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सेक्सुअल पावर बढ़ाने के लिए खाएं ये 5 सुपर फूड्स (Top 5 Super Foods To Boost Your Sex Power)

आपको शायद पता नहीं होगा कि कुछ फूड्स (Foods) ऐसे भी हैं, जो आपके सेक्सुअल पावर (Sexual Power) को तुरंत बढ़ा (Increase) देते हैं. यूं कहें, तो ये वायग्रा (Viagra) की तरह काम करते हैं. ये आपकी सेक्स ड्राइव को बढ़ाकर आपकी सेक्स लाइफ (Sex Life) को और भी हेल्दी (Healthy) बनाते हैं. क्या हैं ये सुपर फूड्स (Super Foods) आइए देखें.

 

Foods To Boost Sex Power

सुपर फूड्स
1. स्ट्रॉबेरी

ये विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है, जो पुरुषों में स्पर्म काउंट को बढ़ाता है. साथ ही यह हार्ट और आर्टरीज़ में रक्त संचार को सुचारू बनाए रखता है. स्ट्रॉबेरीज़ को डार्क चॉकलेट में डुबोकर खाएं, यह कामोत्तेजना को बढ़ाता है.

2. बादाम

ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई के गुणों से भरपूर बादाम सेक्स बूस्टर का काम करता है. सेलेनियम जहां इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर रखता है, वहीं ज़िंक सेक्स हार्मोन की बढ़ोत्तरी करता है और विटामिन ई हार्ट को हेल्दी रखता है.
रोज़ाना बादाम का सेवन याद्दाश्त बढ़ाने के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ को भी हेल्दी बनाता है.

3. तरबूज़

इसमें कामोत्तेजना बढ़ानेवाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें मौजूद लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन सेक्स ड्राइव को बूस्ट करने में मदद करता है.

4. शकरकंद

पोटैशियम से भरपूर शकरकंद हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफ़ी मददगार होता है, जिससे पुरुष इरेक्टाइल डायस्फंक्शन के ख़तरे से बचे रहते हैं. बीटा कैरोटीन और विटामिन ए इंफर्टिलिटी को दूर रखते हैं.

5. स़फेद तिल

ज़िंक से भरपूर तिल बेहतरीन सेक्स बूस्टर फूड है. यह टेस्टोस्टेरॉन और स्पर्म प्रोडक्शन की बढ़ोत्तरी में मदद करता है.

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Foods To Boost Sex Power
सेक्स किलर फूड्स

चीज़, डायट सोडा, सोया, आर्टिफीशियल स्वीटनर्स, फ्राई व फैटी फूड्स, कैन्ड फूड आदि अवॉइड करें.

स्मार्ट सेक्सी टिप्स

1. अपनी सेक्स लाइफ को थोड़ा स्पाइसी बनाएं. कभी-कभार रूटीन से हटकर कुछ नया ट्राई करें.

2. पार्टनर को आकर्षित करने के लिए सेक्सी कपड़े पहनें. यह आपकी कामोत्तेजना का बढ़ाता है.

3. अरोमा कैंडल्स की ख़ुशबू सेक्स के प्रति आकर्षित करने में आपकी मदद करती हैं. अपने बेडरूम को मनपसंद ख़ुशबू से महकाएं.

4. कोशिश करें कि साल में एक बार स़िर्फ पति-पत्नी 2-4 दिनों के लिए बाहर जाएं. यह आपकी सेक्स लाइफ को दोबारा रिवाइव कर देता है.

5. पार्टनर को मॉर्निंग किस और गुडनाइट किस देना कभी न भूलें.

6. रोमांटिक बातें आपके रिश्ते में अहम् भूमिका निभाती हैं. अपनी बातों से उन्हें रिझाने का कोई मौक़ा हाथ से न जाने दें.

7. अगर दोनों ही वर्किंग हैं, तो वर्किंग आवर्स के बीच एक बार आई लव यू या मिस यू जैसे मैसेजेस आपकी सेक्स लाइफ के रोमांच को बनाए रखते हैं.

8. पार्टनर के शौक़ को जानते हैं, तो कभी-कभार उन्हें सरप्राइज़ ज़रूर दें.

9. सिर्फ़ गिफ़्ट ही आपके पार्टनर को ख़ुश नहीं करता, बल्कि किसी दिन बिन बताए उन्हें ऑफिस से पिक अप करने पहुंच जाएं या फिर सरप्राइज़ लंच प्लान करें.

10. एक-दूसरे को अपनी फैंटसीज़ के बारे में बताएं.

11. कुछ अलग करना चाहते हैं, तो शनिवार रात की बजाय रविबार की सुबह आपके प्यार के लिए बेस्ट टाइम होगा.

12. अक्सर महिलाएं पुरुष के पहल का इंतज़ार करती हैं. इस बार आप पहल करके उन्हें ख़ुश कर सकती हैं.

– सुनीता सिंह

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बेडरूम का कलर भी बताता है आपकी सेक्स लाइफ का सीक्रेट (Bedroom Color Also Reveals Your Sex Life Secret)

जैसे कपड़ों का रंग आपकी पर्सनैलिटी और मूड को दर्शाता है, वैसे ही आपके बेडरूम का कलर (Bedroom Color) भी आपकी सेक्स लाइफ के सीक्रेट्स (Sex Life Secret) को बयां करता है. रंगों के बिना सेक्स लाइफ का रोमांच अधूरा है. रंग न केवल आपके मूड को फ्रेश करते हैं, बल्कि सेक्स लाइफ को रोमांटिक व ख़ूबसूरत बनाने में भी मदद करते हैं. कैसे? आइए जानें.

 Sex Life Secret
पर्पल कलर

सेक्सोलॉजिस्ट के अनुसार, पर्पल कलर पैशेनेट कलर माना जाता है. जिन कपल्स के बेडरूम का कलर पर्पल होता है, वे दूसरे कपल्स की तुलना में सेक्स को अधिक एंजॉय करते हैं, लेकिन पार्टनर की संतुष्टि की बजाय अपने सेक्सुअल सैटिस्फेक्शन को अधिक महत्व देते हैं. यदि आप अपनी सेक्स लाइफ को पैशनेट बनाना चाहते हैं, तो अपने बेडरूम की दीवारों पर पर्पल कलर कराएं. अगर दीवारों का कलर पर्पल नहीं कराना चाहते हैं, तो बेडरूम में पर्पल कलर की बेडशीट, पिलो कवर, कर्टन और पर्पल कलर की एक्ससेरीज़ का इस्तेमाल करें.

रेड कलर

लाल रंग प्यार, रोमांस और उत्तेजना का प्रतीक होता है. जिन कपल्स के बेडरूम का कलर रेड होता है, वे अपनी सेक्स लाइफ को पूरी तरह से एंजॉय करते हैं. उनकी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी होती है और रिश्तों की बॉन्डिंग भी बहुत मज़बूत होती है. बेडरूम में रेड कलर की मौजूदगी पार्टनर को रोमांटिक बनाती है, जिससे सेक्स लाइफ में एक्साइटमेंट बना रहता है. ऐसे कपल्स रिलेशनशिप के दौरान बहुत जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं और अपनी सेक्स लाइफ को एंजॉय करते हैं.

पिंक कलर

जिन दंपतियों के बेडरूम का कलर पिंक होता है, उनके बीच रिश्तों को लेकर अच्छी ट्यूनिंग होती है. दोनों पार्टनर स्वभाव से बेहद रोमंाटिक होते हैं, लेकिन जब बात संबंध बनाने की आती है, तो महिला पार्टनर असहज महसूस करती है, पुुरुष पार्टनर को उतना सपोर्ट नहीं करती, जितना करना चाहिए. बस, उन्हें अपनी बातों से आकर्षित करती है.

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Sex Life Secret
ब्राउन कलर

ऐसे कपल्स जिनके बेडरूम का कलर ब्राउन होता है, वे बेहद रोमांटिक होते हैं. पार्टनर की भावनाओं और ज़रूरतों को अच्छी तरह से समझते हैं. इन्हें प्राइवेसी पसंद होती है. पार्टनर्स के बीच अगर नोंक-झोंक हो जाती है, तो दूसरे पार्टनर के मनाने पर मान जाते हैं. रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्राउन कलर का नाम आते ही सबसे पहले चॉकलेट का ख़्याल आता है. वर्ष 2014 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, प्यार और चॉकलेट के बीच गहरा संबंध है. जब कोई सिंगल (पुरुष/महिला) चॉकलेट खाता है, तो उसके मन में रोमांस व आकर्षण पैदा होता है. इसी तरह से बेडरूम की दीवारों पर ब्राउन कलर कराने से कपल में भी रोमांटिक भावनाएं पैदा होती है.

ब्लू कलर

यह रंग एक ओर मानसिक शांति व अच्छी नींद का प्रतीक माना जाता है, वहीं दूसरी ओर इसे सेक्सुअल फीलिंग बढ़ानेवाला कलर भी माना जाता है. जो कपल अपने बेडरूम में ब्लू कलर कराते हैं, वे बेहतरीन सेक्स पार्टनर्स होते हैं. उनके लिए सेक्स एक आर्ट है, इसलिए वे संबंध बनाने में जल्दबाज़ी नहीं करते.

ऑरेंज कलर

जिन दंपतियों के बेडरूम का कलर ऑरेंज होता है, सेक्स के मामले में वे थोड़े-से वाइल्ड क़िस्म के होते हैं. उनके लिए संबंध बनाना जितना महत्वपूर्ण होता है, उतना ही महत्व वे फोरप्ले को भी देते हैं. सेक्सुअल फैंटसी में जीना उन्हें अच्छा लगता है.

यलो कलर 

जो कपल अपने बेडरूम की दीवारों को पीले रंग से रंगते हैं, वे एनर्जेटिक होते हैं, लेकिन एनर्जेटिक होने का प्रभाव सेक्स लाइफ पर दिखाई नहीं देता यानी उनकी सेक्सुअल डिज़ायर थोड़ी कॉम्प्लिकेटेड (जटिल) होती है. वे स्ट्रॉन्ग पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करते हुए उसके सामने झुक  जाते हैं.

ग्रीन कलर

हरा रंग हरियाली का प्रतीक है. जो दंपति अपने बेडरूम की दीवारों पर हरा रंग कराते हैं, उनका सेक्स लाइफ के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण होता है. हालांकि वे सेक्स के प्रति पैशनेट नहीं होते, लेकिन अपने पार्टनर और रिश्ते के प्रति वफ़ादार होते हैं.

ग्रे कलर

जिन दंपतियों के बेडरूम का कलर ग्रे होता है, सेक्स में उनकी रुचि कम होती है. पुरुष पार्टनर के लिए सेक्स मात्र तनाव दूर करने का एक ज़रिया होता है, उसी तरह से महिला पार्टनर भी सेक्स को मात्र फॉर्मैलिटीज़ मानकर करती है.

                                  – पूनम कोठारी

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10 अलर्ट्स जो बताएंगे कहीं आपकी सेक्स लाइफ बेरंग तो नहीं? (10 Alerts Of Colorless Sex Life)

शादी के कुछ सालों बाद कपल्स (Couples) की सेक्स लाइफ (Sex Life) में रूटीन (Routine) आ जाता है, जिससे अपनी उन्हें सेक्स लाइफ बेरंग (Colorless) लगने लगती है. इसके बहुत से कारण हो सकते हैं. कभी-कभी तो कपल्स को एहसास ही नहीं होता कि उनकी सेक्स लाइफ बेरंग हो गई है. अगर आपकी सेक्स लाइफ बहुत इंट्रेस्टिंग नहीं है, तो आप भी इन अलर्ट्स को देखें और पहचानें कि कहीं आपकी सेक्स लाइफ भी बेरंग तो नहीं हो गई है.

Colorless Sex Life

अलर्ट्स जो बताएंगे कहीं आपकी सेक्स लाइफ बेरंग तो नहीं?

1. सेक्स अब पहले की अपेक्षा कम होता है.

2. रोमांटिक बातें लगभग बंद हो गई.

3. सेक्स में कुछ नया करने की चाह नहीं होती.

4. सेक्स मात्र शारीरिक क्रिया बनकर रह गई.

5. एक-दूसरे की बात सुनने या चाहत जानने की जिज्ञासा नहीं रही.

6. पार्टनर सेक्स को टालने लगे हैं.

7. हमेशा थकान या बिज़ी रहने के कारण सेक्स में दिलचस्पी कम हो गई.

8. सेक्स को पहले की तरह एंजॉय नहीं करते.

9. सेक्स के समय पार्टनर की दिलचस्पी और उसका सहयोग नहीं मिलता.

10. पार्टनर अब पहले की तरह आकर्षक नहीं लगता, फिर भले ही वो कितने ही आकर्षक कपड़ों में सामने आए और सेक्स में पहल भी करे, लेकिन आपका ध्यान ही नहीं जाता उसकी तरफ़.

ये तमाम लक्षण आपके लिए सिग्नल है कि आपको कुछ करना होगा, ताकि आपकी सेक्स लाइफ बोरिंग रूटीन बनकर न रह जाए.

फिर से लाएं खोई गर्माहट और ताज़गी

– पार्टनर की दिलचस्पी सेक्स में कम हो गई है, तो आपका फर्ज़ बनता है कि आप पहल करें और पार्टनर की दिलचस्पी फिर से जगाएं.

– पार्टनर से पूछें कि उसे कोई मानसिक या शारीरिक समस्या तो नहीं. यदि है, तो एक्सपर्ट से संपर्क करें.

– सेक्स में ज़बर्दस्ती कभी भी न करें, क्योंकि इससे पार्टनर की सेक्स के प्रति दिलचस्पी और आपके प्रति लगाव भी कम होता जाएगा.

– उससे प्यार से बात करें, बात करते समय सहलाएं. चूमें और बालों में हल्के-हल्के उंगलियां फेरें. ऐसा करने पर मूड न होने पर भी धीरे-धीरे मूड बनने लगता है और पार्टनर बेहतर महसूस करता है.

– हाइजीन का पूरा ख़्याल रखें. कई बार इस तरह की बातें भी सेक्स में दिलचस्पी कम कर देती हैं और पार्टनर चाहकर भी कुछ बोल नहीं पाता. बेहतर होगा कपल्स साफ़-सफ़ाई का पूरा ध्यान रखें.

– कमरे का माहौल भी शांत और रोमांटिक हो. चादर वगैरह भी साफ़-सुथरी होनी चाहिए.

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Sex Life

– बेडरूम को अपने स्मार्ट फोन और लैपटॉप से दूर ही रखें. बहुत ज़्यादा इनका प्रयोग या टीवी देखना भी सेक्स लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. अक्सर इन गैजेट्स ने हमारी लाइफ में बहुत हद तक जगह बना ली है, लेकिन इन्हें हम-तुम के बीच ‘वो’ न बनने दें. इससे पार्टनर को लगेगा कि आपको उसमें दिलचस्पी ही नहीं है और न आपका ध्यान उसकी बातों की तरफ़ है.

– पर्सनल टाइम में पार्टनर को पूरा अटेंशन दें, उसे यह लगना चाहिए कि यह व़क्त स़िर्फ और स़िर्फ आप दोनों का है, जिसमें किसी और के लिए कोई जगह नहीं.

– पार्टनर को यह महसूस कराएं कि सेक्स से भी कहीं अधिक ज़रूरी आपके लिए उनका साथ है. इस तरह का भावनात्मक लगाव एक-दूसरे को और क़रीब लाता है.

– सेक्स में क्या नयापन लाना चाहिए इस पर भी खुलकर न स़िर्फ चर्चा करें, बल्कि साथ मिलकर प्लान करें कि आज की रात या इस वीकेंड को कैसे और भी रोमांटिक बनाया जा सकता है.

– कलर्स भी सेक्स लाइफ पर प्रभाव डालते हैं, तो एक-दूसरे की पसंद-नापसंद को ध्यान में रखते हुए कमरे में कलर्स ऐड करें और अपने आउटफिट्स और इनर वेयर में भी सेक्सी कलर्स और स्टाइल सिलेक्ट करें.

– सेक्स के व़क्त काम व तनाव को भूलकर पार्टनर पर ही पूरा ध्यान केंद्रित होना चाहिए, वरना अक्सर लोग उस व़क्त भी दूसरी बातें करते हैं और सेक्स को एक क्रिया मात्र बना देते हैं, जिससे पार्टनर को लगता है कि उनका साथी उन्हें स़िर्फ इच्छा पूरी करने वाला जिस्म समझता है.

– दूसरी तरफ़ कुछ लोग सेक्स को एक हथियार के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं, ख़ासकर महिलाएं सेक्स को इमोशनल ब्लैक मेलिंग का बेहतरीन हथियार समझती हैं और सेक्स के व़क्त ही तरह-तरह की डिमांड करके पति से बातें मनावाने की कोशिश करती हैं. ऐसा करने से पति के मन में पत्नी के प्रति वो सम्मान नहीं रह जाता और वो भी प्रैक्टिकल अप्रोच अपनाने लगता है.

– सेक्स के समय रोमांटिक बातें ही करें. ताने-उलाहने व शिकवे-शिकायत से बचें.

– पुरानी रोमांटिक बातें व साथ गुज़ारे हसीन पलों को याद करें, उन पर बात करें, साथ हसें, खिलखिलाएं, क्योंकि ये तमाम बातें आपको ताज़गी का एहसास कराती हैं.

– सेक्स लाइफ को बोरिंग होने से बचाने का मतलब स़िर्फ बेडरूम तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि हर पल, हर लम्हे को आपके बेहतर बनाना होगा. एक-दूसरे का अटेंशन देना होगा, क्योंकि पूरे दिन के क्रिया-कलापों का निचाड़ ही सेक्स लाइफ में झलकता है. दिन अच्छा होगा, मूड अच्छा होगा, तो रिश्ता बेहतर होगा… और बेहतर रिश्ते का मतलब है बेहतर सेक्स लाइफ और मज़ूबत-अटूट बंधन.

– विजयलक्ष्मी

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बोरिंग सेक्स लाइफ में यूं लाएं नया रोमांच (Hot Sex Ideas To Spice Up Your Boring Sex Life)

शादी के शुरुआती साल बेहद हसीन होते हैं. पार्टनर एक-दूसरे को समझने के साथ-साथ एक-दूसरे की कंपनी, क़रीब होने का एहसास और प्यार-मुहब्बत को काफ़ी एंजॉय करते हैं. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि धीरे-धीरे ज़िम्मेदारियां बढ़ती हैं और एक्साइटमेंट की जगह रूटीन लाइफ कपल्स (Life Couple) की ज़िंदगी का हिस्सा हो जाती है. इसमें कहीं न कहीं सेक्स (Sex) भी रूटीन सा ही होने लगता है, जिसका असर आपसी रिश्तों (Relationships) पर पड़ने लगता है. बेहतर होगा कि आप अपनी सेक्स लाइफ (Sex Life) को बोरिंग (Boring) न होने दें, ताकि आपके रिश्ते में गर्माहट बनी रहे.

Hot Sex Ideas

  1. साथ बिताने के लिए अगर समय नहीं है, तो ज़ाहिर है भावनात्मक लगाव पर नकारात्मक प्रभाव होगा और बिना भावनात्मक लगाव के सेक्स भी बोरियत का ही एहसास कराएगा.

क्या करें: भले ही आप कितने भी बिज़ी हों, आपको एक-दूसरे के लिए समय निकालना ही होगा. वीकेंड पर बाइक राइड या लॉन्ग ड्राइव पर जाएं. आप बीच, वॉटर पार्क, मूवी या आसपास के गार्डन में भी जाकर कुछ समय एक-दूसरे के साथ बिता सकते हैं. आपस में बिताए इस समय का असर आपकी बेडरूम लाइफ पर काफ़ी सकारत्मक होगा.

2. कुछ साल साथ रहने के बाद सेक्स को लेकर एक्साइटमेंट कम हो जाता है और सेक्स लाइफ बेहद बोरिंग होने लगती है.

क्या करें: कुछ नया करें. बेडरूम में कैंडल्स जलाएं और रोमांटिक माहौल बनाएं. अपने पार्टनर से पूछें कि वो सेक्स में क्या नया चाहते हैं और ख़ुद भी अपनी चाहत के बारे में बताएं. सेक्सी आउटफिट पहनें और सेक्सी बातें करें. इससे नयापन आएगा.

3. अक्सर कपल्स बिज़ी रहते हैं और थक जाते हैं. यही थकान उनके रिश्तों और सेक्स लाइफ में भी नज़र आने लगती है.

क्या करें: अपने रिश्ते को सबसे अधिक अहमियत दें. अपनी प्रायोरिटी लिस्ट में अपने रिश्ते को टॉप पर रखेंगे, तो रिश्ते में थकान कभी नहीं आएगी. इसके अलावा यदि आप एक-दूसरे को अधिक महत्व देंगे और सपोर्ट करेंगे, तो बाकी चीज़ों व समस्याओं से बेहतर तरी़के से निपट सकेंगे. इससे तनाव और थकान दोनों ही नहीं होगी.

4. अक्सर कपल्स एक-दूसरे से कहने में झिझकते हैं कि वो सेक्स लाइफ में बदलाव चाहते हैं और कुछ नया करना चाहते हैं. उन्हें लगता है कि कहीं पार्टनर बुरा न मान जाए और उसे यह न लगे कि वो उससे संतुष्ट नहीं.

क्या करें: बात करें, लेकिन बात करने का तरीक़ा ऐसा हो कि पार्टनर को बुरा भी न लगे. आप ये न कहें कि आप बोर हो गए/गई हैं, बल्कि यह कहें कि हमको कुछ अलग और न्यू ट्राई करना चाहिए. कम्यूनिकेशन बहुत ज़रूरी है और पॉज़िटिव कम्यूनिकेशन आपकी सेक्स लाइफ और बेहतर बनाता है.

5. रूटीन लाइफ के चलते छोटी-छोटी ख़ुशियों के महत्व को भी आप भूलने लगते हैं. एक-दूसरे को छूना, कॉम्प्लीमेंट देना, गिफ्ट देना, सरप्राइज़ देना आदि एकदम से रिश्ते में से ग़ायब ही हो जाता है.

क्या करें: इन बातों को कभी भी अपने रिश्ते से ग़ायब न होने दें. एक-दूसरे के लुक्स व फिटनेस को सराहें. प्यारभरी शरारतें, एक-दूसरे का छूना, गले लगना, किस करना… इस तरह की तमाम छोटी-छोटी बातें रिश्ते को ताज़ा रखती हैं. कभी एक छोटा-सा मैसेज, एक सरप्राइज़ गिफ्ट किस तरह से आपकी रूटीन लाइफ में ताज़गी भर देगा आप सोच भी नहीं सकता. इन सबका असर आपकी सेक्स लाइफ पर भी ज़रूर पड़ता है.

6. बहुत कोशिश के बाद भी साथ समय नहीं बिता पाते, तो ऐसे में रिश्ते में बासीपन और स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है, जो सेक्स लाइफ को बुरी तरह प्रभावित करता है.

क्या करें: कुछ रोचक व इनोवेटिव सोचें, जहां आप साथ में समय बिता सकें. एक साथ वर्कआउट करेें, जॉगिंग या वॉक के लिए जाएं. स्विमिंग क्लास या डांस क्लास जॉइन करें. ये बातें आपको एक-दूसरे के क़रीब लाएंगी. थोड़ा समय निकालकर एक-दूसरे को सेक्सी मसाज दें, इससे नयापन आएगा और आप दोनों फ्रेश फील करेंगे.

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– विजयलक्ष्मी

दूर कीजिए सेक्स से जुड़ी 10 ग़लतफ़हमियां (Top 10 Sex Myths Busted)

कई बार ऐसा होता है कि एक पार्टनर सेक्स (Sex) चाहता है, लेकिन दूसरे की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं होती. ऐसे में कई बार हफ़्तों व महीनों तक कपल्स सेक्स लाइफ़ (Sex Life) को एन्जॉय नहीं कर पाते. अगर आप भी इस तरह की समस्या से गुज़र रहे हैं, तो कामेच्छा में कमी के सही कारण और उससे जुड़ी ग़लतफ़हमियों की जानकारी रखना आपके लिए आवश्यक है. जानिए कामेच्छा (Libido) में कमी से जुड़े कुछ मिथकों (Myths) की सच्चाई.

Sex Myths

 

 

मिथक 1- बहुत ज़्यादा तनाव से सेक्सुअल डिज़ायर (कामेच्छा) में कमी आती है.

सच्चाई- यह बात पूरी तरह सच नहीं है. वैसे इस कॉम्पिटीशन के युग में स्ट्रेस से बचना मुश्किल है. काम का लोड, बॉस की झिड़की, प्रेजेंटेशन का प्रेशर, उस पर लंबे वर्किंग आवर्स तनाव को काफ़ी बढ़ा देते हैं. ऐसे में तनाव को सेक्सुअल डिज़ायर में कमी का कारण मान लिया जाता है. पार्टनर को ग़लतफ़हमी हो जाती है कि ये पहले की तरह मुझसे प्यार नहीं करते और मुझमें इनकी रुचि ही नहीं रह गई है. इसी बात पर कपल्स के बीच झगड़े शुरू हो जाते हैं. इन सब बातों का परिणाम यह होता है कि पुरुष अपनी सेक्सुअल पावर पर ही शक़ करने लगता है और स्थिति बिगड़ जाती है. वास्तव में वैवाहिक जीवन में सेक्स की तीव्र इच्छा में कमी के पड़ाव आते-जाते रहते हैं और इसके लिए तनाव को पूरी तरह दोषी नहीं माना जा सकता. अलबत्ता तनाव के अन्य कारण भी हो सकते हैं. व्यस्त लाइफ़स्टाइल और ख़ानपान की ग़लत आदतें भी सेक्स लाइफ़ पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. कम्युनिकेशन गैप भी दिलों के बीच दूरियां बढ़ा देती हैं. इसलिए अपने पार्टनर से बात करें, रोज़ कम से कम उन बातों को शेयर करें जो आपको परेशान कर रही हैं. इससे तनाव काफ़ी कम हो जाएगा और आप रिलैेक्स महसूस करेंगे, फिर भी यदि लगे कि स्ट्रेस सेक्सुअल लाइफ़ पर हावी हो रहा है तो काउंसलर या सेक्स थेरेपिस्ट की सलाह लें.

मिथक 2- महिलाओं में कामेच्छा की कमी हार्मोेन्स के कारण होती है.

सच्चाई- अगर आप भी यही सोचते हैं कि महिलाओं के मूड और सेक्स की इच्छा के लिए हार्मोन्स ही ज़िम्मेदार हैं, तो यह ग़लत है. आपसी झगड़े, मनमुटाव और कम्युनिकेशन गैप भी इसका कारण हो सकता है. कामेच्छा में कमी का सबसे महत्वपूर्ण कारण है, नींद की कमी. हर व्यक्ति को कम से कम 6 से 7 घंटे सोना चाहिए. इसके अलावा हमारा मानसिक स्वास्थ्य, ग़लत ख़ान-पान और थकान भी इसके लिए उत्तरदायी हैं. महिलाओं में सेक्स की इच्छा इस बात पर निर्भर करती है कि उनके अपने पार्टनर के साथ कैसे संबंध हैं? जो महिलाएं हीनभावना या नकारात्मक सोच की शिकार होती हैं, उनकी कामेच्छा में कमी पाई गई है. अतः यह पुरुष पार्टनर की ज़िम्मेदारी बनती है कि उनके मन से यह नकारात्मक सोच निकाल फेंकें और उनका आत्मविश्‍वास बढ़ाएं. इसके लिए उन्हें आपस में बैठकर संवाद का पुल बांधना होगा ताकि उनके वैवाहिक संबंधों की गाड़ी आराम से आगे बढ़ सके.

मिथक 3- दवाइयों के प्रयोग से कामेच्छा जगाई जा सकती है.

सच्चाई- दवाइयों को हमेशा अंतिम विकल्प के रूप में रखना चाहिए, क्योंकि कई बार इनका उल्टा असर भी होता है. अतः सबसे पहले समस्या की जड़ तक जाएं. कारण ढूंढ़ें कि समस्या शारीरिक है, मानसिक है, शारीरिक बदलाव के कारण है या अन्य कोई वजह है. कई बार समस्या समझने से ही हल हो जाती है. आजकल की महिलाओं को पर्सनल और  प्रोफेशनल लेवल पर ख़ुद को साबित करना पड़ता है. ऑफ़िस में बॉस और काम का टेंशन, घर में बच्चों को संभालना व गृहस्थी की ज़िम्मेदारी, इन सबको बैलेंस करते-करते वे इतना थक जाती हैं कि सेक्स की इच्छा कहीं दबकर रह जाती है. पार्टनर यदि थोड़ी-बहुत ज़िम्मेदारी उठाए और ढेर सारा प्यार दे, तो समस्या आसानी से सुलझ सकती है. मगर हां, इसके लिए धैर्य ज़रूरी है.

मिथक 4- सेक्स एक अलग ही पावर है. शरीर में होनेवाले बदलावों से इसका कोई संबंध नहीं होता.

सच्चाई- यह धारणा बिल्कुल ग़लत है. वैसे भी पुरुष सेक्स को बहुत महत्व देते हैं. यदि कामेच्छा में कमी आती है तो वे परेशान हो जाते हैं और मूड बनाने के लिए कई बार सिगरेट व शराब का सहारा लेते हैं. दरअसल, इसका सेवन करने से शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, जिसका असर कामजीवन पर पड़ता है. सिगरेट में अनेक प्रकार के विषैले पदार्थ होते हैं, जो नपुंसकता पैदा करते हैं. इसी तरह शराब के सेवन से भी सेक्सुअल डिज़ायर में कमी आती है, लेकिन अक्सर इन फैक्ट्स को नज़रअंदाज़ किया जाता है. स्वस्थ कामजीवन के लिए बेहतर होगा कि सिगरेट और शराब का सेवन न किया जाए.

मिथक 5- भावनात्मक अंतरंगता (जुड़ाव) हाई सेक्सुअल लाइफ़ के बराबर होती है.

सच्चाई- भावनात्मक अंतरंगता शेयर करनेवाले कपल्स अपने आपको सुरक्षित महसूस करते हैं, लेकिन कई बार इमोशनल इंटीमेसी इतनी बढ़ जाती है कि न तो उन्हें सेक्स की ज़रूरत महसूस होती है और न ही उनकी एक-दूसरे के प्रति पहले की तरह कामवासना जागती है. कामेच्छा की कमी की वजह से वे सेक्स का आनंद ठीक तरह से नहीं उठा पाते. यह बस एक रूटीन बनकर रह जाता है. ऐसा न हो इसके लिए दोनों पार्टनर्स को एक-दूसरे की पसंद का ख़्याल रखना होगा, कुछ ऐसा करें कि पार्टनर सेक्सी और रोमांटिक फील करे. बेडरूम का माहौल रूमानी बनाएं, धीमा-धीमा म्यूज़िक, कैंडल्स की हल्की-सी रोशनी और पार्टनर का सेक्सी लिबास एक-दूसरे के क़रीब आने के लिए मज़बूर कर देगा. कुछ दिनों के लिए घर से दूर किसी रोमांटिक जगह पर एक साथ बिताए पल भी जादू बिखेर देंगे.

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Sex Myths in Hindi
मिथक 6- एक पार्टनर सेक्स की इच्छा रखता है मगर दूसरा नहीं, तो दूसरे को अपना प्यार किन्हीं अन्य तरीक़ों से दिखाना चाहिए.

सच्चाई- यह सामान्य-सी समस्या है. पुरुष अक्सर अन्य तरी़के , जैसे- ग़िफ़्ट देकर या मीठी-मीठी बातें कर अपने पार्टनर का दिल बहलाने की कोशिश करते हैं. मगर वे भूल जाते हैं कि स्त्री ग़िफ़्ट से ़ज़्यादा प्यार करने से, बांहों में लेने से और किस करने से ख़ुश होती है. वह पार्टनर का स्पर्श चाहती है, क्योंकि यही स्पर्श उसे प्यार का एहसास कराता है. ध्यान रहे, अन्य किसी भी तरी़के से दिखाया गया प्यार शारीरिक समीपता का पर्याय हो ही नहीं सकता. इसलिए यदि कामेच्छा में कमी या सेक्स संबंधी कोई समस्या हो तो उसे छुपाने की बजाय पार्टनर से खुलकर कहें. इससे ग़लफ़हमियां नहीं होंगी और संबंध मधुर बने रहेंगे. अगर समस्या गहरी हो तो बेझिझक डॉक्टर की सलाह लें.

मिथक 7- एक पार्टनर की कामेच्छा में कमी से दूसरे पार्टनर का उसके प्रति प्यार कम होता जाता है.

सच्चाई- यह केवल वहम् है. ऐसा कुछ भी नहीं होता. समस्या से निबटने के लिए सबसे पहले तो यह पता लगाएं कि सेक्स की इच्छा में कमी के क्या कारण हैं? महिलाएं शादी के कुछ सालों बाद या बच्चे होने के बाद अक्सर मोटी हो जाती हैं और उनका आत्मविश्‍वास कम हो जाता है. उन्हें लगता है कि अब उनकी बॉडी सेक्सी नहीं रही, उनके पार्टनर क्या सोचेंगे? यही नकारात्मक सोच उनकी सेक्स में दिलचस्पी कम कर देती है. कई बार पुरुष भी मोटापे के शिकार हो जाते हैं. इससे उन्हें संबंध बनाने में परेशानी होती है. अक्सर पुरुष पेनिस के साइज़ को लेकर चिंतित रहते हैं. उन्हें लगता है कि वो पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाएंगे, इससे भी सेक्स में रुचि कम हो जाती है. हालांकि मोटापे को डायट और नियमित व्यायाम के ज़रिए कंट्रोल में लाया जा सकता है, जबकि नकारात्मक विचारों को दूर करने के लिए साइको सेक्सुअलथेरेपिस्ट या काउंसलर की सलाह ली जा सकती है.

मिथक 8 – रिलेशनशिप में सेक्स ही प्रमुख है. इसी पर संबंधों का टिकना निर्भर होता है.

सच्चाई- शादीशुदा कपल्स अक्सर ऐसा सोचते हैं और उसी पर ध्यान केंद्रित करते हैं. एक पार्टनर के सेक्स से इंकार करने पर दूसरा पार्टनर नाराज़ हो जाता है, जिससे दोनों में दूरियां आ जाती हैं. हालांकि संबंधों को निभाने में सेक्स की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता परंतु इसके आगे भी कई फैक्ट्स होते हैं जिन पर रिलेशनशिप टिकी होती है, जिनमें भावनात्मक जुड़ाव (इमोशनल क्लोज़नेस) सबसे महत्वपूर्ण है. इसके अलावा एक-दूसरे की अन्य ज़रूरतों का ख़्याल रखना, एक दूसरे के प्रति प्यार और विश्‍वास संबंधों को मधुर बनाते हैं.

मिथक 9 – ड्रिंक करके सेक्स करने से सेक्स का मज़ा दुगुना हो जाता है.

सच्चाई- ड्रिंक करने (शराब पीने) के बाद सेक्स करने से सेक्स का मज़ा बढ़ जाता है, ये बात भी ग़लत है. दरअसल, ड्रिंक से सेक्स का कोई संबंध नहीं होता, बल्कि कई बार शराब का सेवन सेक्स के अनुभव से आपको वंचित कर देता है, तो कई बार शराब पीने से सेक्स का सारा मज़ा किरकिरा हो जाता है.

मिथक 10 – महिलाएं फैंटेसी सेक्स में शामिल नहीं होतीं.

सच्चाई- अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप ग़लत हैं. सर्वे के अनुसार, पुरुष जिस तरह सेक्स क्रिया के दौरान फैंटेसी की दुनिया में खो जाते हैं, उसी तरह महिलाएं भी फैंटेसी की दुनिया में जाकर सेक्स क्रिया को एंजॉय करती हैं. हां, ये कहा जा सकता है कि इस मामले में पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है.

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कितना फ़ायदेमंद है हस्तमैथुन? (Health Benefits Of Masturbation)

कुछ महीने पहले फ़िल्म वीरे दी वेडिंग में स्वरा भास्कर और फिल्म लस्ट स्टोरीज़ में कियारा आडवाणी के किरदारों के ज़रिए बॉलीवुड ने सेक्सुअल संतुष्टि (Sexual Satisfaction) के लिए हस्तमैथुन (Masturbation) तरी़के को चर्चा में ला दिया है. हालांकि हमारे देश में लोग इस विषय पर खुलकर बात करने से कतराते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि तक़रीबन 95 फ़ीसदी पुरुष और यहां तक कि महिलाएं भी सेक्सुअल संतुष्टि के लिए इसका सहारा लेती हैं. आइए जानते हैं हस्तमैथुन करने के 5 सेहतमंद कारण.
Benefits Of Masturbation

1. तनाव कम होता है

न्यूयॉर्क की गायनाकोलॉजिस्ट और किताब द कम्प्लीट ए टू ज़ी फ़ॉर योर वी की लेखिका एलेशिया ड्वेक के अनुसार, जब आप शारीरिक या मानसिक तनाव का अनुभव कर रहे हों, तब हस्तमैथुन करने से तनाव कम होता है. इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि हस्तमैथुन से कई सारे न्यूरोट्रान्समीटर्स रिलीज़ होते हैं, जैसे-सेरोटॉनिन, एन्डॉ़िर्फन और ऑक्सिटोसिन. जहां सेरोटॉनिन आपको शांत करता है, वहीं एन्डॉ़िर्फन दर्द कम करने में मददगार है, जबकि ऑक्सिटोसिन को लव हार्मोन कहा जाता है. यह आपको रिलैक्स महसूस कराता है.

2. रक्त संचार बढ़ता है

तनाव घटने से आपके दिल की सेहत बेहतर होती है. इसके अलावा हस्तमैथुन करते समय हमारे जननांगों में रक्त का संचार बढ़ता है. इससे वहां की टीशूज़ सेहतमंद बनती हैं. जननांगों के आसपास रक्त का संचार बढ़ना उन महिलाओं के लिए अच्छा होता है, जो मेनोपॉज़ की उम्र के क़रीब पहुंच रही हैं. दरअसल, ऐसी महिलाएं वेजाइनल ड्राइनेस और इंटरकोर्स के दौरान काफ़ी दर्द होने जैसी समस्याओं का सामना कर रही होती हैं. जब उनके जननांगों के पास ब्लड सप्लाई बढ़ती है तो उन्हें मेनोपॉज़ के इन लक्षणों से काफ़ी हद तक राहत मिलती है. कुछ रिसर्च में यह पाया गया है कि हस्तमैथुन से पीरियड्स के दौरान होनेवाले दर्द में भी कमी आती है. हालांकि अभी इस पर और शोध होना बाक़ी है.

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Benefits Of Masturbation
3. पार्टनर के साथ सेक्स संबंध बेहतर होता है

यदि आप ख़ुद को संतुष्ट करने के इस तरी़के को अपनाते हैं और इसका सही फ़ायदा लेना जानते हैं तो इसका सकारात्मक व सेहतमंद असर पार्टनर के साथ सेक्स संबंध बनाने के दौरान भी दिखाई देता है. हस्तमैथुन करनेवाले लोग पार्टनर के साथ संबंध बनाने के दौरान तनावमुक्त होकर सेक्स का आनंद उठा सकते हैं, क्योंकि वे उस संबंध में संतुष्टि को लेकर अव्यवहारिक उम्मीद नहीं रखते. जब उम्मीदों का बोझ नहीं होता तो वे सेक्स का भरपूर आनंद उठाते हैं. वे जानते हैं कि उन्हें अच्छा महसूस कराने की पूरी ज़िम्मेदारी पार्टनर की नहीं है. उन्हें क्या चाहिए वे ख़ुद भी जानते हैं. इस तरह कह सकते हैं कि हस्तमैथुन आपके सेक्सुअल रिश्तों के लिहाज़ से भी सेहतमंद है.

4. सेक्स ड्राइव बढ़ता है

यह पुरानी धारणा है कि जब आप ज़्यादा हस्तमैथुन करते हैं तो पार्टनर के साथ उतने सेक्सुअली उत्तेजित महसूस नहीं करते. जबकि सच्चाई इसके विपरीत है. आप ख़ुद को जितना ज़्यादा संतुष्ट करते हैं, आपका शरीर इसकी मांग उतना ज़्यादा करता है. आपके शरीर को पता होता है कि सेक्सुअल प्लेज़र कैसे महसूस करना है. ये सारी बातें इस ओर इशारा कर रही हैं कि हस्तमैथुन का आपकी सेक्स ड्राइव पर सकारात्मक असर पड़ता है. यहां चिंता की बात तब होती है, जब आप संतुष्टि की इस अकेली यात्रा के आदी हो जाएं और पार्टनर की अहमियत को भूल जाएं. वैसे भी यह तो हम सभी जानते हैं कि हर चीज़ की अति वर्जित है.

Masturbation Benefits
5. अच्छी नींद आती है

यह तो हम सभी जानते हैं कि ऑर्गैज़्म के बाद कितनी अच्छी नींद आती है. दरअसल, सेक्स आपका मानसिक तनाव कम करता है और शरीर को थका देता है, जिससे नींद जल्दी आती है. इससे कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आपने ऑर्गैज़्म का अनुभव पार्टनर के साथ सेक्स करने के दौरान किया हो या हस्तमैथुन से. आप रिलैक्स्ड महसूस करते हैं, जिससे अच्छी नींद आती है. कई शोधों में कहा गया है कि जिस तरह कुछ लोग किताब पढ़कर अच्छी नींद पाते हैं, हमारे मन पर हस्तमैथुन का भी लगभग वैसा ही असर होता है.

कितनी बार हस्तमैथुन सही?

इसका कोई कट पॉइंट्स नहीं है. यह उस व्यक्ति पर निर्भर करता है, लेकिन औसत देखा जाए तो हफ़्ते में तीन बार ठीक है.

हस्तमैथुन स्वाभाविक है

यह पूरी तरह से नैचुरल प्रक्रिया है. इससे प्रजनन क्षमता पर किसी भी तरह का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है. सेक्सुअल कमज़ोरी और कामुकता में कमी की बात भी पूरी तरह से अफवाह है. यहां तक कि जानवरों में बिल्ली, कुत्ते और बंदर भी हस्तमैथुन करते हैं.

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जानें परफेक्ट सेक्स पार्टनर की 5 ख़ूबियां (5 Signs Of Perfect Sex Partner)

सेक्स (Sex) एक कला (Art) है और ज़रूरी नहीं की हर कोई इस कला में पारंगत हो, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर आप इसमें महारत हासिल कर सकते हैं. सेक्सुअल एक्ट (Sexual Act) में परफेक्शन हासिल करके आप कैसे बन सकते हैं पऱफेक्ट सेक्स पार्टनर (Sex Partner)? आइए, जानते हैं.

Signs Of Perfect Sex Partner

आमतौर पर कपल्स एक-दूसरे की पसंद-नापंसद और ज़िंदगी की अन्य ज़रूरतों का तो पूरा ख़्याल रखते हैं. मगर जब बात सेक्स की आती है, तो वे कुछ छोटी-छोटी, मगर अहम् बातों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और यही बातें उनके अंतरंग पलों का मज़ा किरकिरा करके रिश्ते में तनाव ला देती हैं. अगर आप ऐसी स्थिति से बचकर अपनी सेक्स लाइफ़ को पूरी तरह एन्जॉय करना चाहते हैं, तो निम्न बातों का ध्यान रखें.

1. रखें हाइजीन का ख़्याल

अंतरंग पलों का भरपूर आनंद उठाने के लिए अपने शरीर की साफ़-सफ़ाई का ख़ास ध्यान रखें. स्किन को अच्छा बनाए रखने के लिए समय-समय पर मसाज कराते रहें, क्योंकि आपकी साफ-सुथरी त्वचा का स्पर्श पार्टनर को कामोत्तेजित करके सेक्स का मज़ा दुगुना कर देगा. इसके अलावा बेड पर जाने से पहले ये भी सुनिश्‍चित कर लें कि आपके तन से पसीने आदि की दुर्गंध न आए. बेहतर होगा कि नहाकर अच्छी
क्वॉलिटी का कोई बॉडी स्प्रे या परफ़्यूम लगाएं. फिर देखिए आपके शरीर की ख़ुशबू पार्टनर को कैसे मदहोश कर देती है.

एक्सपर्ट स्पीक

सेक्सुअल एक्ट के दौरान हर कोई अपने पार्टनर को नीट, क्लीन और फ्रेश देखना पसंद करता है, क्योंकि इससे काम क्रिया का आनंद दुगुना हो जाता है. अतः बेड पर जाने से पहले आप भी थकान और तनाव दूर रखकर फ्रेश दिखने की कोशिश करें.

2. ओरल सेक्स है ज़रूरी

सेक्स का पूरा मज़ा लेने के लिए ज़रूरी है कि आप बिना किसी शर्त के हर एक्ट में पार्टनर का पूरा सहयोग करें. याद रखिए, एक अच्छा सेक्स पार्टनर वही होता है, जो अपने साथी की इच्छाओं का पूरा ख़्याल रखे. अगर आपके पार्टनर को ओरल सेक्स में आनंद आता है, तो बेझिझक आप इसमें उनका साथ दें. अगर आपकी पत्नी को ओरल सेक्स करने में झिझक हो रही हो तो पहले उसकी झिझक दूर करने की कोशिश करें. अपने मूड व कंफर्ट के हिसाब से आप ओरल सेक्स एन्जॉय कर सकते हैं. लीक से हटकर प्यार का ये नया अंदाज़ निश्‍चय ही आपकी सेक्स लाइफ में नया जोश भर देगा.

एक्सपर्ट स्पीक

हर बार पार्टनर से ही पहल की उम्मीद न रखें. कभी-कभार उनका मूड भांप कर ख़ुद ही आगे बढ़ें. सेक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक ओरल सेक्स सुरक्षित है, इसलिए इससे घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है. हाइजीन का ख़्याल रखकर इंटरकोर्स की तरह ही ओरल सेक्स से भी चरमानंद की प्राप्ति की जा सकती है.

3. बनें एडवेंच लवर

सेक्स को अगर आप किसी काम की तरह करते हैं यानी सेक्सुअल एक्टिविटी में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते या फिर काम क्रिया के दौरान आपका रवैया बोरिंग बना रहता है, तो पार्टनर के मूड के साथ ही सेक्स का सारा मज़ा किरकिरा हो जाता है और आप सुखद सेक्स लाइफ़ का अनुभव नहीं कर पाते. अच्छा सेक्स पार्टनर बनने के लिए अपने साथी की सेक्स की भूख को बढ़ाने की कोशिश करें व उसे कामोत्तेजित करें. इसके लिए पार्टनर से सेक्सी बातें करें, एक साथ नहाएं, लव गेम्स खेलें व कामुक किताबों आदि का सहारा लें. पार्टनर के साथ थोड़ी-सी शरारत करके तो देखें, आपकी ज़िंदगी के साथ ही सेक्स लाइफ़ भी रोमांचक बन जाएगी.

एक्सपर्ट स्पीक

पूरे हफ़्ते काम की थकान के बाद शायद आपका मस्ती का मूड न करें. साथ ही अगर रोज़ाना एक ही चीज़ की जाए, तो वो नीरस लगने लगती है. इसलिए छुट्टी के दिन का भरपूर फ़ायदा उठाएं और सेक्स लाइफ़ को रोमांचक बनाने के लिए नई-नई चीज़ें ट्राई करें.

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Perfect Sex Partner
4. पत्नी को पहल करना सिखाएं

यह टिप आपकी पत्नी के लिए फ़ायदेमंद हो सकता है, क्योंकि आमतौर पर महिलाएं सेक्स के लिए पहल करने से झिझकती हैं. साथ ही कुछ नया ट्राई करने में भी ख़ास दिलचस्पी नहीं दिखाती हैं, जिससे वे सेक्स को पूरी तरह एन्जॉय नहीं कर पातीं. अगर आप अपनी बोरिंग सेक्स लाइफ़ में प्यार के नए रंग भरना चाहते हैं, तो पत्नी को सेक्स के लिए पहल करना सिखाएं. यक़ीन मानिए आपका ये नया रूप पार्टनर को ज़रूर पसंद आएगा. सेक्स में हमेशा नई-नई चीज़ें ट्राई करने की भी कोशिश करें, जैसे-सेक्स टॉयज़ का इस्तेमाल, क्लाइमेक्स का नया तरीक़ा. कामोत्तेजित करने और फोरप्ले के तरी़के में बदलाव करके आप सेक्स को और भी सेक्सी बना सकते हैं.

एक्सपर्ट स्पीक

सेक्स में नए एक्सपेरिमेंट के बारे में स़िर्फ सोचें ही नहीं, बल्कि उस पर अमल भी करें. आपकी पॉज़िटीव अप्रोच पार्टनर को भी सेक्स के लिए उत्तेजित करेगी.

5. शेयर करें फैन्टसी

अच्छा सेक्स पार्टनर वही है जो अपने साथी से अन्य बातों के साथ ही सेक्सुअल फैन्टसी (सेक्स संबंधी काल्पनिक बातें) को भी शेयर करता है. अपने सेक्स की चाहत और फैन्टसी को पार्टनर से शेयर करके आप सेक्स लाइफ़ का भरपूर आनंद उठा सकते हैं. सेक्सुअल फैन्टसी यानी सेक्स की कल्पनाओं को हक़ीकत बनाकर काम क्रिया को दिलचस्प बनाया जा सकता है. एक बात हमेशा ध्यान रखें कि सफ़ल सेक्स लाइफ के लिए कपल्स के बीच बातचीत बहुत ज़रूरी है. पार्टनर की इच्छा को जाने बिना आप उन्हें संतुष्ट नहीं कर सकते. इसी तरह जब तक आप अपने दिल की बात उनसे नहीं कहेंगे वो भी आपको संतुष्ट नहीं कर पाएगी, इसलिए संवाद के पुल को हमेशा मज़बूत बनाए रखें.

एक्सपर्ट स्पीक

अगर आप अपनी सेक्सुअल फैन्टसी को पार्टनर के साथ डिस्कस नहीं कर सकते, तो उसे किसी काग़ज़ पर लिख लें या फिर टेप कर लें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ये चीज़ें पार्टनर तक सही समय पर पहुंच जानी चाहिए, यानी बिस्तर पर जाने से पहले.

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सेक्स लाइफ का राशि कनेक्शन (What Does Your Zodiac Sign Say About Your Sex Life?)

आपकी राशि (Zodiac) आपका स्वभाव, पर्सनैलिटी, करियर और भविष्य ही नहीं बताती, बल्कि यह आपकी सेक्स लाइफ (Sex Life) के बारे में भी बहुत कुछ बताती है. जी हां, यकीन नहीं होता, तो अपनी राशि के बारे में पढ़कर देख लें, अपने आप यकीन हो जाएगा.

 Sex Life

 

मेष (20 मार्च-19 अप्रैल)

–     मेष राशिवाले स्वभाव से ऐडवेंचरस होते हैं और यह ऐडवेंचर इन्हें अपनी सेक्स लाइफ में भी पसंद है.

–     किसी का हो जाने की बजाय किसी को अपना बनाने में इन्हें ज़्यादा मज़ा आता है.

–     आमतौर पर सभी मेष राशिवाले थोड़े एग्रेसिव भी होते हैं, इसलिए इन्हें बहुत ज़्यादा ड्रामा और इमोशनल होना पसंद नहीं. सेक्स में भी ये यही पसंद करते हैं.

–     ये बहुत ही पैशनेट लवर्स होते हैं और एक बार जिसके साथ कमिटमेंट कर लेते हैं, तो पूरी ज़िंदगी के लिए उसके हो जाते हैं.

–     अपने पार्टनर को सेक्सी फील कराना इनके बाएं हाथ का काम है.

आइडियल पार्टनर: मेष, सिंह, कुंभ, तुला, मिथुन और धनु राशिवाले.

वृष (20 अप्रैल-20 मई)

–     सभी राशियों में से वृष राशिवाले सबसे सेंसुअल माने जाते हैं.

–     कमरे में मनमोहक ख़ुशबू हो, मदहोश कर देनेवाला संगीत और प्यार से छूकर दिल में उतर जानेवाला पार्टनर- ये इस राशिवालों का ड्रीम होता है.

–     स्वभाव से आलसी होने के कारण ये प्यार को पाने के लिए बहुत ज़्यादा मेहनत करने में विश्‍वास नहीं करते, बल्कि इन्हें यक़ीन होता है कि जब सही व़क्त आएगा, तो इनका पार्टनर इन्हें ख़ुद मिल जाएगा.

–     हालांकि रिश्तों को लेकर इनकी सोच काफ़ी प्रैक्टिकल होती है, पर अपने पार्टनर के लिए बहुत ज़्यादा पज़ेसिव होते हैं.

–     सेंसुअल होने के कारण इनकी लव लाइफ काफ़ी रोमांटिक होती है.

आइडियल पार्टनर: वृष, कन्या, मकर, कर्क, वृश्‍चिक और मीन राशिवाले.

मिथुन (21 मई-21 जून)   

–     मिथुन राशिवाले काफ़ी क्रिएटिव और ज़िंदादिल होते हैं, जो उनकी सेक्स लाइफ में भी साफ़ नज़र आता है.

–     ये अपनी सेक्स लाइफ को कभी बोरिंग नहीं होने देते. रूटीन से हटकर कुछ अलग करते रहना इन्हें बेहद प्रिय है.

–     सेक्सुअल लाइफ में एक्सपेरिमेंट करना इनका पैशन है.

–     सेक्सुअल रिलेशन के दौरान शरारतें और शरारती बातें इनकी पहचान है. यूं कहें तो इन्हें सेक्स के दौरान फनमेकिंग बहुत पसंद है.

–     वैसे तो ये स्वभाव से ही फ्लर्ट होते हैं, पर अपने पार्टनर को लेकर पज़ेसिव होते हैं.

–     सेक्स के दौरान इन्हें एनर्जी से भरपूर लवमेकिंग पसंद है. अपने पार्टनर से भी उसी उत्साह और उमंग की चाह रखते हैं.

आइडियल पार्टनर: मिथुन, तुला, कुंभ, मेष, सिंह और धनु राशिवाले.

कर्क (22 जून-22 जुलाई)  

–     स्वभाव से इमोशनल होने के कारण कर्क राशिवाले सेक्स लाइफ में भी इमोशंस पसंद करते हैं.

–     इनके लिए सेक्स एक प्राइवेट, इमोशनल और पैशनेट अफेयर है, जो दो लोगों को दिल से जोड़ता है और जहां दिखावे की कोई ज़रूरत नहीं.

–     ये काफ़ी सेंसुअल और क्रिएटिव लवर्स माने जाते हैं.

–     रंग-बिरंगे फ्लावर्स, एक ख़ूबसूरत-सा गिफ्ट या फिर प्यार से बनाया हुआ खाना इनके मूड को सेट करने के लिए परफेक्ट चॉइस है, क्योंकि जब ये रोमांटिक मूड में होते हैं, तो अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देते हैं.

–    अपनी सेक्स लाइफ में भी कंफर्ट और सेफ्टी को ये बहुत महत्व देते हैं. जिसके साथ ये सेफ महसूस करते हैं, उसी के साथ अपने सेक्सुअल रिलेशनशिप को आगे बढ़ाते हैं.

आइडियल पार्टनर: कर्क, वृश्‍चिक, मीन, वृष, कन्या और मकर राशिवाले.

सिंह (23 जुलाई-22 अगस्त)    

–     सिंह राशिवाले अपने चार्म से किसी को भी अपना दीवाना बना सकते हैं. इनकी पर्सनैलिटी में वो चुंबकीय आकर्षण होता है, जिससे बिरले ही बच पाते हैं.

–     इनकी सेक्स ड्राइव काफ़ी स्ट्रॉन्ग होती है. बस, इन्हें पार्टनर में रोमांटिक केमिस्ट्री नज़र आनी चाहिए, फिर देखिए इनका कमाल.

–     अपने पार्टनर को रिझाना-सताना, फोरप्ले इन्हें बेहद पसंद होता है. उन पर अपना जादू चलाने के लिए ये उन्हें हर तरह से उत्तेजित करते हैं.

–     बेड में इन्हें फनमेकिंग और शरारतें पसंद हैं.

–     इन्हें सेक्सुअल फैंटसीज़ को जीना अच्छा लगता है, इसीलिए इनकी सेक्स लाइफ काफ़ी फिल्मी होती है.

आइडियल पार्टनर: सिंह, मेष, धनु, तुला और कुंभ राशिवाले.

कन्या (23 अगस्त-22 सितंबर)    

–     कन्या राशिवालों का एनर्जी लेवल काफ़ी हाई होता है. यही वजह है कि इनकी सेक्स लाइफ हमेशा हॉट और स्पाइसी बनी रहती है.

–     इन्हें रिश्ते में ईमानदारी बेहद पसंद है, इसलिए पार्टनर से उम्मीद करते हैं कि वो सेक्स लाइफ में धोखा बिल्कुल न करे.

–     इस राशिवालों की ख़ासियत है कि ये सामने से भोले-भाले दिखाई देते हैं, पर बेड में ऐसे बिल्कुल नहीं हैं. इनकी सेक्स लाइफ काफ़ी रोमांचक होती है.

–     स्वभाव से परफेक्शनिस्ट होने के कारण सेक्स लाइफ में भी इन्हें परफेक्शन पसंद है. सेक्सुअल रिलेशन से पहले शावर लेना, साफ़-सुथरा माहौल और हाइजीन का ये बेहद ध्यान रखते हैं.

आइडियल पार्टनर: वृष, कन्या, मकर, कर्क, वृश्‍चिक और मीन राशिवाले.

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 Zodiac Sex Life
तुला (23 सितंबर-22 अक्टूबर)      

–     तुला राशिवालों को हर ख़ूबसूरत चीज़ पसंद आती है और यह इनकी रोमांटिक सेक्स लाइफ में भी नज़र आता है.

–     ख़ूबसूरत और सेक्सी इनरवेयर, रोमांटिक म्यूज़िक और चॉकलेट्स इन्हें उत्तेजित करने के लिए परफेक्ट चॉइस हैं.

–     सेक्स लाइफ में रोमांस इनकी प्राथमिकता है. नॉटी बातें, छेड़छाड़ और फोरप्ले इनकी सेक्स लाइफ को बूस्ट करते हैं.

–     सेक्सुअल रिलेशन में ये अपने पार्टनर की इच्छाओं का पूरा ध्यान रखते हैं. पार्टनर को ख़ुश करने के लिए कुछ नया और क्रिएटिव भी करते रहते हैं.

–     इनकी सेक्स ड्राइव इतनी स्ट्रॉन्ग होती है कि एक दिन में ये तीन बार भी रिलेशन बना सकते हैं.

आइडियल पार्टनर: मिथुन, तुला, कुंभ, मेष, सिंह और धनु राशिवाले.

वृश्‍चिक (23 अक्टूबर-21 नवंबर)   

–     सभी राशियों में वृश्‍चिक राशिवाले सबसे सेक्सी माने जाते हैं. इतना ही नहीं, इस राशि की महिलाओं को ‘सेक्स गॉडेस’ भी कहा जाता है.

–     ये उम्मीद करते हैं कि सेक्सुअल रिलेशन के दौरान इन्हें संतुष्ट करने के लिए इनका पार्टनर सब कुछ ट्राई करे.

–     अपने स्वभाव के कारण बेड में भी ये काफ़ी डॉमिनेटिंग होते हैं.

–     अगर आपका पार्टनर वृश्‍चिक राशिवाला है, तो आप नकली ऑर्गैज़्म से उन्हें संतुष्ट नहीं कर सकते, क्योंकि इस मामले में ये काफ़ी स्मार्ट होते हैं.

–     इनके लिए शारीरिक संबंध से पहले स्ट्रॉन्ग इमोशनल कनेक्शन बेहद ज़रूरी है.

आइडियल पार्टनर: कर्क, वृश्‍चिक, मीन, वृष, कन्या और मकर राशिवाले.

धनु (22 नवंबर-21 दिसंबर)

–     इस राशिवालों के लिए रोमांस का मतलब अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना है. इस टाइम को ये मस्ती से भरपूर बनाने की पूरी कोशिश करते हैं.

–     इमोशनल रिलेशन की बजाय ये क्वालिटी टाइम में विश्‍वास रखते हैं, इसलिए इनकी सेक्स लाइफ काफ़ी प्रैक्टिकल होती है.

–     सेक्सुअल लाइफ में इन्हें फ्रीडम और ऐडवेंचर बेहद पसंद है. घर की चार दीवारों के अलावा पब्लिक प्लेसेस पर रोमांस करना इनका शग़ल है.

–     ये फनलविंग होते हैं, इसलिए सेक्सुअल रिलेशन को काफ़ी मज़ेदार बनाते हैं.

–     अगर आपका पार्टनर इस राशि का है, तो आपकी सक्सेसफुल सेक्स लाइफ का एक ही मंत्र होगा कि आप पज़ेसिव होने से बचें.

आइडियल पार्टनर: मेष, सिंह, धनु, मिथुन, तुला और कुंभ राशिवाले.

मकर (22 दिसंबर-19 जनवरी)

–    वृश्‍चिक राशिवालों की ही तरह मकर राशिवाले भी काफ़ी सेंसुअल और रोमांटिक माने जाते हैं.

–     इनके मुताबिक़ पैर और घुटने इनके शरीर के सबसे कामोत्तेजक अंग हैं और इन्हें उत्तेजित करना काफ़ी आसान है.

–     सभी को लगता है कि इस राशिवाले शर्मीले होते हैं, पर ऐसा है नहीं. एक बार अपने पार्टनर से दिल से जुड़ जाएं, फिर देखिए इनका कमाल.

–     ये काफ़ी प्रोटेक्टिव स्वभाव के होते हैं, इसलिए पब्लिक प्लेस की बजाय बेडरूम में रोमांस फरमाना पसंद करते हैं.

–     इनका सेक्सुअल स्टैमिना बेहतरीन होता है, तभी तो अपने साथ-साथ अपने पार्टनर को भी संतुष्ट करना अच्छी तरह जानते हैं.

आइडियल पार्टनर: वृष, कन्या, मकर, कर्क, वृश्‍चिक और मीन राशिवाले.

कुंभ (20 जनवरी-18 फरवरी) 

–     कुंभ राशिवाले बुद्धिमान और आदर्शवादी माने जाते हैं और बात जब सेक्स लाइफ की हो, तो यहां भी वफ़ादारी के मामले में ये सभी राशियों से बाज़ी मार ले जाते हैं.

–     लव लाइफ में इनकी कल्पनाशक्ति कमाल की होती है. इनके पार्टनर इनकी इमैजिनेशन की दाद देते हैं.

–     सेक्स लाइफ में कुछ नया और एक्साइटिंग करना इन्हें अच्छा लगता है, इसलिए अगर आपका पार्टनर इस राशि का है, तो आप भी कई सरप्राइज़ेस के लिए तैयार रहें.

–     इनकी सेक्स लाइफ काफ़ी रोमांचक होती है, क्योंकि ये बेड में कुछ न कुछ नया ट्राई करना पसंद करते हैं.

आइडियल पार्टनर: मिथुन, तुला, कुंभ, मेष, सिंह और धनु राशिवाले.

मीन (19 फरवरी-19 मार्च)

–    इस राशिवालों के लिए सेक्स का मतलब प्यार है, तभी तो इनकी सेक्स लाइफ रोमांस से भरपूर होती है.

–     ये काफ़ी पैशनेट लवर्स माने जाते हैं और अपनी ख़ुशी से ज़्यादा अपने पार्टनर की ख़ुशी का ख़्याल रहते हैं.

–     मीन राशिवालों में एक ग़ज़ब का चुंबकीय आकर्षण होता है, जिसके कारण बहुत से लोग इनकी मनमोहक छवि के आकर्षण में बंध जाते हैं.

–    इनके लिए किसिंग और हगिंग सेक्सुअल रिलेशन से भी ज़्यादा मायने रखती है.

–     पार्टनर की सेक्सुअल फैंटसीज़ को पूरा करने के लिए कुछ न कुछ नया करते हैं.

आइडियल पार्टनर: कर्क, वृश्‍चिक, मीन, वृष, कन्या और मकर राशिवाले.

– संतारा सिंह

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रोमांटिक लाइफ के लिए अपनाएं ये १२ सेक्स टिप्स (12 Sex Tips For Romantic Life)

Sex Tips

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स्मार्ट सेक्स टिप्स (Sex Tips)

1. अपनी सेक्स लाइफ को थोड़ा स्पाइसी बनाएं. कभी-कभार रूटीन से हटकर कुछ नया ट्राई करें.

2. पार्टनर को आकर्षित करने के लिए सेक्सी कपड़े पहनें. यह आपकी कामोत्तेजना का बढ़ाता है.

3. अरोमा कैंडल्स की ख़ुशबू सेक्स के प्रति आकर्षित करने में आपकी मदद करती हैं. अपने बेडरूम को मनपसंद ख़ुशबू से महकाएं.

4. कोशिश करें कि साल में एक बार स़िर्फ पति-पत्नी 2-4 दिनों के लिए बाहर जाएं. यह आपकी सेक्स लाइफ को दोबारा रिवाइव कर देता है.

5. पार्टनर को मॉर्निंग किस और गुडनाइट किस देना कभी न भूलें.

6. रोमांटिक बातें आपके रिश्ते में अहम् भूमिका निभाती हैं. अपनी बातों से उन्हें रिझाने का कोई मौक़ा हाथ से न जाने दें.

7. अगर दोनों ही वर्किंग हैं, तो वर्किंग आवर्स के बीच एक बार आई लव यू या मिस यू जैसे मैसेजेस आपकी सेक्स लाइफ के रोमांच को बनाए रखते हैं.

8. पार्टनर के शौक़ को जानते हैं, तो कभी-कभार उन्हें सरप्राइज़ ज़रूर दें.

9. सिर्फ़ गिफ़्ट ही आपके पार्टनर को ख़ुश नहीं करता, बल्कि किसी दिन बिन बताए उन्हें ऑफिस से पिक अप करने पहुंच जाएं या फिर सरप्राइज़ लंच प्लान करें.

10. एक-दूसरे को अपनी फैंटसीज़ के बारे में बताएं.

11. कुछ अलग करना चाहते हैं, तो शनिवार रात की बजाय रविबार की सुबह आपके प्यार के लिए बेस्ट टाइम होगा.

12. अक्सर महिलाएं पुरुष के पहल का इंतज़ार करती हैं. इस बार आप पहल करके उन्हें ख़ुश कर सकती हैं.

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ट्राई करें ये सेक्स बूस्टर फूड्स 

स्ट्रॉबेरी

ये विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है, जो पुरुषों में स्पर्म काउंट को बढ़ाता है. साथ ही यह हार्ट और आर्टरीज़ में रक्त संचार को सुचारू बनाए रखता है. स्ट्रॉबेरीज़ को डार्क चॉकलेट में डुबोकर खाएं, यह कामोत्तेजना को बढ़ाता है.

बादाम

ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई के गुणों से भरपूर बादाम सेक्स बूस्टर का काम करता है. सेलेनियम जहां इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर रखता है, वहीं ज़िंक सेक्स हार्मोन की बढ़ोत्तरी करता है और विटामिन ई हार्ट को हेल्दी रखता है.
रोज़ाना बादाम का सेवन याद्दाश्त बढ़ाने के साथ-साथ सेक्सुअल लाइफ को भी हेल्दी बनाता है.

तरबूज़

इसमें कामोत्तेजना बढ़ानेवाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें मौजूद लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन सेक्स ड्राइव को बूस्ट करने में मदद करता है.

शकरकंद

पोटैशियम से भरपूर शकरकंद हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफ़ी मददगार होता है, जिससे पुरुष इरेक्टाइल डायस्फंक्शन के ख़तरे से बचे रहते हैं. बीटा कैरोटीन और विटामिन ए इंफर्टिलिटी को दूर रखते हैं.

सफेद तिल

ज़िंक से भरपूर तिल बेहतरीन सेक्स बूस्टर फूड है. यह टेस्टोस्टेरॉन और स्पर्म प्रोडक्शन की बढ़ोत्तरी में मदद करता है.

सेक्स किलर फूड्स

चीज़, डायट सोडा, सोया, आर्टिफीशियल स्वीटनर्स, फ्राई व फैटी फूड्स, कैन्ड फूड आदि अवॉइड करें.

– सुनीता सिंह

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क्या होती है सेक्सुअल फिटनेस? (What Is Sexual Fitness?)

यह सच है कि सेक्स और सेक्स से जुड़े विषयों पर हमारा समाज थोड़ा-बहुत खुलकर बात करने लगा है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि सेक्स को लेकर आज भी लोगों के मन में भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, क्योंकि सेक्स को लेकर कुछ खुलापन भले ही आ गया हो, लेकिन परिपक्वता अब भी नहीं आई है. ऐसे में यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या हम सेक्सुअली फिट हैं?

Sexual Fitness

– एक सामान्य इंसान को सेक्स की ज़रूरत और चाहत होती है.

– यह चाहत व ज़रूरत अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है. किसी को कम, किसी को ज़्यादा.

– इसी तरह आकर्षण होना भी स्वाभाविक है.

– फैंटसीज़ यानी कल्पना करना, जैसे- किसी ख़ास व्यक्ति की ओर यदि हम आकर्षित होते हैं, तो उसके बारे में सोचना और कल्पना में उसके साथ             सेक्स करना भी स्वाभाविक व सामान्य है.

– सेक्स की चाह होने पर मास्टरबेट करना भी हेल्दी माना जाता है.

– यदि आप में ऊपर बताए तमाम लक्षण मौजूद हैं, तो आप सेक्सुअली फिट हैं और यदि आप में सेक्स ड्राइव यानी सेक्स की चाह कम है या कम हो           रही है, तो आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम है.

–  अगर आप शादीशुदा हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ कितनी अच्छी है?

– क्या सेक्स से आपको और आपके पार्टनर को पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती?

– क्या सेक्स से आपको ऊब और बोरियत होने लगी है?

– क्या यह महज़ शारीरिक क्रिया बन गया है आपके लिए या अब भी भावनात्मक रूप से आप इसे आनंददायक क्रिया मानते हैं?

– ये तमाम सवाल ख़ुद से और अपने पार्टनर से करें, तो आप ख़ुद जान जाएंगे कि आप सेक्सुअली कितने फिट हैं.

व्यस्त ज़िंदगी में भी अगर सेक्स आपकी प्राथमिकताओं में से बाहर हो गया है, तो सचेत हो जाइए. शोधों में भी यह बात कई बार साबित हो चुकी है कि शादीशुदा लोग कुंवारे लोगों की अपेक्षा अधिक हेल्दी और लंबी ज़िंदगी जीते हैं. ऐसे में सेक्स के महत्व और सेक्सुअल फिटनेस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. सेक्सुअल फिटनेस को आप इस तरह से बांटकर देख सकते हैं-

भावनात्मक पहलू: अगर आपका अपने पार्टनर से भावनात्मक लगाव है, तो ज़ाहिर है सेक्स लाइफ बेहतर बनेगी, लेकिन अगर आप दोनों ही मशीनी ज़िंदगी जीने के आदी हो चले हैं, तो सेक्स की चाह भी कम होती चली जाएगी यानी आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम होती जाएगी.

स्पेशल टिप: ऐसे में ज़रूरी है पार्टनर के साथ समय बिताएं. प्यार भरी बातें करें, एक-दूसरे को सहयोग करें, जिसका सीधा प्रभाव आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ेगा.

मानसिक स्थिति: मानसिक तनाव, काम का बोझ और घरेलू ज़िम्मेदारियां भी आपको सेक्स के प्रति उदासीन बना देती हैं. बेहतर होगा कि अपने काम का तनाव बेडरूम में न ले जाएं. आप मिल-जुलकर हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, इसलिए अपने रिश्ते और सेक्स लाइफ पर इन रोज़मर्रा की बातों का असर न पड़ने दें.

स्पेशल टिप: पुरुषों की 90% सेक्स समस्या, जैसे- शीघ्रपतन आदि मानसिक अवस्था से ज़्यादा जुड़ी होती है, बजाय शारीरिक समस्या के. ठीक इसी तरह महिलाओं में योनि में सूखापन, दर्दयुक्त सेक्स आदि भी सेक्स के प्रति उदासीनता की वजह से हो सकता है.

शारीरिक पहलू: सेक्सुअल फिटनेस बहुत हद तक आपकी शारीरिक फिटनेस से भी जुड़ी होती है. अगर आपको कोई सेक्सुअल या शारीरिक समस्या है, तो काउंसलर या एक्सपर्ट की मदद लेने से परहेज़ न करें.

स्पेशल टिप: योग व एक्सरसाइज़ को भी अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं. साथ में जॉगिंग या योगा क्लासेस जॉइन करें, इससे आप दोनों में नज़दीकियां बढ़ेंगी, जिसका सकारात्मक असर आपकी सेक्सुअल फिटनेस पर पड़ेगा.

 Sexual Fitness
नकारात्मक सोच से बचें

मन में बैठी भ्रांतियों व ग़लतफ़हमियों के कारण अपनी सेक्सुअल फिटनेस कम न होने दें- अधिकतर लोगों को लगता है कि फैंटसाइज़ करना, मास्टरबेट करना या किसी की तरफ़ आकर्षण महसूस करना ग़लत है. जबकि ये तमाम चीज़ें आपकी सेक्सुअल फिटनेस का अहम् हिस्सा हैं और आपकी फिटनेस को दर्शाती हैं.

सामाजिक व पारिवारिक पहलू

जहां तक महिलाओं की बात है, तो बचपन से ही पालन-पोषण अलग ढंग से होने के कारण या अन्य कारणों से भी वो सेक्स को लेकर उतनी उत्साहित नहीं रहतीं. उन्हें लगता है कि सेक्स के बारे में बात करना ग़लत है या चाहत होने पर भी सेक्स के लिए पहल न करना ही सही है, क्योंकि स्त्रियों को शर्मीला होना चाहिए और यही शर्मीलापन उनके संस्कार व चरित्र की सही व्याख्या करेगा. तमाम ऐसी बातें महिलाओं को सेक्सुअली अनफिट बनाती हैं और वो अपने पार्टनर को ठीक से सहयोग नहीं करतीं. इसके अलावा वो अपनी बॉडी को लेकर भी काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, उन्हें लगता है कि उनका फिगर या उनकी शारीरिक ख़ूबसूरती उनके पार्टनर को आकर्षित करने के लिए नाकाफ़ी है.

स्पेशल टिप: इस तरह की नकारात्मक सोच न रखें. फिज़िकल फिटनेस पर ध्यान ज़रूर दें, लेकिन मानसिक रूप से भी पॉज़ीटिव बनी रहें. आपका सहयोग और आपका प्यार आपकी शारीरिक ख़ूबसूरती से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है रिश्ते व सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए.

क्या करें?

– फोरप्ले ज़रूर करें. अच्छे सेक्स के लिए अच्छा फोरप्ले बहुत ज़रूरी है.

– इसी तरह से अच्छे सेक्स के लिए रोमांस होना भी बहुत ज़रूरी है, इसलिए व्यस्त दिनचर्या से रोमांटिक पलों को ज़रूर चुराएं.

– खान-पान हेल्दी हो. फिज़िकल फिटनेस आपको सेक्सुअली भी फिट रखेगी.

– सेक्स बूस्टर फूड को अपने डायट का हिस्सा बनाएं, जैसे- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, फ्लैक्स सीड(अलसी), सोयाबींस, सनफ्लावर सीड्स, सी फूड,                नट्स, ताज़ा फल, ख़ासकर विटामिन सी युक्त आदि. साथ ही एक्सरसाइज़ भी करें.

– जंक फूड, अल्कोहल का सेवन कम करें.

– तनाव से दूर रहें.

– अगर कोई समस्या हो, तो काउंसलर व एक्सपर्ट से सलाह लें.

– योगिनी भारद्वाज

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मानसिक स्वास्थ्य का सेक्स लाइफ पर असर (How Mental Health Affects Your Sex Life?)

भागदौड़ और व्यस्तता भरी ज़िंदगी में वैवाहिक दंपतियों की सेक्स लाइफ (Sex Life) में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है. ऐसे में कई बार पति-पत्नी के अंतरंग रिश्तों में रोमांस की जगह बोरियत पैदा हो जाती है. अगर पति या पत्नी में से कोई एक दिमाग़ी तौर पर तनावग्रस्त होता है तो उसका सीधा असर उनके बेडरूम में दिखाई देता है, जहां पति-पत्नी के मन में सेक्स के लिए पैशन व प्लेज़र की जगह बोरियत और नीरसता के भाव जागने लगते हैं. अधिकांश लोगों ने यह अनुभव भी किया होगा कि जब वो टेंशन फ्री होते हैं तब सेक्स को ज़्यादा एन्जॉय करते हैं, लेकिन जब वो किसी तरह की मानसिक परेशानी में होते हैं तो इसका दुष्प्रभाव उनकी सेक्स लाइफ पर भी दिखाई देता है. आख़िर मानसिक स्वास्थ्य और सेक्स लाइफ के बीच क्या कनेक्शन है? चलिए जानते हैं.

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दिमाग़ का सेक्स से कनेक्शन

सेक्स का दिमाग़ से सीधा कनेक्शन है, क्योंकि जब हम सेक्स के बारे में सोचते हैं तब हमारा दिमाग़ मूड बनाने वाले हार्मोन सेरोटोनिन का स्राव करता है. इस हार्मोन के स्राव से हमारे यौन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है, लेकिन जब कोई मानसिक तौर पर अस्वस्थ या परेशान होता है या फिर दवाइयों का सेवन कर रहा है तो इसका सीधा असर उसकी सेक्स लाइफ पर दिखाई देता है. ऐसे में व्यक्ति को सेक्सुअल डिसफंक्शन या कामेच्छा में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए स़िर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर भी स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है.

1- पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर

कई अध्ययनों में यह ख़ुलासा किया गया है कि जो महिला या पुरुष पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के शिकार होते हैं उनकी सेक्स लाइफ बुरी तरह से प्रभावित होती है. इससे पीड़ित लोगों को अपने अंतरंग रिश्तों में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. हालांकि यह ट्रॉमा बीते समय में हुए यौन हिंसा या किसी गंभीर दुर्घटना के कारण भी हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पीड़ित व्यक्ति यौन क्रिया के दौरान उत्तेजना की कमी महसूस करता है और सेक्स में उसकी सक्रियता नहीं रहती है.

2- डिप्रेशन

डिप्रेशन यानी अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर शारीरिक ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं, जिसके कारण सेक्स में उनकी रुचि कम होने लगती है या फिर उनकी कामेच्छा में कमी आ जाती है. ऐसे लोग सेक्सुअल डिसफंक्शन के शिकार हो जाते हैं, जिसके चलते उनमें इरेक्शन या ऑर्गेज्म की कमी जैसी समस्याएं हो जाती हैं. कई मामलों में एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों के सेवन से भी सेक्स लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता दिखाई देता है.

3- एंज़ायटी

कई अध्ययनों से यह पता चला है कि एंज़ायटी से पीड़ित क़रीब 75 फ़ीसदी लोगों में यौन समस्याएं होती हैं. इससे पीड़ित पुरुषों में जहां इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या देखी जाती है, वहीं महिलाओं में सेक्सुअल अवर्शन डिसऑर्डर हो सकता है, जिसमें सेक्स से डर और उससे बचने जैसी चीज़ें शामिल हैं. यह समस्या उन लोगों को भी हो सकती है जिनके साथ यौन शोषण हुआ हो, इसके अलावा सोशल एंज़ायटी से पीड़ित लोगों की कामेच्छा में भी कमी आ सकती है.

4- ईटिंग डिसऑर्डर

जब कोई व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में या बहुत कम मात्रा में खाना शुरू कर देता है तो इसे ईटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है. यह एक तरह की मानसिक बीमारी है. इस डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों में सेक्सुअल एंज़ायटी, सेक्स से बचना, सेक्स के प्रति उदासीनता और सेक्सुअल डिसफंक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. एक रिसर्च के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार है तो इससे उसके शरीर में कामोत्तेजना बढ़ाने वाले हार्मोन्स का उत्पादन सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है.

5- बाइपोलर डिसऑर्डर

बाइपोलर डिसऑर्डर एक ऐसा मानसिक विकार है जिसमें पीड़ित व्यक्ति का मूड बार-बार बदलता है. कभी उसका आत्मविश्‍वास चरम पर होता है तो कभी उसका आत्मविश्‍वास एकदम निचले स्तर पर चला जाता है. इससे पीड़ित व्यक्ति एक पल ख़ुश तो अगले ही पल दुखी और अवसादग्रस्त हो जाता है, जिसके चलते उसकी सेक्सुअल लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में उनका बार-बार बदलता मूड और व्यवहार अंतरंग रिश्तों के लिए घातक बन जाता है.

6- बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर

अनुचित या अत्यधिक भावनात्मक प्रतिक्रियाएं देना, अत्यधिक आवेगपूर्ण व्यवहार करना और अस्थिर संबंधों का इतिहास इत्यादि बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के लक्षण हो सकते हैं. इससे पीड़ित लोग न तो नौकरी में स्थिर रह पाते हैं और न ही अपने निजी रिश्तों में. यही वजह है कि इनकी सेक्सुअल लाइफ बदतर होती है, क्योंकि इससे पीड़ित व्यक्ति या तो सेक्स से बचने की कोशिश करता है या फिर वो सेक्स के दौरान अत्यधिक आवेग में आ जाता है.

7- स्किज़ोफ्रेनिया

आंकड़ों के मुताबिक़, भारत में विभिन्न डिग्री के स्किज़ोफ्रेनिया से लगभग 40 लाख लोग पीड़ित हैं. यह बीमारी एक हज़ार वयस्कों में से क़रीब 10 लोगों को अपना शिकार बनाती है और यह सबसे ज़्यादा 16 से 45 वर्ष की आयु के लोगों को प्रभावित करती है. रोग की गंभीरता के आधार पर इससे पीड़ित व्यक्ति की सेक्स क्षमता कम या सीमित हो सकती है, जिसके चलते इरेक्शन सही तरी़के से नहीं हो पाता है और ऑर्गेज्म पाने की क्रिया बिगड़ सकती है.

8- ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर (ओसीडी)

ओसीडी से पीड़ित व्यक्ति एक ही चीज़ को बार-बार करता है, जैसे- बार-बार हाथ धोना, दरवाज़े का लॉक चेक करना, साफ़-सफ़ाई पर ज़्यादा ध्यान देना इत्यादि. ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर का असर पीड़ित व्यक्ति की सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है. इससे पीड़ित व्यक्ति अति कामुक, यौन कल्पना यानी सेक्सुअल फेंटसी और मास्टरबेशन का आदी हो सकता है. हालांकि इसके लक्षणों को कम करने के लिए उपचार और दवाइयों की मदद ली जा सकती है.

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क्या करें?

अगर किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या के कारण आपकी सेक्स लाइफ बाधित हो रही है तो इलाज के अलावा आपको कुछ और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए.

दवाइयों में बदलाव- आप जिस मनोरोग विशेषज्ञ से अपना इलाज करा रहे हैं उससे अपनी सेक्स लाइफ पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में खुलकर बात करें और उससे दवाइयों में कुछ बदलाव करने की अपील करें, ताकि आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव कुछ हद तक कम हो सकें.

पार्टनर से कुछ न छुपाएं- अगर आप किसी मानसिक परेशानी से गुज़र रहे हैं तो इस बारे में अपने पार्टनर से खुलकर बात करें. उससे अपनी मानसिक स्थिति और सेक्स लाइफ में आ रही परेशानियों के बारे में बात करें. इससे पार्टनर आपकी मन:स्थिति को अच्छी तरह से समझेगा और आपके रिश्ते में मज़बूती बनी रहेगी.

थेरेपिस्ट की मदद लें- हो सकता है कि इलाज के दौरान थेरेपिस्ट या विशेषज्ञ आपकी सेक्स लाइफ के बारे में न पूछें, ऐसे में आपकी मानसिक स्थिति के कारण आपकी सेक्स लाइफ किस तरह से बाधित हो रही है इसके बारे में उन्हें आपको ख़ुद बताना होगा. इसलिए अपनी हिम्मत बढ़ाएं और थेरेपिस्ट के साथ-साथ अपने पार्टनर को भी इस समस्या के बारे में बताएं.

ये चीज़ें भी हैं ज़रूरी- मानसिक बीमारी के कारण सेक्स लाइफ पर पड़ रहे दुष्प्रभाव के बारे में हरदम सोचने की बजाय अपने पार्टनर से खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखें, पार्टनर के साथ हंसी-मज़ाक करें, अपनी जीवनशैली में शामिल अन्य अच्छी चीज़ों पर भी ध्यान दें. इससे पार्टनर के साथ आपका भावनात्मक रिश्ता मज़बूत होगा और आपके अंतरंग रिश्तों में भी सुधार आने लगेगा.

– अनिता राम

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सेक्सुअल समस्या कहीं आपके रिश्ते को प्रभावित तो नहीं कर रही? (Are Sexual Problems Affecting Your Relationship?)

पति-पत्नी का रिश्ता (Relationship) आपसी सामंजस्य, सहयोग और प्यार (Love) का होता है, लेकिन इन सबके बीच इस रिश्ते में सेक्स (Sex) की भी अलग अहमियत होती ही है, क्योंकि सेक्स प्यार के इज़हार का सबसे ख़ूबसूरत ज़रिया माना जाता है. ऐसे में आपसी रिश्ता अच्छा बना रहे, इसके लिए बहुत ज़रूरी है कि आपकी सेक्स लाइफ भी अच्छी हो, वरना रिश्तों में दूरियां पैदा होने में देर नहीं लगती. अक्सर ऐसा होता है कि कभी शर्म, संकोच या फिर डर व झिझक के चलते कपल्स सेक्सुअल क्रिया या उससे जुड़ी समस्याओं (Problems) के बारे में बात नहीं करते, जिससे समस्याएं वहीं की वहीं बनी रहती हैं और रिश्ता प्रभावित होने लगता है. यहां हम ऐसी ही समस्याओं पर बात करेंगे, जो आपके रिश्ते पर असर डाल सकती हैं.

Sexual Problems

प्री-मैच्योर इजैकुलेशन (स्खलन)

काफ़ी पुरुषों में यह समस्या होती है, लेकिन अच्छी ख़बर यह है कि यह इतनी बड़ी समस्या भी नहीं कि ठीक न हो सके. प्री-मैच्योर इजैकुलेशन किसे कहते हैं? क्या आपके पार्टनर को ऑर्गैज़्म तक पहुंचने में एक मिनट से अधिक का समय लगता है या फिर उससे कम? अगर वो एक मिनट से भी कम समय में स्खलित हो जाता है, तो उसे यह समस्या है. ऐसे पुरुष अक्सर सेक्स को लेकर काफ़ी आशंकित रहते हैं. उनका प्रयास रहता है कि वो ऐसी महिला के साथ रिश्ता बनाएं, जिसे सेक्स का अनुभव न हो, ताकि उनकी समस्या के बारे में वो जान न सके. लेकिन कुछ समय बाद ही सही, समस्या तो सामने आ ही जाती है, इसलिए बेहतर होगा कि समस्या को छिपाने की बजाय उसका इलाज करवाया जाए.

पेनफुल सेक्स (सेक्स के दौरान दर्द)

काफ़ी महिलाएं इसे महसूस करती हैं और जब सेक्स एक सुखद अनुभव की बजाय दर्दनाक एहसास बनने लगता है, तो सेक्स से वो कतराने लगती हैं. सेक्स के दौरान दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- फोरप्ले की कमी, भावनात्मक लगाव की कमी, हार्मोनल बदलाव, मानसिक उलझन, डर, संकोच आदि. कारण जो भी हों, उन्हें नज़रअंदाज़ करना सही नहीं, क्योंकि ये आपके रिश्ते को बुरी तरह प्रभावित करने लगते हैं.

ऑर्गैज़्म का अनुभव न होना

अक्सर महिलाओं को ऑर्गैज़्म का अनुभव नहीं होता. इसकी कई वजहें हो सकती हैं, जैसे- हार्ड सेक्स, फोरप्ले की कमी, मानसिक रूप से सेक्स के लिए तैयार न होना आदि… पर कभी-कभी बढ़ती उम्र व हार्मोनल बदलाव की वजह से भी ऐसा होता है. ऐसे में सेक्स के प्रति अनिच्छा बढ़ती जाती है और जब आप संतुष्टि व आनंद प्राप्त नहीं करते, तो उसका सीधा असर आपके रिश्ते पर पड़ता है.

सेक्सुअल इच्छा में कमी

पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन की कमी के चलते सेक्सुअल इच्छा की कमी आ जाती है और न स़िर्फ कमी, बल्कि इरेक्शन वगैरह पर भी इसका असर पड़ता है. महिलाओं में हार्मोनल बदलाव या सेक्स को लेकर बुरा अनुभव उनकी सेक्सुअल डिज़ायर पर असर डालता है. रिश्तों पर इसका सीधा-सीधा असर यह पड़ता है कि आप सेक्स करने से कतराने लगते हैं, ज़ाहिर है कि जब सेक्स लाइफ नहीं होगी, तो रिश्ते पर बुरा असर होगा.

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

इरेक्शन होने में परेशानी यानी पेनिस का हार्ड न हो पाना, जिससे सेक्सुअल क्रिया नहीं हो पाती, उसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहते हैं. कभी दवाओं के साइड इफेक्ट्स की वजह से, कभी मानसिक परेशानी के चलते, तो कभी किन्हीं अन्य वजहों से यह समस्या हो सकती है. इसमें सबसे बड़ी द़िक्क़त यह है कि आसानी से ठीक होने के बावजूद अधिकांश पुरुष अपनी समस्या छुपाते हैं. न वो अपने पार्टनर से, न ही एक्सपर्ट्स से इस बारे में सलाह लेने की पहल करते हैं. इस वजह से रिश्तों पर भी बुरा असर पड़ता है.

सेक्सुअल डिस्फंक्शन

रिसर्च बताते हैं कि 30% पुरुष और 40% महिलाएं सेक्सुअल क्रिया के दौरान सेक्सुअल डिस्फंक्शन का अनुभव करती हैं. सेक्सुअल डिस्फंक्शन का अर्थ है सेक्सुअल क्रिया में सुख या संतुष्टि न मिलना. यह किसी भी स्तर पर हो सकता है, जैसे- उत्तेजना महसूस न होना, सेक्स के लिए तैयार न हो पाना, ऑर्गैज़्म न मिलना, दर्द होना या फिर सेक्स के बाद कोई समस्या होना. सेक्स से जुड़ी कोई भी समस्या इसके अंतर्गत आती है और ये आपके रिश्ते को काफ़ी प्रभावित करती है.

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Relationship Problems
क्या करें?

–     छिपाएं नहीं. समस्या को छिपाना कोई समाधान नहीं है, इससे वो और बढ़ेगी.

–     कम्यूनिकेट करें. अपने पार्टनर से बात करें और अपने डर, झिझक व संकोच के बारे में बताएं.

–     एक्सपर्ट की सलाह लें. यह बेहद ज़रूरी है, क्योंकि ये तमाम समस्याएं इलाज के दायरे में आती हैं. इनका आसानी से इलाज संभव है, पर लोग संकोच के चलते डॉक्टर के पास जाते ही नहीं.

–     अपनी समस्या को स्वीकार करें और उसको सामान्य मानें. अक्सर लोग सेक्स से जुड़ी समस्याओं को सामान्य नहीं मानते. उनको लगता है कि किसी के सामने यह बात आ गई, तो उनकी बेइज़्ज़ती हो जाएगी, इसी चक्कर में वो इलाज भी नहीं करवा पाते.

–     अधिकतर सेक्सुअल समस्याएं वैसे भी मानसिक होती हैं और आसानी से ठीक हो सकती हैं, बेहतर होगा कि उन्हें छुपाएं नहीं. उनके कारणों को जानकर उचित इलाज करवाएं, वरना समय के साथ-साथ आपका रिश्ता प्रभावित होता चला जाएगा.

ईज़ी होम रेमेडीज़

–    तरबूज़ इरेक्शन की समस्या से निजात दिलाता है, क्योंकि इसमें मौजूद सिट्रूलाइन एक तरह का अमीनो एसिड है, जो इरेक्शन को बेहतर बनाता है और पेनिस की तरफ़ ब्लड फ्लो को तेज़ करता है.

–     प्याज़ न स़िर्फ सेक्स की इच्छा जगाता है, बल्कि सेक्सुअल ऑर्गन्स को भी मज़बूती प्रदान करता है.

–     लहसुन का सेवन करें. इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो न स़िर्फ सेक्स की इच्छा की कमी को दूर करते हैं, बल्कि इरेक्शन की समस्या से भी निजात दिलाते हैं.

–     सेब का सेवन करें. यह सेक्सुअल स्टैमिना को बढ़ाता है.

–     बादाम, अखरोट, पिस्ता, काजू, किशमिश आदि में भी सेक्स बूस्टर तत्व होते हैं. मूंगफली, अखरोट और पिस्ता में मौजूद अमीनो एसिड इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करता है.

–     बादाम में ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई होता है, जो बेहतर सेक्स के लिए ज़रूरी होते हैं. सेलेनियम इंफर्टिलिटी से भी बचाता है और ज़िंक पुरुषों में सेक्स हार्मोंस के निर्माण को बेहतर बनाता है.

–     हरी सब्ज़ियों में सेक्स बूस्टर तत्व भी होते हैं. ये इरेक्शन को लंबे समय तक बनाए रखने में बेहद कारगर हैं, क्योंकि इनमें आर्जिनाइन नामक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है.

–     तिल में मौजूद ज़िंक सेक्स की इच्छा बढ़ाने में कारगर है.

–     अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो सेक्स ड्राइव को बेहतर बनाता है.

–     गाजर सेक्सुअल एनर्जी के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है.

–     छुहारा सेक्स के लिए आपको ऊर्जा प्रदान करता है.

–     डार्क चॉकलेट्स भी सेक्स बूस्टर फूड है. इसमें मौजूद कोको में मूड बूस्टिंग हार्मोंस को बढ़ाने की क्षमता होती है.

– विजयलक्ष्मी

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