sexual hygiene


अक्सर हमारे देश में अपने प्राइवेट पार्ट की हेल्थ और हाइजीन की ज़रूरत का महत्व लोग नहीं समझते. शायद इस तरफ़ उनका ध्यान ही नहीं जाता, क्योंकि ये बातें बचपन से घर पर भी नहीं सिखाई जातीं. लेकिन अब व़क्त बदल रहा है, ऐसे में सेक्सुअल हाइजीन के महत्व को समझना बेहद ज़रूरी है.

क्या करें?

Sexual Hygiene


– हमेशा क्लीन और ड्राय अंडरगार्मेंट्स पहनें.

– वर्कआउट या जॉगिंग के बाद अक्सर पसीने से अंडरगार्मेंट्स भी भीग जाते हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया पनपने का ख़तरा बढ़ जाता है. बेहतर होगा उन्हें घर लौटते ही बदल दें.

– अंडरगार्मेंट्स को हर 3 महीने में बदल दें. हमारे यहां हालांकि ये ट्रेंड है ही नहीं और लोग अंडरगार्मेंट्स तब तक नहीं बदलते जब तक कि वो फट न जाएं और उसकी इलास्टिक खराब न हो जाए, पर ये सेक्सुअल हाइजीन के हिसाब से बहुत ही अनहेल्दी है.

– बहुत ज़्यादा टाइट अंडरवेयर पहनने से बचें. लूज़ कंफरटेबल अंडरगार्मेंट्स पहनें.

– इसी तरह से सिंथेटिक की बजाय कॉटन के अंडरवेयर बेहतर होते हैं.

– नहाते समय पुरुष अपने प्राइवेट पार्ट को गुनगुने पानी से क्लीन करें. वरना वहां डेड स्किन जमा हो जाती है, जो अपने आपमें तो हानिकारक नहीं होती, लेकिन उसकी वजह से इंफेक्शन्स, जलन व खुजली जैसी समस्या हो सकती है.

– महिलाओं को भी प्राइवेट पार्ट की सफ़ाई पर बहुत ध्यान देना चाहिए. वेजाइना को गुनगुने पानी से क्लीन करें. ख़ासतौर से पीरियड्स के समय तो और भी सतर्क रहना चाहिए.

– वेजाइनल वॉश का इस्तेमाल करें, ये आपके प्राइवेट पार्ट की बेहतर केअर करेगा.

– नियमित रूप से पैड्स या टैंपून्स चेंज करें.

Sexual Hygiene



– वेजाइनल क्लीनिंग के समय भी ध्यान रखें कि बहुत ही माइल्ड तरी़के से क्लीन करें. पानी की तेज़ धार से पीएच बैलेंस पर गड़बड़ा जाता है और वेजाइनल इंफेक्शन्स का ख़तरा भी कई गुना बढ़ जाता है.

– वेजाइनल पीएच बैलेंस को प्रोटेक्ट करना बहुत ज़रूरी है. यदि सही पीएच बैलेंस बना रहे, तो वो हेल्दी बैक्टीरिया की ग्रोथ को बढ़ाता है.

– पब्लिक टॉयलेट के इस्तेमाल के समय खासतौर पर सतर्क रहें, क्योंकि अक्सर कई तरह के इंफेक्शन्स हमें यहीं से मिलते हैं.

– यदि किसी तरह का कोई इंफेक्शन हो जाए, तो समय पर सही इलाज व सही केयर करें, ताकि वह बढ़े नहीं और भविष्य में इंफेक्शन न हो. हर हाल में सतर्कता बरतें.

सेक्सुअल हेल्थ भी है ज़रूरी

– हाइजीन के साथ-साथ सेक्सुअल हेल्थ का भी ध्यान रखें. इसके लिए सही-संतुलित डायट बेहद ज़रूरी है, क्योंकि डायट भी आपको इंफेक्शन्स से बचा सकती है. दही और क्रैनबेरी जूस आपका यीस्ट इंफेक्शन से बचाव करते हैं.

– यदि आप वेजाइनल ड्रायनेस महसूस कर रही हैं, तो सोया प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करें, क्योंकि इनमें एस्ट्रोजन का एक प्रकार पाया जाता है, जो नेचुरल लूब्रिकेशन को बढ़ाता है.

– स़िर्फ डायट ही नहीं, सही एक्सरसाइज़ भी सेक्सुअल हेल्थ के लिए ज़रूरी है.

– पेल्विक एक्सरसाइज़ व कई तरह के योग से आप अपनी सेक्सुअल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं.


रिश्ता भी हो सकता है प्रभावित

जी हां, सेक्सुअल हाइजीन व हेल्थ को नज़रअंदाज़ करने पर आपके रिश्ते व सेक्स लाइफ पर बुरा असर हो सकता है. आप में उनकी दिलचस्पी भी कम होने लगती है और रिश्तों में दरार आ सकती है.

– यही नहीं, हो सकता है आपकी नासमझी आपको और आपके पार्टनर को कोई गंभीर इंफेक्शन या सेक्स डिसीज़ दे दे, जो बेहद ख़तरनाक हो सकती है.

– दोनों पार्टनर सेक्स से पहले व बाद में भी हाथों और नाख़ूनों को अच्छी तरह क्लीन कर लें, ताकि प्राइवेट पार्ट में किसी भी तरह के बैक्टीरिया या जर्म्स न पहुंच पाएं.

– नियमित रूप से बालों को भी शेव करें, ताकि सफ़ाई रखने में आसानी हो.

– बेहतर होगा सतर्क हो जाएं और सेक्सुअल हाइजीन के महत्व को समझकर इसे अपने जीवन में अपनाएं. इससे आपकी लाइफ और भी हेल्दी व हैप्पी बनेगी.




Adults in sex position
  • आयुर्वेद की मानें तो बेटर सेक्स इक्स्पिरीयन्स के लिए आपको फ़िज़िकली फिट होना ज़रूरी है. 
  • अगर आप ओवर वेट हैं तो बेहतर होगा वज़न कम करने का प्रयास करें.
  • पिरीयड्स के दौरान सेक्स अवॉड करना चाहिए. 
  • सेक्स के बेहतर अनुभव के लिए अपने प्राइवट पार्ट्स क्लीन रखने ज़रूरी हैं.
  • यहां तक कि ओवर ऑल हाइजीन भी बहुत ज़रूरी है. 
  • अपनी ओरल हेल्थ का ख़याल रखें. सांस में बदबू, शरीर से पसीने की दुर्गंध सेक्स अनुभव को ख़राब कर सकती है.
  • मौसम का भी आपकी सेक्स लाइफ़ पर प्रभाव होता है. मॉन्सून और गर्मी में शरीर को शक्ति कम होती है, इस दौरानकम सेक्स करना सही होता है और सर्दियों में शरीर को शक्ति बेहतर होती है, इसलिए यह बेस्ट सीज़न है रोज़ सेक्स करने का.
  • हालाँकि हर किसी को क्षमता अलग होती है और वो खुद इसे बेहतर जानते हैं.
  • अगर कोई सेक्स समस्या है तो नीम हकीमों के चक्कर में ना पड़ें बल्कि सही आयुर्वेदिक उपचार का सहारा लें.
  • सेक्स में एक दूसरे को तकलीफ़ ना दें, हिंसक सेक्स का आयुर्वेद विरोध करता है.
  • सेक्स हमेशा सॉफ़्ट और सूदिंग होना चाहिए.
  • भूखे पेट सेक्स ना करें, क्योंकि ऐसा करने पर आपको थकान, कमज़ोरी, सिर दर्द और चक्कर आने की समस्या होसकती है.
  • खाना खाने के फ़ौरन बाद भी सेक्स ना करें, क्योंकि खाने के बाद सेक्स करने से आपको गैस, असिडिटी, अपच, सीने में जलन, हृदय में भारीपन व सेक्स के दौरान भी थकान और सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है.
  • सबसे सही वक्त है खाने के २-३ घंटे बाद ही सेक्स करें.
  • योग व ध्यान से खुद को फिट रखें.
  • जब तक दोनों तैयार ना हों सेक्स ना करें.
  • फ़ोरप्ले और आफ़्टरप्ले ज़रूरी है.
  • शादी या पार्ट्नर के अलावा कहीं और सेक्स ना करें.
  • सेक्स को मशीनी क्रिया ना समझें, प्यार और भावनाओं से जोड़कर देखें.

सेक्स बूस्टर फ़ूड्स

Sex booster fruits
  • लहसुन, प्याज़ काफ़ी लाभकारी हैं, इन्हें देसी घी में पकाकर खायें.
  • बीटरूट, शकरकंद, पालक, कद्दू, भिंडी, सहेजन आदि देसी घी में पकाकर खायें.
  • ड्राई फ़्रूट्स और नट्स.
  • मसाले- अजवायन, हल्दी, लौंग, जीरा, केसर आदि.
  • गन्ना, गुड़.
  • दूध, दही, चीज़, देसी घी, पनीर.
  • आम, केला, अनार, कटहल, ख़रबूज़ा, तरबूज़, ऐवोकैडो, आडू, आलूबुखारा, नाशपाती.
  • अंडा, चिकन, सूप्स.
  • चावल, गेहूं और उड़द दाल.
  • शिलाजीत, अश्वगंधा, स्वर्णभस्म काफ़ी शक्तिवर्धक पदार्थ हैं. लेकिन ये विशेषज्ञ की सलाह से ही लें.

क्या ना खायें?

  • बहुत अधिक मसालेदार, तला-भुना, तेल वाला भोजन ना करें.
  • हल्का, सुपाच्य खाना खायें.
  • शराब, तम्बाकू व सिगरेट अवॉइड करें.
  • बहुत ज़्यादा चाय, कोल्ड ड्रिंक्स आदि भी ना पियें.
  •  देर रात तक ना जागें. 
  • टीवी बहुत ज़्यादा ना देखें.
  • एक ही जगह पर बहुत देर तक बैठे ना रहें. 
  • मोबाइल और कम्प्यूटर का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल ना करें.
  • पोर्न देखने की लत ना लगायें.

क्यों ज़रूरी हैं सेक्स बूस्टर फ़ूड्स?

Sex booster fruit
  • अखरोट स्पर्म की क्वालिटी बढ़ने में मदद करता है.
  • बादाम में मौजूद अमीनो ऐसिड इरेक्शन को बेहतर करने में मदद करता है. साथ ही रक्त संचार को बेहतर करता हैऔर रक्त धमनियों को रिलैक्स करता है.
  • तरबूज़ सेक्स एनर्जी, सेक्स की इच्छा और इरेक्शन को बेहतर करता है.
  • अंडे में भी मौजूद अमीनो ऐसिड इरेक्टायल डिसफ़ंक्शन को ठीक करने में मदद करता है.
  • केसर में प्राकृतिक रूप से सेक्स ड्राइव को बेहतर करने के गुण होते हैं और ये आपको सेक्स ऊर्जा को भी बढ़ाते है.
  • ऐवोकैडो में फ़ॉलिक ऐसिड और विटामिन बी 6 होता है जो हेल्दी सेक्स ड्राइव के लिए बहुत फायदेमंद रहता है.
  • पालक में फोलेट की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त संचार को बेहतर करने का महत्वपूर्ण तत्व है. इसमें मौजूदफ़ॉलिक ऐसिड सेक्स की क्रिया को बेहतर करने के लिए ज़रूरी है क्योंकि इसकी कमी से इरेक्शन की समस्या होसकती है.

अक्सर हमारे देश में अपने प्राइवेट पार्ट की हेल्थ और हाइजीन की ज़रूरत का महत्व लोग नहीं समझते. शायद इस तरफ़ उनका ध्यान ही नहीं जाता, क्योंकि ये बातें बचपन से घर पर भी नहीं सिखाई जातीं. लेकिन अब व़क्त बदल रहा है, ऐसे में सेक्सुअल हाइजीन (Sexual Hygiene) के महत्व को समझना बेहद ज़रूरी है.

साफ़-सफ़ाई का महत्व हमें बचपन से ही सिखाया जाता है. स्कूल हो या घर, सफ़ाई के बारे में बेसिक हाइजीन की बातें भी हमें सिखाई जाती हैं, लेकिन आज भी हमारे देश में बहुत कम ही पाया गया है कि सेक्सुअल हाइजीन के बारे में भी उतनी ही गंभीरता से बताया जाता हो. हालांकि सेक्सुअल हाइजीन भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी बाक़ी तरह की साफ़-सफ़ाई, क्योंकि सेक्सुअल हाइजीन (Sexual Hygiene) को इग्नोर करने से कई तरह के गंभीर इंफेक्शन्स और सेक्सुअल प्रॉब्लम्स तक हो सकती हैं. सेक्सुअल हाइजीन न रहने पर आपके पार्टनर की भी आप में दिलचस्पी कम हो सकती है और आपकी सेक्स लाइफ प्रभावित हो सकती है. न स़िर्फ हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए, बल्कि हेल्दी रहने के लिए भी सेक्सुअल हाइजीन का ख़्याल रखें.

– हमेशा क्लीन और ड्राय अंडरगार्मेंट्स पहनें.

– वर्कआउट या जॉगिंग के बाद पसीने से अंडरगार्मेंट्स भी भीग जाते हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया पनपने का ख़तरा बढ़ जाता है. बेहतर होगा उन्हें बदल दें.

– अंडरगार्मेंट्स की शॉपिंग नियमित रूप से हर 3 महीने के अंतराल पर करते रहें, ताकि पुराना स्टॉक हटाकर आप नए यूज़ कर सकें.

– स्त्री हो या पुरुष, दोनों को ही बहुत ज़्यादा टाइट अंडरवेयर नहीं पहनने चाहिए.

– इसी तरह से सिंथेटिक की बजाय कॉटन के अंडरवेयर बेहतर होते हैं.

नहाते समय पुरुष अपने प्राइवेट पार्ट को गुनगुने पानी से क्लीन करें. ऐसा न करने पर वहां डेड स्किन जमा हो जाती है, जो अपने आपमें तो हानिकारक नहीं होती, लेकिन उसकी वजह से इंफेक्शन्स, जलन व खुजली जैसी समस्या हो सकती है. 

– महिलाओं को भी प्राइवेट पार्ट की सफ़ाई पर बहुत ध्यान देना चाहिए. वेजाइना को गुनगुने पानी से क्लीन करें. ख़ासतौर से पीरियड्स क समय तो और भी सतर्क रहना चाहिए.

– नियमित रूप से पैड्स या टैंपून्स चेंज करें.

– वेजाइनल क्लीनिंग के समय भी ध्यान रखें कि बहुत ही माइल्ड तरी़के से क्लीन करें. पानी की तेज़ धार से पीएच बैलेंस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और वेजाइनल इंफेक्शन्स का ख़तरा भी कई गुना बढ़ जाता है.

– वेजाइनल पीएच बैलेंस को प्रोटेक्ट करना बहुत ज़रूरी है. यदि सही पीएच बैलेंस बना रहे, तो वो हेल्दी बैक्टीरिया की ग्रोथ को बढ़ाता है. इस वजह से बेहद ज़रूरी है कि वेजाइनल पीएच बैलेंस को प्रोटेक्ट किया जाए.

– पब्लिक टॉयलेट के इस्तेमाल के समय सतर्क रहें, क्योंकि अक्सर कई तरह के इंफेक्शन्स हमें यहीं से मिलते हैं.

– यदि किसी तरह का कोई इंफेक्शन हो जाए, तो समय पर सही इलाज व सही केयर करें, ताकि वह बढ़े नहीं और भविष्य में इंफेक्शन न हो. हर हाल में सतर्कता बरतें.

सेक्सुअल हेल्थ भी है ज़रूरी

– हाइजीन के साथ-साथ सेक्सुअल हेल्थ का भी ध्यान रखें. इसके लिए सही-संतुलित डायट बेहद ज़रूरी है, क्योंकि डायट भी आपको इंफेक्शन्स से बचा सकती है. दही और क्रैनबेरी जूस आपका यीस्ट इंफेक्शन से बचाव करते हैं.

– यदि आप वेजाइनल ड्रायनेस महसूस कर रही हैं, तो सोया प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करें, क्योंकि इनमें एस्ट्रोजन का एक प्रकार पाया जाता है, जो नेचुरल लूब्रिकेशन को बढ़ाता है.

– स़िर्फ डायट ही नहीं, सही एक्सरसाइज़ भी सेक्सुअल हेल्थ के लिए ज़रूरी है.

– पेल्विक एक्सरसाइज़ व कई तरह के योग से आप अपनी सेक्सुअल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं.

क्यों झिझकती हैं महिलाएं?

एक सर्वे में पाया गया है कि भारत में महिलाएं सेक्सुअल हाइजीन(Sexual Hygiene) पर बात तक नहीं करतीं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज भी बहुत बड़ी संख्या में भारतीय महिलाएं वेजाइनल हेल्थ व हाइजीन के महत्व को न तो समझती हैं और न ही इस पर खुलकर बात करती हैं. यही वजह है कि वो वेजाइनल प्रॉब्लम्स से दो-चार होती हैं.

जागरूकता की कमी और हमारा सामाजिक ढांचा भी इसकी बड़ी वजह है. यहां पर इन अंगों पर बात तक करने से लोग हिचकते हैं. यहां तक कि अपने डॉक्टर्स से भी इस पर बात करने से कतराते हैं. सतर्कता व जागरूकता की कमी के चलते ही आज भी पढ़ी-लिखी महिलाएं तक भी वेजाइनल हेल्थ व हाइजीन को अनदेखा करती हैं और कई गंभीर यौन रोग व इंफेक्शन का शिकार आसानी से हो जाती हैं.

शहरों में रहनेवाली 90% शादीशुदा महिलाएं इंटिमेट हाइजीन मेंटेन नहीं रखतीं- सर्वे

भारत में पहली बार इस विषय पर कोई सर्वे हुआ और उसमें चौंकानेवाले नतीजे सामने आए. लगभग 93% शादीशुदा शहरी महिलाएं सेक्सुअल हाइजीन(Sexual Hygiene) का ख़्याल नहीं रखतीं. मुंबई, दिल्ली और बैंगलुरू जैसे बड़े शहरों में हुए इस सर्वे के मुताबिक 45% महिलाएं सामान्य वेजाइनल समस्याओं से ग्रसित हैं, लेकिन वे इसे चुपचाप सहती हैं. 50% महिलाएं तो अपने पैरेंट्स तक से इस विषय में कुछ नहीं शेयर करतीं. भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं वेजाइनल समस्याओं का शिकार स़िर्फ इसलिए होती हैं, क्योंकि वो इंटिमेट हाइजीन को इतना महत्वपूर्ण ही नहीं समझतीं. डॉक्टर्स व एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दरअसल महिलाओं को इस बात का एहसास ही नहीं कि सेक्सुअल हाइजीन का सीधा-सीधा संबंध सेक्सुअल इंफेक्शन्स से होता है.

यह सर्वे 25-35 साल की उम्र के बीच की महिलाओं पर किया गया, जिसका उद्देश्य था महिलाओं की वेजाइनल समस्याओं को जानना, वेजाइनल हाइजीन के प्रति महिलाओं की सोच व समझ को जानना और किस तरह से ये समस्याएं उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ को प्रभावित कर रही हैं, इसका पता लगाना.

शोध का नतीजा

– लगभग 25% महिलाएं महीने में कम से कम एक बार असामान्य वेजाइनल डिसचार्ज से पीड़ित होती हैं.

– औसतन हर पांचवीं महिला महीने में एक बार वेजाइनल ड्रायनेस और यूरिन के व़क्त जलन महसूस करती है.

– 10 में से 4 महिलाएं कभी न कभी वेजिनाइटिस (वेजाइना में जलन व सूजन) से ग्रसित ज़रूर हुई हैं.

– 10 में से 4 महिलाएं ही ये मानती हैं कि अगर उन्हें कभी वेजाइनल समस्या हो जाए, तो उन्हें ज़रूर इस तरफ़ ध्यान देने की ज़रूरत है. ध्यान रहे कि ये आंकड़े शहरी शादीशुदा महिलाओं के हैं और इन सबकी समस्या की मुख्य वजह हाइजीन को इग्नोर करना ही है.

 

आपका रिश्ता हो सकता है प्रभावित

जी हां, सेक्सुअल हाइजीन(Sexual Hygiene) व हेल्थ को नज़रअंदाज़ करने पर आपके रिश्ते व सेक्स लाइफ पर बुरा असर हो सकता है. आमतौर पर इस बारे में पार्टनर कुछ भी कहने से झिझकते हैं और फिर वो सेक्स को टालने लगते हैं. धीरे-धीरे आप में उनकी दिलचस्पी भी कम होने लगती है और रिश्तों में दरार आ सकती है.

– यही नहीं, हो सकता है आपकी नासमझी आपको और आपके पार्टनर को कोई गंभीर इंफेक्शन या सेक्स डिसीज़ दे दे, जो बेहद ख़तरनाक हो सकती है.

– दोनों पार्टनर सेक्स से पहले व बाद में भी हाथों और नाख़ूनों को अच्छी तरह क्लीन कर लें, ताकि प्राइवेट पार्ट में किसी भी तरह के बैक्टीरिया या जर्म्स न पहुंच पाएं. 

– नियमित रूप से बालों को भी शेव करें, ताकि सफ़ाई रखने में आसानी हो.

– बेहतर होगा सतर्क हो जाएं और सेक्सुअल हाइजीन के महत्व को समझकर इसे अपने जीवन में अपनाएं. इससे आपकी लाइफ और भी हेल्दी व हैप्पी बनेगी.

रेग्युलर चेकअप करवाएं

भारत में अभी भी यह कल्चर डेवलप नहीं हुआ. यही वजह है कि सेक्सुअल इंफेक्शन(Sexual Hygiene) और यहां तक कि कैंसर तक भी सतर्कता की कमी के चलते हो रहे हैं. नियमित चेकअप से आप इन सबसे बच सकते हैं, क्योंकि वेजाइनल सेल्स में बदलाव से कैंसर की मौजूदगी का पता लगाया जा सकता है और समय पर इलाज शुरू हो सकता है.

– कमलेश शर्मा