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सेक्स लाइफ से जुड़ी ऐसी बहुत सी बातें हैं, जिनसे आज भी ज़्यादातर महिलाएं अनभिज्ञ हैं. सेक्स लाइफ से जुड़ा ऐसा एक पहलू है ऑर्गैज़्म. ऑर्गैज़्म क्या है, क्यों सभी को महसूस नहीं होता और क्या हैं इसके हेल्थ बेनीफिट्स आइए

जानते हैं क्या है ऑर्गैज़्म?

सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान मिलनेवाली ख़ुशी को ऑर्गैज़्म या चरमसुख कहते हैं. वहीं कुछ लोग इसे क्लाइमेक्स भी कहते हैं. इसके नाम कई हैं, पर अर्थ सबका एक ही है. सेक्स के दौरान शरीर की मसल्स टाइट हो जाती हैं, जबकि ऑर्गैज़्म की फीलिंग आते ही वो सभी रिलैक्स हो जाती हैं, जिसके कारण महिला व पुरुष दोनों को ही एक आंतरिक ख़ुशी का अनुभव होता है.

क्या होता है ऑर्गैज़्म के दौरान?

Amazing Facts About Orgasm

ऑर्गैज़्म के दौरान आमतौर पर शरीर के प्राइवेट पार्ट्स में रक्तसंचार बढ़ जाता है, जिसके कारण वो सेंसिटिव हो जाते हैं. साथ ही दिल की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं और सांस की प्रक्रिया भी बदल जाती है. इन सब के कारण महिलाओं को एक अलग ही प्रकार की ख़ुशी मिलती है, जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती.

क्यों ज़्यादातर महिलाएं रह जाती हैं इससे वंचित ?

स्टडीज़ में यह पता चला है कि ज़्यादातर महिलाएं ऑर्गैज़्म के लिए मास्टरबेशन का सहारा लेती हैं, क्योंकि 50% महिलाएं को सेक्सुअल इंटरकोर्स के दौरान ऑर्गैज़्म का अनुभव मिलता ही नहीं. स्टडी में यह भी पता चला है कि ऐसी भी बहुत सी महिलाएं हैं, जिन्हें कभी ऑर्गैज़्म मिला ही नहीं. आइए जानते हैं क्या हैं इसके कारण?

– सेक्सुअल रिलेशन के दौरान होनेवाला दर्द इसका एक बड़ा कारण है, जो महिलाओं को ऑर्गैज़्म से वंचित रखता है.

– कामोत्तेजना या सेक्सुअल डिज़ायर की कमी भी अहम कारण है.

– हार्मोंस के असुंतलन के कारण भी महिलाओं में कामोत्तेजना की भावना नहीं आती, जिसके कारण उसे ऑर्गैज़्म नहीं मिल पाता.

– आमतौर पर लुब्रिकेशन की कमी भी इसका एक बड़ा कारण है.

– इसके अलावा कुछ ऐसी महिलाओं भी है, जिन्हें सेक्स के दौरान उत्तेजना महसूस ही नहीं होती.

– शादीशुदा ज़िंदगी में चल रही उथल-पुथल भी ऑर्गैज़्म को प्रभावित करती है.

– इसके अलावा स्ट्रेस और एंज़ायटी भी इससे वंचित रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं.

– जो महिलाएं नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करती हैं, उनकी कामोत्तेजना भी प्रभावित होती है.

– वर्किंग महिलाओं के लिए समय की कमी एक बहुत बड़े फैक्टर के रूप में निकलकर सामने आ रहा है.

– जो महिलाएं अपने शरीर की बनावट को लेकर असमंजस में रहती हैं, वो भी इससे वंचित रह जाती हैं.

किन स्थितियों में ऑर्गैज़्म जल्दी मिलता है?

वैसे तो ऑर्गैज़्म पाने का कोई शॉर्ट कट नहीं है, फिर भी ऑर्गैज़्म पाने में कुछ बातें आपकी मदद कर सकती हैं. इन बातों को अपनाकर आप भी अपनी सेक्सुअल लाइफ को बेहतर बना सकती हैं.

– सेक्सुअल रिलेशन से पहले फोरप्ले सेक्स को और बेहतर बना देता है. ख़ासतौर से महिलाओं को फोरप्ले पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि महिलाओं को उत्तेजित महसूस करने में ये मदद करते हैं.

– सेक्सुअल रिलेशन जितना लॉन्ग लास्टिंग होगा, ऑर्गैज़्म मिलने की संभावना ज़्यादा होती है.

– बेहतर सेक्सुअल एक्सपीरियंस के लिए पति-पत्नी का रिश्ता बहुत मायने रखता है, इसलिए बहुत ज़रूरी है कि आप दोनों की केमिस्ट्री बहुत अच्छी हो.

– जिन महिलाओं की सेक्सुअल फैंटेसी बेड में पूरी होती है, उन्हें ऑर्गैज़्म का अनुभव जल्दी होता है.

– सेक्स के दौरान भी प्यारभरी, सेक्सी और नॉटी बातों से महिलाओं की उत्तेजना बढ़ती है, जिसके कारण उन्हें ऑर्गैज़्म जल्द मिलता है.

– जिन महिलाओं को पारंपरिक मिशनरी पोज़िशन में ऑर्गैज़्म नहीं मिलता, उन्हें टॉप पोज़िशन ट्राई करना चाहिए.

– पति पत्नी को सिर्फ़ बेड पर ही नहीं, बल्कि दिनभर लव मैसेजेस और रोमांटिक और नॉटी मैसेजेस भेजने चाहिए, इससे दोनों में ही ख़ुशी और एक्साइटमेंट बना रहता है.

समझें ऑर्गैज़्म से जुड़ी इन भ्रांतियों को

Facts About Orgasm


आज सेक्स और ऑर्गैज़्म को लेकर लोगों में कई भ्रांतियां हैं. हमारे देश में ऐसी बहुत-सी महिलाएं हैं, जो आज भी सेक्स और ऑर्गैज़्म से जुड़ी कई ग़लतफ़हमियों को सच मानती हैं. यही वजह से अपनी की भ्रांतियों में उलझी रहने के कारण ये महिलाएं ऑर्गैज़्म का अनुभव नहीं कर पातीं. आइए जानें क्या हैं वो ग़लतफ़हमियां.

1. ऑर्गैज़्म महसूस करने के लिए प्यार में होना ज़रूरी है.

ऑर्गैज़्म एक बायोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल एक्सपीरियंस है, इसलिए ऑर्गैज़्म महसूस करने के लिए जहां कुछ महिलाओं का प्यार में होना ज़रूरी है, तो वहीं कुछ के लिए यह ज़रूरी नहीं. हर महिला की सेक्सुअल डिज़ायर अलग-अलग होती है, इसलिए यह बिल्कुल सच नहीं है कि ऑर्गैज़्म के लिए उस व्यक्ति से प्यार में होना ज़रूरी है.

2. महिलाओं को वेजाइनल ऑर्गैज़्म नहीं हो सकता.

यह तो सभी जानते हैं कि वेजाइनल ऑर्गैज़्म के मुकाबले क्लीटोरल ऑर्गैज़्म जल्दी मिलता है, पर ऐसा नहीं है कि वेजाइनल ऑर्गैज़्म मिलता ही नहीं. बहुत-सी महिलाएं वेजाइनल ऑर्गैज़्म महसूस करती हैं, पर हर किसी का अनुभव अलग होता है.



3 . जिन महिलाओं को साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स होती हैं, उन्हें ऑर्गैज़्म नहीं मिलता.

जैसा कि पहले भी बताया गया है कि ऑर्गैज़्म एक फिज़िकल और साइकोलॉजिकल प्रतिक्रिया है. जहां हेल्थ प्रॉब्लम्स के साथ साथ साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स भी आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित करती हैं. अगर महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां ले रही हैं, तो भी उनका प्रभाव उनके ऑर्गैज़्म पर पड़ता है, इसलिए यह महज़ एक ग़लतफ़हमी है कि जिन महिलाओं को साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम्स हैं उन्हें ऑर्गैज़्म नहीं मिलता.



4. वेजाइनल ऑर्गैज़्म सबसे हेल्दी होता है.

अभी तक ऐसी कोई स्टडी नहीं आई है, जिसमें इस बात की पुष्टि की गई हो. ऑर्गैज़्म के अपने हेल्थ बेनीफिट्स होते हैं, चाहे वो किसी भी तरह हो. महिलाओं में चार तरह के ऑर्गैज़्म होते हैं- फैंटेसी ऑर्गैज़्म, क्लीटोरल ऑर्गैज़्म, जी स्पॉट ऑर्गैज़्म और वेजाइनल ऑर्गैज़्म.

5. ऑर्गैज़्म के हैं कई हेल्थ बेनीफिट्स

– ऑर्गैज़्म के कारण महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स में रक्तसंचार बेहतर होता है, जिससे पीरियड्स नियमित रहते हैं. जो महिलाएं हफ़्ते में एक बार सेक्स करती हैं उनके पीरियड्स अनियमित
नहीं होते.

– इससे महिलाओं की फर्टिलिटी बढ़ती है. दरअसल यह हाइपोथैलमस ग्लैंड को उत्तेजित करता है, जिससे शरीर में रिप्रोडक्टिव हार्मोन्स का संचार बेहतर होता है और यह ओव्यूलेशन और सर्वाइकल फ्लूइड में मदद करता है.

– शरीर में एस्ट्रोजेन की मात्रा को संतुलित बनाये रखता है, जिससे महिलाओं में ऑस्टिओपोरोसिस और हृदय रोग का ख़तरा कम हो जाता है.

– यह शरीर से स्ट्रेस हार्मोंस को निकालकर हैप्पी हार्मोंस को बढ़ाता है.

– स्टडी में यह साबित हुआ है कि ऑर्गैज़्म महसूस करनेवाली महिलाएं 10 साल यंग दिखती हैं यानी यह एक एंटी एजिंग की भी तरह काम करता है.

– यह शरीर में इंफेक्शन से लड़नेवाले सेल्स की संख्या को 20% तक बढ़ा देता है, जिससे महिलाओं को सर्दी-ज़ुकाम की समस्या काम होती है.

-यह माइग्रेन के अलावा कई और तरह के दर्द में भी राहत दिलाता है.

सेक्स समस्याएं पुरुषों को न सिर्फ शारीरिक तकलीफ़ देती हैं, बल्कि उनका आत्मविश्‍वास भी कम करती हैं. सेक्स में परफॉर्म न कर पाना किसी भी पुरुष के लिए चिंता का विषय है. क्या हैं पुरुषों की 6 सेक्स समस्याएं और क्या हैं उनसे बचने के आसान घरेलू उपाय? आइए, जानते हैं.

Men's Sexual Problems

1) नपुंसकता
पुरुष के मन में भी यदि सेक्स का विचार आता है, तो उसके लिंग में उत्तेजना आ जाती है और स्पर्श से भी पुरुष सेक्स के लिए उत्तेजित हो जाता है. ऐसी स्थिति में शरीर के साथ लिंग में भी खून का प्रवाह तेज हो जाता है, लेकिन उत्तेजना के लिए उचित हार्मोन का होना भी ज़रूरी है. जब ऐसा नहीं हो पाता, तो वो स्थिति नपुंसकता कहलाती है. हालांकि ज़्यादातर मामलों में लोग वहम के शिकार होते हैं कि उनमें नपुंसकता के लक्षण हैं.

  • 15 ग्राम तुलसी के बीज और 30 ग्राम सफ़ेद मुसली का पाउडर तैयार करें. फिर इसमें 60 ग्राम मिश्री पीसकर मिला दें और बॉटल में भरकर रखें. इस पाउडर का 3 से 5 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें.
  • 10 से 20 मि.ली. सफ़ेद प्याज़ का रस, 5-10 ग्राम शहद और 1-3 मि.ली. अदरक का रस तथा 1 से 2 ग्राम घी लेकर सबको एक साथ मिलाकर 21 दिन तक लेने से नपुंसकता से मुक्ति मिल जाती है.
  • 200 ग्राम लहसुन पीसकर उसमें 600 ग्राम शहद मिलाकर एक साफ़ शीशी में भरकर अच्छी तरह से ढक्कन बंद करके गेहूं की बोरी में रख दें. 31 दिनों बाद उसे बाहर निकालें. 10 ग्राम की मात्रा में 40 दिनों तक इसे लेने से नपुंसकता दूर होती है.
  • बेल की 15 पत्तियां, 2 बादाम की गिरी और 150 ग्राम शक्कर तीनों को पीसकर उसमें पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं. एक चौथाई रह जाने पर उतार लें और ठंडा होने पर सेवन करें.

2) शीघ्रपतन
पुरुष की इच्छा के विरूद्ध उसका वीर्य अचानक स्खलित हो जाना शीघ्रपतन कहलाता है. शीघ्र पतन की सबसे खराब स्थिति यह होती है कि संभोग क्रिया शुरू होते ही या होने से पहले ही वीर्यपात हो जाता है.

  • 2 ग्राम दालचीनी का पाउडर सुबह-शाम दूध के साथ सेवन से वीर्य में वृद्धि होती है और शीघ्रपतन ख़त्म होता है.
  • इलायचीदाना, जावित्री, बादाम, गाय का मक्खन और शक्कर सभी को बराबर मात्रा में एक साथ मिलाकर रोज़ाना सुबह खाने से धातु पुष्ट होती है और शीघ्रपतन की शिकायत दूर हो जाती है.

यह भी पढ़ें: अपनी सेक्स लाइफ को किस तरह बेहतर बना सकते हैं पुरुष? (How Men Can Make Their Sex Life Better?)

3) धातु दुर्बलता
धातु दुर्बलता से कई पुरुष पीड़ित हैं. यह रोग अत्यधिक कामुक विचारों, अश्लील साहित्य, अश्लील फ़िल्में देखने आदि के कारण होता है. इस तरह के क्रियाकलापों के बाद व्यक्ति अधिक कामुक महसूस करता है तथा अपनी वासनाओं की पूर्ति के लिए अप्राकृतिक मैथुन आदि को अपनाता है. अप्राकृतिक मैथुन के कारण उसे अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिनमें से एक है धातु दुर्बलता. इसमें व्यक्ति का वीर्य पतला हो जाता है जिसके कारण संभोग के समय वह जल्दी स्खलित हो जाता है. पेशाब के साथ वीर्य की लार निकलना, लिंग में अपूर्ण उत्थान, उत्थान से पहले ही लिंग से धातु का गिरना शुरू होना आदि समस्याओं को धातु दुर्बलता कहा जाता है.

  • सुबह 2-3 खजूर को घी में भूनकर नियमित रूप से खाइए. ऊपर से इलायची, शक्कर और कौंच डालकर उबाला हुआ दूध पीएं. इससे धातु पुष्ट होती है.
  • इलायचीदाना व जावित्री का चूर्ण, बादाम गिरी, गाय का मक्खन तथा शक्कर एक साथ मिलाकर खाने से धातु पुष्ट होती है और वीर्य गाढ़ा होता है
  • 20 मि.ली. ताज़े आंवले का रस निकालकर उसमें शहद मिलाकर सेवन करने से धातु पुष्ट होती है.
Men's Sexual Problems

4) धातु स्राव
कई पुरुषों को पेशाब करने से पहले या बाद में तथा शौच के लिए अधिक जोर लगाने पर धातु स्राव होने लगता है. धातु स्राव की यह समस्या पुरुषों को अधिक कामुकता और कामुक विचारों के कारण होती है. धातु स्राव की समस्या से निदान पाने के लिए पुरुष घरेलू उपचारों का प्रयोग कर सकते हैं.

  • 20 ग्राम उड़द की दाल का आटा लेकर उसे गाय के दूध में उबालिए. फिर उसमें थोड़ा घी मिलाकर कुनकुना ही पीएं. इसका नियमित एक महीने तक सेवन करने से मूत्रमार्ग से होने वाला धातुस्राव बंद हो जाता है.
  • इलायचीदाने और सेंकी हुई हींग का लगभग 3 रत्ती चूर्ण घी और दूध के साथ सेवन करने से पेशाब में धातु जाती हो तो उसमें लाभ होता है.
  • 50 ग्राम इलायची, 10 ग्राम मिश्री और 15 तुलसी के पत्तों का क्वाथ बनाकर नियमित सेवन करें.
  • तुलसी की जड़ सुखाकर चूर्ण बना लें. एक ग्राम यह चूर्ण और एक ग्राम अश्‍वगंधा का चूर्ण मिलाकर खाएं और ऊपर से गाय का दूध पीएं.

5) सिफिलिस
सिफिलिस एक ऐसा यौन संक्रामक रोग (एसटीडी) है जो ट्रिपोनीमा पैलीडियम नामक जीवाणु से होता है. सिफ़िलिस का इलाज आसानी से किया जा सकता है, लेकिन अधिकांश संक्रमित व्यक्तियों को पता नहीं चलता कि उन्हें सिफ़िलिस हो गया है. यदि आप सिफ़िलिस का इलाज नहीं कराते हैं तो आगे चलकर आप अंधे हो सकते हैं, दिमागी संतुलन बिगड़ सकता है अथवा मृत्यु भी हो सकती है. अतः सिफिलिस का इलाज अवश्य कराएं.

  • मेहंदी के पत्तों का रस 40 मि.ली. निकालकर उसमें 20 ग्राम मिश्री मिलाकर पीने से सिफिलिस रोग ठीक होता है.
  • पुराने सिफिलिस (उपदंश) रोग में छोटी अरणी के पत्तों का रस 15 मि.ग्रा. दिन में 2-3 बार सेवन करने से लाभ होता है.
  • धतूरे की सूखी जड़ का चूर्ण बनाकर रख लें. इसे 2 चावल की मात्रा में पान में रखकर खाने से सिफिलिस रोग ठीक हो जाता है.

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6) सूजाक
सूजाक एक संक्रामक यौन रोग है. ये नीसेरिया गानोरिआ नामक जीवाणु से होता है जो महिला तथा पुरुषों में प्रजनन मार्ग के गर्म तथा गीले क्षेत्र में आसानी और बड़ी तेजी से बढ़ता है. इसके जीवाणु मुंह, गला, आंख तथा गुदा में भी बढ़ते हैं. सूजाक उन स्त्री-पुरुषों को होता है जो इस रोग से ग्रस्त व्यक्ति से यौन संपर्क करते हैं.

  • चंदन का तेल सूजाक के लिए रामबाण औषधि है. इसे 4-6 बूंद बताशे में रखकर सुबह-शाम खाने से 5-6 दिन में सूजाक ठीक हो जाता है.
  • गुलाब के पत्ते 5 ग्राम लेकर रात को 250 मि.ली. पानी में भिगो दें. सुबह उसे मसल-छानकर मिश्री मिलाकर पीएं.
Adults in sex position
  • आयुर्वेद की मानें तो बेटर सेक्स इक्स्पिरीयन्स के लिए आपको फ़िज़िकली फिट होना ज़रूरी है. 
  • अगर आप ओवर वेट हैं तो बेहतर होगा वज़न कम करने का प्रयास करें.
  • पिरीयड्स के दौरान सेक्स अवॉड करना चाहिए. 
  • सेक्स के बेहतर अनुभव के लिए अपने प्राइवट पार्ट्स क्लीन रखने ज़रूरी हैं.
  • यहां तक कि ओवर ऑल हाइजीन भी बहुत ज़रूरी है. 
  • अपनी ओरल हेल्थ का ख़याल रखें. सांस में बदबू, शरीर से पसीने की दुर्गंध सेक्स अनुभव को ख़राब कर सकती है.
  • मौसम का भी आपकी सेक्स लाइफ़ पर प्रभाव होता है. मॉन्सून और गर्मी में शरीर को शक्ति कम होती है, इस दौरानकम सेक्स करना सही होता है और सर्दियों में शरीर को शक्ति बेहतर होती है, इसलिए यह बेस्ट सीज़न है रोज़ सेक्स करने का.
  • हालाँकि हर किसी को क्षमता अलग होती है और वो खुद इसे बेहतर जानते हैं.
  • अगर कोई सेक्स समस्या है तो नीम हकीमों के चक्कर में ना पड़ें बल्कि सही आयुर्वेदिक उपचार का सहारा लें.
  • सेक्स में एक दूसरे को तकलीफ़ ना दें, हिंसक सेक्स का आयुर्वेद विरोध करता है.
  • सेक्स हमेशा सॉफ़्ट और सूदिंग होना चाहिए.
  • भूखे पेट सेक्स ना करें, क्योंकि ऐसा करने पर आपको थकान, कमज़ोरी, सिर दर्द और चक्कर आने की समस्या होसकती है.
  • खाना खाने के फ़ौरन बाद भी सेक्स ना करें, क्योंकि खाने के बाद सेक्स करने से आपको गैस, असिडिटी, अपच, सीने में जलन, हृदय में भारीपन व सेक्स के दौरान भी थकान और सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है.
  • सबसे सही वक्त है खाने के २-३ घंटे बाद ही सेक्स करें.
  • योग व ध्यान से खुद को फिट रखें.
  • जब तक दोनों तैयार ना हों सेक्स ना करें.
  • फ़ोरप्ले और आफ़्टरप्ले ज़रूरी है.
  • शादी या पार्ट्नर के अलावा कहीं और सेक्स ना करें.
  • सेक्स को मशीनी क्रिया ना समझें, प्यार और भावनाओं से जोड़कर देखें.

सेक्स बूस्टर फ़ूड्स

Sex booster fruits
  • लहसुन, प्याज़ काफ़ी लाभकारी हैं, इन्हें देसी घी में पकाकर खायें.
  • बीटरूट, शकरकंद, पालक, कद्दू, भिंडी, सहेजन आदि देसी घी में पकाकर खायें.
  • ड्राई फ़्रूट्स और नट्स.
  • मसाले- अजवायन, हल्दी, लौंग, जीरा, केसर आदि.
  • गन्ना, गुड़.
  • दूध, दही, चीज़, देसी घी, पनीर.
  • आम, केला, अनार, कटहल, ख़रबूज़ा, तरबूज़, ऐवोकैडो, आडू, आलूबुखारा, नाशपाती.
  • अंडा, चिकन, सूप्स.
  • चावल, गेहूं और उड़द दाल.
  • शिलाजीत, अश्वगंधा, स्वर्णभस्म काफ़ी शक्तिवर्धक पदार्थ हैं. लेकिन ये विशेषज्ञ की सलाह से ही लें.

क्या ना खायें?

  • बहुत अधिक मसालेदार, तला-भुना, तेल वाला भोजन ना करें.
  • हल्का, सुपाच्य खाना खायें.
  • शराब, तम्बाकू व सिगरेट अवॉइड करें.
  • बहुत ज़्यादा चाय, कोल्ड ड्रिंक्स आदि भी ना पियें.
  •  देर रात तक ना जागें. 
  • टीवी बहुत ज़्यादा ना देखें.
  • एक ही जगह पर बहुत देर तक बैठे ना रहें. 
  • मोबाइल और कम्प्यूटर का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल ना करें.
  • पोर्न देखने की लत ना लगायें.

क्यों ज़रूरी हैं सेक्स बूस्टर फ़ूड्स?

Sex booster fruit
  • अखरोट स्पर्म की क्वालिटी बढ़ने में मदद करता है.
  • बादाम में मौजूद अमीनो ऐसिड इरेक्शन को बेहतर करने में मदद करता है. साथ ही रक्त संचार को बेहतर करता हैऔर रक्त धमनियों को रिलैक्स करता है.
  • तरबूज़ सेक्स एनर्जी, सेक्स की इच्छा और इरेक्शन को बेहतर करता है.
  • अंडे में भी मौजूद अमीनो ऐसिड इरेक्टायल डिसफ़ंक्शन को ठीक करने में मदद करता है.
  • केसर में प्राकृतिक रूप से सेक्स ड्राइव को बेहतर करने के गुण होते हैं और ये आपको सेक्स ऊर्जा को भी बढ़ाते है.
  • ऐवोकैडो में फ़ॉलिक ऐसिड और विटामिन बी 6 होता है जो हेल्दी सेक्स ड्राइव के लिए बहुत फायदेमंद रहता है.
  • पालक में फोलेट की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त संचार को बेहतर करने का महत्वपूर्ण तत्व है. इसमें मौजूदफ़ॉलिक ऐसिड सेक्स की क्रिया को बेहतर करने के लिए ज़रूरी है क्योंकि इसकी कमी से इरेक्शन की समस्या होसकती है.

यूं तो सेक्स (Sex) पर तमाम बातें लिखी व पढ़ी जाती रही हैं, पर यहां पर हमने पुरुषों की सेक्सुअल प्रॉब्लम्स (Male Sexual Problems) व उनके आसान नुस्ख़ों (Easy Remedies) के बारे में जानकारी देने की कोशिश की है. तो आइए, सेक्सुअल हेल्थ (Sexual Health) के घरेलू नुस्ख़ों (Home Remedies) के बारे में जानते हैं.

Male Sexual Problems

यदि आपको स्वप्नदोष (नाइट फॉल) की समस्या है, तो-

–     मुलहठी को कूट-पीसकर बारीक़ चूर्ण बना लें. इसे 3 ग्राम की मात्रा में एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर चाटें.

–     इलायची के दानों का चूर्ण व शक्कर सम मात्रा में लेकर आंवले के रस में खरल करके गोलियां बना लें. 1-1 गोली सुबह-शाम सेवन करें.

–     150 ग्राम त्रिफला (हरड़, आंवला व बहेड़ा) का बारीक़ चूर्ण लेकर उसमें 30 ग्राम कपूर व 150 ग्राम गुड़ मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बनाकर रख लें. 1-1 गोली सुबह व रात को सोने से पहले पानी के साथ लें.

–     10 ग्राम ताज़े आंवले का रस, 10 ग्राम गिलोय का रस व चुटकीभर शिलाजीत- सभी को मिलाकर मिश्री के चूर्ण के साथ सुबह-शाम सेवन करने से स्वप्नदोष की शिकायत दूर हो जाती है.

–     10-15 छुहारा घी में भूनकर सुबह चबाकर खाएं व ऊपर से इलायची, शक्कर व कौंच बीज का चूर्ण मिलाकर उबला हुआ दूध पीएं.

शीघ्रपतन (प्री-इजैकुलेशन) की शिकायत होने पर-

–  4-5 छुहारों को दूध में उबालकर खाएं व दूध पीएं. ऐसा सुबह-शाम 2-3 महीने तक करें.

–  आंवले का मुरब्बा बनाकर रख लें. 2-3 मुरब्बे हर रोज़ 40 दिनों तक खाएं. इससे सीमन (वीर्य) गाढ़ा होता है व शीघ्रपतन की समस्या भी दूर होती है.

–   2 गोली चंद्रप्रभावटी व 3 ग्राम शतावरी चूर्ण सुबह-शाम दूध के साथ लें.

–   10 ग्राम तुलसी के बीज, 20 ग्राम अकरकरा व 30 ग्राम मिश्री का चूर्ण बना लें व उसे बॉटल में भरकर रख दें. सुबह-शाम एक ग्राम चूर्ण दूध के साथ सेवन करें.

–   तुलसी की जड़ को सुखाकर चूर्ण बना लें. 1 ग्राम तुलसी का चूर्ण व 1 ग्राम अश्‍वगंधा का चूर्ण मिलाकर खाएं व ऊपर से गाय का दूध पीएं.

–   30 ग्राम जैतून का तेल व 10 ग्राम दालचीनी तेल को मिलाकर रख लें. इस तेल की 1-2 बूंद प्राइवेट पार्ट पर लगाकर मालिश करें.

यह भी पढ़ें:  माथे पर क्यों किस करते हैं पार्टनर्स? (What It Means When Partner Kisses On Forehead?)

Male Sexual Problems
नपुंसकता (इंपोटेंसी)

–    कद्दूकस किए हुए नारियल में 4-5 चम्मच बरगद का दूध व 2 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें. इस नुस्ख़े का एक-डेढ़ महीने तक सेवन करें. ध्यान रहे, इस दौरान सेक्सुअल रिलेशन  न रखें.

–   एक ग्लास दूध में 2 छुहारे डालकर पकाएं. थोड़ा-सा केसर भी डाल दें. जब दूध आधा रह जाए, तो आंच पर से उतार लें. ठंडा होने पर छुहारे को चबा-चबाकर खाएं और ऊपर से वही दूध पीएं. पानी बिल्कुल न पीएं. इसे रात को सोने से पहले लें.

–    300 ग्राम कद्दूकस किया हुआ नारियल, 150 ग्राम नारियल का पानी, 150 ग्राम गाय का घी व 300 ग्राम शक्कर- सब को मिलाकर धीमी आंच पर रखकर पाक तैयार करें. फिर 5-5 ग्राम दालचीनी, तमालपत्र, इलायची, जायफल, जावित्री, कालीमिर्च, सोंठ, जीरा, वायविडंग व सौंफ- सभी का चूर्ण उसमें मिलाकर पाक तैयार कर लें. ठंडा होने पर ढंक दें. इस पाक को 10 ग्राम की मात्रा में हर रोज़ खाकर ऊपर से दूध पीएं.

एक नज़र इन बातों पर भी…

–     ये धारणा ग़लत है कि पुरुष हमेशा सेक्स के लिए तैयार होते हैं या उनके मन में हमेशा सेक्स की ही बातें घूमती रहती हैं. पुरुषों को भी इमोशनल बॉन्डिंग की ज़रूरत होती है.

–     सेक्स के दौरान पहली बार दर्द होना स्वाभाविक-सी बात है. लेकिन यदि किसी स्त्री को इंटरकोर्स के दौरान हर बार दर्द महसूस होता हो, तो ये नॉर्मल नहीं है. अपने पार्टनर से इस बारे में बात करें व ज़रूरत हो, तो डॉक्टर से भी सलाह लें.

–     हर स्त्री की अपनी एक सेक्स पोज़ीशन या ख़ास अवस्था होती है, जिससे वो ऑर्गेज़्म तक भी पहुंचती है. इसलिए ज़रूरी है कि आप अपनी सही पोज़ीशन को पहचानें.

–     एक शोध के अनुसार, अच्छी व अधिक नींद से न केवल स्त्रियों में सेक्स की इच्छा बढ़ती है, बल्कि वे अपनी सेक्स लाइफ भी अच्छी तरह से एंजॉय करती हैं. स्टडी में पाया गया कि एक घंटे अतिरिक्त नींद लेनेवाली स्त्री में अगले दिन सेक्स की इच्छा 14% तक बढ़ जाती है.

– ऊषा गुप्ता

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यह सच है कि सेक्स और सेक्स से जुड़े विषयों पर हमारा समाज थोड़ा-बहुत खुलकर बात करने लगा है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि सेक्स को लेकर आज भी लोगों के मन में भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, क्योंकि सेक्स को लेकर कुछ खुलापन भले ही आ गया हो, लेकिन परिपक्वता अब भी नहीं आई है. ऐसे में यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या हम सेक्सुअली फिट हैं?

Sexual Fitness

– एक सामान्य इंसान को सेक्स की ज़रूरत और चाहत होती है.

– यह चाहत व ज़रूरत अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है. किसी को कम, किसी को ज़्यादा.

– इसी तरह आकर्षण होना भी स्वाभाविक है.

– फैंटसीज़ यानी कल्पना करना, जैसे- किसी ख़ास व्यक्ति की ओर यदि हम आकर्षित होते हैं, तो उसके बारे में सोचना और कल्पना में उसके साथ             सेक्स करना भी स्वाभाविक व सामान्य है.

– सेक्स की चाह होने पर मास्टरबेट करना भी हेल्दी माना जाता है.

– यदि आप में ऊपर बताए तमाम लक्षण मौजूद हैं, तो आप सेक्सुअली फिट हैं और यदि आप में सेक्स ड्राइव यानी सेक्स की चाह कम है या कम हो           रही है, तो आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम है.

–  अगर आप शादीशुदा हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ कितनी अच्छी है?

– क्या सेक्स से आपको और आपके पार्टनर को पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती?

– क्या सेक्स से आपको ऊब और बोरियत होने लगी है?

– क्या यह महज़ शारीरिक क्रिया बन गया है आपके लिए या अब भी भावनात्मक रूप से आप इसे आनंददायक क्रिया मानते हैं?

– ये तमाम सवाल ख़ुद से और अपने पार्टनर से करें, तो आप ख़ुद जान जाएंगे कि आप सेक्सुअली कितने फिट हैं.

व्यस्त ज़िंदगी में भी अगर सेक्स आपकी प्राथमिकताओं में से बाहर हो गया है, तो सचेत हो जाइए. शोधों में भी यह बात कई बार साबित हो चुकी है कि शादीशुदा लोग कुंवारे लोगों की अपेक्षा अधिक हेल्दी और लंबी ज़िंदगी जीते हैं. ऐसे में सेक्स के महत्व और सेक्सुअल फिटनेस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. सेक्सुअल फिटनेस को आप इस तरह से बांटकर देख सकते हैं-

भावनात्मक पहलू: अगर आपका अपने पार्टनर से भावनात्मक लगाव है, तो ज़ाहिर है सेक्स लाइफ बेहतर बनेगी, लेकिन अगर आप दोनों ही मशीनी ज़िंदगी जीने के आदी हो चले हैं, तो सेक्स की चाह भी कम होती चली जाएगी यानी आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम होती जाएगी.

स्पेशल टिप: ऐसे में ज़रूरी है पार्टनर के साथ समय बिताएं. प्यार भरी बातें करें, एक-दूसरे को सहयोग करें, जिसका सीधा प्रभाव आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ेगा.

मानसिक स्थिति: मानसिक तनाव, काम का बोझ और घरेलू ज़िम्मेदारियां भी आपको सेक्स के प्रति उदासीन बना देती हैं. बेहतर होगा कि अपने काम का तनाव बेडरूम में न ले जाएं. आप मिल-जुलकर हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, इसलिए अपने रिश्ते और सेक्स लाइफ पर इन रोज़मर्रा की बातों का असर न पड़ने दें.

स्पेशल टिप: पुरुषों की 90% सेक्स समस्या, जैसे- शीघ्रपतन आदि मानसिक अवस्था से ज़्यादा जुड़ी होती है, बजाय शारीरिक समस्या के. ठीक इसी तरह महिलाओं में योनि में सूखापन, दर्दयुक्त सेक्स आदि भी सेक्स के प्रति उदासीनता की वजह से हो सकता है.

शारीरिक पहलू: सेक्सुअल फिटनेस बहुत हद तक आपकी शारीरिक फिटनेस से भी जुड़ी होती है. अगर आपको कोई सेक्सुअल या शारीरिक समस्या है, तो काउंसलर या एक्सपर्ट की मदद लेने से परहेज़ न करें.

स्पेशल टिप: योग व एक्सरसाइज़ को भी अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं. साथ में जॉगिंग या योगा क्लासेस जॉइन करें, इससे आप दोनों में नज़दीकियां बढ़ेंगी, जिसका सकारात्मक असर आपकी सेक्सुअल फिटनेस पर पड़ेगा.

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नकारात्मक सोच से बचें

मन में बैठी भ्रांतियों व ग़लतफ़हमियों के कारण अपनी सेक्सुअल फिटनेस कम न होने दें- अधिकतर लोगों को लगता है कि फैंटसाइज़ करना, मास्टरबेट करना या किसी की तरफ़ आकर्षण महसूस करना ग़लत है. जबकि ये तमाम चीज़ें आपकी सेक्सुअल फिटनेस का अहम् हिस्सा हैं और आपकी फिटनेस को दर्शाती हैं.

सामाजिक व पारिवारिक पहलू

जहां तक महिलाओं की बात है, तो बचपन से ही पालन-पोषण अलग ढंग से होने के कारण या अन्य कारणों से भी वो सेक्स को लेकर उतनी उत्साहित नहीं रहतीं. उन्हें लगता है कि सेक्स के बारे में बात करना ग़लत है या चाहत होने पर भी सेक्स के लिए पहल न करना ही सही है, क्योंकि स्त्रियों को शर्मीला होना चाहिए और यही शर्मीलापन उनके संस्कार व चरित्र की सही व्याख्या करेगा. तमाम ऐसी बातें महिलाओं को सेक्सुअली अनफिट बनाती हैं और वो अपने पार्टनर को ठीक से सहयोग नहीं करतीं. इसके अलावा वो अपनी बॉडी को लेकर भी काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, उन्हें लगता है कि उनका फिगर या उनकी शारीरिक ख़ूबसूरती उनके पार्टनर को आकर्षित करने के लिए नाकाफ़ी है.

स्पेशल टिप: इस तरह की नकारात्मक सोच न रखें. फिज़िकल फिटनेस पर ध्यान ज़रूर दें, लेकिन मानसिक रूप से भी पॉज़ीटिव बनी रहें. आपका सहयोग और आपका प्यार आपकी शारीरिक ख़ूबसूरती से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है रिश्ते व सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए.

क्या करें?

– फोरप्ले ज़रूर करें. अच्छे सेक्स के लिए अच्छा फोरप्ले बहुत ज़रूरी है.

– इसी तरह से अच्छे सेक्स के लिए रोमांस होना भी बहुत ज़रूरी है, इसलिए व्यस्त दिनचर्या से रोमांटिक पलों को ज़रूर चुराएं.

– खान-पान हेल्दी हो. फिज़िकल फिटनेस आपको सेक्सुअली भी फिट रखेगी.

– सेक्स बूस्टर फूड को अपने डायट का हिस्सा बनाएं, जैसे- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, फ्लैक्स सीड(अलसी), सोयाबींस, सनफ्लावर सीड्स, सी फूड,                नट्स, ताज़ा फल, ख़ासकर विटामिन सी युक्त आदि. साथ ही एक्सरसाइज़ भी करें.

– जंक फूड, अल्कोहल का सेवन कम करें.

– तनाव से दूर रहें.

– अगर कोई समस्या हो, तो काउंसलर व एक्सपर्ट से सलाह लें.

– योगिनी भारद्वाज

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महिलाओं की संभोग की इच्छा कम क्यों हो जाती है? इसके बारे में कई बार महिलाएं ख़ुद भी नहीं जान पातीं. महिलाओं की संभोग की इच्छा कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- तनाव, कोई बीमारी, पति से मनमुटाव, खानपान, लाइफ स्टाइल, घर का माहौल आदि. कई बार महिलाओं की संभोग की इच्छा महीनों तक नहीं होती, जिससे पति से उनके रिश्तों में दूरियां आने लगती हैं और इसके परिणाम घातक हो सकते हैं. यदि आपको भी सेक्स की इच्छा नहीं होती और इसकी वजह आपको समझ नहीं आ रही है, तो साइकोलॉजिस्ट और वुमन हेल्थ काउंसलर नम्रता जैन आपको बताएंगी कि सेक्स की इच्छा न होने पर आपको क्या करना चाहिए.

Sex Drive

कई बार ऐसा होता है कि एक पार्टनर सेक्स चाहता है जबकि दूसरे की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं होती. ऐसे में कई बार हफ्तों और महीनों तक कपल्स सेक्स लाइफ एन्जॉय नहीं कर पाते. अगर आप भी इस तरह की समस्या से गुज़र रही हैं, तो आपको इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए साइकोलॉजिस्ट और वुमन हेल्थ काउंसलर नम्रता जैन आपको बताएंगी कुछ आसान उपाय जिन्हें अपनाकर आप इस समस्या से राहत पा सकती हैं. लाइफ स्टाइल, खानपान, आपसी रिश्ते, मानसिक स्वास्थ्य का हमारी सेक्स लाइफ पर क्या असर पड़ता है? ये भी हम आपको बता रहे हैं.

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महिलाओं की संभोग की इच्छा कम क्यों हो जाती है? जानने के लिए देखें वीडियो:

सेक्स ख़ुशहाल जीवन के लिए तो ज़रूरी है ही, ये (sexual health) आपकी सेहत के लिए भी फ़ायदेमंद है और आपको फिट और हेल्दी बनाए रखता है.

sexual health

सेक्स से रखें हृदय को स्वस्थ
जी हां, जो लोग ज़्यादा सेक्स (sexual health) करते हैं, उनका हृदय कम सेक्स करनेवालों की अपेक्षा सुरक्षित रहता है और उन्हें दिल की बीमारियां होने का ख़तरा भी कम होता है. हाल ही में ब्रिटिश शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला गया है. शोधकर्ताओं ने 900 पुरुषों पर अध्ययन किया तो पाया कि इनमें से जो पुरुष ह़फ़्ते में दो या अधिक बार सेक्स करते थे, उनमेेंं कम सेक्स करनेवाले पुरुषों की तुलना में हार्टअटैक का ख़तरा कम पाया गया, इसलिए दिल को सुरक्षित रखना है, तो सेक्स का आनंद लें.

महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस से बचाता है सेक्स
सेक्स महिलाओं की ख़ूबसूरती और फ़िटनेस तो बढ़ाता ही है, साथ ही उन्हें एंडोमेट्रिओसिस से भी सुरक्षा देता है. एंडोमेट्रिओसिस महिलाओं मेें होनेवाली एक आम समस्या है, जिससे उनमेेंं पेल्विस में दर्द और इंनफ़र्टिलिटी की शिकायत होती है. लेकिन एक शोध के अनुसार सेक्स में एक्टिव रहनेवाली महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस होने का ख़तरा कम होता है. शोध में ये भी पाया गया कि माहवारी के दौरान सेक्स(sexual health) करनेवाली महिलाओं में भी एंडोमेट्रिओसिस का ख़तरा 1.5 गुना कम हो जाता है.

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सेक्स का आनंद लें, प्रोस्टेट कैंसर से बचें
हालांकि अब तक ये माना जाता था कि सेक्स से प्रोस्टेट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन नए रिसर्च से पता चला है कि बार-बार स्खलन प्रोस्टेट कैंसर से सुरक्षा देता है. यह रिसर्च 20 के आयु वर्ग के पुरुषों पर किया गया, जिसमें पाया गया कि  जिन पुरुषों ने ह़फ़्ते में पांच बार सेक्स का आनंद उठाया, उनमेेंं ऐसे पुरुषों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर होने का ख़तरा एक तिहाई कम पाया गया, जो सेक्स(sexual health) का आनंद कम उठाते हैं, इसलिए सेक्स का आनंद लें और स्वस्थ रहें.

गर्भनिरोधक गोलियों से सेक्स इच्छा में कमी
न्यूयॉर्क में हाल ही में हुए शोधों से पता चला है कि गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन का सीधा असर महिलाओं की सेक्स इच्छा पर पड़ता है और इसका सेवन बंद करने के बाद एक साल बाद तक उनमें कामेच्छा की कमी की शिकायत पाई जाती है. हालांकि पूर्व में हुए शोधों से भी यह साबित हो चुका था कि गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से कामेच्छा की कमी, ऑर्गे़ज़म तक न पहुंचना और पीड़ायक सेक्स आदि साइड इ़फेक्ट्स हो सकते हैं, लेकिन उन शोधों में यह भी कहा गया था कि इन गोलियों का सेवन बंद करने के चार सप्ताह बाद हालात सामान्य हो जाते हैं, लेकिन हाल के शोधों से पता चला है कि ओवल्यूशन की प्रक्रिया रोकने के लिए ये गोलियां एक केमिकल का निर्माण करती हैं, जो टेस्टोस्टेरॉन का दमन करता है और जिसका असर गोलियों का सेवन बंद करने के एक साल तक रहता है, जिससे महिलाओं की कामेच्छा में कमी आ जाती है. लेकिन एक साल बाद महिलाओं का सेक्सुअल हेल्थ (sexual health) सामान्य हो जाता है. शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि डॉक्टर्स को ये गोलियां देने से पहले दंपतियों को इनके संभावित साइड इ़फेक्ट्स के बारे में बता देना चाहिए.

साइकल चलानेवाले पुरुष सावधान
रोज़ाना लंबे समय तक साइकल चलाने वाले पुरुषों की सेक्स(sexual health) लाइफ़ ख़तरे में हो सकती है, क्योंकि हाल के शोधों से पता चला है कि कई घंटों तक साइकल चलाने से पुरुषों के नपुंसक होने का ख़तरा बढ़ जाता है. जरनल ऑफ़ सेक्सुअल मेडिसिन में छपे रिपोर्ट के अनुसार जब साइकल सवार इसकी बूंद के आकार की लंबी नाक वाली सीट पर बैठता है, तो उसके शरीर का तिहाई वज़न साइकल की लंबी नाक वाले हिस्से पर पड़ता है, जिससे उसके पेल्विस पर दबाव पड़ता है. इससे 3 मिनट में ही उसके लिंग तक पहुंचनेवाली ऑक्सीजन की मात्रा 70-80 प्रतिशत कम हो जातीहै और ज़्यादा देर तक साइकल पर बैठने से तो ऑक्सीजन पहुंचना बिल्कुल ही बंद हो जाता है, जिसका असर उनके सेक्सुअल परफ़ॉर्मेंस पर पड़ता है और वे नपुंसकता के शिकार भी हो सकते हैं. हालांकि शोधकर्ताओं ने ये भी कहा है कि ये ज़रूरी नहीं कि हर साइकल चलानेवाला इसका शिकार हो, लेकिन जिनका वज़न ज़्यादा है, ऐसे साइकल चालकों के नपुंसक होने का ख़तरा होता है.

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1. सेक्स से रखें हृदय को स्वस्थ

जी हां, जो लोग ज़्यादा सेक्स करते हैं, उनका हृदय कम सेक्स (Things about Sexual Health) करनेवालों की अपेक्षा सुरक्षित रहता है और उन्हें दिल की बीमारियां होने का ख़तरा भी कम होता है. अगर यक़ीन न आए, तो ब्रिटिश शोधकर्ताओं द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन पर एक नज़र डालें. इन शोधकर्ताओं ने 900 पुरुषों पर अध्ययन किया, तो पाया कि इनमें से जो पुरुष ह़फ़्ते में दो या अधिक बार सेक्स करते थे, उनमें कम सेक्स करनेवाले पुरुषों की तुलना में हार्ट अटैक का ख़तरा कम पाया गया. इसलिए दिल को सुरक्षित रखना है, तो सेक्स का आनंद लें.

2. महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस से बचाता है सेक्स

सेक्स महिलाओं की ख़ूबसूरती और फिटनेस तो बढ़ाता ही है, साथ ही उन्हें एंडोमेट्रिओसिस से भी सुरक्षा देता है. एंडोमेट्रिओसिस महिलाओं में होनेवाली एक आम समस्या है, जिससे उनमें पेल्विस में दर्द और इंफर्टिलिटी की शिकायत होती है. लेकिन एक शोध के अनुसार सेक्स में एक्टिव रहनेवाली महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस होने का ख़तरा कम होता है. शोध में ये भी पाया गया कि माहवारी के दौरान सेक्स (Things about Sexual Health) करनेवाली महिलाओं में भी एंडोमेट्रिओसिस का ख़तरा 1.5 गुना कम हो जाता है.

3. सेक्स का आनंद लें, प्रोस्टेट कैंसर से बचें

हालांकि अब तक ये माना जाता था कि सेक्स (Things about Sexual Health) से प्रोस्टेट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन नए रिसर्च से पता चला है कि बार-बार स्खलन प्रोस्टेट कैंसर से सुरक्षा देता है. यह रिसर्च 20 के आयुवर्ग के पुरुषों पर किया गया, जिसमें पाया गया कि जिन पुरुषों ने ह़फ़्ते में पांच बार सेक्स का आनंद उठाया, उनमेेंं ऐसे पुरुषों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर होने का ख़तरा एक तिहाई कम पाया गया, जो सेक्स का आनंद कम उठाते हैं. इसलिए सेक्स का आनंद लें और स्वस्थ रहें.

4. गर्भनिरोधक गोलियों से सेक्स इच्छा में कमी

न्यूयॉर्क में हाल ही में हुए शोधों से पता चला है कि गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन का सीधा असर महिलाओं की सेक्स इच्छा पर पड़ता है और इसका सेवन बंद करने के बाद एक साल बाद तक उनमें कामेच्छा की कमी की शिकायत पाई जाती है. हालांकि पूर्व में हुए शोधों से भी यह साबित हो चुका था कि गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से कामेच्छा की कमी, ऑर्गेज़्म तक न पहुंचना और पीड़दायक सेक्स (Things about Sexual Health) आदि साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, लेकिन उन शोधों में यह भी कहा गया था कि इन गोलियों का सेवन बंद करने के चार सप्ताह बाद हालात सामान्य हो जाते हैं, लेकिन हाल के शोधों से पता चला है कि ओव्यूलेशन की प्रक्रिया रोकने के लिए ये गोलियां एक केमिकल का निर्माण करती हैं, जो टेस्टोस्टेरॉन का दमन करता है और जिसका असर गोलियों का सेवन बंद करने के एक साल तक रहता है, जिससे महिलाओं की कामेच्छा में कमी आ जाती है. लेकिन एक साल बाद महिलाओं का सेक्सुअल हेल्थ सामान्य हो जाता है. शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि डॉक्टर्स को ये गोलियां देने से पहले दंपत्तियों को इनके संभावित साइड इफेक्ट्स के बारे में बता देना चाहिए.

5. साइकल चलानेवाले पुरुष सावधान

रोज़ाना लंबे समय तक साइकल चलानेवाले पुरुषों की सेक्स लाइफ ख़तरे में हो सकती है, क्योंकि हाल के शोधों से पता चला है कि कई घंटों तक साइकल चलाने से पुरुषों के नपुंसक होने का ख़तरा बढ़ जाता है. जरनल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपे रिपोर्ट के अनुसार जब साइकल सवार इसकी बूंद के आकार की लंबी नाकवाली सीट पर बैठता है, तो उसके शरीर का तिहाई वज़न साइकल की लंबी नाकवाले हिस्से पर पड़ता है, जिससे उसके पेल्विस पर दबाव पड़ता है. इससे 3 मिनट में ही उसके लिंग तक पहुंचनेवाली ऑक्सीजन की मात्रा 70-80 प्रतिशत कम हो जातीहै और ज़्यादा देर तक साइकल पर बैठने से तो ऑक्सीजन पहुंचना बिल्कुल ही बंद हो जाता है, जिसका असर उनके सेक्सुअल (Things about Sexual Health) परफॉर्मेंस पर पड़ता है और वे नपुंसकता के शिकार भी हो सकते हैं. हालांकि शोधकर्ताओं ने ये भी कहा है कि ये ज़रूरी नहीं कि हर साइकल चलानेवाला इसका शिकार हो, लेकिन जिनका वज़न ज़्यादा है, ऐसे साइकल चालकों के नपुंसक होने का ख़तरा ज़्यादा होता है.