romance

कोई भी रिश्ता हो, वो कुछ न कुछ चाहता है, कुछ वादे, कुछ सपने, कुछ शर्तें, तो कुछ सामंजस्य व बदलाव भी… रिश्ते एक तरह से ख़ूबसूरत बंधन होते हैं… लेकिन ये बंधन तब तक ही अच्छे लगते हैं, जब तक आप इनमें बंधकर भी एक सुकून व ख़ुशी महसूस करते हैं, लेकिन जब यही बंधन बोझ लगने लगे, तो समझ जाएं कि आप कुछ ज़्यादा ही बंध गए हैं और अपने रिश्तों को पाने और जीने के लिए आप ख़ुद को खाते जा रहे हैं और ख़ुद के लिए जीना तक भूलते जा रहे हैं. जब कभी ऐसी नौबत आ जाए, तो एक बार रुक जाएं, ठहर जाएं और सोचें ज़रूर कि क्या इस तरह से रिश्ते आगे बढ़ पाएंगे और कब तक आप अपनी तरफ़ से इन्हें आगे बढ़ा पाएंगे?

– यह सच है कि रिश्तों में कभी अपनी पसंद पर, तो कभी अपनी ख़्वाहिशों से कॉम्प्रोमाइज़ करना पड़ता है, क्योंकि रिश्तों का दूसरा नाम ही एडजेस्टमेंट है. 
– रिश्तों को निभाने के लिए कॉम्प्रोमाइज़ भी ज़रूरी है और बदलाव भी. आपको बदलना पड़ता है और इसमें कोई बुराई भी नहीं, लेकिन ऐसा करते-करते कहीं ऐसा न हो कि आपके लिए ये बदलाव बोझिल साबित होने लगें?
– आप ही अगर अपनी तरफ़ से हर बात पर समझौता करते हैं, तो ज़ाहिर है आप सामने वाले की अपेक्षाएं बढ़ा रहे हैं. 
– माना रिश्तों की उम्र बढ़ाने के लिए कई बातों पर, कई चीज़ों पर समझौता करना पड़ता है, लेकिन हर बात पर आपको ही समझौता करना पड़े, तो हर किसी की अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं, उन्हें लगता है कि यह काम तो इसकी ज़िम्मेदारी है. 
– लेकिन एक व़क्त ऐसा आता ही है, जब आपके द्वारा किया गया यह एकतरफ़ा बदलाव भारी पड़ने लगता है और आप अपने ही फैसले पर पछताते हैं. 
– ज़ाहिर-सी बात है कि ये बदलाव अधिकांश मामलों में महिलाओं को ही करने पड़ते हैं, जिससे उन पर रिश्तों का बोझ, काम व ज़िम्मेदारियों का बोझ बढ़ता ही जाता है और उनसे उम्मीदें भी बढ़ती ही जाती हैं.
– लेकिन अक्सर महिलाएं अपने रिश्तों को पाने व बचाने के लिए ख़ुद को खो देती हैं.

Relationship Problems


– वो न स़िर्फ ज़िम्मेदारियों ओढ़ती चली जाती हैं, बल्कि अपनी हेल्थ, अपने निर्णय, अपने सपने और अपनी ख़ुशी तक को भूलती व कुर्बान करती चली जाती है. 
– अपने स्वास्थ्य को इतना नज़रअंदाज़ करने लगती है कि आगे चलकर उसे ही भारी पड़ता है.
– यहां तक कि ख़ुद बीमार भी हो जाए, तो उसे जल्दी ठीक स़िर्फ इसलिए होना होता है कि उसे अन्य घरवालों व घर के कामों की फिक्र होने लगती है. 
– वो बीमार होकर भी ख़ुद को अपराधबोध से ग्रस्त कर लेती है कि उसके स्वास्थ्य के चलते घरवालों को इतनी परेशानी झेलती पड़ रही है. 
– ये सब आख़िर कहां तक जायज़ है? आप रिश्तों को नहीं पा रही होती हैं, बल्कि ख़ुद को खो रही होती हैं, क्योंकि रिश्ते तो दोनों तरफ़ से बराबरी से निभाए जाएं और ज़िम्मेदारियों को बंटवारा भी बराबरी से हो, तभी रिश्तों का मतलब है, वरना वो बेमानी हैं. 
ऐसे में सवाल यह उठता है कि किया क्या जाए?
– शुरू से ही अपने काम व ज़िम्मेदारियों के प्रति क्लीयर रहें. 
– आप यह ज़रूर जताएं कि हां, आप बदलेंगी, लेकिन उतना ही सामनेवाले को भी बदलना होगा.

Relationship Problems


– हर बार और हर परिस्थिति में स़िर्फ आपसे ही बदलाव की उम्मीद न की जाए. 
– रिश्तों में संतुलन ज़रूरी है. स़िर्फ आप ही न बदलें, अपने पार्टनर व अन्य सदस्यों को भी कहें कि वो भी सहयोगपूर्ण रवैया अपनाकर आपका साथ दें. 
– रिश्ते व घर से जुड़ी सभी ज़िम्मेदारी ख़ुद न ओढ़ें. 
– अन्य लोगों को भी उनके ज़िम्मेदारियों का एहसास कराएं. ज़िम्मेदारियों को बांट दें. इसके लिए एक सभी घरवाले एक टाइम टेबल बना लें और फॉलो करें. 
– हर काम व हर बात प्यार से करें, ताकि किसी को बुरा भी न लगे, क्योंकि प्यार से भी बहुत कुछ किया और करवाया जा सकता है. 
– बेहतर होगा कि आप सबसे पहले पार्टनर से पहले बात करें, उन्हें विश्‍वास में लें, उनका सहयोग होगा और वो आपके लिए बदलेंगे, तो आसान होगा.

Relationship Warning


– कुछ बातों पर ना कहना भी सीखें. आप अगर शुरू से ही सभी को आदत डाल देंगी कि आप हर बात पर समझौता करने को तैयार हैं, तो हर बार आपसे ही उम्मीद की जाएगी.
– बेहतर होगा ख़ुद के लिए भी समय निकालें. अपने सपनों को भी उड़ान दें. आप ख़ुश रहेंगी, तभी तो बेहतर तरी़के से काम कर सकेंगी. हर बात पर अगर आप झुकती चली जाएंगी, तो ख़ुद को मुसीबत में ही डालेंगी.
– ख़ुद को पैंपर करें. सहेलियों के साथ मूवी या डिनर पर जाएं. ज़रूरी नहीं कि हर बार पति या बच्चों के साथ ही आप बाहर जाएं. 
– कभी खाना न बनाकर बाहर से मंगवाएं. 
– अपनी फिटनेस और ब्यूटी का भी पूरा ख़्याल रखें. 
– अगर आपसे हर बात की उम्मीद की जाती है, तो कभी-कभी उम्मीदें तोड़ना भी ज़रूरी है. 
– यह आपको तय करना है कि आपको कोई कैज़ुअली न ले. ख़ुद से प्यार करना सीखें. 
– आप भी दिनभर काम करती हैं, तो आपको भी आराम करने का पूरा हक है. अपने लिए वीकली ऑफ डिसाइड करें और घरवालों को भी बता दें. उस दिन खाना या तो कोई और बनाए या बाहर से मंगवाए इस पर चर्चा करके हर कोई अपने लिए ऑफ और काम करने की ज़िम्मेदारी बांट ले. 
– ज़रूरी नहीं सबकी फरमाइशें हर बार पूरी की जाएं. क्या कभी ऐसा भी हुआ है कि आपकी फरमाइशों पर किसी का ध्यान गया हो?
– आपने जितना भी रिश्तों को दिया है, क्या घरवालों को उसका एहसास भी है? अगर नहीं, तो एहसास आपको कराना होगा. 
– रिश्तों को बनाए व बचाए रखने की ज़िम्मेदारी सभी की होती है, तो ज़िम्मेदारी भी सभी को लेनी होगी. आप ही अपने सपनों को छोड़कर सब कुछ क्यों करती या करते चले जाएं?
– ये तमाम बातें स़िर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस सदस्य के लिए हैं, जो अपना सब कुछ रिश्तों को दे देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सराहा तक नहीं जाता और जाने-अंजाने उनका फ़ायदा उठाया जाने लगता है और उन्हीं से उम्मीद की जाती है.

Relationship Problems


– जहां तक आप सहज महसूस करें और बात रिश्ते टूटने पर आ जाए, वहां कॉम्प्रोमाइज़ करने या दो क़दम पीछे हटने में भी बुराई नहीं, लेकिन अगर आपको निराशा और घुटन लगने लगे, तो अपने लिए ज़रूर सोचें, इसमें कोई बुराई नही. 
– अक्सर ऐसा भी होता है कि जो शख़्स उम्मीदें पूरी करता चला जाता है और एक व़क्त के बाद वो अपने लिए कुछ कहना या करना चाहता है, तो उसे स्वार्थी करार दिया जाता है, क्योंकि सबको यह लगने लगता है कि इसे तो हमारे लिए ही सब करना चाहिए, यही इसकी ज़िम्मेदारी है, तो ये अपने लिए कैसे सोच सकता है? 
– बेहतर होगा ऐसी सोच पनपने से पहले ही आप लोगों की उम्मीदें इतनी न बढ़ा दें और ख़ुद को इतना न खो दें कि दूसरे तो दूसरे ख़ुद आप भी ख़द को ढूंढ़ न पाएं. 
– दूसरों के स्वास्थ्य से पहले अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें, दूसरों के सपने ज़रूर पूरे करें, लेकिन अपने सपनों को पूरी तरह से दबा न दें. जीना न भूल जाएं, अपने लिए, ख़ुद को ख़ुश करने के लिए भी कुछ करें, ये स्वार्थ नहीं, बल्कि रिश्तों को पाने और ख़ुद को न खाने के लिए संजीवनी का काम करेगी. आगे आपकी मर्ज़ी.


– बिट्टु शर्मा

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आपसी प्यार, देखभाल और सम्मान किसी भी स्वस्थ रिश्ते की मुख्य नींव है. यही वह चीज़ है, जो ज़्यादातर शादीशुदा जोड़ों के जीवन को मज़बूत बनाने में मदद करता है. वास्तु शास्त्र, स्थानिक ऊर्जा का प्राचीन विज्ञान है, जो प्यारभरे रिश्ते में रोमांस को बढ़ाने में भी मदद करता है. इसी के बारे में वास्तु विशेषज्ञ डॉ. रविराज अहिरराव ने बेहतरीन उपाय बताएं, जिन्हें आज़माकर जोड़े अपने वैवाहिक जीवन में रोमांस लाने के साथ उसे आनंदमय और ख़ुशहाल बना सकते हैं.

  • सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पार्टनर के बीच विचारों की स्पष्टता सबसे महत्वपूर्ण है. घर के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में नीले या बैंगनी रंग के साथ अधिकतम खुले स्थान रखने से कपल्स के बीच विचारों का मेल बना रहता है.
  • अग्नि तत्व के लिए जगह मानी जानेवाली रसोईघर दक्षिण-पूर्व दिशा में होनी चाहिए. यह क्षेत्र महिला साथी की जगह को भी चिह्नित करता है और उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिरता को बढ़ावा देता है. इस अंतरिक्ष में नारंगी रंग का जोड़ इस केंद्र की शक्ति को और बढ़ाता है. साथ ही ख़ुशहाल और रोमांटिक जीवन को बढ़ावा देता है.
  • मास्टर बेडरूम में बिस्तर का सही स्थान या तो दक्षिण क्षेत्र या दक्षिण-पश्चिम में होनी चाहिए.
    वास्तु के अनुसार, घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में मास्टर बेडरूम की उपस्थिति पुरुष शक्ति केंद्र को संतुलित करने में मदद करती है. साथ ही दोनों पार्टनर के बीच सकारात्मक खिंचाव और केमिस्ट्री को बनाए रखता है. पुरुष ऊर्जा का स्थान होने के कारण यह रिश्ते में स्थिरता को बढ़ावा देने में भी मदद करता है.
  • एक सिंगल गद्दे के साथ एक सिंगल या क्वीन साइज़ बेड होना चाहिए.
  • बेडरूम की दीवारों पर इस्तेमाल किया गया रंग हल्का और स्मूदी होना चाहिए.
  • दक्षिण-पश्चिम बेडरूम में गुलाबी या पिच के रंग पसंद किए जाते हैं. वैसे बेडरूम में गुलाबी या लाल रंग, जैसे- लाल बत्ती, लाल रजाई, ड्रैप आदि का उपयोग क्षणिक अवधि के लिए किया जा सकता है.

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  • वास्तु के अनुसार, प्यारभरा और मज़बूत रिश्ता बने रहने के लिए पत्नी को अपने पति के बाईं तरफ़ सोना चाहिए.
  • यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कमरे का नॉर्थ-ईस्ट कॉर्नर बिखरा ना हो.
  • इंडोर प्लांट्स, नॉर्थ कॉर्नर में सफ़ेद फूल और साउथ-वेस्ट कॉर्नर में पर्पल या लाल गुलाब रिश्ते को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.
  • प्यार भरा रिश्ता और सकारात्मकता के प्रवाह के लिए बेडरूम साफ़ और व्यवस्थित होना चाहिए.
  • सुखमय प्रेम जीवन के लिए सुनिश्चित करें कि कमरे में सिंगल आइडेंटिटी सजावटी सामान न हो, जैसे- एक खरगोश या एक अकेला बतख. इसकी बजाय एक कबूतर का जोड़ा, लव बर्ड्स या लक्ष्मी-नारायण जैसे आदर्श जोड़े हो, तो बेहतर है.
  • दक्षिण-पश्चिम में पारिवारिक फोटो और पश्चिम दिशा में कपल्स की फोटो लगाएं.

यह ना करें…

  • ध्यान रहे बेडरूम एक नियमित आकार में होना चाहिए और कोई भी तेज नुकीला कोना नहीं होना चाहिए.
  • धातु के बिस्तरों से बचना चाहिए, क्योंकि यह नींद में खलल डालता है और जीवनसाथी के बीच तनाव पैदा करता है.
  • एक साथ जुड़नेवाले दो बिस्तरों या सख़्त गद्दों से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कपल्स के बीच अनबन हो सकती है.
  • इसके अलावा बिस्तर को दो दरवाज़े या दरवाज़े के सामने नहीं रखा जाना चाहिए.
  • बिस्तर के सामने दर्पण ना रखे. यह वैवाहिक कलह की ओर ले जाता है.
  • दर्पण जितना बड़ा होगा, वैवाहिक संबंध में तनाव की संभावना उतनी ही अधिक होगी. इससे स्वास्थ्य समस्या, ऊर्जा की कमी या उनींदापन भी हो सकता है. बेडरूम में दर्पण से बचना चाहिए या कम से कम कवर किया जाना चाहिए.
  • बेडरूम में दिव्य मूर्तियों के साथ-साथ दिवंगत आत्माओं की तस्वीरों को ना लगाएं.

ऊषा गुप्ता

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शादी के कुछ सालों बाद अधिकतर कपल्स की ये शिकायत होती है कि उनका रिश्ता अब पहले जैसा रोमांटिक नहीं है. क्या आपको भी ऐसा ही लगता है? हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ख़ास क्विज़, इसे सुलझाइए और जानिए कितने रोमांटिक कपल हैं आप.

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1) एक शाम पति बड़े मूड में घर लौटते हैं और आपके साथ समय बिताने की इच्छा ज़ाहिर करते हैं, तो आपः

ए. बच्चों को तैयार कर के मेड के साथ खेलने घर से बाहर भेज देती हैं.
बी. उनसे कहती हैं कि बच्चों के सो जाने तक वे इंतज़ार करें.
सी. आप घर के काम निपटाने के बाद ही उनकी बात सुनती हैं.

2) आप अंतरंग पलों में नया तरीक़ा अपनाते हैं:

ए. हर सप्ताह.
बी. महीने में एक बार.
सी. महीने में दो बार.

3) कल उनका मूड नहीं था, क्योंकिः

ए. वो काम में व्यस्त थे.
बी. पिछली रात के निजी पलों की थकान और ख़ुमारी ही नहीं उतरी थी.
सी. आप दोनों को सोने में काफ़ी देर हो गई थी.

4) आप दोनों ने साथ-साथ एडल्ट मूवी देखी थीः

ए. पिछले माह.
बी. साल भर पहले.
सी. ठीक से याद नहीं.

5) आपका मन नहीं है, लेकिन वो आपको मूड में लाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में आपः

ए. ख़ुद को मूड में लाने की कोशिश करेंगी, ताकि उन्हें ख़ुश कर सकें.
बी. उनका मन रखने के लिए जैसे-तैसे साथ दे देंगी.
सी. मूड नहीं है, कह कर साफ़ मना कर देंगी.

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6) आपकी मैरिड लाइफ़ में सेक्स महत्वपूर्ण हैः

ए. बहुत ज़्यादा.
बी. काफ़ी.
सी. ठीक-ठाक.

7) पति टूर से लौटने वाले हैं तो आपनेः

ए. घर सजाया है, उनकी पसंद का खाना बनाया है, उनका पसंदीदा आउटफिट पहना है और बेडरूम को ख़ासतौर पर तैयार किया है.
बी. घर सजाया है, उनकी पसंद का खाना बनाया है और उनका पसंदीदा आउटफिट पहना है.
सी. घर सजाया है, उनकी पसंद का खाना बनाया है.

8) आप दोनों रोज़ानाः

ए. कम-से-कम आधे घंटे एक-दूसरे से बात किए बिना आप सो ही नहीं पाते.
बी. रोज़ तो नहीं, लेकिन सप्ताह में एक बार दो-तीन घंटे हम सिर्फ एक-दूसरे के साथ बिताते हैं.
सी. व्यस्तता इतनी होती है कि बात करने के लिए समय ही नहीं मिल पाता.

9) शादी के शुरुआती दिनों के प्यार भरे अनुभवों को आप याद करते हैं:

ए. अक्सर.
बी. कभी-कभी.
सी. बहुत कम.

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Romantic Couple

जानें अपने रोमांस का स्कोर
क्विज़ को सुलझाने के बाद अब बारी है स्कोर जानने की. यहां पर स्कोर के साथ-साथ हमने ये भी बताने की कोशिश की है कि आपका रिलेशनशिप स्टाइल कैसा है. ये स्कोर देखकर आप जान सकते हैं कि कितने रोमांटिक कपल हैं आप.

यदि आपके अधिकतर जवाब ‘ए’ हैं
आपके अधिकतर जवाब यदि ‘ए’ हैं, तो आपका रिलेशनशिप स्टाइल है एडवेंचरस. आप दोनों को एक-दूसरे का साथ बहुत पसंद है और सेक्स को एंजॉय करने के लिए आप हर संभव कोशिश करते हैं.

यदि आपके अधिकतर जवाब ‘बी’ हैं
आपके अधिकतर जवाब यदि ‘बी’ हैं, तो आपका रिलेशनशिप स्टाइल है बैलेंस्ड. आप दोनों घर-ऑफिस की तमाम ज़िम्मेदारियां निभाने के बावजूद एक-दूसरे के साथ समय बिताने का प्रयास करते हैं. सेक्स को आप कभी नज़रअंदाज़ नहीं करते और कभी-कभार इसके लिए एक्स्ट्रा एफर्ट लेना आपको पसंद है.

यदि आपके अधिकतर जवाब ‘सी’ हैं
आपके अधिकतर जवाब यदि ‘सी’ हैं, तो आपका रिलेशनशिप स्टाइल कूल है. आप दोनों सेक्स को एंजॉय करते हैं, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त प्रयास करना पसंद नहीं करते यानी आपके लिए ये एक कूल एक्टिविटी है.

क्या आपके रिश्ते में भी ऐसा मोड़ आ गया है कि आपको उनसे ऊब-सी होने लगी है? क्या ऐसा लगता है कि एक ही ढर्रे पर चल रही है ज़िंदगी, जिसमें एक्साइटमेंट जैसा कुछ नहीं? क्या एक ही तरह का रूटीन-सा लगता है रोज़? क्या आपके रिश्ते भी धीरे-धीरे रूटीन बनते जा रहे हैं? उनमें वो गर्माहट, प्यार और ऊर्जा लगभग गायब-सी हो गई है, जो रिश्तों को ज़िंदा रखती है. ऐसे में अगर आपके रिश्ते रूटीन हो चुके हैं और वो उबाऊ लगने लगे हैं, तो क्यों न अपने रिश्तों के रूटीन बदलें आप, ताकि वो फिर से ताज़गी से भरपूर हो महकने लगें.

अपने डेली रूटीन को बदलें: नया ट्राई करने के लिए पुराना तो बदलना होगा. वो बोरिंग-सी सुबह, सुबह होते ही भाग-भागकर काम करना, सबके लिए कुछ न कुछ करना… ये सब भूल जाएं. थोड़ा जल्दी उठें, अपने लिए समय निकालें. वॉक पर जाएं और अपने पार्टनर को भी ले जाएं. फिर घर आकर रिलैक्स करें और सुबह की चाय या कॉफी साथ पीएं. इतने से शुरूआत करें, बाकी भी होता चला जाएगा.
टिप्स: अपने रिश्ते की गर्मी को समय के साथ खोने न दें. 
– रिश्ते में परफेक्शन की उम्मीद न करें, थोड़ी-बहुत कमियों की गुंजाइश के लिए जगह रखें. 
– और हां, रिश्ते में कुछ नया और पॉज़िटिव करने की दिशा में काम करते रहें.
न्या ट्राई करें: ऐसा कुछ करें, जिससे पार्टनर को भी लगे कि यह तो कमाल हो गया, हमने तो सोचा ही नहीं था. चाहे तो सरप्राइज़ेस प्लान करें या अपनी कोई ऐसी बुरी आदत छोड़ दें, जिससे पार्टनर को ख़ुशी महसूस हो और उसे लगे कि आपने उसके लिए कुछ किया है. इससे नए सिरे से आप उन रिश्तों को जीने लगते हैं. इस तरह ये नयापन आप किसी भी तरह से ला सकते हैं. 
टिप्स: एक-दूसरे को स्पेशल फील करवाएं. 
– हंसी-मज़ाक और रोमांस बना रहना बहुत ज़रूरी है.
– पार्टनर को कॉम्प्लीमेंट दें.
– कभी उनके लुक्स पर, कभी किसी अन्य बात पर तारीफ़ के कुछ शब्द जादू का काम करते हैं. 
– एक्स्ट्रा अफर्ट ज़रूर डालें, ताकि उन्हें यह महसूस हो कि आपको उनकी कितनी ज़रूरत और परवाह है.
– उनकी ज़रूरतों के प्रति हमेशा सतर्क रहें.
रिक्रिएट करें अपनी रोमांटिक लाइफ: रिश्तों में एक समय के बाद ऐसा व़क्त आता है, जब ज़िम्मेदारियां प्राथमिकता बन जाती हैं और ज़िंदगी से रोमांस गायब-सा हो जाता है. आपके साथ भी अगर ऐसा हो रहा है, तो इसे अभी इसी व़क्त रोक दें. कुछ ज़्यादा करने की ज़रूरत नहीं, बस पार्टनर को यह महसूस करवाएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं. कभी सरप्राइज़्ड फोन कॉल्स कर दें, कभी मैसेजेस, कभी डिनर या मूवी प्लान करें, तो कभी ऑफिस से जल्दी घर आकर साथ में टाइम स्पेंड करें.
टिप्स: अपने रिश्ते की क़द्र करें. उसके महत्व को समझें और समय रहते उसे ठंडेपन से बचाएं.
– एक-दूसरे को गिफ्ट व सरप्राइज़ दें. 
– रोमांटिक डेट्स पर भी जाएं. हॉलीडेज़ पर जाएं. मूवी देखें, मस्ती करें.
– पार्टनर के लिए कुछ स्पेशल बनाएं या कभी पार्टनर की पसंद का कलर पहनकर उन्हें यह बताएं कि यह स़िर्फ आपके लिए ही है.
सेक्स लाइफ को इग्नोर न करें: आपका रिश्ता बहुत हद तक आपकी सेक्स लाइफ पर भी निर्भर करता है. पर्सनल हाईजीन से लेकर आपस में एक-दूसरे की ज़रूरतों का ख़्याल रखने तक… कुछ भी इग्नोर न करें. सेक्स प्यार के इज़हार का ज़रिया है इसे अच्छी तरह समझें. कम्यूनिकेट करें कि आपको क्या पसंद और क्या नापसंद है. सेक्स लाइफ भी रूटीन बनकर न रहे जाए इसलिए उसमें नयापन लाने के लिए बेडरूम के डेकोर को चेंज करें, सेक्स के नए पोज़ व नई ट्राइ करें. 
टिप्स: पत्नी को चाहिए कि वो बेडरूम को किचन या शिकायतों का कमरा न बनाए और पति को चाहिए कि वो बेडरूम को अपना सेकंड ऑफिस न बनाए.
– सेक्स को अनदेखा न करें. पार्टनर को अट्रैक्ट करने और उनके लिए अट्रैक्टिव बने रहने के तमाम प्रयास जारी रखें.
– रोमांटिक छेड़छाड़ व मैसेजेस करें. 
– सेक्सुअल हाइजीन का ख़्याल रखें. 
– सेक्सी नाइटवेयर पहनें.

Relationship Goals

कुछ भी कहने से हिचकिचाएं नहीं: यदि आप किसी बात को लेकर परेशान हैं या कोई बात आपको परेशान कर रही है या आप अपने रिश्ते या पार्टनर को लेकर ही कुछ अलग महसूस कर रहे हैं, तो बात करें. सहज तरी़के से हर बात कह दें, इससे आपसी विश्‍वास बढ़ता है.
टिप्स: शिकवे-शिकायतें भी ज़रूरी होती हैं. 
– यह कभी न सोचें कि कि सब ठीक ठाक ही तो है, फिर क्यों छोटी-सी बात पर कुछ कहें. यह अप्रोच नकारात्मक है. 
– कम्यूनिकेशन कम होने पर आप दोनों धीरे-धीरे दूर होते चले जाते हैं और रिश्तें में बोरियत पसरने लगती है. 
केयर करें, शेयर करें: अगर अब तक आपने पार्टनर को यह महूसस नहीं कराया है कि आप उनकी कितनी केयर करते हैं, तो देर होने से पहले जाग जाएं. केयरिंग और शेयरिंग दोनों ही बेहद ज़रूरी है. अपनी ख़ुशी, अपने ग़म, अपने सपने… सब कुछ शेयर करें. रिश्तों में शेयरिंग बेहद ज़रूरी है. अगर पार्टनर को कोई तकलीफ़ है, तो उसे सपोर्ट दें. याद करें आखिरी बार कब आप दोनों ने साथ बैठकर अपने दुख-दर्द बांटे थे? 
टिप्स: पास बैठें और हाथों में हाथ डालकर पूछें कि कैसा रहा दिन?
– पूछें कि कुछ तकलीफ़ तो नहीं, तबीयत ठीक रहती है या नहीं, अपनी सेहत का ध्यान रखते हैं या नहीं… 
– अगर कुछ भी हो तो हम साथ हैं एक-दूसरे के सपोर्ट के लिए… ये तमाम बातें रिश्तों में नई ऊर्जा भर देगी.
ज़िम्मेदारियां बांटें, सहयोग करें: एक-दूसरे के कामों में मदद अगर अब तक नहीं करते थे, तो अब करना शुरू कर दें. इससे काम हल्का होगा और ज़िम्मेदारियां बंटेंगी. बातचीत करके यह तय करें कि कौन-सी ज़िम्मेदारी कौन लेगा और उसे ईमानदारी से निभाएं भी.
टिप्स: आपका पार्टनर क्या काम करता है और कहीं उस पर काम का बोझ तो नहीं? इस बात का ज़रूर ध्यान रखें.
– पार्टनर कहें कि बिल्स अब से मैं भरा करूंगा, बच्चों को ट्यूशन लाना-ले जाना और पढ़ाई में भी मदद कर दूंगा. 
– पार्टनर को कहें कि अगर ऑफिस में काम ज़्यादा है, तो घर की कुछ ज़िम्मेदारियां मैं कर लूंगी… इस तरह आप दोनों समय-समय पर अपने काम की लिस्ट अपडेट करते रहें. 
एक-दूसरे का सम्मान करें और हर्ट करने से बचें: अगर आपके किसी ख़ास व्यवहार या बात से पार्टनर को तकलीफ़ होती है, तो उसे करने से बचें. हो सकता है आपके लिए वह बात मामूली हो, पर पार्टनर को अच्छी न लगे,  अगर  आप जानते हैं कि आपका व्यवहार पार्टनर को हर्ट कर सकता है, तो न करें. ग़लती से ऐसा कुछ हो भी जाए, तो माफ़ी मांग लें. सॉरी कहने से रिश्ते मज़बूत होते हैं. 
टिप्स: रिश्तों में अपरिपक्वता न दिखाएं.
– अगर किसी बात को लेकर कोई नाराज़गी है, तो बात करें, न कि ग़ुस्से में आकर बचकानी हरक़तें करें.
– इमोशन्स को ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल में न लाएं. 
– शर्तें न रखें कि अगर बात नहीं मानी तो मायके चली जाऊंगी या सेक्स को लेकर भी ब्लैक मेलिंग न करें. 
चंद जादुई शब्दों का इस्तेमाल ला सकता है रिश्ते में बहार: सॉरी कहना जब भी ज़रूरी हो कहें, भले ही आपकी ग़लती न भी हो पर रिश्ते के लिए ज़रूरी हो तो भी माफ़ी मांगने से कोई छोटा नहीं होगा. इसी तरह थैंक्यू भी कहा करें. अगर पार्टनर आपकी किसी काम में मदद करे, तो ज़रूर थैंक्यू या आई लव यू कहें. ये चंद जादुई शब्द हैं जो आपके रिश्ते को रूटीन और बोरिंग होने से बचाते हैं. 
टिप्स: यह आपको तय करना है कि कब, कहां और कैसे इन शब्दों को आप अपने रिश्तों को बोरिंग होने से बचाने के लिए यूज़ कर सकते हैं. 
– ऑफिस जाते समय माथे पर किस करके जाएं. 
– पत्नी भी पति के जेब में आई लव यू का नोट लिखकर चुपके से डाल दे.
– अगर झगड़े के बाद बातचीत बंद है, तो आईने पर लिपस्टिक से सॉरी ही लिख दें. 
– पति पहल करना चाहे, तो ऑफिस पहुंचकर मिस यू का मैसेज ही कर दे…

Relationship Goals

एक-दूसरे से सलाह लें ज़रूर लें: हर छोटे-बड़े निर्णयों में पार्टनर की सलाह भी लें और अगर वो सही लगती है, तो उस पर अमल भी करें. इससे पार्टनर को महसूस होगा कि आप उनकी बातों को महत्व देते हैं. ख़ुद को ही सबसे स्मार्ट समझने की ग़लती न करें और यह भी न सोचें कि मुझे सब पता है किसी से पूछने की क्या ज़रूरत. इस तरह सलाह-मशविरा आप दोनों को करीब लाएगा और रिश्तों में ऊर्जा बनी रहेगी.
टिप्स: यह न सोचें कि पार्टनर को इस मामले की जानकारी नहीं है, हर बात में सलाह लेना फ़ायदेमंद ही होगा. 
– मिलकर फाइनेंशियल प्लानिंग करें और बजट प्लान करें.
– ऑफिस की भी कोई समस्या हो तो ज़रूर पार्टनर से डिसकस करें, क्या पता उनकी छोटी-सी सलाह ही आपका बिगड़ा काम बना दे. 
थोड़ा-सा ख़ुद को भी बदलें और कुछ चीज़ें नज़रअंदाज़ भी करें: अपने रिश्ते के लिए यदि ख़ुद में थोड़ा बदलाव भी लाना पड़े तो ज़रूर कोशिश करें. इसी तरह कुछ बातों को नज़रअंदाज़ भी करें, ताकि रिश्ते रूटीन न बन जाएं, जैसे- हो सकता है पार्टनर की कोई बात या आदत आपको पसंद नहीं, लेकिन बार-बार उन्हें टोकने से बेहतर है कि नज़रअंदाज़ करें या फिर प्यार से समझाएं.  पार्टनर के अलग व्यक्तित्व को सम्मान दें. 
टिप्स: कुछ बातों को इग्नोर करना व एडजेस्ट करना भी रिश्ते निभाने की कला ही होती है. 
– दोनों ही थोड़ा-थोड़ा एडजेस्ट करें. 
– पति यह न सोचे कि स़िर्फ पत्नी को ही एडजेस्ट करना चाहिए और न ही पत्नी यह सोच रखे.
फिज़िकली फिट रहें, अपनी बॉडी को इग्नोर न करें: आप सेहतमंद रहते हैं, तो आपका रिश्ता भी हेल्दी होता है. शादी के बाद अक्सर लोग अपनी फिज़िकल अपीयरेंस को इग्नोर करना शुरू कर देते हैं, उन्हें लगने लगता है कि अब क्या बचा है, बस काम और ज़िम्मेदारियां ही तो हैं. फिर व़क्त भी कहां मिलता है… लेकिन इस सोच से अब बाहर निकलें. ख़ुद को आईने में निहारें, देखें कहां काम करने की ज़रूरत है. शादी के बाद अक्सर पुरुषों की तोंद निकल आती है, तो वहीं महिलाओं की कमर का साइज़ बढ़ने लगता है. बेहतर होगा कि एक-दूसरे के लिए फिटनेस चैलेंज लें. साथ में वॉक, जॉग या एक्सरसाइज़ करें. इससे एक-दूसरे के साथ समय भी बिता पाएंगे. दोनों एक लक्ष्य तय करें कि एक महीने में कितना किलो वज़न कम करेंगे और कौन पहले फिट होगा… आप फिट रहेंगे, तो अट्रैक्टिव भी लगेंगे और रिश्ते को ऊबाउ होने से बचा पाएंगे.  
टिप्स: अपनी हेल्द और फिटनेस का पूरा ख़्याल रखें और पार्टनर को यह ज़ाहिर करें कि आप उनके लिए अट्रैक्टिव बने रहना चाहते हैं.
– साथ-साथ वर्कआउट करें. सुबह जॉगिंग या रात को खाने के बाद ईवनिंग वॉक पर साथ में जाएं. 
– कोई फिटनेस क्लास, हॉबी क्लास या स्विमिंग आदि जॉइन करें.
एक-दूसरे के लिए कुछ ख़ास करें, मोटिवेट और चैलेंज भी करें: क्या आप अपने पार्टनर के लिए कुछ बुरी आदतें छोड़ सकते हैं? यदि आप ड्रिंक या स्मोक करते हैं, जो पत्नी और बच्चों को पसंद नहीं, तो पार्टनर से कहें कि मैं यह तुम्हारे लिए छोड़ने की कोशिश करूंगा, लेकिन तुम्हें भी मेरे लिए अपने बेवजह ग़ुस्सा करने की आदत को कंट्रोल करना होगा… इस तरह चैलेंज करें. या अगर आपकी पत्नी बहुत ज़्यादा ख़र्च करती है, तो आप एक-दूसरे को चैलेंज करें कि अपनी-अपनी बुरी आदतों पर काबू पाने की पूरी कोशिश करेंगे.
टिप्स: एक-दूसरे में दिलचस्पी बनी रहे, इसके लिए ज़रूरी है कि पहले आपकी ख़ुद में दिलचस्पी हो. 
– अपनी बुरी आदतों को छोड़ने का प्रयास करके पार्टनर के लिए कुछ करने का उन्हें एहसास दिलाएं.
– अगर किसी दिन पार्टनर ज़्यादा थका हुआ है तो उनके हिस्से का कोई काम कर दें. 
– पत्नी के लिए एक दिन आप कुछ कुक करें.
– एक-दूसरे के फैमिलीवालों को अचानक इंवाइट करके सरप्राइज़ दें.
– इन सबके अलावा अपने लुक्स और स्टाइल को भी मेंटेन करें, ताकि पार्टनर की दिलचस्पी बनी रहे.

– भोलू शर्मा

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कहते हैं प्यार में सब कुछ जायज़ है लेकिन सुमित की सोच कुछ अलग ही थी…  आज सुमित को एक अरसे बाद देखा वोभी अपने पति की ऑफ़िस पार्टी में. बालों में हल्की सफ़ेदी झलक रही थी पर व्यक्तित्व उतना ही आकर्षक और शालीन… दिल पुरानी यादों में डूब गया. मुझे याद है एक-एक लम्हा जो सुमित की बाहों में बीता था, कितना हसीन हुआ करता थातब सब कुछ. सुमित और मैं साथ ही पढ़ते थे और उसका घर हमारे घर से कुछ ही दूरी पर था. वो बस कुछ ही वक़्त पहलेयहां शिफ़्ट हुआ था. कॉलेज का आख़िरी साल था और सुमित ने भी मेरे ही कॉलेज में एडमिशन ले किया था. आते-जातेपहले आंखें मिलीं और फिर साथ पढ़ते-पढ़ते दोस्ती हो गई. 

Pahla Affair

सुमित काफ़ी समझदार था और मैं उसकी इसी समझदारी की क़ायल थी. मैंने उसे अपने दिल की बात कहने में देर नहींलगाई और उसने भी अपनी भावनाओं का इज़हार कर दिया. पढ़ाई पूरी हुई और घर में मेरी शादी की बातें भी होने लगीं. एक रोज़ पापा ने ऐलान कर दिया कि लड़केवाले आ रहे हैं देखने. मैं घबरा गई और भागकर सुमित के पास गई. उसेबताया तो उसने कहा कि मैं घरवालों को बता दूं और कल वो भी आकर पापा से बात करेगा. 

Pahla Affair

मैंने हिम्मत जुटाकर मम्मी-पापा को अपने प्यार का सच बता दिया. पापा ने भी कहा ठीक है सुमित को आने दो कल, तभीबात करेंगे पर फ़िलहाल जो लोग देखने आ रहे हैं उस पर ध्यान दो.

लड़केवाले तो आकर चले गए पर मुझे कल का इंतज़ार था. सुमित आया और पापा ने मुझे भी बुलाया. पापा बोले- मुझेलव मैरिज से कोई प्रॉब्लम नहीं है, ये सुन मैं एक पल को खुश हो गई, पर पापा की आगे की बातें सुन मैंने उम्मीद छोड़ दी. 

Pahla Affair

“सुमित अगर तुम हमारे समाज के होते तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होती क्योंकि तुम होनहार हो, समझदार हो लेकिन मैंअपने समाज के विरुद्ध जाकर रचना की शादी नहीं कर सकता. मुझे भी नाते-रिश्तेदारों को जवाब देना है. मैं तुम दोनों कोभ्रम में नहीं रखना चाहता इसलिए साफ़-साफ़ कह दिया.”

मेरे सारे सपने बिखरते नज़र आए मुझे… रात के एक बज रहे थे… “अरे रचना, इतनी रात तुम मेरे यहां? सब ठीक तो है?” 

“सुमित चलो भाग चलते हैं, हम अपने प्यार को ऐसे हारते देख नहीं सकते. शादी कर लेंगे तो पापा ज़रूर माफ़ कर देंगे.”

Pahla Affair

“रचना, मैं अपने प्यार को ऐसे कलंकित नहीं कर सकता, यूं चोरी-छिपे शादी करना ठीक नहीं, तुम्हारे घरवालों की औरतुम्हारी भी बदनामी होगी. मैं तुम्हें बदनाम कैसे कर सकता हूं, सिर्फ़ अपने स्वार्थ के लिए? प्यार का अर्थ पाना ही नहीं होताबल्कि खोना भी होता है. मुझे उम्मीद है तुम हमारे प्यार की लाज रखोगी और अपनी शादी को दिल से निभाओगी! मेरीख़ातिर… चलो तुम्हें घर छोड़ दूं.”

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मैं आंसुओं के सैलाब में डूब गई और चुपचाप शादी भी कर ली. पापा ने विदाई के समय कहा था, “मुझे माफ़ कर देनाबेटा, मैं कायर निकला!”

मेरे पति अरुण काफ़ी अच्छे और नेकदिल थे, लेकिन सुमित की कमी हमेशा ही खली! 

“अरे रचना, इनसे मिलो, ये सुमित हैं, कुछ ही दिन पहले इनका यहां ट्रांसफ़र हुआ है.”

मेरे पति ने सुमित से मिलवाया और मैं बीते वक्त से वर्तमान में लौट आई. 

मौक़ा पाते ही मैंने सुमित से उसका नंबर ले लिया. हिम्मत जुटाकर फ़ोन लगाया. हालचाल पूछा, पत्नी-परिवार के बारे मेंपूछा.

“रचना, मैंने शादी नहीं की. किसी और से शादी करके मैं उसके साथ अन्याय नहीं करना चाहता था. मेरा प्यार तो तुम होऔर हमेशा रहोगी.”

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मैं समय निकालकर सुमित के घर जा पहुंची… “रचना तुम्हें इस तरह नहीं आना चाहिए था, किसी को पता चलेगा तोतुम्हारे लिए परेशानी हो जाएगी”

“मैं खुद को रोक नहीं पाई और अब जब हम एक ही शहर में हैं तो मिल तो सकते ही हैं ना…”

ख़ैर कुछ देर रुककर मैं घर लौट आई. ऐसा लगा ज़िंदगी फिर मुझे सुमित के क़रीब रहने का मौक़ा देना चाहती है… 

पर एक दिन अरुण ने आकर बताया कि कल उनके ऑफ़िस में सुमित की फेयरवेल पार्टी है, उसने दूसरे शहर में दूसरी कंपनी जॉइन कर ली है. 

मैंने सुमित को ग़ुस्से में फ़ोन करके पूछा, तो उसने कहा, “जो वक़्त बीत गया उसको लौटाने की कोशिश मत करो वरनासब बर्बाद हो जाएगा. तुम्हारा घर-परिवार-शादी! मैं पहले की ही तरह अपने प्यार को कलंकित नहीं कर सकता, मैंने अपनेप्यार को हर पल जिया, तुमको हमेशा अपने क़रीब महसूस किया, मेरे लिए तो यही काफ़ी है, मैंने तुमको खोकर अपनेप्यार को मुकम्मल किया, भले ही हम साथ ना रह पाए हों, पर खोना भी प्यार का हिस्सा होता है, तुम ख़ुश रहना और हमारेप्यार को कलंकित मत होने देना कभी भी.”

Pahla Affair

मैंने फिर एक बार सुमित को खो दिया था पर इस बार भी वो मुझे प्यार करना और प्यार की इज़्ज़त बनाए रखना सिखागया था. प्यार में सब कुछ जायज़ नहीं होता, प्यार की भी हदें और सरहदें होती हैं और उन हदों में रहकर अपने प्यार कोनिभाना भी बहुत बड़ी बात है. यह आसान नहीं, लेकिन सुमित ने वाक़ई मुझे प्यार करना और निभाना सिखाया, थैंक यूसुमित!

  • पिंकी शर्मा 

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रिश्तों का दूसरा नाम सच्चाई और ईमानदारी है और ऐसे में अगर हम यह कहेंगे कि झूठ बोलने से आपके रिश्ते मज़बूत हो सकते हैं तो आपको लगेगा ग़लत सलाह से रहे हैं, लेकिन यहां हम ऐसे झूठ की बात कर रहे हैं जिनसे किसी का नुक़सान नहीं होगा बल्कि सुनने वालों को ये झूठ बेहद पसंद आएगा. 

  • अगर आपकी पत्नी आपसे पूछती है कि क्या मैं पहले से मोटी हो गई हूं तो भले ही यह सच हो कि उनका वज़न बढ़ा हो पर आप कह सकते हैं कि बिल्कुल नहीं, तुम मोटी नहीं हेल्दी हो और पहले से ज़्यादा ख़ूबसूरत लगती हो.
  • इसी तरह अगर आपकी पत्नी पूछे कि यह रंग मुझपर कैसा लग रहा है तो अगर आप कहेंगे कि अच्छा नहीं लग रहामत पहनो तो उनको चिढ़ होगी, बेहतर होगा आप कहें यह तो खूब फब रहा है लेकिन अगर इसकी जगह ये वालापहनोगी तो और भी हसीन लगोगी.
  • अगर पति ने कुछ बनाकर खिलाने की कोशिश की है और स्वाद उतना अच्छा नहीं बन सका तो भी आप ज़रूर कहेंकि कोशिश तो क़ाबिले तारीफ़ है, अगली बार इसमें थोड़ा सा ये मसाला भी ट्राई करना तो टेस्ट कुछ अलग होगा.
  • अगर आपको पति का फ़ोन पर ज़ोर ज़ोर से बात करना नहीं भाता तो सीधे आवाज़ कम करने या यह कहने के कि कितना ज़ोर से बोलते हो, यह कहें- तुम्हारी धीमी आवाज़ बेहद हस्की और सेक्सी साउंड करती है, फिर देखिए अगली बार से वो खुद ही धीमा बोलेंगे.
  • अगर आपको पति का किसी काम में हस्तक्षेप पसंद नहीं या उनके काम करने का तरीक़ा आपको पसंद नहीं तो यहना कहें कि तुम्हें नहीं आता तो मत करो, बल्कि यह कहें कि तुमने पहले ही इतनी मदद कर दी, तो अब यह काम मुझेकरने दो या कहें कि तुम वो वाला काम कर दो क्योंकि वो तुम मुझसे बेहतर करोगे और मैं यह कर लेती हूं… या आप यह भी कह सकती हैं कि तुम थक गए होगे तो तुम आराम कर लो बाक़ी मैं संभाल लेती हूं.
  • अगर पतिदेव की तोंद निकल गई हो तो उनको ताना ना दें और ना ही उनके किसी दोस्त से उनकी तुलना करें बल्किकहें कि कुछ दिन मैं डायटिंग करने की सोच रही हूं अगर आप भी साथ देंगे तो मुझे मोटिवेशन मिलेगा, इसलिए प्लीज़ मुझे फिट होने में मेरी मदद करो और मैं फिट रहूंगी तो आपको भी तो अच्छा लगेगा ना. 
  • इसी तरह अगर पति को लगे कि पत्नी को डायटिंग की ज़रूरत है तो किसी पड़ोसन का उदाहरण देने से बेहतर है किआप कहें कि मेरे कपड़े थोड़े टाइट हो रहे हैं इसलिए सुबह जॉगिंग करने की और डायटिंग की सोच रहा है लेकिन तुम्हें मेरा साथ देना होगा.
Happy And Strong Relationship
  • कभी कभी एक दूसरे की झूठी तारीफ़ में क़सीदे कस दिया करें इससे आप दोनों को ही अच्छा लगेगा. 
  • सिर्फ़ पार्टनर ही नहीं, बाक़ी घरवालों के साथ भी थोड़ा बहुत अच्छावाला झूठ बोलने में हर्ज़ नहीं, इससे उन्हें बेहतरफ़ील होगा जिससे वो खुश रहेंगे और रिश्ते भी मज़बूत होंगे.
  • अगर पतिदेव बच्चों की तरफ़ ज़्यादा ध्यान नहीं देते या ज़िम्मेदारी से बचते हैं तो उनसे कहें कि बच्चे अक्सर बोलते हैंकि मुमकिन आपको तो कुछ नहीं आता, पापा ज़्यादा इंटेलीजेंट लगते हैं, इसलिए कल से हम उनसे ही पढ़ेंगे, ऐसाकहने से पतिदेव बच्चों के प्रति ज़िम्मेदारी ज़्यादा ख़ुशी से निभाएंगे और इससे बच्चों के साथ उनकी बॉन्डिंग भी स्ट्रॉंगहोगी. साथ ही आपका एक काम कम हो जाएगा.
  • अगर आपकी पत्नी और आपकी मां की बनती नहि तो पत्नी से कहें कि मां अक्सर तुम्हारे काम और खाने की तारीफ़करती हैं, मां कहती हैं कि बेचारी दिनभर काम में लगी रहती है, थोड़ा भी आराम नहीं मिलता उसको और मैं भी कुछना कुछ बोलती ही रहती हूं लेकिन वो सब सह लेती है. 
  • इसी तरह अपनी मां को भी कहें कि आपकी बहू अक्सर कहती है कि काश मैं भी मम्मी जैसा टेस्टी खाना बना पाती, उनके हाथों में जो स्वाद है वो मेरे में नहीं, वो हर काम सलीके से करती हैं. ऐसी बातों से दोनों के मन में एक दूसरे केप्रति सकारात्मक भाव जागेगा और कड़वाहट दूर होगी.
  • अगर पत्नी को लगता है कि पति और पत्नी के घरवालों की ज़्यादा नहीं बनती तो पत्नी जब भी मायके से आए तोकहे कि मम्मी-पापा हमेशा कहते हैं कि दामाद के रूप में उन्हें बेटा मिल गया है, कितना नेक है, बेटी को खुश रखताहै और किसी तरह की कोई तकलीफ़ नहीं देता वरना आज के ज़माने में कहां मिलते हैं ऐसे लड़के.
  • दूसरी तरफ़ अपने मायकेवालों से कहें आप कि वो हमेशा हमारे घर के संस्कारों की तारीफ़ करते हैं कि तुम्हारे मम्मीपापा ने इतने अच्छे संस्कार दिए हैं कि तुमने मेरा पूरा घर इतने अच्छे से संभाल लिया. इन सबसे आप सभी के बीचतनाव काम और प्यार ज़्यादा बढ़ेगा.
  • इसके अलावा एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि शादी के शुरुआती दौर में कभी भी अपने डार्क सीक्रेट्स किसी सेभी शेयर ना करें, अपने अफ़ेयर्स या फैंटसीज़ आदि के बारे में पार्टनर को जोश जोश में बता ना दें. बाद में भी भले हीआप दोनों में अटूट विश्वास हो पर ये बातें कभी साझा ना करें. पार्टनर भले ही अलग अलग तरीक़ों से पूछने कीकोशिश भी करे तब भी यहां आपके द्वारा बोला गया झूठ आपके रिश्ते को बिगड़ने से बचा सकता है!
  • पिंकु शर्मा

मेकर्स ने हाल ही में क़ुबूल है शो 2 का फ़र्स्ट लुक रिलीज़ कर दिया है जिसे देखने को फैंस बेहद उतावले थे. शो के बंद होने पर सभी निराश थे, क्योंकि क़ुबूल है शो में सुरभि ज्योति और करण सिंह ग्रोवर की केमिस्ट्री को सभी ने बहुत पसंद किया था और लोग इन्हें फिर से साथ देखना चाहते थे.

शो में सुरभि ने ज़ोया और करण ने असद का किरदार किया था जो लोगों के बीच काफ़ी पॉप्युलर हुए थे. इसीलिए जैसे ही क़ुबूल है 2 की घोषणा हुई थी फैंस तभी से इंतज़ार में थे कि कब वो सुरभि और करण के रोमांस को देख सकेंगे. शो के फ़र्स्ट लुक को सुरभि ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है और ट्विटर पर भी यह ट्रेंड करने लगा.

Qubool Hai 2.0

शो की शूटिंग के लिए स्टार्स सर्बिया गए हुए थे और सुरभि तो अक्सर वहां से अपनी पिक्स शेयर करती रहती हैं और साथ ही फैंस के साथ वो इंटरैक्ट भी करती हैं, फनी गेम्स खेलती हैं और अपने इक्स्पिरीयन्स भी शेयर करती हैं. वहां की ठंड का भी लुत्फ़ लेते हुए एक्ट्रेस अक्सर नज़र आई. ऐसे में शो के फ़र्स्ट लुक से फैंस ख़ासे उत्साहित हैं.

Surbhi Jyoti
Surbhi Jyoti
Surbhi Jyoti
Surbhi Jyoti
Surbhi Jyoti

Photo Courtesy: Instagram/Twitter

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रिश्ते जीने का संबल, जीने का सबब, एक सहारा या यूं कहें कि एक साथ… रिश्तों को शब्दों के दायरे में परिभाषित नहींकिया जा सकता, उन्हें तो सिर्फ़ भावनाओं में महसूस किया जा सकता है. लेकिन बात आजकल के रिश्तों की करें तो उनमेंना भावनायें होती हैं और ना ही ताउम्र साथ निभाने का माद्दा, क्योंकि आज रिश्ते ज़रूरतों और स्वार्थ पर निर्भर हो चुके हैं. यही वजह है कि रिश्तों में बेहिसाब बोझ बढ़ते जा रहे हैं और हर रिश्ता बोझिल होता जा रहा है. ऐसे में इनके करणों को जानना बेहद ज़रूरी है.

सबसे पहले जानते हैं रिश्तों में आख़िर बोझ क्यों है? 

  • रिश्तों में बोझ होने की सबसे बड़ी वजह है कि रिश्ते अब दिल से नहीं जुड़े हुए हैं.
  • रिश्ते मजबूरी बन चुके हैं. 
  • रिश्तों में स्वार्थ सबसे ऊपर हो चुका है.
  • रिश्ते भावनाविहीन हो रहे हैं.
  • मशीनी हो रहे हैं एहसास.
  • संवेदना ग़ायब हो रही है.
  • हम से ज़्यादा मैं की सोच हावी हो रही है.
Relationship Problems

किस तरह के बोझ हैं और क्यों बोझिल हो गए हैं रिश्ते? 

  • ज़िम्मेदारी का बोझ: लोग ज़िम्मेदारियों से डरने लगे हैं और इन्हें निभाने से कतराते हैं. इन्हें लेने से बचते हैं. हर किसीको लगता है कि वो अपनी ज़िम्मेदारी किसी और को दे दे और खुद सिर्फ़ अपने लिए जिए. जहां इस तरह की सोचपनपने लगती है वहां रिश्ते बोझिल ही लगते हैं.
  • कमिटमेंट का बोझ: लोग कमिटमेंट से बचना चाहते हैं क्योंकि वो खुद नहीं जानते कि इन रिश्तों को वो कब तकनिभा सकेंगे और ना जाने कब वो रस्ता बदल दें. लोगों का स्वार्थ इस हद तक बढ़ चुका है कि वो वही रिश्ते निभानाचाहते हैं जिन रिश्तों से उन्हें किसी तरह का कोई फायदा हो. अगर पार्टनर से कोई फायदा होता नज़र नहीं आता तोवो उसको छोड़ दूसरे का दामन थामने से भी नहीं कतराते. इसी तरह अगर माता-पिता, भाई-बहन से भी लगाव नहीं हैतो वो भी उन्हें बोझ लगने लगते हैं और वो उनसे भी दूरी बनाने लगते हैं.
  • पैसों का बोझ: आर्थिक तंगी भी रिश्तों में बोझ बढ़ाती है और इस वजह से रिश्ते और बोझिल लगने लगते हैं. पैसासबकी ज़रूरत है और पैसों की तंगी से रिश्तों में भी मनमुटाव होने लगते हैं. तनाव बढ़ता है और सारे रिश्ते बोझिल हीलगने लगते हैं.
  • करियर का बोझ: कॉम्पटीशन के इस दौर में करियर को ऊपर ले जाना, वर्क और होम लाइफ को बैलेंस करनाआसान नहीं. जो लोग ऐसा नहीं कर पाते उनके रिश्तों में बोझ बढ़ता जाता है.
  • समाजिक दबाव का बोझ: हम जिस समाज में रहते हैं वहां समाज और आस पास के लोगों के बारे में कुछ ज़्यादा हीसोचा जाता है. ऐसे में हम चाहकर भी अपने मन का नहीं कर पाते क्योंकि हर बात और हर निर्णय पर हमको यहीसमझाया जाता है कि हमारे समाज में ऐसा नहीं चलता या फिर लोग क्या कहेंगे. इस तरह के माहौल में ज़ाहिर हैदम घुटता है और हर बात बोझिल ही लगती है.
  • स्टेटस का बोझ: आज की तारीख़ में कुछ हो ना हो स्टेटस होना बहुत ज़रूरी है. और जबसे सोशल मीडिया कीहमारी लाइफ़ में एंट्री हुई है तबसे तो यह बोझ बढ़ता ही जा रहा है. हर कोई इसी होड़ में रहता है कि हमारी लाइफ़कितनी कूल है, दूसरों को दिखाने के लिए अब हर चीज़ होती है. ब्रांडेड मोबाइल से लेकर हर बात का सेलिब्रेशनजैसे बस दिखावे की चीज़ ही बनकर रह गई. हर वक़्त खुश और हैपनिंग लाइफ़ का टैग लेकर घूमना आज कीसबसे बड़ी ज़रूरत बन गई. ये तमाम चीज़ें रियल लाइफ़ रिश्तों को खोखला बनाती हैं और आप उन्हें भूलकरडिजिटल रिश्तों की नक़ली दुनिया में खोते चले जाते हैं.
  • खुश दिखने का बोझ: आप खुश हों या ना हों लेकिन आज की तारीख़ में आपका खुश दिखना ज़रूरी है, क्योंकिकिसी को फ़ुर्सत भी नहीं आपके दुखों को जानने और समझने की. ऐसे में मन ही मन में घुटने के बाद भी आपको ढोंगकरना पड़ता है कि आप की ज़िंदगी बेहद हसीन है.
Relationship Problems

रिश्तों में बोझ को बढ़ाते हैं यह पहलू

  • पार्टनर या अन्य सदस्य जब साथ ना दें और सारी ज़िम्मेदारी किसी एक पर आ जाए.
  • ज़िम्मेदारी निभाने के बावजूद तारीफ़ या सहयोग ना मिले.
  • अपना दांव कुछ भूलकर भी अपने रिश्तों को सब कुछ देने के बाद भी किसी का सहयोग ना मिले.
  • अर्थिक रूप से आत्मनिर्भर ना होने पर भी बहुत कुछ बर्दाश्त करना पड़ता है जिससे रिश्तों में बोझ बढ़ता है.
  • अपनों से ही सम्मान ना मिलने पर भी बहुत कुछ बदल जाता है.
  • आपको निर्णय लेने की आज़ादी ना हो या आपकी राय को अहमियत ही ना दी जाए तब भी बोझिल लगता है हररिश्ता.
Relationship Problems

क्या किया जाए कि रिश्ते बोझिल ना लगें

  • बात करें: कम्यूनिकेट करना किसी भी रिश्ते के लिए सबसे ज़रूरी और सबसे अहम् है. बात ना करना किसी भीसमस्या का समाधान नहीं. इससे परेशानी और बढ़ेगी. बेहतर होगा कि आपसी बात चीत से मन का बोझ हल्का करें, अपनी परेशानियों को अपनो से साझा करें. उनकी परेशानियों को जाने. 
  • स्वार्थी ना बनें: रिश्तों में सिर्फ़ अपने बारे में नहीं सोचा जाता, रिश्तों का मतलब ही है एकजुट होकर सबके लिएसोचना. स्वार्थ की भावना भले ही आपको कुछ समय के लिए ख़ुशी दे देगी लेकिन आगे चलकर आप एकदम अकेलेपड़ जायेंगे. स्वार्थ छोड़कर देखें, आपको अपने रिश्ते ही इतने प्यारे लगेंगे कि बोझ अपने आप हल्का लगने लगेगा.
  • शेयर करें: शेयरिंग की भावना से रिश्ते गहरे और मज़बूत बनते हैं. सुख-दुःख हो, कामयाबी या असफलता सब कुछशेयर करें. इससे आपकी ख़ुशियाँ और हौसला दोनों बढ़ेंगे और रिश्ते बोझ कम संबल अधिक लगेंगे.
  • जिम्मेदारियाँ साझा करें: ज़िम्मेदारियों से भागने की बजाए उन्हें साझा करें. रिश्तों में सबकी जिम्मेदारियाँ बनती हैंऔर जो कुछ भी निभाना होता है मिलकर ही बेहतर तरीक़े से निभाया जा सकता है. सामने से खुद आगे बढ़कर कहेंकि यह काम मुझ पर छोड़ दें, फिर देखिए रिश्तों से बोझ अपने आप कम होगा और रिश्ते बोझिल नहीं प्यारे लगेंगे.
  • काम बांट लें: घर या बाहर दोनों जगह का काम बांट लें. सब मिलकर करेंगे तो ज़िंदगी और रिश्ते दोनों आसान लगनेलगेंगे. जो काम आप बेहतर कर पायें वो आप लें और दूसरों को भी उनकी क्षमता के अनुसार काम दें.
  • आर्थिक ज़िम्मेदारी भी बांटे: रिश्तों में ज़रूरी है कि आर्थिक ज़िम्मेदारियों का भी बंटवारा हो. आप अगर यह सोचरखेंगे कि मैं अपने पैसे बचा लूं और सामने वाला ही अकेला खर्च करे तो यह सही नहीं. आपको कुछ ख़र्चों कीज़िम्मेदारी खुद ब खुद ख़ुशी ख़ुशी लेनी चाहिए. इससे अपनापन बढ़ेगा और रिश्ते बोझ नहीं लगेंगे.
Relationship Tips
  • दिल को खोल लें: दिल को खुला रखें ताकि ज़िंदगी जी खोल के जी सकें. अगर आपको किसी चीज़ की कमी भीहोगी तो अपनों के साथ वो कमी महसूस नहीं होगी. चाहे पैसों की कमी हो या सुविधाओं की अगर अपने साथ हैं तोज़िंदगी की राह आसान हो जाती है. अगर आप अपने रिश्तों का ख़याल रखेंगे तो बुरे समय में रिश्ते आपका ख़यालरखेंगे.
  • अपनी सोच बदलें, फ़ायदे-नुक़सान के तराज़ू में रिश्तों को ना तोलें: रिश्तों में कभी भी फ़ायदा या नुक़सान की सोचके साथ आगे नहीं बढ़ा जा सकता. रिश्तों को सिर्फ़ प्यार से ही सींचा जा सकता है वर्ना हर रिश्ता बोझ ही लगेगा. किसने क्या किया इस सोच से ऊपर उठकर यह सोचें कि अपनों को कैसे और क़रीब लाया जाए.
  • चीट ना करें, सबको सम्मान दें: सम्मान देंगे तो सम्मान मिलेगा. चीटिंग की रिश्तों में कोई जगह नहीं होती. पार्टनर कोधोखा ना दें. घर में भी सबकी राय को महत्व दें. सबसे राय लें. किसी को कम ना आंके. कई बार एक बच्चा भी बड़ीसे बड़ी समस्या का आसान रास्ता सुझा देता है.
  • ईगो ना रखें: अहंकार हर रिश्ते को मिटा देता है. अपनों से भला कैसा ईगो? खुद को सर्वश्रेष्ठ और दूसरों को मूर्खसमझने की गलती ना करें. आप अकेले रहेंगे तो बोझ बढ़ेगा, बेहतर है सबको साथ लेकर चलें. नकारात्मक सोचऔर भावनाओं को त्याग दें.

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“आई एम सॉरी” आप जितनी आसानी से ये शब्द अपने पार्टनर को कह देती हैं, क्या वो भी उतनी ही सजहता से आपसे माफ़ी मांग लेते हैं? शायद नहीं. कुछ अपवादों को छोड़ दें, तो आमतौर पर पुरुष अपनी ग़लती के लिए माफ़ी मांगना ख़ासकर पार्टनर से, अपनी तौहीन समझते हैं. उनके लिए ‘सॉरी’ शब्द बेहद मुश्किल होता है. आख़िर इसकी क्या वजह है? आइए, जानते हैं.

Guys Never Say Sorry

मेल ईगो
पुरुषों के माफ़ी मांगने से कतराने की सबसे बड़ी वजह है मेल ईगो यानी उनका अहंकार. इसी अहंकार की वजह से ये जानते हुए भी कि वो ग़लत हैं, पार्टनर से माफ़ी नहीं मांगतें. ऐसे लोगों के लिए उनका ग़ुरूर हमसफ़र की भावनाओं से ज़्यादा अहमियत रखता है. वो अपने पार्टनर का दिल तो दुखा सकते हैं लेकिन सॉरी बोलकर अपने मेल ईगो को हर्ट नहीं कर सकते. ज़्यादातर महिलाएं भी इस बात से सहमत हैं. एक मीडिया ग्रुप से जुड़ी मीनाक्षी कहती हैं “पुरुषों के माफ़ी न मांगने की एकमात्र वजह मेल ईगो ही है, उन्हें लगता है पत्नी से माफ़ी मांगने से उनका क़द छोटा हो जाएगा.” विशेषज्ञों की भी कुछ ऐसी ही राय है उनके मुताबिक “पुरुषों को लगता है माफ़ी मांगने से उनकी शान घट जाएगी.”

कमज़ोरी की निशानी
साइकोलॉजिस्ट डॉ. हरीश शेट्टी के मुताबिक “पुरुष माफ़ी मांगने को कमज़ोरी की निशानी समझते हैं. उन्हें लगता है कि अगर वो पत्नी से माफ़ी मांगेगे तो वो उन्हें कमज़ोर समझने लगेगी, उसे लगेगा कि पति परिवार की ज़िम्मेदारी उठाने के क़ाबिल नहीं है.” इसलिए माफ़ी मांगकर वो ख़ुद को पार्टनर की नज़रों में गिराना नहीं चाहतें.

मैं ग़लत नहीं हो सकता
पुरुषों का अपनी ग़लती न मानने वाला रवैया भी उन्हें माफ़ी मांगने से रोकता है. दरअसल, माफ़ी मांगने से उनकी ग़लती साबित हो जाएगी और पुरुष ख़ासतौर से किसी महिला के सामने कभी ग़लत साबित होना नहीं चाहतें. डॉ. शेट्टी भी इस बात से सहमत हैं, उनका कहना है “पुरुषों को लगता है कि वो जो कर रहे हैं वही सही है और उन्हें किसी को जवाब देने की ज़रूरत नहीं है.” एक प्रतिष्ठित मीडिया ग्रुप से जुड़ी शिवानी का कहना है कि “पढ़े-लिखे होने के बावजूद मेरे पति बहुत डॉमिनेटिंग हैं, अगर कभी उनसे कोई ग़लती हो जाए, तो सॉरी बोलना दो दूर की बात है, वो अपनी ग़लती मानते तक नहीं हैं.”

सॉरी बोलने की बजाय जताना
कुछ पुरुष सॉरी कहने की बजाय माफ़ी मांगने का दूसरा तरीक़ा अख़्तियार करते हैं, जैसे- पार्टनर को फूल, ज्वेलरी, चॉकलेट या कोई और गिफ़्ट देकर अपनी माफ़ी मांगने की भावना व्यक्त करते हैं. इतना ही नहीं, कई बार वो पार्टनर का ज़्यादा ख़्याल रखकर भी अपनी ये भावना ज़ाहिर करते हैं. दिलचस्प बात तो ये है कि महिलाओं को भी पुरुषों का बिना बोले माफ़ी मांगने का ये अंदाज़ पसंद आता है, बिना कहे ही वो उनकी भावनाओं को समझ जाती है.

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Guys Never Say Sorry

अस्वीकृति का डर
कुछ पुरुष पार्टनर द्वारा अस्वीकार किए जाने के डर से माफ़ी नहीं मांगते. उन्हें लगता है कि माफ़ी मांगने से कहीं कोई नकारात्मक स्थिति न उत्पन्न हो जाए, इसी डर से वो भावनाओं की उधेड़बुन में उलझे रहते हैं और तय नहीं कर पाते कि माफ़ी मांगू या नहीं? माफ़ी मांगने के बाद शायद हालात उनके पक्ष में न रहें. इसी डर से वो ये निश्चित नहीं कर पाते कि कब और कैसे पार्टनर को सॉरी कहें. डॉ. शेट्टी के मुताबिक “पुरुषों को इस बात का भी डर रहता है कि कहीं माफ़ी मांगने के बाद पत्नी उन्हें एक्सप्लॉइट न करे.”

सामना करने से बचना
कुछ पुरुषों के माफ़ी न मांगने की एक वजह उनकी पार्टनर भी होती है. कई बार महिलाएं पार्टनर के माफ़ी मांगने पर उन्हें माफ़ करने की बजाय सबक सिखाने के इरादे से बहस या लड़ाई-झगड़ा करने लगती है, ऐसे में पार्टनर अगली बार माफ़ी मांगने से पहले सौ बार सोचता है. उसे डर रहता है कि सॉरी बोलने पर फिर कहीं कोई बहस न शुरु हो जाए.

रूढ़ीवादी विचारधारा
साइकोलॉजिस्ट डॉ. हरीश शेट्टी के मुताबिक “पुरुष अपने जिस ईगो या अहंकार की वजह से महिलाओं से माफ़ी मांगने से झिझकते हैं, उसकी एक वजह पुरुष प्रधान समाज वाली विधारधारा है. जिस वजह से उन्हें लगता है कि माफ़ी मांगना उनकी मर्यादा के ख़िलाफ़ है.” हालांकि अब हालात बदलने लगे हैं, बावजूद इसके कहीं न कहीं मेल डोमिनेटिंग वाली सोच उभर ही आती है. अगर लड़के परेशान या दुखी होकर रोते हैं, तो माता-पिता तुरंत कह देते हैं ‘क्या लड़कियों की तरह रो रहे हो’, इस तरह कहने से उनके ज़ेहन में ये बात बैठ जाती है कि लड़कियां कमज़ोर होती हैं और किसी कमज़ोर से भला वो माफ़ी कैसे मांग सकते हैं.

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Guys Say Sorry

बदल रही है मानसिकता
वक़्त के साथ-साथ समाज और पुरुषों की मानसिकता में भी बदलाव आया है. आज के युवाओं को अपनी पार्टनर से माफ़ी मांगने में कोई शर्म या झिझक महसूस नहीं होती. एक रिक्रूटमेंट एजेंसी चलाने वाले धीरज सिंह का कहना है “मैं तो हर छोटी ग़लती के लिए अपनी पत्नी से सॉरी बोल देता हूं, कभी-कभी तो वो मेरे सॉरी से ही परेशान हो जाती है. मुझे लगता है अगर आप अपने पार्टनर से प्यार करते हो, तो सॉरी बोलने में भला कैसी शर्म.” धीरज की ही तरह एक न्यूज़ एजेंसी से जुड़े शैलेंद्र को भी लगता है कि पार्टनर से बेझिझक सॉरी बोल देना चाहिए. कुछ ऐसी ही राय एक प्रतिष्ठित कंपनी में बतौर बिज़नेस डेवलपमेंट मैनेजर काम कर रहे सुशील सिंह की भी है, लेकिन वो साथ ही ये भी मानते हैं कि सॉरी बोलने में कहीं न कहीं पुरुषों का मेल ईगो आड़े आता है.

Pahla Affair

पहला अफेयर: तुम कभी तो मिलोगे (Pahla Affair: Tum Kabhi To Miloge)

आज फिर मेघों से रिमझिम वर्षा रूपी नेह बरस रहा है. दूर-दूर तक मेरी प्रिय तन्हाई पसरी हुई है. एकाएक रेडियो पर बज रहे गीत पर ध्यान चला गया-
छोटी-सी ये दुनिया पहचाने रास्ते, तुम कहीं तो मिलोगे, कभी तो मिलोगे..

मेरा दिल यूं ही भर आया. कितने साल गुज़र गए आपसे बिछड़े हुए, पर मेरा पागलपन आज भी आपके साथ गुज़ारे उन सुखद पलों की अनमोल स्मृतियां संजोए हुए है.

अल्हड़ उम्र के वो सुनहरे भावुक दिन… चांदनी रात में जागना, अपनी ही बनाई ख़यालों की दुनिया में खो जाना, यही सब कुछ अच्छा लगता था तब. शरत्चंद,विमल-मित्र, शिवानी आदि के उपन्यासों को प़ढ़ना तब ज़रूरी शौक़ों में शामिल थे. को-एज्युकेशन के बावजूद अपने अंतर्मुखी स्वभाव के कारण मैं क्लास में बहुत कम बोलती थी.

उन दिनों कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे थे. आप तब मेरे पास आए थे और एक फ़िल्मी गीत के दूसरे अन्तरे को पूरा करने का आग्रह किया था. उसी गीत को गाने पर आपको प्रथम पुरस्कार मिला था. मेरे बधाई देने पर आपने कितनी आसानी से कह दिया था कि यह गीत तो मैंने तुम्हारे लिए ही गाया था. उसके बाद तो मैं आपसे नज़रें चुराती ही फिरती थी. लेकिन अक्सर ऐसा लगता जैसे आपकी ख़ामोश निगाहें हमेशा मेरा पीछा करती रहती हैं.

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फिर परीक्षा के दिनों में जब मुझे एकाएक बुखार हो गया था, तो आपने बिना परीक्षा की चिंता किए मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया था और मेरे माता-पिता के आने तक मेरी पूरी देखभाल की थी.

और जाड़ों में जब हमारी पिकनिक गई थी और मुझे आपके स्कूटर पर पीछे बैठना पड़ा था, उस दिन आपकी पीठ की ओर उन्मुख हो, मैंने जी भर कर बातें की थीं. हम पिकनिक स्पॉट पर सबसे देर से पहुंचे थे, आपका वाहन उस दिन चींटी की ऱफ़्तार से जो चल रहा था.

लेकिन तभी आपके चिकित्सक पिता की विदेश में नियुक्ति हुई और आपका परिवार विदेश चला गया. आपने अपनी मां से आपको यहीं छोड़ने के लिए बहुत अनुरोध भी किया, लेकिन आपका प्रयास असफल रहा. अपने मां-बाप के सामने अपनी पसंद ज़ाहिर करने की आपकी उस व़क़्त न उम्र थी न हालात. और आप अनेक सुनहरे सपने मेरी झोली में डाल सात समंदर पार के राजकुमार बन गए. कुछ वर्षों तक आपके स्नेहिल पत्र मुझे ढा़ंढस बंधाते रहे. फिर एकाएक इस छोटी-सी दुनिया की विशाल भीड़ में आप न जाने कहां खो गये. आपके परिवार की भी कोई खोज-ख़बर नहीं मिली. उन दिनों गल्फ वार (खाड़ी युद्ध) चल रहा था. अनेक प्रवासी-भारतीय गुमनामी के अंधेरे में खो
चुके थे.

मैं अपने प्यार की अजर-अमर सुधियों की शीतल छांव तले जीवन गुज़ारती रही. मुझे ऐसा रोग हो चुका है जिसको प्रवीण चिकित्सक भी समझ पाने में असमर्थ हैं. मुझे अटूट विश्‍वास है कि मेरे जीवन के मंदिर की लौ बुझने से पहले आप ज़रूर मिलेंगे और आपका उजला, हंसता- मुस्कुराता चेहरा ही मेरे जीवन के इंतज़ार को सार्थक बनाएगा. मेरे जीवन का सार बच्चन जी की इन पंक्तियों में है-

स्वागत के साथ ही विदा की होती देखी तैयारी
बंद लगी होने खुलते ही मेरी जीवन मधुशाला

– डॉ. महिमा श्रीवास्तव

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Pahla Affair

पहला अफेयर: काश, तुम समझे होते (Pahla Affair: Kash Tum Samjhe Hote)

कभी-कभी अचानक कहे शब्द ज़िंदगी के मायने बदल देते हैं. इसका एहसास पहली बार मुझे तब हुआ जब अचानक एक दिन आदित्य को अपने सामने मेरे जवाब के इंतज़ार में खड़े पाया. मेरी हालत देखकर बोला, ङ्गङ्घदया, ऑफ़िस से जाने के पूर्व सारी औपचारिकताएं होते-होते एक-दो दिन तो लग ही जाएंगे, जाने से पहले तुम्हारा जवाब सुनना चाहता हूं.फफ कहने के साथ वह मुड़ा और मेरे मन-मस्तिष्क में झंझावत पैदा कर गया.

वो तो चला गया, लेकिन मेरी आंखों के सामने वह दृश्य दौड़ गया, जब एक दिन ऑफ़िस में अंतर्जातीय विवाह को लेकर हो रही चर्चा के दौरान मैंने भी घोषणा कर दी थी कि यूं तो मेरे घर में अंतर्जातीय विवाह के लिए सख़्त मनाही है, लेकिन मैं घरवालों के विरुद्ध जा सकती हूं, बशर्ते लड़का क्लास वन ऑफ़िसर हो.

मुझे सपने में भी इस बात का गुमान न था कि आदित्य मेरे कहे को इतनी संजीदगी से ले लेगा. यूं तो मुझे इस बात का मन-ही-मन एहसास था कि आदित्य के मन में मेरे लिए एक ख़ास जगह है और सच कहूं तो मैं भी उसके सौम्य, सरल व परिपक्व व्यक्तित्व के चुंबकीय आकर्षण में बंधने लगी थी. लेकिन जैसे ही घरवालों के दृष्टिकोण की याद आती, मैं अपने मन को समझा देती कि हमेशा मनचाही मुराद पूरी नहीं होती. इसीलिए आदित्य की लाख कोशिश के बावजूद मैं उससे एक निश्‍चित दूरी बनाए रखती और बातों के दौरान उसे घरवालों के विरोध से सचेत करती रहती.

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लेकिन होनी को भला कौन टाल सकता था. जब मुझे पता लगा कि उसने ज़ोर-शोर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है तो एक अनजाने भय से मैं कांप उठी. उसकी मेहनत रंग लाई और पी. सी. एस. की परीक्षा को अंतिम रूप से पास कर, जब उसने हाथ मांगा तो मैं एक अजीब-सी उलझन में फंस गई. बड़ी कशमकश में थी मैं- मेरे सामने भावी जीवन का निर्णय पत्र था, उसमें हां या ना की मुहर लगानी थी.

ऑफ़िस वालों से विदा लेने से पूर्व वो मेरे पास आया, लेकिन मेरी आंखों से छलकते आंसुओं ने उसके प्रश्‍न का जवाब स्वयं दे दिया. मैं बहुत कुछ कहना चाह रही थी, पर ज़ुबां साथ नहीं दे रही थी. मेरी ख़ामोशी वो बर्दाश्त न कर सका. आख़िरकार वह छटपटा कर कह उठा, दया, मुझे कमज़ोर मत बनाओ, तुम तो मेरी शक्ति हो. आज मैं जो कुछ भी हूं, स़िर्फ तुम्हारी वजह से हूं. हमेशा ख़ुश रहना. ईश्‍वर करे, कोई दुख तुम्हारे क़रीब भी न फटके. इतना कह कर वह थके क़दमों से बाहर निकल गया. उसे जाते हुए देखती रही मैं. चाहती थी उससे कहना कि जीवन पर सबसे पहले जीवन देनेवाले का अधिकार होता है, इस फलसफे को कैसे झुठला सकती थी. लेकिन कहते हैं ना- कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता कहीं ज़मीं तो कहीं आसमां नहीं मिलता.

आज माता-पिता की इच्छा के फलस्वरूप अपने आशियाने में ख़ुश भी हूं, पर सीने में दबी पहले प्यार की चोट आज भी ये एहसास कराती है कि पहले तोलो, फिर बोलो. आज भी लगता है जैसे पहले प्यार की दस्तक अब भी मन- मस्तिष्क में अपनी गूंज दे रही हो.

– दया हीत

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परछाई बनकर ज़िंदगीभर

तेरे साथ चलने का इरादा है

तोड़कर दुनिया की सारी रस्में-कसमें

तेरे साथ जीने का वादा है…

Happy Pomise Day

आज हर दिल यही जज़्बे का साथ धड़कता है, क्योंकि आज प्रॉमिस डे जो है. मोहब्बत की राह में साथ चलने का वादा और ताउम्र साथ निभाने का इरादा सरगोशियां करने लगता है इश्क़वालों के दिलों में. प्रेम में कसम देना व लेना तो ख़ूब चलता है, लेकिन इससे जुड़े गानों ने भी इसे ख़ूब हवा दी है.

आशिकी में कसम की ख़ास जगह सदा से रही है. चाहनेवालों के लिए प्यार की कसम इबादत होती है. यही झलकियां हिंदी फिल्मों के गानों में भी देखने को मिलती है. प्रॉमिस, कसम, वादा, खुदा की कसम, तेरी कसम, सनम तेरी कसम… जाने कितने ख़ूबसूरत व कर्णप्रिय गीत सुनते रहे हैं हम. अमर अकबर एंथोनी का अमिताभ बच्चन व परवीन बॉबी पर फिल्माया सॉन्ग- देख के तुमको दिल डोला है गॉड प्रॉमिस… हो या फिर राजेश खन्पना और मुमताज पर फिल्माया गया आपकी कसम का गाना- करवटे बदलते रहे सारी रात हम आपकी कसम… ने हर दिल की धड़कन को ख़ूब धड़काया था. खिलाड़ी फिल्म का अक्षय कुमार और आयशा जुल्का के साथ का गीत- वादा रहा सनम होंगे ना जुदा हम… ने भी गाने के कई रिकॉर्ड तोड़े थे. आइए वेलेंटाइन वीक के इस हफ़्ते में आज के दिन यानी प्रॉमिस डे को इन कसमे-वादे से जुड़े बेहतरीन गानों के साथ सेलिब्रेट करें…

https://youtu.be/txJWp_zQwCQ

 

 

 

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