेकर पहल आप करें.

जोड़ें दिलों के तार
न स़िर्फ ट्रिप, बल्कि ऐसी और भी कई चीज़ें हैं जिनकी अगुआई करने की उम्मीद पत्नी आपसे रखती है. अगर आप पहल करते हैं, तो इससे पत्नी उन चीज़ों को और भी अच्छी तरह एंजॉय कर पाएगी.

सरप्राइज़ देकर जताएं प्यार

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पत्नी को इम्प्रेस करने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाने की मशक्क़त न करें. उसके दिल के क़रीब आने के लिए बस उसे सरप्राइज़ देते रहें, क्योंकि महिलाएं अपने पति से सरप्राइज़ की भी उम्मीद रखती हैं. बस, वो आपसे इस बारे में कहती नहीं हैं. आपसे मिला सरप्राइज़ उसे इस बात का एहसास दिलाता है कि आप उससे बेहद प्यार करते हैं और वो आपके लिए सबसे ख़ास है. ऐसी बात नहीं है कि वो आपसे बंगला या लंबी-महंगी गाड़ी बतौर सरप्राइज़ गिफ्ट पाने की उम्मीद रखती है. लाल सुर्ख़ गुलाब या चॉकलेट भी उसके चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेरने के लिए काफ़ी है, मगर तब जब आप उसे ये सरप्राइज़ के रूप में दें.

जोड़ें दिलों के तार
पत्नी का दिल जीतने के लिए उसे उसकी पसंद की साड़ी, पर्स आदि गिफ्ट करें. अगर इन चीज़ों को लेकर आप कंफ्यूज़ हो जाते हैं, तो कैंडल लाइट डिनर, हॉलिडे ट्रिप, मूवी टिकट आदि भी गिफ्ट कर सकते हैं.

वफ़ादार रहें

Relationship


जिस तरह आप ये चाहते हैं कि पत्नी आपके और आपके रिश्ते के प्रति वफ़ादार रहे, ठीक उसी तरह पत्नी भी आपसे वफ़ादारी की
उम्मीद रखती है. अंतर बस इतना है कि आप इस बारे में उससे बेझिझक बात कर लेते हैं. कई बार कुछ बंदिशें भी लगा देते हैं, लेकिन वो आपसे इस बारे में न खुलकर बात कर पाती है और न ही आपसे हाल ए दिल बयां कर पाती है, इस डर से कि कहीं आपके अहम् को ठेस न पहुंच जाए. अतः उसके प्रति आपकी वफ़ादारी बनती है.

जोड़ें दिलों के तार
ये न भूलें कि विश्‍वास की डोर से बंधा रिश्ता बहुत मज़बूत होता है. विश्‍वास टूटते ही रिश्ते की डोर कमज़ोर हो जाती है. अतः पत्नी के पूछने या न पूछने पर भी अपनी ओर से सफ़ाई अवश्य दें.

स्पेस की चाहत को पूरा करें

Relationship

दोस्तों के साथ कभी फिल्म देखने, तो कभी पार्टी में जाने की इजाज़त देने वाली आपकी जीवनसंगिनी आपसे भी इस बात की उम्मीद रखती है कि आप भी उसे स्पेस दें. मायके वालों से मिलने या सहेलियों के साथ ख़ास मौ़के को सेलिब्रेट करने का मौक़ा उसे भी मिलना चाहिए, मगर ऐसा हो नहीं पाता. कभी काम के बोझ तले, तो कभी ज़िम्मेदारियों के चलते वो आपसे ये कह नहीं पाती और मन मसोसकर रह जाती है.

जोड़ें दिलों के तार
इस बात को ध्यान में रखें कि हर रिश्ते में स्पेस ज़रूरी है. रिश्ते में जितना स्पेस होता है, लोग उतने ही क़रीब आते हैं और रिश्ता उतना ही मज़बूत होता जाता है.

हर एक राज़ बताएं

Relationship

सुबह से लेकर शाम तक क्या, क्यों और कैसे हुआ के साथ ही अपने दिल का हर एक राज़ आपसे बयां करने वाली पत्नी आपसे जुड़ी हर एक बात जानना चाहती है. हां, ये बात और है कि खुले तौर पर वो आपसे इस बारे में कुछ नहीं कहती, पर मन ही मन वो चाहती है कि आप ख़ुद से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात उससे शेयर करें.

जोड़ें दिलों के तार
पत्नी से हर बात शेयर करने की कोशिश करें, उससे सलाह-मशविरा भी अवश्य लें. इससे सही-ग़लत का फैसला करने में आपको भी मदद मिलेगी.

करें दिल खोलकर तारीफ़

Relationship

मैं इस साड़ी में कैसी लग रही हूं, डिनर कैसा बना है, मेरा तोहफ़ा कैसा लगा…? क्या आप जानते हैं आपकी पत्नी कुछ ऐसे ही रटे-रटाए सवाल आपसे बार-बार क्यों करती है? क्योंकि वो चाहती है कि आप उसके हर छोटे-बड़े काम की तारीफ़ करें. उससे कहें कि आज वो बेहद ख़ूबसूरत नज़र आ रही है. उसने डिनर बहुत स्वादिष्ट बनाया है. उसने आपको जो तोहफ़ा दिया है, वो आपके दिल के क़रीब है… कुल मिलाकर पत्नी आपसे तारीफ़ की उम्मीद रखती है.

जोड़ें दिलों के तार
अपने रिश्ते को और मज़बूत बनाने के लिए पत्नी की न स़िर्फ दिल खोलकर तारीफ़ करें, बल्कि धन्यवाद कहते हुए उसे तोहफ़ा भी दें. इससे अगली बार उसी काम को वो और अच्छे तरी़के से करेगी.

काम में हाथ बंटाएं

Relationship

24/7 घर के काम में उलझी रहने वाली आपकी पत्नी भले मुंह से उफ् तक नहीं कहती, लेकिन आपकी मौजूदगी में वो ये ज़रूर चाहती है कि घर के काम में आप उसका हाथ बंटाएं. बहुत ज़्यादा न सही, मगर कम से कम छोटे-मोटे काम ही कर दें. कुछ न सही, तो कम से कम ऐसा कोई काम न करें, जिससे उसका काम बढ़ जाए.

जोड़ें दिलों के तार
आपकी पत्नी कोई मशीन नहीं. इस बात को ध्यान में रखें. जब भी फुर्सत मिले, उसके काम में हाथ बटाएं. इससे काम भी जल्दी हो जाएगा और आप दोनों एकसाथ क्वालिटी टाइम भी बिता पाएंगे.

किसी की अदा से मदहोश न हो जाएं

Relationship


अपनी पत्नी को लेकर स़िर्फ आप ही पज़ेसिव रहते हैं, ऐसा नहीं है. आपकी पत्नी भी आपको लेकर काफ़ी पज़ेसिव होती है, फ़र्क़ बस इतना है कि आप अपने पज़ेसिव नेचर को छुपा नहीं पाते और आपकी पत्नी अपने पज़ेसिवनेस को छुपाने में क़ामयाब हो जाती है. उसके सामने किसी दूसरी महिला की तारीफ़ तो दूर उसकी मौजूदगी में अगर आपकी निगाहें किसी का दीदार भी कर लें, तो वो बर्दाश्त नहीं कर पाती. अपनी नाराज़गी जताने के लिए या तो चुप्पी साध लेती है या फिर ताना कसने का कोई मौक़ा हाथ से जाने नहीं देती.

जोड़ें दिलों के तार
आप स़िर्फ उसके हैं और आपके दिल में उसकी जगह कोई और नहीं ले सकता, अपनी पत्नी को इस बात का एहसास दिलाएं ताकि उसे आपको खोने का डर न हो.

करियर को बेहतर बनाने के लिए जिस तरह आपको एडवाइज़ की ज़रूरत पड़ती है, उसी तरह पति-पत्नी के रिश्ते में भी कई बार ऐसी स्थिति आ जाती है जब उन्हें किसी की सलाह की ज़रूरत पड़ती है. अपनी शादी के रिश्ते को बेहतर तरी़के से निभाने में कौन-कौन कर सकते हैं आपकी मदद?

  1. मां
Relationship Advice

मां न स़िर्फ पहली गुरु होती है, बल्कि ज़िंदगी के हर मोड़ पर मदद भी करती है. अतः जब कभी आपको लगे कि हमसफ़र के साथ रिश्ते का संतुलन बिगड़ रहा है और आपको किसी से राय लेने की ज़रूरत महसूस हो, तो बेझिझक अपनी मां से बात करें. सालों से घर-परिवार और हर रिश्ते को सहेजने वाली मां आपके दांपत्य जीवन से जुड़ी हर उलझन दूर कर सकती है. इसी तरह जब कभी आपको लगे कि रिश्ते में कड़वाहट और दरार बढ़ रही है, तो मां से अपनी परेशानी शेयर करें. साथ ही एक बार अपनी मां की ज़िंदगी पर नज़र डालें. परिवार के लिए उनका त्याग और निःस्वार्थ प्यार आपको बहुत कुछ सिखा देगा और आप अपनी इस नई ज़िंदगी में ख़ुद को पूरी शिद्दत से ढालने की कोशिश करेंगी.

2. बहन

Relationship Advice

कई बार हमारे साथ कुछ ऐसा होता है जिसे हम माता-पिता से शेयर नहीं कर पाते, मगर अपनी वो बेहद निजी बात बहन को ज़रूर बता सकते हैं. भले ही पहले आप आपस में कितना भी झगड़ती हों, मगर आपकी बहन आपको अच्छी तरह समझती है. अतः वो आपको सही सलाह दे सकती है. मेघना कहती हैं, “कई बार पति के साथ मेरे रिश्ते में बहुत खटास पैदा हुई. मां को अपनी अनबन के बारे में बताकर मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहती थी, मगर किसी से अपने दिल की बात न कर पाने के कारण मैं अंदर ही अंदर घुट रही थी. एक दिन मेरी बहन घर आई और मेरे चेहरे की परेशानी पढ़कर उसने कारण पूछा और मैंने उसे सब बता दिया. इससे न स़िर्फ मेरे दिल का बोझ हल्का हो गया, बल्कि उसकी सलाह ने हमारे बिगड़े रिश्ते को सहेजने में भी मदद की. दरअसल, ग़ुस्से में हमें हमेशा सामने वाले की ही ग़लती नज़र आती है. जब कोई अपना हमें सच्चाई से रू-ब-रू करवाता है, तो हमेें एहसास होता है कि ताली एक हाथ से नहीं बजती.” शादी के रिश्ते में आई दरार और खटास के लिए पति-पत्नी दोनों ज़िम्मेदार होते हैं, मगर मानते नहीं हैं.

3. शादीशुदा दोस्त

Relationship Advice

आपका मैरिड फ्रेंड जिसकी शादीशुदा ज़िंदगी अच्छी चल रही है, वो भी आपको सही सलाह दे सकता है. जब कभी लगे कि आपके रिश्ते में ऑल इज़ वेल नहीं है, तो आप अपने इस दोस्त से मदद मांग सकती हैं. शादी के रिश्ते की सफलता के लिए क्या ज़रूरी है और क्या नहीं? आपका दोस्त आपको अच्छी तरह बता सकता है. प्रियंका कहती हैं, “मैं अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी इसलिए मायके में मुझे बहुत ज़्यादा लाड़-प्यार मिला, मगर ससुराल में स्थिति बिल्कुल विपरीत थी. बड़ी बहू होने के कारण मुझ पर कई ज़िम्मेदारियां आ गईं, ऐसे में मैं बहुत परेशान रहने लगी. कई बार झल्लाहट में पति से झगड़ा भी हो जाता कि आख़िर क्यों मैं सबके बारे में सोचूं, जबकि मुझे तो कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं देता. ऐसे में मेरी एक दोस्त ने मुझे समझाया कि हम मायके और ससुराल में एक जैसे प्यार और व्यवहार की उम्मीद नहीं कर सकते. ससुराल आने पर हर लड़की की ज़िम्मेदारियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में नाराज़ या परेशान होने की बजाय उन ज़िम्मेदारियों को स्वीकार करने से ही ससुराल में आपकी इज़्ज़त बढ़ेगी और रिश्ते में प्यार भी बना रहेगा.”

4. सिंगल दोस्त

Relationship Advice

ज़रूरी नहीं कि शादीशुदा फ्रेंड ही आपको सही सलाह दे सकता है. कई बार अनमैरिड फ्रेंड की सलाह और उसका अनुभव भी आपके काम आ सकता है. भले ही वो अभी तक सेटल नहीं हुआ/हुई हो, मगर हो सकता है उसका कोई अतीत हो, हो सकता है किसी के साथ उसका ब्रेकअप हुआ हो. ऐसे में उसके अनुभव से सबक लेकर आप वो ग़लतियां करने से बच सकते हैं जो आपके दोस्त ने की थी. अनिल कहते हैं, “मेरे दोस्त हर्ष ने मुझे एहसास कराया कि ज़िंदगी में किसी हमसफ़र का होना कितना ज़रूरी है. उसने मुझे समझाया कि कई बार हमारे पास सब कुछ होते हुए भी हम एकदम अकेले हो जाते हैं, क्योंकि हमारे पास हमारी ख़ुशी, ग़म और बेहद निजी बातें शेयर करने के लिए कोई हमसफ़र नहीं होता. उम्र के इस पड़ाव पर उसे पार्टनर की कमी बहुत खलती है. वो कहता है कि मैं बहुत लकी हूं, क्योंकि मेरे पास जीवनसंगिनी है.”

5. तलाक़शुदा दोस्त

Relationship Advice


आप सोच रहे होंगे कि जो ख़ुद अपना रिश्ता नहीं निभा पाया भला वो क्या आपको सलाह देगा, मगर ऐसा नहीं है. ये दोस्त न स़िर्फ आपको सलाह दे सकता है, बल्कि उसके टूटे रिश्ते से आप सबक भी ले सकते हैं, जैसे- पार्टनर को ग्रांटेड न लें, रिश्ते के प्रति ईमानदार रहें, पैसों को लेकर न झगड़ें, एक-दूसरे को स्पेस दें, एक-दूसरे पर विश्‍वास करें आदि. जहां ये सारी चीज़ें नहीं होतीं, उस रिश्ते में जल्द ही दरार आने लगती है. रमेश ने बताया कि एक दिन पत्नी से किसी बात पर उनका बहुत झगड़ा हो गया और ग़ुस्से में वो अपने एक दोस्त जो तलाक़शुदा था, उसके घर चले गए. रमेश ने दोस्त को सब कुछ बता दिया. उनकी बातें सुनकर दोस्त ने कहा, “पति-पत्नी में झगड़ा होना कोई बड़ी बात नहीं है, मगर छोटी-छोटी चीज़ों को कभी तूल नहीं देना चाहिए. अपने रिश्ते के बीच कभी अहंकार को न आने देना, वरना ये पल भर का ग़ुस्सा और अहंकार तुम्हें सारी ज़िंदगी कांटे की तरह चुभता रहेगा और सब कुछ ख़त्म हो जाने के बाद तुम्हें पछतावा होगा कि काश! उस व़क्त मैं ही झुक जाता, तो आज मेरी गृहस्थी यूं न बिखरती. जो ग़लती मैंने की तुम भी वही मत दोहराओ. रिश्ते को सहेजने के लिए पति-पत्नी दोनों को स्वार्थ और अहंकार से ऊपर उठकर सोचना चाहिए. साथ ही ग़ुस्से और जल्दबाज़ी में कभी कोई ़फैसला नहीं करना चाहिए.”

6. सहकर्मी
ऑफिस में कोई समस्या आने पर आप अपने जिस सहकर्मी से सबसे पहले मदद मांगते/मांगती हैं, जिस पर विश्‍वास करते हैं, जो आपके दिल के सबसे क़रीब है, उससे आप अपनी पर्सनल लाइफ डिस्कस कर सकते हैं. हो सकता है, उसके पास आपकी समस्या का कोई हल हो. कई बार वर्किंग कपल्स की समस्याएं एक जैसी होती हैं. सपना कहती हैं, “घर और ऑफिस की दोहरी ज़िम्मेदारी निभाते-निभाते मैं इतनी तनावग्रस्त हो गई थी कि मुझे लगने लगा सारी दुनिया की परेशानियां स़िर्फ मेरी ही ज़िंदगी में हैं. ऐसे में मेरी कलीग नेहा ने मेरा नज़रिया बदला. उसका मानना है कि परेशानियां तो हर किसी की ज़िंदगी में होती हैं और चाहकर भी उनसे बचा नहीं जा सकता, तो क्यों न हंसते हुए उनका सामना किया जाए. नेहा ने अपने बारे में बताया कि ससुराल में सबका ख़्याल रखने के बावजूद ससुराल वाले हर व़क्त उसे ताना मारते रहते हैं, क्योंकि उसने लव मैरिज की है. बावजूद इसके वो परिवार के प्रति अपना फर्ज़ निभाती है. उसकी परेशानियां कभी उसके चेहरे पर नज़र नहीं आतीं. उसकी इसी ख़ूबी की वजह से पति उसकी बहुत इज़्ज़त करते हैं.

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