Romantic Couple

रिश्तों में ईमानदारी और सच्चाई बेहद ज़रूरी होती है लेकिन कभी कभी कुछ झूठ भी आपके रिश्ते की गर्मी को बनाए रखतेहैं. यह ज़रूरी है कि ये झूठ बेहद समझदारी व सूझबूझ से कहे जायें. तो क्या हैं ये प्यारे झूठ आइए जानें-

  • आज बेहद ख़ूबसूरत लग रही हो. हर पति को अपनी पत्नी से यह ज़रूर कहते रहना चाहिए. बीच बीच में इस तरहकी बातें मन को गुदगुदा देती हैं.
  • आपकी आवाज़ फोन पर बेहद सेक्सी लगती है. पत्नी इस तरह की बातों से पति को अच्छा महसूस करवा सकती हैं.
  • यह रंग बहुत खिलता है तुम पर. आप दोनों ही यह कह सकते हैं फिर भले ही वो रंग आपको नपसंद हो पर आपकायह कहना उन्हें बेहतर महसूस कराएगा और आपके और क़रीब लाएगा.
  • तुम्हारा हाथों में ग़ज़ब का स्वाद है और आज तो खाना और भी लाजवाब है. भले ही खाना सामान्य ही बना हो परआपकी तारीफ़ उन्हें यह महसूस कराएगी कि वो आपके लिए ख़ास हैं और आप उनके काम की कद्र करते हैं.
  • आप कितनी ज़िम्मेदारी से सब कुछ संभाल लेते हैं. भले ही ऐसा ना हो पर अगर वो आपकी मदद करने की कोशिशकरते हैं और जिम्मेदारियाँ बाँटते हैं तो उनकी तारीफ़ ज़रूर करें.
  • कितनी मेहनत करती हो तुम. भले ही पत्नी ने कुछ अलग से ना किया हो लेकिन इस तरह की बातें उनका हौसलाबढ़ाती हैं. तो कहने में क्या हर्ज है.
  • आप कितना प्यार करते हैं मुझसे और उतना ही सम्मान भी. मेरी नज़रों में आपकी इज़्ज़त दिन ब दिन बढ़ती ही जारही है. ऐसा कहने से वो सच में आपसे और ज़्यादा प्यार करेंगे और रिश्ते में कोशिश भी अधिक करेंगे.
  • ये सफ़ेद बाल भी आप पर खूब फबते हैं. वक़्त के साथ भले ही बालों का रंग उड़ जाए लेकिन आपके इस तरह केप्यारे झूठ रिश्तों के रंगों को उड़ने नहीं देंगे. 
  • तुम घर कितने अच्छे से संभालती हो और रिश्तों को भी. इस घर को तुमने वाक़ई खूबसूरत बना दिया. ऐसा कहने सेवो ज़रूर आपके बाक़ी रिश्तों की और भी परवाह करने लगेंगी, चाहे आपके माता-पिता हों या भाई-बहन.
  • मेरे पेरेंट्स को इतना प्यार और सम्मान देने के लिए शुक्रिया. भले ही आप इस संदर्भ में उनसे इत्तेफ़ाक ना रखतीं होंलेकिन ऐसा कहने से उनका व्यवहार और बेहतर होगा और वो अधिक कोशिश करेंगे कि आपकी बातों पर खरेउतरें. 
  • बच्चे कह रहे थे पापा इतना अच्छा पढ़ाते हैं कि ट्यूशन की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी. ऐसा कहने से वो बच्चों की पढ़ाईके प्रति और ज़िम्मेदार होंगे aur पर्सनल इनटरेस्ट लेने लगेंगे. आपकी एक ज़िम्मेदारी थोड़ी हल्की हो जाएगी. 
  • आप जब भी सब्ज़ियाँ लाते हो वो ताज़ा भी होती हैं और पैसे भी कम लगते हैं, लगता है आपको मार्केटिंग की समझमुझसे अच्छी है. इस तरह से वो हर शाम सब्ज़ियाँ भी ख़रीदेंगे और उन्हें यह करने में मज़ा भी आएगा.

तो इस तरह आप दोनों ही अपने अपने तरीक़े से रिश्ते में  सामंजस्य बेहतर बना सकते हैं और अपने रिश्तों की डोर को aur मज़बूत कर सकते हैं.

रिश्तों को कभी भी कैज़ूअल ना लें वरना उनकी ऊर्जा खोने लगती है. आप भी अपने रिश्ते की गर्मी बनाए रखने के लिए अपनायें ये लव लैंग्वेज.

कॉम्प्लिमेंट्स दें और अपने शब्दों और वाक्यों के चयन में बदलाव करें: अक्सर ऐसा होता है कि हम कभी कभी अपने मन की बात मन में ही रख लेते हैं यानी जो हम महसूस करते हैं उसे इज़हार करने में कंजूसी कर देते हैं. लेकिन रिश्तों में ऐसा ना करें. अगर आपको लग रहा है कि आपका पार्टनर आज कुछ अलग लग रहा है, कोई ख़ास रंग उस पर खिल रहा है तो उसको कॉम्प्लिमेंट ज़रूर दें. उसको कहें कि ये रंग तुमपर बहुत अच्छा लगता है… या तुम्हारे बाल बहुत सुंदर हैं… इस तरह के कॉम्प्लिमेंट्स आप दोनों के रिश्ते को मज़बूत बनायेंगे.

अपने व्यवहार से प्यार और केयर दर्शायें: उनकी पसंद का कुछ बनाकर खिलायें या कोई सरप्राइज़ दें, क्योंकि कहा जाता है कि शब्दों से कहीं ज़्यादा आपके ऐक्शंस मायने रखते हैं. कभी आप उनके कपड़े प्रेस कर दें, तो कभी घर के अन्य कामों में उनकी मदद करें. ये आप पर निर्भर करता है कि आप किस तरह अपने व्यवहार से अपना प्यार ज़ाहिर करते हैं लेकिन यह करना ज़रूरी है.

कवालिटी टाइम: भले ही आप दोनों बिजी रहते हों लेकिन जो भी वक़्त साथ में गुज़ारें वो बेहद हसीन हो. कभी ऑफ़िस से जल्दी आकर घर पर ही रोमांटिक डिनर प्लान करें, कभी मूवी डेट या लॉंग ड्राइव पर जायें यर अगर यह सब सम्भव नहीं तो वीकेंड साथ गुज़ारें या हॉलिडे प्लान करें जहां पूरा समय आप दोनों एक दूसरे के क़रीब हों, कोई ऑफ़िस की बात ना हो, कोई रिश्तेदार बीच में ना हो, ना दिनभर फ़ोन या लैप्टॉप से चिपके रहें. एक-दूजे के मन को समझें. दिल से दिल की बात हो.

गिफ़्ट्स ज़रूरी हैं, जो बिन कहे ही आपका प्यार दर्शा देते हैं: ज़रूरी नहीं कि गिफ़्ट महँगा हो, प्यार जताने के लिए एक गुलाब का फूल ही काफ़ी है. कभी पत्नी की पसंद की क़ुल्फ़ी घर ले जायें तो कभी आप भी अपने पति को नुक्कड़ की हलवाई की दुकान की उनकी मनपसंद मिठाई खिला दें या उनके लिए घर पर कुछ बना दें. तो गिफ़्ट करते रहें और प्यार दर्शाते रहें, क्योंकि प्यार करना ही नहीं उसे सही तरीक़े से दर्शाना व उसका इज़हार करना भी ज़रूरी है.

भावनायें ही नहीं आपकी शारीरिक भाव-भंगिमाएँ भी हैं ज़रूरी: दिल में कितना ही प्यार हो पर जब हाथों से छूकर बताओगे नहीं तो किसी को कैसे पता चलेगा? साथ बैठे-बैठे यूं ही हाथ पकड़ लेना या आपके होंठों का हल्का सा स्पर्श, मीठा सा चुंबन बड़ी बड़ी प्यार भरी बातों से कहीं अधिक मायने रखता है. स्पर्श ज़रूरी है, छूकर बतायें, दिखायें और ज़ाहिर करें कि हाँ मुझे फ़िक्र है तुम्हारी या फिर कभी वो स्ट्रेस में हों तो हल्के से पीठ पर हाथ से सहला दें ताकि उन्हें यह संदेश मिल जाए कि तुम अकेले नहीं हो, हर वक़्त हर हाल में हम साथ हैं इसलिए फ़िक्र की कोई बात नहीं.

लव (Love) से लेकर लस्ट तक, प्यार (Love) से लेकर सेक्स (Sex) तक… आज की पीढ़ी को सबकुछ फटाफट चाहिए. इनकी इंस्टेंट लव स्टोरी में सब्र जैसे शब्द के लिए कोई जगह नहीं. आज की युवा पीढ़ी के लिए सेक्स अब बंद कमरे में ढंके-छुपे तौर पर डिस्कस की जाने वाली चीज़ नहीं रही, अब लोग खुलकर अपनी सेक्स डिज़ायर को जाहिर करते हैं और इसे पाने के लिए उन्हें रिश्ते में बंधने का सब्र भी नहीं है. भूख-प्यास की तरह जब सेक्स की चाह हो, लोग इसे पाना चाहते हैं और इसके लिए उन्हें इंतज़ार करना मंज़ूर नहीं. सेक्स में नैतिकता जैसी बातें अब बहुत पुरानी हो गई हैं, आज की पीढ़ी इसे फिज़िकल हंगर से जोड़कर देखती है. बदलाव की ये लहर आख़िर हमें कहां ले जा रही है?

Love And Lust

सेक्स चाहिए, पर बंधन नहीं
साइकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी सेठ कहती हैं, आज के कई युवाओं को लगता है कि जब सेक्स आसानी से उपलब्ध है तो शादी के बंधन में में क्यों बंधें? आज की पाढ़ी की शहनशक्ति कम हो गई है, वो किसी भी मामले में एडजस्ट करने को तैयार नहीं, इसीलिए तलाक़ के केसेस बढ़ने लगे हैं. फिर पैरेंट्स भी बच्चों के तलाक़ पर बहुत ज़्यादा हो-हल्ला नहीं मचाते. पहले तलाक़ सोशल स्टिगमा समझा जाता था, लेकिन अब तलाक़ होना बड़ी बात नहीं समझी जाती. तलाक के प्रति लोगों की एक्सेप्टेबिलिटी बढ़ गई है. अब ये नहीं समझा जाता कि तलाक़ के बाद ज़िंदगी खराब हो गई. इसी तरह आज से 10 साल पहले शादी करना ज़रूरी समझा जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब कोई शादी नहीं करना चाहता तो लोगों को इसमें कोई आश्‍चर्य नहीं होता.

पार्टनर नहीं, पैकेज चाहिए
आजकल प्यार, शादी, बच्चे सबकुछ नाप-तौल कर होता है. लोगों को लाइफ पार्टनर नहीं, कंप्लीट पैकेज चाहिए, जो उनकी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक हर ज़रूरत पूरी करे. जब दिल का रिश्ता ही शर्तों पर हो, तो उसके टिकने की उम्मीद कितनी की जा सकती है. यही वजह है कि आजकल के रिश्ते टिकाऊ नहीं हैं. इन रिश्तों में प्यार के अलावा बाकी सबकुछ होता है इसीलिए प्यार की तलाश बाकी रह जाती है और एक्स्ट्रा मैरिटल रिश्ते बन जाते हैं.

शादी की परिभाषा बदल गई है
साइकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी सेठ कहती हैं, पहले शादी के बाद एक-दो साल पति-पत्नी एक-दूसरे को समझने में गुजार देते थे. सेक्स का नया-नया अनुभव उनके रिश्ते में रोमांच बनाए रखता था. फिर बच्चे, उनकी परवरिश, नाते-रिश्तेदार… लंबा समय गुजर जाता था इन सब में. आज के कई युवा शादी के पहले ही सेक्स का अनुभव ले चुके होते हैं, उस पर करियर बनाने के चलते शादियां देर से हो रही हैं, ऐसे में शादी में उन्हें कोई रोमांच नज़र नहीं आता. उन्हें शादी स़िर्फ ज़िम्मेदारी लगती है इसलिए वो शादी से कतराने लगते हैं.
इसका एक बड़ा नुक़सान ये भी है कि युवा जब सेक्स पर जल्दी एक्सपेरिमेंट करते हैं तो इससे जल्दी ऊब भी जाते हैं और 40 की उम्र तक उनकी सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाती है. उनका ज़िंदगी से लगाव कम हो जाता है. कोई थ्रिल नहीं रहता.
अब शादी की परिभाषा बदल गई है. लेट मेरिज, लेट चिल्ड्रेन (कई कपल तो बच्चे भी नहीं चाहते), वर्किंग कपल, न्यूक्लियर फैमिलीज़… समय के साथ परिवार का ढांचा और उसकी ज़रूरतें बदल गई हैं. बदलाव की ये लहर बहुत कुछ बदल रही है. 10 साल पहले जहां लोग इंटर कास्ट मैरिज को पचा नहीं पाते थे, अब सहजता से लेने लगे हैं. इसी तरह अब एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, लिव इन रिलेशन जैसी बातें भी लोगों को चौंकाती नहीं हैं.

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बढ़ रहे हैं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स
काम के बढ़ते घंटे, ऑफिस में महिला-पुरुष का घंटों साथ काम करना, पति-पत्नी की असंतुष्ट सेक्स लाइफ आदि के कारण एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की तादाद बढ़ रही है. कई पति-पत्नी सेक्स का पूरा आनंद नहीं ले पाते (ख़ासकर महिलाएं), फिर भी पार्टनर को ख़ुश करने के लिए झूठ बोलते हैं. ऐसे में जब आप अपनी सेक्स लाइफ़ से संतुष्ट ही नहीं हैं, तो आपका ध्यान यहां-वहां भटकेगा ही. अंतरंग रिश्ते में भी हम मुखौटा ओढ़ लेते हैं, तो संतुष्टि मिलेगी कैसे? ऐसे असंतुष्ट कपल्स जहां भी भावनात्मक सहारा पाते हैं, वहीं शारीरिक रूप से भी जुड़ जाते हैं. पति, बच्चे, घर-परिवार, ऑफिस सभी जगह मैकेनिक लाइफ जी रही महिलाएं जाने-अनजाने घर के बाहर सुकून तलाशने की चाह में मन के साथ-साथ तक का रिश्ता भी जोड़ लेती हैं.

Love And Lust

सेक्स का विकृत रूप सामने आया है
मीडिया प्रोफेशनल अरुण कुमार कहते हैं, हमारे देश में आज भी लोग सेक्स पर बात करने से तो कतराते हैं, लेकिन हर पहलू को घोलकर पी जाना चाहते हैं. पहले भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होते थे, पति नपुंसक हो तो परिवार के किसी और सदस्य के साथ सेक्स करके बच्चा पैदा किया जाता था, लेकिन तब इन बातों पर इतना हो-हल्ला नहीं मचाया जाता था. अब सेक्स को एक प्रोडक्ट के रूप में देखा जाने लगा है. सेक्स टॉनिक, कंडोम आदि बेचने वाली कंपनियां अपने विज्ञापनों में स्त्री के शरीर को अश्‍लील रूप में पेश करके सेक्स को भुनाती हैं, ऐसे विज्ञापान युवाओं को सेक्स पर एक्सपेरिमेंट करने के लिए उकसाते हैं. बदलते परिवेश में सेक्स विकृत रूप में सामने आ रहा है, तभी तो बाप ने बेटी का रेप कर दिया, भाई-बहन के शारीरिक संबंध बन गए जैसी ख़बरें देखने-सुनने को मिलती हैं. हम लोग सेक्स पर खुलकर बात करने से जितना ज़्यादा कतराते हैं, इसका उतना ही विभत्स रूप हमारे सामने आता है. हर कोई जैसे इसी में उलझ कर रह जाता है, सेक्स पर हर तरह की रिसर्च कर लेना चाहता है.

सेक्स में संतुष्टि ज़रूरी है
बैंक कर्मचारी रोहित सिंह कहते हैं, सेक्स अब इतनी छोटी चीज़ हो गई है कि किसी को नीचा दिखाने, बदला लेने, अपना कोई काम निकालने, झूठी शान बघारने, प्रमोशन पाने तक के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. सेक्स को साधना के रूप में किया जाए तो इसके आनंद को समझा जा सकता है. जो मिला उसी से शारीरिक संबंध बना लिया, नोच-खंसोटकर, बलात्कार करके शारीरिक भूख मिटा ली, ऐसा करके कभी तृप्ति नहीं मिलती, बल्कि लालसा बढ़ती जाती है और व्यक्ति इसी में उलझकर रह जाता है.

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ये है सेक्स का सच
* 33 प्रतिशत महिलाएं मानती हैं कि शादी के कुछ सालों बाद उनकी सेक्स लाइफ बोरिंग हो गई है.
* 60% पुरुष चाहते हैं कि सेक्स के लिए महिला पहल करे.
* हर पुरुष हर सात मिनट में कम से कम एक बार सेक्स के बारे में ज़रूर सोचता है.
* पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक दिन में कई बार ऑर्गेज़्म का अनुभव कर सकते हैं.
* जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.
* एक रिसर्च के अनुसार, कॉलेज के दौरान जो लड़के सेक्स में लिप्त रहते हैं, वे अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं. जबकि सेक्स न करने वाले विद्यार्थी नॉर्मल रहते हैं.
* ऐसे पुरुष जिनके अनेक स्त्रियों से संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्वपूर्ण तो समझते हैं, लेकिन अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहते.
* जो पुरुष ज़्यादातर सेक्सुअल फैंटेसी में रहते हैं, वे अपने रोमांटिक रिलेशनशिप से कम संतुष्ट रहते हैं.

– कमला बडोनी

ये प्यार इतना कॉम्प्लिकेटेड क्यों है? जानने के लिए देखें वीडियो:

 

Pahla Affair

पहला अफेयर: तुम मेरे हो… (Pahla Affair: Tum Mere Ho)

पहले प्यार (FirstLove) का एहसास होता है बेहद ख़ास, अपने फर्स्ट अफेयर (Affair) की अनुभूति को जगाने के लिए पढ़ें रोमांस से भरपूर पहला अफेयर 

उस चेहरे को देखने के बाद गौतम को कभी किसी और चेहरे को देखने की चाह नहीं हुई… उसे पहली बार देखते ही गौतम का मन उसकी ओर जाने लगा था. उसने कभी सोचा भी नहीं था कि कभी कोई पलभर में ही इस तरह अपना हो जाएगा… उसके जीवन की वो सबसे सुहानी और सबसे ख़ूबसूरत सुबह थी… जब वो लड़की अपने कमरे की खिड़की के पास हर बात से बेपरवाह होकर अपनी घनेरी ज़ुल्फ़ों को सुलझाने में व्यस्त थी. उस समय सुबह की शीतल हवा के चंचल झोंके उसके ख़ूबसूरत बालों की महकती ख़ुशबू चुराने की चाह में उन्हें और भी बेतरतीब किए जा रहे थे… उसके भीगे सौंदर्य की लावण्यता और भी निखार पर थी.

फिर अचानक ही गौतम को अपनी ओर देखता पाकर उसकी भृकुटि कुछ तन-सी गई और फिर न जाने क्या सोचकर एकाएक बड़ी मोहक अदा के साथ उसके मदभरे होंठों की लाली एक दिलकश मुस्कान बनकर उसके लबों कर खिल उठी… उस समय गौतम कुछ और भी संशय में पड़ गया था. उसकी आंखों में एक नकली रोष था और अपने एक ख़ास अंदाज़ में वह उसे निरंतर देखे जा रही थी, फिर पलक झपकते ही अचानक वह गायब हो गई.

अभी एक माह पहले ही हमारे घर के ठीक सामनेवाले मकान में एक परिवार रहने आया है. मां ने बताया था कि वे उनके मायके अंबिकापुर से आए हैं. इस परिवार में पांच सदस्य हैं और उनमें शालिनी नाम की बहुत सुंदर उनकी एक बेटी है, जो यहां के आई.आई.एम. कॉलेज में पढ़ रही है. शालिनी की मां के साथ उनका हमेशा एक बहन जैसा अपनापन रहा है और वे दोनों कॉलेज के ज़माने से एक-दूसरे की बहुत अच्छी दोस्त व सहपाठी रही हैं.

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आज सुबह शालिनी का उसे इस तरह देखने का वो रहस्यमय अंदाज़ अब उसकी समझ में आने लगा था और आज सुबह ही अपने ऑफिस जाने के लिए जब वह घर से निकला, तो उसी समय शालिनी भी बड़े बेबाक अंदाज़ में चलते हुए उसके पास आकर रुकी और अपना दायां हाथ आगे बढ़ाकर उसे अपना परिचय देते हुए कहा, “मैं शालिनी…” तब गौतम ने भी उसके कोमल हाथ को थामकर तुरंत जवाब दिया, “और मैं गौतम…” तब उसका नाम सुनकर उसने शरारत से मुस्कुराते हुए कहा, “अरे, मैंने तो सोचा था आपका नाम अक्षय कुमार या रणबीर कपूर होगा…” तब गौतम ने भी जवाब में कहा, “ज़रूर होता, अगर आपका नाम दीपिका पादुकोण या प्रियंका चोपड़ा होता…” इसके पहले कि वो कुछ कहती, गौतम ने घर की ओर इशारा करते हुए कहा, “जाइए, मां घर पर हैं और आपका इंतज़ार कर रही हैं.” अब गौतम की बारी थी उसे हैरान करने की.

आज ही उसे पता चला था कि शालिनी का प्रतिदिन उसके घर में आना-जाना होता है. गौतम की मम्मी के साथ उसका बड़ा गहरा लगाव था. गौतम की मम्मी शालिनी को बेहद प्यार-दुलार करती हैं. गौतम ने जब अपनी भाभी से शालिनी की बात की, तो उन्होंने कहा, “मेरे प्यारे देवरजी, मम्मी तो उसे अब मेरी देवरानी बनाने जा रही हैं. वो हम सबकी पहली पसंद है.” बस, अब गौतम को कुछ कहने की ज़रूरत ही नहीं थी… इतने में ही शालिनी के खिलखिलाने की आवाज़ उसे अपनी मम्मी के कमरे से आई और वो हंसी सीधे उसके दिल में उतर गई… उसका पहला प्यार हमेशा के लिए उसका होने जा रहा था… गौतम सोचकर मन ही मन मुस्कुरा उठा!

– दिशा राजवानी

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बॉलीवुड की गलियारों में इन दिनों भले ही रणवीर सिंह (Ranveer Singh) और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की शादी के चर्चे हो रहे हैं, लेकिन एक्स बॉयफ्रेंड रणबीर कपूर के साथ दीपिका की बढ़ती नज़दीकियों की ख़बरें भी सुनने में आ रही हैं. हालांकि कुछ लोगों को दीपिका और रणवीर सिंह की जोड़ी पसंद आती है तो कुछ लोगों को दीपिका रणबीर कपूर के साथ ज़्यादा अच्छी लगती हैं.

दरअसल, हाल ही में बॉलीवुड की पद्दमावती दीपिका ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड रणबीर कपूर के साथ एक तस्वीर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की है, जिसके बाद दोनों की नज़दीकियों को लेकर बातें होने लगी हैं. बता दें कि ब्रेकअप के बाद भी दोनों में दोस्ती का रिश्ता बरकरार है और उन्होंने ब्रेकअप के बाद ‘तमाशा’ और ‘ये जवानी है दीवानी’ जैसी फिल्में भी की हैं. इतना ही नहीं दोनों ने कुछ समय पहले एक-दूसरे के हाथों में हाथ डालकर डिज़ाइनर मनीष मल्होत्रा के लिए रैंप वॉक भी किया था.

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उधर, रणबीर कपूर से ब्रेकअप के बाद दीपिका की ज़िंदगी में रणवीर सिंह आए. दोनों ने अपने प्यार का इज़हार दुनिया के सामने भी किया. इतना ही नहीं इस कपल ने ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पद्मावत’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में साथ काम भी किया. हालांकि पिछले कुछ समय से दोनों की शादी की ख़बरें लगातार सुर्खियों में बनी हुई है और फैंस भी इनकी शादी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं.

अब आप ही बताइए कि दीपिका पादुकोण की जोड़ी रणवीर सिंह के साथ ज़्यादा अच्छी लगती है या फिर रणबीर कपूर के साथ. 

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कहते हैं, अपोज़िट अट्रैक्ट्स, मगर शादी के बाद ये अट्रैक्शन कहीं खो जाता है. कपल्स के रिश्ते कई बार इतने जटिल हो जाते हैं कि उसमें प्यार की गुंजाइश ही नहीं रह जाती. यदि आप अपने रिश्ते की नाज़ुक डोर को उम्रभर थामे रखना चाहते हैं, तो कौन से लव रूल्स फॉलो करें? बता रही हैं कंचन सिंह.

ख़र्च करने की आदत

यदि आपको हमेशा लेटेस्ट ट्रेंड और फैशन के मुताबिक़ अपना वॉर्डरोब चेंज करने की आदत है और पति बस चार जोड़ी शर्ट और दो जोड़ी जूतों में ही रहना पसंद करते हैं, तो ज़ाहिर है आपकी ये अति ख़र्चीली आदत पति को बिल्कुल रास नहीं आएगी. वो आपके ख़र्च पर उंगली उठाएंगे, जिससे आपके बीच मनमुटाव हो सकता है. सुनैना कहती हैं, “मुझे ऑनलाइन शॉपिंग की बुरी लत है, जिससे कई बार मैं ज़रूरत न होने पर भी चीज़ें मंगा लेती हूं, ये सोचकर कि अभी न सही, बाद में काम आएंगी, मगर मेरी ये आदत पति को बिल्कुल पसंद नहीं. इस बात को लेकर उनका मुझसे कई बार झगड़ा भी हो चुका है. वो बिना ज़रूरत के एक पैसा भी ख़र्च नहीं करना चाहते.”

क्या कहती है स्टडी?

एक जैसी ख़र्च की आदत न होने पर कपल्स के बीच मनमुटाव ज़्यादा होता है, वो अपने रिश्ते से संतुष्ट नहीं होते. इसके विपरीत यदि पति-पत्नी दोनों ख़र्चीले हैं या फिर दोनों बहुत किफ़ायती हैं, तो उनके बीच मनमुटाव की गुंजाइश बहुत कम रहती है.

मैं नहीं हम

शादी के बाद भले ही आपकी अलग-अलग पहचान हो, मगर बतौर कपल आप एक हो जाते हैं. जो कपल ‘मैं’ से ऊपर नहीं उठ पाते उनके रिश्ते में मुश्किलें आ ही जाती हैं और वो अपने रिश्ते से ख़ुश नहीं रहते. बातचीत या बहस के दौरान मैं की बजाय हम जैसे शब्दों का इस्तेमाल करनेवाले पति-पत्नी अन्य कपल्स की तुलना में ज़्यादा संतुष्ट और ख़ुश रहते हैं. रिश्तों की सफलता के लिए अब से आप भी मैं की बजाय हम कहना सीख जाइए.

क्या कहती है स्टडी?

जो कपल्स हम, हमारा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उनके बीच प्यार ज़्यादा होता है. उनके रिश्ते में ग़ुस्से और नेगेटिव बिहेवियर के लिए जगह नहीं होती. किसी मुद्दे पर सहमत न होने की स्थिति में उनका साइकोलॉजिकल स्ट्रेस लेवल भी कम होता है. वहीं यदि कपल्स मैं, तुम, मैंने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो ये उनके बीच अलगाव और असंतुष्टि को दर्शाता है.

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सकारात्मक सोच

ज़िंदगी के हर मोर्चे पर सफलता के लिए सकारात्मक सोच जितनी ज़रूरी है, उतनी ही ज़रूरी रिश्ते की सफलता के लिए भी है. पॉज़िटिव इंसान ये नहीं सोचता कि उसके पास क्या नहीं है, बल्कि जो है उसके लिए वो भगवान का शुक्रिया अदा करके ख़ुश रहता है. अपने रिश्ते को पॉज़िटिव बनाए रखने के लिए पार्टनर के प्रति आभार व्यक्त करें, एक-दूसरे की क़ामयाबी का साथ मिलकर जश्‍न मनाएं, फन एक्टिविटी साथ में एन्जॉय करें, पार्टनर को स्पेशल फील कराएं.

क्या कहती है स्टडी?

सकारात्मक सोच रखने वाले कपल्स के रिश्ते मज़बूत बनते हैं और वो पार्टनर से संतुष्ट भी रहते हैं. सकारात्मक सोच का मतलब ये नहीं है कि वो समस्याओं को नज़रअंदाज़ करते हैं, बल्कि सकारात्मक सोच से उनके विचारों को विस्तार मिलता है, जिससे दोनों मिलकर किसी भी समस्या का आसानी से हल निकाल लेते हैं.

बेड पर रहें बेस्ट

हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए एक्टिव सेक्स लाइफ बेहद ज़रूरी है. जो कपल्स सेक्सुअली कम एक्टिव होते हैं, वो अपने रिश्ते से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहते. वहीं दूसरी ओर सेक्सुअली एक्टिव पति-पत्नी का रिश्ता मज़बूत व संतुष्ट रहता है. कुछ लोगों को लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ सेक्स लाइफ का रोमांच कम हो जाता है, जबकि ऐसा नहीं है. इसके विपरीत ‘प्रैक्टिस मेक्स मैन परफेक्ट’ की तर्ज पर कपल्स की सेक्स लाइफ बढ़ती उम्र के साथ और परफेक्ट होती जाती है.

क्या कहती है स्टडी?

30, 40 की बजाय 50 साल की उम्र में पुरुष अपनी सेक्स लाइफ को ज़्यादा एन्जॉय करते हैं, जिससे पार्टनर के साथ उनका रिश्ता भी मज़बूत बनता है.

थैंक्यू कहना भी है ज़रूरी

छोटा-सा शब्द थैंक्यू आपके रिश्ते के लिए बहुत अहम् साबित हो सकता है. ज़रा याद करिए, शादी के शुरुआती दिनों में पार्टनर द्वारा कोई काम करने पर जब आप उन्हें थैंक्यू कहते थे, तो कैसे उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर जाती थी. पति-पत्नी यदि एक-दूसरे की मदद की एवज़ में एक-दूसरे के प्रति आभार प्रकट करें, तो निश्‍चय ही ये उनके रिश्ते को सकारात्मक दिशा में ले जाता है और उनके बीच बॉन्डिंग गहरी होती है. अतः इस छोटे शब्द को छोटा समझने की भूल न करें और झट से हमसफ़र को थैंक्यू कहकर स्पेशल फील कराएं.

क्या कहती है स्टडी?

दिल से पार्टनर को कहा गया थैंक्यू शादीशुदा ज़िंदगी को ख़ुशहाल और नई ऊर्जा से भर देता है. जब कपल्स के बीच किसी तरह का मनमुटाव होता है, तो ऐसे नकारात्मक माहौल में किसी छोटी-सी बात के लिए भी दिल से बोला गया थैंक्यू रिश्ते के लिए मरहम का काम करता है.

साथ हंसना भी है फ़ायदेमंद

हंसना भला कौन नहीं चाहता और हंसी से तनाव भी घटता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पार्टनर के साथ किसी बात/जोक पर हंसना आपके रिश्ते की सेहत के लिए भी अच्छा है? अतः अकेले में कोई जोक/मैसेज पढ़कर मुस्कुराने की बजाय उसे पार्टनर के साथ शेयर करें और दोनों दिल खोलकर हंसें. इससे सेहत और रिश्ता दोनों बने रहेंगे.

क्या कहती है स्टडी?

साथ हंसने वाले कपल्स का रिश्ता मधुर और मज़बूत होता है. अध्ययन के अनुसार, ऐसे कपल्स एक-दूसरे के प्रति ज़्यादा समर्पित और संतुष्ट रहते हैं. कपल्स का एक साथ हंसना उनके रिश्ते की गहराई और अपनेपन को बढ़ाने के लिए टॉनिक का काम करता है. अध्ययन से ये भी साबित हुआ है कि जो पुरुष पार्टनर अपनी हमसफ़र को हंसने के लिए प्रेरित करते हैं उनका पार्टनर से गहरा लगाव होता है.

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