singer

अपनी मर्ज़ी से कहां अपने सफ़र के हम हैं
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं…

निदा फ़ाज़ली की इस ग़ज़ल को जगजीत सिंह ने अपनी मधुर आवाज़ से और भी ख़ूबसूरत और आकर्षक बना दिया था. सच है कि कई बार ज़िंदगी के सफ़र में ना चाहते हुए भी हमें अनजाने रास्तों से गुज़रना पड़ता ही है.
आज जगजीत सिंहजी की पुण्यतिथि है. उन्हें गए नौ साल बीत चुके, पर लगता है जैसे कल की ही बात हो. इस अवसर पर उनसे जुड़ी कुछ कही-अनकही बातों को जानते हैं. साथ ही दिलों को मदहोश कर देनेवाले उनकी ग़ज़लों को भी देखते-सुनते हैं.
जगजीत सिंह का पूरा नाम जगमोहन सिंह धीमन था. वे राजस्थान के गंगाशहर के रहनेवाले थे. उनके पिता चाहते थे कि वे इंजीनियर या आईएएस ऑफिसर बने, लेकिन जगजीत दिल से संगीत के दीवाने थे. वे गाना चाहते थे. अपनी आवाज़ को एक मुक़ाम देना चाहते थे. उनकी पढ़ाई की किताबों से अधिक तो उनकी संगीत के साजो-सामान रहते थे.
पिता की इच्छा का मान रखते हुए वे जालंधर पढ़ाई के लिए गए. उन दिनों वे जालंधर के रेडियो और अपने कॉलेज में भी गाया करते थे. लेकिन सिंगर बनने की चाह दिनोंदिन बढ़ती गई. उनका यह सोचना था कि वह अपने घर गए, तो कभी उनके पिता उन्हें गायक नहीं बनने देंगे, इसलिए वे मुंबई आ गए.
यहां पर काफ़ी संघर्ष करना पड़ा. खाने के लिए उन्होंने होटलों में गाना शुरू किया, ताकि भरपेट भोजन मिल सके. फिर पार्टियों-इवेंट आदि में ग़ज़ल और गाना गाने लगे. उन्होंने ऐड में जिंगल के लिए भी अपनी आवाज़ दी, जिसे लोगों ने काफ़ी पसंद भी किया. ऐसे छोटे-मोटे काम करते रहे और आगे बढ़ते रहे.
उसी दरमियान उनकी मुलाक़ात अजीज मर्चेंट से हुई, जो गुजराती फिल्मों में संगीतकार थे. उन्होंने जगजीत सिंह को एक ऑफर दिया कि उनके लिए बढ़िया काम है. उन्हें ख़ुशी हुई कि फिल्मों में गाने का मौक़ा मिलेगा. लेकिन जब निर्माता से मिलना हुआ, तो उन्होंने फिल्म के हीरो का ऑफर किया. जगजीतजी गाने में अपना करियर बनाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि वे यह नहीं कर सकते.
70 के दशक में लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार जैसे गायकों का बोलबाला था. तब जगजीत सिंह ने सोचा कि ऐसे तो वे अपने पैर नहीं जमा पाएंगे. तब उन्होंने और चित्रा सिंह ने मिलकर ग़ज़ल सिंगिंग में आगे बढ़ने का निर्णय लिया. उन्होंने अपना पहला एल्बम ‘द अनफॉरगेटेबल’ रिलीज़ किया. यह एल्बम लोगों को इतना पसंद आया कि सुपर-डुपर हिट हो गया. फिर उसके बाद तो जगजीत-चित्रा के एल्बम की सीरीज़ निकलने लगी. लोगों को ख़ूब पसंद आने लगे.70 के दशक के सबसे मशहूर ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह आज हमारे बीच नहीं हैं… लेकिन उनकी मखमली आवाज़ का जादू सदा रहेगा. गाने और ग़ज़लों को उनकी आवाज़ और भी उम्दा व ख़ूबसूरत बना देती हैं. आज उनकी पुण्यतिथि पर उनकी बेहतरीन गीत-संगीत के कलेक्शन को सुनते-देखते हैं…

Jagjit Singh

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कोरोना काल में काफ़ी लोग शादी के बंधन में बंधे. कुछ लोगों ने अपने प्यार को रिश्ते का नाम दिया. शायद इसमें एक और नाम गायिका नेहा कक्कड़ का भी जुड़ रहा है. नेहा शादी करने जा रही है. सुनने में आया है कि अक्टूबर के अंत में नेहा बंधन में बननेवाली है. उनकी उंगली में एक ख़ास अंगूठी देखी गई हुई है. उनकी सगाई का भी दावा किया जा रहा है.
जब हमने इसकी तह तक जाने की कोशिश की, तो पता चला कि पंजाबी गायक रोहनप्रीत सिंह जिनके साथ उन्होंने डायमंड का छल्ला गाना किया था. इस वीडियो शूट में रोहनप्रीत ने नेहा को अंगूठी पहनाई और वह देखकर नेहा काफी ख़ुश भी हुईं. उनके चेहरे पर एक अलग तरह की ख़ुशी दिखाई दे रही थी. अब यह ख़ुशी गाने के हिट होने की है या रिश्ते में बंधने की, यह तो वक़्त ही बताएगा.
जब रोहनप्रीत सिंह के मैनेजर से इस बारे में संपर्क किया गया, तो उन्होंने ऐसी किसी भी बात से इंकार किया. उनका कहना है कि दोनों का गाना साथ में आया है, इसलिए इस तरह की बातें हो रही हैं, जबकि सगाई जैसी ऐसी कोई बात नहीं है.
यह पहली बार नहीं है जब नेहा कक्कड़ की शादी की अफ़वाह फैली है. इसके पहले भी कई ऐसे मौक़े आए हैं, जब उनके रिश्ते होने और बंधन में बनने की चर्चाएं ज़ोरों पर रही, ख़ासकर इंडियन आइडल शो में जब उदित नारायण के बेटे आदित्य नारायण के साथ नेहा की शादी की चर्चा हो रही थी. मज़ेदार बात तो तब हुई, जब आदित्य के पिता उदित नारायण ने भी नेहा को बहू स्वीकार कर लिया.
बाद में पता चला कि शो की टीआरपी के लिए यह सब नाटक किया गया था. अब नेहा का रोहनप्रीत सिंह से रिश्ता जुड़ता है कि नहीं यह तो आनेवाला वक़्त ही बताएगा, फ़िलहाल दोनों एक-दूसरे को पसंद करते हैं, यह तो जगज़ाहिर है और उनके वीडियो भी बयां कर रहे हैं.
विश्वसनीय सूत्रों का तो यह भी कहना है कि शादी अक्टूबर के अंत में दिल्ली में होगी. महामारी के दौर के कारण लॉकडाउन के चलते कुछ ही लोगों को बुलाया जाएगा. यह ख़बर कितनी सही है यह तो जल्द ही पता चल जाएगा, लेकिन दोनों की जोड़ी, नोक-झोंक काफ़ी प्यारी लाग रही है, यह वीडियो में भी दिखता है. फ़िलहाल नेहा टीवी शो इंडियन आइडल के जज के रूप में विराजमान हैं.

Neha Kakkar and Rohanpreet
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Shukar Hai Mere Rabba! ♥️👼🏻🙏🏼😇

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यह भी पढ़ें: बिग बॉस 14: पारस छाबड़ा और पवित्रा पुनिया के बीच झगड़ा शुरू, पारस ने लगाया शादी छुपाने का आरोप (Bigg Boss 14: Paras Chhabra Claimed Pavitra Punia Was Married When They Were Dating)

एस.पी. बालासुब्रमण्यम के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लता मंगेशकर, उनके सहयोगी और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम हस्तियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी. वे अगस्त महीने से ही कोरोना संक्रमण के कारण हस्पताल में भर्ती थे. काफ़ी समय से वेंटिलेटर पर थे. आज दोपहर उनके बेटे चरण ने उनके निधन की ख़बर दी. परिवार के सभी पत्नी, बेटा, बेटी, बहन सभी अंतिम समय में उनके पास थे. कल शनिवार को चेन्नई के उनके फार्म हाउस पर अंतिम संस्कार किया जाएगा.
श्रीपति पण्डितराध्युल बालसुब्रमण्यम यानी एस. पी. बालसुब्रमण्यम ने गायकी के अलावा अभिनेता, संगीतकार, निर्माता, एंकर जैसे तमाम फील्ड को भी छुआ था. वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे.
बेहतरीन गायक एस. पी. ने न जाने कितने सुमधुर कर्णप्रिय गीतों को गाया. उनकी हर गीत में एक मस्ती, प्यार की खुमारी, कशिश सी रहती है.
एस. पी. बालसुब्रमण्यम को उनके क़रीबी एसपीबी और बालु बुलाते थे. उन्होंने हिंदी, तेलुगू, मलयालम, तमिल, कन्नड़ आदि में तक़रीबन चालीस हज़ार से अधिक गाने गाए. लगभग 16 भाषाओं में ख़ूबसूरत गीतों को अपनी आवाज़ दी है. उन्हें छह बार राष्ट्रीय पुरस्कार से से सम्मानित किया गया. 25 बार वे साउथ के नंदी अवार्ड्स से भी सम्मानित हुए थे. तेलुगू फिल्म के तमाम पुरस्कार और सम्मान उन्हें मिले थे.
74 वर्षीय बालसुब्रमण्यम ने हर दौर में अपने गाने से बच्चे, युवा और हर जनरेशन को प्रभावित किया. उन्हें लुभाया है. आज वे हमारे बीच नहीं हैं, पर अपने सुमधुर गीतों के ज़रिए वे सदा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगे. उनके चुनिंदा सदाबहार गाने देखते-सुनते हैं.. एस. पी. बालसुब्रमण्यम को मेरी सहेली की तरफ़ से भावभीनी श्रद्धांजलि!.. जुदा होकर भी उनकी आवाज़ की ख़ुशबू फ़िज़ा में सदा महकती रहेगी…

ये हंसी वादियां.. ये खुला आस्मां…
(रोजा)

बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम…
(साजन)

मेरे जीवनसाथी प्यार किए जा…
(एक दूजे के लिए)

पहला पहला प्यार है…
(हम आपके है कौन)

साथिया तूने क्या किया…
(लव)

रूप सुहाना लगता है…
(द जेंटलमेन)

आ के तेरी बाहों में हर शाम लगे सिंदूरी…
(वंश)

हम ना समझे थे बात इतनी सी…
(गर्दिश)

सच मेरे यार है…
(सागर)

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना…
(मैंने प्यार किया)

मुझसे जुदा होकर…
(हम आपके है कौन?..)

S. P. Balasubramaniam

आज फिल्म इंडस्ट्री के लाजवाब गायक सोनू निगम का जन्मदिन है. इन दिनों फिल्मी दुनिया में चल रहे भाई-भतीजावाद, कंगना रनौत को सपोर्ट करने से लेकर संगीत की दुनिया में हो रहा घालमेल, भूषण कुमार से पंगे आदि को लेकर सोनू काफ़ी सुर्ख़ियों में है. वे अपनी बात भी बेबाकी से रख रहे हैं. लेकिन आज हम उनके जन्मदिन पर उनकी सुमधुर बेहतरीन गानों का रस लेगे…

ज़िंदगीनामा…

  • सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 को फरीदाबाद में हुआ था.
  • सोनू ने करियर की शुरुआत चार वर्ष के छोटे उम्र में कर दी थी.
  • उन्होंने चार वर्ष की उम्र में अपने पिता अगम कुमार निगम के साथ मोहम्मद रफ़ी का गाना “क्या हुआ तेरा वादा” गाया था.
  • सोनू ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग उस्ताद गुलाम मुस्तफ़ा ख़ान से ली.
  • सोनू प्लेबैक सिंगिंग के अलावा क्लासिकल, सेमी क्लासिकल व गजल भी गाते हैं.
  • हिंदी के साथ-साथ वह अन्य कई भाषाओं, जैसे- कन्नड़, मराठी, गुजराती भाषाओं में भी गाना गा चुके हैं. 
  • उन्होंने फिल्म ‘आजा मेरी जान’ में ओ आसमान वाले… गाने के साथ बॉलीवुड में कदम रखा.
  • फिल्म बॉर्डर के संदेशे आते हैं… और अग्निपथ के अभी मुझमें कहीं… गाने से उन्हें ख़ास पहचान मिली.
  • उसके बाद कल हो न हो, तुम बिन, दीवाना, संघर्ष, दिल चाहता है, दिल से, फना, मैं हूं ना, कहानी, थ्री इडियट्स, ब्रदर्स जैसी कई फिल्मों में सुपरहिट्स गाने गाए.
  • यह साल सोनू के लिए कई मायनों में यादगार है. गाने के अलावा कई अन्य कारणों से सोनू बहुत चर्चे में रहे हैं.
    मेरी सहेली की ओर से सोनू निगम को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं!..
    सुनिए सोनू निगम के बेहतरीन गाने…
Sonu Nigam

बॉर्डर- संदेशे आते हैं…

अग्निपथ- अभी मुझ में कहीं…

कल हो ना हो- हर घड़ी बदल रही है रूप ज़िंदगी…

दीवाना अलबम- अब मुझे रात दिन…

कभी ख़ुशी कभी ग़म- सूरज हुआ मध्यम…

फना- मेरे हाथ में तेरा हाथ हो…

रोमांटिक ट्रैक…

सदाबहार…

मीका सिंह आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. उनके अलग अंदाज़ में गाने को लेकर वे हमेशा चर्चा में रहे हैं. मीका का जन्म बिहार के पटना में हुआ था. उनका असली नाम अमरीक सिंह यागान है, पर प्यार से लोग उन्हें मीका कहते हैं और इसी नाम से वे गाते भी हैं. वे बेहद लोकप्रिय पंजाबी सिंगर हैं. हिन्दी फिल्मों में गाने के साथ-साथ वे पॉप गायक व रैपर भी हैं. कई बंगाली फिल्मों में भी उन्होंने अपनी आवाज़ दी है.
आज उनके जन्मदिन पर कपिल शर्मा की पत्नी गिन्नी चतरथ ने उनके लिए स्पेशल केक बनाया. मीका ने इसके लिए कपिल शर्मा और गिन्नी को धन्यवाद भी कहा. दरअसल, वे कपिल के पड़ोसी है, इसलिए अक्सर कई कार्यक्रम में दोनों साथ दिखाई देते हैं. लॉकडाउन के समय भी 22 मार्च को दोनों साथ गाते और ड्रम बजाते हुए दिखाई दिए थे. मीका को कपिल ने बधाई देते हुए इसे अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर भी शेयर किया है.
मीका ने एक-से-एक ज़बर्दस्त सुपर-डुपर हिट गाने दिए हैं. चाहे कोई पार्टी हो, फंक्शन हो या शादी बिना मीका सिंह के गाने के अधूरी-सी लगती है. उनके जब वी मेट फिल्म का गाना मौजा ही मौजा… तो सुपर डुपर हिट हुआ था. लोगों ने इसे ख़ूब पसंद भी किया था. मीका जहां अपने अलग अंदाज़ में गाने को लेकर मशहूर है, वहीं विवादों से भी उनका चोली-दामन का साथ रहा है. कई विवाद ऐसे भी रहे हैं, जो आज भी लोग याद करते हैं, ख़ासकर जब राखी सावंत के साथ उनके बर्थडे पर किस वाला सीन, जो काफ़ी विवादित रहा था.
सलमान ख़ान की फिल्मों में मीका ने लाजवाब गाने गाए हैं, जिनमें जुम्मे की रात है… आज की पार्टी… ख़ास है. अंखियों से गोली मारे… पति पत्नी और वो फिल्म का यह गाना सभी को विशेषकर यंग को काफ़ी पसंद आया था.
लॉकडाउन के समय चाहत खन्ना के साथ उन्होंने एक लव सॉन्ग भी रिलीज किया था, जो क्वारंटाइन लव पर आधारित था और उसमें वे गाने के साथ चाहत के साथ अभिनय करते हुए भी दिखाई दिए थे.
मीका को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! आइए आज उनके जन्मदिन पर उनके सुपरहिट और बेहतरीन गानों को देखते और सुनते हैं…

Happy Birthday To Mika Singh

बेहतरीन गायक एस. पी. बालसुब्रमण्यम का आज जन्मदिन है. उन्होंने न जाने कितने सुमधुर कर्णप्रिय गीतों को गाया है. उनकी हर गीत में एक मस्ती, प्यार की खुमारी, कशिश सी रहती है.
श्रीपति पण्डितराध्युल बालसुब्रमण्यम यानी एस. पी. साहब ने गायकी के अलावा अभिनेता, संगीतकार, निर्माता, एंकर जैसे तमाम फील्ड को भी छुआ है. बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं वे.
एस. पी. बालसुब्रमण्यम को उनके क़रीबी एसपीबी और बालु भी कहते हैं. उन्होंने तक़रीबन चालीस हज़ार से अधिक गाने गाए हैं, जो हिंदी, तेलुगू, मलयालम और तमिल के हैं. 16 भाषाओं में ख़ूबसूरत गीतों को अपनी आवाज़ दी है. उन्हें 6 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है. 25 बार वे साउथ के नंदी अवार्ड्स से भी सम्मानित हो चुके हैं. तेलुगू फिल्म के तमाम पुरस्कार और सम्मान उन्हें अब तक मिले हैं.
74 वर्षीय बालसुब्रमण्यम ने हर दौर में अपने गाने से बच्चे, युवा और हर जनरेशन को प्रभावित किया. उन्हें लुभाया है. आज उनके जन्मदिन पर ख़ास अपने पाठकों के लिए उनकी चुनिंदा 10 गाने के गीतों की माला हम पेश कर रहे हैं. एस. पी. बालसुब्रमण्यम को मेरी सहेली की तरफ़ से जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! वे यूं ही अपनी आवाज़ की ख़ुशबू फ़िज़ा में बिखेरते रहें!..

. P. Balasubramaniam
ये हंसी वादियां.. ये खुला आस्मां…
(रोजा)
बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम…
(साजन)
मेरे जीवनसाथी प्यार किए जा…
(एक दूजे के लिए)
पहला पहला प्यार है…
(हम आपके है कौन)
साथिया तूने क्या किया…
(लव)
रूप सुहाना लगता है…
(द जेंटलमेन)
आ के तेरी बाहों में हर शाम लगे सिंदूरी…
(वंश)
हम ना समझे थे बात इतनी सी…
(गर्दिश)
सच मेरे यार है…
(सागर)
दिल दीवाना बिन सजना के माने ना…
(मैंने प्यार किया)
  1.  

बीस हज़ार से भी ज़्याद गाने गा चुकी अलका याग्निक को भला कौन नहीं जानता. लगभग 700 फिल्मों के गानों को अपनी आवाज़ से सजाने वाली अलका हो गई हैं 54 साल की. कोलकत्ता के एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी अलका ने शास्त्रीय संगीत अपनी माँ से सीखा और महज़ 6 साल की उम्र में उन्होंने गायिका का सफ़र शुरू कर दिया. साल 1979 में फिल्म पायल की झंकार से उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की. लावारिस का सुपरहिट गाना मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है… गाने के बाद भी अलका को अपनी पहचान बनाने के लिए 8 साल का इंतज़ार करना पड़ा. 8 साल बाद फिल्म तेज़ाब के गाने 1…2…3… से दर्शकों ने उन्हें नोटिस किया और इसके बाद एक से एक हिट गानों ने अलका को दिलाए 7 फिल्मफेयर और 2 नेशनल अवॉर्ड.

मेरी सहेली ओर से सुरों की मलिका अलका याग्निक को जन्मदिन की शुभकामनाएं.

देखें उनके बेहतरीन गाने.

फिल्म- तेजाब (1988)

फिल्म- मोहरा (1994)

फिल्म- हम दिल दे चुके सनम (1999)

फिल्म- कयामत से कयामत तक (1988)

फिल्म- बाज़ीगर (1993)

फिल्म- राजा हिंदुस्तानी (1996)

आज जब धर्म को लेकर कई फिल्मी सितारे और असामाजिक तत्व बयानबाज़ी के ज़रिए राजनीति कर रहे हैं, ऐसे में अदनान सामी का यह कहना कि वे मुसलमान के तौर पर ख़ुद को भारत में बेहद सुरक्षित महसूस करते हैं, उन सभी के लिए करारा जवाब है.

Adnan Sami

अदनान सामी के गीतों, साफ़गोई व मधुरता के तो सभी दीवाने हैं ही, लेकिन अपने इस बयान से उन्होंने हिंदुस्तानियों का दिल जीत लिया. उन्होंने यह साबित कर दिखाया कि धर्म के नाम पर गंदी सोच का इस देश में कोई स्थान नहीं है. सामी ने यह भी स्पष्ट किया कि आज इस बात को समझने की ज़रूरत है कि सीएए (नागरिकता संशोधन क़ानून) भारत के लोगों के लिए नहीं, बल्कि उनके लिए है, जो भारत की नागरिकता चाहते हैं. ऐसे में समझ में यह नहीं आ रहा कि ग़लतफ़हमी कहां पर है. सब कुछ साफ़ व स्पष्ट तो है.

उनके अनुसार, मैंने भारत की नागरिकता इसलिए ली थी कि मैं ख़ुद को एक मुस्लिम के रूप में सबसे अधिक सेफ यही पर महसूस करता हूं. मुझे भारत से प्यार है.

उन्होंने अल्पसंख्यकों पर होनेवाले अत्याचारों का भी ज़िक्र किया. जब वे इस्लामाबाद के एफ सेक्टर में रहते थे, तब उन्होंने वहां पर ईसाई समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव होते देखा था. चूंकि उन्होंने इसे जाना-समझा है, इसी कारण वे सीएए का समर्थन भी कर रहे हैं. इससे तमाम पीड़ित लोगों को मदद और उचित मान-सम्मान मिलेगा. पिछले दिनों अदनान को पद्मश्री पुरस्कार देने पर भी ख़ूब जमकर विपक्ष ने राजनीति की थी. वे भी क्या करें आदत से मजबूर हैं.

लंदन में जन्मे पाकिस्तान मूल के अदनान सामी को जब अपने लिए सुकूनभरे घर की तलाश थी, तब उन्हें सबसे सुरक्षित और प्यारा हिंदुस्तान ही लगा. देश ने भी उन्हें उतना ही प्यार व सम्मान भी दिया.

उन्होंने एक और सुलझी हुई महत्वपूर्ण बात कही कि वे एक मुसलमान हैं, पर वे सभी जाति-धर्म का सम्मान करते हैं. साथ ही वे इंसानियत का भी सम्मान करते हैं, फिर वह किसी भी रूप में क्यों न हो. आज हर किसी को अदनान सामी से प्रेरणा लेने की ज़रूरत है और सभी भेदभाव व ग़लतफ़हमियों को दरकिनार कर प्रेम, शांति व भाइचारे के साथ एकजुट होकर रहना है.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब अदनान सामी ने देश के हित व भाईचारे पर अपनी बात रखी हो. वे इसके पहले भी कई मौक़ों पर एकता व प्रेम का संदेश देते रहे हैं.

अदनान सामी भारत में अपने सबसे चर्चित गाने थोड़ी तो लिफ्ट करा दे… से इस कदर मशहूर हुए थे कि सभी उनको पसंद करने लगे थे. उसके बाद कभी तो नज़र मिलाओ… तेरा चेहरा… गीत ने भी उन्हें ख़ास मुक़ाम दिलाया. उनके तेरी क़सम व किसी दिन एलबम भी ख़ूूब पसंद किए गए थे. अब उनका नया एलबम तू याद आया भी ख़ूब पसंद किया जा रहा है.

यह भी पढ़ेसीएए पर इतना हंगामा क्यों?.. क्या इस रात की कोई सुबह नहीं…? फिल्ममेकर का बेबाक़ बयान… (Why So Much Uproar On CAA? .. Is There No Morning On This Night… Impeccable Statement Of Filmmaker…)

मशहूर रैपर व सिंगर बादशाह के कार का एक्सीडेंट हो गया था, लेकिन वे बाल-बाल बच गए. फिल्म की शूटिंग के लिए वे जा रहे थे, तब यह हादसा हुआ.

Singer Badshah

बादशाह सरहिंद से दिल्ली की ओर जानेवाले राष्ट्रीय मार्ग से अपने कार में सफ़र कर रहे थे. धुंध की वजह से ड्राइवर को सड़क साफ़ दिखाई नहीं दे रही थी और वहीं पर पुल के पास के स्लैब्स से कार टक्करा गई. वो तो गनीमत थी कि कार के एयरबैग की वजह से बादशाह को ख़ास चोटें नहीं आई. दरअसल, वहीं पर रोड कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था, जिसके कारण सिमेंट, सैलब्स आदि वहां रखे हुए थे. वैसे अब तक बादशाह की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन राहत की बात यह है कि वे ठीक हैं.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी पंजाबी कलाकार का एक्सीडेंट हुआ हो. इसके पहले भी सिंगर गुरदास मान के साथ गंभीर एक्सीडेट हुआ था, जिसमें वे तो बच गए थे, पर उनके साथवाले मित्र की मृत्यु हो गई थी. ऐसे ही सड़क दुर्घटना में कॉमेडियन जसपाल भट्टीजी का देहांत हो गया था. इन सड़क हादसों को लेकर हर किसी को गंभीरता से सोचना होगा और सुरक्षित व सार्थक पहल करनी होगी.

बादशाह का पंजाबी गानों व रैप में दबदबा तो है ही साथ ही हिंदी फिल्मों में भी उन्होंने ने अपनी अच्छी पकड़ बना ली है. पिछले साल सोनाक्षी सिन्हा के साथ खानदानी शफाखाना में उन्होंने अभिनय भी किया था.

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Nuff said @norafatehi #streetdancer3d

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वैसे बादशाह अपने हंसमुख व शरारती स्वभाव के लिए अधिक जाने जाते हैं. स्ट्रीट डांसर 3 डी के प्रमोशन को लेकर उनका और नोरा फतेही के साथ का मज़ेदार वीडियो काफ़ी वायरल हुआ था. वैसे उन्होंने क्रिकेट मैच को लेकर इसी फिल्म के गर्मी… वाले गाने के डांस स्टेप्स की जो नकल दिखाई है, उसे देख तो हर कोई हंसने पर मजबूर हो गया.

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Yahan aakar sab khatam ho jaata hai #garmi

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सभी से गुज़ारिश है कि रोड सेफ्टी का ख़्याल रखें. साथ ही ट्रैफिक नियमों का भी पालन करें.

यह भी पढ़ेकरीना से लेकर ऐश्वर्या तक, अरमान जैन की शादी में लगा सितारों का जमवाड़ा, देखें पिक्स व वीडियोज़ (Bachchans, Kapoors And Others Lead Celeb Roll Call At Armaan Jain And Anissa Malhotra’s Wedding)

इन दिनों जिस तरह फिल्मों के टाइटल, कॉन्सेप्ट मज़ेदार आ रहे हैं, उसी तरह मस्तीभरे गाने भी ख़ूब धूम मचा रहे हैं. जय मम्मी दी फिल्म का गाना लर्म्बोगिनी भी उन्हीं में से एक है. इसे सुमधुर आवाज़ नेहा कक्कड़ ने दी है. उनका साथ निभाया है जसी गिल व मीट ब्रदर्स ने.

Lamborghini

सनी सिंह और सोनाली सेयगल पर फिल्माया लम्बोर्गिनी… सॉन्ग लोगों द्वारा ख़ूब पसंद किया जा रहा है. वैसे भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पंजाबी बेस गानों ने हमेशा ही धमाल मचाया है. लव रंजन व भूषण कुमार द्वारा निर्मित जय मम्मी दी फिल्म के निर्देशक नवजोत गुलाटी हैं.

मम्मीयों के रूप में पूनम ढिल्लों व सुप्रिया पाठक हैं और उन्हीं पर टाइटल व काफ़ी हद तक फिल्म भी आधारित है. कहानी भी थोड़ी हटकर मज़ेदार है. दरअसल, सनी की मां पूनम ढिल्लों और सोनाली की मां सुप्रिया पाठक नहीं चाहतीं कि सनी-सोनाली की शादी हो. उन्हें गब्बर व मोगेंबो के रूप में मिलवाना भी ख़ासा आकर्षण का केंद्र है. दोनों मांएं उनके प्यार और शादी के सख़्त ख़िलाफ़ हैं. फिल्म में कॉमेडी का ज़बर्दस्त तड़का है. इस फिल्म के ज़रिए लंबे समय के बाद पूनम व सुप्रिया को साथ देखने का मौक़ा भी मिलेगा. सत्रह जनवरी 2020 को फिल्म रिलीज़ होनेवाली है. वैसे जिस तरह फिल्म की कथा मज़ेदार है, उसी तरह इसके गीत भी धमाकेदार व दिलचस्प हैं. चलिए, इसका लुत्फ़ उठाते हैं.

Lamborghini Lamborghini Lamborghini

Lamborghini

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लेजेंड सिंगर लता मंगेशकरजी को सांस लेने मेंं तकलीफ़ होने के कारण आईसीयू में भर्ती किया गया है. वे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हैं. कल रात से उन्हें सांस लेने में द़िक्क़त होने लगी, जिसके कारण उन्हें तुरंत अस्पताल में लाया गया.

 Lata Mangeshkar
पिछले ही महीने 28 सितंबर को लताजी ने अपना नब्बे वां जन्मदिन मनाया था. तब सभी सेलिब्रिटीज़ ने उन्हें बधाइयां और ढेर सारी शुभकामनाएं दी थीं. ख़ासकर अमिताभ बच्चन और सचिन तेंदुलकर ने तो दिल को छू लेनेवाले वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर उन्हें जन्मदिन की मुबारकबाद देते हुए शेयर किए थे, जिसे लोगों ने बेहद पसंद दिया.
लताजी ने अब तक क़रीब एक हज़ार से अधिक गाने गाए हैं. उन्हें साल 2001 में भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने लगभग 36 भाषाओं में अपनी आवाज़ दी है.
पिछले दिनों अपने सोशल अकाउंट से उन्होंने पानीपत फिल्म में गोपिका बाई का क़िरदार निभा रही पद्मिनी कोल्हापुरे की तारीफ़ भी की थी.
उनकी अच्छे सेहत की दुआ करते हैं. आशा है, वे जल्द ही स्वस्थ होकर हो जाएंगी. गेट वेल सून…

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बॉलीवुड (Bollywood) की एवरग्रीन गायिका (Singer) आशा भोसले (Asha Bhosle) का आज जन्मदिन (Birthday) है. आशा ताई के नाम से मशहूर आशा भोसले ने 20 भाषाओं में अब तक 12 हज़ार से ज़्यादा गाने गाए हैं. आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को हुआ था. उन्हें बचपन से ही गाने का शौक था. उनके जन्मदिन के अवसर पर जानिए उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें.

Asha Bhosle

 

* मधुर आवाज़ की मलिका सांगली में जन्मीं आशा ताई ने गायकी का सफ़र शुरू किया साल 1943 में जब उन्होंने मराठी फिल्म ‘माझा बाळ’ में पहला गीत गाया.
* वैसे जब आशा ताई महज 9 साल की थीं, तब उनके पिता का देहांत हो गया था, जिसकी वजह से अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर उन्होंने परिवार के सपोर्ट के लिए सिंगिंग और एक्टिंग शुरू कर दी थी.
* आशा ताई ने अपना गायकी का सफ़र छोटी उम्र से ही शुरू कर दिया था और उन्होंने कई भाषाओं में लगभग सोलह हज़ार फिल्मी और नॉन फिल्मी गाने गाए हैं.
* आशा भोसले ने लता मंगेशनकर के पर्सनल सेकेट्ररी से पहली शादी की थी. जब बहुत फेमस हो गई थीं, तो उन्होंने अपना पर्सनल सेक्रेटरी गणपतराव भोसले को रखा था, जो उनका सारा काम देखता था. गणपतराव से आशा भोसले को प्यार हो गया, लेकिन इस शादी के लिए घरवाले तैयार नहीं थे. इसलिए दोनों ने घर से भागकर शादी का फ़ैसला लिया. उस वक़्त आशा भोसले की उम्र 16 साल थी, जबकि गणपतराव की 31 साल.
* यह शादी ज़्यादा दिनों तक चली नहीं. एक इंटरव्यू में आशा भोसले ने बताया था कि गणपतराव के परिवार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया. उनके साथ मारपीट की कोशिश होती थी. आखिरकार गणपतराव ने एक दिन आशा भोसले को घर से निकाल दिया. उस वक़्त वो प्रेग्नेंट थीं. ससुराल से निकाले जाने के बाद वो अपने दो बच्चों हेमंत और वर्षा के साथ वापस अपने मायके आ गईं.
* संगीतकार ओ. पी. नय्यर ने सबसे पहले आशा भोसले की कला को पहचाना और उन्हें 1953 में फिल्म सीआईडी में गाने का अवसर दिया. लेकिन 1956 में नया दौर फिल्म के साथ आशा ताई को पहचान मिली.
* आशाजी ने ओ. पी. नय्यर, खय्याम, रवि, सचिन देव बर्मन, राहुल देव बर्मन, इल्लिया राजा, ए. आर. रहमान, जयदेव, शंकर-जयकिशन, अनु मलिक, मदन मोहन जैसे मशहूर संगीतकारों के लिए भी अपनी आवाज दी है.
* आशा भोसले लगातार पंचम (आर. डी. बर्मन) के लिए गाने गा रही थीं. दोनों के गाने सुनकर ऐसा लगता था कि पंचम का संगीत और आशा की सुरीली आवाज एक-दूसरे के लिए ही बने हैं. पंचम ने आशा भोसले से साल 1980 में शादी की. पंचम और आशा की ये म्यूजिकल लव स्टोरी का सफ़र ज़्यादा दिन तक नहीं चल सका और शादी के 14 साल बाद ही पंचम दा, आशा भोंसले को अकेले छोड़कर 54 साल की उम्र में इस दुनिया से चले गए.
* आशा भोंसले को 7 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड , 2 बार नेशनल अवॉर्ड, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है.
* आशा भोसले पहली ऐसी भारतीय सिंगर हैं, जिन्हें ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था. साल 1997 में आशाजी को पहली बार नॉमिनेट किया गया. साल 2005 में एक बार फिर आशा ताई को ग्रैमी में नॉमिनेशन मिला.
* आशा भोसले सिर्फ अच्छा गाती ही नहीं हैं, बल्कि एक अच्छी कुक भी हैं.
* सुनने में आता है कि आशा भोसले और लता मंगेशकर के बीच बहुत अच्छे संबंध नहीं थे. आशा ने अपने बल पर करियर बनाया. एक इंटरव्यू में लता मंगेशकर ने स्वीकार भी किया था कि एक बड़ी बहन होने के नाते उन्हें आशा को जितना सपोर्ट करना चाहिए था, उन्होंने उतना नहीं किया.
मेरी सहेली की तरफ से आशाजी को जन्मदिन की शुभकामनाएं!
देखें आशाजी से जुड़े यादगार लम्हों की तस्वीरें…