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सेक्सुअल प्रॉब्लम्स के लिए 20 Amazing होम रेमेडीज़ (20 Amazing Home Remedies For Sexual Problems)

Home Remedies, Sexual Problems

सेक्सुअल प्रॉब्लम्स के लिए 20 Amazing होम रेमेडीज़ (20 Amazing Home Remedies For Sexual Problems)

प्यार को ज़ाहिर करने का सबसे बेहतरीन ज़रिया होता है सेक्स. रिश्ते को बेहतर व प्रगाढ़ बनाने का भी बेहतरीन ज़रिया है सेक्स. अपने प्यार को और क़रीब लाने का ज़रिया भी है सेक्स. ऐसे में सेक्स को नज़रअंदाज़ करने का मतलब है अपने रिश्ते को नज़रअंदाज़ करना. लेकिन अक्सर कभी किसी बीमारी के चलते, कभी स्ट्रेस, तो कभी अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से सेक्सुअल समस्याएं रिश्ते के बीच आ जाती हैं, जिससे न स़िर्फ आपका रिश्ता, बल्कि स्वास्थ्य भी प्रभावित होने लगता है. लेकिन यहां हम कुछ आसान होम रेमेडीज़ यानी घरेलू नुस्ख़े बता रहे हैं, जो बनाएंगे आपकी सेक्स लाइफ को हेल्दी, हैप्पी, स्पाइसी और हॉट.

ईज़ी होम रेमेडीज़

  1.  लहसुन का सेवन करें. इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो न स़िर्फ सेक्स की इच्छा की कमी को दूर करते हैं, बल्कि इरेक्शन की समस्या से भी निजात दिलाते हैं.

ऐसे करें इस्तेमाल: रोज़ाना 2-3 लहसुन की कलियों को क्रश करके खाएं.

2.  प्याज़ में भी सेक्सुअल समस्याओं को ठीक करने के काफ़ी गुण होते हैं. यह न स़िर्फ सेक्स की इच्छा जगाता है, बल्कि सेक्सुअल ऑर्गन्स को भी मज़बूती प्रदान करता है. प्याज़ में भी स़फेद प्याज़ अधिक गुणकारी है.

ऐसे करें इस्तेमाल: अपने खाने में सलाद के रूप में प्याज़, ख़ासतौर से स़फेद प्याज़ का इस्तेमाल करें.

3.  अदरक न स़िर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि कई तरह की सेक्सुअल समस्याओं से निजात भी दिलाता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: आधा चम्मच अदरक का रस शहद के साथ सोने से पहले लें. बेहतर परिणाम के लिए हाफ बॉइल्ड अंडे के साथ लें.

4. किशमिश सेक्सुअल पावर बढ़ाने में बहुत कारगर है. इसके शुगर कंटेंट की वजह से यह आपको ऊर्जा भी प्रदान करती है.

ऐसे करें इस्तेमाल: दूध में 200 ग्राम किशमिश उबालकर उन्हें चबाकर खाएं.

धीरेधीरे किशमिश की मात्रा बढ़ाएं. इसका सेवन रोज़ाना करें.

5. गाजर बेहद गुणकारी है. सेक्सुअल एनर्जी के लिए भी यह फ़ायदेमंद है.

ऐसे करें इस्तेमाल: सलाद के रूप में गाजर रोज़ खाएं. बेहतर परिणामों के लिए 150 ग्राम गाजर को काट लें और हाफ बॉइल्ड अंडे में शहद के साथ मिलाकर खाएं.

6. छुहारे में कई पोषक तत्व होते हैं. साथ ही यह सेक्स के लिए आपको ऊर्जा भी प्रदान करता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: छुहारे, बादाम और पिस्ता को ग्राइंड कर लें. 100 ग्राम की मात्रा में रोज़ इसका सेवन करें.

7. हल्दी वीर्य के पतलेपन के इलाज में बेहद गुणकारी है.

ऐसे करें इस्तेमाल: रोज़ सुबह खाली पेट 1 चम्मच हल्दी पाउडर 1 चम्मच शहद में मिलाकर लें.

8. इमली स्खलन की समस्या के लिए बहुत लाभदायक है.

ऐसे करें इस्तेमाल: आधा किलो इमली के बीजों के दो हिस्से करके 3 दिन तक पानी में भिगोकर रखें. फिर छिलके उतारकर पीस लें. इसमें आधा किलो पिसी हुई मिश्री भी मिला दें. इसे कांच की बोतल में स्टोर करके रख दें. इसे आधाआधा चम्मच सुबहशाम दूध के साथ लें.

9. भिंडी भी शीघ्रपतन जैसी समस्याओं में रामबाण का काम करती है. भिंडी पाउडर के उपयोग से सेक्सुअल समस्याएं दूर हो जाती हैं.

ऐसे करें इस्तेमाल: तक़रीबन एक महीने तक रोज़ रात सोने से पहले 1 ग्लास दूध में 10 ग्राम भिंडी पाउडर मिलाकर लें.

10. आंवले का मुरब्बा स्वप्नदोष जैसी समस्या के लिए बेहद फ़ायदेमंद उपाय है.

ऐसे करें इस्तेमाल: रोज़ाना आंवले के मुरब्बे का सेवन करें और स्वप्नदोष से राहत पाएं.

11. आंवले का रस और पाउडर भी सेक्स ऊर्जा व शक्ति को बढ़ाने में सहायक है.

ऐसे करें इस्तेमाल: 2 चम्मच आंवले के रस में 1-1 चम्मच आंवला पाउडर और शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें.

12. जामुन भी स्वप्नदोष को दूर करता है. जामुन वैसे भी बहुत गुणकारी है.

ऐसे करें इस्तेमाल: जामुन की गुठली को सुखाकर पीसकर चूर्ण बना लें. इसे 3-4 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम पानी के साथ लें.

13. इलायची का इस्तेमाल भी स्वप्नदोष की शिकायत दूर करने के लिए किया जाता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: इलायची के दानों को पीसकर चूर्ण बना लें. इसमें समान भाग मेें मिश्री या शक्कर और आंवले का रस मिलाकर बेर के समान गोलियां बना लें और छाया में सुखा लें. 1-1 गोली सुबहशाम पानी के साथ लें.

14. मुलहठी स्वप्नदोष से निजात दिलाने में बेहद कारगर है.

ऐसे करें इस्तेमाल: मुलहठी को पीसकर बारीक़ चूर्ण बना लें. इसे 3 ग्राम की मात्रा में एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर चाटें.

15. दालचीनी पाउडर शुक्राणु की कमज़ोरी को दूर करने व वीर्य के पतलेपन को दूर करने में बेहद लाभदायक है.

ऐसे करें इस्तेमाल: दालचीनी पाउडर को 2-3 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ लें.

16. तुलसी में कई औषधीय गुण हैं. यह धातुस्राव व प्रमेह जैसे सेक्स रोगों को ख़त्म करने में भी कारगर है.

ऐसे करें इस्तेमाल: तुलसी की जड़ का चूर्ण बना लें. 10 ग्राम चूर्ण को रात को पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उसे छानकर पीएं. सात दिन तक यह प्रयोग करें.

17. बरगद का फल खाने से वीर्य गाढ़ा होता है और सेक्स शक्ति भी बढ़ती है.

ऐसे करें इस्तेमाल: बरगद के 10 पके हुए फल रोज़ चबाचबाकर 40 दिनों तक खाएं.

18. त्रिफला चूर्ण न स़िर्फ पेट के लिए फ़ायदेमंद है, बल्कि यह अत्यधिक कामभावना को भी नियंत्रित करता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: रोज़ रात को त्रिफला चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ लें.

19. अखरोट वीर्य के पतलेपन और शीघ्रपतन जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: 30 ग्राम अखरोट को पीसकर 250 ग्राम दूध में मिलाएं. इसमें एक रत्ती केसर और मिश्री मिलाकर रोज़ सुबह पीएं.

20. मूली बेहद गुणकारी है, उतने ही गुणकारी हैं इसके बीज भी. ख़ासतौर से वीर्य के पतलेपन को दूर करके सेक्स शक्ति बढ़ाने में यह बहुत कारगर हैं.

ऐसे करें इस्तेमाल: मूली के बीजों को पीसकर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण की 5 ग्राम मात्रा 100 ग्राम मलाई में मिलाकर 21 दिनों तक सेवन करें.

– गीता शर्मा

ओरल सेक्स से जुड़े 5 मिथ्स और फैक्ट्स (Myths & Facts Related To Oral Sex)

Oral Sex

ओरल सेक्स से जुड़े 5 मिथ्स और फैक्ट्स

Oral Sex

मिथ 1: ओरल सेक्स करनेवाले वर्जिन नहीं रहते?

फैक्ट: सेक्स का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि सेक्स से जुड़ा कुछ भी करो, आपकी वर्जिनिटी चली जाएगी, जबकि ऐसा है नहीं. जब आपके सेक्सुअल ऑर्गन्स एक-दूसरे से मिलते हैं, तब वर्जिनिटी जाती है. दूसरे शब्दों में कहें, तो वर्जिनिटी के लिए फिज़िकल पेनिट्रेशन ज़रूरी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि इससे आपकी वर्जिनिटी तो नहीं जाएगी, पर हां आप इमोशनल वर्जिनिटी ज़रूर खो सकते हैं.

मिथ 2: ओरल सेक्स हमेशा अनहाइजीनिक होता है.

फैक्ट: हाइजीन व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है. अगर आप और आपका पार्टनर साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखते हैं, तो आपको यह सोचने की ज़रूरत नहीं है. यह प्रॉब्लम वहां आती है, जहां एक से ज़्यादा पार्टनर्स होते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि अपने प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा साफ़-सुथरा रखें. ओरल सेक्स से पहले और बाद में अपने प्राइवेट पार्ट्स को क्लीन करें. शाम को घर लौटने पर शावर लें. आपकी फ्रेशनेस आपके रिश्ते को भी फ्रेश रखेगी.

मिथ 3: ओरल सेक्स से कभी ऑर्गैज़्म नहीं मिलता.

फैक्ट: ओरल सेक्स फोरप्ले की तरह होता है, पर इसमें पूरी संभावना रहती है कि पार्टनर्स को ऑर्गैज़्म मिले. ख़ासतौर से महिलाओं के ऑर्गैज़्म के चांसेस इसमें ज़्यादा होते हैं. इसलिए ऐसा बिल्कुल न सोचें कि आप इससे वंचित रह जाएंगे, इसलिए इसे करने का कोई फ़ायदा नहीं.

मिथ 4: ओरल सेक्स से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ के चांसेज़ नहीं होते.

फैक्ट: ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि ओरल सेक्स के दौरान एक-दूसरे के बॉडी फ्लूइड एक्सचेंज होते हैं, जो इंफेक्शन का कारण बन सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसमें इंफेक्शन की संभावना अधिक रहती है, इसलिए प्रिकॉशन लेना बहुत ज़रूरी है. इसमें सबसे ज़्यादा बुरी बात जो है, वो यह कि ये इंफेक्शन्स आपके चेहरे पर साफ़ दिखाई देते हैं यानी ओरल इंफेक्शन्स हो सकते हैं.

मिथ 5: ओरल सेक्स में कंडोम की ज़रूरत नहीं.

फैक्ट: यह बहुत आश्‍चर्य की बात है कि मार्केट में फ्लेवर्ड कंडोम की बहुत सारी रेंज आ गई है, बावजूद इसके लोगों को इसकी जानकारी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि कंडोम के फ्लेवर्ड लुब्रिकेंट को लेकर ज़्यादातर महिलाओं में यह झिझक रहती है कि कहीं उसका लुब्रिकेंट उनकी सेहत के लिए नुक़सानदायक हो सकता है. जबकि उन्हें यह समझना चाहिए जो चीज़ ओरल सेक्स में सुरक्षा के लिहाज़ से ही बना हो, भला उसमें क्या प्रॉब्लम हो सकती है.

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आपको नपुंसक बना सकती हैं ये 10 आदतें (10 Habits That Can Make You Impotent)

causes of impotence
आपको नपुंसक बना सकती हैं ये आदतें (Habits That Can Make You Impotent)

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) बहुत से पुरुषों की समस्या है, पर उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनकी रोज़मर्रा की आदतें ही उनकी सेक्स लाइफ को बिगाड़ रही है. आप भी जानें इसके कारन, लक्षण और निवारण. 

causes of impotence

पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार की ताज़गी को हमेशा बरक़रार रखने में शारीरिक संबंधों की बहुत अहम् भूमिका होती है, लेकिन बदलते लाइफस्टाइल के चलते अधिकांश पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शिकार होते जा रहे हैं. यह एक ऐसी समस्या है जो पुरुषों में आत्मविश्‍वास की कमी और अधूरेपन को दर्शाती है. क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन, कैसे होती है ये समस्या और इसका निवारण कैसे होता है? चलिए जानते हैं.

क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन?

संभोग के दौरान पेनिस का उत्तेजित न होना या फिर कामोत्तेजना को देर तक बनाए रखने में असमर्थता, यह यौन क्रिया की एक ऐसी स्थिति है जिसे स्तंभन दोष, नपुंसकता, शीघ्रपतन या फिर इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन का अर्थ है पेनिस में तनाव न आना या तनाव का बरक़रार न रह पाना. इस स्थिति को इंपोटेंसी भी कहा जाता है जो 65 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में बेहद आम है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन की यह समस्या 40 वर्ष के क़रीब 5 फ़ीसदी पुरुषों में पाई जाती है जो उम्र के साथसाथ बढ़ती है. यह समस्या व्यक्ति के साथ उसके पार्टनर की सेक्सुअल लाइफ को भी प्रभावित करती है इसलिए समय पर इसका इलाज कराना अति आवश्यक है.

कारण

संभोग के दौरान आनंद की चरमसीमा तक पहुंचने के लिए लगातार पर्याप्त इरेक्शन का होना ज़रूरी है. अगर ऐसा नहीं होता है तो यह स्थिति आपके लिए चिंताजनक साबित हो सकती है. हालांकि यह बीमारी पुरुषों में कई कारणों से हो सकती है इसलिए इसके कारणों को जानना बहुत ज़रूरी है.

1- धूम्रपान

अगर आपको धूम्रपान करने की आदत है तो फिर ये आदत आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार बना सकती है. सिगरेट पीने की वजह से शरीर में ठीक तरह से बल्ड सर्कुलेशन नहीं हो पाता है, जिससे बेड पर आपके परफॉर्मेंस में कमी आ सकती है.

2- शराब

अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से धमनियों में ख़ून का दौरा कम हो जाता है जिससे पेनिस तक पर्याप्त मात्रा में ख़ून की सप्लाई नहीं हो पाती है. ऐसे में व्यक्ति नपुंसक हो सकता है या इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार हो सकता है.

3- दवाइयां

अगर आप हाई ब्लड प्रेशर या फिर तनाव को दूर करने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं तो यह आदत आपके बेड लाइफ के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है.

4- तनाव

तनाव या डिप्रेशन पुरुषों की सेक्स लाइफ के लिए बेहद ख़तरनाक माना जाता है. यह धीरेधीरे बीमारी फैलाता है इसलिए तनाव या डिप्रेशन से ख़ुद को दूर रखना चाहिए.

5- मोटापा

बढ़ते वज़न या फिर मोटापे का सीधा असर पुरुषों के लिंग पर पड़ता है और मेल

हार्मोन्स का प्रोडक्शन धीमी गति से होने लगता है. इससे पहले कि मोटापा आपकी सेक्स लाइफ का दुश्मन बने, आपको अपने वज़न को कंट्रोल करने को लेकर सीरियस हो जाना चाहिए.

6- हाई कोलेस्ट्रॉल

हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से रक्त की धमनियां पूरी तरह से ब्लॉक भी हो सकती हैं जिससे ख़ून की सप्लाई धीमी पड़ जाती है. अगर ऐसा होता है तो फिर इसका दुष्परिणाम पुरुषों के प्राइवेट पार्ट को भुगतना पड़ सकता है.

7- हृदय रोग

बदलते लाइफ स्टाइल की वजह से दिल की बीमारी एक बड़ी बीमारी बनकर उभरी है. हृदय रोग व्यक्ति के शारीरिक संबंध का सबसे बड़ा दुश्मन बन सकता है और आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार बना सकता है.

8- डायबिटीज़

कुछ साल पहले डायबिटीज़ होने की औसत आयु 40 वर्ष हुआ करती थी जो अब घटकर 25 से 30 साल हो चुकी है. डायबिटीज़ के कारण ख़ून की धमनियों और तंत्रिकाओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हो सकती है.

9- बढ़ती उम्र

जैसेजैसे उम्र बढ़ती है व्यक्ति की यौन इच्छाओं में भी कमी आने लगती है. जो पुरुष यौन क्रिया में इच्छा नहीं रखते या फिर जिन्हें उत्तेजना नहीं होती, वे नपुंसक होते हैं लेकिन जो पुरुष उत्तेजित होते हैं लेकिन घबराहट के मारे जल्दी शांत हो जाते हैं, वे आंशिक नपुंसक होते हैं.

10- हाइपरलिपिडिमिया

हाइपरलिपिडिमिया एक बीमारी है. यह तब होता है जब आपके ख़ून में बहुत अधिक लिपिड (वसा) होता है यानी कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स. इस बीमारी के कारण आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन या नपुंसकता की समस्या हो सकती है.

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लक्षण

काम क्रिया के दौरान अगर शीघ्रपतन की समस्या होती है तो यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है.

संभोग के दौरान अगर उत्तेजना में कमी हो तो यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन या नपुंसकता का लक्षण हो सकता है.

समय से पहले स्खलन और विलंब स्खलन भी नपुंसकता यानी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का लक्षण है.

पर्याप्त उत्तेजना के बाद भी संभोग सुख प्राप्त करने में असमर्थता इस बीमारी का लक्षण हो सकता है.

अगर ये समस्याएं दो या उससे अधिक महीने से हो रही हैं तो अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर ले लेना चाहिए.

निवारण

इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी शीघ्रपतन की समस्या से पीड़ित व्यक्ति अपनी ख़राब सेक्स परफॉर्मेंस को लेकर शर्मिंदगी महसूस करता है, लेकिन समय पर सही उपचार करके इस समस्या से निजात पाना भी आसान है.

1- दवाइयां

पेनिस के मसल्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने और उन्हें आराम देने के लिए डॉक्टर्स सिल्डेनाफिल (ीळश्रवशपरषळश्र), टैडलफिल (ींरवरश्ररषळश्र), वर्डेनफिल र्(ींरीवशपरषळश्र) अवानाफिल (र्रींरपरषळश्र) जैसी दवाएं मरीज़ को देते हैं. समस्या की गंभीरता के आधार पर दी जानेवाली इन दवाओं का सेवन सेक्स से क़रीब आधे घंटे पहले किया जाता है. हालांकि हार्ट डिजीज़ और प्रोस्टेट के मरीज़ों को इन दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए.

2- काउंसलिंग

तनाव, चिंता या फिर अन्य वैवाहिक समस्याएं अगर आपकी इस बीमारी का कारण हैं तो काउंसलिंग के ज़रिए इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है. आमतौर पर ऐसा उन लोगों के साथ होता है, जिन्हें सेक्स का कम अनुभव होता है लेकिन अपनी

परफॉर्मेंस की चिंता बहुत ज़्यादा होती है.

3- इंजेक्शन

इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से निपटने के लिए मरीज़ को एक ख़ास इंजेक्शन दिया जाता है, जिसे पापवेरिन (रिर्रिींशीळपश) इंजेक्शन कहा जाता है. यह रक्त वाहिकाओं को बढ़ाने में मदद करते हैं. इस इंजेक्शन को शरीर में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए सीधे लिंग में लगाया जाता है.

4- जीवनशैली में बदलाव

जीवनशैली में बदलाव लाकर भी इस समस्या से काफ़ी हद तक राहत मिल सकती है. अपने डायट में हरी सब्ज़ियों, डेयरी प्रोडक्ट्स, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर चीज़ों को शामिल करें. इसके साथ ही धूम्रपान, शराब और अवैध दवाइयों का सेवन करने से बचें और अपने शरीर के वज़न को कंट्रोल करें.

5- एक्सरसाइज़

ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में हुए एक अध्ययन के अनुसार, पेल्विक एरिया की एक्सरसाइज़ करने से क़रीब 40फ़ीसदी पुरुषों में इरेक्टाइल की समस्या नॉर्मल हो गई है. तेज़ चलना, स्विमिंग और हफ़्ते में तीन बार कार्डियो करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और पेल्विक हिस्से में ब्लड फ्लो बढ़ता है. इटली और इथियोपिया में हुए एक अध्ययन के अनुसार, एरोबिक्स से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन में सुधार हो सकता है.

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जानें कंडोम से जुड़े 10 मिथकों की सच्चाई (Top 10 Condom Myths & Facts)

Condom Myths & Facts, about Condom
भारत में सेक्स से जुड़ी जानकारी को लेकर लोग कई मिथकों के शिकार हैं. कंडोम और इसके इस्तेमाल को लेकर भी लोगों में कई तरह की ग़लतफ़हमियां हैं. हम सभी जानते हैं कि प्रभावी सुरक्षा कैसे की जानी चाहिए? लेकिन आगे जो हम बताने जा रहे हैं उसे पढ़े बिना  कोई मत न बनाएं. हम आपको बताने जा रहे हैं कंडोम से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई.

Condom Myths & Facts, about Condom

1. मिथकः कंडोम ख़रीदने के लिए 18 साल का होना ज़रूरी है.

सच्चाईः आप किसी भी उम्र में कंडोम ख़रीद सकते हैं. आप किसी कम्युनिटी कॉन्ट्रॉसेप्टिव क्लिनिक, सेक्सुअल ऐंड जेनिटोयोरिनरी मेडिसिन क्लिनिक या सेक्स संबंधी जागरूकता के लिए काम कर रही किसी संस्था से भी मुफ़्त में कंडोम ले सकते हैं.

2. मिथकः ओरल और ऐनल सेक्स में कंडोम की कोई ज़रूरत नहीं है.

सच्चाईः कंडोम के इस्तेमाल का उद्देश्य न स़िर्फ प्रेग्नेंसी को रोकना है, बल्कि सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ यानी यौन संक्रमणों से भी सुरक्षित रखना है. अगर आप ख़ुद अपने या अपने पार्टनर के संक्रमित होने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं तो कंडोम का ज़रूर इस्तेमाल करें. विशेषज्ञों के अनुसार, सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ से बचाव में कंडोम महत्वपूर्ण है, ख़ासतौर पर जब लिंग पर खरोंचे हों या दांत से काटा हुआ हो.

3. मिथकः कंडोम कभी ख़राब नहीं होते.

सच्चाईः यह ग़लत है, कंडोम एक्सपायर होते हैं. कंडोम ख़रीदते व़क्त पैकेट को ध्यान से पढ़ें. उसमें उसकी एक्सपायरी डेट दी होती है. कुछ लोग कह सकते हैं कि बिना कंडोम के सेक्स करने से बेहतर है, पुराना कंडोम इस्तेमाल करें. ऐसी सलाह से सावधान रहें, क्योंकि इससे शरीर पर चकत्ते पड़ सकते हैं. एक प्रकार की चिड़चिड़ाहट भी हो सकती है. लचीलापन खत्म होने की वजह से कंडोम आसानी से फट सकता है. नया पैकेट ख़रीदने और कंडोम को सही ढंग से लगाने से पहले बेड पर जाने की जल्दबाज़ी न दिखाएं.

4. मिथकः कंडोम असुविधाजनक होते हैं और कम आनंद देते हैं.

सच्चाईः कई अध्ययनों में पाया गया है कि यह सच नहीं है. लोगों को इसका इस्तेमाल करने पर भी उतना ही आनंद का एहसास होता है जितना इसके बिना. हालांकि कुछ कंडोम इस तरह डिज़ाइन किए जाते हैं जिससे ऑर्गेज़्म तक पहुंचने में देरी हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इससे सेंसिटिविटी भी कम हो जाती है.

5. मिथकः यदि महिला ने गर्भनिरोधक गोली (पिल) ली है तो कंडोम की ज़रूरत नहीं.

सच्चाईः गोली लेने से सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिज़ीज़ या इंफेक्शन से सुरक्षा नहीं मिलती. कुछ केसेस में प्रेग्नेंसी रोकने को लेकर भी गोलियां असर नहीं करतीं. यानी इस मिथक से भी आपको बचना चाहिए.

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Condom Myths & Facts, about Condom

6. मिथकः दो कंडोम लगाना ज़्यादा सुरक्षित है.

सच्चाईः केवल एक कंडोम का इस्तेमाल ही अनचाहे गर्भ और यौन संक्रमणों से बचने के लिए काफ़ी है. दरअसल, दो कंडोम लगाने से घर्षण की संभावना बढ़ेगी. कंडोम फट भी सकते हैं. इसलिए व्यक्ति को दो कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे रिसाव की संभावना बढ़ जाती है.

7. मिथकः चिकनाहट के लिए कोई भी तैलीय पदार्थ यूज कर सकते हैं

सच्चाईः अधिकतर कंडोम इस्तेमाल के लिए पर्याप्त रूप से चिकने होते ही हैं. अगर आपको और चिकनाहट की ज़रूरत हो तो पानी या सिलिकन से बनी किसी वस्तु का इस्तेमाल करें, तेल से बनी किसी वस्तु का इस्तेमाल न करें. तेल रबर को नष्ट कर देता है जिससे कंडोम फट सकता है.

8. मिथकः कहीं भी स्टोर करें.

सच्चाईः कंडोम को बहुत ज़्यादा या बहुत कम तापमान वाली जगह पर स्टोर करके नहीं रखना चाहिए. ऐसी जगह (उदाहरण के लिए आपकी जेब) जहां घर्षण होता हो, कंडोम को नुकसान हो सकता है. इससे स्पर्म के कंडोम से बाहर निकलने का ख़तरा बढ़ जाता है.

9. मिथकः लेटेक्स (क्षीर) से एलर्जी होने पर यूज नहीं कर सकते.

सच्चाईः ऐसा नहीं है. लेटेक्स से एलर्जी होना आपको सेक्स नहीं करने या असुरक्षित सेक्स करने पर मजबूर नहीं करता. इस समस्या से बचने के लिए मार्केट में लेटेक्स कंडोम उपलब्ध हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है. इनमें लैंब्स्किन से बने कंडोम प्रेग्नेंसी तो रोकते हैं, लेकिन संक्रमण से बचाव नहीं करते.

10. मिथकः केवल हेट्रोसेक्सुअल ही इस्तेमाल करते हैं.

सच्चाईः यह हमेशा याद रखें कि कंडोम प्रेग्नेंसी ही नहीं रोकते, बल्कि संक्रमणों से भी बचाव करते हैं, इसलिए होमोसेक्सुअल कपल को भी इनकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए.

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जानें सेक्स से जुड़े दिलचस्प सर्वे (Interesting Sex Survey)

Interesting Sex Survey
सफल सेक्स लाइफ़ पर हुए रिसर्च के अनुसार सेक्स लाइफ एंजॉय करने के लिए डेली एक्सरसाइज़ और हेल्दी डायट बहुत ज़रूरी है. आइए जानते हैं कुछ इंटरेस्टिंग सेक्स रिसर्च की रिपोर्ट्स की संक्षिप्त जानकारी.

Interesting Sex Survey

– एक सर्वे के अनुसार, 60% पुरुष चाहते हैं कि सेक्स के लिए औरत पहल करे.

सप्ताह में दो या तीन बार सेक्स करनेवाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है.

सेक्स के दौरान हार्ट अटैक से मरनेवाले पुरुषों में से 85% पुरुष ऐसे होते हैं, जो अपनी पत्नी को धोखा दे रहे होते हैं.

जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत हो, उनके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छी नींद आती है. रिसर्च के अनुसार, ये नींदवाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज़्यादा कारगर है.

हर पुरुष हर सात सेकंड में कम से कम एक बार सेक्स के बारे में ज़रूर सोचता है.

20% पुरुषों को ओरल सेक्स से आनंद आता है, जबकि 6% महिलाओं को ये महज़ फोरप्ले का हिस्सा लगता है.

अमेरिका में 12-15 साल के किशारों में ओरल सेक्स का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है और मज़ेदार बात तो ये है कि वो इसे सेक्सुअल क्रिया मानते ही नहीं.

25 % महिलाएं सोचती हैं कि पुरुष रुपएपैसे से सेक्सी बनता है.

ज़्यादा सेक्स करनेवाले पुरुषों की दाढ़ी अपेक्षाकृत तेज़ी से बढ़ती है.

लेटेक्स कंडोम की औसत लाइफ़ 2 साल होती है.

रोमांटिक उपन्यास पढ़नेवाली औरतें ऐसे उपन्यास न पढ़नेवाली औरतों की तुलना में सेक्स का ज़्यादा आनंद उठा

सकती हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर्स के मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के अनुसार, पुरुष किसी भी दूसरे रंग के मुक़ाबले लाल रंग के परिधान में महिलाओं की ओर ज़्यादा आकर्षित

होते हैं.

हाल ही में हुए शोध के अनुसार, जिन महिलाओं में इमोशनल इंटेलिजेन्स (अपनी भावनाओं को समझने के साथसाथ अपने आसपास रहनेवाले लोगों की भावनाओं व ज़रूरतों की समझ) बेहतर होती है, वे सेक्स में उतनी ही अच्छी पार्टनर साबित होती हैं.

अक्सर कहा जाता है कि महिलाओं को सेक्स के लिए उत्तेजित होने में कम से कम 20 मिनट का समय लगता है, परंतु शोध से पता चला है कि किसी पुरुष की कल्पना और फोरप्ले से उत्तेजित होने में उन्हें मात्र 10 मिनट लगता है.

पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक दिन में कई बार ऑगैऱ्ज्म का अनुभव कर सकते हैं.

अगर किसी महिला में सेक्स उत्तेजना उत्पन्न नहीं होती, तो एक बार ङ्गबर्थ कंट्रोल पिल्सफ को बदलकर देखें, क्योंकि कई बार अलगअलग पिल्स में पाए जानेवाले हार्मोंस सेक्स की उत्तेजना को प्रभावित करते हैं. इन्हें बदलने से समस्या हल हो सकती है.

कई बार सीमेन (वीर्य) से ब्लीच जैसी गंध आती है. इससे कोई हानि नहीं है. यह प्राकृतिक डिसइं़फेक्टेंट होता है एवं स्पर्म्स को योनि में पाए जानेवाले एसिड के बुरे प्रभाव से बचाता है.

एंकलबोन के नीचे एड़ी में सर्कुलर मसाज करने से सेक्सुअल उत्तेजना बढ़ती है.

पुरुष रात्रि की नींद के दौरान औसतन 4 या 5 बार इरेक्शन अनुभव करते हैं.

रिसर्च द्वारा पता चला है कि जो लड़कियां साइकिल रेस में हिस्सा लेती हैं या हर हफ़्ते 100 मील साइकिल चलाती हैं, उनकी बाह्य जननेंद्रियों का सेंसेशन कम हो जाता है.

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पेनिस की लंबाई का ऑर्गैज़्म से कोई संबंध नहीं होता, क्योंकि योनि का केवल 1/3 भाग ही संवेदनशील होता है. अगर सेक्स पोज़ीशन सही हो, तो छोटा पेनिस भी ऑर्गैज़्म दे सकता है.

जर्मन शोधकर्ताओं के अनुसार, सुरक्षित रिलेशनशिप में महिलाओं की सेक्सुअल इच्छा कम हो जाती है. 4-5 साल साथसाथ रहने के बाद महिलाएं पुरुषों की इच्छानुसार सेक्स करती हैं.

ऐसे पुरुष, जिनके अनेक स्रियों से संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्वपूर्ण तो समझते हैं, परंतु अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते.

एक सर्वे के अनुसार, सेक्स के लिए कपल्स की सबसे पसंदीदा जगह बेडरूम के अलावा कार होती है.

यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रॉम्प में हुए रिसर्च के अनुसार, नीली आंखोंवाले पुरुष अक्सर नीली आंखोंवाली स्री को ही पसंद करतेे हैं. यदि उनका बच्चा भूरी आंखोंवाला हुआ, तो वे सोचते हैं कि उनकी पत्नी ने उनके साथ धोखा किया है. वैसे आनुवांशिकता का नियम भी यही कहता है.

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महिलाएं पीरियड्स के दौरान या उसके ठीक पहले ज़्यादा सुखद ऑर्गैज़्म का अनुभव करती हैं. ऐसा उनके पेल्विक एरिया में रक्तसंचार के बढ़ने के कारण होता है.

सेक्स के दौरान पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज़्यादा कल्पनाशील हो जाती हैं. इस तरह की सेक्सुअल फेंटेसी से उन्हें संतुष्टि तो मिलती ही है, आपसी संबंध भी मज़बूत होते हैं.

जो पुरुष ज़्यादातर सेक्सुअल फेंटेसी में रहते हैं, वे अपने रोमांटिक रिलेशनशिप से कम संतुष्ट रहते हैं.

कई पुरुषों में स्खलन (इजाक्युलेशन) के बाद भी पेनिस में इरेक्शन रहता है, जो बहुत दर्दनाक होता है. इसे प्रीएटिसिज़्म कहते हैं.

एक रिसर्च के अनुसार, कॉलेज के दौरान जो लड़के सेक्स में लिप्त रहते हैं, वे अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं, जबकि सेक्स न करनेवाले विद्यार्थी नॉर्मल रहते हैं.

 कुछ महिलाओं को सीमेन (वीर्य) से एलर्जी होती है. सीमेन में मौजूद प्रोटीन के कारण उनके जननांग एवंं शरीर के अन्य हिस्सों पर जलन व खुजली की समस्या हो जाती है.

अध्ययन बताते हैं कि सेक्स से सिरदर्द व जा़ेडों का दर्द दूर होता है. वास्तव में ऑर्गैज़्म के तुरंत बाद ऑक्सीटोसिन हार्मोन का लेवल 5 गुना बढ़ जाता है, जिससे एंडॉरफिन हार्मोन का स्राव होता है. यह दर्द को दूर भगाता है.

सामान्यतः ऐसा समझा जाता है कि प्रेग्नेंसी से सेक्स की इच्छा मर जाती है, परंतु ऐसा नहीं है. गर्भावस्था के दौरान ज़्यादातर महिलाओं की सेक्स की इच्छा या तो बढ़ जाती है या पहले जैसी ही होती है.

रिसर्च के अनुसार, सिगरेट नहीं पीनेवालों की सेक्स की इच्छा, आनंद व संतुष्टि सिगरेट पीनेवालों की अपेक्षा ज़्यादा होती है.

जर्नल ऑफ सेक्स रिसर्च के अनुसार, कपल्स सामान्य तौर पर फोरप्ले में 11 से 13 मिनट लगाते हैं.

एक सर्वे के अनुसार, हफ़्ते में 3 या 4 बार सेक्स करने की इच्छा रखनेवाले पुरुषों व महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है.

जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.

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हर कपल को जानने चाहिए सेक्स से जुड़े ये 10 सवाल-जवाब (10 Sex Q&A’s Every Couple Must Know)

Sex Q 7 A, Every Couple Must Know

कहने को तो हर कोई सेक्स के ख़ूबसूरत एहसास में हर समय डूबा रहना चाहता है, लेकिन जिस तरह हर चीज़ के नियम बनाए गए हैं, उसी तरह सेक्स को लेकर भी कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं. सेक्स किस समय करना चाहिए, किस स्थिति में करना चाहिए और किस दिन करना चाहिए आदि को ध्यान में रख कर जो सेक्स करता है वह चरम आनंद प्राप्त करता है और उसकी सेहत अच्छी बनी रहती है. सेक्स जहां हर इंसान की एक ज़रूरत है, वहीं एक सुंदर एहसास भी है और उसे अच्छी भावना के साथ करना भी ज़रूरी है. आनंददायक सेक्स के लिए सेक्स के प्रति समर्पण के साथ-साथ आपके साथी का सहयोग और सहमति भी ज़रूरी है. अगर वह अनिच्छा दिखाए तो उस दिन सेक्स न करें. याद रखें, सेक्स का मतलब आपसी प्यार दर्शाना होता है, न कि ज़बर्दस्ती करना.

1. किन परिस्थितियों में सेक्स करने से बचना चाहिए और क्यों?

बहुत से दंपत्ति इन बातों को प्रायः नहीं जानते कि कब सेक्स किया जाए और कब नहीं. कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जब सेक्स से परहेज़ करना ज़रूरी हो जाता है. अगर ऐसे में सेक्स किया जाता है तो सेक्स का पूरा सुख नहीं मिलता, साथ ही स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है. अत: जहां तक संभव हो, शारीरिक या मानसिक अस्वस्थता की स्थिति में सेक्स करने से बचना चाहिए-

2. शारीरिक तकलीफ़, विशेषकर दिल के दौरे के बाद सेक्स करना क्यों वर्जित है?

जब आपको या आपके साथी को कोई भी शारीरिक या मानसिक तकलीफ़ या परेशानी हो तो उस दौरान सेक्स न करें, विशेषकर तब जब डॉक्टर ने बेड रेस्ट की सलाह दी हो. दिल के दौरे जैसी किसी भी तकलीफ़ के समय जब सचमुच आराम की ज़रूरत होती है, ऐसे में कोई भी सेक्स क्रिया दिल पर दबाव डालकर आपको परेशानी में डाल सकती है.

3. मानसिक बीमारी की स्थिति में सेक्स क्यों नहीं करना चाहिए?

सेक्स न सिर्फ शरीर का, बल्कि मन का भी मिलन है. कोई भी मानसिक रोग आप या आपके साथी के लिए सेक्स का आनंद उठाने में बाधा बन सकता है. आप में से किसी एक को मानसिक रोग- डिप्रेशन, तनाव, नर्वस ब्रेक डाउन जैसी कोई भी शिकायत हो, तो सेक्स की इच्छा ख़ुद-ब-ख़ुद मर जाती है. ऐसे में बोझिल मन से सेक्स करना ठीक नहीं होगा और न ही ऐसे में आप सेक्स का सुख उठा पाएंगे.

4. सर्जरी के कितने दिनों बाद सेक्स करना चाहिए?

किसी भी सर्जरी के बाद यह बेहतर होता है कि आप सेक्स से परहेज़ करें. जब तक डॉक्टर सही तरह से आपका परीक्षण कर आपके पूरी तरह से ठीक होने का आश्‍वासन न दे दे. ताज़ा सर्जरी के बाद सेक्स करने से आपके टांके खुलने या खून बहने से लेकर गंभीर दर्द जैसी कोई भी घटना हो सकती है जो आपको मुसीबत में डाल सकती है.

5. एस टी डी (सेक्सुअल ट्रांसमीटेड डिसीज़) होने की स्थिति में सेक्स करने पर क्या पार्टनर को भी यह रोग हो सकता है?

एस टी डी जैसे किसी भी संसर्गजन्य रोग के होने पर इसे फैलने से रोकने का एकमात्र उपाय है सेक्स को टालना. एचआईवी, एड्स जैसी गंभीर बीमारी भी सेक्स के ज़रिए एक साथी से दूसरे साथी को मिल सकती है. इसलिए ऐसी स्थिति में सेक्स करने से बचें. डॉक्टर तो इस तरह के रोग की आशंका होने पर जब तक सच्चाई की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक शारीरिक संबंधों से दूर रहने की सलाह देते हैं.

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6. कभी-कभी इंटरकोर्स के समय साथी को दर्द की शिकायत होती है ऐसी स्थिति में सेक्स से बचना क्यों ज़रूरी है?

जब इंटरकोर्स के समय साथी (पत्नी) को दर्द महसूस हो रहा हो तो समझ लीजिए कि ये खतरे की घंटी है. ऐसे में सेक्स करने से बचें. अगर दर्द लगातार हो तो तुरंत पत्नी के साथ अपने डॉक्टर से संपर्क करें. दर्द भरा सेक्स शारीरिक तकलीफ़ के साथ-साथ मानसिक तकलीफ़ में भी डाल सकता है. आपके लिए यही सही होगा कि आप अपने साथी के दर्द का ख़याल रखें और दर्द के बग़ैर सेक्स का आनंद उठाएं.

7. कुछ लोगों का कहना है कि गर्भावस्था में सेक्स नहीं करना चाहिए, जबकि कुछ लोगों की मान्यता है कि गर्भावस्था में सेक्स किया जा सकता है. वास्तविकता क्या है?

गर्भावस्था में सेक्स को लेकर अक्सर उलझन रहती है कि गर्भावस्था के दौरान सेक्स किया जाए या नहीं. विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्भावस्था के छठे हफ्ते से लेकर बारहवें हफ्ते तक सेक्स नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस दौरान गर्भपात की संभावना बनी रहती है. यही नहीं, गर्भधारण के आखिरी दो महीनों में भी सेक्स करना ख़तरनाक हो सकता है. गर्भधारण के चौथे और सातवें महीने में ही सेक्स किया जा सकता है.

8. ऐसा कहा जाता है कि सेक्स करने से पति-पत्नी के आपसी झगड़े सुलझ जाते हैं, लेकिन जब मानसिक स्थिति ठीक न हो तो क्या सेक्स का आनंद उठाया जा सकता है?

अधिकतर लोग समझते हैं कि सेक्स पति-पत्नी के आपसी झगड़ों को निपटाने का एक कारगर तरीक़ा है. तुरंत सेक्स कर लेने से आपसी टकराहट दूर हो जाती है लेकिन यह सही नहीं है, क्योंकि सेक्स के लिए तन और मन का एक होना ज़रूरी है. ऐसी किसी भी टकराहट की स्थिति में सेक्स न करें. अगर मन में कड़ुवाहट हो और तन से आप सेक्स कर रहे हों तो यह सिर्फ एक काम होगा, जिसे जबरन निपटाया जाएगा. इसमें कोई भावना नहीं होगी तो चरम आनंद कैसे प्राप्त होगा. याद रखें, सेक्स के लिए आपको शरीर और मन से एक होना पड़ेगा तभी आप सही अर्थों में सेक्स का आनंद उठा पाएंगे.

9. क्या पुरुषों की तरह महिलाएं सेक्स के बारे में कभी नहीं सोचतीं?

हम ये कह सकते हैं कि पुरुषों के मुक़ाबले महिलाएं सेक्स के बारे में कम सोचती हैं, मगर ये कतई नहीं कह सकते कि महिलाएं सेक्स के विषय में सोचती ही नहीं हैं. रिसर्च की मानें तो न स़िर्फ पुरुष, बल्कि महिलाएं भी सेक्स के बारे में सोचती हैं, लेकिन ऐसा उस वक़्त होता है, जब वो हार्मोनल बदलाव के दौर से गुज़रती हैं.

10. अगर पहली बार आप सेक्स में असफल हो जाते हैं, तो क्या इसका मतलब आपमें कमी है?

ये एक ग़लत धारणा है. जिस तरह हर चीज़ की प्रैक्टिस ज़रूरी होती है, उसी तरह बेहतर सेक्स का आनंद भी कई बार प्रैक्टिस करने के बाद मिलता है. हो सकता है, शुरुआती दौर में आप सेक्स को उस तरह एंजॉय न कर पाएं, जिस तरह कई बार प्रैक्टिस के बाद.

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सेक्स लाइफ को रोमांचक बनाएं इन २५ सेक्स बूस्टर रेसिपीज़ से (25 Sex Booster Recipes To Spice Up Your Sex Life)

Sex Booster Recipes, Spice Up Your Sex Life
अगर आप सेक्स पावर बढ़ाना चाहते हैं या आपको कोई सेक्स प्रॉब्लम है, तो ये सेक्स बूस्टर रेसिपीज़ आज़माएं, जो आसानी से घर पर ही तैयार की जा सकती हैं. ये रेसिपीज़ न स़िर्फ आपकी सेक्स पावर को बढ़ाएंगी, बल्कि आपको सेहतमंद भी बनाएंगी.

1. जामुन की गुठली को सुखाकर उसका चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को 3-4 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम पानी के साथ सेवन करने से कुछ ही दिनों में स्वप्नदोष रोग दूर हो जाता है.

2. इलायची के दानों का चूर्ण और मिश्री या शक्कर को सम भाग मेें लेकर आंवले के रस में खरल करके बेर के बराबर गोलियां बना लें और छाया में सुखाकर रख लें. 1-1 गोली सुबहशाम ताज़े पानी के साथ लेने से स्वप्नदोष की शिकायत दूर हो जाती है.

3. सूखा आंवला और मिश्री बराबर मात्रा में लेकर कपड़छान बारीक चूर्ण बना लें. 10-10 ग्राम की मात्रा में इस चूर्ण का सुबह और रात को सोने से पहले पानी के साथ सेवन करें. इससे स्वप्नदोष की शिकायत दूर हो जाएगी. दवा का सेवन एक महीने तक करें.

4. मुलहठी को कूटपीसकर कपड़छान चूर्ण बना लें. इसे 3 ग्राम की मात्रा में एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर चाटने से स्वप्नदोष का शमन होता है.

5. पुरानी सेमल वृक्ष की जड़ का स्वरस मिश्री मिलाकर एक सप्ताह तक पीने से शुक्र की वृद्धि होती है और शुक्रक्षय की शिकायत दूर हो जाती है.

6. साठी चावल का भात उड़द की दाल के साथ घी मिलाकर सुबहशाम खाने से शुक्रक्षय की शिकायत दूर हो जाती है. यह उत्तम शुक्रवर्द्धक नुस्ख़ा है.

7. काकड़ासिंगी को पानी में पीसकर दूध में मिलाकर पीएं तथा शक्कर, दूध एवं घी का सेवन अधिक करें. इससे शुक्र की वृद्धि होती है और संभोगशक्ति बढ़ती है.

8. गोखरू, तालमखाना, शतावर, कौंच बीज, खरेटी, गंगेरनसभी का सम मात्रा में चूर्ण बनाकर 5 ग्राम की मात्रा में रात को सोने से पहले दूध के साथ सेवन करें. इससे शुक्रक्षय की शिकायत दूर हो जाएगी.

9. दालचीनी का सूक्ष्म चूर्ण 2-3 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ सेवन करें. इससे वीर्य बढ़ेगा और शुक्राणु की कमज़ोरी दूर होगी.

10. कपूर एवं पारद की भस्म अथवा सुहागा व पारद की भस्म को एक साथ मिलाकर शहद या पानी के साथ मलहम बना लें. सेक्स करते समय लिंग में इसे लगाने से इसमें कठोरता आती है और स्तंभनशक्ति बढ़ती है.

11. अश्‍वगंधा के सूक्ष्म चूर्ण को चमेली के तेल में मलहम बनाकर पेनिस (शिश्‍न) पर लगाने से उसकी शिथिलता दूर होती है तथा उसमें कड़ापन आता है.

12. अश्‍वगंधा, कूट, जटामांसी, बाराहीकंदसभी को सम मात्रा में लेकर पानी के साथ पीसकर शिश्‍न पर लेप करने से वह स्थूल तथा कठोर हो जाता है.

13. तुलसी की जड़ का चूर्ण बनाकर रख लें. 10 ग्राम चूर्ण को रात को पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उसे मसलछानकर पीएं. सात दिन तक ऐसा करने से धातुस्राव एवं प्रमेह रोग ठीक हो जाता है.

14. बरगद का पका हुआ 10 फल प्रतिदिन खाने से धातुस्राव से छुटकारा मिलता है, मर्दाना ताक़त बढ़ती है व वीर्य गाढ़ा होता है. इस नुस्ख़े का प्रयोग कम से कम 40 दिनोें तक करना चाहिए.

15. भिंडी की जड़ को सुखाकर चूर्ण बनाकर रख लें. इसे 5 ग्राम की मात्रा में दिन में एक बार गर्म दूध या ताज़े पानी के साथ 21 दिन तक सेवन करें. इससे पुरानी से पुरानी धातुस्राव की बीमारी ठीक हो जाती है.

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16. गोखरू, कौंच बीज, शतावर, बीजबंद, स़फेद मूसली, काली मूसली, सोंठ, सालम मिश्री, सालम पंजा, गिलोय, विदारीकंद और वंशलोचनप्रत्येक को सम भाग में लेकर कपड़छान चूर्ण बना लें. फिर सभी चूर्ण के बराबर मिश्री मिलाकर रख लें. 5 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन दूध के साथ इसका डेढ़ महीने तक सेवन करें. इससे धातुपुष्ट होकर कामोत्तेजना बढ़ती है.

17. रात को नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में सादे पानी से लें. इससे पेट साफ़ होगा और कामोत्तेजना में कमी आएगी.

18. शतावर, गोखरू, कौंच के बीज, खरेंटी के बीजसभी का चूर्ण सम मात्रा में लेकर एक साथ मिलाएं, फिर संपूर्ण चूर्ण के बराबर मिश्री का चूर्ण मिलाकर रख लें. इस चूर्ण को 5-5 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से वीर्य की तरलता दूर होती है और कामोत्तेजना बढ़ती है. 

19. 30 ग्राम अखरोट को पीसकर 250 ग्राम दूध में मिलाएं, फिर इसमें एक रत्ती केसर और आवश्यकतानुसार मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सुबह (दिन में एक बार) पीएं. यह वीर्य की तरलता व शीघ्रपतन में अत्यंत लाभप्रद नुस्ख़ा है.

20. 5 ग्राम प्याज़ का रस, 2 ग्राम घी और 5 ग्राम शहद मिलाकर नियमित सुबहशाम सेवन करें और ऊपर से एक ग्लास दूध पीएं. इससे वीर्य का पतलापन दूर होता है, साथ ही वीर्य वृद्धि भी होती है.

21. वीर्य की तरलता को दूर करने में मूली के बीज अधिक प्रभावकारी हैं. इसके लिए मूली के बीजों का चूर्ण 5 ग्राम लेकर 100 ग्राम दूध की मलाई में मिलाकर नियमित 21 दिनों तक सेवन करें. इससे वीर्य का पतलापन दूर हो जाता है और यौनशक्ति भी बढ़ती है.

22. सूखे सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर प्रतिदिन सुबह सेवन करें और ऊपर से एक ग्लास गुनगुना दूध पीएं. इससे वीर्य की पुष्टि होती है.

23. दूध में 3-4 छुहारे उबालकर खाएं और ऊपर से वही दूध पी जाएं. यह वीर्य की तरलता में लाभदायक है.

24. अश्‍वगंधा और शतावर को सम मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें. इसे 10 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन गर्म मीठे दूध के साथ सेवन करें.

25. शतावर के चूर्ण को दूध में खीर बनाकर अथवा पाक बनाकर सेवन करने से वीर्य गाढ़ा होता है और सेक्सुअल पावर बढ़ता है.

अनंत

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प्यार, सेक्स और कमिटमेंट… कितना बदला रिश्ता? (Why Our Relationship Changes Over Time?)

Why Our Relationship Changes Over Time

समाज जितनी तेज़ी से बदल रहा है, उतनी ही तेज़ी से प्यार, सेक्स और कमिटमेंट की परिभाषा व अहमियत भी बदल रही है. नई पीढ़ी संबंधों के अर्थ को पुनः परिभाषित कर रही है. इस दौर में जब इंस्टेंट कॉफी, फास्ट फूड, फेसबुक, ट्विटर और नेट चैट एक ट्रेंड व इन-थिंग बन गया है, प्यार का अर्थ बदला है और उसके साथ ही सेक्स व कमिटमेंट को लेकर भी धारणाएं बदली हैं.  सेक्स को प्यार माना जा रहा है और कमिटमेंट को बंधन. विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षण बरक़रार है, पर आज का युगल कमिटमेंट से डरता है. आज प्यार में सेक्स घुल गया है और जब रिश्तों में प्यार न हो, तो कमिटमेंट का सवाल ही नहीं उठता है. प्यार शॉर्ट एंड स्वीट और लिव-इन के चारों ओर चक्कर लगा रहा है.

आज सामाजिक संबंधों के साथ-साथ परिवार के आत्मीय रिश्तों से जुड़े सरोकार भी बहुत कमज़ोर पड़ रहे हैं. हर जगह स्वार्थ पसर गया है. परिवार के आत्मीय संबंधों पर चोट करनेवाली तमाम घटनाएं आज देखने में आ रही हैं.

Why Our Relationship Changes Over Time
शॉर्टकट रिश्तों में भी

प्यार, रिश्ते और अपनापन जैसी भावनाओं पर स्वार्थ और शारीरिक आकर्षण हावी हो गया है. कमिटमेंट अब लोगों को बंधन लगता है, ऐसे में ज़िम्मेदारियां निभाना भी बोझ लगता है. हर कोई अपनी तरह से जीने का नारा लगाता हुआ लगता है. रिश्तों में भी शॉर्टकट अपनाया जाने लगा है. मिलो, बैठो कुछ पल और फिर एक दूरी बना लो. हर कोई अपनी एक स्पेस की चाह में अपनों से ही दूर होता जा रहा है. आज रिश्ता चीन के उस उत्पाद की तरह हो गया है, जो सस्ता तो है, पर टिकाऊ है या नहीं, इसका पता नहीं.

वर्तमान समय में रिश्तों की अहमियत इतनी बदल चुकी है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे अपनी व्यस्तता के कारण हो या निजी स्वार्थवश, बस रिश्तों को निभाने की बजाय उसे ढो रहा है.

समाजशास्त्री नेहा बजाज मानती हैं कि यह बबलगम प्यार का दौर है और इसमें युवा लड़का और लड़की दोनों ही की सोच एक जैसी है. जिस तरह आप बबलगम चबाते रहते हैं और जब मन भर जाता है, तब उसे थूक देते हैं, उसी तरह प्यार भी हो गया है. इसलिए आज के युग में कमिटमेंट का स़िर्फयही मतलब रह गया है कि फिल्में जाओ, पब और पार्टी में जाओ और अच्छे दोस्तों की तरह चिलआउट करो. इस बदलते दृष्टिकोण या व्यवहार का मुख्य कारण व्यक्तिगत स्वतंत्रता है, क्योंकि कोई भी अपनी आज़ादी नहीं खोना चाहता.

कमिटमेंट से डरने लगे हैं लोग

रिश्ते बनाना तो आसान है, मगर निभाना मुश्किल है, क्योंकि निभाने के लिए चाहिए होता है कमिटमेंट. पर आजकल लोग रिश्तों को स़िर्फ सोशल मीडिया से ही निभा रहे हैं.

आज बिना किसी ज़िम्मेदारीवाले संबंध आसान और आरामदायक होते जा रहे हैं. दीर्घकालीन संबंध बोरिंग लगने लगे हैं. विडंबना तो यह है कि आज रिश्तों में न तो कोई उम्मीद रख रहा है, न ही आश्‍वस्त कर पा रहा है कि हम हैं तुम्हारे साथ. कमिटमेंट बदलते हैं, लोग बदल जाते हैं और किसी को भी इससे शिकायत नहीं होती. दीर्घकालीन संबंध तेज़ी से इतिहास का हिस्सा बनते जा रहे हैं. युवा कमिटमेंट से बहुत अधिक डरे और सहमे हुए हैं और जब अफेयर गंभीर होने लगे, तो उन्हें परेशानी होने लगती है. उन्हें लगता है कि परंपरागत और ओल्ड फैशंड अफेयर का मतलब ग़ुलामी और स्वतंत्रता खो देना है.

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हालांकि अभी भी ऐसा वर्ग है, जो प्यार को महत्वपूर्ण मानता है और सेक्स को मर्यादित दृष्टि से देखता है व कमिटमेंट करने को भी तत्पर है. सारे रिश्ते बबलगम की तरह नहीं हो गए हैं. आज भी लोग प्रेम को गंभीरता से लेते हैं. उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है सही साथी की तलाश. और तलाश ख़त्म होने पर जब उनका आपसी तालमेल बैठता जाता है, तो फिर पीछे मुड़कर देखने की कोई आवश्यकता नहीं होती.

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निजी स्वार्थ बढ़ रहा है

वर्तमान की इस तेज़ी से भागती ज़िंदगी के मद्देनज़र अब यह बहस चल पड़ी है कि क्या सामाजिक रिश्तों में अभी और कड़वाहट बढ़ेगी? क्या भविष्य में विवाह और परिवार का सामाजिक-वैधानिक ढांचा बच पाएगा? क्या बच्चों को परिवार का वात्सल्य, संवेदनाओं का एहसास, मूल्यों तथा संस्कारों की सीख मिल पाएगी? क्या भविष्य के भारतीय समाज में एकल परिवार के साथ में लिव-इन जैसे संबंध ही जीवन की सच्चाई बनकर उभरेंगे?

छोटे-छोटे निजी स्वार्थों को लेकर रिश्तों में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है. आज हर रिश्ता एक तनाव के दौर से गुज़र रहा है. वह चाहे माता-पिता का हो या पति-पत्नी का, भाई-बहन, दोस्त या अधिकारी व कर्मचारी का. इन सभी रिश्तों के बीच ठंडापन पनप रहा है.

संवादहीनता और व्यस्तता की वजह से प्यार रिश्तों के बीच से सरक रहा है और सेक्स मात्र रूटीन बनकर रह गया है. स्त्री-पुरुष दोनों आर्थिक रूप से सक्षम हैं, इसलिए अपनी-अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात करते हुए कमिटमेंट से बचना चाहते हैं. अपने साथी से पहले जो भी बात कहनी होती थी, वह या तो साथ बैठकर एक-दूसरे से कही जाती थी या फोन पर बातचीत करके. आज इसकी जगह ले ली है व्हाट्सऐप ने. आप मैसेज छोड़ देते हैं. कई बार सामनेवाला पढ़ नहीं पाता और फिर झगड़ा होना तय होता है. कहीं से घूमकर आने के बाद पहले जहां मिल-जुलकर फोटो देखने का मज़ा लेते थे, वहीं आज फेसबुक पर एक-दूसरे की फोटो देखी जाती है.

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रिलेशनशिप में प्यार कम, लस्ट (वासना) ज़्यादा होता है. अगर आपका रिश्ता प्यार पर नहीं, वासना पर टिका है, तो वह रिश्ता ज़्यादा दिनों तक नहीं रहता. आमतौर पर रिश्ते टूटने की वजह भी यही बन रहा है. रिश्ते में फिज़िकल कनेक्शन ज़रूर बनता है, लेकिन भावनात्मक रूप से जुड़ाव देखने को नहीं मिलता. तो किस तरह का रिश्ता है यह? केवल आकर्षण या प्यार या फिर केवल लस्ट?

प्रोफेशनल होते रिश्ते

आजकल उन रिश्तों को ज़्यादा अहमियत दी जाती है, जो प्रोफेशनल होते हैं, क्योंकि वो हमारे फ़ायदे के होते हैं. रिश्तों में भी अब हम फ़ायदा-नुक़सान ही देखते हैं. जो कामयाब है, रसूखवाले हैं, पैसेवाले हैं, उनसे संबंध रखने में ही फ़ायदा है. इसके चलते कुछ रिश्ते ऐसे ही ख़त्म हो जाते हैं. हम अब उन रिश्तों को ही अहमियत देते हैं, जिनसे बिज़नेस में और लाइफ में भी ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा हो. युवापीढ़ी प्रैक्टिकल और कैलकुलेटिव हो गई है. ऐसे में रिश्तों की अहमियत घटना स्वाभाविक ही है.

कमिटमेंट करने के लिए या प्यार निभाने के लिए सच्चाई व ईमानदारी की ज़रूरत होती है. अपने साथी की भावनाओं को समझने की ज़रूरत होती है. सेक्स को प्यार के साथ जोड़ने और रिश्ते में कमिटमेंट के जुड़ने से रिश्ता टिका रहता है. प्लास्टिक के फूलों की ख़ुशबू के साथ कृत्रिम ज़िंदगी जीने से अच्छा है कि प्यार और विश्‍वास के ताज़ा फूलों से रिश्तों को सजा लिया जाए.

– सुमन बाजपेयी

बिगड़ती लाइफस्टाइल कहीं बिगाड़ न दे आपकी सेक्सुअल लाइफ? (Lifestyle Changes Can Ruin Your Sex Life)

Lifestyle Changes Can Ruin Your Sex Life

Lifestyle Changes Can Ruin Your Sex Life

वक़्त के साथ बहुत कुछ बदलाहमारा खानपान, रहनसहन, हालात और हमारी सोच. कमोबेश इन सबका असर हमारी सेक्स लाइफ पर भी पड़ा. कपल्स बेहतरीन सेक्सुअल लाइफ बिताना मानो भूलते जा रहे हैं. उस पर यदि दोनों वर्किंग हैं, तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है. आख़िर किनकिन कारणों से कपल्स की सेक्स लाइफ प्रभावित हो रही है. इन सब पहलुओं पर नज़र डालते हैंआप मानें या न मानें, आपकी लाइफस्टाइल का आपके सेक्स जीवन पर सकारात्मक व नकारात्मक दोनों ही प्रभाव पड़ता है. आपका खानापीना, सोना, वर्क स्टाइलहर छोटे से छोटे पहलू आपके सेक्सुअल परफॉर्मेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.कहना है सेक्सोलॉजिस्ट व मैरिज काउंसलर डॉ. राजीव आनंद का. उनके अनुसार, जो व्यक्ति छह घंटे से कम नींद लेता है, वो अधिक तनावग्रस्त, थका हुआ, क्रोधित रहता है और इन सबका असर कपल्स की कामेच्छा पर पड़ता है.

* आज की भागदौड़भरी ज़िंदगी में तनाव व परेशानी कम नहीं है. ऐसे में धूम्रपान की आदत बढ़ी है, जिसका असर उनकी सेक्स लाइफ पर पड़ता है. स्टडी के अनुसार, स्मोकर को इरेक्शन की समस्या एक आम पुरुष से दुगुनी होती है.

* अल्कोहल का प्रभाव स्त्रीपुरुष दोनों की सेक्स लाइफ पर पड़ता है. यह शरीर की संवेदनशीलता को कम करने के साथसाथ कामेच्छा को दबाता भी है. रिसर्च के अनुसार, लंबे समय तक शराब पीने से पुरुषों में नपुंसकता की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं.

* कम सोने से थकान, एनर्जी लेवल कम हो जाना, सेक्स में अनिच्छा आदि प्रॉब्लम्स होने लगते हैं. इसलिए पर्याप्त नींद लें.

* हेल्दी फूड की कमी और अधिक जंक फूड खाने से न केवल मोटापा बढ़ता है, बल्कि आपकी सेक्स ड्राइव भी कमज़ोर पड़ जाती है. शोध के अनुसार, सही भोजन न करने से टेस्टेस्टेरॉन हार्मोन्स में कमी होती है और स्पर्म प्रोडक्शन आदि भी प्रभावित होता है.

* स्ट्रेस यानी तनाव, ख़ासकर डिप्रेशन का हमारे शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और धीरेधीरे ये सेक्सुअल लाइफ पर भी अटैक करता है.

* आज की फास्ट लाइफ में असमय खानेपीने, सोने की आदतें लोगों को अनहेल्दी बना दिया है. इस कारण लोगों ने दवाइयों का अधिक सेवन करना शुरू कर दिया, जिसका असर सेक्स लाइफ पर पड़ा.

* आजकल अधिकतर कपल्स वर्किंग हैं. पतिपत्नी दोनों इस कदर बिज़ी हैं कि अपने लिए वे वक़्त ही नहीं निकाल पाते.

* एक्सपर्ट के अनुसार, स्त्रियों को अनियमित मासिक चक्र भी सेक्सुअल लाइफ को प्रभावित करता है.

* आज जो सबसे टॉप कारण है, वो है पार्टनर का सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताना. आज कपल्स एकदूसरे को क्वालिटी टाइम देने की बजाय फेसबुक, वॉट्सअप, इंस्टाग्राम जैसे सोशल प्लेटफार्म पर वक़्त बिताना अधिक पसंद करते हैं और इन सबका नकारात्मक प्रभाव उनकी सेक्स लाइफ पर पड़ता है.

* यदि किसी पार्टनर को कोई बीमारी, जैसेहाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट प्रॉब्लम (जो आज की लाइफस्टाइल की सबसे कॉमन डिसीज़ बनते जा रहे हैं) है, तो भी लव लाइफ पर इसका असर पड़ता है.

* रिसर्च के अनुसार, ओबेसिटी यानी मोटापे का सेक्स लाइफ पर, विशेषतौर पर पुरुषों पर 71% से भी अधिक असर होता है.

* टेक्नोलॉजीगैज़ेट्ससेल फोन, लैपटॉप, टैब का हर समय इस्तेमाल करना भी रिश्तों के लिए नुक़सानदायक माना गया है.

* संयुक्त परिवार की सबसे बड़ी ख़ूबसूरती यह थी कि काम बंटे रहते थे. आपसी सहयोग रहता था. ऐसे माहौल में कपल्स एकदूसरे के लिए समय निकाल पाते थे. लेकिन न्युक्लियर फैमिली के कारण यह भी प्रभावित होती चली गई.

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बेटर लाइफस्टाइल बेटर सेक्स लाइफ

* डॉ. राजीव के अनुसार, यदि आप अपने सेक्स लाइफ को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो आपको उपरोक्त सभी पहलुओं पर ग़ौर करना होगा.

हफ़्ते में एक दिन, ख़ासतौर पर वीकेंड में कपल्स शाम एकदूसरे के साथ बिताएं.

कभी मूवी देखने, तो कभी लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाएं. इससे पार्टनर न केवल एकदूसरे के साथ अधिक समय बिता सकेंगे, बल्कि रिलैक्स भी हो सकेंगे.

चाहे आप कितने ही बिज़ी क्यों न हों, दिनभर में कुछ देर के लिए ही सही, पार्टनर से फोन पर बात करें.

वर्क लोड हो या डेडलाइन पर काम पूरा करने का टेेंशन, इसे घर पर लादकर न लाएं. घरऑफिस में फ़र्क़ होता है, इस बात को आपको गंभीरता से समझना होगा.

जॉब से जुड़े तनाव, परेशानियों को घर पर न लाएं.

आप कितने भी व्यस्त क्यों न हों, डिनर के बाद कुछ समय साथ बिताएं. हल्कीफुल्की बातें करें.

कपल्स एकदूसरे की भावनाओं, इच्छाओं का सम्मान करें. जन्मदिन व शादी की सालगिरह पर विशेष प्लानिंग करें. इससे पार्टनर को ख़ुशी होगी और रोमांटिक माहौल भी बनेगा.

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बोरिंग को इंट्रेस्टिंग बनाएं

* कभीकभी बेडरूम में सेक्सी दिखने के लिए भड़कीली ड्रेस पहनें.

* अपनी सेक्सुअल डिज़ायर के बारे में पार्टनर को बताएं.

* सेक्स करने का टाइम फिक्स करें. इससे सेक्स लाइफ में नया रोमांच पैदा होगा.

* सेक्सुअल रिलेशन के समय हंसीमज़ाक भी करें.

* कभीकभी पार्टनर के साथ न्यूड सोने का आनंद लें. रिसर्च के अनुसार, इससे कपल्स की बॉन्डिंग बढ़ती है.

* एकदूसरे को मसाज करें. इससे बॉडी रिलैक्स होने के साथसाथ आपसी प्यार बढ़ता है.

जब आप ख़ुद के लिए अच्छा महसूस करते हैं, तभी आप अपनी सेक्स लाइफ को भी बेहतर बना पाएंगे. साथ ही अच्छी हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाते हैं, तो यक़ीनन इन सबका सकारात्मक प्रभाव आपकी सेक्सुअल लाइफ पर होता है.

सेक्स के बाद क्या करें/क्या न करें?

सेक्सुअल रिलेशन के बाद तुरंत पानी न पीएं.

यदि चाहें, तो सेक्स के बाद गुड़, मिश्री या फिर कोई मिठाई खाकर पानी पी सकते हैं.

सेक्स के बाद कहीं बाहर घूमनेटहलने न निकलें.

अमेरिका में किए गए एक रिसर्च के अनुसार, सेक्स के बाद ऑर्गेज़्म तक पहुंचने पर महिलाएं इस कदर कामोत्तेजित हो जाती हैं कि सेक्स में होेनेवाले दर्द में भी आनंद का अनुभव करती हैं. ऑर्गेज़्म उनके ब्रेन के तक़रीबन तीस हिस्सों को प्रभावित करता है, जिसमें स्पर्श, ख़ुशी, भावनाएं, याद्दाश्त, संतुष्टि मुख्य हैं.

ऊषा गुप्ता

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क्या करें जब वर्कलोड आए सेक्स लाइफ के बीच? (How Workload Affects Your Sex Life?)

”देखो, तुम मुझे डिस्टर्ब मत करो. अभी तक मेरा टार्गेट पूरा नहीं हुआ है. आज मुझे रातभर काम करना है…’’

‘‘प्लीज़, लिखने दो, कल आर्टिकल की डेडलाइन है. क्लोज़िंग का टेंशन सो अलग…’’

‘‘सोने दो, मुझे कल एक सेमिनार अटेंड करने दिल्ली जाना है. मेरे टूरिंग जॉब का हाल तो तुम जानती ही हो…’’

इस तरह आज की व्यस्त ज़िंदगी में हर वर्किंग कपल्स की अपनीअपनी ज़रूरतें व परेशानियां हैं. किसी को टार्गेट पूरा करना है, तो किसी की डेडलाइन है, तो कोई दिनरात के टूरिंग जॉब से परेशान है. पर अत्यधिक काम के बोझ तले दांपत्य जीवन की खट्टीमीठी तकरारें, कपल्स की सेक्स लाइफ़ मानो कहीं गुमसी हो गई है. इससे उनके रिश्तों में भी दूरियां बढ़ती जा रही हैं. एक हेल्दी रिलेशन के लिए तमाम बातों व ज़िम्मेदारियों के अलावा हेल्दी सेक्स लाइफ़ भी बहुत ज़रूरी है और इसके लिए कोशिश भी आप ही को करनी होगी.

रहें तनावमुक्त

कपल्स का तनावग्रस्त होना सबसे अधिक सेक्सुअल लाइफ़ को ही प्रभावित करता है. इसलिए जहां तक हो सके, तनाव से दूर रहने की कोशिश करें, ताकि रिश्तों में गर्माहट बनी रहे. साथ ही इन छोटीछोटी बातों पर भी ध्यान दें.

– अक्सर कपल्स ऑफ़िस की परेशानियों को घर ले आते हैं और उन्हीं में उलझे रहते हैं. ऐसा न करें. बेहतर होगा कि घर में प्रवेश करने से पहले ऑफ़िस की हर परेशानी को स्विच ऑफ कर दिया जाए.

– पार्टनर्स एकदूसरे से अपनी परेशानियां शेयर करें. हो सकता है कि आपकी प्रॉब्लम का कोई अच्छा सोल्यूशन निकल आए.

चाहे कितने भी थके हों या परेशान हों, कम्युनिकेशन हर हाल में बनाए रखें. कम्युनिकेशन रिश्तों को रिचार्ज करते हैं, जबकि कम्युनिकेशन गैप रिश्तों में दूरियां पैदा करते हैं और सेक्स लाइफ़ को भी प्रभावित करते हैं.

यदि आप संयुक्त परिवार में रह रहे हैं, तो कई बार बड़ेबुज़ुर्गों की सलाह भी आपकी समस्या सुलझाने में मददगार साबित होती है. चाहे ऑफ़िस की प्रॉब्लम्स हों या घरेलू समस्याएं, उनकी राय ज़रूर लें. कई बार उनकी दी गई सलाह कारगर साबित होती है, क्योंकि उनके पास सालों का अनुभव होता है.

यदि ज़रूरी समझें, तो अपने दोस्तों या काउंसलर से बात करें या उनकी सलाह लें. ज़रूरी नहीं है कि गंभीर समस्या होने पर ही काउंसलिंग की जाए.

चाहे कितने भी बिज़ी हों, अपने लिए भी थोड़ा वक़्त ज़रूर निकालें. जब भी वक़्त मिले पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाएं या फिर किसी ख़ूबसूरत नैसर्गिक जगह पर अकेले में ख़ुशनुमा पल बिताएं. इससे आपकी सेक्स लाइफ़ ही नहीं, बल्कि वर्क लाइफ़ भी रिचार्ज होगी.

सुबह या शाम थोड़ासा वक़्त निकालकर योग, प्राणायाम, मेडिटेशन ज़रूर करें. इससे आपको मन की शांति के अलावा तरोताज़गी का भी एहसास होगा.

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वर्कलोड को मैनेज करना सीखें

– वर्कलोड यानी काम के बोझ की समस्या काम को व्यवस्थित तरी़के से न करने के कारण भी आती है.

यदि आप टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दें, तो काफ़ी हद तक यह समस्या दूर हो सकती है.

टाइम और वर्क मैनेजमेंट के साथसाथ सेल्फ़ व रिलेशन मैनेजमेंट भी ज़रूरी है, जिसे हम भूलते जा रहे हैं. ऐसा बिल्कुल भी न करें. काम के साथसाथ रिश्तों को भी अहमियत दें.

अपने काम को क्रमवार रखें यानी महत्वपूर्ण काम को सबसे ऊपर रखें और उन्हें पहले निपटाएं, ताकि देरी होने पर तनावग्रस्त न हों.

 जितना काम आप सही ढंग से कर सकते हैं, उतना ही वर्कलोड लें. कई बार सामर्थ्य से ज़्यादा काम ले लेने से भी मानसिक तनाव हो जाता है.

जिस तरह दर्द बांटने से बंटता है, ठीक उसी तरह काम बांटने से काम अच्छी तरह होने के साथसाथ वक़्त पर भी होता है. इसलिए काम को बांटना सीखें. कई बार सब कुछ अकेले करने के चक्कर में भी वर्कलोड बढ़ जाता है.

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वर्कलोड से प्रभावित होती सेक्सुअल लाइफ़ से जुड़े कुछ दिलचस्प सर्वे

आए दिन वर्कलोड के कारण प्रभावित होती सेक्सुअल लाइफ़ के बारे में जाननेसुनने को मिलता रहता है. यह समस्या किसी एक जगह की नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में वर्किंग कपल्स इससे प्रभावित हैं. आइए, इसी से जुड़े कुछ दिलचस्प सर्वे के बारे में जानते हैं. यदि काम के बोझ के कारण कम सोना आपके दिनचर्या में शामिल है, तो इससे आपका वैवाहिक जीवन ख़तरे में पड़ सकता है.

ब्रिटेन के मेंटन हेल्थ फ़ाउंडेशन के ऑनलाइन सर्वे के अनुसार, जो लोग रोज़ाना 8 घंटे से कम सोते हैं, उनके रिश्ते में मनमुटाव की संभावना चार गुना बढ़ जाती है. इसका असर स़िर्फ निजी जीवन पर ही नहीं, बल्कि करियर पर भी पड़ता है. इसके कारण पार्टनर से मनमुटाव, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, एकाग्रता में कमी आदि शिकायतें रहने लगती हैं.

अमेरिका में किए गए एक सर्वे के अनुसार, जो पतिपत्नी ख़ुद घर की सफ़ाई करते हैं, वे ऐसा ना करनेवाले कपल्स के मुकाबले 15 बार ज़्यादा सेक्स करते हैं. इस नतीजे पर पहुंचने के लिए स्टडी में सात हज़ार कपल्स का इंटरव्यू लिया गया. उनसे घर में काम करने की आदतों और सेक्स लाइफ़ के बारे में सवाल किए गए. इसमें पाया गया कि घर में ज़्यादा काम करनेवाले पुरुष या महिला सेक्स को अधिक एंजॉय करते हैं.

हाल ही में एक कंडोम कंपनी द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक केवल 52% भारतीय पुरुष ही शादीशुदा जीवन के अंतरंग संबंधों की सही जानकारी रखते हैं. अध्ययन द्वारा यह बात भी खुलकर सामने आई है कि शादी की क़ामयाबी के लिए सेक्सुअल रिलेशन की जानकारी होना बेहद ज़रूरी है. जिन पुरुषों को इसके बारे में जितनी अधिक सही जानकारी होगी, उनकी शादीशुदा ज़िंदगी उतनी ही ख़ुशहाल होगी.

भारत के अलगअलग शहरों में 2500 शादीशुदा व अविवाहित महिलाओं पर किए गए एक सर्वे के अनुसार, भारत की अधिकतर वर्किंग वुमन अपने ऑफ़िस व पर्सनल लाइफ़ के बीच संतुलन बनाकर रखना पसंद करती हैं. 95% महिलाओं का मानना है कि ऑफ़िस के वर्कलोड व घरेलू ज़िम्मेदारियों में क़ामयाब रहने के लिए दोनों में संतुलन बनाए रखना और इन्हें बेहतर ढंग से मैनेज करना ज़रूरी है. इसमें पतियों के सहयोग को भी उन्होंने स्वीकारा है.

ब्रिटेन में हाल ही में हुए सर्वे में पाया गया है कि पुरुष अपने पार्टनर को ख़ुश रखने की कला को भूलते जा रहे हैं. वे उनके लिए गिफ़्ट ख़रीदना भूल गए हैं. अधिकतर महिलाओं को पिछले एक साल में उनके पतियों ने कोई सरप्राइज़ गिफ़्ट नहीं दिया है. 10% पुरुष अपनी वेडिंग एनिवर्सरी की तारीख़ भी भूल जाते हैंचाहे आपका काम हो या फिर आपके रिश्ते, सभी का पऱफेक्ट होना ज़रूरी है और एक ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन में सेक्स अहम् भूमिका निभाती है, इसे कभी न भूलें.

ऊषा गुप्ता

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हर किसी को जाननी चाहिए सेक्स से ज़ुड़ी ये 35 रोचक बातें (35 Interesting Facts About Sex)

Interesting Facts About Sex
सेक्स से जुड़ी बहुतसी ऐसी बातें हैं जिनके बारे में शायद ही आपको कोई जानकारी हो. आपकी सेक्स नॉलेज को बढ़ाने के लिए प्रस्तुत है वैज्ञानिकों द्वारा समयसमय पर किए गए सेक्स संबंधी शोध और सर्वे रिपोर्ट्स की संक्षिप्त जानकारी.

Interesting Facts About Sex

1. सप्ताह में दो या तीन बार सेक्स करनेवाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है.

2. एक सर्वे के अनुसार, 60% पुरुष चाहते हैं कि सेक्स के लिए औरत पहल करे.

3. सेक्स के दौरान हार्ट अटैक से मरनेवाले पुरुषों में से 85% पुरुष ऐसे होते हैं, जो अपनी पत्नी को धोखा दे रहे होते हैं.

4. जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत हो, उनके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छी नींद आती है. रिसर्च के अनुसार, ये नींदवाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज़्यादा कारगर है.

5. 20% पुरुषों को ओरल सेक्स से आनंद आता है, जबकि 6% महिलाओं को ये महज़ फोरप्ले का हिस्सा लगता है.

6. अमेरिका में 12-15 साल के किशारों में ओरल सेक्स का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है और मज़ेदार बात तो ये है कि वो इसे सेक्सुअल क्रिया मानते ही नहीं.

7. 25 % महिलाएं सोचती हैं कि पुरुष रुपएपैसे से सेक्सी बनता है.

8. ज़्यादा सेक्स करनेवाले पुरुषों की दाढ़ी अपेक्षाकृत तेज़ी से बढ़ती है.

9. लेटेक्स कंडोम की औसत लाइफ़ 2 साल होती है.

10. रोमांटिक उपन्यास पढ़नेवाली औरतें ऐसे उपन्यास न पढ़नेवाली औरतों की तुलना में सेक्स का ज़्यादा आनंद उठा सकती हैं.

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11. यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर्स के मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के अनुसार, पुरुष किसी भी दूसरे रंग के मुक़ाबले लाल रंग के परिधान में महिलाओं की ओर ज़्यादा आकर्षित होते हैं.

12. हाल ही में हुए शोध के अनुसार, जिन महिलाओं में इमोशनल इंटेलिजेन्स (अपनी भावनाओं को समझने के साथसाथ अपने आसपास रहनेवाले लोगों की भावनाओं व ज़रूरतों की समझ) बेहतर होती है, वे सेक्स में उतनी ही अच्छी पार्टनर साबित होती हैं.

13. अक्सर कहा जाता है कि महिलाओं को सेक्स के लिए उत्तेजित होने में कम से कम 20 मिनट का समय लगता है, परंतु शोध से पता चला है कि किसी पुरुष की कल्पना और फोरप्ले से उत्तेजित होने में उन्हें मात्र 10 मिनट लगता है.

14. पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक दिन में कई बार ऑगैऱ्ज्म का अनुभव कर सकते हैं.

15. अगर किसी महिला में सेक्स उत्तेजना उत्पन्न नहीं होती, तो एक बार ‘बर्थ कंट्रोल पिल्स’ को बदलकर देखें, क्योंकि कई बार अलगअलग पिल्स में पाए जानेवाले हार्मोंस सेक्स की उत्तेजना को प्रभावित करते हैं. इन्हें बदलने से समस्या हल हो सकती है.

Interesting Facts About Sex

 

16. कई बार सीमेन (वीर्य) से ब्लीच जैसी गंध आती है. इससे कोई हानि नहीं है. यह प्राकृतिक डिसइंफेक्टेंट होता है एवं स्पर्म्स को योनि में पाए जानेवाले एसिड के बुरे प्रभाव से बचाता है.

17. एंकलबोन के नीचे एड़ी में सर्कुलर मसाज करने से सेक्सुअल उत्तेजना बढ़ती है.

18. पुरुष रात्रि की नींद के दौरान औसतन 4 या 5 बार इरेक्शन अनुभव करते हैं.

19. रिसर्च द्वारा पता चला है कि जो लड़कियां साइकिल रेस में हिस्सा लेती हैं या हर हफ़्ते 100 मील साइकिल चलाती हैं, उनकी बाह्य जननेंद्रियों का सेंसेशन कम हो जाता है.

20. पेनिस की लंबाई का ऑर्गैज़्म से कोई संबंध नहीं होता, क्योंकि योनि का केवल 1/3 भाग ही संवेदनशील होता है. अगर सेक्स पोज़ीशन सही हो, तो छोटा पेनिस भी ऑर्गैज़्म दे सकता है.

21. जर्मन शोधकर्ताओं के अनुसार, सुरक्षित रिलेशनशिप में महिलाओं की सेक्सुअल इच्छा कम हो जाती है. 4-5 साल साथसाथ रहने के बाद महिलाएं पुरुषों की इच्छानुसार सेक्स करती हैं.

22. ऐसे पुरुष, जिनके अनेक स्रियों से संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्वपूर्ण तो समझते हैं, परंतु अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते.

23. एक सर्वे के अनुसार, सेक्स के लिए कपल्स की सबसे पसंदीदा जगह बेडरूम के अलावा कार होती है.

24. यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रॉम्प में हुए रिसर्च के अनुसार, नीली आंखोंवाले पुरुष अक्सर नीली आंखोंवाली स्री को ही पसंद करतेे हैं. यदि उनका बच्चा भूरी आंखोंवाला हुआ, तो वे सोचते हैं कि उनकी पत्नी ने उनके साथ धोखा किया है. वैसे आनुवांशिकता का नियम भी यही कहता है.

25. महिलाएं पीरियड्स के दौरान या उसके ठीक पहले ज़्यादा सुखद ऑर्गैज़्म का अनुभव करती हैं. ऐसा उनके पेल्विक एरिया में रक्तसंचार के बढ़ने के कारण होता है.

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26. सेक्स के दौरान पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज़्यादा कल्पनाशील हो जाती हैं. इस तरह की सेक्सुअल फेंटेसी से उन्हें संतुष्टि तो मिलती ही है, आपसी संबंध भी मज़बूत होते हैं.

27. जो पुरुष ज़्यादातर सेक्सुअल फेंटेसी में रहते हैं, वे अपने रोमांटिक रिलेशनशिप से कम संतुष्ट रहते हैं.

28. एक रिसर्च के अनुसार, कॉलेज के दौरान जो लड़के सेक्स में लिप्त रहते हैं, वे अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं, जबकि सेक्स न करनेवाले विद्यार्थी नॉर्मल रहते हैं.

29. कुछ महिलाओं को सीमेन (वीर्य) से एलर्जी होती है. सीमेन में मौजूद प्रोटीन के कारण उनके जननांग एवंं शरीर के अन्य हिस्सों पर जलन व खुजली की समस्या हो जाती है.

30. अध्ययन बताते हैं कि सेक्स से सिरदर्द व जा़ेडों का दर्द दूर होता है. वास्तव में ऑर्गैज़्म के तुरंत बाद ऑक्सीटोसिन हार्मोन का लेवल 5 गुना बढ़ जाता है, जिससे एंडॉरफिन हार्मोन का स्राव होता है. यह दर्द को दूर भगाता है.

31. सामान्यतः ऐसा समझा जाता है कि प्रेग्नेंसी से सेक्स की इच्छा मर जाती है, परंतु ऐसा नहीं है. गर्भावस्था के दौरान ज़्यादातर महिलाओं की सेक्स की इच्छा या तो बढ़ जाती है या पहले जैसी ही होती है.

32. रिसर्च के अनुसार, सिगरेट नहीं पीनेवालों की सेक्स की इच्छा, आनंद व संतुष्टि सिगरेट पीनेवालों की अपेक्षा ज़्यादा होती है.

33. जर्नल ऑफ सेक्स रिसर्च के अनुसार, कपल्स सामान्य तौर पर फोरप्ले में 11 से 13 मिनट लगाते हैं.

34. एक सर्वे के अनुसार, हफ़्ते में 3 या 4 बार सेक्स करने की इच्छा रखनेवाले पुरुषों व महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है.

35. जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.

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योग व डायट से बनाएं अपनी सेक्स लाइफ को हॉट, हेल्दी और स्पाइसी (Yoga & Diet For Hot, Healthy & Spicy Sex Life)

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ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन में सेक्सुअल रिलेशन एक अहम् भूमिका अदा करती है. पर कभीकभी शारीरिक व मानसिक कारणों से इसमें मुश्किलें आने लगती हैं. तो क्यों न सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के लिए योग व डायट टिप्स को अपनाएंपतिपत्नी के रिश्ते को मज़बूत और ख़ुशनुमा बनाने में सेक्स की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है. लेकिन कई बार अच्छी ख़ुशनुमा सेक्स लाइफ में मुश्किलें आने लगती हैं, जिससे वैवाहिक जीवन में दरार पड़ जाती है. ऐसा इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) यानी लिंग उत्तेजित न होने के कारण होता है. कई बार सेक्स टॉनिक या वियाग्रा जैसी कामोत्तेजक गोलियां लेकर समस्या को सुलझाने की कोशिश की जाती है, पर इससे स्थिति सुधरने की बजाय और भी बिगड़ जाती है. बेहतर सेक्स लाइफ का रहस्य इन गोलियों में नहीं, बल्कि संतुलित डायट और योग में छुपा है. इस संदर्भ में हमें विस्तृत जानकारी दे रही हैं न्यूट्रीशनिस्ट व योग इंस्ट्रक्टर नुपूर पद्मनाभन.

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कारण

1. रक्त संबंधी बीमारी

लिंग में इरेक्शन (उत्तेजना) ख़ून के ज़्यादा बहाव के कारण आता है. यदि किसी कारणवश ख़ून का बहाव कम हो जाता है, तो इरेक्शन की समस्या होती है. ऐसा रक्त कोशिकाओं के डैमेज होने या धमनियों के कठोर होने से होता है.

2. नर्व डैमेज

डायबिटीज़, प्रोस्टेट सर्जरी या स्पाइनल कॉर्ड के क्षतिग्रस्त होने पर भी इरेक्शन की समस्या होती है.

3. दवाइयां

हाई ब्लडप्रेशर, डिप्रेशन, ह्रदय संबंधी बीमारियों व प्रोस्टेट कैंसर के लिए ली

जानेवाली दवाइयों के प्रयोग से सेक्सुअल क्रियाएं प्रभावित होती हैं.

4. मानसिक कारण

अनेक मानसिक कारणों, जैसेतनाव, डिप्रेशन, व्याकुलता, डर, अपराधबोध से भी सेक्स क्रिया पर असर पड़ता है.

5. हार्मोंस

टेस्टोस्टेरॉन, थायरॉइड एवं पिट्टयूटरी हार्मोंस के असामान्य स्तर से भी सेक्स लाइफ़ प्रभावित होती है.

6. बीमारियां

एनीमिया, डिप्रेशन, आर्थराइटिस, डायबिटीज़, हाइपोथायरॉइड़िज़्म, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी बीमारियां भी सेक्स को प्रभावित करती हैं.

समाधान

सेक्स लाइफ़ को बेहतर बनाने के लिए योग बहुत ही लाभकारी है.

  • इससे शरीर रिलैक्स होता है और तनाव भी दूर होता है.
  • इससे हृदय गति व ब्लडप्रेशर सामान्य होने में मदद मिलती है.
  • योग से शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ जाती है.

ये सारी बातें इरेक्शन पर असर डालती हैं.

बद्ध कोणासन (बटरफ्लाई)

– दोनों पैरों के तलवों को आपस में जोड़कर, दोनों हाथों से पकड़ लें.

– अब इन्हें बटरफ्लाई की तरह हिलाएं.

इस क्रिया को दस बार दोहराएं.

फ़ायदे

इस आसन से पेट, पीठ और पेल्विक एरिया में ब्लड सप्लाई ठीक तरह से होने लगती है. यह आसन किडनी, प्रोस्टेट और यूरिनरी ब्लैडर को हेल्दी रखता है.

बालासन (चाइल्ड पोज़)

दोनों पैरों को घुटने से मोड़ लें एवं एड़ियां जोड़कर उस पर बैठ जाएं (हलासन की स्थिति में).

सिर सामने झुकाकर ज़मीन पर टिका दें. इससे कमर ऊपर उठ जाएगी.

अब दोनों हाथों को पैरों के समानांतर इस तरह रखें कि हथेलियां ज़मीन पर टिकी रहें. (तलवे नहीं).

2 मिनट तक इसी पोज़ में रहें.

ऐसा 5 से 10 बार करें.

फ़ायदे

इस आसन से तनाव दूर होता है और सेक्सुअल क्रियाओं में काफ़ी लाभ मिलता है.

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डायट

इरेक्टाइल डिस़फंक्शन का मुख्य कारण होता हैलिंग की धमनियों के अवरुद्ध होने से रक्त प्रवाह का कम होना. इसलिए इस स्थिति में शाकाहारी डायट की सलाह दी जाती है, ताकि धमनियां अवरुद्ध न होने पाएं.

डायट में ताज़े फल, हरी एवं फली वाली सब्ज़ियां, फिश आदि लें.

मैदा, प्रोसेस्ड व जंक फूड, शक्कर, आर्टिफ़िशियल स्वीटनर, जैसेसैकरीन आदि न लें.

तिल के तेल व ऑलिव ऑयल का प्रयोग बेहतर परिणाम देता है.

सादे नमक की जगह समुद्री नमक या सेंधा नमक का प्रयोग करें.

टमाटर खाएं. टमाटर का लाइक्रोपीन प्रोस्टेट ग्लैंड को हेल्दी रखता है.

कद्दू के बीज, तरबूज आदि पुरुष जननांगों के लिए फ़ायदेमंद होते हैं.

वज़न अधिक न बढ़ने दें. संतुलित भोजन करें और वज़न को नियंत्रित रखें.

तलेमसालेदार एवं कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ न लें.

चाय, कॉफी, सिगरेट व शराब का अधिक सेवन न करें.

डॉ. सुषमा श्रीराव

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