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30 इफेक्टिव टिप्स, जो सेक्स लाइफ को बोरिंग बनने से बचाएंगे (30 Effective Tips For Making Your Sex Life More Exciting)

Sex Tips in Hindi

शादी के शुरुआती साल बेहद हसीन होते हैं. पार्टनर एक-दूसरे को समझने के साथ-साथ एक-दूसरे की कंपनी, क़रीब होने का एहसास और प्यार-मुहब्बत को काफ़ी एंजॉय करते हैं. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि धीरे-धीरे ज़िम्मेदारियां बढ़ती हैं और एक्साइटमेंट की जगह रूटीन लाइफ कपल्स की ज़िंदगी का हिस्सा हो जाती है. इसमें कहीं न कहीं सेक्स भी रूटीन-सा ही होने लगता है, जिसका असर आपसी रिश्तों पर पड़ने लगता है. बेहतर होगा कि आप अपनी सेक्स लाइफ को बोरिंग न होने दें, ताकि आपके रिश्ते में गर्माहट बनी रहे.

 

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साथ बिताने के लिए अगर समय नहीं है, तो ज़ाहिर है भावनात्मक लगाव पर नकारात्मक प्रभाव होगा और बिना भावनात्मक लगाव के सेक्स भी बोरियत का ही एहसास कराएगा. 
क्या करें: भले ही आप कितने भी बिज़ी हों, आपको एक-दूसरे के लिए समय निकालना ही होगा. वीकेंड पर बाइक राइड या लॉन्ग ड्राइव पर जाएं. आप बीच, वॉटर पार्क, मूवी या आसपास के गार्डन में भी जाकर कुछ समय एक-दूसरे के साथ बिता सकते हैं. आपस में बिताए इस समय का असर आपकी बेडरूम लाइफ पर काफ़ी सकारात्मक होगा.

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कुछ साल साथ रहने के बाद सेक्स को लेकर एक्साइटमेंट कम हो जाता है और सेक्स लाइफ बेहद बोरिंग होने लगती है.
क्या करें: कुछ नया करें. बेडरूम में कैंडल्स जलाएं और रोमांटिक माहौल बनाएं. अपने पार्टनर से पूछें कि वो सेक्स में क्या नया चाहते हैं और ख़ुद भी अपनी चाहत के बारे में बताएं. सेक्सी आउटफिट पहनें और सेक्सी बातें करें. इससे नयापन आएगा.

अक्सर कपल्स बिज़ी रहते हैं और थक जाते हैं. यही थकान उनके रिश्तों और सेक्स लाइफ में भी नज़र आने लगती है.
क्या करें: अपने रिश्ते को सबसे अधिक अहमियत दें. अपनी प्रायोरिटी लिस्ट में अपने रिश्ते को टॉप पर रखेंगे, तो रिश्ते में थकान कभी नहीं आएगी. इसके अलावा यदि आप एक-दूसरे को अधिक महत्व देंगे और सपोर्ट करेंगे, तो बाकी चीज़ों व समस्याओं से बेहतर तरी़के से निपट सकेंगे. इससे तनाव और थकान दोनों ही नहीं होगी.

अक्सर कपल्स एक-दूसरे से कहने में झिझकते हैं कि वो सेक्स लाइफ में बदलाव चाहते हैं और कुछ नया करना चाहते हैं. उन्हें लगता है कि कहीं पार्टनर बुरा न मान जाए और उसे यह न लगे कि वो उससे संतुष्ट नहीं.
क्या करें: बात करें, लेकिन बात करने का तरीक़ा ऐसा हो कि पार्टनर को बुरा भी न लगे. आप ये न कहें कि आप बोर हो गए/गई हैं, बल्कि यह कहें कि हमको कुछ अलग और न्यू ट्राय करना चाहिए. कम्यूनिकेशन बहुत ज़रूरी है. पॉज़िटिव कम्यूनिकेशन आपकी सेक्स लाइफ को और बेहतर बनाता है.

रूटीन लाइफ के चलते छोटी-छोटी ख़ुशियों के महत्व को भी आप भूलने लगते हैं. एक-दूसरे को छूना, कॉम्प्लीमेंट देना, गिफ्ट देना, सरप्राइज़ देना आदि एकदम से रिश्ते में से ग़ायब ही हो जाते हैं.
क्या करें: इन बातों को कभी भी अपने रिश्ते से ग़ायब न होने दें. एक-दूसरे के लुक्स व फिटनेस को सराहें. प्यारभरी शरारतें, एक-दूसरे को छूना, गले लगाना, किस करना… इस तरह की तमाम छोटी-छोटी बातें रिश्ते को ताज़ा रखती हैं. कभी एक छोटा-सा मैसेज, एक सरप्राइज़ गिफ्ट किस तरह से आपकी रूटीन लाइफ में ताज़गी भर देगा, आप सोच भी नहीं सकते. इन सबका असर आपकी सेक्स लाइफ पर भी ज़रूर पड़ता है.

बहुत कोशिश के बाद भी साथ समय नहीं बिता पाते, तो ऐसे में रिश्ते में बासीपन और स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है, जो सेक्स लाइफ को बुरी तरह प्रभावित करता है.

क्या करें: कुछ रोचक व इनोवेटिव सोचें, जहां आप साथ में समय बिता सकें. एक साथ वर्कआउट करेें, जॉगिंग या वॉक के लिए जाएं. स्विमिंग क्लास या डांस क्लास जॉइन करें. ये बातें आपको एक-दूसरे के क़रीब लाएंगी. थोड़ा समय निकालकर एक-दूसरे को सेक्सी मसाज दें, इससे नयापन आएगा और आप दोनों फ्रेश फील करेंगे.

अलर्ट्स जो बताएंगे कहीं आपकी सेक्स लाइफ बोरिंग तो नहीं?

 

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– सेक्स अब पहले की अपेक्षा कम होता है.
– रोमांटिक बातें लगभग बंद हो गई हैं.
– सेक्स में कुछ नया करने की चाह नहीं होती.
– सेक्स मात्र शारीरिक क्रिया बनकर रह गई है.
– एक-दूसरे की बात सुनने या चाहत जानने की जिज्ञासा नहीं रही.
– पार्टनर सेक्स को टालने लगे हैं.
– हमेशा थकान या बिज़ी रहने के कारण सेक्स में दिलचस्पी कम हो गई है.
– सेक्स को पहले की तरह एंजॉय नहीं करते.
– सेक्स के समय पार्टनर की दिलचस्पी और सहयोग नहीं मिलता.
– पार्टनर अब पहले की तरह आकर्षक नहीं लगता, फिर भले ही वो कितने ही आकर्षक कपड़ों में सामने आए और सेक्स में पहल भी करे, लेकिन आपका ध्यान ही नहीं जाता उसकी तरफ़.

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ये तमाम लक्षण आपके लिए सिग्नल हैं कि आपको कुछ करना होगा, ताकि आपकी सेक्स लाइफ बोरिंग रूटीन बनकर न रह जाए.
फिर से लाएं खोई गर्माहट और ताज़गी
– पार्टनर की दिलचस्पी सेक्स में कम हो गई है, तो आपका फर्ज़ बनता है कि आप पहल करें और पार्टनर की दिलचस्पी फिर से जगाएं.
– पार्टनर से पूछें कि उसे कोई मानसिक या शारीरिक समस्या तो नहीं. यदि है, तो एक्सपर्ट से संपर्क करें.
– सेक्स में ज़बर्दस्ती कभी भी न करें, क्योंकि इससे पार्टनर की सेक्स के प्रति दिलचस्पी और आपके प्रति लगाव भी कम होता जाएगा.
– उससे प्यार से बात करें, बात करते समय सहलाएं, चूमें और बालों में हल्के-हल्के उंगलियां फेरें. ऐसा करने पर मूड न होने पर भी धीरे-धीरे मूड बनने लगता है और पार्टनर बेहतर महसूस करता है.
– हाइजीन का पूरा ख़्याल रखें. कई बार इस तरह की बातें भी सेक्स में दिलचस्पी कम कर देती हैं और पार्टनर चाहकर भी कुछ बोल नहीं पाता. बेहतर होगा कपल्स साफ़-सफ़ाई का पूरा ध्यान रखें.
– कमरे का माहौल भी शांत और रोमांटिक हो. चादर वगैरह भी साफ़-सुथरी होनी चाहिए.
– अपने स्मार्ट फोन और लैपटॉप को बेडरूम से दूर ही रखें. इनका बहुत ज़्यादा प्रयोग या टीवी देखना भी सेक्स लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. आजकल इन गैजेट्स ने हमारी लाइफ में बहुत हद तक जगह बना ली है, लेकिन इन्हें हम-तुम के बीच ङ्गवोफ न बनने दें. इससे पार्टनर को लगेगा कि आपको उसमें दिलचस्पी ही नहीं है और न आपका ध्यान उसकी बातों की तरफ़ है.
– पर्सनल टाइम में पार्टनर को पूरा अटेंशन दें, उसे यह लगना चाहिए कि यह व़क्त स़िर्फ और स़िर्फ आप दोनों का है, जिसमें किसी और के लिए कोई जगह नहीं.
– पार्टनर को यह महसूस कराएं कि सेक्स से भी कहीं अधिक ज़रूरी आपके लिए उनका साथ है. इस तरह का भावनात्मक लगाव एक-दूसरे को और क़रीब लाता है.
– सेक्स में क्या नयापन लाना चाहिए इस पर भी खुलकर न स़िर्फ चर्चा करें, बल्कि साथ मिलकर प्लान करें कि आज की रात या इस वीकेंड को कैसे और भी रोमांटिक बनाया जा सकता है.
– कलर्स भी सेक्स लाइफ पर प्रभाव डालते हैं, तो एक-दूसरे की पसंद-नापसंद को ध्यान में रखते हुए कमरे में कलर्स ऐड करें. अपने आउटफिट्स और इनर वेयर में भी सेक्सी कलर्स और स्टाइल सिलेक्ट करें.
– सेक्स के व़क्त काम व तनाव को भूलकर पार्टनर पर ही पूरा ध्यान केंद्रित होना चाहिए, वरना अक्सर लोग उस व़क्त भी दूसरी बातें करते हैं और सेक्स को एक क्रिया मात्र बना देते हैं, जिससे पार्टनर को लगता है कि उनका साथी उन्हें स़िर्फ इच्छा पूरी करनेवाला जिस्म समझता है.
– दूसरी तरफ़ कुछ लोग सेक्स को एक हथियार के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं, ख़ासकर महिलाएं सेक्स को इमोशनल ब्लैक मेलिंग का बेहतरीन हथियार समझती हैं और सेक्स के व़क्त ही तरह-तरह की डिमांड करके पति से बातें मनवाने की कोशिश करती हैं. ऐसा करने से पति के मन में पत्नी के प्रति वो सम्मान नहीं रह जाता और वो भी प्रैक्टिकल अप्रोच अपनाने लगता है.
– सेक्स के समय रोमांटिक बातें ही करें. ताने-उलाहने व शिकवे-शिकायत से बचें.
– पुरानी रोमांटिक बातें व साथ गुज़ारे हसीन पलों को याद करें, उन पर बात करें, साथ हंसें, खिलखिलाएं, क्योंकि ये तमाम बातें आपको ताज़गी का एहसास कराती हैं.
– सेक्स लाइफ को बोरिंग होने से बचाने का मतलब स़िर्फ बेडरूम तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि हर पल, हर लम्हे को आपको बेहतर बनाना होगा. एक-दूसरे को अटेंशन देना होगा, क्योंकि पूरे दिन के क्रियाकलापों का निचोड़ ही सेक्स लाइफ में झलकता है. दिन अच्छा होगा, मूड अच्छा होगा, तो रिश्ता बेहतर होगा… और बेहतर रिश्ते का मतलब है बेहतर सेक्स लाइफ और मज़बूत-अटूट बंधन.

– विजयलक्ष्मी

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जानें कौन-सी दवा का सेक्स लाइफ पर क्या साइड इफेक्ट होता है (Side Effects of Medicines on Sex Life)

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माना कि दवाएं दर्द-तकली़फें दूर करने के लिए होती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ दवाएं आपकी सेक्स लाइफ़ को भी प्रभावित करती हैं. कैसे? आइए जानें.

 

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कहते हैं प्यार के इज़हार का सबसे अच्छा ज़रिया होता है- सेक्स. पति-पत्नी के रिश्ते की गहराई और मज़बूती काफ़ी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उनकी सेक्स लाइफ़ कैसी है? लेकिन, बहुत बार कई कारणों से आपसी रिश्ते अच्छे होते हुए भी सेक्स लाइफ़ प्रभावित होने लगती है. जिसका असर रिश्तों पर पड़ने लगता है. अचानक या धीरे-धीरे आपके पार्टनर की सेक्स में रुचि कम होने लगती है और आप बस कारण ढूंढ़ते रह जाते हैं और अक्सर ग़लत नतीज़े पर पहुंचकर अपने संबंध ख़राब कर लेते हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि सही कारणों को जानें और एक्सपर्ट की सलाह से अपने रिश्तों को मज़बूूत बनाएं.
आपको जानकर हैरानी होगी, मगर विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी कई दवाइयां हैं, जिनके सेवन से सेक्स लाइफ़ पर असर होता है, लेकिन कई बार शर्म या झिझक के कारण लोग डॉक्टर से संपर्क नहीं करते.

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ब्लडप्रेशर

ब्लडप्रेशर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली क्लोनीडीन, अल्फा मिथाइल डोपर (एंडोमेंट), रेसर्पिन, ग्वानेथिडीन जैसी औषधियां कामेच्छा में कमी लाती हैं. ये औषधियां शरीर में प्रोलॅक्टीन नामक हारमोन की मात्रा बढ़ा देती हैं, जिससे पुरुष नपुंसकता का शिकार हो जाता है. इसके अलावा इंडोरॉल, बीटास्पैन, बीटा ब्लॉकर, एल्फाडोपा, डोपाजिट, आर्कामिन, केटाप्रेस आदि औषधियां लिंग के उत्थापन मेें बाधा पहुंचाती हैं, जिससे सेक्स लाइफ़ प्रभावित होती है.

एंटी-हाइपरटेंशन-   हाई ब्लडप्रेशर यानी उच्च रक्तचाप की दवाइयां सेक्स लाइफ़ को प्रभावित कर सकती हैं.
एंटी-डिप्रेसेंट- अवसाद यानी डिप्रेशन की दवाइयां.
एंटी-सायकॉटिक- अगर आप किसी मानसिक समस्या की दवा ले रहे हैं, तो हो सकता है आपकी सेक्स लाइफ़ उनसे प्रभावित हो रही हो.

अब सवाल ये उठता है कि ये दवाएं भला सेक्स लाइफ़ को कैसे प्रभावित करती हैं?
दरअसल सेक्स के लिए ज़रूरी हार्मोंस, न्यूरोट्रान्समीटर्स यानी शरीर की ज़रूरतों व संदेशों को मस्तिष्क तक पहुंचाने वाले तत्व, जैसे- डोपामाइन, सेरोटोनिन और सेक्स के अंगों के बीच तालमेल ज़रूरी होता है. मुख्यतः डोपामाइन सेक्स क्रिया को बढ़ाने में और सेरोटोनिन उसे कम करने की भूमिका निभाते हैं, वहीं टेस्टोस्टेरॉन हार्मोंस रक्त धमनियों के ज़रिए उत्तेजना उत्पन्न करने का काम करते हैं.
ऐसे में ये दवाएं हार्मोंस के स्तर में बदलाव लाकर, सेक्स की क्षमता और सेक्स में रुचि को भी कम कर देती हैं. एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं मस्तिष्क में केमिकल्स के स्तर को बढ़ा देती हैं. कुछ दवाएं सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ा देती है, जिससे सेक्स क्रिया प्रभावित होती है.
हालांकि हर दवा का असर अलग-अलग होता है, ऐसे में ये ज़रूरी नहीं कि स़िर्फ दवाएं ही ज़िम्मेदार हो, लेकिन यदि आपको अपनी सेक्स लाइफ़ में बदलाव महसूस हो रहा है, तो दवा बंद न करें, पहले डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह से आगे बढ़ें.
ध्यान रहे आपकी ज़िंदगी और ज़िंदगी को बेहतर बनाना ही आपका और आपके डॉक्टर का उद्देश्य है, ऐसे में झिझक छोड़कर अपनी परेशानी डॉक्टर को बताना ज़रूरी है.

 

ये दवाएं भी हो सकती हैं सेक्स की दुश्मन

 

एंटी-डिप्रेसेंट, एंटी-सायकॉटिक और एंटी-हाइपरटेंशन के अलावा एंटी-एपिलेप्टिक और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएं भी ज़िम्मेदार हो सकती हैं. साथ ही घबराहट और अनिद्रा के लिए बेंजोडायज़ेपाइन्स पेप्टिक अल्सर, एसिडिटी, प्रोस्टेट कैंसर, नशा छुड़ाने के लिए प्रयुक्त दवाएं, मितली और उल्टी, हृदय संबंधी दवाएं भी आपकी सेक्स लाइफ़ को प्रभावित कर सकती हैं.
कुछ पेनकिलर्स भी इसकी ज़िम्मेदार हो सकती है. ऐसे में ङ्गसेल्फ़ मेडिकेशनफ या सेक्स क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं ख़ुद से न लेकर डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि सेक्स क्षमता बढ़ाने वाली दवाएं, इन दवाओं के साथ मिलकर कई अन्य साइड इ़फेक्ट्स उत्पन्न कर सकती हैं, जो बेहद घातक हो सकता है.

 

इरेक्शन फ्रेंड्ली दवाओं का भी उपयोग किया जा सकता है-

– वॉटर टेबलेट्स या बीटा ब्लॉकर्स के बजाय उच्च रक्तचाप में यदि कैल्शियम चैनल और एल्फा ब्लॉकर्स का प्रयोग किया जाए तो सेक्स समस्याएं कम होंगी.
– एसीएफ इंहिबिटई भी बेहतर विकल्प है.
– ट्रायसायक्लिक एंटी-डिप्रेसेंट के मुक़ाबले SSRIs और उसके बाद MAQIs (मोनो-अमाइन ऑक्सिडेस इंहिबिटर्स) सेक्स संबंधी परेशानियां ज़्यादा पैदा करते हैं.
– कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए फाइब्रेट्स की जगह स्टैटिन्स कम समस्या देंगे.
यह ध्यान रहे कि डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवाई न खाएं और ये भी ज़रूरी नहीं कि हर कोई जो ये दवाएं ले रहा है उसे वे सेक्स संबंधी परेशानियां हों ही या अगर हो रही हों तो उनकी अन्य वजहें भी हो सकती हैं.

 

– विजयलक्ष्मी

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जानें जिम के 8 Exciting सेक्स बेनेफिट्स(8 Exciting Sex Benefits Of Gym)

जिम में रोज़ाना एक्सरसाइज़ करने से न स़िर्फ बॉडी फिट एंड फाइन रहती है, बल्कि ये सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाने में भी मदद करता है. रेग्युलर जिम जाना आपके अंतरंग पलों के लिए क्यों फ़ायदेमंद है? आइए, जानते हैं.

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1. टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ता है

अंतरंग पलों में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ये हार्मोन सेक्स की इच्छा और क्रियाशीलता के लिए उत्तरदायी है. रिसर्च बताती है कि रेग्युलर एक्सरसाइज़, ख़ासकर जिम में किए जानेवाले स्न्वैट्स से टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ता है.

2. एनर्जी लेवल बढ़ता है

रेग्युलर एक्सरसाइज़ करने से एनर्जी लेवल बढ़ता है और ये एनर्जी सेक्स लाइफ में भी आपको एनर्जेटिक बनाए रखता है और आप सेक्स को ज़्यादा एंजॉय कर पाते हैं.

3. आत्मविश्‍वास बढ़ता है

मोटापा सेक्स के लिए हानिकारक है. इससे जल्दी थकान महसूस होने लगती है और मोटापे का शिकार व्यक्ति पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाता. इससे उसका आत्मविश्‍वास टूट जाता है और वह सेक्स से दूर भागने लगता है. जिम में एक्सरसाइज़ करने से मोटापा कम होता है और टेस्टोस्टेरॉन लेवल बढ़ने से सेक्स की इच्छा जागने लगती है.

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4. मिलती है टोन्ड-अट्रैक्टिव बॉडी

स्लिम-ट्रिम व टोन्ड बॉडी सबको आकर्षित करती है. जिम जाने से एब्स टोन्ड होते हैं. हाथ और पैरों की मसल्स स्ट्रॉन्ग होती हैं. महिलाओं की कमर पतली होने लगती है. बॉडी में कर्व्स आने लगते हैं. प्यार के उन ख़ास पलों में आपकी आकर्षक बॉडी पार्टनर को आपके और क़रीब ले आती है.

5. दूर होता है स्ट्रेस

आमतौर पर स्ट्रेस के कारण कपल्स अंतरंग पलों को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पाते. तनावग्रस्त होने पर उन्हें सेक्स की इच्छा नहीं होती. स्ट्रेस से स्टेमिना भी घटता है. जिम में रेग्युलर एक्सरसाइज़ स्ट्रेस बस्टर का काम करता है. एक्सरसाइज़ करने के बाद आप रिलैक्स महसूस करते हैं.

6. बैलेंस डायट

जिम में एक्सरसाइज़ के साथ ही ट्रेनर आपको डायट चार्ट भी देते हैं. वो आपके एक्सरसाइज़ टाइप और शरीर की ज़रूरतों के अनुसार आपका डायट चार्ट बनाते हैं. वर्कआउट के बाद शरीर को पोषक तत्वों की ज़रूरत पड़ती है. मसल्स और बॉडी बिल्डिंग के लिए हाईप्रोटीन और ज़िंक युक्त डायट लेनी चाहिए. हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए बैलेंस डायट बहुत ज़रूरी है.

7. ब्रीदिंग पर कंट्रोल होता है

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एक्सरसाइज़ और योग आपको ब्रीदिंग पर कंट्रोल करना सिखाता है और सही ब्रीदिंग टेकनीक से आप सेक्स का ड्यूरेशन और प्लेज़र दोनों बढ़ा सकते हैं.

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8. ऑर्गेज़म को बेहतर बनाता है

रिसर्च से ये बात पता चली है कि जो महिलाएं रेग्युलर एक्सरसाइज़ करती हैं, वे जल्दी उत्तेजित हो जाती हैं और ऑगेज़म को एन्जॉय करती हैं. दरअसल एक्सरसाइज़ से उनमें सेक्स हार्मोन्स का लेवल बढ़ जाता है, जिससे वे बेहतर सेक्स पार्टनर साबित होती हैं.

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6 AMAZING लव रूल्स हैप्पी लव लाइफ के लिए (6 Amazing Love Rules For Happy Love Life)

कहते हैं, अपोज़िट अट्रैक्ट्स, मगर शादी के बाद ये अट्रैक्शन कहीं खो जाता है. कपल्स के रिश्ते कई बार इतने जटिल हो जाते हैं कि उसमें प्यार की गुंजाइश ही नहीं रह जाती. यदि आप अपने रिश्ते की नाज़ुक डोर को उम्रभर थामे रखना चाहते हैं, तो फॉलो करें ये लव रूल्स.

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ख़र्च करने की आदत

यदि आपको हमेशा लेटेस्ट ट्रेंड और फैशन के मुताबिक़ अपना वॉर्डरोब चेंज करने की आदत है और पति बस चार जोड़ी शर्ट और दो जोड़ी जूतों में ही रहना पसंद करते हैं, तो ज़ाहिर है आपकी ये अति ख़र्चीली आदत पति को बिल्कुल रास नहीं आएगी. वो आपके ख़र्च पर उंगली उठाएंगे, जिससे आपके बीच मनमुटाव हो सकता है. सुनैना कहती हैं, मुझे ऑनलाइन शॉपिंग की बुरी लत है, जिससे कई बार मैं ज़रूरत न होने पर भी चीज़ें मंगा लेती हूं, ये सोचकर कि अभी न सही, बाद में काम आएंगी, मगर मेरी ये आदत पति को बिल्कुल पसंद नहीं. इस बात को लेकर उनका मुझसे कई बार झगड़ा भी हो चुका है. वो बिना ज़रूरत के एक पैसा भी ख़र्च नहीं करना चाहते.
क्या कहती है स्टडी?
एक जैसी ख़र्च की आदत न होने पर कपल्स के बीच मनमुटाव ज़्यादा होता है, वो अपने रिश्ते से संतुष्ट नहीं होते. इसके विपरीत यदि पति-पत्नी दोनों ख़र्चीले हैं या फिर दोनों बहुत किफ़ायती हैं, तो उनके बीच मनमुटाव की गुंजाइश बहुत कम रहती है.

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मैं नहीं हम

शादी के बाद भले ही आपकी अलग-अलग पहचान हो, मगर बतौर कपल आप एक हो जाते हैं. जो कपल ङ्गमैंफ से ऊपर नहीं उठ पाते उनके रिश्ते में मुश्किलें आ ही जाती हैं और वो अपने रिश्ते से ख़ुश नहीं रहते. बातचीत या बहस के दौरान मैं की बजाय हम जैसे शब्दों का इस्तेमाल करनेवाले पति-पत्नी अन्य कपल्स की तुलना में ज़्यादा संतुष्ट और ख़ुश रहते हैं. रिश्तों की सफलता के लिए अब से आप भी मैं की बजाय हम कहना सीख जाइए.
क्या कहती है स्टडी?
जो कपल्स हम, हमारा जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, उनके बीच प्यार ज़्यादा होता है. उनके रिश्ते में ग़ुस्से और नेगेटिव बिहेवियर के लिए जगह नहीं होती. किसी मुद्दे पर सहमत न होने की स्थिति में उनका साइकोलॉजिकल स्ट्रेस लेवल भी कम होता है. वहीं यदि कपल्स मैं, तुम, मैंने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो ये उनके बीच अलगाव और असंतुष्टि को दर्शाता है.

सकारात्मक सोच

ज़िंदगी के हर मोर्चे पर सफलता के लिए सकारात्मक सोच जितनी ज़रूरी है, उतनी ही ज़रूरी रिश्ते की सफलता के लिए भी है. पॉज़िटिव इंसान ये नहीं सोचता कि उसके पास क्या नहीं है, बल्कि जो है उसके लिए वो भगवान का शुक्रिया अदा करके ख़ुश रहता है. अपने रिश्ते को पॉज़िटिव बनाए रखने के लिए पार्टनर के प्रति आभार व्यक्त करें, एक-दूसरे की क़ामयाबी का साथ मिलकर जश्‍न मनाएं, फन एक्टिविटी साथ में एन्जॉय करें, पार्टनर को स्पेशल फील कराएं.
क्या कहती है स्टडी?
सकारात्मक सोच रखने वाले कपल्स के रिश्ते मज़बूत बनते हैं और वो पार्टनर से संतुष्ट भी रहते हैं. सकारात्मक सोच का मतलब ये नहीं है कि वो समस्याओं को नज़रअंदाज़ करते हैं, बल्कि सकारात्मक सोच से उनके विचारों को विस्तार मिलता है, जिससे दोनों मिलकर किसी भी समस्या का आसानी से हल निकाल लेते हैं.

बेड पर रहें बेस्ट

हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए एक्टिव सेक्स लाइफ बेहद ज़रूरी है. जो कपल्स सेक्सुअली कम एक्टिव होते हैं, वो अपने रिश्ते से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं रहते. वहीं दूसरी ओर सेक्सुअली एक्टिव पति-पत्नी का रिश्ता मज़बूत व संतुष्ट रहता है. कुछ लोगों को लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ सेक्स लाइफ का रोमांच कम हो जाता है, जबकि ऐसा नहीं है. इसके विपरीत ङ्गप्रैक्टिस मेक्स मैन परफेक्टफ की तर्ज पर कपल्स की सेक्स लाइफ बढ़ती उम्र के साथ और परफेक्ट होती जाती है.
क्या कहती है स्टडी?
30, 40 की बजाय 50 साल की उम्र में पुरुष अपनी सेक्स लाइफ को ज़्यादा एन्जॉय करते हैं, जिससे पार्टनर के साथ उनका रिश्ता भी मज़बूत बनता है.

थैंक्यू कहना भी है ज़रूरी

छोटा-सा शब्द थैंक्यू आपके रिश्ते के लिए बहुत अहम् साबित हो सकता है. ज़रा याद करिए, शादी के शुरुआती दिनों में पार्टनर द्वारा कोई काम करने पर जब आप उन्हें थैंक्यू कहते थे, तो कैसे उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर जाती थी. पति-पत्नी यदि एक-दूसरे की मदद की एवज़ में एक-दूसरे के प्रति आभार प्रकट करें, तो निश्‍चय ही ये उनके रिश्ते को सकारात्मक दिशा में ले जाता है और उनके बीच बॉन्डिंग गहरी होती है. अतः इस छोटे शब्द को छोटा समझने की भूल न करें और झट से हमसफ़र को थैंक्यू कहकर स्पेशल फील कराएं.
क्या कहती है स्टडी?
दिल से पार्टनर को कहा गया थैंक्यू शादीशुदा ज़िंदगी को ख़ुशहाल और नई ऊर्जा से भर देता है. जब कपल्स के बीच किसी तरह का मनमुटाव होता है, तो ऐसे नकारात्मक माहौल में किसी छोटी-सी बात के लिए भी दिल से बोला गया थैंक्यू रिश्ते के लिए मरहम का काम करता है.

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साथ हंसना भी है फ़ायदेमंद

हंसना भला कौन नहीं चाहता और हंसी से तनाव भी घटता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पार्टनर के साथ किसी बात/जोक पर हंसना आपके रिश्ते की सेहत के लिए भी अच्छा है? अतः अकेले में कोई जोक/मैसेज पढ़कर मुस्कुराने की बजाय उसे पार्टनर के साथ शेयर करें और दोनों दिल खोलकर हंसें. इससे सेहत और रिश्ता दोनों बने रहेंगे.
क्या कहती है स्टडी?
साथ हंसने वाले कपल्स का रिश्ता मधुर और मज़बूत होता है. अध्ययन के अनुसार, ऐसे कपल्स एक-दूसरे के प्रति ज़्यादा समर्पित और संतुष्ट रहते हैं. कपल्स का एक साथ हंसना उनके रिश्ते की गहराई और अपनेपन को बढ़ाने के लिए टॉनिक का काम करता है. अध्ययन से ये भी साबित हुआ है कि जो पुरुष पार्टनर अपनी हमसफ़र को हंसने के लिए प्रेरित करते हैं उनका पार्टनर से गहरा लगाव होता है.

– कंचन सिंह

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7 मज़ेदार वजहें: जानें क्यों होती है कपल्स में तू तू-मैं मैं?(7 Funny Reasons: Why Couples Fight?)

शायद ही कोई ऐसा कपल हो जिनके बीच लड़ाई-झगड़े न हों, क्योंकि जहां प्यार होता है वहीं तक़रार भी होती है, मगर ये तक़रार एक सीमा तक रहे तो ही अच्छा है, वरना रिश्ते में दरार पड़ने लगती है. आमतौर पर किन बातों पर झगड़ते हैं कपल्स? आइए, हम बताते हैं.

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नहीं देते स्पेशल ट्रीटमेंट

अक्सर पत्नियों को ये शिकायत रहती है कि व़क्त के साथ उनके पति बदल गए हैं. रीता कहती हैं, ङ्गङ्घशादी के बाद कुछ महीनों तक मेरे पति कभी अचानक कोई ट्रिप/डिनर प्लान करके या गिफ्ट देकर मुझे स्पेशल फील कराते थे, मगर अब ऐसा नहीं करते. अब तो मुझे ये भी याद नहीं कि पिछली बार उन्होंने मुझे कब गिफ्ट दिया था.फफ दरअसल, महिलाओं को सरप्राइज़ पसंद है, भले ही वो कोई छोटा-मोटा गिफ्ट ही क्यों न हो, इससे उन्हें अपने ख़ास होने का एहसास होता है.
स्मार्ट टिप: यदि आप भी पत्नी को ख़ुश रखना चाहते हैं, तो उन्हें दोबारा सरप्राइज़ देना शुरू कर दीजिए.

छुट्टी के दिन भी बस काम

कई बार डिमांडिंग जॉब या टारगेट पूरा करने के चक्कर में पति महोदय संडे के दिन भी ऑफिस चले जाते हैं और उनकी इस हरक़त पर पत्नी नाराज़ हो जाती है. संजना को भी अपने पति से यही शिकायत है. वो कहती हैं, ङ्गङ्घपूरे हफ़्ते मैं संडे का ही तो इंतज़ार करती हूं ताकि हम दोनों साथ समय बिता सकें. हम दोनों वर्किंग हैं इसलिए हमारे पास बस यही एक दिन बचता है, मगर मेरे पति संडे को भी अक्सर ऑफिस चले जाते हैं. इस बात को लेकर हमारे बीच कई बार झगड़ा हो चुका है.फफ जनाब, यदि आप संडे भी ऑफिस के नाम कर देंगे, तो बीवी का आपसे झगड़ना जायज़ है.
स्मार्ट टिप: काम के साथ रिश्तों को मैनेज करना भी ज़रूरी है. बेहतर होगा कि आप संडे का दिन पत्नी के नाम कर दें, वरना करियर ग्राफ भले ऊपर चला जाए, आपके प्यार का ग्राफ नीचे आ जाएगा.

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सामान इधर-उधर कर देना

ज़्यादातर पुरुषों की आदत होती है कि जो चीज़ जहां से उठाई है, उसे वहीं रखने की बजाय अपनी सुविधानुसार कहीं भी फेंक देते हैं और जब दोबारा ज़रूरत पड़ने पर वो चीज़ नहीं मिलती, तो पत्नी पर चिल्लाने लगते हैं. उनकी इस आदत पर पत्नी चिढ़ जाती है और दोनों में फिर नोंकझोंक शुरू हो जाती है. इसी तरह पति के गीला तौलिया बेड पर रखने और सॉक्स उतारकर किसी कोने में फेंक देने की आदत से भी पत्नी परेशान रहती है.
स्मार्ट टिप: बेहतर होगा कि कोई भी सामान इस्तेमाल करने के बाद उसे वहीं पर रखें, जहां से उठाया था. हर चीज़ को जगह पर रखने से अगली बार उसे ढूंढ़ने में आपको दिक्क़त नहीं होगी और पत्नी भी ख़ुश रहेगी.

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प्यार गुज़रे ज़माने की बात हो गई

शादी के कुछ साल बाद अधिकांश पति-पत्नी के बीच झगड़े की एक वजह ये भी होती है कि उनके रिश्ते से रोमांस ख़त्म हो गया है. पत्नी को लगता है कि पति परिवार और ऑफिस के काम के बीच उसे भूल चुके हैं और अब वो प्यार नहीं जताते. शादी के शुरुआती दिनों वाला उनका रोमांटिक पार्टनर कहीं खो गया है. इस बात को लेकर भी अक्सर दोनों के बीच बहस छिड़ जाती है. रूपाली कहती हैं, ङ्गङ्घपहले मेरे पति बहुत रोमांटिक थे, मगर अब तो ऐसा लगता है कि वो मुझपर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते. यदि कभी मैं अच्छी तरह तैयार होती हूं, तो भी मुझे नोटिस नहीं करते और न ही कभी उनकी बातों में प्यार झलकता है.
स्मार्ट टिप: माना आपके पास बहुत काम व ज़िम्मेदारियां हैं, मगर रिश्ते की ताज़गी बनाए रखने के लिए आपका रोमांटिक बने रहना ज़रूरी है.

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दोस्तों के साथ ज़्यादा समय बिताना

कई पुरुष छुट्टी के दिन पहले ही दोस्तों के साथ प्लान बनाकर कहीं निकल जाते हैं या फिर उनके साथ कोई गेम खेलते रहते हैं. वे फैमिली के बारे में नहीं सोचते. ये भी नहीं सोचते कि पत्नी और बच्चों को उनके साथ की ज़रूरत है. ऐसे में पत्नी से बहस होना लाज़मी है.
स्मार्ट टिप: आपको दोस्तों के साथ ज़रूर एंजॉय करना चाहिए, मगर पत्नी और बच्चों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी भी याद रखें. अब ये आप पर है कि आप दोस्तों व परिवार के बीच बैलेंस कैसे बनाते हैं.

पैरेंट्स के आने पर मायूस दिखना

पति-पत्नी के बीच लड़ाई की ये भी एक वजह होती है. आमतौर पर पति को लगता है कि उसके माता-पिता या रिश्तेदारों के आने पर पत्नी ख़ुश नहीं होती, वो मुंह लटकाए सब काम करती है. इसी तरह पत्नी को ये शिकायत रहती है कि उसके मायकेवालों के आने पर पति ख़ुश नहीं होते. बस, इसी बात पर हो जाती है दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं.
स्मार्ट टिप: दोनों यदि एक-दूसरे के पैरेंट्स को अपना समझें और उनका दिल से स्वागत करें, तो सारी परेशानी दूर हो जाएगी.

आज फिर से वही खाना

महिलाओं के लिए, ख़ासकर कामकाजी महिलाओं के लिए रोज़ाना लंच और डिनर में क्या बनाएं ये तय करना बहुत मुश्किल काम होता है. कई बार वो समझ नहीं पातीं कि क्या बनाएं और एक ही डिश रिपीट कर देती हैं, तो पति महोदय का मुंह बन जाता है, ङ्गङ्घये क्या, आज भी वही बोरिंग खाना बनाया है तुमने, कुछ और नहीं बना सकती थी?फफ पति की ऐसी बातों पर अक्सर दोनों के बीच बहसबाज़ी शुरू हो जाती है.
स्मार्ट टिप: पति महोदय को ये समझना चाहिए कि हो सकता है, पत्नी थक गई हो या उसका मूड ठीक न हो, इसलिए डिश रिपीट कर दी. अतः इस बात को तूल देने की बजाय नज़रअंदाज़ करना चाहिए.

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सेक्स रिसर्च: सेक्स से जुड़ी ये 20 Amazing बातें, जो हैरान कर देंगी आपको (Sex Research: 20 Amazing sex facts that will surprise you)

Sex facts in hindi

सेक्स को लेकर समय-समय पर रिसर्च होते रहते हैं और इन रिसर्च में बड़े ही दिलचस्प बातें पता चलती हैं. यहां हम कुछ ऐसी ही दिलचस्प बातें बता रहे हैं.

Sex facts in hindi
1. सप्ताह में दो या तीन बार सेक्स करनेवाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ जाती है.
2. एक सर्वे के अनुसार 60 प्रतिशत पुरुष चाहते हैं सेक्स के लिए औरत पहल करे.
3. एक अमेरिकन न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार 50 प्रतिशत लोग विवाह तक वर्जिन रहना चाहते हैं, जबकि 39 प्रतिशत लोगों का विचार था कि शादी के बंधन में बंधने से पहले सेक्स का जितना हो सके, उतना आनंद उठा लेना चाहिए.
4. सेक्स के दौरान हार्ट अटैक से मरने वाले पुरुषों में से 85 % पुरुष ऐसे होते हैं, जो अपनी पत्नी को धोखा दे रहे होते हैं.
5. जिन लोगों को नींद आने की शिकायत हो, उसके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छभ नींद आती है. रिसर्च के अनुसार ये नींद वाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज्यादा कारगर है.
6. औसतन इंसान अपनी पूरी ज़िंदगी में से लगभग दो ह़फ़्ते किस करने में बिताता है
7. हर पुरुष हर सात सेकंड में कम से कम एक बार सेक्स के बारे में ज़रूर सोचता है.
8. मोटापा घटाना चाहते हैं तो सबसे आसान और बेहतरीन उपाय है सेक्स का आनंद लें, क्योंकि सेक्स से तेजी से कैलोरी बर्न होती है.
9. 25 % महिलाएं सोचती हैं कि पुरुष पैसों से सेक्सी बनता है.
10. कुछ शेर दिन में 50 बार सेक्स करते हैं.

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11. क्या आप जानते हैं कि इंसान और डॉल्फिन ही मात्र ऐसे हैं, जो आनंद के लिए सेक्स करते हैं.
12. सांप को दो सेक्स ऑर्गन होते हैं.
13. चूहे दिन में 20 बार तक सेक्स का आनंद उठा सकते हैं.
14. ज्यादा सेक्स करनेवाले पुरुषों की दाढी अपेक्षाकृत तेज़ी से बढती है.
15. लेटेक्स कंडोम की औसत लाइफ़ 2 साल होती है.
16. सेक्स करने से प्रति घंटे 360 कैलोरी बर्न होती है.
17. 20 प्रतिशत पुरुषों को ओरल सेक्स से आनंद आता है, जबकि 6 प्रतिशत महिलाओं को ये महज फोरप्ले का हिस्सा लगता है.
18. अमेरिका में 12-15 साल के किशारों में ओरल सेक्स का चलन तेज़ी से बढ रहा है और मजेदार बात तो ये है कि वो इसे सेक्सुअल क्रिया मानते ही नहीं.
19. रोमांटिक उपन्यास पढनेवाली औरतें ऐसे उपन्यास न पढनेवाली औरतों की तुलना में सेक्स का ज्यादा आनंद उठा सकती हैं.
20. सेक्स पेनकिलर का काम तो करता ही है, साथ ही ये तीन तरह से और फ़ायदेमंद है-
– ये माहवारी के समय होनेवाली तकलीफ़ों को कम करता है.
– माइग्रेन का ददर्र् उठने पर सेक्स करने से फौरन राहत मिल जाती है.
– ह़फ़्ते में दो बार सेक्स करनेवाले लोगों के शरीर में इम्यूनोग्लोब्यूलिन ए की मात्रा ज्यादा पाई जाती है, जो सर्दी से शरीर को सुरक्षा करता है.

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15 इफेक्टिव रेज़ोल्यूशन हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए (15 Most Effective Resolution for Happy Married Life)

Married Life

कल थे अजनबी, आज हमसफ़र हैं… दिलों की नज़दीकियां हैं, तो सोच के फ़ासले भी कम नहीं… क्यों न कुछ ऐसा करें, कुछ तुम बढ़ो, कुछ हम बढ़ें… इसके लिए आपको कुछ रिज़ोल्यूशन यानी संकल्प भी बनाने होंगे, ताकि वैवाहिक जीवन ताउम्र ख़ुशहाल बना रहे.

 

Married Life

ज़िंदगी के सफ़र में आपके हाथों में किसी का हाथ हो और हर क़दम किसी का साथ मिल जाए, तो ज़िंदगी कितनी ख़ुशगवार हो जाती है. अब इसे प्रकृति का नियम कहें या हमारी ज़रूरत, लेकिन ज़िंदगी जीने के लिए हर किसी को एक साथी की ज़रूरत होती है. और यदि अपने जीवनसाथी के साथ ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन बिताना है, तो कुछ रिज़ोल्यूशन भी बनाने होंगे. यहां पर हम आपको ऐसे ही 15 रिज़ोल्यूशन बता रहे हैं, जिन्हें निभाने के बाद आपके रिश्तों में जीवनभर मिठास बनी रहेगी.

1. शादी के सातों वचन निभाने का रिज़ोल्यूशनः अपनी शादी के दिन को कभी न भूलें. यह आपको हमेशा याद दिलाएगा कि आपने शादी के समय क्या वचन लिए थे. उन सातों वचनों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध रहें. ख़ुद से वादा करें कि मैं अपने साथी के साथ किए गए विवाह की वजह अर्थात् प्रेम को कभी नहीं भूलूंगा या भूलूंगी. इसके लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि अपनी शादी का वीडियो साथ बैठकर देखें.

2. कम्युनिकेशन बनाए रखने का संकल्पः संवाद स़िर्फ शादीशुदा रिश्ते के लिए ही नहीं, बल्कि हर रिश्ते के लिए जादू का काम करता है. रिलेशनशिप एक्सपर्ट रेवा जोशी बताती हैं कि संवादहीनता वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी समस्या है. यदि आप अपने पार्टनर से नाराज़ हैं या उनसे आपकी कुछ अपेक्षाएं हैं, तो अपने साथी से प्रत्यक्ष बात करें. उनसे जुड़ी अपनी शिकायतें उनसे ही शेयर करें. उन्हें किसी और के साथ न बांटें, वरना आप दोनों के बीच में ग़लतफ़हमियां बढ़ेंगी. वैवाहिक जीवन में छोटे-मोटे झगड़े-शिकायतें सामान्य हैं और इन्हें बातचीत द्वारा ही सुलझाया जा सकता है, पर संवादहीनता धीरे-धीरे आपके रिश्ते मेें बिखराव उत्पन्न कर देती है.

3. अपने साथी को समय देनाः आज की जीवनशैली में यह रिज़ोल्यूशन सबसे महत्वपूर्ण है, वहीं इसे निभा पाना शायद आपके लिए सबसे ज़्यादा मुश्किल होगा. शहरी कपल्स की यह बहुत बड़ी समस्या है. यह सच्चाई है कि करियर व पैसे की भागदौड़ में दोनों को साथ बैठकर बातें करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता, लेकिन शायद आप नहीं जानते कि आप इसकी क्या क़ीमत चुका रहे हैं? आप दोनों के बीच समय की कमी मीलों के फ़ासले बना रही है. स़िर्फ साथी को समय देना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसे क्वालिटी टाइम देना भी ज़रूरी है. अर्थात् जब आप अपने साथी के साथ हों, तब आप अपने तनावों के साथ न बैठें,बल्कि अपना पूरा ध्यान उसी पर केंद्रित करें. पार्टनर को ऑफ़िस ड्रॉप करें, उसे लेने जाएं या छुट्टी का पूरा दिन साथ बिताएं. अपने हर पल में अपने साथी को शामिल करने की कोशिश करें.

4. झगड़ों के समय संयम न खोनाः झगड़े वैवाहिक जीवन का अभिन्न अंग हैं, पर झगड़े के समय अपना संयम और विवेक न खोएं. ज़्यादातर समस्याएं इसलिए होती हैं, क्योंकि झग़ड़ते समय हम क्या कह रहे हैं, इस पर हमारा नियंत्रण नहीं होता है. लेकिन बाद में जब झगड़ा ख़त्म हो जाता है या यूं कहें कि हम शांत हो जाते हैं, तो हमें अपने किए पर पछतावा होता है. झगड़ते समय साथी या उसके रिश्तेदारों को अपशब्द न कहें, न ही किसी प्रकार की मार-पीट करें. नोंक-झोंक आपके रिश्ते में नमक का काम करती है, जो आपके रिश्ते का स्वाद बढ़ाती है, पर अगर नमक ज़रूरत से ज़्यादा पड़ जाए, तोे पूरा स्वाद ख़राब हो जाता है.

5. स्पर्श का जादू चलाने का वादाः व्यस्तता के बावजूद छोटे-छोटे पल चुराकर अपने साथी को स्पर्श करना न भूलें. यकीन मानिए, आपकी इस तरह की शरारतों का पार्टनर कभी भी बुरा नहीं मानेंगे, बल्कि मन ही मन ख़ुश होंगे. याद रखिए, आपके द्वारा दिया गया एक आलिंगन या उंगलियों की छुअन आपके साथी को आपके प्यार के बंधन में बांधे रखेगी और हर तनाव से मुक्त कर नया आत्मविश्‍वास पैदा करेगी.

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6. मान-सम्मान देनाः आप हमेशा अपने साथी से मान-सम्मान की अपेक्षा करते हैं, पर इसके लिए आपको सबसे पहले अपने साथी को भी आदर देना होगा. उसकी भावनाओं का सम्मान करना होगा. उससे जुड़े अन्य लोगों का भी सम्मान करना होगा.

7. ग़लती को माफ़ करनाः यदि आपका साथी अपनी किसी ग़लती को स्वीकारने आपके पास आया है, तो कभी भी उसे रिजेक्ट करने या उस पर ग़ुस्सा करने की ग़लती न करें, क्योंकि आपके ऐसा करने पर वह फिर कभी भी आपसे सच कहने या माफ़ी मांगने की हिम्मत नहीं कर पाएगा. उसे समझें और माफ़ कर दें. यह न भूलें कि क्षमा करके जीवन में आगे बढ़ जाने में ही समझदारी है.

8. अभिमान न करनाः वैवाहिक जीवन में अभिमान या ईगो कभी न आने दें. चाहे आप अपने साथी से ज़्यादा कमाते हों, ज़्यादा सुपीरियर हों, ज़्यादा पढ़े-लिखे हों, पर किसी बात का ईगो न पालें, न ही घमंड करें. ईगो प्रेम और विश्‍वास को ख़त्म कर देता है.

9. शक न करनाः यदि आपके साथी का कोई स्त्री या पुरुष मित्र है, तो परेशान न हों. अगर किसी वजह से पार्टनर को ऑफ़िस से आने में देरी हो जाए, तो तुरंत अपने शक की सुई उसे न चुभोएं. रिएक्ट करने से पहले देरी से आने की वजह सुन लें. शक करना बहुत आसान है, पर विश्‍वास करना बहुत ही मुश्किल, लेकिन याद रखें विश्‍वास आपको ख़ुशहाल ज़िंदगी की ओर ले जाएगा.

10. अपमान न करनाः आप दोनों के रिश्ते के उतार-चढ़ाव नितांत निजी हैं. उसे बाकी लोगों के सामने न आने दें. अपने साथी को कभी किसी के सामने अपमानित न करें. ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे उनका स्वाभिमान आहत हो. आपको एक-दूसरे का साथ देना है, न कि लोगों के सामने एक-दूसरे को नीचा दिखाना है. यदि आप अपने साथी को उनकी किसी ग़लती का एहसास कराना चाहते हैं, तो इसके लिए उन्हें लोगों के सामने शर्मिंदा न करें, बल्कि अकेले में बताएं.

11. ज़िम्मेदारियों से न बिदकने का संकल्पः शादीशुदा ज़िंदगी में स़िर्फ पति-पत्नी ही नहीं होते, बल्कि धीरे-धीरे कई सारी ज़िम्मेदारियां भी आ जाती हैं, जैसे- बच्चों की ज़िम्मेदारी, माता-पिता की ज़िम्मेदारी आदि. ऐसी कोई भी ज़िम्मेदारी आने पर पीछे न हटें, बल्कि उन्हें निभाने में अपने साथी का साथ दें.

12. छुट्टियों पर जानाः अपनी व्यस्त जीवनशैली से कुछ समय निकालकर कुछ दिन अपने साथी के साथ छुट्टियों पर ज़रूर जाएं. सेकंड हनीमून प्लान करने में भी कोई बुराई नहीं है.

13. पार्टनर को नज़रअंदाज़ न करनाः अपने जीवन के हर छोटे-बड़े ़फैसले में अपने साथी को शामिल करें. कहीं पर या कभी भी उसे नज़रअंदाज़ न करें. उन्हें बताएं कि आपके लिए वे कितने महत्वपूर्ण हैं.

14. बहुत प्यार करने का वादाः याद रखिए, चाहे जितने झगड़े या वाद-विवाद हों, दिन के आख़िर में जीत आपके प्यार की होनी चाहिए. अपने आपसी मतभेद सोने से पहले सुलझाने की कोशिश करें. कभी भी अपने झगड़ों के साथ सोने न जाएं. याद रहे, आपके प्रेम से ज़्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है.

15. सारे रिज़ोल्यूशन निभाने का रिज़ोल्यूशनः यह संकल्प सबसे ज़रूरी है. हमेशा ख़ुद से किए हर वादे या संकल्प को याद रखें और उसे पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करें.

– विजया कठाले निबंधे

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7 टाइप के किस: जानें कहां किसिंग का क्या होता है मतलब?(7 different Kisses and their hidden Meaning)

प्यार के इज़हार का ख़ूबसूरत तरीका है किस यानि चुंबन. लेकिन क्या आप जानते हैं चुंबन की भी ज़बान होती है. आप किस अंग पर किस करते हैं, उससे आपकी फीलिंग का पता चलता है.

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माथे पर चुंबन

माथे पर चुंबन आपकी घबराहट दूर करता है और आपके अंदर आत्मविश्वास जगाता है. इसलिए रिश्तों के आरंभ में आत्मीयता बढ़ाने के लिए लोग अपने साथी का माथा चूमते हैं.

गाल पर चुंबन

गाल पर चुंबन का मतलब शारीरिक संबंध की ओर बढ़ना नहीं, बल्कि प्रेम और वात्सल्य का इज़हार भी होता है. इसीलिए गाल पर मर्यादित चुंबन किसी के प्रति आपका स्नेह दर्शाता है.

कॉलरबोन पर चुंबन

कॉलरबोन यानी गले और छाती के जोड़ पर चुंबन आत्मीयता का प्रतीक माना जाता है. इसका मतलब यह भी होता है कि रिश्ते को अगले चरण में ले जाने के लिए मन से पूरी तरह तैयार है.

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कान पर चुंबन

कान पर चुंबन यानी रिश्ते के अगले चरण में पहुंच जाना है, जहां आप अपने साथी से हास-परिहास कर सकते हैं. इस तरह के चुंबन में एक तरह से अक्सर शरारत का भी आभास होता है.

हाथ पर चुंबन

हाथ पर चुंबन जिसे आप प्रेम करते हैं, उसके हाथ पर होंठ रखकर चुंबन लेते हैं. हाथ पर चुंबन किसी की प्रशंसा में भी लिए जाते हैं. कभी-कभी अच्छी भावना व्यक्त करने के लिए हाथ चूम लेते हैं.

होंठ पर चुंबन

होंठ पर चुंबन बेहद संवेदनशील होता है. आमतौर पर आप जिसे प्रेम करते हैं उसके होंठों का चुंबन लेते हैं. इसके अलावा किसी दोस्त के होंठ का चुंबन लेने का मतलब आप उसके साथ डेट पर जाने के लिए तैयार हैं.

चुंबन व टाइट आलिंगन

चुंबन व टाइट आलिंगन जिसे दिलोजान से चाहते हैं उसका करते हैं. होंठों का गहरा मिलन और साथी का कसकर आलिंगन यह भी इंगित करता है कि आप मोहब्बत के चरम अवस्था पर जाने के लिए तन और मन से तैयार हैं.

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किस थेरेपीः Kiss के 11 Amazing हेल्थ बेनीफिट्स (Kiss therapy: 11 Amazing Health Benefits of Kiss)

मुहब्बत के इज़हार का ख़ूबसूरत तरीका है किस यानि चुंबन. किस दो प्यार करनेवालों को और क़रीब लाने में मदद करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं किस के कई हेल्थ बेनीफिट्स भी हैं और कई शोधों से ये बात साबित भी हो चुकी है.

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1. स्ट्रेस दूर करता है

किसिंग के दौरान स्त्री-पुरुष शरीर में कोर्टिज़ोल हार्मोन का स्तर कम होता है और दिमाग़ में सेरोटोनिन हार्मोन में बढ़ोतरी होने लगती है. चूंकि स्ट्रेस के लिए ये दोनों हार्र्मोेन्स ज़िम्मेदार होते हैं, इसलिए कोर्टिज़ोल हार्मोन के कम होने और दिमाग़ में सेरोटोनिन हार्मोन बढ़ने से शरीर का तनाव दूर हो जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इतना ही नहीं, चुंबन तनाव के लिए ज़िम्मेदार ऑक्सीटोसिन हार्मोन के स्तर को कम करके चिंता को भी दूर कर देता है.

2. दिल को रखे तंदुरुस्त

चुंबन के दौरान शरीर में एड्रेनालिन नाम का हार्मोन बनता है जो दिल के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद होता है. चुंबन रक्त में एपिनेफ्रीन भी छोड़ता है, जिसके कारण दिल में रक्त का संचार बहुत तेज़ी से होता है. चुंबन पूरे शरीर में रक्त संचार के लिए दिल की मदद करता है. इससे ब्लडप्रेशर कम करने और शरीर में रक्त संचार ठीक रखने में मदद मिलती है. तो अब न सिर्फ़ दिल को ख़ुश करने, बल्कि इसे सेहतमंद रखने के लिए किस करें.

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3. इम्यूनिटी को सुधारे

चुंबन संक्रमण से लड़ने वाले एंटीबॉडीज़ बढ़ाता है, जिससे रक्त में हिस्टामाइन भी बढ़ता है. यह छींक व आंसू या सूजन के रूप में दिखता है. इन क्रियाओं का मतलब शरीर वायरस या बैक्टीरिया से लड़ रहा है. इससे इम्यून सिस्टम बहुत मज़बूत होता है. यह महिलाओं को मसाइटोमेगालोफ वायरस से बचाने में मदद करता है जो गर्भावस्था में शिशु को जन्मजात अंधा बना सकता है. यह वायरस केवल गर्भवती महिलाओं को नुकसान पहुंचाता है.

4. रखे हमेशा फिट

जब स्त्री-पुरुष के होंठ एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं, तब दिल की धड़कन बहुत तेज़ हो जाती है. उस समय दिल एड्रेनालाइन हार्मोन या एपिनेफ्रीन के साथ न्यूरोट्रांसमीटर रक्त में रिलीज़ करता है. एड्रेनालाइन के स्तर में बढ़ोतरी से मेटाबॉलिज़्म दर भी बढ़ती है, जो ज़्यादा कैलोरी बर्न करने में मदद करता है. क़रीब एक मिनट के किस के दौरान दो से तीन कैलोरी बर्न होती है. हर पैशनेट किस से 8 से 16 कैलोरीज़ बर्न की जा सकती है.

5. चेहरे पर ग्लो लाता है

एक किसिंग सेशन से टिश्यूज़ टाइट व टोन्ड होते हैं और पूरे चेहरे में रक्त संचार तेज़ी से होता है. इसके फलस्वरूप त्वचा ख़ूबसूरत हो जाती है. किस सेशन के समय ओर्बिचुलारिस ओरिस नाम का हार्मोन सबसे ज़्यादा सक्रिय रहता है जो चेहरे से जुड़े अंगों को टोन करते हैं, जिससे आप लंबे समय तक यंग नज़र आते हैं.

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6. दांतों को बनाए चमकीला

चुंबन दांतों की सफ़ाई करने का सबसे सहज, सरल और नैसर्गिक तरीक़ा है. किस सेशन के दौरान मुंह के अंदर जो लार बनती है, वह अपने एसिडिक गुणों के कारण दांतों पर जमे प्लाक को तोड़ने और दांतों में कैविटी बनने से रोकता है, क्योंकि लार आपके दांतों में फंसे खाने के टुकड़ों को साफ़ करके दांतों को सड़ने से रोकता है. जो लोग मोतियों जैसे सफ़ेद दांतों की ख़्वाहिश रखते हैं, उनके लिए किस फ़ायदेमंद है. किस दांतों मेें कैविटी भरते हैं और बैक्टीरिया ख़त्म करते हैं.

7. दर्द को करे कम

किस से शरीर में एड्रेनालाइन हार्मोन बनता है जो दर्द की कम करने में मददगार होता है और इसके साथ-साथ शरीर एंडोर्फिन नामक नेचुरल केमिकल को शरीर में छोड़ता है जो दर्द कम या दूर करने के लिए मॉर्फिन जैसी नशीली दवाई से ज़्यादा पावरफुल होती है.

8. लंबी उम्र के लिए करें किस

हर महिला अपने पति को सुबह के समय गुडबाय किस देकर उनकी ज़िंदगी के पांच साल बढ़ा सकती है. जर्मन चिकित्सकों और मनोवैज्ञानिकों के समूह ने दावा किया है कि शादीशुदा पुरुष अगर सुबह के समय अलविदा किस अपने पार्टनर को दें, तो उनका जीवन उन शादीशुदा पुरुषों से ज़्यादा लंबा होता है जो सुबह के समय अपने पार्टनर को अलविदा किस नहीं देते.

9. मनोदशा में सुधार

चुंबन डोपामाइन और सेरोटोनिन हार्मोन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे मूड अच्छा होता है और भावनात्मक उथल-पुथल शांत होती है. अगर आपका मन ठीक नहीं है, तो अपने पार्टनर के साथ जमकर एक किस सेशन कीजिए. आप फ्रेश फील करने लगेंगे.

10. संबंधों में प्रगाढ़ता

चुंबन दो लोगों के आपसी रिश्ते को बहुत ज़्यादा मज़बूत और मधुर बनाता है. इसीलिए जब भी हम चुंबन लेते हैं, तब पुरुष और महिला दोनों के शरीर में ऑक्सीटोसिन हार्मोन बहुत तेज़ी से बनता है. इसीलिए इस हार्मोन को लव हार्मोन भी कहते हैं, क्योंकि यह अपोज़िट सेक्स के बीच रिश्ते को और गहरा करता है. संबंध अच्छे होने पर आदमी ख़ुश रहता है और स्वस्थ रहने के लिए ख़ुश होना पड़ता है.

11. दांपत्य जीवन करे सफल

पति-पत्नी के बीच मन-मुटाव के बाद सुलह के लिए किस सबसे बढ़िया ज़रिया है. जो दंपति हमेशा एक-दूसरे को किस करते रहते हैं, उनकी शादीशुदा ज़िंदगी बहुत अच्छी चलती है. जब चुंबन लेते हैं, तब दोनों के शरीर एक-दूसरे के साथ संवाद करने लगते हैं. विवाह के लिए और विवाह के बाद हेल्दी बच्चों के लिए भी किसिंग सेशन बहुत ज़रूरी है.

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सेफ सेक्स के 20 + असरदार ट्रिक्स (20 + Effective Tricks For Safe Sex)

सेफ सेक्स न सिर्फ आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ से बचाता है, बल्कि आप अनवॉन्टेड प्रेग्नेंसी से भी सुरक्षित रहती हैं, इसलिए ज़रूरी कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल.

Romantic Couple Kiss
– सेफ सेक्स के लिए कंडोम को सबसे बेहतरीन उपाय माना जाता है. कंडोम न केवल आपको अनचाहे गर्भ से बचाता है, बल्कि इंफेक्शन, एचआईवी/एड्स या फिर अन्य सेक्सुअल डिसीज़ से भी आपका बचाव करता है.
– यदि सेक्सुअल रिलेशन में लुब्रिकेटेड कंडोम का इस्तेमाल करें, तो ज़्यादा अच्छा है. लुब्रिकेशन न केवल कंडोम को फटने से बचाता है, बल्कि इसे इस्तेमाल करना भी आसान होता है.
– ध्यान रहे कि एक समय में एक ही कंडोम पहनें, दो कंडोम पहनने से आपको नुक़सान हो सकता है.
– ओरल सेक्स से बचें, क्योंकि इससे कई तरह के इंफेक्शन्स होने का ख़तरा रहता है. कई ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं, जब ओरल सेक्स से व्यक्ति को कैंसर व सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ हुई हैं.
– यदि आप गर्भनिरोधक के रूप में कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ले रही हैं, तो इसे कभी भी मिस न करें. यानी इसे रेग्युलर नियत समय पर लेना न भूलें. हां, यदि कभी एक दिन मिस हो जाए, तो दूसरे दिन दो पिल्स एक साथ ले लें. फिर दोबारा नियमित रूप से पिल्स लेती रहें.
– आमतौर पर पीरियड्स के दौरान सेक्स करना सेफ माना जाता है, क्योंकि इस दौरान कंसीव करने के चांस कम होते हैं. लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होता है, ख़ासतौर से तब जब आपका मेन्स्ट्रुअल साइकल छोटा हो. इसलिए महिलाएं पीरियड्स के सर्कल को समझते हुए दिनों को कैलकुलेट करके अनचाहे गर्भ से सुरक्षित रह सकती हैं.
– सेफ सेक्स के रूप में कुछ कपल्स एक तरीक़ा ऐसा भी अपनाते हैं, जिसमें मेल पार्टनर ऑर्गेज़्म के समय बाहर ही डिस्चार्ज कर देता है. लेकिन यह तरीक़ा भी अधिक सुरक्षित नहीं है. कई बार पुरुष एक्साइटमेंट के समय यह जान ही नहीं पाते कि उनके प्राइवेट पार्ट के आगेवाले हिस्से पर वीर्य गिर चुका होता है व उसमें शुक्राणु हो सकते हैं, जिससे शायद प्रेग्नेेंसी भी हो सकती है.
– सेफ सेक्स के रूप में गर्भनिरोधकों के बारे में तो सभी बहुत कुछ जानते होंगे, पर कुछ ऐसे गर्भनिरोधक भी हैं, जिनका इस्तेमाल अनसेफ सेक्स के बाद भी प्रभावकारी होता है, जिसे इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव कहते हैं.
हाल ही में हुए रिसर्च में 59% महिलाओं ने माना कि उन्हें इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव की बहुत कम जानकारी है, जबकि 12% महिलाएं इनके बारे में जानती तक नहीं हैं.

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तो आइए, सेफ सेक्स के रूप में इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव के बारे में जानते हैं.
– यूं तो अनसेफ सेक्सुअल रिलेशन के बाद गर्भनिरोध के रूप में सबसे अधिक भरोसा इमर्जेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स पर किया जाता है, पर इनके अलावा भी कुछ विकल्प हैं, जो पूरी तरह से सेफ हैं.
– ऐसे में इमर्जेंसी इंट्रायूटेराइन डिवाइस (आईयूडी) का इस्तेमाल भी बेहतर विकल्प हो सकता है.
– आईयूडी प्लास्टिक या तांबे का बना छोटा-सा उपकरण होता है, जिसे अनसेफ सेक्स के बाद भी महिलाएं यूटेरस में फिक्स करवा सकती हैं. एक बार लगाया गया आईयूडी कम से कम 5 से 10 साल तक गर्भनिरोध में मदद करता है.
– अक्सर हिलाएं यह सोचकर इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का सेवन नहीं करती हैं कि इससे उनकी फर्टिलिटी कम हो जाती है, जबकि ऐसा नहीं है. हां, यह ज़रूर है कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के इस्तेमाल से उस महीने के पीरियड्स प्रभावित हो सकते हैं, पर ये इंफर्टिलिटी की वजह नहीं होता है, अतः इनका इस्तेमाल सेफ समझा जाता है.
– ध्यान रहे कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल सामान्य इस्तेमाल के लिए नहीं है. इसका इस्तेमाल उसी स्थिति में करते हैं, जब सामान्य कॉन्ट्रासेप्टिव लेने से चूक जाएं. वैसे बेहतर तरीक़ा यह भी हैै कि आप किसी डॉक्टर से इनके इस्तेमाल से संबंधित जानकारी पहले ही ले लें.
– रिसर्च में पाया गया कि 50% महिलाओं के बीच यह मिथ है कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल एबॉर्शन के लिए किया जाता है, जो कि ग़लत है.
– इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का काम एबॉर्शन करना नहीं है. इनके सेवन से अंडाशय में बन रहे अंडकोष का निर्माण रुक जाता है या वो गर्भाशय में नहीं जाते, जिससे प्रेग्नेंसी हो ही नहीं सकती.
– इस बात का भी ख़ास ख़्याल रखें कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल केवल इमर्जेंसी में ही लें, क्योंकि इनका नियमित रूप से इस्तेमाल करना नुक़सानदायक हो सकता है.
– यह एक मिथ है कि असुरक्षित सेक्सुअल रिलेशन होने के तुरंत बाद या फिर 24 घंटों के अंदर ही इनका सेवन लाभदायक हो सकता है, जबकि हक़ीक़त में ऐसा नहीं है.
– असुरक्षित सेक्स के 72 घंटों यानी 3 दिनों के अंदर तक इसका इस्तेमाल प्रभावकारी होता है. वैसे आप जितनी जल्दी इसका इस्तेमाल करेेंगी फ़ायदा उतना ही जल्दी होगा.
– सेक्स के दौरान अनचाहे गर्भ से बचने के लिए न अब महिलाओं को कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की ज़रूरत है और न ही पुरुषों के लिए कंडोम ही एकमात्र विकल्प है, क्योंकि अब पुरुषों के लिए भी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल तैयार किया जा रहा है, जो उनके पुरुषत्व को भी प्रभावित नहीं करेगी. ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने फैमिली प्लानिंग के लिए पुरुषों की कॉन्ट्रासेप्टिव पिल को तैयार कर ली है, जो जल्द ही बाज़ार में उपलब्ध होगी.

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सेक्स अलर्ट

– गर्भनिरोध के लिए प्रचलित तरीक़ों में जो महिलाएं गर्भनिरोधक इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रही हैं, वे अलर्ट हो जाएं, क्योंकि हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, जो महिलाएं
कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन का इस्तेमाल अधिक करती हैं, उन्हें दूसरों की अपेक्षा एचआईवी इंफेक्शन का ख़तरा 40% अधिक होता है.
– दुनियाभर में 14.4 करोड़ महिलाएं हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन को अधिक महत्व देती हैं, जिनमें क़रीब 4.1 करोड़ महिलाएं कंट्रासेप्टिव इंजेक्शन का इस्तेमाल करती हैं, जबकि 10.3 करोड़ महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं.
– पुरुष प्रजनन क्षमता को अवरोध कर उन्हें कंट्रोल कर सकनेवाली मेडिसिन एच2-गैमेंडाजोल व जेक्यू1 पर भी रिसर्च चल रहा है. ये मेडिसिन शरीर में स्पर्म बनाने की प्रक्रिया को ब्लॉक कर देंगी और भविष्य में सेफ सेक्स के रूप में इनका भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.
– अपने पार्टनर के साथ ईमानदार रहकर न केवल आप अपनी सेक्सुअल लाइफ अच्छी तरह से एंजॉय कर सकते हैं, बल्कि सेक्सुअल डिसीज़ के ख़तरों को भी कम कर सकते है.

कुछ दिलचस्प बातें

– अक्सर पुरुष नसबंदी कराने से कतराते हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण यह मिथ है कि इससे उनमें कमज़ोरी आ जाती है, जबकि ऐसा नहीं है.
– स्पर्म की संख्या पूरे वीर्य में 1 फ़ीसदी से भी कम होती है. 99 फ़ीसदी वीर्य प्रोस्टेट (30%) व शुक्राशय (69%) से ही बनता है.
– कई पुरुषों को ऐसा लगता है कि उनके पुरुषत्व का प्रमाण प्रजनन क्षमता पर ही आधारित है. ऐसे लोगों को अपना शक दूर करने के बाद ही नसबंदी करानी चाहिए.
– नसबंदी कराने के बाद वीर्य की दो रिपोर्ट स्पर्म निगेटिव होनी ज़रूरी है. इसके बाद आप नॉर्मल सेक्स लाइफ एंजॉय कर सकते हैं.

– रेषा गुप्ता

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जानें सेक्स लाइफ के 8 Interesting रिसर्च रिपोर्ट्स (Know 8 Interesting Sex Research Reports)

sex tips


सफल सेक्स लाइफ़ पर हुए रिसर्च के अनुसार सेक्स लाइफ एंजॉय करने के लिए डेली एक्सरसाइज़ और हेल्दी डायट बहुत ज़रूरी है. आइए जानते हैं कुछ इंटरेस्टिंग सेक्स रिसर्च की रिपोर्ट्स की संक्षिप्त जानकारी.

 

Sex Research Reports

 

1. नियमित दौड़ से सेक्स पावर में वृद्धि

जो लोग नियमित तौर पर दौड़ लगाते हैं, उनका यौन जीवन उन लोगों की अपेक्षा ज़्यादा सक्रिय होता है, जो दौड़ नहीं लगाते. हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक हर 10 में से एक दौड़ लगानेवाले (जॉगर्स) ने कहा कि वह अपने दैनिक जीवन में कम से कम एक बार यौन संबंध स्थापित करता है, जबकि 3 फ़ीसदी जॉगर्स का कहना है कि वे दिन में 2 बार यौन क्रिया का लुत्फ़ उठाते हैं.
एक मशहूर समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक इस शोध के दौरान उन लोगों से भी बात की गई, जो दौड़ नहीं लगाते हैं. दौड़ नहीं लगानेवाले ऐसे चार में से एक व्यक्ति का कहना था कि वह महीने में स़िर्फ एक बार ही यौन संबंध स्थापित
करता है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि यौन सक्रियता के लिए ज़रूरी सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा दौड़ से बढ़ जाने के कारण ही उक्त फायदा जॉगर्स पुरुषों में देखा गया. यह तो सभी जानते हैं कि टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का संबंध यौन क्रियाकलापों, रक्त संचरण और मांसपेशियों के परिणाम के साथ-साथ एकाग्रता, मूड और याद्दाश्त से भी होता है.

2. अनार के रस से बढ़ती है कामशक्ति

अगर आम फलों का राजा है, तो अनार की भूमिका उस डॉक्टर जैसी है, जिसके पास तमाम रोगों की दवा है. अनार की इसी उपयोगिता के कारण ही ङ्गएक अनार सौ बीमारफ वाली कहावत इतनी मशहूर है. अभी हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि अनार के रस में कामशक्तिवर्द्धक अद्भुत क्षमता है. कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक महीने तक लगातार एक ग्लास अनार का रस पीना किसी भी पुरुष के लिए कामोत्तेजक औषधि वियाग्रा जैसा काम करता है, क्योंकि अनार के रस से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट बढ़ता है और यौनांगों में रक्तसंचार तेज़ होता है. इससे व्यक्ति सेक्स क्रिया में अधिक सक्रिय होता है.

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3. सेक्स की कमज़ोरी में मछली का तेल

अमेरिकी वैज्ञानिकों के एक शोध के अनुसार मछली का तेल स्त्री व पुरुष की अनेक सेक्स संबंधी कमज़ोरियों को दूर करता है. आज के युवा अपने पार्टनर को पूरी तरह से सेक्स संतुष्टि प्रदान करने में अक्षम होते जा रहे हैं, जिससे विवाह के कुछ दिनों बाद ही तलाक़ की नौबत आ जाती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसे पुरुष मछली का एक चम्मच तेल रोज़ाना भोजन में उपयोग करके अपने सेक्स की कमज़ोरी से निजात पा सकते हैं. हाल ही में कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने 50 स्त्री-पुरुषों के जोड़ों पर इसका प्रयोग किया और पाया कि तीन माह पहले, जो लोग सेक्स से बचते थे, वे तीन महीने बाद प्रसन्नता से सेक्स में दिलचस्पी लेने लगे.

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4. कॉफी से यौन सक्रियता

एक अध्ययन से पता चला है कि लगभग पचास वर्ष की उम्र के बाद भी जो लोग कॉफी का सेवन करते रहते हैं, वे कॉफी न पीनेवालों की अपेक्षा सेक्स क्रिया में अधिक सक्रिय होते हैं. ब्राज़ील में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि कॉफी पीने से शुक्राणुओं में क्रियाशीलता आती है और सुस्त पड़े शुक्राणु फुर्तीले बन जाते हैं.
शोधकर्ताओं के मुताबिक, कॉफी में पाए जानेवाले रासायनिक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट शुक्राणुओं के अंडाणुओं से मिलने की संभावना को भी बढ़ा देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गर्भधारण होता है. अधिक आयु के दंपतियों में सेक्स सक्रियता के लिए कॉफी का सेवन बहुत ही लाभप्रद होता है. अधिक उम्र में कॉफी पीने से सेंट्रल नर्वस सिस्टम (स्नायु तंत्र) की सक्रियता बढ़ जाती है और कुछ ख़ास मांसपेशियां सेक्स के अनुकूल हो जाती हैं.

5. वियाग्रा से गर्भधारण की क्षमता में कमी

एक समाचार के अनुसार, सेक्स पावर बढ़ाने के लिए वियाग्रा का सेवन करने से प्रजनन शक्ति प्रभावित होती है. हाल ही में ब्रिटिश वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अनुसंधान से यह बात सामने आई है कि वियाग्रा का सेवन करनेवाले लोगों के शुक्राणु एंजाइम के अंडाणुओं की बाहरी परत हटाने से पहले ही बिना निषेचन किए ही लौट जाते हैं, जिससे प्रजनन चक्र पूरा नहीं होता है और महिलाएं गर्भधारण करने से वंचित रह जाती हैं.
अनुसंधान के लिए वैज्ञानिकों ने कई लोगों के शुक्राणुओं के सैंपल लिए और उनकी जांच की, तो पाया कि लगभग 80% शुक्राणु वियाग्रा से कुछ ज़्यादा सक्रिय हो जाते हैं. वियाग्रा के कारण कुछ शक्राणु ही कभी-कभी अंडाणु को विकसित कर पाने में सक्षम होते हैं. इससे पता चलता है कि वियाग्रा का प्रयोग पुरुषों का सेक्स पावर बढ़ाने के लिए तो किया जा सकता है, लेकिन परिवार बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

6. पीरियड्स के दौरान कामोत्तेजना अधिक

वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि पीरियड्स के दिनों में स्त्री के एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोंस का स्तर बहुत तेज़ी से बदलता रहता है, जिससे वो इन दिनों अधिक कामोत्तेजना का अनुभव करती हैं. साथ ही सेक्स में ऑर्गेज़्म के कारण गर्भाशय में होनेवाली ऐंठन व दर्द में भी उसे राहत महसूस होती है, परंतु इस समय कंडोम का प्रयोग अवश्य करें, क्योंकि यह न स़िर्फ हाइजीन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इस समय भी गर्भधारण की दो प्रतिशत संभावना होती है, जिससे बचाव होता है. इसके अलावा महिलाएं भी हाइजीन की दृष्टिकोण से डायफ्राम का इस्तेमाल कर सकती हैं.

7. मोबाइल के अधिक प्रयोग से संभव है नपुंसकता

एक वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि जो लोग मोबाइल फ़ोन का अधिक प्रयोग करते हैं, उनके शुक्राणुओं की न स़िर्फ संख्या कम होती जाती है, बल्कि उनमें असामान्यता के लक्षण भी पाए जाते हैं. शोध के अनुसार, जो पुरुष मोबाइल फ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनमें शुक्राणुओं की 30% तक की कमी पाई जाती है और बाकी शुक्राणुओं में भी असामान्यता के लक्षण पाए जाते हैं. विश्‍व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोबाइल फ़ोन की रेडियो फ्रीक्वेंसी फील्ड शरीर के ऊतकों को गहराई से प्रभावित करती है.

8. हेल्दी सेक्स लाइफ़ से दिल की बीमारियां कम

एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण से पता चला है कि हेल्दी सेक्स लाइफ़ से दिल की बीमारियों का ख़तरा कम रहता है. इस सर्वेक्षण में 42 से 50 साल की महिलाओं को शामिल किया गया. इससे पता चला कि वैवाहिक जीवन से संतुष्ट महिलाओं में दिल की बीमारी की आशंका अन्य महिलाओं के मुक़ाबले एक तिहाई कम थी. विधवा महिलाओं में तो दिल की बीमारियां उत्पन्न होने की आशंका साढ़े पांच गुना अधिक पाई गई, जबकि तलाक़शुदा व अकेली रह रही महिलाओं में यह आशंका हेल्दी सेक्स लाइफ़ बिता रही महिलाओं की तुलना में दुगुनी थी.

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सेक्सुअल फिटनेसः क्या आप सेक्सुअली फिट हैं?(Sexual fitness: Are you sexually fit?)

Sexual fitness

सेक्स को लेकर आज भी लोगों के मन में भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, क्योंकि सेक्स (Sexual fitness) को लेकर कुछ खुलापन भले ही आ गया हो, लेकिन मैच्योरिटी अब भी नहीं आई है. ऐसे में यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या हम सेक्सुअली फिट हैं?

Sexual fitness
– एक सामान्य इंसान को सेक्स की ज़रूरत और चाहत होती है.
– यह चाहत व ज़रूरत अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है. किसी को कम, किसी को ज़्यादा.
– इसी तरह आकर्षण होना भी स्वाभाविक है.
– फैंटसीज़ यानी कल्पना करना, जैसे- किसी ख़ास व्यक्ति की ओर यदि हम आकर्षित होते हैं, तो उसके बारे में सोचना और कल्पना में उसके साथ सेक्स करना भी स्वाभाविक व सामान्य है.
– सेक्स (Sexual fitness) की चाह होने पर मास्टरबेट करना भी हेल्दी माना जाता है.
– यदि आप में ऊपर बताए तमाम लक्षण मौजूद हैं, तो आप सेक्सुअली फिट हैं और यदि आप में सेक्स ड्राइव यानी सेक्स की चाह कम है या कम हो रही है, तो आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम है.
– अगर आप शादीशुदा हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ कितनी अच्छी है?
– क्या सेक्स से आपको और आपके पार्टनर को पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती?
– क्या सेक्स से आपको ऊब और बोरियत होने लगी है?
– क्या यह महज़ शारीरिक क्रिया बन गया है आपके लिए या अब भी भावनात्मक रूप से आप इसे आनंददायक क्रिया मानते हैं?
ये तमाम सवाल ख़ुद से और अपने पार्टनर से करें, तो आप ख़ुद जान जाएंगे कि आप सेक्सुअली कितने फिट हैं.
व्यस्त ज़िंदगी में भी अगर सेक्स आपकी प्राथमिकताओं में से बाहर हो गया है, तो सचेत हो जाइए. शोधों में भी यह बात कई बार साबित हो चुकी है कि शादीशुदा लोग कुंवारे लोगों की अपेक्षा अधिक हेल्दी और लंबी ज़िंदगी जीते हैं. ऐसे में सेक्स के महत्व और सेक्सुअल फिटनेस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.
सेक्सुअल फिटनेस को आप इस तरह से बांटकर देख सकते हैं-

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भावनात्मक पहलू:

अगर आपका अपने पार्टनर से भावनात्मक लगाव है, तो ज़ाहिर है सेक्स लाइफ बेहतर बनेगी, लेकिन अगर आप दोनों ही मशीनी ज़िंदगी जीने के आदी हो चले हैं, तो सेक्स की चाह भी कम होती चली जाएगी यानी आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम
होती जाएगी.
स्पेशल टिप: ऐसे में ज़रूरी है पार्टनर के साथ समय बिताएं. प्यार भरी बातें करें, एक-दूसरे को सहयोग करें, जिसका सीधा प्रभाव आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ेगा.

मानसिक स्थिति:

मानसिक तनाव, काम का बोझ और घरेलू ज़िम्मेदारियां भी आपको सेक्स के प्रति उदासीन बना देती हैं. बेहतर होगा कि अपने काम का तनाव बेडरूम में न ले जाएं. आप मिल-जुलकर हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, इसलिए अपने रिश्ते और सेक्स लाइफ पर इन रोज़मर्रा की बातों का असर न पड़ने दें.
स्पेशल टिप: पुरुषों की 90% सेक्स समस्या, जैसे- शीघ्रपतन आदि मानसिक अवस्था से ज़्यादा जुड़ी होती है, बजाय शारीरिक
समस्या के.
ठीक इसी तरह महिलाओं में योनि में सूखापन, दर्दयुक्त सेक्स आदि भी सेक्स के प्रति उदासीनता की वजह से हो सकता है.

शारीरिक पहलू:

सेक्सुअल फिटनेस बहुत हद तक आपकी शारीरिक फिटनेस से भी जुड़ी होती है. अगर आपको कोई सेक्सुअल या शारीरिक समस्या है, तो काउंसलर या एक्सपर्ट की मदद लेने से परहेज़ न करें.
स्पेशल टिप: योग व एक्सरसाइज़ को भी अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं. साथ में जॉगिंग या योगा क्लासेस जॉइन करें, इससे आप दोनों में नज़दीकियां बढ़ेंगी, जिसका सकारात्मक असर आपकी सेक्सुअल फिटनेस पर पड़ेगा.

नकारात्मक सोच से बचें

मन में बैठी भ्रांतियों व ग़लतफ़हमियों के कारण अपनी सेक्सुअल फिटनेस कम न होने दें-
अधिकतर लोगों को लगता है कि फैंटसाइज़ करना, मास्टरबेट करना या किसी की तरफ़ आकर्षण महसूस करना ग़लत है. जबकि ये तमाम चीज़ें आपकी सेक्सुअल फिटनेस का अहम् हिस्सा हैं और आपकी फिटनेस को दर्शाती हैं.

सामाजिक व पारिवारिक पहलू

जहां तक महिलाओं की बात है, तो बचपन से ही पालन-पोषण अलग ढंग से होने के कारण या अन्य कारणों से भी वो सेक्स को लेकर उतनी उत्साहित नहीं रहतीं. उन्हें लगता है कि सेक्स के बारे में बात करना ग़लत है या चाहत होने पर भी सेक्स के लिए पहल न करना ही सही है, क्योंकि स्त्रियों को शर्मीला होना चाहिए और यही शर्मीलापन उनके संस्कार व चरित्र की सही व्याख्या करेगा. तमाम ऐसी बातें महिलाओं को सेक्सुअली अनफिट बनाती हैं और वो अपने पार्टनर को ठीक से सहयोग नहीं करतीं.
इसके अलावा वो अपनी बॉडी को लेकर भी काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, उन्हें लगता है कि उनका फिगर या उनकी शारीरिक
ख़ूबसूरती उनके पार्टनर को आकर्षित करने के लिए नाकाफ़ी है.
स्पेशल टिप: इस तरह की नकारात्मक सोच न रखें. फिज़िकल फिटनेस पर ध्यान ज़रूर दें, लेकिन मानसिक रूप से भी पॉज़ीटिव बनी रहें. आपका सहयोग और आपका प्यार आपकी शारीरिक ख़ूबसूरती से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है रिश्ते व सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए.

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क्या करें?

– फोरप्ले ज़रूर करें. अच्छे सेक्स के लिए अच्छा फोरप्ले बहुत ज़रूरी है.
– इसी तरह से अच्छे सेक्स के लिए रोमांस होना भी बहुत ज़रूरी है, इसलिए व्यस्त दिनचर्या से रोमांटिक पलों को ज़रूर चुराएं.
– खान-पान हेल्दी हो. फिज़िकल फिटनेस आपको सेक्सुअली भी फिट रखेगी.
– सेक्स बूस्टर फूड को अपने डायट का हिस्सा बनाएं, जैसे- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, फ्लैक्स सीड(अलसी), सोयाबींस, सनफ्लावर सीड्स, सी फूड, नट्स, ताज़ा फल, ख़ासकर विटामिन सी युक्त आदि. साथ ही एक्सरसाइज़ भी करें.
– जंक फूड, अल्कोहल का सेवन कम करें.
– तनाव से दूर रहें.
– अगर कोई समस्या हो, तो काउंसलर व एक्सपर्ट से सलाह लें.

– योगिनी भारद्वाज

 

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