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कंडोम से जुड़े 10 Interesting मिथ्स और फैक्ट्स (10 Interesting Myths And Facts Related To Condoms)

यह सच है कि आज भी समाज में सेक्स और सुरक्षित यौन संबंधों को लेकर ज़्यादा बात नहीं होती और न ही इसे अधिक तवज्जो दी जाती है, जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं और होते भी हैं. दरअसल, लोगों में आज भी कंडोम को लेकर बहुत-सी भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, जिन्हें दूर करना ज़रूरी है, ताकि आप सुरक्षित यौन संबंध बना सकें और कई तरह के यौन रोगों से बचे रहें.

Myths And Facts Related To Condoms

1. दो कंडोम एक साथ यूज़ करना ज़्यादा सुरक्षित रहता है.

ये सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है. एक साथ दो कंडोम का इस्तेमाल करने से आपको किसी भी तरह से अधिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, बल्कि उससे असुविधा अधिक होगी. बेहतर होगा एक ही कंडोम यूज़ करें.

2. अगर मेरी पार्टनर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ले रही है, तो कंडोम यूज़ करना ज़रूरी नहीं.

कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स आपको अनचाहे गर्भ से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान तो करती हैं, लेकिन सेक्सुअली ट्रान्समिटेड डिसीज़ से नहीं. बेहतर होगा कि सुरक्षित यौन संबंधों के लिए कंडोम भी यूज़ करें.

3. कंडोम से मेरी सेंसिटिविटी कम हो जाती है और सेक्स सुख उतना अधिक नहीं मिल पाता.

यह महज़ एक ग़लत धारणा है. कंडोम से आपकी सेक्सुअल क्रिया अपेक्षाकृत लंबी चल सकती है. आजकल अलग-अलग फ्लेवर्स और प्रकार के कंडोम उपलब्ध हैं, आपको अपनी सुविधानुसार सही कंडोम सिलेक्ट करना है.

4. कंडोम आसानी से फट जाते हैं.

नहीं, आपको स़िर्फ उन्हें सही ढंग से पहनने की ज़रूरत है. पहनते व़क्त यह ध्यान रहे कि टिप पर कोई एयर बबल न हो.

5. कंडोम्स की एक्सपायरी डेट नहीं होती.

जी नहीं, उनकी भी एक्सपायरी डेट होती है. आप पैकेट पर तारीख़ चेक करें और एक्सपायर्ड कंडोम यूज़ न करें, क्योंकि उससे खुजली, जलन, रैशेज़ जैसी समस्या हो सकती है. वो फट सकता है, क्योंकि उसकी फ्लैक्सीबिलिटी और इलास्टिसिटी ख़त्म हो चुकी होती है.

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6. एक्स्ट्रा लुब्रिकेशन की ज़रूरत होती है कंडोम के साथ.

कंडोम्स लुब्रिकेटेड ही होते हैं, लेकिन यदि आप और लुब्रिकेशन चाहते हैं, तो वॉटर या सिलिकॉन बेस्ड लुब्रिकेंट्स ही यूज़ करें, क्योंकि ऑयल बेस्ड लुब्रिकेंट्स से कंडोम फट सकता है. दरअसल ऑयल में कंडोम का रबर घुलने लगता है, जिससे वो फट सकता है.

7. लैटेक्स एलर्जी आपको कंडोम के इस्तेमाल से रोकती है.

लैटेक्स एलर्जी आपको अनप्रोटेक्टेड सेक्स करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती. नॉन लैटेक्स कंडोम भी बाज़ार में मिलते हैं. आप इनके बारे में पता करें और यूज़ करें.

8. ओरल या ऐनल सेक्स के लिए कंडोम यूज़ करना ज़रूरी नहीं.

बहुत-सी सेक्सुअल बीमारियां और इंफेक्शन्स ओरल व ऐनल सेक्स से भी फैलते हैं, इसलिए कंडोम को नज़रअंदाज़ न करें.

9. कंडोम ख़रीदने के लिए आपको 18 साल का होना ज़रूरी है.

आप किसी भी उम्र में कंडोम ख़रीद सकते हैं. इसके लिए उम्र की बंदिश नहीं है.

10. मैं स़िर्फ अच्छे और डीसेंट पार्टनर के साथ ही सेक्स करता/करती हूं, जिसमें कंडोम यूज़ करने की ज़रूरत नहीं.

आप किसी को देखकर या महज़ अनुमान लगाकर यह पता नहीं लगा सकते कि उसकी सेक्स लाइफ कैसी है और वो किन-किन लोगों के साथ सेक्स कर चुका है. बेहतर होगा यौन रोगों से सुरक्षित रहने के लिए कंडोम यूज़ करें और महिलाएं भी अपने पार्टनर से बेझिझक कंडोम यूज़ करने को कहें.

– योगिनी भारद्वाज

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पहला अफेयर: ये मौसम की बारिश… (Pahla Affair: Ye Mausam Ki Barish)

Pahla Affair

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आज फिर वही बारिश है, फिर वही हवाएं, फिर वही मिट्टी को ख़ुशबू… पर एक फ़र्क़ है कि आज तुम नहीं हो… स़िर्फ मैं हूं, मेरी तन्हाई है… आज याद करती हूं तुम्हें, तो बार-बार यही सोचती हूं कि क्यों प्यार करने लगी थी तुमसे… और प्यार करते-करते इतनी गहराई में डूबती गई कि सच्चाई देख भी नहीं पाई… आज भी याद है, वो पहली मुलाक़ात… तुमने निगाहों से छुआ था और मैं सकुचाते हुए निकल गई थी क्लासरूम में. मैं इस कॉलेज में नई आई थी. पापा का ट्रांसफर हो गया था इस दिलवालों की दिल्ली कहे जानेवाले शहर में, जहां मैंने दिल हारा और उसके बाद सब कुछ हार दिया…

कुछ दिनों तक ये नज़रों से बात करने का सिलसिला चलता रहा. फिर एक दिन घर जाते समय मेरी स्कूटी ख़राब हो गई. तुम पीछे से आ रहे थे, मदद की कोशिश की और मैंने मना कर दिया… तुमने कहा, “तुम्हारी मर्ज़ी, वैसे ये रास्ता है रिस्की…” और तुम आगे बढ़ गए. तुम्हारी इस बात से थोड़ा डर गई थी और मैंने सोचा कहीं ग़लती तो नहीं कर दी तुमसे मदद न लेकर… इतने में ही एक और गाड़ी दिखाई दी, कुछ लड़के बैठे थे, जो मुझ पर फ़ब्तियां कसते हुए जा रहे थे… मैं बुरी तरह घबरा गई थी कि इतने में तुम्हारी बाइक उनकी गाड़ी के पीछे नज़र आई. तुमने गाड़ी रोकी और मैं चुपचाप पीछे बैठ गई.

उस रात मैं सो नहीं पाई. रास्ते में न तुमने कुछ कहा, न मैंने. बस घर जाते समय तुम्हारी उन्हीं गहरी निगाहों में एक बार झांका था, जिनमें मासूमियत, ईमानदारी और मेरी लिए फिक्र झलक रही थी. उसके बाद तो रोज़ का ही यह सिलसिला हो गया था, तुम मुझे घर छोड़ते और मैं रास्तेभर बाइक पर तुमसे लिपटी रहती. देर रात तक हम दोनों एक-दूसरे को मैसेज करते रहते… प्यार में जीने-मरने की क़समें खाते… मुझे अक्सर दूसरों को देखकर लगता था कि कितना बचकाना होता है यह सब, लेकिन जब ख़ुद प्यार के एहसास ने मुझे छुआ, तब जाना कि ये बचकानी बातें कितनी क्यूट लगती हैं.

उस शाम हम समंदर के किनारे बैठे थे. तुमने ढलते सूरज की मदमाती लालिमा में मेरे अधरों पर अपने अधर रख दिए थे. एक नया एहसास था वो… बेहद रूमानी, बेहद हसीन… रातभर उसी एहसास को अपने ख़्यालों में समेटे रही मैं… अब मन में एक और नया ख़्याल जन्म ले रहा था… कब हम ज़माने के सामने एक हो पाएंगे? कब तुम मेरा हाथ थामोगे और मैं तुम्हारी दुल्हन बन तुम्हारी ज़िंदगी में हमेशा के लिए आऊंगी. हमारी परीक्षाएं हुईं. लास्ट ईयर था, तुमने अपने पापा का बिज़नेस भी संभाल लिया था और मैं भी अपने करियर को आकार देने में लगी थी.

फिर एक दिन वो शाम आई, जो ना ही आती तो अच्छा होता. तुम्हारा जन्मदिन था और तुमने कहा कि तुम मेरे साथ अकेले यह ख़ास दिन सेलिब्रेट करना चाहते हो… तुम पर तो ख़ुद से भी ज़्यादा भरोसा था, सो मैं तैयार हो गई. तुम्हारा फार्म हाउस पर शहर से दूर मदमाती शाम को हम दोनों अकेले थे. ज़ाहिर है, प्यार था, तो प्यार से जुड़े सारे आकर्षण भी जवां थे… तुमने मुझे बांहों में लिया और फिर धीरे-धीरे… “ये क्या कर रहे हो राज? ये ग़लत है…”

“सुहानी, इसमें ग़लत क्या है. हम प्यार में हैं और जल्द ही शादी करेंगे.”

“शादी करेंगे, तो शादी तक का इंतज़ार भी तो करना चाहिए न…”

“ये कैसी पिछड़ी हुई बातें कर रही हो सुहानी, प्लीज़ मेरा मूड मत ऑफ करो, कम से कम आज के दिन तो तुम ना नहीं बोल सकती…”

तुम शराब के नशे में थे, उस पर प्यार की ख़ुमारी ने तुम्हारी गुस्ताख़ी बढ़ा दी थी. बहुत मुश्किल हो रहा था तुम्हें रोक पाना… मैंने तुम्हें होश में लाने के लिए एक थप्पड़ जड़ दिया और वहां से किसी तरह चली आई… रोती रही रातभर. फिर यह सोचकर ख़ुद को समझा लिया कि नशा उतरते ही तुम समझ पाओगे…

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सुबह तुम्हें सॉरी का मैसेज किया, तुमने भी बुरा नहीं माना, यह जानकर तुम्हारे प्यार पर और गर्व होने लगा… व़क्त गुज़र रहा था और मैं कई बार तुम्हें कह भी चुकी थी कि घर आकर शादी की बात कर लो… पर न जाने क्यों आजकल मन अनहोनी की आशंका से घबराने लगा था. तुम्हारे मैसेजेस धीरे-धीरे कम होने लगे थे. कभी बिज़ी होने की बात, कभी काम का प्रेशर, कभी बिज़नेस की टेंशन कहकर तुम मुझे टालते रहे और मैं भी ख़ुद को समझाती रही. मुझे लगने लगा था कि तुम्हारी दिलचस्पी मुझमें कम होती जा रही है.

फिर एक दिन तुम्हारा फोन आया, “सॉरी लव, मैं इतना बिज़ी रहता हूं कि तुमसे बात भी नहीं कर पाता, पर बिलीव मी आई लव यूं…”

“मुझे पता है राज, कोई बात नहीं. तुम अपने काम पर ध्यान दो…”

“सुहानी, एक हेल्प चाहिए थी. मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड है, पर मेरा दोस्त उसको चीट कर रहा है. मैंने उसको लाख समझाया, पर वो मान ही नहीं रही.”

“इसमें मैं कैसे हेल्प कर सकती हूं?”

“तुम इतनी ब्यूटीफुल हो, तुम अगर उसके बॉयफ्रेंड से दोस्ती करके उसको अट्रैक्ट करोगी, तो शायद वो समझ जाए.”

“यार तुम कैसी बातें कर रहे हो, तुम अपनी गर्लफ्रेंड से ऐसा काम कैसे करवा सकते हो?”

“सुहानी, तुम भी न, यार सच में अट्रैक्ट

करने को थोड़ी कह रहा हूं, स़िर्फ उस लड़की राधा को समझाने के लिए, ताकि उसके साथ ग़लत न हो…”

“अच्छा ठीक है…” उसके बाद तुमने मुझे समझाया कि कैसे, कब, क्या बात करनी है तुम्हारे दोस्त से और उसका नंबर मुझे दिया. मैंने उससे दोस्ती बढ़ानी शुरू की और बहुत जल्द ही उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई. राधा भी जान चुकी थी कि उसका बॉयफ्रेंड ग़लत था.

इस इंसिडेंट के बाद फिर तुम्हारे मैसेजेस कम आने लगे. एक दिन फिर तुम्हारा फोन आया कि राधा मुझसे बात करना चाहती है. मैंने जानना चाहा कि क्यों करना चाहती है, तो तुमने कहा, “तुम्हारी वजह से उसका ब्रेकअप हुआ, तो शायद वो भी बदला ले…” उसके बाद तुम हंसने लगे. राधा का फोन आया और उसने जो कुछ भी कहा, वो सुनकर मेरे होश उड़ गए. “हाय सुहानी, राज से तुम्हारा नंबर लिया, राज बहुत मानते हैं तुम्हें. कहते हैं, तुम उनकी सबसे अच्छी दोस्त हो. इसलिए मैंने सोचा कि तुमसे अपने दिल की बात शेयर करूं.”

“हां, बोलो, क्या कहना चाहती हो.”

“सुहानी, राज ने मुझे तब प्रपोज़ किया था, जब मैं उसके दोस्त को डेट कर रही थी. उसने मुझे लाख समझाया कि उसका दोस्त मुझे चीट कर रहा है, पर मुझे तो अपने प्यार पर विश्‍वास था. राज ने मेरा वो ग़ुरूर तोड़ दिया, पर एक तरह से अच्छा ही हुआ, क्योंकि मैं एक ग़लत इंसान पर भरोसा कर रही थी. सुहानी, तुम सुन रही हो न…”

“हां, तुम बोलती रहो, मैं सुन रही हूं… ज़्यादा बात नहीं करनी आती मुझे…”

“सुहानी, राज बहुत ही अच्छा लड़का है और पता ही नहीं चला कि इस बीच कब मैं भी उससे प्यार करने लगी, तुम उसकी दोस्त हो, तुम्हें क्या लगता है कि मुझे इस रिश्ते में आगे बढ़ना चाहिए?”

“राधा, ये तुम्हारा और राज का निजी मामला है, मैं कैसे सलाह दे सकती हूं. तुम जो ठीक समझो, करो.” यह कहकर फोन काट दिया मैंने, क्योंकि आगे बात सुनने और करने की मुझमें हिम्मत नहीं थी.

अब समझ में आया कि राज स़िर्फ मेरा इस्तेमाल कर रहा था, राधा को पाने के लिए. उसके बाद कई दिनों तक मैंने किसी से बात नहीं की… आज मौसम बदला है… पर मन बेहद उदास है. इतने में ही मेरा फोन बजा…

“हैलो, कौन बात कर रहा है?”

“सुहानी, फोन कट मत करना, मैं राज बोल रहा हूं. जानता था, मेरा फोन तुम नहीं उठाओगी, इसलिए किसी दूसरे नंबर से कॉल किया.”

“राज, मैं किसी की लाइफ में ज़बर्दस्ती नहीं रहना चाहती, तुम राधा के साथ अपनी ज़िंदगी जी सकते हो, मेरी तरफ़ से तुम्हें कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी कभी…”

“सुहानी, तुम्हें राधा पर भरोसा है, मुझ पर नहीं, अपने प्यार पर नहीं. राधा मुझे पसंद करने लगी, तो इसमें मेरा क्या ़कुसूर है? उसने तुम्हें जो भी कहानी सुनाई, तुमने भरोसा कर लिया? हमारा प्यार इतना कमज़ोर है कि बस एक लड़की आकर उसे तोड़कर चली जाए… मुझे बिज़नेस की सिलसिले में बाहर जाना पड़ा. अब लौटा हूं लंबे टूर के बाद तो तुमसे कॉन्टैक्ट ही नहीं हो पाया.

राधा से बात की, तो पता चला उसने तुमसे बात की थी. मुझे लगा कि वो रिश्ता टूटने के दर्द से गुज़र रही है, तो तुमसे शेयर करना चाहती होगी अपने दिल की बात.

“पर राज, तुमने ही तो कहा था कि वो भी बदला लेना चाहती होगी और पता नहीं क्या-क्या…”

“अरे, वो मैंने मज़ाक में कहा था, मुझे क्या पता था कि सच में वो ऐसा ही कुछ करने जा रही है… वो सब छोड़ो, मेरे पापा आज आ रहे हैं तुम्हारे घर पर हमारी शादी की बात करने… अब प्लीज़ मेरे घर, मेरी ज़िंदगी में पूरी तरह से आ जाओ, ताकि फिर किसी को मौक़ा न मिले हमारे बीच आने का. अब फोन रख रहा हूं, बहुत काम है, लव यू.”

मुझे समझ में ही नहीं आ रहा था कि ये सब कुछ क्या और कैसे हुआ… बस, इतना समझ में आया कि मेरा प्यार सच्चा था और अब हम हमेशा के लिए एक होने जा रहे हैं… ये बारिश अब अचानक इतनी रूमानी लगने लगी और मैं प्यार व आंसुओं से सराबोर छत पर जाकर भीगने लगी…

– गीता शर्मा

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20 Tips: शादी से पहले करें शादी के बाद की तैयारियां (20 Smart Pre Marriage Preparations For Couples)

20 Tips: शादी से पहले करें शादी के बाद की तैयारियां (20 Smart Pre Marriage Preparations For Couples)

Pre Marriage Preparations

सगाई से शादी तक का सफ़र हर जोड़े के लिए ख़ास होता है. इस दौरान नए रिश्ते के साथ-साथ भावी गृहस्थी की भी नींव रखी जाती है. यही वो समय है, जब आपको अपने होनेवाले लाइफ पार्टनर के साथ मिलकर शादी के बाद की प्लानिंग की तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए. किन बातों की तैयारियां ख़ुद करें, किन बातों की एडवांस प्लानिंग करें और किन बातों पर ज़रूरी है चर्चा इसी विषय पर हमें अधिक जानकारी दी मैरिज कंसल्टेंट ज़ीनत भारद्वाज ने.

आज भी हमारे देश में ज़्यादातर शादियां अरेंज मैरेज ही होती हैं, जहां लड़का-लड़की को ख़ुद को रिश्ते के लिए तैयार करने के साथ-साथ एक-दूसरे को समझना होता है, साथ ही उनके परिवारों को भी समझना होता है. एक-दूसरे को समझने के साथ-साथ एक-दूसरे के साथ गृहस्थी शुरू करने की तैयारियां शुरू कर दें, तो दोनों को ही शादी के बाद के बदलावों को अपनाने में काफ़ी सहजता महसूस होगी.

गृहस्थी से पहले करें रिश्ते की तैयारियां

1. ख़ुद से करें सवाल: सबसे पहले तो आप ख़ुद से पूछें कि आप शादी क्यों करना चाहते हैं? इस सवाल के जवाब में शादी से जुड़ी कई बातें खुलकर सामने आ जाएंगी. आमतौर पर जहां लड़के इसलिए शादी करते हैं कि कोई उन्हें, उनके पैरेंट्स और घर को संभाले, वहीं लड़कियों का कारण फाइनेंशियल व सोशल सिक्योरिटी होती है.

2. ज़रूरी है मानसिक तैयारी: शादी ज़िंदगीभर साथ निभानेवाला सुंदर सा बंधन है. यह जीवनभर की ज़िम्मेदारी है. आप दोनों को ‘मैं’ भुलाकर ‘हम’ बनना होता है. इसमें समर्पण और सामंजस्य बनाए रखना पड़ता है. इसलिए सबसे पहले ख़ुद से पूछें कि क्या आप इस ज़िम्मेदारी और समर्पण के लिए तैयार हैं? इस रिश्ते की सफलता आपकी मानसिक तैयारी पर ही निर्भर करती है.

3. बदलाव को सहजता से लें: शादी से पहले बहुत-से कपल्स को ऐसा लगता है कि दोनों एक जैसे ही हैं और उनके विचार एक-दूसरे से बहुत मिलते हैं, पर शादी के कुछ दिनों बाद ज़्यादातर कपल्स को लगने लगता है कि उनका बेटर हाफ उनसे बिल्कुल अलग है. ज़रूरी नहीं कि ऐसा आपके साथ भी हो, फिर भी इस बदलाव के लिए पहले से ही तैयार रहें, ताकि उसे सहजता से ले सकें. वरना आप भी उन कपल्स की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे, जो अमूमन हर किसी से यही शिकायत करते हैं कि शादी के बाद वो बिल्कुल बदल गए हैं.

4. ताकि बाद में पक्षताना न पड़ेे: ज़्यादातर लोगों का यही रवैया होता है कि शादी के बाद देखेंगे क्या करना है, लेकिन बिना सही प्लानिंग के दोनों ही नई गृहस्थी को जोड़ने में लग जाते हैं और उनके सपनें व महत्वकांक्षाएं अधूरी रह जाती हैं और कुछ सालों बाद पक्षताने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं बचता. ऐसे में शादी से पहले इन बातों की प्लानिंग करना दोनों के लिए फ़ायदेमंद साबित होगा.

5. एक-दूसरे से उम्मीदें व अपेक्षाएं: सबसे पहले तो अपने होनेवाले लाइफ पार्टनर से उनकी उम्मीदों व अपेक्षाओं के बारे में पूछें. आपसे व उस रिश्ते से उनकी अपेक्षाओं और उम्मीदों को सुनें और उसी समय अपना पक्ष रख दें कि आप उन पर कितने खरे उतरेंगे, क्योंकि मौन रहना अक्सर स्वीकारोक्ति मानी जाती है.

6. ससुराल को भी समझें: सगाई के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोगों से फोन के ज़रिए जुड़ने की कोशश करें. किसी के बर्थडे, एनीवर्सरी या तीज-त्योहार पर शुभकामनाएं देकर उनसे जुड़ें. इससे शादी से पहले अच्छी बॉन्डिंग बन जाएगी और आप ससुराल में अजनबी जैसा महसूस नहीं करेंगी. लड़कियों के साथ-साथ लड़के भी अपने होनेवाले ससुराल में सबसे अच्छे रिश्ते बनाएं.

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Pre Marriage Preparations

ज़रूरी है एडवांस प्लानिंग

7. एक-दूसरे की महत्वकांक्षाएं: दोनों एक-दूसरे से अकैडमिक और प्रोफेशनल महत्वकांक्षाओं के बारे में खुलकर बात करें. हो सकता है कि लड़की शादी के बाद कोई कोर्स करना चाहती हो या फिर लड़के को अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए कोई एडवांस कोर्स करना हो, तो इन सबकी चर्चा अभी कर लें.

8. फाइनेंशियल प्लानिंग करें: ज़्यादातर कपल्स शादी से पहले एक-दूसरे की सैलरी आदि पूछने में संकोच करते हैं औैर उन्हें पता ही नहीं होता कि उनके पार्टनर का ख़र्च और बचत कितनी है. एक-दूसरे के इन्वेस्टमेंट्स, लोन, इंश्योरेंस आदि के बारे में डिसकस करें, ताकि शादी के बाद डॉक्यूमेंट्स पर नाम या नॉमिनी बदलने आदि के बारे में पहले ही तय कर लें.

9. ढूंढ़ लें अपना आशियाना: आमतौर पर यह बड़े शहरों की समस्या है, इसलिए शादी से पहले ही आप दोनों मिलकर शादी के बाद रहने की व्यवस्था कर लें, वरना शादी के कुछ समय बाद ही अगर पत्नी ने कंसीव कर लिया, तो इसके लिए भागदौड़ हो जाती है. पहले से डिसाइडेड घर होने से आप उसे अपने ज़रूरत के मुताबिक बनवा या सजवा सकती हैं.

10. जॉब सेटलमेंट डिसकस करें: आजकल शादी के बाद ज़्यादातर वर्किंग कपल्स की ज़िंदगी काफ़ी भागदौड़ वाली हो जाती है, ऐसे में अगर जॉब में ट्रांसफर होता रहता हो, मुश्किलें और बढ़ जाती हैं. ऐसे में शादी से पहले ही आप इस बारे में प्लान कर लें कि ट्रांसफर कहां लेना है, लेना है या नहीं आदि.

11. हनीमून पैकेज चुनें: हर कपल की चाहत होती है कि उनका हनीमून सबसे यादगार हो. इस दौरान साथ बिताए लम्हों की मिठास जीवनभर उनके रिश्ते में बनी रहे. इसलिए पहले से हनीमून पैकेज बुक कर लें, ताकि शादी के बाद इसके बारे में सोचने की ज़रूरत न हों. अगर विदेश जाना
चाहते हैं, तो पासपोर्ट, वीज़ा आदि के लिए जल्दी शुरुआत करें.

12. करें फैमिली प्लानिंग: शादी के बाद सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है फैमिली प्लानिंग. पति-पत्नी बनने के बाद माता-पिता बनना उससे भी बड़ी ज़िम्मेदारी है. कितने महीनों या सालों तक आप पैरेंट्स नहीं बनना चाहते, इस विषय में कोई भी निर्णय लेने से पहले गायनाकोलॉजिस्ट से ज़रूर मिलें, वो इसमें आपकी मदद करेंगे व उचित सलाह भी देंगे, वरना कइयों की तरह आप भी अनप्लान्ड प्रेग्नेंसी के शिकार हो सकते हैं. बच्चा एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है, उसके लिए आपको पहले से ही मानसिक, शारीरिक व आर्थिक तौर पर तैयार रहना होगा.

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हैप्पी-हैप्पी करें मैरिड लाइफ की शुरुआत

13. शादी से पहले शादी के बाद की प्लानिंग करने का यह कतई मतलब नहीं कि आप अपने गोल्डेन पीरियड को बोझिल बना लें.

14. इतने विषयों को देखकर शायद आपको लग रहा हो कि कितना कुछ करना बाकी है, पर यकीन मानिए एक-एक करके इन पर चर्चा करेंगे, तो प्लानिंग अपने आप आसान हो जाएगी.

15. शादी के पहले के इन ख़ूबसूरत लम्हों को सहेजकर रखें.

16. एक-दूसरे से मिले-जुलें, ताकि एक-दूसरे की पसंद-नापसंद जान सकें.

17. इस दौरान अगर आपके होनेवाले पार्टनर का बर्थडे आए या उन्हें ऑफिस में प्रमोशन या कोई अचीवमेंट मिले, तो उन्हें कोई ख़ूबसूरत-सा गिफ्ट या सरप्राइज़ पार्टी दें.

18. एक-दूसरे के प्रति अपना प्यार दर्शाने में बिल्कुल भी कंजूसी ना करें.

19. शादी से पहले आप दोनों किसी मैरेज काउंसलर से ज़रूर मिलें.

20. प्यार व विश्‍वास से अपने रिश्ते की शुरुआत करें, आपकी मैरिड लाइफ हमेशा हैप्पी-हैप्पी रहेगी.

– अनीता सिंह

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पहला अफेयर: तुम्हारा प्यार मिला… (Pahla Affair: Tumhara Pyar Mila)

Pahla Affair

पहला अफेयर: तुम्हारा प्यार मिला… (Pahla Affair: Tumhara Pyar Mila)

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मेरी वफ़ा का सिला मुझको शानदार मिला… गीत की यह लाइन मेरी ज़िंदगी की हक़ीक़त है. आज हमारी प्रीत 45 बरस की हो गई. आज भी तुम्हारे होंठों पर वह क़ातिल मुस्कान है, जो मुझ पर जादू कर गई थी. आज तुम मौन हो, कितने दिनों से तुमने मुझे ‘मन्ना’ कहकर नहीं पुकारा. पहले जब तुम पुकारते मन्ना… तो मिठास घुल जाती वातावरण में. कहनेवाले सच ही कहते हैं कि हाथ में जिसका नाम होता है, उसे ऊपरवाला मिलवा ही देता है. हम भी कुछ यूं ही मिले थे.

सांची हमारे परिवार की पसंदीदा जगह थी. जब भी मन करता मम्मी-पापा और हम दोनों बहनें सांची चले जाते. उन दिनों लड़कियां कार तो चलाती थीं, पर मोटरसाइकिल चलानेवाली लड़कियां बस दीदी और मैं ही थीं. जब हम निकलते, तब उसकी निगाह हम पर होती. दीदी तो न केवल मोटरसाइकिल चलातीं, बल्कि उसको सुधारने में भी माहिर थीं.

बारिश की झड़ी लगी थी. कॉलेज में छुट्टी का माहौल था. मन उकता रहा था. दीदी ने कहा, “चल सांची तक घूमकर आते हैं.” मैंने भी हामी भर दी. पापा की कार पर सवार होकर हम दोनों बहनें चल पड़ीं. रास्ते में एक जगह भीड़ जमा थी. कोई दुर्घटना घटी थी. हम दोनों भी पहुंचे. एक महिला अचेत पड़ी थी और घायल लड़का मदद की गुहार लगा रहा था. फ़ौरन दीदी और मैंने उस अचेत महिला और युवक को गाड़ी में बैठाया और अस्पताल भागे.

महिला और युवक दोनों अचेत थे. हमने पापा को भी ख़बर करवा दी. पुलिस भी आई. उनकी शिनाख्त हो गई. अगले दिन जब हम लोग हालचाल जानने पहुंचे, तो युवक होश में आ चुका था. “हैलो, मैं मनोज शास्त्री, भोपाल में प्रोफेसर हूं.” दीदी और मैंने औपचारिक बातचीत की, फिर लौट आए. यूं मिलने-मिलाने के दौरान मनोज बड़े भले-भले से लगे. एकदम सहज, मुस्कान क़ातिलाना थी, मगर दीदी तो मनोज की फैन हो गईं. आख़िर दोनों ही साइंसवाले थे और मैं इतिहास की स्टूडेंट.

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एक दिन मनोज की मम्मी घर आईं और उन्होंने रिश्ते की बात की. “अपने दोनों बेटों के लिए आपकी दोनों बेटियों का हाथ मांगती हूं.” झटपट सब तय हुआ और फिर जल्द शादी हो गई. बस, हम एक बार ही मिले थे और वो भी कुछ ही पलों के लिए. ससुराल में जब पहली बार हम मिले, तो इन्होंने कहा, “मैं तुम्हें मन्ना ही कहा करूंगा, मेरी मन्ना…” सच, उस दिन के बाद से हर दिन, हर पल तुमने अपनी मन्ना के मन को टूटने न दिया. प्यार का यह एहसास कितना अनमोल था. साल-दर-साल हमारी भूमिकाएं बदलीं, पर तुम्हारा प्यार कभी कम न हुआ. वो बढ़ा, बढ़ता चला गया, बच्चों को भी उनकी मुहब्बत की मंज़िल दिलवाने में तुमने कोई कसर बाकी न रखी.

हमारे बहू और दामाद दोनों अलग-अलग धर्मों के हैं, पर इस कदर वो हम में घुल-मिल गए हैं कि धर्म कहीं पीछे छूट गया है. आज जब मैं लड़खड़ा रही हूं, तो बच्चे मेरा संबल हैं और उनके भीतर छुपा तुम्हारा प्यार!

दो महीने बीत चुके हैं. मुझे अपने प्यार पर यक़ीन है और देखो, आज जब मैं तुम्हारे बाल बना रही थी, तो तुमने हौले से कहा, “मन्ना!” तुम्हारे होंठों को हिलते देखा मैंने. एक दिन तुम होश में आओगे… इस एक्सीडेंट ने तुम्हें भले ही कोमा तक पहुंचा दिया, पर मेरा प्यार तुम्हें मुझ तक वापस पहुंचाएगा… मेरे मन्ना.

– राजेश्‍वरी शुक्ला

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सेक्स से जुड़े 7 मिथक जिन्हें सच मान लेते हैं पुरुष (7 Sex Myths Men Think Are True)

जब कोई पुरुष पहली बार किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाने जाता है तो उसके मन में सेक्स से जुड़े कई सवाल आते हैं. हालांकि अपने मन में उठ रही इन शंकाओं को दूर करने के लिए वो इंटरनेट के अलावा कई माध्यमों से जानकारी भी इकट्ठा करता है. बावजूद इसके जिन लोगों ने पहले कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया है वो सेक्स से जुड़े मिथकों पर ज़्यादा ध्यान देते हैं. इसलिए जो लोग पहली बार किसी के साथ सेक्स संबंध बनाने जा रहे हैं, उन्हें इससे जुड़े 7 मिथकों की सच्चाई ज़रूर जान लेनी चाहिए.

 

Sex Myths

 

क्यों ज़रूरी है सेक्स?

अपनी सुख-सुविधा वाली चीज़ों को पाकर व्यक्ति जितना ख़ुश होता है, उतनी ही ख़ुशी उसे सेक्स के ज़रिए मिलने वाले चरम सुख से मिलती है. इसलिए सेक्स को इंसान के लिए सबसे आनंददायक चीज़ों में से एक माना जाता है. सेक्स स़िर्फ जिस्मानी नहीं, बल्कि यह एक रूहानी संबंध होता है. यही वजह है कि कई विशेषज्ञ भी इस बात पर ज़ोर देते हैं कि एक बेहतर और सुखद जीवन के लिए अच्छी सेक्स लाइफ का होना बेहद ज़रूरी है.

1. मिथक- ज़्यादा देर तक इरेक्शन बनाए रखना ज़रूरी है.

सच्चाई- अधिकांश पुरुष या लड़के पहली बार सेक्स करने से पहले कई पोर्न वीडियोज़ देखते हैं, ताकि वो सेक्स के अलग-अलग पोज़ीशन ट्राई कर सकें. इसके साथ ही वीडियो में यह भी देखते हैं कि पुरुष 30-40 मिनट तक नॉनस्टॉप परफॉर्म कर रहा है, लेकिन रियल लाइफ में भी आप ज़्यादा देर तक परफॉर्म कर पाएं, ऐसा होना मुश्किल है. कई अध्ययनों में यह ख़ुलासा हुआ है कि अधिकांश पुरुषों में इरेक्शन 3-5 मिनट से ज़्यादा देर तक बरकरार नहीं रहता है.

2. मिथक- सेक्सुअल इंटरकोर्स के लिए फोरप्ले की ज़रूरत नहीं होती.

सच्चाई- कुछ अध्ययनों के मुताबिक़ महिला पार्टनर को ऑर्गेज़्म का अहसास दिलाने के लिए स़िर्फ वेजाइनल इंटरकोर्स ही काफ़ी नहीं है. सेक्सुअल इंटरकोर्स में फोरप्ले बहुत अहम् किरदार निभाता है. फोरप्ले से दोनों की कामोत्तेजना बढ़ती है और सेक्स का आनंद दोगुना हो जाता है. इसलिए अगर आप एक अच्छा पार्टनर बनना चाहते हैं तो इंटरकोर्स से पहले फोरप्ले करना न भूलें, क्योंकि यह सुखद सेक्स का सबसे बेसिक फंडा है.

3. मिथक- पहली बार में ही बेड पर बेहतर परफॉर्म करना ज़रूरी होता है.

सच्चाई- पहली बार सेक्स करने से पहले अधिकांश पुरुष यही सोचते हैं कि अगर उन्होंने बेड पर बेहतर तरी़के से परफॉर्म नहीं किया तो पार्टनर के सामने उनकी इमेज ख़राब हो जाएगी, लेकिन यह बिल्कुल भी ज़रूरी नहीं है कि पहली बार के सेक्स से ही आपको बेहतर अनुभव मिल जाए. इसलिए निराश होने के बजाय आपको धैर्य से काम लेना चाहिए, क्योंकि समय के साथ-साथ आपके परफॉर्मेंस में सुधार आएगा और आपको सेक्स का आनंददायक अनुभव भी प्राप्त होगा.

4. मिथक- सेक्स के लिए पेनिस का साइज़ बहुत अहमियत रखता है.

सच्चाई- अगर आपको लगता है कि आनंददायक सेक्स के लिए पेनिस का साइज़ बहुत मायने रखता है तो आप ग़लत हैं. कुछ अध्ययनों में इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि सेक्स का भरपूर आनंद उठाने के लिए पेनिस का छोटा या बड़ा होना कोई मायने नहीं रखता. एक अध्ययन के मुताबिक़, माइक्रोपेनिस (यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति के पेनिस का साइज़ 3 इंच से भी कम हो जाता है) होने पर भी आप सेक्स का आनंद ले सकते हैं.

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Sex Myths

5. मिथक- दो कंडोम साथ लगाने से डबल सेफ्टी मिलती है.

सच्चाई- कुछ लड़के या पुरुष ये सोचते हैं कि वो पहली बार सेक्स दो कंडोम लगाकर करेंगे, ताकि उन्हें डबल सेफ्टी भी मिले और अनचाही प्रेग्नेंसी का ख़तरा भी टल जाए, लेकिन हकीकत में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है. डबल कंडोम के इस्तेमाल से भले ही प्रेग्नेंसी का ख़तरा टल जाए, लेकिन इसके फटने की संभावना भी डबल हो जाती है.

6. मिथक- हस्तमैथुन करना सेहत के लिए हानिकारक है.

सच्चाई- हस्तमैथुन करना ग़लत नहीं है और यह सेहत के लिए किसी भी तरह से हानिकारक नहीं है. एक अध्ययन के अनुसार, मास्टरबेशन यानी हस्तमैथुन स्ट्रेस दूर करने का एक हेल्दी तरीक़ा है. इससे स्पर्म क्वालिटी बेहतर होती है, तनाव दूर होता है और प्रोस्टेट कैंसर का ख़तरा भी कम होता है.

7. मिथक- पीरियड्स में असुरक्षित सेक्स से कोई ख़तरा नहीं होता.

सच्चाई- इंटरनेट और दूसरे माध्यमों से सेक्स के बारे में जानकारी इकट्ठा करनेवाले कुछ लोग यह सोचते हैं कि पीरियड्स के दौरान असुरक्षित सेक्स में कोई हर्ज़ नहीं है. हालांकि वो इस बात को भूल जाते हैं कि इससे भले ही प्रेग्नेंसी की संभावना थोड़ी कम हो जाती है, लेकिन सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ का ख़तरा कई गुना बढ़ जाता है.

डर को दूर भगाएं, आत्मविश्वास जगाएं

पहली बार सेक्स करते व़क्त कई पुरुषों को यह डर भी सताता है कि कहीं उनका शरीर उनके पार्टनर को पसंद नहीं आया तो? लेकिन यकीन मानिए अगर आप यही सोचते रहेंगे तो पार्टनर के साथ सेक्स एन्जॉय नहीं कर पाएंगे. हर व्यक्ति में कोई न कोई ख़ामी होती है इसलिए अपनी बॉडी को लेकर मन में उठ रहे डर को दूर भगाएं और आत्मविश्वास बनाए रखें.

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होनेवाले लाइफ पार्टनर से क्या हैं आपकी अपेक्षाएं? (What Are Your Expectations From Your Future Spouse?)

होनेवाले लाइफ पार्टनर से क्या हैं आपकी अपेक्षाएं? (What Are Your Expectations From Your Future Spouse?)

 हर चेहरे में ढूंढ़ते हैं अक्स उसका… हर तरफ़ महसूस करते हैं वजूद उसका… उसकी हंसी कभी कानों में खनकती है, तो दिल में एक धुंधली-सी तस्वीर उभर आती है… कहीं ये उसकी आहट तो नहीं सोचकर अक्सर चौंक जाते हैं हम… तो कभी ख़्यालोें में बुनते हैं उसकी एक तस्वीर… हम भी क्या करें, दिल के हाथों मजबूर हैं इस कदर कि… उसी को ढूंढ़ते हैं आजकल दर-बदर…

 

Expectations From Your Future Spouse

कोई सपनों का राजकुमार चाहता है, तो कोई हुस्न परी, हर किसी के दिल में एक मूरत होती है, जिसे वो अपना जीवनसाथी बनाना चाहता है. होनेवाले लाइफ पार्टनर को लेकर हर किसी के मन में कुछ इच्छाएं और अपेक्षाएं होती हैं, ऐसी ही कुछ अपेक्षाओं को जानने की हमने कोशिश की.

होनेवाली पत्नी की पति से अपेक्षाएं

एक कॉर्पोरेट फर्म में काम करनेवाली रीना पांचाल कहती हैं कि मेरा होनेवाला पति संस्कारी, समझदार व केयरिंग होना चाहिए. वह एक सुलझा हुआ इंसान हो, एक ऐसा इंसान जिस पर मैं पूरी तरह भरोसा कर सकूं और जो हमारे रिश्ते को पूरी इमानदारी से निभाएगा, जो मेरी ग़लती पर मुझे समझाए और अच्छा करने पर मेरी तारीफ़ भी करे. एक और ज़रूरी बात वह मेरी सैलेरी में कभी हक़ न जताए, अगर मैं उसे अपनी मां के लिए रखना चाहूं, तो उसे कोई एतराज़ न हो.

– मैं जैसी हूं, मुझे वैसे ही अपनाए

हर लड़की यह उम्मीद करती है कि उसका पति उसे वैसे ही अपनाए, जैसी वो है. हर इंसान अलग होता है और यही तो इस रिश्ते की ख़ूबसूरती है कि दो बिल्कुल अलग लोग खट्टी-मीठी यादों के साथ पूरी ज़िंदगी बिताते हैं. महज़ अपनी सहूलियत के लिए दूसरे को बदलना अच्छी बात नहीं.

– पारिवारिक मूल्यों को महत्व देता हो

लड़कियां हमेशा एक फैमिली मैन से शादी करना चाहती हैं, जो अपने परिवार को हमेशा पहली प्राथमिकता देता हो और फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम भी बिताता हो. ऐसा व्यक्ति अपनी गृहस्थी को भी सही तरी़के से आगे बढ़ाता है.

– दयालू व धैर्यवान हो

स्वार्थी व उतावले क़िस्म के लोग किसी को पसंद नहीं आते. कोई लड़की नहीं चाहती कि उसका होनेवाला पति दानवीर कर्ण हो, पर कंजूस भी न हो. उसमें सब्र होना चाहिए, ताकि हर नए बदलाव को धैर्य के साथ सोच-समझकर हैंडल कर सके.

– अपनी ज़िम्मेदारियों को बख़ूबी निभाता हो

हर लड़की चाहती है कि जो भी लड़का उसकी ज़िंदगी में आए, वह एक ज़िम्मेदार इंसान हो, क्योंकि अगर वह ज़िम्मेदार है, तो शादी से जुड़ी सभी ज़िम्मेदारियों को भी पूरी इमानदारी से निभाएगा. ऐसे व्यक्ति के साथ ज़िंदगी बेहद आसान हो जाती है.

न्यूज़ चैनल टीवी9 महाराष्ट्र में बतौर प्रोग्रामिंग एंकर काम करनेवाली सुनीता इल्हे के अनुसार, “मेरा होनेवाला जीवनसाथी बहुत प्यार करनेवाला तो होना ही चाहिए, साथ ही साथ इंटेलिजेंट भी होना चाहिए. ज़िंदगी में कुछ कर दिखाना चाहता हो. एक समझदार इंसान हो और हां वेल सेटल्ड होना चाहिए. वह ऐसा हो जिस पर मैं आसानी से भरोसा कर सकूं और अपनी पूरी ज़िंदगी उसके साथ बिताने के लिए तैयार हो जाऊं.”

– महिलाओं की इज़्ज़त करता हो

कहते हैं कि जो लड़का अपनी मां को बहुत प्यार करता है और उनकी इज़्ज़त करता है, वह अपनी पत्नी से भी उतना ही प्यार करेगा, इसलिए लड़कियां हमेशा एक ऐसे लड़के से शादी करना चाहती हैं, जो महिलाओं को सच्चे दिल से मान-सम्मान देता हो. पर लड़कियों को ममाज़ बॉय टाइप लड़के बिल्कुल पसंद नहीं आते.

– शादी के महत्व को समझता हो

किसी भी लड़के के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वह जिस बंधन में बंधने जा रहा है, उसके महत्व को समझता हो. शादी महज़ एक संस्कार नहीं एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है, जिसे आपको निभाना होता है. ख़ास तौर से शुरुआती दौर में हर क़दम पर कई समझौते करने पड़ते हैं. उसे पता होना चाहिए कि अपने दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए उसे रिश्ते को इमानदारी से निभाना होगा.

– फाइनेंशियली स्मार्ट हो

हर लड़की चाहती है कि उसका होनेवाला पति भले ही बहुत अमीर न हो, पर इतना मेहनती व स्मार्ट हो कि उसे कभी किसी चीज़ के लिए अपना मन न मारना पड़े. माना कि किसी भी इंसान की हर इच्छा पूरी नहीं हो सकती, पर ज़्यादा-से-ज़्यादा करने की कोशिश तो कर ही सकते हैं.

– जो ख़ुद के साथ-साथ दूसरों का भी ख़्याल रखे

कहते हैं कि जो ख़ुद से प्यार करता है, वो दूसरों से भी उतना ही प्यार करता है. लड़कियों को ऐसे लड़के बिल्कुल अच्छे नहीं लगते, जो स़िर्फ दूसरों का ख़्याल रखते हैं या स़िर्फ अपना ख़्याल रखते हैं. लड़का ऐसा हो, जो अपने साथ-साथ दूसरों का भी ख़्याल रखे.

– जो परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति भी जागरूक हो

लड़कियां चाहती हैं कि उनका होनेवाला पति ऐसा हो, जो अपने व अपने परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति भी जागरूक हो और समाज की बेहतरी के लिए कुछ कर दिखाना पसंद करता हो.

 – प्रोग्रेसिव सोचवाला हो

समय बदलने के साथ-साथ हमारी लाइफस्टाइल काफ़ी बदली है, ऐसे में लड़कियां चाहती हैं कि उनका होनेवाला पति समय के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलनेवाला हो. वह आगे बढ़ने और कुछ कर दिखाने में विश्‍वास रखता हो. अपने साथ-साथ अपने परिवार की प्रगति का भी पूरा ख़्याल रखता हो. पत्नी की क़ामयाबी को देखकर उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला एक मज़बूत प्रेरणादायक स्रोत बन सके.

– सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो

हंसते रहें, तो ज़िंदगी बड़े आसानी से बीत जाती है. उसका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो, ताकि घर में हंसी-ख़ुशी का माहौल बना रहे. वह मुझे कभी उदास न रहने दे.

मुंबई में काम करनेवाली योगिता शिंदे कहती हैं कि मेरा होनेवाला पति पारिवारिक मूल्यों को सबसे ज़्यादा महत्व देता हो. वह एक समझदार व केयरिंग इंसान हो. उसमें कुछ कर गुज़रने की चाहत हो और वह ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहता हो. उसकी सोच प्रोग्रसिव हो और उसकी ज़िंदगी में एक ख़ास मकसद हो.

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Expectations From Your Future Spouse

होनेवाले पति की पत्नी से अपेक्षाएं

पेशे से वकील गजेंद्र वैती कहते हैं कि अपेक्षाएं तो हर किसी की होती हैं, पर मुझे लगता है कि अपनी होनेवाली पत्नी से कुछ अपेक्षाएं करने से पहले मुझे अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास होना चाहिए. एक लड़की जब अपना घर, परिवार सब कुछ मेरी ख़ातिर छोड़कर आती है, तो यह मेरा कर्तव्य है कि मैं उसे अपने घर में पराया महसूस न होने दूं. मैं उसके माता-पिता को अपनों-सा प्यार दूं और उससे भी उम्मीद करूंगा कि वह मेरे माता-पिता को पूरे दिल से अपनाए. अगर उसे कोई परेशानी हो, तो किसी और को बताने से पहले मुझे बताए, ताकि हम मिल-जुलकर किसी भी समस्या को सुलझा सकें.

– मैं उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर सकूं

आज भले ही ज़माने में कितने ही बदलाव आ रहे हों, पर हर रिश्ते की नींव आज भी विश्‍वास ही होती है. भरोसे और विश्‍वास पर टिका यह रिश्ता दोनों की समझदारी पर भी निर्भर रहता है. इसलिए हर लड़का चाहता है कि उसकी ज़िंदगी में ऐसी लड़की आए, जिस पर वह आंख मूंदकर विश्‍वास कर सके.

– ज़िंदगी को एंजॉय करना जानती हो

हर लड़के को यह उम्मीद होती है कि उसके जीवन में आनेवाली लड़की ज़िंदगी को एंजॉय करना जानती हो. छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़कर ख़ुद भी ख़ुश रहे और दूसरों को भी ख़ुश रखे. ऐसे लाइफ पार्टनर के साथ ज़िंदगी बहुत आसान हो जाती है.

– मज़बूत सपोर्ट सिस्टम बन सके

किसी भी परिवार में अकस्मात कोई भी परेशानी आ सकती है. कभी-कभी ऐसी स्थिति में घरवालों को एक मज़बूत सपोर्ट सिस्टम की ज़रूरत होती है. ऐसे में मज़बूत इरादोंवाली लड़की पूरे परिवार को संभाल सकती है. लड़कों को ऐसी ही लड़कियों की तलाश होती हैं.

– मुझे पर्याप्त स्पेस दे

कुछ लड़कियों की आदत होती है, सैटेलाइट की तरह हर व़क्त पति के पीछे पड़े रहना. अगर रिश्ते में पर्याप्त स्पेस न मिले, तो रिश्ते में घुटन पैदा होने लगती है. इसलिए लड़के चाहते हैं कि उनकी होनेवाली पत्नी इतनी प्रैक्टिकल हो कि इस बात को समझ सके.

– जो मेरे बिना कुछ कहे सब समझ जाए

भले ही लड़के व लड़कियों की समझ अलग-अलग होती है, फिर भी सभी लड़के चाहते हैं, कि उनकी होनेवाली पत्नी ऐसी हो, जो बिन कहे उनके दिल की बात समझ सके.

– एक अच्छी मां बन सके

हर लड़का चाहता है कि उसकी होनेवाली पत्नी ऐसी हो, जो एक बहुत अच्छी मां बन सके, ताकि उसके बच्चों की अच्छी परवरिश हो सके. वैसे कहा जाता है कि हर लड़की में जन्म से ही ममता होती है, पर वह कितनी अच्छी मां बनेगी, यह तो तभी पता चलता है, जब वह मां बनती है.

– दूसरों का ख़्याल रखना जानती हो

कुछ लड़कियां पति को तो पूरे मन से अपना लेती हैं, पर उसके घरवालों को हमेशा पराया ही समझती हैं. किसी की पत्नी स़िर्फ उसकी पत्नी नहीं, बल्कि उस परिवार की बहू भी होती है. इसलिए ज़्यादातर लड़के यही चाहते हैं कि जो भी लड़की उसकी ज़िंदगी में आए वह घर के हर सदस्य को अपनाए.

– जिसे अपनी प्राथमिकताएं पता हों

ज़्यादातर लड़किया अपनी ज़रूरतों और चाहतों में अंतर नहीं कर पाती, नतीजतन फिज़ूख़र्ची करने लगती हैं. अपने पति की पॉकेट पर उसका पूरा हक़ होता है, पर घर की ज़िम्मेदारी भी उसके कंधों पर होती है, ऐसे में उसे अपनी प्राथमिकताएं रखनी आती हों.

– मेरे परिवार को अपना परिवार मानकर अपनाए

ज़्यादातर लड़के अपने परिवार से बहुत प्यार करते हैं, इसलिए चाहते हैं कि जो भी लड़की उसकी ज़िंदगी में आए, वह उसके परिवार को अपने परिवार की तरह अपनाए. हालांकि यह कहना जितना आसान है, करना उतना ही मुश्किल. पर अगर मैं उसके परिवार को अपने परिवार की तरह अपनाऊं, तो शायद उसके लिए भी आसान हो जाए.

– समझदार व ज़िम्मेदार हो

हर लड़के की यह दिली तमन्ना होती है कि जो लड़की उसकी ज़िंदगी में आए, वह समझदार व ज़िम्मेदार हो. घर-गृहस्थी की ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभा सके.

एक एनजीओ में काम करनेवाले आसिफ़ सैयद के अनुसार, “उनकी होनेवाली लाइफ पार्टनर अच्छी पढ़ी-लिखी और समझदार हो. वह छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बनानेवाली न हो, साथ ही एक अच्छी कुक हो. मेरे लिए चेहरे की ख़ूबसूरती मायने नहीं रखती, बस वह नेकदिल हो. मैं चाहता हूं कि वह अपने साथ-साथ अपनों का ख़्याल रखना भी जानती हो.”

 – अनीता सिंह 

 

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पहला अफेयर: वो बेपरवाह से तुम…! (Pahla Affair: Wo Beparwaah Se Tum)

Pahla Affair

पहला अफेयर: वो बेपरवाह से तुम…! (Pahla Affair: Wo Beparwaah Se Tum)

पहले प्यार (FirstLove) का एहसास होता है बेहद ख़ास, अपने फर्स्ट अफेयर (Affair) की अनुभूति को जगाने के लिए पढ़ें रोमांस से भरपूर पहला अफेयर 

आज मन अजीब-सी दुविधा से जूझ रहा है… समझ में नहीं आ रहा क्या कहूं तुम्हें और उसको क्या कहूं, जिसकी तरफ़ कुछ दिनों से मन अंजानी डोर-सा खिंचता चला जा रहा है… जानती हूं तुम मेरे बहुत अच्छे दोस्त हो, अच्छे इंसान हो और सबसे बड़ी बात तुम्हारे साथ मुझे वो सारी सुख-सुविधाएं मिलेंगी, वो सम्मान मिलेगा, जो हर लड़की चाहती है… फिर ये दुविधा कैसी?

हालांकि कुछ दिनों से मुझे अंदाज़ा हो रहा था कि तुम्हारे मन में कुछ चल रहा है… तुम्हारा वो मुझे चोरी-चोरी देखना और फिर मेरे देख लेने पर यह जताना कि तुम तो कुछ देख ही नहीं रहे थे… तुम्हारी बातों से भी एहसास हो रहा था कि शायद पहले प्यार की ख़ुशबू ने तुम्हें छू लिया है… मेरी तरफ़ वो अलग-सा आकर्षण तुम्हारा… समझ रही थी मैं… यहां मेरा भी हाल कुछ ऐसा ही था… मेरे मन में भी पहली मुहब्बत ने दस्तक दे दी थी शायद… वो अंजाना-सा लड़का अच्छा लगने लगा था… हां, तुम्हारी तरह न वो सुलझा हुआ था, न वो ज़िम्मेदार था, न उसमें सलीका था, न परिपक्वता, न वो सोफिस्टिकेशन, जो तुम में है… पर दिल की धड़कनें तो उसी को देखकर बेकाबू हो रही थीं…

उसका वो बेपरवाह अंदाज़, वो लापरवाह-सा रहना… न सली़के से वो बात करता था, न ज़िंदगी को लेकर इतना गंभीर… शायद उसकी यही बातें मुझे आकर्षित कर रही थीं… और एक दिन उससे मेरी नज़रें मिलीं… दिल वहीं खो गया… उसने भी मुहब्बत का इज़हार किया… और मैं भी ना नहीं कह सकी… कहती भी कैसे, मैं तो न जाने कब से इसी बात का इंतज़ार कर रही थी.

उसका नाम विक्रांत था. मैं अक्सर विक्रांत को कहती कि इतने बेपरवाह क्यों रहते हो, ज़िंदगी में तुम्हें कुछ बनना नहीं है क्या? और वो कहता नहीं, कुछ नहीं बनना, बस तुमसे प्यार करना है… मुझे हंसी आ जाती उसकी बातों पर…
“लेकिन प्यार से पेट नहीं भरता विक्रांत…”
“प्यार के बिना भी तो ज़िंदगी बेमानी है… अब तुमने मुझसे प्यार किया है, तो मुझे ऐसे ही अपनाओ… मैं तो यूं ही रहूंगा हमेशा…”

कभी-कभी तो लगता कि कितना अजीब है ये लड़का… फिर सोचती उसकी यही बातें तो मुझे अच्छी लगती थीं, पर रिलेशनशिप में आने के बाद मैं प्रैक्टिकली सोच रही थी.

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तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त थे सागर… और आज तुमने भी जब अपने मन की बात मेरे सामने रखी, तो मन उलझ गया… किसे छोड़ूं, किसे अपनाऊं?… तुमसे लगाव था, पर प्यार नहीं… विक्रांत से प्यार था, पर उसका वो बेपरवाह जीवन…
ख़ैर, सोच रही हूं कि इस उलझन को जल्द ही ख़त्म करूं…

“विक्रांत, हम शादी कब करेंगे?”

“जब तुम कहो बेबी… मैं तो कब से कह रहा हूं…”

“कह रहे हो, पर तुम न कोई काम करते हो, न अपने करियर को लेकर सीरियस हो… शादी के बाद क्या करोगे? कैसे गुज़ारा करेंगे हम?”

“सब हो जाएगा दिव्या, तुम बस मुझ पर भरोसा तो करो…”

“यार तुम्हारी यही बातें मुझे बेचैन करती हैं, तुम सीरियस तो हो न मुझे लेकर?”

“तुम्हें क्या लगता है? आज़माकर देख लो… जान दे सकता हूं…”

“मुझे सागर ने कहा है कि वो भी मुझसे प्यार करता है… क्या करूं तुम ही बताओ?”

“मैं क्या बताऊं? तुम क्या सोचती हो उसके बारे में?”

“वो अच्छा लड़का है, उसे हर्ट नहीं करना चाहती…”

“हा, हा, हा… तो हां कह दो…” तुमने हंसते हुए लापरवाही से कहा…

“तुम सच में पागल हो… मुझे तुमसे शेयर ही नहीं करनी चाहिए बातें…”

“अरे यार, ग़लत समझ रही हो, वो तुम्हारा दोस्त है, तुम उसको हर्ट भी नहीं करना चाहती, तो तुम बेहतर जानती हो कि उसे कैसे टैकल करना है… कैसे ना कहना है… कल अगर मैं तुमसे कहूं कि मेरी फ्रेंड ने मुझे प्रपोज़ किया है, तो तुम्हारा क्या रिएक्शन होगा… तुम मेरी जगह ख़ुद को रखकर सोचो…

मैं जानता हूं, तुम मुझे बहुत लापरवाह समझती हो, तुम्हें लगता है कि मैं सीरियस नहीं हूं, पर मेरा विश्‍वास करो, जब तक सांस है, तुमसे प्यार करूंगा, तुम्हारा इंतज़ार करूंगा… जब तक तुम्हारा हाथ मांगने लायक नहीं हो जाता, तब तक तो तुम इंतज़ार करोगी न मेरा… इतना व़क्त दोगी न…?

मुझे पता है दुनिया बहुत प्रैक्टिकल है, मैं नहीं हूं वैसा, मैं बस ज़िंदगी को जीना चाहता हूं तुम्हारे साथ… ज़्यादा कुछ सोचता नहीं, पर इसका ये मतलब नहीं कि मुझे फ़िक्र नहीं या मैं अपने रिश्ते को लेकर गंभीर नहीं.”

आज तुम्हें पहली बार मैंने इतनी गंभीरता से बात करते देखा… तुम्हारी आंखें भर आईं थीं… तुम भले ही बेपरवाह नज़र आते हो, पर परिस्थितियों को मुझसे बेहतर तरी़के व परिवक्वता से समझने की क्षमता है तुम में… कितना भरोसा करते हो तुम मुझ पर, न कभी ओवर पज़ेसिव होते हो, न कभी मुझे बेवजह रोकते-टोकते हो…

अक्सर ऐसे मौ़के भी आए, जब मुझे किसी ने कुछ ग़लत कहा हो, तुमने ऐसी नौबत कभी नहीं आने दी कि मुझे किसी को जवाब देने की ज़रूरत पड़ी हो… हालांकि मैं एक इंडिपेंडेंट लड़की हूं, लेकिन जब-जब तुम मुझे प्रोटेक्ट करते हो, मुझे अच्छा लगता है… जब-जब तुम बच्चों की तरह ज़िद करके मुझे आईलवयू टु कहलवाने की ज़िद करते हो, मुझे अच्छा लगता है, जब कभी तुम इमोशनल होकर किसी छोटी-सी घटना पर भी यह कहते हो कि आज मन बहुत दुखी है, तुम्हारी ज़रूरत है… मुझे अच्छा लगता है… अच्छा लगता है तुम्हें सुनना, तुम्हारा मुझे हर व़क्त छेड़ना, मुझे ग़ुस्सा दिलाना और फिर कहना मज़ाक कर रहा हूं डफर…

मन की सारी दुविधाएं दूर हो गई थीं. तुमसे प्यार है, तो तुम्हारे साथ ही ज़िंदगी गुज़ारूंगी… फिर भले ही उसमें संघर्ष हो… इस संघर्ष का नाम ही तो ज़िंदगी है और ज़िंदगी का दूसरा नाम मेरे लिए तुम हो…

– गीता शर्मा

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नहीं सुने होंगे आपने ये 10 हॉटेस्ट सेक्स फैक्ट्स (10 Hottest Sex Facts Ever)

नहीं सुने होंगे आपने ये 10 हॉटेस्ट सेक्स फैक्ट्स (10 Hottest Sex Facts Ever)

हर शादीशुदा कपल को लगता है कि सेक्स के बारे में उसे सब कुछ पता है, जबकि ऐसा है नहीं. माना कि आपके कई सेक्स आर्टिकल्स पढ़े हैं, कई वीडियोज़ देखे हैं, कई रिसर्च भी पढ़ी हैं, पर अभी भी बहुत कुछ है, जो आपको पता नहीं. यकीन नहीं आता तो ख़ुद देख लें, क्या हैं वो हॉटेस्ट सेक्स टिप्स.

 Sex Facts

1. सबसे लंबा ऑर्गैज़्म

सभी की तरह आपको भी लगता है कि पुरुषों का ऑर्गैज़्म पीरियड महिलाओं के मुकाबले लंबा होता है, तो आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. जी हां. जहां पुरुषों का ऑर्गैज़्म पीरियड महज़ 6 सेकंड्स का होता है, वहीं महिलाओं का ‘ओ’ पीरियड 20 सेकंड्स का होता है.

2. वाइब्रेटर्स का अविष्कार किसी और के लिए हुआ था

जी हां, सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने और आपको रोमांचित करनेवाले वाइब्रेटर्स का अविष्कार 19वीं शताब्दी में हीस्टिरिया जैसी बीमारी के प्रभाव को कम करने के लिए हुआ था.

3. सरप्राइज़िंग है स्पर्म रेशियो

एक सामान्य स्वस्थ पुरुष के 1 टीस्पून सिमेन में लगभग 300 मिलियन स्पर्म होते हैं और आपकी पार्टनर को फर्टिलाइज़ करने के लिए आपको स़िर्फ एक हेल्दी स्पर्म की ज़रूरत होती है, जो 6 दिनों तक आपके अंदर ज़िंदा रह सकता है.

4. सेक्स के बाद लोग क्या करते हैं?

ज़्यादातर लोग यही सोचते हैं कि सेक्स के बाद पोस्ट सेक्स बिहेवियर करते हैं, जैसे एक-दूसरे को हग करना, किस करना, पिलो टॉक आदि. पर स्टडी में यह बात सामने आई है कि 35 की उम्र के 36% कपल्स सेक्स के बाद फेसबुक और ट्विटर चेक करते हैं.

5. ऑर्गैज़्म है बहुत हेल्दी

क्या आप जानते हैं कि ऑर्गैज़्म आपकी सेहत के लिए बहुत हेल्दी है? जी हां, यह महिलाओं को हार्ट प्रॉब्लम्स, स्ट्रोक, ब्रेस्ट कैंसर और डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमरियों से बचाता है. तो अपने सेक्स लाइफ को एंजॉय करें और हेल्दी रहें.

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6. सेक्सरसाइज़ मिथ नहीं है

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 30 मिनट की सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान क़रीब 200 कैलोरीज़ बर्न करते हैं. और हां वर्कआउट के दौरान भी आप ऑर्गैज़्म पा सकते हैं.

7. और भी तरीकों से महिलाएं होती हैं रोमांचित

अगर आपको लगता है कि आपकी पार्टनर आपकी सेक्सुअल एक्ट से ही रोमांचित होती है, तो ऐसा नहीं है. महिलाएं पुरुषों की न्यूड बॉडी, फीमेल बॉडी, होमोसेक्सुअल सेक्स, हेट्रोसेक्सुअल सेक्स और एनिमल सेक्स देखकर भी रोमांचित हो जाती हैं.

8. कौन करता है ज़्यादा सेक्स?

पुरुष हमेशा सेक्स के बारे में सोचते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले 17% ज़्यादा सेक्सुअल एक्टिविटीज़ में इन्वॉल्व रहती हैं. हालांकि पुरुष सेक्स के बारे में ज़्यादा सोचते हैं, पर महिलाएं एक्टिव ज़्यादा हैं.

9. सेक्स से मेमोरी बढ़ती है

महिलाओं की सेक्स लाइफ का सकारात्मक प्रभाव उनकी याद्दाश्त पर पड़ता है. महिलाओं की मेमोरी अच्छी हो जाती है.

10. पीरियड्स सेक्स रिलैक्सिंग है

पीरियड्स के दौरान ज़्यादातर कपल्स सेक्सुअल एक्टिविटीज़ से दूर रहते हैं, पर जिन महिलाओं को बहुत ज़्यादा दर्द नहीं होता, अगर वो उस दौरान सेक्स करें, तो न स़िर्फ उन्हें दर्द में राहत मिलती है, बल्कि उन्हें काफ़ी रिलैक्स भी करता है.

– अनीता सिंह

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पार्टनर को रोमांचित करेंगे ये 10 हॉट किसिंग टिप्स (10 Hot Kissing Tips For Your Partner)

सेक्स लाइफ को रोमांच बनाए रखने के लिए किस यानी चुंबन काफ़ी मायने रखता है. पर सेक्स एक्सपर्ट्स की मानें तो बहुत-से पार्टनर्स अच्छे किसर नहीं होते, जिससे उनके पार्टनर्स को वह रोमांच महसूस नहीं होता, जो एक अच्छे किसर से होता है. आपका पार्टनर इस रोमांच से वंचित न रह जाए, इसलिए हम लाएं हैं, कुछ हॉट किसिंग टिप्स.

Hot Kissing

1. सबसे पहली बात यह कि एक किसर हमेशा किस करने से पहले अपने पार्टनर से पूछता है. ‘क्या मैं आपको किस कर सकता हूं’ जैसा वाक्य न स़िर्फ आपके पार्टनर का मूड बनाता है, बल्कि उसकी सहमति आपके किस के अनुभव को बेहतरीन बना सकती है. अपनी पूरी इंटेन्स फीलिंग्स के साथ किया गया किस पार्टनर के रोम-रोम को महका जाता है.

2. एक अच्छा किसर बनने के लिए आपको अपने लिप्स हमेशा हाइड्रेटेड रखने होंगे. सॉफ्ट लिप्स से किस करने का जो रोमांच है, वो ड्राई लिप्स से बिल्कुल नहीं. ड्राई लिप्स आपके पार्टनर का अच्छा खासा मूड बिगाड़ सकते हैं, इसलिए किस करने से पहले ध्यान रखें कि आपके लिप्स सॉफ्ट हों.

3. एक अच्छा किसर अपने पार्टनर को स़िर्फ किस नहीं करता, बल्कि कभी उसकी नाज़ुक कमर को पकड़ता है, तो कभी उसके प्यारे से चेहरे को चूमता है, तो कभी उसकी गर्दन पर उंगलियों से खेलता है. आप भी ये सब ट्राई करें.

4. सॉफ्ट लिप्स की ही तरह किस करने के लिए महकती सांसें भी बहुत मायने रखती हैं. अगर आपके मुंह से बदबू आती है, तो उसका उपाय कीजिए. किस करने से पहले इलायची या कोई माउथ फ्रेशनर खाएं. याद रखें आपकी महकती सांसें पार्टनर को बहका सकती हैं. तो क्यों न इस बेहतरीन ट्रिक को आज ही आज़माएं.

5. अच्छे किसर पार्टनर के सिर को हल्का-सा टेढ़ाकर करके किसर करते हैं. ऐसा करने से दोनों के लिए ही किसिंग काफ़ी इंट्रेस्टिंग हो जाती है. सीधे लिप्स से किस रकने की बजाय पहले गालों को किस करें, फिर माथे को फिर लिप्स पर जाएं. ऐसा करने से पार्टनर रिस्पेक्ट फील करता है.

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Hot Kissing

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6. हमेशा याद रखें कि किस एक तरफ़ा नहीं होता, इसमें दोनों का ही इंवॉल्वमेंट बेहद ज़रूरी है. स़िर्फ एक किस करे और दूसरा स़िर्फ बुत बना रहे, तो उस किस में पैशन नहीं आएगा. अगर आपका पार्टनर भी उसी इंटेन्स फीलिंग्स के साथ किस करेगा, तभी दोनों उसे एंजॉय कर पाएंगे.

7. किसिंग बातचीत जैसी होनी चीहिए. जब एक पार्टनर स्लो हो जाए, तो दूसरे को फास्ट होना चाहिए. फिर यह एक ऐक्ट नहीं, बल्कि सेक्सुअल कंवर्ज़ेशन लगेगा.

8. अगर आप किसर करने पर आमादा है, पर पार्टनर अपना मुंह इधर-उधर कर रहा है, तो समझ जाइए कि वो अभी तैयार नहीं. इसके अलावा अगर वो अपने लिप्स को टाइट बंद करके रखे हुए है, तो भी कोशिश न करें, क्योंकि एक अच्छा किसर बिना पार्टनर की सहमति के कभी ज़बरदस्ती नहीं करता.

9. हर किसी को अलग तरह की किसिंग पसंद आती है. किसी को फोर्सफुल किस अच्छा लगता है, तो किसी को सॉफ्ट और स्मूद. आपके पार्टनर की पसंद के अनुसार आप चुनें, अपनी टाइप की किस.

10. आमतौर पर किस की शुरुआत हमेशा स्लो और स्मूद होनी चाहिए. अपने लिप्स को इंटरलॉक करें और एक-दूसरे को अपने होने के एहसास से रूबरू कराएं. बहुत ज़्यादा टंग का इस्तेमाल कुछ लोगों को अच्छा नहीं लगता, इसलिए लिप्स को अपना काम करने दीजिए. एक-दूसरे के प्यार में खो जाने के लिए किसिंग से ख़ूबसूरत भला क्या हो सकता है. अपनी मैरिड लाइफ को और ज़्यादा रोमांचक बनाए रखने के लिए किसिंग को एक लैंग्वेज की तरह इस्तेमाल करें.

– अनीता सिंह

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पुरुषों की आदतें बिगाड़ सकती हैं रिश्ते (Bad Habits Of Men Can Ruin Your Relationship)

पुरुषों की आदतें बिगाड़ सकती हैं रिश्ते (Bad Habits Of Men Can Ruin Your Relationship)

पुरुषों की ऐसी कई आदतें हैं, जो उनसे जुड़े लोगों को पसंद नहीं आतीं और आगे चलकर यही आदतें झगड़े का कारण भी बनती हैं, ख़ासतौर पर पति-पत्नी के रिश्ते में. फिर धीरे-धीरे छोटे-छोटे झगड़ों से ही रिश्ते में तनाव आने लगता है और रिश्ते बिगड़ जाते हैं. आइए, संक्षेप में इसके बारे में जानते हैं.

Relationship

– पुरुषों में ईगो यानी अहंकार ख़ूब होता है. वे अपने अहंकार के आगे भावनाओं की कद्र बहुत कम करते हैं. उनकी इस आदत से उनकी पार्टनर बहुत दुखी रहती है और बार-बार ऐसा होने पर वह अपने रिश्ते में घुटन महसूस करने लगती है.

– ऐसे कई पुरुष होते हैं, जो अपनी बात पर कायम नहीं रहते. वे आज कुछ कहते हैं और बाद में उनका स्टेटमेंट कुछ और हो जाता है. इससे रिश्तों में दरार पड़ते देर नहीं लगती.

– ऐसे पुरुषों पर महिलाएं कम ही विश्‍वास करती हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि कल वह अपनी बात से मुकर जाएंगे.

– यह मानी हुई बात है कि जब रिश्ते में विश्‍वास ही न हो, तो वह टिकेगा कैसे. ऐसे में पत्नियां तो अपने ऐसे पतियों की किसी भी बात को गंभीरता से नहीं लेती हैं और अपनी बातें शेयर करने से भी कतराती हैं.

– क्योंकि पति की बात-बात पर पलट जाने की आदत पत्नी के मन में संशय के बीज बो देती है और रिश्ते में कड़वाहट आ जाती है.

– ऐसे पुरुषों की भी कमी नहीं है, जो अपने घर-परिवार को बिल्कुल वक़्त नहीं देते. उन्हें लगता है कि पैसे कमाकर घर में दे देना ही बहुत है. जबकि परिवार को उनके साथ समय बिताने की अधिक ज़रूरत होती है. ऑफिस से घर आकर वे मोबाइल फोन, टीवी या कंप्यूटर पर चिपक जाते हैं, जो सही नहीं है.

– मनोवैज्ञानिक शामा गुप्ता कहती हैं कि पुरुषों का घर को समय न देना, उससे जुड़े सभी रिश्तों को प्रभावित करता है, विशेषतौर पर जीवनसाथी से. तब वह इस बात को लेकर झगड़ती रहती है या अपनी एक अलग दुनिया बना लेती है और ज़्यादा समय बाहर गुज़ारना शुरू कर देती है. इसका परिणाम अक्सर अलगाव के रूप में दिखाई देता है.

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– पुरुषों की ज़रूरत से ज़्यादा कंट्रोल करने की आदत से भी रिश्तों में दम घुटने की नौबत आ जाती है.

– साथ ही पुरुषों का बेहद ख़्याल रखने की आदत से भी रिश्ते ख़राब होने लगते हैं.

– शामा गुप्ता कहती हैं कि पार्टनर को भी हक़ है कि वह ख़ुद कुछ निर्णय ले सके और तय कर सके कि उसे क्या करना है. पुरुष का प्रोटेक्टिव होना अच्छी बात है, पर वह इतना भी ख़्याल न रखे कि पार्टनर उसके बिना कुछ कर ही न पाए. इस तरह तो उसका वजूद ही डगमगाने लगता है और कई बार विद्रोह की नौबत आ जाती है.

– अधिकतर पुरुषों की वीकेंड पर देर तक सोने और नहीं नहाने की आदत होती है, जिससे पत्नी परेशान हो जाती है. यह क्या बात हुई कि हर चीज़ बेड पर ही चाहिए. बेड पर ही चाय, कॉफी, लंच और डिनर लेते हैं. दिनभर टीवी पर न्यूज़ और क्रिकेट देखते रहते हैं. और यदि आपने उन्हें नहाने के लिए कह दिया, तो समझो आपने उनका वीकेंड ख़राब कर दिया.

– कई पति इतने लापरवाह होते हैं कि वे अपना गीला तौलिया बिस्तर पर, गंदे मोज़े सोफे के नीचे डाल देते हैं. पत्नी अगर उनके बैग से लंच बॉक्स न निकाले, तो वह बाहर निकलेगा ही नहीं. और न जाने क्या-क्या करते हैं. घर को सजाकर रखनेवाली व व्यवस्थित तरी़के से रहनेवाली सफ़ाई पसंद पत्नी को अपने पति की ये आदत बिल्कुल भी पसंद नहीं आती है.

– पार्टनर ग़लती करे, तो उससे माफ़ी मंगवाए बिना न रहनेवाले पुरुष अपनी ग़लती को कभी मानने को तैयार नहीं होते. पुरुषों की यह ग़लती स्वीकार नहीं करने की आदत से भी महिलाओं को बहुत परेशानी होती है.

– कई पुरुषों की आदत होती है कि लड़ाई-झगड़ा होने पर पुरानी बातों को लेकर ताने-उलाहने देने लगते हैं. उनकी कुरेदने की यह आदत रिश्तों में कड़वाहट ला देती है. अतः यह ज़रूरी है कि हर पुरुष उपरोक्त सभी बातों पर ध्यान दें और उनमें उचित सुधार लाएं, जिससे रिश्तों की डोर मज़बूत बनी रहे.

– सुमन वत्स

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अब ब्रेकअप एक्सपर्ट्स करेंगेे आपके दर्द-ए-दिल का इलाज… (Break Up Experts For Broken Hearts)

अब ब्रेकअप एक्सपर्ट्स करेंगेे आपके दर्द-ए-दिल का इलाज… (Break Up Experts For Broken Hearts)

दिल टूटने पर आवाज़ नहीं होती, लेकिन बेहिसाब दर्द ज़रूर होता हैप्यार जैसी भावना में जब विश्‍वास टूटता और साथ छूटता है, तो उस तकलीफ़ को बर्दाश्त करने की शक्ति नहीं होती. यही वजह है कि प्यार में हारे लोग कभी गहरे अवसाद यानी डिप्रेशन में चले जाते हैं, तो कभी ज़िंदगी से पूरी तरह हारकर अपनी जान तक दे देते हैंलेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि आपके टूटे दिल का इलाज करने के लिए ब्रेकअप एक्सपर्ट्स जो आ गए हैं.

Broken Hearts

एक समय था, जब शायद यह कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि ब्रेकअप के दर्द से बाहर निकालने के लिए भी एक्सपर्ट्स होंगे, लेकिन समय बदल रहा है और उसके साथ हमारे रिश्ते भी.

अकेलेपन से जूझना होता है एक बड़ा चैलेंज

ब्रेकअप के बाद अचानक आपको महसूस होता है कि आप पूरी तरह से तन्हा हो गए हैं.

बारबार अपने रिश्ते के बारे में सोचते रहते हैं.

अपने पार्टनर की यादें आपके ज़ेहन से जाती नहीं हैं.

आप अपने पार्टनर के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जाकर उसकी तस्वीर देखते हैं.

किसी तरह से उसके बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश में रहते हैं.

किसी काम में आपका मन नहीं लगता.

आपको लगता है आप अब भविष्य में कभी कोई रिश्ता नहीं बना पाएंगे.

नकारात्मक भावनाओं से आप चाहकर भी बाहर नहीं आ पाते.

कैसे करते हैं ब्रेकअप रिकवरी?

कई ऐसे मैरिज काउंसलर और सायकोलॉजिस्ट हैं, जो अब बतौर ब्रेकअप एक्सपर्ट्स काम करते हैं, क्योंकि वो रिश्तों की उलझनों में उलझे लोगों से अक्सर दोचार होते हैं, उनके दर्द को महसूस करते हैं. यही वजह है कि वो ब्रेकअप रिकवरी प्रोग्राम चलाते हैं, ताकि लोग टूटे रिश्ते की डोर से हमेशा के लिए न बंधे रहें, वो बाहर आ पाएं और ज़िंदगी में आगे बढ़ सकें.

ब्रेकअप चैलेंजेस

अपने पार्टनर के ख़्याल को दिल से निकालना बहुत बड़ी चुनौती होती है.

उसके साथ भविष्य में किस तरह के रिश्ते रखने हैं?

दोस्ती रखनी है या नहीं?

किस तरह से हेल्दी बाउंड्रीज़ क्रिएट करें?

दोस्तों व परिवारवालों का किस तरह से सामना करें?

ख़ुद को दोष देने से कैसे बचें?

अपने एक्स के प्रति ग़ुस्से को कैसे मैनेज करें?

ज़िंदगी में आगे तो बढ़ना चाहते हैं, लेकिन वे समझ नहीं पाते.

इस तरह की तमाम चुनौतियां ब्रेकअप से जूझ रहे लोगों के सामने होती हैं और इनसे बाहर निकलने का रास्ता उन्हें नहीं सूझता.

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Broken Hearts

कैसे काम करते हैं एक्सपर्ट्स?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप इन सबसे बाहर आ सकते हैं और हम आपकी मदद करेंगे.

प्राइवेट काउंसलिंग और कोचिंग के ज़रिए आपकी मदद हो सकती है.

दरअसल इस दौर में आपको किसी ऐसे शख़्स की ज़रूरत होती है, जो आपको सुने और आपकी तकलीफ़ को समझे.

ब्रेकअप एक्सपर्ट्स इसी तरह का भावनात्मक सहारा देते हैं, जिससे अवसाद की भावना दूर हो और आप ज़िंदगी में आगे बढ़ सकें.

ब्रेकअप एक्सपर्ट्स यह भी कहते हैं कि वो हर रिश्ते को अलग तरह से ट्रीट करते हैं, क्योंकि उनके लिए यह जांचनापरखना भी ज़रूरी होता है कि क्या यह रिश्ता पूरी तरह ख़त्म हो चुका है या इसमें संभावनाएं बची हैं?

यदि संभावनाएं होती हैं, तो वो रिश्ता दोबारा जोड़ने में भी मदद करते हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रेकअप के बाद हीलिंग के भी अलगअलग स्तर होते हैं.

हमारे रिकवरी प्रोग्राम के लिए काम कर रहे एक्सपर्ट्स ब्रेकअप से जूझ रहे व्यक्ति को पूरे धैर्य से सुनते हैं, वो कहीं से भी जजमेंटल नहीं होते और पूरी तरह से भावनात्मक सपोर्ट भी देते हैं.

ब्रेकअप एक्सपर्ट्स अपने ऑनलाइन रिकवरी प्रोग्राम भी चलाते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक आसानी से मदद पहुंच सके.

रिकवरी में सैडनेस यानी दुख की भावना से ध्यान हटाकर सेल्फ केयर की भावना पर ले जाया जाता है.

ब्रेकअप इतना बुरा भी नहीं होता, क्योंकि इसके बाद ही तो आप अपने प्रति सजग होते हो, अपने लिए सोचते हो, अपने स्वाभिमान के लिए लड़ते हो.

दरअसल, ब्रेकअप का प्रभाव अन्य चीज़ों पर भी निर्भर करता है, जैसेरिश्ता कितना गहरा और पुराना था, रिश्ता टूटने का कारण क्या था, फिज़िकल एब्यूज़ था या नहीं, इमोशनल सपोर्ट, फाइनेंशियल सपोर्ट आदि.

ब्रेकअप आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथसाथ शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है.

बहुत से लोग ब्रेकअप के बाद अपने फिज़िकल अपीयरेंस के प्रति लापरवाह हो जाते हैं और मोटापे का शिकार हो जाते हैं.

रिकवरी प्रोग्राम के ज़रिए एक्सपर्ट्स सेल्फ केयर पर ही सबसे ज़्यादा ध्यान दिलाते हैं, ताकि आप पहले से कहीं अधिक फिट, सुंदर, स्वस्थ, कॉन्फिडेंट और पॉज़िटिव लगें.

थेरेपीज़ में सेल्फ एस्टीम, एंगर और सैडनेस को दूर करने पर फोकस किया जाता है.

कई बार व्यक्ति ख़ुद को ही दोषी मानने लगता है अपने ब्रेकअप के लिए, ऐसे में उसकी सोच को बदलना पड़ता है और उसका खोया विश्‍वास फिर लौटाने पर ज़ोर दिया जाता है.

नकारात्मक भावनाओं से कैसे बाहर निकला जाए, ताकि व्यक्ति आत्महत्या जैसा क़दम न उठा सके या फिर गहरे अवसाद में न चला जाए, इस पर सबसे ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है.

बुख़ार होने पर या शरीर पर ज़ख़्म होने पर हम डॉक्टर के पास जाते हैं, तो जब दिल पर चोट लगती है, तो उसके ज़ख़्मों को छिपाना क्यों चाहते हैं? बेहतर होगा दिल के डॉक्टर यानी रिलेशनशिप एक्सपर्ट के पास जाएं और ज़िंदगी में फिर से मुस्कुराएं.

विजयलक्ष्मी

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पहला अफेयर: मुहब्बत उम्र की मोहताज नहीं (Pahla Affair: Mohabbat Umra Ki Mohtaj Nahi)

Pahla Affair, Mohabbat, love story

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पहला अफेयर: मुहब्बत उम्र की मोहताज नहीं (Pahla Affair: Mohabbat Umra Ki Mohtaj Nahi)

पहले प्यार (FirstLove) का एहसास होता है बेहद ख़ास, अपने फर्स्ट अफेयर (Affair) की अनुभूति को जगाने के लिए पढ़ें रोमांस से भरपूर पहला अफेयर 

ईश्‍वर ने जब इस सृष्टि की रचना की, तो उन्होंने सृष्टि की प्रत्येक वस्तु को नियमों में बांध दिया. सूरज के उगने और डूबने का स्थान और समय पहले से निर्धारित कर दिया. जहां पंछियों को उड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, वहीं इंसान आकाश में मुक्त होकर विचरण करने की कल्पना तक नहीं कर सकता. जहां दिन का आगमन रोशनी के साथ होता है, वहीं रात का स्वागत अंधकार करता है. लेकिन स़िर्फ एक ही चीज़ है इस सृष्टि में, जिसको ईश्‍वर ने सभी नियमों से मुक्त रखा है. वह चीज़ है- प्यार!

प्यार किसी को भी, कहीं भी, किसी से भी हो सकता है. यह इस सृष्टि की सबसे रहस्यमयी रचना है. प्रेम में उम्र और जन्म का बंधन कोई मायने नहीं रखता. यही वजह है कि मुझे जिस व्यक्ति से प्यार हुआ, वो मुझसे उम्र में 22 साल बड़े थे. जब इस ख़ूबसूरत एहसास को मैंने पहली बार महसूस किया, उस व़क्त मेरी उम्र मात्र 16 साल थी और वो 38 साल के थे. वो शादीशुदा थे.

मुझे आज भी वो दिन अच्छी तरह याद है, जब मेरे मोबाइल पर उनका संदेश आया था. मेरे मोबाइल पर किसी अज्ञात नंबर से कुछ रोमांटिक पंक्तियां आई थीं. मैंने सोचा कि कोई लड़का मेरे साथ बदमाशी कर रहा है. मैंने ग़ुस्से में आकर फोन लगाया और जमकर उनको बातें सुनाईं, पर उन्होंने मेरी गालियों का ज़रा भी बुरा नहीं माना, बल्कि नम्रतापूर्वक मुझसे आग्रह किया कि मैं उनकी दोस्ती स्वीकार कर लूं.

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पता नहीं, उनकी आवाज़ में क्या जादू था कि मुझ जैसी लड़की, जो हमेशा लड़कों से दूर रहती थी, ने एक अंजान शख़्स के आग्रह को स्वीकार कर लिया. इस घटना के बाद लगभग 20 दिनों तक हम एक-दूसरे से फोन पर बातें करते रहे. इन 20 दिनों में मैं यह तो बहुत अच्छी तरह समझ चुकी थी कि ये वही हंसान हैं, जिसकी मुझे तलाश थी.

इन 20 दिनों के बाद हम कई बार एक-दूसरे से समंदर के किनारे मिले. समंदर के किनारे बैठकर हम दोनों ही आई पॉड पर बजते संगीत का आनंद लेते थे और बिना एक-दूसरे से एक शब्द भी बोले अंधेरा होने तक समंदर को निहारते रहते थे. उस पल मुझे ऐसा महसूस होता था कि काश! ऐसा होता कि मैं अपनी सारी ज़िंदगी इसी तरह उनके साथ समंदर के किनारे बैठकर गुज़ार देती.

ऐसी ही एक ख़ूबसूरत शाम थी, जब उन्होंने मुझे अपनी बांहों में लेकर चूमा था. वो मेरी ज़िंदगी के पहले और आख़िरी पुरुष थे, जिन्होंने मेरे शरीर के साथ-साथ मेरी आत्मा को भी छुआ था. हमें एक-दूसरे से मिले स़िर्फ एक साल ही हुआ था कि उनका तबादला दूसरे शहर में हो गया. उसके बाद हम कभी नहीं मिले.

मेरी तो दुनिया ही वीरान हो गई. इस बीच उनका पत्र मुझे मिला, जिसमें उन्होंने अपने प्रेम का इज़हार किया और इस असफल प्रेम कहानी पर दुख व्यक्त किया. वो मजबूर थे. एक तरफ़ उनकी पत्नी और बेटे की ज़िम्मेदारी थी, तो दूसरी तरफ़ हमारे प्रेम को समाज की स्वीकृति कभी प्राप्त नहीं होती.

आज इस बात को 20 साल हो गए, पर आज भी मैं उनको भूल नहीं पाई. मेरे जीवन का कोई ऐसा दिन नहीं गुज़रता जब मैं उनको याद नहीं करती. ईश्‍वर से यही दुआ करती हूं कि वो जहां भी रहें, हमेशा ख़ुश रहें.

हालांकि मेरी क़िस्मत में उनसे जुदाई ही लिखी है, जिसे मैंने अब स्वीकार कर लिया है, क्योंकि किसी ने सच ही कहा है- कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता…

– सोनी दुबे

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