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होम सेफ्टी के 21 बेस्ट रूल्स (21 Home Safety Best Rules)

आमतौर पर हम सभी घर की साफ़-सफ़ाई व होम डेकोर पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन इसी के साथ घर की सुरक्षा (Home Security) भी बेहद ज़रूरी है. ऐसे में होम सेफ्टी (Home Safety) से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जानकर हम अपने घर को बेहतर तरी़के से सुरक्षित रख सकते हैं.

Home Safety

1.यदि घर की सुरक्षा की बात की जाए, तो सबसे ज़रूरी है घर का बीमा कराना यानी होम इंश्योरेंस करवाएं, जिसमें मकान व घर के सभी सामानों का बीमा कराया जाता है.

2. घर के प्रवेशद्वार पर मेटल डोर लगाएं और ये सभी दरवाज़े अंदर की तरफ़ खुलते हों, इस बात का भी ध्यान रखें.

3. घर की सेफ्टी के लिए यह भी ज़रूरी है कि कभी भी घर की चाबी घर के बाहर गमले या डोरमैट के नीचे या फिर किसी अन्य जगह पर नहीं छुपाएं.

4. प्रवेशद्वार पर बर्गलर अलार्म भी लगाएं. साथ ही इसे इस्तेमाल करने के तरी़के के बारे में अच्छी तरह से समझ लें.

5. किसी भी अजनबी को ज़रूरी पूछताछ के बाद संतुष्ट होने पर ही घर के अंदर आने दें.

6. घर में अगर स्लाइडिंग दरवाज़े-खिड़कियां हैं, तो उसे लॉक करने की भी पर्याप्त व्यवस्था करें. स्लाइडिंग ट्रैक पर स्टील का पोल भी लगवाएं.

7. कई बार चोर घर के पीछे की तऱफ़ से घर में घुसने की कोशिश करते हैं. ऐसे में घर के चारों ओर ऊंची व मज़बूत कॉन्क्रीट की दीवार बनाएं, जिससे कोई भी अजनबी उसे फांदकर घर के अंदर न आ सके.

8. इसके अलावा बाउंड़्री वॉल की दीवारों पर कंटीले तारों की फेंसिंग या तारों में करंट या एलेक्ट्रिफाइड फेंसिंग भी लगा सकते हैं. इसमें एक सेंसर भी होता है. इससे यह पता चल जाता है कि चोर ने किस एरिया में छेड़छाड़ की है.

9.दरवाज़े पर पीप होल के अलावा इमर्ज़ेंसी स्मोक, हीट व फायर अलार्म लगाएं.

10. बच्चों के रूम में लॉकिंग सिस्टम न रखें. यदि रखना ही हो, तो टावर बोल्ट लॉकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करें.

11. गैस का सिलेंडर खुली जगह पर ही रखें. यहां पर बेवजह की ग़ैरज़रूरी चीज़ें न फैलाएं. साथ ही गैस के पाइप को कभी भी किसी वस्तु आदि से ना ढकें. यदि पाइप में कहीं पर क्रैक नज़र आए, तो तुरंत चेंज करवाएं.

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12. होम सेफ्टी के लिए हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सिस्टम बेहतर विकल्प है. इसमें चोर द्वारा छेड़छाड़ करने पर खिड़की-दरवाज़े में लगे कॉन्टेक सेंसर्स सिक्योरिटी अलार्म को एक्टीवेट कर देते हैं, जो पहले से फीड पुलिस स्टेशन सहित 15 लोगों को मैसेज के द्वारा चोरों की जानकारी दे देता है. इसमें सीसीटीवी कैमरों से उनके चेहरे भी रिकॉर्ड किए जा सकते हैं.

13. एक्सिस कंट्रोल सिस्टम विद इलेक्ट्रो मैग्नेटिक लॉक लगाने से चाबी रखने से छुटकारा मिल जाता है. इस सिस्टम के तहत परिवार के सदस्यों के फिंगर रजिस्टर्ड हो जाते हैं और उन्हीं के अंगूठे को पहचानकर लॉक खुलता है.

14. यदि आप अकेली रहती हैं, तो आप पर्सनल पैनिक बटन लगवा सकते हैं. यह छोटा-सा यंत्र होता है, जिसे हमेशा अपने पास रखा जा सकता है. कोई भी मुसीबत पड़ने पर उसका बटन दबाने से उसमें जिस भी व्यक्ति का नाम व नंबर आपने फीड किया है, वह अलर्ट हो जाता है.

15. लाइट टाइमर भी बेहतरीन ऑप्शन है, जो फिक्स टाइम पर जलती व बंद होती है. इसके अलावा इसे रेडियो से भी जोड़ सकते हैं, जिससे गाने बजने लगते हैं. ऐसे में चोरों को लगेगा कि घर में लोग हैं.

16. किसी भी अजनबी कॉल द्वारा घर पर आकर कोई गोल्ड ज्वेलरी को दुगुना करने या फिर कोई डबल मुना़फेवाली स्कीम बताने के लिए आना चाहे, तो आप उसे बिल्कुल एंटरटेन न करें और न ही घर पर अकेले होने पर बुलाएं.

17. दरवाज़े पर सिक्योरिटी लॉक की जगह डेथ बोल्ट भी लगा सकते हैं. यह भी काफ़ी मज़बूत रहता है.

18. घर के नौकर या मेड या फिर किसी भी अपरिचित व्यक्ति के सामने आलमारी न खोलें. न ही अपनी ज्वेलरी, पैसे या अन्य क़ीमती सामान या फिर पैसों का लेन-देन उनके सामने करें.

19. बच्चे घर में अकेले रहते हों, तो उनकी सुरक्षा के लिए खिड़की और बालकनी पर बनी रेलिंग यानी लोहे की जाली 42 इंच ऊंची बनवाएं. रेलिंग के दो रॉड्स के बीच कम से कम 4 इंच से अधिक का गैप न रखें, वरना खेलते हुए बच्चे का सिर रॉड्स के बीच फंस सकता है.

20. मेन डोर पर सामान्य तालों की बजाय बायोमैट्रिक्स न्यूमैरिक लॉकिंग, प्री टाइम सेटिंग, कार्ड स्वैपिंग लॉक लगा सकते हैं. ये काफ़ी सेफ रहते हैं. इसमें एक छोटी-सी स्क्रीन होती है, उसमें स्कैनर लगा होता है. यह आपके उंगलियों की पहचान करती है और आपसे चार अंकों का पिन कोड मांगता है. यदि कोई इसे खोलने की कोशिश करता है, तो घर के अंदर लगा सायरन बजने लगेगा और आपको पता चल जाएगा. इसी प्रकार का एक लॉक है न्यूमैरिक लॉक. यह मोबाइल में रखे पासवर्ड की तरह होता है, जिसमें आप अपनी पहचान के लिए चार अंकों का कोड डालते हैं.

21. घर में इंट्रूजन अलार्म जैसे हाईटेक उपकरण लगा सकते हैं. आपकी ग़ैरमौजूदगी में यदि कोई घर के अंदर प्रवेश करता है या घर में कुछ असामान्य होता है, तो यह उपकरण उसकी पहचान कर अलार्म बजा देता है. इसमें कुछ फोन नंबर भी फीड कर सकते हैं, जिससे आपको मैसेज भी मिल सकता है.

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इन बातों पर भी ध्यान दें…

* अगर आप कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, तो पड़ोसियों को घर पर ध्यान रखने के लिए कह जाएं.

* बाथरूम में थर्मोस्टेट लगवाएं और गरम पानी का तापमान हमेशा नियंत्रित रखें. इससे यदि आपकी अनुपस्थिति में बच्चा बाथरूम में पानी से खेलता है, तो कोई दुर्घटना नहीं होगी.

* होम सेफ्टी के लिए घर में डॉगी रखना भी फ़ायदेमंद रहता है.

* घर के कमरों में नीचे की तरफ़ इलेक्ट्रिक प्लग-वायर आदि न लगाएं, क्योंकि छोटे बच्चे खेलते हुए इन्हें छू सकते हैं. इलेक्ट्रिक सॉकेट में उंगली डाल सकते हैं.

* बुज़ुर्गों के लिए सेफ्टी वॉक स्टेप्स बनाएं.

* कभी भी छोटे बच्चों को किचन में अकेला न छोड़ें. वे गैस चूल्हा, सिलेंडर आदि को छेड़ सकते हैं.

* धुएं के लिए स्मोक एंड फायर डिटेक्टर लगाएं.

* होम क्लीनिंग व केमिकल प्रोडक्ट्स को शिशुओं की पहुंच से दूर रखें.

* कमरों के नीचे के रैक में दवाइयां, सिरप आदि न रखें.

* इलेक्ट्रॉनिक सामान बच्चों के पहुंच से दूर रखें. वे इसे लेकर एक्सपेरिमेंट्स कर सकते हैं.

– ऊषा गुप्ता

महिलाएं डर को कहें नाः अपनाएं ये सेल्फ डिफेंस रूल्स (Safety Rules: Women’s Self Defence Tips)

Women's Self Defence Tips
तमाम एहतियात और शोर-शराबे के बावजूद महिलाओं के साथ अपराध और यौन शोषण की घटनाएं कम नहीं हो रहीं. लेकिन डर के साथ तो जीया नहीं जा सकता ना, ना ही दुर्घटना होने का इंतज़ार किया जा सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि हर महिला अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ख़ुद ले. हमेशा सतर्क रहे और हर स्थिति से लड़ने के लिए तैयार भी.

Women's Self Defence Tips

अलर्ट रहें

  • हमेशा अलर्ट रहें. ये सोचकर लापरवाह न बनी रहें कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.
  • अजनबी लोगों पर कभी भरोसा न करें. ऐसे लोगों के साथ ट्रैवल भी न करें. ये आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं.
  • जब भी अकेली हों, सावधान रहें. आपकी बॉडी लैंग्वेज और चाल में भी कॉन्फ़िडेंस होना चाहिए.
  • रात में अकेले बाहर जाना रिस्की है, इसलिए हमेशा ग्रुप में ही बाहर जाएं.
  • शॉर्टकट के चक्कर में सुनसान रास्ते पर जाने से बचें. यहां दुर्घटना होने का ख़तरा ज़्यादा होता है.
  • अगर रात में लिफ्ट में जाना सेफ नहीं लग रहा, तो बेहतर है सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें.
  • अगर आपको लगे कि कोई आपका पीछा कर रहा है, तो फ़ौरन रास्ता बदल दें. किसी भीड़भाड़वाले रास्ते पर मुड़ जाएं.
  • किसी अजनबी से लिफ्ट लेना भी रिस्की हो सकता है. ऐसा न करें.
  • रास्ते में मोबाइल पर बातें करते हुए या म्यूज़िक सुनते हुए न चलें. आपके आसपास कौन क्या बातें कर रहा है, उसके प्रति अलर्ट रहें.
  • ख़ुद ही अपने को प्रोटेक्ट करें. भीड़ से बचने के लिए अपना बैग, बुक्स या फोल्डर को शील्ड के तौर पर इस्तेमाल करें.
  • ज़्यादातर अपराधी अपराध करने के पहले कुछ दिनों या कुछ महीनों तक अपने टारगेट पर नज़र रखते हैं, ताकि उसका रूटीन जान सकें. इसलिए किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बेहतर होगा कि अपना रूटीन थोड़े-थोड़े दिनों में बदलते रहें. स्कूल-कॉलेज जाने का रास्ता हो, जिम-ऑफिस का या फिर शॉपिंग का- हमेशा एक ही रास्ते पर न जाएं. थोड़े-थोड़े दिनों में अपना रूट और टाइम बदलती रहें.
  • कभी-कभी अपने फ्रेंड्स या ग्रुप को भी साथ ले जाएं, ताकि किसी को ये न लगे कि आप अकेली हैं.

अगर अकेले ट्रैवल कर रही हैं

  • अपना ट्रिप एडवांस में ही प्लान कर लें और जहां जा रही हैं, जिस होटल में रुक रही हैं, वहां की सेफ्टी के प्रति पूरी तरह आश्‍वस्त हो जाने के बाद ही ट्रिप फाइनल करें.
  • आजकल कई टूऱिज़्म कंपनियां अकेली महिलाओं के लिए अलग से टूर पैकेज देती हैं, जिसमें उनकी सुरक्षा की एक्स्ट्रा केयर की जाती है. बेहतर होगा कि आप भी ऐसा ही कोई पैकेज लें.
  • ट्रैवलिंग के दौरान किसी अजनबी या सहयात्री से अपना फोन नंबर या कोई और डिटेल शेयर न करें, भले ही आपकी उससे कितनी भी अच्छी दोस्ती क्यों न हो गई हो. ये कई बार रिस्की भी हो सकता है.
  • हमेशा एक्स्ट्रा पैसे साथ में ज़रूर रखें. ये इमर्जेंसी में आपके बहुत काम आएंगे.
  • इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट नंबर्स की एक लिस्ट अपने पास रखें. मोबाइल फोन के अलावा इसे एक या दो जगह और नोट करके रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर आप इसका इस्तेमाल कर सकें.
  • बहुत ज़्यादा एडवेंचर के चक्कर में न पड़ें. रात में अकेले अनजान जगह पर घूमने का साहस न दिखाएं. जहां भी घूमना चाहती हैं, दिन में ही घूम लें. आपकी सेफ्टी के लिए ये ज़रूरी है.

ऑफिस से लेट नाइट निकल रही हों

  • अगर कोई पिकअप करने आ रहा है या आपने कोई गाड़ी बुक की है, तो उसके पहुंचने तक इनडोर ही इंतज़ार करें. ऑफिस गेट से बाहर इंतज़ार न करें.
  • सिक्योरिटी गार्ड से कहें कि वो सारी लाइट्स ऑन ही रखे.
  • अगर कोई घूरते हुए या संदेहास्पद स्थिति में नज़र आए, तो फ़ौरन एक्शन लें. पर्स में पेपर स्प्रे भी साथ रखें.
  • ऑफिस के किसी कलीग का बर्ताव भी ठीक न लगे, तो चुप बैठने की ग़लती न करें. तुरंत उसकी शिकायत टॉप ऑथोरिटीज़ से करें. ऐसा करके आप दूसरी महिलाओं की सेफ्टी भी सुनिश्‍चित कर सकेंगी.

रात में अकेले टैक्सी या ऑटो से सफ़र कर रही हों

  • सबसे पहले परिवार के किसी सदस्य या फ्रेंड को बता दें कि आप कहां जा रही हैं और कब तक लौटेंगी.
  • गाड़ी में बैठने से पहले ही टैक्सी ड्राइवर और टैक्सी के नंबर प्लेट की फोटो क्लिक कर लेें और उसे परिवार या फ्रेंड को भेज दें. ध्यान रखें कि ड्राइवर को पता चलना चाहिए कि आप ऐसा कर रही हैं.
  • फोन पर ज़ोर से बात करते हुए बताएं कि आप कहां पहुंची हैं, कैसे ट्रैवल कर रही हैं आदि. इससे ड्राइवर आपको किसी भी तरह का कोई नुक़सान पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा.
  • जिस रास्ते से परिचित हों, ड्राइवर से वही रूट अपनाने को कहें. किसी शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ें. अगर आपको रास्ता नहीं पता है तो किसी ऐप की सहायता लें. जीपीएस ऑन रखें. ये आपको एकदम सही रूट की ओर गाइड करेगा.

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अगर अकेली रहती हों

कभी करियर की चाह, तो कभी पढ़ाई के लिए कई बार अकेले रहना मजबूरी बन जाता है. ऐसी स्थिति में बड़ी चुनौती है अपनी सेफ्टी यानी आत्मरक्षा. ये उतना मुश्किल भी नहीं बशर्ते आप कुछ एहतियात बरतें.

  • अकेली रहने के लिए सबसे पहले तो जिस एरिया में घर लेने जा रही हैं या रह रही हैं, उसका सुरक्षित होना ज़रूरी है. अच्छी तरह तहक़ीक़ात करने के बाद ही घर फाइनल करें.
  • ये भी सुनिश्‍चित कर लें कि आपकी सोसाइटी द्वारा अपॉइंट किए गए सिक्योरिटी गार्ड्स का बैकग्राउंड वगैरह चेक करने के बाद ही उन्हें अपॉइंट किया गया है या आपकी सोसाइटी ने लाइसेंस्ड सिक्योरिटी सर्विस की ही सेवा ली है.
  • घर के कामों के लिए मेड रखते समय उसकी भी ठीक से जांच-पड़ताल कर लें और उससे संबंधित सारी जानकारी पुलिस में रजिस्टर कर दें.
  • सेफ्टी डोर ज़रूर लगवाएं.
  • किसी अजनबी को घर में न आने दें, ख़ासकर तब जब आप घर पर अकेली हों.
  • पड़ोसियों से मधुर संबंध बनाकर रखें. कुछ इमर्जेंसी पड़ने पर सबसे पहले पड़ोसी ही सहायता के लिए पहुंचते हैं.
  • सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं. इसमें थोड़ा ख़र्च ज़रूर लगेगा, लेकिन आपकी सेफ्टी के लिए ये ज़रूरी है.

सीखें सेल्फ डिफेंस

  • सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा के कुछ तरी़के सीख लें.
  • किसी हमले की हालत में अटैकर की आंखों में उंगलियों से वार करें.
  • हथेली का कप बनाकर कानों पर मारें या उसके घुटनों पर किक करें.
  • कभी किसी के चेहरे पर मुक्के से न मारें. उसके दांतों से आप ख़ुद घायल हो सकती हैं. इसकी बजाय कुहनी का इस्तेमाल करें.
  • इन ट्रिक्स को आज़माएंगी, तो आपको इतना टाइम मिल जाएगा कि आप वहां से बच निकलें.

सहायता के लिए फोन करें

  • मोबाइल फोन हमेशा चार्ज रखें. किसी भी इमर्जेंसी की स्थिति में आप फोन करके सहायता मांग सकती हैं.
  • कुछ इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट को स्पीड डायल में सेव करके रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत फोन कर सकें.
  • 100 नंबर पर कॉल करें. कई हेल्पलाइन भी ख़ास आपकी मदद के लिए बनाए गए हैं. इन्हें अपने मोबाइल में सेव करके रखें.

चुप न रहें, आवाज़ उठाएं

अगर कोई आपको परेशान कर रहा हो, तो चुप न बैठें, न ही ये सोचें कि चुप बैठने या कोई एक्शन न लेने से मामला ख़ुद सुलझ जाएगा. ये भी न सोचें कि आप उसे अकेली हैंडल कर लेंगी. ऐसी स्थिति में अपनी सोसाइटी, टीचर्स, पैरेंट्स, फैमिली, ऑफिस और आवश्यक हो, तो पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराएं. किसी अनहोनी के होने का इंतज़ार न करें. फ़ौरन एक्शन लें.

लें सेल्फ डिफेंस टेस्ट

आप अपनी सुरक्षा को लेकर कितनी जागरूक हैं और मुसीबत के समय हालात से लड़ने के लिए कितनी तैयार,  ये जानने के लिए इस क्विज़ में हिस्सा लें.

  • क्या आप अपने साथ हमेशा पेपर स्प्रे, स्विस नाइफ या कोई और सेल्फ डिफेंस टूल कैरी करती हैं?
  • क्या आपको कोई ऐसा वुमन हेल्पलाइन नंबर याद है या आपके फोन में सेव है, जिसका इमर्जेंसी के समय आप इस्तेमाल कर सकती हैं?
  • क्या आपके मोबाइल फोन में कोई लेटेस्ट सेफ्टी ऐप इंस्टॉल है?
  • आप अपने घर के दरवाज़े का लॉक हमेशा बदलती रहती हैं या आप बेहतर लॉकिंग सिस्टम लगाने की सोच रही हैं?
  • घर में अकेली होने पर आप सेल्समैन, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर या किसी अजनबी को घर में आने की इजाज़त नहीं देतीं.

जानें अपना स्कोर- अगर आपके तीन या उससे ज़्यादा के जवाब ‘हां’ हैं, तो आप अपनी सेफ्टी को लेकर काफ़ी अलर्ट हैं. अगर तीन से कम ‘हां’ है, तो अब भी देरी नहीं हुई है. आपको अपनी सेफ्टी को लेकर एक्स्ट्रा केयरफुल होने की ज़रूरत है और इसकी शुरुआत आपको आज से ही करनी होगी.

नए साल के सेलिब्रेशन में सेफ्टी को अनदेखा न करें (Safety Tips For New Year Celebration)

Safety Tips For New Year Celebration
हाल ही में मुंबई में हुए भयानक अग्निकांड ने लोगों का ध्यान सेलिब्रेशन के साथ-साथ सेफ्टी की ओर खींचा है. ख़ुशियों के बीच ये न भूलें कि आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा की गारंटी है. नए साल पर आप अपने दोस्तों व परिवार के साथ अगर कहीं किसी रेस्टोरेंट या होटल में जा रहे हैं, तो कुछ बेसिक सेफ्टी टिप्स का ध्यान रखकर आप अपनी और अपनों की सुरक्षा निश्‍चित कर सकते हैं.

Safety Tips For New Year Celebration

– किसी भी रेस्टोरेंट में खाना खाने जाएं, तो मेन्यू कार्ड से पहले उनसे फायर सेफ्टी परमिट मांगें, अगर उनके पास परमिट नहीं है, तो तुरंत वहां से निकल जाएं और सोशल मीडिया पर उस रेस्टोरेंट को अनसेफ करके टैग करें. ऐसा करके आप अपने साथ-साथ अपने दोस्तों को भी उस जगह की जानकारी दे देंगे. अपने दोस्तों से भी ऐसा करने के लिए कहें, यकीनन जल्द ही ऐसे रेस्टोरेंट्स के बारे में सबको पता चल जाएगा.

– आप चाहें, तो उनसे अग्नि शामक के बारे में भी पूछ सकते हैं. अगर आपको कहीं भी कोई अग्नि शामक न दिखे, तो समझ जाएं कि वह जगह सेफ नहीं है.

– 31 दिसंबर और 1 जनवरी की रात को ज़्यादातर लोग बाहर खाना खाते हैं, जिससे रेस्टोरेंट्स में बहुत भीड़भाड़ हो जाती है, ऐसे रेस्टोरेंट्स में जाना अवॉइड करें.

– बहुत-से लोग 31 दिसंबर की रात को पूरे परिवार के साथ 12 बजे बाहर निकलते हैं, ताकि नए साल का स्वागत ख़ुशी-ख़ुशी कर सकें. पर यहां आपको यह भी ध्यान रखना है कि ऐसे मौकों पर बहुत से लोग ड्रिंक करते हैं, तो ज़रूरी नहीं सभी का व्यवहार अच्छा हो. बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखें और सूनसान या बहुत ज़्यादा भीड़भाड़वाली जगह से दूर रहें.

– अपने मोबाइल की बैटरी को पूरी तरह चार्ज रखें, ताकि किसी अनहोनी पर पुलिस या फायर ब्रिगेड को इतल्ला किया जा सके.

– कुछ लोग ड्रिंक और ड्राइव कर सकते हैं, इसलिए सड़क किनारे खड़े होने पर चौकन्ने रहें.

– नए साल के जश्‍न में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें.

मेरी सहेली की ओर से सुरक्षित नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं.

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विमेन सेफ्टीः ख़ुद करें अपनी सुरक्षा (Women Safety: Top Safety Tips Which She needs to Follow)

आए दिन महिलाओं के साथ हो रहे अपराध और यौन शोषण की घटनाओं से महिलाएं असुरक्षित महसूस करने लगी हैं. लेकिन डर के साथ तो जीया नहीं जा सकता ना, ना ही दुर्घटना होने का इंतज़ार किया जा सकता है. इसलिए बेहतर यही होगा कि हर महिला अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ख़ुद ले तभी वो सही मायने में पावरफुल विमेन कहलाने की हक़दार होगी.

 

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सुरक्षित रहें, सतर्क रहें

अपना रूटीन बदलती रहें
– ज़्यादातर अपराधी अपराध करने के पहले कुछ दिनों या कुछ महीनों तक भी अपने टारगेट पर नज़र रखते हैं, उसका पीछा करते हैं, ताकि उसका रूटीन जान सकें.
– इसलिए किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बेहतर होगा कि अपना रूटीन थोड़े-थोड़े दिनों में बदलते रहें.
– स्कूल-कॉलेज जाने का रास्ता हो, जिम-ऑफिस का या फिर शॉपिंग का- हमेशा एक ही रास्ते पर न जाएं. थोड़े-थोड़े दिनों में अपना रूट और टाइम बदलते रहें.
– कभी-कभी अपने फ्रेंड्स या ग्रुप को भी साथ ले जाएं, ताकि किसी को ये न लगे कि आप अकेली हैं.

सेल्फ डिफेंस के गुर सीखें
– सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा के कुछ तरीके सीख लें.
– किसी हमले की हालत में अटैकर की आंखों में उंगलियों से वार करें.
– हथेली का कप बनाकर कानों पर मारें या उसके घुटनों पर किक करें.
– कभी किसी के चेहरे पर मुक्के से न मारें. उसके दांतों से आप ख़ुद घायल हो सकती हैं. इसकी बजाय कुहनी का इस्तेमाल करें.
– इन ट्रिक्स को आज़माएंगी तो आपको इतना टाइम मिल जाएगा कि आप वहां से बच निकलें.

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सीक्रेट हथियार कैरी करें
– पेपर स्प्रे अपने पर्स में ज़रूर रखें.
– पेपर स्प्रे न हो तो डियाडरेंट स्प्रे का इस्तेमाल भी कर सकती हैं.
– जो चीज़ें आप रोज़ाना कैरी करती हैं जैसे आपका बैग, छतरी, सामान की थैली- इन्हें भी इमरर्जेंसी में आप अटैक करने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं.
– घर पर हों तो किचन टूल्स से अटैक करें.

सहायता के लिए फोन करें
– मोबाइल फोन तो हमेशा साथ रखती हैं. इसकी हमेशा चार्ज रखें. किसी भी इमरर्जेंसी की स्थिति में आप फोन करके सहायता मांग सकती हैं.
– कुछ इमरर्जेंसी कॉन्टैक्ट को स्पीड डायल में सेव करके रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत फोन कर सकें.
– 100 नंबर पर कॉल करें. कई हेल्पलाइन भी ख़ास आपकी मदद के लिए बनाए गए हैं. इन्हें अपने मोबाइल में सेव करके रखें.
चुप न रहें, आवाज़ उठाएं
– अगर कोई आपको परेशान कर रहा हो तो चुप न बैठें और न ही ये सोचें कि आप उसे अकेली हैंडल कर लेंगी. अपनी सोसायटी, टीचर्स, पैरेंट्स, फैमिली, ऑफिस और आवश्यक हो तो पुलिस में शिकायत दर्ज़ कराएं. किसी अनहोनी के होने का इंतज़ार न करें. फौरन एक्शन लें.

किन स्थितियों में कैसे करें सुरक्षा

जब घर से बाहर हों
2012 में दिल्ली में हुए निर्भया गैंग रेप केस ने लड़कियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए. ऐसे हादसों से बचने के लिए हर महिला को अपनी सुरक्षा कुछ हद तक ख़ुद सुनिश्‍चित करनी होगी. इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें.

अलर्ट रहें
– आपके साथ एक पुरुष है, तो ये सोचकर निश्‍चिंत न हो जाएं कि उसके होते हुए कोई आपका कुछ बिगाड़ नहीं सकता. आप दोनों मुश्किल में आ सकते हैं. अगर आपको कुछ भी गड़बड़ या संदेहास्पद लगे तो तुरंत किसी फ्रेंड को पिकअप करने के लिए फोन करें.
– अनजान लोगों पर भरोसा न करें. ऐसे लोगों के साथ ट्रैवल भी न करें. ये आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं.
– जब भी अकेले हों, हमेशा अलर्ट रहें. आपकी बॉडी लैंग्वेज और चाल में भी कॉन्फिडेंस होना चाहिए.
– रात में अकेले बाहर जाना रिस्की है. इसलिए हमेशा ग्रुप में ही बाहर जाएं.
– सुनसान रास्ते पर जाने से बचें. यहां दुर्घटना होने की संभावना ज़्यादा होती है.

फ्रेंड या परिवार से बातें करें
– परिवार के किसी सदस्य या फ्रेंड को बता दें कि आप कहां जा रही हैं और कब तक लौटेंगी. उसे गाड़ी का नंबर भी बता दें और ये सुनिश्‍चित करें कि ड्राइवर को पता चलना चाहिए कि आप ऐसा कर रही हैं.
– फोन पर ज़ोर से बात करते हुए बताएं कि आप कहां पहुंची हैं, कैसे ट्रैवल कर ही हैं आदि. इससे ड्राइवर आपको किसी भी तरह का कोई नुक़सान पहुंचाने की हिम्मत नहीं करेगा.

शॉटकर्ट के चक्कर में न पड़ें
– जल्दबाज़ी के चक्कर में शॉर्टकट लेने से बचें. ये शॉर्टकट ख़तरनाक भी हो सकता है.
– अगर रात में लिफ्ट में जाना सेफ नहीं लग रहा तो बेहतर है सीढियों का ही इस्तेमाल करें.
– किसी से लिफ्ट लेना भी रिस्की हो सकता है. इसलिए ऐसा करने से बचें.
– अगर आपको लगता है कि कोई आपका पीछा कर रहा है तो फौरन रास्ता बदल दें. किसी भीड़भाड़ वाले रास्ते पर मुड़ जाएं. या आसपास कोई घर हो तो वहां का दरवाज़ा खटखटाएं.

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भीड़ में रहें सुरक्षित

ऐसे कई केसेस हुए हैं, जिसमें लड़कियोंं को भीड़ या किसी बड़े ग्रुप न घेरकर उनका यौन शोषण किया है और लड़की चाहकर भी कुछ नहीं कर पाई हैं. गोवाहाटी में एक टीनएज लड़की को ऐसे ही 30 लड़कों के एक ग्रुप ने घेरकर आधे घंटे तक उसका शोषण किया और बाद में उसे छोड़ दिया. आपके साथ ऐसा न हो, इसके लिए कुछ बातों को ध्यान रखें.
– इस स्थिति से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप ऐसी भीड़ में जाने से बचें.
– अगर आप कहीं ऐसे लड़कों का गु्रप देखें, जो शोर मचा रहे हों या जिन्हें देखकर आपको लगे कि उन्होंने ड्रिंक किया है, उनके नज़दीक जाने से बचें. एक किनारे पर ही खड़े रहें या सड़क क्रॉस करके सड़क के दूसरे किनारे हो जाएं. इससे आप सुरक्षित रहेंगी.
– अगर आप ऐसी किसी स्थिति में फंस ही गई हैं तो तुरंत वहां से निकल जाएं. अकेले उनसे लड़ने या उलझने की ग़लती कभी न करें.
– आप जिस एरिया में भी जाएं, पहले वहां के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें और वहां एंटर करने से पहले एक बार चारों तरफ देख लें.
– आपके आसपास कौन क्या बातें कर रहा है, उसके प्रति अलर्ट रहें. रास्ते में मोबाइल पर बातें करते हुए या म्यूज़िक सुनते हुए न चलें. कुछ लोग इसका ग़लत फायदा उठा सकते हैं और आप आसानी से उनका टारगेट बन सकती हैं.
– ख़ुद को प्रोटेक्ट करें. अपना बैग, बुक्स या फोल्डर को भीड़ से बचने के लिए शील्ड के तौर पर इस्तेमाल करें.
– अगर रात में देर तक बाहर रहने वाली हैं तो बेहतर होगा कि ग्रुप में जाएं. मेट्रो सिटीज़ में लेट नाइट तक चहल-पहल रहती है, लेकिन छोटे शहरों में सब कुछ जल्दी बंद हो जाता है और रास्ते भी जल्दी सुनसान हो जाते हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए प्लान करें. जल्दी घर लौटने की कोशिश करें.

अगर अकेली रहती हों

कभी करियर की चाह में, कभी पढाई के लिए तो कभी किसी और कारण से कई बार अकेले रहना मजबूरी बन जाता है. ऐसी स्थिति में बड़ी चुनौती है अपनी सेफ्टी यानी आत्मरक्षा. ये उतना मुश्किल भी नहीं बशर्ते आप कुछ एहतियात बरतें.
– अकेली रहने के लिए सबसे पहले तो जिस एरिया में घर लेने जा रही हैं या रह रही हैं उसका सुरक्षित होना ज़रूरी है. अच्छी तरह तहक़ीकात करने के बाद ही घर फाइनल करें.
– ये भी सुनिश्‍चित कर लें कि आपकी सोसायटी द्वारा अपॉइंट किए गए सेक्योरिटी गार्ड्स का बैकग्राउंड वगैरह चेक करने के बाद ही उन्हें अपॉइंट किया गया है या आपकी सोसायटी ने लाइसेंस्ड सेक्योरिटी सर्विस की ही सेवा ली है.
– घर के कामों के लिए बाई रखते समय उसकी भी ठीक से पड़ताल कर लें और उससे संबंधित सारी जानकारी पुलिस में रजिस्टर कर दें.
– सेफ्टी डोर ज़रूर लगवाएं.
– अगर सेफ्टी डोर न हो तो पीहोल से पहले देखें. उसके बाद ही दरवाज़ा खोलें.
– किसी अजनबी को घर में न आने दें, ख़ासकर तब जब आप घर पर अकेली हों.
– पड़ोसियों से मधुर संबंध बनाकर रखें. कुछ इमरर्जेंसी पड़ने पर सबसे पहले पड़ोसी ही सहायता के लिए पहुंचते हैं. इसलिए किसी भी हाल में उनसे कनेक्टिविटी बनाए रखें. कभी-कभार उनसे मिलने या हाय-हैलो कहने उनके घर विज़िट करें. इससे पड़ोसियों से आपके संबंध अच्छे बने रहेंगे.
– सोसायटी में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं. इसमें थोड़ा ख़र्च ज़रूर लगेगा, लेकिन आपकी सेफ्टी के लिए ये ज़रूरी है.

– प्रतिभा तिवारी

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50 + Useful टिप्स जो आपकी लाइफ को बनाएंगे आसान (50 + Useful Tips And Tricks For Making Everyday Life Easier)

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कई बार जिन छोटी-छोटी बातों को हम छोटा समझकर अनदेखा कर देते हैं, वही बातें बड़े काम की होती हैं. यहां हम ऐसी ही कुछ छोटी-छोटी बातों के बारे में बता रहे हैं, जो आपके काम आएंगी.

 

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अपनाएं ये हेल्थ टिप्स

पीरियड्स की तकलीफें
– जैसे ही पीडियड्स के समय दर्द शुरू हो, दो-तीन ग्लास गर्म पानी पी लें.
– एक जगह बैठने या लेटे रहने की बजाय टहलें. इससे दर्द से राहत मिलती है.
– दादी मां ये नुस्खा आज़माएं- एक टीस्पून शक्कर को आधा टीस्पून घी और आधा टीस्पून अजवायन के साथ गर्म करें और पानी के साथ इसका सेेवन करें.
– पीरियड्स नियमित न हो तो यह नुस्खा आज़माएं- 10 ग्राम तिल को 200 ग्राम पानी में उबालें. चौथाई रहने पर उसे उतारकर तथा उसमें गुड़ मिलाकर पीएं.
– गाजर का रस पीने से भी पीरियड्स नियमित हो जाता है. सुबह-शाम 200 ग्राम गाजर का जूस पानी के साथ पीनेे से मासिक धर्म नियमित होने लगता है.
– पीरियड्स अनियमित तथा दर्द के साथ हो तो आधा चम्मच कलौंजी दिन में दो बार मासिक धर्म के दौरान लें. कलौंजी के बीजों का चूर्ण बनाकर रख लें और इसे गर्म पानी के साथ लें.
– 2 से 3 ग्राम अदरक, 4 काली मिर्च, एक बड़ी इलायची, इन्हें कूटकर उबलते पानी में डालिए, फिर इसमें काली चाय, दूध और शक्कर मिलाइए. उबालकर थोड़ी देर रखने के बाद गर्म ही पीजिए. मासिक धर्म के दर्द से मुक्ति के लिए यह अत्यंत उपयोगी नुस्खा है.
कमर दर्द
– कमरदर्द के लिए सबसे अच्छा तरीका है स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़, जो दर्द को कम करता है. पेट के बल लेट जाएं और हाथों को सामने की ओर फैला लें. पैरों को स्ट्रेच करें. सांस लें और बाएं हाथ और दाएं पैर को ऊपर उठाएं. सांस छोड़ते हुए पूर्वावस्था में आ जाएं. अब दाएं हाथ व बाएं पैर से भी यही दोहराएं. 10 बार यह क्रिया करें.
– पेनकिलर लेने से बेहतर है कि जहां दर्द है, वहां बर्फ से सेकें. दिन में तीन बार 20 मिनट तक सेंक दें.
– एक ही पोजीशन में ज्यादा समय तक खड़े होने या बैठने से बचें. अगर आप ऑफ़िस में काम करती हैं तो हर 45 मिनट पर ब्रेक लें.

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अपनाएं ये डेली हेल्दी हैबिट्स
– दिनभर में कम से कम तीन-चार लीटर अवश्य पीएं.
– शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने के लिए सुबह खाली पेट एक ग्लास पानी में एक नींबू निचोड़कर पीएं.
– सुबह का नाश्ता स्किप न करें. नाश्ते में हेल्दी चीज़ें जैसे अंकुरित अनाज, दूध, दलिया, अंडा जैसी सब्ज़ियां शामिल करें. लंच और डिनर में हरी सब्ज़ियां और सलाद अवश्य शामिल करें.
– नियमित एक्सरसाइज़ करें. रोज़ाना नहीं तो हफ्ते में चार दिन तो किसी न किसी तरह की एक्सरसाइज़ ज़रूर करें जैसे स्विमिंग, वॉकिंग, आउटडोर गेम्स आदि.
– डॉक्टर से मिलकर हर छः महीने में नियमित रूप से चेकअप ज़रूर करवाएं.
– काम के दौरान हर एक घंटे में अपनी सीट से उठकर थोडा टहल आएं.
– उठने-बैठने का पोश्‍चर सही रखें. कई बार हमारे ग़लत पोश्‍चर से पीठदर्द-कमरदर्द की शिकायत हो जाती है.
– जंक फूड से परहेज करें. साथ ही अत्यधिक चाय-कॉफी का सेवन करने से बचें. इसके बजाय वेजीटेबल जूस या फ्रूट जूस लें.
– कम से कम 7 घंटे की नींद अवश्य लें. लेट नाइट तक जागने की आदत छोड़ दें और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें.

होम टिप्स
– अचार को फफूंदी से बचाने के लिए अचार के जार में थोड़ी-सी भुनी हुई हींग रख दें.
– आलू व प्याज़ को कभी एक साथ न रखें. इससे आलू जल्दी सड़ने लगते हैं.
– सब्ज़ियों को ज़्यादा दिनों तक ताज़ा बनाए रखने के लिए उसे अख़बार में लपेटकर रखें.
– पकने के बाद चावल का पानी फेंकने के बजाय उसका इस्तेमाल सूप या दाल में मिलाने के लिए करें.
– पनीर को कई दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए उसे फ्रिज में रखने से पहले ब्लॉटिंग पेपर में लपेट दें.
– पनीर को फ्रिज मेें रखने से पहले उस पर थोड़ी-सी चीनी बुरक दें. यह लंबे समय तक फ्रेश रहेगा.
– दही जमाते समस बर्तन में एक हरी मिर्च साबूत ही डाल दें. दही ज़्यादा अच्छा जमेगा.
– जले हुए दूध की महक दूर करने के लिए इसमें पान के दो पत्ते डालकर कुछ मिनट उबालें.
– आलू को उबालते समय पानी में थोड़ा-सा नमक मिला दें. छिल्के आसान से निकल जाएंगे.
– आटा गूंधने से पहले थाली में थोड़ा-सा नमक लगा लें. आटा थाली में चिपकेगा नहीं.
– यदि आप पापड़ को करारे ही रखना चाहती हैं तो पापड़े के डिब्बे में कुछ मेथीदाने रख दें.
– अगर वडा बनाते समय घोल पतला हो गया हो और वडे तलने में तकलीफ़ हो रही हो तो त्तेल में एक टेबलस्पून घी मिला दें.
– अगर इडली सॉ़फ़्ट बनाना हो तो इडली स्टीम करने के लिए मोल्ड मेंडालते समय मिश्रण को ़ज़्यादा चलाएं नहीं.
– यदि चावल बच गए हों तो उसमें सूजी, नमक, खट्टा दही और गरम पानी डालकर मिक्सी में पीस लें और इस मिश्रण से इडली बना लें.
– यदि भिंडी को तेज़ आंच पर पकाना हो तो 2 टेबलस्पून छांछ डाल दें. भिंडी कुरकुरी बनेगी.
– घी में थोड़ा-सा अजवायन डालकर गर्म करने से घी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घट जाती है.

सेफ्टी टिप्स

– घर का मेन गेट डबल डोर वाला रखें, एक लकड़ी का और दूसरा जालीदार, ताकि दरवाज़ा खोलने से पहले आगंतुक को देखा जाए सके.
– सेफ्टी चेन ज़रूर लगवाएं.
– मुख्य दरवाज़े पर मैजिक आई लगवाएं. अगर आपके घर में बच्चे हैं तो मैजिक आई बच्चे की ऊंचाई पर लगवाएं, ताकि डोरबेल बजने पर वे लोगों को पहचानकर दरवाज़ा खोल सकें.
– दरवाज़े के पास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए, इस बात का ध्यान रखें.
– अनजान व्यक्ति की पूरी पहचान किए बिना दरवाज़ा न खोलें.
– कामवाली बाई और किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना न भूलें. सुरक्षा के लिए ये ज़रूरी है.
– घर पर आनेवाले किसी भी व्यक्ति चाहे वो रिपेयरिंग वाला हो, कोई सेल्समैन या मीटर रीडिंग करनेवाला, उसका आइडेंटिटि कार्ड देखे बिना उसे घर में घुसने न दें.
– अपनी सेफ्टी का भी ख़्याल रखें. इसके लिए सबसे ज़रूरी है हमेशा सतर्क रहना.
– सुनसान जगहों पर या देर रात अकेले न जाएं. ऐसी जगहों पर हमेशा गु्रप में ही जाएं.
– सेल्फ डिफेंस के गुर सीखें. ये इमरर्जेंसी में आपके काम आ सकता है.
– बहुत ज़्यादा कैश लेकर घर से न निकलें. बस ज़रूरत भर के पैसे पास में रखें. हां एटीएम कार्ड या क्रेडिट कार्ड साथ में ज़रूर रखें.
– किसी भी अनजान व्यक्ति से अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड संबंधी या कोई अन्य पर्सनल जानकारी शेयर न करें.

मेकअप से पहले

– मेकअप करने से पहले चेहरे को गुनगने पानी से च्रूर धोएं. इसके बाद ऑयल फ़ी मॉइश्‍चराइज़र से मसाज करने के बाद ही मेकअप शुरू करें.
– मेकअप करने से पहले अपनी स्किन पर 5-10 मिनट तक ब़र्फ घिस लें. इसके बाद मेकअप करने से वो ़ज़्यादा देर तक टिकता है.
– लिपस्टिक लगाने के लिए लिप ब्रश का इस्तेमाल करें. इससे लिपस्टिक पूरे होंठों पर समान रूप से अप्लाई होगी और लंबे समय तक टिकी रहेगी.
– अगर चाहती हैं कि आईब्रोज़ के बाल शाइनी नज़र आएं तो आईब्रोज़ पर थोड़ी-सी आई क्रीम अप्लाई करें.

हेल्दी सेक्स

– सेक्स में रुचि कम हो गर्ई है तो स्केटिंग या कोई एक्सरासाइ़ज़ करें, आपमें सेक्स की इच्छा दोबारा जाग जाएगी.
– सेक्स पेनकिलर का काम तो करता ही है, साथ ही ये तीन तरह से और फ़ायदेमंद है.
– ये माहवारी के समय होनेवाली तकलीफ़ों को कम करता है.
– माइग्रेन का ददर्र् उठने पर सेक्स करने से फौरन राहत मिल जाती है.
– ह़फ़्ते में दो बार सेक्स करनेवाले लोगों के शरीर में इम्यूनोग्लोब्यूलिन ए की मात्रा ज्यादा पाई जाती है, जो सर्दी से शरीर को सुरक्षा करता है.
– जिन लोगों को नींद आने की शिकायत हो, उसके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छी नींद आती है. रिसर्च के अनुसार ये नींद वाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज्यादा कारगर है.

शॉपिंग टिप्स

– शॉपिंग पर जाने से पहले लिस्ट ज़रूर बना लें. ऐसा करने से आप गैरज़रूरी चीज़ें ख़रीदने से बच जाएंगी.
– साथ ही बजट भी बनाएं कि किस चीज़ पर कितना ख़र्च करना है. इससे आप फिज़ूलख़र्च से बच जाएंगी.
– सारे बिल्स कैश में ही दें. एक रिसर्च के अनुसार अगर हम डेबिट या क्रेडिट कार्ड से बिल भरते हैं तो हम 20-50 % अधिक ख़र्च करते हैं.
– स़िर्फ टाइमपास के लिए शॉपिंग करने न जाएं. साथ ही बोर हो रही हैं या स्ट्रेस में हैं तो चलो शॉपिंग कर लेते हैं वाली आदत भी ठीक नहीं. ऐसी स्थिति में आप बिना सोचे-समझे बेकार की चीज़ों पर पैसा ख़र्च देती हैं.
– आजकल आए दिन दुकानदार या मॉल्स तरह-तरह की स्किम्स ऑफर करते रहते हैं. इन ऑफर्स का का फायदा उठाएं. इससे आपके पैसों की बचत होगी.
– मार्केट में जाकर जल्दी-जल्दी शापिंग करने की बजाय पहले विंडो शॉपिंग करें और यह पता लगाने की कोशिश करें कि मार्केट में कहां कौन-सी चीज़ सस्ते दाम में मिल रही है. ऐसा करके आप अच्छी चीज़ें कम क़ीमत में ख़रीद सकती हैं.

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Safety tips: केमिकल बेस्ड क्लिनिंग प्रोडक्ट्स का कर रहे हैं इस्तेमाल, तो रहें सावधान (Safety tips for using chemical based cleaning products)

Cleaning Safety Tips

केमिकल बेस्ड क्लीनिंग प्रोडक्ट्स जितने फ़ायदेमंद होते हैं, उतने ही नुक़सानदेह भी. इन क्लीनिंग प्रोडक्ट्स में ऐसे विषैले और स्ट्रॉन्ग केमिकल्स मौजूद होते हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक होते हैं. इन क्लीनिंग प्रोडक्ट्स के प्रति बरती गई आपकी थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है. इसलिए इनका इस्तेमाल तो करें, पर कुछ सावधानियों को ध्यान में रखकर. आइए, जानें ऐसी कुछ सावधानियों के बारे में विस्तार से.

लॉन्ड्री डिटर्जेंट

* अमोनिया मिश्रित लॉन्ड्री डिटर्जेंट को किसी अन्य हाउसहोल्ड क्लीनर के साथ मिलाकर इस्तेमाल न करें. केमिकल रिएक्शन होने पर त्वचा को  नुक़सान हो सकता है.

* इस्तेमाल करने के बाद यदि डिटर्जेंट का कंटेनर/पैकेट खाली हो गया हो, तो उसे डस्टबिन में फेंक दें. उसका दोबारा प्रयोग न करें.

* बच्चों को खेलने के लिए कभी भी डिटर्जेंट पैकेट/बकेट न दें. उनमें मौजूद टॉक्सिन्स से बच्चों को स्किन एलर्जी या पेट संबंधी संक्रमण हो सकता है.

डिशवॉशर पाउडर/लिक्विड

* इनमें स्ट्रॉन्ग अल्कालाइन्स होते हैं, जो सेहत की दृष्टि से हानिकारक होते हैं. त्वचा, आंख और मुंह में जाने से इंफेक्शन हो सकता है.

* यदि एक्स्ट्रा पाउडर/लिक्विड का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, तो पाउडर को कंटेनर में डालकर स्टोर रूम में रखें.

* काम ख़त्म होने के बाद पाउडर/लिक्विड को ढंककर रखें, जहां पर पेट्स और बच्चों का हाथ नहीं पहुंच पाए.
* भूलवश यदि डिटर्जेंट बच्चों के मुंह में चला जाए, तो तुरंत
1 या 2 ग्लास पानी या दूध पिलाएं. ज़बर्दस्ती उल्टी कराने की कोशिश न करें. तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं.

* यदि पाउडर/डिटर्जेंट बच्चों की आंखों में चला जाए, तो आंखों पर पानी के छींटें मारें. बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.

* इसमें मौजूद स्ट्रॉन्ग केमिकल्स हाथों को नुक़सान पहुंचा सकते हैं, इसलिए बर्तन धोते समय हाथों में रबर के ग्लव्स पहनें.

पेस्टीसाइड्स

* यदि पेस्टीसाइड्स ख़रीद रही हैं, तो एन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (ईपीए) रजिस्टर्ड पेस्टीसाइड्स ही ख़रीदें.

* पेस्टीसाइड्स कंटेनर/बॉटल में बने हुए सिंबल्स के बारे में बच्चों को बताएं.

* केवल उतना ही पेस्टीसाइड्ट ख़रीदें, जितने की ज़रूरत हो.

* पेस्ट कंट्रोल करते समय छोटे बच्चों और पेट्स को घर के अंदर न रखें. थोड़ी देर के लिए उन्हें बाहर भेज दें.

* खाने की चीज़ें और पर्सनल सामान, जैसे- क़िताबें, चश्मा आदि संभालकर रखें.

* बच्चों के कमरों में पेस्ट कंट्रोल करते समय उनके खिलौने, साइकिल, क़िताबें आदि को संभालकर या कमरे से बाहर निकाल दें. बच्चों को खिलौने आदि सामान मुंह में डालने की आदत होती है.

* होममेड पेस्टीसाइड्स पिल्स बनाते समय हाथों में ग्लव्स पहनें. पेस्टीसाइड्स का मिक्सचर हाथ, मुंह या आंख में लग सकता है.

* पेस्ट कंट्रोल करते समय या पेस्टीसाइड्स पिल्स रखते समय धूम्रपान न करें. कुछ पेस्टीसाइड्स ज्वलनशील होते हैं. हाथों पर लगे पेस्टीसाइड्स के  कण हाथ के द्वारा मुंह में भी जा सकते हैं.

* खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं और कपड़े भी बदल लें.

* स्प्रे करने के बाद यदि पेस्टीसाइड्स का मिक्सचर बच जाए, तो उसे स्टोर न करें. जितनी आवश्यकता हो, उतना ही मिक्सचर मिलाएं.

* छिड़काव करने से पहले फुल-स्लीव के कपड़े और रबर के ग्लव्स पहनें. स्प्रे करते समय आंखों की सुरक्षा का भी ख़ास ख़्याल रखें.

* कंटेनर खाली होने के बाद उसे तोड़-मरोड़कर फेंक दें.

* खाली कंटेनर/बॉटल को दोबारा इस्तेमाल न करें.

नेप्थीलीन बॉल्स

* एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन एजेंसी के अनुसार, नेप्थीलीन बॉल्स ख़तरनाक होते हैं, जिसमें विषैले केमिकल्स होते हैं. इसलिए इन बॉल्स को बच्चों से दूर    रखें.

* नेप्थीलीन बॉल्स के पैकेट/बॉक्स को अच्छी तरह कवर करके शेल्फ या कैबिनेट में रखें. इनकी महक से बच्चों और बुज़ुर्गों को सांस संबंधी परेशानी  हो सकती है.

* गर्भवती महिलाएं नेप्थीलीन बॉल्स की गंध से दूर रहें. इसमें मौजूद टॉक्सिन का असर भू्रण पर पड़ सकता है.

*  इनके संपर्क में रखे हुए कपड़े, बैग, संदूक आदि को प्रयोग करने से 1 दिन पहले खुली हवा में रखें या फिर कपड़ों को ड्राईक्लीन करके पहनें.

* नेप्थीलीन बॉल्स या ऐसे अन्य टॉक्सिक मटेरियल को कभी भी सीधे कूड़े में न फेंके.

*  कपड़े आदि में रखते समय इन बॉल्स को पेपर में लपेटकर रखें. ऐसा करने से बॉल्स की महक कपड़ों में बनी रहती है और फैब्रिक भी
ख़राब नहीं होता.

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हाउसहोल्ड क्लीनिंग प्रोडक्ट्स (किचन, बाथरूम, टॉयलेट क्लीनर्स आदि)

* हमेशा अच्छी क्वालिटीवाले क्लीनिंग प्रोडक्ट्स ही ख़रीदें. घटिया क्वालिटीवाले प्रोडक्ट्स त्वचा को हानि पहुंचा सकते हैं.

* ब्लीच व अमोनिया मिश्रित क्लीनर को एक साथ मिलाकर प्रयोग न करें. इससे त्वचा को नुक़सान हो सकता है.

*  यदि इन क्लीनर्स की महक से आपको या बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही हो, तो तुरंत खुली हवा में चले जाएं.

* क्लीनिंग प्रोडक्ट्स पर बताई गई मात्रा और गाइडलाइन्स के अनुसार ही उनका प्रयोग करें. अधिक मात्रा में या ग़लत तरह से इस्तेमाल करने पर    त्वचा आदि को नुक़सान भी हो सकता है.

* डायनिंग टेबल या गैस के आसपास की जगह पर हाउसहोल्ड क्लीनर्स न रखें.

* क्लीनर्स के पैकेट/बॉटल खाली होने के बाद उन्हें फेंक दें. दोबारा इस्तेमाल न करें.

* क्लीनर्स का प्रयोग करते समय ग्लव्स व गॉगल्स पहनें.

* किसी भी नए क्लीनर्स को उपयोग में लाने से पहले टेस्ट कर लें.

* क्लीनिंग करने के बाद उपयोग में आने वाले टॉवेल, पोंछा, बाल्टी आदि सामान को अच्छी तरह धो कर रखें.

जनरल सेफ्टी टिप्स

* केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट- डिशवॉशर, डिटर्जेंट पाउडर, पेस्टीसाइड्स, टॉयलेट क्लीनर्स को ऐसी जगह पर स्टोर करके रखें, जहां पर छोटे बच्चों का हाथ  न पहुंच पाए.

* इन प्रोडक्ट्स को ख़रीदने से पहले उसमें बताए गए सेफ्टी टिप्स व इमर्जेंसी प्रोटोकॉल संबंधी दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें, ताकि किसी तरह की दुर्घटना होने पर उन्हें फॉलो कर सकें.

* प्रोडक्ट के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए मेन्युफैक्चरर की वेबसाइट्स चेक करें.

* बच्चों को इन प्रोडक्ट्स पर लिखे हुए डेंजर, ख़तरा और वॉर्निंग जैसे शब्दों का मतलब समझाएं.

* उनको समझाएं कि इनमें विषैले केमिकल होते हैं, जो स्वास्थ्य को नुक़सान पहुंचाते हैं, इसलिए इन्हें हाथ न लगाएं.

* ध्यान रखें कि केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट को उनके ओरिजनल लेबल लगे कंटेनर में ही रखें. ताकि बच्चे ही नहीं, घर के बा़क़ी लोग भी प्रोडक्ट को  आसानी से पहचान सकें.

* इन प्रोडक्ट्स को अच्छी तरह से कवर करके शेल्फ, लॉकवाले कैबिनेट या स्टोर रूम में रखें.

* केमिकल प्रोडक्ट्स को रखनेवाले शेल्फ, कैबिनेट या स्टोर रूम में वेंटिलेशन की पर्याप्त सुविधा हो.

* केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं.
इन प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते समय यदि कोई दुर्घटना घट जाए, तो तुरंत अपने नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क करें.
यदि डॉक्टरी सुविधा मिलने में देरी हो रही हो, तो पॉयज़न कंट्रोल सेंटर के इस ट्रोल फ्री नं. 1800-116-117 पर संपर्क करें.

हेल्थ अलर्ट
केमिकल बेस्ड हाउसहोल्ड क्लीनर्स का प्रयोग करने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इन प्रोडक्ट्स में अमोनिया, कोलतार डाइज़, एमईए, डीईए, टीईए, एनपीईएस, फ्रेंगरेंस केमिकल्स, फॉस्फेट और सिलिका पाउडर आदि रासायनिक तत्व और प्रिज़र्वेटिव्स होते हैं, जो स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं. पेस्टीसाइड्स, हाउसहोल्ड क्लीनर्स और अन्य क्लीनर्स के प्रयोग से जी घबराना, चक्कर आना, सिर घूमना, उबकाई आना, आंख व त्वचा में जलन होना, लग्ंस इरिटेशन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जबकि लंबे समय तक इन क्लीनर्स का इस्तेमाल करने से भविष्य में मल्टी-केमिकल सेंसिटिविटी और कैंसर होने की भी संभावना हो सकती है.

– पूनम कोठारी