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पुरुषों में होते हैं महिलाओं वाले 10 गुण (10 Girly Things Men Do And Are Proud To Admit)

गॉसिप करना, सजना-संवरना, इमोशनल होकर रोना, शॉपिंग करना, सास-बहू वाले सीरियल देखना, वुमन मैगज़ीन पढ़ना, चटपटी चीज़ें खाना, कीड़े-मकोड़ों से डरना… अगर आपको लगता है कि ये गुण स़िर्फ महिलाओं में पाए जाते हैं, तो आप ग़लत हैं. कई पुरुषों में महिलाओं वाले ये गुण पाए जाते हैं और मज़े की बात ये है कि वो इस बात को छुपाते भी नहीं हैं. क्या आप नहीं जानना चाहेंगी पुरुषों की इस मज़ेदार पहलू के बारे में?

Girly Things Men Do And Are Proud To Admit

 

1) मर्द को भी होता है दर्द
महिलाओं के लिए कहा जाता है कि आंसू उनका हथियार होते हैं, वो रोकर-धोकर अपनी हर बात मनवा लेती हैं, लेकिन ये पूरा सच नहीं है. बेशक, महिलाएं ज़्यादा भावुक होती हैं इसलिए उन्हें जल्दी रोना आ जाता है, लेकिन इसका ये मतलब कतई नहीं है कि पुरुष रोते ही नहीं हैं. महिलाओं की तरह पुरुष भी रोते हैं और कई बार फूट-फूटकर रोते हैं. आपने भी इमोशनल फिल्म देखते समय पुरुषों को रोते देखा होगा. भावनाएं सभी के लिए एक जैसी होती हैं इसलिए उन पर प्रतिक्रिया भी सभी की एक जैसी ही होती हैं. ये अलग बात है कि पहले पुरुषों के रोने पर उन्हें ताने दिए जाते थे कि क्या औरतों की तरह रो रहे हो, लेकिन ये सोच भी व़क्त के साथ बदल रही है. अब पुरुषों के रोने पर कोई उनका मज़ाक नहीं उड़ाता, बल्कि उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश की जाती है.
रुसलान मुमताज़ (Ruslaan Mumtaz)
जो बात लड़कियों को रुलाती है, वही बात मुझे भी रुलाती है. मैं मर्द हूं इसलिए मुझे रोना नहीं आता ऐसी कोई बात नहीं है. कई बार तो सेट पर मैं हीरोइन से भी ज़्यादा रोता हूं. फिर ख़ुद ही कॉन्शियस हो जाता हूं कि ये मैं क्या कर रहा हूं. जब मेरी नानी की डेथ हुई थी तो नानी की डेड बॉडी को देखकर मैं इस क़दर रोया कि मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता.

Ruslaan Mumtaz

2) पुरुषों को भी पसंद है सजना-संवरना
अगर आप अपने दोस्त, पड़ोसी या रिश्तेदार के घर पर ऐसा नज़ारा देखें कि महिला मिनटों में तैयार हो जाए और पुरुष को तैयार होने में महिला से ज़्यादा समय लगे, तो हैरान मत होइए. आज के ब्यूटी कॉन्शियस पुरुषों को तैयार होने में व़क्त ज़्यादा लगता है. गया वो ज़माना जब हमारे दादा-परदादा दो जोड़ी कपड़ों में गुज़ारा कर लेते थे और कॉस्मेटिक्स के नाम पर बालों पर कंघी और बढ़ी हुई दाढ़ी पर रेज़र घुमा देते थे. आज के मिस्टर हैंडसम फेशियल से लेकर मेनीक्योर-पेडिक्योर, चेस्ट वैक्सिंग, थ्रेडिंग, हेअर स्पा भी कराते हैं और गोरेपन वाली क्रीम भी लगाते हैं.
गुरमीत चौधरी (Gurmeet Choudhary)
मैं हर 2-3 महीने में अपना लुक बदलता रहता हूं. कभी हेयर स्टाइल, कभी दाढ़ी, कभी कपड़े… अपना लुक बदलने के लिए मैं अलग-अलग एक्सपेरिमेंट करता रहता हूं. मुझे एक ही तरह का बोरिंग लुक पसंद नहीं.
Gurmeet Choudhary

3) पुरुष भी होते हैं शॉपिंग के शौकीन
शॉपिंग के लिए पहले महिलाएं ही बदनाम हुआ करती थीं, लेकिन अब पुरुषों को भी ये लत लग गई है. ख़ासकर ऑनलाइन शॉपिंग के मामले में तो पुरुषों ने महिलाओं को भी पीछे छोड़ दिया है. देश के बड़े-बड़े ऑनलाइन फैशन पोर्टल्स के अनुसार, पुरुष उनके पोर्टल पर महिलाओं के मुकाबले ज़्यादा महंगी चीज़ें ख़रीदते हैं. ये अलग बात है कि महिलाओं की तुलना में पुरुष कम समय में शॉपिंग करते हैं, लेकिन शॉपिंग करते ज़रूर हैं. आज के फैशन कॉन्शियस पुरुषों के वॉर्डरोब में न स़िर्फ लेटेस्ट ट्रेंड के कपड़े होते हैं, बल्कि ढेरों एक्सेसरीज़ भी होती हैं.
गौतम गुलाटी (Gautam Gulati)
जब मैं इंडिया से बाहर होता हूं तो जमकर शॉपिंग करता हूं. वहां आपको मेरे हाथ में हर समय शॉपिंग ट्रॉली ही नज़र आएगी. ग्लैमर इंडस्ट्री में होने के कारण मैं इंडिया में इस तरह खुलकर शॉपिंग नहीं कर सकता, हर जगह फैन्स मिल ही जाते हैं इसलिए मैं इंडिया से बाहर अपना शॉपिंग का शौक पूरा करता हूं. मुझे शेड्स और ब्रेसलेट्स पहनना बहुत पसंद है. मैं शूज़ भी बहुत ख़रीदता हूं.

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Gautam Gulati

4) पुरुष भी होते हैं कुकिंग के दीवाने
रसोई को हमेशा महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन ये बात हम सब जानते हैं कि दुनियाभर में क़ामयाब शेफ अधिकतर पुरुष ही हैं. इसकी वजह चाहे जो भी हो, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि पुरुष भी कुकिंग के शौकीन होते हैं. ज़रूरी नहीं कि हर बच्चा ये कहे कि मुझे मां के हाथ का बना खाना पसंद है, वो ये भी कह सकता है कि मेरे पापा बेस्ट कुक हैं.
सुशांत सिंह (Sushant Singh) 
आप मुझे अच्छा कुक कह सकती हैं. मेरी बीवी (मोलिना सिंह) को मेरे हाथ का बना दाल तड़का और ऑमलेट बहुत पसंद है. (हंसते हुए) मैं रोटी भी गोल बना लेता हूं. जब भी टाइम मिलता है, मैं किचन में एक्सपेरिमेंट करता रहता हूं और मेरी फैमिली को मेरा खाना बनाना अच्छा लगता है.
Sushant Singh

5) पुरुषों को भी लगता है डर
ज़रूरी नहीं कि घर में घुस आई छिपकली या कॉकरोच से स़िर्फ पत्नी ही डरे, उसे देखकर पति महोदय की भी बोलती बंद हो सकती है. पुरुषों को बचपन से बहादुर और निडर बनने की नसीहत भले ही दी जाती हो, लेकिन सभी पुरुष निडर बन पाएं, ये ज़रूरी नहीं. ख़ास बात ये है कि आज के पुरुषों को अपना ये डर बताने में कोई हिचक महसूस नहीं होती. अगर उन्हें कीड़े-मकोड़ों से डर लगता है, तो वे खुलकर अपना डर जाहिर करते हैं.
करन वी ग्रोवर (Karan V Grover)
मुझे कीड़े-मकोडों से बहुत डर लगता है, ख़ासकर रेंगने वाले कीड़ों से मैं बहुत डरता हूं. उन्हें सामने देखभर लेने से ही मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
Karan V Grover

6) गॉसिप करने में पुरुष भी कम नहीं
महिलाओं के लिए कहा जाता है कि उनकी बातें कभी ख़त्म नहीं होतीं, उन्हें हर समय गॉसिप करना अच्छा लगता है, लेकिन पुरुष भी गॉसिप करने में महिलाओं से कम नहीं होते. जानकारी के आदान-प्रदान के नाम पर पुरुष भी जमकर गॉसिप करते हैं. महिलाओं की तरह ही जब पुरुष अपने दोस्तों के साथ होते हैं, तो वे भी ख़ूब गॉसिप करते हैं. हां, पुरुषों के गॉसिप के टॉपिक महिलाओं से अलग होते हैं. पुरुष पैसा, पावर, सेक्स, अफेयर, सेलिब्रिटीज़, स्पोर्ट्स, साइंस, एडवेंचर आदि विषयों पर गॉसिप करते हैं. इरा सोनी ने हमें बताया, महिलाओं को बेवजह बदनाम किया जाता है, मेरे पति के दोस्तों की टोली जब मिल जाती है, तो वो सब मिलकर घंटों गॉसिप करते हैं. मेरे ख़्याल से दोस्तों के साथ गॉसिप करना सभी को अच्छा लगता है, पुरुषों को भी.

7) पुरुष भी देखते हैं सास-बहू वाले सीरियल
सास-बहू वाले सीरियल देखने की लत स़िर्फ महिलाओं को नहीं है, कई पुरुष भी ऐसे सीरियल देखना पसंद करते हैं. होममेकर राखी सिन्हा ने बताया, मेरे पति जब शाम में ऑफिस से घर आते हैं तो हम साथ मिलकर डिनर करते हुए टीवी देखते हैं. इसकी वजह ये है कि डिनर करते समय मैं अपने पसंदीदा टीवी सीरियल भी देख पाती हूं और हम सबको साथ समय बिताने का मौक़ा भी मिल जाता है. मेरी वजह से अब मेरे पति को भी सास-बहू वाले टीवी सीरियल पसंद आने लगे हैं. मज़े की बात ये है कि जब कभी उन्हें ऑफिस से लौटने में देर हो जाती है या वो बाहर से डिनर करके आते हैं, तो घर आकर उस दिन सीरियल में क्या हुआ ये ज़रूर पूछते हैं.

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8) पुरुषों को भी लुभाती हैं चटपटी चीज़ें
चटपटी चीज़ें खाने के लिए भले ही महिलाएं बदनाम हों, लेकिन पुरुष भी खाने के कम शौकीन नहीं होते. चाट, गोलगप्पे, अचार, पापड़… ऐसी तमाम चीज़ें पुरुषों को भी ख़ूब पसंद आती हैं. उपासना चौधरी कहती हैं, जब भी कच्ची कैरी का मौसम आता है, तो मुझसे ज़्यादा मेरे भैया ख़ुश हो जाते हैं. मां के हाथ का बना कच्ची कैरी का इस्टेंट अचार भैया को बहुत पसंद है. हमारे मुहल्ले की चाट गली में आपको मुझसे ज़्यादा मेरे भैया नज़र आएंगे. उन्हें चटपटी चीज़ों का बहुत शौक है और वो अपने इस शौक को किसी से छुपाते भी नहीं हैं. उनके दोस्त अक्सर भैया का मज़ाक उड़ाते हैं, लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

9) पुरुष भी पढ़ते हैं वुमन मैगज़ीन
आपको जानकर हैरानी होगी कि महिलाओं की मैगज़ीन पढ़ने की रुचि महिलाओं से ज़्यादा पुरुषों में होती है. महिलाओं के बारे में अधिक से अधिक जानने की उत्सुकता ही पुरुषों को वुमन मैगज़ीन पढ़ने के लिए उकसाती है. ये अलग बात है कि कुछ पुरुष खुलकर महिला पत्रिका पढ़ते हैं और ज़्यादातर पुरुष छुपकर पढ़ते हैं. एक मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत रोहित सिंह कहते हैं, मेरी वाइफ को मैगज़ीन पढ़ने का बहुत शौक है. वो घर में वुमन मैगज़ीन मंगाती रहती है. फ्री टाइम में अक्सर मैं भी वुमन मैगज़ीन पढ़ लेता हूं. अच्छी बात ये है कि वुमन मैगज़ीन में अब काफ़ी बदलाव आने लगा है. इनमें महिलाओं के विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां होती हैं. साथ ही पढ़ने के लिए काफ़ी दिलचस्प लेख भी होते हैं.

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10) घर के काम बख़ूबी करते हैं पुरुष
यदि आपको लगता है कि स़िर्फ महिलाएं ही घर के काम अच्छी तरह कर सकती हैं, तो आप ग़लत हैं. कई पुरुष भी घर के कामों में माहिर होते हैं. घर की साफ़-साफ़ाई से लेकर, खाना बनाना, किराने का सामान ख़रीदना, बच्चों का होमवर्क कराना… ये घर का हर काम बड़े ही चाव से करते हैं. अच्छी बात ये है कि वर्किंग वुमन की बढ़ती संख्या के कारण पुरुषों का घर में काम करना अब किसी को अखरता भी नहीं है. कॉल सेंटर में कार्यरत रोमा कहती हैं, मेरी नाइट शिफ्ट होने के कारण मैं दिन में सो जाती हूं. मेरे पति मेरी गैरहाजिरी में घर का पूरा काम करते हैं. हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं है कि ये काम पुरुष का है और ये काम महिला का. हम दोनों वर्किंग हैं और मिलकर घर का हर काम करते हैं.
– कमला बडोनी