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बिगड़ती लाइफस्टाइल कहीं बिगाड़ न दे आपकी सेक्सुअल लाइफ? (Lifestyle Changes Can Ruin Your Sex Life)

Lifestyle Changes Can Ruin Your Sex Life

Lifestyle Changes Can Ruin Your Sex Life

वक़्त के साथ बहुत कुछ बदलाहमारा खानपान, रहनसहन, हालात और हमारी सोच. कमोबेश इन सबका असर हमारी सेक्स लाइफ पर भी पड़ा. कपल्स बेहतरीन सेक्सुअल लाइफ बिताना मानो भूलते जा रहे हैं. उस पर यदि दोनों वर्किंग हैं, तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है. आख़िर किनकिन कारणों से कपल्स की सेक्स लाइफ प्रभावित हो रही है. इन सब पहलुओं पर नज़र डालते हैंआप मानें या न मानें, आपकी लाइफस्टाइल का आपके सेक्स जीवन पर सकारात्मक व नकारात्मक दोनों ही प्रभाव पड़ता है. आपका खानापीना, सोना, वर्क स्टाइलहर छोटे से छोटे पहलू आपके सेक्सुअल परफॉर्मेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.कहना है सेक्सोलॉजिस्ट व मैरिज काउंसलर डॉ. राजीव आनंद का. उनके अनुसार, जो व्यक्ति छह घंटे से कम नींद लेता है, वो अधिक तनावग्रस्त, थका हुआ, क्रोधित रहता है और इन सबका असर कपल्स की कामेच्छा पर पड़ता है.

* आज की भागदौड़भरी ज़िंदगी में तनाव व परेशानी कम नहीं है. ऐसे में धूम्रपान की आदत बढ़ी है, जिसका असर उनकी सेक्स लाइफ पर पड़ता है. स्टडी के अनुसार, स्मोकर को इरेक्शन की समस्या एक आम पुरुष से दुगुनी होती है.

* अल्कोहल का प्रभाव स्त्रीपुरुष दोनों की सेक्स लाइफ पर पड़ता है. यह शरीर की संवेदनशीलता को कम करने के साथसाथ कामेच्छा को दबाता भी है. रिसर्च के अनुसार, लंबे समय तक शराब पीने से पुरुषों में नपुंसकता की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं.

* कम सोने से थकान, एनर्जी लेवल कम हो जाना, सेक्स में अनिच्छा आदि प्रॉब्लम्स होने लगते हैं. इसलिए पर्याप्त नींद लें.

* हेल्दी फूड की कमी और अधिक जंक फूड खाने से न केवल मोटापा बढ़ता है, बल्कि आपकी सेक्स ड्राइव भी कमज़ोर पड़ जाती है. शोध के अनुसार, सही भोजन न करने से टेस्टेस्टेरॉन हार्मोन्स में कमी होती है और स्पर्म प्रोडक्शन आदि भी प्रभावित होता है.

* स्ट्रेस यानी तनाव, ख़ासकर डिप्रेशन का हमारे शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और धीरेधीरे ये सेक्सुअल लाइफ पर भी अटैक करता है.

* आज की फास्ट लाइफ में असमय खानेपीने, सोने की आदतें लोगों को अनहेल्दी बना दिया है. इस कारण लोगों ने दवाइयों का अधिक सेवन करना शुरू कर दिया, जिसका असर सेक्स लाइफ पर पड़ा.

* आजकल अधिकतर कपल्स वर्किंग हैं. पतिपत्नी दोनों इस कदर बिज़ी हैं कि अपने लिए वे वक़्त ही नहीं निकाल पाते.

* एक्सपर्ट के अनुसार, स्त्रियों को अनियमित मासिक चक्र भी सेक्सुअल लाइफ को प्रभावित करता है.

* आज जो सबसे टॉप कारण है, वो है पार्टनर का सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताना. आज कपल्स एकदूसरे को क्वालिटी टाइम देने की बजाय फेसबुक, वॉट्सअप, इंस्टाग्राम जैसे सोशल प्लेटफार्म पर वक़्त बिताना अधिक पसंद करते हैं और इन सबका नकारात्मक प्रभाव उनकी सेक्स लाइफ पर पड़ता है.

* यदि किसी पार्टनर को कोई बीमारी, जैसेहाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट प्रॉब्लम (जो आज की लाइफस्टाइल की सबसे कॉमन डिसीज़ बनते जा रहे हैं) है, तो भी लव लाइफ पर इसका असर पड़ता है.

* रिसर्च के अनुसार, ओबेसिटी यानी मोटापे का सेक्स लाइफ पर, विशेषतौर पर पुरुषों पर 71% से भी अधिक असर होता है.

* टेक्नोलॉजीगैज़ेट्ससेल फोन, लैपटॉप, टैब का हर समय इस्तेमाल करना भी रिश्तों के लिए नुक़सानदायक माना गया है.

* संयुक्त परिवार की सबसे बड़ी ख़ूबसूरती यह थी कि काम बंटे रहते थे. आपसी सहयोग रहता था. ऐसे माहौल में कपल्स एकदूसरे के लिए समय निकाल पाते थे. लेकिन न्युक्लियर फैमिली के कारण यह भी प्रभावित होती चली गई.

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बेटर लाइफस्टाइल बेटर सेक्स लाइफ

* डॉ. राजीव के अनुसार, यदि आप अपने सेक्स लाइफ को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो आपको उपरोक्त सभी पहलुओं पर ग़ौर करना होगा.

हफ़्ते में एक दिन, ख़ासतौर पर वीकेंड में कपल्स शाम एकदूसरे के साथ बिताएं.

कभी मूवी देखने, तो कभी लॉन्ग ड्राइव पर निकल जाएं. इससे पार्टनर न केवल एकदूसरे के साथ अधिक समय बिता सकेंगे, बल्कि रिलैक्स भी हो सकेंगे.

चाहे आप कितने ही बिज़ी क्यों न हों, दिनभर में कुछ देर के लिए ही सही, पार्टनर से फोन पर बात करें.

वर्क लोड हो या डेडलाइन पर काम पूरा करने का टेेंशन, इसे घर पर लादकर न लाएं. घरऑफिस में फ़र्क़ होता है, इस बात को आपको गंभीरता से समझना होगा.

जॉब से जुड़े तनाव, परेशानियों को घर पर न लाएं.

आप कितने भी व्यस्त क्यों न हों, डिनर के बाद कुछ समय साथ बिताएं. हल्कीफुल्की बातें करें.

कपल्स एकदूसरे की भावनाओं, इच्छाओं का सम्मान करें. जन्मदिन व शादी की सालगिरह पर विशेष प्लानिंग करें. इससे पार्टनर को ख़ुशी होगी और रोमांटिक माहौल भी बनेगा.

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बोरिंग को इंट्रेस्टिंग बनाएं

* कभीकभी बेडरूम में सेक्सी दिखने के लिए भड़कीली ड्रेस पहनें.

* अपनी सेक्सुअल डिज़ायर के बारे में पार्टनर को बताएं.

* सेक्स करने का टाइम फिक्स करें. इससे सेक्स लाइफ में नया रोमांच पैदा होगा.

* सेक्सुअल रिलेशन के समय हंसीमज़ाक भी करें.

* कभीकभी पार्टनर के साथ न्यूड सोने का आनंद लें. रिसर्च के अनुसार, इससे कपल्स की बॉन्डिंग बढ़ती है.

* एकदूसरे को मसाज करें. इससे बॉडी रिलैक्स होने के साथसाथ आपसी प्यार बढ़ता है.

जब आप ख़ुद के लिए अच्छा महसूस करते हैं, तभी आप अपनी सेक्स लाइफ को भी बेहतर बना पाएंगे. साथ ही अच्छी हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाते हैं, तो यक़ीनन इन सबका सकारात्मक प्रभाव आपकी सेक्सुअल लाइफ पर होता है.

सेक्स के बाद क्या करें/क्या न करें?

सेक्सुअल रिलेशन के बाद तुरंत पानी न पीएं.

यदि चाहें, तो सेक्स के बाद गुड़, मिश्री या फिर कोई मिठाई खाकर पानी पी सकते हैं.

सेक्स के बाद कहीं बाहर घूमनेटहलने न निकलें.

अमेरिका में किए गए एक रिसर्च के अनुसार, सेक्स के बाद ऑर्गेज़्म तक पहुंचने पर महिलाएं इस कदर कामोत्तेजित हो जाती हैं कि सेक्स में होेनेवाले दर्द में भी आनंद का अनुभव करती हैं. ऑर्गेज़्म उनके ब्रेन के तक़रीबन तीस हिस्सों को प्रभावित करता है, जिसमें स्पर्श, ख़ुशी, भावनाएं, याद्दाश्त, संतुष्टि मुख्य हैं.

ऊषा गुप्ता

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Sex Detox Plan: सेक्सुअल लाइफ को करें रिचार्ज (Sex Detox Plan: Recharge Your Sexual Life)

Recharge Your Sexual Life

जिस तरह हमारी बॉडी को समय-समय पर डिटॉक्स की ज़रूरत होती है, उसी तरह हमें अपने सेक्सुअल रिलेशनशिप को भी डिटॉक्सीफाई करते रहना चाहिए, ताकि रिश्ते में गर्माहट हमेशा बनी रहे.

क्या है डिटॉक्स?

डिटॉक्सीफिकेशन एक प्रोसेस है, जिसके ज़रिए शरीर से टॉक्सिन्स या अनहेल्दी चीज़ों को बाहर निकाला जाता है, जिससे हम एनर्जेटिक, हेल्दी और रिफ्रेशिंग महसूस करते हैं. इसी तरह रिलेशनशिप में भी कई बार टॉक्सिन्स आ जाते हैं, जिससे रिश्तों में बोरियत, ठहराव और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है. नतीजा- सेक्सुअल रिश्ते भी प्रभावित होने लगते हैं. सेक्सुअल रिलेशनशिप से इन टॉक्सिन्स को दूर करने के लिए सेक्स डिटॉक्स ज़रूरी है.

कब ज़रूरी है सेक्स डिटॉक्स?

– जब लगे कि रिश्तों में प्यार की गर्मी ख़त्म हो गई है. दोनों को एक-दूसरे के प्रति पहले जैसा आकर्षण महसूस नहीं होता.

– आपका रिश्ता ठंडा हो गया है, उसमें जानने-समझने या हासिल करने के लिए कुछ नया बचा ही नहीं है.

– पति-पत्नी में सिवाय अपने काम और बच्चों के और कोई बात ही नहीं होती.

– आप और आपका साथी साथ रहते हुए भी अपनी अलग ज़िंदगी जीते हैं. दोनों के पास न तो एक-दूसरे के लिए समय होता है और न एक साथ कुछ पल बिताने की इच्छा.

– रिश्तों में आए इस ठहराव का असर आपकी सेक्स लाइफ पर पड़ने लगे. आपको एक-दूसरे में न दिलचस्पी रह गई हो, न आकर्षण.

– सेक्सुअल रिलेशन आप दोनों के लिए एक रूटीन बनकर रह गया हो. जब आपको लगे कि आप दोनों के रिश्ते में अब वो पहले जैसी बात नहीं रही.

– बेडरूम में आप अक्सर ही ‘बहुत थका/थकी हूं’ या ‘बहुत बिज़ी’ हूं का बहाना बनाने लगें.

– आपका बेडरूम आपके लिए इलेक्ट्रॉनिक ऑफिस बन जाए, जहां घर लौटने पर भी आप ऑफिस के काम निपटाने में बिज़ी रहते हों.

– जब एक ही बेडरूम में रहते हुए भी आप दोनों में ख़ामोशी पसरी रहती हो.

– जब लगने लगे कि सेक्स पहले जैसी ख़ुशी और प्लेज़र नहीं देता.अगर ये लक्षण आपके रिश्ते में भी दिखाई दें, तो समझ जाएं कि आपको सेक्स डिटॉक्स की ज़रूरत है. बेवजह रिश्तों को और बोरिंग बनाने की बजाय ज़रूरी है उसकी क्लींज़िंग और उसे डिटॉक्सीफाई करना.

क्या हैं सेक्स लाइफ के टॉक्सिन्स?

स्ट्रेस- ये आपके रिश्ते को अनहेल्दी बना रहे हैं और आपकी सेक्स लाइफ को भी.बिज़ी शेड्यूल और भागदौड़- हम इतने बिज़ी हो गए हैं कि शाम तक हममें इतनी एनर्जी ही नहीं रह जाती कि प्यार के कुछ पल अपने पार्टनर के साथ बिता सकें.

नो एक्सरसाइज़- फिज़िकल एक्टिविटी की कमी से भी सेक्स लाइफ प्रभावित हो रही है. रिसर्च से ये बात साबित हो चुकी है कि फिज़िकली एक्टिव रहनेवाले लोगों की सेक्स लाइफ अच्छी होती है.

अनहेल्दी ईटिंग हैबिट्स– फूड का सीधा असर सेक्स लाइफ पर पड़ता है, लेकिन आजकल लोगों की ईटिंग हैबिट्स अनहेल्दी हो गई हैं, जिससे उनके सेक्स एनर्जी पर असर हो रहा है.

पोल्यूशन- पोल्यूशन ने भी सेक्स लाइफ को प्रभावित किया है. इससे सेक्सुअल एक्टिविटी और ड्राइव दोनों में कमी आई है. एक्सपर्ट के अनुसार पोल्यूशन के बुरे प्रभाव की वजह से सेक्सुअल एक्टिविटी में 30 प्रतिशत कमी आई है.

रिश्तों में ठहराव- सालों तक का साथ और रिश्तों के प्रति उदासीनता, वही सेक्स पोज़ीशन और बोरियत रिश्तों में भी ठहराव ला देती है. नतीज़ा सेक्स लाइफ में पहले जैसा चार्म नहीं रह जाता.

सेक्स डिटॉक्स कैसे करें?

– सेक्स डिटॉक्स का मतलब है कि सेक्सुअल एक्टिविटी से पूरी तरह दूर रहें.

– इससे एक-दूसरे का प्यार पाने की चाहत बढ़ेगी और सेक्स के प्रति दिलचस्पी फिर जागृत होगी.

– इससे आपकी कामेच्छा बढ़ेगी और आप बेहतर ऑर्गे़ज़्म, बेहतर सेक्स का आनंद उठा सकेंगे.

– सेक्स एक्सपर्ट के अनुसार, फॉर्मूला एकदम सिंपल है. कई सालों साथ रहने के बाद प्यार और रिश्ते में भी बोरियत-सी आने लगती है. सेक्स लाइफ भी रूटीन-सी लगने लगती है. ऐसे में सेक्स डिटॉक्स के तहत कुछ दिन सेक्स से दूर रहकर जब फिर से रिश्तों की शुरुआत करेंगे, तो यक़ीन मानिए ये एक नई शुरुआत होगी, जो आपकी सेक्स लाइफ को रिफ्रेश कर देगी.

– सेक्सोलॉजिस्ट के अनुसार, शादी के कुछ सालों बाद ज़्यादातर कपल्स सेक्स लाइफ में प्रॉब्लम की शिकायत लेकर आते हैं. इसमें सेक्स डिज़ायर में कमी से लेकर सेक्सलेेस मैरेज तक की शिकायत होती है. इसका सबसे बेस्ट सोल्यूशन है सेक्स डिटॉक्स यानी सेक्स लाइफ से छोटा-सा ब्रेक.

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3 स्टेप डिटॉक्स

एक तयशुदा समय के लिए सेक्स एक्टिविटी से दूर रहें. एक महीने का समय सेक्स डिटॉक्स के लिए परफेक्ट है.

– इस दौरान आप क्या महसूस कर रहे हैं, इस बारे में अपने पार्टनर से कम्युनिकेट करते रहें.

– इस दौरान अनावश्यक उत्तेजना, परफॉरमेंस प्रेशर, स्ट्रेस, पर्सनल इशूज़, ईगो, पुरानी कड़वी बातें आदि टॉक्सिन्स को अपने दिलोदिमाग़ से बाहर करने की कोशिश करें.

– अपनी हेल्थ पर ध्यान दें, मेडिकली और फिज़िकली फिट रहने की कोशिश करें.

ये कैसे काम करता है

– जो चीज़ पास होकर भी हासिल नहीं होती, उसे पाने की चाह तीव्र हो जाती है. सेक्स डिटॉक्स के मामले में भी यही होता है. दोनों पार्टनर साथ रहते हुए भी सेक्सुअली एक्टिव नहीं होते, तो उनकी सेक्सुअल डिज़ाइयर कई गुना बढ़ जाती है.

– डिटॉक्स पीरियड के बाद कई बार कपल्स वही प्लेज़र महसूस करते हैं, जो शादी के शुरुआती दिनों में करते थे.प एक महीने की दूरी उन्हें एक-दूसरे के और क़रीब लाती है. उन्हें एक-दूसरे की अहमियत पता चलती है. ऐसे में उनका रिश्ता और मज़बूत बनता है.

– डिटॉक्स के बाद पुरुष बेहतर इरेक्शन महसूस करते हैं और महिलाएं भी पहले से ज़्यादा स्ट्रॉन्ग ऑर्गे़ज़्म एंजॉय करती हैं.

– डिटॉक्स आपकी सेक्स लाइफ को और ज़्यादा स्पाइसी बनाता है और जब आप दोबारा सेक्स में इंवॉल्व होते हैं, तो फिर से वही नयापन और एनर्जी महसूस करते हैं, जो शादी के शुरुआती दिनों में करते थे.

रिलेशनशिप टिप्स

सेक्स लाइफ के साथ ही अपने रिश्ते को भी रिन्यू करना ज़रूरी है. इसके लिए ये टिप्स अपनाएं.

– कम्युनिकेशन बनाए रखना बहुत ज़रूरी है. समय-समय पर एक-दूसरे से बात करते रहें.

– रिलेशनशिप मैनेजमेंट आर्ट सीखें. अपने जीवन को सुनियोजित करें. हर चीज़ की प्लानिंग करें.

– अपनी बिज़ी लाइफ में अपने रिश्ते को कैसे समय देंगे, ये आपको ही प्लान करना होगा.

– वीकेंड में मूवी, पिकनिक या रोमांटिक डिनर डेट प्लान करें.

– ग़लतियां और आपसी विवाद तो होते ही रहते हैं, लेकिन हर बात के लिए एक-दूसरे पर दोषारोपण न करें. इससे कड़वाहट बढ़ती है.

– रिश्ते में हैप्पी मोमेंट ऐड करना दोनों की ही ज़िम्मेदारी है, इसलिए ज़िंदगी के हर पल को ख़ुशगवार बनाए रखने की कोशिश करें.

– एक-दूसरे को स्पेशल फील कराएं. आप दोनों को एक-दूसरे की कितनी ज़रूरत है और पार्टनर के बिना आप कितने अधूरे हैं, इसका एहसास उन्हें कराएं.

– एक-दूसरे में ख़ामियां निकालकर आपसी द्वेष को ना बढ़ाएं. सराहना करना सीखें और सपोर्टिव बनें.

– रिश्ते को भी रख-रखाव की ज़रूरत होती है, इसलिए समय-समय पर अपने रिश्ते का मेंटनेंस करते रहें, कभी कोई सरप्राइज़ देकर, कभी गिफ्ट्स के ज़रिए, तो कभी बस दो मीठे बोल बोलकर.

– प्रतिभा तिवारी

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Amazing! सेक्स पावर बढ़ाने के 25 चमत्कारी फॉर्मूले (25 Homemade Tips To Boost Your Sex Power)

Homemade Tips To Boost Your Sex Power
रोज़मर्रा की भागदौड़ और स्ट्रेस हमारी सेक्सुअल लाइफ को भी प्रभावित कर रहा है, ऐसे में अपनी सेक्स लाइफ को हेल्दी रखने के लिए अपनाएं कुछ घरेलू नुस्खें और बढ़ाएं अपनी सेक्स पावर…

Homemade Tips To Boost Your Sex Power

1. 5-5 अखरोट, बादाम और मुनक्काइन सभी को हर रोज़ सुबह ख़ूब चबाचबाकर खाएं और ऊपर से एक ग्लास दूध पीएं. इस प्रयोग से सेक्सुअल पावर बढ़ने के साथसाथ शरीर भी मज़बूत होगा. यदि चाहें, तो उपरोक्त मात्रा को अपनी पाचन शक्ति के अनुसार घटाबढ़ा सकते हैं.

2. भोजन के साथ अथवा आधे घंटे बाद सोंठ, कालीमिर्च और छोटी पीपरि का सम भाग चूर्ण 3 ग्राम (एक टीस्पून) की मात्रा में सादे पानी के साथ सेवन करने से सेक्सुआलिटी में लाभ होता है.

3. वसंत कुसुमाकर रस की 2-2 गोली सुबहशाम दूध के साथ सेवन करने से नपुंसकता, इंद्रिय दुर्बलता, शुक्रक्षय आदि विकार दूर हो जाते हैं.

4. 20 ग्राम पिस्ता बारीक पिसा हुआ, 20 ग्राम मिश्री का चूर्ण, 5 ग्राम सोंठ का चूर्ण और 10 ग्राम शहद व 1 रत्ती भांगसभी को एक साथ मिलाकर (यह एक खुराक है) गर्म दूध के साथ सेवन करें. इस प्रयोग से केवल आठ दिनोें में ही सेक्स संबंधी कमज़ोरी व नपुंसकता से राहत मिलने लगती है.

5. 8-10 मुनक्का लेकर उसे रात को पानी में भिगो दें. सुबह उसे चबाकर खा लेें. शीघ्रपतन में लाभ होता है.

6. शतावर के रस का नियमित रूप से सेवन करने से सेक्सुअल कमज़ोरी दूर होती है.

7. तुलसी के बीज या जड़ को कूटपीसकर चूर्ण बना लें. संपूर्ण चूर्ण के बराबर पुराना गुड़ मिलाकर 3-3 ग्राम की गोलियां बना लें. 1-1 गोली सुबहशाम मीठे दूध के साथ 40 दिन तक सेवन करें. इससे सेक्सुअल पावर बढ़ता है.

8. 10 ग्राम प्याज़ का रस, 15 ग्राम शहद, 5 ग्राम घी और 10 ग्राम अदरक का रससबको एक साथ मिलाकर नियमित रूप से 21 दिन तक सुबह सेवन करें. इससे नपुंसकता दूर होती है और सेक्स पावर मेें वृद्धि होती है.

9. शतावर, अश्‍वगंधा, कौंच बीज, मूसली और गोखरूसभी को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें. इसे 3 से 5 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ सेवन करें. यह नपुंसकता एवं यौन दुर्बलता को दूर करनेवाला उत्तम घरेलू नुस्ख़ा है.

10. तुलसी के बीज व जड़ एवं कौंच बीजतीनों को बराबर मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें. प्रतिदिन सुबह 5 ग्राम चूर्ण (लगभग एक चम्मच) खाकर ऊपर से एक ग्लास मीठा दूध पीएं. ऐसा नियमित डेढ़ महीने तक सेवन करने से नपुंसकता दूर हो जाती है और कामोत्तेजना बढ़ती है, लेकिन इसके सेवन काल में सेक्सुअल क्रिया से बचना चाहिए.

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11. नपुंसकता को दूर करने और सेक्स क्रिया में उत्तेजना व शक्ति लाने के लिए कद्दूकस किए हुए नारियल में 4-5 बूंद बरगद का दूध व दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें. अगर मक्खन मिल जाए, तो एक चम्मच उसे भी मिला लें. यह नुस्ख़ा 20-25 दिन तक इस्तेमाल करें. यदि इस दौरान सेक्स से बचकर रहेंगे, तो अधिक लाभ होगा.

12. 5 ग्राम काली मूसली का चूर्ण और आधा ग्राम वंगभस्म दोनों को थोड़ेसे शहद में मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले चाटकर सेवन करें. इससे शीघ्रपतन की शिकायत दूर होती है.

13. बादाम गिरी, छुहारा, खसखस, छोटी इलायची और मिश्री लेकर कूटपीसकर रख लें. इसे 7-8 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सेवन करने से शीघ्रपतन का शमन होता है.

14. जो लोग दुर्बल मन के कारण नपुंसकता महसूस करते हैं, उनके लिए टहलना किसी वरदान से कम नहीं. हाल ही में हुए अध्ययनों से यह पता चला है कि जो पुरुष नियमित रूप से रोज़ाना दो मील तक टहलते हैं, उनके नपुंसक होने की आशंका तीन गुना कम हो जाती है.

15. ताज़े आंवले का रस शहद के साथ मिलाकर सेवन करने से शीघ्रपतन की समस्या में लाभ होता है.

16. 50 ग्राम स़फेद मूलसी, 100 ग्राम तालमखाना, 150 ग्राम गोखरू तथा 300 ग्राम मिश्री लेकर बारीक चूर्ण बना लें. इसे 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ सेवन करने से शीघ्रपतन दूर होता है.

17. नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करनेवालों में सेक्सुअल सक्रियता बढ़ जाती है यानी अच्छी रहती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि सेक्सुअल हेल्थ के लिए ज़रूरी सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा एक्सरसाइज़ से बढ़ जाने के कारण ही ऐसा होता है.

18. बड़ के कच्चे फलों को छाया में सुखाकर कपड़छान चूर्ण बनाकर रख लें. इस चूर्ण को 10-15 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम गाय के दूध के साथ सेवन करें. 45 दिन तक नियमित इस नुस्ख़े का सेवन करें और इसके इस्तेमाल के दौरान सेक्सुअल रिलेशन न रखें.

19. 5 ग्राम विदारीकंद चूर्ण में घी व शहद (विषम मात्रा) मिलाकर सेवन करने से कामशक्ति की वृद्धि होती है. इसका प्रयोग लंबे समय तक करना चाहिए.

20. कौंच के शुद्ध किए हुए बीजों का चूर्ण बनाकर रख लें. 5-5 ग्राम चूर्ण सुबहशाम मीठे दूध के साथ सेवन करने से अद्भुत यौनशक्ति की प्राप्ति होती है.

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21. तालमखाना का बीज और कौंच बीज सम मात्रा में लेकर चूर्ण बनाएं. 5 ग्राम इस चूर्ण को 5 ग्राम शक्कर में मिलाकर दूध के साथ सुबहशाम पीने से कभी भी वीर्य का क्षय नहीं होता है.

22. घीकुमारि के पत्तों के गूदे का रस 20-25 मि.ली. की मात्रा में सुबह खाली पेट पीने से शरीर में चुस्तीफुर्ती और शारीरिक शक्ति के साथसाथ पुरुष यौनशक्ति भी बढ़ती है.

23. इमली के बीजों की गिरी पीसकर उसे बरगद के दूध में डालकर 12 घंटे तक खरल करें. फिर मटर के बराबर गोलियां बनाकर छाया में सुखाकर रख लें. 1-1 गोली सुबहशाम दूध के साथ सेवन करने से वीर्य प्रमेह में लाभ होता है.

24. 150 ग्राम सिंघाड़े का आटा, 15 ग्राम पिसे हुए छुहारे, 10 ग्राम सोंठ चूर्णसभी को एक लीटर गाय के दूध में मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं. जब खोवा जैसा हो जाए, तो इसमें 125 ग्राम घी डालकर भूनें और आधा किलो खांड डालकर सुरक्षित रख लें. इसे 10 से 20 ग्राम की मात्रा में सुबहशाम दूध के साथ सेवन करें. यह वीर्य प्रमेह, स्वप्नदोष और वीर्य की तरलता का रामबाण नुस्ख़ा है.

25. सेक्स के पहले फोरप्ले ज़रूर करना चाहिए. कम से कम 10-15 मिनट के फोरप्ले के बाद ही कपल्स को सेक्स करना चाहिए. इससे सेक्सुअल क्रिया आनंददायक व संतुष्टि भरी होती है.

 

अनंत

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हर किसी को जाननी चाहिए सेक्स से ज़ुड़ी ये 35 रोचक बातें (35 Interesting Facts About Sex)

Interesting Facts About Sex
सेक्स से जुड़ी बहुतसी ऐसी बातें हैं जिनके बारे में शायद ही आपको कोई जानकारी हो. आपकी सेक्स नॉलेज को बढ़ाने के लिए प्रस्तुत है वैज्ञानिकों द्वारा समयसमय पर किए गए सेक्स संबंधी शोध और सर्वे रिपोर्ट्स की संक्षिप्त जानकारी.

Interesting Facts About Sex

1. सप्ताह में दो या तीन बार सेक्स करनेवाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है.

2. एक सर्वे के अनुसार, 60% पुरुष चाहते हैं कि सेक्स के लिए औरत पहल करे.

3. सेक्स के दौरान हार्ट अटैक से मरनेवाले पुरुषों में से 85% पुरुष ऐसे होते हैं, जो अपनी पत्नी को धोखा दे रहे होते हैं.

4. जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत हो, उनके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छी नींद आती है. रिसर्च के अनुसार, ये नींदवाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज़्यादा कारगर है.

5. 20% पुरुषों को ओरल सेक्स से आनंद आता है, जबकि 6% महिलाओं को ये महज़ फोरप्ले का हिस्सा लगता है.

6. अमेरिका में 12-15 साल के किशारों में ओरल सेक्स का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है और मज़ेदार बात तो ये है कि वो इसे सेक्सुअल क्रिया मानते ही नहीं.

7. 25 % महिलाएं सोचती हैं कि पुरुष रुपएपैसे से सेक्सी बनता है.

8. ज़्यादा सेक्स करनेवाले पुरुषों की दाढ़ी अपेक्षाकृत तेज़ी से बढ़ती है.

9. लेटेक्स कंडोम की औसत लाइफ़ 2 साल होती है.

10. रोमांटिक उपन्यास पढ़नेवाली औरतें ऐसे उपन्यास न पढ़नेवाली औरतों की तुलना में सेक्स का ज़्यादा आनंद उठा सकती हैं.

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11. यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर्स के मनोवैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के अनुसार, पुरुष किसी भी दूसरे रंग के मुक़ाबले लाल रंग के परिधान में महिलाओं की ओर ज़्यादा आकर्षित होते हैं.

12. हाल ही में हुए शोध के अनुसार, जिन महिलाओं में इमोशनल इंटेलिजेन्स (अपनी भावनाओं को समझने के साथसाथ अपने आसपास रहनेवाले लोगों की भावनाओं व ज़रूरतों की समझ) बेहतर होती है, वे सेक्स में उतनी ही अच्छी पार्टनर साबित होती हैं.

13. अक्सर कहा जाता है कि महिलाओं को सेक्स के लिए उत्तेजित होने में कम से कम 20 मिनट का समय लगता है, परंतु शोध से पता चला है कि किसी पुरुष की कल्पना और फोरप्ले से उत्तेजित होने में उन्हें मात्र 10 मिनट लगता है.

14. पुरुष तथा महिलाएं दोनों ही एक दिन में कई बार ऑगैऱ्ज्म का अनुभव कर सकते हैं.

15. अगर किसी महिला में सेक्स उत्तेजना उत्पन्न नहीं होती, तो एक बार ‘बर्थ कंट्रोल पिल्स’ को बदलकर देखें, क्योंकि कई बार अलगअलग पिल्स में पाए जानेवाले हार्मोंस सेक्स की उत्तेजना को प्रभावित करते हैं. इन्हें बदलने से समस्या हल हो सकती है.

Interesting Facts About Sex

 

16. कई बार सीमेन (वीर्य) से ब्लीच जैसी गंध आती है. इससे कोई हानि नहीं है. यह प्राकृतिक डिसइंफेक्टेंट होता है एवं स्पर्म्स को योनि में पाए जानेवाले एसिड के बुरे प्रभाव से बचाता है.

17. एंकलबोन के नीचे एड़ी में सर्कुलर मसाज करने से सेक्सुअल उत्तेजना बढ़ती है.

18. पुरुष रात्रि की नींद के दौरान औसतन 4 या 5 बार इरेक्शन अनुभव करते हैं.

19. रिसर्च द्वारा पता चला है कि जो लड़कियां साइकिल रेस में हिस्सा लेती हैं या हर हफ़्ते 100 मील साइकिल चलाती हैं, उनकी बाह्य जननेंद्रियों का सेंसेशन कम हो जाता है.

20. पेनिस की लंबाई का ऑर्गैज़्म से कोई संबंध नहीं होता, क्योंकि योनि का केवल 1/3 भाग ही संवेदनशील होता है. अगर सेक्स पोज़ीशन सही हो, तो छोटा पेनिस भी ऑर्गैज़्म दे सकता है.

21. जर्मन शोधकर्ताओं के अनुसार, सुरक्षित रिलेशनशिप में महिलाओं की सेक्सुअल इच्छा कम हो जाती है. 4-5 साल साथसाथ रहने के बाद महिलाएं पुरुषों की इच्छानुसार सेक्स करती हैं.

22. ऐसे पुरुष, जिनके अनेक स्रियों से संबंध होते हैं, वे सेक्स को बहुत महत्वपूर्ण तो समझते हैं, परंतु अपने रिलेशनशिप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते.

23. एक सर्वे के अनुसार, सेक्स के लिए कपल्स की सबसे पसंदीदा जगह बेडरूम के अलावा कार होती है.

24. यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रॉम्प में हुए रिसर्च के अनुसार, नीली आंखोंवाले पुरुष अक्सर नीली आंखोंवाली स्री को ही पसंद करतेे हैं. यदि उनका बच्चा भूरी आंखोंवाला हुआ, तो वे सोचते हैं कि उनकी पत्नी ने उनके साथ धोखा किया है. वैसे आनुवांशिकता का नियम भी यही कहता है.

25. महिलाएं पीरियड्स के दौरान या उसके ठीक पहले ज़्यादा सुखद ऑर्गैज़्म का अनुभव करती हैं. ऐसा उनके पेल्विक एरिया में रक्तसंचार के बढ़ने के कारण होता है.

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26. सेक्स के दौरान पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज़्यादा कल्पनाशील हो जाती हैं. इस तरह की सेक्सुअल फेंटेसी से उन्हें संतुष्टि तो मिलती ही है, आपसी संबंध भी मज़बूत होते हैं.

27. जो पुरुष ज़्यादातर सेक्सुअल फेंटेसी में रहते हैं, वे अपने रोमांटिक रिलेशनशिप से कम संतुष्ट रहते हैं.

28. एक रिसर्च के अनुसार, कॉलेज के दौरान जो लड़के सेक्स में लिप्त रहते हैं, वे अक्सर डिप्रेशन में चले जाते हैं, जबकि सेक्स न करनेवाले विद्यार्थी नॉर्मल रहते हैं.

29. कुछ महिलाओं को सीमेन (वीर्य) से एलर्जी होती है. सीमेन में मौजूद प्रोटीन के कारण उनके जननांग एवंं शरीर के अन्य हिस्सों पर जलन व खुजली की समस्या हो जाती है.

30. अध्ययन बताते हैं कि सेक्स से सिरदर्द व जा़ेडों का दर्द दूर होता है. वास्तव में ऑर्गैज़्म के तुरंत बाद ऑक्सीटोसिन हार्मोन का लेवल 5 गुना बढ़ जाता है, जिससे एंडॉरफिन हार्मोन का स्राव होता है. यह दर्द को दूर भगाता है.

31. सामान्यतः ऐसा समझा जाता है कि प्रेग्नेंसी से सेक्स की इच्छा मर जाती है, परंतु ऐसा नहीं है. गर्भावस्था के दौरान ज़्यादातर महिलाओं की सेक्स की इच्छा या तो बढ़ जाती है या पहले जैसी ही होती है.

32. रिसर्च के अनुसार, सिगरेट नहीं पीनेवालों की सेक्स की इच्छा, आनंद व संतुष्टि सिगरेट पीनेवालों की अपेक्षा ज़्यादा होती है.

33. जर्नल ऑफ सेक्स रिसर्च के अनुसार, कपल्स सामान्य तौर पर फोरप्ले में 11 से 13 मिनट लगाते हैं.

34. एक सर्वे के अनुसार, हफ़्ते में 3 या 4 बार सेक्स करने की इच्छा रखनेवाले पुरुषों व महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है.

35. जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है.

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: सेक्स के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग के क्या कारण हो सकते हैं? (Causes Of Vaginal Bleeding During Sex)

Vaginal Bleeding, During Sex
मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. पिछले कुछ हफ़्तों से सेक्स के दौरान मुझे वेजाइनल ब्लीडिंग होती है. इसका क्या कारण हो सकता है? क्या मुझे डॉक्टर को मिलना चाहिए.
– युक्ता कौल, नोएडा.

बिल्कुल, आपको तुरंत किसी गायनाकोलॉजिस्ट को कंसल्ट करना चाहिए. डॉक्टर आपकी जांच करेंगे कि कहीं वेजाइना या सर्विक्स में कोई सूजन या बढ़ोतरी तो नहीं है. इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- इंफेक्शन्स, ड्राई वेजाइना, सेक्सुअल अराउज़ल के व़क्त बार्थोलिन ग्लैंड में लुब्रिकेशन की कमी, वेजाइना या सर्विक्स का प्री कैंसर आदि. इसलिए सबसे ज़रूरी है कि आप जल्द से जल्द किसी गायनाकोलॉजिस्ट को मिलें, ताकि वो ब्लीडिंग का कारण पता कर सके.

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मेरी कज़िन 16 साल की है और 13 साल की उम्र से ही उसके पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर पिछले एक साल से उसके पीरियड्स अनियमित हैं. क्या यह सामान्य है?
– प्रिया सेठी, बरेली.

आमतौर पर 12 से 14 साल की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, पर पीरियड्स को नियमित होने में कुछ साल लग जाते हैं. इस अवस्था को हाइपोथैलामिक पिट्यूटरी ओवेरियन एक्सिस डिस्फंक्शन कहते हैं. इस उम्र में ज़्यादातर लड़कियां अपने वज़न को लेकर काफ़ी सचेत रहती हैं, इसलिए अंडरवेट और ओवरवेट दोनों ही तरह की लड़कियों के पीरियड्स पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा अगर कोई बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती है या उसे पॉलिसिस्टिक ओवरीज़ या थायरॉइड जैसे हार्मोनल प्रॉब्लम्स हैं, तो भी उसके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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7 स्मार्ट ट्रिक्स से सुपरचार्ज करें अपनी सेक्स लाइफ (7 Smart Tricks To Supercharge Your Sex Life)

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कभी ऑफिस का वर्कलोड, तो कभी घर की टेंशन और समय की कमी के चलते कपल्स की सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाती है. यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो धीरे-धीरे उनके रिश्ते में दूरियां आने लगती हैं. यदि आप अपने प्यार भरे पलों को हमेशा तरोताज़ा बनाए रखना चाहते हैं, तो आज़माइए ये तरी़के.

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1. तनाव को करें टाटा

तनाव न स़िर्फ आपकी सेहत और सुंदरता बिगाड़ता है, बल्कि ये सेक्स लाइफ का भी दुश्मन है. तनाव में रहने पर कोई भी इंसान रोमांटिक नहीं हो सकता और जब रोमांस ही नहीं रहेगा, तो नज़दीकियां कैसे बढ़ेंगी. आज की लाइफस्टाइल में तनाव से पूरी तरह बचा तो नहीं जा सकता, लेकिन कुछ आसान तरक़ीब, जैसे- योगा व मेडिटेशन के ज़रिए आप उससे दूर रह सकते हैं. अंतरंग पलों का रोमांच बनाए रखने के लिए बेडरूम में स्ट्रेस की नो एंट्री ज़रूरी है.

2. जादू की झप्पी

आप कितने भी थके क्यों न हों यदि बेडरूम में जाते ही पार्टनर आपको प्यार भरी जादू की झप्पी दे, तो आपकी थकान पल भर में छूमंतर हो जाती है और आपका मूड भी रोमांटिक हो जाता है. दरअसल, प्यार भरे स्पर्श से ऑक्सिटोसिन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है, जिससे आप रिलैक्स महसूस करते हैं. ऐसे में पार्टनर से आपकी क़रीबी बढ़ती है.

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3. बहकी-बहकी बातें

बेडरूम में जाने के बाद न तो उनसे किचन की बातें डिस्कस करें और न ही ऑफिस की. उस व़क्त स़िर्फ आप दोनों अपने बारे में बात करें. अपनी कुछ पुरानी यादें ताज़ा करें. पहली मुलाक़ात व शादी से जुड़ी दिलचस्प बातें शेयर करें. उस व़क्त साथ बिताए अच्छे पलों की ही बात करें. बुरे अनुभवों को भूल जाएं. इससे आप दोनों अच्छा महसूस करेंगे और एक-दूसरे के क़रीब आएंगे.

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4. बेवजह करें फोन

शादी के शुरुआती कुछ महीनों तक तो पति-पत्नी दोनों को फोन पर बातें करना अच्छा लगता है, मगर साल बीतते-बीतते कुछ काम होने पर ही पार्टनर को फोन करते हैं. आप ऐसी ग़लती न करें, कभी-कभार यूं ही बेवजह उन्हें फोन मिला लें और रोमांटिक बातें करें. यदि ये आपको अटपटा लगे, तो कुछ ऐसी बात करें जो आप अपने रिश्ते की शुरुआत में किया करते थे. पार्टनर के लिए यदि कुछ स्पेशल प्लान बनाया है, तो फोन करके उन्हें हिंट दे दें. इससे वो बेताबी से शाम को आपसे मिलने का इंतज़ार करते रहेंगे, ये सोचकर कि आख़िर आप उन्हें क्या सरप्राइज़ देने वाले हैं.

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5. करें रोमांटिक डिनर प्लान

आजकल ज़्यादातर कपल्स वर्किंग हैं, जिसके कारण उन्हें एकसाथ समय बिताने का मौक़ा कम ही मिलता है. ऐसे में यदि कभी आप ऑफिस से जल्दी आ जाएं, तो घर पर ही कैंडल लाइट डिनर का अरेंजमेंट करें. ज़रूरी नहीं कि आप पूरा खाना बनाएं, कोई एक या दो उनकी पसंद की डिश बनाएं और बाहर से खाना ऑर्डर करके रोमांटिक अंदाज़ में डिनर टेबल अरेंज करें. जब पार्टनर आए, तो सेक्सी डे्रस पहनकर उनका स्वागत करें, यक़ीन मानिए, आपकी इस अदा पर वो फिदा हो जाएंगे.

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6. लाइट डिनर करें

अक्सर लोग दिनभर बाहर रहने के कारण रात को घर आकर जमकर खाते हैं, मगर आप ऐसी ग़लती न करें, रात का डिनर हमेशा लाइट ही होना चाहिए. रात को हैवी डिनर करने से आपको बिस्तर पर जाते ही नींद आ जाएगी और आप पार्टनर के साथ प्यार भरे पलों का आनंद नहीं ले पाएंगे. बेहतर होगा कि सोने से एक-डेढ़ घंटे पहले ही डिनर कर लें. इससे बेड पर जाते ही आपको नींद नहीं आएगी.

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7. बेडरूम को दें रोमांटिक टच

यदि आपके पास थोड़ा टाइम है, तो अपने बोरिंग-से बेडरूम के इंटीरियर में मामूली बदलाव करके उसे रोमांटिक टच दीजिए, जैसे- ख़ूबसूरत सैटिन की बेडशीट बिछाएं, हो सके तो फ्रेश फ्लावर रखें. बेडरूम की लाइट को डिम करें और पार्टनर के आने से पहले ही कोई रोमांटिक म्यूज़िक ऑन कर दें. फिर देखिए, इस रोमांटिक माहौल का कैसा जादुई असर होता है. यदि पार्टनर बहुत थका हुआ नज़र आ रहा है, तो मसाज से उसकी थकान दूर करके उसके दिल के क़रीब आ जाइए.

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मसाज थेरेपी फॉर बेटर सेक्स (Massage Therapy For Better Sex)

Therapy For Better Sex

मसाज द्वारा सेक्स लाइफ़ के कई ख़ूबसूरत पलों का आनंद उठाया जा सकता है. मसाज थेरेपी (Therapy For Better Sex) सेक्सुअल पावर को बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को चुस्त-दुरुस्त व तनावमुक्त रखने में भी अहम् भूमिका निभाती है.

Therapy For Better Sex
सेक्सुअल(Therapy For Better Sex) पावर को बढ़ाने में मसाज अहम् भूमिका निभाता है. वैज्ञानिक शोधों से भी यह बात प्रमाणित हुई है कि शरीर के अंग विशेष का मसाज करने से वहां की स्नायु प्रणाली अत्यंत मज़बूत और क्रियाशील होती है. इससे शरीर में उमंग-उत्साह का संचार होता है और व्यक्ति विशेष की सेक्स क्षमता में वृद्धि होती है. मसाज से रक्तसंचार एकाएक बढ़ जाता है, जिससे सेक्स उत्तेजना में गज़ब की बढ़ोत्तरी होती है.

ऑयल मसाज के फ़ायदे
मसाज करने के लिए नारियल, जैतून, तिल के तेल के साथ-साथ अन्य सुगंधित तेलों का इस्तेमाल करें. ख़ुश्बू वाले ऑयल का उपयोग करने से दोहरा लाभ होता है. यह मसाज थेरेपी का काम तो करता ही है, साथ ही सुगंधित होने के कारण यह सेक्सुअल पावर को भी बढ़ाता है. यदि किसी व्यक्ति को सेक्स संबंधी कोई समस्या है, तो ऑयल मसाज(Therapy For Better Sex) से वह भी दूर हो जाती है.

मसाज थेरेपी का वैज्ञानिक दृष्टिकोण
तनाव का सेक्स जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है, लेकिन कई शोधों और अध्ययनों से यह प्रमाणित हुआ है कि मसाज से चुटकियों में तनाव दूर हो जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार, मसाज(Therapy For Better Sex) के कारण त्वचा के भीतर रक्तप्रवाह तीव्र गति से शुरू हो जाता है, जिससे यौनांगों व मांसपेशियों को नया ख़ून और पोषण मिलता है. मसाज को वैज्ञानिक रूप देनेवाले स्वीडन के डॉ. पीटर हेनरी ने इसे तीन भागों में बांटा है- सक्रिय अंग विक्षेप, निष्क्रिय अंग विक्षेप और दुष्क्रिय अंग विक्षेप. आज की वैज्ञानिक मालिश में प्राय: इन्हीं विधियों का समावेश है.

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सक्रिय अंग विक्षेपः इस मसाज प्रक्रिया में घर्षण (Friction) का विशेष रूप से प्रयोग होता है. दोनों हाथों से मांसपेशियों को रगड़ना घर्षण कहलाता है. इससे रक्तसंचार तेज़ होता है और मांसपेशियों तथा ऊतकों को शक्ति मिलती है.

निष्क्रिय अंग विक्षेपः इस मसाज थेरेपी में हल्की-हल्की थपकी, कम्पन, ताल आदि का प्रयोग होता है. यह उंगलियों या हथेली से पूरे शरीर अथवा किसी एक अंग में दिया जा सकता है. इस प्रकार का मसाज मूत्राशय व प्रजनन अंगों की कमज़ोरी में विशेष रूप से फ़ायदेमंद होता है. महिलाओं की माहवारी संबंधी गड़बड़ी, स्नायुशूल, अजीर्ण, कब्ज़ आदि समस्याएं इससे दूर होती हैं. मुक्की (Beating) भी एक प्रकार की थपकी है. नितंब पर बंद मुट्ठी करके मुक्के मारने से महिलाओं का कमज़ोर प्रजनन अंग मज़बूत होता है. इस मसाज थेरेपी में जिस तरह आटा गूंधते हैं, उसी तरह शरीर की मांसपेशियों को गूंधा जाता है. इससे शरीर के विभिन्न प्रकार के रोगों के अलावा सेक्स संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी मदद मिलती है.

निष्क्रिय मसाजः इसे एक तरह से पैसीव एक्सरसाइज़ अर्थात् निष्क्रिय व्यायाम भी कह सकते हैं. अत: जो लोग एक्सरसाइज़ के लिए व़क़्त नहीं निकाल पाते, उनके लिए निष्क्रिय मसाज(Therapy For Better Sex) बेहद फ़ायदेमंद होता है. मसाज करने से त्वचा का रक्तसंचार बढ़ता है और दिलोदिमाग़ में तरोताज़गी छा जाती है.

दंपतियों के लिए मसाज टिप्स
मसाज पति-पत्नी में मुहब्बत के एहसास जगाता है. इससे शरीर और त्वचा दोनों में ही निखार आता है.

टच थेरेपीः सेक्स में टच यानी स्पर्श ख़ास रोल अदा करता है. आपके प्यार से छूने भर से सिहरन-सी पैदा हो जाती है साथी के दिलोदिमाग़ में. धीरे-धीरे सहलाने और स्पर्श करते रहने से प्यार के साथ-साथ सेक्स की इच्छा बलवती होने लगती है. अतः जब भी पति-पत्नी अकेले में हों, तो ख़ामोशी के आलम के साथ स्पर्श के जरिए एक-दूसरे की भावनाओं को जानें-समझें. इससे मन में एक रोमांच-सा पैदा होने लगता है. कभी-कभी यह स्थिति आपको ऑर्गे़ज़म तक भी पहुंचा देती है.

एक-दूसरे का मसाज करनाः मसाज आपके मूड को बनाने के साथ-साथ सेक्स की चाह को भी बढ़ाता है. यदि ऐसे में पति-पत्नी एक-दूसरे का मसाज करें तो यह बॉडी पर जादू-सा असर करती है. इससे दोनों के बीच की दूरियां दूर होने के साथ-साथ नीरसता भी छंटती है. उनमें आपसी प्रेम मज़बूत होता है. वे इमोशनली एक-दूसरे के क़रीब आते हैं. आपसी समझदारी और केयर की भावना भी बढ़ती है.

फ़िट व हेल्दी रहने का फॉर्मूला
मसाज थेरेपी स्वस्थ और चुस्त-दुरुस्त रखती है. यदि आप मोटी हैं या फिर शरीर में अतिरिक्त चर्बी बढ़ गयी है, तो इसे दूर करने के लिए आप मसाज थेरेपी की सहायता ले सकती हैं. अध्ययन द्वारा यह भी देखा गया है कि मोटापा सेक्स लाइफ़ को प्रभावित करता है. ऐसे में मसाज थेरेपी द्वारा आप ना केवल ख़ुद को हेल्दी रख सकती हैं, बल्कि सेक्सुअल लाइफ़ का भी भरपूर आनंद उठा सकती हैं.

मसाज करने का तरीक़ा
हमेशा मसाज इस तरह करें कि रक्त का प्रवाह ऊपर की ओर होता रहे, ताकि रक्तशुद्धि का कार्य भी होता रहे. मसाज की शुरुआत पैरों से करें. फिर शरीर के अन्य भागों का मसाज करते जाएं. ध्यान रखें, मसाज शरीर में होनेवाले रक्तसंचार की विपरीत दिशा में कदापि न करें. पैर के तलुओं से प्रारंभ करके क्रमशः पैर की उंगलियों, पिंडलियों, जंघा, इसके बाद दोनों हाथों, भुजाओं, पेट, छाती, पीठ और फिर कंधों की मालिश करनी चाहिए.

जांघों के अंदरूनी भाग पर, छाती के ऊपर, गर्दन के पीछे, नितंबों के ऊपर, हाथ-पैरों की उंगलियों के मध्य, स्तनों के आस-पास मसाज करने से सेक्स उत्तेजना अप्रत्याशित रूप से तीव्र हो उठती है. अपनी क्षमता व उम्र के अनुसार 15-20 मिनट तक  मसाज करना चाहिए. इससे यौनांगों में तीव्र उत्तेजना उत्पन्न होती है.

मसाज करने के लिए पहले सुगंधित तेल हथेलियों पर लगाकर जिस अंग का मसाज करना हो, उस जगह पर हाथ फिराकर तेल लगाएं. इसके बाद हथेलियों का हल्का-हल्का दबाव डालकर तब तक मसाज करें, जब तक कि  शरीर तेल सोख न ले. इस प्रकार तेल की भीनी-भीनी ख़ुश्बू रोमछिद्रों एवं नाक के माध्यम से मस्तिष्क में पहुंचकर संपूर्ण शरीर में मादकता और मस्ती भर देते हैं. इससे सेक्स संबंधी संवेदनाओं का नियंत्रण भी होता है. परिणामस्वरूप व्यक्ति सेक्स के समय जल्दी स्खलित नहीं होता. मसाज थेरेपी शीघ्रपतन के मरीज़ों के लिए एक वरदान है.

– भावना

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लें सेक्सुअल लाइफ का हेल्थ टेस्ट (Health test for sexual life)

Health test for sexual life

जिस तरह हेल्दी बने रहने के लिए हम समय-समय पर ज़रूरी हेल्थ चेकअप्स (Health test for sexual life) कराते हैं, ठीक उसी तरह अपनी सेक्सुअल लाइफ को भी हेल्दी बनाए रखने के लिए हमें कुछ हेल्थ टेस्ट्स कराने चाहिए. इन टेस्ट्स के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने बात की सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. राजन भोसले (एमडी, ऑनरेबल प्रोफेसर एंड एचओडी, डिपार्टमेंट ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन, केईएम हॉस्पिटल, मुंबई) से.

Health test for sexual life

सेक्सुअल हेल्थ चेकअप्स

हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए आपका सेक्सुअली हेल्दी रहना बहुत ज़रूरी है. अगर आप सेक्सुअली एक्टिव नहीं हैं या किसी रिलेशनशिप में भी नहीं हैं, फिर भी ये हेल्थ चेकअप्स आपके लिए उतने ही ज़रूरी हैं.

कब कराएं चेकअप?

अगर आप सेक्सुअली एक्टिव हैं, तो आपको नियमित समय पर सेक्सुअल हेल्थ चेकअप्स कराते रहना चाहिए. अपनी लाइफस्टाइल और सेक्सुअल एक्टिविटी के आधार पर तय करें कि आपको कितने अंतराल पर टेस्ट कराने चाहिए. अगर इसमें से कोई भी स्थिति हो, तो सेक्सुअल हेल्थ टेस्ट कराएं-

– अगर आपको आशंका है कि आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (एसटीआई) हो सकता है.

– अगर आपने अनसेफ सेक्स किया हो और अच्छा फील न कर रहे हों.

– सेक्स के दौरान कंडोम फट या फिसल गया हो.

– आपके एक से अधिक पार्टनर से संबंध हैं.

– आपके पार्टनर के एक से अधिक पार्टनर हैं.

– आपको शक है कि बिना स्टरलाइज़ किया हुआ इंजेक्शन आपको लगाया गया है.

सेक्सुअल हेल्थ टेस्ट्स दो तरह के होते हैं-

1. लैंगिग क्षमता या क़ाबिलीयत को जाननेवाले टेस्ट

2. यौन संक्रमण या यौन रोगों की जांच के लिए टेस्ट

डॉ. राजन भोसले के अनुसार, अगर आपको कोई सेक्सुअल प्रॉब्लम है, गुप्तांगों में दर्द है या फिर आपको लगता है कि शायद आप सेक्सुअली फिट नहीं हैं, तो ये टेस्ट्स ज़रूर कराएं.

लैंगिग क्षमता परखनेवाले टेस्ट्स- महिलाओं-पुरुषों दोनों के लिए

सीरम टेस्टोस्टेरॉन लेवल: टेस्टोस्टेरॉन लेवल टेस्ट के ज़रिए ब्लड में मौजूद टेस्टोस्टेरॉन लेवल के बारे में जानकारी मिलती है. टेस्टोस्टेरॉन सेक्स हार्मोन है, जो महिलाओं और पुरुषों दोनों में होता है.

एसएचबीजी: सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोबुलिन के ज़रिए जहां पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन की कमी की जांच की जाती है, वहीं महिलाओं में इसकी अधिकता के बारे में पता लगाया जाता है. इसकी कमी और अधिकता दोनों ही आपकी सेक्सुअल लाइफ के लिए हेल्दी नहीं.
सीरम प्रोलैक्टिन: यह एक तरह का ब्लड टेस्ट है, जिससे ब्लड में प्रोलैक्टिन के लेवल की जांच की जाती है. महिलाओं और पुरुषों दोनों के रिप्रोडक्टिव हेल्थ में यह अहम् भूमिका निभाता है. इसलिए बेवजह के सिरदर्द और सेक्सुअल ड्राइव में कमी की शिकायत पर डॉक्टर आपको इसकी सलाह दे सकते हैं.

एफएसएच टेस्ट: फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन टेस्ट महिलाओं और पुरुषों के रिप्रोडक्टिव सिस्टम में अहम् भूमिका निभाता है. महिलाओं में अनियमित पीरियड्स और इंफर्टिलिटी प्रॉब्लम्स और पुरुषों में लो स्पर्म काउंट और टेस्टिकुलर डिस्फंक्शन के लिए यह टेस्ट कराया जाता है.

एलएच टेस्ट: ल्युटिनाइंज़िंग हार्मोन टेस्ट ब्लड या यूरिन के ज़रिए किया जाता है. महिलाओं व पुरुषों के रिप्रोडक्टिव सिस्टम की जांच और ओवरी से निकलनेवाले एग्स का विश्‍लेषण किया जाता है. अगर कोई महिला कंसीव नहीं कर पाती है, तो पति-पत्नी दोनों को यह टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है.

टी3, टी4, टीएसएच: थायरॉइड की जांच के लिए ये टेस्ट्स कराए जाते हैं. थायरॉइड रिप्रोडक्टिव सिस्टम को बाधित करता है, जिससे महिलाएं कंसीव नहीं कर पातीं. बहुत से मामलों में महिलाओं को थायरॉइड होता है, पर उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती, जिसके कारण वो कंसीव नहीं कर पातीं. ऐसे में थायरॉइड लेवल की जानकारी किसी के लिए भी बहुत ज़रूरी हो जाती है.

ब्लड शुगर: ब्लड शुगर जहां आपकी कामोत्तेजना में कमी लाता है, वहीं सेक्स के प्रति रुचि कम होने लगती है. ब्लड शुगर पुरुषों व महिलाओं दोनों में सेक्सुअल डिस्फंक्शन का कारण बनता है. ऐसे में अगर आपको लगता है कि आपकी कामोत्तेजना में कमी आ गई है, तो डॉक्टर की सलाह पर अपना ब्लड शुगर ज़रूर चेक करें.

लिपिड प्रोफाइल: कोलेस्ट्रॉल लेवल महिलाओं और पुरुषों में सेक्सुअल फंक्शन्स को प्रभावित करता है. कोलेस्ट्रॉल जितना आपके हार्ट के लिए नुक़सानदायक है, उतना ही आपकी सेक्सुअल लाइफ के लिए भी. ऐसे में अपनी सेक्सुअल लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए नियमित समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना ज़रूरी हो जाता है.

Health test for sexual life

पुरुषों के लिए

पेनाइल डॉपलर स्टडी: गुप्तांग में रक्तसंचार के बारे में जानने के लिए यह टेस्ट किया जाता है. इस टेस्ट की मदद से पुरुषों में सबसे आम समस्या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बारे में पता चलता है.

टेस्टिकल्स चेकअप: समय-समय पर पुरुषों को अपने टेस्टिकल्स की जांच कराते रहना चाहिए. इससे किसी भी तरह की असामान्य गांठ या सूजन होने पर आपको तुरंत पता चल जाएगा. यह इसलिए भी ज़रूरी है, क्योंकि यह टेस्टिकल कैंसर का कारण भी हो सकता है. अगर आपको कुछ भी असामान्य लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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महिलाओं के लिए

एस्ट्रोजेन व प्रोजेस्टेरॉन: ये दोनों ही हार्मोंस महिलाओं के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं. महिलाओं की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ उनकी सेक्सुअल लाइफ को हेल्दी बनाने में ये अहम् भूमिका निभाते हैं.

यूटरस और ओवरीज़ की सोनोग्राफी: सोेनोग्राफी के ज़रिए यूटरस और ओवरीज़ की सही तरी़के से जांच हो पाती है, जिससे उनमें होनेवाली किसी भी तरह की समस्या की जांच की जा सकती है. महिलाओें की सेक्सुअल हेल्थ के लिए सोनोग्राफी के ज़रिए इनकी नियमित रूप से जांच ज़रूरी है.

गुप्तांगों की जांच: अगर आपको लगता है कि आपकी सेक्सुअल लाइफ में समस्या आ रही है, तो किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट से मिलकर फिज़िकल एक्ज़ामिनेशन करा लें.

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यौन संक्रमण या यौन रोगों की जांच के लिए टेस्ट

एसटीआई स्क्रीनिंग: यह एक ब्लड टेस्ट है, जिसके ज़रिए सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स की जांच होती है. अगर आपमें भी निम्नलिखित लक्षण नज़र आते हैं, तो एसटीआई स्क्रीनिंग ज़रूर कराएं. अगर आपके गुप्तांग से डिस्चार्ज हो रहा हो, पेशाब करते समय दर्द हो, गुप्तांग में फुंसी या छाले हों, खुजली हो, सेक्स के दौरान दर्द हो, तो ये टेस्ट ज़रूर कराएं.

एचआईवी1 और एचआईवी2: जैसा कि सभी को पता है कि एड्स के लक्षण दिखाई नहीं देते और सालों बाद जब वे हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर कर देते हैं, तब इनके बारे में पता चलता है. ऐसे में इनके प्रति सतर्कता ही आपको इनसे बचा सकती है. एचआईवी टेस्ट्स कराना आपके लिए ही फ़ायदेमंद होगा.

हर्पिस: यह एक आम सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ है. आमतौर पर इसके लक्षण दिखाई ही नहीं देते, जिससे व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि उसे हर्पिस है. संक्रामक होने के कारण इसकी जल्द से जल्द जांच ज़रूरी हो जाती है. अगर आपके गुप्तांगों में घाव हो, तो डॉक्टर को इस बारे में बताएं, वो एचएसवी1 और एचएसवी2 टेस्ट की सलाह देंगे.

वीडीआरएल: सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन का पता लगाने के लिए यह टेस्ट किया जाता है.

पुरुषों के लिए
प्रोस्टेट स्क्रीनिंग: प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए प्रोस्टेट स्क्रीनिंग बहुत ज़रूरी है. उम्र बढ़ने के साथ ही प्रोस्टेट कैंसर की संभावना भी बढ़ने लगती है, ऐसे में यह टेस्ट ज़रूरी हो जाता है. फैमिली हिस्ट्रीवाले पुरुषों को ख़ास ध्यान रखना चाहिए. अगर आपको यूरिन पास करने में तकलीफ़ हो, यूरिन या सिमेन में ब्लड आए, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें.

महिलाओं के लिए
सर्वाइकल स्मीयर टेस्ट: स्मीयर टेस्ट को पैप टेस्ट भी कहते हैं. सर्विक्स यानी गर्भाशय ग्रीवा कितना हेल्दी है जानने के लिए ही यह टेस्ट किया जाता है. यह टेस्ट कैंसर की जांच के लिए नहीं है, पर इसकी मदद से कैंसर को टाला जा सकता है. 25-60 साल की सभी महिलाओं को हर 3-5 साल में यह टेस्ट कराना चाहिए.

ब्रेस्ट्स की जांच: ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए नियमित रूप से ब्रेस्ट्स का सेल्फ एक्ज़ामिनेशन बहुत ज़रूरी है. हाल ही में हुई स्टडीज़ में यह बात पता चली है कि ब्रेस्ट कैंसर शहरी महिलाओं में मौत का प्रमुख कारण बन गया है. ऐसे में ब्रेस्ट्स की जांच बहुत ज़रूरी हो जाती है. ब्रेस्ट्स में सूजन या गांठ का महसूस होना, ब्रेस्ट्स के आकार व रंगत में बदलाव, निप्पल्स का अंदर की तरफ़ घुसा हुआ होना ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. हर महीने पीरियड्स के बाद सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन ज़रूर करें.

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सेक्सुअल हेल्थ टिप्स

– 40 की उम्र के बाद सभी महिलाओं को सालाना मैमोग्राफी करानी चाहिए.

– 40 की उम्र के बाद सभी पुरुषों को सालाना प्रोस्टेट स्क्रीनिंग नियमित रूप से करानी चाहिए.

– महिलाओं को किसी भी तरह का डिस्चार्ज होने पर तुरंत गायनाकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए.

– किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचने के लिए सेक्सुअल हाइजीन का ध्यान रखें.

– सेक्सुअल हेल्थ के लिए लो फैट व हाई फाइबर डायट लें.

– डायबिटीज़ और ब्लडप्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए खाने में शक्कर और नमक की मात्रा कम रखें.

– सेक्सुअल फिटनेस के लिए कंप्लीट बॉडी फिटनेस बहुत ज़रूरी है, इसलिए हफ़्ते में 5 दिन 40 मिनट तक ब्रिस्क वॉक (तेज़ चलना) करें.

– अनीता सिंह