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सेक्स से जुड़े 7 मिथक जिन्हें सच मान लेते हैं पुरुष (7 Sex Myths Men Think Are True)

जब कोई पुरुष पहली बार किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाने जाता है तो उसके मन में सेक्स से जुड़े कई सवाल आते हैं. हालांकि अपने मन में उठ रही इन शंकाओं को दूर करने के लिए वो इंटरनेट के अलावा कई माध्यमों से जानकारी भी इकट्ठा करता है. बावजूद इसके जिन लोगों ने पहले कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया है वो सेक्स से जुड़े मिथकों पर ज़्यादा ध्यान देते हैं. इसलिए जो लोग पहली बार किसी के साथ सेक्स संबंध बनाने जा रहे हैं, उन्हें इससे जुड़े 7 मिथकों की सच्चाई ज़रूर जान लेनी चाहिए.

 

Sex Myths

 

क्यों ज़रूरी है सेक्स?

अपनी सुख-सुविधा वाली चीज़ों को पाकर व्यक्ति जितना ख़ुश होता है, उतनी ही ख़ुशी उसे सेक्स के ज़रिए मिलने वाले चरम सुख से मिलती है. इसलिए सेक्स को इंसान के लिए सबसे आनंददायक चीज़ों में से एक माना जाता है. सेक्स स़िर्फ जिस्मानी नहीं, बल्कि यह एक रूहानी संबंध होता है. यही वजह है कि कई विशेषज्ञ भी इस बात पर ज़ोर देते हैं कि एक बेहतर और सुखद जीवन के लिए अच्छी सेक्स लाइफ का होना बेहद ज़रूरी है.

1. मिथक- ज़्यादा देर तक इरेक्शन बनाए रखना ज़रूरी है.

सच्चाई- अधिकांश पुरुष या लड़के पहली बार सेक्स करने से पहले कई पोर्न वीडियोज़ देखते हैं, ताकि वो सेक्स के अलग-अलग पोज़ीशन ट्राई कर सकें. इसके साथ ही वीडियो में यह भी देखते हैं कि पुरुष 30-40 मिनट तक नॉनस्टॉप परफॉर्म कर रहा है, लेकिन रियल लाइफ में भी आप ज़्यादा देर तक परफॉर्म कर पाएं, ऐसा होना मुश्किल है. कई अध्ययनों में यह ख़ुलासा हुआ है कि अधिकांश पुरुषों में इरेक्शन 3-5 मिनट से ज़्यादा देर तक बरकरार नहीं रहता है.

2. मिथक- सेक्सुअल इंटरकोर्स के लिए फोरप्ले की ज़रूरत नहीं होती.

सच्चाई- कुछ अध्ययनों के मुताबिक़ महिला पार्टनर को ऑर्गेज़्म का अहसास दिलाने के लिए स़िर्फ वेजाइनल इंटरकोर्स ही काफ़ी नहीं है. सेक्सुअल इंटरकोर्स में फोरप्ले बहुत अहम् किरदार निभाता है. फोरप्ले से दोनों की कामोत्तेजना बढ़ती है और सेक्स का आनंद दोगुना हो जाता है. इसलिए अगर आप एक अच्छा पार्टनर बनना चाहते हैं तो इंटरकोर्स से पहले फोरप्ले करना न भूलें, क्योंकि यह सुखद सेक्स का सबसे बेसिक फंडा है.

3. मिथक- पहली बार में ही बेड पर बेहतर परफॉर्म करना ज़रूरी होता है.

सच्चाई- पहली बार सेक्स करने से पहले अधिकांश पुरुष यही सोचते हैं कि अगर उन्होंने बेड पर बेहतर तरी़के से परफॉर्म नहीं किया तो पार्टनर के सामने उनकी इमेज ख़राब हो जाएगी, लेकिन यह बिल्कुल भी ज़रूरी नहीं है कि पहली बार के सेक्स से ही आपको बेहतर अनुभव मिल जाए. इसलिए निराश होने के बजाय आपको धैर्य से काम लेना चाहिए, क्योंकि समय के साथ-साथ आपके परफॉर्मेंस में सुधार आएगा और आपको सेक्स का आनंददायक अनुभव भी प्राप्त होगा.

4. मिथक- सेक्स के लिए पेनिस का साइज़ बहुत अहमियत रखता है.

सच्चाई- अगर आपको लगता है कि आनंददायक सेक्स के लिए पेनिस का साइज़ बहुत मायने रखता है तो आप ग़लत हैं. कुछ अध्ययनों में इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि सेक्स का भरपूर आनंद उठाने के लिए पेनिस का छोटा या बड़ा होना कोई मायने नहीं रखता. एक अध्ययन के मुताबिक़, माइक्रोपेनिस (यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति के पेनिस का साइज़ 3 इंच से भी कम हो जाता है) होने पर भी आप सेक्स का आनंद ले सकते हैं.

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Sex Myths

5. मिथक- दो कंडोम साथ लगाने से डबल सेफ्टी मिलती है.

सच्चाई- कुछ लड़के या पुरुष ये सोचते हैं कि वो पहली बार सेक्स दो कंडोम लगाकर करेंगे, ताकि उन्हें डबल सेफ्टी भी मिले और अनचाही प्रेग्नेंसी का ख़तरा भी टल जाए, लेकिन हकीकत में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है. डबल कंडोम के इस्तेमाल से भले ही प्रेग्नेंसी का ख़तरा टल जाए, लेकिन इसके फटने की संभावना भी डबल हो जाती है.

6. मिथक- हस्तमैथुन करना सेहत के लिए हानिकारक है.

सच्चाई- हस्तमैथुन करना ग़लत नहीं है और यह सेहत के लिए किसी भी तरह से हानिकारक नहीं है. एक अध्ययन के अनुसार, मास्टरबेशन यानी हस्तमैथुन स्ट्रेस दूर करने का एक हेल्दी तरीक़ा है. इससे स्पर्म क्वालिटी बेहतर होती है, तनाव दूर होता है और प्रोस्टेट कैंसर का ख़तरा भी कम होता है.

7. मिथक- पीरियड्स में असुरक्षित सेक्स से कोई ख़तरा नहीं होता.

सच्चाई- इंटरनेट और दूसरे माध्यमों से सेक्स के बारे में जानकारी इकट्ठा करनेवाले कुछ लोग यह सोचते हैं कि पीरियड्स के दौरान असुरक्षित सेक्स में कोई हर्ज़ नहीं है. हालांकि वो इस बात को भूल जाते हैं कि इससे भले ही प्रेग्नेंसी की संभावना थोड़ी कम हो जाती है, लेकिन सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ का ख़तरा कई गुना बढ़ जाता है.

डर को दूर भगाएं, आत्मविश्वास जगाएं

पहली बार सेक्स करते व़क्त कई पुरुषों को यह डर भी सताता है कि कहीं उनका शरीर उनके पार्टनर को पसंद नहीं आया तो? लेकिन यकीन मानिए अगर आप यही सोचते रहेंगे तो पार्टनर के साथ सेक्स एन्जॉय नहीं कर पाएंगे. हर व्यक्ति में कोई न कोई ख़ामी होती है इसलिए अपनी बॉडी को लेकर मन में उठ रहे डर को दूर भगाएं और आत्मविश्वास बनाए रखें.

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नहीं सुने होंगे आपने ये 10 हॉटेस्ट सेक्स फैक्ट्स (10 Hottest Sex Facts Ever)

नहीं सुने होंगे आपने ये 10 हॉटेस्ट सेक्स फैक्ट्स (10 Hottest Sex Facts Ever)

हर शादीशुदा कपल को लगता है कि सेक्स के बारे में उसे सब कुछ पता है, जबकि ऐसा है नहीं. माना कि आपके कई सेक्स आर्टिकल्स पढ़े हैं, कई वीडियोज़ देखे हैं, कई रिसर्च भी पढ़ी हैं, पर अभी भी बहुत कुछ है, जो आपको पता नहीं. यकीन नहीं आता तो ख़ुद देख लें, क्या हैं वो हॉटेस्ट सेक्स टिप्स.

 Sex Facts

1. सबसे लंबा ऑर्गैज़्म

सभी की तरह आपको भी लगता है कि पुरुषों का ऑर्गैज़्म पीरियड महिलाओं के मुकाबले लंबा होता है, तो आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. जी हां. जहां पुरुषों का ऑर्गैज़्म पीरियड महज़ 6 सेकंड्स का होता है, वहीं महिलाओं का ‘ओ’ पीरियड 20 सेकंड्स का होता है.

2. वाइब्रेटर्स का अविष्कार किसी और के लिए हुआ था

जी हां, सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने और आपको रोमांचित करनेवाले वाइब्रेटर्स का अविष्कार 19वीं शताब्दी में हीस्टिरिया जैसी बीमारी के प्रभाव को कम करने के लिए हुआ था.

3. सरप्राइज़िंग है स्पर्म रेशियो

एक सामान्य स्वस्थ पुरुष के 1 टीस्पून सिमेन में लगभग 300 मिलियन स्पर्म होते हैं और आपकी पार्टनर को फर्टिलाइज़ करने के लिए आपको स़िर्फ एक हेल्दी स्पर्म की ज़रूरत होती है, जो 6 दिनों तक आपके अंदर ज़िंदा रह सकता है.

4. सेक्स के बाद लोग क्या करते हैं?

ज़्यादातर लोग यही सोचते हैं कि सेक्स के बाद पोस्ट सेक्स बिहेवियर करते हैं, जैसे एक-दूसरे को हग करना, किस करना, पिलो टॉक आदि. पर स्टडी में यह बात सामने आई है कि 35 की उम्र के 36% कपल्स सेक्स के बाद फेसबुक और ट्विटर चेक करते हैं.

5. ऑर्गैज़्म है बहुत हेल्दी

क्या आप जानते हैं कि ऑर्गैज़्म आपकी सेहत के लिए बहुत हेल्दी है? जी हां, यह महिलाओं को हार्ट प्रॉब्लम्स, स्ट्रोक, ब्रेस्ट कैंसर और डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमरियों से बचाता है. तो अपने सेक्स लाइफ को एंजॉय करें और हेल्दी रहें.

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Sex Facts

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6. सेक्सरसाइज़ मिथ नहीं है

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि 30 मिनट की सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान क़रीब 200 कैलोरीज़ बर्न करते हैं. और हां वर्कआउट के दौरान भी आप ऑर्गैज़्म पा सकते हैं.

7. और भी तरीकों से महिलाएं होती हैं रोमांचित

अगर आपको लगता है कि आपकी पार्टनर आपकी सेक्सुअल एक्ट से ही रोमांचित होती है, तो ऐसा नहीं है. महिलाएं पुरुषों की न्यूड बॉडी, फीमेल बॉडी, होमोसेक्सुअल सेक्स, हेट्रोसेक्सुअल सेक्स और एनिमल सेक्स देखकर भी रोमांचित हो जाती हैं.

8. कौन करता है ज़्यादा सेक्स?

पुरुष हमेशा सेक्स के बारे में सोचते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले 17% ज़्यादा सेक्सुअल एक्टिविटीज़ में इन्वॉल्व रहती हैं. हालांकि पुरुष सेक्स के बारे में ज़्यादा सोचते हैं, पर महिलाएं एक्टिव ज़्यादा हैं.

9. सेक्स से मेमोरी बढ़ती है

महिलाओं की सेक्स लाइफ का सकारात्मक प्रभाव उनकी याद्दाश्त पर पड़ता है. महिलाओं की मेमोरी अच्छी हो जाती है.

10. पीरियड्स सेक्स रिलैक्सिंग है

पीरियड्स के दौरान ज़्यादातर कपल्स सेक्सुअल एक्टिविटीज़ से दूर रहते हैं, पर जिन महिलाओं को बहुत ज़्यादा दर्द नहीं होता, अगर वो उस दौरान सेक्स करें, तो न स़िर्फ उन्हें दर्द में राहत मिलती है, बल्कि उन्हें काफ़ी रिलैक्स भी करता है.

– अनीता सिंह

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पार्टनर को रोमांचित करेंगे ये 10 हॉट किसिंग टिप्स (10 Hot Kissing Tips For Your Partner)

सेक्स लाइफ को रोमांच बनाए रखने के लिए किस यानी चुंबन काफ़ी मायने रखता है. पर सेक्स एक्सपर्ट्स की मानें तो बहुत-से पार्टनर्स अच्छे किसर नहीं होते, जिससे उनके पार्टनर्स को वह रोमांच महसूस नहीं होता, जो एक अच्छे किसर से होता है. आपका पार्टनर इस रोमांच से वंचित न रह जाए, इसलिए हम लाएं हैं, कुछ हॉट किसिंग टिप्स.

Hot Kissing

1. सबसे पहली बात यह कि एक किसर हमेशा किस करने से पहले अपने पार्टनर से पूछता है. ‘क्या मैं आपको किस कर सकता हूं’ जैसा वाक्य न स़िर्फ आपके पार्टनर का मूड बनाता है, बल्कि उसकी सहमति आपके किस के अनुभव को बेहतरीन बना सकती है. अपनी पूरी इंटेन्स फीलिंग्स के साथ किया गया किस पार्टनर के रोम-रोम को महका जाता है.

2. एक अच्छा किसर बनने के लिए आपको अपने लिप्स हमेशा हाइड्रेटेड रखने होंगे. सॉफ्ट लिप्स से किस करने का जो रोमांच है, वो ड्राई लिप्स से बिल्कुल नहीं. ड्राई लिप्स आपके पार्टनर का अच्छा खासा मूड बिगाड़ सकते हैं, इसलिए किस करने से पहले ध्यान रखें कि आपके लिप्स सॉफ्ट हों.

3. एक अच्छा किसर अपने पार्टनर को स़िर्फ किस नहीं करता, बल्कि कभी उसकी नाज़ुक कमर को पकड़ता है, तो कभी उसके प्यारे से चेहरे को चूमता है, तो कभी उसकी गर्दन पर उंगलियों से खेलता है. आप भी ये सब ट्राई करें.

4. सॉफ्ट लिप्स की ही तरह किस करने के लिए महकती सांसें भी बहुत मायने रखती हैं. अगर आपके मुंह से बदबू आती है, तो उसका उपाय कीजिए. किस करने से पहले इलायची या कोई माउथ फ्रेशनर खाएं. याद रखें आपकी महकती सांसें पार्टनर को बहका सकती हैं. तो क्यों न इस बेहतरीन ट्रिक को आज ही आज़माएं.

5. अच्छे किसर पार्टनर के सिर को हल्का-सा टेढ़ाकर करके किसर करते हैं. ऐसा करने से दोनों के लिए ही किसिंग काफ़ी इंट्रेस्टिंग हो जाती है. सीधे लिप्स से किस रकने की बजाय पहले गालों को किस करें, फिर माथे को फिर लिप्स पर जाएं. ऐसा करने से पार्टनर रिस्पेक्ट फील करता है.

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Hot Kissing

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6. हमेशा याद रखें कि किस एक तरफ़ा नहीं होता, इसमें दोनों का ही इंवॉल्वमेंट बेहद ज़रूरी है. स़िर्फ एक किस करे और दूसरा स़िर्फ बुत बना रहे, तो उस किस में पैशन नहीं आएगा. अगर आपका पार्टनर भी उसी इंटेन्स फीलिंग्स के साथ किस करेगा, तभी दोनों उसे एंजॉय कर पाएंगे.

7. किसिंग बातचीत जैसी होनी चीहिए. जब एक पार्टनर स्लो हो जाए, तो दूसरे को फास्ट होना चाहिए. फिर यह एक ऐक्ट नहीं, बल्कि सेक्सुअल कंवर्ज़ेशन लगेगा.

8. अगर आप किसर करने पर आमादा है, पर पार्टनर अपना मुंह इधर-उधर कर रहा है, तो समझ जाइए कि वो अभी तैयार नहीं. इसके अलावा अगर वो अपने लिप्स को टाइट बंद करके रखे हुए है, तो भी कोशिश न करें, क्योंकि एक अच्छा किसर बिना पार्टनर की सहमति के कभी ज़बरदस्ती नहीं करता.

9. हर किसी को अलग तरह की किसिंग पसंद आती है. किसी को फोर्सफुल किस अच्छा लगता है, तो किसी को सॉफ्ट और स्मूद. आपके पार्टनर की पसंद के अनुसार आप चुनें, अपनी टाइप की किस.

10. आमतौर पर किस की शुरुआत हमेशा स्लो और स्मूद होनी चाहिए. अपने लिप्स को इंटरलॉक करें और एक-दूसरे को अपने होने के एहसास से रूबरू कराएं. बहुत ज़्यादा टंग का इस्तेमाल कुछ लोगों को अच्छा नहीं लगता, इसलिए लिप्स को अपना काम करने दीजिए. एक-दूसरे के प्यार में खो जाने के लिए किसिंग से ख़ूबसूरत भला क्या हो सकता है. अपनी मैरिड लाइफ को और ज़्यादा रोमांचक बनाए रखने के लिए किसिंग को एक लैंग्वेज की तरह इस्तेमाल करें.

– अनीता सिंह

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जानें पुरुषों के कामोत्तेजक अंग (Erogenous Zones of the Male Body)

Erogenous Zones, Male Body
जानें पुरुषों के कामोत्तेजक अंग (Erogenous Zones of the Male Body)

महिलाओं की ही तरह पुरुषों के भी कामोत्तेजक अंग होते हैं. पुरुष अपनी पार्टनर से यह उम्मीद भी रखते हैं कि जिस तरह वो उनके कामोत्तेजक अंगों के बारे में जानते हैं, उन्हें भी उनके बारे में पता होना चाहिए, पर इस ओर बहुत ही कम लड़कियों का ध्यान जाता है. लेकिन आप उनके बारे में जानकर अपने पार्टनर को सरप्राइज़ दे सकती हैं. तो आइए जानें, पुरुषों के ऐसे ही कामोत्तेजक अंगों के बारे में.

Erogenous Zones, Male Body

लिप्स

यह शायद ही किसी के लिए सरप्राइज़ होगा, क्योंकि हर कोई जानता है कि लड़कों को एक्साइटेड करने के लिए किसिंग से बेहतर कुछ नहीं. आपकी किसिंग में जितना पैशन होगा, आपकी मैरिड लाइफ में उतना ही रोमांस होगा. एक बात और किस करने के लिए कोई समय तय न करें, गुड मॉर्निंग किस से लेकर गुड नाइट किस तक आपके पास ढेरों मौके हैं, जब आप अपने पार्टनर को ख़ुश कर सकती हैं.

गर्दन

हमारी गर्दन में बहुत-सी नर्व्स की एंडिंग होगी है, इसलिए शरीर का यह हिस्सा काफ़ी कामोत्तेजक होता है. अगर हल्के हाथों से गर्दन के पिछले हिस्से को सहलाएं या फिर उंगलियों से गर्दन पर छेड़खानी करें, तो यकीनन आपका पार्टनर रोमांचित हो जाएगा.

कान

पार्टनर से फुसफुसाकर उनके कानों में सेक्सी बातें, उन्हें रोमांचित करने के लिए उनके इयर लोब्स इस्तेमाल करें. पुरुषों को ऐसी बातें और एक्ट बहुत जल्दी रोमांचित करते हैं. आप अपने पार्टनर को एक सेक्सी सरप्राइज़ दे सकती हैं.

हाथ

गर्दन और लिप्स की तरह हाथ भी पुरुषों के कामोत्तेजक अंगों का हिस्सा है. पार्टनर के हाथों को मसाज करें और प्यार से सहलाएं, पुरुषों को यह बहुत रिलैक्सिंग और एक्साइटिंग लगता है. यह पैंपरिंग उन्हें रोमांचित करती है. हाथों की तरह आप पैरों को भी सहलाएं. बैठे-बैठे पैरों से पैरों को छुएं, उन्हें अच्छा लगेगा.

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घुटनों का पिछला हिस्सा

पुरुषों के शरीर के जिन हिस्सों में रोएं कम होते हैं, वो पार्ट्स काफ़ी सेंसिटिव हो जाते हैं. इस बारे में बहुत ही कम लोगों को पता है कि घुटनों के पीछे का हिस्सा इतना सेंसिटिव होता है, पर अब आपको पता है, तो इसे आज़माकर देखें कि कैसे उन पर इसका मैजिक चलता है.

जांघों का भीतरी हिस्सा

महिलाओं की ही तरह पुरुषों के भी जांघों के भीतरी हिस्से काफ़ी सेंसिटिव होते हैं. एक हल्की-सी छुअन ही उनकी भावनाओं को ट्रिगर करने के लिए काफ़ी है. यह अंग आपकी लव लाइफ को रोमांटिक बना सकता है.

निप्पल्स

रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के मुताबिक पुरुषों के निप्पल्स भी काफ़ी कामोत्तेजक होते हैं. ये बहुत जल्दी पुरुषों को रोमांचित कर देते हैं. पर क्योंकि ये बहुत सेंसिटिव होते हैं, इसलिए ध्यान रखें. अपने पार्टनर से इस बारे में बात करें, हो सकता है उन्हें ये पसंद न आए.

– अनीता सिंह

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10 सेक्स बूस्टर फूड्स से बेहतर बनाएं अपनी सेक्स लाइफ (10 Sex Booster Foods For Spicy Sex Life)

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सेक्स बूस्टर फूड्स से बेहतर बनाएं अपनी सेक्स लाइफ (Sex Booster Foods for Spicy Sex Life)
खानपान का हमारी सेहत ही नहीं सेक्स लाइफ(Sex life) पर भी असर पड़ता है. ऐसे कई फूड्स हैं, जो आपकी कामोत्तेजना को प्रभावित करते हैं. तो आपको भी पता होना चाहिए कि कौन से फूड्स ( Sex Booster Foods) आपके सेक्स लाइफ पर अच्छा और बुरा प्रभाव डालते हैं.

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1. तरबूज़: इसमें मौजूद सिट्रूलाइन, जो एक तरह का अमीनो एसिड है, इरेक्शन को बेहतर बनाता है और पेनिस की तरफ़ ब्लड फ्लो को तेज़ करता है, जिससे सेक्स लाइफ बेहतर बनती है.

2. मिर्च: यह न स़िर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि आपके मेटाबॉलिज़्म को भी बेहतर बनाती है. लेकिन इसमें मौजूद कैप्सेसिन नाम का कंपाउंड सेक्स ड्राइव को बेहतर बनाने का भी काम करता है.

3. सेब: यह सेक्सुअल स्टैमिना को बढ़ाता है. इसमें क्वेरसिटेन नाम के एंटीऑक्सिडेंट फ्लेवनॉइड की भरमार होती है, जो स्टैमिना बढ़ाने में सहायक है.

4. ओट्स: यह बेस्ट ब्रेकफास्ट ऑप्शन ही नहीं है, बल्कि आर्जिनाइन का बेहतरीन स्रोत भी है. आर्जिनाइन अमीनो एसिड है, जो नपुंसकता यानी इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है.

5. ड्रायफ्रूट्स: पिस्ता, बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश आदि में भी सेक्स बूस्टर तत्व होते हैं. मूंगफली, अखरोट और पिस्ता में मौजूद अमीनो एसिड इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करता है. बादाम में ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई होता है, जो बेहतर सेक्स के लिए ज़रूरी होते हैं. सेलेनियम इंफर्टिलिटी से भी बचाता है और ज़िंक पुरुषों में सेक्स हार्मोंस के निर्माण को बेहतर बनाता है.

6. पालक: पालक व अन्य हरी सब्ज़ियों में सेक्स बूस्टर तत्व भी होते हैं. ये इरेक्शन को लंबे समय तक बनाए रखने में बेहद कारगर हैं, क्योंकि इसमें आर्जिनाइन नामक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है और यही इरेक्शन को बेहतर बनाता है.

7. कद्दू के बीज: ये पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो प्रोस्टाग्लैंडिंस नाम के हार्मोंस को बूस्ट करते हैं. ये हार्मोंस सेक्स ड्राइव के लिए बेहद ज़रूरी हैं.

8. डार्क चॉकलेट्स: इसमें मौजूद कोको में मूड बूस्टिंग हार्मोंस को बढ़ाने की क्षमता होती है. शोधों से पता चला है कि सेक्स के बेहतर अनुभव के लिए डार्क चॉकलेट जादू का काम करता है.

9. तिल: इसमें मौजूद ज़िंक सेक्स की इच्छा बढ़ाने में महत्वपूर्ण होता है.

10. बीट्स: इसमें मौजूद नाइट्रेट शरीर के निचले हिस्सों में रक्त के बहाव को बेहतर करते हैं, जिससे सेक्स ड्राइव, क्षमता व स्टैमिना बेहतर होती है. यही नहीं, ये संपूर्ण शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर बनाकर शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हैं.

– गीता शर्मा

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नहीं जानते होंगे आप ऑर्गैज़्म से जुड़ी ये 10 बातें (10 Surprising Facts Of Female Orgasm)

Surprising Facts Of Female Orgasm
नहीं जानते होंगे आप ऑर्गैज़्म से जुड़ी ये 10 बातें (10 Surprising Facts Of Female Orgasm)

सेक्स या सेक्सुअल लाइफ में ऑगैज़्म यानी चरमसुख बहुत मायने रखता है. आज भी बहुतसी महिलाएं ऑगैज़्म तक नहीं पहुंच पाती, जिससे सेक्स उनके लिए उनका आनंददायक नहीं बन पाता, जितना उनके पार्टनर के लिए, इसलिए ऑर्गैज़्म से जुड़ी ये ज़रूरी बातें आपको भी पता होनी चाहिए…

Surprising Facts Of Female Orgasm

1. ऑर्गैज़्म पेनकिलर का काम करता है

आपको सिरदर्द है, तो कोई और उपाय करने से पहले एक बार सेक्स ट्राई करें. दरअसल, सेक्स के दौरान शरीर में ऑक्सीटॉसिन रिलीज़ होता है, जो हमें रिलैक्स करता है, तभी तो ऑर्गैज़्म आपके सिरदर्द के लिए बेहतरीन पेनकिलर का काम करता है.

2. कंडोम ऑर्गैज़्म क्वालिटी को अफेक्ट नहीं करता

अगर आपको लगता है कि कंडोम पहनने से सेक्स प्रक्रिया उतनी आनंददायक नहीं रहती, जितनी होनी चाहिए, तो यकीन मानिए एक्सपर्ट्स आपसे बिल्कुल इत्तेफ़ाक नहीं रखते. उनके मुताबिक कंडोम पहनने या न पहनने का ऑर्गैज़्म पर कोई असर नहीं पड़ता. यह ऑर्गैज़्म में बिल्कुल भी अड़चन नहीं बनता.

3. 30% महिलाएं ऑर्गैज़्म से वंचित रह जाती हैं

अगर आप ऑर्गैज़्म का अनुभव करने में सक्षम नहीं हो पाई हैं, तो घबराएं नहीं, बल्कि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लगभग 30% महिलाएं ऑर्गैज़्म तक नहीं पहुंच पातीं. कभी-कभार इसका कारण फीमेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन भी होता है. अगर आप भी क्लाइमैक्स तक नहीं पहुंच पा रही हैं, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें. आप चाहें, तो डायबिटीज़ या थायरॉइड भी चेक करवा सकती हैं.

4. जी स्पॉट आपके ऑर्गैज़्म को बेहतर बना सकता है

अक्सर बहुत-सी महिलाओं को अपने जी-स्पॉट के बारे में पता ही नहीं होता. आपको पता होना चाहिए कि वेजाइना के किस हिस्से में स्टिमुलेशन होने पर आप ऑर्गैज़्म तक पहुंचती हैं. आमतौर पर जी स्पॉट का टेक्स्चर रफ होता है, इसलिए इसे ढूंढ़ना बहुत मुश्किल नहीं. अपने जी स्पॉट की पहचान कर आप ऑर्गैज़्म तक आसानी से पहुंच सकती हैं.

5. उम्र के साथ ऑर्गैज़्म बेहतर होता जाता है

कहते हैं उम्र के साथ बहुत-सी चीज़ें बेहतर होती जाती हैं और ऑर्गैज़्म भी उसी का एक हिस्सा है, जो उम्र के साथ और बेहतर होता जाता है. रिपोर्ट्स की मानें, तो बढ़ती उम्र में महिलाओं को ऑर्गैज़्म आसानी से और जल्दी मिलता है, जो कि कम उम्र में उतनी जल्दी नहीं मिलता. जहां 18-24 साल की लड़कियों में मात्र 61% को ऑर्गैज़्म मिलता है, वहीं 30 की उम्र की लगभग 65% महिलाओं को ऑर्गैज़्म मिलता है, तो वहीं 40-50 की उम्र की 70% महिलाओं को ऑर्गैज़्म मिलता है.

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Surprising Facts Of Female Orgasm

6. अलग-अलग पोज़ीशन्स से जल्दी ऑर्गैज़्म मिलता है

अगर आप रोज़ ही एक ही सेक्स पोज़ीशन ट्राई करती हैं और ऑर्गैज़्म तक नहीं पहुंच पातीं, तो आज कुछ अलग ट्राई करें. आज आप एक या दो पोज़ीशन्स ट्राई करें, इसके अलावा ओरल सेक्स को भी इसमें शामिल करें.

7. आपका आत्मविश्‍वास ऑर्गैज़्म को प्रभावित करता है

महिलाएं अक्सर अपने प्राइवेट पार्ट्स को लेकर काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, पर उसकी ज़रूरत नहीं, क्योंकि वेजाइना को कोई परफेक्ट शेप या साइज़ जैसी चीज़ नहीं होती. आपका प्राइवेट पार्ट जैसा भी है, आपको उसमें कॉन्फिडेंस होना चाहिए, क्योंकि आपका आत्मविश्‍वास ही आपको बेहतर ऑर्गैज़्म दिला सकता है.

8. महिलाओं के लिए टॉप पोज़ीशन

सेक्सोलॉजिस्ट्स के मुताबिक जिन महिलाओं को जल्दी ऑर्गैज़्म नहीं मिलता, उन्हें टॉप पोज़ीशन ट्राई करनी चाहिए, इसमें उन्हें जल्दी ऑर्गैज़्म मिलता है. बहुत-सी महिलाएं पूरी ज़िंदगी यही सोचती हैं कि सेक्स करना पति की ज़िम्मेदारी है, उन्हें बस उसमें साथ देना है, जबकि ऐसा है. संभोग को जब तक दोनों समान रूप से एंजॉय नहीं करेंगे, दोनों को ही उस चरमसुख की प्राप्ति नहीं होगी.

9. दुर्लभ मामलों में एक्सरसाइज़ से भी हो सकता है ऑर्गैज़्म

एक्सपर्ट की मानें, तो कुछ लोगों को एक्सरसाइज़ या मसाज के दौरान भी ऑर्गैज़्म मिल सकता है, हालांकि यह बहुत दुर्लभ स्थिति है. ऐसा बिरले लोगों के साथ ही होता है. दरअसल, एक्सरसाइज़ या मसाज के दौरान रक्त संचार बढ़ जाता है. अगर किसी के प्राइवेट पार्ट्स में ब्लड फ्लो बढ़ जाए, तो उसे ऑर्गैज़्म मिल सकता है. उदाहरण के लिए किसी को ट्रेडमिल पर चलने मात्र से ऑर्गैज़्म आ सकता है.

10. ज़्यादातर महिलाओं को ऑर्गैज़्म में व़क्त लगता है

यह तो सभी को पता है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ऑर्गैज़्म देरी से आता है, पर यह पूरी तरह सामान्य है. इसके लिए आप यह बिल्कुल न सोचें कि आपमें कोई कमी है, बल्कि अपनी सेक्स लाइफ को एंजॉय करें. याद रखें, आप अपनी सेक्स लाइफ को जितना इंट्रेस्टिंग बनाएंगी, ऑर्गैज़्म उतनी जल्दी मिलेगा.

– अनीता सिंह 

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Home Remedies, Sexual Problems

सेक्सुअल प्रॉब्लम्स के लिए 20 Amazing होम रेमेडीज़ (20 Amazing Home Remedies For Sexual Problems)

प्यार को ज़ाहिर करने का सबसे बेहतरीन ज़रिया होता है सेक्स. रिश्ते को बेहतर व प्रगाढ़ बनाने का भी बेहतरीन ज़रिया है सेक्स. अपने प्यार को और क़रीब लाने का ज़रिया भी है सेक्स. ऐसे में सेक्स को नज़रअंदाज़ करने का मतलब है अपने रिश्ते को नज़रअंदाज़ करना. लेकिन अक्सर कभी किसी बीमारी के चलते, कभी स्ट्रेस, तो कभी अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से सेक्सुअल समस्याएं रिश्ते के बीच आ जाती हैं, जिससे न स़िर्फ आपका रिश्ता, बल्कि स्वास्थ्य भी प्रभावित होने लगता है. लेकिन यहां हम कुछ आसान होम रेमेडीज़ यानी घरेलू नुस्ख़े बता रहे हैं, जो बनाएंगे आपकी सेक्स लाइफ को हेल्दी, हैप्पी, स्पाइसी और हॉट.

ईज़ी होम रेमेडीज़

  1.  लहसुन का सेवन करें. इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो न स़िर्फ सेक्स की इच्छा की कमी को दूर करते हैं, बल्कि इरेक्शन की समस्या से भी निजात दिलाते हैं.

ऐसे करें इस्तेमाल: रोज़ाना 2-3 लहसुन की कलियों को क्रश करके खाएं.

2.  प्याज़ में भी सेक्सुअल समस्याओं को ठीक करने के काफ़ी गुण होते हैं. यह न स़िर्फ सेक्स की इच्छा जगाता है, बल्कि सेक्सुअल ऑर्गन्स को भी मज़बूती प्रदान करता है. प्याज़ में भी स़फेद प्याज़ अधिक गुणकारी है.

ऐसे करें इस्तेमाल: अपने खाने में सलाद के रूप में प्याज़, ख़ासतौर से स़फेद प्याज़ का इस्तेमाल करें.

3.  अदरक न स़िर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि कई तरह की सेक्सुअल समस्याओं से निजात भी दिलाता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: आधा चम्मच अदरक का रस शहद के साथ सोने से पहले लें. बेहतर परिणाम के लिए हाफ बॉइल्ड अंडे के साथ लें.

4. किशमिश सेक्सुअल पावर बढ़ाने में बहुत कारगर है. इसके शुगर कंटेंट की वजह से यह आपको ऊर्जा भी प्रदान करती है.

ऐसे करें इस्तेमाल: दूध में 200 ग्राम किशमिश उबालकर उन्हें चबाकर खाएं.

धीरेधीरे किशमिश की मात्रा बढ़ाएं. इसका सेवन रोज़ाना करें.

5. गाजर बेहद गुणकारी है. सेक्सुअल एनर्जी के लिए भी यह फ़ायदेमंद है.

ऐसे करें इस्तेमाल: सलाद के रूप में गाजर रोज़ खाएं. बेहतर परिणामों के लिए 150 ग्राम गाजर को काट लें और हाफ बॉइल्ड अंडे में शहद के साथ मिलाकर खाएं.

6. छुहारे में कई पोषक तत्व होते हैं. साथ ही यह सेक्स के लिए आपको ऊर्जा भी प्रदान करता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: छुहारे, बादाम और पिस्ता को ग्राइंड कर लें. 100 ग्राम की मात्रा में रोज़ इसका सेवन करें.

7. हल्दी वीर्य के पतलेपन के इलाज में बेहद गुणकारी है.

ऐसे करें इस्तेमाल: रोज़ सुबह खाली पेट 1 चम्मच हल्दी पाउडर 1 चम्मच शहद में मिलाकर लें.

8. इमली स्खलन की समस्या के लिए बहुत लाभदायक है.

ऐसे करें इस्तेमाल: आधा किलो इमली के बीजों के दो हिस्से करके 3 दिन तक पानी में भिगोकर रखें. फिर छिलके उतारकर पीस लें. इसमें आधा किलो पिसी हुई मिश्री भी मिला दें. इसे कांच की बोतल में स्टोर करके रख दें. इसे आधाआधा चम्मच सुबहशाम दूध के साथ लें.

9. भिंडी भी शीघ्रपतन जैसी समस्याओं में रामबाण का काम करती है. भिंडी पाउडर के उपयोग से सेक्सुअल समस्याएं दूर हो जाती हैं.

ऐसे करें इस्तेमाल: तक़रीबन एक महीने तक रोज़ रात सोने से पहले 1 ग्लास दूध में 10 ग्राम भिंडी पाउडर मिलाकर लें.

10. आंवले का मुरब्बा स्वप्नदोष जैसी समस्या के लिए बेहद फ़ायदेमंद उपाय है.

ऐसे करें इस्तेमाल: रोज़ाना आंवले के मुरब्बे का सेवन करें और स्वप्नदोष से राहत पाएं.

11. आंवले का रस और पाउडर भी सेक्स ऊर्जा व शक्ति को बढ़ाने में सहायक है.

ऐसे करें इस्तेमाल: 2 चम्मच आंवले के रस में 1-1 चम्मच आंवला पाउडर और शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें.

12. जामुन भी स्वप्नदोष को दूर करता है. जामुन वैसे भी बहुत गुणकारी है.

ऐसे करें इस्तेमाल: जामुन की गुठली को सुखाकर पीसकर चूर्ण बना लें. इसे 3-4 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम पानी के साथ लें.

13. इलायची का इस्तेमाल भी स्वप्नदोष की शिकायत दूर करने के लिए किया जाता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: इलायची के दानों को पीसकर चूर्ण बना लें. इसमें समान भाग मेें मिश्री या शक्कर और आंवले का रस मिलाकर बेर के समान गोलियां बना लें और छाया में सुखा लें. 1-1 गोली सुबहशाम पानी के साथ लें.

14. मुलहठी स्वप्नदोष से निजात दिलाने में बेहद कारगर है.

ऐसे करें इस्तेमाल: मुलहठी को पीसकर बारीक़ चूर्ण बना लें. इसे 3 ग्राम की मात्रा में एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर चाटें.

15. दालचीनी पाउडर शुक्राणु की कमज़ोरी को दूर करने व वीर्य के पतलेपन को दूर करने में बेहद लाभदायक है.

ऐसे करें इस्तेमाल: दालचीनी पाउडर को 2-3 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ लें.

16. तुलसी में कई औषधीय गुण हैं. यह धातुस्राव व प्रमेह जैसे सेक्स रोगों को ख़त्म करने में भी कारगर है.

ऐसे करें इस्तेमाल: तुलसी की जड़ का चूर्ण बना लें. 10 ग्राम चूर्ण को रात को पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उसे छानकर पीएं. सात दिन तक यह प्रयोग करें.

17. बरगद का फल खाने से वीर्य गाढ़ा होता है और सेक्स शक्ति भी बढ़ती है.

ऐसे करें इस्तेमाल: बरगद के 10 पके हुए फल रोज़ चबाचबाकर 40 दिनों तक खाएं.

18. त्रिफला चूर्ण न स़िर्फ पेट के लिए फ़ायदेमंद है, बल्कि यह अत्यधिक कामभावना को भी नियंत्रित करता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: रोज़ रात को त्रिफला चूर्ण 5 ग्राम की मात्रा में पानी के साथ लें.

19. अखरोट वीर्य के पतलेपन और शीघ्रपतन जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है.

ऐसे करें इस्तेमाल: 30 ग्राम अखरोट को पीसकर 250 ग्राम दूध में मिलाएं. इसमें एक रत्ती केसर और मिश्री मिलाकर रोज़ सुबह पीएं.

20. मूली बेहद गुणकारी है, उतने ही गुणकारी हैं इसके बीज भी. ख़ासतौर से वीर्य के पतलेपन को दूर करके सेक्स शक्ति बढ़ाने में यह बहुत कारगर हैं.

ऐसे करें इस्तेमाल: मूली के बीजों को पीसकर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण की 5 ग्राम मात्रा 100 ग्राम मलाई में मिलाकर 21 दिनों तक सेवन करें.

– गीता शर्मा

ओरल सेक्स से जुड़े 5 मिथ्स और फैक्ट्स (Myths & Facts Related To Oral Sex)

Oral Sex

ओरल सेक्स से जुड़े 5 मिथ्स और फैक्ट्स

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मिथ 1: ओरल सेक्स करनेवाले वर्जिन नहीं रहते?

फैक्ट: सेक्स का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि सेक्स से जुड़ा कुछ भी करो, आपकी वर्जिनिटी चली जाएगी, जबकि ऐसा है नहीं. जब आपके सेक्सुअल ऑर्गन्स एक-दूसरे से मिलते हैं, तब वर्जिनिटी जाती है. दूसरे शब्दों में कहें, तो वर्जिनिटी के लिए फिज़िकल पेनिट्रेशन ज़रूरी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि इससे आपकी वर्जिनिटी तो नहीं जाएगी, पर हां आप इमोशनल वर्जिनिटी ज़रूर खो सकते हैं.

मिथ 2: ओरल सेक्स हमेशा अनहाइजीनिक होता है.

फैक्ट: हाइजीन व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है. अगर आप और आपका पार्टनर साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखते हैं, तो आपको यह सोचने की ज़रूरत नहीं है. यह प्रॉब्लम वहां आती है, जहां एक से ज़्यादा पार्टनर्स होते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि अपने प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा साफ़-सुथरा रखें. ओरल सेक्स से पहले और बाद में अपने प्राइवेट पार्ट्स को क्लीन करें. शाम को घर लौटने पर शावर लें. आपकी फ्रेशनेस आपके रिश्ते को भी फ्रेश रखेगी.

मिथ 3: ओरल सेक्स से कभी ऑर्गैज़्म नहीं मिलता.

फैक्ट: ओरल सेक्स फोरप्ले की तरह होता है, पर इसमें पूरी संभावना रहती है कि पार्टनर्स को ऑर्गैज़्म मिले. ख़ासतौर से महिलाओं के ऑर्गैज़्म के चांसेस इसमें ज़्यादा होते हैं. इसलिए ऐसा बिल्कुल न सोचें कि आप इससे वंचित रह जाएंगे, इसलिए इसे करने का कोई फ़ायदा नहीं.

मिथ 4: ओरल सेक्स से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ के चांसेज़ नहीं होते.

फैक्ट: ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि ओरल सेक्स के दौरान एक-दूसरे के बॉडी फ्लूइड एक्सचेंज होते हैं, जो इंफेक्शन का कारण बन सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसमें इंफेक्शन की संभावना अधिक रहती है, इसलिए प्रिकॉशन लेना बहुत ज़रूरी है. इसमें सबसे ज़्यादा बुरी बात जो है, वो यह कि ये इंफेक्शन्स आपके चेहरे पर साफ़ दिखाई देते हैं यानी ओरल इंफेक्शन्स हो सकते हैं.

मिथ 5: ओरल सेक्स में कंडोम की ज़रूरत नहीं.

फैक्ट: यह बहुत आश्‍चर्य की बात है कि मार्केट में फ्लेवर्ड कंडोम की बहुत सारी रेंज आ गई है, बावजूद इसके लोगों को इसकी जानकारी है. एक्सपर्ट कहते हैं कि कंडोम के फ्लेवर्ड लुब्रिकेंट को लेकर ज़्यादातर महिलाओं में यह झिझक रहती है कि कहीं उसका लुब्रिकेंट उनकी सेहत के लिए नुक़सानदायक हो सकता है. जबकि उन्हें यह समझना चाहिए जो चीज़ ओरल सेक्स में सुरक्षा के लिहाज़ से ही बना हो, भला उसमें क्या प्रॉब्लम हो सकती है.

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आपको नपुंसक बना सकती हैं ये 10 आदतें (10 Habits That Can Make You Impotent)

causes of impotence
आपको नपुंसक बना सकती हैं ये आदतें (Habits That Can Make You Impotent)

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) बहुत से पुरुषों की समस्या है, पर उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनकी रोज़मर्रा की आदतें ही उनकी सेक्स लाइफ को बिगाड़ रही है. आप भी जानें इसके कारन, लक्षण और निवारण. 

causes of impotence

पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार की ताज़गी को हमेशा बरक़रार रखने में शारीरिक संबंधों की बहुत अहम् भूमिका होती है, लेकिन बदलते लाइफस्टाइल के चलते अधिकांश पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शिकार होते जा रहे हैं. यह एक ऐसी समस्या है जो पुरुषों में आत्मविश्‍वास की कमी और अधूरेपन को दर्शाती है. क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन, कैसे होती है ये समस्या और इसका निवारण कैसे होता है? चलिए जानते हैं.

क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन?

संभोग के दौरान पेनिस का उत्तेजित न होना या फिर कामोत्तेजना को देर तक बनाए रखने में असमर्थता, यह यौन क्रिया की एक ऐसी स्थिति है जिसे स्तंभन दोष, नपुंसकता, शीघ्रपतन या फिर इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन का अर्थ है पेनिस में तनाव न आना या तनाव का बरक़रार न रह पाना. इस स्थिति को इंपोटेंसी भी कहा जाता है जो 65 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में बेहद आम है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन की यह समस्या 40 वर्ष के क़रीब 5 फ़ीसदी पुरुषों में पाई जाती है जो उम्र के साथसाथ बढ़ती है. यह समस्या व्यक्ति के साथ उसके पार्टनर की सेक्सुअल लाइफ को भी प्रभावित करती है इसलिए समय पर इसका इलाज कराना अति आवश्यक है.

कारण

संभोग के दौरान आनंद की चरमसीमा तक पहुंचने के लिए लगातार पर्याप्त इरेक्शन का होना ज़रूरी है. अगर ऐसा नहीं होता है तो यह स्थिति आपके लिए चिंताजनक साबित हो सकती है. हालांकि यह बीमारी पुरुषों में कई कारणों से हो सकती है इसलिए इसके कारणों को जानना बहुत ज़रूरी है.

1- धूम्रपान

अगर आपको धूम्रपान करने की आदत है तो फिर ये आदत आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार बना सकती है. सिगरेट पीने की वजह से शरीर में ठीक तरह से बल्ड सर्कुलेशन नहीं हो पाता है, जिससे बेड पर आपके परफॉर्मेंस में कमी आ सकती है.

2- शराब

अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से धमनियों में ख़ून का दौरा कम हो जाता है जिससे पेनिस तक पर्याप्त मात्रा में ख़ून की सप्लाई नहीं हो पाती है. ऐसे में व्यक्ति नपुंसक हो सकता है या इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार हो सकता है.

3- दवाइयां

अगर आप हाई ब्लड प्रेशर या फिर तनाव को दूर करने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं तो यह आदत आपके बेड लाइफ के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है.

4- तनाव

तनाव या डिप्रेशन पुरुषों की सेक्स लाइफ के लिए बेहद ख़तरनाक माना जाता है. यह धीरेधीरे बीमारी फैलाता है इसलिए तनाव या डिप्रेशन से ख़ुद को दूर रखना चाहिए.

5- मोटापा

बढ़ते वज़न या फिर मोटापे का सीधा असर पुरुषों के लिंग पर पड़ता है और मेल

हार्मोन्स का प्रोडक्शन धीमी गति से होने लगता है. इससे पहले कि मोटापा आपकी सेक्स लाइफ का दुश्मन बने, आपको अपने वज़न को कंट्रोल करने को लेकर सीरियस हो जाना चाहिए.

6- हाई कोलेस्ट्रॉल

हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से रक्त की धमनियां पूरी तरह से ब्लॉक भी हो सकती हैं जिससे ख़ून की सप्लाई धीमी पड़ जाती है. अगर ऐसा होता है तो फिर इसका दुष्परिणाम पुरुषों के प्राइवेट पार्ट को भुगतना पड़ सकता है.

7- हृदय रोग

बदलते लाइफ स्टाइल की वजह से दिल की बीमारी एक बड़ी बीमारी बनकर उभरी है. हृदय रोग व्यक्ति के शारीरिक संबंध का सबसे बड़ा दुश्मन बन सकता है और आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार बना सकता है.

8- डायबिटीज़

कुछ साल पहले डायबिटीज़ होने की औसत आयु 40 वर्ष हुआ करती थी जो अब घटकर 25 से 30 साल हो चुकी है. डायबिटीज़ के कारण ख़ून की धमनियों और तंत्रिकाओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हो सकती है.

9- बढ़ती उम्र

जैसेजैसे उम्र बढ़ती है व्यक्ति की यौन इच्छाओं में भी कमी आने लगती है. जो पुरुष यौन क्रिया में इच्छा नहीं रखते या फिर जिन्हें उत्तेजना नहीं होती, वे नपुंसक होते हैं लेकिन जो पुरुष उत्तेजित होते हैं लेकिन घबराहट के मारे जल्दी शांत हो जाते हैं, वे आंशिक नपुंसक होते हैं.

10- हाइपरलिपिडिमिया

हाइपरलिपिडिमिया एक बीमारी है. यह तब होता है जब आपके ख़ून में बहुत अधिक लिपिड (वसा) होता है यानी कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स. इस बीमारी के कारण आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन या नपुंसकता की समस्या हो सकती है.

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लक्षण

काम क्रिया के दौरान अगर शीघ्रपतन की समस्या होती है तो यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है.

संभोग के दौरान अगर उत्तेजना में कमी हो तो यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन या नपुंसकता का लक्षण हो सकता है.

समय से पहले स्खलन और विलंब स्खलन भी नपुंसकता यानी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का लक्षण है.

पर्याप्त उत्तेजना के बाद भी संभोग सुख प्राप्त करने में असमर्थता इस बीमारी का लक्षण हो सकता है.

अगर ये समस्याएं दो या उससे अधिक महीने से हो रही हैं तो अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर ले लेना चाहिए.

निवारण

इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी शीघ्रपतन की समस्या से पीड़ित व्यक्ति अपनी ख़राब सेक्स परफॉर्मेंस को लेकर शर्मिंदगी महसूस करता है, लेकिन समय पर सही उपचार करके इस समस्या से निजात पाना भी आसान है.

1- दवाइयां

पेनिस के मसल्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने और उन्हें आराम देने के लिए डॉक्टर्स सिल्डेनाफिल (ीळश्रवशपरषळश्र), टैडलफिल (ींरवरश्ररषळश्र), वर्डेनफिल र्(ींरीवशपरषळश्र) अवानाफिल (र्रींरपरषळश्र) जैसी दवाएं मरीज़ को देते हैं. समस्या की गंभीरता के आधार पर दी जानेवाली इन दवाओं का सेवन सेक्स से क़रीब आधे घंटे पहले किया जाता है. हालांकि हार्ट डिजीज़ और प्रोस्टेट के मरीज़ों को इन दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए.

2- काउंसलिंग

तनाव, चिंता या फिर अन्य वैवाहिक समस्याएं अगर आपकी इस बीमारी का कारण हैं तो काउंसलिंग के ज़रिए इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है. आमतौर पर ऐसा उन लोगों के साथ होता है, जिन्हें सेक्स का कम अनुभव होता है लेकिन अपनी

परफॉर्मेंस की चिंता बहुत ज़्यादा होती है.

3- इंजेक्शन

इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से निपटने के लिए मरीज़ को एक ख़ास इंजेक्शन दिया जाता है, जिसे पापवेरिन (रिर्रिींशीळपश) इंजेक्शन कहा जाता है. यह रक्त वाहिकाओं को बढ़ाने में मदद करते हैं. इस इंजेक्शन को शरीर में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए सीधे लिंग में लगाया जाता है.

4- जीवनशैली में बदलाव

जीवनशैली में बदलाव लाकर भी इस समस्या से काफ़ी हद तक राहत मिल सकती है. अपने डायट में हरी सब्ज़ियों, डेयरी प्रोडक्ट्स, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर चीज़ों को शामिल करें. इसके साथ ही धूम्रपान, शराब और अवैध दवाइयों का सेवन करने से बचें और अपने शरीर के वज़न को कंट्रोल करें.

5- एक्सरसाइज़

ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में हुए एक अध्ययन के अनुसार, पेल्विक एरिया की एक्सरसाइज़ करने से क़रीब 40फ़ीसदी पुरुषों में इरेक्टाइल की समस्या नॉर्मल हो गई है. तेज़ चलना, स्विमिंग और हफ़्ते में तीन बार कार्डियो करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और पेल्विक हिस्से में ब्लड फ्लो बढ़ता है. इटली और इथियोपिया में हुए एक अध्ययन के अनुसार, एरोबिक्स से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन में सुधार हो सकता है.

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जानें कंडोम से जुड़े 10 मिथकों की सच्चाई (Top 10 Condom Myths & Facts)

Condom Myths & Facts, about Condom
भारत में सेक्स से जुड़ी जानकारी को लेकर लोग कई मिथकों के शिकार हैं. कंडोम और इसके इस्तेमाल को लेकर भी लोगों में कई तरह की ग़लतफ़हमियां हैं. हम सभी जानते हैं कि प्रभावी सुरक्षा कैसे की जानी चाहिए? लेकिन आगे जो हम बताने जा रहे हैं उसे पढ़े बिना  कोई मत न बनाएं. हम आपको बताने जा रहे हैं कंडोम से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई.

Condom Myths & Facts, about Condom

1. मिथकः कंडोम ख़रीदने के लिए 18 साल का होना ज़रूरी है.

सच्चाईः आप किसी भी उम्र में कंडोम ख़रीद सकते हैं. आप किसी कम्युनिटी कॉन्ट्रॉसेप्टिव क्लिनिक, सेक्सुअल ऐंड जेनिटोयोरिनरी मेडिसिन क्लिनिक या सेक्स संबंधी जागरूकता के लिए काम कर रही किसी संस्था से भी मुफ़्त में कंडोम ले सकते हैं.

2. मिथकः ओरल और ऐनल सेक्स में कंडोम की कोई ज़रूरत नहीं है.

सच्चाईः कंडोम के इस्तेमाल का उद्देश्य न स़िर्फ प्रेग्नेंसी को रोकना है, बल्कि सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ यानी यौन संक्रमणों से भी सुरक्षित रखना है. अगर आप ख़ुद अपने या अपने पार्टनर के संक्रमित होने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं तो कंडोम का ज़रूर इस्तेमाल करें. विशेषज्ञों के अनुसार, सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ से बचाव में कंडोम महत्वपूर्ण है, ख़ासतौर पर जब लिंग पर खरोंचे हों या दांत से काटा हुआ हो.

3. मिथकः कंडोम कभी ख़राब नहीं होते.

सच्चाईः यह ग़लत है, कंडोम एक्सपायर होते हैं. कंडोम ख़रीदते व़क्त पैकेट को ध्यान से पढ़ें. उसमें उसकी एक्सपायरी डेट दी होती है. कुछ लोग कह सकते हैं कि बिना कंडोम के सेक्स करने से बेहतर है, पुराना कंडोम इस्तेमाल करें. ऐसी सलाह से सावधान रहें, क्योंकि इससे शरीर पर चकत्ते पड़ सकते हैं. एक प्रकार की चिड़चिड़ाहट भी हो सकती है. लचीलापन खत्म होने की वजह से कंडोम आसानी से फट सकता है. नया पैकेट ख़रीदने और कंडोम को सही ढंग से लगाने से पहले बेड पर जाने की जल्दबाज़ी न दिखाएं.

4. मिथकः कंडोम असुविधाजनक होते हैं और कम आनंद देते हैं.

सच्चाईः कई अध्ययनों में पाया गया है कि यह सच नहीं है. लोगों को इसका इस्तेमाल करने पर भी उतना ही आनंद का एहसास होता है जितना इसके बिना. हालांकि कुछ कंडोम इस तरह डिज़ाइन किए जाते हैं जिससे ऑर्गेज़्म तक पहुंचने में देरी हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इससे सेंसिटिविटी भी कम हो जाती है.

5. मिथकः यदि महिला ने गर्भनिरोधक गोली (पिल) ली है तो कंडोम की ज़रूरत नहीं.

सच्चाईः गोली लेने से सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिज़ीज़ या इंफेक्शन से सुरक्षा नहीं मिलती. कुछ केसेस में प्रेग्नेंसी रोकने को लेकर भी गोलियां असर नहीं करतीं. यानी इस मिथक से भी आपको बचना चाहिए.

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Condom Myths & Facts, about Condom

6. मिथकः दो कंडोम लगाना ज़्यादा सुरक्षित है.

सच्चाईः केवल एक कंडोम का इस्तेमाल ही अनचाहे गर्भ और यौन संक्रमणों से बचने के लिए काफ़ी है. दरअसल, दो कंडोम लगाने से घर्षण की संभावना बढ़ेगी. कंडोम फट भी सकते हैं. इसलिए व्यक्ति को दो कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे रिसाव की संभावना बढ़ जाती है.

7. मिथकः चिकनाहट के लिए कोई भी तैलीय पदार्थ यूज कर सकते हैं

सच्चाईः अधिकतर कंडोम इस्तेमाल के लिए पर्याप्त रूप से चिकने होते ही हैं. अगर आपको और चिकनाहट की ज़रूरत हो तो पानी या सिलिकन से बनी किसी वस्तु का इस्तेमाल करें, तेल से बनी किसी वस्तु का इस्तेमाल न करें. तेल रबर को नष्ट कर देता है जिससे कंडोम फट सकता है.

8. मिथकः कहीं भी स्टोर करें.

सच्चाईः कंडोम को बहुत ज़्यादा या बहुत कम तापमान वाली जगह पर स्टोर करके नहीं रखना चाहिए. ऐसी जगह (उदाहरण के लिए आपकी जेब) जहां घर्षण होता हो, कंडोम को नुकसान हो सकता है. इससे स्पर्म के कंडोम से बाहर निकलने का ख़तरा बढ़ जाता है.

9. मिथकः लेटेक्स (क्षीर) से एलर्जी होने पर यूज नहीं कर सकते.

सच्चाईः ऐसा नहीं है. लेटेक्स से एलर्जी होना आपको सेक्स नहीं करने या असुरक्षित सेक्स करने पर मजबूर नहीं करता. इस समस्या से बचने के लिए मार्केट में लेटेक्स कंडोम उपलब्ध हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है. इनमें लैंब्स्किन से बने कंडोम प्रेग्नेंसी तो रोकते हैं, लेकिन संक्रमण से बचाव नहीं करते.

10. मिथकः केवल हेट्रोसेक्सुअल ही इस्तेमाल करते हैं.

सच्चाईः यह हमेशा याद रखें कि कंडोम प्रेग्नेंसी ही नहीं रोकते, बल्कि संक्रमणों से भी बचाव करते हैं, इसलिए होमोसेक्सुअल कपल को भी इनकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए.

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जानें सेक्स से जुड़े दिलचस्प सर्वे (Interesting Sex Survey)

Interesting Sex Survey
सफल सेक्स लाइफ़ पर हुए रिसर्च के अनुसार सेक्स लाइफ एंजॉय करने के लिए डेली एक्सरसाइज़ और हेल्दी डायट बहुत ज़रूरी है. आइए जानते हैं कुछ इंटरेस्टिंग सेक्स रिसर्च की रिपोर्ट्स की संक्षिप्त जानकारी.

Interesting Sex Survey

– एक सर्वे के अनुसार, 60% पुरुष चाहते हैं कि सेक्स के लिए औरत पहल करे.

सप्ताह में दो या तीन बार सेक्स करनेवाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है.

सेक्स के दौरान हार्ट अटैक से मरनेवाले पुरुषों में से 85% पुरुष ऐसे होते हैं, जो अपनी पत्नी को धोखा दे रहे होते हैं.

जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत हो, उनके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छी नींद आती है. रिसर्च के अनुसार, ये नींदवाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज़्यादा कारगर है.

हर पुरुष हर सात सेकंड में कम से कम एक बार सेक्स के बारे में ज़रूर सोचता है.

20% पुरुषों को ओरल सेक्स से आनंद आता है, जबकि 6% महिलाओं को ये महज़ फोरप्ले का हिस्सा लगता है.

अमेरिका में 12-15 साल के किशारों में ओरल सेक्स का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है और मज़ेदार बात तो ये है कि वो इसे सेक्सुअल क्रिया मानते ही नहीं.

25 % महिलाएं सोचती हैं कि पुरुष रुपएपैसे से सेक्सी बनता है.

ज़्यादा सेक्स करनेवाले पुरुषों की दाढ़ी अपेक्षाकृत तेज़ी से बढ़ती है.

लेटेक्स कंडोम की औसत लाइफ़ 2 साल होती है.

रोमांटिक उपन्यास पढ़नेवाली औरतें ऐसे उपन्यास न पढ़नेवाली औरतों की तुलना में सेक्स का ज़्यादा आनंद उठा

सकती हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर्स के मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के अनुसार, पुरुष किसी भी दूसरे रंग के मुक़ाबले लाल रंग के परिधान में महिलाओं की ओर ज़्यादा आकर्षित

होते हैं.

हाल ही में हुए शोध के अनुसार, जिन महिलाओं में इमोशनल इंटेलिजेन्स (अपनी भावनाओं को समझने के साथसाथ अपने आसपास रहनेवाले लोगों की भावनाओं व ज़रूरतों की समझ) बेहतर होती है, वे सेक्स में उतनी ही अच्छी पार्टनर साबित होती हैं.

अक्सर कहा जाता है कि महिलाओं को सेक्स के लिए उत्तेजित होने में कम से कम 20 मिनट का समय लगता है, परंतु शोध से पता चला है कि किसी पुरुष की कल्पना और फोरप्ले से उत्तेजित होने में उन्हें मात्र 10 मिनट लगता है.

पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक दिन में कई बार ऑगैऱ्ज्म का अनुभव कर सकते हैं.

अगर किसी महिला में सेक्स उत्तेजना उत्पन्न नहीं होती, तो एक बार ङ्गबर्थ कंट्रोल पिल्सफ को बदलकर देखें, क्योंकि कई बार अलगअलग पिल्स में पाए जानेवाले हार्मोंस सेक्स की उत्तेजना को प्रभावित करते हैं. इन्हें बदलने से समस्या हल हो सकती है.

कई बार सीमेन (वीर्य) से ब्लीच जैसी गंध आती है. इससे कोई हानि नहीं है. यह प्राकृतिक डिसइं़फेक्टेंट होता है एवं स्पर्म्स को योनि में पाए जानेवाले एसिड के बुरे प्रभाव से बचाता है.

एंकलबोन के नीचे एड़ी में सर्कुलर मसाज करने से सेक्सुअल उत्तेजना बढ़ती है.

पुरुष रात्रि की नींद के दौरान औसतन 4 या 5 बार इरेक्शन अनुभव करते हैं.

रिसर्च द्वारा पता चला है कि जो लड़कियां साइकिल रेस में हिस्सा लेती हैं या हर हफ़्ते 100 मील साइकिल चलाती हैं, उनकी बाह्य जननेंद्रियों का सेंसेशन कम हो जाता है.

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पेनिस की लंबाई का ऑर्गैज़्म से कोई संबंध नहीं होता, क्योंकि योनि का केवल 1/3 भाग ही संवेदनशील होता है. अगर सेक्स पोज़ीशन सही हो, तो छोटा पेनिस भी ऑर्गैज़्म दे सकता है.

जर्मन शोधकर्ताओं के अनुसार, सुरक्षित रिलेशनशिप में महिलाओं की सेक्सुअल इच्छा कम हो जाती है. 4-5 साल साथसाथ रहने के बाद महिलाएं पुरुषों की इच्छानुसार सेक्स करती हैं.

ऐसे पुरुष, जिनके अनेक स्रियों से संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्वपूर्ण तो समझते हैं, परंतु अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते.

एक सर्वे के अनुसार, सेक्स के लिए कपल्स की सबसे पसंदीदा जगह बेडरूम के अलावा कार होती है.

यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रॉम्प में हुए रिसर्च के अनुसार, नीली आंखोंवाले पुरुष अक्सर नीली आंखोंवाली स्री को ही पसंद करतेे हैं. यदि उनका बच्चा भूरी आंखोंवाला हुआ, तो वे सोचते हैं कि उनकी पत्नी ने उनके साथ धोखा किया है. वैसे आनुवांशिकता का नियम भी यही कहता है.

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महिलाएं पीरियड्स के दौरान या उसके ठीक पहले ज़्यादा सुखद ऑर्गैज़्म का अनुभव करती हैं. ऐसा उनके पेल्विक एरिया में रक्तसंचार के बढ़ने के कारण होता है.

सेक्स के दौरान पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज़्यादा कल्पनाशील हो जाती हैं. इस तरह की सेक्सुअल फेंटेसी से उन्हें संतुष्टि तो मिलती ही है, आपसी संबंध भी मज़बूत होते हैं.

जो पुरुष ज़्यादातर सेक्सुअल फेंटेसी में रहते हैं, वे अपने रोमांटिक रिलेशनशिप से कम संतुष्ट रहते हैं.

कई पुरुषों में स्खलन (इजाक्युलेशन) के बाद भी पेनिस में इरेक्शन रहता है, जो बहुत दर्दनाक होता है. इसे प्रीएटिसिज़्म कहते हैं.

एक रिसर्च के अनुसार, कॉलेज के दौरान जो लड़के सेक्स में लिप्त रहते हैं, वे अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं, जबकि सेक्स न करनेवाले विद्यार्थी नॉर्मल रहते हैं.

 कुछ महिलाओं को सीमेन (वीर्य) से एलर्जी होती है. सीमेन में मौजूद प्रोटीन के कारण उनके जननांग एवंं शरीर के अन्य हिस्सों पर जलन व खुजली की समस्या हो जाती है.

अध्ययन बताते हैं कि सेक्स से सिरदर्द व जा़ेडों का दर्द दूर होता है. वास्तव में ऑर्गैज़्म के तुरंत बाद ऑक्सीटोसिन हार्मोन का लेवल 5 गुना बढ़ जाता है, जिससे एंडॉरफिन हार्मोन का स्राव होता है. यह दर्द को दूर भगाता है.

सामान्यतः ऐसा समझा जाता है कि प्रेग्नेंसी से सेक्स की इच्छा मर जाती है, परंतु ऐसा नहीं है. गर्भावस्था के दौरान ज़्यादातर महिलाओं की सेक्स की इच्छा या तो बढ़ जाती है या पहले जैसी ही होती है.

रिसर्च के अनुसार, सिगरेट नहीं पीनेवालों की सेक्स की इच्छा, आनंद व संतुष्टि सिगरेट पीनेवालों की अपेक्षा ज़्यादा होती है.

जर्नल ऑफ सेक्स रिसर्च के अनुसार, कपल्स सामान्य तौर पर फोरप्ले में 11 से 13 मिनट लगाते हैं.

एक सर्वे के अनुसार, हफ़्ते में 3 या 4 बार सेक्स करने की इच्छा रखनेवाले पुरुषों व महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है.

जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.

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हर कपल को जानने चाहिए सेक्स से जुड़े ये 10 सवाल-जवाब (10 Sex Q&A’s Every Couple Must Know)

Sex Q 7 A, Every Couple Must Know

कहने को तो हर कोई सेक्स के ख़ूबसूरत एहसास में हर समय डूबा रहना चाहता है, लेकिन जिस तरह हर चीज़ के नियम बनाए गए हैं, उसी तरह सेक्स को लेकर भी कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं. सेक्स किस समय करना चाहिए, किस स्थिति में करना चाहिए और किस दिन करना चाहिए आदि को ध्यान में रख कर जो सेक्स करता है वह चरम आनंद प्राप्त करता है और उसकी सेहत अच्छी बनी रहती है. सेक्स जहां हर इंसान की एक ज़रूरत है, वहीं एक सुंदर एहसास भी है और उसे अच्छी भावना के साथ करना भी ज़रूरी है. आनंददायक सेक्स के लिए सेक्स के प्रति समर्पण के साथ-साथ आपके साथी का सहयोग और सहमति भी ज़रूरी है. अगर वह अनिच्छा दिखाए तो उस दिन सेक्स न करें. याद रखें, सेक्स का मतलब आपसी प्यार दर्शाना होता है, न कि ज़बर्दस्ती करना.

1. किन परिस्थितियों में सेक्स करने से बचना चाहिए और क्यों?

बहुत से दंपत्ति इन बातों को प्रायः नहीं जानते कि कब सेक्स किया जाए और कब नहीं. कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जब सेक्स से परहेज़ करना ज़रूरी हो जाता है. अगर ऐसे में सेक्स किया जाता है तो सेक्स का पूरा सुख नहीं मिलता, साथ ही स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है. अत: जहां तक संभव हो, शारीरिक या मानसिक अस्वस्थता की स्थिति में सेक्स करने से बचना चाहिए-

2. शारीरिक तकलीफ़, विशेषकर दिल के दौरे के बाद सेक्स करना क्यों वर्जित है?

जब आपको या आपके साथी को कोई भी शारीरिक या मानसिक तकलीफ़ या परेशानी हो तो उस दौरान सेक्स न करें, विशेषकर तब जब डॉक्टर ने बेड रेस्ट की सलाह दी हो. दिल के दौरे जैसी किसी भी तकलीफ़ के समय जब सचमुच आराम की ज़रूरत होती है, ऐसे में कोई भी सेक्स क्रिया दिल पर दबाव डालकर आपको परेशानी में डाल सकती है.

3. मानसिक बीमारी की स्थिति में सेक्स क्यों नहीं करना चाहिए?

सेक्स न सिर्फ शरीर का, बल्कि मन का भी मिलन है. कोई भी मानसिक रोग आप या आपके साथी के लिए सेक्स का आनंद उठाने में बाधा बन सकता है. आप में से किसी एक को मानसिक रोग- डिप्रेशन, तनाव, नर्वस ब्रेक डाउन जैसी कोई भी शिकायत हो, तो सेक्स की इच्छा ख़ुद-ब-ख़ुद मर जाती है. ऐसे में बोझिल मन से सेक्स करना ठीक नहीं होगा और न ही ऐसे में आप सेक्स का सुख उठा पाएंगे.

4. सर्जरी के कितने दिनों बाद सेक्स करना चाहिए?

किसी भी सर्जरी के बाद यह बेहतर होता है कि आप सेक्स से परहेज़ करें. जब तक डॉक्टर सही तरह से आपका परीक्षण कर आपके पूरी तरह से ठीक होने का आश्‍वासन न दे दे. ताज़ा सर्जरी के बाद सेक्स करने से आपके टांके खुलने या खून बहने से लेकर गंभीर दर्द जैसी कोई भी घटना हो सकती है जो आपको मुसीबत में डाल सकती है.

5. एस टी डी (सेक्सुअल ट्रांसमीटेड डिसीज़) होने की स्थिति में सेक्स करने पर क्या पार्टनर को भी यह रोग हो सकता है?

एस टी डी जैसे किसी भी संसर्गजन्य रोग के होने पर इसे फैलने से रोकने का एकमात्र उपाय है सेक्स को टालना. एचआईवी, एड्स जैसी गंभीर बीमारी भी सेक्स के ज़रिए एक साथी से दूसरे साथी को मिल सकती है. इसलिए ऐसी स्थिति में सेक्स करने से बचें. डॉक्टर तो इस तरह के रोग की आशंका होने पर जब तक सच्चाई की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक शारीरिक संबंधों से दूर रहने की सलाह देते हैं.

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6. कभी-कभी इंटरकोर्स के समय साथी को दर्द की शिकायत होती है ऐसी स्थिति में सेक्स से बचना क्यों ज़रूरी है?

जब इंटरकोर्स के समय साथी (पत्नी) को दर्द महसूस हो रहा हो तो समझ लीजिए कि ये खतरे की घंटी है. ऐसे में सेक्स करने से बचें. अगर दर्द लगातार हो तो तुरंत पत्नी के साथ अपने डॉक्टर से संपर्क करें. दर्द भरा सेक्स शारीरिक तकलीफ़ के साथ-साथ मानसिक तकलीफ़ में भी डाल सकता है. आपके लिए यही सही होगा कि आप अपने साथी के दर्द का ख़याल रखें और दर्द के बग़ैर सेक्स का आनंद उठाएं.

7. कुछ लोगों का कहना है कि गर्भावस्था में सेक्स नहीं करना चाहिए, जबकि कुछ लोगों की मान्यता है कि गर्भावस्था में सेक्स किया जा सकता है. वास्तविकता क्या है?

गर्भावस्था में सेक्स को लेकर अक्सर उलझन रहती है कि गर्भावस्था के दौरान सेक्स किया जाए या नहीं. विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्भावस्था के छठे हफ्ते से लेकर बारहवें हफ्ते तक सेक्स नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस दौरान गर्भपात की संभावना बनी रहती है. यही नहीं, गर्भधारण के आखिरी दो महीनों में भी सेक्स करना ख़तरनाक हो सकता है. गर्भधारण के चौथे और सातवें महीने में ही सेक्स किया जा सकता है.

8. ऐसा कहा जाता है कि सेक्स करने से पति-पत्नी के आपसी झगड़े सुलझ जाते हैं, लेकिन जब मानसिक स्थिति ठीक न हो तो क्या सेक्स का आनंद उठाया जा सकता है?

अधिकतर लोग समझते हैं कि सेक्स पति-पत्नी के आपसी झगड़ों को निपटाने का एक कारगर तरीक़ा है. तुरंत सेक्स कर लेने से आपसी टकराहट दूर हो जाती है लेकिन यह सही नहीं है, क्योंकि सेक्स के लिए तन और मन का एक होना ज़रूरी है. ऐसी किसी भी टकराहट की स्थिति में सेक्स न करें. अगर मन में कड़ुवाहट हो और तन से आप सेक्स कर रहे हों तो यह सिर्फ एक काम होगा, जिसे जबरन निपटाया जाएगा. इसमें कोई भावना नहीं होगी तो चरम आनंद कैसे प्राप्त होगा. याद रखें, सेक्स के लिए आपको शरीर और मन से एक होना पड़ेगा तभी आप सही अर्थों में सेक्स का आनंद उठा पाएंगे.

9. क्या पुरुषों की तरह महिलाएं सेक्स के बारे में कभी नहीं सोचतीं?

हम ये कह सकते हैं कि पुरुषों के मुक़ाबले महिलाएं सेक्स के बारे में कम सोचती हैं, मगर ये कतई नहीं कह सकते कि महिलाएं सेक्स के विषय में सोचती ही नहीं हैं. रिसर्च की मानें तो न स़िर्फ पुरुष, बल्कि महिलाएं भी सेक्स के बारे में सोचती हैं, लेकिन ऐसा उस वक़्त होता है, जब वो हार्मोनल बदलाव के दौर से गुज़रती हैं.

10. अगर पहली बार आप सेक्स में असफल हो जाते हैं, तो क्या इसका मतलब आपमें कमी है?

ये एक ग़लत धारणा है. जिस तरह हर चीज़ की प्रैक्टिस ज़रूरी होती है, उसी तरह बेहतर सेक्स का आनंद भी कई बार प्रैक्टिस करने के बाद मिलता है. हो सकता है, शुरुआती दौर में आप सेक्स को उस तरह एंजॉय न कर पाएं, जिस तरह कई बार प्रैक्टिस के बाद.

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