Tag Archives: Small Scale Industray

लघु उद्योग- जानें सोप मेकिंग बिज़नेस की एबीसी… (Small Scale Industry- Learn The Basics Of Soap Making)

आर्थिक रूप से मज़बूत बनना चाहते हैं, तो लघु उद्योग से बेहतर

माध्यम भला और क्या हो सकता है. इसके ज़रिए आप आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बन सकते हैं. मेरी सहेली (Meri Saheli) के लघु उद्योग सीरीज़ में हम हर महीने एक नए लघु उद्योग (New Small Industry) के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं. इसी कड़ी में इस बार हम लाए हैं, सोप मेकिंग उद्योग (Soap Making Industry).

Soap Making

साबुन एक ऐसी चीज़ है, जिसका हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. चाहे नहाने का साबुन हो, कपड़े धोने का या फिर बर्तन धोने का, इन सभी की ज़रूरत हमें रोज़ाना होती है, इसलिए मार्केट में इसकी मांग भी हमेशा बनी रहती है और इसका बिज़नेस भी तेज़ी से बढ़ रहा है.

मार्केट में कौन-सा नया साबुन आ रहा है, इस ओर बहुत से लोगों का ध्यान रहता है. नए साबुन से लोगों को काफ़ी अपेक्षा रहती है कि इसमें कुछ तो नया होगा. पैकेजिंग, ख़ुशबू और कलर्स में कुछ इनोवेटिव करके आप ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं. तो आइए, देखें नहाने का साबुन बनाने के इस लघु उद्योग की प्रक्रिया.

मशीनें

* रॉ मटेरियल मिक्सिंग मशीन की क़ीमत लगभग 35 हज़ार रुपए से शुरू.

* मिलिंग मशीन की क़ीमत लगभग 40 हज़ार रुपए से शुरू.

* सोप प्रिंटिंग मशीन की क़ीमत लगभग 70 हज़ार रुपए से शुरू.

* इस तरह कुल ख़र्च होगा, लगभग 1 लाख 45 हज़ार रुपए.

इसके अलावा मार्केट में आधुनिक तकनीक की ऑटोमैटिक सोप मेकिंग मशीन भी उपलब्ध है. इसके सेट में सभी ज़रूरी मशीनें शामिल हैं, जिसकी क़ीमत लगभग 2,50,000 रुपए है. कंपनी और उत्पादन क्षमता के अनुसार इसकी क़ीमत अलग-अलग हो सकती है.

स्थान और कर्मचारी ख़र्च

* साबुन के बिज़नेस के लिए कम से कम 800 स्न्वेयर फीट के जगह की ज़रूरत है.

* बिजली का बिल हर शहर के मुताबिक़ अलग-अलग हो सकता है.

* बिजली का बिल- लगभग 3 हज़ार रुपए.

* अन्य ख़र्च- लगभग 1 हज़ार रुपए.

* प्रशासकीय ख़र्च- लगभग 4 हज़ार रुपए. (किराया छोड़कर)

कर्मचारी

रोज़ाना 2500 साबुन बनाने के लिए आपको क़रीब 5 कर्मचारियों की ज़रूरत पड़ेगी.

* हर एक कर्मचारी को रोज़ाना 200 रुपए के अनुसार दिन के

200×5=1000 रुपए देने होंगे, तो एक महीने का वेतन 1000×25= 25000 रुपए होगा.

कच्चा माल

पाम ऑयल और कोकोनट ऑयल से सोप नूडल्स तैयार किए जाते हैं. बाज़ार में रेडीमेड सोप नूडल्स मिलते हैं. सोप नूडल्स के अलावा कास्टिक सोडा, ऑलिव ऑयल, कोकोनट ऑयल और अन्य कई तरह के ऑयल्स, कलर्स और फ्रेग्रेंस की ज़रूरत पड़ती है. फ्रेग्रेंस के लिए चंदन, गुलाब, लेमन, नीम, एलोवीरा, लैवेंडर, मोगरा आदि विकल्प हैं. कच्चे माल की क़ीमत मार्केट में और ऑनलाइन साइट्स पर अलग-अलग हो सकती है.

यह भी पढ़ें: लघु उद्योग- चॉकलेट मेकिंग- छोटा इन्वेस्टमेंट बड़ा फायदा (Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns)

साबुन तैयार करने की प्रक्रिया

यहां हम 2500 साबुन प्रतिदिन बनाने के अनुसार कच्चे माल का अनुपात रखेंगे.

* इसके लिए 250 किलो सोप नूडल्स की ज़रूरत होगी.

* सबसे पहले रॉ मटेरियल मिक्सिंग मशीन में सोप नूडल्स डालें.

* थोड़ी देर बाद साढ़े सात किलो सोप स्टोन पाउडर मिलाएं.

* ढाई-ढाई किलो मनपसंद फ्रेग्रेंस और कलर मिलाएं.

* सोप नूडल्स, सोप स्टोन पाउडर, कलर, फ्रेगरेंस अच्छी तरह मिल जाए, तो मिलिंग मशीन में डालें.

* मिलिंग मशीन में मिश्रण को 5-6 गुना और बारीक़ किया जाता है. मिश्रण तैयार करने के लिए इसमें आधा लीटर पानी भी मिलाएं.

* लगभग 20-25 मिनट में एक बार में ही 50 किलो कच्चे माल से 100 ग्राम वज़न के 500 साबुन तैयार किए जाते हैं.

* साबुन को मनचाहा आकार देने के लिए इस मिश्रण को सोप प्रिंटिंग मशीन में डालें. मनपसंद आकार के साबुन तैयार हो जाएंगे.

Soap Making

इसे हमेशा याद रखें

* साबुन के इस्तेमाल से ग्राहकों के शरीर पर उसका कोई साइड इफेक्ट न हो, इस बात का ख़ास ख़्याल रखें.

* साबुन की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें.

* साबुन के लिए इस्तेमाल होनेवाला कच्चा माल अच्छी क्वालिटी व ग्रेड का हो.

* साबुन बनाते समय इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि साबुन का आकार ऐसा हो, जो आपके हाथ में आसानी से आ जाए.

* मार्केट में बहुत-से ब्रांड्स हैं, ऐसे में आपके साबुन की पैकेजिंग ऐसी होनी चाहिए, जो लोगों को आकर्षित करे.

* ज़्यादातर साबुन को लेकर यही शिकायत रहती है कि वो जल्दी गल जाता है, इसलिए आप ऐसा साबुन बनाएं, जो ज़्यादा समय तक टिके.

साबुन की पैकिंग

साबुन भले ही बेहतरीन क्वालिटी का हो, पर अगर उसकी पैकिंग अच्छी नहीं होगी, तो लोगों को वह आकर्षित नहीं कर पाएगा. पैकिंग के लिए इन बातों का ख़्याल रखें.

* पैकिंग करते समय इस बात का ख़ास ख़्याल रखें कि साबुन और पैकिंग जल्दी ख़राब न हो.

* हो सके तो साबुन की पैकिंग के लिए पेपर बॉक्स या पेपर रैपर का इस्तेमाल करें.

* साबुन का पैक रंगबिरंगी और आकर्षक होना चाहिए और उस पर आपके साबुन का ख़ूबसूरत-सा फोटो प्रिंटेड होना चाहिए.

* साबुन के बॉक्स पर उसकी पूरी जानकारी ज़रूर छापें, जैसे- साबुन का नाम, सामग्री, कंपनी का नाम, पता आदि.

उत्पादन की बिक्री

* शुरू में साबुन की बिक्री के लिए आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी. साबुन तैयार करके उसे आप शहर के बड़े-बड़े होटल्स या दुकानों में रख सकते हैं.

* आसपास के इलाकों में सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में जाकर अपने साबुन के बारे में उन्हें बता सकती हैं.

* बिज़नेस प्रमोशन के लिए आप विज़िटिंग कार्ड, पैंफ्लेट या बैनर बनवाकर ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक प्रमोशन कर पाएंगे.

* न्यूज़पेपर, टीवी और वेबसाइट का सहारा ले सकते हैं.

* फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

यह भी पढ़ें: लोन लेने से पहले जानें 18 ज़रूरी बातें (18 Important Things Before Taking A Loan)

उत्पादन और क़ीमत (प्रतिदिन)

प्रतिदिन साबुन का उत्पादन   2500

होलसेल में एक साबुन की क़ीमत   15 रुपए.

एक साबुन की एमआरपी 20 रुपए.

फुटकर व्यापार करनेवाले को

मिलनेवाला प्रॉफिट  5 रुपए.

आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

सोप नूडल्स      250 किलो x  80 रुपए

(1 किलो का दाम)     20,000 रुपए

सोप स्टोन पाउडर 7.5 किलो x  10 रुपए

(1 किलो का दाम)      75 रुपए

रंग   2.5 किलो x  300 रुपए     750 रुपए

(1 किलो का दाम)

परफ्यूम    2.5 किलो x  500 रुपए      1250 रुपए

(1 किलो का दाम)

कुल ख़र्च         22,075 रुपए.

जमा ख़र्च

हर महीने का कुल मिलाकर ख़र्च     8,92,875 रुपए

(तक़रीबन 25 दिन)

(5,51,875+3,12,000+25,000+4,000)

कच्चा मालः 5,51875 रुपए (22,075×25)

पैकिंग का ख़र्चः  3,12,00 रुपए

(प्रति साबुन रुपए 5x2500x25)

कर्मचारी वेतनः  25000 रुपए

प्रशासकीय ख़र्च  4000 रुपए

25 दिनों में कुल उत्पादन (2500×25)    62,500

यह भी पढ़ें: छोटे-छोटे निवेश से करें बड़ी बचत (Small Investments, Big Returns)

हर महीने साबुन की बिक्री से होनेवाला लाभ

जैसे कि एक होलसेल साबुन की     9,37,500 रुपए

क़ीमत  15 (62,500×15) रुपए

हर महीने का प्रॉफिट    44,625 रुपए

(9,37,500-8,92,875)

1 साल का प्रॉफिट (44,625×12)    5,35,500 रुपए

Soap

लघु उद्योग लाइसेंस

* कोई भी लघु उद्योग शुरू करने से पहले व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज़रूरी है.

* लघु उद्योगों के लिए सरकार विविध प्रकार से सहायता करती है, रजिस्ट्रेशन कराके आप इसका लाभ ले सकती हैं.

* बिज़नेस के लिए मशीनों, कच्चा माल और अन्य जानकारी के लिए आप नीचे दी गई इंडस्ट्रीज़ से संपर्क कर सकती हैं-

स्टैंडर्ड सोप इंडस्ट्री

जी-2, गोपाल हाउस, आईबी पटेल रोड, गोरेगांव-पूर्व,

मुंबई- 400063. संपर्क: 022-26862794

ईमेल: [email protected]

कॉनपोर सोप इंडस्ट्रीज़

दुकान नं. 45/100, नई सड़क,

ग्रैंड पैलेस हॉटेल के पास, कानपुर- 208001.

संपर्क: 078006 70707, 077040 24054

वेबसाइट: www.cmimart.com

ईमेल: [email protected]

अजंता सोप वर्क्स

प्लॉट नं. 11 व 12, राम टेकड़ी इंडस्ट्रियल इस्टेट,

हडपसर, पुणे- 411013

संपर्क: 09422014600, 098231 08197

वतन सोप इंडस्ट्रीज़

वतन हाउस, रखिआल, चकुडिआ,

महादेव मंदिर के पास, अहमदाबाद- 380023

संपर्क: 09824093132, 07922744080

एसआर एंटरप्राइज़

24, रतन इस्टेट, नेशनल हाइवे क्रं. 8,

विराट नगर, अहमदाबाद- 382350

संपर्क: 09152900105

सनराइज़ सोप्स

प्लॉट नं. 90 व 121, आइडीए जीडीमेटला,

स्टैंडर्ड ग्लास वर्क्स केपास, हैदराबाद.

संपर्क: 09440310021

ग्रेट धारा उद्योग समूह

रूम नं. 8, ओम श्रीजी, सेकंड फ्लोर, गोलेवाड़ी,

शिवकृपा पतपेढ़ी के पास, ठाणे- 421503, महाराष्ट्र

संपर्क: 091522 28541

आर्यन्स एंटरप्राइज़

लक्ष्मी सौमिल कंपाउंड, वसई रोड-पश्‍चिम,

दत्तात्रेय शॉपिंग सेंटर के पास, पालघर- 401202

संपर्क: 09152264523

साबुन के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं. इसके लिए आप इन वेबसाइट की मदद ले सकती हैं.
www.amazon.com
www.flipkart.com
www.indiamart.com
www.snapdeal.com

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकती हैं. हर एक बैंक का ब्याज़ दर अलग-अलग होता है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

ईमेलः helpmudra.org.in

– साइली शिरके 

लघु उद्योग- चॉकलेट मेकिंग- छोटा इन्वेस्टमेंट बड़ा फायदा (Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns)

आपको आत्मनिर्भर, सक्षम, सफल बनाना ही तो हमारा मकसद है. अपने इसी मकसद को पूरा करने के लिए इस अंक से हम लघु उद्योग पर एक सीरीज़ शुरू कर रहे हैं, जिसमें हम आपको कम लागत में शुरू होनेवाले तमाम बिज़नेस की पूरी जानकारी देंगे, ताकि आप चाहें तो अपना बिज़नेस शुरू करके अपने सपने का नई उड़ान दें.

Chocolate Making

क्या आप जानते हैं कि चॉकलेट मेकिंग बिज़नेस की शुरुआत एक लाख से भी कम पूंजी लगाकर किया जा सकता है? ब्रैंड के नाम से चॉकलेट ख़रीदनेवाले भी आज होममेड चॉकलेट की मांग करने लगे हैं. चॉकलेट की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए चॉकलेट मेकिंग शुरू कर आप छोटा-सा इन्वेस्टमेंट करके आसानी से अपना बिज़नेस शुरू कर सकती हैं.

शुरू में आप कम पूंजी में इसकी शुरुआत करके मांग बढ़ने पर इसका विस्तार कर सकती हैं. हर रोज़ 1000 चॉकलेट तैयार करने के लिए किन-किन चीज़ों की ज़रूरत होगी, आइए इसके बारे में जानते हैं.

 

मशीन और आवश्यक सामग्री पर ख़र्च

बॉयलरः डबल बॉयलर का एक बतर्न. हर मोल्ड की क़ीमत 550 रुपए.

मोल्डः चॉकलेट बनाने के लिए विविध आकार के मोल्ड. हर मोल्ड की क़ीमत 20 रुपए. इस प्रकार के 10 मोल्ड यानी 200 रुपए(20X10).

रैपर्सः बाज़ार में चॉकलेट के रंगीन रैपर्स उपलब्ध हैं. 300 रैपर्स के एक पैकेट की क़ीमत है 60 रुपए.

ट्विस्टर्सः चॉकलेट रैप करने के बाद उस पर लपेटी जानेवाली तार को ट्विस्ट टाय या मेटल कॉलर्स कहते हैं. क़ीमत 20 रुपए.

रेफ्रिजटरः चॉकलेट सेट करने के लिए रेफ्रिजटर की आवश्यकता होती है. क़ीमत 5499 रुपए से शुरू.

चॉकलेट बिज़नेस के लिए कुल मिलाकर पूंजी अ 9829 की ज़रूरत होती है. अधिक उत्पादन के लिए अधिक पूंजी की ज़रूरत होगी. कम समय में अधिक उत्पादन के लिए ऑटोमैटिक या सेमी ऑटोमैटिक मशीन भी बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हैं, कीमत 3000 रुपए.

 

स्थान और कर्मचारी ख़र्च

स्थानः आप जहां रहती हैं, वह घर बड़ा हो, तो घर में ही चॉकलेट बिज़नेस शुरू किया जा सकता है.

* किराए का मकान लेकर भी बिज़नेस किया जा सकता है. अपने बजट के अनुसार किराए की जगह भी ले सकती हैं.

* बिजली का बिल हर शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. बिल 500 रुपए बाक़ी ख़र्च तक़रीबन 5000 रुपए.

* हर रोज़ 5 कर्मचारी काम करें, तो 1000 चॉकलेट का उत्पादन किया जा सकता है.

* हर एक कर्मचारी का वेतन हर रोज़ 200 रुपए के हिसाब से महीने का वेतन 200x5x25= 25000.रुपए.

* प्रशासकीय ख़र्च (किराया छोड़कर) 1000 रुपए.

 

कच्चा माल

* प्रतिदिन चॉकलेट उत्पादन के लिए 10 किलो डार्क चॉकलेट की आवश्यकता होगी. 1 किलो डार्क चॉकलेटः  180. रुपए प्रतिदिन का ख़र्चः 180×10 = 1800 रुपए.

* प्रतिदिन 1000 चॉकलेट के लिए 5 किलो मिल्क चॉकलेट की आवश्यकता होगी. 1 किलो मिल्क चॉकलेटः 240 रुपए प्रतिदिन का ख़र्चः 240×5= 1200 रुपए.

* प्रतिदिन घरेलू गैस का ख़र्चः 15 रुपए.

* गैस और कच्चा माल ख़र्चः 3015 रुपए.

* कंपनी और क्वालिटी पर चॉकलेट की क़ीमत निश्‍चित की जा सकती है.

उपरोक्त सामग्री से बेसिक चॉकलेट उत्पादन कर सकती हैं. आल्मंड चॉकलेट जैसे चॉकलेट उत्पादन के लिए बादाम या अन्य ड्रायफ्रूट्स की ज़रूरत हो सकती है. इसकी क़ीमत बेसिक चॉकलेट के हिसाब से अधिक होगी.

Chocolate Making

यह भी पढ़ें: बिज़नेस वुमन के लिए स्मार्ट स्कीम्स ( Smart Business Woman Schemes)

 

इसे हमेशा याद रखें

* चॉकलेट का अच्छी तरह से ख़्याल रखा जाए, तो उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

* चॉकलेट में इस्तेमाल की जानेवाली सामग्री की क्वालिटी पर उसका स्वाद और उसे दीर्घ काल तक सुरक्षित रखना निर्भर करता है.

* खाद्य पदार्थ होने के कारण इसे बनाते समय साफ़-सफ़ाई का ख़ास ध्यान रखें.

* चॉकलेट के मीठेपन की वजह से चींटियां, मक्खियां उसकी तरफ़ आकर्षित हो जाती हैं, इसलिए इसे बनाते समय सफ़ाई का विशेष           ध्यान देना आवश्यक है.

How to Make Chocolate

चॉकलेट पैकिंग

* चॉकलेट बिक्री के समय उसकी क्वालिटी व पैकिंग की तरफ़ विशेष ध्यान देना ज़रूरी है.

* अपने प्रोडक्ट का नामकरण यानी प्रभावशाली नाम देने से बाज़ार में अपनी एक अलग पहचान बनाई जा सकती है.

* इसके पैकेजिंग पर विशेष ध्यान होना चाहिए, क्योंकि चॉकलेट मीठा खाद्य पदार्थ है. इसके रैपर भी अच्छी क्वालिटी के होने चाहिए,      ताकि ग्राहक तक पहुंचने तक वह सुरक्षित रहे.

 

उत्पादन की बिक्री

उत्पादन की बिक्री पर ही नफ़ा यानी प्रॉफिट निर्भर रहता है, इसलिए जितनी अधिक बिक्री उतना ही अधिक नफ़ा. यही तो बिज़नेस स्ट्रैटेजी है.

* चॉकलेट बेचने के लिए अपनी अलग मार्केटिंग स्ट्रैटेजी हो, जिससे आप अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब हो सकें.

* इसे फुटकर व्यापारी के पास बेचने के लिए रख सकती हैं. इसके लिए आपको अपने प्रोडक्ट की उसे पहचान करानी होगी.

* मॉल कल्चर ने बड़ी मज़बूती से अपने पैर मेट्रो सिटीज़, जैसे- मुंबई, दिल्ली, बैंगलुरू आदि बड़े शहरों में जमाए हैं, जहां आप अपने चॉकलेट बेचने के लिए रख सकती हैं.

* सोशल मीडिया के युग में आप अपने प्रोडक्ट को सोशल मीडिया साइट पर डालकर उसे मशहूर बना सकती हैं.

* फेसबुक व व्हॉट्सऐप जैसी सोशल साइट के द्वारा भी अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें: छोटे-छोटे निवेश से करें बड़ी बचत (Small Investments, Big Returns)

 

लघु उद्योग लाइसेंस

* लघु उद्योग प्रारंभ करने से पहले व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज़रूरी है.

* लघु उद्योगों के लिए सरकार विविध प्रकार से सहायता करती है, इसलिए रजिस्ट्रेशन कराके इसका लाभ अवश्य लें.

* चॉकलेट के बिज़नेस में फूड एंड हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ़ से लाइसेंस प्राप्त करना ज़रूरी है. इसे हासिल करने के लिए हर एक शहर के नियम अलग-अलग हैं.

* खाद्य पदार्थ होने के कारण चॉकलेट के बिज़नेस में एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्डस अथॉरिटी ऑफ इंडिया) लाइसेंस हासिल करना ज़रूरी है.

 

उत्पादन और क़ीमत (प्रतिदिन)

प्रतिदिन चॉकलेट उत्पादन         1000

फुटकर में चॉकलेट की क़ीमत      6 रुपए

एक चॉकलेट की क़ीमत              10 रुपए

फुटकर व्यापार करनेवाले को

मिलनेवाला प्रॉफिट                    4 रुपए

 

 

आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

डार्क चॉकलेट         10 किलो  x 180 रुपए

(1 किलो का दाम)                                           1800 रुपए

मिल्क चॉकलेट        5 किलो x  240 रुपए

(1 किलो का दाम)                                            1200 रुपए

गैस                         तक़रीबन                          15 रुपए

चॉकलेट रैपर्स                                                   200.रुपए

ट्विस्टर्स                                                         67 रुपए

कुल ख़र्च                                                         3282 रुपए

यह भी पढ़ें: 15 इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स महिलाओं के लिए (15 Investment Options For Women)

 

जमा ख़र्च

हर महीने का कुल मिलाकर ख़र्च             1,08,050 रुपए

(तक़रीबन 25 दिन)

(82050+25000+1000)

कच्चा मालः 82050 रुपए (3282 x 25)

कर्मचारी वेतनः  25000 रुपए.

प्रशासकीय ख़र्च 1000.रुपए

25 दिनों में कुल उत्पादन (1000 x 25)         25000.रुपए

हर महीने चॉकलेट की बिक्री से होनेवाला लाभ

जैसे कि एक होलसेल चॉकलेट की            150000 रुपए

क़ीमत  6 रुपए (25000 x 6)

हर महीने का प्रॉफिट                       41950 रुपए

(150000-108050)

1 साल का प्रॉफिट (41950 x 12)              503400 रुपए

 

चॉकलेट के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं. इसके लिए आप इन वेबसाइट की मदद ले सकती हैं.

www. amazon.com

www.flipkart.com

www.indiamart.com

www.snapdeal.com

 

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकती हैं. हर एक बैंक का ब्याज़ दर अलग-अलग होता है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

यह भी पढ़ें: महिला उद्यमियों के लिए बेस्ट 7 लोन सुविधाएं (7 Best Loan Schemes For Woman Entrepreneurs)

 

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

ईमेलः helpmudra.org.in

फूड स्टेप

डी.जे.रोड, विले पार्ले, मुंबई- 400056.

फोनः 09152264788

दिवेना केक मोल्ड्स एंड टूल्स

तिलक चौक, कल्याण, ठाणे-421301

फोनः 09152258948

अतुल इंडस्ट्रियल इंडिया प्रा.लि.

मोंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया, नई दिल्ली- 110034

फोनः 08071810698

– श्रद्धा भालेराव