sex and romance

सेक्स लाइफ से जुड़ी ऐसी बहुत सी बातें हैं, जिनसे आज भी ज़्यादातर महिलाएं अनभिज्ञ हैं. सेक्स लाइफ से जुड़ा ऐसा एक पहलू है ऑर्गैज़्म. ऑर्गैज़्म क्या है, क्यों सभी को महसूस नहीं होता और क्या हैं इसके हेल्थ बेनीफिट्स आइए

जानते हैं क्या है ऑर्गैज़्म?

सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान मिलनेवाली ख़ुशी को ऑर्गैज़्म या चरमसुख कहते हैं. वहीं कुछ लोग इसे क्लाइमेक्स भी कहते हैं. इसके नाम कई हैं, पर अर्थ सबका एक ही है. सेक्स के दौरान शरीर की मसल्स टाइट हो जाती हैं, जबकि ऑर्गैज़्म की फीलिंग आते ही वो सभी रिलैक्स हो जाती हैं, जिसके कारण महिला व पुरुष दोनों को ही एक आंतरिक ख़ुशी का अनुभव होता है.

क्या होता है ऑर्गैज़्म के दौरान?

Amazing Facts About Orgasm

ऑर्गैज़्म के दौरान आमतौर पर शरीर के प्राइवेट पार्ट्स में रक्तसंचार बढ़ जाता है, जिसके कारण वो सेंसिटिव हो जाते हैं. साथ ही दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं और सांस की प्रक्रिया भी बदल जाती है. इन सब के कारण महिलाओं को एक अलग ही प्रकार की ख़ुशी मिलती है, जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती.

क्यों ज़्यादातर महिलाएं रह जाती हैं इससे वंचित ?

स्टडीज़ में यह पता चला है कि ज़्यादातर महिलाएं ऑर्गैज़्म के लिए मास्टरबेशन का सहारा लेती हैं, क्योंकि 50% महिलाएं को सेक्सुअल इंटरकोर्स के दौरान ऑर्गैज़्म का अनुभव मिलता ही नहीं. स्टडी में यह भी पता चला है कि ऐसी भी बहुत सी महिलाएं हैं, जिन्हें कभी ऑर्गैज़्म मिला ही नहीं. आइए जानते हैं क्या हैं इसके कारण?

– सेक्सुअल रिलेशन के दौरान होनेवाला दर्द इसका एक बड़ा कारण है, जो महिलाओं को ऑर्गैज़्म से वंचित रखता है.

– कामोत्तेजना या सेक्सुअल डिज़ायर की कमी भी अहम कारण है.

– हार्मोंस के असुंतलन के कारण भी महिलाओं में कामोत्तेजना की भावना नहीं आती, जिसके कारण उसे ऑर्गैज़्म नहीं मिल पाता.

– आमतौर पर लुब्रिकेशन की कमी भी इसका एक बड़ा कारण है.

– इसके अलावा कुछ ऐसी महिलाओं भी है, जिन्हें सेक्स के दौरान उत्तेजना महसूस ही नहीं होती.

– शादीशुदा ज़िंदगी में चल रही उथल-पुथल भी ऑर्गैज़्म को प्रभावित करती है.

– इसके अलावा स्ट्रेस और एंज़ायटी भी इससे वंचित रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं.

– जो महिलाएं नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करती हैं, उनकी कामोत्तेजना भी प्रभावित होती है.

– वर्किंग महिलाओं के लिए समय की कमी एक बहुत बड़े फैक्टर के रूप में निकलकर सामने आ रहा है.

– जो महिलाएं अपने शरीर की बनावट को लेकर असमंजस में रहती हैं, वो भी इससे वंचित रह जाती हैं.

किन स्थितियों में ऑर्गैज़्म जल्दी मिलता है?

वैसे तो ऑर्गैज़्म पाने का कोई शॉर्ट कट नहीं है, फिर भी ऑर्गैज़्म पाने में कुछ बातें आपकी मदद कर सकती हैं. इन बातों को अपनाकर आप भी अपनी सेक्सुअल लाइफ को बेहतर बना सकती हैं.

– सेक्सुअल रिलेशन से पहले फोरप्ले सेक्स को और बेहतर बना देता है. ख़ासतौर से महिलाओं को फोरप्ले पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि महिलाओं को उत्तेजित महसूस करने में ये मदद करते हैं.

– सेक्सुअल रिलेशन जितना लॉन्ग लास्टिंग होगा, ऑर्गैज़्म मिलने की संभावना ज़्यादा होती है.

– बेहतर सेक्सुअल एक्सपीरियंस के लिए पति-पत्नी का रिश्ता बहुत मायने रखता है, इसलिए बहुत ज़रूरी है कि आप दोनों की केमिस्ट्री बहुत अच्छी हो.

– जिन महिलाओं की सेक्सुअल फैंटेसी बेड में पूरी होती है, उन्हें ऑर्गैज़्म का अनुभव जल्दी होता है.

– सेक्स के दौरान भी प्यारभरी, सेक्सी और नॉटी बातों से महिलाओं की उत्तेजना बढ़ती है, जिसके कारण उन्हें ऑर्गैज़्म जल्द मिलता है.

– जिन महिलाओं को पारंपरिक मिशनरी पोज़िशन में ऑर्गैज़्म नहीं मिलता, उन्हें टॉप पोज़िशन ट्राई करना चाहिए.

– पति पत्नी को सिर्फ़ बेड पर ही नहीं, बल्कि दिनभर लव मैसेजेस और रोमांटिक और नॉटी मैसेजेस भेजने चाहिए, इससे दोनों में ही ख़ुशी और एक्साइटमेंट बना रहता है.

समझें ऑर्गैज़्म से जुड़ी इन भ्रांतियों को

Facts About Orgasm


आज सेक्स और ऑर्गैज़्म को लेकर लोगों में कई भ्रांतियां हैं. हमारे देश में ऐसी बहुत-सी महिलाएं हैं, जो आज भी सेक्स और ऑर्गैज़्म से जुड़ी कई ग़लतफ़हमियों को सच मानती हैं. यही वजह से अपनी की भ्रांतियों में उलझी रहने के कारण ये महिलाएं ऑर्गैज़्म का अनुभव नहीं कर पातीं. आइए जानें क्या हैं वो ग़लतफ़हमियां.

1. ऑर्गैज़्म महसूस करने के लिए प्यार में होना ज़रूरी है.

ऑर्गैज़्म एक बायोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल एक्सपीरियंस है, इसलिए ऑर्गैज़्म महसूस करने के लिए जहां कुछ महिलाओं का प्यार में होना ज़रूरी है, तो वहीं कुछ के लिए यह ज़रूरी नहीं. हर महिला की सेक्सुअल डिज़ायर अलग-अलग होती है, इसलिए यह बिल्कुल सच नहीं है कि ऑर्गैज़्म के लिए उस व्यक्ति से प्यार में होना ज़रूरी है.

2. महिलाओं को वेजाइनल ऑर्गैज़्म नहीं हो सकता.

यह तो सभी जानते हैं कि वेजाइनल ऑर्गैज़्म के मुकाबले क्लीटोरल ऑर्गैज़्म जल्दी मिलता है, पर ऐसा नहीं है कि वेजाइनल ऑर्गैज़्म मिलता ही नहीं. बहुत-सी महिलाएं वेजाइनल ऑर्गैज़्म महसूस करती हैं, पर हर किसी का अनुभव अलग होता है.



3 . जिन महिलाओं को साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स होती हैं, उन्हें ऑर्गैज़्म नहीं मिलता.

जैसा कि पहले भी बताया गया है कि ऑर्गैज़्म एक फिज़िकल और साइकोलॉजिकल प्रतिक्रिया है. जहां हेल्थ प्रॉब्लम्स के साथ साथ साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स भी आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित करती हैं. अगर महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां ले रही हैं, तो भी उनका प्रभाव उनके ऑर्गैज़्म पर पड़ता है, इसलिए यह महज़ एक ग़लतफ़हमी है कि जिन महिलाओं को साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स हैं उन्हें ऑर्गैज़्म नहीं मिलता.



4. वेजाइनल ऑर्गैज़्म सबसे हेल्दी होता है.

अभी तक ऐसी कोई स्टडी नहीं आई है, जिसमें इस बात की पुष्टि की गई हो. ऑर्गैज़्म के अपने हेल्थ बेनीफिट्स होते हैं, चाहे वो किसी भी तरह हो. महिलाओं में चार तरह के ऑर्गैज़्म होते हैं- फैंटेसी ऑर्गैज़्म, क्लीटोरल ऑर्गैज़्म, जी स्पॉट ऑर्गैज़्म और वेजाइनल ऑर्गैज़्म.

5. ऑर्गैज़्म के हैं कई हेल्थ बेनीफिट्स

– ऑर्गैज़्म के कारण महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स में रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे पीरियड्स नियमित रहते हैं. जो महिलाएं हफ़्ते में एक बार सेक्स करती हैं उनके पीरियड्स अनियमित
नहीं होते.

– इससे महिलाओं की फर्टिलिटी बढ़ती है. दरअसल यह हाइपोथैलमस ग्लैंड को उत्तेजित करता है, जिससे शरीर में रिप्रोडक्टिव हार्मोन्स का संचार बेहतर होता है और यह ओव्यूलेशन और सर्वाइकल फ्लूइड में मदद करता है.

– शरीर में एस्ट्रोजेन की मात्रा को संतुलित बनाये रखता है, जिससे महिलाओं में ऑस्टिओपोरोसिस और हृदय रोग का ख़तरा कम हो जाता है.

– यह शरीर से स्ट्रेस हार्मोंस को निकालकर हैप्पी हार्मोंस को बढ़ाता है.

– स्टडी में यह साबित हुआ है कि ऑर्गैज़्म महसूस करनेवाली महिलाएं 10 साल यंग दिखती हैं यानी यह एक एंटी एजिंग की भी तरह काम करता है.

– यह शरीर में इंफेक्शन से लड़नेवाले सेल्स की संख्या को 20% तक बढ़ा देता है, जिससे महिलाओं को सर्दी-ज़ुकाम की समस्या काम होती है.

-यह माइग्रेन के अलावा कई और तरह के दर्द में भी राहत दिलाता है.


अक्सर हमारे देश में अपने प्राइवेट पार्ट की हेल्थ और हाइजीन की ज़रूरत का महत्व लोग नहीं समझते. शायद इस तरफ़ उनका ध्यान ही नहीं जाता, क्योंकि ये बातें बचपन से घर पर भी नहीं सिखाई जातीं. लेकिन अब व़क्त बदल रहा है, ऐसे में सेक्सुअल हाइजीन के महत्व को समझना बेहद ज़रूरी है.

क्या करें?

Sexual Hygiene


– हमेशा क्लीन और ड्राय अंडरगार्मेंट्स पहनें.

– वर्कआउट या जॉगिंग के बाद अक्सर पसीने से अंडरगार्मेंट्स भी भीग जाते हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया पनपने का ख़तरा बढ़ जाता है. बेहतर होगा उन्हें घर लौटते ही बदल दें.

– अंडरगार्मेंट्स को हर 3 महीने में बदल दें. हमारे यहां हालांकि ये ट्रेंड है ही नहीं और लोग अंडरगार्मेंट्स तब तक नहीं बदलते जब तक कि वो फट न जाएं और उसकी इलास्टिक खराब न हो जाए, पर ये सेक्सुअल हाइजीन के हिसाब से बहुत ही अनहेल्दी है.

– बहुत ज़्यादा टाइट अंडरवेयर पहनने से बचें. लूज़ कंफरटेबल अंडरगार्मेंट्स पहनें.

– इसी तरह से सिंथेटिक की बजाय कॉटन के अंडरवेयर बेहतर होते हैं.

– नहाते समय पुरुष अपने प्राइवेट पार्ट को गुनगुने पानी से क्लीन करें. वरना वहां डेड स्किन जमा हो जाती है, जो अपने आपमें तो हानिकारक नहीं होती, लेकिन उसकी वजह से इंफेक्शन्स, जलन व खुजली जैसी समस्या हो सकती है.

– महिलाओं को भी प्राइवेट पार्ट की सफ़ाई पर बहुत ध्यान देना चाहिए. वेजाइना को गुनगुने पानी से क्लीन करें. ख़ासतौर से पीरियड्स के समय तो और भी सतर्क रहना चाहिए.

– वेजाइनल वॉश का इस्तेमाल करें, ये आपके प्राइवेट पार्ट की बेहतर केअर करेगा.

– नियमित रूप से पैड्स या टैंपून्स चेंज करें.

Sexual Hygiene



– वेजाइनल क्लीनिंग के समय भी ध्यान रखें कि बहुत ही माइल्ड तरी़के से क्लीन करें. पानी की तेज़ धार से पीएच बैलेंस पर गड़बड़ा जाता है और वेजाइनल इंफेक्शन्स का ख़तरा भी कई गुना बढ़ जाता है.

– वेजाइनल पीएच बैलेंस को प्रोटेक्ट करना बहुत ज़रूरी है. यदि सही पीएच बैलेंस बना रहे, तो वो हेल्दी बैक्टीरिया की ग्रोथ को बढ़ाता है.

– पब्लिक टॉयलेट के इस्तेमाल के समय खासतौर पर सतर्क रहें, क्योंकि अक्सर कई तरह के इंफेक्शन्स हमें यहीं से मिलते हैं.

– यदि किसी तरह का कोई इंफेक्शन हो जाए, तो समय पर सही इलाज व सही केयर करें, ताकि वह बढ़े नहीं और भविष्य में इंफेक्शन न हो. हर हाल में सतर्कता बरतें.

सेक्सुअल हेल्थ भी है ज़रूरी

– हाइजीन के साथ-साथ सेक्सुअल हेल्थ का भी ध्यान रखें. इसके लिए सही-संतुलित डायट बेहद ज़रूरी है, क्योंकि डायट भी आपको इंफेक्शन्स से बचा सकती है. दही और क्रैनबेरी जूस आपका यीस्ट इंफेक्शन से बचाव करते हैं.

– यदि आप वेजाइनल ड्रायनेस महसूस कर रही हैं, तो सोया प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करें, क्योंकि इनमें एस्ट्रोजन का एक प्रकार पाया जाता है, जो नेचुरल लूब्रिकेशन को बढ़ाता है.

– स़िर्फ डायट ही नहीं, सही एक्सरसाइज़ भी सेक्सुअल हेल्थ के लिए ज़रूरी है.

– पेल्विक एक्सरसाइज़ व कई तरह के योग से आप अपनी सेक्सुअल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं.


रिश्ता भी हो सकता है प्रभावित

जी हां, सेक्सुअल हाइजीन व हेल्थ को नज़रअंदाज़ करने पर आपके रिश्ते व सेक्स लाइफ पर बुरा असर हो सकता है. आप में उनकी दिलचस्पी भी कम होने लगती है और रिश्तों में दरार आ सकती है.

– यही नहीं, हो सकता है आपकी नासमझी आपको और आपके पार्टनर को कोई गंभीर इंफेक्शन या सेक्स डिसीज़ दे दे, जो बेहद ख़तरनाक हो सकती है.

– दोनों पार्टनर सेक्स से पहले व बाद में भी हाथों और नाख़ूनों को अच्छी तरह क्लीन कर लें, ताकि प्राइवेट पार्ट में किसी भी तरह के बैक्टीरिया या जर्म्स न पहुंच पाएं.

– नियमित रूप से बालों को भी शेव करें, ताकि सफ़ाई रखने में आसानी हो.

– बेहतर होगा सतर्क हो जाएं और सेक्सुअल हाइजीन के महत्व को समझकर इसे अपने जीवन में अपनाएं. इससे आपकी लाइफ और भी हेल्दी व हैप्पी बनेगी.




पहली बार सेक्स करने की अनुभूति बेहद अलग होती है. हर किसी ने अपने कल्पना में फ़िल्मी सीन की तरह अपना पहला सेक्स अनुभव संजोया होता है लेकिन जब वैसा कुछ नहीं होता तो निराशा हाथ लगती है और सेक्स खूबसूरत अनुभव की जगह तकलीफ़देह लगने लगता है और कई कुंठाओं को जन्म देता है. लेकिन अगर आप कुछ बातों का ख्याल रखें तो सेक्स आपके लिए बेहद खूबसूरत क्रिया होगी.

  • क्या आप मानसिक रूप से तैयार हैं सेक्स के लिए? जी हां सेक्स कोई शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा सम्बंध होता है. इसके लिए आपको मानसिक रूप से तैयार होने की ज़रूरत अधिक होती है. मन तैयार होगा तो शरीर बेहतर साथ देगा.
  • फ़ोरप्ले को कितना महत्वपूर्ण समझते हैं? कुछ लोग इसे बेहद तकनीकी क्रिया की तरह से महज़ शरीर की ज़रूरत मानकर करते हैं लेकिन ये मशीनी क्रिया नहीं है. अगर आप फ़ोरप्ले करेंगे तो और अधिक क़रीब आएँगे और ज़्यादा संतुष्ट भी होंगे. सेक्स के दौरान दर्द नहीं होगा और चरम पर पहुँचना आसान होगा.
  • सेक्स से पहले एक दूसरे के साथ रोमांस करें. किस करें. बातें करें. एक दूसरे को हल्के हल्के स्पर्श करें.
  • कमरे का माहौल रोमांटिक रखें. साफ़ सुथरा कमरा, महकता माहौल, बेड भी सुविधाजनक हो. हल्की रोशनी रखें.
  • पर्सनल हाइजीन का ख़याल भी रखें ख़याल. यह बेहद ज़रूरी है लेकिन लोग इसे नज़रअंदाज़ करते हैं. प्राइवेट पार्ट्स से लेकर ओरल हाइजीन का ध्यान रखें.
First Time Sex Tips
  • दिमाग़ से यह फ़ितूर निकाल दें कि आपका पहला सेक्स किसी फ़िल्मी सीन की तरह होगा. मन में पूर्वाग्रहों को ना पलने दें, वर्ना निराशा हाथ लगेगी. फ़िल्में काल्पनिक होती हैं. हक़ीक़त इससे अलग होती है. पहली बार में कुछ भी परफेक्ट नहीं होता. सेक्स सिर्फ़ प्रैक्टिस से ही दिन ब दिन बेहतर होता है क्योंकि आपको पहली बार में एक दूसरे की पसंद और सेक्स पॉइंट्स के बारे में ज़्यादा नहीं पता होता. मन में झिझक भी होती है. इसलिए खुले दिमाग़ से पहले अनुभव को स्वीकारें.
  • यह भी ज़रूरी नहीं कि पहली बार में दर्द हो या खून निकले. अगर आप दोनों मानसिक रूप से बेहतर तैयार हो तो ना दर्द होगा और ना खून निकलेगा.
  • फ़ीमेल पार्टनर भी बेझिझक होकर सेक्स में पहल करे. इसको चरित्र से जोड़कर ना देखें। दोनों को ही सहयोग ज़रूरी है ताकि अनुभव बेहतर हो.
  • प्राईवेसी का ख़याल ज़रूर रखें. कोई डिसटर्ब ना करे और मन में किसी बात का डर ना हो.
  • पहली बार में ज़्यादा एक्सपेरिमेंट करने आस बचें.
  • पोर्न को अपना आदर्श ना मानें, वर्ना बात बिगड़ सकती है क्योंकि पोर्न फ़िल्में महज़ पैसा कमाने के लिए आपको उत्तेजित करने के इरादे से बनाई जाती हैं जिसमें वैज्ञानिक तथ्य नहीं होते.
  • मन में शंका हो तो सही जगह से जानकारी व मदद लें और अपनी सेक्स की पहली अनुभूति को यादगार बनाएँ.

यह भी पढ़ें: Sex Life: इन 7 संकेतों से जानें कहीं आपके पार्टनर को सेक्स से एलर्जी तो नहीं? (These 7 Signs Indicate That Your Partner Is Allergic To Sex)

भारतीय समाज में शादी के बाद तो क्या शादी के पहले भी मास्टरबेशन को सहज नहीं माना जाता. यहां मानसिकता यही है कि मास्टरबेट करना किसी पाप या घिनौने काम से कम नहीं. जबकि विशेषज्ञ कहते हैं कि हस्तमैथुन एक हेल्दी प्रक्रिया है बशर्ते उसकी अति ना हो.

ऐसे बहुत से लोग हैं जो शादी के बाद भी हस्तमैथुन करते हैं लेकिन वो खुलकर किसी को यह बात कहते नहीं हैं, क्योंकि उन्हें खुद भी यही लगता है कि वो कुछ ग़लत कर रहे हैं या अपने पार्टनर के साथ ग़लत कर रहे हैं. ऐसे में आइए जानने की कोशिश करते हैं कि शादी के बाद मास्टरबेट करना कितना सही है और कितना ग़लत.

मास्टरबेशन को लेकर अमेरिकन फिल्ममेकर वूडी एलन के कुछ कोट्स और बातें मशहूर हैं. उन्होंने मास्टरबेशन को सेल्फ लव से जोड़ा है. वो कहते हैं कि मास्टरबेशन क्यों छोड़ें? सेक्स उसी के साथ किया जाता है जिसे आप प्यार करते हैं तो ऐसे में क्या शादी के बाद आप खुद से प्यार नहीं करते या प्यार करना बंद कर देते हैं? अगर नहीं तो मास्टरबेशन क्यों छोड़ना.
मास्टरबेशन आपको अपने शरीर और सेकसुअल ज़रूरतों को बेहतर तरीक़े से समझने में मदद करता है.

शादी के बाद मास्टरबेशन करने का यह बिल्कुल अर्थ नहीं है कि आपकी सेक्स लाइफ सही नहीं और ना ही शादी के बाद मास्टरबेशन से आपकी सेक्स लाइफ पर बुरा असर होता है.
बल्कि यह इस बात का संकेत है कि आपकी सेक्स लाइफ ज़्यादा एक्टिव और हेल्दी है. यह दर्शता है कि आप सेकसुअली हेल्दी हैं.

महिलायें शुरू शुरू में सेक्स में सहज नहीं हो पातीं और ना ही वो ऑर्गैज़्म प्राप्त कर पाती हैं, ऐसे में मास्टरबेशन उन्हें तनाव से छुटकारा दिलाकर रिलैक्स फील कराता है.

Masturbation And Marriage

मास्टरबेशन से आप अपने शरीर और प्लेज़र पॉइंट्स को बेहतर तरीक़े से समझ पाते हैं जिससे आप सेक्स के दौरान अपने पार्टनर को यह बता सकते हैं कि आपको क्या ज़्यादा एक्साइटिंग लगता है, कौन से पार्ट को छूने से ज़्यादा उत्तेजित महसूस करते हैं.

अगर पार्टनर से दूर हैं तो मास्टरबेशन से खुद को संतुष्ट करना बेहतरीन होता है ताकि आप ग़लत रिश्तों में या अवैध सम्बंधों की गिरफ़्त में ना आ जाएँ.

बहुत से कपल तो सीधे सेक्स ना करके एक दूसरे को मास्टरबेशन से ही संतुष्ट करने में ज़्यादा आनंद महसूस करते हैं.

कुछ देश तो ऐसे हैं जो युवाओं को नियमित रूप से मास्टरबेशन के लिए एजुकेट करते हैं ताकि युवा ग़लत रास्तों पर ना भटकें.

दरअसल मास्टरबेशन से आप अकेले में खुद को प्यार करके संतुष्ट कर सकते हैं जिससे आपके सेक्स की तीव्र इच्छा भी पूरी होती है और एक संतुष्टी का आभास भी होता है. ऐसे में एक्सपर्ट्स मास्टरबेशन को और शादी के बाद भी मास्टरबेशन को ग़लत नहीं बल्कि हेल्दी ही मानते हैं.

Masturbation And Marriage

मास्टरबेशन आपकी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाता है क्योंकि आपको अपने शरीर व उसकी ज़रूरतों की अब बेहतर जानकारी होती है और यही जानकारी आपको बेहतर सेक्स के अनुभव की दिशा में काम आती है.
यह अलग बात है कि हमारे समाज में अब भी यह सोच विकसित नहीं हुई और ख़ासतौर से लड़कियों के मास्टरबेशन को लेकर तो संकुचित सोच बरक़रार है. लेकिन पार्टनर्स को चाहिए कि इन बातों से ऊपर उठें और सहज चीज़ों को स्वभाविक व सहज ही मानें.

एक्सपर्ट्स की माने तो सेक्स और मास्टरबेशन दोनों ही अलग अलग चीज़ें हैं. बेहतर होगा कि पति-पत्नी इस विषय पर आपस में खुलकर बात करें, रोमांस और सेक्स व शरीर की ज़रूरतों के बीच के अंतर को पहचाने और बेहतर सेक्स लाइफ को एंजॉय करें.

यह भी पढ़ें: अपनी सेक्स लाइफ को किस तरह बेहतर बना सकते हैं पुरुष? (How Men Can Make Their Sex Life Better?)

मास्टबेशन (Masturbation) यानी हस्तमैथुन को लेकर पुराने समय से कई भ्रांतियां चली आ रही हैं, जैसे- यह पाप है, हस्तमैथुन करनेवाले अंधे हो सकते हैं, नपुंसक हो सकते हैं, उन्हें मुंहासे ज़्यादा होते हैं और यहां तक कि कुछ लोगों में यह भ्रम इस कदर बैठा है कि उन्हें लगता है कि मास्टरबेशन करनेवाले मानसिक रोगी हो सकते हैं या फिर वे अपने यौनांगों को नुक़सान पहुंचा सकते हैं. पर ये सब महज़ ग़लत भ्रांतियां हैं. सेक्सोलॉजिस्ट और सेक्स एक्सपर्ट्स की मानें, तो मास्टरबेशन आपके लिए काफ़ी हेल्दी है. यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फ़ायदेमंद होता है.

Health Benefits Of Masturbation

1. स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं

जब ऑर्गैज़्म आता है, तो शरीर में एंडॉर्फिन तेज़ी से बढ़ते हैं. ये एक तरह के न्यूरोट्रांसमीटर्स होते हैं, जो हम में पॉज़िटिव एहसास जगाकर हमें ख़ुशी देते हैं. ज़रूरी नहीं कि हर बार मास्टरबेट करने पर आपको ऑर्गैज़्म मिले, लेकिन उससे ज़्यादा ज़रूरी है उस एक्ट की ख़ुशी, जो आपको स्ट्रेस फ्री करता है.

2. डिप्रेशन सेे बचाता है

तनाव और निराशा अक्सर डिप्रेशन का कारण बनते हैं, लेकिन जब आप ख़ुद को अच्छा फील कराना चाहते हैं, तो यह आपको डिप्रेशन से बचाता है. शहरों में बहुत-से लोग अकेलेपन के कारण डिप्रेशन के शिकार होने लगते हैं, ऐसे में ख़ुद से साथ बिताया यह क्वालिटी समय आपको डिप्रेशन से बचाता है.

3. इम्यूनिटी बढ़ाता है

बहुत-से हेल्थ एक्सपर्ट इस बात को दावे के साथ पेश करते हैं कि मास्टरबेशन आपके इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रॉन्ग बनाता है. दरअसल, एक रिसर्च में यह बात सामने आई कि ऑर्गैज़्म के बाद शरीर में व्हाइट सेल्स की मात्रा बढ़ जाती है, जो हमें बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं.

4. पेल्विक फ्लोर स्ट्रॉन्ग होता है

मास्टरबेशन एक छोटे-से एक्सरसाइज़ सेशन जैसा होता है, इसलिए इसके करने से पेल्विक फ्लोर मज़बूत होता है, जो महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होनेवाले दर्द से राहत दिलाता है.

5. देता है सुकूनभरी गहरी नींद

यह जितना आपको ख़ुशी का एहसास दिलाता है, उतना ही थका भी देता है, जिससे आपको तुरंत बहुत अच्छी नींद आती है. गहरी नींद हमारे शरीर को अच्छी तरह रिकवर होने में मदद करती है. संपूर्ण शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है.

यह भी पढ़ें: सेक्सुअल पावर बढ़ाने की अमेज़िंग किचन रेमेडीज़ (Amazing Kitchen Remedies To Increase Sexual Stamina)

यह भी पढ़ें: पहली बार सेक्सुअल रिलेशन से पहले जानें ये 10 बातें (10 Things To Know Before Having Sex For The First Time)

Health Benefits Of Masturbation
6. हेल्दी हार्ट का सौग़ात

मास्टरबेशन के दौरान जब हम एक्साइटेड हो जाते हैं, तो शरीर में रक्तसंचार बढ़ जाता है. ख़ासतौर से हृदय और यौनांगों में रक्तसंचार बढ़ जाता है, जो हेल्दी हार्ट के लिए बहुत ज़रूरी है. मास्टरबेशन एक तरह की एक्सरसाइज़ है, जो हमें हेल्दी बनाए रखने में मदद करती है.

7. एसटीडी का ख़तरा नहीं

मास्टरबेशन का यह एक और फ़ायदेमंद पहलू है कि इससे आप सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ से बचे रहते हैं, इसीलिए यह सेफ माना जाता है. साथ ही आपको प्रेग्नेंसी होने का किसी तरह का डर भी नहीं रहता.

8. ख़ुद से प्यार करना सीखते हैं आप

जब आप अपने साथ क्वालिटी समय बिताते हैं, तो ख़ुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं. आप ख़ुद से प्यार करना सीखते हैं. यह एहसास आपका आत्मविश्‍वास बढ़ाता है, जिससे आप हमेशा ख़ुशगवार महसूस करते हैं.

9. पार्टनर से सेक्स एक्सपीरियंस होता है बेहतर

मास्टरबेशन कामोत्तेजना की भावना को बढ़ाता है, जिससे आपकी सेक्स लाइफ और बेहतर होती है. पार्टनर के प्रति आपका आकर्षण और भी बढ़ जाता है, इसीलिए बहुत-से सेक्सोलॉजिस्ट पार्टनर्स से स़िर्फ सेक्स न करके मास्टरबेशन की सलाह भी देते हैं.

10. आपका आत्मविश्‍वास बढ़ता है

जब आप ख़ुश रहते हैं, तो ख़ुद के बारे में पॉज़िटिव महसूस करते हैं, जो आपको हेल्दी और फिट रखने में मदद करता है. आत्मविश्‍वास की कमी अच्छे-ख़ासे रिश्ते को बिगाड़ सकती है, इसलिए आत्मविश्‍वासी रहकर आप जीवन के हर क्षेत्र में तऱक्क़ी कर सकते हैं.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: 20 सेक्स फैक्ट्स, जो हर कपल जानना चाहता है (20 Sex Facts Every Couple Must Know)

योग शास्त्र में ऐसी अनेक मुद्राएं और बंध हैं, जो सेक्सुअल पावर (Sexual Power) को बढ़ाते हैं. ये मुद्राएं व बंध स्वास्थ्यवर्द्धक होने के साथ-साथ शीघ्रपतन, मासिक स्राव व मेनोपॉज़ संबंधी समस्याओं को भी दूर करते हैं.

Mudras For Better Sex Life

स्वास्थ्य और यौनशक्ति को बढ़ाने वाले प्रमुख कारक हैं- प्राण, संचित ऊर्जा, स्वस्थ नर्वस सिस्टम, रक्तप्रवाही ग्रंथियों का ठीक प्रकार से काम करना आदि. शारीरिक स्तर पर हेल्दी सेक्सुअल रिलेशन इस बात पर निर्भर करता है कि हम कितने तनावरहित हैं और किसी भी प्रतिक्रिया के प्रति कितने खुले और जागरूक हैं. योगाभ्यास द्वारा इन सभी चीज़ों को बढ़ाया जा सकता है.

आसन व सेक्सुअल पावर

आमतौर पर जहां आसन हमारे शरीर में प्राणशक्ति और लचीलापन बढ़ाकर हमें यौनदृष्टि से स्वस्थ रखते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ विशेष मुद्राएं हैं, जो हमारी खोई हुई यौन उत्तेजना को पुनः प्राप्त करने में हमारी मदद करती हैं. ‘थंडर बोल्ट पोश्‍चर’ और ‘स्पाइन थंडर बोल्ट पोश्‍चर’ (जिसमें व्यक्ति अपनी मूल मुद्रा में एड़ियों के बल बैठने के बाद अपनी पीठ के बल चित्त लेट जाता है) उन्हीं में से हैं. शोल्डर स्टैंड, प्लग, नोबरा, बो, लोकस्ट और स्पाइनल ट्विस्ट- ये अनेक तरी़के हैं, जो सेक्स पावर को बढ़ाकर शरीर में यौन-ग्रंथियों और प्रजनन अंगों को दृढ़ता व उत्तेजना प्रदान करते हैं. पेल्विक व स्पाइन को भी गतिशीलता व लचीलापन प्रदान करने के साथ-साथ ये शीघ्रपतन, मासिक रक्तस्राव और मेनोपॉज़ में आनेवाली कठिनाइयों, प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना, स्त्रियों में कामशीतलता व पुरुषों में नपुंसकता आदि विकारों को रोकने में भी सहायक होते हैं.

शक्तिवर्द्धक मुद्राएं

‘हठ योग’ में ऐसी निश्‍चित मुद्राएं व बंध हैं, जो हमारे यौनांगों व मांसपेशियों पर प्रत्यक्ष सकारात्मक प्रभाव डालते हैं. मुद्रा एक तरह से ‘सील’ या ‘तालाबंद’ (lock) करना है और बंध से तात्पर्य बांधने, रोकने से है. ये दोनों ही प्राण वायु को शरीर में रोके रखने की तकनीकें हैं और इनमें अंतर केवल सैद्धांतिक ही है.
महामुद्रा (Great Seal)-
इस मुद्रा में बायां पैर मोड़कर उसकी एड़ी से गुदाद्वार पर दबाव डाला जाता है. दायां पैर पूरी तरह फैला रहता है और आगे की तरफ़ झुक कर, ठोड़ी से दाएं पैर के पंजे को छूने का प्रयास किया जाता है. यही क्रिया फिर दाएं पैर को मोड़कर दोहराई जाती है.

महाबंध (Great Binding)- पैरों की अलग स्थिति के कारण यह ‘महामुद्रा’ से भिन्न है. एक पैर की एड़ी को मोड़कर गुदाद्वार पर दबाव डाला जाता है, लेकिन दूसरा पैर फैले रहने के बजाय, मोड़कर उसका पंजा पैर की जंघा के मोड़ के पास रखा जाता है.

महावेध (Great Piercing)- इस आसन में या तो ‘महाबंध’ या अन्य किसी भी ध्यान की मुद्रा में बैठा जा सकता है. गहरी सांस खींचकर, उसे रोककर, ‘जालंधर बंध’ (Chin Lock) लगाया जाता है. दाईं हथेली दाएं कूल्हे के पास और बाईं हथेली बाएं कूल्हे के पास ज़मीन पर रहती है. इस मुद्रा में हथेली व कूल्हे से रुक-रुक कर ज़मीन पर दबाव
डालते हैं.

यह भी पढ़ें: सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

Mudras For Better Sex Life

उड्डीय मुद्रा (Abdominal Retraction)– इस मुद्रा में सांस को पूरी तरह बाहर निकालकर, पेट को पूरी तरह अंदर सिकोड़ा जाता है. योग शास्त्र के आरोग्य- सिद्धांत के अनुसार इसे शरीर की स्वच्छता की क्रिया के साथ-साथ ‘श्‍वास-नियंत्रण’ की सीमा माना जाता है.

मूलबंध- इस क्रिया में सिद्धासन में बैठकर एक पैर की एड़ी गुदाद्वार के सामने और दूसरी एड़ी प्यूबिस के सामने रखी जाती है. यदि सिद्धासन में बैठना कठिन हो, तो सुखासन में भी बैठकर इसे किया जा सकता है. नाभि के नीचे पेट के निचले हिस्से को अंदर सिकोड़ कर पीछे रीढ़ की हड्डी की तरफ़ खींचा जाता है. इस क्रिया में गुदा व नाभि को एक साथ सिकोड़ने का प्रयास करना चाहिए. जब तक संभव हो पेट को सिकोड़े रखें, फिर ढीला छोड़ें. 15 मिनट के बाद यही क्रिया फिर दोहराएं.

अश्‍विनी मुद्रा- गुदा को सिकोड़कर मलद्वार में इस प्रकार तनाव (Tightness) उत्पन्न किया जाता है जैसा कि ‘मूल मुद्रा’ में किया जाता है. इस मुद्रा का नाम अश्‍व की मल निकास की प्रक्रिया के अनुरूप होने के कारण ‘अश्‍विनी मुद्रा’ रखा गया है.

जालंधर बंध (Chin Lock)- यौगिक श्‍वास-नियंत्रण की यह एक उन्नत क्रिया है. सांस को अंदर रोककर, ठोड़ी को नीचे झुकाकर, गले की हड्डी (Collar Bone) के ऊपर टिका दिया जाता है. सांस रोकने की यह क्रिया अन्य दो मुद्राओं- उड्डीयन बंध और मूल बंध के साथ की जाती है.

विपरीतकरणी बंध (Inverted Body Binding)- आसन होते हुए भी शास्त्रों में इसे मुद्रा के रूप में वर्णित किया गया है. थीओस बर्नार्ड ने इसे शीर्षासन के समरूप बताया है. जबकि अर्नेस्ट वूड इसे सर्वांगासन की तरह वर्णित करते हैं. प्रमुख तांत्रिक ग्रंथों में कहा गया है कि सिर ज़मीन पर टिका कर पैर आकाश की तरफ़ उठाओ- पहले दिन इस मुद्रा में कुछ ही क्षण रहो, फिर अगले दिन से धीरे-धीरे इसका समय बढ़ाओ.

वज्रोली मुद्रा– यह यौन-नियंत्रण की एक कला है, हालांकि ‘घरोन्द संहिता’ में इसका एक आसन के रूप में उल्लेख किया गया है. इस संहिता के अनुसार सीधे लेटकर दोनों पैर हवा में उठाएं, सिर भी ज़मीन से ऊपर रहे. ऋषियों द्वारा यह आसन शक्ति को जागृत करनेवाला तथा दीर्घायु प्रदान करनेवाला बताया गया है.

सहजोली और अमरोली मुद्रा– ये मुद्राएं वज्रोली मुद्रा के ही अन्य दो प्रकार हैं. वज्रोली मुद्रा को समाप्त करने के बाद स्त्री-पुरुष शांत बैठें व गाय के गोबर की भस्म अपने शरीर पर रगड़ें. यह सहजोली है और अमरोली का अर्थ है शीतल निर्झर के जल का पान करना.

यह भी पढ़ें: लव गेम: पार्टनर से पूछें ये नॉटी सवाल (Love Game: Some Naughty Questions To Ask Your Partner)

यह भी पढ़ें: क्यों घट रहा है पुरुषों में स्पर्म काउंट? (What Are The Reasons For Low Sperm Count In Men?)

ज़िंदगी का फलसफ़ा अभी सुलझा भी न था कि रिश्तों की कश्मकश ने उलझा दिया. चंद पलों की देरी हुई और एक मुहब्बत को उसने पलभर में अजनबी बना दिया… ऐसा आपके साथ न हो, आपकी मुहब्बत व रिश्ता न स़िर्फ बरक़रार, बल्कि ताउम्र तरोताज़ा भी रहे, इसके लिए हम लाए हैं यह सेक्स गाइड (Sex Guide), जो आपकी मदद करेगी अपने सबसे ख़ास रिश्ते को सहज और हमेशा ख़ुशगवार बनाए रखने में.

Sex Guide For Women

डबल इन्कम, नो किड्स’ के बाद अब ‘डबल इन्कम, नो सेक्स’ का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है. व़क़्त की कमी, आर्थिक ज़रूरत और शोहरत की ख़्वाहिश ने सबसे ज़्यादा असर आपसी रिश्तों पर डाला है. दहलीज़ लांघकर महिलाओं ने अपनी पहचान बनाने की दिशा में क़दम तो बढ़ा दिए, मगर बदले में उनके अपने रिश्ते ही दांव पर लग रहे हैं. चूंकि रिश्तों को सहेजने का ज़िम्मा भी समाज में महिलाओं को ही दिया गया है, ऐसे में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है.

सेक्स की अहमियत

शादीशुदा जीवन में प्यार और विश्‍वास के साथ सेक्स की भी उतनी ही अहमियत होती है. शोधों से साबित हुआ है कि शादियां टूटने का एक बड़ा कारण होता है सेक्स लाइफ़ में प्रॉब्लम. ऐसे में सेक्स की अहमियत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. महिलाओं के बाहर काम करने से सबसे ़ज़्यादा उनकी सेक्स लाइफ़ ही प्रभावित हो रही है. ऐसे में अपनी सेक्स लाइफ़ को हमेशा तरोताज़ा बनाए रखना बेहद ज़रूरी है, ताकि आपकी शादीशुदा ज़िंदगी पर कोई आंच न आए. इन चंद बातों को ध्यान में रखेंगे तो आपकी सेक्स लाइफ़ हमेशा आनंददायक बनी रहेगी.

डिप्रेशन को हावी न होने दें

लॉस एंजल्स के सिडार्स सिनाए मेडिकल सेंटर के एमडी एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और मेडिसिन विभाग-अध्यक्ष ग्लेन डी. ब्राउन्स्टेन के अनुसार, महिलाओं की सेक्सड्राइव मल्टीडायमेंशनल होती है. सेक्स भले ही एक शारीरिक क्रिया है, लेकिन महिलाओं के लिए वो भावनात्मक पहलू से जुड़ी होती है. कोई भी मुद्दा उनकी सेक्स लाइफ़ को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. इसलिए यदि कामकाजी महिलाओं को ऑफ़िस से संबंधित कोई समस्या हो, तो उन्हें इसका असर अपनी निजी जीवन पर नहीं होने देना चाहिए. आप द़फ़्तर और वहां की समस्याओं को घर में न लेकर आएं. कोई स्ट्रेस हो भी, तो उसे अपने पति के साथ बांट लें.

फ़िटनेस बेहद ज़रूरी

भावनात्मक संतुलन के लिए फिज़िकल फ़िटनेस भी ज़रूरी है. न स़िर्फ करियर, बल्कि निजी जीवन में भी फ़िटनेस का अहम् रोल है. विशेषज्ञों की राय है कि यदि आप शारीरिक रूप से फ़िट नहीं हैं, तो सेक्स में आपकी रुचि कम होती जाती है. ख़ासतौर से महिलाएं सेक्स के व़क़्त भी अपने शरीर और लुक्स को लेकर काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं. ऐेसे में ये ज़रूरी है कि काम के साथ-साथ आप अपनी फ़िटनेस बरक़रार रखें. जिम जाने का व़क़्त न हो, तो सुबह हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ या योगासन करें. इससे चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी और आप डिप्रेशन व स्ट्रेस से भी दूर रह सकेंगी. पॉज़िटिव एनर्जी आपकी सेक्स लाइफ़ को बेहतर बनाएगी.

क्या खाएं, क्या ना खाएं

खाने-पीने का सेक्स से क्या संबंध? अगर आप भी ऐसा सोचती हैं, तो ग़लत है. कहते हैं कि ‘जैसा हो अन्न, वैसा हो मन.’ कामकाजी महिलाओं को अपनी डायट प्लान करके रखनी चाहिए. कामकाजी महिलाओं का खान-पान अक्सर अनियमित हो जाता है या जब जो मिला, खा लिया वाली हालत रहती है. इसका सीधा असर उनकी हेल्थ पर पड़ता है, ख़ासतौर से पाचन क्रिया पर. ये छोटी-छोटी चीज़ें उनकी सेक्स लाइफ़ को प्रभावित करती हैं, क्योंकि हेल्दी डायट का संबंध शारीरिक ऊर्जा व ताक़त से है, जो सेक्स लाइफ़ में अहम् रोल अदा करती हैं. हमेशा हल्का, सुपाच्य भोजन लें. फ्रूट्स ़ज़्यादा खाएं, ख़ूब पानी पीएं.

पार्टनर से कम्युनिकेट करें

बिज़ी शेड्यूल में न आपके पास इतना व़क़्त होता है, न आपके पति के पास कि एक-दूसरे को पर्याप्त समय दे सकें. लेकिन फ़ोन के जरिए, प्यार भरे मैसेजेस के जरिए बीच-बीच में कॉन्टैक्ट करती रहें. इससे रिश्ते में ताज़गी बनी रहेगी, जो आप दोनों को और क़रीब लाएगी. साथ ही एक-दूसरे को कॉम्प्लिमेंट दें, तऱक़्क़ी होने पर बधाई दें, ग़िफ़्ट्स देने के लिए किसी ख़ास दिन का इंतज़ार न करें, बल्कि किसी भी दिन ग़िफ़्ट देकर उन्हें सरप्राइज़ दें.

हर वीकेंड हो हनीमून

पूरे ह़फ़्ते आप दोनों बिज़ी रहते हैं, लेकिन वीकेंड पर ऐसा कुछ स्पेशल करें कि ह़फ़्ते भर का स्ट्रेस भी दूर हो जाए और आप दोनों कुछ हसीन पल भी तन्हाई में गुज़ार सकें. रिसर्च में साबित हुआ है कि एक हनीमून की बजाय छोटे-छोटे कई हनीमून आपके रिलेशनशिप के लिए बेहतर हैं. वीकेंड में या तो आस-पास ही कहीं घूमने निकल जाएं, फ़िल्म और कैंडल लाइट डिनर का प्रोग्राम बना लें. या फिर द़फ़्तर से कुछ दिनों की छुट्टी लेकर आप दोनों बाहर जाने का प्रोग्राम भी बना सकती हैं.

पति का सहयोग ज़रूरी

आपके पार्टनर को भी ये एहसास होना चाहिए कि भावनात्मक स्तर पर महिलाओं को दिनभर की छोटी-छोटी बातें काफ़ी प्रभावित करती हैं, जिसका असर सेक्स लाइफ़ पर पड़ता है. ऐसे में पुरुषों को भी चाहिए कि यदि उनकी पत्नी कामकाजी है तो वो उसे सहयोग करें. पति का यह सपोर्ट आप दोनों के रिश्तों को और मज़बूती देगा.

यह भी पढ़ें: सेक्सुअल पावर बढ़ाने की अमेज़िंग किचन रेमेडीज़ (Amazing Kitchen Remedies To Increase Sexual Stamina)

यह भी पढ़ें: पहली बार सेक्सुअल रिलेशन से पहले जानें ये 10 बातें (10 Things To Know Before Having Sex For The First Time)

Sex Guide For Women

कुछ टिप्स पुरुषों के लिए

पुरुष अपनी सोच के आधार पर प्यार में महिलाओं की चाहत का अंदाज़ा लगा लेते हैं, जो अक्सर ग़लत साबित होते हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि पुरुष अपने इन भ्रमों को दूर कर लें-

मुझे पता है कि वो क्या चाहती है?

अधिकांश पुरुष इसी भ्रम में जीते हैं कि उन्हें अपनी पत्नी की ज़रूरतें पता हैं. बेहतर होगा कि ख़ुद समझने की बजाय आप बात करके जानें कि आपकी पत्नी की क्या अपेक्षाएं हैं.

उसकी सभी ज़रूरतों को मैं पूरा कर सकता हूं.

यानी आपके पास वो सब कुछ है, जो आपकी पत्नी को चाहिए. पर हो सकता है कि आपसे वो कुछ और चाहती हो, आपकी आदतों में कुछ बदलाव की उम्मीद करती हो.

सेक्स से जुड़ी भावनाएं स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान हैं.

हक़ीक़त यह है कि पुरुषों के लिए सेक्स एक शारीरिक क्रिया होती है, जबकि महिलाओं के लिए भावनात्मक.

सेक्स के समय शांत रहना फ़ायदेमंद रहता है.

सेक्स से पहले और सेक्स के दौरान बातें करें, तभी पता चल पाएगा कि आपकी पत्नी क्या महसूस करती है.

– उर्मिला

यह भी पढ़ें: लव बाइट से जुड़ी से 5 दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप (5 Surprising Facts About Love Bites You Didn’t Know)
यह भी पढ़ें: 20 सेक्स फैक्ट्स, जो हर कपल जानना चाहता है (20 Sex Facts Every Couple Must Know)

शादीशुदा ज़िंदगी में सेक्स टॉनिक की तरह काम करता है, पर आज भी बहुत-सी महिलाएं सेक्स को अपने पार्टनर के प्रति दायित्व मात्र समझकर उनकी ख़ुशी के लिए करती हैं, जबकि सेक्स या संभोग का अर्थ होता है, दोनों का समान रूप से भोग करना. इससे आपको स्पष्ट हो गया होगा कि सम्भोग में आपकी ख़ुशी कितनी मनाये रखती है. इसलिए अब से सेक्स को सिर्फ़ पत्नी का कर्तव्य समझकर न निभाएं, बल्कि इससे मिलनेवाले सुख से अपने दांपत्य जीवन को और ख़ुशहाल बनाएं. आपको शायद पता न हो कि महिलाओं को होनेवाला ऑर्गैज़्म दरअसल चार तरह का होता है. इसमें से आपको कौन-सा ऑर्गैज़्म होता है, आइए देखें.

Kinds Of Female Orgasm

  1. क्लिटोरल ऑर्गैज़्म

महिलाओं के लिए यह बेस्ट ऑर्गैज़्म माना जाता है. महिलाओं की क्लिटोरिस काफ़ी सेंसिटिव होती है, क्योंकि शरीर की बहुत-सी मांसपेशियां इससे जुड़ी होती हैं. इसमें ज़रा-सी भी उत्तेजना महिलाओं को असीम सुख की प्रप्ति कराती है. उंगलियों से या फिर जीभ से अगर इसे थोड़ी देर रगड़ें, तो महिलाओं को क्लिटोरल ऑर्गैज़्म का अनुभव होता है.

  1. जी-स्पॉट ऑर्गैज़्म

बहुत-से लोगों के लिए यह आज भी बहस का विषय है कि जी स्पॉट होता है या नहीं. इसका समर्थन करनेवालों के अनुसार, जिन्होंने इसका अनुभव किया है, वो इसके अस्तित्व को कभी नकार नहीं सकते. ऐसा माना जाता है कि क्लिटोरिस के नीचे के हिस्से में जी-स्पॉट होता है, जिसके स्टिमुलेट होने पर महिलाओं को ऑर्गैज़्म का अनुभव होता है. यह ऑर्गैज़्म क्लिटोरल ऑर्गैज़्म से ज़्यादा संतोषजनक और ख़ुशी प्रदान करनेवाला होता है.

यह भी पढ़ें: सेक्स से पहले ग़लती से भी न खाएं ये 6 चीज़ें (6 Foods You Should Never Eat Before Sex)

Female Orgasm

  1. ब्लेंडेड ऑर्गैज़्म

जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, यह दो ऑर्गैज़्म का मिश्रण है यानी इसमें क्लिटोरियल ऑर्गैज़्म और जी-स्पॉट ऑर्गैज़्म दोनों का अनुभव एक साथ होता है. इसके लिए आपको वेजाइना के भीतरी और बाहरी दोनों हिस्सों को एक साथ स्टिमुलेट करना होता है. हालांकि यह इतना आसान नहीं, पर यक़ीनन इससे मिलनेवाला दोगुना आपको एक बार इसके लिए प्रयत्न करने के लिए ज़रूर प्रोत्साहित करेगा.

  1. मल्टीपल ऑर्गैज़्म

जी हां, प्रकृति ने महिलाओं को वरदान में मल्टीपल ऑर्गैज़्म का सुख दिया है, जो पुरुषों के पास नहीं. हालांकि इसका अनुभव बहुत कम महिलाएं कर पाती हैं, क्योंकि यह आपके पार्टनर की क्षमता पर निर्भर करता है. पहले ऑर्गैज़्म के बाद अगर आप दोनों दोबारा क्लाइमेक्स तक जाने की कोशिश करते हैं, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है. अपनी पार्टनर की ख़ुशी के लिए पुरुषों को इसे ज़रूर ट्राई करना चाहिए. किसी ख़ास मौ़के पर भी आप अपनी पार्टनर को एक्स्ट्रा ख़ुशी देने के लिए ऐसा कर सकते हैं.

 

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: किसिंग के ये हेल्थ बेनीफिट्स नहीं जानते होंगे आप (Health Benefits Of Kissing You May Not Know)

यह भी पढ़ें: जानें वो 10 कारण जो आपको ऑर्गैज़्म से वंचित रख रहे हैं? (10 Reasons You’re Not Having An Orgasm)

रात के खाने में अक्सर लोग कुछ ऐसी चीज़ें खा लेते हैं, जिससे उनका पेट गड़बड़ हो जाता है और वो सेक्स एंजॉय नहीं कर पाते. अगर आप नहीं चाहते कि आपके और आपके पार्टनर के बीच पेटदर्द या गैस जैसी समस्याएं आएं, तो सेक्स के पहले ये चीज़ें भूलकर भी न खाएं. कौन-सी हैं, वो मूड ख़राब करनेवाली चीज़ें आइए देखते हैं.

Foods You Should Never Eat Before Sex

कॉफी

कॉफी में मौजूद कैफीन की अधिक मात्रा आपके शरीर में कार्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन के लेवल को बढ़ाती है. यह आपको रिलैक्स नहीं होने देता और आपकी कामोत्तेजना को भी कम करता है. इसलिए खाने के बाद अगर आपको कॉफी पीने की आदत है, तो उसे बदल डालें, वरना आपकी सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाएगी.

फ्रेंच फ्राइज़/पॉपकॉर्न

खाने की वो सभी चीज़ें जिनमें नमक की मात्रा अत्यधिक होती है, जसे- फ्रेंच फ्राइज़ या पॉफकॉर्न आपकी सेक्स लाइफ के लिए ठीक नहीं है. नमक की अधिक मात्रा शरीर में वॉटर रिटेंशन बढ़ाती है, जिससे आपको उबकाई और मितली आ सकती है. ऑर्गैज़्म के लिए ज़रूरी है कि शरीर में रक्तसंचार बेहतर हो, पर नमक इसमें बाधा बन सकता है.

फ्रूट्स

बहुत-से लोग रात के खाने के बाद भी फल खाते हैं, लेकिन आपको बता दें कि फल बहुत तेज़ी से पचते हैं, जिससे बहुत जल्दी आपको गैस और मरोड़ की समस्या हो सकती है, इसलिए रात के या दोपहर के खाने के बाद कभी फल न खाएं.

अल्कोहल

सेक्स से पहले बीयर या वाइन कभी नहीं पीनी चाहिए. आपने कई फिल्मों में भी देखा होगा कि जब कोई कपल ड्रिंक करता है, तो उनमें से एक को नींद आ जाती है. दरअसल, बीयर या वाइन शरीर में मेलाटॉनिन को बढ़ाता है, जो स्लीप हार्मोन है. ऐसे में अगर आपको लगता है कि वाइन पीने के बाद आपका पार्टनर और रोमांटिक हो जाएगा, तो यह ज़रूरी नहीं, क्योंकि वो सो भी सकता है.

सोया

पुरुष व महिलाओं दोनों के लिए सेक्स के समय शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का लेवल बेहतर होना बहुत ज़रूरी है. सोया एक ऐसा प्रोडक्ट है, जो आपके शरीर में हार्मोंस को असंतुलित कर सकता है. अगर पुरुष एक दिन में 120 मिलीग्राम से ज़्यादा सोया का सेवन करते हैं, तो उनके टेस्टोस्टेरॉन लेवल में कमी आ जाती है. इसलिए एक्सपर्ट सेक्स से पहले इसे न खाने की सलाह देते हैं.

सब्ज़ियां

ब्रोकोली, फूलगोभी और स्प्राउट्स मिथेन प्रोड्यूसिंग वेजीटेबल्स हैं, जिनके कारण आपको गैस की समस्या हो सकती है. अगर आप इन्हें खा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि अच्छी तरह पकाएं, ताकि उनसे गैस न हो.

– अनीता सिंह 

यह भी पढ़ें: किसिंग के ये हेल्थ बेनीफिट्स नहीं जानते होंगे आप (Health Benefits Of Kissing You May Not Know)

यह भी पढ़ें: लव बाइट से जुड़ी से 5 दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप (5 Surprising Facts About Love Bites You Didn’t Know)

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए सेक्स लाइफ का हेल्दी होना बहुत ज़रूरी है. यदि किन्हीं कारणों से आपकी सेक्सुअल लाइफ में पहले जैसी गर्माहट नहीं रह गई, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. किचन में मौजूद आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थोंं की मदद से आप अपनी बेजान सेक्स लाइफ में नई ऊर्जा का संचार कर सकते हैं.

How to Increase Sexual Stamina

–     सेब न सिर्फ़ हमें बीमारियों से बचाता है, बल्कि शहद के साथ सेब का सेवन करने से कामेच्छा जागृत होती है. इसके लिए एक सेब को छीलकर काट लें और मिक्सी में ब्लेंड करें. इसमें 1 टीस्पून शहद, 3-4 बूंद गुलाबजल, चुटकीभर केसर, चुटकीभर जायफल और चुटकीभर इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इस सेक्स टॉनिक को खाना खाने के आधा घंटे बाद लें और इसे लेने के बाद चार घंटे तक दूध, दही या मछली का सेवन न करें.

–     आंवला में पर्याप्त मात्रा में आयरन, ज़िंक और विटामिन सी पाया जाता है, जो न स़िर्फ सेहत के लिए फ़ायदेमंद होता है, बल्कि कामोत्तेजना बढ़ाने में भी मदद करता है. दो टेबलस्पून आंवले के रस में एक टीस्पून सूखे आंवले का पाउडर व एक टेबलस्पून शुद्ध शहद मिलाकर दिन में दो बार खाएं. इस नुस्ख़े केइस्तेमाल से आपका और आपके पार्टनर दोनों का सेक्स पावर धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा.

–     कामेच्छा बढ़ाने में बादाम भी बेहद फ़ायदेमंद होता है. बादाम को दूध में मिलाकर नियमित सेवन करें. इसके लिए 10 बादाम को रात में पानी में भिगो दें. सुबह छीलकर खाएं या बादाम का दूध बनाकर पीएं. दूध बनाने के लिए भिगोए हुए बादाम को छील लें. एक कप दूध में छिले हुए बादाम, चुटकीभर केसर, चुटकीभर जायफल, स्वादानुसार शक्कर मिलाकर मिक्सी में ब्लेंड करें.

–     लो सेक्स ड्राइव के मामले में खजूर का सेवन करने से फ़ायदा होता है. इसके लिए 10 ताज़े खजूर को एक कटोरी घी में भिगो दें. इसमें एक टीस्पून सोंठ पाउडर, आधा टीस्पून इलायची पाउडर और चुटकीभर केसर मिलाएं. इस मिश्रण को जार में डालें और जार का मुंह ढंककर किसी गर्म स्थान पर 12 दिन के लिए रख दें. रोज़ाना सुबह इस मिश्रण का सेवन करें.

–     प्याज़ और लहसुन कामेच्छा बढ़ाने में प्रभावी हैं. एक टेबलस्पून प्याज़ के रस में एक टीस्पून लहसुन का रस मिलाएं. इस मिश्रण को रोज़ाना खाली पेट शहद के साथ पीएं.

–     यौन रोग, स्वप्नदोष, सेक्स डिज़ायर में कमी, शीघ्रपतन, कमज़ोरी, थकान… आदि किसी भी तरह की सेक्सुअल समस्या को दूर करने के लिए स़फेद प्याज़ बेहद कारगर होता है. 10 मिलीग्राम स़फेद प्याज़ के रस में उतनी ही मात्रा में  शहद, अदरक का रस और घी मिलाकर रोज़ाना पीने से कामेच्छा बढ़ती है.

यह भी पढ़ें: सेक्स लाइफ का राशि कनेक्शन (What Does Your Zodiac Sign Say About Your Sex Life?)

How to Increase Sexual Stamina

–     सेक्सुअल पावर बढ़ाने में कालीमिर्चवाला दूध बहुत लाभकारी होता है. इसके लिए एक ग्लास गर्म दूध में एक चौथाई टीस्पून कालीमिर्च पाउडर मिलाकर सोने से पहले पीएं. इससे शारीरिक शक्ति बढ़ेगी और आप व आपके पति सेक्स को ज़्यादा समय तक एंजॉय कर पाएंगे.

–     यौन शक्ति बढ़ाने में जायफल बेहद असरकारी होता है. रोज़ सुबह पानी के साथ एक ग्राम जायफल पाउडर का सेवन करें. इससे काफ़ी फ़ायदा होगा.

–     अजवायन भी सेक्स इच्छा बढ़ाने में मदद करती है. दरअसल अजवायन में एंड्रोस्टेरोन होता है, जो एक तरह  का सेक्स हार्मोन है. इसलिए इसके इस्तेमाल से कामेच्छा जागती है.

–     सेक्स पावर बढ़ाना हो, तो सुबह-शाम दूध के साथ दो ग्राम दालचीनी पाउडर का सेवन करें.

–     उड़द की दाल का इस्तेमाल यौन शक्ति के लिए किया जाता है. आधा टेबलस्पून  उड़द की दाल को कौंच के साथ पीसकर सुबह-शाम लेने से सेक्स पावर बढ़ता है.

–     30 ग्राम काली किशमिश को 200 मिलीलीटर दूध में उबालकर रोज़ाना सुबह-शाम सेवन करने से शारीरिक शक्ति के साथ-साथ कामेच्छा में भी वृद्धि होगी.

–    सेक्सुअल स्टैमिना बढ़ाने में गाजर बेहद कारगर है. इसके लिए 150 ग्राम गाजर को बारीक़ काट लें. इसमें आधा उबला हुआ अंडा और एक टेबलस्पून शहद मिलाकर रोज़ाना दिन में एक बार खाएं.

– शिल्पी शर्मा

यह भी पढ़ें: कितना फ़ायदेमंद है हस्तमैथुन? (Health Benefits Of Masturbation)

यह भी पढ़ें: जानें सुबह के वक़्त सेक्स के 5 फ़ायदे (5 Health Benefits Of Morning Sex)

धर्म, अर्थ, काम (सेक्स) और मोक्ष- ये चार पुरुषार्थ कहे गए हैं. इन्ही चारों की प्राप्ति के लिए हर मनुष्य प्रयत्नशील रहता है. यह तभी संभव है, जब शरीर और मन पूर्ण रूप सें स्वस्थ (Health) हों, क्योंकि शरीर के स्वास्थ्य से ही अर्थ, काम (सेक्स) जैसे लौकिक कार्यों का संपादन होता है. अस्वस्थ तन-मन से न तो धनोपार्जन किया जा सकता है और न ही यौन सुख प्राप्त किया जा सकता है. शरीर की पुष्टी, अंगों की दृढ़ता, मन और इंद्रियों की प्रसन्नता, शरीर की आरोग्यता आदि योग और यौगिक क्रियाओं से ही संभव है. योग (Yoga) मन और शरीर को स्वस्थ करने के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ाता है. योग से ही मानसिक शक्ति का विकास होता है. मन ही काम (सेक्स) का नियंत्रक और संचालक है. स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर से ही सही मायने में यौन-आनंद प्राप्त किया जा सकता है.

Yogasan For Healthy Sex Life
यौनांगों को विकारमुक्त रखता है योग

– शरीर का मध्य  भाग काम-ऊर्जा से संबंधित है. यदि शरीर का यह भाग पूर्णतया विकसित न हो अथवा विकारग्रस्त हो तो सेक्स क्रिया का संपादन संभव नहीं है. शरीर स्वस्थ भी हो और पूर्णतया विकसित भी हो, ये योग से ही संभव है. योग में प्राय: अधिकांश आसन ऐसे हैं, जो शरीर के मध्य भाग पर किसी न किसी रूप में सीधा प्रभाव डालते हैं, चाहे वह सूर्य नमस्कार हो, उत्तानपादासन हो, भुजंगासन हो अथवा पवनमुक्तासन- ऐसे अनेक यौगिक आसन शरीर के मध्य भाग को स्वस्थ और सशक्त बनाकर सेक्स शक्ति
बढ़ाते हैं.

– वैज्ञानिक शोधों से भी पता चला है कि यौगिक आसनों से यौन विकारों का शमन तथा प्रजनन अंगों की पुष्टी होती है. यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्सास की सायकोलॉजिस्ट सिंडी मेस्टन के अनुसार, योगासन करने से महिलाओं के दिल की धड़कन और रक्त प्रवाह में जो तेज़ी आती है, उसका सीधा प्रभाव योनि पर भी पड़ता है, जिसके कारण योनि की मांसपेशियों में रक्तसंचार बढ़ जाता है. इसलिए योग करने वाली स्त्रियों की सेक्स क्षमता आम स्त्रियों से  बेहतर होती है.

– कुछ लोग मन की दुर्बलता के कारण नपुंसकता महसूस करते हैं, उनके लिए योगासन किसी वरदान से कम नहीं, क्योंकि योगासन से मन के सभी विकार दूर हो जाते हैं और वह शक्तिशाली बनता है. हाल ही में हुए अध्ययनों से पता चला है कि जो पुरुष नियमित रूप से योगासन करते हैं, उनके नपुंसक होने की आशंका तीन गुना कम हो जाती है. यह अध्ययन अमेरिका के मेसाच्यूसेट्स के एक शोध संस्थान में किया गया.

कामग्रंथियों पर योगासनों का प्रभाव

– योग हमारे सेक्स जीवन पर किस प्रकार प्रभाव डालता है, ये जानने के लिए शरीर स्थित ग्लैंड्युलर सिस्टम (ग्रंथियों की कार्य प्रणाली) को जान लेना ज़रूरी है, क्योंकि ये ग्रंथियां ही यौनशक्ति और सेहत के लिए ज़िम्मेदार हैं. इन्हें ङ्गएन्डोक्राइन ग्लैंड्सफ कहते हैं.

– ये ग्रंथियां ऐसे हार्मोंस का स्राव करती हैं, जिनसे शरीर की अधिकांश क्रियाएं नियंत्रित होती हैं. इन्हीं में से कुछ काम ग्रंथियां हैं (स्त्रियों मे डिंब ग्रंथि और पुरुषों में वृषण ग्रंथि), जिनसे सेक्स हार्मोंस का स्राव होता है. इन्हीं ग्रंथियों पर हमारा सेक्सुअल हेल्थ निर्भर है. यह तभी संभव है, जब ये ग्रंथियां स्वस्थ और विकार रहित हों.

– ग्रंथियों को विकारहित और स्वस्थ रखने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हलासन, सेतुबंध, सर्वांगासन, शीर्षासन ऐसे आसन हैं, जिनके अभ्यास से ग्रंथियों की कार्यप्रणाली दुरुस्त बनी रहती है, जिससे हार्मोंस का स्राव सुचारु रूप से होता है – न कम और न अधिक. यही कारण है कि यौगिक आसनों के अभ्यास से जहां अतिकामुकता पर नियंत्रण होता है, वहीं कामशीतलता की स्थिति में कामेच्छा भी जागृत होती है.

– सामान्यत: जहां यौगिक आसन हमारे शरीर में प्राणशक्ति एवं लचीलापन बढ़ाकर हमें यौन दृष्टी से स्वस्थ रखते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ विशेष यौगिक मुद्राएं एवं बंध हैं, जो हमारी खोई हुई यौनशक्ति को पुन: प्राप्त करने में हमारी सहायता करते हैं, जैसे – महामुद्रा, उद्दीय मुद्रा, अश्‍विनी मुद्रा, मूलबंध, जालंधर बंध आदि. ये मुद्राएं कामेच्छा को बढ़ाकर शरीर में यौन ग्रंथियों एवं प्रजनन अंगों को दृढ़ता तथा उत्तेजना प्रदान करती हैंै. पेल्विक और स्पाइन को भी गतिशीलता एवं लचीलापन प्रदान करने के साथ-साथ ये मुद्राएं शीघ्रपतन, मासिक रक्तस्राव एवं मेनोपॉज़ में आने वाली कठिनाइयों, प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना, स्त्रियों में कामशीतलता तथा पुरुषों में नपुंसकता आदि विकारों को रोकने में भी सहायक होती हैं.

सेक्सुअल हेल्थ में कुछ उपयोगी आसन

काम की उत्तेजना के लिए कोई विशेष आसन नहीं है. यौगिक आसनों का काम यही है कि वे यौन संस्थानों को स्वस्थ और शरीर के अंग-प्रत्यंगों को शक्तिवान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इससे जहां कामशक्ति व्यवस्थित होती है, वहीं यौन रोगों से मुक्ति मिलती है. ऐसे ही कुछ आसन यहां दिए जा रहे हैं, जो हमारे सेक्सुअल हेल्थ को बढ़ाते हैं.

यह भी पढ़ें: 5 ग़लतियां जो महिलाएं सेक्स के दौरान करती हैं (5 Mistakes Women Make In Bed)

Yogasan For Healthy Sex

चक्रासन

–     पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें. एड़ियां नितंबों के समीप लगी हुई हों.

–     दोनों हाथों को उल्टा करके कंधों के पीछे थोड़े अंतर पर रखें. इससे संतुलन बना रहता है.

–     सांस अंदर भरकर कमर एवं छाती को ऊपर उठाएं.

–     धीरे-धीरे हाथ एवं पैरों को समीप लाने का प्रयत्न करें, जिससे शरीर की चक्र जैसी आकृति बन जाए.

–     आसन छोड़ते समय शरीर को ढीला करते हुए कमर ज़मीन पर टिका दें. यह क्रिया 3-4 बार करें.

यह आसन करने से कामशक्ति बढ़ती है. थायरॉइड, थायमस तथा काम ग्रंथियां उत्प्रेरित होती हैं, जिससे हार्मोंस का स्त्राव संतुलित ढंग से होता है. महिलाओं के डिंबाशय और गर्भाशय को अत्याधिक प्रभावित कर यह आसन उनके समस्त रोगों को दूर करता है. बच्चियों और किशोरियों को यह आसन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे उनके जननांगों एवं स्तनों का उचित विकास होता है.

यह भी पढ़ें: माथे पर क्यों किस करते हैं पार्टनर्स? (What It Means When Partner Kisses On Forehead?)

Yogasan For Sex
जानुशिरासन

–   दण्डासन में बैठकर दाएं पैर को मोड़कर पंजे को बाएं जंघा के मूल में लगाएं और एड़ी को सिवनी (उपस्थ व गुदाभाग के बीच का भाग) से सटाकर रखें.

–    दोनों हाथों से बाएं पैर के पंजे को पकड़कर सांस बाहर निकालकर सिर को घुटने से लगाएं. थोड़ी देर रुकने के पश्‍चात् सांस लेते हुए ऊपर उठ जाएं और दूसरे पैर से भी इसी प्रकार दोहराएं.

सेक्स के प्रति उदासीन स्त्रियों में इस आसन से कामवासना जागृत होती है. स्त्री-पुरुष दोनों के यौनांग बलवान होते हैं.

Yogasan For Healthy Sex Life
सुप्त वज्रासन

–     वज्रासन में बैठकर हाथों को पीछे की तरफ़ रखकर उनकी सहायता से शरीर को पीछे झुकाते हुए ज़मीन पर सिर को टिका दें. घुटने मिले हुए तथा ज़मीन पर टिके हुए हों.

–     धीरे-धीरे कंधे, गले और पीठ को भी ज़मीन पर टिकाने की कोशिश करें. हाथों को जंघाओं पर सीधा रखें.

–    आसन को छोड़ते समय कोहनियों और हाथों का सहारा लेते हुए वज्रासन में बैठ जाएं.

इससे स्त्रियों का योनि प्रदेश मज़बूत होता है तथा उन्हें प्रसव के समय अधिक पीड़ा नहीं होती. स्त्री-पुरुष दोनों की जांघें मज़बूत होती हैं. सेक्स संबंध में यह आसन बहुत उपयोगी है.

इनके अतिरिक्त और भी अनेक आसन और मुद्राएं हैं, जो यौनांगों के विकारों को दूर कर उन्हें सबल और क्रियाशील बनाते हैं. ये आसन कामशक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ उसे संतुलित और नियंत्रित भी करते हैं. लेकिन इन आसनों का अभ्यास किसी योग विशेषज्ञ गुरु के निर्देशन में करने से ही समुचित लाभ उठाया जा सकता है.

– आलोक शुक्ल

यह भी पढ़ें: जानें वो 10 कारण जो आपको ऑर्गैज़्म से वंचित रख रहे हैं? (10 Reasons You’re Not Having An Orgasm)

हर महिला (Woman) चाहती है कि उसका दांपत्य जीवन रोमांच से भरपूर रहे, लेकिन इसके लिए सारी मेहनत पति (Husband) करें, उन्हें अपनी तरफ से एफर्ट लेना न पड़े. इस चक्कर में उनकी सेक्स लाइफ (Sex Life) भी प्रभावित होती हैं और उनकी अपनी भावनाएं पूरी नहीं हो पातीं. जानें वो कौन-सी ऐसी ग़लतियां (Mistakes) हैं, जो महिलाएं सेक्स के दौरान करती हैं और जिसके कारण उनकी सेक्स लाइफ बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. अगर आप भी ये ग़लतियां करती हैं, तो आज ही इन्हें सुधार लें.

Mistakes Women Make In Bed

1. पति को ख़ुद ही पहल करना चाहिए

अक्सर महिलाएं ये सोचकर पहल नहीं करतीं कि ये तो उनके पार्टनर का काम है. वे सोचती हैं कि सेक्स में वे क्या चाहती हैं, उनके पार्टनर को ख़ुद ही समझ जाना चाहिए और वे अपने दिल की बात कहती नहीं, लेकिन ये सोच बिल्कुल ही ग़लत है. आप क्या चाहती हैं, ये आप जब तक बताएंगी नहीं तब तक वे कैसे समझ पाएंगे? इसलिए बेहतर होगा कि आप खुलकर उन्हें अपनी चाहत के बारे में बताएं. अगर इसमें शर्म महसूस हो तो व्यवहार व इशारों में उन्हें समझाएं.

2. वे आपके दिल की बात नहीं समझते

अक्सर पुरुष सेक्स में जल्दबाज़ी करते हैं और स्त्रियों की चाहत ङ्गकुछ औरफ की होती है. पुरुष फोरप्ले में ़ज़्यादा व़क़्त नहीं लगाते, जबकि स्त्रियों के लिए फोरप्ले ज़रूरी होता है. अगर आपके पार्टनर को ये बात नहीं पता तो उन्हें बताएं कि सेक्स के पहले फोरप्ले आपके लिए कितना आनंददायक होता है. फोरप्ले के दौरान कुछ नया करें और उन्हें बताएं कि उन्हें भी कुछ ऐसा ही करना चाहिए. एक बार उन्होंने आपकी ज़रूरत समझ ली तो यक़ीनन वे आपकी हर इच्छा पूरी करने की कोशिश करेंगे और आपका सेक्स जीवन और भी आनंददायक बन जाएगा.

3. अपने शरीर को लेकर हीनभावना

महिलाएं ये बात नहीं मानतीं, लेकिन ये सच है कि वे अपने शरीर   को लेकर हीनभावना से ग्रस्त रहती हैं और सेक्स के दौरान भरसक कोशिश करती हैं कि उनका पार्टनर उनके इन अंगों को देखने न पाए और इस बात से वो कई बार चिढ़ जाता है. अगर आप भी ऐसा ही सोचती हैं और ये आश्‍वासन चाहती हैं कि आपकी बॉडी पऱफेक्ट है तो उनसे खुलकर पूछें कि मैं अपने अंगों को लेकर इनसिक्योर महसूस करती हूं. क्या आपको ये आकर्षक लगते हैं?

यह भी पढ़ें: हर किसी को जाननी चाहिए सेक्स से ज़ुड़ी ये 35 रोचक बातें (35 Interesting Facts About Sex)

Mistakes Women Make

4. सेक्स के लिए हमेशा नाना कहना

सेक्स के मामले में ये हमारे यहां पहले से ही होता आया है. पुरुष ङ्गहां-हांफ करते जाएंगे और महिलाएं ङ्गना-नाफ. लेकिन सेक्स के लिए हमेशा ऐसा करना ठीक नहीं है, बल्कि कभी-कभी उल्टा भी होना चाहिए. सेक्स की पहल आपकी तरफ़ से भी होनी चाहिए और उस शाम के लिए आपकी तरफ़ से ख़ास तैयारी होनी चाहिए, ताकि वो शाम ख़ास बन जाए.

5. सेक्स के बाद पार्टनर से व्यवहार

अक्सर महिलाएं सेक्स के बाद ङ्गतुम तो बड़े बेशर्म हो….बच्चे इतने बड़े हो गए, लेकिन तुम्हारी आदतें नहीं बदलीं…फ जैसी बातें कहकर अपने पार्टनर का मूड ऑफ़ कर देती हैं, लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं. ध्यान रखें कि सेक्स जीवन का ज़रूरी हिस्सा है और स्वस्थ और आनंददायक जीवन के लिए महत्वपूर्ण भी.

यह भी पढ़ें: माथे पर क्यों किस करते हैं पार्टनर्स? (What It Means When Partner Kisses On Forehead?)