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Anurag Thakur

 

नए साल की शुरुआत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के लिए अच्छी नहीं हुई. सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से हटा दिया है. इसके साथ ही सचिव पद से अजय शिर्के को भी अपने पद से हटना पड़ा.

क्या था मामला?
बीसीसीआई में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट ने लोढ़ा पैनल का गठन किया था, लेकिन बीसीसीआई इसके अनुसार चलने को राज़ी नहीं. दोनों में शुरुआत से ही तनाव देखने को मिला. लोढ़ा द्वारा ख़र्च का ब्योरा मांगने पर कई बार अनुराग ठाकुर ने इनकार किया और ये दलील दी कि इससे खेल पर बुरा असर पड़ेगा. इस तरह की कई दलीलें देने वाले अनुराग ठाकुर को शायद ही इस बात का अंदाज़ा था कि वो नए साल में इतनी बुरी स्थिति में आ जाएंगे. अनुराग ठाकुर पर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को नहीं मानने का आरोप है. इसके साथ ही उनपर ग़लत हलफनामा देने का भी आरोप है.

क्रिकेट की जीत पर ठाकुर की हार
इस फैसले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जस्टिस लोढ़ा ने कोर्ट के ़फैसले को स्वीकारते हुए कहा कि यह क्रिकेट की जीत है. खेल प्रशासक आते-जाते रहते हैं, लेकिन खेल सबसे बड़ा है. आख़िरकार अनुराग ठाकुर अपने ऊपर लगे आरोपों को सच साबित करने में असफल रहे और इस खेल में क्लीन बोल्ड हो गए.

कौन देखेगा काम ?
मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि बीसीसीआई के कामकाज को प्रशासकों की एक समिति देखेगी.