self breast examination

मैं 28 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. काम के सिलसिले में मुझे काफ़ी ट्रैवल करना पड़ता है और बहुत बार पब्लिक टॉयलेट भी इस्तेमाल करना पड़ता है. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या टॉयलेट सीट के ज़रिए भी ह्यूमन पैपीलोमा वायरस या हर्पिस का संक्रमण फैल सकता है. कृपया, मेरा मार्गदर्शन करें.
– राजकुमारी सिंह, नागपुर.

ह्यूमन पैपीलोमा वायरस (एचपीवी) या हर्पिस सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ हैं, इसलिए ये टॉयलेट सीट के ज़रिए नहीं फैल सकते. सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ को फैलने के लिए त्वचा का संबंध होना ज़रूरी है, जो आमतौर पर सेक्सुअल रिलेशन के दौरान होता है. आज की युवापीढ़ी को यह समस्या काफ़ी परेशान करती है. ख़ासतौर से पुरुषों को तो पता भी नहीं होता कि उन्हें एचपीवी है. इस मामले में कंडोम से भी पूरा प्रोटेक्शन नहीं मिलता, इसलिए ज़रूरी है कि आप सेक्सुअल हाइजीन का ख़ास ख़्याल रखें.

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मैं 21 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. कुछ दिनों पहले मेरी सहेली ने मुझे सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन के बारे में बताया. मैं जानना चाहती हूं कि क्या सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन ज़रूरी है और अगर हां, तो किस उम्र से लड़कियों को यह शुरू करना चाहिए?
– स्मिता नंदल, अहमदाबाद.

लड़कियों और महिलाओं के लिए सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन बहुत ज़रूरी है. टीनएज में ब्रेस्ट का विकास होता रहता है, इसलिए ज़रूरी है कि वो 20 साल की उम्र से यह शुरू कर दें. पहली बार सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन किसी डॉक्टर या हेल्थ केयर वर्कर से देखकर सीखें. शुरू-शुरू में आपको शायद कुछ ज़्यादा समझ में न आए, पर धीरे-धीरे आप अपने ब्रेस्ट के टिश्यूज़ को समझने लगेंगी और हेल्दी-अनहेल्दी टिश्यूज़ के अंतर को समझ पाएंगी. पीरियड्स के एक हफ़्ते बाद का समय सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन के लिए सबसे उपयुक्त है. आईने के सामने खड़े होकर सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिन करने का सबसे सही तरीक़ा है.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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मेरी चचेरी बहन 28 साल की है. वह प्रेग्नेंट है. शुरुआती जांच में डॉक्टर को आशंका है कि उसे ब्रेस्ट कैंसर (breast cancer) है. प्रेग्नेंसी के व़क्त ब्रेस्ट कैंसर और वो भी इतनी कम उम्र में? क्या यह मुमकिन है?
– नेहा देसाई, सोलापुर.
प्रेग्नेंसी के दौरान बे्रस्ट कैंसर (breast cancer) काफ़ी असामान्य है, पर जिनके घर में फैमिली हिस्ट्री हो, उन महिलाओं के लिए इसकी संभावना अन्य महिलाओं के मुक़ाबले 5-10% बढ़ जाती है. आमतौर पर प्रीनैटल चेकअप के दौरान डॉक्टर ब्रेस्ट्स भी चेक करते हैं, पर सभी महिलाओं को नियमित रूप से क्लीनिकली अपने ब्रेस्ट्स चेक करवाने चाहिए यानी डॉक्टर की सलाह पर समय-समय पर मैमोग्राफी कराते रहना चाहिए. ज़्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि गांवों के मुक़ाबले शहरी महिलाएं इससे अधिक प्रभावित होती हैं.

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breast cancer during pregnancy
मैं 40 वर्षीया महिला हूं और पिछले एक साल से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से पीड़ित हूं. पिछले एक साल में यह क़रीब पांच-छह बार हो चुका है. गायनाकोलॉजिस्ट ने सारे चेकअप्स के बाद सब नॉर्मल बताया, पर फिर भी इंफेक्शन बार-बार हो रहा है. मैं फिर से एंटीबायोटिक्स नहीं खाना चाहती. कृपया, उचित सलाह दें.
– पुनीता शुक्ला, मेरठ.
कभी-कभी अगर इंफेक्शन पूरी तरह ठीक न हो, तो वह फिर से हो सकता है. वहीं कुछ लोग थोड़ा आराम मिलते ही एंटीबायोटिक लेना बंद कर देते हैं, जिससे कोर्स पूरा नहीं होता और इंफेक्शन वापस से आ जाता है. चूंकि आप इस समस्या से काफ़ी दिनों से परेशान हैं, तो आपको यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए. सिस्टोस्कोपी के ज़रिए वो आपका ब्लैडर आदि चेक करेंगे, जिससे इंफेक्शन के बार-बार होनेे का कारण पता चल जाएगा.

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5 स्टेप्स में करें सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन

स्टेप 1: बिना कपड़ों के आईने के सामने खड़ी हो जाएं और हाथों को कूल्हे पर रखें. ध्यान से दोनों ब्रेस्ट्स को देखें कि कहीं उनके कलर और शेप में कोई फ़र्क़ तो नहीं आया है.
स्टेप 2: अब दोनों हाथों को ऊपर उठाकर देखें, कहीं कोई बदलाव तो नज़र नहीं आ रहा.
स्टेप 3: निप्पल्स को ध्यान से देखें, वो अंदर की तरफ़ धंसे हुए तो नहीं या उनसे किसी तरह का द्रव तो नहीं निकल रहा.
स्टेप 4: बेड पर लेटकर दाएं हाथ की उंगलियों से बाएं ब्रेस्ट को और बाएं हाथ की उंगलियों से दाएं ब्रेस्ट को सर्कुलर मोशन में चेक करें कि कहीं कोई गांठ तो नहीं.
स्टेप 5: अब बैठकर या खड़े होकर बिल्कुल स्टेप 4 के अनुसार ब्रेस्ट एक्ज़ामिन करें.
डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected] 

 

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