Tag Archives: safe

कैसे मनाएं सेफ दिवाली? (How To Celebrate Happy And Safe Diwali)

Diwali

कैसे मनाएं सेफ दिवाली? (How To Celebrate Happy And Safe Diwali)

दिवाली (Diwali) रोशनी का त्योहार (Festival) है. यह अपने साथ ढेर सारी ख़ुशियां लाती है. हम सभी इस त्योहार को पूरे धूमधाम से उमंग-उत्साह से मनाते है. लेकिन इस रोशनी के पर्व में थोड़ी सावधानी भी बेहद ज़रूरी है यानी फेस्टिवल मनाएं, पर सेफ्टी (Safety) का भी पूरा ख़्याल रखें, विशेषकर पटाखे जलाते समय. यहां पर हम कुछ सेफ्टी रूल्स (Safety Rules) बता रहे हैं.

–    पटाखे जलाते समय पैरों में चप्पल या जूते ज़रूर पहनें. कभी भी नंगे पांव पटाखे न जलाएं.

–    पटाखे हमेशा खुली जगह पर जलाएं यानी कभी भी घर के अंदर या बंद स्थान पर पटाखे ना फोड़ें. पटाखे जलाने के लिए घर के बाहर, छत पर या फिर आंगन भी ठीक है.

–    साथ ही आसपास देख लें कि कहीं कोई आग फैलानेवाली या फ़ौरन आग पकड़नेवाली चीज़ तो नहीं है.

–    बच्चे-बड़े सभी पटाखे जलाते समय आसपास बाल्टी भरकर पानी ज़रूर रखें. साथ ही जलने पर लगनेवाली इमर्जेंसी दवाएं भी

ज़रूर रखें.

–    यदि पटाखे से जल जाएं, तो जले हुए स्थान पर तुरंत पानी के छींटें मारें.

–    हमेशा लाइसेंसधारी और विश्‍वसनीय दुकानों से ही पटाखे ख़रीदें.

ये न करें…

–    कुछ लोग बहादुरी दिखाने के लिए पटाखे हाथ में पकड़कर जलाने की कोशिश करते हैं. ऐसा न करें, क्योंकि ऐसा करने से पटाखों के हाथ में फटने और दुर्घटना होने की संभावना रहती है.

–    पटाखों को दीये या मोमबत्ती के आसपास ना जलाएं.

–    जब आपके आसपास कोई पटाखे जला रहा हो, तो उस समय आप भी पटाखे ना जलाएं.

–   बिजली के तारों के आसपास क्रैकर्स न फोड़ें.

–   यदि किसी पटाखे को जलने में बहुत अधिक समय लग रहा है, तो उसे दोबारा ना जलाएं, बल्कि किसी सेफ जगह पर फेंक दें.

–   आधे जले हुए पटाखों को इधर-उधर ना फेंकें. उसे पानी में डुबोकर फेंक दें.

–    रॉकेट जैसे पटाखे ऐसे समय में बिल्कुल न जलाएं, जब ऊपर किसी तरह की रुकावट जैसे पेड़, बिजली के तार आदि हों.

–   दीपावली पर कॉटन के कपड़े पहनकर ही पटाखों का आनंद लें. ध्यान रहे, रेशमी या फिर नायलॉन के आउटफिट बिल्कुल भी न पहनें.

–    खुली फ्लेम के कारण पटाखे जलाने के लिए माचिस या लाइटर का इस्तेमाल न करें, यह ख़तरनाक हो सकता है.

–    कभी भी छोटे बच्चों के हाथ में कोई पटाखा न दें.

–   यदि आपकी कार है, तो उसे गैराज में रख दें या फिर उसे अच्छी तरह से कवर कर दें.

–   दीपावली पर घर की खिड़कियां बंद ही रखें तो अच्छा है. साथ ही उन पर रेशमी पर्दे न लगाएं, वरना कोई चिंगारी लगने पर तेज़ी से आग फैलने का डर बना रहता है.

–   सभी पटाखों को हमेशा किसी बंद डिब्बे में ही रखें, विशेषकर दिवाली की रात को.

–    क्रैकर्स जलाते समय पैकेट में दिए गए निर्देशों को भी ज़रूर देख लें और उसी के अनुसार पटाखों को जलाएं.

–   बेहतर होगा कि पटाखे जलाते समय फुल स्लीव्स के ड्रेसेस ही पहने जाएं.

–    पटाखों का आनंद लेते समय किसी इमर्जेंसी वाली सिचुएशन के लिए भी तैयार रहें.

–   यदि आप बहुत सारे लोगों के साथ मिलकर पटाखे जला रहे हैं, तो इस बात का ख़्याल रखें कि एक समय में एक ही शख़्स पटाखे जलाए, क्योंकि यदि कई लोग साथ-साथ पटाखे जलाएंगे, तो दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है.

–    यदि आपके घर में पालतू जानवर, जैसे- बिल्ली, डॉगी आदि हैं, तो उन्हें पटाखों से दूर ही रखें. बेज़ुबान जानवर दिवाली के दिन शोर-शराबे से बेहद परेशान हो जाते हैं. यदि संभव हो, तो उनके कान में कॉटन डाल दें.

–    भीड़वाली जगह, पतली गलियों या घर के पास में पटाखे न जलाएं.

–    छोटे बच्चों को ख़ुद से पटाखे न जलाने दें. उनके साथ किसी बड़े को ज़रूर रखें.

–    कभी भी पैंट की जेब में पटाखे न रखें.

–    ढीले-ढाले कपड़े पहनकर पटाखे न जलाएं.

–    जहां पर पटाखे रखे हों, वहां पर माचिस की जली तीली या फिर अगरबत्ती आदि न फेंकें.

–    ध्यान रहे, कभी भी पटाखों के साथ कोई एक्साइटमेंट या फिर एक्सपेरिमेंट करने का प्रयास न करें. यह ख़तरनाक हो सकता है.

–    सड़क के कुत्तों या फिर अन्य जानवरों को पटाखों से परेशान न करें.

–   पटाखे जलाते समय पेट्रोल, गैस सिलेंडर, डीज़ल, केरोसिन आदि चीज़ें आसपास न हों, इस बात का ख़्याल रखें.

–   यदि पटाखे जलाते समय जल जाएं, तो तुरंत टूथपेस्ट व बरनॉल लगाएं. आवश्यक लगे, तो डॉक्टर को दिखाएं.

– ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ें: चरणामृत और पंचामृत में क्या अंतर है? (What Is The Difference Between Charanamrit And Panchamrit)

 

क्या आपके ब्यूटी प्रोडक्ट्स जल्दी खराब हो जाते हैं? ट्राई करें ये ईज़ी टिप्स (How To Keep Cosmetics And Makeup Tools Clean And Safe)

Makeup Tools

अपने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का सही तरी़के से इस्तेमाल एवं देखरेख करके आप उनकी उम्र बढ़ा सकती हैं. कैसे? आइए, हम आपको बताते हैं. 

Makeup Tools

आईशैडो और आईलाइनर
चेहरे का सबसे नाज़ुक हिस्सा हैं आंखें. इन्हें इं़फेक्शन से बचाने के लिए अपना पर्सनल आईशैडो व लाइनर ही प्रयोग करें. आईशैडो को ब्रश से लगाएं. ब्रश को हर माह बदल दें या डिस्पोज़ेबल ब्रश का प्रयोग करें. यदि लंबे समय तक ब्रश का इस्तेमाल करना हो तो ब्रश या स्पंज को कभी-कभी धो लें. लाइनर लगाते समय उसे ़ज़्यादा देर खुला न छोड़ें.

फेस क्रीम और लोशन
अनेक लोशन्स व क्रीम में विटामिन ‘ए’, ‘सी’ और ‘ई’ होते हैं और प्रॉडक्ट का प्रयोग करने और खुलने पर वे हवा के संपर्क में आने पर बेअसर हो जाते हैं. अतः प्रयोग के तुरंत बाद उसका ढक्कन टाइट बंद करें और साफ़ हाथों से क्रीम या लोशन निकालें.

पाउडर
त्वचा पर पाउडर लगाने के बाद हर बार अपने मेकअप ब्रश को धोना न भूलें.

मस्कारा
इसका प्रयोग ़ज़्यादा समय तक नहीं करना चाहिए. अपना मस्कारा दूसरों को लगाने के लिए न दें. मस्कारे के ब्रश को ज़मीन पर न लगने दें, क्योंकि इस पर कीटाणु लगने का ख़तरा रहता है.

आई जेल और क्रीम
रोज़ हवा व बैक्टीरिया के संपर्क में आने से आई जेल और क्रीम ख़राब हो सकती हैं. अतः साफ़ हाथों से ही इनका प्रयोग करें.

Makeup Tools

लिक्विड फाउंडेशन
त्वचा पर लगाने से पहले फाउंडेशन को अच्छी तरह हिला लें. इसका इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि फाउंडेशन हमेशा अपनी हथेलियों के बीच में ही निकालें.

कंसीलर
इसकी सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए कंसीलर ब्रश को हर बार प्रयोग के बाद धोना न भूलें.

नेचुरल बॉडी कंसीलर
इस बात का ध्यान रखें कि कंसीलर के अंदर पानी न जाने पाए.

लिपस्टिक
लिपस्टिक की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए होंठों पर लगाने के बाद उसकी टिप को साफ़ उंगली पर एक बार घुमाएं और फिर बंद करें. लिपस्टिक को ठंडे स्थान पर रखें और लिप ब्रश से लगाएं. लिप ब्रश को कॉटन बॉल से साफ़ करें.

आई और लिप पेंसिल
कभी भी आई पेंसिल को थूक से गीला करके न लगाएं. ऐसा करने से इं़फेक्शन होने का डर रहता है.

Makeup Tools

रखें अपने कॉस्मेटिक्स का ख़ास ख़्याल
* ब्यूटी प्रॉडक्ट्स (आई लाइनर, लिपस्टिक आदि) को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें सूखे, ठंडे और अंधेरी जगह पर रखें.
* धूप, नमी और गर्मी से ब्यूटी प्रॉडक्ट्स को बचा कर रखें.
* किसी भी स्किन केयर प्रॉडक्ट या कॉस्मेटिक का प्रयोग करने से पहले हाथों को साफ़ कर लें. अमूमन, जब भी हथेली पर क्रीम या लोशन निकालते हैं तो हानिकारक कीटाणु क्रीम या लोशन में मिक्स हो जाते हैं. यदि हाथ धुले हों तो खतरा कम रहता है.
* मेकअप ब्रश, स्पॉन्ज/पफ़ को इस्तेमाल के बाद हर बार धोकर रखें.
* प्रोडक्ट को लगाने के बाद बॅाटल या डिब्बी का ढक्कन टाइट बंद करके रखें, ख़ासकर यदि प्रोडक्ट में फ्रेगरेंस और अल्कोहल हो तो.
* किसी भी प्रोडक्ट में बिना किसी निर्देश के पानी न मिलाएं. पानी मिलाने से उसका डायल्यूशन (तरलीकरण) हो जाता है और उसका पीएच बैलेंस बदल जाता है. इससे प्रोडक्ट में मौजूद प्रिज़र्वेटिव्स बेअसर हो जाते हैं, क्योंकि पानी उत्पाद की ख़ुशबू व रंग दोनों को ही परिवर्तित कर देता है.

Makeup Tools
रखें अपने कॉस्मेटिक्स का ख़ास ख़्याल
* यदि आपने किसी क्रीम या लोशन की बड़ी बॉटल ख़रीदी है, तो उसे अपनी ज़रूरत के अनुसार किसी छोटी बॉटल में निकाल लें, लेकिन ध्यान रहे कि क्रीम निकालने के लिए स्टरलाइज़ स्पैटुला का प्रयोग करें.
* सीलबंद क्रीम, लोशन या लिपस्टिक, जो अभी प्रयोग में नहीं हैं, उन्हें अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज में रखें.
* अपने पर्स और हैंडबैग में अधिक ब्यूटी प्रोडक्ट्स न रखें, क्योंकि शरीर के तापमान और गर्मी के कारण उत्पाद की अनुकूलता नष्ट होने लगती है और कभी-कभी उनका कलर भी बदलने लगता है.
* यदि आप कॉस्मेटिक (लोशन, स्क्रब आदि) को बाथरूम में रखती हैं तो उनको बंद केबिनेट में रखें.
* किसी भी कॉस्मेेटिक का प्रयोग करने के बाद यदि त्वचा पर खुजली, जलन या लाल चकत्ते उभर आएं, तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर डॉक्टर को दिखाएं.
* अपने ब्यूटी प्रॉडक्ट्स कभी दूसरों के साथ शेयर न करें. इससे इं़फेक्शन होने का ख़तरा रहता है.
* घर पर भी मेनीक्योर व पेडीक्योर करने से पहले सभी उपकरणों को किसी एंटीसेप्टिक लोशन से साफ़ ज़रूर करें.
* हमेशा ब्रांडेड कंपनियों के कॉस्मेटिक ख़रीदें.

महिलाओं के लिए टॉप 3 सेफ डेस्टिनेशन (Top 3 safe Destination for women)

safe destination for women

घर-ऑफिस की ज़िम्मेदारियों से कुछ दिनों के लिए ब्रेक लीजिए और अकेले ही निकल पड़िए रोमांचक ट्रिप पर. आपके सुहाने सफ़र में किसी तरह की रुकावट न आए, इसलिए हम बता रहे हैं कुछ ऐसे डेस्टिनेशन्स जो हैं आपके लिए पूरी तरह से महफूज़ और रोमांचक.

resized_650x365_origimage_651711

ज्युरिक, स्विट्ज़रलैंड

फिल्म दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे की सिमरन की तरह आप भी अगर अपनी सहेलियों के साथ कोई ट्रिप प्लान करना चाहती हैं, तो ज़्युरिक से बेहतरीन जगह कोई हो ही नहीं सकती. रोमांस और प्रकृति की अनुपम छटा से भरपूर ज़्युरिक आपको बहुत पसंद आएगा. ज़्युरिक स्विट्ज़रलैंड का फायनांशियल सेंटर है. ये स्विट्ज़रलैंड के बड़े शहरों में से एक है.

कैसे जाएं?
देश के सभी बड़े महानगरों से आप ज़्युरिक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर सकती हैं.

Summer-time-at-Lake-Zurich

मुख्य आकर्षण
ज़्युरिक लेक
लिंडेनहॉफ हिल
ब्लैक फॉरेस्ट एंड राइन फॉल
ज़्युरिक ओपेरा हाउस
बोटैनिकल गार्डन

4520893021_2480ec4025

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्मार्ट आइडिया
ज़्युरिक की नाइट लाइफ आपको
रोमांच से भर देगी. रात में अपनी सहेलियों के साथ ज़्युरिक
 की नाइट लाइफ का आनंद ज़रूर लें.

क्या आप जानती हैं?
ज़्युरिक में अपराध, चोरी, महिलाओं के
साथ होनेवाली छेड़छाड़ आदि न के बराबर है.
ये जगह आपके लिए पूरी तरह सुरक्षित है.

New-York_Small

यह भी पढ़ें: न्यू ईयर सेलिब्रेशन: नहीं बना कोई प्लान, ऐसे करें एंजॉय

न्यूयॉर्क, USA

एक रिसर्च से पता चला है कि न्यूयॉर्क पूरे अमेरिका में तीसरा सबसे सुरक्षित शहर है, इसलिए आपकी ट्रैवलिंग के लिए ये जगह बिल्कुल सेफ है. लेटेस्ट फैशन ट्रेंड और दुनियाभर के पर्यटकों के फैशन मंत्र से रू-ब-रू होना चाहती हैं, तो न्यूयॉर्क दिल खोलकर आपका स्वागत करता है. कला प्रेमियों के लिए भी न्यूयॉर्क बेहतरीन जगह है.

कैसे जाएं?
जॉन एफ केनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट न्यूयॉर्क जाने के लिए नज़दीकी एयरपोर्ट है. एयरपोर्ट से आप लोकल वेहिकल से शहर घूम सकती हैं.

मुख्य आकर्षण
स्टैचू ऑफ लिबर्टी- सेंट्रल पार्क
एम्पायर स्टेट बिल्डिंग
टाइम्स स्न्वेयर
मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ आर्ट
9/11 मेमोरियल

स्मार्ट आइडिया
रात में ब्रूकलिन ब्रिज पर चहलक़दमी ज़रूर करें.
इससे आपको आनंद का अनुभव होगा.
इस ब्रिज को कई हिंदी फिल्मों में दिखाया गया है.

queenstown-new-zealand
क्वींसटाउन, न्यूज़ीलैंड

झीलों और ख़ूबसूरत फूलों का शहर क्वींसटाउन आपको बेहद पसंद आएगा. यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं तो आपको क्वींसटाउन से प्यार हो जाएगा. यहां आकर आपको ऐसा लगेगा कि घंटों बैठकर प्रकृति का सौंदर्य निहारें. रोमांच पसंद करनेवालों के लिए भी ये बेहतरीन जगह है. तो देर किस बात की, उठाइए बैग और निकल पड़िए क्वींसटाउन की सैर पर.

कैसे जाएं?
क्वींसटाउन इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया के सभी देशों से जुड़ा है. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई आदि महानगरों से आप सीधे क्वींसटाउन एयरपोर्ट पहुंच सकती हैं. उसके बाद लोकल वेहिकल से आप पूरा शहर घूम सकती हैं.

P1010180-e1367017606717

मुख्य आकर्षण
मिलफोर्ड साउंड
द रिमार्केबल्स
लेक वकाटिपु
कोर्नेट पीक
स्काईसिटी क्वींसटाउन

स्मार्ट आइडिया
मखमली फूलों पर चलने का
अनोखा अनुभव करना चाहती हैं,
तो क्वींसटाउन गार्डन ज़रूर जाएं.

– श्वेता सिंह 

 

अधिक ट्रैवल आर्टिकल के लिए यहाँ क्लिक करें: Travel Articles

6 स्मार्ट तरीक़ों से रखें डिजिटल वॉलेट को सेफ़? (6 smart tips for safe digital wallet)

digital wallet

digital wallet

घर बैठे-बैठे सिनेमा हॉल की टिकट बुक करना, हॉस्टल में पढ़ रहे बेटे की फीस जमा करना, गांव में पैसे भिजवाना, बिना लाइन में खड़े हुए बिजली का बिल भर देना जैसी सहूलियत आपको ई वॉलेट से ही मिलती है. बिना झंझट और झल्लाहट के आप आराम से घर बैठे कई काम कर देते हैं. घर से बाहर निकलने पर अब आपके पैसे चोरी का डर भी नहीं रहता, क्योंकि अपना बहुत सारा काम आप ई वॉलेट के ज़रिए निपटा देते हैं. डिजिटल हो रहे इस मॉडर्न ज़माने के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलने के लिए आपका भी डिजिटल होना बहुत ज़रूरी है, लेकिन इन सबके बीच सुरक्षा यानी आपके ई वॉलेट की सेफ्टी का इश्यू वैसे ही रह जाता है. आपका हर काम आसान करनेवाले डिजिटल वॉलेट को सेफ़ कैसे रखें? आइए, हम बताते हैं.

फोन लॉक करें
आमतौर पर स़िर्फ एक उंगली की दूरी पर है आपका ई वॉलेट. ऐसे में उसकी सुरक्षा और भी अहम् हो जाती है, इसलिए अपने फोन में लॉक कोड रखें. इतने से ही काम नहीं चलेगा. आप चाहें, तो अपने फोन में फिंगर लॉक रखें. ऐसे में कोई दूसरा आपके फोन को एक्सेस नहीं कर पाएगा.

ऐप लॉक
स़िर्फ फोन लॉक करने से काम नहीं चलेगा. कहीं आपका फोन चोरी हो गया और ग़लती से सामने वाले ने फोन का लॉक खोल लिया, तो आसानी से आपके ई वॉलेट का मिसयूज़ कर सकता है, इसलिए ज़रूरी है कि ऐप पर लॉक कोड सेट करें.

स्ट्रॉन्ग पासवर्ड
ऐप का पासवर्ड रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि वो सिंपल और छोटा न हो. इससे कोई भी आसानी से ब्रेक कर सकता है. बेहतर होगा कि 10 डिज़िट का पासवर्ड रखें. स्पेशल कैरेक्टर के साथ पासवर्ड रखें.

एंटी वायरस डालें
कंप्यूटर, लैपटॉप की तरह मोबाइल में भी एंटी वायरस डलवाएं. ऐसा इसलिए करें, क्योंकि आप अपने मोबाइल का यूज़ एक लैपटॉप की तरह करते हैं. सोशल साइट्स से लेकर कई साइट्स पर जाते हैं. ऐसे में वायरस आपके मोबाइल में एंटर कर सकते हैं.

मिनिमम बैलेंस
अगर आप चाहते हैं कि फ्यूचर में आपको रोना न पड़े, तो अपने ई वॉलेट में कम पैसा रखें. ऐसे में अगर आपका मोबाइल किसी और के हाथ में आ भी गया, तो वो बहुत ज़्यादा पैसे का यूज़ नहीं कर पाएगा.

कार्ड डिटेल सेव न करें
मानाकि कार्ड डिटेल सेव करने से आपको पेमेंट करने में आसानी होती है, लेकिन ये सही नहीं है. ऐसा करना भारी पड़ सकता है. किसी के हाथ मोबाइल लगने पर, वो आपका पूरा पैसा ख़त्म कर सकता है.

इन सेफ्टी ट्रिक्स को अपनाकर आप अपने ई वॉलेट को सेफ रख सकते हैं.

श्वेता सिंह

अधिक फाइनेंस आर्टिकल के लिए यहां क्लिक करें: FINANCE ARTICLES 

[amazon_link asins=’B06Y3VRQ46,B07645598Z,B07647XYQF’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’24a0dd9e-b4b2-11e7-9baf-637e969a6f8c’]

 

मनाएं सेफ और हेल्दी दिवाली (Have A Safe And Healthy Diwali)

ख़ुशियों के रंग बिखरे रहें, रोशनी के दिए जलते रहें… हर शाम दिवाली हो हर दिल में, कुछ इस तरह से हम मिलते रहें…

दिवाली का मतलब हम सभी के लिए होता है ढेर सारी ख़ुशियां, उत्सव और जश्‍न. लेकिन इन ख़ुशियों को सेलिब्रेट करने के जोश में हम यह भूल जाते हैं कि सेलिब्रेशन का मतलब स़िर्फ शोर-शराबा और हुड़दंग ही नहीं होता. सेलिब्रेशन जहां तक हो सके सेफ हो, ताकि आपकी ख़ुशियों को नज़र न लगे. किस तरह से मनाएं सेफ और हेल्दी दिवाली यह हमें ही तय करना होगा.

1(2)

हेल्थ को इग्नोर न करें
– यह सच है कि दीवाली ख़ुशियों का त्योहार है, ऐसे में खाने-पीने का हिसाब-क़िताब हम आमतौर पर नहीं रखते और इसके चलते बहुत ज़्यादा मिठाई और तली हुई चीज़ें खा लेते हैं. ऐसा बिल्कुल भी न करें.
– मिठाई व तली चीज़ें सेहत को नुक़सान पहुंचाती हैं. इसके अलावा इस सीज़न में नक़ली मिठाइयों का बाज़ार गर्म रहता है, जो गंभीर

नुक़सान पहुंचाती हैं
– खोवे के मिठाइयां और सिल्वर फॉइल चढ़ी मिठाइयां न खाएं. सिल्वर फॉइल की जगह अक्सर एल्युमिनियम का प्रयोग होता है, जो शरीर और ख़ासतौर से मस्तिष्क पर बहुत बुरा असर डालता है. बेहतर होगा घर पर ही मिठाई तैयार करें.
– जिन मिठाइयों में केमिकल प्रिज़र्वेटिव्स डाले जाते हैं, उनसे भी बचें, क्योंकि ये आपके लिवर, व किडनी को डैमेज कर सकती हैं. इनसे अस्थमा अटैक और कैंसर का ख़तरा भी हो सकता है.
– दिवाली के दौरान वायु प्रदूषण ख़तरनाक स्तर तक बढ़ जाता है. बहुत अधिक धुएं वाले पटाखे न चलाएं. इससे सांस की बीमारी हो सकती है. जिन लोगों को सांस संबंधी समस्या है, उन्हें इस दौरान तकलीफ़ काफ़ी बढ़ जाती है. इसलिए सामाजिक तौर पर भी हमें इस बात का ख़्याल रखना चाहिए कि हम इस प्रदूषण को बढ़ने न दें.
– न स़िर्फ वायु बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी काफ़ी बढ़ जाता है, जिससे कान व मस्तिष्क संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
– बेहतर होगा कि पटाखे फोड़ते व़क्त ईयर प्लग्स पहनें, क्योंकि इनसे निकलनेवाली तेज़ आवाज़ आपके कानों को नुक़सान पहुंचा सकती है.

यह भी पढ़ें: दिवाली के 5 दिन शुभ फल प्राप्ति के लिए क्या करें, कैसे करें?

यह भी पढ़ें: लक्ष्मी जी की आरती 

सेफ्टी है सबसे ज़रूरी
– पटाखे और फुलझड़ियां बच्चों को बहुत अट्रैक्ट करते हैं, लेकिन ये उतने ही ख़तरनाक साबित हो सकते हैं.
– बच्चों को कभी भी ख़तरनाक बम-पटाखे न दें.
– हल्के-फुल्के पटाखे चलाते समय भी यह ध्यान रखें कि आप उनके साथ हों.
– ढीले-ढाले कपड़े पहनकर पटाखे न चलाएं.
– सिंथेटिक व जल्दी आग पकड़नेवाले कपड़े न पहनें.
– दीयों को ऐसी जगह रखें, जहां वे किसी को नुक़सान न पहुंचा पाएं.
– कभी भी रोड़ साइड व भीड़भाड़ वाली जगह में पटाखे न फोड़ें. इससे आपके साथ-साथ दूसरों को भी नुक़सान हो सकता है. साथ ही आगज़नी आदि की घटनाएं भी हो सकती हैं.
– जहां इलेक्ट्रिक तार हों, गैस सिलेंडर या कोई भी आग पकड़नेवाले सामान हों, वहां पटाखे न चलाएं.
– बहुत ज़्यादा पटाखे न फोड़ें, इससे कचरा फैलता है और अगले दिन आप इसका नज़रा सड़कों पर देख सकते हैं.
– तेज़ टिमटिमाती रौशनी मन को तो लुभाती है, लेकिन दिवाली के दौरान पावर कंज़म्शन बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे हमारा ही नुक़सान होता है.
– बेहतर होगा ईको फ्रेंडली दिवाली मनाएं. मिट्टी के दीयों का प्रयोग करें.
– बच्चे पटाखों की ज़िद छोड़ नहीं पाते, ऐसे में बेहतर होगा उन्हें ईको फ्रेंडली पटाखे लाकर दें. इनमें शोर व धुआं कम होता, क्योंकि ये रिसाइकल्ड पेपर्स से बने होते हैं.
– किसी को गिफ्ट भी दें, तो बेहतर होगा ड्राइ फ्रूट्स, फ्रेश फ्रूट्स व लो कैलोरी स्वीट्स ही दें.
– दीवाली के दिन चैरिटी करके उत्सव मनाएं.  ग़रीब बच्चों को या किसी आश्रम में जाकर उनके बीच ख़ुशियां बांटें. इससे बच्चे शुरुआत से ही आपको ऐसा करते देख इसे ही जीवन में अपनाएंगे.
– अगले दिन पटाखों के बिखरे कचरे की सफ़ाई के लिए ख़ुद को व अपने आसपास के लोगों को प्रोत्साहित करें.

shutterstock_209476885

इस साल पटाखों को कहें ‘ना’
– सबसे पहले तो यह जान लें कि दिवाली रोशनी का पर्व है, शोर का नहीं.
– पटाखों से न स़िर्फ हमें, बल्कि पशु-पक्षियों को भी तकलीफ़ होती है.
– इस बात की तरफ़ शायद कम ही लोगों का ध्यान जाता है कि पटाखा बनाने के काम में अधकतर बच्चे यानी बालमज़दूर ही लगे होते हैं, जो बेहद ख़राब वातावरण में काम करते हैं. पटाखे ख़रीदकर आप एक तरह से बाल मज़दूरी को ही बढ़ावा दे रहे हैं.
– पटाखों से बेहद ज़हरीली गैस रिलीज़ होती है, जैसे- सल्फर डायऑक्साइड और नाइट्रोजन डायऑक्साइड, जो वातावरण व सेहत दोनों ही के लिए बेहद ख़तरनाक होती हैं.
– सबसे अंत में, पटाखे ख़तरनाक होने के साथ-साथ बेहद महंगे होते हैं, उन्हें जलाकर आप एक तरह से अपने ख़ून-पसीने की गाढ़ी कमाई ही फूंक रहे होते हैं. उन पैसों को किसी अच्छे काम में लगाएं, जिससे किसी और का थोड़ा भला हो सके और आपके मन को भी संतोष मिले.

– गीता शर्मा

[amazon_link asins=’B0179TK806,B019GN1BOA,B075SJYJ8B,B075NDN9T8,B01A8IIO9W’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’661d0284-b3e1-11e7-8291-0f4548d67976′]

कितने सुरक्षित हैं बैंक लॉकर? (How Bank locker is safe?)

Bank locker is safe

How Bank locker is safe?

bank locker

अपने क़ीमती गहनों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की हिफाज़त के लिए लोग अक्सर बैंक लॉकर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या ये लॉकर पूरी तरह सुरक्षित और किफ़ायती होते हैं? आइए, जानते हैं बैंक लॉकर से जुड़ी कुछ अहम बातें.

किसे मिल सकती है लॉकर सुविधा?
आमतौर पर बैंक अपने वर्तमान ग्राहकों को लॉकर सुविधा देता है लेकिन आप अगर सेविंग अकाउंट खोले बिना ही लॉकर सुविधा चाहते हैं, तो इसके लिए आपको उस बैंक में एक निश्‍चित राशि का फिक्सड डिपॉज़िट (एफडी) करना होगा. इसकी राशि लॉकर के साइज़ पर निर्भर करती है. साथ ही अलग-अलग बैंकों में भी एफडी की राशि अलग-अलग होती है.

इस सुविधा के लिए बैंक क्या लेते हैं?
सभी बैंक लॉकर सुविधा के लिए ग्राहक से हर महीने एक निश्‍चित किराया वसूलते हैं. हर बैंक की किराये की राशि अलग-अलग होती है. जैसे- मेट्रो सिटीज़ में एचडीएफसी बैंक लॉकर फैसिलिटी के लिए हर साल क़रीब 20,000 रुपए वसूलता है जबकि कोटक महिंद्रा बैंक तक़रीबन 12,000 रुपए लेता है. शहरों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में लॉकर का किराया कम होता है. बैंक ये राशि वित्त वर्ष (फ़ायनेंशियल ईयर) की शुरुआत में ही एडवांस के रूप में ले लेता है. ऐसे में आप अगर बीच में ही ये सुविधा लौटाना चाहते हैं, तो बैंक आपको बाकी पैसे नहीं लौटाएगा. इसलिए जानकार पूरे साल के लिए लॉकर सुविधा लेने की सलाह देते हैं.

सुरक्षा का सवाल
वैसे तो लॉकर में रखा आपका सामान पूरी तरह सुरक्षित रहता है. बैंक अच्छी क्वालिटी के ताले, स्ट्रॉन्ग रूम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, अलार्म सिस्टम, पुलिस व्यवस्था और इंटर्नल सिक्योरिटी के ज़रिए लॉकर को पूरी तरह सेफ़ रखने की कोशिश करता है, लेकिन इसके बावजूद चोरी-डकैती या प्राकृतिक आपदाओं से यदि किसी तरह का नुक़सान होता है, तो उसकी भरपाई के लिए बैंक ज़िम्मेदार नहीं होता. वैसे चोरी, आग, बाढ़, तूफ़ान या अन्य किसी कारण से होने वाले नुक़सान से बचने के लिए सामान का इंश्योरेंस करवाया जा सकता है.

सुरक्षा के लिए सतर्कता
बैंक के साथ ही आपको ख़ुद भी अपने लॉकर की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की ज़रूरत है. विशेषज्ञों की राय में पूरे सामान की डिटेल लिखकर उसकी एक कॉपी घर में और एक लॉकर में रखनी चाहिए. साथ ही लॉकर में रखे जाने वाले काग़ज़ातों को लैमिनेट कराकर रखें. लॉकर खोलते समय ये देख लें कि आपके आस-पास कोई न हो. आपने कितनी बार लॉकर खोला इसकी डिटेल भी रखें और वहां से निकलने से पहले ये सुनिश्‍चित कर लें कि आपने लॉकर ठीक से बंद किया है या नहीं. विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकर को साल में कम-से-कम एक बार अवश्य खोलना चाहिए. आरबीआई ने बैकों को ये अधिकार दे रखा है कि हाई-रिस्क वाले लॉकर को अगर एक साल तक नहीं खोला जाता है, तो बैंक ताला तोड़कर लॉकर खोल सकता है.

लॉकर से जुड़े कुछ सवाल-जवाब

क्या लॉकर सुविधा के लिए सेविंग अकाउंट खोलना या फिर बैंक में बड़ी राशि जमा करना आवश्यक है?
हालांकि आमतौर पर सभी बैंकों में ऐसा ही किया जाता है, लेकिन आरबीआई ने बैंकों को ऐसा न करने की सलाह दी है. ज़्यादा से ज़्यादा बैंक कस्टमर ये कह सकता है कि वो एक ऐसा सेविंग अकाउंट खोले जिसमें लॉकर के तीन साल के किराये और ब्रेकेज चार्ज के बराबर राशि हो. ऐसा तभी कहा जा सकता है जब कस्टमर से लंबे समय तक संपर्क करना संभव न हो.

क्या लॉकर सुविधा बहुत महंगी होती है?
नहीं, मेट्रो सिटीज़ में लॉकर का सालाना किराया 1000 रुपए तक हो सकता है. अगर आपको ज़्यादा सामान रखना है तो मध्यम लॉकार के लॉकर ले सकती हैं. इसका किराया 2000 से 4000 रुपए तक हो सकता है.

क्या लॉकर सौ फीसदी सुरक्षित होते हैं?
लॉकर उतना ही सेफ़ है जितना की बैंक. अगर बैंक में लूट, चोरी होती है या आग व बाढ़ आती है, तो आपका लॉकर सुरक्षित नहीं रह सकता. वैसे लॉकर घर की अपेक्षा ज़्यादा सुरक्षित होते हैं क्योंकि बैंक इसकी सेफ़्टी के लिए पुख्ता इंतज़ामात करता है. वैसे तो बैंक आपके लॉकर को अपनी मर्ज़ी से नहीं खोल सकता लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से उच्च-जोख़िम (हाई रिस्क) वाले लॉकर अगर एक साल तक नहीं खोले जाते, तो बैंक ग्राहक को नोटिस भेजकर ताला तोड़ सकता है और ग्राहक से लॉकर को हुए नुक़सान की भरपाई करने के लिए कह सकता है.

लॉकर की कैटेगरी

  • उच्च जोख़िम (हाई रिस्क)
  • मध्यम जोख़िम (मिडियम रिस्क)
  • निम्न जोख़िम (लो रिस्क)

– कंचन सिंह

अधिक फाइनेंस आर्टिकल के लिए यहां क्लिक करें: FINANCE ARTICLES 

[amazon_link asins=’B01LSY7FXG,B0185NP01C,B01F37ZPYK’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’4cbc8f7d-b4b7-11e7-a79f-cff93f4d07f0′]

क्रेडिट कार्ड को सुरक्षित रखने के स्मार्ट तरीक़े 

Gold-Lock-Credit-Card-Design-Vector
ज़िंदगी को आसान बनाने वाले क्रेडिट कार्ड के ग़लत इस्तेमाल से कई बार आप मुसीबत में भी पड़ सकते हैं. यदि आप प्लास्टिक मनी का सही और सुरक्षित इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.

  • क्रेडिट कार्ड मिलते ही सबसे पहले उस पर अपना साइन करें. इससे यदि कोई आपके कार्ड का ग़लत इस्तेमाल करने की कोशिश करता है, तो उसे आपके साइन की नकल करनी होगी.
  • कार्ड से संबंधित सभी जानकारी अपने पास नोट करके रखें, जैसे- कार्ड का नंबर, एक्सपायरी डेट, कार्ड कंपनी का नंबर और पता.
  • कार्ड के दोनों तरफ की फोटोकॉपी कराके रखें. इससे ग़ुम हो जाने पर कार्ड ब्लॉक कराने में आसानी होगी.
  • एटीएम स्लिप, कैंसल किए हुए चेक, बैंक स्टेटमेंट और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट यदि इस्तेमाल में नहीं आ रहे हैं, तो उन्हें फाड़कर फेंक दें. यूं ही मोड़कर फेंकना ख़तरनाक हो सकता है.
  • अपने पुराने गैजेट या फोन को फेंकने/बेचने से पहले उसके सारे डेटा डिलीट कर दें. बैंक से आए एसएमएस और ईमेल से भी कोई आपकी जानकारी चुराकर आपके अकाउंट का ग़लत इस्तेमाल कर सकता है.
  • क्रेडिट कार्ड से ट्रांजेक्शन करने पर पासवर्ड डालने के लिए हमेशा वर्चुअल कीबोर्ड का इस्तेमाल करें.
  • कुछ समय के अंतराल पर पासवर्ड बदलते रहें. हर जगह एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे हैकर्स के लिए पासवर्ड का पता लगाना आसान हो जाता है.
  • कोई भी साइट इस्तेमाल करने से पहले उसके यूआरएल को अच्छी तरह जांच लें. यदि यूआरएल में ऽ का साइन नज़र आए, तो सतर्क हो जाइए, क्योंकि कई नकली साइट्स में इस सिंबल का इस्तेमाल किया जाता है.
  • यदि किसी वेबसाइट में डोमेन नेम की बजाय http://192.134.2.1 जैसा न्यूमेरिकल एड्रेस दिखाई दे, तो भी सावधान हो जाएं.
  • आप जिन वेबसाइट्स का हमेशा इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बुकमार्क कर लें और अपने पर्सनल कंप्यूटर पर ही खोलें.
  • कोई भी साइट बंद करने से पहले उससे लॉगआउट हो जाएं, फिर साइट बंद करें.
  • आपने देखा होगा कि कई साइट्स खोलने पर ऊपर मैसेज आता है कि क्या आप यूज़र नेम और पासवर्ड सेव करना चाहते हैं? ग़लती से भी यस न करें.
  • आप जितनी बार लॉगिन करें उतनी बार यूज़र नेम और पासवर्ड डालें. किसी भी साइट पर ये जानकारी सेव करना आपके लिए ख़तरनाक हो सकता है.
  • यदि आप अपना कंप्यूटर अपने दोस्त या किसी अन्य के साथ शेयर करते हैं, तो ब्राउज़र केश और हिस्ट्री को हर सेशन के बाद डिलीट कर दें.
  • कार्ड से शॉपिंग करते व़क्त ट्रांजेक्शन के समय अलर्ट रहें. दुकानदार को कार्ड देते समय कार्ड पर पूरी नज़र रखें. कोशिश करें कि कार्ड आपकी निगाह से ओझल न हो.
  •  जब भी कोई ट्रांजेक्शन करें उसकी रसीद, बिल आदि को संभालकर फाइल करके रखें. महीने के अंत में इन सभी रसीदों से अपने मंथली स्टेटमेंट को मिलाकर देखें.
  • स्टेटमेंट देखने के दौरान यदि आपको लगता है कि कोई शॉपिंग आपने नहीं की है, तो क्रेडिट कार्ड कंपनी को इस संबंध में तुरंत जानकारी दें.
  • यदि कभी कार्ड चोरी हो जाए या ग़ुम हो जाए, तो तुरंत कार्ड कंपनी को इसकी सूचना दें. यदि आपने तुरंत सूचना नहीं दी, तो कार्ड से होने वाले नुक़सान के लिए बैंक ज़िम्मेदार नहीं होगा.
  • कार्ड खोने से संबंधित सूचना आप जिस कस्टमर केयर अधिकारी को दे रहे हैं, उसका नाम और नंबर नोट करके रखें.
  • यदि बैंक में शिकायत दर्ज कराने के बाद 30 दिनों के भीतर कोई सुनवाई नहीं होती, तो बैंकिंग ओम्बड्समैन के यहां शिकायत करें.
  • यदि आप बैंकिंग ओम्बड्समैन की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं, तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर को लिखित शिकायत दे सकते हैं.

[amazon_link asins=’B01M4G2JQ1,B01J67MYYC,B018FYMULE,B0743BZPF7′ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’28feeaf7-b8ac-11e7-8e6d-43c534f10818′]