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पहला अफेयर: एक ख़ूबसूरत रिश्ता (Pahla Affair: Ek Khoobsurat Rishta)

Pyaar Ki Kahaniya

पहला अफेयर: एक ख़ूबसूरत रिश्ता (Pahla Affair: Ek Khoobsurat Rishta)

रात के अंधेरे में शून्य में ताकती निगाहें… रेलगाड़ी के पहियों की आवाज़ें… जाने क्यों आज मिलकर स्मृतियों में दबी पड़ी हुई परतों को उधेड़कर चलचित्र की भांति चलने लगी थी और विक्रम का मन अपने अतीत को लेकर सोचने लगा… इस दुनिया में कोई ऐसा भी था, जो उसके दर्द को हमेशा उससे पहले ही महसूस कर लेता था. दुनिया में विक्रम ने स़िर्फ उसे ही चाहा और उसके सिवा उसने किसी और की तरफ़ मुड़कर भी नहीं देखा. श्रुति नाम था उसका. दुनिया में सबसे ख़ूबसूरत रिश्ता दोस्ती का होता है और उनका आपस में ऐसा ही रिश्ता था और यह दोस्ती की मिठास में डूबा हुआ था. उनकी वफ़ाएं हमेशा एक-दूसरे के साथ थीं.

श्रुति के साथ कॉलेज में विक्रम का यह तीसरा वर्ष था. हर वर्ष की तरह इस साल भी उनके कॉलेज में वार्षिक समारोह का बड़ा शानदार आयोजन किया जा रहा था, जिसमें उन दोनों को भी भाग लेना था. लेकिन इस बार एक हास्य नाटक में दोनों को 60-65 वर्ष के उम्र के फूफा-फूफी का क़िरदार निभाना था, जिसे करने के लिए कॉलेज में कोई और तैयार नहीं था.

यही वजह थी कि दोनों को अपनी सबसे प्रिय क्लास टीचर सुश्री लता मायकेल के विशेष अनुरोध पर यह रोल करना पड़ा. नाटक के समय दोनों ने अपने रोल्स को इस तरह जीवंत कर दिया था कि पूरे कॉलेज में उनकी चर्चा होने लगी. फिर जब उनकी क्लास के छात्र-छात्राएं श्रुति को ‘फूफी’ कहकर पुकारने लगे, तो इससे नाराज़ होकर श्रुति ने टीचर से इसकी शिकायत कर दी. टीचर ने क्लास के सभी स्टूडेंट्स की परेड ली और सबको आदेश दिया कि जो भी श्रुति को ‘फूफी’ कहते हैं, अपनी-अपनी जगह पर खड़े हो जाएं. इस पर विक्रम को छोड़कर सभी खड़े हो गए.

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टीचर ने पूछा, “विक्रम, तुम श्रुति को ‘फूफी’ कहकर नहीं चिढ़ाते, क्यों?” तब विक्रम ने जवाब दिया, “क्योंकि मैं ‘फूफा’ बना था.” इस पर पूरी क्लास ठहाका लगाकर हंस पड़ी. पूरा रूम ठहाकों से गूंज रहा था और अचानक श्रुति का गुलाबी चेहरा मारे शर्म के लाल होता चला गया… और फिर श्रुति की हालत देख विक्रम मन ही मन शर्मिंदा हुआ. वो अपनी प्रिय दोस्त का सम्मान भी करता था. दोनों में कभी भी किसी भी बात को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ था. एक-दूसरे पर उनका अटूट विश्‍वास था.

उन दोनों के परिवार भी मध्यमवर्गीय थे… आज दोपहर में विक्रम की मां ने उसे फोन पर बताया था कि श्रुति के घरवाले श्रुति का रिश्ता लेकर कल उनके घर आनेवाले हैं. अर्थात् उनकी यह दोस्ती अब प्यार व शादी में बदलनेवाली है. इससे पहले विक्रम ने कभी सोचा ही कहां था कि वह श्रुति ही होगी, जो एक दिन उसकी जीवनसंगिनी बनेगी.

अचानक रेलगाड़ी के ब्रेक लगने से उसकी तंद्रा भंग हुई… उसका शहर आ गया था…

शायद प्यार का फूल तो कहीं पनप चुका था… जिसे दोनों दोस्ती की गहरी भावना के बीच महसूस नहीं कर पाए थे, लेकिन दूसरों ने उन्हें इसका एहसास दिला दिया था… उनके पहले प्यार को मंज़िल मिल रही थी, इससे ख़ूबसूरत रिश्ता और क्या हो सकता था.

– प्रांशु राजवानी

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ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of Office Romance)

कहते हैं इश्क़ और मुश्क छिपाए नहीं छिपते… और इश्क़ यदि ऑफिस कलीग से हो जाए, तो इसकी ख़बर आग की तरह पूरे ऑफिस में फैल जाती है… और फिर शुरू होता है ऑफिस रोमांस (Office Romance) के साइइ इफेक्ट्स (Side Effects) का सिलसिला…

Side Effects Of Office Romance

बढ़ते कॉम्पटीशन ने ऑफिस में काम के घंटे बढ़ा दिए हैं, जिसके कारण लोग अपना ज़्यादातर समय ऑफिस में ही बिताते हैं. ऐसे में लंबे समय तक साथ काम करते हुए अपने सहकर्मी से प्यार हो जाना कोई आश्‍चर्य की बात नहीं है. साथ काम करते हुए हम कलीग से अपने सुख-दुख बांटते हैं, एक-दूसरे की रुचियों को जानते हैं. ऐसे में जब कोई मनचाहा सहकर्मी मिलता है, तो उसके प्रति आकर्षण बढ़ जाता है. हम उसके साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताना पसंद करते हैं और ऐसा करते हुए अक्सर कलीग से प्यार हो जाता है. लेकिन ऑफिस रोमांस की राह इतनी आसान नहीं है. यदि आपको अपने सहकर्मी से इश्क़ हो जाए, तो ये एहसास आपके लिए जितना रूमानी होगा, उतनी ही मुश्किलें भी खड़ी कर सकता है.

हां, वो मुश्किल दौर था मेरे लिए…

28 वर्षीया सुहानी ने बताया, वो मेरी पहली जॉब थी और मैं अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थी. फिर एक प्रोजेक्ट में मुझे रोहित के साथ काम करने का मौक़ा मिला. रोहित का सुलझा हुआ व्यवहार और अपने काम के प्रति लगन मुझे बहुत पसंद आई. मैं रोहित से काम को लेकर कई सवाल पूछती और वो पूरे धैर्य के साथ मेरे हर सवाल का जवाब देता. शायद रोहित को भी अब मेरा साथ अच्छा लगने लगा था. फिर प्रोजेक्ट पूरा होने की ख़ुशी में रोहित ने मुझे ट्रीट दी और उसी दिन अपने प्यार का इज़हार भी कर लिया. मैं तो जैसे तैयार बैठी थी रोहित का साथ पाने के लिए. रोहित का साथ पाकर मुझे ऑफिस और भी अच्छा लगने लगा था, लेकिन उसके बाद हम ऑफिस में नॉर्मल व्यवहार नहीं कर पाते थे. हमारा प्यार हमारी बॉडी लैंग्वेज से झलकने लगा था. हम रोज़ सुबह साथ ऑफिस आते और शाम को भी ऑफिस से जल्दी निकलने के बहाने तलाशते. ऑफिस में भी लंच ब्रेक, टी ब्रेक के बहाने बाहर निकल जाते. ऑफिस टाइम में एक-दूसरे को मैसेज करते. धीरे-धीरे हमारे इश्क़ के चर्चे पूरे ऑफिस में चर्चा का विषय बन गए. रोहित सीनियर था, इसलिए वो अपना काम संभाल लेता था, लेकिन मेरे काम में अब शिकायतें आने लगी थीं. बॉस और सीनियर्स से अब मुझे वॉर्निंग मिलने लगी थी. ऑफिस में हम दोनों की इमेज ख़राब होने लगी थी. मैं समझ गई थी कि अब हमें एक ऑफिस में काम नहीं करना चाहिए. इससे पहले कि बात और बिगड़ जाती, मैंने दूसरी नौकरी तलाश ली. ये हम दोनों के लिए मुश्किल ज़रूर था, लेकिन हमारे रिश्ते के लिए यही सही फैसला था.

ऑफिस रोमांस की वजहें

ऑफिस कलीग से प्यार हो जाने की कई वजहें हैं और ऐसा होना स्वाभाविक है. आमतौर पर इन वजहों से ऑफिस रोमांस शुरू होता है:

लंबे समय तक साथ काम करना

आजकल काम के घंटे बढ़ते जा रहे हैं और शिफ्ट ड्यूटी, नाइट शिफ्ट में साथ काम करते हुए सहकर्मी आपस में भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं. ऐसे में उनके बीच अफेयर या रोमांस होना आम बात है.

समानताएं

एक ही प्रोफेशन में काम करनेवाले लोगों की कई आदतें और पसंद-नापसंद भी आपस में मेल खाती हैं, इसलिए ऐसे व्यक्ति से प्रभावित होना या उससे प्यार हो जाना स्वाभाविक है. साथ काम करते हुए ऐसे सहकर्मी कई बार एक-दूसरे के इतने क़रीब आ जाते हैं कि उन्हें प्यार हो जाता है और फिर वो एक-दूसरे से दूर नहीं रह पाते.

भावनात्मक लगाव

भावनात्मक लगाव हमें किसी से भी हो सकता है. साथ काम करते हुए कुछ लोगों से हम बहुत ज़्यादा घुल-मिल जाते हैं, ऐसे में उस शख़्स से प्यार हो जाना कोई आश्‍चर्य की बात नहीं है.

ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स

ऑफिस कलीग से प्यार हो जाना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन आप जब ऑफिस के काम और अपने इस रिश्ते को सही तरह से बैलेंस नहीं कर पाते, तब ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स दिखने शुरू हो जाते हैं.

काम पर होता है असर

जब ऑफिस में दो लोगों के बीच रोमांस चल रहा होता है, तो वो हर पल साथ रहना चाहते हैं. साथ रहने के बहाने तलाशने के लिए वो बार-बार टी ब्रेक लेते हैं या आपस में मैसेज करते रहते हैं. इससे उनका काम पर से ध्यान हटता है और इसका उनके परफॉर्मेंस पर असर होता है.

एक साथ छुट्टी लेना

दो प्यार करनेवाले हमेशा मिलने के बहाने तलाशते रहते हैं और जब किसी को अपने ऑफिस कलीग से प्यार हो जाता है, तो वो भी डेट पर जाने के बहाने तलाशते रहते हैं. ऐसे में दोनों के एक साथ छुट्टी लेने से ऑफिस के काम पर असर पड़ता है.

ब्रेकअप का दर्द

ज़रूरी नहीं कि ऑफिस की हर लव स्टोरी सक्सेसफुल ही हो, ऐसे में जब दोनों का ब्रेकअप होता है, तो उनका काम में मन नहीं लगता. वो ऑफिस में एक-दूसरे को देखकर डिस्टर्ब हो जाते हैं. इससे भी ऑफिस का ही नुक़सान होता है.

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Office Romance Effects
कैसे बचें ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स से?

कॉलेज के बाद ऑफिस ही एक ऐसी जगह है, जहां पर सबसे ज़्यादा अफेयर होते हैं. ऑफिस में हमउम्र सहकर्मी के प्रति आकर्षित होना आम बात है. लेकिन जब आपको ऑफिस में किसी से प्यार हो जाए, तो आपको ऑफिस के नियमों का पालन करते हुए अपनी लव स्टोरी को आगे बढ़ाना चाहिए. ऑफिस रोमांस के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें.

* ऑफिस में भले ही आपका अपने कलीग के साथ अफेयर चल रहा हो, लेकिन काम के समय स़िर्फ अपने काम पर ध्यान दें. अपने इस ख़ास रिश्ते के लिए ऑफिस के पहले और बाद का समय रखें.

* काम के समय आपस में मैसेज द्वारा या इशारों में बात न करें. इससे आपका काम प्रभावित होगा और ऑफिस में आपकी इमेज भी ख़राब होगी.

* आपके अफेयर की ख़बर आपके अन्य सहकर्मियों या बॉस तक न पहुंचे तो ही अच्छा है, वरना आपकी हर गतिविधि पर नज़र रखी जाएगी और हर बात को आपके अफेयर से जोड़कर देखा जाएगा. इससे आपकी नौकरी ख़तरे में पड़ सकती है.

* बार-बार टी ब्रेक के बहाने या लंच के लिए बाहर न जाएं, रोज़ ऐसा करने से आपके अफेयर की बात सबको पता चल जाएगी और फिर आपके ब्रेक लेने पर भी पाबंदी लग सकती है.

* डेट पर जाने का प्रोग्राम छुट्टी के दिन बनाएं. ऑफिस में एक साथ दोनों की ग़ैरहाज़िरी से एक तो आपके अफेयर के बारे में सबको पता चल जाएगा और इससे ऑफिस का काम भी प्रभावित होगा.

* अपने पर्सनल रिश्ते को ऑफिस के काम पर हावी न होने दें. यदि किसी बात पर डिबेट चल रहा हो, तो बिना सोचे-समझे स़िर्फ अपने पार्टनर का सपोर्ट न करें, वो जहां पर ग़लत हों, वहां पर उनका विरोध अवश्य करें.

ऑफिस रोमांस के आंकड़े
सुहानी और रोहित की कहानी आपको लगभग हर ऑफिस में मिल जाएगी, क्योंकि एक साथ काम करने वाले सहकर्मियों के बीच प्यार हो जाना कोई नई बात नहीं है. एक सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 58 प्रतिशत लोगों का ये मानना है कि वे या तो ऑफिस रोमांस में शामिल रहे हैं या उन्हें ऐसा करने में कोई आपत्ति नहीं है.
ऑफिस रोमांस के फ़ायदे

माना ऑफिस रोमांस आपके काम या जॉब के लिए हानिकारक हो सकता है, लेकिन आप यदि समझदारी से काम लें और काम पर फोकस करते हुए अपने रिश्ते को भी बैलेंस करते जाएं, तो ऑफिस रोमांस आपके लिए एक सुखद अनुभव हो सकता है. ऑफिस रोमांस के अपने ही फ़ायदे हैं-

* रोज़ ऑफिस आने का मन करता है.

* आप ऑफिस में ख़ुश रहते हैं, इसलिए काम अच्छा करते हैं

* ऑफिस के काम में आपका मन लगता है.

* आप ऑफिस में हमेशा प्रेज़ेंटेबल रहते हैं.

* पार्टनर पर अपना इंप्रेशन जमाने के लिए आप हर काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं.

* वर्क प्रेशर में भी ख़ुशी से मिल-जुलकर काम करते हैं.

* ऑफिस अफेयर की वजह से आप घर की समस्याएं ऑफिस तक नहीं लाते.

– कमला बडोनी

 

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पहला अफेयर: उड़ती हवा का वो झोंका जीना सिखा गया (Pahla Affair: Udti Hawa Ka Wo Jhonka Jeena Sikha Gaya)

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पहला अफेयर: उड़ती हवा का वो झोंका जीना सिखा गया (Pahla Affair: Udti Hawa Ka Wo Jhonka Jeena Sikha Gaya)

 

उससे मेरी मुलाक़ात तब हुई, जब मैं जीवन में निराशा के दौर से गुज़र रही थी. मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता नहीं मिली, मेरे सपने चकनाचूर हो गए. एक डॉक्टर की बेटी को ही मेडिकल में एडमिशन नहीं मिले, तो लोग क्या कहेंगे, यही सोचकर जीवन को समाप्त करने के लिए अस्पताल की छठी मंज़िल पर चढ़ गई. कूदने के लिए जैसे ही कदम बढ़ाया, एक आवाज़ से टकराई, “कोहरे की गाढ़ी चादर अगर सूरज को कुछ देर ढक लेती है, तो न कोहरा महान बनता है और न ही सूरज की शक्ति क्षीण होती है. कुदरत ने सभी को अवसर दिए हैं और वह आज़माइश भी करती है, लेकिन हक़ीक़त तो हक़ीक़त है, दुख-सुख, अच्छे-बुरे… ज़िंदगी जैसी भी मिले, उसके हर लम्हे को एंजॉय करो.”

“कौन हो तुम?”

“एक हवा का झोंका.”

जवाब देकर वह चला गया, पर मेरे दिल पर दस्तक दे गया. आत्महत्या का ख़्याल तो जाने कहां गुम हो गया, रातभर उसके बारे में सोचती रही. उसके ख़्यालों में खोई हुई रात गुज़री. दूसरे दिन वह स़फेद कोट पहनकर मरीज़ों को हिदायत दे रहा था… “दवाई समय पर खाओ, ऐसे एक्सरसाइज़ करना… खाने में ये खाना समझे…”

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पापा ने शायद नया डॉक्टर अपॉइंट किया है. उसकी आवाज़ में दीवानगी घुली हुई थी, जो मुझे दीवाना बनाकर उसकी तरफ़ खींच रही थी. दिन हो या रात, क्लीनिक में उनके हाथ बंटाने के बहाने मैं वहां बनी रहती. वो अपरिचित कभी मुझे ड्रेसिंग करता मिलता, कभी किसी बच्चे के साथ खेलता हुआ, कभी किसी बुज़ुर्ग के साथ किसी चुटकुले पर हंसता हुआ या तितली के पीछे भागता दिखाई देता. एक ऐसा ज़िंदादिल इंसान, जो अपने चारों ओर हंसी की चादर ओढ़े रहता. उससे भला दिल कैसे न लगता. उसने ज़िंदगी के प्रति मेरा नज़रिया ही बदल दिया था. उसने ही असफलता को सफलता में बदलने की सलाह दी और इस बार मैं सफल हो गई.

उस दिन पापा ने पूछ ही लिया इस परिवर्तन के पीछे क्या राज़ है? मैंने भी दिल का हाल पापा को बता दिया. पापा एकदम गंभीर हो गए. फिर बोले, “मैं भी बहुत ख़ुश होता ऐसा दामाद पाकर, पर मेरे बच्चे, वो कैंसर पेशेंट है. ख़ुश रहने के लिए वह कभी बच्चा, कभी डॉक्टर और न जाने क्या-क्या रूप धरता है. उसके जीवन के कुछ ही दिन शेष हैं.”

मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई. मैं जिसे डॉक्टर समझती थी, वो मरीज़ निकला. मेरे प्यार की इतनी कम उम्र, अभी-अभी तो सीखा था कि… मैं क्या करूं यही सोच रही थी कि ख़बर मिली हवा का झोंका अब नहीं रहा. मैं टूट गई. तेहरवीं की रस्म पर पापा मुझे उसके घर ले गए, उसकी तस्वीर पर स़फेद फूलों की माला चढ़ी हुई थी. वह तस्वीर में भी खिलखिला रहा था. ऐसा लगा जैसे मुझे कह रहा हो कि इस मासूम खिलखिलाहट में मेरे प्यार को हमेशा अपने मन और जीवन में संभालकर रखना और यूं ही चहचहाते रहना. उस रोज़ मैंने अपने दामन में प्यार की मीठी ख़ुशबू को ताउम्र के लिए समेट लिया.

20 वर्ष गुज़र गए. आज भी उसके लबों की मुस्कुराहट मेरे मन में बसी है. उसकी हंसी को उसी के अंदाज़ में डॉक्टर बनकर दूसरों के जीवन में बिखेरने की कोशिश में हूं. जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव आए, पर उसके द्वारा सुझाया गया हल जीवन में पतवार बन गया. ओ उड़ती हवा के झोंके, तुम्हारी कमी को कोई पूरा न कर सका, पर मैंने जीवन के हर लम्हे में तुम्हें पा लिया.

– शोभा रानी गोयल

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पहला अफेयर: तुमसा कोई न मिला (Pahla Affair: Tumsa Koi Na Mila)

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पहला अफेयर: तुमसा कोई न मिला (Pahla Affair: Tumsa Koi Na Mila)

वो ख़्वाब था बिखर गया, ख़्याल था मिला नहीं, मगर ये दिल को क्या हुआ… ये क्यों बुझा, पता नहीं… हरेक दिन उदास दिन, तमाम शब उदासियां… किसी से क्या बिछड़ गए कि जैसे कुछ बचा नहीं… जीवन से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद भी यादों की रहगुज़र पर जलता एक दीया है पहला प्यार, जिसकी झिलमिलाती यादों में कसक होती है, जो तन्हाई में दिल को उदास कर देती है, तो महफिल में भी नज़रें किसी को तलाशने लगती हैं. सब होने के बाद भी कुछ खोने का एहसास होता है. वो जज़्बात, जिन्हें इज़हार की मोहलत न मिली, जहां नज़रों ने नज़रों की ज़ुबां से दिल की बात सुन ली, लेकिन जब दिलों के फैसले दिमाग से किए जाते हैं, तो जुदाई ही मिलती है.

वो बीएससी करके कोचिंग में टीचर थे और मैं बारहवीं की स्टूडेंट, जो फिज़िक्स की प्रॉब्लम सॉल्व करना तो सीख गई, लेकिन दर्दे दिल में उलझकर रह गई. फिर तो जो समझ में आता था, उन्हें देखकर वो भी भूल जाया करती थी. कोचिंग के फेयरवेल पार्टी में उनका सुनाया वो शेर शायद उनके दिल की सदा थी. कुछ ऐसा था उन आंखों में कि मैंने कोचिंग जाना छोड़ दिया और घर पर ही परीक्षा की तैयारी करने लगी. सब ने बहुत समझाया कि परीक्षा तो हो जाने दो, लेकिन मैंने ना कर दिया. आखिरी पेपर के बाद कुछ इरादा करके मैं कोचिंग गई. वहां जाने पर पता चला कि वो तो शाखे-दिल पर गुलों की बहार की आस दिखाकर मुझे तन्हा छोड़कर जा चुके हैं. क्यों? कोई जवाब नहीं.

व़क्त अपनी रफ्तार से चलता रहा. विवाह, परिवार, सर्विस… इन सबके बीच कुछ खो देने का गम उतना ज़्यादा नहीं था, क्योंकि उसे पाया ही कब था. लेकिन फिर भी एक बार मिलने की ख़्वाहिश थी. लगता था महफिल में, मेले में कभी वो मेरे सामने आ जाएंगे. स्कूल में जब भी विदाई पार्टी होती, मुझे वो आखिरी मुलाकात याद आती.

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लेकिन गुज़रा व़क्त इस तरह सामने आ जाएगा, मैंने कभी सोचा न था. स्कूल में नए लेक्चरार से परिचय कराने के लिए प्रिंसिपल ने पूरे स्टाफ को बुलाया. पूरे 12 साल बाद उन्हें देखा था. आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था. वही ग्रेसफुल चेहरा, आंखों में चमक, ठहरा हुआ प्रभावी अंदाज़… नज़रें हटाना मुशिकल था, कहीं फिर खो न जाएं. गुस्सा था या डर, मैं उनके सामने आने से कतराने लगी. लेकिन एक स्कूल में होते हुए ऐसा नामुमकिन था. एक दिन पता चला कि अभी तक उन्होंने शादी नहीं की. क्यों? किसकी खातिर? जानना चाहती थी, लेकिन हम सब एक मर्यादा में बंधे थे.

शिक्षक दिवस पर छात्रों की फरमाइश पर उन्होंने कुछ शेर और गजल सुनाई- कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता… वे कभी दिल के करीब थे. इसलिए उनके दर्द को मैं महसूस कर सकती थी. लेकिन कुछ सवालों के जवाब अभी पाने बाकी थे. अब हम दोस्त बन चुके थे.

“आपने शादी क्यों नहीं की?” एक बार फिर मैं पूछ बैठी.

“तुमसा कोई न मिला.” दिल की बात बताने में बिल्कुल भी नहीं झिझके थे.

“तो चोरों की तरह क्यों चले गए थे?”

“सब कुछ हमारे चाहने से नहीं होता. तक़दीर का फैसला हमें मानना पड़ता है.”

“कायरता को मजबूरी ना कहिए.” मैं गुस्से में बोली.

“तुम जानना चाहती हो, तो सुनो, तुम्हारे भैया मेरे दोस्त थे, फिर भी उनको सच्चाई बताकर तुम्हारा हाथ मांगा था, लेकिन उन्होंने जवाब दिय- ये तुम्हारी मर्ज़ी तक ही ठीक है, यदि मेरी बहन ने हां की, तो उसे गोली मार दूंगा, क्योंकि टीचर का दर्जा हर हाल में सम्मानीय होता है. अगर इस तरह शादियां होने लगीं, तो माहौल ही बिगड़ जाएगा. मैं उनको समझाने में नाकाम रहा, इसलिए खामोशी से चला गया. लेकिन फिर कोई और इस दिल में जगह न बना पाया.”

उनके शब्दों में उनकी बेबसी झलक रही थी, लेकिन अब मैंने उनका जहां मुकम्मल कराने का इरादा कर लिया था. अपनी मर्ज़ी उन्हें बता दी है. ज़िंदगी की ख़ुशियों पर उनका भी हक है. मुझे उम्मीद है कि इस दोस्ती के रिश्ते की वो लाज रखेंगे और इस शादी के लिए ना नहीं कहेंगे. बस, आप सभी की दुआओं की ज़रूरत है.

– शहाना सिद्दीकी

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किसिंग के ये हेल्थ बेनीफिट्स नहीं जानते होंगे आप (Health Benefits Of Kissing You May Not Know)

अपने पार्टनर के साथ रूमानी पलों में आपने कभी सोचा भी नहीं होगा कि किसिंग (Kissing) आपकी सेहत (Health) के लिए इतनी चमत्कारी हो सकती है. किसिंग सिर्फ़ आपकी मैरिड लाइफ को ख़ुशगवार नहीं बनाती, बल्कि यह आपकी सेहत के लिए भी काफ़ी फायदेमंद है. जी हां, यह किसिंग बड़े कमाल की चीज़ है, आइए आपको भी बताएं इसके हेल्थ बेनीफिट्स (Health Benefits) और इससे जुड़ी कई दिलचस्प बातें.

Health Benefits Of Kissing

किसिंग के हेल्थ बेनीफिट्स

आपको जानकर आश्‍चर्य होगा कि किसिंग न स़िर्फ आपकी सेक्स लाइफ को बूस्ट करती है, बल्कि यह आप दोनों को सेहतमंद भी बनाती है.

–     किसिंग ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती है.

–     सिरदर्द हो या फिर पीरियड्स का दर्द, किसिंग इन दोनों से आपको राहत दिलाती है.

–     यह आपको दांतों में होनेवाली कैविटी से भी बचाता है. किसिंग के दौरान मुंह में काफ़ी सलाइवा बनता है, जो कैविटीवाले बैक्टीरिया को क्लीन कर देता है.

–     यह सेराटोनिन, ऑक्सीटॉसिन, डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोंस को बढ़ाती है, जिससे आप रिफ्रेश और रिलैक्स महसूस करते हैं.

–     यह कैलोरीज़ बर्न करके आपको फिट रखती है. आपको बता दें कि एक किस में क़रीब 8-16 कैलोरीज़ बर्न होती हैं.

–     चेहरे की मसल्स को टोन करती है, जिससे चेहरे पर झुर्रियां कम पड़ती हैं.

किसिंग से जुड़ी दिलचस्प बातें

–    कुछ लोगों को किसिंग का डर होता है, जिसे फिलेमाफोबिया कहते हैं और जिन्हें यह फोबिया होता हैं, उन्हें सेक्सुअल इंटरकोर्स का भी डर होता है. यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है.

–     वैज्ञानिकों के मुताबिक हम मां के गर्भ में ही किसिंग सीख लेते हैं.

–     प्रशांत महासागर के मैंगिया द्वीप के लोग कभी किस नहीं करते. वहीं सुडान के लोग इस डर से किस नहीं करते कि कहीं उनकी आत्मा खो न जाए.

–    किस करने में आपकी 146 मसल्स काम करती हैं.

–     ब्रिटिश स्टडी के मुताबिक अपना सच्चा प्यार पाने से पहले एक महिला जहां 15 बार अपने पार्टनर को किस करती है, वहीं एक पुरुष 16 बार किस करता है.

–     किस कितनी नशीली हो सकती है, इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर बार किस करने पर हमारे शरीर में अफीम से 200 गुना ज़्यादा प्रभाव डालनेवाला तत्व स्रावित होता है.

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Health Benefits Of Kissing
विदेशों में किसिंग एक रिवाज़

–     रॉयल हैंड किस: यह एक तरह की फॉर्मैलिटीवाला किस है. बहुत-से देशों में पहली बार मिलने पर या विदा लेते समय हाथ पर किस करने का रिवाज़ है. यह एक शिष्टाचारवाला किस है, जो आपकी विनम्रता को दर्शाता है. यूरोप, अमेरिका के अलावा खाड़ी देशों में भी यह रिवाज़ काफ़ी मशहूर है. अगर कोई आपको अपना हाथ चूमने के लिए न दे, तो समझ लें कि वो आपसे नाराज़ है.

–     एयर किस:  यूरोप में काफ़ी लोकप्रिय यह किस अपनों के प्यार का एहसास दिलाता है. परिवारवालों, दोस्तों-यारों को हेलो या बाय कहने के लिए उनके गालों से अपने गाल टकराकर मुआह की आवाज़ निकाली जाती है. इस किस का मतलब ही होता है कि आपको देखकर ख़ुशी हुई.

–   एंजल किस: किसी सोते को प्यार से उठाने के लिए, रोते हुए को सांत्वना देने के लिए, किसी के प्रति अपनी गहरी भावनाओं को दर्शाने के लिए और किसी को गुडबाय कहने वाले इस बेहद लविंग और केयरिंग किस को एंजल किस कहते हैं. सामनेवाले की आंखों या पलकों को हौले-से किस करना ही इस किस की ख़ासियत है.

–     ब्राइड किस: अक्सर हम हॉलीवुड फिल्मों में देखते हैं कि शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को किस करता है. शादी की रस्मों में से यह एक सबसे महत्पवूर्ण रस्म है, जिसके ज़रिए दूल्हा दुल्हन को ताउम्र प्यार करने का वादा करता है.

– संतारा सिंह

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अर्जुन कपूर ने मलाइका के लिए लिखा लव नोट- शी हैज़ माय हार्ट! (Hot Date Night: She Has My Heart… Arjun Kapoor Goes Romantic With Malaika Arora)

Date Night Photos Of Arjun Kapoor and Malaika Arora

Image Courtesy: Instagram/@arjunkapoor

अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) ने मलाइका (Malaika Arora) के लिए लिखा लव नोट- शी हैज़ माय हार्ट! (Hot Date Night: She Has My Heart… Arjun Kapoor Goes Romantic With Malaika Arora)

अर्जुन और मलाइका (Arjun and Malaika) इन दिनों हॉलीडेज़ पर हैं और उनका इश्क़ भी परवान चढ़ रहा है. अब वो खुलेआम अपने प्यार का इज़हार भी करते हैं और एक-दूसरे को स्पेशल फील करवाते हुए सोशल मीडिया पर भी अपने दिल की बात कहने व प्यार का इज़हार करने से पीछे नहीं हटते. बीती रात अर्जुन ने अपने इंस्टाग्राम पर मलाइका की तस्वीर के साथ लिखा था- शी हैज़ माय हार्ट यानी इनके पास मेरा दिल है. ये बात अलग है कि इस पिक्चर में मलाइका का चेहरा एक बैग के पीछे छिपा हुआ है, लेकिन दूसरी तस्वीर में मलाइका उसी हैंड बैग के साथ नज़र आ रही हैं. इसका मतलब यह है कि बैग के पीछे छिपा चेहरा मलाइका का ही है. और यह तस्वीर अर्जुन और मलाइका की डेट नाइट की है.

इसके अलावा मलाइका की इंस्टाग्राम स्टोरी और पिक्चर्स से भी इस डेट नाइट का खुलासा हो रहा है, जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह काफ़ी हॉट और रोमांटिक रही होगी.

Date Night Photos Of Arjun Kapoor and Malaika Arora

Date Night Photos Of Arjun Kapoor and Malaika Arora

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पहला अफेयर: कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… (Pahla Affair: Kahin Door Main, Kahin Door Tum)

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पहला अफेयर: कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… (Pahla Affair: Kahin Door Main, Kahin Door Tum)

प्रेम, प्यार, रोमांस, इश्क़, मुहब्बत… चाहत से लबरेज़ ये शब्द सुनते ही आंखों में अपने आप कई सपने पलने लगते हैं… गालों पर हया की एक लालिमा-सी छा जाती है… मुझे भी इस इश्क़ के रोग ने छू लिया था. 23 साल की थी मैं. नई-नई नौकरी लगी थी. मेरे साथ ही मेरे सहपाठी अभिनव ने भी जॉइन किया था. अभिनव के विभाग में ही उसका एक

शर्मीला-सा दोस्त था पल्लव. अभिनव से मेरा काफ़ी दोस्ताना व्यवहार था, उसी बीच पल्लव का मुझे चुपचाप देखना, आंखें झुकाकर बातें करना और बहुत ही सली़के से व्यवहार करना बेहद भाने लगा था. पल्लव की यही बातें मुझे बार-बार अभिनव के विभाग की ओर जाने को मजबूर कर देती थीं.

आख़िर मेरी क़िस्मत भी रंग लाई और पल्लव का ट्रांसफर मेरे ही विभाग में हो गया. बेहद ख़ुश थी मैं, हद तो तब हो गई, जब हम दोनों को एक ही प्रोजेक्ट पर काम करने का मौक़ा मिला. अब धीरे-धीरे हमें क़रीब आने का मौक़ा मिला. दोस्ती गहरी हुई और फिर ये दोस्ती प्यार में बदल ही गई. पल्लव ने भी अपने प्यार का इज़हार इशारों-इशारों में कर ही दिया. हां, हमने आपस में कोई वादे नहीं किए थे, पर हमारे प्यार को मंज़िल मिलेगी, यह विश्‍वास हम दोनों को ही था.

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लेकिन नियति पर कब किसी का ज़ोर चला है. मैंने विभागीय परीक्षा दी थी और उसके लिए भी पल्लव ने ही मुझे प्रोत्साहन दिया था. हमने साथ-साथ तैयारी की. दुर्भाग्यवश पल्लव परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाया और मैं पास हो गई थी. विभाग में रिक्त पद होने के कारण मेरा अधिकारी पद पर चयन हो गया था. अगली विभागीय परीक्षा को अभी समय था, मैंने पल्लव का हौसला बढ़ाया, लेकिन अब कार्यक्षेत्र में हमारे बीच दूरी बढ़ गई थी और धीरे-धीरे ये दूरियां हमारे संबंधों में भी बढ़ने लगी थीं. मैंने कई कोशिशें कीं, लेकिन पल्लव के मन में हीनभावना ने घर कर लिया था. वो मुझसे नज़रें चुराने लगा था. दूरी बनाए रखने के प्रयास करने लगा था. कुछ पूछती तो यही कहता कि मैं तुम्हारे लायक ही नहीं.

शायद पल्लव जान-बूझकर मुझसे दूर जाना चाहता था. मेरे सामने दूसरी लड़कियों से बातें करता… मेरा सामना तक नहीं करता था अब वो. मैंने फिर कोशिश की, तो उसने कहा, “मैं चाहता हूं तुम मुझे भूल जाओ, मुझसे घृणा करो, क्योंकि मेरा-तुम्हारा कोई मुक़ाबला नहीं. तुम्हें मुझसे बेहतर जीवनसाथी मिलेगा.”

ख़ैर, घर पर भी मेरी शादी की बातें होने लगी थीं और फिर मैंने भी पल्लव के लिए कोशिशें करनी बंद कर दीं, क्योंकि उसने ख़ुद मुझसे दूर जाने का निर्णय कर लिया था. मेरी शादी हो गई. पति के रूप में बेहद शालीन और प्यार करनेवाला साथी ज़रूर मिला, लेकिन मेरा पहला प्यार तो पल्लव था. कुछ समय बाद पता चला कि पल्लव के पिताजी ने काफ़ी दहेज लेकर एक लड़की से उसकी शादी कर दी. मेरा पहला प्यार दम तोड़ चुका था.

कई वर्षों बाद किसी समारोह में अचानक हमारा आमना-सामना हुआ. साधारण-सी औपचारिक बात के बाद हम दोनों अपनी-अपनी राह
चल दिए…

यूं ही अपने-अपने सफ़र में गुम… कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… मेरा पहला प्यार स़िर्फ एक छोटे-से मेल ईगो की बलि चढ़ गया था, काश! पल्लव तुमने अपना वो झूठा ईगो छोड़ दिया होता… काश!… लेकिन अब कोई फ़ायदा नहीं यह सोचने का, क्योंकि नियति को यही मंज़ूर था!

– अलका कुलश्रेष्ठ

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पति-पत्नी के रिश्ते में भी ज़रूरी है शिष्टाचार (Etiquette Tips For Happily Married Couples)

मुहब्बत की शबनम का बस एक क़तरा था और प्यास बड़ी… अब चाहत का पूरा समंदर है सामने पर प्यास नहीं… प्यार और विश्‍वास के रिश्ते जितने गहरे होते हैं, उतने ही नाज़ुक भी! ये मुहब्बत, ये रिश्ते और ये चाहतें बनी रहें, इसके लिए ज़रूरी है आपसी सम्मान और संवाद में शालीनता, सहजता और शिष्टता. बेतकल्लुफ़ी को हम भले ही क़रीब होने का इशारा समझें, लेकिन सच तो यह है कि पति-पत्नी के रिश्ते में भी शिष्टाचार ज़रूरी है, वरना रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है.

Etiquette Tips For Couples

सुनने में ये अजीब लगता है कि भला पति-पत्नी के बीच ये शिष्टाचार या मैनर्स जैसी औपचारिकताएं क्यों? लेकिन अगर हम अपने आस-पास नज़र दौड़ाएं, तो यही पाएंगे कि बहुत-से छोटे-मोटे झगड़े, बहुत-सी उलझनें और आपसी मन-मुटाव इसी वजह से होते हैं, क्योंकि हम आपस में अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल करने लगते हैं या फिर इतने बेतकल्लुफ़ हो जाते हैं कि एक-दूसरें को अनजाने में ही अपमानित करने लगते हैं. ऐसे में कुछ बातों का ख़्याल रखा जाए, तो न स़िर्फ आपका रिश्ता गहरा होगा, बल्कि एक-दूसरे के लिए सम्मान और प्यार भी बढ़ेगा.

– एक-दूसरे की बातों पर ध्यान न देना और अक्सर उन्हें ही अनसुना कर देना बैड मैनर माना जाता है. इससे यह संदेश जाता है कि अपने पार्टनर की बातें या उसके विचार आपके लिए ज़्यादा मायने नहीं रखते. इससे बचें.

– हर बात में टोकना भी धीरे-धीरे रिश्तों में तनाव उत्पन्न कर सकता है. अगर आप पार्टनर की किसी बात से असहमत हैं, तो प्यार से भी उसे दर्शाया जा सकता है.

– आपसी बातचीत में शब्दों का चयन भी बहुत मायने रखता है. सॉरी, थैंक्यू और प्लीज़ जैसे मैजिक वर्ड्स का इस्तेमाल न स़िर्फ गुड मैनर्स को दर्शाता है, बल्कि रिश्ते को मज़बूत भी बनाता है.

– अगर घर पर कोई मेहमान या रिश्तेदार हों,  तो उनके सामने आपसी व्यवहार में सहजता और प्यार झलकना चाहिए.

– एक-दूसरे की मदद करना बेहद ज़रूरी है. आपसी काम में जितना संभव हो, एक-दूसरे की मदद करें और अगर पार्टनर का काम कम नहीं कर सकते, तो उसे बढ़ाने की ग़लती तो बिल्कुल न करें.

– ताने देने से बचेें. मज़ाक करना अलग बात है, लेकिन मज़ाक उड़ाने और ताने देने से रिश्ते प्रभावित होते हैं, क्योंकि इससे आत्मसम्मान को ठेस पहुंच सकती है.

– एक-दूसरे के परिवार को लेकर कोई भी ग़लत बात न करें या छींटाकशी न करें. उनका सम्मान करना सीखें, तभी आप दोनों के बीच भी सम्मान बना रहेगा.

– ग़ुस्से में बात करने से बचें. जब भी आप ग़ुस्से में हों, तो कोशिश करें कि पहले ग़ुस्सा शांत हो जाए, फिर –

– जितना हो सके बहस से बचें, लेकिन अगर बहस हो ही जाए तो अशिष्ट या असभ्य भाषा का प्रयोग न करें. न ही रिश्ते ख़त्म करने की धमकी दें. ग़ुस्से में इस्तेमाल किए गए अपशब्दों का असर भावी जीवन पर पड़ सकता है. इससे यह संदेश जाएगा कि कहीं न कहीं मन में यह विचार दबे हैं, जो बाहर आ गए.

– बदले की भावना मन में न रखें. पिछली बातों  का या पहले हुए किसी अपमान का बदला लेने की भावना मन में न पालें. यह भी अशिष्ट व असभ्य व्यवहार में आता है. जहां प्यार और सम्मान होगा, वहां बदले की भावना होनी ही नहीं चाहिए.

– अक्सर शादी के बाद पार्टनर्स टेबल मैनर्स ज़्यादा फॉलो नहीं करते, लेकिन यह भी मैनरिज़्म का हिस्सा है.

– खाते समय आवाज़ न करें. धीरे-धीरे चबा-चबाकर खाएं और मुंह बंद कर के खाएं.

– खाते वक़्त गंभीर या विवादास्पद मुद्दे पर बात करने से बचें.

– लाइट और अच्छे मूड में खाना खाएं. फ़ोन या पेपर पढ़ते हुए खाना न खाएं.

– फ़ोन मैनर्स का भी ख़्याल रखें. बेवजह एक-दूसरे के मैसेज या मेल्स चेक न करें.

– फ़ोन पर ज़ोर-ज़ोर से बातें न करें.

– अगर पार्टनर के नाम पर कोई लेटर, कुरियर, पार्सल या गिफ़्ट आया है, तो उसे ख़ुद खोलना  ग़लत है. आप अपने पार्टनर के आने का इंतज़ार करें. बिना बताए किसी का पैकट खोलना  शिष्टाचार में नहीं आता.

– समय की पाबंदी भी गुड मैनर्स में आती है. पार्टनर्स आपस में एक-दूसरे को इंतज़ार करवाते वक़्त यह नहीं सोचते कि इसका क्या असर पड़ेगा. लेकिन हर किसी के समय और इंतज़ार की क़ीमत होती है, यह समझना ज़रूरी है.

– स्पेस ज़रूर दें. किसी भी रिश्ते में स्पेस बहुत ज़रूरी है और यह भी मैनर्स का ही हिस्सा है.

– आपस में शेयरिंग और केयरिंग की भावना भी ज़रूरी है. एक-दूसरे को सपोर्ट करें, आपस में कंपीट न करें. कई कपल्स ये भूल जाते हैं कि वो सहभागी और साथी हैं, न कि प्रतियोगी या प्रतिद्वंद्वी. ऐसे में एक-दूसरे की तरक़्क़ी पर वे ख़ुश होने की बजाय ईर्ष्या की भावना मन में पैदा कर लेते हैं.

– किसी एक की क़ामयाबी दूसरे की भी सफलता है, उसे बधाई दें और सेलिब‘ेट करें.

– एक-दूसरे की तारीफ़ ज़रूर करें और समय-समय पर सरप्राइज़ेस भी दें.

– गीता शर्मा

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क्या आपने आज़माए हैं ये 7 सेक्स ड्राइव बूस्टिंग फूड्स? (7 Best Sex Drive Boosting Foods)

सभी जानते और मानते हैं कि सुखी वैवाहिक जीवन का आधार सफल सेक्स लाइफ (Sex Life) है. अगर आपकी सेक्स लाइफ हेल्दी (Healthy) नहीं है, तो आपके वैवाहिक जीवन की नींव भी चरमरा सकती है. ऐसे में बहुत ज़रूरी है कि आप अपने खानपान का ख़्याल रखें, क्योंकि वो तो आपने सुना ही होगा- जैसा खाए अन्न वैसा होए मन. तो ऐसा क्या खाएं कि आपकी सेक्स लाइफ बूस्ट हो जाए. सेक्स लाइफ को बूस्ट करनेवाले सेक्स फूड बूस्टर्स की यहां हमने एक लिस्ट दी है, तो आप भी आज़माएं ये सेक्स पावर फूड्स अपनी सेक्स लाइफ में दोबारा रोमांच जगाएं. 

Boosting Foods For Sex

1. तरबूज़

बहुत से शोधों से यह सिद्ध हुआ है कि तरबूज़ प्राकृतिक वियाग्रा की तरह काम करते हुए सेक्स इच्छा को तेज़ करता है. इसमें लाइकोपीन, बीटा कैरोटीन और सीट्रलाइन जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो रक्तवाहिकाओं को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं. इसका नियमित सेवन करने से कामेच्छा बढ़ती  है.

2. केला

केला सेक्सुअल हेल्थ के लिए अच्छा होता है. इसमें ब्रोमेलिन नामक एंज़ाइम पाया जाता है, जो कामेच्छा बढ़ाने व सेक्स हार्मोन्स को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, ए और बी 1 पाया जाता है, जो पुरुषों के शरीर में शुक्राणु पैदा करने की क्षमता को बढ़ाता है.

3. हरी सब्ज़ियां

पालक व अन्य हरी सब्ज़ियों में सेक्स बूस्टर तत्व होते हैं. ये पुरुषों में इरेक्शन को लंबे समय तक बनाए रखने में बेहद कारगर होते हैं, क्योंकि इनमें आर्जिनाइन नामक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है और इरेक्शन को बेहतर बनाता है.

4. हरी मिर्च

स्वाद में तीखी हरी मिर्च सेहत के साथ-साथ आपकी सेक्स लाइफ में भी रोमांस का तड़का लगाने में मदद कर सकती है. हरी मिर्च का सेवन करने से पुरुषों के प्राइवेट पार्ट्स के आसपास के अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और कामोत्तेजना बढ़ती है. इसलिए आज ही से अपने डायट में हरी मिर्च को शामिल कर लें.

5. कद्दू के बीज

कद्दू के बीज महिलाओं और पुरुषों दोनों की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए फ़ायदेमंद है. इसमें ज़िंक, कैल्शियम, पोटैशियम और फास्फोरस के साथ-साथ विटामिन सी, बी, डी, ई और के पाए जाते हैं, जो कामेच्छा जागृत करने में मदद करते हैं. ज़िंक पुरुषों के सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन का स्राव व शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए ज़रूरी है.

6. डार्क चॉकलेट

यह कामेच्छा बढ़ाने में मदद करता है. इसमें एल-आर्जिनिन और अमीनो एसिड होता है, जो सेक्स ड्राइव को प्राकृतिक तरी़के से बढ़ाने में मदद करता है.

7. अंडा

यह प्राकृतिक रूप से यौन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है. अंडे में विटामिन बी 5 और बी 6 होते हैं, जो सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इसमें मौजूद प्रोटीन से शारीरिक कमज़ोरी दूर होती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है.

ये उपाय भी आज़माएं
तनावरहित रहें

तनाव हृदयगति को बढ़ा देता है, जिससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है. इसका विपरीत प्रभाव सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है. इससे बचने के लिए तनाव को मन में रखने की बजाय इस बारे में अपने पार्टनर से बात करें. इससे मन का बोझ हल्का होगा और पार्टनर के साथ रिश्ता भी मज़बूत होगा. तनाव घटाने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें.

भरपूर नींद लें

सेक्सुअल ड्राइव बढ़ाने के लिए आठ घंटे की नींद लेना बहुत ज़रूरी है. वज़न नियंत्रित रखेंः मोटापे का सेक्सुअल ड्राइव पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. अतः वज़न नियंत्रण में रखें.

एक्सपेरिमेंट करें

बहुत से कपल्स एक ही तरह के सेक्सुअल पैटर्न को फॉलो करते हैं. रोज़मर्रा की ज़िंदगी की तरह सेक्स में भी एक ही  रूटीन होने से वो बोरिंग व नीरस बन जाता है. अतः रिश्तों में नई ताज़गी और ऊर्जा लाने के लिए सेक्सुअल एक्सपेरिमेंट्स करते रहें.

 

– शिल्पी शर्मा

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पहला अफेयर: ऐसा प्यार कहां? (Pahla Affair: Aisa Pyar Kahan)

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पहला अफेयर: ऐसा प्यार कहां? (Pahla Affair: Aisa Pyar Kahan)

कहते हैं, जोड़ियां स्वर्ग में ही तय हो जाती हैं. ईश्‍वर सबके लिए एक जीवनसाथी चुनकर भेजते हैं. पर क्या हमारा सच्चा जीवनसाथी वह होता है, जिसके साथ हम अपना पूरा जीवन बिता देते हैं या फिर वह जिसे कभी हमने अपने लिए चुना था और आज भी दिल में उसके लिए एक ख़ास जगह है? विपुलजी से मैं विद्यालय के शिक्षक पद के नियुक्तिवाले दिन मिली थी, जिसमें मेरा चुनाव अंग्रेज़ी और विपुलजी का चुनाव गणित के शिक्षक के रूप में हुआ था.

जेपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए गणित में मैं विपुलजी से मदद लिया करती थी. उनकी कुशाग्र बुद्धि और गणित के प्रति समर्पण ने मुझे उनका दीवाना ना दिया. रोज़ मैं विद्यालय समय से पहले पहुंच जाती और स्टाफ रूम में दरवाज़ के पासवाली कुर्सी पर बैठ उनका इंतज़ार करती.

विपुलजी मेरी भावनाओं को काफ़ी पहले समझ चुके थे. एक दिन सबकी नज़र बचाकर मुझे एक लाल गुलाब थमाकर तेज़ कदमों से वो बाहर निकल गए. मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. अब मेरा ध्यान बच्चों को पढ़ाने में कम और उनकी एक झलक पाने में ज़्यादा लगा रहता.

लेकिन हम अपने प्यार को बाकी शिक्षकों की नज़र से ज़्यादा दिनों तक छिपा नहीं पाए. जब प्रधानाध्यापक को इसकी ख़बर मिली, तो उन्होंने मेरे और विपुलजी समेत सभी शिक्षकों को अपने कमरे में बुलाया और विद्यालय के अध्यापकों द्वारा पालन किए जानेवाले शिष्टाचार के बारे में लंबा-चौड़ा भाषण दिया.

अगले दिन मैं फुफेरी बहन की शादी के लिए एक सप्ताह का अवकाश लेकर चली गई. जब वापस आई, तो पता चला कि विपुलजी दो दिन पहले ही विद्यालय छोड़ चुके हैं.

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मैं सातवें आसमान से सीधे ज़मीन पर आ गिरी. ऐसा लगा मानो शीतल हवाओं की जगह तेज़ आंधियों ने ले ली है. मैं अगले ही दिन उनके घर गई, तो पता चला कि वो आगे की पढ़ाई के लिए बैंगलुरू चले गए हैं. मैं उनसे बात करना चाहती थी, उन्हें समझाना चाहती थी, पर उन्होंने मुझे एक मौका तक नहीं दिया.

काफ़ी मुश्किल से अपने अंदर उमड़ रहे आंसुओं के सैलाब को रोककर बाहर निकली,तो उनके छोटे भाई ने मुझे एक बंद लिफ़ाफ़ा दिया और कहा कि भैया ने आपको देने के लिए कहा था. इसमें गणित के कुछ फॉर्मूले हैं. मैंने घर जाकर वो लिफ़ाफ़ा खोला, तो उसमें गणित के फॉर्मूलों की एक मोटी कॉपी मिली. मुझे उन पर बहुत गुस्सा आया और मैंने कॉपी एक तरफ़ पटक दी. जैसे ही कॉपी पटकी, उसमें से एक चिट्टी गिरी. वो विपुलजी का ख़त था, जिसमें लिखा था- मेरी प्यारी संचिता, मैं जानता हूं कि तुम्हें मुझ पर गुस्सा आ रहा होगा कि इस तरह बिना कुछ कहे-सुने मैं चला आया, लेकिन तुम भी यह अच्छी तरह जानती हो कि हम दोनों में ही वो हिम्मत नहीं कि हम समाज के बंधनों को तोड़कर शादी कर सकें.

मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से तुम्हारी किसी तरह की बदनामी हो, क्योंकि समाज लड़की के माथे पर लगा हल्का-सा दाग़ भी किसी को भूलने नहीं देता. शायद अब और नहीं लिख पाऊंगा. बस ये समझ लो कि मैं परिस्थितियों को समझते हुए आगे बढ़ने या पीछे हटने में विश्‍वास रखता हूं. उम्मीद है, तुम मुझे समझ पाओगी.

उस समय तो मुझे विपुलजी पर बहुत गुस्सा आया और ख़ुद पर तरस, लेकिन आज समझ गई हूं कि वो सही थे. मैं जो आज इज़्ज़त की ज़िंदगी जी रही हूं, वो विपुलजी की ही दी हुई है. मैं आज अपने पति और बच्चों के साथ ख़ुश हूं और इसमें विपुलजी का बहुत बड़ा त्याग व योगदान है.

– ज्योति प्रसाद

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पहला अफेयर: यादों के रंग… (Pahla Affair: Yaadon Ke Rang)

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पहला अफेयर: यादों के रंग… (Pahla Affair: Yaadon Ke Rang)

वो उम्र ही लड़कपन की थी, जिनमें कुछ मधुर यादें, सुखद एहसास के क्षण समाये हुए थे, जिसकी याद आज भी मेरे होंठों पर मुस्कुराहट ले आती है. बात उन दिनों की है, जब मेरा कॉलेज ख़त्म हुआ था. छुट्टियां चल रही थीं. पापा ने घर में पेंट करवाने का विचार किया. मेरी होम डेकोरेशन में अच्छी नॉलेज होने के कारण घर को रेनोवेट कराने की ज़िम्मेदारी मुझे दी गई. कलर, पेंट के डिब्बों व ब्रश के साथ मज़दूरों ने घर में काम करना शुरू किया.

सहसा एक आवाज़ सुनाई दी, “एक ग्लास पानी मिलेगा.” एक मधुर-सी आवाज़ कानों में घुल गई. मैं उसे एकटक देखती रह गई. वह शख़्स मेरी ही उम्र का था. बड़ा ही आकर्षक व्यक्तित्व, नीली आंखें. उसका चलना, बैठना, उसकी हर बात मुझे लुभाती. उसकी बड़ी पलकें विशेषकर उसकी नीली आंखें मुझे उसकी ओर खींच ले गईं. फिर तो न जाने चाय-पानी के बहाने मैं उस कमरे में कितनी बार ही चक्कर लगा आती, जहां वह अपना काम कर रहा था. जब वह ब्रश चला रहा होता, मैं ख़ामोश-सी उसे देखती रहती.

धीरे-धीरे मेरी दीवानगी एक तरफ़ा प्यार में कब बदली, मैं जान भी न सकी. कई बार मैंने अपने आपको मन ही मन डांटा भी था कि एक पेंट करनेवाले मज़दूर के प्रति इतना आकर्षण क्यों? पर न जाने क्या था, मैं चाहकर भी रुक नहीं पाती. उसकी उन नीली आंखों में न जाने कैसी कशिश थी कि मैं डूबती ही चली गई. पहले-पहले तो वो सकुचाया-सा रहता, फिर धीरे-धीरे बात करने लगा था. उसकी बोलती आंखें दिल में नए ख़्वाब जगातीं. जब भी वह दिखाई नहीं देता, मैं बेचैन हो उठती. उस दिन वो काम पर नहीं आया था. वह प्रतियोगी परीक्षा देने गया है, इसकी जानकारी पेंट करनेवाले मज़दूरों के हेड ने दी.

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तो जनाब पढ़ते भी हैं. “क्या लाल-पीले रंगों के बीच काले अक्षर समझ में आते हैं?” अगले दिन जब मैंने पूछा, तो तुरंत जवाब मिला, “क्यों नहीं.’ काले अक्षर ही नहीं, मैं बहुत-सी बातें भी समझता हूं.” तो क्या वह मेरे अंदर उमड़ती भावनाओं को भी समझता है? घर की पेंटिंग का काम लगभग पूरा हो चुका था. मेरा दिल ज़ोरों से धड़कने लगा कि अब मैं तो उसे नहीं देख पाऊंगी. जाते व़क्त उसने मुझे एक काग़ज़ की पर्ची दी, जिस पर लिखा था…‘ प्यार अपने आप में एक अनोखा एहसास है. ये वो अफ़साना है जो ख़ुद-ब-ख़ुद बयां होता है. यह जीवन का सबसे प्यारा समय है.

आप बहुत अच्छी हैं. कोई व्यक्ति आप से प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सकता, पर आज की हक़ीक़त यही है कि हमारे बीच बहुत-से फासले हैं… परिवार के, जाति के, अमीरी-ग़रीबी के, जिनसे पार पाना नामुमकिन है. ज़िम्मेदारियों से लदा मेरा व्यक्तित्व है. मैं चाहकर भी तुम्हारी मंज़िल नहीं बन सकता.’ मेरा पहला प्यार, जिसकी क़िस्मत में अधूरा रहना लिखा था, अधूरा ही रह गया.

वो चला गया हमेशा के लिए. मैं उसे भीगी आंखों से देखती रह गई थी. न रोक सकती थी, न ही किसी से कुछ कह सकती थी. जिस सच्चाई से वह रू-ब-रू कराकर गया था, उसे तो मैं भी नहीं बदल सकती थी. मैं जिस आसमान में उड़ रही थी, वहां से उतरकर ज़मीन पर आ गई. व़क्त रुकता नहीं, ज़िंदगी थमती नहीं. ये वो मुक़ाम नहीं था, जहां मैं ठहर जाती. पर उसकी नीली आंखें जब-जब मेरे ज़ेहन में याद बनकर उमड़तीं, तो मेरी आंखें सजल हो जातीं. बड़ी बेनूर थी ये रूह मेरी, तुम्हारे आने से पहले, तुम्हारी यादों की कशिश ने रंग भर दिए इसमें ज़िंदगी के. अब तक ख़ामोश पड़ा था दिल का आंगन, तुम्हारी आहटों की ख़ुशबू ने इसमें मुहब्बत के फूल खिला दिए. लफ़्ज़ों को जैसे वजह मिल गई बोलने की. यही मेरा जहां है, यही मेरी कहानी.

– शोभा रानी गोयल

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सेक्सुअल पावर बढ़ाने की अमेज़िंग किचन रेमेडीज़ (Amazing Kitchen Remedies To Increase Sexual Stamina)

How to Increase Sexual Stamina

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए सेक्स लाइफ का हेल्दी होना बहुत ज़रूरी है. यदि किन्हीं कारणों से आपकी सेक्सुअल लाइफ में पहले जैसी गर्माहट नहीं रह गई, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. किचन में मौजूद आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थोंं की मदद से आप अपनी बेजान सेक्स लाइफ में नई ऊर्जा का संचार कर सकते हैं.

How to Increase Sexual Stamina

–     सेब न सिर्फ़ हमें बीमारियों से बचाता है, बल्कि शहद के साथ सेब का सेवन करने से कामेच्छा जागृत होती है. इसके लिए एक सेब को छीलकर काट लें और मिक्सी में ब्लेंड करें. इसमें 1 टीस्पून शहद, 3-4 बूंद गुलाबजल, चुटकीभर केसर, चुटकीभर जायफल और चुटकीभर इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इस सेक्स टॉनिक को खाना खाने के आधा घंटे बाद लें और इसे लेने के बाद चार घंटे तक दूध, दही या मछली का सेवन न करें.

–     आंवला में पर्याप्त मात्रा में आयरन, ज़िंक और विटामिन सी पाया जाता है, जो न स़िर्फ सेहत के लिए फ़ायदेमंद होता है, बल्कि कामोत्तेजना बढ़ाने में भी मदद करता है. दो टेबलस्पून आंवले के रस में एक टीस्पून सूखे आंवले का पाउडर व एक टेबलस्पून शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार खाएं. इस नुस्ख़े केइस्तेमाल से आपका और आपके पार्टनर दोनों का सेक्स पावर धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा.

–     कामेच्छा बढ़ाने में बादाम भी बेहद फ़ायदेमंद होता है. बादाम को दूध में मिलाकर नियमित सेवन करें. इसके लिए 10 बादाम को रात में पानी में भिगो दें. सुबह छीलकर खाएं या बादाम का दूध बनाकर पीएं. दूध बनाने के लिए भिगोए हुए बादाम को छील लें. एक कप दूध में छिले हुए बादाम, चुटकीभर केसर, चुटकीभर जायफल, स्वादानुसार शक्कर मिलाकर मिक्सी में ब्लेंड करें.

–     लो सेक्स ड्राइव के मामले में खजूर का सेवन करने से फ़ायदा होता है. इसके लिए 10 ताज़े खजूर को एक कटोरी घी में भिगो दें. इसमें एक टीस्पून सोंठ पाउडर, आधा टीस्पून इलायची पाउडर और चुटकीभर केसर मिलाएं. इस मिश्रण को जार में डालें और जार का मुंह ढंककर किसी गर्म स्थान पर 12 दिन के लिए रख दें. रोज़ाना सुबह इस मिश्रण का सेवन करें.

–     प्याज़ और लहसुन कामेच्छा बढ़ाने में प्रभावी हैं. एक टेबलस्पून प्याज़ के रस में एक टीस्पून लहसुन का रस मिलाएं. इस मिश्रण को रोज़ाना खाली पेट शहद के साथ पीएं.

–     यौन रोग, स्वप्नदोष, सेक्स डिज़ायर में कमी, शीघ्रपतन, कमज़ोरी, थकान… आदि किसी भी तरह की सेक्सुअल समस्या को दूर करने के लिए स़फेद प्याज़ बेहद कारगर होता है. 10 मिलीग्राम स़फेद प्याज़ के रस में उतनी ही मात्रा में  शहद, अदरक का रस और घी मिलाकर रोज़ाना पीने से कामेच्छा बढ़ती है.

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How to Increase Sexual Stamina

–     सेक्सुअल पावर बढ़ाने में कालीमिर्चवाला दूध बहुत लाभकारी होता है. इसके लिए एक ग्लास गर्म दूध में एक चौथाई टीस्पून कालीमिर्च पाउडर मिलाकर सोने से पहले पीएं. इससे शारीरिक शक्ति बढ़ेगी और आप व आपके पति सेक्स को ज़्यादा समय तक एंजॉय कर पाएंगे.

–     यौन शक्ति बढ़ाने में जायफल बेहद असरकारी होता है. रोज़ सुबह पानी के साथ एक ग्राम जायफल पाउडर का सेवन करें. इससे काफ़ी फ़ायदा होगा.

–     अजवायन भी सेक्स इच्छा बढ़ाने में मदद करती है. दरअसल अजवायन में एंड्रोस्टेरोन होता है, जो एक तरह  का सेक्स हार्मोन है. इसलिए इसके इस्तेमाल से कामेच्छा जागती है.

–     सेक्स पावर बढ़ाना हो, तो सुबह-शाम दूध के साथ दो ग्राम दालचीनी पाउडर का सेवन करें.

–     उड़द की दाल का इस्तेमाल यौन शक्ति के लिए किया जाता है. आधा टेबलस्पून  उड़द की दाल को कौंच के साथ पीसकर सुबह-शाम लेने से सेक्स पावर बढ़ता है.

–     30 ग्राम काली किशमिश को 200 मिलीलीटर दूध में उबालकर रोज़ाना सुबह-शाम सेवन करने से शारीरिक शक्ति के साथ-साथ कामेच्छा में भी वृद्धि होगी.

–    सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाने में गाजर बेहद कारगर है. इसके लिए 150 ग्राम गाजर को बारीक़ काट लें. इसमें आधा उबला हुआ अंडा और एक टेबलस्पून शहद मिलाकर रोज़ाना दिन में एक बार खाएं.

– शिल्पी शर्मा

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