Relationship

एक-दूसरे से अलग होते हुए भी स्त्री और पुरुष साथ चलते हैं, परिवार और रिश्ते निभाते हैं, मगर उनकी चाहतें अलग-अलग होती हैं. सफल रिश्ते के लिए दोनों को ये पता होना चाहिए कि उनका हमसफ़र उनसे क्या चाहता है. क्या चाहते हैं कपल्स एक-दूसरे से?

पुरुष- ऐसी हो जीवनसंगिनी

Perfect Couple Tips
  1. आत्मनिर्भर हो: आजकल के पढ़े-लिखे और आत्मनिर्भर युवा चाहते हैं कि उनकी पत्नी भी आत्मनिर्भर हो, हर मुद्दे पर उसके अपने विचार हों. जो स़िर्फ पति की हां में हां न मिलाए, जिसे पता हो कि उसे ज़िंदगी से क्या चाहिए. जो पति को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे, जिसकी दुनिया बस, पति तक ही सीमित न हो, बल्कि उसका स्थायी करियर हो और अपना फ्रेंड सर्कल भी. कुछ घंटों के अंतराल पर फोन करके ‘तुम कहां हो, कब आ रहे हो’ पूछने की बजाय उसे ख़ुद को बिज़ी रखना आता हो.

2. इमोशनली स्टेबल हो:
पुरुष चाहते हैं कि उनकी पत्नी इमोशनली स्टेबल हो यानी बात-बात पर आंसू बहाने और पार्टनर को ब्लेम करने की बजाय उसे अपनी भावनाओं पर क़ाबू रखना और रिश्ते को सही ढंग से सहेजना आता हो. आईटी प्रोफेशन राकेश त्रिपाठी कहते हैं, “मेरी पत्नी यदि किसी बात से बेहद दुखी, परेशान या तनावग्रस्त रहती है, तब भी तुरंत रिएक्ट नहीं करती. यदि कभी मेरी कोई बात उसे अच्छी नहीं लगती, तो उस समय वो चुप रहती है, मगर बाद में शांति से मेरे सामने अपनी भावनाएं ज़ाहिर करती है. जिस परिपक्वता से वो परिवार और अपनी भावनाओं को हैंडल करती है, मैं उसका क़ायल हो जाता हूं और मेरे दिल में उसके लिए प्यार और बढ़ जाता है. मुझे लगता है, महिलाओं को अपनी भावनाएं ज़ाहिर ज़रूर करनी चाहिए, मगर सही तरी़के से और सही समय पर. बेकार में आंसू बहाने या बहस करने पर रिश्ते में खटास पैदा हो सकती है.”

3. प्रेज़ेंटेबल दिखे: आज के मॉडर्न पुरुषों को सीधी-सादी दिखने वाली पत्नी नहीं चाहिए. वो चाहते हैं कि उनकी पत्नी को फैशन, ब्यूटी और एटीकेट्स की अच्छी जानकारी हो. वो हर समय प्रेज़ेंटेबल दिखे. किस मौ़के पर क्या पहनना है, किसके साथ कैसा व्यवहार करना है आदि बातें उसे पता होनी चाहिए. ‘क्या करूं, घर और बच्चों से फुर्सत ही नहीं मिलती.’ ऐसे बहाने बनाकर अब आप नहीं बच सकतीं, क्योंकि आधुनिक ज़माने के पतियों को साधारण-सी साड़ी में लिपटी बिखरे बालों वाली बीवी नहीं, बल्कि ख़ुद को अच्छी तरह मेंटेन करने वाली, बालों से लेकर पैरों तक का ख़्याल रखने वाली वेल ग्रूम्ड वाइफ चाहिए.

4. बिंदास/एक्टिव: बिंदास और एक्टिव महिलाएं पुरुषों को ज़्यादा भाती हैं. महिलाओं का शोख, चंचल और मज़ाकिया लहज़ा उनकी दिनभर की थकान और तनाव दूर कर देता है. 30 वर्षीय समीर कहते हैं, “मेरी वाइफ वर्किंग है, घर-ऑफिस की कई ज़िम्मेदारियां निभाती है, फिर भी वो हमेशा हंसती-मुस्कुराती रहती है. उसका मज़ाकिया अंदाज़ और चुलबुली बातें सुनकर मेरी टेंशन ख़त्म हो जाती है. वो कहती है, उदास रहने से परेशानियां ख़त्म तो नहीं हो जाएंगी, तो क्यों न उनका हंसकर सामना किया जाए. वो मेरे साथ बैठकर क्रिकेट भी देखती है, इसलिए मुझे कभी दोस्त की कमी महसूस नहीं होती.”

5. पहल करने वाली: वो ज़माना गया जब स़िर्फ पति ही डिसीज़न मेकर हुआ करते थे. आज के मॉडर्न युवाओं की सोच और पसंद काफ़ी बदल गई है. वो ऐसी जीवनसंगिनी चाहते हैं जो फायनांस से लेकर प्यार तक हर मामले में न स़िर्फ पहल करे, बल्कि अपनी राय भी दे. साथ ही ज़िंदगी को रोमांचक बनाने की कोशिश करे. 35 वर्षीय संजय कहते हैं, “मेरी पत्नी बहुत हाज़िर जवाब है और एडवेंचर्स भी. बात टूर प्लान करने की हो या किसी को सरप्राइज़ देने की, पहल हमेशा वही करती है. उसकी वजह से ही शादी के इतने साल बाद भी हमारे रिश्ते में ख़ुशी और रोमांच बरक़रार है. मेरी पत्नी की यही क्वालिटी उसे अट्रैक्टिव बनाती है.”

महिलाएं- ऐसा हो हमसफ़र

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  1. सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो: महिलाएं चाहती हैं कि उनका जीवनसाथी ज़िंदादिल व ख़ुशमिजाज़ हो और उन्हें भी हंसाता रहे. काजल कहती हैं, “मैं बहुत सीरियस लड़की थी. मेरे दोस्तों की लिस्ट भी बहुत छोटी थी, मगर शादी के बाद मेरी ज़िंदगी बदल गई, क्योंकि मेरे पति बहुत मज़ाकिया और ज़िंदादिल इंसान हैं. जब वो साथ होते हैं तो मैं अपनी हर परेशानी भूल जाती हूं. आज की स्ट्रेसफुल लाइफ में यदि ऐसा पार्टनर मिल जाए तो ज़िंदगी ख़ुशहाल बन जाती है.”

2. जो मुझे समझे: अक्सर महिलाओं को एक ही शिकायत रहती है, ‘वो मुझे नहीं समझते.’ आजकल की महिलाएं ऐसा पार्टनर चाहती हैं, जो उनकी भावनाओं, उनके काम, परेशानियों को समझे और उन्हें आज़ादी दे. आज की बिज़ी लाइफ में कई कपल्स ऐसे भी हैं जिन्हें एक-दूसरे के साथ समय बिताने का मौक़ा नहीं मिलता. ऐसे में वो अपने जीवनसाथी की ज़रूरतों को समझ नहीं पाते. अगर आप अपनी लाइफ पार्टनर को ख़ुश देखना चाहते हैं, तो उसे समझें और उसे अपने तरी़के से जीने की आज़ादी भी दें. अधिकतर महिलाएं चाहती हैं कि उनका जीवनसाथी बिना कुछ कहे उनकी आंखों की भाषा पढ़ ले.

3. सुरक्षित महसूस कराए: महिलाएं हमेशा ऐसा जीवनसाथी चाहती हैं जिसके साथ वो न स़िर्फ भावनात्मक, बल्कि आर्थिक रूप से भी सुरक्षित महसूस करें. स़िर्फ प्यार के सहारे सारी ज़िंदगी नहीं बीत सकती, ये बात आज की महिलाएं अच्छी तरह जानती हैं, तभी तो वो ऐसा हमसफ़र चाहती हैं, जो न स़िर्फ उन्हें प्यार करे, बल्कि शारीरिक व मानसिक रूप से भी इतना मज़बूत हो कि उन्हें हर मुश्किल से उबार सके, जिसके साथ वो हर पल महफूज़ रह सकें.

4. ईमानदार हो: हालांकि ईमानदारी हर रिश्ते के लिए बेहद ज़रूरी है, मगर महिलाएं इसे सबसे ज़्यादा तवज्जो देती हैं. वो चाहती हैं कि उनका हमसफ़र पूरी ईमानदारी से रिश्ता निभाए. अपनी ज़िंदगी का हर अच्छा-बुरा अनुभव उनसे शेयर करे, उनका रिश्ता पूरी तरह ट्रांस्पेरेंट हो. एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि सफल शादीशुदा ज़िंदगी के लिए पुरुषों को अपने रिश्ते के प्रति ईमानदार होना चाहिए, उन्हें पार्टनर से कुछ नहीं छिपाना चाहिए. हां, कुछ स़फेद झूठ बोल सकते हैं, जैसे- तुम अभी भी बिल्कुल स्लिम और ब्यूटीफुल लगती हो, तुमसे ज़्यादा हसीन इस दुनिया में और कोई नहीं है.

5. प्रेज़ेंटेबल दिखे: जिस तरह पुरुष स्मार्ट और स्टाइलिश पत्नी की चाहत रखते हैं, वैसे ही महिलाएं भी चाहती हैं कि उनका पति न स़िर्फ स्मार्ट, बल्कि फिट एंड फाइन भी हो, उसका ड्रेसिंग सेंस सही हो.
तो जनाब, पत्नी के दिल में जगह बनाए रखना चाहते हैं, तो व़क्त के साथ न स़िर्फ अपनी नॉलेज, बल्कि पर्सनैलिटी को भी अपडेट रखिए.

रिश्तों की डोर काफ़ी नाज़ुक होती है इसमें ज़रा सा ढीलापन या ज़रूरत से ज़्यादा खिंचाव इसे तोड़ सकता है. बेहतर होगाकि हम अपने रिश्तों को संतुलित और सहज रखें. छोटी-छोटी बातों और ग़लतियों को इतना बड़ा ही न बनने दें कि रिश्तेपर आंच आ जाए. फ़ॉलो करें ये टिप्स जिन्हें आप भी जानते-समझते हैं लेकिन बस नज़रअंदाज़ कर देते हैं. 

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बचें इन ग़लतियों से… 

  • रिश्ते में ठंडापन न पनपने दें, क्योंकि रिश्तों में ऐसी उदासीनता ख़तरे की निशानी है. अगर आपका रिश्ता भी इसीस्थिति से गुज़र रहा है, तो अलर्ट हो जाएं.
  • वक़्त के साथ क्या आप अपने रिश्ते को भी वक़्त देना लगभग भूल सा गए? समय के साथ हम अपने रिश्ते को बहुतही कैज़ुअली लेने लगते हैं. 
  • दूसरों के लिए तो वक़्त है पर अपनों के लिए नहीं. हम अपने प्रोफेशन से लेकर दोस्तों तक को हम समय देते हैं, लेकिन धीरे-धीरे अपने रिश्ते को ही समय देना भूल जाते हैं और उनके प्रति लापरवाह हो जाते हैं.
  • एक्स्ट्रा एफ़र्ट न डालना और अपने रिश्ते के लिए अतिरिक्त प्रयास न करना बहुत बड़ी भूल है. दरअसल शादी केकुछ समय बाद हम ये सोच लेते हैं कि अब रिश्ते को ज़्यादा या अतिरिक्त समय देने की या अपनों के लिएकुछ स्पेशल करने की ज़रूरत नहीं, लेकिन ये सोच ग़लत है. रिश्तों को हमेशा प्यार और अपनेपन से सींचना पड़ताहै. 
  • रिश्ते को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए आपके प्रयास ज़रूरी हैं. हमेशा कुछ नया करते रहें और पार्ट्नर कोस्पेशल फ़ील करवाते रहें. हमको लगता है हमारा रिश्ता स्टेबल हो गया और यहीं हम ग़लती करते हैं. धीरे-धीरेरिश्ते में बोरियत पनपने लगती.
  • अक्सर हमें एहसास ही नहीं हो पाता और हमारे बीच मौन पसर जाता है. ये कम्यूनिकेशन गैप धीरे-धीरे बड़ी खाईबन सकता है. अंजाने में ही हम अपने रिश्ते के प्रति इतने बेपरवाह होते चले जाते हैं कि आपस में बातचीत करनाहमारी प्राथमिकता में रहता ही नहीं. 
  • छोटी-छोटी बातों को हम अक्सर अपने अहम यानी ईगो का विषय बनाकर अपनों से ही उलझ पड़ते हैं. किसी भीरिश्ते की मज़बूती के लिए बहुत ज़रूरी है ईगो को बीच में न आने दिया जाए, लेकिन  हम अपने अहम् को इतनामहत्व देते हैं कि अधिकतर रिश्ते इसी के भेंट चढ़ जाते हैं.
  • रिश्तों में हमेशा झुककर चलने की, एडजेस्ट करने की और एक-दूसरे को सपोर्ट करने की ज़रूरत होती है लेकिनआपका ईगो आपको यह सब करने से रोकता है.
  • अपने रिश्ते को झूठ और अविश्‍वास जैसी चीज़ों से बचाएं, क्योंकि विश्‍वास की बुनियाद पर ही रिश्ते खड़े होते हैं. चाहे कोई भी बात या परेशानी हो या किसी चीज़ को लेकर निर्णय लेना हो, अपने पार्टनर से ज़रूर शेयर करें, क्योंकि बातें छिपाने पर ग़लतफ़हमियां बढ़ती हैं.
  • कई कपल यह ग़लती करते हैं कि जब भीउनमें कोई झगड़ा या विवाद हो जाए तो वोउसको सुलझाने की बजाए बात करना बंद कर देंगे हैं और अपने बीच केविवाद को अनसुलझा ही छोड़ देते हैं, लेकिन वो बैक फायर भी बैकफ़ायर करती सकती है.
  • ग़ुस्से में किसी भी बात का हल न ढूंढ़ें, बल्कि जब ग़ुस्सा शांत हो जाए तब उस पर बात की जाए.
  • एक दूसरे का सम्मान न करना भी रिश्ते की डोर को ढीला कर देता है. पार्टनर की बात और विचारों को महत्व दें औरउनके निर्णय का भी सम्मान करें. साथ ही उनसे विचार विमर्श करके ही आगे बढ़ें. 
  • ग़ुस्से में कभी भी एक-दूसरे के परिवारवालों को लेकर ताने न दें. इससे आप दोनों के बीच दूरियां ही बढ़ेंगी.
  • धोखा देने और एक्स्ट्रा मैरिटल एफ़ेयर से अपने रिश्ते को खोखला न करें, क्योंकि ये कुछ पलों का आकर्षण आपकेबरसों के रिश्ते को तोड़ सकता है जिसमें नुक़सान आपका ही होता है. 
  • इमोशनल ब्लैक मेलिंग से बचें. अक्सर कपल एक-दूसरे की कमज़ोरी जानते हैं और फिर उसी को लेकर अपनी बातया ज़िद मनवाते हैं. ऐसा करने से आप दोनों के बीच सम्मान व प्यार ख़त्म होता चला जाएगा.
  • बात-बात पर या बेवजह शक करना या बहुत अधिक रोक-टोक व सवाल-जवाब करना सही नहीं. इससे पार्टनर कोलगेगा कि आपको उन पर भरोसा नहीं.
  • अनरियलिस्टिक अपेक्षाएं पालना भी बहुत बड़ी गलती है. फ़िल्मी दुनिया और हक़ीक़त me बेहद फ़र्क़ होता है तोवहां से प्रेरणा लेकर अपने रिश्ते से ऐसी उम्मीदें न रखें जो पूरी न हो सकें. इससे आपको दुख होगा और रिश्ताकमज़ोर. यथार्थ में जीएं, कल्पना के संसार को वहीं तक सीमित रहने दें. 
  • अक्सर ऐसा देखा गया है कि घर के सदस्य या कपल आपस में ही प्रतियोगिता करने लग जाते हैं यह जताने के लिएकि वो श्रेष्ठ हैं या उनकी सोच हमेशा सबसे सही होती है. इतना ही नहीं वो एक-दूसरे की कामयाबी से भी ईर्ष्याकरने लगते हैं. ये न भूलें आप साथी हैं, हमसफ़र हैं, इसलिए साथ दें, कामयाबी पर जश्न मनाएं और गर्व करें.
  • इसी तरह रिश्तों में झूठ बोलने से भी बचें. भले ही झूठ किसी भी कारणवश बोला गया हो लेकिन जब वो खुलता हैतो रिश्ते में अविश्वास पनपता है और भरोसा टूटता है.
  • सेक्स को नज़रअंदाज़ करना भी बहुत बड़ी गलती है. अपनी सेक्स लाइफ़ में बोरियत न पसरने दें. कुछ न कुछ नयाट्राई करें. 

रिश्तों को टिकाऊ बनाने के ईज़ी टिप्स…

  • परिपक्वता से काम लें, और पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें.
  • शेयर करें, कम्यूनिकेट भी करें.
  • अपनी भावनाएं सकारात्मक रखें. नकारात्मक विचार मन से निकाल दें. 
  • न स़िर्फ अपने सुख-दुख, बल्कि छोटी-छोटी बातें भी शेयर करने का अलग ही सुख होता है. इससे रिश्ते मज़बूतबनते हैं.
  • यदि किसी में कोई कमी या कमज़ोरी भी है, तो भी उसके गुणों पर ध्यान दें.
  • भरोसा करना सीखें. इससे रिश्तों में अपनापन और प्यार बढ़ता है और सामनेवाला भी आप भी भरोसा करके ख़ुद कोसहज महसूस करता है.
  • रिश्तों में त्याग, समर्पण और एडजेस्टमेंट करना ही पड़ता है, तभी वे टिकते हैं. 
  • समय-समय पर अपने रिश्ते का विश्‍लेषण ज़रूर करें और नकारात्मक चीज़ों को बाहर करें.
  • पार्टनर को कॉम्प्लीमेंट्स दें. रोमांटिक बातें करें. 
  • रोमांटिक पलों को एंजॉय करें और ऐसे पलों को ज़रूर चुराएं, जो आप दोनों को क़रीब लाएं.
  • कुछ नया करें, ताकि एक्साइटमेंट बना रहे.
  • सरप्राइज़ दें, डेट्स प्लान करें.
  • समय के साथ-साथ सेक्स के प्रति अरुचि होने लगती है, जिससे रिश्ता उबाऊ होने लगता है. एक-दूसरे के प्रतिआकर्षण बना रहे, इसका प्रयास जारी रखें.
  • बेडरूम का डेकोर भी रोमांटिक ही रखें. बीच-बीच में डेकोर बदलते रहें, ताकि नीरसता न आए.
  • अपने लुक्स और ड्रेसिंग पर भी ध्यान दें. 
  • अपनी फिटनेस व पर्सनल हाइजीन का ख़्याल भी रखें. साथ ही ओरल हाइजीन भी ज़रूरी है.
  • बेवजह फैट्स न बढ़ने दें. एक साथ वॉक या एक्सरसाइज़ करें. डान्स या स्विमिंग क्लास जॉइन कर लें. 
  • अगर टाइम नहीं तो घर पर ही साथ में योगा करें. छुट्टी के दिन कुछ ख़ास करें. 
  • पार्टनर को स्पेशल फ़ील कराएं. उनको ये महसूस कराएं कि आपको उनकी ज़रूरत ही नहीं बल्कि उनसे प्यार भी है. 
  • ज़िम्मेदारियां बांटें, काम में मदद करें. 
  • पिंकी शर्मा 

आंखों से दिल का हाल बताने वाली महिलाओं से यूं तो कोई बात छुपाए नहीं छुपती, पर बात जब जीवनसाथी से कुछ कहने की हो, तो कई बार वो चुप्पी साध लेती हैं. कहूं या न कहूं… की कशमकश में उनके दिल की बात ज़ुबां पर नहीं आ पाती. चाहते हुए भी आपकी जीवनसंगिनी आपसे क्या नहीं कह पाती? चलिए, हम बताते हैं.

अगर आपको लगता है कि आपसे घंटों बातें करने वाली आपकी पत्नी के दिल में छुपी हर एक बात से आप इत्तेफ़ाक रखते हैं, तो आप बिल्कुल ग़लत हैं.
दिन-रात बोलने वाली महिलाएं इक्का-दुक्का नहीं, बल्कि कई बातें चाहते हुए भी पति से शेयर नहीं कर पातीं. पते की बात ये है कि बिना कहे वो आपसे इस बात की उम्मीद भी लगाए रहती हैं कि आप उनके दिल की बात जानें और ठीक वैसा ही करें जैसा वो चाहती हैं. आख़िर कौन-सी हैं वो बातें?

आगे-आगे आप चलें

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शादी के फेरे लेते वक़्त जिस तरह आप आगे और पत्नी आपके पीछे चल रही थी, ठीक उसी तरह जीवन के सफ़र में भी वो आपको आगे बढ़कर काम करते हुए देखना चाहती है. ऐसा नहीं है कि आपके साथ सुहाने सफ़र का मज़ा उसे रास नहीं आता या आपके साथ बैठकर रोमांटिक फिल्म देखना उसे पसंद नहीं. मज़ा तब किरकिरा हो जाता है जब सुहाने सफ़र का लुत्फ़ उठाने के लिए टिकट से लेकर होटल तक की बुकिंग उसे ख़ुद करनी पड़ती है, क्योंकि वो चाहती है कि हर काम को लेकर पहल आप करें.

जोड़ें दिलों के तार
न स़िर्फ ट्रिप, बल्कि ऐसी और भी कई चीज़ें हैं जिनकी अगुआई करने की उम्मीद पत्नी आपसे रखती है. अगर आप पहल करते हैं, तो इससे पत्नी उन चीज़ों को और भी अच्छी तरह एंजॉय कर पाएगी.

सरप्राइज़ देकर जताएं प्यार

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पत्नी को इम्प्रेस करने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाने की मशक्क़त न करें. उसके दिल के क़रीब आने के लिए बस उसे सरप्राइज़ देते रहें, क्योंकि महिलाएं अपने पति से सरप्राइज़ की भी उम्मीद रखती हैं. बस, वो आपसे इस बारे में कहती नहीं हैं. आपसे मिला सरप्राइज़ उसे इस बात का एहसास दिलाता है कि आप उससे बेहद प्यार करते हैं और वो आपके लिए सबसे ख़ास है. ऐसी बात नहीं है कि वो आपसे बंगला या लंबी-महंगी गाड़ी बतौर सरप्राइज़ गिफ्ट पाने की उम्मीद रखती है. लाल सुर्ख़ गुलाब या चॉकलेट भी उसके चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेरने के लिए काफ़ी है, मगर तब जब आप उसे ये सरप्राइज़ के रूप में दें.

जोड़ें दिलों के तार
पत्नी का दिल जीतने के लिए उसे उसकी पसंद की साड़ी, पर्स आदि गिफ्ट करें. अगर इन चीज़ों को लेकर आप कंफ्यूज़ हो जाते हैं, तो कैंडल लाइट डिनर, हॉलिडे ट्रिप, मूवी टिकट आदि भी गिफ्ट कर सकते हैं.

वफ़ादार रहें

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जिस तरह आप ये चाहते हैं कि पत्नी आपके और आपके रिश्ते के प्रति वफ़ादार रहे, ठीक उसी तरह पत्नी भी आपसे वफ़ादारी की
उम्मीद रखती है. अंतर बस इतना है कि आप इस बारे में उससे बेझिझक बात कर लेते हैं. कई बार कुछ बंदिशें भी लगा देते हैं, लेकिन वो आपसे इस बारे में न खुलकर बात कर पाती है और न ही आपसे हाल ए दिल बयां कर पाती है, इस डर से कि कहीं आपके अहम् को ठेस न पहुंच जाए. अतः उसके प्रति आपकी वफ़ादारी बनती है.

जोड़ें दिलों के तार
ये न भूलें कि विश्‍वास की डोर से बंधा रिश्ता बहुत मज़बूत होता है. विश्‍वास टूटते ही रिश्ते की डोर कमज़ोर हो जाती है. अतः पत्नी के पूछने या न पूछने पर भी अपनी ओर से सफ़ाई अवश्य दें.

स्पेस की चाहत को पूरा करें

Relationship

दोस्तों के साथ कभी फिल्म देखने, तो कभी पार्टी में जाने की इजाज़त देने वाली आपकी जीवनसंगिनी आपसे भी इस बात की उम्मीद रखती है कि आप भी उसे स्पेस दें. मायके वालों से मिलने या सहेलियों के साथ ख़ास मौ़के को सेलिब्रेट करने का मौक़ा उसे भी मिलना चाहिए, मगर ऐसा हो नहीं पाता. कभी काम के बोझ तले, तो कभी ज़िम्मेदारियों के चलते वो आपसे ये कह नहीं पाती और मन मसोसकर रह जाती है.

जोड़ें दिलों के तार
इस बात को ध्यान में रखें कि हर रिश्ते में स्पेस ज़रूरी है. रिश्ते में जितना स्पेस होता है, लोग उतने ही क़रीब आते हैं और रिश्ता उतना ही मज़बूत होता जाता है.

हर एक राज़ बताएं

Relationship

सुबह से लेकर शाम तक क्या, क्यों और कैसे हुआ के साथ ही अपने दिल का हर एक राज़ आपसे बयां करने वाली पत्नी आपसे जुड़ी हर एक बात जानना चाहती है. हां, ये बात और है कि खुले तौर पर वो आपसे इस बारे में कुछ नहीं कहती, पर मन ही मन वो चाहती है कि आप ख़ुद से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात उससे शेयर करें.

जोड़ें दिलों के तार
पत्नी से हर बात शेयर करने की कोशिश करें, उससे सलाह-मशविरा भी अवश्य लें. इससे सही-ग़लत का फैसला करने में आपको भी मदद मिलेगी.

करें दिल खोलकर तारीफ़

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मैं इस साड़ी में कैसी लग रही हूं, डिनर कैसा बना है, मेरा तोहफ़ा कैसा लगा…? क्या आप जानते हैं आपकी पत्नी कुछ ऐसे ही रटे-रटाए सवाल आपसे बार-बार क्यों करती है? क्योंकि वो चाहती है कि आप उसके हर छोटे-बड़े काम की तारीफ़ करें. उससे कहें कि आज वो बेहद ख़ूबसूरत नज़र आ रही है. उसने डिनर बहुत स्वादिष्ट बनाया है. उसने आपको जो तोहफ़ा दिया है, वो आपके दिल के क़रीब है… कुल मिलाकर पत्नी आपसे तारीफ़ की उम्मीद रखती है.

जोड़ें दिलों के तार
अपने रिश्ते को और मज़बूत बनाने के लिए पत्नी की न स़िर्फ दिल खोलकर तारीफ़ करें, बल्कि धन्यवाद कहते हुए उसे तोहफ़ा भी दें. इससे अगली बार उसी काम को वो और अच्छे तरी़के से करेगी.

काम में हाथ बंटाएं

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24/7 घर के काम में उलझी रहने वाली आपकी पत्नी भले मुंह से उफ् तक नहीं कहती, लेकिन आपकी मौजूदगी में वो ये ज़रूर चाहती है कि घर के काम में आप उसका हाथ बंटाएं. बहुत ज़्यादा न सही, मगर कम से कम छोटे-मोटे काम ही कर दें. कुछ न सही, तो कम से कम ऐसा कोई काम न करें, जिससे उसका काम बढ़ जाए.

जोड़ें दिलों के तार
आपकी पत्नी कोई मशीन नहीं. इस बात को ध्यान में रखें. जब भी फुर्सत मिले, उसके काम में हाथ बटाएं. इससे काम भी जल्दी हो जाएगा और आप दोनों एकसाथ क्वालिटी टाइम भी बिता पाएंगे.

किसी की अदा से मदहोश न हो जाएं

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अपनी पत्नी को लेकर स़िर्फ आप ही पज़ेसिव रहते हैं, ऐसा नहीं है. आपकी पत्नी भी आपको लेकर काफ़ी पज़ेसिव होती है, फ़र्क़ बस इतना है कि आप अपने पज़ेसिव नेचर को छुपा नहीं पाते और आपकी पत्नी अपने पज़ेसिवनेस को छुपाने में क़ामयाब हो जाती है. उसके सामने किसी दूसरी महिला की तारीफ़ तो दूर उसकी मौजूदगी में अगर आपकी निगाहें किसी का दीदार भी कर लें, तो वो बर्दाश्त नहीं कर पाती. अपनी नाराज़गी जताने के लिए या तो चुप्पी साध लेती है या फिर ताना कसने का कोई मौक़ा हाथ से जाने नहीं देती.

जोड़ें दिलों के तार
आप स़िर्फ उसके हैं और आपके दिल में उसकी जगह कोई और नहीं ले सकता, अपनी पत्नी को इस बात का एहसास दिलाएं ताकि उसे आपको खोने का डर न हो.

करियर को बेहतर बनाने के लिए जिस तरह आपको एडवाइज़ की ज़रूरत पड़ती है, उसी तरह पति-पत्नी के रिश्ते में भी कई बार ऐसी स्थिति आ जाती है जब उन्हें किसी की सलाह की ज़रूरत पड़ती है. अपनी शादी के रिश्ते को बेहतर तरी़के से निभाने में कौन-कौन कर सकते हैं आपकी मदद?

  1. मां
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मां न स़िर्फ पहली गुरु होती है, बल्कि ज़िंदगी के हर मोड़ पर मदद भी करती है. अतः जब कभी आपको लगे कि हमसफ़र के साथ रिश्ते का संतुलन बिगड़ रहा है और आपको किसी से राय लेने की ज़रूरत महसूस हो, तो बेझिझक अपनी मां से बात करें. सालों से घर-परिवार और हर रिश्ते को सहेजने वाली मां आपके दांपत्य जीवन से जुड़ी हर उलझन दूर कर सकती है. इसी तरह जब कभी आपको लगे कि रिश्ते में कड़वाहट और दरार बढ़ रही है, तो मां से अपनी परेशानी शेयर करें. साथ ही एक बार अपनी मां की ज़िंदगी पर नज़र डालें. परिवार के लिए उनका त्याग और निःस्वार्थ प्यार आपको बहुत कुछ सिखा देगा और आप अपनी इस नई ज़िंदगी में ख़ुद को पूरी शिद्दत से ढालने की कोशिश करेंगी.

2. बहन

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कई बार हमारे साथ कुछ ऐसा होता है जिसे हम माता-पिता से शेयर नहीं कर पाते, मगर अपनी वो बेहद निजी बात बहन को ज़रूर बता सकते हैं. भले ही पहले आप आपस में कितना भी झगड़ती हों, मगर आपकी बहन आपको अच्छी तरह समझती है. अतः वो आपको सही सलाह दे सकती है. मेघना कहती हैं, “कई बार पति के साथ मेरे रिश्ते में बहुत खटास पैदा हुई. मां को अपनी अनबन के बारे में बताकर मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहती थी, मगर किसी से अपने दिल की बात न कर पाने के कारण मैं अंदर ही अंदर घुट रही थी. एक दिन मेरी बहन घर आई और मेरे चेहरे की परेशानी पढ़कर उसने कारण पूछा और मैंने उसे सब बता दिया. इससे न स़िर्फ मेरे दिल का बोझ हल्का हो गया, बल्कि उसकी सलाह ने हमारे बिगड़े रिश्ते को सहेजने में भी मदद की. दरअसल, ग़ुस्से में हमें हमेशा सामने वाले की ही ग़लती नज़र आती है. जब कोई अपना हमें सच्चाई से रू-ब-रू करवाता है, तो हमेें एहसास होता है कि ताली एक हाथ से नहीं बजती.” शादी के रिश्ते में आई दरार और खटास के लिए पति-पत्नी दोनों ज़िम्मेदार होते हैं, मगर मानते नहीं हैं.

3. शादीशुदा दोस्त

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आपका मैरिड फ्रेंड जिसकी शादीशुदा ज़िंदगी अच्छी चल रही है, वो भी आपको सही सलाह दे सकता है. जब कभी लगे कि आपके रिश्ते में ऑल इज़ वेल नहीं है, तो आप अपने इस दोस्त से मदद मांग सकती हैं. शादी के रिश्ते की सफलता के लिए क्या ज़रूरी है और क्या नहीं? आपका दोस्त आपको अच्छी तरह बता सकता है. प्रियंका कहती हैं, “मैं अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी इसलिए मायके में मुझे बहुत ज़्यादा लाड़-प्यार मिला, मगर ससुराल में स्थिति बिल्कुल विपरीत थी. बड़ी बहू होने के कारण मुझ पर कई ज़िम्मेदारियां आ गईं, ऐसे में मैं बहुत परेशान रहने लगी. कई बार झल्लाहट में पति से झगड़ा भी हो जाता कि आख़िर क्यों मैं सबके बारे में सोचूं, जबकि मुझे तो कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं देता. ऐसे में मेरी एक दोस्त ने मुझे समझाया कि हम मायके और ससुराल में एक जैसे प्यार और व्यवहार की उम्मीद नहीं कर सकते. ससुराल आने पर हर लड़की की ज़िम्मेदारियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में नाराज़ या परेशान होने की बजाय उन ज़िम्मेदारियों को स्वीकार करने से ही ससुराल में आपकी इज़्ज़त बढ़ेगी और रिश्ते में प्यार भी बना रहेगा.”

4. सिंगल दोस्त

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ज़रूरी नहीं कि शादीशुदा फ्रेंड ही आपको सही सलाह दे सकता है. कई बार अनमैरिड फ्रेंड की सलाह और उसका अनुभव भी आपके काम आ सकता है. भले ही वो अभी तक सेटल नहीं हुआ/हुई हो, मगर हो सकता है उसका कोई अतीत हो, हो सकता है किसी के साथ उसका ब्रेकअप हुआ हो. ऐसे में उसके अनुभव से सबक लेकर आप वो ग़लतियां करने से बच सकते हैं जो आपके दोस्त ने की थी. अनिल कहते हैं, “मेरे दोस्त हर्ष ने मुझे एहसास कराया कि ज़िंदगी में किसी हमसफ़र का होना कितना ज़रूरी है. उसने मुझे समझाया कि कई बार हमारे पास सब कुछ होते हुए भी हम एकदम अकेले हो जाते हैं, क्योंकि हमारे पास हमारी ख़ुशी, ग़म और बेहद निजी बातें शेयर करने के लिए कोई हमसफ़र नहीं होता. उम्र के इस पड़ाव पर उसे पार्टनर की कमी बहुत खलती है. वो कहता है कि मैं बहुत लकी हूं, क्योंकि मेरे पास जीवनसंगिनी है.”

5. तलाक़शुदा दोस्त

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आप सोच रहे होंगे कि जो ख़ुद अपना रिश्ता नहीं निभा पाया भला वो क्या आपको सलाह देगा, मगर ऐसा नहीं है. ये दोस्त न स़िर्फ आपको सलाह दे सकता है, बल्कि उसके टूटे रिश्ते से आप सबक भी ले सकते हैं, जैसे- पार्टनर को ग्रांटेड न लें, रिश्ते के प्रति ईमानदार रहें, पैसों को लेकर न झगड़ें, एक-दूसरे को स्पेस दें, एक-दूसरे पर विश्‍वास करें आदि. जहां ये सारी चीज़ें नहीं होतीं, उस रिश्ते में जल्द ही दरार आने लगती है. रमेश ने बताया कि एक दिन पत्नी से किसी बात पर उनका बहुत झगड़ा हो गया और ग़ुस्से में वो अपने एक दोस्त जो तलाक़शुदा था, उसके घर चले गए. रमेश ने दोस्त को सब कुछ बता दिया. उनकी बातें सुनकर दोस्त ने कहा, “पति-पत्नी में झगड़ा होना कोई बड़ी बात नहीं है, मगर छोटी-छोटी चीज़ों को कभी तूल नहीं देना चाहिए. अपने रिश्ते के बीच कभी अहंकार को न आने देना, वरना ये पल भर का ग़ुस्सा और अहंकार तुम्हें सारी ज़िंदगी कांटे की तरह चुभता रहेगा और सब कुछ ख़त्म हो जाने के बाद तुम्हें पछतावा होगा कि काश! उस व़क्त मैं ही झुक जाता, तो आज मेरी गृहस्थी यूं न बिखरती. जो ग़लती मैंने की तुम भी वही मत दोहराओ. रिश्ते को सहेजने के लिए पति-पत्नी दोनों को स्वार्थ और अहंकार से ऊपर उठकर सोचना चाहिए. साथ ही ग़ुस्से और जल्दबाज़ी में कभी कोई ़फैसला नहीं करना चाहिए.”

6. सहकर्मी
ऑफिस में कोई समस्या आने पर आप अपने जिस सहकर्मी से सबसे पहले मदद मांगते/मांगती हैं, जिस पर विश्‍वास करते हैं, जो आपके दिल के सबसे क़रीब है, उससे आप अपनी पर्सनल लाइफ डिस्कस कर सकते हैं. हो सकता है, उसके पास आपकी समस्या का कोई हल हो. कई बार वर्किंग कपल्स की समस्याएं एक जैसी होती हैं. सपना कहती हैं, “घर और ऑफिस की दोहरी ज़िम्मेदारी निभाते-निभाते मैं इतनी तनावग्रस्त हो गई थी कि मुझे लगने लगा सारी दुनिया की परेशानियां स़िर्फ मेरी ही ज़िंदगी में हैं. ऐसे में मेरी कलीग नेहा ने मेरा नज़रिया बदला. उसका मानना है कि परेशानियां तो हर किसी की ज़िंदगी में होती हैं और चाहकर भी उनसे बचा नहीं जा सकता, तो क्यों न हंसते हुए उनका सामना किया जाए. नेहा ने अपने बारे में बताया कि ससुराल में सबका ख़्याल रखने के बावजूद ससुराल वाले हर व़क्त उसे ताना मारते रहते हैं, क्योंकि उसने लव मैरिज की है. बावजूद इसके वो परिवार के प्रति अपना फर्ज़ निभाती है. उसकी परेशानियां कभी उसके चेहरे पर नज़र नहीं आतीं. उसकी इसी ख़ूबी की वजह से पति उसकी बहुत इज़्ज़त करते हैं.

“काजल तू यहां क्या कर रही है? आज शाम को तो शशि जा रहा है न फिर से ड्यूटी जॉइन करने, उसके साथ होना चाहिएतुझे. आख़िर शादी होने वाली है तुम दोनों की… वैसे भी शशि न सिर्फ़ तेरे भइया के साथ फ़ौज में था, उनका दोस्त था, बल्कि तेरा प्यार भी तो है.”

“नहीं भाभी, मुझे शशि से बात नहीं करनी और ना ही शादी, उसके लिए उसका काम ही सब कुछ है…”

“काजल इतनी सी बात के लिए ऐसा नाराज़ नहीं होते… मैं बस इतना कहूंगी कि प्यार भरे पलों को यूं व्यर्थ की बातों मेंबर्बाद मत करो, उनको जितना हो सके समेट लो, वक़्त का कोई भरोसा नहीं, न जाने फिर कभी किसी को मौक़ा दे, नदे…”

काजल से बात करते हुए मैं पुराने दिनों की यादों में खो गई… 

मैं और काजल बचपन के साथी थे. हम साथ ही कॉलेज के लिए निकलते थे. रोज़ की तरह आज भी मैं काजल के घर गईतो दरवाज़ा खुलते ही एक बेहद आकर्षक लड़का मेरे सामने था. मैं एक पल के लिए तो सकपका गई, फिर पूछा मैंने- “जीवो काजल?”

“काजल पास के मेडिकल स्टोर पर गई है अभी आती होगी. अंदर आ जाओ.”

मैं भीतर चली गई, घर में कोई नहीं था.

इतने में ही आवाज़ आई- “तुम ख़ुशबू हो ना?”

“हां, और आप विनोद?”

“अरे वाह! बड़ी जल्दी पहचान लिया, दरवाज़े पर तो ऐसे खड़ी थी जैसे कि भूत देख लिया हो…”

“नहीं वो इतने टाइम के बाद आपको देखा… काफ़ी बदल गए हो.”

“हां, क्या करें, फ़ौजी हूं, पोस्टिंग होती रहती है, तो यहां आना ही कम होता है, फ़िलहाल बॉर्डर पर हूं. वैसे बदल तो तुम भी गई हो, मेरा मतलब कि काफ़ी खूबसूरत हो गई हो.”

Pahla Affair

मैं झेंप गई और इतने में ही काजल भी आ गई थी.

“ख़ुशबू विनोद भइया से मिलीं?”

“हां काजल, चल अब कॉलेज के लिए देर हो रही है.”

कॉलेज से आने के बाद मैं बचपन के दिनों में खो गई. विनोद, काजल और मैं बचपन में साथ खेला करते थे. विनोद हमसे बड़े थे थोड़ा, लेकिन हमारी खूब पटती थी. उसके बाद विनोद डिफेंस फ़ोर्स में चले गए और उनसे मुलाक़ातें भी ना केबराबर हुईं. लेकिन आज विनोद को एक अरसे बाद देख न जाने मन में क्यों हलचल सी हो गई. 

शाम को विनोद घर आए, तो उनका सामना करने से झिझक सी हो रही थी. मैं सोचने लगी ये अचानक क्या हो गया मुझे? विनोद की कशिश से मैं खुद को छुड़ा ही नहीं पा रही थी. पर क्या विनोद भी मेरे लिए ऐसा ही सोचते हैं? 

उस दिन काजल का जन्मदिन था, मैं शाम को पार्टी में गई तो नज़रें विनोद को ही ढूंढ़ रही थीं. इतने में ही मेरे कानों में हल्कीसी आवाज़ आई, बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो, नज़र न लग जाए!” विनोद की इस बात से पूरे बदन में सिहरन सी होने लगी. खाना खाने बैठे तो टेबल के नीचे से उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया. उस पूरी रात मैं सो नहीं पाई.

अगले दिन मम्मी ने कहा आज घर पर ही रहना, तुझे लड़के वाले देखने आ रहे हैं. 

मैं हैरान-परेशान… “मम्मी मुझसे पूछ तो लिया होता, मैं अभी शादी नहीं करना चाहती.”

“बेटा, अभी कौन कह रहा है, बस बात पक्की हो जाए, फिर तू पढ़ाई पूरी करके, नौकरी लग जाए उसके बाद करना, उनकोकोई ऐतराज़ नहीं.”

“पर मां ये अचानक कहां से आ गया लड़का, कौन हैं ये लोग…”

“तू शाम को देख लेना…”

Pahla Affair

मुझे लगा ये सब क्या हो रहा है, अब विनोद को भी क्या कहूं, कैसे कहूं, हमारे बीच ऐसा रिश्ता तो अब तक बना भी नहींथा…

ख़ैर शाम हुई और मैंने देखा विनोद की फ़ैमिली हमारे घर पर थी. मेरी ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं था. 

तभी मम्मी और काजल ने कहा- “क्यों शादी के लिए अब भी तुम्हारी ना है या हां?”

हमारी सगाई हुई और विनोद की छुट्टियां ख़त्म… फ़ोन, मैसेजेस पर खूब बातें होतीं, विनोद फिर बीच में कुछ दिनों के लिएआए और तब शादी की तारीख़ भी फ़ाइनल हो गई. कार्ड्स के डिज़ाइंस से लेकर शादी की तैयारियों में दोनों परिवार व्यस्तहो गए. पर इसी बीच एक ख़बर आई कि आतंकियों से लड़ते हुए विनोद शहीद हो गए… सब कुछ बिखर गया…

“भाभी, तुम्हारी आंखों में आंसू… भइया की याद आ गई?”

काजल की आवाज़ से मैं वर्तमान में लौटी… “काजल, मैंने विनोद को खोया उस बात का तो ग़म है ही, लेकिन मुझे खुदपर भी बहुत ग़ुस्सा गई, क्योंकि हमारी आख़री मुलाक़ात में मैं विनोद से खूब झगड़ी थी, नाराज़ हुई थी वो भी सिर्फ़इसलिए कि एक तो वो लेट आए और उन्होंने ना मुझे मूवी दिखाई और ना मेरी तारीफ़ की थी… उनके जाने बाद भी उसनेमुझे सॉरी के मैसेजेस किए, फोन किए पर मैंने अपने झूठे ग़ुस्से में किसी का भी जवाब नहीं दिया… जब ग़ुस्सा ठंडा हुआतब तक उनके शहीद होने की खबर आ चुकी थी… काजल मैंने ताउम्र उनकी विधवा बने रहने का रास्ता चुना और मैंख़ुशनसीब हूं कि मेरे और तेरे घरवालों ने मेरे इस फ़ैसले का सम्मान किया, लेकिन मेरी आत्मा पर ये बोझ हमेशा रहेगा किआख़री पलों को मैंने क्यों नहीं समेटा, प्यार से उनको विदा करती तो कितना अच्छा होता…”

अचानक काजल उठकर जाने लगी तो मैंने टोका- “क्या हुआ? कहां जा रही हो?”

“अपने प्यार को समेटने भाभी…”

उसके और मेरे दोनों के चेहरे पर मुस्कान दौड़ पड़ी! 

  • परी शर्मा 

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हम अक्सर अपने सबसे करीबी रिश्तों को ही गंभीरता से नहीं लेते. एक वक़्त के बाद हम उनके प्रति लापरवाह या यूं कहेंकि बेपरवाह से हो जाते हैं और यहीं से शुरुआत होने लगती है समस्याओं की. धीरे-धीरे कम्यूनिकेशन कम होने लगता गई, नीरसता बढ़ती जाती है और एक रोज़ अचानक महसूस होता है कि रिश्ते में रहकर भी आप अकेले हैं. जब रिश्ते इसदहलीज़ तक पहुंच जाते हैं तो उनको टूटने में भी ज़्यादा वक़्त नहीं लगता.

बेहतर होगा कि ऐसी नौबत ही क्यों आने दें कि रिश्ता टूटने के कगार तक पहुंच जाए. क्यों न अपने रिश्ते को हमेशातारोताज़ा बनाए रखा जाए, लेकिन उसके लिए थोड़ी सी कोशिश करनी होगी, तो इन टिप्स को आज़माएं और अपने रिश्तेको रिफ्रेश करें…

  • रिश्ता भले ही पुराना हो गया हो, लेकिन उसमें कुछ नया हमेशा ट्राई करते रहें.
  • रिश्ते में अगर आप नया नहीं करेंगे वो वो बोरिंग होने लगेगा. 
  • आप हर दिन जैसे बाक़ी कामों के लिए समय निकालते हैं उसी तरह अपने पार्टनर और अपने रिश्ते के लिए भी रोज़वक़्त निकालें. 
  • इस वक़्त को आप सिर्फ़ अपने और अपने पार्टनर के लिए रखें. उसमें आप चाहें तो बैठकर चाय या कॉफ़ी पिएं, बातेंकरें, दिनभर की छोटी-बड़ी घटनाओं का ज़िक्र करें. 
  • ध्यान रहे इस वक़्त में आप शिकायतें न करें, सिर्फ़ पॉज़िटिव बातें करें.
  • शेयर करने से ही रिश्तों में भावनाएं और गर्माहट बनी रहेगी. 
  • हमेशा शिकायतें ही न करते रहें. इससे नकारात्मकता फैलती है.
  • हंसी-मज़ाक़ करें.
  • कॉम्प्लिमेंट दें. 
  • एक-दूसरे को छेड़ें, मूड लाइट करें.
  • रोमांस को ज़िंदगी से ग़ायब न होने दें. 
  • छोटी-छोटी कोशिशें रिश्तों में बड़ी मज़बूती लाती है. 
  • जिस तरह पार्टनर की खूबियों को अपनाते हैं वैसे ही उसकी कमियों को भी अपनाना सीखें. 
  • अपने हिसाब से किसी को भी बदलने के लिए फ़ोर्स न करें. 
  • ना ही बात-बात पर तानें दें. 
  • एक-दूसरे को स्पेस भी दें, हमेशा सिर पर सवार न रहें.
  • हर छोटे-बड़े फ़ैसले में पार्टनर की राय भी ज़रूर लें.
  • वीकेंड पर पिकनिक या आउटिंग की प्लानिंग करें. इससे रूटीन में थोड़ा बदलाव और नयापन आएगा.
  • थोड़ा-बहुत झूठ भी बोलें, एक-दूसरे की झूठी तारीफ़ भी करें. ओवर रोमांटिक होने से रिश्ते में एक ताज़गी बनी रहतीहै.
  • एक-दूसरे को गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड की तरह ट्रीट करें न कि पति-पत्नी की तरह.
  • गिफ़्ट्स दें, सर्प्राइज़ प्लान करें. 
  • एक साथ जॉगिंग पर जाएं या शाम को वॉक पर जाएं. 
  • कोई हॉबी क्लास जॉइन करें.
  • हर जगह बच्चों को लेकर जाने की ज़रूरत नहीं. सिर्फ़ आप दोनों रोमांटिक डेट पर जाएं.
  • सेकंड हनीमून भी अच्छा आइडिया है. 
  • अपने पैरेंट्स या दोस्तों को बहुत ज़्यादा अपनी निजी ज़िंदगी में दख़ल न देने दें. 
  • सुनें सबकी पर करें अपने मन की. 
  • अपने रिश्ते को लेकर हमेशा पॉज़िटिव रहें. भले ही कुछ अनबन हो जाए आपस में लेकिन उसे रिश्ते का एक अंगमानकर स्वीकार लें. 
  • अगर सॉरी या थैंक यू कहने से काम बनता है तो झिझकें नहीं.
  • अपने रिश्ते को अपनी प्राथमिकता बनाएं, न कि अपने ईगो को. 
  • अपने पार्टनर की ख़ुशी को तवज्जो दें न कि अपने अहम की तुष्टि को. 
Tips To Refresh Your Relationship
  • रिश्ते में नफ़ा-नुक़सान न सोचें, रिश्ते अपने आप में हमारी सबसे पहली ख़ुशी होनी चाहिए. 
  • अगर लंच साथ नहीं कर पाते तो कोशिश करें कि ब्रेकफ़ास्ट और डिनर साथ करें. भले ही सुबह थोड़ा जल्दी उठनापड़े. 
  • जब साथ हों तो वाक़ई में साथ रहें, अपने-अपने फ़ोन से ब्रेक ले लें.
  • कभी एक प्यारभरा किस तो कभी अपने हाथों से कुछ स्पेशल बनाकर खिलाना वो जादू कर जाता है जो बड़े से बड़ाऔर महंगा तोहफ़ा भी नहीं कर पाता.
  • अपने रिश्ते को रिफ्रेश करने के लिए बहुत ज़रूरी है कि अपनी सेक्स लाइफ़ को भी रोमांचित और रिवाइव करें. 
  • अपने घर का माहौल लाइट और रोमांटिक रखें. 
  • बेडरूम का डेकोर भी रोमांटिक हो.
  • सेक्स को लेकर कुछ नया करें, कभी वीकेंड में स्वीट बुक करें तो कभी घर में ही नई जगह या नई पोज़ीशन ट्राई करें.
  • पार्टनर को ये फ़ील कराएं कि वो आज भी आपको उतना ही अट्रैक्टिव लगते हैं जितना पहले. 
  • कभी फ़ोन पर हस्की वॉइस में बात करें.
  • आई लव यू कहें या मैसेज करें. 
  • नॉटी बातें करने से झिझकें नहीं. 
  • कभी भी ये न सोचें कि अब बच्चे बड़े हो गए या वो मिडल एज में आ गए तो रोमांस करना सही नहीं.
  • रोमांस की कोई एज नहीं होती, आप जब तक अपना दिल जवां और मूड ज़िंदादिल रखेंगे आपका रिश्ता उतना हीफ्रेश रहेगा.
  • अपने रिश्ते को बेहतर करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन ये भी है कि आप एक-दूसरे की जिम्मेदारियां बांटें, ताकिपार्टनर को लगे कि आप उनका साथ निभाने और बोझ कम करने के लिए हमेशा उनके साथ हैं.
  • इसी तरह अपने पार्टनर को हर्ट करने से बचें. कड़वा न बोलें और अगर ग़ुस्से में कुछ मुंह से निकल भी जाए तो दिमाग़ठंडा होने पर माफ़ी मांग लें. 
  • इमोशनल ब्लैकमेलिंग से बचें. ये रवैया रिश्ते में ज़हर भर देता है, क्योंकि अपनों के साथ सौदेबाज़ी नहीं की जाती. उन्हें डरा-धमकाकर अपना काम नहीं निकलवाया जाता.
  • अगर आप ऐसा कुछ करते हैं तो फ़ौरन अपना ये ऐटिट्यूड बदल दें. 
  • रोमांटिक म्यूज़िक सुनें वो भी साथ में या पुराने ऐल्बम निकालें, तस्वीरें देख कर बीते वक़्त को रिवाइव करें. पुरानीयादें ताज़ा करें.
Tips To Refresh Your Relationship
  • अपने पुराने दोस्तों के साथ पार्टी रखें. पुरानी रोमांटिक सिचूएशन्स को और दिनों को रिक्रीएट करें. 
  • हाईजीन और फिटनेस का ध्यान ज़रूर रखें. 
  • ना सिर्फ़ बॉडी हाईजीन या प्राइवट पार्ट्स की बल्कि ओरल हाईजीन और फिटनेस भी उतनी ही ज़रूरी है. 
  • ये न सिर्फ़ आपको हेल्दी रखती हैं बल्कि आपके रिश्ते को भी हेल्दी और फ्रेश रखती है.
  • पार्टनर को या उसकी बातों को इग्नोर न करें या हल्के में न लें.
  • माइंड गेम्स या पावर गेम्स न खेलें, रिश्तों में मैनिप्युलेशन आपके रिश्ते को तोड़ सकता है. 
  • पार्टनर को कंट्रोल में करने के उपाय न सोचें बल्कि उसका साथ देने की बात पर ज़ोर दें.
  • अक्सर घरवाले या दोस्त-रिश्तेदार भी सलाह देते हैं कि ऐसा करोगे तो पार्टनर क़ाबू में रहेगा, आपकी हर बातमानेगा… दिन-रात आपको ही याद करेगा. इन चक्करों में न पड़ें, क्योंकि आपको लाइफ़ पार्टनर चाहिए न कि कोईरोबोट या गुड्डा-गुड़िया जो आपके इशारों पर नाचे.
  • इन सबसे भले ही थोड़े समय के लिए आपको पार्टनर का अटेंशन मिल जाए, लेकिन लंबे समय तक यह करेंगे, तोपार्टनर की दिलचस्पी आप में कम हो जाएगी. रिश्ते में ठंडापन व ग़लतफ़हमियां बढ़ेंगी. जिससे रिश्ता टूट सकता है. 
  • इसी तरह पार्टनर की तारीफ़ या कामयाबी से जलें नहीं बल्कि गर्व करें. 
  • अगर पार्टनर थका हुआ है तो सेक्स के लिए ज़ोर न दें बल्कि एक हॉट मसाज देकर उसका मूड फ्रेश कर दें.
  • चीट न करें और झूठ बोलने से बचें, क्योंकि झूठ रिश्तों को खोखला कर देता है, जिससे पार्टनर आप पर भरोसा नहींरख पाता. 
  • अपने साथी को अपने दोस्तों व ऑफ़िस कलीग से खुलकर मिलवाएं.
Tips To Refresh Your Relationship
  • अपने रिश्ते से उम्मीद और अपेक्षा सभी रखते हैं लेकिन ये ध्यान रहे कि ये अपेक्षाएं अनरीयलिस्टिक न हों.
  • संयम और विश्वास रिश्ते में बेहद ज़रूरी हैं, आपका रिश्ता तभी तक ताज़ा रहेगा जब तक कि आप संयम औरविश्वास से काम लेंगे, क्योंकि संयम होगा तो नकारात्मकता नहीं पनपेगी और विश्वास होगा तो साथ बना रहेगा.
  • रिश्ते को रिफ्रेश करने का एक और जादुई उपाय है- टच थेरेपी. जी हां, प्यार भरी, केयर से भरपूर हल्की से छुअन भीरिश्ते को रोमांचित कर जाती है.
  • कभी सामान पकड़ाते समय हल्के से हाथ छू लिया, कभी नज़रों से ही प्यार से ही देख कर छू लिया, कभी किचन मेंकाम करती पत्नी को पीछे से आकर अचानक कमर से पकड़ किया तो कभी काम में डूबे पतिदेव के बालों मेंउंगलियों का कोमल स्पर्श दे दिया… ये तमाम बातें रिश्तों और रिश्ते में प्यार की ताज़गी को बनाए रखती हैं.
  • साथ रह रहे हैं तो एक-दूसरे की हेल्थ के बारे में अपडेटेड रहें, एक-दूसरे के घरवालों की भी हेल्थ का पता रखें औरज़रूरत के वक्त साथ खड़े रहें. एक-दूसरे के घरवालों का पूरा सम्मान भी करें, इसका सीधा असर आपके रिश्तों परपड़ेगा और वो पॉज़िटिव और फ्रेश बना रहेगा. 
  • गोल्डी शर्मा

रिश्तों को बनाए रखना और निभाना भी एक कला है. जिसने इसे समझ लिया, उसने रिश्तों को संभाल लिया. आप भी ये जरूर समझें कि जैसे हर बात के डूज़ एंड डोंट्स होते हैं, वैसे ही रिश्तों के भी होते हैं. ज़रूरी है इन्हें समझें और पहचानें.

– रिश्ते में कम्यूनिकेट करना किसी सबसे ज़रूरी है. कभी भी कोई समस्या हो, कोई शंका हो, तो बेहतर होगा कि आपसी बात चीत से मन का बोझ हल्का करें, अपनी परेशानियों को साझा करें.
– इसी तरह पार्टनर की परेशानियों को भी जानें और समझने की कोशिश करें, इससे आपकी बॉन्डिंग बेहतर होगी. 
– बातचीत ना करना किसी समस्या का हल नहीं बल्कि यह रिश्तों को और उलझा देता है.
– एक-दूसरे से शिकायत हो या विवाद हो गया हो तो मन शांत होते ही उस पर बात करें. 
– बात करना ही समाधान है. बात ना करने की आदत धीरे धीरे दूरियाँ बढ़ने लगती हैं और रिश्ते कमज़ोर होने लगते हैं.
 – शेयर-केयर करें. रिश्तों में सिर्फ़ अपने बारे में नहीं सोचा जाता, रिश्तों का मतलब ही है एकजुट होकर सबके लिए सोचना. 
– एक समय के बाद हम खुद यह मान लेते हैं कि अब रिश्ते को अतिरिक्त समय देने की या कुछ स्पेशल करने की ज़रूरत नहीं. 
– हमको लगता है हमारा रिश्ता स्टेबल हो गया और यहीं हम ग़लती करते हैं. धीरे-धीरे रिश्ते में बोरियत पनपने लगती है और वो रूटीन सा लगने लगता है.
– शेयरिंग की भावना से रिश्ते गहरे और मज़बूत बनते हैं. सुख-दुःख हो, कामयाबी या असफलता सब कुछ शेयर करें. 
– इससे आपकी ख़ुशियां और हौसला दोनों बढ़ेंगे और रिश्ते बोझ कम संबल अधिक लगेंगे. 
– रिश्ते को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए आपके प्रयास ज़रूरी हैं. हमेशा कुछ नया करते रहें और पार्ट्नर को स्पेशल फ़ील करवाते रहें.
– रिश्ते में स्वार्थ की भावाना से भी बचना ज़रूरी है. स्वार्थ की भावना भले ही आपको कुछ समय के लिए ख़ुशी दे देगी लेकिन आगे चलकर आप एकदम अकेले पड़ जायेंगे. 
– स्वार्थ छोड़कर देखें, आपको अपने रिश्ते ही इतने प्यारे लगेंगे कि बोझ अपने आप हल्का लगने लगेगा.
– मिलकर काम करें, घर या बाहर दोनों जगह का काम बांट लें. सब मिलकर करेंगे तो ज़िंदगी और रिश्ते दोनों आसान लगने लगेंगे. 
– रिश्तों में सबकी जिम्मेदारियां बनती हैं और जो कुछ भी निभाना होता है मिलकर ही बेहतर तरी़के से निभाया जा सकता है. जो काम आप बेहतर कर पायें वो आप लें और दूसरों को भी उनकी क्षमता के अनुसार काम दें.
– आप खुद आगे बढ़कर कहें कि यह काम मुझ पर छोड़ दें, फिर देखिए रिश्तों से बोझ अपने आप कम होगा और रिश्ते बोझिल नहीं प्यारे लगेंगे.
– ठीक इसी तरह आर्थिक ज़िम्मेदारी भी बांट लें.
– आपको कुछ ख़र्चों कीज़िम्मेदारी खुद ब खुद ख़ुशी ख़ुशी लेनी चाहिए. 
– रिश्तों में ज़रूरी है कि आर्थिक ज़िम्मेदारियों का भी बंटवारा हो. 
– आप अगर यह सोच रखेंगे कि मैं अपने पैसे बचा लूं और सामने वाला ही अकेला खर्च करे तो यह सही नहीं.
– अपना दिल बड़ा रखें. सोच छोटी न करें. दिल को खुला रखेंगे तो ज़िंदगी जी खोल के जी सकेंगे.
– अगर आप अपने रिश्तों का ख़याल रखेंगे तो बुरे समय में रिश्ते आपका ख़याल रखेंगे. 
– अपनी सोच बदलें, फ़ायदे-नुक़सान के तराज़ू में रिश्तों को ना तोलें. 
– अगर आपको किसी चीज़ की कमी भी होगी तो अपनों के साथ वो कमी महसूस नहीं होगी. 
– चाहे पैसों की कमी हो या सुविधाओं की अगर अपने साथ हैं तो ज़िंदगी की राह आसान हो जाती है. 
– रिश्तों में कभी भी फ़ायदा या नुक़सान की सोच के साथ आगे नहीं बढ़ा जा सकता. रिश्तों को सिर्फ़ प्यार से ही सींचा जा सकता है.
– ईगो ना रखें. अहंकार हर रिश्ते को मिटा देता है. 
– खुद को समझदार और दूसरों को मूर्ख समझने की गलती ना करें. 
– अपनों से भला कैसा ईगो?

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Relationship Ideas


बेहतर है सबको साथ लेकर चलें. नकारात्मक सोच और भावनाओं को त्याग दें.
– ईगो किसी भी रिश्ते के लिए ये सबसे ज़हरीला तत्व है. 
– ईगो आपको कुछ पलों के लिए तो एक जीत का एहसास ज़रूर दिला सकता है लेकिन इसके बदले आप क्या कुछ हार जाते हैं यह बाद में पता चलता है. 
– रिश्तों में हमेशा झुककर चलन ेकी, एडजेस्ट करने की और एक-दूसरे को सपोर्ट करने की ज़रूरत होती है लेकिन आपका ईगो आपको यह सब करने से रोकता है.
– ईगो आपके रिश्ते को खोखला कर सकता है क्योंकि धीरे धीरे आपके अपने भी आपसे दूर होने लगते हैं.
– धोखा न दें. पार्टनर को 
चीट ना करें. मर्यादा भी रिश्ते का दूरसा नाम है. रिश्ते बंधन होते हैं, लेकिन ये बंधन ख़ूबसूरत होता है. इसमें अगर धोखा या स्वार्थ आ जाए, तो रिश्ता बोझ लगता है. 
– चीटिंग की रिश्तों में कोई जगह नहीं होती. पार्टनर को धोखा ना दें. 
– इसी तरह ख़ुद भी रिश्ते में बेईमानी बर्दाश्त न करें. 
– यदि कोई आपके भरोसे का फ़ायदा उठाता रहे और गलती  दोहराए, तो आपको आंखें खोल लेनी चाहिए, क्योंकि अगर कभी कोई भूल हो जाए या इंसान भटक जाए, तो माफ़ किया जा सकता है, लेकिन  अगर आप सहते जाएंगे तो पार्टनर की यह सोच बन जाएगी कि मैं चाहे जो भी करूं, उसे बर्दाश्तकर लिया जाएगा. 
– आपके लिए अगर पार्टनर के मन में प्यार और सम्मान नहीं तो उस रिश्ते को भी वो सम्मान नहीं देगा जिसमें आप दोनों बंधे हैं. अच्छा होगा ख़ुद को भी भ्रमित होने से रोकें. 
– अगर सम्मान चाहते हैं, तो आपको भी सम्मान देना होगा. 
– किसी को कम ना आंके. घर में भी सबकी राय को महत्व दें. सबसे राय लें. कई बार एक बच्चा भी बड़ी से बड़ी समस्या का आसान रास्ता सुझा देता है.
– गुस्से और व्यर्थ के विवादों में न उलझें. कपल यह ग़लती करते हैं कि विवादों के चलते अपने ग़ुस्से पर क़ाबू नहीं कर पाते. 
– ग़ुस्से पति-पत्नी दोनों ही एक-दूसरे के घर-परिवार, परवरिश और आदतों पर उस वक़्त तो उल्टा-सीधा बोल जाते हैं, लेकिन बाद में उन्हें एहसास होता है कि कुछ ज़्यादा ही बोल गए. 
– इसलिए बेहतर होगा कि विवाद के बाद जब आप दोनों का ही ग़ुस्सा शांत हो जाए तब उस पर बात की जाए. समस्या कीजड़ तक जाना ज़रूरी है ताकि उसको सुलझाया जा सके. 
– पर अक्सार होता यह है कि विवाद को सुलझाने की बजाय और माफ़ी मांगने की बजाय कपल बात को टालना शुरू कर देते हैं. लेकिन वो बात वहीं की वहीं रह जाती है, जो कभी ना कभी बैकफ़ायर कर सकती है और दूसरे विवाद को जन्म दे सकती है. 
– भविष्य में फिर ऐसा विवाद ना हो, इसके लिए अपनी गलती की माफी मांगे और धैर्य व संयम से काम लें.
– अगर पार्टनर कभी ग़ुस्सा करे तो उस बात को लंबा न खींचें, क्योंकि ये सामान्य सी बात है. कभी आप तो कभी वोग़ुस्सा करेंगे ही, आख़िर इंसानी फ़ितरत है ये.
 – बदले की भावान न रखें, क्योंकि अक्सर झगड़ने के बाद पति-पतनी एक दूसरे की भावनाओं को जानबूझकर आहत करते हैं.
– उन्हें लगता है कि अगर पार्टनर उन्हें हर्ट करता है तो वो भी बदला लेंगे. 
– एक दूसरे को ताना देना या कोई ऐसी बात करना जिससे पार्टनर आहत हो ऐसा ना करें. इससे आपका रिश्ता कमज़ोर होगा और विवाद भी बढ़ेंगे. 
– बेहतर होगा कि एक दूसरे की कमज़ोरियों को स्वीकारें और फिर आगे बढ़ें. 
– सभी को सम्मान दें और आपसी झगड़े में घरवालों को बीच में ना लायें.
– एक दूसरे के घरवालों को लेकर कोई ताना ना दें और ना ही उनका अपमान करें. 
– दूसरों के सामने भी पार्टनर को नीचा ना दिखायें, वरना आपका रिश्ता ज़्यादा नहीं चल पाएगा.
– इमोशनल ब्लैकमेलिंग से बचें. क्योंकि ऐसा करने पर पार्टनर आप अपना सम्मान खो देंगे. आपकी इन धमकियों को पार्टनर एक समय के बाद नज़रअंदाज़ करने लगता है. 
– कभी सेक्स को लेकर तो कभी बच्चों के नाम पर, धमकियां देने की गलती महिलाएं खासतौर से करती हैं. इससे बचें.
– अपनी फ़िज़ूल की ख़्वाहिशों को पूरा करने के लिए ब्लैक मेलिंग न करें और न ही एक-दूसरे को ताना दें.
– कई छोटी-छोटी बातें हैं जो रिश्ते में आपको सहनी ही चाहिए और उनको आधार बनाकर अपने रिश्ते की बलि न चढ़ाएं.
– झूठ बालने से बचें. चाहे पैसों को लेकर हो या किसी आरैर बात पर, झूठ रिश्ते की बुनियाद हिला सकता है.
– यह किसी भी रिश्ते को कमज़ोर कर सकता है. 
– झूठ चाहे कितना भी मीठा हो लेकिन वो सच की जगह कभी नहीं ले सकता.  बेहतर होगा कि सच के साथ रहें और अपने रिश्तों को भी सच्चा बनाए  
– अपनी समस्यायएं शेयर करें, छिपाएं नहीं, शेयर करने से उनका हल निकल सकता है. 
– कोशिश करें कि रिश्तों में ईमानदार बने रहें और झूठ को पनपने ही ना दें.  
– एक झूठ को छुपाने के लिए आपको झूठ पर झूठ भी बोलने पड़ते हैं, जिनका खुलासा होने पर आप पर से अपनों का ही भरोसा उठ जाता है. 
– पार्टनर से द्वेष या जलन की भावना न रखें, उसकी कामयाबी पर ख़ुशी मनाएं, उसे मोटिवेट करें, क्योंकि आप पार्टनर है, प्रतियोगी नहीं. 
– लेकिन अक्सर कपल ये भूल जाते हैं कि वो साथी हैं और एक दूसरे का सहारा भी. 
– आपस में प्रतियोगिता न करें. अक्सर ऐसा देखा गया है कि घर के सदस्य आपस में ही प्रतियोगिता करने लग जाते हैं यह जताने के लिए कि वो श्रेष्ठ हैं. 
– ऐसे में दूसरे की ज़रा सी गलती पर भी वो उसे नीचा दिखाने से बाज़ नहीं आते और ताने देने लगते हैं. इससे निगेटिविटी फैलते हैं और रिश्ता कमज़ोर पड़ता है. इसलिए ये न करें.
– छोटे-मोटे झगड़े हर रिश्ते में होते हैं तो उनको आधार बनाकर कभी अपने रिश्ते को न बिगाड़ें.
– इसी तरह सामनेवाले को अपने जैसा बनाने या बदलने की कोशिश न करें, इससे रिश्ते ख़राब होंगे.
– अगर पार्टनर की कुछ आदतें आपको नापसंद हों तो यही सोचें कि कोई भी परफेक्ट नहीं होता. 
– कभी भी अपने मायके वालों से तुलना करके अपने ससुराल की बुराई करना और फिर उसको आधार बनाकर झगड़ने से बचें. 
– रिश्ते में हिंसा को जगह न दें. न हिंसा करें, न सहें.  पर अधिकांश महिलाएं रिश्ते को बचाए रखने के लिए रिश्ते में हिंसा व मारपीट तक बर्दाश्त करती हैं. 
– एक सर्वे के मुताबिक़ भारत में घरेलू हिंसा के कारण काफ़ी मौतें होती हैं. 
– लेकिन बावजूद इसके न स़िर्फ पढ़ी-लिखी महिलाएं बल्कि उनके घरवाले भी उन्हें चुपचाप सब सहने के लिए कहते हैं, क्योंकि वो घर की इज़्जत या रिश्ते को बचाए रखने की दुहाई देने लगते हैं. 
– किसी भी रिश्ते में हिंसा की कोई जगह नहीं होती है और ये बात सभी को समझनी ज़रूरी है.  
– इसी तरह महिलाएं भी होती हैं, जो अपने पति को प्रताड़ित करती हैं. दहेज या कोई भी इलज़ाम लगाने की धमकी भी देती हैं.
– अपने सास-ससुर को भी वो प्रताड़ित करती हैं, ताकि उनकी हर बात मान ली जाए, लेकिन ऐसा करके वो न स़िर्फ कानूनू का दुरुपयोग करती हैं, बल्कि अपने रिश्तों को खोखला भी करती हैं.
– शारीरिक प्रताड़ना के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना भी बेहद घातक होती है. 
– यदि आपको यह महसूस हो रहा है कि रिश्ते में आपका शोषण हो रहा है, तो पार्टनर से बात करें और अपने करीबियों से भी, बिना ये सोचे कि आप पर कोई भरोसा करेगा या नहीं. 
– आप ख़ुद पर भरोसा रखें और अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाएं.
– इसी तरह सेक्स लाइफ के भी कुछ डूज़ और डोंट्स हैं, जिन्हें जानना ज़रूरी है, क्योंकि शादी में सेक्स को इग्नोर नहीं किया जा सकता. 
– सेक्स में दोनों की भावनाओं और इच्छाओं का सम्मान बेहद ज़रूरी है. अगर सेक्स में पार्टनर बस अपनी ही ज़रूरत का ख़याल रखता है तो वो मशीनी प्रक्रिया होती है. 
– अगर पार्टनर आपको समय नहीं देता, रोमांस, शेयरिंग व केयरिंग की आपकी ज़िंदगी व बेडरूम में जगह नहीं, तो बात करना ज़रूरी है. 
– आपके रिश्ते में ये नौबत न आए, इसलिए सेक्स को भी प्यार का एक अहम् हिस्सा मानें और रोमांस को गायब न होने दें. 
– इसके लिए दोनों तरफ़ से प्रयास हों. कभी रोमांटिक डेट, कभी मैसेज, कभी सरप्राइज़…
– कभी थके-हारे पार्टनर के बालों में प्यार से हाथ फेरनाभर ही काफ़ी होता है रिश्तों में गर्माहट बनाए रखने के लिए. 
– परेशानियों को साझा करें. अगर पार्टनर का मूड ठीक नहीं, तो उस पर सेक्स के लिए दबाव न बानएं.  बल्कि उसका मूड ठीक करने के उपाय करें. कैंडल्स जलाएं. पास बैठकर हाथ पकड़ें और एहसास दिलाएं कि हम दोनों हमेशा एक-दूसरे के साथ हैं. 
– पार्टनर ख़ुद को अकेला न समझे. ऐसे में उसका मन और मूड दोनों ठीक होंगे. 
– पार्टनर पर अपनी इच्छाएं न थोपें.  अगर आपका पार्टनर कंफर्टेबल नहीं है, तो उस पर दबाव न डालना ही बेहतर होगा. 
– जब पार्टनर का मूड ठीक हो जाए, तो आपस में बात करें, सेक्स में और भी कई तरह के फ़न और एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं ताकि बोरियत न हो 
– सेक्स में दोनों का सहज रहना ज़रूरी है. इसी तरह यदि पार्टनर थका हुआ है या उसकी तबीयत ठीक नहीं, तब भी सेक्स के लिए ज़बर्दस्ती न करके उसकी तबीयत का ध्यान रखें. थके शरीर के साथ सेक्स करना न आपको सुख देगा और न ही आपके पार्टनर को.

– गोल्डी शर्मा 

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कॉम्प्लिमेंटस किसे पसंद नहीं! हर कोई चाहता है कि उसके लुक्स, बिहेविअर, फैशन सेंस या फिर उनके एफ़र्ट्स के लिए उन्हें कॉम्प्लिमेंटस मिले. ऐसा होता भी है पुरुष महिलाओं की तारीफ करने से पीछे नही हटते.लेकिन महिलाएं उन्हें कॉम्प्लिमेंट देने में कंजूसी कर जाती हैं.

हम आपको बता रहे हैं 6 ऐसे कॉम्प्लिमेंट जो आप उन्हें दे सकती हैं.उन्हें स्पेशल फील करा सकती हैं.उनके और करीब आ सकती हैं. उनका दिल जीत सकती हैं.

1. आई  फील सेफ विद यू- ये अपने पार्टनर  को देने वाला बेस्ट कॉम्प्लिमेंट है. आप उन्हें ये कह कर अपना प्यार जता सकते हैं.आप उनके साथ महफूज़ फील करते हैं. उनका साथ आप में एक अलग ऊर्जा का संचार करता है.

2. लकी टू हैव यू- अपने पार्टनर  को बार बार ये बताते रहे कि उनका आपकी लाइफ में होना कितना मैटर करता है और अगर वो ना हो तो आप की जिंदगी कितनी खाली होती. आप बहुत खुश हैं उन्हे पाकर. ये समय समय पर उन्हें बताते रहिये . ये सुनकर उन्हें बहुत खुश मिलेगी.

3. यू आर सच ए ग्रेट किसर-  पुरुषों को कॉम्प्लिमेंट बहुत कम मिलते हैं. लेकिन क्युंकि अब आप एक रिलेशनशिप में है तो आपका उन्हें कंप्लिमेंट करना बनता है. आपका इस तरह से किया गया कंप्लिमेंट .उनमें  एक नई स्फुर्ति पैदा कर देगा. एक बार ट्राय करे.

Compliments For Men

4. इट्स अमेजिंग हाओ हार्ड यू वर्क – महिलाओं और गर्लफ्रेंड्स  अपने पार्टनर को हमेशा काम के ताने देती रहती हैं.  उन्हें उनके काम से हमेशा  शिकायत रहती है. लेकिन वो आपके लिए, घर के लिए हर रोज़ कितनी मेहनत करते हैं अगर  इसके लिए शिकायत की बजाय उनकी  तारीफ कर. आप उनका दिन बना सकती हैं.

5. यू आर सच अ गुड कुक – असल में पुरुष अच्छे कुक होते हैं और बहुत स्वादिष्ट खाना भी बनाते हैं. वाइफ के वर्किंग होने पर किचन में उनकी मदद भी करते हैं. लेकिन उन्हें इस बात के लिए  अप्रेसीएशन कम ही मिलता है अगर आपके पार्टनर में ये स्किल है तो उन्हें जरूर ‘यू आर सच ए गुड कुक’ वाला कॉम्प्लिमेंट दीजिये. फिर देखिये जादू.

6. यू आर ए ग्रेट फादर- हालाँकि ये अधितर महिलाओं के लिए यूज़ किया जाता है कि आप बहुत अच्छी माँ है, लेकिन बदलते समय और जरूरत के अनुसार पुरुष भी बच्चों के पालन पोषण में अपनी भूमिका निभाते हैं. एफॉर्ट लगाते हैं और अच्छे पिता बनने की कोशिश भी  करते हैं. इसके लिए उन्हें एपरीसीएशन दिया जाना चाहिए.आप ये कहकर उन्हें स्पेशल फील करा सकती हैं.  आपके साथ जिम्मेदारी बाँटने के लिए थैंकयू कह सकती हैं.

शिखा शिप्रा

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रिश्ते होते ही इसलिए हैं कि जीवन का सफ़र आसान हो, मुश्किलें कम हों और बात जब हमसफ़र की हो तो उम्मीदें औरअपेक्षाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन जब यही रिश्ता मुश्किलें पैदा करने लगे तो सवाल उठता है कि रिश्ते में क्या और कितना सहेंऔर कितना नहीं. 

  • छोटे-मोटे झगड़े हर रिश्ते में होते हैं तो उनको आधार बनाकर कभी अपने रिश्ते को न बिगाड़ें.
  • अगर पार्टनर की कुछ आदतें आपको नापसंद हों तो यही सोचें कि कोई भी परफेक्ट नहीं होता. सामनेवाले को अपनेजैसा बनाने या बदलने की कोशिश न करें, इससे रिश्ते ख़राब होंगे.
  • अपने मायके वालों से तुलना करके अपने ससुराल की बुराई करना और फिर उसको आधार बनाकर झगड़ने से बचें. 
  • अगर पार्टनर कभी ग़ुस्सा करे तो उस बात को लंबा न खींचें क्योंकि ये सामान्य सी बात है. कभी आप तो कभी वोग़ुस्सा करेंगे ही, आख़िर इंसानी फ़ितरत है ये.
  • अपनी फ़िज़ूल की ख़्वाहिशों को पूरा करने के लिए ब्लैक मेलिंग न करें और न ही एक-दूसरे को ताना दें.

इसी तरह की तमाम छोटी-छोटी और भी कई बातें हैं जो रिश्ते में सहनी ही चाहिए और उनको आधार बनाकर अपने रिश्तेकी बलि न चढ़ाएं.

लेकिन कुछ ऐसी बातें हैं जो रिश्ते में सहनी नहीं चाहिए वर्ना आप पर ही भारी पड़ सकती हैं ये बातें.

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1.डोमेस्टिक वॉयलेंस: एक सर्वे के मुताबिक़ भारत में घरेलू हिंसा के कारण काफ़ी मौतें होती हैं. डोमेस्टिक वॉयलेंस एकअपराध है, लेकिन बावजूद इसके अधिकांश महिलाएं रिश्ते को बचाए रखने के लिए इसे बर्दाश्त करती हैं. यहां तक किपढ़ी-लिखी व सेलिब्रिटी भी इसे बर्दाश्त करती हैं. लोगों से इसे छिपाती भी हैं, यही वजह है कि सामनेवाली की ये आदतहो जाती है, क्योंकि उसको लगता है कि पत्नी को दबाकर रखना बेहद आसान है और फिर वो हर छोटी-बड़ी बात पर हाथउठाना अपना हक़ समझने लगता है. किसी भी रिश्ते में हिंसा की कोई जगह नहीं होती है और ये बात कोई भी महिलाजितनी जल्दी समझ जाए इतना अच्छा है. 

ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ महिलाएं ही इसका शिकार होती हैं, कई पुरुष भी रिश्ते में हिंसा व प्रताड़ना के शिकार होते हैं, उन्हेंभी यह डर लगता है कि समाज उनकी बात पर भरोसा नहीं करेगा, लेकिन बेहतर होगा आप भी अपने हक़ के लिए लड़ें औरग़लत बातों को बर्दाश्त न करें और सबसे बड़ी बात अपने स्वाभिमान के लिए अन्याय बर्दाश्त न करें! 

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2. सेक्स में ज़बर्दस्ती: मैरिटल रेप के कई मामले सामने आते हैं लेकिन इस पर अब तक विवाद ही है, लेकिन महिलाएंइसका काफ़ी शिकार होती हैं. सेक्स और रिश्ते में दोनों की भावनाओं और इच्छाओं का सम्मान बेहद ज़रूरी है. लेकिनअगर सेक्स में पार्टनर बस अपनी ही ज़रूरत का ख़याल रखता है तो वो मशीनी प्रक्रिया होती है जिसमें भावनाएं व प्यारनदारद होता है. अगर आप अपने पार्टनर का सम्मान करते हैं, तो पार्टनर से भी उम्मीद करते होंगे, वो भी उतना ही सम्मानआपको दे. लेकिन जब ऐसा नहीं होता और एक ही पार्टनर हमेशा अपनी इच्छाएं थोपता चला जाता है, तो यह ज़बर्दस्तीघुटन पैदा करती है. अगर पार्टनर आपको समय नहीं देता, रोमांस की आपकी ज़िंदगी व बेडरूम में जगह नहीं, आपके पासप्यार से बैठकर आपके सुख-दुख के बारे में जानने की कोई ज़रूरत नहीं समझता और आपको महज़ अपनी ज़रूरत पूरीकरने का साधन समझता है तो उस रिश्ते में आप कहां हो ये समझ लेना ज़रूरी है.

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3.अप्राकृतिक यानी अननेचुरल सेक्स: कई पुरुष अपने पार्टनर पर अननेचुरल सेक्स के लिए दबाव डालते हैं. भारत मेंएनल सेक्स और ओरल सेक्स ग़ैरक़ानूनी है और अगर आपका पार्टनर कंफर्टेबल नहीं है, तो उस पर दबाव न डालना हीबेहतर होगा. वो पोर्न फिल्मों को अपना आदर्श मानते हैं और अपने पार्टनर से उसी तरह के प्रदर्शन की चाह रखते हैं. सेक्समें दोनों का सहज रहना ज़रूरी है. यदि कोई समस्या है, तो विशेषज्ञ की राय ली जा सकती है, आप काउंसलर के पास भीजाकर अपनी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के तरी़के जान सकते हैं या आप आपस में बात करें, सेक्स में और भी कईतरह के फ़न और एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं ताकि बोरियत न हो और न ही इस तरह अननेचुरल सेक्स का सहारा लेनेकी बात दिमाग़ में आएगी.

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4. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर: रिश्ते में बेईमानी बर्दाश्तन करें. अगर कभी कोई भूल हो जाए या इंसान भटक जाए, तो माफ़किया जा सकता है, लेकिन यदि कोई बार-बार आपके भरोसे का फ़ायदा उठाता रहे और वही गलती बार-बार दोहराए, तोआपको आंखें खोल लेनी चाहिए. यह सोचकर कि रिश्ता टूट जाएगा, इसलिए बर्दाश्त करते रहना, सहते रहना सही नहीं. अगर आप सहते जाएंगे तो पार्टनर आपको हल्के में लेगा. उसकी यह सोच बन जाएगी कि मैं चाहे जो भी करूं, उसे बर्दाश्तकर लिया जाएगा, अच्छा होगा कि पार्टनर के इस भ्रम को तोड़ें और ख़ुद को भी भ्रमित होने से रोकें. आपके लिए अगरपार्टनर के मन में प्यार और सम्मान नहीं तो उस रिश्ते को भी वो सम्मान नहीं देगा जिसमें आप दोनों बंधे हैं.

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5.भावनात्मक शोषण व मानसिक प्रताड़ना: शारीरिक प्रताड़ना ही नहीं मानसिक प्रताड़ना भी बेहद घातक होती है. इसकेअलावा भावनात्मक रूप से भी कई लोग अपने पार्टनर को प्रताड़ित करते हैं. यदि आपको यह महसूस हो रहा है कि रिश्ते मेंआपका शोषण हो रहा है, मानसिक यातनाएं दी जा रही हैं, बेवजह गाली-गलौज की जा रही है या आर्थिक स्तर पर भीपरेशान किया जा रहा है, तो अपने लिए स्टैंड लें और पार्टनर से जितना जल्दी हो बात करके बताएं कि ये सब आप बर्दाश्तनहीं करेंगी. अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाएं. यदि आपको यह महसूस हो रहा है कि रिश्ते में आपका शोषण हो रहा है, पार्टनर या कोई भी आपको भावनात्मक स्तर पर सपोर्ट नहीं कर रहा या हर छोटी-मोटी ज़रूरतों के लिए आपको उसकेसामने गिड़गिड़ाना पड़ रहा है, हर बात पर आपको तंज कसे जाते हैं, सबके सामने नीचा दिखाने की कोशिश होती है या येजताया जाता है कि आपकी कोई अहमियत नहीं तो चुप रहकर सहना समझदारी नहीं.

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तो क्या करें?

सबसे पहला रास्ता है बात करें. अपनी बात प्यार और शांति से समझाएं कि आप रिश्ते को महत्व देती हैं इसलिए इसेबचाए रखना चाहती हैं. लेकिन बात से जब बात आगे बढ़ जाए तो आप एक्सपर्ट की राय व मदद लेने से न हिचकें. अपनेऔर पार्टनर के पेरेंट्स से बात करें और बड़ों की राय के बाद निर्णय लें ताकि रिश्ते में ये सब न सहना पड़े. 

  • पिंकी शर्मा 

आमिर खान अपनी दूसरी पत्नी किरण राव से ले रहे हैं तलाक़. 15 साल बाद दोनों ने आपसी सहमति से किया अलग होने का फ़ैसला और आमिर ने एक ऑफिशियल स्टेटमेंट भी जारी किया है, जिसमें लिखा है- इन 15 खूबसूरत सालों को हमने हंसी-ख़ुशी से जिया और हमारा रिश्ता प्यार, सम्मान और विश्वास के साथ आगे बढ़ा. लेकिन अब हम अपनी ज़िंदगी का एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं- जिसमें हम पति-पत्नी की तरह नाहीं, बल्कि को-पैरेंट्स और परिवार की तरह अपने रिश्ते को देखेंगे.

Aamir Khan and Kiran Rao

हमने कुछ समय पहले ही अपने अलगाव के बारे में प्लान किया था और अब हम इस बात को लेकर सहज हो चुके हैं कि अलग होने की प्रक्रिया को सहजता से योजनाबद्ध तरीक़े से व्यवस्थित कर सकें. हम बेटे आज़ाद के लिए को-पेरेंट्स बने रहेंगे और उसकी परवरिश साथ ही करेंगे. हम फिल्मों और अपने पानी फाउंडेशन के अलावा उन सभी प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करते रहेंगे जिनमें हमारी दिलचस्पी होगी. हम अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों को शुक्रिया कहेंगे, जिन्होंने हमें इस दौरान हमारा लगातार साथ दिया, उनके समर्थन के बिना हम ये फैसला लेने में सक्षम नहीं हो पाते. हम अपने शुभचिंतकों से आशीर्वाद और शुभ कामनाओं की आशा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि कि हमारी ही तरह वो भी इस तलाक को एक अंत नहीं, बल्कि एक नए सफर की शुरुआत की तरह देखेंगे.

शुक्रिया और प्यार

किरण और आमिर

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वर्तमान समय में लोग कुछ अधिक ही अधीर होते जा रहे हैं. एक तरह से कह सकते हैं कि हम सभी दूसरों को सुनने की क्षमता खो रहे हैं. साथ ही हमेशा ख़ुद को सही साबित करने की होड़ लगी रहती है. हमने दूसरों की भावनाओं को समझना भी बंद कर दिया है, जिससे हमारे रिश्तों में खटास पैदा होती जा रही है. यही कारण है कि हम बहुत सारे विवाहित जोड़ों को तलाक़ लेते हुए देखते हैं और कई युवा जोड़े टूट रहे हैं. रिश्तों में बहस या फिर वाद-विवाद अधिक हो रहा है. छोटी-छोटी बहस बढ़ते हुए बड़ा रूप ले लेती है और पति-पत्नी के रिश्ते बिखर जाते हैं. इसी संबंध में काउंसलर और टैरो कार्ड रीडर जीविका शर्मा ने कई उपयोगी बातें बताई.

एक व्यक्ति को अपने रिश्ते को बचाने के लिए क्या करना चाहिए?
व्यक्ति को एक प्रयास ज़रूर करना चाहिए, यदि वो वास्तव में अपने रिश्तों को बचाना चाहते हैं. साथ ही व्यक्ति को अपने रिश्ते को लेकर गंभीर होना चाहिए.
निम्न बातों को ध्यान रखते हुए एक व्यक्ति अपने रिश्ते को बचा सकता है-

  • अपना ही तर्क चलाने की कोशिश ना करें. माना रिश्ते में बहस, वाद-विवाद, तर्क आदि सामान्य हैं, क्योंकि कोई भी दो व्यक्ति बिल्कुल समान नहीं होते. और जब मतभेद होते हैं, तो तर्क भी होंगे ही. इसलिए यदि आप जब कभी भी अपने पार्टनर के साथ बहस करते हैं, तो आपको इसे अपने साथी को बेहतर तरीक़े से सीखने के अवसर के रूप में देखने की ज़रूरत है. सकारात्मक बातचीत करें. परिस्तिथियों से भागे नहीं, बल्कि आपसी बातचीत से समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी.
Smart Ways To End An Argument
  • जब भी अपने साथी के साथ किसी बात पर बहस होती है, तो आपको अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए. अगर आप ग़ुस्सा दिखाते हैं, तो आप जीवनसाथी को कभी नहीं सुन सकते और ना ही समझ सकते हैं. और जब आप सुन नहीं सकते, तो आप बहस के मूल कारण तक नहीं पहुंच पाएंगे. ऐसे में यदि आप दोनों यह नहीं जानते हैं कि आप दोनों किस बारे में बहस कर रहे हैं, तो भला कोई समाधान कैसे निकल सकता है? इसलिए यदि आप वास्तव में हमेशा के लिए वाद-विवाद को समाप्त करना चाहते हैं, तो अपने क्रोध को नियंत्रित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है.


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  • अपने गुस्से को नियंत्रित करने के बाद आप अपने साथी के साथ विनम्रता से बात करें. ध्यान रहे विवाद को नियंत्रित करने और इसे हल करने के लिए आपको वास्तव में उस टोन की जांच करने की आवश्यकता है जो आप उपयोग कर रहे हैं यानी कठोर और व्यंग्यात्मक लहजे का प्रयोग ना करें. ऐसा करने से आपके साथी के मन में ग़ुस्सा पैदा होगा, जिससे बात बनते-बनते बिगड़ जाएगी. विनम्रता एक तर्क को शांति से हल करने की कुंजी है. यह आपके साथी के ग़ुस्से को कम करने में भी मदद करेगा.
  • अपने पार्टनर के साथ बहस के दौरान विद्रोही तरीक़े से कार्य न करें. इसका मतलब है कि अगर आपका जीवनसाथी कुछ विषय लाता है या उस पर बात करता है, तो उन पर हमले के अंदाज़ में जवाब न दे. आपको एक आरोप का दूसरे आरोप से सामना नहीं करना चाहिए. यह समझने की कोशिश करें कि आपका साथी अपनी बात के साथ क्या कहना चाहता है. यदि आप स्थिति को उनके दृष्टिकोण से देख सकते हैं, तो क्या आप तर्क के बेयरिंग तक नहीं पहुंच पाएंगे. इस तरह आप मुद्दे को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे.
    एक बार जब आप उनकी बात समझ जाते हैं, तो आप परिस्थिति को भी अच्छी तरह देख पाएंगे. यदि आपका साथी ग़लत भी है, तो एक शांतिपूर्ण तरीक़े से बात को समझा और समझाया जा सकता है.
Argument With Your Partner
  • आपको स्थिति को नियंत्रित करने की आवश्यकता है और इसे वहां से जाने न दें, जहां से वापस नहीं आ सके. क्योंकि एक बार स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाने पर समाधान थोड़ा मुश्किल हो जाता है. और आमतौर पर यही वह समय होता है, जब अधिकांश रिश्ते टूट जाते हैं.
    उपर्युक्त सावधानियां बरतने से आपको अपने रिश्ते को बचाने में मदद मिलेगी, जो आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. हम अक्सर कुछ ऐसा कहते हैं जिसे हम कहना नहीं चाहते, ना ही कभी ऐसा इरादा होता है, पर हो जाता है और बाद में पछतावा होता है. यह पूरी तरह से सामान्य बात है और ऐसा कुछ नहीं है, जिसके बारे में आपको शर्म आनी चाहिए. लेकिन अपनी ग़लती को स्वीकार न करने और जब भी कुछ ग़लत होता है, तो अपने साथी को दोष देने की आदत रिश्ते को तोड़ देती है. ऐसा ना करें.


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उपर्युक्त बातों पर ध्यान देते हुए आप तर्क को नियंत्रित कर सकते हैं. आप एक-दूसरे को बढ़ने में मदद कर सकते हैं. यह विवाहित जोड़ों के साथ-साथ उन लोगों पर भी लागू होता है जो डेटिंग कर रहे हैं. इसलिए यदि कोई रिश्ता आपके लिए मायने रखता है, तो आपको यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि वह कभी भी टूटे या बिखरे नहीं.

Argument With Your Partner

फ़ातिमा सना शेख़ ने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई है और उनके काम को हमेशा सराहा गया है. फ़िल्म दंगल में गीता फोगाट का किरदार निभाकर उन्होंने काफ़ी लाइम लाइट हासिल की थी और उसके बाद अब वो ओटीटी प्लेफ़ॉर्म पर भी काफ़ी काम कर रही हैं और काफ़ी अलग तरह के किरदार निभा रही हैं.

फ़ातिमा यूं तो अपनी पर्सनल लाइफ़ को लेकर काफ़ी प्राइवट पर्सन हैं लेकिन अपने किरदार की चर्चा करते हुए हाल ही में उन्होंने अपने निजी रिश्ते का भी खुलासा किया जिसमें कहा कि वो खुद टॉक्सिक रिलेशन में रह चुकी हैं… फ़ातिमा हाल ही में वेब सिरीज़ अजीब दास्तान में नज़र आई और उन्होंने लूडो में निभाए अपने पिंकी के किरदार की चर्चा भी की. फ़ातिमा ने कहा कि पिंकी का किरदार ऐसा है कि उसके पति पर हत्या का इल्ज़ाम लगता है और इससे पहले उसके पति के कई अफ़ेयर भी रह चुके होते हैं, लेकिन फिर भी पिंकी अपने पति को छुड़ाने के लिए जी जान लगा देती है. इस किरदार पर बात करते समय फ़ातिमा सना न कहा कि निजी ज़िंदगी में मैं बिलकुल भी वैसी नहीं हूं. पतिव्रता लड़की. मेरे साथ अगर कोई ऐसा करे तो मैं उसे दो थप्पड़ मार दूं. लूडो में फ़ातिमा के ऑपज़िट थे राजकुमार राव और वो फ़िल्म सूरज पर मंगल भारी में भी मनोज बाजपेयी व दिलजीत दोसांझ के साथ नज़र आई थीं.

Fatima Sana Shaikh

बॉलीवुड लाइफ़ को दिए इंटरव्यू में फ़ातिमा ने खुलासा किया कि मैं भी एक टॉक्सिक रिलेशनशिप में थी. बहुत मुश्किल होता है इस तरह के रिश्ते में, इसमें रहना और इससे बाहर निकलना. हम भले ही कहते हैं कि हम ये कर लेंगे, वो कर लेंगे, लेकिन जब आप इसमें होते हैं तो यह समझना बहुत मुश्किल हो जाता है कि क्या करें? खासकर तब और उन तमाम महिलाओं के लिए जब आप फाइनेंशियली अपने पति पर आश्रित होते हैं. ऐसी महिलाएं जो आर्थिक रूप से अपने पति पर निर्भर होती हैं उनके लिए ये फ़ैसला लेना बेहद मुश्किल होता है, मैं समझ सकती हूं इस बात को.

इसलिए मुझे मेरा लूडो का किरदार पसंद नहीं था क्योंकि जिस आदमी के एक्स्ट्रा मैरिटल अफ़ेयर हों उसके लिए मैं इतना कर रही हूं कि उसे जेल से बाहर निकालने के लिए सारी कोशिशें कर रही हूं!

Photo Courtesy: Instagram (All Photos)

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