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क्या होती है सेक्सुअल फिटनेस? (What Is Sexual Fitness?)

यह सच है कि सेक्स और सेक्स से जुड़े विषयों पर हमारा समाज थोड़ा-बहुत खुलकर बात करने लगा है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि सेक्स को लेकर आज भी लोगों के मन में भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, क्योंकि सेक्स को लेकर कुछ खुलापन भले ही आ गया हो, लेकिन परिपक्वता अब भी नहीं आई है. ऐसे में यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या हम सेक्सुअली फिट हैं?

Sexual Fitness

– एक सामान्य इंसान को सेक्स की ज़रूरत और चाहत होती है.

– यह चाहत व ज़रूरत अलग-अलग लोगों में अलग-अलग हो सकती है. किसी को कम, किसी को ज़्यादा.

– इसी तरह आकर्षण होना भी स्वाभाविक है.

– फैंटसीज़ यानी कल्पना करना, जैसे- किसी ख़ास व्यक्ति की ओर यदि हम आकर्षित होते हैं, तो उसके बारे में सोचना और कल्पना में उसके साथ             सेक्स करना भी स्वाभाविक व सामान्य है.

– सेक्स की चाह होने पर मास्टरबेट करना भी हेल्दी माना जाता है.

– यदि आप में ऊपर बताए तमाम लक्षण मौजूद हैं, तो आप सेक्सुअली फिट हैं और यदि आप में सेक्स ड्राइव यानी सेक्स की चाह कम है या कम हो           रही है, तो आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम है.

–  अगर आप शादीशुदा हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ कितनी अच्छी है?

– क्या सेक्स से आपको और आपके पार्टनर को पहले जैसी संतुष्टि नहीं मिलती?

– क्या सेक्स से आपको ऊब और बोरियत होने लगी है?

– क्या यह महज़ शारीरिक क्रिया बन गया है आपके लिए या अब भी भावनात्मक रूप से आप इसे आनंददायक क्रिया मानते हैं?

– ये तमाम सवाल ख़ुद से और अपने पार्टनर से करें, तो आप ख़ुद जान जाएंगे कि आप सेक्सुअली कितने फिट हैं.

व्यस्त ज़िंदगी में भी अगर सेक्स आपकी प्राथमिकताओं में से बाहर हो गया है, तो सचेत हो जाइए. शोधों में भी यह बात कई बार साबित हो चुकी है कि शादीशुदा लोग कुंवारे लोगों की अपेक्षा अधिक हेल्दी और लंबी ज़िंदगी जीते हैं. ऐसे में सेक्स के महत्व और सेक्सुअल फिटनेस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. सेक्सुअल फिटनेस को आप इस तरह से बांटकर देख सकते हैं-

भावनात्मक पहलू: अगर आपका अपने पार्टनर से भावनात्मक लगाव है, तो ज़ाहिर है सेक्स लाइफ बेहतर बनेगी, लेकिन अगर आप दोनों ही मशीनी ज़िंदगी जीने के आदी हो चले हैं, तो सेक्स की चाह भी कम होती चली जाएगी यानी आपकी सेक्सुअल फिटनेस कम होती जाएगी.

स्पेशल टिप: ऐसे में ज़रूरी है पार्टनर के साथ समय बिताएं. प्यार भरी बातें करें, एक-दूसरे को सहयोग करें, जिसका सीधा प्रभाव आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ेगा.

मानसिक स्थिति: मानसिक तनाव, काम का बोझ और घरेलू ज़िम्मेदारियां भी आपको सेक्स के प्रति उदासीन बना देती हैं. बेहतर होगा कि अपने काम का तनाव बेडरूम में न ले जाएं. आप मिल-जुलकर हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, इसलिए अपने रिश्ते और सेक्स लाइफ पर इन रोज़मर्रा की बातों का असर न पड़ने दें.

स्पेशल टिप: पुरुषों की 90% सेक्स समस्या, जैसे- शीघ्रपतन आदि मानसिक अवस्था से ज़्यादा जुड़ी होती है, बजाय शारीरिक समस्या के. ठीक इसी तरह महिलाओं में योनि में सूखापन, दर्दयुक्त सेक्स आदि भी सेक्स के प्रति उदासीनता की वजह से हो सकता है.

शारीरिक पहलू: सेक्सुअल फिटनेस बहुत हद तक आपकी शारीरिक फिटनेस से भी जुड़ी होती है. अगर आपको कोई सेक्सुअल या शारीरिक समस्या है, तो काउंसलर या एक्सपर्ट की मदद लेने से परहेज़ न करें.

स्पेशल टिप: योग व एक्सरसाइज़ को भी अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं. साथ में जॉगिंग या योगा क्लासेस जॉइन करें, इससे आप दोनों में नज़दीकियां बढ़ेंगी, जिसका सकारात्मक असर आपकी सेक्सुअल फिटनेस पर पड़ेगा.

 Sexual Fitness
नकारात्मक सोच से बचें

मन में बैठी भ्रांतियों व ग़लतफ़हमियों के कारण अपनी सेक्सुअल फिटनेस कम न होने दें- अधिकतर लोगों को लगता है कि फैंटसाइज़ करना, मास्टरबेट करना या किसी की तरफ़ आकर्षण महसूस करना ग़लत है. जबकि ये तमाम चीज़ें आपकी सेक्सुअल फिटनेस का अहम् हिस्सा हैं और आपकी फिटनेस को दर्शाती हैं.

सामाजिक व पारिवारिक पहलू

जहां तक महिलाओं की बात है, तो बचपन से ही पालन-पोषण अलग ढंग से होने के कारण या अन्य कारणों से भी वो सेक्स को लेकर उतनी उत्साहित नहीं रहतीं. उन्हें लगता है कि सेक्स के बारे में बात करना ग़लत है या चाहत होने पर भी सेक्स के लिए पहल न करना ही सही है, क्योंकि स्त्रियों को शर्मीला होना चाहिए और यही शर्मीलापन उनके संस्कार व चरित्र की सही व्याख्या करेगा. तमाम ऐसी बातें महिलाओं को सेक्सुअली अनफिट बनाती हैं और वो अपने पार्टनर को ठीक से सहयोग नहीं करतीं. इसके अलावा वो अपनी बॉडी को लेकर भी काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, उन्हें लगता है कि उनका फिगर या उनकी शारीरिक ख़ूबसूरती उनके पार्टनर को आकर्षित करने के लिए नाकाफ़ी है.

स्पेशल टिप: इस तरह की नकारात्मक सोच न रखें. फिज़िकल फिटनेस पर ध्यान ज़रूर दें, लेकिन मानसिक रूप से भी पॉज़ीटिव बनी रहें. आपका सहयोग और आपका प्यार आपकी शारीरिक ख़ूबसूरती से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है रिश्ते व सेक्स लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए.

क्या करें?

– फोरप्ले ज़रूर करें. अच्छे सेक्स के लिए अच्छा फोरप्ले बहुत ज़रूरी है.

– इसी तरह से अच्छे सेक्स के लिए रोमांस होना भी बहुत ज़रूरी है, इसलिए व्यस्त दिनचर्या से रोमांटिक पलों को ज़रूर चुराएं.

– खान-पान हेल्दी हो. फिज़िकल फिटनेस आपको सेक्सुअली भी फिट रखेगी.

– सेक्स बूस्टर फूड को अपने डायट का हिस्सा बनाएं, जैसे- हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, फ्लैक्स सीड(अलसी), सोयाबींस, सनफ्लावर सीड्स, सी फूड,                नट्स, ताज़ा फल, ख़ासकर विटामिन सी युक्त आदि. साथ ही एक्सरसाइज़ भी करें.

– जंक फूड, अल्कोहल का सेवन कम करें.

– तनाव से दूर रहें.

– अगर कोई समस्या हो, तो काउंसलर व एक्सपर्ट से सलाह लें.

– योगिनी भारद्वाज

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महिलाओं की संभोग की इच्छा कम क्यों हो जाती है? (How To Get Your Sex Drive Back)

महिलाओं की संभोग की इच्छा कम क्यों हो जाती है? इसके बारे में कई बार महिलाएं ख़ुद भी नहीं जान पातीं. महिलाओं की संभोग की इच्छा कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- तनाव, कोई बीमारी, पति से मनमुटाव, खानपान, लाइफ स्टाइल, घर का माहौल आदि. कई बार महिलाओं की संभोग की इच्छा महीनों तक नहीं होती, जिससे पति से उनके रिश्तों में दूरियां आने लगती हैं और इसके परिणाम घातक हो सकते हैं. यदि आपको भी सेक्स की इच्छा नहीं होती और इसकी वजह आपको समझ नहीं आ रही है, तो साइकोलॉजिस्ट और वुमन हेल्थ काउंसलर नम्रता जैन आपको बताएंगी कि सेक्स की इच्छा न होने पर आपको क्या करना चाहिए.

Sex Drive

कई बार ऐसा होता है कि एक पार्टनर सेक्स चाहता है जबकि दूसरे की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं होती. ऐसे में कई बार हफ्तों और महीनों तक कपल्स सेक्स लाइफ एन्जॉय नहीं कर पाते. अगर आप भी इस तरह की समस्या से गुज़र रही हैं, तो आपको इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए साइकोलॉजिस्ट और वुमन हेल्थ काउंसलर नम्रता जैन आपको बताएंगी कुछ आसान उपाय जिन्हें अपनाकर आप इस समस्या से राहत पा सकती हैं. लाइफ स्टाइल, खानपान, आपसी रिश्ते, मानसिक स्वास्थ्य का हमारी सेक्स लाइफ पर क्या असर पड़ता है? ये भी हम आपको बता रहे हैं.

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महिलाओं की संभोग की इच्छा कम क्यों हो जाती है? जानने के लिए देखें वीडियो:

5 बातें सेक्सुअल हेल्थ के बारे में (5 things you need to know about sexual health)

sexual health

सेक्स ख़ुशहाल जीवन के लिए तो ज़रूरी है ही, ये (sexual health) आपकी सेहत के लिए भी फ़ायदेमंद है और आपको फिट और हेल्दी बनाए रखता है.

sexual health

सेक्स से रखें हृदय को स्वस्थ
जी हां, जो लोग ज़्यादा सेक्स (sexual health) करते हैं, उनका हृदय कम सेक्स करनेवालों की अपेक्षा सुरक्षित रहता है और उन्हें दिल की बीमारियां होने का ख़तरा भी कम होता है. हाल ही में ब्रिटिश शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला गया है. शोधकर्ताओं ने 900 पुरुषों पर अध्ययन किया तो पाया कि इनमें से जो पुरुष ह़फ़्ते में दो या अधिक बार सेक्स करते थे, उनमेेंं कम सेक्स करनेवाले पुरुषों की तुलना में हार्टअटैक का ख़तरा कम पाया गया, इसलिए दिल को सुरक्षित रखना है, तो सेक्स का आनंद लें.

महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस से बचाता है सेक्स
सेक्स महिलाओं की ख़ूबसूरती और फ़िटनेस तो बढ़ाता ही है, साथ ही उन्हें एंडोमेट्रिओसिस से भी सुरक्षा देता है. एंडोमेट्रिओसिस महिलाओं मेें होनेवाली एक आम समस्या है, जिससे उनमेेंं पेल्विस में दर्द और इंनफ़र्टिलिटी की शिकायत होती है. लेकिन एक शोध के अनुसार सेक्स में एक्टिव रहनेवाली महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस होने का ख़तरा कम होता है. शोध में ये भी पाया गया कि माहवारी के दौरान सेक्स(sexual health) करनेवाली महिलाओं में भी एंडोमेट्रिओसिस का ख़तरा 1.5 गुना कम हो जाता है.

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सेक्स का आनंद लें, प्रोस्टेट कैंसर से बचें
हालांकि अब तक ये माना जाता था कि सेक्स से प्रोस्टेट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन नए रिसर्च से पता चला है कि बार-बार स्खलन प्रोस्टेट कैंसर से सुरक्षा देता है. यह रिसर्च 20 के आयु वर्ग के पुरुषों पर किया गया, जिसमें पाया गया कि  जिन पुरुषों ने ह़फ़्ते में पांच बार सेक्स का आनंद उठाया, उनमेेंं ऐसे पुरुषों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर होने का ख़तरा एक तिहाई कम पाया गया, जो सेक्स(sexual health) का आनंद कम उठाते हैं, इसलिए सेक्स का आनंद लें और स्वस्थ रहें.

गर्भनिरोधक गोलियों से सेक्स इच्छा में कमी
न्यूयॉर्क में हाल ही में हुए शोधों से पता चला है कि गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन का सीधा असर महिलाओं की सेक्स इच्छा पर पड़ता है और इसका सेवन बंद करने के बाद एक साल बाद तक उनमें कामेच्छा की कमी की शिकायत पाई जाती है. हालांकि पूर्व में हुए शोधों से भी यह साबित हो चुका था कि गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से कामेच्छा की कमी, ऑर्गे़ज़म तक न पहुंचना और पीड़ायक सेक्स आदि साइड इ़फेक्ट्स हो सकते हैं, लेकिन उन शोधों में यह भी कहा गया था कि इन गोलियों का सेवन बंद करने के चार सप्ताह बाद हालात सामान्य हो जाते हैं, लेकिन हाल के शोधों से पता चला है कि ओवल्यूशन की प्रक्रिया रोकने के लिए ये गोलियां एक केमिकल का निर्माण करती हैं, जो टेस्टोस्टेरॉन का दमन करता है और जिसका असर गोलियों का सेवन बंद करने के एक साल तक रहता है, जिससे महिलाओं की कामेच्छा में कमी आ जाती है. लेकिन एक साल बाद महिलाओं का सेक्सुअल हेल्थ (sexual health) सामान्य हो जाता है. शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि डॉक्टर्स को ये गोलियां देने से पहले दंपतियों को इनके संभावित साइड इ़फेक्ट्स के बारे में बता देना चाहिए.

साइकल चलानेवाले पुरुष सावधान
रोज़ाना लंबे समय तक साइकल चलाने वाले पुरुषों की सेक्स(sexual health) लाइफ़ ख़तरे में हो सकती है, क्योंकि हाल के शोधों से पता चला है कि कई घंटों तक साइकल चलाने से पुरुषों के नपुंसक होने का ख़तरा बढ़ जाता है. जरनल ऑफ़ सेक्सुअल मेडिसिन में छपे रिपोर्ट के अनुसार जब साइकल सवार इसकी बूंद के आकार की लंबी नाक वाली सीट पर बैठता है, तो उसके शरीर का तिहाई वज़न साइकल की लंबी नाक वाले हिस्से पर पड़ता है, जिससे उसके पेल्विस पर दबाव पड़ता है. इससे 3 मिनट में ही उसके लिंग तक पहुंचनेवाली ऑक्सीजन की मात्रा 70-80 प्रतिशत कम हो जातीहै और ज़्यादा देर तक साइकल पर बैठने से तो ऑक्सीजन पहुंचना बिल्कुल ही बंद हो जाता है, जिसका असर उनके सेक्सुअल परफ़ॉर्मेंस पर पड़ता है और वे नपुंसकता के शिकार भी हो सकते हैं. हालांकि शोधकर्ताओं ने ये भी कहा है कि ये ज़रूरी नहीं कि हर साइकल चलानेवाला इसका शिकार हो, लेकिन जिनका वज़न ज़्यादा है, ऐसे साइकल चालकों के नपुंसक होने का ख़तरा होता है.

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5 बातें सेक्सुअल हेल्थ के बारे में (5 Things about Sexual Health)

Things about Sexual Health

Things about Sexual Health

1. सेक्स से रखें हृदय को स्वस्थ

जी हां, जो लोग ज़्यादा सेक्स करते हैं, उनका हृदय कम सेक्स (Things about Sexual Health) करनेवालों की अपेक्षा सुरक्षित रहता है और उन्हें दिल की बीमारियां होने का ख़तरा भी कम होता है. अगर यक़ीन न आए, तो ब्रिटिश शोधकर्ताओं द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन पर एक नज़र डालें. इन शोधकर्ताओं ने 900 पुरुषों पर अध्ययन किया, तो पाया कि इनमें से जो पुरुष ह़फ़्ते में दो या अधिक बार सेक्स करते थे, उनमें कम सेक्स करनेवाले पुरुषों की तुलना में हार्ट अटैक का ख़तरा कम पाया गया. इसलिए दिल को सुरक्षित रखना है, तो सेक्स का आनंद लें.

2. महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस से बचाता है सेक्स

सेक्स महिलाओं की ख़ूबसूरती और फिटनेस तो बढ़ाता ही है, साथ ही उन्हें एंडोमेट्रिओसिस से भी सुरक्षा देता है. एंडोमेट्रिओसिस महिलाओं में होनेवाली एक आम समस्या है, जिससे उनमें पेल्विस में दर्द और इंफर्टिलिटी की शिकायत होती है. लेकिन एक शोध के अनुसार सेक्स में एक्टिव रहनेवाली महिलाओं को एंडोमेट्रिओसिस होने का ख़तरा कम होता है. शोध में ये भी पाया गया कि माहवारी के दौरान सेक्स (Things about Sexual Health) करनेवाली महिलाओं में भी एंडोमेट्रिओसिस का ख़तरा 1.5 गुना कम हो जाता है.

3. सेक्स का आनंद लें, प्रोस्टेट कैंसर से बचें

हालांकि अब तक ये माना जाता था कि सेक्स (Things about Sexual Health) से प्रोस्टेट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन नए रिसर्च से पता चला है कि बार-बार स्खलन प्रोस्टेट कैंसर से सुरक्षा देता है. यह रिसर्च 20 के आयुवर्ग के पुरुषों पर किया गया, जिसमें पाया गया कि जिन पुरुषों ने ह़फ़्ते में पांच बार सेक्स का आनंद उठाया, उनमेेंं ऐसे पुरुषों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर होने का ख़तरा एक तिहाई कम पाया गया, जो सेक्स का आनंद कम उठाते हैं. इसलिए सेक्स का आनंद लें और स्वस्थ रहें.

4. गर्भनिरोधक गोलियों से सेक्स इच्छा में कमी

न्यूयॉर्क में हाल ही में हुए शोधों से पता चला है कि गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन का सीधा असर महिलाओं की सेक्स इच्छा पर पड़ता है और इसका सेवन बंद करने के बाद एक साल बाद तक उनमें कामेच्छा की कमी की शिकायत पाई जाती है. हालांकि पूर्व में हुए शोधों से भी यह साबित हो चुका था कि गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से कामेच्छा की कमी, ऑर्गेज़्म तक न पहुंचना और पीड़दायक सेक्स (Things about Sexual Health) आदि साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, लेकिन उन शोधों में यह भी कहा गया था कि इन गोलियों का सेवन बंद करने के चार सप्ताह बाद हालात सामान्य हो जाते हैं, लेकिन हाल के शोधों से पता चला है कि ओव्यूलेशन की प्रक्रिया रोकने के लिए ये गोलियां एक केमिकल का निर्माण करती हैं, जो टेस्टोस्टेरॉन का दमन करता है और जिसका असर गोलियों का सेवन बंद करने के एक साल तक रहता है, जिससे महिलाओं की कामेच्छा में कमी आ जाती है. लेकिन एक साल बाद महिलाओं का सेक्सुअल हेल्थ सामान्य हो जाता है. शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि डॉक्टर्स को ये गोलियां देने से पहले दंपत्तियों को इनके संभावित साइड इफेक्ट्स के बारे में बता देना चाहिए.

5. साइकल चलानेवाले पुरुष सावधान

रोज़ाना लंबे समय तक साइकल चलानेवाले पुरुषों की सेक्स लाइफ ख़तरे में हो सकती है, क्योंकि हाल के शोधों से पता चला है कि कई घंटों तक साइकल चलाने से पुरुषों के नपुंसक होने का ख़तरा बढ़ जाता है. जरनल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपे रिपोर्ट के अनुसार जब साइकल सवार इसकी बूंद के आकार की लंबी नाकवाली सीट पर बैठता है, तो उसके शरीर का तिहाई वज़न साइकल की लंबी नाकवाले हिस्से पर पड़ता है, जिससे उसके पेल्विस पर दबाव पड़ता है. इससे 3 मिनट में ही उसके लिंग तक पहुंचनेवाली ऑक्सीजन की मात्रा 70-80 प्रतिशत कम हो जातीहै और ज़्यादा देर तक साइकल पर बैठने से तो ऑक्सीजन पहुंचना बिल्कुल ही बंद हो जाता है, जिसका असर उनके सेक्सुअल (Things about Sexual Health) परफॉर्मेंस पर पड़ता है और वे नपुंसकता के शिकार भी हो सकते हैं. हालांकि शोधकर्ताओं ने ये भी कहा है कि ये ज़रूरी नहीं कि हर साइकल चलानेवाला इसका शिकार हो, लेकिन जिनका वज़न ज़्यादा है, ऐसे साइकल चालकों के नपुंसक होने का ख़तरा ज़्यादा होता है.