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बढ़ती उम्र, बदलती सेक्स की चाहत (Does Sex Drive Decreases With Age?)

बदलाव जीवन का नियम है और इसे टाला नहीं जा सकता. बदलाव के साथ ख़ुद को ढालना आसान नहीं होता है, परंतु हर किसी को कभी-न-कभी बदलाव को अपनाना ही पड़ता है. यही बात बढ़ती उम्र (Age) के साथ सेक्स, सेक्स डिज़ायर (Sex Desire) और सेक्सुअल परफॉर्मेंस (Sexual Performance) पर भी लागू होती है. बढ़ती उम्र के साथ सेक्सुअल डिज़ायर और सेक्सुअल परफॉर्मेंस में क्या-क्या बदलाव (Changes) आते हैं और उनका किस तरह सामना करना चाहिए, यह जानने के लिए हमने मुंबई की सेक्स स्पेशलिस्ट डॉ. एस. लता से बातचीत की.

 Sex Drive
सेक्स डिज़ायर और उम्र

सेक्स डिज़ायर उम्र के साथ घटने लगती है, परंतु लोग इस बात पर बहुत कम ध्यान देते हैं और अधिकतर समय उसका कारण जानने या ‘पहले जैसी सेक्स की ताक़त कैसे वापस पाएं’ यह सोचने में लगाते हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ स्त्री और पुरुष दोनों में शारीरिक बदलाव होते हैं, जैसे- त्वचा की संवेदनशीलता कम होना, बालों का स़फेद होना, हार्मोनल बदलाव, उम्र  से संबंधित बीमारियां, पुरुषों में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन की कमी होना और स्त्रियों में मेनोपॉज़ का होना. जब लोग उम्र के 40वें वर्ष में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें तरह-तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं, जैसे- आर्थराइटिस, डायबिटीज़, दिल की बीमारी, कमर दर्द आदि, जिसका सीधा असर सेक्स जीवन पर पड़ता है. ये सभी बीमारियां ऐसी हैं, जो सेक्स की इच्छा को कम करती हैं.

महिलाओं में सेक्सुअल डिज़ायर कम होने के कारण

शारीरिक व मानसिक कारण

महिलाओं में उम्र के साथ-साथ सेक्स हार्मोन, एस्ट्रोजेन की कमी हो जाती है, जिससे उनमें सेक्स की इच्छा कम हो जाती है. इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं के वेजाइना की वॉल पतली और ड्राई हो जाती है, जिससे सेक्स के दौरान बहुत दर्द होता है. यह भी एक कारण होता है कि महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ सेक्स की इच्छा कम हो जाती है.

सामाजिक दबाव

भारतीय समाज में आज भी महिलाओं पर इतनी बंदिशें हैं कि वे खुलकर सेक्स के बारे में बात तक करने से घबराती हैं. उम्र बढ़ने पर सामाजिक दबाव और बढ़ जाता है. महिलाएं हमेशा सोचती हैं कि अब इस उम्र में सेक्स करना ठीक नहीं, बच्चे बड़े हो गए हैं, समाज क्या कहेगा? यह भी एक कारण है कि उनमें उम्र बढ़ने के साथ सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.

बीमारियां और दवाइयां

उम्र बढ़ने के साथ कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है, जैसे- ब्लड प्रेशर, मानसिक दबाव, नींद न आना. इन सब से बचने के लिए तरह-तरह की दवाइयां लेनी पड़ती हैं. उन दवाइयों का असर भी सेक्स जीवन को प्रभावित करता है. इनमें से ब्लड प्रेशर की दवाइयां और मानसिक तनाव की दवाइयों का प्रयोग महिलाएं अधिक करती हैं.

लाइफ़स्टाइल

शहरों में महिलाओं की बदलती लाइफ़स्टाइल का असर भी सेक्स पर पड़ता है. बड़े शहरों में रहनेवाली महिलाएं काम करती हैं, सिगरेट-शराब पीने से भी बहुत-सी महिलाएं परहेज़ नहीं करतीं और अक्सर बाहर का खाना खाती हैं. इन सबका असर शरीर और सेक्स की इच्छा पर पड़ता है.

लुक्स

उम्र बढ़ने के साथ-साथ लुक्स में भी काफ़ी बदलाव आते हैं. इस बात का भी असर सेक्स लाइफ़ पर पड़ता है. शारीरिक आकर्षण कम हो जाने से महिलाओं में सेक्स की इच्छा कम हो जाती है, क्योंकि महिलाएं अपने लुक्स को लेकर काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं.

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Sex Problems

पुरुषों में सेक्सुअल डिज़ायर कम होने के कारण

हार्मोनल बदलाव

उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में भी हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिसमें सेक्स हार्मोन, एंड्रोजन, टेस्टोस्टेरॉन में कमी हो जाती है, जो पुरुषों में सेक्स डिज़ायर के लिए ज़रूरी है. इसकी कमी होने से उनमें सेक्स की इच्छा में कमी आती है.

इरेक्टाइल डिस़्फंक्शन

उम्र बढ़ने के साथ हार्मोंस में कमी के कारण पुरुषों में इरेक्शन की समस्या हो जाती है. इरेक्शन ठीक से न होने से सेक्स करने में असमर्थता की वजह से सेक्स की इच्छा में भी कमी आ जाती है.

मानसिक दबाव

पुरुष अधिकतर कई तरह का दबाव अपने ऊपर लेते हैं, जैसे- काम का दबाव, परिवार का दबाव, बच्चों की पढ़ाई का दबाव और उनकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे अपनी समस्याएं बहुत कम शेयर करते हैं. ऐसे में ये दबाव उन्हें शरीर से कमज़ोर कर देते हैं. इसके अलावा मानसिक तनाव के कारण भी उनकी सेक्स लाइफ़ प्रभावित होती है.

पार्टनर के सहयोग की कमी

उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं में सेक्स की इच्छा कम हो जाती है, जिससे वो अपने साथी पर ज़्यादा ध्यान नहीं दे पाती हैं, इससे उनका वैवाहिक जीवन नीरस हो जाता है और पुरुषों में भी सेक्स की चाह कम होने लगती है. इसलिए यह ज़रूरी है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ अपने साथी की तरफ़ ध्यान भी दें. एक-दूसरे की ज़रूरत के हिसाब से बदलाव लाएं, ताकि सेक्स की चाहत बनी रहे.

बच्चे होना

बच्चे होने पर पत्नी ज़्यादातर बच्चों को ही पूरा अटेंशन देने लगती है और पति से उसका जुड़ाव कम हो जाता है. इसके अलावा अधिकतर महिलाओं की सोच होती है कि बच्चे बड़े हो रहे हैं और बढ़ते बच्चों के सामने सेक्स करना ग़लत है. बस उनकी ये सोच उन्हें सेक्स से दूर कर देती है.

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Sex Desire

कैसे लें बढ़ती उम्र के साथ सेक्स का आनंद?

सेक्स के आनंद को उम्र के साथ कम न होने देना हमारे अपने हाथ में होता है. यदि कुछ बातों का ध्यान रखें, तो उम्र बढ़ने के बावजूद सेक्स की इच्छा को बनाए रखा जा सकता है.

एक्सपेरिमेंट करें

बढ़ती उम्र में पहले की तरह सेक्स करना बहुत मुश्किल होता है, इसलिए सेक्स करने के लिए अलग आसन और कुछ नए तरी़के अपनाने चाहिए. इससे सेक्स का आनंद भी बढ़ता है और सेक्स करने की इच्छा भी बनी रहती है.

सलाह लें

सेक्स की इच्छा में कमी आने पर आप स्पेशलिस्ट से सलाह लें, काउंसलर की मदद लें. उनके बताए उपाय काफ़ी कारगर साबित होंगे.

फ़िटनेस पर ध्यान दें

न स़िर्फ स्वास्थ्य की दृष्टि से, बल्कि सेक्स के नज़रिए से भी फ़िटनेस बहुत ज़रूरी है. ख़ुद को फ़िट रखेंगे, तो बीमारी दूर रहेगी, ऊर्जावान महसूस करेंगे और सेक्स की चाहत जागेगी. साथ ही आपका शारीरिक आकर्षण भी बरक़रार रहेगा, जो आपके पार्टनर को आपकी ओर खींच लाएगा.

– अभिषेक शर्मा

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सेक्स प्रॉब्लम्स- सेक्सुअल बातों से उत्तेजित हो जाती हूं… (Sex Problems- I get aroused by ‘sexual talks’)

Sex Problems

Sex Problems

 

सेक्सुअल बातों से उत्तेजित हो जाती हूं…

मेरी समस्या यह है कि पिछले 4-5 सालों से मैं सेक्स संबंधी किसी भी प्रकार की बातों से उत्तेजित हो जाती हूं. योनिमार्ग से चिपचिपा-सा स़फेद द्रव निकलता है, जिससे मैं परेशान हो जाती हूं. इसकी वजह से विवाह के बाद मुझे किसी तरह की द़िक़्क़तों का सामना तो नहीं करना पड़ेगा?
– डॉली शर्मा, बाबतपुर.
आप बेवजह ही घबरा रही हैं. आपको जो कुछ भी महसूस हो रहा है, वह आपकी उम्र के अनुरूप है. इस उम्र में जो भी शारीरिक व मानसिक विकास होता है, उसमें इस तरह की उत्तेजना एकदम स्वाभाविक है. कोई उत्तेजक चीज़ या दृश्य सामने आ जाएं तो ज़ाहिर है मन व शरीर पर इसका प्रभाव पड़ेगा. ऐसे में प्रतिक्रिया स्वरूप ही आपकी योनि से चिपचिपा द्रव भी निकलता है. अतः परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. उपरोक्त बातों का आपके वैवाहिक जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.  आप निश्‍चित होकर शादी कर सकती हैं.
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फीमेल कंडोम कितना सुरक्षित है?

मैं व मेरे पति अभी बच्चा नहीं चाहते, परन्तु मेरे पति कंडोम का भी इस्तेमाल नहीं करते. यूं तो मैं गर्भनिरोधक गोलियां लेती हूं, पर मैंने महिला कंडोम के बारे में सुना है. क्या इसका इस्तेमाल करना सुरक्षित है?
– शैली वर्मा, रांची.
महिला कंडोम यानी कि फीमेल कंडोम इन दिनों काफ़ी चर्चा में है और आजकल इसे एक विकल्प के रूप में भी आज़माया जा रहा है. इसे संभोग के पहले योनि में डाला जाता है, जो वीर्य को अंदर जाने से रोकता है. इससे फ़ायदा यह होता है कि यदि पुरुष साथी कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहता तो स्त्री कर सकती है. फीमेल कंडोम सुरक्षित भी है, लेकिन मेल कंडोम जितना नहीं. गर्भनिरोधक गोलियां यक़ीनन एक सुरक्षित विकल्प हैं, परन्तु फीमेल कंडोम ने महिलाओं को और अधिक विकल्प दिए हैं जिसका लाभ ख़ासकर वे महिलाएं उठा सकती हैं, जो गर्भनिरोधक गोलियां नहीं लेना चाहतीं या फिर इनके साइडइ़फेक्ट से बचना चाहती हैं.

 

स्ट्रेच मार्क्स से परेशान हूं…

मेरी बॉडी पर काफ़ी स्ट्रेच मार्क्स हैं. मैंने  सुना है कि ये मार्क्स प्रेग्नेंसी के बाद होते हैं तो फिर मेरी बॉडी पर क्यों हैं? क्या मेरी सेक्स लाइफ़ इससे प्रभावित होगी?
– श्रद्धा गिल, जालंधर.
यह सोच ग़लत है कि स्ट्रेच मार्क्स स़िर्फ प्रेग्नेंसी के बाद होते हैं. यह कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है. बहुत-सी लड़कियों के साथ ऐसा होता है. अगर बार-बार शरीर का वज़न कम-ज़्यादा हो तो भी स्ट्रच मार्क्स पड़ जाते हैं, क्योंकि स्किन लूज़ और टाइट होती रहती है तो उसका लचीलापन थोड़ा कम होकर वो लूज़ रह जाती है, जो स्ट्रेच मार्क्स के रूप में हमें दिखती है. इसके अलावा ग़लत एक्सरसाइज़ से भी ऐसा हो सकता है. यह कोई सेक्स से संबंधित समस्या नहीं है. अत: मन से सारे डर निकाल दें. निश्‍चिंत रहें, आपकी सेक्सुअल लाइफ़ में कोई मुश्किलें नहीं आएंगी.

 

पढ़ने में मन नहीं लगता…

मुझे आजकल सेक्स की इच्छा होती है, जिससे पढ़ने में मन नहीं लगता, बेचैनी बनी रहती है. ऐसे में मैं हस्तमैथुन करता हूं. क्या मैं ग़लत करता हूं?
– पूजा सिंह, जयपुर.
किशोरावस्था में सेक्स की इच्छा बेहद बढ़ जाती है, ऐसे में हस्तमैथुन करना इस बात का संकेत है कि आपका सेक्सुअल विकास स्वस्थ व सामान्य रूप से हो रहा है. किसी ग़लत जगह जाकर सेक्स करने से तो यह ज़रिया बेहतर व सुरक्षित है. हस्तमैथुन पूर्णत: सामान्य है, जब तक आप इसे ह़फ़्ते में 4-5 बार या रोज़ाना भी करें तो भी. हां, अति किसी भी चीज़ की अच्छी नहीं होती.

 

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डॉ. राजीव आनंद
सेक्सोलॉजिस्ट
([email protected])

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