Tag Archives: romance

अर्जुन कपूर ने मलाइका के लिए लिखा लव नोट- शी हैज़ माय हार्ट! (Hot Date Night: She Has My Heart… Arjun Kapoor Goes Romantic With Malaika Arora)

Date Night Photos Of Arjun Kapoor and Malaika Arora

Image Courtesy: Instagram/@arjunkapoor

अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) ने मलाइका (Malaika Arora) के लिए लिखा लव नोट- शी हैज़ माय हार्ट! (Hot Date Night: She Has My Heart… Arjun Kapoor Goes Romantic With Malaika Arora)

अर्जुन और मलाइका (Arjun and Malaika) इन दिनों हॉलीडेज़ पर हैं और उनका इश्क़ भी परवान चढ़ रहा है. अब वो खुलेआम अपने प्यार का इज़हार भी करते हैं और एक-दूसरे को स्पेशल फील करवाते हुए सोशल मीडिया पर भी अपने दिल की बात कहने व प्यार का इज़हार करने से पीछे नहीं हटते. बीती रात अर्जुन ने अपने इंस्टाग्राम पर मलाइका की तस्वीर के साथ लिखा था- शी हैज़ माय हार्ट यानी इनके पास मेरा दिल है. ये बात अलग है कि इस पिक्चर में मलाइका का चेहरा एक बैग के पीछे छिपा हुआ है, लेकिन दूसरी तस्वीर में मलाइका उसी हैंड बैग के साथ नज़र आ रही हैं. इसका मतलब यह है कि बैग के पीछे छिपा चेहरा मलाइका का ही है. और यह तस्वीर अर्जुन और मलाइका की डेट नाइट की है.

इसके अलावा मलाइका की इंस्टाग्राम स्टोरी और पिक्चर्स से भी इस डेट नाइट का खुलासा हो रहा है, जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह काफ़ी हॉट और रोमांटिक रही होगी.

Date Night Photos Of Arjun Kapoor and Malaika Arora

Date Night Photos Of Arjun Kapoor and Malaika Arora

Date Night Photos Of Arjun Kapoor and Malaika Arora

यह भी पढ़ें: सुष्मिता सेन की फोटो पर क्यूट रेस्पॉन्स देने से ख़ुद को नहीं रोक पाए रोहमन… क्या अब भी है प्यार? (Sushmita Sen’s Pic With A Baby Evokes A Cute Response From Rohman)

पहला अफेयर: कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… (Pahla Affair: Kahin Door Main, Kahin Door Tum)

Pyaar Ki Kahaniya

पहला अफेयर: कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… (Pahla Affair: Kahin Door Main, Kahin Door Tum)

प्रेम, प्यार, रोमांस, इश्क़, मुहब्बत… चाहत से लबरेज़ ये शब्द सुनते ही आंखों में अपने आप कई सपने पलने लगते हैं… गालों पर हया की एक लालिमा-सी छा जाती है… मुझे भी इस इश्क़ के रोग ने छू लिया था. 23 साल की थी मैं. नई-नई नौकरी लगी थी. मेरे साथ ही मेरे सहपाठी अभिनव ने भी जॉइन किया था. अभिनव के विभाग में ही उसका एक

शर्मीला-सा दोस्त था पल्लव. अभिनव से मेरा काफ़ी दोस्ताना व्यवहार था, उसी बीच पल्लव का मुझे चुपचाप देखना, आंखें झुकाकर बातें करना और बहुत ही सली़के से व्यवहार करना बेहद भाने लगा था. पल्लव की यही बातें मुझे बार-बार अभिनव के विभाग की ओर जाने को मजबूर कर देती थीं.

आख़िर मेरी क़िस्मत भी रंग लाई और पल्लव का ट्रांसफर मेरे ही विभाग में हो गया. बेहद ख़ुश थी मैं, हद तो तब हो गई, जब हम दोनों को एक ही प्रोजेक्ट पर काम करने का मौक़ा मिला. अब धीरे-धीरे हमें क़रीब आने का मौक़ा मिला. दोस्ती गहरी हुई और फिर ये दोस्ती प्यार में बदल ही गई. पल्लव ने भी अपने प्यार का इज़हार इशारों-इशारों में कर ही दिया. हां, हमने आपस में कोई वादे नहीं किए थे, पर हमारे प्यार को मंज़िल मिलेगी, यह विश्‍वास हम दोनों को ही था.

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: ऐसा प्यार कहां? (Pahla Affair: Aisa Pyar Kahan)

लेकिन नियति पर कब किसी का ज़ोर चला है. मैंने विभागीय परीक्षा दी थी और उसके लिए भी पल्लव ने ही मुझे प्रोत्साहन दिया था. हमने साथ-साथ तैयारी की. दुर्भाग्यवश पल्लव परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाया और मैं पास हो गई थी. विभाग में रिक्त पद होने के कारण मेरा अधिकारी पद पर चयन हो गया था. अगली विभागीय परीक्षा को अभी समय था, मैंने पल्लव का हौसला बढ़ाया, लेकिन अब कार्यक्षेत्र में हमारे बीच दूरी बढ़ गई थी और धीरे-धीरे ये दूरियां हमारे संबंधों में भी बढ़ने लगी थीं. मैंने कई कोशिशें कीं, लेकिन पल्लव के मन में हीनभावना ने घर कर लिया था. वो मुझसे नज़रें चुराने लगा था. दूरी बनाए रखने के प्रयास करने लगा था. कुछ पूछती तो यही कहता कि मैं तुम्हारे लायक ही नहीं.

शायद पल्लव जान-बूझकर मुझसे दूर जाना चाहता था. मेरे सामने दूसरी लड़कियों से बातें करता… मेरा सामना तक नहीं करता था अब वो. मैंने फिर कोशिश की, तो उसने कहा, “मैं चाहता हूं तुम मुझे भूल जाओ, मुझसे घृणा करो, क्योंकि मेरा-तुम्हारा कोई मुक़ाबला नहीं. तुम्हें मुझसे बेहतर जीवनसाथी मिलेगा.”

ख़ैर, घर पर भी मेरी शादी की बातें होने लगी थीं और फिर मैंने भी पल्लव के लिए कोशिशें करनी बंद कर दीं, क्योंकि उसने ख़ुद मुझसे दूर जाने का निर्णय कर लिया था. मेरी शादी हो गई. पति के रूप में बेहद शालीन और प्यार करनेवाला साथी ज़रूर मिला, लेकिन मेरा पहला प्यार तो पल्लव था. कुछ समय बाद पता चला कि पल्लव के पिताजी ने काफ़ी दहेज लेकर एक लड़की से उसकी शादी कर दी. मेरा पहला प्यार दम तोड़ चुका था.

कई वर्षों बाद किसी समारोह में अचानक हमारा आमना-सामना हुआ. साधारण-सी औपचारिक बात के बाद हम दोनों अपनी-अपनी राह
चल दिए…

यूं ही अपने-अपने सफ़र में गुम… कहीं दूर मैं, कहीं दूर तुम… मेरा पहला प्यार स़िर्फ एक छोटे-से मेल ईगो की बलि चढ़ गया था, काश! पल्लव तुमने अपना वो झूठा ईगो छोड़ दिया होता… काश!… लेकिन अब कोई फ़ायदा नहीं यह सोचने का, क्योंकि नियति को यही मंज़ूर था!

– अलका कुलश्रेष्ठ

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: तुम्हारा मुजरिम! (Pahla Affair: Tumhara Mujrim)

पति-पत्नी के रिश्ते में भी ज़रूरी है शिष्टाचार (Etiquette Tips For Happily Married Couples)

मुहब्बत की शबनम का बस एक क़तरा था और प्यास बड़ी… अब चाहत का पूरा समंदर है सामने पर प्यास नहीं… प्यार और विश्‍वास के रिश्ते जितने गहरे होते हैं, उतने ही नाज़ुक भी! ये मुहब्बत, ये रिश्ते और ये चाहतें बनी रहें, इसके लिए ज़रूरी है आपसी सम्मान और संवाद में शालीनता, सहजता और शिष्टता. बेतकल्लुफ़ी को हम भले ही क़रीब होने का इशारा समझें, लेकिन सच तो यह है कि पति-पत्नी के रिश्ते में भी शिष्टाचार ज़रूरी है, वरना रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है.

Etiquette Tips For Couples

सुनने में ये अजीब लगता है कि भला पति-पत्नी के बीच ये शिष्टाचार या मैनर्स जैसी औपचारिकताएं क्यों? लेकिन अगर हम अपने आस-पास नज़र दौड़ाएं, तो यही पाएंगे कि बहुत-से छोटे-मोटे झगड़े, बहुत-सी उलझनें और आपसी मन-मुटाव इसी वजह से होते हैं, क्योंकि हम आपस में अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल करने लगते हैं या फिर इतने बेतकल्लुफ़ हो जाते हैं कि एक-दूसरें को अनजाने में ही अपमानित करने लगते हैं. ऐसे में कुछ बातों का ख़्याल रखा जाए, तो न स़िर्फ आपका रिश्ता गहरा होगा, बल्कि एक-दूसरे के लिए सम्मान और प्यार भी बढ़ेगा.

– एक-दूसरे की बातों पर ध्यान न देना और अक्सर उन्हें ही अनसुना कर देना बैड मैनर माना जाता है. इससे यह संदेश जाता है कि अपने पार्टनर की बातें या उसके विचार आपके लिए ज़्यादा मायने नहीं रखते. इससे बचें.

– हर बात में टोकना भी धीरे-धीरे रिश्तों में तनाव उत्पन्न कर सकता है. अगर आप पार्टनर की किसी बात से असहमत हैं, तो प्यार से भी उसे दर्शाया जा सकता है.

– आपसी बातचीत में शब्दों का चयन भी बहुत मायने रखता है. सॉरी, थैंक्यू और प्लीज़ जैसे मैजिक वर्ड्स का इस्तेमाल न स़िर्फ गुड मैनर्स को दर्शाता है, बल्कि रिश्ते को मज़बूत भी बनाता है.

– अगर घर पर कोई मेहमान या रिश्तेदार हों,  तो उनके सामने आपसी व्यवहार में सहजता और प्यार झलकना चाहिए.

– एक-दूसरे की मदद करना बेहद ज़रूरी है. आपसी काम में जितना संभव हो, एक-दूसरे की मदद करें और अगर पार्टनर का काम कम नहीं कर सकते, तो उसे बढ़ाने की ग़लती तो बिल्कुल न करें.

– ताने देने से बचेें. मज़ाक करना अलग बात है, लेकिन मज़ाक उड़ाने और ताने देने से रिश्ते प्रभावित होते हैं, क्योंकि इससे आत्मसम्मान को ठेस पहुंच सकती है.

– एक-दूसरे के परिवार को लेकर कोई भी ग़लत बात न करें या छींटाकशी न करें. उनका सम्मान करना सीखें, तभी आप दोनों के बीच भी सम्मान बना रहेगा.

– ग़ुस्से में बात करने से बचें. जब भी आप ग़ुस्से में हों, तो कोशिश करें कि पहले ग़ुस्सा शांत हो जाए, फिर –

– जितना हो सके बहस से बचें, लेकिन अगर बहस हो ही जाए तो अशिष्ट या असभ्य भाषा का प्रयोग न करें. न ही रिश्ते ख़त्म करने की धमकी दें. ग़ुस्से में इस्तेमाल किए गए अपशब्दों का असर भावी जीवन पर पड़ सकता है. इससे यह संदेश जाएगा कि कहीं न कहीं मन में यह विचार दबे हैं, जो बाहर आ गए.

– बदले की भावना मन में न रखें. पिछली बातों  का या पहले हुए किसी अपमान का बदला लेने की भावना मन में न पालें. यह भी अशिष्ट व असभ्य व्यवहार में आता है. जहां प्यार और सम्मान होगा, वहां बदले की भावना होनी ही नहीं चाहिए.

– अक्सर शादी के बाद पार्टनर्स टेबल मैनर्स ज़्यादा फॉलो नहीं करते, लेकिन यह भी मैनरिज़्म का हिस्सा है.

– खाते समय आवाज़ न करें. धीरे-धीरे चबा-चबाकर खाएं और मुंह बंद कर के खाएं.

– खाते वक़्त गंभीर या विवादास्पद मुद्दे पर बात करने से बचें.

– लाइट और अच्छे मूड में खाना खाएं. फ़ोन या पेपर पढ़ते हुए खाना न खाएं.

– फ़ोन मैनर्स का भी ख़्याल रखें. बेवजह एक-दूसरे के मैसेज या मेल्स चेक न करें.

– फ़ोन पर ज़ोर-ज़ोर से बातें न करें.

– अगर पार्टनर के नाम पर कोई लेटर, कुरियर, पार्सल या गिफ़्ट आया है, तो उसे ख़ुद खोलना  ग़लत है. आप अपने पार्टनर के आने का इंतज़ार करें. बिना बताए किसी का पैकट खोलना  शिष्टाचार में नहीं आता.

– समय की पाबंदी भी गुड मैनर्स में आती है. पार्टनर्स आपस में एक-दूसरे को इंतज़ार करवाते वक़्त यह नहीं सोचते कि इसका क्या असर पड़ेगा. लेकिन हर किसी के समय और इंतज़ार की क़ीमत होती है, यह समझना ज़रूरी है.

– स्पेस ज़रूर दें. किसी भी रिश्ते में स्पेस बहुत ज़रूरी है और यह भी मैनर्स का ही हिस्सा है.

– आपस में शेयरिंग और केयरिंग की भावना भी ज़रूरी है. एक-दूसरे को सपोर्ट करें, आपस में कंपीट न करें. कई कपल्स ये भूल जाते हैं कि वो सहभागी और साथी हैं, न कि प्रतियोगी या प्रतिद्वंद्वी. ऐसे में एक-दूसरे की तरक़्क़ी पर वे ख़ुश होने की बजाय ईर्ष्या की भावना मन में पैदा कर लेते हैं.

– किसी एक की क़ामयाबी दूसरे की भी सफलता है, उसे बधाई दें और सेलिब‘ेट करें.

– एक-दूसरे की तारीफ़ ज़रूर करें और समय-समय पर सरप्राइज़ेस भी दें.

– गीता शर्मा

यह भी पढ़ें: क्या आपका बॉयफ्रेंड मैरिज मटेरियल है? (Is Your Boyfriend Marriage Material?)

यह भी पढ़ें: १० रोमांटिक तरीक़ों से पार्टनर को कहें आई लव यू (10 Romantic Ways To Say I Love You)

क्या आपने आज़माए हैं ये 7 सेक्स ड्राइव बूस्टिंग फूड्स? (7 Best Sex Drive Boosting Foods)

सभी जानते और मानते हैं कि सुखी वैवाहिक जीवन का आधार सफल सेक्स लाइफ (Sex Life) है. अगर आपकी सेक्स लाइफ हेल्दी (Healthy) नहीं है, तो आपके वैवाहिक जीवन की नींव भी चरमरा सकती है. ऐसे में बहुत ज़रूरी है कि आप अपने खानपान का ख़्याल रखें, क्योंकि वो तो आपने सुना ही होगा- जैसा खाए अन्न वैसा होए मन. तो ऐसा क्या खाएं कि आपकी सेक्स लाइफ बूस्ट हो जाए. सेक्स लाइफ को बूस्ट करनेवाले सेक्स फूड बूस्टर्स की यहां हमने एक लिस्ट दी है, तो आप भी आज़माएं ये सेक्स पावर फूड्स अपनी सेक्स लाइफ में दोबारा रोमांच जगाएं. 

Boosting Foods For Sex

1. तरबूज़

बहुत से शोधों से यह सिद्ध हुआ है कि तरबूज़ प्राकृतिक वियाग्रा की तरह काम करते हुए सेक्स इच्छा को तेज़ करता है. इसमें लाइकोपीन, बीटा कैरोटीन और सीट्रलाइन जैसे फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो रक्तवाहिकाओं को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं. इसका नियमित सेवन करने से कामेच्छा बढ़ती  है.

2. केला

केला सेक्सुअल हेल्थ के लिए अच्छा होता है. इसमें ब्रोमेलिन नामक एंज़ाइम पाया जाता है, जो कामेच्छा बढ़ाने व सेक्स हार्मोन्स को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, ए और बी 1 पाया जाता है, जो पुरुषों के शरीर में शुक्राणु पैदा करने की क्षमता को बढ़ाता है.

3. हरी सब्ज़ियां

पालक व अन्य हरी सब्ज़ियों में सेक्स बूस्टर तत्व होते हैं. ये पुरुषों में इरेक्शन को लंबे समय तक बनाए रखने में बेहद कारगर होते हैं, क्योंकि इनमें आर्जिनाइन नामक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है और इरेक्शन को बेहतर बनाता है.

4. हरी मिर्च

स्वाद में तीखी हरी मिर्च सेहत के साथ-साथ आपकी सेक्स लाइफ में भी रोमांस का तड़का लगाने में मदद कर सकती है. हरी मिर्च का सेवन करने से पुरुषों के प्राइवेट पार्ट्स के आसपास के अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और कामोत्तेजना बढ़ती है. इसलिए आज ही से अपने डायट में हरी मिर्च को शामिल कर लें.

5. कद्दू के बीज

कद्दू के बीज महिलाओं और पुरुषों दोनों की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए फ़ायदेमंद है. इसमें ज़िंक, कैल्शियम, पोटैशियम और फास्फोरस के साथ-साथ विटामिन सी, बी, डी, ई और के पाए जाते हैं, जो कामेच्छा जागृत करने में मदद करते हैं. ज़िंक पुरुषों के सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन का स्राव व शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए ज़रूरी है.

6. डार्क चॉकलेट

यह कामेच्छा बढ़ाने में मदद करता है. इसमें एल-आर्जिनिन और अमीनो एसिड होता है, जो सेक्स ड्राइव को प्राकृतिक तरी़के से बढ़ाने में मदद करता है.

7. अंडा

यह प्राकृतिक रूप से यौन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है. अंडे में विटामिन बी 5 और बी 6 होते हैं, जो सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इसमें मौजूद प्रोटीन से शारीरिक कमज़ोरी दूर होती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है.

ये उपाय भी आज़माएं
तनावरहित रहें

तनाव हृदयगति को बढ़ा देता है, जिससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है. इसका विपरीत प्रभाव सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है. इससे बचने के लिए तनाव को मन में रखने की बजाय इस बारे में अपने पार्टनर से बात करें. इससे मन का बोझ हल्का होगा और पार्टनर के साथ रिश्ता भी मज़बूत होगा. तनाव घटाने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें.

भरपूर नींद लें

सेक्सुअल ड्राइव बढ़ाने के लिए आठ घंटे की नींद लेना बहुत ज़रूरी है. वज़न नियंत्रित रखेंः मोटापे का सेक्सुअल ड्राइव पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. अतः वज़न नियंत्रण में रखें.

एक्सपेरिमेंट करें

बहुत से कपल्स एक ही तरह के सेक्सुअल पैटर्न को फॉलो करते हैं. रोज़मर्रा की ज़िंदगी की तरह सेक्स में भी एक ही  रूटीन होने से वो बोरिंग व नीरस बन जाता है. अतः रिश्तों में नई ताज़गी और ऊर्जा लाने के लिए सेक्सुअल एक्सपेरिमेंट्स करते रहें.

 

– शिल्पी शर्मा

यह भी पढ़ें: लव बाइट से जुड़ी से 5 दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप (5 Surprising Facts About Love Bites You Didn’t Know)
यह भी पढ़ें: 20 सेक्स फैक्ट्स, जो हर कपल जानना चाहता है (20 Sex Facts Every Couple Must Know)

पहला अफेयर: ऐसा प्यार कहां? (Pahla Affair: Aisa Pyar Kahan)

 Kahani

पहला अफेयर: ऐसा प्यार कहां? (Pahla Affair: Aisa Pyar Kahan)

कहते हैं, जोड़ियां स्वर्ग में ही तय हो जाती हैं. ईश्‍वर सबके लिए एक जीवनसाथी चुनकर भेजते हैं. पर क्या हमारा सच्चा जीवनसाथी वह होता है, जिसके साथ हम अपना पूरा जीवन बिता देते हैं या फिर वह जिसे कभी हमने अपने लिए चुना था और आज भी दिल में उसके लिए एक ख़ास जगह है? विपुलजी से मैं विद्यालय के शिक्षक पद के नियुक्तिवाले दिन मिली थी, जिसमें मेरा चुनाव अंग्रेज़ी और विपुलजी का चुनाव गणित के शिक्षक के रूप में हुआ था.

जेपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए गणित में मैं विपुलजी से मदद लिया करती थी. उनकी कुशाग्र बुद्धि और गणित के प्रति समर्पण ने मुझे उनका दीवाना ना दिया. रोज़ मैं विद्यालय समय से पहले पहुंच जाती और स्टाफ रूम में दरवाज़ के पासवाली कुर्सी पर बैठ उनका इंतज़ार करती.

विपुलजी मेरी भावनाओं को काफ़ी पहले समझ चुके थे. एक दिन सबकी नज़र बचाकर मुझे एक लाल गुलाब थमाकर तेज़ कदमों से वो बाहर निकल गए. मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. अब मेरा ध्यान बच्चों को पढ़ाने में कम और उनकी एक झलक पाने में ज़्यादा लगा रहता.

लेकिन हम अपने प्यार को बाकी शिक्षकों की नज़र से ज़्यादा दिनों तक छिपा नहीं पाए. जब प्रधानाध्यापक को इसकी ख़बर मिली, तो उन्होंने मेरे और विपुलजी समेत सभी शिक्षकों को अपने कमरे में बुलाया और विद्यालय के अध्यापकों द्वारा पालन किए जानेवाले शिष्टाचार के बारे में लंबा-चौड़ा भाषण दिया.

अगले दिन मैं फुफेरी बहन की शादी के लिए एक सप्ताह का अवकाश लेकर चली गई. जब वापस आई, तो पता चला कि विपुलजी दो दिन पहले ही विद्यालय छोड़ चुके हैं.

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: यादों के रंग… (Pahla Affair: Yaadon Ke Rang)

मैं सातवें आसमान से सीधे ज़मीन पर आ गिरी. ऐसा लगा मानो शीतल हवाओं की जगह तेज़ आंधियों ने ले ली है. मैं अगले ही दिन उनके घर गई, तो पता चला कि वो आगे की पढ़ाई के लिए बैंगलुरू चले गए हैं. मैं उनसे बात करना चाहती थी, उन्हें समझाना चाहती थी, पर उन्होंने मुझे एक मौका तक नहीं दिया.

काफ़ी मुश्किल से अपने अंदर उमड़ रहे आंसुओं के सैलाब को रोककर बाहर निकली,तो उनके छोटे भाई ने मुझे एक बंद लिफ़ाफ़ा दिया और कहा कि भैया ने आपको देने के लिए कहा था. इसमें गणित के कुछ फॉर्मूले हैं. मैंने घर जाकर वो लिफ़ाफ़ा खोला, तो उसमें गणित के फॉर्मूलों की एक मोटी कॉपी मिली. मुझे उन पर बहुत गुस्सा आया और मैंने कॉपी एक तरफ़ पटक दी. जैसे ही कॉपी पटकी, उसमें से एक चिट्टी गिरी. वो विपुलजी का ख़त था, जिसमें लिखा था- मेरी प्यारी संचिता, मैं जानता हूं कि तुम्हें मुझ पर गुस्सा आ रहा होगा कि इस तरह बिना कुछ कहे-सुने मैं चला आया, लेकिन तुम भी यह अच्छी तरह जानती हो कि हम दोनों में ही वो हिम्मत नहीं कि हम समाज के बंधनों को तोड़कर शादी कर सकें.

मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से तुम्हारी किसी तरह की बदनामी हो, क्योंकि समाज लड़की के माथे पर लगा हल्का-सा दाग़ भी किसी को भूलने नहीं देता. शायद अब और नहीं लिख पाऊंगा. बस ये समझ लो कि मैं परिस्थितियों को समझते हुए आगे बढ़ने या पीछे हटने में विश्‍वास रखता हूं. उम्मीद है, तुम मुझे समझ पाओगी.

उस समय तो मुझे विपुलजी पर बहुत गुस्सा आया और ख़ुद पर तरस, लेकिन आज समझ गई हूं कि वो सही थे. मैं जो आज इज़्ज़त की ज़िंदगी जी रही हूं, वो विपुलजी की ही दी हुई है. मैं आज अपने पति और बच्चों के साथ ख़ुश हूं और इसमें विपुलजी का बहुत बड़ा त्याग व योगदान है.

– ज्योति प्रसाद

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: मुझे माफ़ कर देना… (Pahla Affair: Mujhe Maaf Kar Dena)

पहला अफेयर: यादों के रंग… (Pahla Affair: Yaadon Ke Rang)

Love Stories
पहला अफेयर: यादों के रंग… (Pahla Affair: Yaadon Ke Rang)

वो उम्र ही लड़कपन की थी, जिनमें कुछ मधुर यादें, सुखद एहसास के क्षण समाये हुए थे, जिसकी याद आज भी मेरे होंठों पर मुस्कुराहट ले आती है. बात उन दिनों की है, जब मेरा कॉलेज ख़त्म हुआ था. छुट्टियां चल रही थीं. पापा ने घर में पेंट करवाने का विचार किया. मेरी होम डेकोरेशन में अच्छी नॉलेज होने के कारण घर को रेनोवेट कराने की ज़िम्मेदारी मुझे दी गई. कलर, पेंट के डिब्बों व ब्रश के साथ मज़दूरों ने घर में काम करना शुरू किया.

सहसा एक आवाज़ सुनाई दी, “एक ग्लास पानी मिलेगा.” एक मधुर-सी आवाज़ कानों में घुल गई. मैं उसे एकटक देखती रह गई. वह शख़्स मेरी ही उम्र का था. बड़ा ही आकर्षक व्यक्तित्व, नीली आंखें. उसका चलना, बैठना, उसकी हर बात मुझे लुभाती. उसकी बड़ी पलकें विशेषकर उसकी नीली आंखें मुझे उसकी ओर खींच ले गईं. फिर तो न जाने चाय-पानी के बहाने मैं उस कमरे में कितनी बार ही चक्कर लगा आती, जहां वह अपना काम कर रहा था. जब वह ब्रश चला रहा होता, मैं ख़ामोश-सी उसे देखती रहती.

धीरे-धीरे मेरी दीवानगी एक तरफ़ा प्यार में कब बदली, मैं जान भी न सकी. कई बार मैंने अपने आपको मन ही मन डांटा भी था कि एक पेंट करनेवाले मज़दूर के प्रति इतना आकर्षण क्यों? पर न जाने क्या था, मैं चाहकर भी रुक नहीं पाती. उसकी उन नीली आंखों में न जाने कैसी कशिश थी कि मैं डूबती ही चली गई. पहले-पहले तो वो सकुचाया-सा रहता, फिर धीरे-धीरे बात करने लगा था. उसकी बोलती आंखें दिल में नए ख़्वाब जगातीं. जब भी वह दिखाई नहीं देता, मैं बेचैन हो उठती. उस दिन वो काम पर नहीं आया था. वह प्रतियोगी परीक्षा देने गया है, इसकी जानकारी पेंट करनेवाले मज़दूरों के हेड ने दी.

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: ख़ूबसूरत बहाना..(Pahla Affair: Khoobsurat Bahana)

तो जनाब पढ़ते भी हैं. “क्या लाल-पीले रंगों के बीच काले अक्षर समझ में आते हैं?” अगले दिन जब मैंने पूछा, तो तुरंत जवाब मिला, “क्यों नहीं.’ काले अक्षर ही नहीं, मैं बहुत-सी बातें भी समझता हूं.” तो क्या वह मेरे अंदर उमड़ती भावनाओं को भी समझता है? घर की पेंटिंग का काम लगभग पूरा हो चुका था. मेरा दिल ज़ोरों से धड़कने लगा कि अब मैं तो उसे नहीं देख पाऊंगी. जाते व़क्त उसने मुझे एक काग़ज़ की पर्ची दी, जिस पर लिखा था…‘ प्यार अपने आप में एक अनोखा एहसास है. ये वो अफ़साना है जो ख़ुद-ब-ख़ुद बयां होता है. यह जीवन का सबसे प्यारा समय है.

आप बहुत अच्छी हैं. कोई व्यक्ति आप से प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सकता, पर आज की हक़ीक़त यही है कि हमारे बीच बहुत-से फासले हैं… परिवार के, जाति के, अमीरी-ग़रीबी के, जिनसे पार पाना नामुमकिन है. ज़िम्मेदारियों से लदा मेरा व्यक्तित्व है. मैं चाहकर भी तुम्हारी मंज़िल नहीं बन सकता.’ मेरा पहला प्यार, जिसकी क़िस्मत में अधूरा रहना लिखा था, अधूरा ही रह गया.

वो चला गया हमेशा के लिए. मैं उसे भीगी आंखों से देखती रह गई थी. न रोक सकती थी, न ही किसी से कुछ कह सकती थी. जिस सच्चाई से वह रू-ब-रू कराकर गया था, उसे तो मैं भी नहीं बदल सकती थी. मैं जिस आसमान में उड़ रही थी, वहां से उतरकर ज़मीन पर आ गई. व़क्त रुकता नहीं, ज़िंदगी थमती नहीं. ये वो मुक़ाम नहीं था, जहां मैं ठहर जाती. पर उसकी नीली आंखें जब-जब मेरे ज़ेहन में याद बनकर उमड़तीं, तो मेरी आंखें सजल हो जातीं. बड़ी बेनूर थी ये रूह मेरी, तुम्हारे आने से पहले, तुम्हारी यादों की कशिश ने रंग भर दिए इसमें ज़िंदगी के. अब तक ख़ामोश पड़ा था दिल का आंगन, तुम्हारी आहटों की ख़ुशबू ने इसमें मुहब्बत के फूल खिला दिए. लफ़्ज़ों को जैसे वजह मिल गई बोलने की. यही मेरा जहां है, यही मेरी कहानी.

– शोभा रानी गोयल

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: काला खट्टा (Pahla Affair: Kaala Khatta)

सेक्सुअल पावर बढ़ाने की अमेज़िंग किचन रेमेडीज़ (Amazing Kitchen Remedies To Increase Sexual Stamina)

How to Increase Sexual Stamina

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए सेक्स लाइफ का हेल्दी होना बहुत ज़रूरी है. यदि किन्हीं कारणों से आपकी सेक्सुअल लाइफ में पहले जैसी गर्माहट नहीं रह गई, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. किचन में मौजूद आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थोंं की मदद से आप अपनी बेजान सेक्स लाइफ में नई ऊर्जा का संचार कर सकते हैं.

How to Increase Sexual Stamina

–     सेब न सिर्फ़ हमें बीमारियों से बचाता है, बल्कि शहद के साथ सेब का सेवन करने से कामेच्छा जागृत होती है. इसके लिए एक सेब को छीलकर काट लें और मिक्सी में ब्लेंड करें. इसमें 1 टीस्पून शहद, 3-4 बूंद गुलाबजल, चुटकीभर केसर, चुटकीभर जायफल और चुटकीभर इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इस सेक्स टॉनिक को खाना खाने के आधा घंटे बाद लें और इसे लेने के बाद चार घंटे तक दूध, दही या मछली का सेवन न करें.

–     आंवला में पर्याप्त मात्रा में आयरन, ज़िंक और विटामिन सी पाया जाता है, जो न स़िर्फ सेहत के लिए फ़ायदेमंद होता है, बल्कि कामोत्तेजना बढ़ाने में भी मदद करता है. दो टेबलस्पून आंवले के रस में एक टीस्पून सूखे आंवले का पाउडर व एक टेबलस्पून शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार खाएं. इस नुस्ख़े केइस्तेमाल से आपका और आपके पार्टनर दोनों का सेक्स पावर धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा.

–     कामेच्छा बढ़ाने में बादाम भी बेहद फ़ायदेमंद होता है. बादाम को दूध में मिलाकर नियमित सेवन करें. इसके लिए 10 बादाम को रात में पानी में भिगो दें. सुबह छीलकर खाएं या बादाम का दूध बनाकर पीएं. दूध बनाने के लिए भिगोए हुए बादाम को छील लें. एक कप दूध में छिले हुए बादाम, चुटकीभर केसर, चुटकीभर जायफल, स्वादानुसार शक्कर मिलाकर मिक्सी में ब्लेंड करें.

–     लो सेक्स ड्राइव के मामले में खजूर का सेवन करने से फ़ायदा होता है. इसके लिए 10 ताज़े खजूर को एक कटोरी घी में भिगो दें. इसमें एक टीस्पून सोंठ पाउडर, आधा टीस्पून इलायची पाउडर और चुटकीभर केसर मिलाएं. इस मिश्रण को जार में डालें और जार का मुंह ढंककर किसी गर्म स्थान पर 12 दिन के लिए रख दें. रोज़ाना सुबह इस मिश्रण का सेवन करें.

–     प्याज़ और लहसुन कामेच्छा बढ़ाने में प्रभावी हैं. एक टेबलस्पून प्याज़ के रस में एक टीस्पून लहसुन का रस मिलाएं. इस मिश्रण को रोज़ाना खाली पेट शहद के साथ पीएं.

–     यौन रोग, स्वप्नदोष, सेक्स डिज़ायर में कमी, शीघ्रपतन, कमज़ोरी, थकान… आदि किसी भी तरह की सेक्सुअल समस्या को दूर करने के लिए स़फेद प्याज़ बेहद कारगर होता है. 10 मिलीग्राम स़फेद प्याज़ के रस में उतनी ही मात्रा में  शहद, अदरक का रस और घी मिलाकर रोज़ाना पीने से कामेच्छा बढ़ती है.

यह भी पढ़ें: सेक्स लाइफ का राशि कनेक्शन (What Does Your Zodiac Sign Say About Your Sex Life?)

How to Increase Sexual Stamina

–     सेक्सुअल पावर बढ़ाने में कालीमिर्चवाला दूध बहुत लाभकारी होता है. इसके लिए एक ग्लास गर्म दूध में एक चौथाई टीस्पून कालीमिर्च पाउडर मिलाकर सोने से पहले पीएं. इससे शारीरिक शक्ति बढ़ेगी और आप व आपके पति सेक्स को ज़्यादा समय तक एंजॉय कर पाएंगे.

–     यौन शक्ति बढ़ाने में जायफल बेहद असरकारी होता है. रोज़ सुबह पानी के साथ एक ग्राम जायफल पाउडर का सेवन करें. इससे काफ़ी फ़ायदा होगा.

–     अजवायन भी सेक्स इच्छा बढ़ाने में मदद करती है. दरअसल अजवायन में एंड्रोस्टेरोन होता है, जो एक तरह  का सेक्स हार्मोन है. इसलिए इसके इस्तेमाल से कामेच्छा जागती है.

–     सेक्स पावर बढ़ाना हो, तो सुबह-शाम दूध के साथ दो ग्राम दालचीनी पाउडर का सेवन करें.

–     उड़द की दाल का इस्तेमाल यौन शक्ति के लिए किया जाता है. आधा टेबलस्पून  उड़द की दाल को कौंच के साथ पीसकर सुबह-शाम लेने से सेक्स पावर बढ़ता है.

–     30 ग्राम काली किशमिश को 200 मिलीलीटर दूध में उबालकर रोज़ाना सुबह-शाम सेवन करने से शारीरिक शक्ति के साथ-साथ कामेच्छा में भी वृद्धि होगी.

–    सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाने में गाजर बेहद कारगर है. इसके लिए 150 ग्राम गाजर को बारीक़ काट लें. इसमें आधा उबला हुआ अंडा और एक टेबलस्पून शहद मिलाकर रोज़ाना दिन में एक बार खाएं.

– शिल्पी शर्मा

यह भी पढ़ें: कितना फ़ायदेमंद है हस्तमैथुन? (Health Benefits Of Masturbation)

यह भी पढ़ें: जानें सुबह के वक़्त सेक्स के 5 फ़ायदे (5 Health Benefits Of Morning Sex)

पहला अफेयर: ख़ूबसूरत बहाना..(Pahla Affair: Khoobsurat Bahana)

Pahla Affair

पहला अफेयर: ख़ूबसूरत बहाना… (Pahla Affair: Khoobsurat Bahana)

बैंक में मेरी छवि एक शर्मीले स्वभाव वाले अफसर की थी. अपने केबिन में एकांत में अकाउंट के आंकड़ों में उलझे रहना ही मुझे भाता था. घर पर भी मैं कम ही बोलता था. मेरी अंतर्मुखी प्रवृत्ति देख भाभी अक्सर कहतीं, “देवरजी ऐसे अकेले-अकेले मौनी बाबा बनकर रहोगे, तो कौन तुम्हें अपनी लड़की देगा? संन्यासी बनने का इरादा है क्या?”

मैं भी हर बार की तरह हंसकर यही कहता, “क्या करूं भाभी लड़कियों के सामने बड़ा ही संकोच होता है.”

कुछ दिनों बाद दिवाली थी. भइया-भाभी ने मुझे दीदी को लाने उनकी ससुराल भेज दिया. दीदी की ससुराल में काफ़ी आवभगत हुई. खाना खाने के दौरान ही एक मधुर आवाज़ कानों में पड़ी, “आप तो कुछ खा ही नहीं रहे, एक रोटी और लीजिए ना.” मैंने देखा तो दीदी की ननद मानिंदी हौले-हौले मुस्कुरा रही थी. उसकी सौम्य मुस्कुराहट में न जाने क्या बात थी, मैं उसे देखता ही रह गया. आंखें मिलीं और मेरे दिल में पहली बार अजीब-सी हलचल हुई. अब मैं मानिंदी की एक झलक पाने को ही बेताब रहता. उसकी खिलखिलाती हंसी और उसकी मासूमियत में अजीब-सी कशिश थी.

मैं कुछ-कुछ समझने लगा था कि शायद इसी को प्यार कहते हैं और अब मैं भी इसकी गिरफ़्त में आ चुका हूं. एक दिन मैं पानी पीने के बहाने डायनिंग रूम में आया. मानिंदी फिल्मी पत्रिका पढ़ते-पढ़ते कुछ गुनगुना रही थी, “होशवालों को ख़बर क्या, बेख़ुदी क्या चीज़ है…” दीदी ने उसे छेड़ा, “मेरा भाई है ही इतना प्यारा कि उसे देखकर लड़कियां अपने होश खो बढ़ती हैं… बस थोड़ा शर्माता है, उसे इश्क़ करना सिखाना पड़ेगा.”

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: कैसा तेरा प्यार…? (Pahla Affair: Kaisa Tera Pyar)

“धत् भाभी…” कहते हुए शर्माकर वह भागी और सीधे आकर मुझसे ही टकरा गई. फिर आंखें चार हुईं और उसके गालों पर हया की सुर्ख़ी उतर आई. वो फिर भागी, मैं हिरणी-सी भागती मानिंदी को देखता ही रह गया. उसकी चंचलता, चपलता और अल्हड़पन पर मैं मर मिटा.

इतने में ही दीदी ने बताया कि कल मुंबई की टिकट कंफर्म हो गई. यह सुनकर तो मैं जिसे आसमान से सीधे ज़मीन पर गिर पड़ा. मेरे होश ठिकाने आ गए थे. मानिंदी ने उदास होकर दीदी से पूछा, “भाभी आप कल चली जाएंगी?” पर न जाने क्यों मुझे ऐसा लगा जैसे उसे मेरा विरह सता रहा है. मुझे रातभर नींद नहीं आई. करवट बदलते-बदलते न जाने कब सुबह हो गई. जीजाजी और उनके परिवारवाले हमें विदा कर रहे थे. मानिंदी दूर खड़ी जुदाई की पीड़ा झेल रही थी. उसकी आंखों में साफ़ नज़र आ रहा था.

रास्ते में दीदी ने न जाने क्यों अचानक पूछा, “मानिंदी के बारे में क्या ख़्याल है?” मैं चुप ही रहा, शायद दीदी को हमारे मौन प्रेम की भनक लग चुकी थी. घर पहुंचकर भइया ने दीदी से पूछा, “सफ़र कैसा रहा?” दीदी ने मुस्कुराकर कहा, “प्रदीप से ही पूछ लो.” भाभी भी किचन से आकर बोलीं, “क्या बात है देवरजी, बदले-बदले से सरकार नज़र आ रहे हैं.” मुझे तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि यह सब क्या चल रहा है. कुछ समझ पाता इससे पहले ही दीदी ने तपाक से जवाब दिया, “बात ही कुछ ऐसी है. प्रोजेक्ट मानिंदी सफल रहा, “भइया भी फ़ौरन बोले, “तो बात चलाई जाए?”

अब मैं सब समझ चुका था कि ये सब भइया-भाभी की ही मिलीभगत थी. दीदी के ससुराल भेजना तो स़िर्फ एक बहाना था. लेकिन मुझे कोई गिला नहीं, यह बहाना इतना हसीं थी कि मुझे मेरी ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत मक़सद मिल गया था. मेरा पहला प्यार, मेरी प्यारी मानिंदी, जो कुछ ही दिनों में मेरी जीवन संगिनी भी बननेवाली थी!

– प्रदीप मेहता

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: हरसिंगार के फूल (Pahla Affair: Harsingar Ke Phool)

१० रोमांटिक तरीक़ों से पार्टनर को कहें आई लव यू (10 Romantic Ways To Say I Love You)

प्यार (Love)… किसी के लिए महबूब के साथ ज़िंदगी बिताने का ख़याल है, तो किसी के लिए उसके ख़याल में सारी ज़िंदगी गुज़ार देना. कोई प्यार में जीना चाहता है तो कोई जान तक निसार कर देता है. जनाब प्यार का एहसास ही कुछ ऐसा होता है. एक पल में दुनिया बदल जाती है… बदली हुई फ़िज़ां..बदली हुई रुत… बदला हुआ समा…और तो और चेहरे की रंगत भी… एक गुलाबी निखार… जो बता देता है कि आख़िर आपको प्यार हो ही गया है. लेकिन स़िर्फ प्यार होने से कुछ नहीं होता, माना कि उनसे नज़रें मिलते ही आपका दिल तेज़ी से ध़़ड़कने लगता है, पलकें झुक जाती हैं और चेहरे पर गुलाबी सुर्खी छा जाती है, लेकनि जिससे प्यार हुआ है उससे इसका इज़हार करना भी तो ज़रूरी है, क्योंकि आई लव यू (I Love You) कहना कोई आसान काम नहीं. चलिए, हम आपको बता देते हैं कि प्यार का इज़हार कैसे किया जाए.

Ways To Say I Love You

‘मैं तुम्हें प्यार करता हूं’ मात्र एक वाक्य भी बनकर रह सकता है, अगर उसे सही ढंग से कहना न आए तो! प्यार का इज़हार करने के अनगिनत तरी़के हो सकते हैं. अपने प्रिय से अपनी भावनाओं का इज़हार करते समय कभी भी शब्दों को लेकर न तो कोई कंजूसी करें, न ही स्वयं को सीमित रखें. आपके लिए आपका साथी, आपकी प्रेमिका कितनी ख़ास है, यह जतलाना न स़िर्फ रिश्तों में एक जुड़ाव पैदा करेगा, वरन् इससे जीवन में रोमांस भी बढ़ेगा और त्वचा की रंगत भी… जी हां क्योंकि ये प्यार ही तो है जो चेहरे को सुर्ख गुलाबी निखार देता है.

कुछ यूं कहें दिल की बात-

1. अपने साथी के लिए एक रोमांटिक कविता लिखें. इस बात की चिंता न करें कि उसमें शब्दों और रिद्म का मेल है या नहीं. उसमें ख़ास बात यह है कि उसे आपने लिखा है और वह आपके प्यार की सच्ची अभिव्यक्ति है.

2. आजकल मोबाइल पर एसएमएस के चलन ने प्यार के इज़हार को और भी आसान बना दिया है. अपने साथी को रोमांटिक मैसेज भेजें. हो सकता है यह आपको प्रैक्टिकल न लगे, लेकिन रिश्तों में ख़ुशबू तभी बिखरती है जब फूल खिलाएं जाएं.

3. ये ज़रूरी नहीं कि एक बार प्यार का इज़हार होने के बाद जब रिश्ता जुड़ जाए, पति-पत्नी बन जाएं तो तो फिर आई लव यू कहने की ज़रूरत ही नहीं होती. माना कि आप दोनों के बीच प्यार है, लेकिन समय-समय पर इसे जतलाना भी ज़रूरी है. माना कि हम मुहब्बत का इज़हार नहीं करते. इसका मतलब ये तो नहीं कि हम प्यार नहीं करते. यह बात प्रैक्टिकली लागू नहीं होती.

4. बेशक आप दिन-रात एक ही छत के नीचे गुज़ारते हों, लेकिन कुछ शामें घर से बाहर यह जानने के लिए गुज़ारें कि आपके प्यार की पसंद और आदतें क्या हैं. हर तरह की उलझनों और ज़िम्मेदारियों को कुछ समय के लिए झटक कर उनके साथ एक गुलाबी शाम गुज़ारें यानी उन्हें किसी रेस्तरां या क्लब में जाएं. उसकी आंखों में झांकें और उसके मनपसंद खाने का ऑर्डर देते हुए उसके नखरे उठाएं.

5. आते-जाते यों ही उसे छू लें, बालों पर हाथ फेर दें, आंखों से इशारे करें. शर्म के मारे उनका चेहरा गुलाबी न हो जाए तो कहना.

यह भी पढ़ें: इन 10 तरीक़ों से महिलाएं करती हैं फ्लर्ट (10 Smart Techniques Of Women Flirting)

Romantic Ways To Say I Love You

6. आप एक दिन के लिए किसी होटल में भी अपने साथी के लिए कमरा बुक करा उसे स्पा या मसाज का मज़ा लूटने का मौक़ा दे सकते हैं. कुछ घंटे टब में स्नान करते हुए बिताएं.

7. रोमांटिक फ़िल्म देखने जाएं. उन लम्हों को साथ जीएं. साथ में घर में बैठकर रोमांटिक गाने सुनें. अगर आप दोनों पढ़ने के शौक़ीन हैं, तो एक दोपहर कोई कविता की क़िताब पढ़ते हुए गुज़ारें. ह़फ़्ते में एक दिन तो कम-से-कम उनकी पसंद के फूलों जैसे- रजनीगंधा या गुलाब का बुके अवश्य लाएं, फिर देखिए उनके चेहरे पर कैसे गुलाबों-सा निखार आ जाता है.

8. अक्सर सुनने में आता है कि शादी के कुछ सालों बाद प्यार ख़त्म हो जाता है, पर सच तो यह है कि पति-पत्नी टेक इट फॉर द ग्रांटेड की तर्ज़ पर जीने के आदी हो जाते हैं. बस थोड़ा-सा नयापन, थोड़ा-सा चुलबुलापन उनकी ज़िंदगी में फिर शुरुआती दिनों का प्यार वापस ला सकता है. जगह-जगह जैसे तकिए के नीचे, ऑफ़िस बैग में, लंच बॉक्स, शर्ट की पॉकेट में ‘आई लव यू’ की स्लिप रख दें. यह बचकानापन नहीं है. इन्हें पढ़ तो नाराज़ साथी भी खिल उठेगा.

9. उसे कहें कि ‘तुम जैसे हो मैं तुम्हें उसी रूप में चाहता हूं.’,  ‘तुम्हारा साथ मुझे ख़ुशी देता है.’,  ‘तुम्हारा मेरी ज़िंदगी में आना, मेरी ख़ुशक़िस्मती है.’

ये शब्द प्यार की डोर को और मज़बूत करते हैं. कॉम्पिलमेंट देना प्यार के बंधन को मज़बूत करता है. वह चाहे रोज़ अच्छा दिखता हो, लेकिन फिर भी रोज़ उसकी प्रशंसा करना न भूलें. अगर आलोचना भी करनी हो, तो यह जताएं कि आप ऐसा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि आपको और संवारना-निखारना चाहते हैं. क्या इससे बेहतर कोई और तरीक़ा हो सकता है प्यार करने का?

10. प्यार का इज़हार करने में स्पर्श भी एक अहम् भूमिका निभाता है. अपने साथी के साथ बैठकर उसका हाथ पकड़ें, उसे अपने सीने से लगाएं या साथ चलते हुए हाथ थाम लेना प्यार को व्यक्त करने का सबसे सहज तरीक़ा है. स्पर्श बिना कहे भी बहुत कुछ कहने की ताक़त रखता है. आपकी छुअन प्यार ही तो है और अपने प्यार का एहसास आपको उनकी हसीं गुाबी रंगत से साफ़ झलकता नज़र आएगा. – आप जिसे प्यार करते हैं, उसके साथ अधिक-से-अधिक समय बिताने की कोशिश करें. जैसे- उसके साथ कभी-कभार डेटिंग पर जाएं, लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाएं या फिर शॉपिंग करें. अपने साथी को कुछ ऐसी चीज़ें दें, जो उसे अपने ख़ास होने का एहसास कराए और आपके रोमांटिक होने का भी. प्यार स़िर्फ ख़ूबसूरत एहसास ही नहीं, बल्कि जीने की ज़रूरत भी है. यह मन को स्वस्थ रखता है तभी तो चेहरे पर गुलाबी निखार आता है और आप रहती हैं हमेशा
जवां-जवां…

– संजीव

यह भी पढ़ें: कैसे जीतें पति का दिल? (How To Win Your Husband’s Heart?)

यह भी पढ़ें: किस राशिवाले किससे करें विवाह? (Perfect Life Partner According To Your Zodiac Sign)

पहला अफेयर: कैसा तेरा प्यार…? (Pahla Affair: Kaisa Tera Pyar)

Pyar Ki Kahani

पहला अफेयर: कैसा तेरा प्यार…? (Pahla Affair: Kaisa Tera Pyar)

वो नज़रों से प्यार करना तेरा, पर प्यार के साथ-साथ हर बात पर तक़रार करना तेरा… तेरी शरारतों से ही नहीं, तेरी बदतमीज़ियों से भी इश्क़-सा हो गया था मुझे. हसीन था मुहब्बत का वो मंज़र. चाहत से लबरेज़ वो दिन-रात… सब बेहद ख़ुशगवार था. लेकिन कहीं न कहीं कुछ तो कमी थी… मैं भी जानती थी, तुम भी जानते थे कि हम चाहते हुए भी अभी दो से एक नहीं हो सकते… हमें इंतज़ार करना होगा. वजह! न तुम्हारे पास कोई जॉब था, न ऐसा बैकग्राउंड कि हमारे परिवारवाले तैयार हो सकें. तुमने अपनी एजुकेशन भी तो पूरी नहीं की थी… उस पर तुम्हारा ज़िंदगी को जीने का अलग ही अंदाज़. बेपरवाह-सा रवैया…

“मैं न बीते कल में विश्‍वास करता हूं, न आनेवाले कल की कल्पना… मैं आज में, यथार्थ में जीता हूं और आज का सच यही है कि हम साथ हैं. फ्यूचर किसने देखा है… क्या पता कल क्या हो? उसके लिए हम आज को नहीं खो सकते…”

रौशन ये तुम्हारा नज़रिया हो सकता है, पर मेरा नहीं. मुझे फिक्र होती है आनेवाले कल की. हमारे रिश्ते के भविष्य की…

“स्मिता, तुम प्यार करती हो न मुझसे, तो कुछ न कुछ हो ही जाएगा. बस तुम साथ मत छोड़ना, वरना टूट जाऊंगा मैं… ”

पर कहीं न कहीं तो मैं टूटती जा रही थी… तुम स़िर्फ बातें ही करते हो… न कुछ करने की कोशिश है, न किसी बात को गंभीरता से लेते हो. अपने तरी़के से हर चीज़ करनी है, अपनी मर्ज़ी से ही बात करनी है… अजीब रवैया था यह.

शायद जो बदतमीज़ियां पहले मुझे तुम्हारी ओर आकर्षित करती थीं, वही अब मुझे तुमसे दूर करती जा रही थीं… हर रोज़, हर पल मन में सवाल, दुविधाएं बढ़ रही थीं… क्या तुम्हारी ज़िंदगी में और भी है कोई? क्या तुम मुझे लेकर गंभीर ही नहीं… क्या तुम स़िर्फ अपना व़क्त गुज़ार रहे हो… पता नहीं क्या-क्या और किस-किस तरह के ख़्याल!

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: धुंध के पार (Pahla Affair: Dhundh Ke Paar)

उस पर गौरव ने इस दुविधा को और बढ़ा दिया… “स्मिता मैं तुम्हारा अच्छा दोस्त हूं, तुम्हारा बुरा तो नहीं चाहूंगा, तुमने आख़िर उस रौशन में क्या देखा? वो किसी भी तरह से तुम्हारे लायक नहीं, वो स़िर्फ टाइमपास कर रहा है. क्यों अपना व़क्त, अपनी ज़िंदगी उसके पीछे बर्बाद कर रही हो. तुम जैसी न जाने कितनी होंगी उसकी लाइफ में. वैसे भी तुम कहती हो न कि दिनभर ऑनलाइन रहता है… क्या कभी तुमने पूछा है कि किससे बात करता है? क्या बात करता है? क्यों बात करता है? होश में आओ… ”

गौरव की बातों पर गंभीरता से ग़ौर किया, तो लगा सच तो कह रहा है. रौशन की तरफ़ से मुझे कभी यह महसूस नहीं हुआ कि उसे बहुत ज़्यादा मेरी ज़रूरत है अपनी ज़िंदगी में, शायद मैं अकेले ही, अपनी तरफ़ से इस रिश्ते को निभाए जा रही थी.

ज़रूरी नहीं कि हर समय भावनाओं में बहकर ही निर्णय लिए जाएं, कभी-कभी बहुत ज़रूरी होता है अपने स्वाभिमान के लिए कठोर निर्णय लेकर आगे बढ़ा जाए. वरना ज़िंदगी वहीं उलझकर रह जाएगी.

मैंने रौशन से बात की… “हम कब शादी करेंगे?”

“अरे स्मिता, बस थोड़ा इंतज़ार करो. जिस दिन तुम्हारे लायक हो जाऊंगा, बारात लेकर सीधे तुम्हारे घर आऊंगा…”

“…लेकिन तुम कोशिश करोगे, तभी तो किसी लायक बनोगे. तुम तो इसी ज़िंदगी में ख़ुश हो. तुमको लग रहा है, जो जैसा चल रहा है, चलने दिया जाए.”

“हां, तो इस ज़िंदगी में भी क्या बुरा है…”

तुम जिस तरह से हल्के अंदाज़ में जवाब दे रहे थे, मैं समझ गई थी कि गौरव कहीं न कहीं सही था अपनी जगह… ज़रूरी नहीं कि असल ज़िंदगी में आपको फिल्मी हीरो की तरह परफेक्ट पार्टनर ही मिले, हम अक्सर धोखा खा जाते हैं. लोगों को पहचानने में. अगर ग़लती हो गई, तो बेहतर है समय रहते उसे सुधार लिया जाए. शायद मुझसे भी ग़लती हुई थी रौशन को पहचानने में. इस ग़लती को सुधारना ज़रूरी थी.

मैंने उसे मैसेज किया- तुम मेरी ज़िंदगी का अहम् हिस्सा हो, पर मुझे कभी यह महसूस क्यों नहीं हुआ कि मैं भी तुम्हारी ज़िंदगी में उतनी ही अहमियत रखती हूं?

मेरे दोस्त, यहां तक कि मेरे घरवाले भी जानते हैं हमारे रिश्ते के बारे में, लेकिन मुझे आजतक न तुम्हारे दोस्तों के बारे में पता है, न घरवालों के बारे में… और तुम बड़ी-बड़ी बातें करते हो… मुझे नहीं लगता हमारा रिश्ता आगे बढ़ सकता है…
मुझे लगा, शायद इस बात से तो तुम्हें फ़र्क पड़ेगा… लेकिन नहीं, तुमने इसे भी बेहद हल्के अंदाज़ में लिया और तुम्हारी तरफ़ से कभी कोई कोशिश नहीं हुई मुझे रोकनी की…

जानती हूं, तुम आगे बढ़ चुके हो, पर मैंने तो सच्चे दिल से तुमसे प्यार किया था, मैं कैसे आगे बढ़ सकती थी… वहीं खड़ी हूं, उसी मोड़ पर… संभाल रही हूं ख़ुद को… पता नहीं किस उम्मीद में जी रही हूं… हम भले ही बड़ी-बड़ी बातें करते हैं कि प्रैक्टिकल होकर सोचना चाहिए, पर मैं नहीं हूं प्रैक्टिकल… प्यार और रिश्तों में कैसे कोई प्रैक्टिकल हो सकता है… पता है, लोग खेल जाते हैं दिलों से, लेकिन अपना बस नहीं इन भावनाओं पर… हां, अब इतना समझ चुकी कि तुम्हारे इंतज़ार से कुछे हासिल नहीं होगा, बस आगे बढ़ना ही एकमात्र रास्ता है… उसी रास्ते पर चलने की कोशिश में हूं, भले ही अभी लड़खड़ा रही हूं, पर धीरे-धीरे सीख जाऊंगी… संभल जाऊंगी… तुम्हारे बिना जीना सीख जाऊंगी…!

– गीता शर्मा

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: मैसेजवाला लड़का… (Pahla Affair: Messagewala Ladka)

20 सेक्स फैक्ट्स, जो हर कपल जानना चाहता है (20 Sex Facts Every Couple Must Know)

सेक्स, रोमांस, प्यार, चाहत, मोहब्बत हर किसी के लिए प्यार के अपने मायने होते हैं. भले ही इसके अनगिनत नाम हों, पर एहसास तो एक ही है, एक-दूसरे को दुनिया जहां की ख़ुशियां देने का जुनून, एक-दूसरे पर मर-मिटने को तैयार, एक-दूसरे की ख़ातिर सब कुछ कुर्बान कर देने का जज़्बा… हर कपल (Couple) के लिए सेक्स (Sex) एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में वो जानना तो बहुत कुछ चाहता है, पर बहुत बार आधी-अधूरी जानकारी ही उसके पास होती है. सेक्स से जुड़े ऐसे ही कई पहलुओं के बारे में हर कपल को हम रूबरू करा रहे हैं..

Sex Facts

  1. अक्सर ऐसा सोचा और कहा जाता है कि बच्चे के जन्म के बाद पत्नी को सेक्स में रुचि नहीं रह जाती, जो कि सरासर ग़लत है. रिसर्च बताते हैं कि बच्चे के जन्म के बाद क्लाइमेक्स (चरमोत्कर्ष) की तीव्रता बढ़ जाती है. इसका कारण है नर्व एंडिग का ज़्यादा सेंसिटिव होना.
  2. कम्युनिकेशन (संवाद) बनाए रखें. यह आपसी प्यार और रिश्ते की मज़बूती के लिए बहुत ज़रूरी है. इससे सेक्स लाइफ़ में भी सुधार होता है, क्योंकि बातचीत आपको क़रीब लाती है. इनके अभाव में रिश्ता पनप नहीं पाता.
  3. कभी-कभार आप भी सेक्स के लिए पहल करें. अक्सर महिलाएं ऐसा करने से हिचकिचाती हैं, पर ध्यान रहे, आपका पहल करना उन्हें सुखद एहसास में डुबा देता है. यदि बच्चे छोटे हैं तो सेक्स लाइफ़ में मुश्किलें भी आती हैं और महिलाएं इतनी खुली व रिलैक्स भी नहीं रह पातीं, ऐसे में बच्चों के सोने का इंतज़ार करने से अच्छा है जब भी मौक़ा लगे, प्यार में खो जाएं.
  4. कई बार महिलाएं समझ ही नहीं पातीं कि कौन-सी चीज़ उन्हें उत्तेजित करती है. पहले ख़ुद ही पता लगाएं. कई बार वे जानकर भी बताने से शरमाती हैं. अतः ख़ुद ही कल्पना करें व एन्जॉय करें. जब सहज लगे, तब पति को बताएं. इससे फोरप्ले मेंं आसानी होती है.
  5. शरीर का बेडौल होना या शेप में न होना कई बार महिलाओं में हीनता की भावना भर देता है. इसका एक कारण टीवी तथा फ़िल्मों में ङ्गजीरो फ़िगरफ को महत्व दिया जाना है. याद रखें, वास्तविक जीवन फिल्मों से बहुत अलग होता है. आत्मविश्‍वास बनाए रखें, तभी आप पति से जुड़ पाएंगी. हां, बैलेंस्ड डायट व व्यायाम के ज़रिए सुडौल शरीर पाने की कोशिश अवश्य करें.
  6. बच्चे होने के बाद उनकी देखभाल व घर के कामकाज महिलाओं को बहुत थका देते हैं. उन्हें सेक्स की इच्छा ही नहीं रह जाती. अपने आराम के लिए अवश्य समय निकालें, तभी आपका सेक्स जीवन संतुष्टिपूर्ण होगा. चिड़चिड़ाहट नहीं होगी और आप ख़ुश रहेंगी.
  7. सेक्स में आप क्या चाहती हैं? आपको क्या अच्छा लगता है? ये पति को बताएं, परंतु सेक्स के दौरान नहीं, जब आप दोनों रिलैक्स हों, सही समय हो और मूड भी हो, क्योंकि इन बातों के लिए सही समय होना बहुत ज़रूरी है.
  8. एक-दूसरे की कंपनी एन्जॉय करें. धीरे-धीरे प्यार की ओर बढ़ें. सेक्स से पूर्व काफ़ी देर तक किया गया फोरप्ले दोनों को चरम संतुष्टि देता है.
  9. आजकल अलग-अलग रंगों व ख़ुशबुओं में कंडोम मिलते हैं. ये कई प्रकार के होते हैं, जैसे- लुब्रिकेटेड, रिंड व डॉटेड. इससे फोरप्ले के दौरान उत्तेजना और आनंद बढ़ता है. अतः इसका उपयोग करें.
  10. सेक्स संबंधी क़िताबों, फ़िल्मों, कहानियों में सेक्स को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है. सत्य यह है कि सामान्य कपल्स ह़फ़्ते में 1 या 2 या इससे भी कम बार सेक्स करते हैं. अतिशयोक्ति पर विश्‍वास न करें. ध्यान रखें, क्वांटिटी की अपेक्षा क्वालिटी महत्वपूर्ण होती है.

    यह भी पढ़ें: महिलाओं के 10 कामोत्तेजक अंग (Top 10 Sexiest Erogenous Parts Of A Women’s Body)

Sex Facts

11. क्लाइमेक्स, चरमोत्कर्ष या ऑर्गेज़्म एक आनंददायी संतुष्टिपूर्ण अनुभव है. कई जोड़े इस बात से नाराज़ रहते हैं कि दोनों एक साथ चरमोत्कर्ष पर नहीं पहुंचते. ऐसा हो सकता है, परंतु इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. महिलाएं एक से अधिक बार ऑर्गेज़्म का अनुभव करती हैं.

12. अच्छी सेक्स लाइफ़ के लिए आपका शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है. इसके लिए महत्वपूर्ण है बैलेंस्ड डाइट, थोड़ी-बहुत एक्सरसाइज़, भरपूर नींद औैर ज़्यादा चाय, कॉफी, सिगरेट या शराब का सेवन न करना.

13. सस्ती सेक्स क़िताबों, पोर्नोग्राफ़िक फ़िल्मों और समाचार-पत्रों में आए दिन कई विज्ञापनों में पेनिस (लिंग) के आकार या लंबाई को बढ़ा-चढ़ाकर एवं कम लंबाई को एक समस्या के रूप में दिखाया जाता है, जिससे युवावर्ग भ्रमित हो जाता है और तनावग्रस्त रहकर उल्टे-सीधे उपाय करने लगता है. ये सब ग़लत है. छोटे आकार से ऑर्गेज़्म में कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, क्योंकि योनि का केवल एक तिहाई भाग ही सेंसिटिव होता है. अतः सही सेक्स पोज़ीशन में छोटा लिंग भी पूरी तरह चरमोत्कर्ष दे सकता है.

14. सेक्स करते समय किसी और पुरुष की कल्पना उत्तेजित करती है और सेक्स का आनंद बढ़ाती है. अतः कल्पना करें. इसके लिए मन में किसी तरह का अपराधबोध न आने दें. इसमें कोई बुराई नहीं है.

15. यदि पति-पत्नी दोनों वर्किंग हैं, व्यस्त हैं, रात को देर से आते हैं, तो उनकी सेक्स लाइफ़ न के बराबर होती है. ऐसे में बेहतर होता है कि सुबह उठकर फ्रेश मूड में सेक्स का
आनंद उठाएं.

16. कुछ सालों के बाद सेक्स लाइफ़ बोरिंग हो जाती है. इसलिए एक्सपेरिमेंट करते रहें. अलग-अलग पोज़ीशन ट्राई करें. कुछ ऐसा, जो ज़िंदगी में रंग भर दे.

17. सेक्स दोनों को शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी क़रीब लाता है. यही जुड़ाव दांपत्य जीवन की नींव है. ख़ुद का ध्यान रखना, संवरना, ख़ूबसूरत दिखना ज़रूरी है.

18. बढ़ती उम्र के साथ-साथ सेक्स लाइफ़ को जीवंत रखना एक चुनौती है. इसके लिए फोरप्ले का समय बढ़ाएं. नए तरी़के आज़माएं. अपने पुराने दिनों को याद करें. परंतु सेक्स करना बंद ना करें.

19. यदि सेक्स की इच्छा है, परंतु आप बहुत थके हुए व तनावग्रस्त महसूस कर रहे हैं, तो डरावनी फ़िल्म या हॉरर शो देखें या 1 कप कॉफी पीएं. आपका दिल ज़ोरों से धड़कने लगेगा. इससे शरीर में एड्रीनलीन की मात्रा बढ़ जाएगी. यही वह केमिकल है, जो सेक्सुअल एक्साइटमेंट (उत्तेजना) पैदा करता है.

20. रिसर्च बताते हैं कि सिगरेट व शराब सेक्स की क्रिया को प्रभावित करते हैं, क्योंकि इनका सीधा संबंध आपके ब्लड सर्कुलेशन और नर्वस सिस्टम पर प़ड़ता है. इससे उत्तेजना, योनि की चिकनाहट और सेंसेशन कम होता है. शराब व सिगरेट पुरुषों व महिलाओं दोनों पर समान असर डालती है.

 

– डॉ. सुषमा श्रीराव

 

यह भी पढ़ें: हर किसी को जाननी चाहिए सेक्स से ज़ुड़ी ये 35 रोचक बातें (35 Interesting Facts About Sex)

पहला अफेयर: धुंध के पार (Pahla Affair: Dhundh Ke Paar)

Pyar Ki Kahani

पहला अफेयर: धुंध के पार (Pahla Affair: Dhundh Ke Paar)

किशोरवय की सुनहरी धूप से भरे वे प्रिय दिन कितने सुहाने थे. मेरे चारों ओर बुद्धि प्रदीप्त सौंदर्य का एहसास पसरा हुआ था. इसी आत्मविश्‍वास के कारण मैं तनिक एकाकी हो गई थी. घर से दूर हॉस्टल में रहते हुए भी मैंने कभी भी स्वछंदता का लाभ नहीं उठाया था.
गीत-संगीत का शौक ही मेरे अकेलेपन का साथी था. मेरा शुरू से ही यह मानना था कि संगीत में जो कशिश है, वो न स़िर्फ तन्हाई को, बल्कि हर मुश्किल को दूर कर सकती है. संगीत से यह गहरा लगाव ही मुझे बेहद ख़ुश रखता था.

उन्हीं दिनों हमारी कक्षा पिकनिक पर गई. हरी-भरी पहाड़ियां, कल-कल बहता स्वच्छ झरना व पास ही दरी बिछा हम छात्र-छात्राएं संकोच से बतिया रहे थे. साथ में लाए टेप-रिकॉर्डर पर मधुर, पुराने फिल्मी गीत बज रहे थे. तभी किसी ने प्लेयर बंद कर दिया. एक सहपाठी के विषय में कहा गया कि वह बहुत अच्छा गाता है एवं क्यों न उससे ही कुछ सुना जाए.

“तेरी आंख के आंसू पी जाऊं…” यह गीत गाते हुए वह गौरवर्ण, सुदर्शन सहपाठी मेरी ओर ही क्यों देखे जा रहा था, यह मैं तब समझ नहीं पाई.

उस दिन के बाद हमारी मित्रता हुई, जो धीरे-धीरे असीम सुकोमल भावनाओं की डोर से हमें बांध गई. पहले प्यार ने हम दोनों को कुछ ऐसा छुआ कि कब साथ जीने-मरने का इरादा कर लिया, पता ही नहीं चला.

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: हां, यही प्यार है! (Pahla Affair: Haan Yehi Pyar Hai)

मुहब्बत की इन भावनाओं के बीच हमारी पढ़ाई भी चल रही थी. एमबीबीएस के बाद मेरे उस सुख-दुख के सखा को सुदूर नगर स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए जाना पड़ा.

वियोग के पल कितने निर्मम थे और कितने कठिन भी. तीन वर्ष पत्रों का आदान-प्रदान रहा. फिर समय की धुंध हमारे रिश्ते के बीच छा गई. धीरे-धीरे पत्रों का सिलसिला कम हुआ और फिर बंद ही हो गया. शायद माता-पिता की आज्ञानुसार वह विदेश चला गया.

बचपन से ही शरतचंद, टैगोर पढ़-पढ़कर पली-बढ़ी मैं उस प्रसंग को विस्मृत न कर सकी. सुगंधित पत्रों व जीवंत स्मृतियों का पिटारा अब भी पास था. शायद एक आस थी कि मेरे पहले प्यार की उन सुखद अनुभूतियों का एहसास उसे भी होगा और कहीं न कहीं उसके मन में भी वो तड़प, वो कशिश तो ज़िंदा होगी ही. नहीं जानती थी कि ये मेरा भ्रम था या हक़ीक़त… पर मैं बस उसकी यादों से बाहर नहीं निकलना चाह रही थी.

और आज… उस धुंध के आर-पार, समय की निष्ठुरता को ठुकराती, एक स्नेहिल आवाज़, टेलीफोन के माध्यम से फिर खनक उठी है,
“मैं सदैव के लिए तुम्हारे पास आ रहा हूं. मेरे मार्ग को अपने ख़ुशी के आंसुओं से सींचे रखना. मुझे पता है कि तुम ख़ुशी में भी ज़ार-ज़ार रोती हो.”

मुझसे पूछे बिना ही उसने जान लिया था कि मेरे नैनों में आज भी उसकी प्रतीक्षा के दीये जल रहे हैं. मेरा इंतज़ार, मेरा प्यार जीत गया था.
मेरी आस ग़लत नहीं थी… मेरी आंखों से सच में आंसू बहे जा रहे थे… पर ये ख़ुशी के आंसू थे, जिनमें ग़मों के सारे पल, जुदाई की सारी रातें और हिज्र के दिनों की सारी शिकायतें धुल गई थीं. अब हमारे दरमियान स़िर्फ प्यार था… बस प्यार ही प्यार…
ख़त्म हो गया था वो इंतज़ार!

– डॉ. महिमा श्रीवास्तव

यह भी पढ़ें: पहला अफेयर: यादों की परछाइयां… (Pahla Affair: Yaadon Ki Parchhaiyan)