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पहली बार सेक्स करने की अनुभूति बेहद अलग होती है. हर किसी ने अपने कल्पना में फ़िल्मी सीन की तरह अपना पहला सेक्स अनुभव संजोया होता है लेकिन जब वैसा कुछ नहीं होता तो निराशा हाथ लगती है और सेक्स खूबसूरत अनुभव की जगह तकलीफ़देह लगने लगता है और कई कुंठाओं को जन्म देता है. लेकिन अगर आप कुछ बातों का ख्याल रखें तो सेक्स आपके लिए बेहद खूबसूरत क्रिया होगी.

  • क्या आप मानसिक रूप से तैयार हैं सेक्स के लिए? जी हां सेक्स कोई शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा सम्बंध होता है. इसके लिए आपको मानसिक रूप से तैयार होने की ज़रूरत अधिक होती है. मन तैयार होगा तो शरीर बेहतर साथ देगा.
  • फ़ोरप्ले को कितना महत्वपूर्ण समझते हैं? कुछ लोग इसे बेहद तकनीकी क्रिया की तरह से महज़ शरीर की ज़रूरत मानकर करते हैं लेकिन ये मशीनी क्रिया नहीं है. अगर आप फ़ोरप्ले करेंगे तो और अधिक क़रीब आएँगे और ज़्यादा संतुष्ट भी होंगे. सेक्स के दौरान दर्द नहीं होगा और चरम पर पहुँचना आसान होगा.
  • सेक्स से पहले एक दूसरे के साथ रोमांस करें. किस करें. बातें करें. एक दूसरे को हल्के हल्के स्पर्श करें.
  • कमरे का माहौल रोमांटिक रखें. साफ़ सुथरा कमरा, महकता माहौल, बेड भी सुविधाजनक हो. हल्की रोशनी रखें.
  • पर्सनल हाइजीन का ख़याल भी रखें ख़याल. यह बेहद ज़रूरी है लेकिन लोग इसे नज़रअंदाज़ करते हैं. प्राइवेट पार्ट्स से लेकर ओरल हाइजीन का ध्यान रखें.
First Time Sex Tips
  • दिमाग़ से यह फ़ितूर निकाल दें कि आपका पहला सेक्स किसी फ़िल्मी सीन की तरह होगा. मन में पूर्वाग्रहों को ना पलने दें, वर्ना निराशा हाथ लगेगी. फ़िल्में काल्पनिक होती हैं. हक़ीक़त इससे अलग होती है. पहली बार में कुछ भी परफेक्ट नहीं होता. सेक्स सिर्फ़ प्रैक्टिस से ही दिन ब दिन बेहतर होता है क्योंकि आपको पहली बार में एक दूसरे की पसंद और सेक्स पॉइंट्स के बारे में ज़्यादा नहीं पता होता. मन में झिझक भी होती है. इसलिए खुले दिमाग़ से पहले अनुभव को स्वीकारें.
  • यह भी ज़रूरी नहीं कि पहली बार में दर्द हो या खून निकले. अगर आप दोनों मानसिक रूप से बेहतर तैयार हो तो ना दर्द होगा और ना खून निकलेगा.
  • फ़ीमेल पार्टनर भी बेझिझक होकर सेक्स में पहल करे. इसको चरित्र से जोड़कर ना देखें। दोनों को ही सहयोग ज़रूरी है ताकि अनुभव बेहतर हो.
  • प्राईवेसी का ख़याल ज़रूर रखें. कोई डिसटर्ब ना करे और मन में किसी बात का डर ना हो.
  • पहली बार में ज़्यादा एक्सपेरिमेंट करने आस बचें.
  • पोर्न को अपना आदर्श ना मानें, वर्ना बात बिगड़ सकती है क्योंकि पोर्न फ़िल्में महज़ पैसा कमाने के लिए आपको उत्तेजित करने के इरादे से बनाई जाती हैं जिसमें वैज्ञानिक तथ्य नहीं होते.
  • मन में शंका हो तो सही जगह से जानकारी व मदद लें और अपनी सेक्स की पहली अनुभूति को यादगार बनाएँ.

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सेक्स हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए ज़रूरी है, पर कुछ स्थितियों में सेक्स से दूर (Conditions when not to have sex) रहना आपके लिए ही नहीं, बल्कि आपके लाइफपार्टनर के हेल्थ के लिए भी ज़रूरी है. आइए जानते हैं कि किन स्थितियों में सेक्स नहीं करना चाहिए.

Conditions when not to have sex
1. सर्जरी के बाद

सर्जरी कितनी भी छोटी से छोटी क्यों न हो, जब तक डॉक्टर आपकी जांच करके घाव के भरने की पुष्टि न कर दे, तब तक किसी भी तरह का शारीरिक संबंध न बनाएं. डॉक्टरी सलाह के बिना ऐसा करना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है. आमतौर पर बड़ी सर्जरीज़ में तीन महीनों के लिए परहेज़ की सलाह दी जाती है, पर छोटी सर्जरीज़ को भी हल्के में न लें.

पार्टनर के लिए टिप्स
आपको यह समझना होगा कि सर्जरी के दौरान व उसके बाद दवाइयों व थेरेपी के कारण पार्टनर की सेक्स में दिलचस्पी बहुत कम हो जाती है. इसके अलावा शारीरिक घाव उसे कुछ और सोचने नहीं देता, ऐसे में आपका प्यार व विश्‍वास उनमें नया जोश भर सकता है.

2. सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ (एसटीडी) होने पर

अगर एक पार्टनर एसटीडी से पीड़ित है, तो दूसरे को यह ट्रांसफर न हो, इसलिए दोनों को सेक्स से दूर रहना चाहिए. वैसे आमतौर पर भी एसटीडी के मामले, जैसे- एचआईवी/एड्स, हेपेटाइटिस-बी, सिफिलिस आदि की संभावना होने पर डॉक्टर टेस्ट्स के रिपोर्ट्स आने तक सेक्स से बचने की सलाह देते हैं.

पार्टनर के लिए टिप्स

सेक्सुअल रिलेशन के ज़रिए फैलनेवाली इन समस्याओं से निपटने और अपने पार्टनर को संक्रमण से बचाने के लिए सेक्स से परहेज़ करना आपकी ज़िम्मेदारी है. नियमित रूप से सेक्सुअल हाइजीन का ध्यान रखें और सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें. डॉक्टरी सलाह का पूरा पालन करें.

3. अन्य संक्रामक बीमारियां

एसटीडी के अलावा अन्य संक्रामक बीमारियां, जैसे- टी.बी., हर्पिस, चिकनपॉक्स या बैक्टीरियल इंफेक्शन (त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारियां), जो इंटीमेट फिज़िकल कॉन्टैक्ट के ज़रिए फैलती हैं, के दौरान भी सेक्स की मनाही होती है.

पार्टनर के लिए टिप्स
बहुत-से लोगों को पता ही नहीं होता कि इस तरह की संक्रामक बीमारियों में सेक्स से परहेज़ बहुत ज़रूरी हो जाता है, वरना आपके साथ-साथ आपका पार्टनर भी इनकी चपेट में आ सकता है. जब तक संक्रमण पूरी तरह ठीक न हो जाए और डॉक्टर इस बात की पुष्टि न कर दे, तब तक शारीरिक संबंध न बनाएं.

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4. प्रेग्नेंसी के दौरान

इस दौरान सेक्स को लेकर लोगों के मन में कई उलझनें रहती हैं. इस दौरान सेक्स करें या न करें, कब करें, जैसे कई सवाल उन्हें परेशान करते रहते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक़ प्रेग्नेंसी के छठे हफ़्ते से लेकर बारहवें हफ़्ते तक सेक्स नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस दौरान गर्भपात की संभावना सबसे अधिक होती है. इसके अलावा प्रेग्नेंसी के आख़िरी दो महीनों में भी सेक्स से परहेज़ करना चाहिए, क्योंकि सेक्स से एम्नियोटिक फ्लूइड के लीक होने की संभावना रहती है.

पार्टनर के लिए टिप्स
प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी पत्नी का पूरा ख़्याल रखें. इससे वह हरदम ख़ुश रहेगी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ प्रेग्नेंसी के चौथे से सातवें महीने तक सेक्स किया जा सकता है, पर वो भी पत्नी के कंफर्ट को ध्यान में रखते हुए करें.

5. डिलीवरी के बाद

बच्चे के जन्म के साथ-साथ एक मां का भी जन्म होता है. ख़ासतौर से पहली बार मां बनी महिलाओं के लिए उनका बच्चा ही सब कुछ हो जाता है और बाकी चीज़ें उनके लिए उतनी मायने नहीं रखतीं. डिलीवरी के बाद शारीरिक कमज़ोरी के अलावा उनमें कई भावनात्मक बदलाव आते हैं, जिससे उनकी सेक्स की इच्छा लगभग ख़त्म हो जाती है. पर 3-6 महीनों के बाद पीरियड्स वापस आ जाने से वो प्री-प्रेग्नेंसी पीरियड में वापस आने लगती हैं और उनकी सेक्सुअल डिज़ायर भी वापस लौट आती है.

पार्टनर के लिए टिप्स
आमतौर पर डिलीवरी के बाद छह हफ़्तों तक सेक्स नहीं करना चाहिए. इसके बाद भी सेक्स की पहल करने से पहले डॉक्टर से इस बारे में सलाह ज़रूर लें. आपके चेकअप के बाद डॉक्टर आपको इस बारे में सही जानकारी दे सकते हैं, जिसके बाद सेक्स करना पत्नी के लिए कष्टदायक नहीं होगा.

6. हार्ट प्रॉब्लम्स में

हार्ट अटैक या हार्ट प्रॉब्लम्स में जब बेड रेस्ट की सलाह दी गई हो, तब सेक्स से परहेज़ करना ज़रूरी हो जाता है. दरअसल, सेक्स के दौरान उत्तेजना के कारण हृदय पर दबाव पड़ता है, जिससे आपकी समस्या बढ़ सकती है. इसलिए अगर आपको या आपके पार्टनर को हार्ट प्रॉब्लम्स हैं, तो सावधानी बरतें.

पार्टनर के लिए टिप्स
दिल से जुड़े अपने रिश्ते को मज़बूत बनाए रखने के लिए अपने पार्टनर के दिल का ख़्याल रखें. आजकल हार्ट प्रॉब्लम्स बहुत बढ़ गई हैं, ऐसे में आपको अपनी भावनाओं के साथ-साथ उनकी भावनाओं को भी समझना होगा. हार्ट प्रॉब्लम्स में अगर बेड रेस्ट की सलाह दी गई है, तो डॉक्टरी सलाह के बिना कोई क़दम न उठाएं. जब तक परहेज़ करने के लिए कहा गया हो, ज़रूर करें. यही आप दोनों के लिए बेहतर होगा.

7. मानसिक बीमारी में

सेक्स न केवल शरीर का मिलन है, बल्कि इसमें दो लोगों के मन आपस में एक-दूसरे से जुड़े होते हैं. इसके लिए शरीर के साथ-साथ आपका मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी ज़रूरी है. ऐसे में किसी भी तरह की मानसिक बीमारी, डिप्रेशन, तनाव की स्थिति में सेक्स की इच्छा अपने आप ख़त्म हो जाती है, इसलिए पार्टनर की भावनाओं की कद्र करें.

पार्टनर के लिए टिप्स
मानसिक बीमारी या परेशानी की स्थिति में पार्टनर को मॉरल सपोर्ट दें. उसे ख़ुश रखें और उसका भरपूर ख़्याल रखें. आपका प्यार व सकारात्मक व्यवहार आपके पार्टनर के जीवन को नए ढंग से जीने व आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा.

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8. स्टिल बर्थ की स्थिति में

जन्म से पूर्व गर्भाशय में ही गर्भ का दम तोड़ देना स्टिल बर्थ कहलाता है. ज़्यादातर मामलों में यह 5वें महीने के बाद होता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर पति-पत्नी दोनों को ही क़रीब 6 महीनों के लिए शारीरिक संबंध बनाने से मना करते हैं, क्योंकि महिला शारीरिक व मानसिक रूप से बहुत कमज़ोर होती है.

पार्टनर के लिए टिप्स
अपने अजन्मे बच्चे को खोने का दुख किसी भी महिला को अंदर तक तोड़ सकता है. शारीरिक व मानसिक पीड़ा से जूझ रही ऐसी महिला को पति के प्यार व सहारे की बहुत ज़रूरत होती है. पत्नी को प्यार व सहारा दें व उसका मनोबल बढ़ाएं.

9. झगड़ा या मनमुटाव होने पर

ज़्यादातर लोगों की सोच है कि तक़रार की स्थिति में सेक्स के ज़रिए आप रिश्ते को सुधार सकते हैं, पर कभी-कभी ये दांव उल्टा भी पड़ सकता है. सेक्स का मतलब आपसी प्यार को दर्शाना है, न कि ज़बर्दस्ती करना. झगड़े को ठीक करने के लिए किया गया सेक्स महज़ एक शारीरिक क्रिया बन जाती है, जिसमें भावनाएं न के बराबर होती हैं.

पार्टनर के लिए टिप्स
लड़ाई व झगड़े को ठीक करने के लिए सबसे पहले साथी को मनाएं. अगर ग़लती आपकी है, तो माफ़ी मांगने में पीछे न रहें. पार्टनर को ख़ुश करने के लिए उसे गिफ्ट दें और उसका मन बहलाएं. इस तरह न स़िर्फ आपकी सेक्सुअल लाइफ ख़ुशहाल रहेगी, बल्कि आपका रिश्ता लंबे समय के लिए मज़बूत रहेगा.

10. पीड़ादायक सेक्स

कुछ लोगों को यह सामान्य लगता है, पर पीड़ादायक सेक्स के कारण शारीरिक व मानसिक समस्याएं हो सकती हैं, जो आपकी सेक्सुअल रिलेशनशिप को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं. ऐसी स्थिति में डॉक्टर दर्द बर्दाश्त करने की सलाह नहीं देते.

पार्टनर के लिए टिप्स
सेक्स के दौरान दर्द अपने आप में एक अलार्म है, अगर आपके पार्टनर को सेक्स के दौरान दर्द होता है, तो इसे सामान्य समझकर अनदेखा न करें, जब तक डॉक्टर दर्द का सही कारण पता करके इलाज पूरा न कर ले, तब तक सेक्स से परहेज़ करना आप दोनों लिए अच्छा होगा.

– अनीता सिंह

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