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गोद लेने के लिए बेटियों की डिमांड है ज़्यादा, जानें अडॉप्शन क़ानून की हर बात (All You Must Know About Adoption Law in India)

मातृत्व सुख की कामना हर महिला को होती है, पर जब कुछ की गोद सूनी रह जाती है, तो उन्हें एडॉप्शन का सहारा लेना पड़ता है, पर यह राह भी उतनी आसान नहीं है. क़ानून में ऐसे कई प्रावधान हैं, जो आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं. साथ ही सरकार ने इन क़ानूनों में कुछ नए बदलाव भी किए हैं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए. अगर आप भी एडॉप्शन के बारे में सोच रहे हैं, तो जानें इससे जुड़ी ज़रूरी बातें. 

Adoption Law in India

एडॉप्शन का क़ानून

हमारे देश में अगर कोई व्यक्ति बच्चा गोद लेना चाहता है, तो वे हिंदू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 1956 या फिर सेंट्रल एडॉप्शन रिसॉर्स अथॉरिटी (CARA), जो महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के तहत काम करती है, के ज़रिए बच्चा गोद ले सकते हैं. हर राज्य में स्टेट एडॉप्शन रिसॉर्स अथॉरिटी (SARA) और ज़िला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी और स्पेशलाइज़्ड एडॉप्शन एजेंसीज़ हैं.

कौन ले सकता है बच्चा गोद?

–     जो भी व्यक्ति बच्चा गोद लेना चाहता है, वो शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ एवं आर्थिक रूप से स्थिर होना चाहिए. साथ ही वह किसी गंभीर या जानलेवा बीमारी से पीड़ित नहीं होना चाहिए.

–     अविवाहित या शादीशुदा व्यक्ति, जिनके अपने बच्चे हों, वो भी बच्चा गोद ले सकते हैं, बशर्ते-

–     अगर आप शादीशुदा हैं, तो पति-पत्नी दोनों की मंज़ूरी ज़रूरी है.

–     अविवाहित महिला लड़का या लड़की गोद ले सकती है, पर अविवाहित पुरुष लड़की को गोद नहीं ले सकते.

–     अगर कोई कपल बच्चा गोद लेना चाहता है, तो उनकी शादी को कम-से-कम दो साल पूरे होने ज़रूरी हैं.

–     आमतौर पर गोद लेनेवाले और बच्चे की उम्र में कम से कम 25 साल का अंतर होना ज़रूरी है. जब बात कपल की हो, तो गोद लेनेवाले पैरेंट्स में से किसी एक की उम्र और बच्चे में यह फासला ज़रूरी है.

–     अगर आप अपने किसी रिश्तेदार के बच्चे या सौतेले बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, तो उम्र का अंतर मायने नहीं रखता.

–     जिस कपल के तीन या ज़्यादा बच्चे हों, वो कुछ स्पेशल केस में ही इसके पात्र बनते हैं, वरना वो बच्चे एडॉप्ट नहीं कर सकते.

क्या है गोद लेने की प्रक्रिया?

–     एडॉप्शन की प्रक्रिया में क़रीब दो साल का समय लगता हैं, इसलिए ज़रूरी है कि इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहें.

–     रजिस्ट्रेशन: जो पैरेंट्स बच्चा गोद लेना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा. इसके लिए इस वेबसाइट http://cara.nic.in/ पर जाएं.

–     अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने ज़िले के डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर से मिल सकते हैं.

–     होम स्टडी और काउंसलिंग: आमतौर पर रजिस्ट्रेशन के दो महीने बाद होम विज़िट होती है. एक सोशल वर्कर आपके घर आकर दोनों पति-पत्नी को कुछ फॉर्म भरने के लिए देंगे और कुछ जनरल सवाल पूछेंगे.

–    आपको एक ही बच्चा दिखाया जाएगा. पहले पैरेंट्स को तीन बच्चे एक साथ दिखाए जाते थे, जिनमें से उन्हें एक पसंद करना होता था, पर 2017 से इस नियम में बदलाव कर दिया गया है.

–     आपको लड़का चाहिए या लड़की, उसकी उम्र कितनी हो, बच्चे का धर्म, रंगत कैसी हो और उसकी सेहत कैसी हो यानी क्या आप मेंटली या फिज़िकली चैलेंज्ड बच्चे को एडॉप्ट करने में इंट्रेस्टेड हैं आदि की जानकारी देनी होगी.

–     बच्चे से मिलाना: आपको बच्चे की मेडिकल और फिज़िकल एक्ज़ामिनेशन रिपोर्ट दी जाएगी और जब आपकी सहूलियत होगी, आपको बच्चे से मिलाया जाएगा.

–     स्वीकारोक्ति: अगर आप बच्चा पसंद करते हैं, तो क़ानूनी प्रक्रिया शुरू होती है, वरना क़रीब तीन महीने बाद आपको दूसरा बच्चा दिखाया जाएगा.

–     याचिका: एक वकील की मदद से आपको एक याचिका बनवानी होगी और सभी काग़ज़ात के साथ कोर्ट में याचिका दाख़िल करनी होगी.

–     प्री एडॉप्शन फोस्टर केयर: याचिका दाख़िल करने के बाद फोस्टर केयर में नर्सिंग स्टाफ से मिलकर आप बच्चे की आदतों और पसंद-नापसंद के बारे में जान सकते हैं.

–     कोर्ट में सुनवाई-़फैसला: जज के सामने पैरेंट्स और बच्चे को हाज़िर होना होता है, जिसके बाद जज एडॉप्शन को मंज़ूरी देते हैं.

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Adoption Law in India

क्यों कम है एडॉप्शन रेट्स?

– एडॉप्शन की पेंचीदी क़ानूनी प्रक्रिया के कारण भी बहुत से लोग आगे नहीं आते. अगर इन प्रक्रियाओं को थोड़ा आसान बना दिया जाए और इनका प्रचार-प्रसार किया जाए, तो आंकड़ों में इज़ाफ़ा हो सकता है.

– सरकारी एडॉप्शन एजेंसीज़ में गोद देने के लिए बहुत कम बच्चे उपलब्ध हैं. डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर्स अगर अपना काम सही तरी़के से करें, तो सड़कों पर नज़र आनेवाले बच्चे चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन्स के ज़रिए एडॉप्शन के लिए दिए जा सकते हैं.

–     ज़्यादातर लोग नवजात बच्चे से लेकर दो साल तक के बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, ताकि बचपन से ही उन्हें अपने अनुसार पाल सकें, पर ऐसे बच्चों की संख्या कम है.

–     इंफर्टिलिटी से जूझ रहे पैरेंट्स ही एडॉप्शन के लिए आगे आते हैं. अपने बच्चे होते हुए बच्चा गोद लेना जहां बहुतों को हास्यास्पद लगता है, वहीं आर्थिक मजबूरी भी इसका बड़ा कारण है.

–     कुछ लोगों के मन में यह डर भी होता है कि वो दूसरे के बच्चे को वह प्यार नहीं दे पाएंगे, जो वो अपने बच्चे से करते हैं, इसलिए वो एडॉप्शन का विकल्प अपने पास रखते ही नहीं.

गोद लेने के लिए लड़कियों की मांग है अधिक

–    यूनीसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत में क़रीब 29.6 मिलियन अनाथ व परित्यक्त बच्चे हैं.

–     इस समय क़रीब 20 हज़ार पैरेंट्स एडॉप्शन के लिए वेटिंग लिस्ट में हैं.

–     पिछले एक साल में देश में क़रीब 6750 लड़कियों और 4460 लड़कों को एडॉप्शन के लिए दिया गया.

–     यह सुखद आश्‍चर्य है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में भी लोग लड़कों की बजाय लड़कियों को गोद लेना ज़्यादा पसंद कर रहे हैं.

–     पिछले साल लड़कियों को गोद लेने के मामले में महाराष्ट्र अव्वल रहा, जहां 353 लड़कियां गोद ली गईं. दूसरे नंबर पर कनार्टक है, जहां 167 लड़कियों कोे गोद लिया गया.

–     पिछले साल विदेशियों द्वारा एडॉप्शन में भी इज़ाफ़ा देखा गया, जहां 2016-17 में 578 एडॉप्शन हुए, वहीं 2017-18 में क़रीब 651 बच्चों को गोद दिया गया.

– अनीता सिंह

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सारा अली ख़ान को लेकर दादी शर्मिला टैगोर ने कही ये बात… (Sharmila Tagore Reveals About Sara Ali Khan)

Sharmila Tagore And Sara Ali Khan

केदारनाथ (Kedarnath) फिल्म से सारा अली ख़ान (Sara Ali Khan) ने अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत कर दी है. लेकिन सबसे ख़ास बात रही है सारा की परफॉर्मेंस. फिल्म देखकर हर किसी ने सारा की ख़ूब तारीफ़ की. यूं तो सैफ अली ख़ान और अमृता सिंह (Amrita Singh) की बेटी (Daughter) सारा को अभिनय की सौग़ात विरासत में मिली है, पर उन्होंने भी अपने दमदार अभिनय से यह साबित कर दिखाया कि वे भी किसी से कम नहीं है. वैसे उनकी दादी से लेकर पैरेंट्स तक हर कोई फिल्मी दुनिया से जुड़ा है. विशेषकर उनकी दादी शर्मिला टैगोर तो अपने ज़माने की बेहतरीन अदाकारा में से एक रही हैं. वे भी सारा के अभिनय को देख बेहद प्रभावित हुई हैं. शर्मिलाजी के अनुसार, वे सारा के आत्मविश्‍वास से बेहद प्रभावित हैं. जिस तरह से सारा ने ख़ुद को निखारा-संवारा, अभिनय की हर बारीक़ियों को समझा है, वो क़ाबिल-ए-तारीफ़ है. उनका यही कॉन्फिडेंस केदारनाथ मूवी में भी देखने को मिलता है. फिल्म में उनके अभिनय को देख लगता ही नहीं कि यह उनकी पहली फिल्म है. उन्होंने एक मंजे हुए अदाकारा की तरह ज़बर्दस्त अभिनय किया है और उनका बख़ूबी साथ दिया है सुशांत  सिंह राजपूत ने.

शर्मिलाजी अपनी पोती सारा से इस कदर प्रभावित हैं कि जब भी मौक़ा मिलता है, वे सारा की जमकर प्रशंसा करती रहती हैं. बकौला उनके सारा चुप रहनेवालों में से नहीं है, वो अपनी बात और पक्ष को बेहतरीन तरी़के से रखना जानती है.

दादी को कॉफी विद करण शो में पोती सारा का अपने पिता के साथ इंटरव्यू और बेबाक़ी से करण  जौैहर के हर सवाल का सटीक जवाब देना भी दिल को छू गया. उन्हें इस बात की भी बेहद ख़ुशी है कि उनकी पोती फिल्म इंडस्ट्री, मीडिया, साथी कलाकारों सभी के साथ अच्छा तालमेल बैठाकर चल रही है. केदारनाथ के प्रमोशन के समय सारा के हर इंटरव्यू से वे प्रभावित हुईं. फिर चाहे वो प्रिंट मीडिया को दिया गया हो या चैनल्स को.

यह सारा के अभिनय क्षमता और क़ाबीलियत का ही प्रभाव है कि केदारनाथ रिलीज़ होने से पहले ही उन्हें कई प्रोड्यूसर-डायरेक्टर ने अपनी अगली फिल्म के लिए अप्रोच किया. फ़िलहाल वे रोहित शेट्टी की सिंबा में रणवीर सिंह के साथ आ रही हैं. इसके अलावा उन्होंने और दो फिल्में साइन की है.

जिस तरह सारा का स्वभाव, अपनी बात व सलाह देने की अदा, लोगों के बीच बातचीत करने का अंदाज़, अभिनय, भरपूर आत्मविश्‍वास आदि है, इसे देख यह लगता है कि इसमें कोई दो राय नहीं कि आगे चलकर वे अपना एक मुकम्मल मुक़ाम ज़रूर हासिल कर लेंगी. वैसे अपनों का और ख़ासकर अपनी दादी शर्मिला टैगारे का आशीर्वाद और शुभकामनाएं तो उन्हें मिल ही चुका है. ऑल द बेस्ट सारा!

Sara Ali Khan Sara Ali Khan With Her Mom  Sara Ali Khan Sharmila Tagore And Sara Ali Khan Sharmila Tagore And Sara Ali Khan

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एक्सरसाइज़ मोड में सारा, देखिए उनकी हॉट पिक्स (Sara Coming Out Of Gym)

Sara ali khan, Gym

बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान (Sara Ali Khan) अक्सर चर्चा में रहती हैं. चाहे सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी हो या फिर पार्टी-फंक्शन में उनका शरीक होना हो. सारा जहां भी जाती हैं, कैमरे की नज़र उन्हीं पर रहती है. आपको बता दें कि सैफ अली खान की बेटी सारा जल्दी ही बॉलीवुड में कदम रखने वाली हैं. वे सुशांत सिंह राजपूत के साथ फिल्म केदारनाथ से बॉलीवुड में एंट्री करनेवाली हैं. इसके लिए वे जोरों की तैयारी कर रही हैं. सारा जिम में घंटों पसीना बहाती हैं. ये तस्वीरें तब ली गईं, जब वे जिम से बाहर निकल रही थीं.

Sara ali khan, Gym

Sara ali khan, Gym

Sara ali khan, Gym

Sara ali khan, Gym

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