Tag Archives: Sex

क्या सेक्स के कारण वज़न बढ़ता है? (Does Sex Make You Gain Weight?)

शादी के बाद अक्सर लोगों का वज़न बढ़ जाता है. आपने भी शायद ध्यान दिया होगा कि शादी के 3 से 6 महीने के भीतर ही आपका भी थोड़ा वज़न बढ़ा था और दोस्तों ने इसका कारण सेक्स बताया था. आपने उनकी बात पर विश्‍वास कर लिया था, लेकिन उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए थे. तो इसके पीछे क्या है सही कारण और कौन है ज़िम्मेदार सेक्स या कुछ और आइए जानते हैं.

Sex tips

अगर आप सोचते हैं कि सेक्स के कारण वज़न बढ़ता है, तो यह बिल्कुल ग़लत है. यह एक बहुत बड़ा मिथक है. वज़न बढ़ने का सेक्स से कोई कनेक्शन नहीं है, पर आपके सेक्स हार्मोंस से है. सेक्स हार्मोंस में असंतुलन के कारण ही वज़न बढ़ता है. क्योंकि सेक्स अपने आप में एक बेहतरीन वर्कआउट है. इससे कैलोरीज़ बर्न होती हैं, इसलिए इसका आपके वज़न बढ़ने से कोई संबंध नहीं.

क्यों असंतुलित होते हैं हार्मोंस?

हार्मोंस के असंतुलन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- जेनेटिक्स, स्ट्रेस, डायट, लाइफस्टाइल, अन्य हार्मोंस आदि. सेक्स हार्मोंस एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरॉन, टेस्टोस्टेरॉन और डीएचइए आदि. इइके अलावा महिलाओं में बढ़ते वज़न का कारण पीसीओडी या प्रीमैच्योर पेरीमेनोपॉज़ भी हो सकता है.

जानें सेक्स हार्मोंस के बारे में

डीएचइए: यह एक ऐसा हार्मोन है, जो महिलाओं व पुरुषों के सेक्स हार्मोंस के लिए बहुत ज़रूरी माना जाता है. इसकी कमी के कारण भी वज़न बढ़ता है.

एस्ट्रोजन: महिलाओं की ओवरीज़ और एड्रेनल ग्लैंड से मिलनेवाले इस हार्मोन के कारण भी महिलाओं का वज़न बढ़ता है.

प्रोजेस्टेरॉन: यह भी एस्ट्रोजन की तरह ही काम करता है. महिलाओं की सेक्सुअल मैच्योरिटी को बढ़ाने के साथ ही यह प्रेग्नेंसी के लिए महिलाओं के शरीर को मज़बूत बनाता है. अगर शरीर में प्रोजेस्टेरॉन की कमी है, तो एस्ट्रोजन अनियंत्रित हो जाता है, जिसके कारण वज़न बढ़ना है.

Sex tips
हार्मोंस असंतुलित होेने के लक्षण

– कमर और जांघों के पास फैट्स जमा होना
– पीरियड्स की डेट का आगे-पीछे होना
– हॉॅट फ्लैशेज़
– वेजाइना का ड्राई होना
– नींद न आना
– मूड स्विंग्स
– सेक्स ड्राइव में कमी आना
– एंज़ायटी या डिप्रेशन

लाइफस्टाइल में बदलाव

शादी के बाद अक्सर लोग कंफर्ट ज़ोन में चले जाते हैं और फिटनेस को पीछे छोड़ देते हैं, जिसके कारण भी उनका वज़न बढ़ता है. साथ ही शादी के शुरुआती दिनों में कपल्स काफ़ी घूमते-फिरते और बाहर खाते हैं, जिसके कारण भी वज़न बढ़ता है.

क्या करें?

हार्मोंस संतुलित रहें, उसके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं. स्ट्रेस, एंज़ायटी और डिप्रेशन से बचने की कोशिश करें. जंक फूड और तला-भुना हुआ खाना अवॉइड करें.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: पहली बार सेक्सुअल रिलेशन से पहले जानें ये 10 बातें (10 Things To Know Before Having Sex For The First Time)

यह भी पढ़ें: हेल्दी है मास्टरबेशन, जानें इसके 10 हेल्थ बेनीफिट्स (10 Amazing Health Benefits Of Masturbation)

हेल्दी है मास्टरबेशन, जानें इसके 10 हेल्थ बेनीफिट्स (10 Amazing Health Benefits Of Masturbation)

मास्टबेशन (Masturbation) यानी हस्तमैथुन को लेकर पुराने समय से कई भ्रांतियां चली आ रही हैं, जैसे- यह पाप है, हस्तमैथुन करनेवाले अंधे हो सकते हैं, नपुंसक हो सकते हैं, उन्हें मुंहासे ज़्यादा होते हैं और यहां तक कि कुछ लोगों में यह भ्रम इस कदर बैठा है कि उन्हें लगता है कि मास्टरबेशन करनेवाले मानसिक रोगी हो सकते हैं या फिर वे अपने यौनांगों को नुक़सान पहुंचा सकते हैं. पर ये सब महज़ ग़लत भ्रांतियां हैं. सेक्सोलॉजिस्ट और सेक्स एक्सपर्ट्स की मानें, तो मास्टरबेशन आपके लिए काफ़ी हेल्दी है. यह आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फ़ायदेमंद होता है.

Health Benefits Of Masturbation

1. स्ट्रेस फ्री महसूस करते हैं

जब ऑर्गैज़्म आता है, तो शरीर में एंडॉर्फिन तेज़ी से बढ़ते हैं. ये एक तरह के न्यूरोट्रांसमीटर्स होते हैं, जो हम में पॉज़िटिव एहसास जगाकर हमें ख़ुशी देते हैं. ज़रूरी नहीं कि हर बार मास्टरबेट करने पर आपको ऑर्गैज़्म मिले, लेकिन उससे ज़्यादा ज़रूरी है उस एक्ट की ख़ुशी, जो आपको स्ट्रेस फ्री करता है.

2. डिप्रेशन सेे बचाता है

तनाव और निराशा अक्सर डिप्रेशन का कारण बनते हैं, लेकिन जब आप ख़ुद को अच्छा फील कराना चाहते हैं, तो यह आपको डिप्रेशन से बचाता है. शहरों में बहुत-से लोग अकेलेपन के कारण डिप्रेशन के शिकार होने लगते हैं, ऐसे में ख़ुद से साथ बिताया यह क्वालिटी समय आपको डिप्रेशन से बचाता है.

3. इम्यूनिटी बढ़ाता है

बहुत-से हेल्थ एक्सपर्ट इस बात को दावे के साथ पेश करते हैं कि मास्टरबेशन आपके इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रॉन्ग बनाता है. दरअसल, एक रिसर्च में यह बात सामने आई कि ऑर्गैज़्म के बाद शरीर में व्हाइट सेल्स की मात्रा बढ़ जाती है, जो हमें बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं.

4. पेल्विक फ्लोर स्ट्रॉन्ग होता है

मास्टरबेशन एक छोटे-से एक्सरसाइज़ सेशन जैसा होता है, इसलिए इसके करने से पेल्विक फ्लोर मज़बूत होता है, जो महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होनेवाले दर्द से राहत दिलाता है.

5. देता है सुकूनभरी गहरी नींद

यह जितना आपको ख़ुशी का एहसास दिलाता है, उतना ही थका भी देता है, जिससे आपको तुरंत बहुत अच्छी नींद आती है. गहरी नींद हमारे शरीर को अच्छी तरह रिकवर होने में मदद करती है. संपूर्ण शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है.

यह भी पढ़ें: सेक्सुअल पावर बढ़ाने की अमेज़िंग किचन रेमेडीज़ (Amazing Kitchen Remedies To Increase Sexual Stamina)

यह भी पढ़ें: पहली बार सेक्सुअल रिलेशन से पहले जानें ये 10 बातें (10 Things To Know Before Having Sex For The First Time)

Health Benefits Of Masturbation
6. हेल्दी हार्ट का सौग़ात

मास्टरबेशन के दौरान जब हम एक्साइटेड हो जाते हैं, तो शरीर में रक्तसंचार बढ़ जाता है. ख़ासतौर से हृदय और यौनांगों में रक्तसंचार बढ़ जाता है, जो हेल्दी हार्ट के लिए बहुत ज़रूरी है. मास्टरबेशन एक तरह की एक्सरसाइज़ है, जो हमें हेल्दी बनाए रखने में मदद करती है.

7. एसटीडी का ख़तरा नहीं

मास्टरबेशन का यह एक और फ़ायदेमंद पहलू है कि इससे आप सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ से बचे रहते हैं, इसीलिए यह सेफ माना जाता है. साथ ही आपको प्रेग्नेंसी होने का किसी तरह का डर भी नहीं रहता.

8. ख़ुद से प्यार करना सीखते हैं आप

जब आप अपने साथ क्वालिटी समय बिताते हैं, तो ख़ुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं. आप ख़ुद से प्यार करना सीखते हैं. यह एहसास आपका आत्मविश्‍वास बढ़ाता है, जिससे आप हमेशा ख़ुशगवार महसूस करते हैं.

9. पार्टनर से सेक्स एक्सपीरियंस होता है बेहतर

मास्टरबेशन कामोत्तेजना की भावना को बढ़ाता है, जिससे आपकी सेक्स लाइफ और बेहतर होती है. पार्टनर के प्रति आपका आकर्षण और भी बढ़ जाता है, इसीलिए बहुत-से सेक्सोलॉजिस्ट पार्टनर्स से स़िर्फ सेक्स न करके मास्टरबेशन की सलाह भी देते हैं.

10. आपका आत्मविश्‍वास बढ़ता है

जब आप ख़ुश रहते हैं, तो ख़ुद के बारे में पॉज़िटिव महसूस करते हैं, जो आपको हेल्दी और फिट रखने में मदद करता है. आत्मविश्‍वास की कमी अच्छे-ख़ासे रिश्ते को बिगाड़ सकती है, इसलिए आत्मविश्‍वासी रहकर आप जीवन के हर क्षेत्र में तऱक्क़ी कर सकते हैं.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: 20 सेक्स फैक्ट्स, जो हर कपल जानना चाहता है (20 Sex Facts Every Couple Must Know)

न्यूली मैरिड के लिए बेस्ट सेक्स फॉर्मूले (Best Sex Formulas For Newly Married)

अपनी रोमांटिक लव लाइफ और सेक्स लाइफ को लेकर हर न्यूली मैरिड कपल बेहद एक्साइटेड रहता है. दोनों यही सोचते हैं कि सेक्स लाइफ को और बेहतर कैसे बनाएं, क्या करें कि पार्टनर आपके प्यार और रोमांस से हर व़क्त सराबोर रहे. यहां हम आपको कुछ ऐसे ही लेटेस्ट सेक्स फॉर्मूले बता रहे हैं, जिससे आपकी सेक्स लाइफ में रोमांच हमेशा बना रहेगा.

Sex Formulas For Newly Married

सुहागरात को हौवा न बनाएं

–     सबसे पहले तो अपने दिमाग़ से यह निकाल दीजिए कि सुहागरात में आपको सेक्स करना ही है, क्योंकि ज़्यादातर कपल्स शादी की रस्मों में इतने थक जाते हैं कि वो सेक्स को एंजॉय ही नहीं कर पाते.

–     बेहतर होगा कि आप सुहागरात को स़िर्फ रिलैक्स करें और अगली सुबह जब सोकर उठें, तब एक नए जोश और जुनून के साथ रिश्ता बनाएं. यक़ीनन इस सेक्सुअल एक्टिविटी को आप ज़्यादा एंजॉय करेंगे.

–     अगर आप सुहागरात को यादगार बनाना चाहते हैं, तो कमरे में मुहब्बत का ऐसा समां बांधें कि आपका पार्टनर ख़ुद आपकी तरफ़ खिंचता चला आए.

–     रोमांटिक म्यूज़िक, फूलों से सजी सेज के साथ, एसेंशियल ऑयल्स की ख़ुशबू पूरे कमरे में आपके प्यार को महकाएगी.

फोरप्ले से शुरू करें लव गेम

–     फोरप्ले यानी सेक्सुअल रिलेशन के पहले का वॉर्मअप है. एक-दूसरे को बांहों में भरकर प्यार करना, किस करना, एक-दूसरे को हग करना, नॉटी बातें करना ही फोरप्ले है.

–     फोरप्ले को स़िर्फ बेडरूम में ही सीमित न रखें. दिनभर में पार्टनर को नॉटी मैसेजेस भेजकर भी उनका मूड रोमांटिक बनाए रख सकते हैं.

–     किस करते व़क्त कभी-कभार आंखें खोलकर अपने पार्टनर को देखें. किस करते हुए पूरी तरह खोया हुआ पार्टनर बहुत प्यारा लगता है. उस पर और प्यार लुटाने का मन करता है.

–     पार्टनर से पूछें कि उसे क्या पसंद है. सेक्स के दौरान आपकी कौन-सी हरकत उसे सबसे ज़्यादा अच्छी लगती है.

–     शुरुआत में ही लंबे सेशन की उम्मीद न करें. आप दोनों नए हैं, इसलिए शुरू-शुरू में रिलेशन बनाने में आपको थोड़ा व़क्त लगेगा. इसे किसी तरह की कमी या कमज़ोरी न समझें, ऐसा सभी कपल्स के साथ होता है.

–     फोरप्ले के व़क्त एक्ट में खोने के साथ-साथ यह भी देखें कि आपके पार्टनर का रिएक्शन क्या है. क्या वो पूरी तरह इन्वॉल्व हो गया है या वो स़िर्फ आपकी ख़ुशी के लिए ज़बर्दस्ती एक्ट में बना हुआ है.

न्यूली मैरिड के लिए सेक्स फॉर्मूले

–     शादी के शुरुआती दिनों में कपल एक-दूसरे के साथ के लिए हर पल एक्साइटेड रहते हैं. हर पल एक-दूसरे में खोए रहने का जुनून, एक-दूसरे को निहारते रहना, एक-दूसरे की गोद में सिर रखकर पूरी दुनिया को भुला देने का उत्साह इसी समय चरम पर होता है.

–     हर दिन की शुरुआत ‘गुड मॉर्निंग किस’ से करें. शाम को काम पर से लौटने पर एक-दूसरे को गले ज़रूर लगाएं. जब भी मौक़ा मिले ‘आई लव यू’ ज़रूर कहें.

–     बहुत-से कपल्स अपने पार्टनर से अपनी इच्छाओं और चाहतों को बयां नहीं कर पाते, जिससे उन्हें एक कमी का एहसास होता है. आप अपने पार्टनर से उनके दिल की बातें जानें और अपनी ख़्वाहिशों की बातें करें.

–     सेक्सुअल लाइफ जितनी रोमांटिक होगी, आपकी मैरिड लाइफ उतनी ही ख़ुशहाल होगी, इसलिए एक-दूसरे की केयर करें. एक-दूसरे का ख़्याल रखने से प्यार और गहरा होता है.

–     शादी के शुरुआती कुछ महीने बहुत रोमांटिक होते हैं. हर रात कुछ अलग और नया करने का दोनों में बेहद उत्साह रहता है, लेकिन ज़रूरी नहीं कि हर रात आपका परफॉर्मेंस बेस्ट हो. कभी-कभार कम-ज़्यादा हो सकता है.

–     किसी दिन पार्टनर का मूड अच्छा न हो, तो उसे मनाने की पूरी कोशिश करें, लेकिन उसके लिए नाराज़ न हों.

–     शुरू-शुरू में ऑर्गैज़्म पर बहुत ज़्यादा फोकस न करें. बस, एक-दूसरे को प्यार करें और एक-दूसरे को ख़ुश रखने की कोशिश करें, बाकी सब अपने आप हो जाएगा.

–     दोनों के लिए ही ज़रूरी है कि अपनी सेक्सुअल हाइजीन का ख़्याल रखें. अपने प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा क्लीन और हाइजीनिक बनाए रखें.

–     बेडरूम और बेड के अलावा भी अलग-अलग जगहों पर एडवेंचरस सेक्स ट्राई करें. आप चाहें, तो सोफे पर, शावर में और किचन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं.

–     रात को ग़ुस्सा होकर कभी न सोने जाएं. मन में जो भी शिकायतें हों कह दें और उनकी भी सुनें. अक्सर सुननेभर से बहुत-से मामले सुलझ जाते हैं. छोटी-छोटी अनबन को अपने रिश्ते पर हावी न होने दें.

–     आप दोनों को ही अपने पार्टनर के कामोत्तेजक अंगों के बारे में पता होना चाहिए, ताकि दोनों को ही बेस्ट सेक्सुअल एक्सपीरियंस मिले.

–     सेक्स लाइफ को रूटीन न बनाएं. रोज़ाना एक ही सेक्स पोज़ीशन ट्राई करने की बजाय कुछ नया करें.

–     शादी के पहले ही रिलेशनशिप के बारे में कुछ अच्छी किताबें पढ़ें.

–     सुहागरात के लिए फिल्मी ख़्वाब न पालें. फिल्मों और हक़ीक़त में बहुत फ़र्क़ होता है. अगर फिल्मोंवाली चीज़ें रियल लाइफ में एक्सपेक्ट करेंगे, तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी.

–     अधिकांश पुरुषों को यह भ्रम होता है कि उन्हें पता है कि उनकी पार्टनर क्या चाहती है, जबकि उन्हें पता नहीं होता. इस भ्रम से बाहर निकलें और पार्टनर से बात करें.

–     महिलाओं के लिए सेक्स शारीरिक रूप से जुड़ने की बजाय भावनात्मक रूप से जुड़ना है, इसलिए पार्टनर से पहले इमोशनली जुड़ें.

यह भी पढ़ें: सेक्स से पहले ग़लती से भी न खाएं ये 6 चीज़ें (6 Foods You Should Never Eat Before Sex)

Sex Formulas
आफ्टरप्ले भी है बहुत ज़रूरी

–     सेक्स के बाद कहीं आप भी तो मुंह घुमाकर सो नहीं जाते, क्योंकि सेक्सुअल एक्टिविटी के बाद भी एक्ट तब तक पूरा नहीं होता, जब तक आफ्टरप्ले न हो.

–     एक्ट के बाद पार्टनर को गले लगाएं, प्यार से किस करें और उसकी ज़ुल्फ़ों को सहलाएं.

–     एक्ट के बाद महिलाओं को सहज होने में पुरुषों से ज़्यादा समय लगता है, इसलिए जब आप उसे प्यार से सहलाते हैं, तो उसे आपका प्यार महसूस होता हैै.

–     एक-दूसरे को बताएं कि आपको आज का सेशन कितना अच्छा लगा. इससे पार्टनर का कॉन्फिडेंस और बढ़ता है.

–     रिसर्च में यह बात सामने आई है कि महिलाएं इंटरकोर्स से ज़्यादा फोरप्ले और आफ्टरप्ले एंजॉय करती हैं, इसलिए इन्हें कभी अनदेखा न करें.

–     कभी-कभार आपका आफ्टरप्ले फोरप्ले बन जाता है और आप दूसरे राउंड के लिए भी तैयार हो जाते हैं, इसलिए आफ्टरप्ले में हमेशा कुछ सेंसुअल और अलग करने की कोशिश करें.

हनीमून गाइड

–     महीनों की शादी की प्लानिंग और रस्मों-रिवाज़ में कपल्स काफ़ी थक जाते हैं, इसलिए इस समय को टूरिज़्म की बजाय स़िर्फ ‘चिल आउट’ के लिए रखें.

–     हनीमून के लिए मोस्ट पॉप्युलर डेस्टिनेशन की बजाय किसी ऐसी जगह जाएं, जहां बहुत ज़्यादा भीड़-भाड़ न हो.

–     हनीमून पैकेज लेते व़क्त ध्यान रखें कि आपके टूर का शेड्यूल बहुत टाइट न हो. सुबह जल्दी निकलकर दिनभर घूमना, फिर देर रात लौटकर आना काफ़ी थकानेवाला होता है. ऐसे पैकेज लेने से बेहतर होगा, आप ख़ुद गाड़ी किराए पर लेकर एक्सप्लोर करें.

–     सुबह देर तक आराम से सोकर उठें, ब्रेकफास्ट रूम में ही ऑर्डर करें. ज़्यादा-से-ज़्यादा समय एक-दूसरे के साथ रिलैक्स करने में बिताएं.

–     हनीमून का सामान पैक करते व़क्त लुब्रिकेशन कभी न भूलें. शुरुआती दिनों में यह आपके बहुत काम आता है.

–     सेक्सी लॉन्जरी और परफ्यूम से अपने हनीमून को और रोमांटिक बनाएं.

–     हनीमून की तैयारी भी शादी की तैयारी के साथ ही कर लें. कपड़ों से लेकर लॉन्जरी तक में क्या ख़रीदना है, पहले से ही ले लें.

एक्सपर्ट एडवाइस

–    सेक्स को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो एक्ट से पहले शावर ज़रूर लें.

–    रिलेशनशिप से पहले बहुत हैवी न खाएं.

–    परफ्यूम या डियो का इस्तेमाल ज़रूर करें.

–    इलायची या कोई माउथ फ्रेशनर खाएं.

–    अपनी फिटनेस का ध्यान रखें.

 

– सुनीता सिंह

यह भी पढ़ें: सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

यह भी पढ़ें: लव बाइट से जुड़ी से 5 दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप (5 Surprising Facts About Love Bites You Didn’t Know

क्यों बढ़ रहा है सेक्स स्ट्रेस? (Why Sex Stress Is Increasing In Our Society?)

आज कहां नहीं है स्ट्रेस? घर-परिवार, करियर, नौकरी… हर जगह तनाव का मकड़जाल फैला हुआ है. और धीरे-धीरे इसने अंतरंग लम्हों में भी घुसपैठ कर दी है. क्या एक हेल्दी रिलेशन के लिए सेक्स स्ट्रेस को दूर करने की ज़रूरत नहीं है?

Sex Stress

मनोचिकित्सक डॉ. अजीत दांडेकर के अनुसार, “स्ट्रेस लेवल बढ़ने के कारण शरीर के कई ऐसे हार्मोंस प्रभावित होते हैं, जिनकी वजह से सेक्स स्ट्रेस बढ़ जाता है. यदि पति-पत्नी अपनी रोज़ाना की ज़िंदगी का विश्‍लेषण करने के लिए कुछ समय निकाल सकें तो सेक्स स्ट्रेस का कारण ख़ुद ही समझ में आ जाएगा. सेक्स स्ट्रेस का कोई एक कारण नहीं है. मॉडर्न लाइफ़स्टाइल व अनेक चाही-अनचाही परिस्थितियां इसके लिए ज़िम्मेदार हैं.” आइए, उन विभिन्न स्थितियों को समझें.

समय की कमी व अपनों की फ़िक्र

सेक्स क्रिया के लिए समय व तनावरहित वातावरण चाहिए, जो आजकल लोगों को नहीं मिलता है. यदि समय मिल भी गया तो मन तरह-तरह की चिंताओं से घिरा रहता है. बच्चों का प्रेशर, माता-पिता का प्रेशर, ऑफ़िस की चिंताएं अनेक ऐसी बातें हैं, जो व्यक्ति को तनावमुक्त होने ही नहीं देतीं. फिर अपनी-अपनी अलग सोच और थकान के कारण तालमेल की कमी भी सेक्स के प्रति उदासीनता की स्थिति पैदा करती है.

काम का प्रेशर

ऑफ़िस या बिजनेस में ख़ुद को बेहतरीन साबित करने का जुनून, प्रमोशन की चाह, बॉस की नज़रों में योग्य बने रहने के प्रयास में कभी-कभी व्यक्ति अपनी सारी एनर्जी ख़र्च कर डालता है. वैसे भी बड़े-बड़े पैकेज यानी लाखों में मिलने वाली सालाना तनख़्वाह व्यक्ति को निचोड़कर रख देती है. अधिक आमदनी के लिए 8 की जगह 12-15 घंटे काम करना पड़ता है. ऑफ़िस के बाद कभी-कभी घर पर भी काम पूरा करना पड़ता है. इस तरह के हाईप्रेशर जॉब के साथ प्रायः संतुलन बनाए रखना कठिन हो जाता है. ऑफ़िस व घर दोनों ही ज़िम्मेदारियों को निभाने के चक्कर में व्यक्ति इतना थक जाता है कि बिस्तर पर लेटते ही सो जाता है. इसका सीधा असर उसकी सेक्स लाइफ़ पर
पड़ता है.

करियर की चाह

करियर में आगे बढ़ने की चाह एक ओर सफलता की मंज़िल तक पहुंचने का उत्साह बढ़ाती है, तो दूसरी ओर रिश्तों की गर्माहट में बाधक भी बनती है. करियर के कारण कभी-कभी पति-पत्नी को एक-दूसरे से अलग रहना पड़ता है. वे वीकएंड पर ही साथ रह पाते हैं. ऐसे कपल्स अनेक कुंठाओं के शिकार होते हैं, भले ही यह स्थिति उन्होंने स्वेच्छा से चुनी हो. ऐसे में साथ होते हुए भी तरह-तरह की शंका-आशंका (जैसे- विवाहेतर संबंध) या अपराधबोध उन्हें जकड़ने लगता है, अनेक ऐसी बातें सेक्स लाइफ़ को प्रभावित करती हैं.

यह भी पढ़ें: क्यों घट रहा है पुरुषों में स्पर्म काउंट? (What Are The Reasons For Low Sperm Count In Men?)

Sex Stress
असुरक्षा की भावना

आज की शादीशुदा ज़िंदगी में वर्किंग पति-पत्नी के रिश्तों में आजीवन साथ रह पाने की निश्‍चिंतता नहीं है. डर बना ही रहता है कि कब अलग हो जाना पड़े, क्योंकि दोनों के अहं होते हैं, जो कभी भी टकरा सकते हैं. दोनों में कोई भी समझौते के लिए तैयार नहीं होना चाहता है. लिहाज़ा महिलाओं के मन में अधिक बचत की चिंता रहती है. वे ज़्यादा से ज़्यादा कमाने की कोशिश में रहती हैं. वे सुरक्षित होना चाहती हैं. पुरुषों को स्त्रियों की सोच में स्वार्थ नज़र आता है. इस तरह की स्थिति तनाव व टकराहट को जन्म देती है.

प्लानिंग की कमी

आज का व्यक्ति अपनी चादर देख कर पैर नहीं पसारता, बल्कि पैर पसारने के बाद चादर की खींचातानी शुरू करता है. आधुनिक सुख-साधन जुटाना, रिसॉर्ट या विदेश में छुट्टियां बिताना हर दंपति की इच्छा होती है. संभव हो, न हो, उसकी कोशिश व चाह तो होती ही है. आज विकल्प के रूप में लोन व क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता व बाद में उनकी किश्तें चुकाने का प्रेशर शरीर व मन दोनों को थका डालता है, बिना प्लानिंग के जो फ़ायनेंशियल स्ट्रेस झेलना पड़ता है, वो अंततः व्यक्ति की ज़िंदगी को पूरी तरह से प्रभावित करता है. सेक्स लाइफ़ के प्रति उदासीन कर देता है.

पोर्नोग्राफ़ी का असर

पोर्नोग्राफ़ी (यानी कामवासना संबंधी साहित्य, फ़ोटो, फ़िल्म आदि) के प्रभाव के कारण व्यक्ति सेक्स लाइफ़ फैंटेसी की दुनिया से जुड़ जाता है. उस तरह की इच्छा करने लगता है, जबकि वास्तविकता उससे कहीं दूर होती है. ऐसी फैंटेसी के कारण पार्टनर का सेक्स स्ट्रेस बढ़ने लगता है. वे साथ होकर भी काम-सुख या आनंद से वंचित रह जाते हैं. एक-दूसरे की उम्मीदों पर खरा न उतरने व पूर्ण संतुष्ट न कर पाने का तनाव व अनजाना भय रिश्तों में उदासीनता ले आता है.

मीडिया का रोल

आधी-अधूरी जानकारी व ग़लतफ़हमियां भी स्ट्रेस को बढ़ाती हैं. आज हर मैग़जीन में सेक्स कॉलम को ज़रूरी माना जाता है. कॉलम में सेक्सोलॉजिस्ट द्वारा पाठकों के प्रश्‍नों के उत्तर दिए जाते हैं. लेकिन पढ़ने वाला ये भूल जाता है कि संबंधित लेख या कॉलम में दी गई जानकारी एक सामान्य जानकारी होती है जबकि हर व्यक्ति दूसरे से भिन्न होता है. इसके अलावा इंटरनेट सेक्स, होमोसेक्सुअलिटी आदि भी आम व्यक्ति के मन को भ्रमित करने में ख़ास रोल निभा रहे हैं और सेक्स स्ट्रेस को बढ़ा रहे हैं. इसलिए आज यह बेहद ज़रूरी हो गया है कि कपल्स एक-दूसरे के लिए थोड़ा व़क़्त निकालें. साथ ही उपरोक्त सभी मुद्दों पर एकबारगी विचार-विमर्श भी करें, ताकि सेक्स
स्ट्रेस पनपने ही न पाए और ज़िंदगी ख़ुशनुमा बन जाए.

– प्रसून भार्गव

यह भी पढ़ें: सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

बेहतर सेक्स के लिए करें ये मुद्राएं (Mudras For Better Sex Life)

योग शास्त्र में ऐसी अनेक मुद्राएं और बंध हैं, जो सेक्सुअल पावर (Sexual Power) को बढ़ाते हैं. ये मुद्राएं व बंध स्वास्थ्यवर्द्धक होने के साथ-साथ शीघ्रपतन, मासिक स्राव व मेनोपॉज़ संबंधी समस्याओं को भी दूर करते हैं.

Mudras For Better Sex Life

स्वास्थ्य और यौनशक्ति को बढ़ाने वाले प्रमुख कारक हैं- प्राण, संचित ऊर्जा, स्वस्थ नर्वस सिस्टम, रक्तप्रवाही ग्रंथियों का ठीक प्रकार से काम करना आदि. शारीरिक स्तर पर हेल्दी सेक्सुअल रिलेशन इस बात पर निर्भर करता है कि हम कितने तनावरहित हैं और किसी भी प्रतिक्रिया के प्रति कितने खुले और जागरूक हैं. योगाभ्यास द्वारा इन सभी चीज़ों को बढ़ाया जा सकता है.

आसन व सेक्सुअल पावर

आमतौर पर जहां आसन हमारे शरीर में प्राणशक्ति और लचीलापन बढ़ाकर हमें यौनदृष्टि से स्वस्थ रखते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ विशेष मुद्राएं हैं, जो हमारी खोई हुई यौन उत्तेजना को पुनः प्राप्त करने में हमारी मदद करती हैं. ‘थंडर बोल्ट पोश्‍चर’ और ‘स्पाइन थंडर बोल्ट पोश्‍चर’ (जिसमें व्यक्ति अपनी मूल मुद्रा में एड़ियों के बल बैठने के बाद अपनी पीठ के बल चित्त लेट जाता है) उन्हीं में से हैं. शोल्डर स्टैंड, प्लग, नोबरा, बो, लोकस्ट और स्पाइनल ट्विस्ट- ये अनेक तरी़के हैं, जो सेक्स पावर को बढ़ाकर शरीर में यौन-ग्रंथियों और प्रजनन अंगों को दृढ़ता व उत्तेजना प्रदान करते हैं. पेल्विक व स्पाइन को भी गतिशीलता व लचीलापन प्रदान करने के साथ-साथ ये शीघ्रपतन, मासिक रक्तस्राव और मेनोपॉज़ में आनेवाली कठिनाइयों, प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना, स्त्रियों में कामशीतलता व पुरुषों में नपुंसकता आदि विकारों को रोकने में भी सहायक होते हैं.

शक्तिवर्द्धक मुद्राएं

‘हठ योग’ में ऐसी निश्‍चित मुद्राएं व बंध हैं, जो हमारे यौनांगों व मांसपेशियों पर प्रत्यक्ष सकारात्मक प्रभाव डालते हैं. मुद्रा एक तरह से ‘सील’ या ‘तालाबंद’ (lock) करना है और बंध से तात्पर्य बांधने, रोकने से है. ये दोनों ही प्राण वायु को शरीर में रोके रखने की तकनीकें हैं और इनमें अंतर केवल सैद्धांतिक ही है.
महामुद्रा (Great Seal)-
इस मुद्रा में बायां पैर मोड़कर उसकी एड़ी से गुदाद्वार पर दबाव डाला जाता है. दायां पैर पूरी तरह फैला रहता है और आगे की तरफ़ झुक कर, ठोड़ी से दाएं पैर के पंजे को छूने का प्रयास किया जाता है. यही क्रिया फिर दाएं पैर को मोड़कर दोहराई जाती है.

महाबंध (Great Binding)- पैरों की अलग स्थिति के कारण यह ‘महामुद्रा’ से भिन्न है. एक पैर की एड़ी को मोड़कर गुदाद्वार पर दबाव डाला जाता है, लेकिन दूसरा पैर फैले रहने के बजाय, मोड़कर उसका पंजा पैर की जंघा के मोड़ के पास रखा जाता है.

महावेध (Great Piercing)- इस आसन में या तो ‘महाबंध’ या अन्य किसी भी ध्यान की मुद्रा में बैठा जा सकता है. गहरी सांस खींचकर, उसे रोककर, ‘जालंधर बंध’ (Chin Lock) लगाया जाता है. दाईं हथेली दाएं कूल्हे के पास और बाईं हथेली बाएं कूल्हे के पास ज़मीन पर रहती है. इस मुद्रा में हथेली व कूल्हे से रुक-रुक कर ज़मीन पर दबाव
डालते हैं.

यह भी पढ़ें: सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

Mudras For Better Sex Life

उड्डीय मुद्रा (Abdominal Retraction)– इस मुद्रा में सांस को पूरी तरह बाहर निकालकर, पेट को पूरी तरह अंदर सिकोड़ा जाता है. योग शास्त्र के आरोग्य- सिद्धांत के अनुसार इसे शरीर की स्वच्छता की क्रिया के साथ-साथ ‘श्‍वास-नियंत्रण’ की सीमा माना जाता है.

मूलबंध- इस क्रिया में सिद्धासन में बैठकर एक पैर की एड़ी गुदाद्वार के सामने और दूसरी एड़ी प्यूबिस के सामने रखी जाती है. यदि सिद्धासन में बैठना कठिन हो, तो सुखासन में भी बैठकर इसे किया जा सकता है. नाभि के नीचे पेट के निचले हिस्से को अंदर सिकोड़ कर पीछे रीढ़ की हड्डी की तरफ़ खींचा जाता है. इस क्रिया में गुदा व नाभि को एक साथ सिकोड़ने का प्रयास करना चाहिए. जब तक संभव हो पेट को सिकोड़े रखें, फिर ढीला छोड़ें. 15 मिनट के बाद यही क्रिया फिर दोहराएं.

अश्‍विनी मुद्रा- गुदा को सिकोड़कर मलद्वार में इस प्रकार तनाव (Tightness) उत्पन्न किया जाता है जैसा कि ‘मूल मुद्रा’ में किया जाता है. इस मुद्रा का नाम अश्‍व की मल निकास की प्रक्रिया के अनुरूप होने के कारण ‘अश्‍विनी मुद्रा’ रखा गया है.

जालंधर बंध (Chin Lock)- यौगिक श्‍वास-नियंत्रण की यह एक उन्नत क्रिया है. सांस को अंदर रोककर, ठोड़ी को नीचे झुकाकर, गले की हड्डी (Collar Bone) के ऊपर टिका दिया जाता है. सांस रोकने की यह क्रिया अन्य दो मुद्राओं- उड्डीयन बंध और मूल बंध के साथ की जाती है.

विपरीतकरणी बंध (Inverted Body Binding)- आसन होते हुए भी शास्त्रों में इसे मुद्रा के रूप में वर्णित किया गया है. थीओस बर्नार्ड ने इसे शीर्षासन के समरूप बताया है. जबकि अर्नेस्ट वूड इसे सर्वांगासन की तरह वर्णित करते हैं. प्रमुख तांत्रिक ग्रंथों में कहा गया है कि सिर ज़मीन पर टिका कर पैर आकाश की तरफ़ उठाओ- पहले दिन इस मुद्रा में कुछ ही क्षण रहो, फिर अगले दिन से धीरे-धीरे इसका समय बढ़ाओ.

वज्रोली मुद्रा– यह यौन-नियंत्रण की एक कला है, हालांकि ‘घरोन्द संहिता’ में इसका एक आसन के रूप में उल्लेख किया गया है. इस संहिता के अनुसार सीधे लेटकर दोनों पैर हवा में उठाएं, सिर भी ज़मीन से ऊपर रहे. ऋषियों द्वारा यह आसन शक्ति को जागृत करनेवाला तथा दीर्घायु प्रदान करनेवाला बताया गया है.

सहजोली और अमरोली मुद्रा– ये मुद्राएं वज्रोली मुद्रा के ही अन्य दो प्रकार हैं. वज्रोली मुद्रा को समाप्त करने के बाद स्त्री-पुरुष शांत बैठें व गाय के गोबर की भस्म अपने शरीर पर रगड़ें. यह सहजोली है और अमरोली का अर्थ है शीतल निर्झर के जल का पान करना.

यह भी पढ़ें: लव गेम: पार्टनर से पूछें ये नॉटी सवाल (Love Game: Some Naughty Questions To Ask Your Partner)

यह भी पढ़ें: क्यों घट रहा है पुरुषों में स्पर्म काउंट? (What Are The Reasons For Low Sperm Count In Men?)

इन लव फूड्स से बनाएं अपनी सेक्स लाइफ को और भी स्पाइसी (Spice Up Your Sex Life With These Love Foods)

यूं तो आपने अनेक तरह के फूड के बारे में सुना होगा, जैसे- चाइनीज़ फूड, मुगलई फूड, इटालियन फूड, थाई फूड आदि. लेकिन क्या आपने ‘लव फूड’ (Love Food) के बारे में सुना है? आइए, ऐसे ही कुछ लव रेसिपीज़, लव फ्रूट्स और ड्रिंक्स के बारे में जानें मुंबई की डायटीशियन ममता शर्मा से.

Love Foods

लव रेसिपीज़

अ‍ॅायस्टर ड्रमस्टिक करी: ड्रमस्टिक यानी सहिजन में लव फीलिंग्स को बढ़ाने की ख़ूबियां होती हैं और अ‍ॅायस्टर के साथ ड्रमस्टिक मिलकर रोमांटिक फीलिंग्स को दोगुना कर देती है.

खीर: दूध और ड्राय़फ्रूट्स से बनी इस स्वीट डिश का मीठा टेस्ट मूड को हल्का करता है. ड्राय़फ्रूट्स का ए़फ्रोडिसियक (प्यार की कामना) नेचर दूध के साथ मिलकर लव फीलिंग्स को बढ़ाता है.

हलवा: सूजी या बेसन और ड्रायफ्रूट्स से बनी इस स्वीट डिश से लव हार्मोन रिलीज़ होने में मदद मिलती है और रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ती है.

आइस्क्रीम विद नट्स: आइस्क्रीम में मिले नट्स- बादाम, अखरोट आदि रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होते हैं.

चीज़ केक विद स्ट्रॉबेरी: स्ट्रॉबेरी को चीज़ केक के साथ मिलाकर भी रोमांटिक फूड के रूप में सर्व किया जाता है.

स्ट्रॉबेरी विद चॅाकलेट: स्ट्रॉबेरी के साथ चॅाकलेट मिलाकर सर्व करना सबसे अधिक रोमांटिक माना जाता है. चॅाकलेट इंसान के मूड को हल्का-फुल्का बनाता है, जबकि स्ट्रॉबेरी उत्तेजना को बढ़ाता है. इसलिए स्ट्रॉबेरी को शैंपेन के साथ सर्व करते हैं. इसे किसी अन्य ड्रिंक के साथ सर्व नहीं किया जाता.

चॅाकलेट: यह इंसान के मूड को जॅाली और फ्रेश करती है. इसलिए इसको ‘मूड चेंजिंग फूड’ भी कहते हैं. इससे व्यक्ति के अंदर रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ती है.

यह भी पढ़ें: सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

Sex Foods
लव फ्रूट्स

स्ट्रॉबेरी: इसमें विटामिन ‘सी’ होता है, जो एंटी-अ‍ॅाक्सीडेंट का काम करता है. यह एंटी-अ‍ॅाक्सीडेंट शरीर की मांसपेशियों और टिशू के लिए आवश्यक होता है.

केला: केले में पोटैशियम और विटामिन ‘बी’ होता है, जो सेक्सुअल हार्मोन बनाने में मदद करता है.

पपीता: इसमें ऐसे केमिकल होते हैं, जो फीमेल हार्मोन के प्रोडक्शन में मदद करतेे हैं और ये हार्मोन रोमांटिक फीलिंग्स बढ़ाने में सहायक होते हैं.

एवोकेडो: इसके आकार की वजह से इसे लव फूड कहते हैं. इसमें विटामिन ई और बी6 होता है, जो रोमांटिक फीलिंग्स और एनर्जी के लिए ज़रूरी है.

अंजीर: मॅाडेस्टी और सेक्सुअलिटी का प्रतीक है अंजीर. इसमें बहुत अधिक मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, जो स्वस्थ शरीर और लव फीलिंग्स के लिए अनिवार्य हैं.

रसबेरी: गुलाब की फैमिली का होने के कारण इसे ‘फ्रूट अ‍ॅाफ़ लव’ भी कहते हैं. इसमें फ़ायबर, विटामिन ‘सी’ और मैग्नीज़ होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने और रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने के लिए ज़रूरी होते हैं. इसका प्रयोग केक, शेक और आइस्क्रीम में किया जाता है

अनार: इसको फ़र्टिलिटी का प्रतीक मानते हैं. इसका प्रयोग कस्टर्ड और शेक के साथ किया जाता है. इसमें आयरन होता है, जो मेल हार्मोन के लिए अनिवार्य होता है.

लव वेजीटेबल्स

स्वीट पोटैटो: इसमें पोटैशियम होता है, जो महिलाओं में रोमांटिक फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होता है. इसे ज़्यादा नमक के साथ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि नमक पोटैशियम के असर को कम कर देता है.

ड्रायफ्रूट्स

पाइन नट्स: इसको न्यूट्रीशन का ‘पावर हाउस’ कहते हैं, क्योंकि इसकी न्यूट्रीशियस वैल्यू बहुत अधिक होती है. इसका सेवन भी प्यार की भावनाओं को बढ़ाता है.

अखरोट: इसमें आर्जीनीन होता है. यह एक अमीनो एसिड है, जो मेल हार्मोन के प्रोडक्शन में मदद करता है. इसका प्रयोग केक, शेक आदि में किया जाता है.

बादाम: इसमें आयरन, मैग्नीज़ और विटामिन्स होते हैं, जो लव फीलिंग्स को बढ़ाने में सहायक होते हैं.

– अभिषेक शर्मा

यह भी पढ़ें: क्यों घट रहा है पुरुषों में स्पर्म काउंट? (What Are The Reasons For Low Sperm Count In Men?)

क्यों घट रहा है पुरुषों में स्पर्म काउंट? (What Are The Reasons For Low Sperm Count In Men?)

पिछले 40 सालों में पुरुषों (Men) के स्पर्म काउंट (Sperm Count) में काफ़ी गिरावट आई है और यह गिरावट दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है. ऐसा नहीं है कि स़िर्फ भारतीय पुरुष ही इसके शिकार हैं, बल्कि यह पूरी दुनिया के पुुरुषों को प्रभावित कर रहा है. क्या हैं इसके कारण और बचाव के उपाय, आइए जानते हैं. 

Low Sperm Count In Men

क्या कहते हैं आंकड़े?

–     वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन (WHO) के अनुसार, पिछले 40 सालों में पूरी दुनिया के पुरुषों के स्पर्म काउंट और क्वालिटी में भारी कमी आई है.  पहले हर सैंपल में जो स्पर्म काउंट 60 मिलियन होता था, अब वो महज़ 20 मिलियन रह गया है.

–     हमारे देश में हर साल 12-18 मिलियन कपल्स इंफर्टिलिटी के शिकार हो रहे हैं, जिसमें 50% पुरुष शामिल हैं.

–     आज यह स्थिति आ गई है कि हर छह में से एक कपल इंफर्टिलिटी का शिकार हो रहा है.

–     साथ ही यह बहुत गंभीर बात है कि हर साल पुरुषों के स्पर्म काउंट में 2% की कमी देखी जा रही है. ऐसा ही चलता रहा, तो कुछ ही सालों में इंफर्टिलिटी एक गंभीर सामाजिक समस्या बन जाएगी.

क्यों घट रहा है स्पर्म काउंट?

हमारी बदलती लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर ने बहुत कुछ बदल दिया है. जिस तेज़ी से पुरुषों के स्पर्म काउंट में कमी आ रही है, उसके लिए बहुत हद तक ये चीज़ें ही ज़िम्मेदार हैं. इसके अलावा और क्या हैं इस कमी के कारण, आइए देखते हैं.

–     दिन-ब-दिन बढ़ता मोटापा

–     अनहेल्दी लाइफस्टाइल

–     फिज़िकल एक्टिविटी की कमी

–     बहुत ज़्यादा टाइट कपड़े पहनना

–     वर्कप्लेस पर बढ़ता प्रेशर

–     स्मोकिंग और अल्कोहल

–     बहुत ज़्यादा इमोशनल स्ट्रेस

–     हार्मोंस का असंतुलन

–     इनडोर व आउटडोर पोल्यूशन

–     लगातार लैपटॉप पर काम करने से टेस्टिकल्स का तापमान बढ़ता है, जिससे स्पर्म प्रोडक्शन पर असर पड़ता है.

–     कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी ऐसा हो सकता है.

–     पर्यावरण में बढ़ती गर्मी इसका एक और कारण है.

पहचानें इसके लक्षण

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नज़र आता है, तो तुरंत किसी एक्सपर्ट सेे संपर्क करें. याद रखें, स्पर्म काउंट की समस्या को जितनी जल्दी सुलझाएंगे, ज़िंदगी उतनी आसान होगी. ग़ौर करें इन लक्षणों पर.

–     इजैकुलेशन में द़िक्क़त महसूस होना.

–     बहुत कम सीमेन का निकलना.

–     इरेक्टाइल डिस्फंक्शन.

–     सेक्सुअल डिज़ायर में कमी.

–     साथ ही बार-बार सांस संबंधी समस्या होना.

–     चेहरे और शरीर पर बालों का बढ़ना.

–     इंफर्टिलिटी से जूझ रहे पुरुषों के सूंघने की शक्ति में भी कमी देखी जाती है.

क्या है सामान्य स्पर्म काउंट?

आमतौर पर एक मि.ली. सीमेन में 15 मिलियन या फिर हर सैंपल में 39 मिलियन स्पर्म काउंट सामान्य माना जाता है. दूसरे शब्दों में कहें, तो एक मि.ली. सीमेन में 10 मिलियन से कम स्पर्म काउंट असामान्य माना जाता है और ऐसे पुरुषों को इंफर्टिलिटी का इलाज कराना पड़ता है.

यह भी पढ़ें: लव गेम: पार्टनर से पूछें ये नॉटी सवाल (Love Game: Some Naughty Questions To Ask Your Partner)

Low Sperm Count In Men
कैसे बढ़ाएं स्पर्म काउंट?

–     रोज़ाना 30-45 मिनट्स की फिज़िकल एक्टीविटी स्पर्म काउंट को बढ़ाने में मदद करती है.

–    एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, वेट लॉस और स्पर्म काउंट की बढ़ोत्तरी में डायरेक्ट लिंक देखा गया है. बेहतर होगा कि वेट लॉस पर ध्यान दें.

–     स्मोकिंग ब्लड वेसल्स को डैमेज करती है, जिससे गुप्तांगों में भी ब्लड फ्लो में द़िक्क़त आती है. साथ ही ये आपकी कामोत्तेजना को भी प्रभावित करती है, इसलिए बेहतर होगा कि जल्द-से-जल्द स्मोकिंग छोड़ दें.

–     लो स्पर्म काउंट के बारे में अपने डॉक्टर को बताएं, हो सकता है उनके द्वारा दी गई दवाइयों के कारण ऐसा हो रहा हो.

–     बढ़ते हुए स्ट्रेस के कारण शरीर रिप्रोडक्शन पर ज़्यादा ध्यान नहीं दे पाता है, इसलिए ़तनाव को कम करने की कोशिश करें.

–     ताज़े फल, सब्ज़ियां और साबूत अनाज अपने डायट में शामिल करें. कोशिश करें कि जंक फूड या पैक्ड फूड ज़्यादा न खाएं.

–     द जर्नल रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी एंड एंडोक्रेनोलॉजी में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, पुरुषों के विटामिन डी और कैल्शियम के लेवल और स्पर्म काउंट का सीधा संबंध है, इसलिए अगर विटामिन डी की कमी रही, तो कपल को कंसीव करने में द़िक्क़त महसूस होती है. अपने शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम का लेवल बनाए रखें.

–     रेग्युलर एक्सरसाइज़ और अच्छी नींद से भी स्पर्म काउंट बढ़ता है.

–     लंबे समय तक एक ही जगह पर न बैठें. इससे पुरुष गुप्तांग में गर्मी बढ़ जाती है, जो स्पर्म प्रोडक्शन में रुकावट पैदा कर सकता है.

–     कोशिश करें कि ज़्यादा-से -ज्यादा हेल्दी फैट्स लें. ओमेगा3 और ओमेगा6 इसमें काफ़ी लाभदायक सिद्ध होता है. आप चाहें, तो ओमेगा3 के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं.

अपनाएं ये फर्टिलिटी फूड्स

अंडा: स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए यह बेस्ट फूड माना जाता है. अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन ई होता है, जो स्पर्म को फ्री रैडिकल्स से बचाते हैं.

केला: विटामिन ए, बी1 और सी के गुणों से भरपूर केला स्पर्म प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है. इसमें ब्रोमेलेन नामक नेचुरल एंटी इंफ्लेमेट्री एंज़ाइम होता है, जो स्पर्म की गुणवत्ता और गतिशीलता कोे बढ़ाता है.

पालक: फॉलिक एसिड के गुणों से भरपूर पालक हेल्दी स्पर्म काउंट बढ़ाने में उपयोगी साबित होता है. अगर आपके शरीर में फॉलिक एसिड की कमी होगी, तो अनहेल्दी स्पर्म बनेंगे, जो आपके किसी काम नहीं आएंगे.

मेथी: लो स्पर्म काउंट और कामोत्तेजना को बढ़ानेवाला यह पारंपरिक घरेलू नुस्ख़ा है. एक शोध के मुताबिक़, लगातार 12 हफ़्तों तक मेथी के सेवन से स्पर्म काउंट और सीमेन में बढ़ोत्तरी देखी गई है.

अनार: यह एक बेहतरीन फर्टिलिटी बूस्टर माना जाता है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स ब्लड फ्री रैडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं. यह स्पर्म काउंट और क्वालिटी दोनों में लाभदायक है.

लहसुन: यह एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर है. विटामिन बी6 और सेलेनियम के गुणों से भरपूर लहसुन स्पर्म प्रोडक्शन को बढ़ाता है.

ब्रोकोली: इसमें मौजूद फॉलिक एसिड फर्टिलिटी दूर करने में मदद करता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, अगर रोज़ खाने में इसे शामिल किया जाए, तो आपका स्पर्म काउंट 70% तक बढ़ सकता है.

डार्क चॉकलेट: रात के खाने के बाद अगर आप और आपके पार्टनर स़िर्फ एक टुकड़ा डार्क चॉकलेट खाएं, तो स्पर्म काउंट की समस्या जल्द ही ख़त्म हो जाएगी. इसमें मौजूद एल-आर्जिनाइन स्पर्म प्रोडक्शन में काफ़ी लाभदायक सिद्ध होता है.

अखरोट: ब्रेन फूड के नाम से मशहूर अखरोट स्पर्म काउंट बढ़ाने में भी मदद करता है. ओमेगा3 फैटी एसिड्स से भरपूर अखरोट स्पर्म की गतिशीलता बढ़ाने में मददगार साबित होता है.

टमाटर: बेहतरीन फर्टिलिटी फूड्स में शुमार टमाटर इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है. इसमें मौजूद लाइकोपीन स्पर्म की बनावट और गतिशीलता में काफ़ी मदद करता है. अपने रोज़ाना के खाने में टमाटर शामिल करें.

गाजर: बीटा कैरोटीन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर गाजर स्पर्म को फ्री रैडिकल्स से बचाती है, जिससे स्पर्म जल्दी नष्ट नहीं होते. यह उनकी गतिशीलता बढ़ाने में भी सहायक होती है.

अश्‍वगंधा: सालों से हमारे देश में इसे आयुर्वेदिक दवा के रूप में लिया जाता रहा है. अश्‍वगंधा न स़िर्फ टेस्टोस्टेरॉन के लेवल को बढ़ाता है, बल्कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या को भी दूर करता है.

कद्दू के बीज: अमीनो एसिड्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स के गुणों से भरपूर कद्दू के बीज पुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ाते हैं. यह हेल्दी स्पर्म काउंट को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे उनकी गतिशीलता भी बढ़ जाती है.

– सुनीता सिंह

यह भी पढ़ें: सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

सुहागरात में काम आएंगे ये सुपर सेक्स टिप्स (Super Sex Tips For Your First Night)

शादी के बंधन में बंधनेवाले हर कपल के मन में सुहागरात को लेकर कई हसीन ख़्वाब पलते रहते हैं. नई ज़िंदगी की पहली रात को लेकर वैसे तो ज़्यादातर लोग एक्साइटेड रहते हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं, जिनके मन में संकोच और आशंकाएं भी होती हैं. इसमें कोई ग़लत बात नहीं है. यह बिल्कुल सामान्य है. सुहागरात को लेकर दिमाग़ में स़िर्फ सेक्स का ख़्याल आता है, लेकिन अगर कोई कपल सही तरी़के से सेक्सुअल रिलेशन नहीं बना पाता, तो उन्हें लगता है कि उनमें ही कोई कमी है, जबकि ऐसा बहुत-से कपल्स के साथ होता है. सेक्स एक कला है, जो तर्जुबे से सीखी जाती है, इसलिए सुहागरात के नाम पर स्ट्रेस न लें. हम यहां इसी से जुड़े कुछ सुपर सेक्स टिप्स दे रहे हैं, ताकि आपकी सेक्स लाइफ सुपर रोमांंटिक बनी रहे.

Sex Tips For First Night

– दिनभर शादी की रस्मों के कारण ज़्यादातर कपल्स थक जाते हैं और रात को इन्वॉल्व नहीं हो पाते. हो सकता है आपके साथ भी ऐसा हुआ हो, इसलिए रात को ही संबंध बनाना है, इसके लिए जल्दबाज़ी न करें. थकान मिटाने के लिए भरपूर नींद लें और सुबह उठकर अपने प्यार से अपने पार्टनर को सराबोर कर दें.

– सुहागरात रोमांटिक हो, इसके लिए आपको शादी के दिन ही थोड़ी फ्लर्टिंग करनी होगी. एक-दूसरे को छेड़ें, इशारों में बातें करें और देखिए कैसे आपका मूड सेट होता है.

– सुहागरात है, इसलिए स़िर्फ आपकी चलेगी, ऐसा न सोचें. अपने पार्टनर की पसंद-नापसंद के बारे में जानें और उसे तवज्जो दें. याद रखें, ख़ुशहाल शादीशुदा ज़िंदगी की नींव सुहागरात को ही पड़ती है, इसलिए अपने पार्टनर को बिल्कुल भी ऐसा महसूस न होने दें कि आप अपनी भावनाएं उन पर थोप रहे हैं.

– सुहागरात से पहले अगर कुछ सेक्स बुक्स पढ़ेंगे, तो आपको अपने पार्टनर को ख़ुश करने के कई बेहतरीन आइडियाज़ भी मिल जाएंगे. पर कोई भी सेक्स बुक न पढ़ें. बुक स्टोर से अच्छी किताब ख़रीदें और उसे समझें.

– बेड पर आते ही एक्शन की उम्मीद किए बिना एक-दूसरे से बातें करें. पहली रात को लेकर एक-दूसरे ने क्या सोच रखा था, इस बारे में बात करें.

– पार्टनर को इंप्रेस करने के लिए आप सेक्सी लिंगरी ट्राई कर सकती हैं. आजकल मार्केट में बहुत सेक्सी लिंगरीज़ मिलती हैं. इनका इस्तेमाल करके आप अपने पार्टनर को सरप्राइज़ दे सकते हो.

– ख़ासतौर से महिलाओं को रिलैक्स रहने की ज़रूरत है. नई जगह और नए लोगों के बीच उनके मन में कई भावनाएं आती रहती हैं, ऐसे में सेक्सुअल रिलेशन के बारे में वो सोच भी नहीं पातीं, लेकिन अगर आप रिलैक्स रहेंगी, तो बेहतर महसूस करेंगी और अपने पार्टनर के साथ अच्छी तरह रेस्पॉन्ड करेंगी.

यह भी पढ़ें: पहली बार सेक्सुअल रिलेशन से पहले जानें ये 10 बातें (10 Things To Know Before Having Sex For The First Time)

Sex Tips For Wedding Night

– बॉलीवुड फिल्मों जैसी सुहागरात की कल्पना करेंगे, तो अपने साथ-साथ अपने पार्टनर को भी निराश करेंगे. ख़ुद पर परफेक्ट सेक्सुअल रिलेशन का दबाव न बनाएं. बस, पार्टनर को प्यार से छू लें, वो ख़ुद निहाल हो जाएगा.

– पहली बार सेक्सुअल रिलेशन बनाने में असहजता होती ही है, इसलिए लुब्रिकेंट अपने पास ज़रूर रखें. यह आपको रिलेशन बनाने में मदद करेगा.

– अगर आप पहली ही बार में ऑर्गैज़्म की उम्मीद कर रही हैं, तो शायद ऐसा न हो. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आपने सेक्स एंजॉय नहीं किया. अपने पार्टनर को पा लेने की ख़ुशी कपल्स के चेहरे पर साफ़ दिखाई देती है. इसलिए ऑर्गैज़्म को दिमाग़ से निकाल दें और स़िर्फ पार्टनर पर ध्यान लगाएं.

– भले ही सुहागरात में संबंध बने या ना बने, फिर भी यह रात आप दोनों पूरी जिंदगी नहीं भूलेंगे. इसलिए हंसे, मुस्कुराएं, खिलखिलाएं और एक-दूसरे को जीवनभर के लिए अपना बना लें.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: लव बाइट से जुड़ी से 5 दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप (5 Surprising Facts About Love Bites You Didn’t Know)

पहले प्यार, सेक्स, क्रश पर कंगना रनौत का कबूलनामा… (Kangana Ranaut’s Confession On First Love, Sex, Crush)

कंगना अपने बेबाक बयानबाजी के लिए जानी जाती हैं. हाल ही में उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी कई सनसनीखेज बातों का खुलासा किया. जहां उन्होंने अपने पहले किस, पहला क्रश व सेक्स के बारे में बिंदास अंदाज़ में बताया, वहीं सेक्स की खुलकर पैरवी भी की.

Kangana Ranaut

कंगना को 14-15 साल की उम्र में जब वे नौवीं क्लास में थीं, तब अपने टीचर से ही प्यार हो गया था. वह उनका पहला क्रश था. वे हमेशा टीचर को लेकर इमेजिन करती थीं. टीचर के ख़्यालों में खोई रहती थीं. उन दिनों चांद छुपा बादल में… गाना बहुत मशहूर हुआ था. वह उस गाने में साथी के रूप में अपने टीचर की कल्पना करती थीं.
कंगना ने अपने किस को लेकर बड़े ही अजीबोगरीब तरीक़े से विस्तार से बताया. उनके अनुसार, उनका पहला जो किस था वह बहुत ही ख़राब था. वे अपने होंठों को हिला नहीं पा रही थीं. पहले किस में ही वे चूक गईं और अनाड़ी साबित हुईं.
अपनी सहेली के साथ उसके बॉयफ्रेंड से मुलाकात, फिर उसके दोस्त के साथ सेक्स, तब वे जहां 16-17 साल की थीं, वहीं वो दोस्त 28 साल.. उनके संबंध बनना, लड़के का अलग होना, कंगना की मिन्नतें ना जाने कितना कुछ कंगना बताती चली गईं, बिना किसी संकोच, हिचक के…
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जब उनके माता-पिता उनकी बेटी की इन सब हरकतों का पता चला, तब दोनों ही हैरान रह गए थे. काफ़ी सदमे में आ गए थे. कंगना ने इस बात को लेकर भी ज़ोर दिया कि बच्चों को सेक्स के बारे में जानकारी देनी चाहिए. साथ ही उन्हें एक ही पार्टनर के साथ सेक्स करने की सलाह भी देनी चाहिए.
कंगना का कहना है कि पहले शादियां 12-14 साल की छोटी उम्र में हो जाती थी. तब सेक्स पार्टनर सही समय पर मिल जाते थे, पर अब शादियां देरी से होती हैं, क़रीब 25-30 में. ऐसे में शरीर सेक्सुअल काफ़ी ऐक्टिव हो जाता है. हार्मोंस बदलते हैं… ऐसे में अगर आपने अपने लिए सेक्स पार्टनर चुन लिए हैं, तो कोई ग़लत नहीं किया है.. ना ही इसमें कोई हर्ज है…
बात रिश्तो की हो, प्यार की हो, किस या सेक्स की, सभी की अपनी मर्यादा और ख़ूबसूरती होती है. हर व्यक्ति इन सब बातों को अलग ढंग से सोचता है. सेक्स एजुकेशन देना अच्छी बात है, पर सेक्स को लेकर एकदम खुलापन यह भी ठीक नहीं है. कंगना की राय से काफ़ी लोग सहमत ना होंगे, पर हम पाठकों से पूछना चाहते हैं कि सेक्स एजुकेशन को लेकर उनकी क्या राय है… वे क्या कहना चाहते हैं कि हमें इसे शिक्षा के सिलेबस में शामिल करना चाहिए कि नहीं. जिस तरह आए दिन छेड़खानी, बलात्कार की घटनाएं होती हैं, कहीं ना कहीं सेक्स की अधूरी जानकारी या गुमराह होते बच्चों, युवाओं को सेक्स को लेकर ग़लत सोच तो ज़िम्मेदार नहीं है.
आपसे गुज़ारिश है कि इस पर स्पष्ट और बेबाक राय दें. बताएं कि आख़िर सेक्स को लेकर इतनी शर्मिंदगी, डर-छुपाव क्यों है? आखिर क्यों नहीं हम इसे लेकर जागरूक होते हैं. उस पर खुलकर बात करते हैं. कंगना ने अपनी बात कही थोड़े अलग ढंग से, पर उसमें सच्चाई भी बहुत कुछ है. हम सभी को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा और एक सार्थक पहल करनी होगी…

Kangana Ranaut Kangana Ranaut Kangana Ranaut

यह भी पढ़े: ‘उतरन’ की इस एक्ट्रेस के साथ उनका बॉयफ्रेंड करता था मारपीट, खुद किया खुलासा (Tinaa Dattaa Talks About Her Abusive Relationship)

वर्किंग वुमन के लिए बेस्ट सेक्स गाइड (Best Sex Guide For Working Women)

ज़िंदगी का फलसफ़ा अभी सुलझा भी न था कि रिश्तों की कश्मकश ने उलझा दिया. चंद पलों की देरी हुई और एक मुहब्बत को उसने पलभर में अजनबी बना दिया… ऐसा आपके साथ न हो, आपकी मुहब्बत व रिश्ता न स़िर्फ बरक़रार, बल्कि ताउम्र तरोताज़ा भी रहे, इसके लिए हम लाए हैं यह सेक्स गाइड (Sex Guide), जो आपकी मदद करेगी अपने सबसे ख़ास रिश्ते को सहज और हमेशा ख़ुशगवार बनाए रखने में.

Sex Guide For Women

डबल इन्कम, नो किड्स’ के बाद अब ‘डबल इन्कम, नो सेक्स’ का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है. व़क़्त की कमी, आर्थिक ज़रूरत और शोहरत की ख़्वाहिश ने सबसे ज़्यादा असर आपसी रिश्तों पर डाला है. दहलीज़ लांघकर महिलाओं ने अपनी पहचान बनाने की दिशा में क़दम तो बढ़ा दिए, मगर बदले में उनके अपने रिश्ते ही दांव पर लग रहे हैं. चूंकि रिश्तों को सहेजने का ज़िम्मा भी समाज में महिलाओं को ही दिया गया है, ऐसे में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है.

सेक्स की अहमियत

शादीशुदा जीवन में प्यार और विश्‍वास के साथ सेक्स की भी उतनी ही अहमियत होती है. शोधों से साबित हुआ है कि शादियां टूटने का एक बड़ा कारण होता है सेक्स लाइफ़ में प्रॉब्लम. ऐसे में सेक्स की अहमियत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. महिलाओं के बाहर काम करने से सबसे ़ज़्यादा उनकी सेक्स लाइफ़ ही प्रभावित हो रही है. ऐसे में अपनी सेक्स लाइफ़ को हमेशा तरोताज़ा बनाए रखना बेहद ज़रूरी है, ताकि आपकी शादीशुदा ज़िंदगी पर कोई आंच न आए. इन चंद बातों को ध्यान में रखेंगे तो आपकी सेक्स लाइफ़ हमेशा आनंददायक बनी रहेगी.

डिप्रेशन को हावी न होने दें

लॉस एंजल्स के सिडार्स सिनाए मेडिकल सेंटर के एमडी एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और मेडिसिन विभाग-अध्यक्ष ग्लेन डी. ब्राउन्स्टेन के अनुसार, महिलाओं की सेक्सड्राइव मल्टीडायमेंशनल होती है. सेक्स भले ही एक शारीरिक क्रिया है, लेकिन महिलाओं के लिए वो भावनात्मक पहलू से जुड़ी होती है. कोई भी मुद्दा उनकी सेक्स लाइफ़ को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है. इसलिए यदि कामकाजी महिलाओं को ऑफ़िस से संबंधित कोई समस्या हो, तो उन्हें इसका असर अपनी निजी जीवन पर नहीं होने देना चाहिए. आप द़फ़्तर और वहां की समस्याओं को घर में न लेकर आएं. कोई स्ट्रेस हो भी, तो उसे अपने पति के साथ बांट लें.

फ़िटनेस बेहद ज़रूरी

भावनात्मक संतुलन के लिए फिज़िकल फ़िटनेस भी ज़रूरी है. न स़िर्फ करियर, बल्कि निजी जीवन में भी फ़िटनेस का अहम् रोल है. विशेषज्ञों की राय है कि यदि आप शारीरिक रूप से फ़िट नहीं हैं, तो सेक्स में आपकी रुचि कम होती जाती है. ख़ासतौर से महिलाएं सेक्स के व़क़्त भी अपने शरीर और लुक्स को लेकर काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं. ऐेसे में ये ज़रूरी है कि काम के साथ-साथ आप अपनी फ़िटनेस बरक़रार रखें. जिम जाने का व़क़्त न हो, तो सुबह हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ या योगासन करें. इससे चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी और आप डिप्रेशन व स्ट्रेस से भी दूर रह सकेंगी. पॉज़िटिव एनर्जी आपकी सेक्स लाइफ़ को बेहतर बनाएगी.

क्या खाएं, क्या ना खाएं

खाने-पीने का सेक्स से क्या संबंध? अगर आप भी ऐसा सोचती हैं, तो ग़लत है. कहते हैं कि ‘जैसा हो अन्न, वैसा हो मन.’ कामकाजी महिलाओं को अपनी डायट प्लान करके रखनी चाहिए. कामकाजी महिलाओं का खान-पान अक्सर अनियमित हो जाता है या जब जो मिला, खा लिया वाली हालत रहती है. इसका सीधा असर उनकी हेल्थ पर पड़ता है, ख़ासतौर से पाचन क्रिया पर. ये छोटी-छोटी चीज़ें उनकी सेक्स लाइफ़ को प्रभावित करती हैं, क्योंकि हेल्दी डायट का संबंध शारीरिक ऊर्जा व ताक़त से है, जो सेक्स लाइफ़ में अहम् रोल अदा करती हैं. हमेशा हल्का, सुपाच्य भोजन लें. फ्रूट्स ़ज़्यादा खाएं, ख़ूब पानी पीएं.

पार्टनर से कम्युनिकेट करें

बिज़ी शेड्यूल में न आपके पास इतना व़क़्त होता है, न आपके पति के पास कि एक-दूसरे को पर्याप्त समय दे सकें. लेकिन फ़ोन के जरिए, प्यार भरे मैसेजेस के जरिए बीच-बीच में कॉन्टैक्ट करती रहें. इससे रिश्ते में ताज़गी बनी रहेगी, जो आप दोनों को और क़रीब लाएगी. साथ ही एक-दूसरे को कॉम्प्लिमेंट दें, तऱक़्क़ी होने पर बधाई दें, ग़िफ़्ट्स देने के लिए किसी ख़ास दिन का इंतज़ार न करें, बल्कि किसी भी दिन ग़िफ़्ट देकर उन्हें सरप्राइज़ दें.

हर वीकेंड हो हनीमून

पूरे ह़फ़्ते आप दोनों बिज़ी रहते हैं, लेकिन वीकेंड पर ऐसा कुछ स्पेशल करें कि ह़फ़्ते भर का स्ट्रेस भी दूर हो जाए और आप दोनों कुछ हसीन पल भी तन्हाई में गुज़ार सकें. रिसर्च में साबित हुआ है कि एक हनीमून की बजाय छोटे-छोटे कई हनीमून आपके रिलेशनशिप के लिए बेहतर हैं. वीकेंड में या तो आस-पास ही कहीं घूमने निकल जाएं, फ़िल्म और कैंडल लाइट डिनर का प्रोग्राम बना लें. या फिर द़फ़्तर से कुछ दिनों की छुट्टी लेकर आप दोनों बाहर जाने का प्रोग्राम भी बना सकती हैं.

पति का सहयोग ज़रूरी

आपके पार्टनर को भी ये एहसास होना चाहिए कि भावनात्मक स्तर पर महिलाओं को दिनभर की छोटी-छोटी बातें काफ़ी प्रभावित करती हैं, जिसका असर सेक्स लाइफ़ पर पड़ता है. ऐसे में पुरुषों को भी चाहिए कि यदि उनकी पत्नी कामकाजी है तो वो उसे सहयोग करें. पति का यह सपोर्ट आप दोनों के रिश्तों को और मज़बूती देगा.

यह भी पढ़ें: सेक्सुअल पावर बढ़ाने की अमेज़िंग किचन रेमेडीज़ (Amazing Kitchen Remedies To Increase Sexual Stamina)

यह भी पढ़ें: पहली बार सेक्सुअल रिलेशन से पहले जानें ये 10 बातें (10 Things To Know Before Having Sex For The First Time)

Sex Guide For Women

कुछ टिप्स पुरुषों के लिए

पुरुष अपनी सोच के आधार पर प्यार में महिलाओं की चाहत का अंदाज़ा लगा लेते हैं, जो अक्सर ग़लत साबित होते हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि पुरुष अपने इन भ्रमों को दूर कर लें-

मुझे पता है कि वो क्या चाहती है?

अधिकांश पुरुष इसी भ्रम में जीते हैं कि उन्हें अपनी पत्नी की ज़रूरतें पता हैं. बेहतर होगा कि ख़ुद समझने की बजाय आप बात करके जानें कि आपकी पत्नी की क्या अपेक्षाएं हैं.

उसकी सभी ज़रूरतों को मैं पूरा कर सकता हूं.

यानी आपके पास वो सब कुछ है, जो आपकी पत्नी को चाहिए. पर हो सकता है कि आपसे वो कुछ और चाहती हो, आपकी आदतों में कुछ बदलाव की उम्मीद करती हो.

सेक्स से जुड़ी भावनाएं स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान हैं.

हक़ीक़त यह है कि पुरुषों के लिए सेक्स एक शारीरिक क्रिया होती है, जबकि महिलाओं के लिए भावनात्मक.

सेक्स के समय शांत रहना फ़ायदेमंद रहता है.

सेक्स से पहले और सेक्स के दौरान बातें करें, तभी पता चल पाएगा कि आपकी पत्नी क्या महसूस करती है.

– उर्मिला

यह भी पढ़ें: लव बाइट से जुड़ी से 5 दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप (5 Surprising Facts About Love Bites You Didn’t Know)
यह भी पढ़ें: 20 सेक्स फैक्ट्स, जो हर कपल जानना चाहता है (20 Sex Facts Every Couple Must Know)

महिलाओं को होते हैं 4 तरह के ऑर्गैज़्म (4 Kinds Of Female Orgasm Every Woman Should Have)

शादीशुदा ज़िंदगी में सेक्स टॉनिक की तरह काम करता है, पर आज भी बहुत-सी महिलाएं सेक्स को अपने पार्टनर के प्रति दायित्व मात्र समझकर उनकी ख़ुशी के लिए करती हैं, जबकि सेक्स या संभोग का अर्थ होता है, दोनों का समान रूप से भोग करना. इससे आपको स्पष्ट हो गया होगा कि सम्भोग में आपकी ख़ुशी कितनी मनाये रखती है. इसलिए अब से सेक्स को सिर्फ़ पत्नी का कर्तव्य समझकर न निभाएं, बल्कि इससे मिलनेवाले सुख से अपने दांपत्य जीवन को और ख़ुशहाल बनाएं. आपको शायद पता न हो कि महिलाओं को होनेवाला ऑर्गैज़्म दरअसल चार तरह का होता है. इसमें से आपको कौन-सा ऑर्गैज़्म होता है, आइए देखें.

Kinds Of Female Orgasm

  1. क्लिटोरल ऑर्गैज़्म

महिलाओं के लिए यह बेस्ट ऑर्गैज़्म माना जाता है. महिलाओं की क्लिटोरिस काफ़ी सेंसिटिव होती है, क्योंकि शरीर की बहुत-सी मांसपेशियां इससे जुड़ी होती हैं. इसमें ज़रा-सी भी उत्तेजना महिलाओं को असीम सुख की प्रप्ति कराती है. उंगलियों से या फिर जीभ से अगर इसे थोड़ी देर रगड़ें, तो महिलाओं को क्लिटोरल ऑर्गैज़्म का अनुभव होता है.

  1. जी-स्पॉट ऑर्गैज़्म

बहुत-से लोगों के लिए यह आज भी बहस का विषय है कि जी स्पॉट होता है या नहीं. इसका समर्थन करनेवालों के अनुसार, जिन्होंने इसका अनुभव किया है, वो इसके अस्तित्व को कभी नकार नहीं सकते. ऐसा माना जाता है कि क्लिटोरिस के नीचे के हिस्से में जी-स्पॉट होता है, जिसके स्टिमुलेट होने पर महिलाओं को ऑर्गैज़्म का अनुभव होता है. यह ऑर्गैज़्म क्लिटोरल ऑर्गैज़्म से ज़्यादा संतोषजनक और ख़ुशी प्रदान करनेवाला होता है.

यह भी पढ़ें: सेक्स से पहले ग़लती से भी न खाएं ये 6 चीज़ें (6 Foods You Should Never Eat Before Sex)

Female Orgasm

  1. ब्लेंडेड ऑर्गैज़्म

जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, यह दो ऑर्गैज़्म का मिश्रण है यानी इसमें क्लिटोरियल ऑर्गैज़्म और जी-स्पॉट ऑर्गैज़्म दोनों का अनुभव एक साथ होता है. इसके लिए आपको वेजाइना के भीतरी और बाहरी दोनों हिस्सों को एक साथ स्टिमुलेट करना होता है. हालांकि यह इतना आसान नहीं, पर यक़ीनन इससे मिलनेवाला दोगुना आपको एक बार इसके लिए प्रयत्न करने के लिए ज़रूर प्रोत्साहित करेगा.

  1. मल्टीपल ऑर्गैज़्म

जी हां, प्रकृति ने महिलाओं को वरदान में मल्टीपल ऑर्गैज़्म का सुख दिया है, जो पुरुषों के पास नहीं. हालांकि इसका अनुभव बहुत कम महिलाएं कर पाती हैं, क्योंकि यह आपके पार्टनर की क्षमता पर निर्भर करता है. पहले ऑर्गैज़्म के बाद अगर आप दोनों दोबारा क्लाइमेक्स तक जाने की कोशिश करते हैं, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है. अपनी पार्टनर की ख़ुशी के लिए पुरुषों को इसे ज़रूर ट्राई करना चाहिए. किसी ख़ास मौ़के पर भी आप अपनी पार्टनर को एक्स्ट्रा ख़ुशी देने के लिए ऐसा कर सकते हैं.

 

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: किसिंग के ये हेल्थ बेनीफिट्स नहीं जानते होंगे आप (Health Benefits Of Kissing You May Not Know)

यह भी पढ़ें: जानें वो 10 कारण जो आपको ऑर्गैज़्म से वंचित रख रहे हैं? (10 Reasons You’re Not Having An Orgasm)

सेक्स- क्या करें जब पति कहे ‘ना’? (What To Do If Your Husband Is Uninterested In Sex?)

सेक्सुअल रिलेशन (Sexual Relations) के प्रति उदासीनता, इससे बचना या कटे-कटे रहना… यदि इस तरह का व्यवहार आपके पति करें, तो सचेत हो जाएं. उनकी ‘ना’ के पीछे छिपे कारणों को जानने और उन्हें दूर करने की कोशिश करें, ताकि आपकी सेक्स लाइफ़ में ठहराव न आने पाए.

Uninterested In Sex

पुरुष प्रधान समाज में पुरुष की ख़ुद को  महिलाओं से बेहतर, सक्षम, मज़बूत या सुपीरियर बनाए रखने की प्रवृत्ति रही है. ये बातें कमोबेश हर जगह देखने को मिलती हैं, फिर चाहे वो सेक्स ही क्यों न हो. सेक्स एक अंतरंग विषय होने के बावजूद इसमें पुरुष ख़ुद को श्रेष्ठ बनाए रखने या दिखाने की पूरी कोशिश करता है. जहां सेक्स की पहल ज़्यादातर पुरुषों की तरफ़ से ही होती थी, वहीं अब महिलाएं भी पहल करने से नहीं चूकतीं. लेकिन ऐसे बहुत कम मौ़के होते हैं, जब पत्नी के आग्रह पर पुरुष सेक्स से इंकार कर दे. ऐसा क्यों होता है? इसके क्या कारण हो सकते हैं? आइए, जानने की कोशिश करते हैं.

शारीरिक व मानसिक थकान

सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. दीपक के. जुमानी के अनुसार, “आमतौर पर भारतीय पद्धति में पति सेक्स के लिए इंकार नहीं करते. पत्नी को तो इंकार करने का अधिकार भी है पीरियड्स वगैरह के दिनों में. लेकिन कई बार पारिवारिक व सामाजिक ज़िम्मेदारियों का प्रेशर पति को सेक्स के लिए ‘ना’ कहने को मजबूर करता है. हो सकता है उनके इंकार के पीछे शारीरिक व मानसिक थकावट हो, जिसकी वजह से उन्हें सेक्स की इच्छा नहीं होती या फिर इसके बारे में सोचने तक का समय नहीं मिलता.

पत्नी में सेक्सुअल फैंटेसी का अभाव

एक सर्वे के अनुसार, भारतीय पुरुष जो सपने देखते हैं, उनमें सेक्स संबंधित ऑब्जेक्ट की भरमार होती है. इस तरह से धीरे-धीरे उनमें एक सेक्सुअल फैंटेसी विकसित हो जाती है. महिलाएं शर्म-संकोच के कारण अपनी सेक्स संबंधी इच्छाओं को नहीं बतातीं, न ही सेक्स क्रिया में ़ज़्यादा खुल पाती हैं. यानी पत्नी से पति की सेक्सुअल फैंटेसी न पूरी हो, तो धीरे-धीरे पति का सेक्स में इंटरेस्ट कम होता जाता है.

कम्यूनिकेशन गैप

अक्सर पति-पत्नी के बीच अहम् के कारण या अन्य वजहों से आपसी संवाद की कमी जैसी समस्या आ ही जाती है. उस पर पति का पत्नी को उपभोग की वस्तु मानना स्थिति को और भी जटिल बना देता है. महिलाएं प्यार व भावनाओं को अधिक महत्व देती हैं, जबकि पुरुष शारीरिक आकर्षण को. ऐसे में टकराव और कम्यूनिकेशन गैप ब़ढ़ना स्वाभाविक है, जिससे पति सेक्स के प्रति उदासीन होने लगते हैं.

आदत और बीमारियां

डॉ. हितेश कहते हैं कि सोसायटी में स्ट्रेस लेवल बढ़ रहा है. अल्कोहल, धूम्रपान, अधिक दवाइयां लेने की आदत आम हो रही है. साथ ही ऐसी कई बीमारियां भी होती हैं, जिनसे शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. इससे नई-नई शारीरिक समस्याएं उभरती हैं और पति-पत्नी की सेक्सुअल लाइफ़ भी प्रभावित हुए बिना नहीं रहती. धीरे-धीरे रिश्तों में ठहराव व नीरसता की स्थिति पैदा होने लगती है.

विवाहेतर संबंध

उम्र बढ़ने के साथ पति की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है और इस कमज़ोरी को वह स्वीकार नहीं करता. ऐसे में अगर कोई दूसरी स्त्री उसकी ओर आकर्षित होती है, तो उसे एक मानसिक संतुष्टि मिलती है कि वह अब भी सक्षम है. धीरे-धीरे यह आकर्षण भावनात्मक लगाव में बदलने लगता है और पति अपनी पत्नी से दूर भागने लगता है.

सेक्सोलॉजिस्ट्स के अनुसार, बचपन में जिन बच्चों का सेक्सुअल एब्यूज़ यानी यौन शोषण होता है, वे शादी के बाद शारीरिक संबंधों से दूर भागने लगते हैं.

यह भी पढ़ेनीरस सेक्स लाइफ में लाएं गरमाहट (Heat Up Your Boring Sex Life)

Sex Problems

क्या करें?

जहां चाह है, वहां राह निकल ही आती है. यदि पति सेक्स से दूर भागे, तो यह समस्या शारीरिक से ज़्यादा मनोवैज्ञानिक है और मौजूदा हालात ही इनके लिए ज़्यादा ज़िम्मेदार हैं. पर एक समझदार पत्नी इन हालात को बख़ूबी हैंडल कर सकती है.

–  शायद आप अपने पति की इच्छा व पसंद का ध्यान नहीं रखतीं. इस पर गौर करें, जैसे- वे आपको किस पहनावे में देखना पसंद करते हैं, आपकी कौन-सी अदा के वे दीवाने हैं आदि.

–  सेक्सुअल रिलेशन में अधिक शर्म-संकोच को न आने दें. पति को जो बातें, क्रियाएं अच्छी लगें, वो ज़रूर करें. प्राइवेट कंपनी में कार्यरत सॉ़फ़्टवेयर इंजीनियर की पत्नी का कहना है, “मैं अपने पारिवारिक संस्कारों की वजह से पति के सामने ज़्यादा खुल नहीं पाती थी. धीरे-धीरे मुझे पता चला कि मेरे पति सेक्स से दूर भाग रहे हैं, तब सेक्सोलॉजिस्ट से सलाह-मशवरा करके मैंने ख़ुद को बदला. अब मेरे पति बेहद ख़ुश रहते हैं और हम दोनों अपनी सेक्सुअल लाइफ़ पूरी तरह एंजॉय करते हैं.”-

–  पति-पत्नी दोनों ही आपसी बातचीत के लिए थोड़ा समय ज़रूर निकालें. एक-दूसरे की भावनाओं को समझें. पारिवारिक ज़िम्मेदारियों का निर्वाह मिल-बांटकर करें, ताकि दोनों अपने शौक़ व अपनी इच्छाओं को एक-दूसरे के साथ शेयर कर सकें. डॉ. हितेश के अनुसार, “पति का सेक्स से इंकार अधिकतर मामलों में कम्यूनिकेशन गैप से ही पैदा होता है. इस गैप को कम करना दोनों की ज़िम्मेदारी है.”

– पति-पत्नी के रिश्ते में डर व शक को न आने दें. एक-दूसरे पर विश्‍वास प्यार बढ़ाता है और दोनों को सेक्सुअल रिलेशन के लिए भी उत्साहित करता है. इन सभी बातों का ख़याल रखेंगी तो पति की ‘ना’ को ‘हां’ में बदलते देर नहीं लगेगी. हैप्पी सेक्सुअल लाइफ़!

– लक्ष्मी यादव

यह भी पढ़ें: किसिंग के ये हेल्थ बेनीफिट्स नहीं जानते होंगे आप (Health Benefits Of Kissing You May Not Know)

यह भी पढ़ें: लव बाइट से जुड़ी से 5 दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप (5 Surprising Facts About Love Bites You Didn’t Know)