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पहला अफेयर: वो लड़की… (Pahla Affair: Wo Ladki)

Pahla Pyar Kahani

पहला अफेयर: वो लड़की… (Pahla Affair: Wo Ladki)

तब मैं 22 साल का दुबला-पतला शर्मीला युवक था. गणित में स्नातकोत्तर करने के बाद एक छोटे-से गांव के स्कूल में मुझे अध्यापक की नौकरी मिली. शहर में रहने के आदी मुझे गांव के नाम से ही रुलाई आ गई, किंतु नौकरी भी ज़रूरी थी, सो चला गया. वहां के जागीरदार साहब के यहां नीचे की मंज़िल पर एक छोटा-सा कमरा ले लिया किराए पर और रहने लगा.

घर कच्चा था, गोबर से लिपा हुआ. ऊपर की मंज़िल पर मकान मालिक का परिवार रहता था और नीचे के हिस्से में आधे भाग में गाय-ढोर बांधे जाते और आधे भाग में किराए के लिए छोटी-छोटी कोठरियां बनी हुई थीं, जिनमें से एक में मैं रहता था. कोठरी का एक दरवाज़ा बाहर सड़क पर खुलता था और एक अंदर के आंगन की तरफ़. जागीरदार साहब के बच्चे दिलीप और उसकी छोटी बहन सविता स्कूल के बाद अक्सर ही मेरे पास आ जाते और ख़ूब बातें करते. हालांकि दोनों ही 13-14 साल के ही थे, लेकिन न जाने क्यों मुझसे दोनों को ही बहुत लगाव था. जब भी समय मिलता, दोनों भागे चले आते.

उन्हीं से पता चला उनकी एक बड़ी बहन भी है, जो इंदौर में चाचा के पास रहकर बीए कर रही है. दोनों उसकी ही बातें करते रहते. वो कितनी सुंदर है, सुशील है, अन्य लड़कियों से अलग है, पढ़ने में तेज़ है. दोनों ने उसका इतना बखान किया कि मैं भी रात-दिन उसके बारे में सोचकर उससे मिलने को व्याकुल होने लगा. मन में उसकी छवि-सी बस गई. अब तो मुझे दिलीप और सविता का इंतज़ार रहता कि कब वे आएं और अपनी बहन विजया की बात करें. रातभर भी उसी का ख़्याल बना रहता मन में.

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पहली नज़र के प्यार के बारे में तो सुना था, लेकिन यहां तो मुझे बिना देखे ही प्यार हो गया था उससे. दिलीप से पता चला, वह दीपावली की छुट्टियों में घर आनेवाली है. अब तो मैं बेसब्री से राह देखने लगा. एक दिन ढलती सांझ में अचानक हल्ला हुआ… “दीदी आ गई… दीदी आ गई…” मेरी धड़कनें तेज़ हो गईं. दरवाज़े की दरार से देखने की बहुत कोशिश की, लेकिन अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं दिया. तीसरे दिन सुबह खाट पर पड़ा था कि दिलीप की आवाज़ आई, “दीदी, मां बुला रही हैं…” और उत्तर में एक खनकदार स्वर उभरा “ये टोकरी डालकर आती हूं.” मैं तो सोच रहा था कि रोज़ उसकी मां वहां की सफ़ाई करती है, तो आज भी वही होंगी. मैंने दरार से झांककर देखा, चूड़ीदार-कुर्ता पहने, गुलाबी रंगतवाली

मासूम-सी लड़की सिर पर गोबर की टोकरी रखे आंगन में खड़ी थी. एक झलक ही देख पाया था कि वह गोबर फेंकने सामने मैदान में चली गई. किसी लड़के ने इस स्थिति में लड़की पसंद नहीं की होगी, लेकिन मैंने तय कर लिया कि इसी से शादी करूंगा.

20 दिनों में दो-चार बार ही उसकी झलक देख पाया और वह वापस चली गई. एक दिन शाम को दिलीप के साथ उसकी मां एक रिश्तेदार लड़की का फोटो लेकर आईं कि क्या वह मुझे पसंद है. मैंने तपाक से मना कर दिया. तब उन्होंने पूछा, “क्या आपको हमारी विजया पसंद है?” मैं शर्म के मारे कुछ बोल ही नहीं पाया, लेकिन दिल ख़ुशी से उछल पड़ा. मेरी चुप्पी पर वे निराश हो जाने लगीं, तभी दिलीप बोला, “मां, इन्हें दीदी पसंद है, ये शादी करने को तैयार हैं.” आज 55 साल हो गए हमारी शादी को, लेकिन आज भी गोबर की टोकरी सिर पर रखे हुए उसकी छवि आंखों में ज्यों की त्यों बनी हुई है.

– डॉ. विनीता राहुरीकर

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इन 9 आदतोंवाली लड़कियों से दूर भागते हैं लड़के (9 Habits Of Women That Turn Men Off)

आदत तो आदत होती है फिर वो अच्छी हो या बुरी… कुछ न कुछ गुल खिलाती ही है… और जब बात हो लड़कियों की आदत की तो भई वो भी कुछ कम दिलचस्प नहीं है, जिसके कारण लड़के उनसे थोड़ा दूर ही रहना पसंद करते हैं.

Habits That Turn Men Off

अक्सर देखा गया है कि लड़कियों को लड़कों की बहुत-सी आदतें पसंद नहीं आतीं या फिर जो लड़के उन्हें पसंद नहीं होते, उनसे वे दूर रहना ही पसंद करती हैं. इसी तरह लड़कों का भी रवैया होता है. कुछ ऐसी लड़कियां हैं, जिनके क़रीब वे भी नहीं जाना चाहते. वे भरसक कोशिश करते हैं कि उनसे दूर ही रहा जाए, तो अच्छा है. वे ख़ासकर लड़कियों की कुछ आदतों से परेशान रहते हैं या फिर ये कहें कि उन्हें हर लड़की में कोई न कोई कमी ही नज़र आती है. वैसे कुछ ख़ास तरह की लड़कियां होती हैं या फिर लड़कियों की कुछ अदाएं ऐसी हैं, जिन्हें लड़के बिल्कुल पसंद नहीं करते और ऐसी लड़कियों से शादी के नाम पर ही वे दूर भागते हैं. आइए, जानते हैं किस तरह की आदतोंवाली लड़कियों से घबराते व दूर भागते हैं लड़के.

1. रौब दिखाना/एटीट्यूड देना

लड़कों को नखरे दिखानेवाली, बेवजह रौब गांठनेवाली यानी बहुत अधिक एटीट्यूड दिखानेवाली लड़कियां बिल्कुल भी पसंद नहीं आतीं. वे इस तरह की एक्स्ट्रा स्मार्ट लड़कियों से दूर ही भागते हैं.

2. दिखावा पसंद ख़ासकर परिवार का

उन लड़कियों से लड़के बेहद चिढ़ते हैं, जो उन्हें बात-बात पर अपने पैसे, नाम-शौहरत, बड़े परिवार का होने का एहसास कराती हैं. इसमें वे अपने रिश्तेदारों को भी पीछे नहीं छोड़तीं, जैसे- मेरे मामाजी अमेरिका में रहते हैं, मेरे कज़िन का यूरोप में बड़ा बिज़नेस है. वे अक्सर अपने नामी-गिरामी होने का प्रचार-प्रसार करती रहती हैं.

3. चुगली/लगाई-बुझाई करना

वे लड़कियां जो छोटी-छोटी बातों को इधर-उधर करती रहती हैं यानी चुगलखोरी में नंबर वन रहती हैं, ऐसी लड़कियों से तो लड़के दूर ही भागते हैैं, क्योंकि उन्हें बात का बतंगड़ बनाना, बातों को बढ़ा-चढ़ाकर कहना नहीं भाता. वे सोचते हैं कि अब यह हाल है, तो ख़ुदा न खास्ता जीवनसाथी बनने पर न जाने और क्या गुल खिलाएं.

4. सीधी-सरल होना भी आफ़त

कुछ लड़के इसलिए भी कुछ लड़कियों को नहीं पसंद करते कि वो बहुत ही सीधी यानी बहनजी टाइप की होती हैं. अब भला बहनजी टाइप क्या होता है? इन लड़कों को सीधी-सादी लड़की बिल्कुल भी गवारा नहीं. उनका तो यही कहना रहता है कि भला ऐसी लड़की को हम अपना जीवनसाथी कैसे बना सकते हैं.

5. हर व़क्त रोते रहना

कुछ लड़कियां जब-तब अपना रोना लेकर बैठ जाती हैं. उन्हें ख़ुशी हो या ग़म, बस रोने का मौक़ा चाहिए. इस कदर संवेदनशील, ज़रूरत से ज़्यादा भावुक लड़कियों से लड़के किनारा ही करते हैं. एक और ख़ास बात इनमें होती है कि रोने-धोने के अलावा इनके पास शिकायतों का पुलिंदा भी कुछ कम नहीं रहता. इन्हें ज़मानेभर से शिकायत रहती है.

6. मेकअप, ओह नो ओवर मेकअप

कुछ लड़कियां दिनभर में न जाने कितनी बार अपना चेहरा, बाल आदि संवारती रहती हैं. बार-बार मेकअप करती रहती हैं. दिनभर में कई बार लिपस्टिक लगाना तो इन्हें ख़ास पसंद होता है. लड़कों की सोच रहती है कि ऐसी लड़कियां प्यार-मोहब्बत की बातें कम और मेकअप, ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर अधिक बातें करती हैं और शॉपिंग भी कुछ ज़्यादा ही करती हैं, इसलिए वे इनसे दूर रहना ही बेहतर समझते हैं.

7. सेल्फी का हैंगओवर

वे लड़कियां जो अपनी ज़िंदगी के हर लम्हे को कैमरे में ़कैद कर लेना चाहती हैं, ख़ासकर सेल्फी के रूप में, उनसे लड़के थोड़ा दूर ही रहते हैं. उन्हें अक्सर यह लगता है कि हम पार्टनर के साथ नहीं, बल्कि फोटोग्राफी की पूरी दुकान के साथ घूम-फिर रहे हैं, क्योंकि वे उनके साथ जहां-जहां जाते हैं, ये लड़कियां वहां-वहां हर लम्हे को मोबाइल फोन में ़कैद करने की इच्छुक रहती हैं. इन सब से लड़के चिढ़ जाते हैं. उन्हें महसूस होता है कि उनकी कोई पर्सनल लाइफ ही नहीं है.

8. कैसी लग रही हूं मैं…?

लड़कियां ख़ुद अच्छी तरह से जानती हैं कि वे कैसी लग रही हैं, इसके बावजूद कुछ लड़कियों की आदत होती है पूछते रहने की कि मैं कैसी लग रही हूं..? और उनकी

लड़के वर्कोहोलिक लड़कियां यानी हरदम काम में व्यस्त रहनेवाली लड़कियों से दूर ही भागते हैं. उनका यह सोचना रहता है कि ऐसी लड़कियां रिश्तों के साथ कम ही न्याय कर पाएंगी, क्योंकि उन्हें रिश्ते से अधिक अपने ऑफिस, नौकरी और बॉस से प्यार रहता है. उनका यही रवैया उन्हें लड़कों से दूर करता चला जाता है.

– ऊषा गुप्ता

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भाई दूज के लिए स्मार्ट गिफ्ट आइडियाज़… (Smart Gift Ideas For Bhai Dooj)

Gift Ideas For Bhai Dooj

भाई दूज के लिए स्मार्ट गिफ्ट आइडियाज़… (Smart Gift Ideas For Bhai Dooj)

इस भाई दूज (Bhai Dooj) अपने भाई को स्पेशल फील करवाने के लिए दें उसे कोई स्पेशल गिफ्ट (Special Gift)..

  • कोई ऐसी चीज़ गिफ्ट करें, जो वो लंबे समय से ख़रीदने की सोच रहा हो, चाहे वो कोई बुक हो, कोई एक्सेसरी हो या कोई ड्रेस.
  • आप उसकी फेवरेट मिठाई के साथ चांदी का ब्रेसलेट भी दे सकती हैं. यह एक ऐसा गिफ्ट होगा, जो सभी को पसंद आएगा.
  • पर्सनलाइज़्ड गिफ्ट दे सकती हैं. कार्ड होल्डर, डायरी या पेन.
  • इमेज प्रिंट वाली नोटबुक, कुशन कवर, न्यू ईयर कैलेंडर, वॉल डेकोरेटिव पीस या फिर टी शर्ट भी दे सकती हैं.
  • अगर वह पढ़ने का शौकीन है, तो आप लेटेस्ट बुक या उसके मनपसंद लेखक की क़िताबों का सेट भी गिफ्ट कर सकती हैं या डिक्शनरी भी गिफ्ट की जा सकती है.
  • आप गिफ्ट हैंपर्स भी दे सकती हैं, जो अपने आप में कंप्लीट होता है.
  • गिफ्ट वाउचर्स भी ग्रेट आइडिया है. यह लोगों को काफ़ी पसंद भी आता है और वो अपना मनचाहा गिफ्ट ले सकते हैं.
  • स्वीट्स, फ्रूट्स और ड्राय फ्रूट्स हैंपर्स भी अच्छा ऑप्शन है. साथ में बुके व ग्रीटिंग भी दे सकती हैं.
  • फ्लोटिंग या एरोमैटिक कैंडल सेट्स भी दे सकती हैं.
  • कोई टूर स्पॉन्सर करके भी गिफ्ट दिया जा सकता है.
  • हैंड मेड कोई चीज़ उपहार में दे सकते हैं. यह बहुत ही पर्सनल भी लगेगा और दिल को छू लेनेवाला गिफ्ट होगा.
  • कुछ यादगार पुरानी तस्वीरों को फ्रेम करवाकर गिफ्ट करें. अपने बचपन की यादों को संजोकर फोटोज़ फ्रेम करवाकर दे सकती हैं.
  • अगर आपका भाई हेल्थ कॉन्शियस है, तो आप शुगर फ्री चॉकलेट्स व मिठाइयां गिफ्ट कर सकती हैं. इसके गिफ्ट हैंपर्स की काफ़ी वेरायटी उपलब्ध है.
  • हैंडमेड वास या पेन होल्डर भी पेंट करके या डेकोरेट करके गिफ्ट किया जा सकता है.
  • बेडशीट्स भी प्रिंट करवाकर दी जा सकती हैं. यह आइडिया भी लोगों को काफ़ी पसंद आता है.
  • वुडन फ्रेम को भी कलर्स से पेंट करके एथनिक झरोखा बनाकर विंडो फ्रेम या वॉल डेकोरेटिव पीस के तौर पर गिफ्ट कर सकते हैं. यह बहुत ही क्लासी लगता है.
  • परफ्यूम, ग्रूमिंग या कॉस्मेटिक्स से जुड़ी चीज़ें भी गिफ्ट की जा सकती हैं.
  • अपने हाथों से पेंट या एंब्रायडरी की हुई पेंटिग, बैग या कोई ड्रेस भी दे सकती हैं.
  • होम अप्लायन्सेस भी गिफ्ट कर सकते हैं, जैसे- कॉफी मेकर, हैंड ब्लेंडर या सैंडविच मेकर्स, ताकि वो आसानी से अपने लिए कुछ कुक कर सके.
  • आप भाई-बहन के मैसेजेस के मग्स या कुशन कवर्स विद कोट्स भी गिफ्ट कर सकती हैं यानी उन पर कुछ कहावतें, जोक्स, दिलचस्प या दार्शनिक बातें छपी हों.
  • मोबाइल या लैपटॉप एक्सेसरीज़ भी बहुत अच्छा गिफ्ट आइडिया है. आजकल कलरफुल ईयरफोन्स, मोबाइल व लैपटॉप कवर्स, स्लीव्स और जैकेट्स आते हैं. इनमें भी बीडेड और बहुत ही एथनिक कवर्स आते हैं, जो फेस्टिवल के समय गिफ्ट किए जा सकते हैं.
  • पेन सेट, पर्स या वॉलेट्स भी गिफ्ट करना अच्छा ऑप्शन है.
  • होम डेकोर एक्सेसरी, लैंप्स या लैनटर्न्स भी अच्छा गिफ्ट आइडिया है. फेस्टिवल सीज़न में तो यह और भी अच्छा लगेगा.
  • हैंड मेड चॉकलेट्स, केक और मिठाइयां भी पसंद आएंगी. इसमें उसे पर्सनल टच महसूस होगा. आप सरप्राइज़ के तौर पर उसे बताए बगैर उसके लिए इसे तैयार करें.
  • फेस्टिवल के दौरान कई कॉम्बो ऑफर्स भी मिलते हैं, जैसे- एक पर एक फ्री या फिर ड्राय फ्रूट्स, चॉकलेट्स या मिठाइयों के हैंपर्स भी ऑफर्स में आते हैं, जो बड़ों और बच्चों दोनों को बहुत भाते हैं.

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बेवफ़ाई के बाद कैसे सुधारें रिश्ते को? (Repair Your Relationship After Being Cheated On)

यदि हमसफ़र जीवन के सफ़र में कभी बेवफ़ाई कर जाए, तब क्या करें? दरअसल, रिश्ते (Relationships) मुक़म्मल जीवन जीने का आधार होते हैं और प्यार व विश्‍वास ही इन्हें मज़बूत व टिकाऊ बनाते हैं. लेकिन साथी की बेवफ़ाई से ज़िंदगी रुक तो नहीं जाती! समझदारी इसी में है कि सकारात्मक नज़रिए के साथ बिगड़े रिश्ते को सुधारने की कोशिश की जाए.

Relationship Problems

जो दिल के थे बेहद क़रीब, आज अजनबी-से लगते हैं… थी साथ की जिनसे उम्मीद, बीच राह वे मुड़कर चले गए… अक्सर रिश्ते में धोखा खाने व विश्‍वासघात होने पर पीड़ित व्यक्ति बिखर जाता है, टूट जाता है. जीवनसाथी की बेवफ़ाई के बाद किस तरह अपने रिश्ते को रिवाइव करें और सुधारें, इन्हीं बातों को जानने की कोशिश करते हैं. 

–  सबसे पहले स्वयं का आत्मविश्‍लेषण करें कि आख़िर ग़लती किससे और कहां हुई?

– कोई यूं ही भटक नहीं जाता. पर्याप्त अटेंशन व केयर न मिलने पर अक्सर पार्टनर उसकी कमी दूसरों की नज़रों में ख़ास बनकर पूरी करने की कोशिश करने लगते हैं. यदि ऐसा हुआ हो, तो उन ग़लतियों से सबक लें और आगे बढ़ें.

– यदि आपको लगता है कि जाने-अनजाने में आपने अपने पार्टनर की अनदेखी की है, तो इसे नए सिरे से दुरुस्त करने की कोशिश करें.

– यदि आप अब भी किसी परस्त्री या परपुरुष से जुड़े हैं, तो पहले स्वयं को उससे आज़ाद करें, क्योंकि किसी तीसरे के रहते आप अपने जीवनसाथी से सहज व सच्चाई के साथ दोबारा नहीं जुड़ सकते और न ही अपने दांपत्य जीवन को मज़बूती प्रदान कर सकते हैंे.

– माफ़ी मांगने से न चूकें. कहते हैं, पछतावे के साथ दिल से मांगी हुई माफ़ी पत्थर दिल को भी पिघला देती है. इसलिए जिस पार्टनर ने बेवफ़ाई की है, उसे सच्चाई और पूरी ईमानदारी के साथ अपनी ग़लती को समझते व महसूस करते हुए अपने पार्टनर से माफ़ी मांगनी चाहिए.

– बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि ले… को अपनाकर हमेशा आगे बढ़ने की कोशिश करते रहना ही जीवन का मूलमंत्र है. माफ़ी के इंतज़ार के बिना अपने रिश्ते को सुधारने की पहल करें.

– पति-पत्नी दोनों को ही अपने टूटते रिश्तों को जोड़ने व जीवनसाथी को दिए गए दर्द-ज़ख़्म से उबरने में उनकी मदद करनी चाहिए.

– ऐसे में प्यार से बढ़कर कोई दवा नहीं. आपका धैर्य और प्यार रिश्तों को सुधारने और ख़ुशगवार बनाने में मदद करेगा.

– कई बार दिल में कोई नाराज़गी, बात या गांठ-सी रह जाती है, जिसे आपसी बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है. इसलिए पार्टनर्स हर पहलू पर एक-दूसरे से खुलकर बात करें.

– रिश्तों में विश्‍वास बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीक़ा है कि जो बात आपको परेशान कर रही है, उसे छुपाएं नहीं, कह डालें.

– एक-दूसरे के साथ अधिक से अधिक व़क्त बिताएं. इसमें हंसी-मज़ाक और रूठने-मनाने, हल्की-फुल्की खट्टी-मीठी तक़रार को भी शामिल करें. इससे एक-दूसरे के साथ की आदत-सी बनती जाएगी. साथ ही आपसी समझदारी भी बढ़ेगी.

– हाल ही में हुए एक सर्वे के मुताबिक़ पति-पत्नी के बीच बेवफ़ाई व धोखे का प्रतिशत दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है और इसकी सबसे बड़ी वजह आपसी संवादहीनता और एक-दूसरे को अधिक व़क्त न दे पाना माना गया है.

– बीता हुआ कल वापस नहीं आ सकता, पर आनेवाले कल को ख़ुशहाल तो बनाया ही जा सकता है. इसमें क्षमा करने के साथ प्यार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ध्यान रहे, बेवफ़ाई के बाद घायल हुए रिश्तों को हेल्दी व मज़बूत बनाने के लिए प्यार की नींव रखना बहुत ज़रूरी है.

– मनोवैज्ञानिक कल्याणीजी के अनुसार रिश्ते हमें जीना सिखाते हैं, क्योंकि हमारे वर्तमान और भविष्य का ढांचा रिश्तों की बुनियाद पर ही खड़ा रह सकता है. आप कैसे हैं और कैसे बनेंगे- यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपमें रिश्ते निभाने का कितना जज़्बा है.

– उन कारणों का पता लगाने की कोशिश करें, जिसने पार्टनर को बेवफ़ाई करने के लिए मजबूर या फिर प्रेरित किया. कारणों का पता लगने पर उन्हें सुधारने की कोशिश की ही जा सकती है.

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Relationship Problems

– खोए हुए विश्‍वास को दोबारा हासिल करने के लिए जीवनसाथी के प्रति पूर्ण समर्पण की भावना रखें. इससे जहां साथी का दर्द-तनाव दूर होगा, वहीं आपके रिश्तों को दोबारा प्यार की पटरी पर लाने में सहायक होगा.

– पुरानी ग़लतियों से सबक लें और उन्हें दोहराने की ग़लती न करें.

– यदि ग़लतियों को सुधारने का मौक़ा दिया जाए, तो वही शख़्स आनेवाले कल में आपका सबसे बड़ा वफ़ादार साथी बनता है. इसलिए संकीर्ण विचार न रखते हुए खुले दिल से जीवनसाथी की ग़लती को भुलाकर उसे सुधरने का मौक़ा दें.

– कहते हैं, हर हादसा/घटना एक नया अनुभव दे जाती है, ठीक ऐसे ही बेवफ़ाई के बाद आपको स्वयं को और अपने पार्टनर को समझने में अधिक मदद मिलती है.

– समाजशास्त्री अशोक शुक्ला कहते हैं कि हर रिश्ता एक-दूसरे का समय मांगता है, साथ मांगता है… पति-पत्नी हर रोज़ आधा घंटा, महीने में दो दिन और साल में कम से कम एक हफ़्ते नितांत अकेले में बिताएं.

– अपनी अच्छी यादों को एक-दूसरे के साथ बांटें. कुछ रचनात्मक करने के लिए एक-दूसरे को प्रोत्साहित करें.

– एक-दूसरे की अच्छी बातों, आदतों को डेवलप करने की कोशिश करें. फिर देखिए बेवफ़ाई की बात सपना बन जाएगी और रिश्ते ताउम्र ख़ुशगवार बने रहेंगे.

– साथ गुज़ारा व़क्त आपके रिश्तों में वो एनर्जी भर देगा, जो ज़िंदगीभर मीठी यादें बनकर आपके साथ रहेंगी.

– मैरिज काउंसलर डॉ. राजीवजी के अनुसार, शादी के रिश्ते की हर सालगिरह कहती है कि उस सपने के बारे में सोचो, जो आप दोनों ने साथ मिलकर देखा हैे. उसे पूरा करना है, तो बंधन में बंधे रहना भी ज़रूरी है. इस बात के मर्म को समझने की कोशिश करें.

– एक पुरानी कहावत है कि दुनिया में सैकड़ों आदमी मिलकर कोई भी मकान बना सकते हैं, पर उसे घर बनाने के लिए एक नारी की ही ज़रूरत होती है. अतः नारी का सम्मान करें.

– ध्यान रहे, रिश्तों में रिस्पेक्ट ज़रूरी हैे, पर आपस में अहंकार न आने दें.

– यदि आप अपने साथी की भावनात्मक ज़रूरतों को सही मौ़के पर पूरा करते हैं, तो आपके रिश्तों में आकर्षण हमेशा बना रहेगा.

  संतुलित सेक्स लाइफ ज़रूरी है

वैवाहिक रिश्तों को बचाए और बनाए रखने के लिए बैलेंस सेक्स लाइफ ज़रूरी है. आप अपने साथी को लेकर क्या सोचते हैं, कैसा व्यवहार करते हैं, उसके प्रति कितने ईमानदार हैं, कब उसकी मानते हैं और कब अपनी मनमर्ज़ी थोपते हैं? इन सबका सीधा असर रिश्तों पर पड़ता है. आंकड़े बताते हैं कि 10 में से 4 रिश्ते सेक्सुअल रिलेशन में कड़वाहट के कारण बिगड़ते हैं. यदि आप ऐसा नहीं चाहते, तो संयमित रहें, ईमानदार बनें और अपने जीवनसाथी के तन को कम मन को ज़्यादा तवज्जो दें.

बेवफ़ाई निश्‍चित रूप से दूसरे जीवनसाथी के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति होती है. लेकिन समस्या है, तो उसका समाधान भी ज़रूर होता है. माना बेवफ़ाई जैसी चोट से उबरने में व़क्त लगता है, पर ईमानदारी से की गई कोशिश जल्द ही इससे उबरने में मदद करती है. इंसान ग़लतियों का पुतला है, जीवनसाथी की इस पहली ग़लती को आख़िरी ग़लती मानकर क्षमा कर दें और एक नई शुरुआत करें.

– मूरत पन्नालाल गुप्ता

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रोमांटिक लाइफ के लिए अपनाएं ये १२ सेक्स टिप्स (12 Sex Tips For Romantic Life)

Sex Tips

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स्मार्ट सेक्स टिप्स (Sex Tips)

1. अपनी सेक्स लाइफ को थोड़ा स्पाइसी बनाएं. कभी-कभार रूटीन से हटकर कुछ नया ट्राई करें.

2. पार्टनर को आकर्षित करने के लिए सेक्सी कपड़े पहनें. यह आपकी कामोत्तेजना का बढ़ाता है.

3. अरोमा कैंडल्स की ख़ुशबू सेक्स के प्रति आकर्षित करने में आपकी मदद करती हैं. अपने बेडरूम को मनपसंद ख़ुशबू से महकाएं.

4. कोशिश करें कि साल में एक बार स़िर्फ पति-पत्नी 2-4 दिनों के लिए बाहर जाएं. यह आपकी सेक्स लाइफ को दोबारा रिवाइव कर देता है.

5. पार्टनर को मॉर्निंग किस और गुडनाइट किस देना कभी न भूलें.

6. रोमांटिक बातें आपके रिश्ते में अहम् भूमिका निभाती हैं. अपनी बातों से उन्हें रिझाने का कोई मौक़ा हाथ से न जाने दें.

7. अगर दोनों ही वर्किंग हैं, तो वर्किंग आवर्स के बीच एक बार आई लव यू या मिस यू जैसे मैसेजेस आपकी सेक्स लाइफ के रोमांच को बनाए रखते हैं.

8. पार्टनर के शौक़ को जानते हैं, तो कभी-कभार उन्हें सरप्राइज़ ज़रूर दें.

9. सिर्फ़ गिफ़्ट ही आपके पार्टनर को ख़ुश नहीं करता, बल्कि किसी दिन बिन बताए उन्हें ऑफिस से पिक अप करने पहुंच जाएं या फिर सरप्राइज़ लंच प्लान करें.

10. एक-दूसरे को अपनी फैंटसीज़ के बारे में बताएं.

11. कुछ अलग करना चाहते हैं, तो शनिवार रात की बजाय रविबार की सुबह आपके प्यार के लिए बेस्ट टाइम होगा.

12. अक्सर महिलाएं पुरुष के पहल का इंतज़ार करती हैं. इस बार आप पहल करके उन्हें ख़ुश कर सकती हैं.

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ट्राई करें ये सेक्स बूस्टर फूड्स 

स्ट्रॉबेरी

ये विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है, जो पुरुषों में स्पर्म काउंट को बढ़ाता है. साथ ही यह हार्ट और आर्टरीज़ में रक्त संचार को सुचारू बनाए रखता है. स्ट्रॉबेरीज़ को डार्क चॉकलेट में डुबोकर खाएं, यह कामोत्तेजना को बढ़ाता है.

बादाम

ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई के गुणों से भरपूर बादाम सेक्स बूस्टर का काम करता है. सेलेनियम जहां इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर रखता है, वहीं ज़िंक सेक्स हार्मोन की बढ़ोत्तरी करता है और विटामिन ई हार्ट को हेल्दी रखता है.
रोज़ाना बादाम का सेवन याद्दाश्त बढ़ाने के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ को भी हेल्दी बनाता है.

तरबूज़

इसमें कामोत्तेजना बढ़ानेवाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें मौजूद लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन सेक्स ड्राइव को बूस्ट करने में मदद करता है.

शकरकंद

पोटैशियम से भरपूर शकरकंद हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफ़ी मददगार होता है, जिससे पुरुष इरेक्टाइल डायस्फंक्शन के ख़तरे से बचे रहते हैं. बीटा कैरोटीन और विटामिन ए इंफर्टिलिटी को दूर रखते हैं.

सफेद तिल

ज़िंक से भरपूर तिल बेहतरीन सेक्स बूस्टर फूड है. यह टेस्टोस्टेरॉन और स्पर्म प्रोडक्शन की बढ़ोत्तरी में मदद करता है.

सेक्स किलर फूड्स

चीज़, डायट सोडा, सोया, आर्टिफीशियल स्वीटनर्स, फ्राई व फैटी फूड्स, कैन्ड फूड आदि अवॉइड करें.

– सुनीता सिंह

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क्या होती है सेक्सुअल फिटनेस? (What Is Sexual Fitness?)

यह सच है कि सेक्स और सेक्स से जुड़े विषयों पर हमारा समाज थोड़ा-बहुत खुलकर बात करने लगा है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि सेक्स को लेकर आज भी लोगों के मन में भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, क्योंकि सेक्स को लेकर कुछ खुलापन भले ही आ गया हो, लेकिन परिपक्वता अब भी नहीं आई है. ऐसे में यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या हम सेक्सुअली फिट हैं?

Sexual Fitness

– एक सामान्य इंसान को सेक्स की ज़रूरत और चाहत होती है.

– यह चाहत व ज़रूरत अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है. किसी को कम, किसी को ज़्यादा.

– इसी तरह आकर्षण होना भी स्वाभाविक है.

– फैंटसीज़ यानी कल्पना करना, जैसे- किसी ख़ास व्यक्ति की ओर यदि हम आकर्षित होते हैं, तो उसके बारे में सोचना और कल्पना में उसके साथ             सेक्स करना भी स्वाभाविक व सामान्य है.

– सेक्स की चाह होने पर मास्टरबेट करना भी हेल्दी माना जाता है.

– यदि आप में ऊपर बताए तमाम लक्षण मौजूद हैं, तो आप सेक्सुअली फिट हैं और यदि आप में सेक्स ड्राइव यानी सेक्स की चाह कम है या कम हो           रही है, तो आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम है.

–  अगर आप शादीशुदा हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ कितनी अच्छी है?

– क्या सेक्स से आपको और आपके पार्टनर को पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती?

– क्या सेक्स से आपको ऊब और बोरियत होने लगी है?

– क्या यह महज़ शारीरिक क्रिया बन गया है आपके लिए या अब भी भावनात्मक रूप से आप इसे आनंददायक क्रिया मानते हैं?

– ये तमाम सवाल ख़ुद से और अपने पार्टनर से करें, तो आप ख़ुद जान जाएंगे कि आप सेक्सुअली कितने फिट हैं.

व्यस्त ज़िंदगी में भी अगर सेक्स आपकी प्राथमिकताओं में से बाहर हो गया है, तो सचेत हो जाइए. शोधों में भी यह बात कई बार साबित हो चुकी है कि शादीशुदा लोग कुंवारे लोगों की अपेक्षा अधिक हेल्दी और लंबी ज़िंदगी जीते हैं. ऐसे में सेक्स के महत्व और सेक्सुअल फिटनेस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. सेक्सुअल फिटनेस को आप इस तरह से बांटकर देख सकते हैं-

भावनात्मक पहलू: अगर आपका अपने पार्टनर से भावनात्मक लगाव है, तो ज़ाहिर है सेक्स लाइफ बेहतर बनेगी, लेकिन अगर आप दोनों ही मशीनी ज़िंदगी जीने के आदी हो चले हैं, तो सेक्स की चाह भी कम होती चली जाएगी यानी आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम होती जाएगी.

स्पेशल टिप: ऐसे में ज़रूरी है पार्टनर के साथ समय बिताएं. प्यार भरी बातें करें, एक-दूसरे को सहयोग करें, जिसका सीधा प्रभाव आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ेगा.

मानसिक स्थिति: मानसिक तनाव, काम का बोझ और घरेलू ज़िम्मेदारियां भी आपको सेक्स के प्रति उदासीन बना देती हैं. बेहतर होगा कि अपने काम का तनाव बेडरूम में न ले जाएं. आप मिल-जुलकर हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, इसलिए अपने रिश्ते और सेक्स लाइफ पर इन रोज़मर्रा की बातों का असर न पड़ने दें.

स्पेशल टिप: पुरुषों की 90% सेक्स समस्या, जैसे- शीघ्रपतन आदि मानसिक अवस्था से ज़्यादा जुड़ी होती है, बजाय शारीरिक समस्या के. ठीक इसी तरह महिलाओं में योनि में सूखापन, दर्दयुक्त सेक्स आदि भी सेक्स के प्रति उदासीनता की वजह से हो सकता है.

शारीरिक पहलू: सेक्सुअल फिटनेस बहुत हद तक आपकी शारीरिक फिटनेस से भी जुड़ी होती है. अगर आपको कोई सेक्सुअल या शारीरिक समस्या है, तो काउंसलर या एक्सपर्ट की मदद लेने से परहेज़ न करें.

स्पेशल टिप: योग व एक्सरसाइज़ को भी अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं. साथ में जॉगिंग या योगा क्लासेस जॉइन करें, इससे आप दोनों में नज़दीकियां बढ़ेंगी, जिसका सकारात्मक असर आपकी सेक्सुअल फिटनेस पर पड़ेगा.

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नकारात्मक सोच से बचें

मन में बैठी भ्रांतियों व ग़लतफ़हमियों के कारण अपनी सेक्सुअल फिटनेस कम न होने दें- अधिकतर लोगों को लगता है कि फैंटसाइज़ करना, मास्टरबेट करना या किसी की तरफ़ आकर्षण महसूस करना ग़लत है. जबकि ये तमाम चीज़ें आपकी सेक्सुअल फिटनेस का अहम् हिस्सा हैं और आपकी फिटनेस को दर्शाती हैं.

सामाजिक व पारिवारिक पहलू

जहां तक महिलाओं की बात है, तो बचपन से ही पालन-पोषण अलग ढंग से होने के कारण या अन्य कारणों से भी वो सेक्स को लेकर उतनी उत्साहित नहीं रहतीं. उन्हें लगता है कि सेक्स के बारे में बात करना ग़लत है या चाहत होने पर भी सेक्स के लिए पहल न करना ही सही है, क्योंकि स्त्रियों को शर्मीला होना चाहिए और यही शर्मीलापन उनके संस्कार व चरित्र की सही व्याख्या करेगा. तमाम ऐसी बातें महिलाओं को सेक्सुअली अनफिट बनाती हैं और वो अपने पार्टनर को ठीक से सहयोग नहीं करतीं. इसके अलावा वो अपनी बॉडी को लेकर भी काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, उन्हें लगता है कि उनका फिगर या उनकी शारीरिक ख़ूबसूरती उनके पार्टनर को आकर्षित करने के लिए नाकाफ़ी है.

स्पेशल टिप: इस तरह की नकारात्मक सोच न रखें. फिज़िकल फिटनेस पर ध्यान ज़रूर दें, लेकिन मानसिक रूप से भी पॉज़ीटिव बनी रहें. आपका सहयोग और आपका प्यार आपकी शारीरिक ख़ूबसूरती से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है रिश्ते व सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए.

क्या करें?

– फोरप्ले ज़रूर करें. अच्छे सेक्स के लिए अच्छा फोरप्ले बहुत ज़रूरी है.

– इसी तरह से अच्छे सेक्स के लिए रोमांस होना भी बहुत ज़रूरी है, इसलिए व्यस्त दिनचर्या से रोमांटिक पलों को ज़रूर चुराएं.

– खान-पान हेल्दी हो. फिज़िकल फिटनेस आपको सेक्सुअली भी फिट रखेगी.

– सेक्स बूस्टर फूड को अपने डायट का हिस्सा बनाएं, जैसे- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, फ्लैक्स सीड(अलसी), सोयाबींस, सनफ्लावर सीड्स, सी फूड,                नट्स, ताज़ा फल, ख़ासकर विटामिन सी युक्त आदि. साथ ही एक्सरसाइज़ भी करें.

– जंक फूड, अल्कोहल का सेवन कम करें.

– तनाव से दूर रहें.

– अगर कोई समस्या हो, तो काउंसलर व एक्सपर्ट से सलाह लें.

– योगिनी भारद्वाज

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पहला अफेयर: तुम बिन… अधूरी मैं! (Pahla Affair: Tum Bin… Adhuri Main)

Pahla Affair Kahani

पहला अफेयर: तुम बिन… अधूरी मैं! (Pahla Affair: Tum Bin… Adhuri Main)

एक ख़्वाब थे तुम या मेरी हक़ीक़त… बस, आए… पलभर के लिए ठहरे… और ओझल हो गए… जैसे कोई नूर की बूंद तन-मन को भिगोकर चांद की आगोश में खो जाती है… जैसे कोई शबनम का क़तरा होंठों की दहलीज़ को छूकर, मदहोश करके, मन को प्यासा ही छोड़कर बिखर जाता है… इसी तरह से तुम भी आए थे, मेरी हस्ती पर छाए थे और फिर मुझे अधूरा करके चले गए… कैसे हो, कहां हो… मुझे आज तक पता नहीं… बस इतना पता है कि मैं अब तक वैसी ही हूं… तुम बिन अधूरी!

मुझे याद है, तुम्हारी वो पहली नज़र जो मुझे भीतर तक भिगो गई थी. बारिशों के मौसम में सावन के झूले की तरह तुम आए, मुझे ढलती शाम में भीगता देख अपना रेनकोट मुझे देकर बाइक पर तेज़ी से ओझल हो गए.

फिर कई दिनों तक तुम्हारा वहीं इंतज़ार करती रही थी मैं, पर तुम नहीं आए…

“हैलो मैम, कैसी हैं आप… आज तो बारिश नहीं हो रही, अब तो मेरा रेनकोट लौटा दीजिए. इस ग़रीब पर रहम कीजिए, मैं उस दिन के बाद रोज़ भीगकर घर जाता हूं.”

“ये अजीब बात है, बिन कहे, बिन बताए आप आए और चले गए. उसके बाद कहां ढूंढ़ती आपको. रोज़ आपका इंतज़ार करती थी यहीं, पर आप आज आए हैं.”

“क्या बात है, एक ही मुलाक़ात में इतनी बेक़रारी अच्छी नहीं. मेरा रोज़ इंतज़ार… वाह राहुल बेटा, काफ़ी डिमांड में है, एक ख़ूबसूरत हसीना तेरे इंतज़ार में थी…”

“बस-बस, मैं कोई तुमसे मिलने के लिए बेक़रार नहीं थी, बस तुम्हें थैंक्स कहना था और तुम्हारा सामान लौटाना था.”

“ठीक है, तो बोल दो थैंक्स और लौटा दो मेरा सामान…”

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“ये लीजिए, उस दिन से रोज़ बैग में इसका वज़न ढो रही हूं. वैसे थैंक्स मेरी मदद करने के लिए.”

“आप इतने दिनों तक मेरा इंतज़ार कर रही थीं, तो मेरा फ़र्ज़ है कि आपको कॉफी पिलाऊं… क्या मेरे नसीब में है ये?”

पता नहीं क्यों, मैं राहुल को मना नहीं कर पाई. एक तरह से तो वो अंजान ही था मेरे लिए, पर मैं उसके साथ चल पड़ी… कॉफी पीते-पीते ढेर सारी बातें हुईं हमारे बीच… और जाते समय राहुल ने कहा, “रूही, मेरा सामान लौटाया नहीं आपने… ये तो चीटिंग है.”

“नहीं, मैंने तो लौटा दिया… आपको ग़लतफ़हमी हुई है…”

“नहीं रूही, ये देखो, मेरा दिल, मेरे सीने में नहीं है… आपने चुपके से रख लिया अपने पास…”

जब राहुल ने रूमानी अंदाज़ में यह बात कही, तो अजीब-सी सिहरन हुई थी मेरे तन में… पहली बार किसी की बातों ने, किसी की नज़रों ने इस तरह से छुआ था मुझे. उसके बाद बातों का, मुलाक़ातों का सिलसिला चलता गया… हम क़रीब आने लगे कि एक रोज़ तुम अचानक चले गए मेरी ज़िंदगी से. बिना कुछ कहे, बिना कुछ बताए… मैंने बहुत इंतज़ार किया… पर तुम नहीं आए.

सारी आस टूट गई थी, फिर भी एक उम्मीद थी मन में कि तुम कभी न कभी आओगे, तब सारी शिकायतें कर लूंगी.

“मैम, आप मेरी सीट पर बैठी हैं शायद…” एक जानी-पहचानी आवाज़ ने मुझे चौंका दिया… मैं फ्लाइट में शायद ग़लत सीट पर बैठी हुई थी. नज़रें उठाकर देखा, तो सामने राहुल था…

उसे भी अंदाज़ा नहीं था कि मैं बैठी हूं. वो सकपका गया… पूरे रास्ते हमने कुछ नहीं कहा एक-दूसरे से. लैंडिंग के बाद मैंने देखा कि राहुल कुछ लंगड़ाकर चल रहा है. मैंने उसे रोका, बहुत-से सवाल थे मेरे मन में…

“क्या हुआ है तुम्हें. तुम ऐसे क्यों चल रहे हो…? राहुल, मुझे इस तरह बीच राह में छोड़कर चले गए, अब इस तरह चुप नहीं रह सकते तुम… तुमको बताना होगा…”

“रूही, उस शाम जब मैं तुमसे मिलकर वापस जा रहा था, तब मेरा एक्सीडेंट हो गया था. उसी में मेरा एक पैर ख़राब हो गया…”

“तुमने मुझे बताना भी ज़रूरी नहीं समझा… तुम्हें क्या लगा कि इतनी सी बात के लिए मैं तुम्हें छोड़ दूंगी…? इतना ही समझे हो मेरे प्यार को?”

“नहीं रूही, बात स़िर्फ इतनी होती तो भी मैं तुम्हारी ज़िंदगी से नहीं जाता, पर डॉक्टर्स ने बताया कि मेरी रीढ़ की हड्डी में गंभीर इंजरी हुई है, जिससे मैं अब कभी पिता नहीं बन सकता… तुम हमेशा कहती थीं कि हमारा घर होगा, बच्चे होंगे, मैं तुम्हारे सपने पूरे नहीं कर सकता…”

“राहुल, मेरा सपना तुमसे ही शुरू होता है, तुम पर ही ख़त्म… बच्चे तो बाद की बात है… मैं तुमसे प्यार करती हूं, जब तुम ही नहीं, तो मेरा अस्तित्व ही नहीं… तुम अब भी नहीं समझे मुझे… नहीं पहचाने मेरे प्यार को… तुम बिन अधूरी हूं मैं! हमेशा… ताउम्र…!”
राहुल ने मुझे अपनी गर्म बांहों में ़कैद कर लिया, ख़ुद से कभी न जुदा होने के लिए!

– गीता शर्मा

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मानसिक स्वास्थ्य का सेक्स लाइफ पर असर (How Mental Health Affects Your Sex Life?)

भागदौड़ और व्यस्तता भरी ज़िंदगी में वैवाहिक दंपतियों की सेक्स लाइफ (Sex Life) में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है. ऐसे में कई बार पति-पत्नी के अंतरंग रिश्तों में रोमांस की जगह बोरियत पैदा हो जाती है. अगर पति या पत्नी में से कोई एक दिमाग़ी तौर पर तनावग्रस्त होता है तो उसका सीधा असर उनके बेडरूम में दिखाई देता है, जहां पति-पत्नी के मन में सेक्स के लिए पैशन व प्लेज़र की जगह बोरियत और नीरसता के भाव जागने लगते हैं. अधिकांश लोगों ने यह अनुभव भी किया होगा कि जब वो टेंशन फ्री होते हैं तब सेक्स को ज़्यादा एन्जॉय करते हैं, लेकिन जब वो किसी तरह की मानसिक परेशानी में होते हैं तो इसका दुष्प्रभाव उनकी सेक्स लाइफ पर भी दिखाई देता है. आख़िर मानसिक स्वास्थ्य और सेक्स लाइफ के बीच क्या कनेक्शन है? चलिए जानते हैं.

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दिमाग़ का सेक्स से कनेक्शन

सेक्स का दिमाग़ से सीधा कनेक्शन है, क्योंकि जब हम सेक्स के बारे में सोचते हैं तब हमारा दिमाग़ मूड बनाने वाले हार्मोन सेरोटोनिन का स्राव करता है. इस हार्मोन के स्राव से हमारे यौन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है, लेकिन जब कोई मानसिक तौर पर अस्वस्थ या परेशान होता है या फिर दवाइयों का सेवन कर रहा है तो इसका सीधा असर उसकी सेक्स लाइफ पर दिखाई देता है. ऐसे में व्यक्ति को सेक्सुअल डिसफंक्शन या कामेच्छा में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए स़िर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर भी स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है.

1- पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर

कई अध्ययनों में यह ख़ुलासा किया गया है कि जो महिला या पुरुष पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के शिकार होते हैं उनकी सेक्स लाइफ बुरी तरह से प्रभावित होती है. इससे पीड़ित लोगों को अपने अंतरंग रिश्तों में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. हालांकि यह ट्रॉमा बीते समय में हुए यौन हिंसा या किसी गंभीर दुर्घटना के कारण भी हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पीड़ित व्यक्ति यौन क्रिया के दौरान उत्तेजना की कमी महसूस करता है और सेक्स में उसकी सक्रियता नहीं रहती है.

2- डिप्रेशन

डिप्रेशन यानी अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर शारीरिक ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं, जिसके कारण सेक्स में उनकी रुचि कम होने लगती है या फिर उनकी कामेच्छा में कमी आ जाती है. ऐसे लोग सेक्सुअल डिसफंक्शन के शिकार हो जाते हैं, जिसके चलते उनमें इरेक्शन या ऑर्गेज्म की कमी जैसी समस्याएं हो जाती हैं. कई मामलों में एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों के सेवन से भी सेक्स लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता दिखाई देता है.

3- एंज़ायटी

कई अध्ययनों से यह पता चला है कि एंज़ायटी से पीड़ित क़रीब 75 फ़ीसदी लोगों में यौन समस्याएं होती हैं. इससे पीड़ित पुरुषों में जहां इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या देखी जाती है, वहीं महिलाओं में सेक्सुअल अवर्शन डिसऑर्डर हो सकता है, जिसमें सेक्स से डर और उससे बचने जैसी चीज़ें शामिल हैं. यह समस्या उन लोगों को भी हो सकती है जिनके साथ यौन शोषण हुआ हो, इसके अलावा सोशल एंज़ायटी से पीड़ित लोगों की कामेच्छा में भी कमी आ सकती है.

4- ईटिंग डिसऑर्डर

जब कोई व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में या बहुत कम मात्रा में खाना शुरू कर देता है तो इसे ईटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है. यह एक तरह की मानसिक बीमारी है. इस डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों में सेक्सुअल एंज़ायटी, सेक्स से बचना, सेक्स के प्रति उदासीनता और सेक्सुअल डिसफंक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. एक रिसर्च के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार है तो इससे उसके शरीर में कामोत्तेजना बढ़ाने वाले हार्मोन्स का उत्पादन सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है.

5- बाइपोलर डिसऑर्डर

बाइपोलर डिसऑर्डर एक ऐसा मानसिक विकार है जिसमें पीड़ित व्यक्ति का मूड बार-बार बदलता है. कभी उसका आत्मविश्‍वास चरम पर होता है तो कभी उसका आत्मविश्‍वास एकदम निचले स्तर पर चला जाता है. इससे पीड़ित व्यक्ति एक पल ख़ुश तो अगले ही पल दुखी और अवसादग्रस्त हो जाता है, जिसके चलते उसकी सेक्सुअल लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में उनका बार-बार बदलता मूड और व्यवहार अंतरंग रिश्तों के लिए घातक बन जाता है.

6- बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर

अनुचित या अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रियाएं देना, अत्यधिक आवेगपूर्ण व्यवहार करना और अस्थिर संबंधों का इतिहास इत्यादि बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं. इससे पीड़ित लोग न तो नौकरी में स्थिर रह पाते हैं और न ही अपने निजी रिश्तों में. यही वजह है कि इनकी सेक्सुअल लाइफ बदतर होती है, क्योंकि इससे पीड़ित व्यक्ति या तो सेक्स से बचने की कोशिश करता है या फिर वो सेक्स के दौरान अत्यधिक आवेग में आ जाता है.

7- स्किज़ोफ्रेनिया

आंकड़ों के मुताबिक़, भारत में विभिन्न डिग्री के स्किज़ोफ्रेनिया से लगभग 40 लाख लोग पीड़ित हैं. यह बीमारी एक हज़ार वयस्कों में से क़रीब 10 लोगों को अपना शिकार बनाती है और यह सबसे ज़्यादा 16 से 45 वर्ष की आयु के लोगों को प्रभावित करती है. रोग की गंभीरता के आधार पर इससे पीड़ित व्यक्ति की सेक्स क्षमता कम या सीमित हो सकती है, जिसके चलते इरेक्शन सही तरी़के से नहीं हो पाता है और ऑर्गेज्म पाने की क्रिया बिगड़ सकती है.

8- ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर (ओसीडी)

ओसीडी से पीड़ित व्यक्ति एक ही चीज़ को बार-बार करता है, जैसे- बार-बार हाथ धोना, दरवाज़े का लॉक चेक करना, साफ़-सफ़ाई पर ज़्यादा ध्यान देना इत्यादि. ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर का असर पीड़ित व्यक्ति की सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है. इससे पीड़ित व्यक्ति अति कामुक, यौन कल्पना यानी सेक्सुअल फेंटसी और मास्टरबेशन का आदी हो सकता है. हालांकि इसके लक्षणों को कम करने के लिए उपचार और दवाइयों की मदद ली जा सकती है.

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क्या करें?

अगर किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या के कारण आपकी सेक्स लाइफ बाधित हो रही है तो इलाज के अलावा आपको कुछ और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए.

दवाइयों में बदलाव- आप जिस मनोरोग विशेषज्ञ से अपना इलाज करा रहे हैं उससे अपनी सेक्स लाइफ पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में खुलकर बात करें और उससे दवाइयों में कुछ बदलाव करने की अपील करें, ताकि आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव कुछ हद तक कम हो सकें.

पार्टनर से कुछ न छुपाएं- अगर आप किसी मानसिक परेशानी से गुज़र रहे हैं तो इस बारे में अपने पार्टनर से खुलकर बात करें. उससे अपनी मानसिक स्थिति और सेक्स लाइफ में आ रही परेशानियों के बारे में बात करें. इससे पार्टनर आपकी मन:स्थिति को अच्छी तरह से समझेगा और आपके रिश्ते में मज़बूती बनी रहेगी.

थेरेपिस्ट की मदद लें- हो सकता है कि इलाज के दौरान थेरेपिस्ट या विशेषज्ञ आपकी सेक्स लाइफ के बारे में न पूछें, ऐसे में आपकी मानसिक स्थिति के कारण आपकी सेक्स लाइफ किस तरह से बाधित हो रही है इसके बारे में उन्हें आपको ख़ुद बताना होगा. इसलिए अपनी हिम्मत बढ़ाएं और थेरेपिस्ट के साथ-साथ अपने पार्टनर को भी इस समस्या के बारे में बताएं.

ये चीज़ें भी हैं ज़रूरी- मानसिक बीमारी के कारण सेक्स लाइफ पर पड़ रहे दुष्प्रभाव के बारे में हरदम सोचने की बजाय अपने पार्टनर से खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखें, पार्टनर के साथ हंसी-मज़ाक करें, अपनी जीवनशैली में शामिल अन्य अच्छी चीज़ों पर भी ध्यान दें. इससे पार्टनर के साथ आपका भावनात्मक रिश्ता मज़बूत होगा और आपके अंतरंग रिश्तों में भी सुधार आने लगेगा.

– अनिता राम

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पति-पत्नी और शक (How Suspicion Can Ruin Your Marriage?)

पति की कमीज़ पर किसी लड़की के बाल को देखकर परेशान होना… पत्नी को घर छोड़ने आए पुरुष सहकर्मी को लेकर शंका… पति के कमरे के बाहर जाते ही चोरी-छिपे उसका मोबाइल चेक करना या कभी-कभी अपने साथी के पीछे जासूस लगाना… क्या आप जानते हैं कि अगर इसमें से एक भी लक्षण आप में है, तो आप ‘शक’ नाम की गंभीर बीमारी के शिकंजे में फंसते जा रहे हैं.

Marriage

पति-पत्नी और शक यह एक ऐसा प्रेम त्रिकोण है, जिसकी कहानी का अंत अक्सर ही दुखद होता है. अगर पति-पत्नी की हंसती-खेलती ज़िंदगी में शक की दीवार खड़ी होती है, तो बंटवारा ज़मीन-जायदाद का नहीं, बल्कि परिवारों का होता है. शक नाम की यह बीमारी कोई नई नहीं है. हमारे समाज  में शक और उससे जुड़ी कई कहानियां प्रसिद्ध हैं, पर कभी किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.

कैसे बढ़ती है शक की बीमारी?

रिसर्च बताते हैं कि किसी पर शक करना चाहे कोई बहुत बड़ी समस्या न हो, पर हां यह किसी समस्या की ओर पहली सीढ़ी ज़रूर है. शक का अगर व़क्त रहते इलाज नहीं हुआ, तो धीरे-धीरे उस शक पर बिना किसी वजह आप विश्‍वास करने लगते हैं और अपने साथी पर अविश्‍वास. यह अविश्‍वास फिर आपकी झुंझलाहट और चिड़चिड़ेपन का कारण बनता है. यह कभी-कभी शारीरिक तौर पर भी नज़र आता है. यह झुंझलाहट आप में असुरक्षा की भावना को जन्म देती है, जिसके कारण कई सारे डर दिमाग़ में घर कर जाते हैं. ऐसा होने पर जहां एक ओर आप मानसिक बीमारी के शिकार हो जाते हैं, वहीं दूसरी ओर आपका आपके साथी के साथ रिश्ता बिखर जाता है.

यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि शक कभी लिंग भेद नहीं करता, सामान्यतौर पर यह माना जाता है कि स्त्रियां ही शक्की होती हैं, पर ऐसा है नहीं. समय आने पर पुरुष भी शक करते हैं. अगर इसका और विश्‍लेषण किया जाए, तो सवाल यह उठता है कि आख़िर हम शक करते क्यों हैं?

ये होती हैं अक्सर शक की वजहें

जब रिश्ता नए माहौल में आगे बढ़ रहा हो

जब भी हम किसी नए जीवन में क़दम रखते हैं, तो मन में आकांक्षाओं के साथ आशंकाएं भी होती हैं. जैसे नई नौकरी हो या कॉलेज का पहला दिन, थोड़ा शक तो मन में रहता ही है. इसी तरह जब कोई रिश्ता आगे नए रास्ते पर बढ़ता है, तो मन में शक तो रहेगा ही.

अपने किसी भय को छिपाने के लिए

रिश्ते में अगर आपको किसी चीज़ से डर लगता है, उदाहरण के तौर पर अगर किसी को सेक्स से डर लगता है या उस रिश्ते के साथ अपने भविष्य का भय, तो उसे छिपाने के लिए शक का सहारा लेते हैं.

जब आप ख़ुद किसी हीनभावना का शिकार हों

हीनभावनाएं अक्सर ही असुरक्षा की भावना लाती हैं और यही असुरक्षा शक को जन्म देती है. असुरक्षा किसी प्रिय व्यक्ति को खो देने की, असुरक्षा अपनी महत्ता खो देने की. मान लीजिए कोई स्त्री या पुरुष हीनभावना से ग्रसित है, तो उसे हमेशा अपने साथी को लेकर शक रहेगा कि कहीं उसका किसी और के साथ अफेयर तो नहीं चल रहा, कहीं मेरा साथी मुझे छोड़कर तो नहीं चला जाएगा. बिना किसी वजह की चिंता शक और अविश्‍वास की जननी है और फिर इसी असुरक्षा के चलते आप साथी को और अधिक जकड़कर-पकड़कर रखने की कोशिश करते हैं, जो अंत में रिश्ते को समाप्त करता है.

अतीत के अनुभव

यह बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है. अगर किसी के जीवन में पहले कभी धोखा हुआ हो या उसने ख़ुद किसी को धोखा दिया हो, तो शक उसके जीवन का अभिन्न अंग बन जाता है. यह मानव प्रवृत्ति है कि वह अनुभवों से ही सीखता है.

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Suspicion on Your Marriage

क्या हो सकते हैं शक के परिणाम?

शक को अगर समय रहते ना रोका गया, तो ये दो चीज़ों को बर्बाद करता है- पहला आपका अपना व्यक्तित्व और दूसरा आपका रिश्ता. यह तब और भी भयावह हो जाता है, जब स़िर्फ दो व्यक्ति नहीं, बल्कि दो परिवार टूटते हैं. शक्की व्यक्ति अपने जीवन में किसी भी रिश्ते से संतुष्ट नहीं रह सकता. शक होना वैसे तो काफ़ी सामान्य-सी बात है, पर इस शक को एक सीमा के परे बढ़ने ना देना बेहद आवश्यक है. तो कैसे किया जाए इस शक को नियंत्रित?

मुझे तुमसे प्यार है

सबसे पहले इस जुमले से बाहर आएं और यह कहना शुरू करें कि मुझे तुम पर विश्‍वास है. प्यार कभी अकेला नहीं रहता. यह हमेशा विश्‍वास के साथ रहता है. अगर विश्‍वास ख़त्म हो जाए, तो प्रेम की सुंदरता समाप्त हो जाती है.

सवालों का बोझ

कुछ सवालों के बोझ से ख़ुद को और अपने साथी को भी दूर रखें. सवाल जैसे कि फोन करके यह पूछना कि तुम अभी कहां हो, किसके साथ हो, तुम मुझसे प्यार तो करते/करती हो ना… कहीं तुम मुझसे कुछ छिपा तो नहीं रहे… ये सवाल आपके रिश्ते को कमज़ोर बनाएंगे.

सांस लेने की रखें गुंजाइश

रिश्ते में अपने साथी को और ख़ुद को सांस लेने की जगह दें. इसका अर्थ है कि थोड़ा समय अपने साथी को और ख़ुद को अपनी रुचि का काम करने के लिए दें. स्वतंत्रता का बंधन सबसे अच्छा बंधन होता है. अगर रिश्ते में स्वतंत्रता है, तो शक की कोई गुंजाइश नहीं होगी.

बार-बार करें विश्‍वास

आपको जितनी बार अपने साथी पर बेवजह शक होता है, उतनी बार उस पर फिर से विश्‍वास करें. यह काम है तो मुश्किल, पर करना तो पड़ेगा. इसके लिए आप दोनों एक-दूसरे के साथ क्वालिटी समय बिताएं. चाहें तो खाली समय में एक-दूसरे को एंटरटेन करने के लिए ट्रस्ट गेम्स खेलें. ट्रस्ट गेम्स आपके रिश्ते को मज़बूत बनाते हैं. इंटरनेट पर आपको बहुत से ऐसे ट्रस्ट गेम्स मिल जाएंगे.

अतिविचारी प्रवृत्ति से बचें

ये वे लोग हैं, जो अपने विचारों में ही तिल का ताड़ बना लेते हैं. किसी ऐसी बात को अपने विचारों में रखना जो कभी हुई ही नहीं, आपके रिश्ते के लिए हानिकारक है. ऐसा होगा या वैसा होगा… इन बातों का कोई अंत नहीं है. तो बिना किसी सबूत के होनेवाले शक पर लगाम तो आपको ही कसनी होगी.

खाली दिमाग़ शैतान का घर

अपने आपको कभी इतना खाली मत रखिए कि दिमाग़ में शक का फ़ितूर नाचने लगे. अपने दिमाग़ और ऊर्जा को किसी सकारात्मक कार्य में लगाएं.

शक आपके अपने दिमाग़ की उपज है, इसलिए उसे ख़त्म करने की ज़िम्मेदारी भी आपकी अपनी ही है. हां, आप चाहें, तो किसी दोस्त या एक्सपर्ट की मदद भी ले सकते हैं

          – विजया कठाले निबंधे

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पहला अफेयर: इंतज़ार (Pahla Affair: Intezar)

First Love Story

पहला अफेयर: इंतज़ार (Pahla Affair: Intezar)

मैंने पूछा ऊपरवाले से, क्यों करवाता है तू अपने बंदों से प्यार? जब सारी उम्र उनकी क़िस्मत में दे देता है इंतज़ार… आख़िर ऐसा क्यों होता है, मुहब्बत करनेवालों के साथ?

ये चंद पंक्तियां ही लिखी थीं कि उसका मुस्कुराता हुआ चेहरा मेरे सामने आ गया, जिसने मेरी रूह को छू लिया था. वो भी इस कदर कि वो तो मुझसे दूर चली गई, लेकिन अपने प्यार से मेरी रूह को महका गई. जब भी सांस लेता हूं, उसकी आंखें, उसकी यादें, उसकी बातें ख़ुशबू बनकर बिखर जाती हैं, हर लम्हा मुहब्बत मेरी निखर जाती है.

हां, उसके दूर जाने के बाद इस दिल में कोई भी समा न पाया. हर पल संग मेरे चलता है उसकी यादों का साया. सुनहरी रात के वो चंद पल मेरे जीवन की सबसे अनमोल पूंजी हैं, जिन्हें मैंने संभालकर रखा है अपने दिल में.

बात उन दिनों की है, जब मेरी कविताएं और रचनाएं लोगों को अपनी-सी लगने लगी थीं और कुछ लोग तो अपनी चाहतों की दास्तान मुझसे साझा करने लगे थे और उनके प्यार की कहानियां सुनकर मैं फिर से कुछ नया लिखने को प्रेरित होता था.

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ऐसे ही एक दिन लिखने बैठा ही था कि मोबाइल की रिंग बजी, जैसे ही आवाज़ सुनी, दिल में अजीब-सी हलचल हुई और कानों में मधुर संगीत घुल गया. मिश्री-सी मीठी आवाज़ ने कहा, “मैं मिस्टर राज से ही बात कर रही हूं ना?” मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरे दिल ने मुझसे ही बगावत कर दी और मैं उसकी तरफ़ खिंचने लगा.

बस, उस दिन के बाद शुरू हुआ बातों का कभी न ख़त्म होनेवाला सिलसिला और पता नहीं कब मेरे जीवन में उसकी मुहब्बत का रंग गहराई से चढ़ गया.

एक दिन अचानक उसने कहा, “मैं तुमसे मिलना चाहती हूं राज.” और वो दिन मेरी ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत दिन था, मौसम तो ख़ुशनुमा था ही, पर आसमान ने भी मानो रंग बदल दिया, अचानक प्यार बनके बूंदें बरसाने लगा. काले रंग की साड़ी में वो ऐसे लग रही थी, मानो चांद को काले बादलों ने ओढ़ रखा है, चेहरे पर बूंदों का शृंगार…

आज भी मेरे ज़ेहन में वो तस्वीर ़कैद है, जिसकी मैं पूजा करता हूं और हमेशा करता रहूंगा. तुम्हारे जाने के बाद, इंतज़ार रहता था कि कब तुम्हारा फोन आएगा… पर न जाने क्या हो गया कि न तुम्हारा कोई फोन आया, न ही कोई मैसेज… क्यों तुमने मेरे दिल की मरुभूमि पर मुहब्बत के फूल उगाए?

पर मुझे कोई शिकायत नहीं है, दिल को आज भी तुम्हारा इंतज़ार है और ताउम्र रहेगा. आज सारे लोग मेरी मुहब्बत के पैग़ाम पढ़ते हैं, बस मेरा ही दिल जानता है कि वो किसके लिए तरसता है.

काश! तू भी मेरे लेख या कहानी से जान जाए या कोई पैग़ाम भेज दे, ताकि ये इंतज़ार की घड़ियां थम-सी जाएं और प्यार की बरसात हो जाए.

– वीना साधवानी

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सेक्सुअल समस्या कहीं आपके रिश्ते को प्रभावित तो नहीं कर रही? (Are Sexual Problems Affecting Your Relationship?)

पति-पत्नी का रिश्ता (Relationship) आपसी सामंजस्य, सहयोग और प्यार (Love) का होता है, लेकिन इन सबके बीच इस रिश्ते में सेक्स (Sex) की भी अलग अहमियत होती ही है, क्योंकि सेक्स प्यार के इज़हार का सबसे ख़ूबसूरत ज़रिया माना जाता है. ऐसे में आपसी रिश्ता अच्छा बना रहे, इसके लिए बहुत ज़रूरी है कि आपकी सेक्स लाइफ भी अच्छी हो, वरना रिश्तों में दूरियां पैदा होने में देर नहीं लगती. अक्सर ऐसा होता है कि कभी शर्म, संकोच या फिर डर व झिझक के चलते कपल्स सेक्सुअल क्रिया या उससे जुड़ी समस्याओं (Problems) के बारे में बात नहीं करते, जिससे समस्याएं वहीं की वहीं बनी रहती हैं और रिश्ता प्रभावित होने लगता है. यहां हम ऐसी ही समस्याओं पर बात करेंगे, जो आपके रिश्ते पर असर डाल सकती हैं.

Sexual Problems

प्री-मैच्योर इजैकुलेशन (स्खलन)

काफ़ी पुरुषों में यह समस्या होती है, लेकिन अच्छी ख़बर यह है कि यह इतनी बड़ी समस्या भी नहीं कि ठीक न हो सके. प्री-मैच्योर इजैकुलेशन किसे कहते हैं? क्या आपके पार्टनर को ऑर्गैज़्म तक पहुंचने में एक मिनट से अधिक का समय लगता है या फिर उससे कम? अगर वो एक मिनट से भी कम समय में स्खलित हो जाता है, तो उसे यह समस्या है. ऐसे पुरुष अक्सर सेक्स को लेकर काफ़ी आशंकित रहते हैं. उनका प्रयास रहता है कि वो ऐसी महिला के साथ रिश्ता बनाएं, जिसे सेक्स का अनुभव न हो, ताकि उनकी समस्या के बारे में वो जान न सके. लेकिन कुछ समय बाद ही सही, समस्या तो सामने आ ही जाती है, इसलिए बेहतर होगा कि समस्या को छिपाने की बजाय उसका इलाज करवाया जाए.

पेनफुल सेक्स (सेक्स के दौरान दर्द)

काफ़ी महिलाएं इसे महसूस करती हैं और जब सेक्स एक सुखद अनुभव की बजाय दर्दनाक एहसास बनने लगता है, तो सेक्स से वो कतराने लगती हैं. सेक्स के दौरान दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- फोरप्ले की कमी, भावनात्मक लगाव की कमी, हार्मोनल बदलाव, मानसिक उलझन, डर, संकोच आदि. कारण जो भी हों, उन्हें नज़रअंदाज़ करना सही नहीं, क्योंकि ये आपके रिश्ते को बुरी तरह प्रभावित करने लगते हैं.

ऑर्गैज़्म का अनुभव न होना

अक्सर महिलाओं को ऑर्गैज़्म का अनुभव नहीं होता. इसकी कई वजहें हो सकती हैं, जैसे- हार्ड सेक्स, फोरप्ले की कमी, मानसिक रूप से सेक्स के लिए तैयार न होना आदि… पर कभी-कभी बढ़ती उम्र व हार्मोनल बदलाव की वजह से भी ऐसा होता है. ऐसे में सेक्स के प्रति अनिच्छा बढ़ती जाती है और जब आप संतुष्टि व आनंद प्राप्त नहीं करते, तो उसका सीधा असर आपके रिश्ते पर पड़ता है.

सेक्सुअल इच्छा में कमी

पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन की कमी के चलते सेक्सुअल इच्छा की कमी आ जाती है और न स़िर्फ कमी, बल्कि इरेक्शन वगैरह पर भी इसका असर पड़ता है. महिलाओं में हार्मोनल बदलाव या सेक्स को लेकर बुरा अनुभव उनकी सेक्सुअल डिज़ायर पर असर डालता है. रिश्तों पर इसका सीधा-सीधा असर यह पड़ता है कि आप सेक्स करने से कतराने लगते हैं, ज़ाहिर है कि जब सेक्स लाइफ नहीं होगी, तो रिश्ते पर बुरा असर होगा.

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

इरेक्शन होने में परेशानी यानी पेनिस का हार्ड न हो पाना, जिससे सेक्सुअल क्रिया नहीं हो पाती, उसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहते हैं. कभी दवाओं के साइड इफेक्ट्स की वजह से, कभी मानसिक परेशानी के चलते, तो कभी किन्हीं अन्य वजहों से यह समस्या हो सकती है. इसमें सबसे बड़ी द़िक्क़त यह है कि आसानी से ठीक होने के बावजूद अधिकांश पुरुष अपनी समस्या छुपाते हैं. न वो अपने पार्टनर से, न ही एक्सपर्ट्स से इस बारे में सलाह लेने की पहल करते हैं. इस वजह से रिश्तों पर भी बुरा असर पड़ता है.

सेक्सुअल डिस्फंक्शन

रिसर्च बताते हैं कि 30% पुरुष और 40% महिलाएं सेक्सुअल क्रिया के दौरान सेक्सुअल डिस्फंक्शन का अनुभव करती हैं. सेक्सुअल डिस्फंक्शन का अर्थ है सेक्सुअल क्रिया में सुख या संतुष्टि न मिलना. यह किसी भी स्तर पर हो सकता है, जैसे- उत्तेजना महसूस न होना, सेक्स के लिए तैयार न हो पाना, ऑर्गैज़्म न मिलना, दर्द होना या फिर सेक्स के बाद कोई समस्या होना. सेक्स से जुड़ी कोई भी समस्या इसके अंतर्गत आती है और ये आपके रिश्ते को काफ़ी प्रभावित करती है.

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Relationship Problems
क्या करें?

–     छिपाएं नहीं. समस्या को छिपाना कोई समाधान नहीं है, इससे वो और बढ़ेगी.

–     कम्यूनिकेट करें. अपने पार्टनर से बात करें और अपने डर, झिझक व संकोच के बारे में बताएं.

–     एक्सपर्ट की सलाह लें. यह बेहद ज़रूरी है, क्योंकि ये तमाम समस्याएं इलाज के दायरे में आती हैं. इनका आसानी से इलाज संभव है, पर लोग संकोच के चलते डॉक्टर के पास जाते ही नहीं.

–     अपनी समस्या को स्वीकार करें और उसको सामान्य मानें. अक्सर लोग सेक्स से जुड़ी समस्याओं को सामान्य नहीं मानते. उनको लगता है कि किसी के सामने यह बात आ गई, तो उनकी बेइज़्ज़ती हो जाएगी, इसी चक्कर में वो इलाज भी नहीं करवा पाते.

–     अधिकतर सेक्सुअल समस्याएं वैसे भी मानसिक होती हैं और आसानी से ठीक हो सकती हैं, बेहतर होगा कि उन्हें छुपाएं नहीं. उनके कारणों को जानकर उचित इलाज करवाएं, वरना समय के साथ-साथ आपका रिश्ता प्रभावित होता चला जाएगा.

ईज़ी होम रेमेडीज़

–    तरबूज़ इरेक्शन की समस्या से निजात दिलाता है, क्योंकि इसमें मौजूद सिट्रूलाइन एक तरह का अमीनो एसिड है, जो इरेक्शन को बेहतर बनाता है और पेनिस की तरफ़ ब्लड फ्लो को तेज़ करता है.

–     प्याज़ न स़िर्फ सेक्स की इच्छा जगाता है, बल्कि सेक्सुअल ऑर्गन्स को भी मज़बूती प्रदान करता है.

–     लहसुन का सेवन करें. इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो न स़िर्फ सेक्स की इच्छा की कमी को दूर करते हैं, बल्कि इरेक्शन की समस्या से भी निजात दिलाते हैं.

–     सेब का सेवन करें. यह सेक्सुअल स्टैमिना को बढ़ाता है.

–     बादाम, अखरोट, पिस्ता, काजू, किशमिश आदि में भी सेक्स बूस्टर तत्व होते हैं. मूंगफली, अखरोट और पिस्ता में मौजूद अमीनो एसिड इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करता है.

–     बादाम में ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई होता है, जो बेहतर सेक्स के लिए ज़रूरी होते हैं. सेलेनियम इंफर्टिलिटी से भी बचाता है और ज़िंक पुरुषों में सेक्स हार्मोंस के निर्माण को बेहतर बनाता है.

–     हरी सब्ज़ियों में सेक्स बूस्टर तत्व भी होते हैं. ये इरेक्शन को लंबे समय तक बनाए रखने में बेहद कारगर हैं, क्योंकि इनमें आर्जिनाइन नामक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है.

–     तिल में मौजूद ज़िंक सेक्स की इच्छा बढ़ाने में कारगर है.

–     अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो सेक्स ड्राइव को बेहतर बनाता है.

–     गाजर सेक्सुअल एनर्जी के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है.

–     छुहारा सेक्स के लिए आपको ऊर्जा प्रदान करता है.

–     डार्क चॉकलेट्स भी सेक्स बूस्टर फूड है. इसमें मौजूद कोको में मूड बूस्टिंग हार्मोंस को बढ़ाने की क्षमता होती है.

– विजयलक्ष्मी

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सोशल मीडिया रिलेशन: अधूरे रिश्ते… बढ़ती दूरियां… (Impact Of Social Media On Relationships)

 Social Media Relationships
सोशल मीडिया रिलेशन: अधूरे रिश्ते… बढ़ती दूरियां… (Impact Of Social Media On Relationships)

डिजिटल (Digital) होती दुनिया में रिश्ते (Relationships) भी डिजिटल हो चुके हैं. अब तो पति-पत्नी भी आसपास बैठकर सोशल मीडिया (Social Media) के ज़रिए ही एक-दूसरे से बात करते हैं. वहीं दूसरी ओर रियल लाइफ से दूर अब हमारे डिजिटल रिश्ते (Digital Relationships) भी बहुत सारे बन गए हैं, जो हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण भी हो गए हैं, क्योंकि उनमें अलग तरह का आकर्षण है. वहां रोक-टोक नहीं है, वहां हर बात जायज़ है… ऐसे में हमें वो भाते हैं और बहुत ज़्यादा लुभाते हैं.

–    सोशल मीडिया एडिक्शन की तरह है, यह बात शोधों में पाई गई है. यह एडिक्शन मस्तिष्क के उस हिस्से को एक्टिवेट करता है, जो कोकीन जैसे नशीले पदार्थ के एडिक्शन पर होता है. यही वजह है कि सोशल साइट्स से दूर रहने को एक तरह से लोग बहुत बड़ा त्याग या डिटॉक्सिफिकेशन मानते हैं.

–    यहां पनपे रिश्ते शुरुआत में बेहद आकर्षक और ख़ूबसूरत लगते हैं, क्योंकि सबकुछ एकदम नया लगता है.

–    अंजान लोग दोस्त बनते हैं और उनके बारे में सबकुछ जानने को आतुर हो जाते हैं.

–    न स़िर्फ उनके बारे में हम जानना चाहते हैं, बल्कि अपने बारे में भी सबकुछ बताने को उतावले रहते हैं.

–    यहां हमें इस बात का आभास तक नहीं होता कि इनमें से कौन, कितना सच बोल रहा होता है? अपने बारे में कौन किस तरह की जानकारी साझा कर रहा होता है और उनका इरादा क्या होता है.

–    डिजिटल रिश्तों में सबसे बड़ा ख़तरा फ्रॉड या धोखे का होता है. यहां कोई भी आपको आसानी से बेव़कूफ़ बना सकता है.

–    दरअसल, जो सोशल मीडिया के रिश्ते हमें इतने भाते हैं, वो उतने ही अधूरे होते हैं. कई बार तो साल-दो साल गुज़रने के बाद पता चलता है कि जिससे हम बात कर रहे थे, वो तो ये था ही नहीं.

–    इतने फेक अकाउंट्स, इतनी फेक आईडीज़, इतना दिखावटी अंदाज़… पर यही सब हमें इतना रियल लगता है कि अपने रिश्तों में दूरियां बढ़ाकर हम इन नक़ली रिश्तों के क़रीब जाते हैं.

–    एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो लोग सोशल साइट्स पर अधिक समय बिताते हैं, वो अधिक अकेलापन और डिप्रेशन महसूस करते हैं, क्योंकि जितना अधिक वो ऑनलाइन इंटरएक्शन करते हैं, उतना ही उनका फेस टु फेस संपर्क लोगों से कम होता जाता है. यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन द्वारा की गई थी.

–    आपसी रिश्तों में हम पर बहुत सारी ज़िम्मेदारियां और जवाबदेही होती है, जबकि सोशल मीडिया रिलेशन इन सबसे मुक्त होते हैं, तो ऐसे में ज़ाहिर है ये रिश्ते हमें अच्छे लगने लगते हैं.

–    इन रिश्तों का मायाजाल ऐसा होता है कि हम इन्हें अपने पल-पल की ख़बर देना चाहते हैं और अपनी लाइफ को बहुत हैप्पनिंग दिखाना चाहते हैं, जबकि रियल रिश्तों में हमारी दिलचस्पी कम होने लगती है.

–    हम भले ही डिजिटल रिश्तों में अपनी ख़ुशियां ढूंढ़ने की कोशिश करें, लेकिन सच्चाई तो यही है कि ये सबसे अधूरे रिश्ते होते हैं, क्योंकि ये झूठ की बुनियाद पर अधिक बने होते हैं.

–    इनमें कई आवरण और नक़ाब होते हैं, जो परत दर परत धीरे-धीरे खुलते हैं और कभी-कभार तो हमें पता भी नहीं चलता और हम फरेब के मायाजाल में फंसते चले जाते हैं.

–    रियल रिश्तों में हमारा कम्यूनिकेशन कम होने लगता है और प्यार की गर्माहट भी घटती चली जाती है. जब तक होश आता है, तब तक बहुत कुछ हाथ से निकल चुका होता है.

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इस तरह छलता है सोशल मीडिया का रिश्ता…

मुंबई की रहनेवाली 35 वर्षीया आशा यूं तो अपनी  ज़िंदगी से और शादी से ख़ुश थी, पर कहीं न कहीं उसे सोशल मीडिया की ऐसी लत लग गई थी कि वो वहां अपनी ज़िंदगी के अधूरेपन को कम करने की कोशिशों में जुट गई थी. उसे हमेशा शिकायत रहती थी कि उसका पति उसे पूरा समय नहीं दे पाता. वो उसको पहले की तरह पैंपर नहीं करता… ऐसे में वो एक लड़के के संपर्क में आई. उसका नाम राजेश था. उसकी राजेश से रोज़ बातें होने लगीं. ये बातें अब इतनी बढ़ गई थीं कि मुलाक़ात करने का मन बनाया.

आशा का 5 साल का बेटा भी था, पर उसने किसी तरह अपने पति से झूठ कहा कि वो ऑफिस की तरफ़ से ट्रेनिंग के लिए दूसरे शहर जा रही है. वो राजेश के साथ होटल में रहने गई, तो उसे पता चला कि वो अकेला नहीं आया. उससे मिलने उसके साथ उसके दो दोस्त भी हैं.

ये पहला झटका जो आशा को लगा. उसके बाद राजेश ने उसे समझाया कि वो सब अलग कमरे में रहेंगे. आशा मान गई. राजेश उसको शहर में साथ घूमने के लिए कहता, तो आशा मना करती, क्योंकि इसी शहर में वो पति से झूठ बोलकर रह रही है, तो एक डर था मन में कि कहीं कोई देख न ले.

अगले ही दिन राजेश के साथ आशा की बहस हो गई. आशा को महसूस होने लगा कि राजेश की सोच बहुत पिछड़ी हुई है. वो चैटिंग में भले ही मीठी-मीठी बातें करता था, पर अब

रू-ब-रू उससे मिलकर अलग ही व्यक्तित्व सामने आ रहा है. राजेश का सोचना था कि जो वो बोले, आशा को आंख मूंदकर वही करना चाहिए.

आशा आत्मनिर्भर महिला थी. उसे इस तरह के व्यवहार की आदत भी नहीं थी, क्योंकि उसका पति बेहद सुलझा हुआ और शालीन था. अब आशा को महसूस हुआ कि उससे इस झूठे, अधूरे-से रिश्ते के लिए अपनी शादी को दांव पर लगा दिया. आशा को यह भी डर था कि कहीं राजेश उसे ब्लैकमेल न करे, पर उसने राजेश से बात करके अपने सारे रिश्ते ख़त्म किए और अपने घर लौट आई.

इस घटना ने आशा को बुरी तरह हिला दिया, लेकिन उसे यह बात समझ में आ गई कि रियल और डिजिटल रिश्तों में कितना अंतर होता है.

पति भले ही व्यस्तता के चलते समय न दे पाते हों, पर वो एक भले इंसान हैं और आशा का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे, जबकि राजेश एक दंभी पुरुष था, जो स़िर्फ आशा का फ़ायदा उठाना चाहता था.

कुछ इसी तरह का केस मालिनी का भी था, लेकिन वहां मालिनी के पति ने उसका झूठ पकड़ लिया था और मालिनी का तलाक़ हो गया था. उसके बाद जिस लड़के की वजह से मालिनी ने पति से फरेब किया था, उस लड़के ने भी मालिनी से पल्ला झाड़ लिया. जबकि मालिनी का कहना है कि वो पहले कहता था कि दोनों शादी कर लेंगे.

इस तरह के तमाम वाकये इस तरह के रिश्ते के अधूरेपन और रियल रिश्तों में बढ़ती दूरियों का संकेत देते हैं. ऐसे में बेहतर होगा कि संतुलन व सामंजस्य बनाकर ही हर चीज़ का इस्तेमाल किया जाए, वरना जो चीज़ वरदान है, उसे हम ख़ुद ही अपने लिए अभिशाप बना लेंगे.

– शौर्य सिंह

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