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ऐसे करेंगे ख़र्च, तो सेविंग होगी ज़्यादा (spend like this and save more money)

more money

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पैसे कमाना जितना मुश्किल है उसे खर्च करना उतना ही आसान. कई बार लोगों को खर्च की ऐसी लत लग जाती है कि पैसे बचाने की तरफ़ उनका ध्यान ही नहीं जाता. आप भी ऐसी ग़लती न करे इसलिए होममेकर ने ख़ास आपके लिए जुटाए है मनी सेविंग के कुछ यूज़़फुल टिप्स.

बजट बनाएं
बचत करने के लिए सबसे पहले ज़रूरी है बजट बनाना. बजट बनाने से आपको ये अंदाज़ा हो जाएगा कि किस चीज़ पर कितना खर्च करना है और अगर खर्च आपकी इनकम से ़ज़्यादा हो रहा है तो कहां कटौती करनी है इसका आइडिया भी आपको मिल जाएगा. विशेषज्ञों के अनुसार बजट बनाने से आपको ये भी पता चल जाएगा कि किसी चीज़ पर आप पैसे बर्बाद तो नहीं कर रहें, इससे आप आसानी से फिज़ूलखर्ची पर लगाम लगा सकते हैं.

लक्ष्य तय करें
अगर आप ये तय कर लेगें कि आज से दो साल बाद आपको मकान खरीदना है या नई गाड़ी लेनी है तो अपने इस लक्ष्य पर फोकस करके आपके लिए बचत करना थोड़ा आसान हो जाएगा. बिना कि लक्ष्य के आप रोज़ ये तय ज़रूर करके रहेंगे कि आज से पैसे बचाने है लेकिन कर नहीं पाएंगे. एक बार लक्ष्य तय कर लेने पर उसकी प्रति प्रतिबद्धता आपको सेविंग करने के लिए विवश करेगी.

तय करें कितनी बचत करनी है
हर महीने आपको कितनी राशि बचानी है ये तय कर लें, फिर उसी के मुताबिक महीने का खर्च करें, लेकिन राशि तय करते समय अपनी सैलेरी का भी ध्यान रखें कहीं ऐसा न हो कि सेविंग के चक्कर में आपके महीने का बजट ही बिगड़ जाए.

खर्च का हिसाब-किताब
एक डायरी में अपने महीने के खर्च का हिसाब-किताब रखें. इससे आपको पता चल पाएगा कि कहीं आपका खर्च आपनी आमदनी से ़ज़्यादा तो नहीं है. खर्चों का हिसाब लिखते समय छोटे से छोटे खर्च को भी लिखना चाहिए.

सेविंग अकाउंट खोलें
बचत के पैसों को जमा करने के लिए अलग से सेविंग अकाउंट खोले, इससे आपको याद रहेगा कि आपने कितनी बचत की है, और जैसे-जैसे आपका बैंक बैलेंस बढ़ेगा आप और ़ज़्यादा सेविंग के लिए प्ररेति होंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक किसी सेविंग स्कीम में पैसे डालना ़ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है.

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कम करें
जब तक बहुत ज़रूरी न हो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल न करें. हमेशा कैश में ही भुगतान करने की कोशिश करें और अगर कभी क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करना ही पड़े तो भुगतान जल्द से जल्द कर दें वरना ब्याज़ ज़्यादा देना पड़ेगा. साथ ही कोई भी सामान इंस्टॉलमेंट में न खरीदें इससे ब्याज़ के रूप में आपको अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ते है, इसलिए बेहतर होगा कि पहले बचत करें और फिर वो सामान खरीदें.

बच्चों को बताएं बचत की अहमियत
अगर आप चाहती हैं कि आपके बच्चे ब़डे होकर फिज़ूलखर्ची न बनें तो बचपन से ही उनमें बचत की आदत डालिए, इसके लिए आप निम्न तरीके इस्तेमाल कर
सकती हैं.

पॉकेट मनी खुद कमाने दें 
हर महीने फ्री में बच्चों को पैसे देने की बजाय उन्हें कोई काम करने के लिए कहें और उसे पूरा करने पर ही पैसे दें, इससे उन्हें पता चलेगा कि पैसे आसानी से नहीं आतें.

अकाउंट मेंनेट करना सिखाएं
अपने बच्चे से उसके खर्च का हिसाब रखने के लिए कहें, इससे उसे पता चलेगा कि उसने कितना खर्च किया है और कितनी सेविंग की है.

सही खर्च करना सिखाएं 
सेविंग का ये मतलब नहीं है कि आप उसे खर्च करने से ही रोक दें, बल्कि उसे ज़रूरी और सही चीज़ पर खर्च करना सिखाएं.

बैंक बनाएं
बच्चों में बचत की आदत डालने के लिए उन्हें बैंक बनाकर दें (कोई बॉक्स जिसमें पैसे डाल सके). उसे एक बुक भी दे दें जिसमें वो अपना बैलेंस लिख सके.

ख़ास मौक़ों पर उपहार खरीदने दें
त्योहार या किसी ख़ास अवसर पर उसे बचत से अपने लिए कोई बड़ा तोहफा खरीदने दें. इससे बच्चे को सेविंग की वजह समझ में आएगी.

सेविंग ट्रिक

खर्च पर लगाम
ये बचत का सबसे अच्छा ही नहीं बल्कि ज़रूरी हिस्सा है. अगर आप वाक़ई सेविंग करना चाहते हैं तो अपने खर्च पर नज़र रखने के साथ ही ये भी सोचिए कि आप कैसे उसे कम कर सकती हैं, जैसे डेली न्यूज़पेपर लेती हैं लेकिन उसे पढ़ नहीं पातीं तो उसे बंद करा सकती हैं और जब टाइम मिले तो लाइब्रेरी में जाकर पढ़ सकती है, इसी तरह घर में किताबों का ढेर लगाने से अच्छा है कि आप पब्लिक लाइब्रेरी से किताबे ले आएं. ऑफिस में फ्री टाइम में रोज़ाना बाहर से स्नैक्स मंगाने से बेहतर होगा कि आप घर से ही कुछ बनाकर ले जाएं, ये आपके शारीरिक और वित्तिय स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा. इस तरह छोटे छोटे खर्च पर लगाम लगाकर आप अपनी मेहनत की कमाई को बचा सकती हैं.

कपड़ों की खरीददारी
– कोशिश करें कि आप ऑफ़ सीज़न में ही कपड़े खरीदें, इससे सेल में आपको किफायती रेट में कपड़े मिल जाएंगे.

– न्यूट्रल कलर के कपड़े चुनें, ऐसे कपड़ें आप किसी भी सीज़न में पहन सकती हैं, कपड़े खरीदे समय स्टाइल का भी ध्यान रखें, ऐसा कुछ न खरीदे जिसके थोड़े समय बाद आउडेटेड होने की आशंका हो.

– ऐसे स्टोर्स और आउटलेट्स का पता लगाएं जहां डिस्काउंट चल रहा हो.

– कुछ ऐसे कपड़े खरीदें जिन्हें आप एक से ़ज़्यादा आउटफिट्स के साथ पहन सकें. जैसे ब्लैक पैंट के साथ आप कई तरह के टॉप पहन सकती हैं, इसी तरह व्हाइट लैगिज़ के साथ भी आप कई रंग के कुर्ते ट्राई कर सकती हैं.

– अगर पार्टी या किसी ख़ास मौकों के लिए ड्रेस खरीदना चाहती हैं तो जल्दबाज़ी न करें, सेल या डिस्काउंट सीज़न का वेट करें, इसमें आपको कम दाम में अच्छी चीज़ मिल सकती है.

– इस बात का भी ध्यान रखें कि सेल के लालच में कहीं आप अपनी साइज़ से छोटे कपड़ें न ले लें. आपको किस ब्रांड कें किस साइज़ का कपड़ा फिट आता है इसका पता लगाने के बाद ही आप सेल का सही फायदा उठा सकती हैं.

फूड आइटम्स
– जो फूड आइटम्स ज़्यादा दिनों तक खराब नहीं होते उन्हें थोक में खरीदकर आप डिस्काउंट का फायदा उठा सकती हैं.

– अगर आपको हर हफ्ते बाहर खाने की आदत है तो उसे बदल लीजिए क्योंकि होटल का खाना आपकी सेहत और जेब दोनों के लिए हानिकारक है.

– स़िर्फ ब्रांड का नाम सुनकर ही कोई फूड आइटम न खरीदें क्योंकि कई बार ब्रांडेड फूड और सामान्य फूड की क्वालिटी एक जैसी ही होती है.

– सीज़न में जब कोई फल या सब्ज़ी सस्ती हो तो ब़डी मात्रा में खरीद कर उन्हें प्रिजर्व कर लें.

– अगर आपके घर के आस-पास खाली जगह है तो वहां कोई फल या सब्ज़ी उगाकर आप पैसे बचा सकती हैं.

– नॉन वेज की बजाय वेजिटेरियन खाने को तवज्जो दें.

– कई लोग भूख न होने पर भी स़िर्फ तनाव दूर करने के लिए कुछ न कुछ खाते रहते हैं, जो सही नहीं है. भूख लगने पर ही खाना खाना चाहिए.

– कंचन सिंह

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रिलेशनशिप क्विज़- जानें कैसा है आपका रिश्ता? (Relationship Quiz: Know your Relationship?)

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1. क्या आपके पति बच्चों और घरेलू बातों के अलावा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर आपकी सलाह लेते हैं?

ए) हां.

बी) कभी-कभी.

सी) नहीं, वे सामान्यतः अपने पिता या बेस्ट फ्रेंड से सलाह लेते हैं.

2. आपके पति छुट्टीवाले दिन किस तरह रिलैक्स होना पसंद करते हैं?

ए) आपके साथ समय बिताते हुए- एक साथ पढ़ते, कुकिंग या कुछ और करते हुए.

बी) निरीक्षण करते हुए, घर के कामों को, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर या कारपेंटर से करवाते हुए.

सी) घर के बाहर दोस्तों के साथ.

3. क्या आप दोनों के नाम से जॉइंट प्रॉपर्टी है या ख़रीदनेवाले हैं?

ए) हां.

बी) हमने इस बारे में बात तो की है, परंतु उन्होंने अभी तक ख़रीदी नहीं है.

सी) नहीं, सारी प्रॉपर्टी पति के नाम से है.

4. क्या आपके पति आपको ऑफिस की पार्टी या अन्य पार्टियों में ले जाते हैं, जहां पत्नियां भी आमंत्रित होती हैं?

ए) हां, हमेशा.

बी) कभी-कभी, जब उन्हें लगता है, ले जाना चाहिए.

सी) कभी-कभी, बच्चों को कौन संभालेगा? या उन्हें लगता है कि मेरे साथ रहने पर वो एंजॉय नहीं कर पाएंगे.

5. जब आप बीमार होती हैं, क्या वो…

ए) बच्चों को खिलाने से लेकर स्कूल छोड़ने तक सारी ज़िम्मेदारियां निभाते हैं.

बी) मैनेज तो करते हैं, परंतु छोटी-छोटी चीज़ें बार-बार आपसे पूछते रहते हैं.

सी) नहीं कर पाते. किसी रिश्तेदार को कुछ दिनों के लिए बुला लेते हैं.

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6. जब आप ऑफिस की वर्क ट्रिप पर होती हैं, तो वो…

ए) आपको आश्‍वस्त करते हैं कि घर पर सब कुछ ठीक है.

बी) बार-बार आपको फोन करके, पूछते रहते हैं, जैसे मसाले कहां रखे हैं या बच्चे को डॉक्टर के पास कब ले जाना है.

सी) नाराज़ हो जाते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से हर बात पर नाराज़गी और नखरे दिखाते हैं.

7. यदि आपके बच्चे की स्कूल में पैरेंट्स मीटिंग है, परंतु उसी दिन सुबह आपका ऑफिस में बेहद ज़रूरी काम, असाइनमेंट या प्रेज़ेंटेशन है, तो क्या आपके पति…

ए) ख़ुशी-ख़ुशी ऑफिस से छुट्टी लेकर स्कूल जाते हैं.

बी) थोड़ा वाद-विवाद करने के बाद, हाफ डे छुट्टी लेकर जाते हैं.

सी) कहते हैं, “मुझे काम है.” जिसका अर्थ होता है, आपको ही जाना है. अब यह आपको सोचना है कि ऑफिस का काम कैसे मैनेज करें.

8. क्या आपके पति आपके पैरेंट्स या भाई-बहनों को ख़ास मौक़ों के अलावा भी घर पर आने के लिए आमंत्रित करते हैं?

ए) हां.

बी) हां, परंतु थोड़ा ज़ोर देने पर.

सी) केवल बर्थडे और एनीवर्सरीज़ पर, वह भी आपके बार-बार याद दिलाने पर या जब आप पैरेंट्स से फोन पर बात करते हुए रिसीवर पति को पकड़ा देती हैं तब.

9. क्या आपके पति घरेलू काम, जैसे- खाना बनाना, बेडशीट बदलना, केबिनेट्स साफ़ करना या अन्य कामों में आपकी मदद करते हैं?

ए) हां.

बी) कभी-कभी, जब आप बीमार होती हैं या घर पर नहीं होतीं.

सी) कठिनता से. वे घरेलू कामों मेंं रुचि नहीं लेते.

10. कितनी बार आप पति या बच्चों के बिना बाहर जाती हैं?

ए) हफ़्ते में एक बार.

बी) महीने में एक बार.

सी) मुझे तो याद भी नहीं कि आख़री बार कब गई थी.

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* यदि आपके अधिकतर जवाब ‘ए’ हैं, तो…
आप सुपर पावर वाइफ हैं. आपने अपनी रिलेशनशिप में अच्छा सामंजस्य बैठा रखा है. अपने परिवार को प्यार करती हैं. आप और आपके पति दोनों इस बात पर विश्‍वास करते हैं कि पुरुष और स्त्री दोनों समान हैं.

* यदि आपके अधिकतर जवाब ‘बी’ हैं, तो…
आपको अपने रिश्ते पर थोड़ी मेहनत करनी होगी. कभी-कभार पति को बच्चों को मैनेज करने दें. बाहर निकलें. अपना अकेले का समय एंजॉय करें. बहुत तरोताज़ा व आनंदित महसूस करेंगी. यदि आपके पति के पास समय की कमी है, तो उन्हें भी अच्छा लगेगा.

* यदि आपके अधिकतर जवाब ‘सी’ हैं, तो…
आपकी रिलेशनशिप हेल्दी नहीं है. अपने पति को भी कुछ ज़िम्मेदारियां सौंपें. उन्हें समझाएं कि घर-परिवार की ज़िम्मेदारी आप उनके सहयोग से ही बेहतर ढंग से निभा पाएंगी.
अगर आप ऐसा नहीं कर पा रही हैं तो एक ब्रेक लें. अपराधबोध से बाहर निकलें. कभी-कभार जैसे हो रहा है, होने दें, स्वयं को महत्व देना सीखें. आप बहुत ख़ुश रहेंगी और ज़्यादा बेहतर पत्नी व मां बनेंगी.

– डॉ. नेहा

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