sardar patel

आज सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में देशभर में मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने गुजरात के केवडिया में पटेलजी की प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के यहां उन्हें सादर नमन करते हुए राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलवाई. देश के पहले उप-प्रधानमंत्री व गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेलजी को शत् शत् नमन! आज के दिन हमें उनके विचारों व दृढ़ता से प्रेरणा व सीख लेते हुए जीवन में उसे अपनाने की पुरज़ोर कोशिश करते रहना चाहिए.

Rashtriya Ekta Diwas 2019

दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व गृहमंत्री अमित शाह ने पटेलजी को उनकी जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ मैराथन रन को हरी झंडी दिखाई. देशभर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन हो रहा है.

आज सरदार पटेलजी के 144 वीं जयंती पर भारतभर में तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इनमें एकता की दौड़, परेड के साथ-साथ विचार-विमर्श से जुड़े भी कई कार्यक्रम हैं.

Sardar Vallabhbhai Patel JayantiSardar Vallabhbhai Patel Jayanti Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti

प्रधानमंत्री मोदीजी ने पटेलजी को याद करते हुए कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचारों में देश की एकता को हर शख़्स महसूस कर सकता है. आज हम उनकी आवाज़ को सबसे बड़ी प्रतिमा के नीचे सुन रहे हैं. आज यहां पर आकर मुझे काफ़ी शांति मिली है…

मोदीजी ने राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलवाई, जो इस प्रकार थी-

मैं सत्य निष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता व सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का प्रयत्न करुंगा. मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं, जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल, उनकी दूरदर्शिता व कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका. मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुरक्षित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्य निष्ठा से संकल्प करता हूं… भारत माता की जय!..

 

Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti

लौह पुरुष…

* सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 में गुजरात के नडियाद में हुआ था.

* उनका पूरा नाम वल्लभभाई झावेरभाई पटेल था, पर वे सरदार पटेल के नाम से विख्यात हुए.

* उन्हें लौह पुरुष व आयरन मैन के रूप में जाना जाता है.

* उनकी पत्नी का नाम झावेरबा पटेल था.

* पटेलजी अपने साहसिक निर्णय के लिए जाने जाते थे.

* इसमें कोई दो राय नहीं कि वे एक कुशल राजनीतिज्ञ और बेहतरीन व्यक्ति थे.

* उनके विचार आज के संदर्भ में भी उतने ही सार्थक व तर्कपूर्ण हैं.

* तमाम विरोधों व अवरोधों के बावजूद वे सत्य पर अडिग रहे और देश की एकता व अखंडता से कभी भी समझौता नहीं किया. इसी कारण उनकी लौह पुरुष की छवि बनीं.

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विशेष: आज ही के दिन लद्दाख व जम्मू-कश्मीर नए केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं.

– ऊषा गुप्ता

World's Tallest Statue

स्टैच्यु ऑफ यूनिटी: दुनिया में सबसे ऊंचे सरदार! (Statue Of Unity: World’s Tallest Statue)

देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) के सम्मान में बनाई जा रही दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा (World’s Tallest Statue) स्टैच्यु ऑफ यूनिटी (Statue Of Unity) अब तैयार है. उसका अनावरण भी 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के द्वारा किया जा चुका है. सरदार पटेल की जन्म तिथि के अवसर पर इस मूर्ति का अनावरण किया गया. यह प्रतिमा गुजरात के नर्मदा ज़िले में सरदार सरोवर बांध के पास एक टापू पर स्थापित की गई है. यह ऊंचाई 597 फीट यानी 182 मीटर ऊंची है. इसे 7 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है.
इससे पहले चीन में बनी भगवान बुद्ध की दुनिया की सबसे उंची मूर्ति लोगों के आकर्षण का केंद्र थी, लेकिन अब दुनिया में हैं सबसे ऊंचे सरदार!
इस मूर्ति के बनने से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दुनिया में सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने का श्रेय व गौरव भी भारत को मिलेगा. इसके आसपास ख़ूबसूरत गार्डन बनाया गया है.
हालांकि कुछ लोगों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर आई लागत की बात कहते हुए इसका विरोध भी किया था, लेकिन वही लोग जब चीन या अमेरिका जाते हैं, तो स्प्रिंग टेंबल ऑफ बुद्धा या स्टैच्यु ऑफ लिबर्टी के सामने फोटो क्लिक करवाकर बड़ी शान से सोशल मीडिया पर डालते हैं.
इन तमाम विवादों के बीच भी यह मूर्ति अब बनकर तैयार है और लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

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स्टैच्यु ऑफ यूनिटी से जुड़ी ख़ास बातें…
– सरदार पटेल कॉम्प्लेक्स में सरकार ने तीन सितारा होटल, शॉपिंग सेंटर और रिसर्च सेंटर भी बनाया है.
– हाई स्पीड एलीवेटर्स आपको 400 फीट की ऊंचाई पर लेकर जाएंगे, जहां से आपको आसपास का पैनोरैमिक व्यू मिलेगा.
– सेल्फी के शौक़ीनों का भी ख़ास ध्यान रखा गया है और उनके लिए बनाया गया है ख़ास सेल्फी पॉइंट.
– एक म्यूज़ियम और ऑडियो-विज़ुअल गैलरी भी तैयार की गई है.
– लेज़र लाइट शो का भी प्रबंध है.
– 3 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए फ्री एंट्री है.
– उसके बाद 350 रूपए प्रति व्यक्ति टिकट है.
– इसके अलावा सस्ता विकल्प भी मौजूद है.

– गीता शर्मा

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31-October-1875-15-December-1950

  • लौह पुरुष (iron man) के तौर पर जाने जानेवाले सरदार वल्लभ भाई पटेल (sardar patel) को उनकी पुण्य तिथि पर हम याद व नमन करते हैं.
  • सरदार पटेल का जन्म ३१ अक्टूबर १८७५ को हुआ था और १५ दिसम्बर १९५० को वो हमें अलविदा कह गए थे.
  • स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी और भारत की आज़ादी के बाद वो देश के प्रथम गृह मंत्री व उप प्रधानमंत्री बने थे.
  • बारदौली कस्बे में ज़ोरदार व सशक्त सत्याग्रह करने के बाद उन्हें सरदार कहा जाने लगा और इस तरह वो सरदार पटेल बनें.
  • आज़ादी के बाद विभिन्न रियासतों में बनते भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम भी सरदार पटेल ने बखूबी किया और उसके बाद ही उन्हें लौह पुरुष भी कहा जाने लगा.
  • उनकी पुण्य तिथि पर हम उन्हें नमन करते हैं.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर तमाम बड़े लीडर्स ने उन्हें याद किया.

– गीता शर्मा