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लघु उद्योग- वड़ा पाव मेकिंग: ज़ायकेदार बिज़नेस (Small Scale Industries- Start Your Own Business With Tasty And Hot Vada Pav)

चाहते तो सभी हैं अपना कोई लघु उद्योग (Small Scale Industries) शुरू करना, पर जानकारी (Information) न होने के कारण वो आगे नहीं बढ़ पाते. ऐसे ही लोगों के लिए ‘मेरी सहेली’ (Meri Saheli) लेकर आई है ख़ास लघु उद्योग सीरीज़, जहां हर महीने हम एक नए लघु उद्योग के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं. इसी कड़ी में इस बार हम लाए हैं, वड़ा पाव मेकिंग उद्योग (Vada Pav Making Industry) की पूरी जानकारी.

Vada Pav

मुंबई का वड़ा पाव यहां का मोस्ट पॉप्युलर स्ट्रीट फूड है. यहां 10-20 रुपए में आपको कहीं भी बड़ी आसानी से वड़ा पाव मिल जाएगा. टेस्टी होने के साथ-साथ यह काफ़ी किफ़ायती भी है, यही वजह है कि रोज़ाना वड़ा पाव खानेवालों की संख्या यहां लाखों में है.

साधन

यह बिज़नेस ऐसा है, जिसे आप अपने घर से शुरू कर सकते हैं और इसके लिए बहुत ज़्यादा साधनों की भी ज़रूरत नहीं पड़ती. रोज़ाना 500 वड़ा पाव बनाने के लिए किन-किन चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी, आइए विस्तार से जानें.

वड़ा पाव तैयार करने के लिए आपको बड़े बर्तनों की ज़रूरत पड़ेगी, जिनकी क़ीमत लगभग 500 रुपए से शुरू होती है. हमें ऐसे दो बर्तनों की ज़रूरत पड़ेगी यानी 500×2= 1000 रुपए.

कड़ाही

वड़े फ्राई करने के लिए आपको एक बड़ी कड़ाही की ज़रूरत पड़ेगी, जिसकी क़ीमत लगभग 500 रुपए होगी.

गैस चूल्हा

गैस चूल्हे की क़ीमत लगभग 3500 रुपए से शुरू होती है, ऐसे एक चूल्हे की आपको ज़रूरत पड़ेगी.

झारा

वड़े तलने के लिए आपको एक झारे की ज़रूरत पड़ेगी, जिसकी क़ीमत लगभग 100 रुपए होगी.

वड़ा पाव मेकिंग मशीन

अगर कुछ समय बाद आपका बिज़नेस बढ़ता है, तो उसे विस्तार देने के लिए आप ऑटोमैटिक वड़ा पाव मेकिंग मशीन ले सकते हैं, जिसकी क़ीमत लगभग 50 हज़ार रुपए है. इसमें आप एक घंटे में 100 वड़े तैयार कर सकते हैं. मार्केट में ब्रांड के अनुसार क़ीमत में बदलाव हो सकता है. इस प्रकार रोज़ाना 500 वड़े तैयार करने के लिए आपको 5,100 रुपए का सामान लगेगा.

कच्चा माल

* रोज़ाना आपको 20 किलो आलू की ज़रूरत पड़ेगी. इस प्रकार 20×20= 400 रुपए.

* बेकरी से 500 पाव लेने पड़ेंगे. एक पाव की क़ीमत दो रुपए होती है, लेकिन अगर आप होलसेल में लेंगे, तो 10 रुपए में छह पाव मिल जाएंगे. इस प्रकार 500 पाव की क़ीमत लगभग 835 रुपए होगी.

* रोज़ाना आपको लगभग 10 किलो बेसन की ज़रूरत होगी. एक किलो बेसन की क़ीमत 60 रुपए होगी यानी 10×60= 600 रुपए.

* 500 वड़े तैयार करने के लिए आपको 10 लीटर तेल की ज़रूरत पड़ेगी, जिसकी क़ीमत 80 रुपए प्रति लीटर है यानी 10×80= 800 रुपए.

* प्याज़, मसाले, अदरक, लहसुन, करीपत्ता, हरा धनिया आदि के लिए लगभग 250 रुपए लगेंगे.

यह भी पढ़ेंलघु उद्योग- जानें सोप मेकिंग बिज़नेस की एबीसी… (Small Scale Industry- Learn The Basics Of Soap Making)

आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

पाव       835 रुपए

500 पाव की होलसेल क़ीमत

आलू      400 रुपए

20 किलो ×   20 रुपए

बेसन      600 रुपए

10 किलो ×  60 रुपए

तेल       800 रुपए

10 लीटर ×  80 रुपए

प्याज़, मसाले, अदरक, लहसुन,

करीपत्ता, हरा धनिया

आदि के लिए 250 रुपए

गैस       100 रुपए

कुल ख़र्च 2,985 रुपए

हर महीने का ख़र्च (25 दिन)

हर महीने का कुल मिलाकर ख़र्च  88,625 रुपए

(तक़रीबन 25 दिन)

(रुपए 74,625+10,000+4000)

कच्चा मालः 74,625 रुपए (रुपए 2985×25)

कर्मचारी वेतनः 10,000 रुपए

प्रशासकीय ख़र्च  4000 रुपए

25 दिनों में वड़ा पाव की कुल बिक्री 12,500

(500×25)

हर महीने होनेवाला कुल ख़र्च  1,25,000 रुपए

एक वड़ा पाव की क़ीमत: 10 रुपए

(12,500×10)

हर महीने का कुल लाभ      36,375 रुपए

(रुपए 1,25,000-88,625)

एक साल का लाभ 4,36,500 रुपए

(रुपए 36,375×12)

यह भी पढ़ेंलघु उद्योग- कैंडल मेकिंग: रौशन करें करियर (Small Scale Industries- Can You Make A Career In Candle-Making?)

Vada Pav

स्थान और कर्मचारी ख़र्च

स्थान 

* अगर आपके पास थोड़ी बड़ी जगह है, तो आप घर पर ही यह व्यवसाय शुरू कर सकते हैं.

* यह बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको लगभग 500 स्न्वैर फुट जगह की ज़रूरत पड़ेगी.

किराया: हर शहर का किराया अलग-अलग होता है.

* बिजली का बिल- लगभग 3000 रुपए

* अन्य ख़र्च- लगभग 1 हज़ार रुपए

* कुल मिलाकर प्रशासनिक ख़र्च: 4000 रुपए

कर्मचारी

रोज़ाना 500 वड़े बनाने के लिए आपको दो कर्मचारियों की ज़रूरत पड़ेगी.

* हर एक कर्मचारी को रोज़ाना 200 रुपए के अनुसार एक महीने यानी 25 वर्किंग डे का वेतन रुपए 400×25=10,000 होगा.

वड़ा पाव बनाने की विधि

* एक बड़े बर्तन में उबले व छिले हुए आलू को अच्छी तरह मसल लें.

* कड़ाही में तेल गरम करें. उसमें जीरा, राई, हींग, हल्दी पाउडर, करीपत्ता, हरी मिर्च और उसके बाद लहसुन-अदरक का पेस्ट डालें. इसमें आप अपनी पसंद के अनुसार छौंक के लिए कुछ बदलाव भी कर सकते हैं.

* इसमें मसला हुआ आलू मिलाएं. नमक मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें.

* कवरिंग के लिए बेसन में हल्दी पाउडर, नमक और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर घोल तैयार करें.

* कड़ाही में तेल गरम करके सुनहरा होने तक वड़े तल लें. पाव में हरी चटनी और लहसुन की लाल चटनी लगाकर वड़ा डालकर गरम-गरम सर्व करें. अपनी इच्छानुसार आप मीठी चटनी वगैरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

इन बातों पर विशेष ध्यान दें

* पाव व वड़े की सामग्री की क्वालिटी का ख़्याल रखें.

* हाइजीन व साफ़-सफ़ाई का ख़ास ख़्याल रखें.

उत्पादन की पैकेजिंग

* खाद्य पदार्थ होने के कारण वड़ा पाव की पैकेजिंग का ख़ास ख़्याल रखें.

* वड़ा पाव ऑयली होता है, इसलिए पैकेजिंग पेपर पर विशेष ध्यान दें.

उत्पादन की बिक्री

* मार्केट में, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, कमर्शियल एरिया या फिर इंडस्ट्रियल एरिया में भी लोगों की संख्या ज़्यादा होती है, इसलिए वड़ा पाव की काफ़ी डिमांड भी रहेगी.

* बर्थडे पार्टी, गेट-टुगेदर जैसे कार्यक्रमों में इसे नाश्ते के तौर पर दे सकते हैं.

* फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

लघु उद्योग लाइसेंस

* लघु उद्योग की शुरुआत के लिए उसका रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज़रूरी है. इससे कई सरकारी योजनाओं का आपको लाभ मिल सकता है.

यह भी पढ़ेंलघु उद्योग- चॉकलेट मेकिंग- छोटा इन्वेस्टमेंट बड़ा फायदा (Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns)

संपर्क

अगर बड़े पैमाने पर बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो यहां से ऑटोमैटिक मशीनरी मंगा सकते हैं.

तीर्थ इंजीनियरिंग

81/1 दांगट इंडस्ट्रियल इस्टेट, एनडीए रोड, शिवाने, पुणे- 411023

मोबाइल: 7721853399, 020 65206932.

ईमेलः [email protected], [email protected]

वेबसाइटः www.tirthengineering.com

श्री लक्ष्मी फूड मशीन्स

192/8, कोमाकोटी नगर, राजीव गांधी सलाई गणपति, कोयंबटूर,

तमिलनाडु- 641 006.

मोबाइलः 8033139619, 8046079908

ईमेलः [email protected]

वेबसाइटः www.srilakshmifoodmachinery.com

वड़ा पाव बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध है. इसके लिए आप इन वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं.

www. amazon.com

www.flipkart.com

www.indiamart.com

www.snapdeal.com

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं. हर एक बैंक की ब्याज़ दर अलग-अलग होती है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

ईमेलः helpmudra.org.in

नोट: यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट जनवरी, 2019 में तैयार की गई है.

– सायली शिर्के

यह भी पढ़ेंलघु उद्योग- पोटैटो वेफर मेकिंग क्रंची बिज़नेस (Small Scale Industries- Start Your Own Potato Wafer-Making Business)   

लघु उद्योग- इको फ्रेंडली बैग मेकिंग: फ़ायदे का बिज़नेस (Small Scale Industries- Profitable Business: Eco-Friendly Bags)

बढ़ती महंगाई और बेरोज़गारी ने बहुतों को सोचने पर मजबूर किया है कि वो कोई लघु उद्योग (Small Business) करें, पर जानकारी न होने के कारण वो आगे नहीं बढ़ पाते. ऐसे ही लोगों के लिए ख़ास ‘मेरी सहेली’ (Meri Saheli) लेकर आई है लघु उद्योग सीरीज़ (Small Industry Series), जहां हर महीने हम एक नए लघु उद्योग के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं. इसी कड़ी में इस बार हम लाए हैं, कपड़े के कैरी बैग्स का लघु उद्योग (Small Business Of Carry Bags Of Clothes).

 Eco-Friendly Bags

देश के कई राज्यों में प्लास्टिक बैन के कारण कपड़े के कैरी बैग्स की डिमांड अचानक बढ़ गई है. रोज़मर्रा के कामों के लिए हमें कैरी बैग्स की ज़रूरत पड़ती ही है, ऐसे में जिस तेज़ी से मार्केट में कपड़े के कैरी बैग्स की डिमांड बढ़ी है, ऐसे में यह बिज़नेस आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है. इस बिज़नेस के लिए आपको क्या करना होगा और कैसे कम बजट में शुरू कर सकते हैं यह बिज़नेस, आइए जानें.

साधन

यह बिज़नेस ऐसा है, जिसे आप अपने घर से शुरू कर सकते हैं और इसके लिए बहुत ज़्यादा साधनों की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी. इसके लिए आपको स़िर्फ सिलाई मशीन, मेज़रिंग टेप और कैंची जैसी चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी.

* मार्केट में एक सिलाई मशीन की क़ीमत लगभग 7 हज़ार रुपए है और आपको 2 सिलाई मशीन की ज़रूरत पड़ेगी, तो 7000×2=

14000 रुपए.

* सिलाई मशीन के बाद आपको ज़रूरत है मेज़रिंग टेप की और 1 मेज़रिंग टेप की क़ीमत होती है लगभग 50 रुपए, तो 50×2=100 रुपए.

* कपड़े काटने के लिए आपको कैंची चाहिए. मार्केट में 1 कैंची की क़ीमत लगभग 100 रुपए, तो 100×2= 200 रुपए.

* कुल ख़र्च होगा= 14,300 रुपए

कुछ समय बाद जब आपका बिज़नेस बढ़ेगा या फिर मार्केट में कैरी बैग्स की डिमांड और बढ़ेगी, तो आप इसे बड़े लेवल पर शुरू कर सकते हैं. रोज़ाना कपड़े के 65 कैरी बैग्स बनाने के लिए आपको क्या-क्या करना होगा?

यंत्र सामग्री

* एक ऑटोमैटिक कॉटन बैग मेकिंग मशीन की शुरुआती क़ीमत लगभग 5 लाख रुपए है.

* ऑटोमैटिक मशीन नहीं लेना चाहते, तो सिलाई मशीन से भी काम चला सकते हैं, पर तब समय और कर्मचारी दोनों ही ज़्यादा लगेंगे.

* सिलाई मशीन, मेज़रिंग टेप और कैंची की क़ीमत ब्रांड और कंपनी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.

स्थान और कर्मचारी ख़र्च
स्थान 

* यह बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको 250 से 300 स्न्वैर फुट की जगह की ज़रूरत होती है.

किराया: हर शहर का किराया अलग-अलग होता है, इसलिए वह जगह के अनुसार होगा.

* बिजली का बिल- लगभग 2 हज़ार रुपए.

* अन्य ख़र्च- लगभग 1 हज़ार रुपए.

कर्मचारी

रोज़ाना 65 कैरी बैग्स बनाने के लिए आपको 2 कर्मचारियों की ज़रूरत होगी.

* हर एक कर्मचारी को रोज़ाना 200 रुपए के अनुसार एक महीने यानी 25 वर्किंग डे का वेतन 400×25= 10,000 रुपए होगा.

आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

* कपड़ा: 65 कैरी बैग्स बनाने के लिए लगभग 22 मीटर कपड़े की ज़रूरत होगी. अगर एक मीटर कपड़े की क़ीमत लगभग 50 रुपए पकड़ें, तो अ 50×22= 1100 रुपए होगा.

* धागा: 50 रुपए.

* सजावट का सामान: लेस, झालर, चेन आदि- 100 रुपए.

* मार्केट से रंग-बिरंगे कपड़े ख़रीदने की बजाय आप पुरानी ख़ूबसूरत साड़ियों, रंग-बिरंगे दुपट्टों जैसे कपड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

* इस प्रकार कच्चे माल का कुल ख़र्च 1250 रुपए होगा.

Eco-Friendly Bags

यह भी पढ़ें: लघु उद्योग- पोटैटो वेफर मेकिंग क्रंची बिज़नेस (Small Scale Industries- Start Your Own Potato Wafer-Making Business)  
कैरी बैग तैयार करने की प्रक्रिया

* कैरी बैग्स बनाने से पहले यह डिसाइड कर लें कि आपको किस डिज़ाइन के कैरी बैग्स बनाने हैं.

* उसके बाद डिज़ाइन के अनुसार कपड़े को काट लें.

* कपड़े को सिलाई मशीन की सहायता से सिल लें. सिलाई ठीक से हुई है या नहीं, दोबारा चेक करें.

* अब कैरी बैग में झालर और चेन लगाकर सजा लें.

ये बातें याद रखें

* अच्छी क्वालिटी का कपड़ा इस्तेमाल करें,  जिसका रंग वगैरह न निकले.

* कैरी बैग इतना मज़बूत होना चाहिए कि रोज़मर्रा के सामान का वज़न उठा सके.

उत्पादन की पैकेजिंग

कपड़े के कैरी बैग्स काफ़ी टिकाऊ होते हैं, इसलिए इसमें ख़ास पैकेजिंग की ज़रूरत नहीं पड़ती. बस, इस बात का ध्यान रखें कि सिलाई करते समय बैग में दाग़-धब्बे न लगें और न ही वो कहीं से फटे.

उत्पादन की बिक्री

* शहर की बड़ी-बड़ी दुकानों, किराना दुकान व स्टेशनरी की दुकान पर आप कैरी बैग्स को बेचने के लिए रख सकते हैं.

* बड़े-बड़े कार्यक्रमों में गिफ्ट देने के लिए, बर्थडे, एनीवर्सरी, गोद भराई जैसे कार्यक्रमों में भी गिफ्ट देने के लिए आप अपने कैरी बैग्स को प्रमोट कर सकते हैं.

* ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक प्रोडक्ट पहुंचे, उसके लिए विज़िटिंग कार्ड, बैनर्स आदि छपवा सकते हैं.

* फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

लघु उद्योग लाइसेंस

प लघु उद्योग की शुरुआत के लिए उसका रजिस्ट्रेशन करना बहुत ज़रूरी है. इससे कई सरकारी योजनाओं का आपको लाभ मिल सकता है.

संपर्क

कपड़े के कैरी बैग्स का लघु उद्योग शुरू करने के लिए लगनेवाला कच्चा माल, मशीनें और इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए स्थानों पर संपर्क करें-

हैंडक्राफ्ट वर्ल्डवाइड कंपनी

सिंधुदुर्ग भवन, 2री मंज़िल, लोखंडवाला रोड, डी एन नगर मेट्रो स्टेशन के पास, अंधेरी (प.), मुंबई- 400053

संपर्क: 9588773344/ 8898980506

ईमेल: [email protected]

वेबसाइट:www.handcraft.co.in
www.ehandcraft.co.in

 

स्वयंसिद्धा फाउंडेशन

402, रेले स्मृति, एस.वी. रोड,

मालाड (प.), मुंबई- 400064

संपर्क: 9920987512/ 9930147179

ईमेल: [email protected]

वेबसाइट:www.swayamsiddhafoundation.org

एस जी इंजीनियर

68, बालजाती वेल, बालजाती स्कूल के पास, नवादा शेख़न, ओल्ड सिटी, बरेली, उत्तर प्रदेश-243005

संपर्क: 9259220333/ 9219533381

वेबसाइट: www.sgengineer.info

प्राइमरी इंफॉर्मेशन सर्विसेज़

21, मुरुगप्पन स्ट्रीट, स्वामी नगर एक्सटेंशन 2, उल्लागरम, मडिपक्कम, चेन्नई,

तमिलनाडु- 600091

संपर्क: 9422202772

ईमेल: [email protected]

एंबॉस

306, अनुराधा, अमृत कुंभ सोसाइटी, बी.एस. रोड, दादर (प.), मुंबई- 400028

संपर्क: 9152181880/ 9870881895

ईमेल: [email protected]

आर्क क्रिएशन

बी-17, प्रीतेश कॉ., दापोड़ा रोड, अंजुर फाटा, ओवड़ी गांव, भिवंडी, ठाणे- 421302

संपर्क: 09820218190

ईमेल: [email protected],
[email protected]

वेबसाइट: www.arccreation.co.in

श्री दुर्गालक्ष्मी इंपेक्स

2/29, साकिमंगलम रोड, अंदरकोट्टाराम, अय्यानगर, मदुरै, तमिलनाडु- 625020

संपर्क: 8071284802/ 7708860001

ईमेल: [email protected]

वेबसाइट: www.sridurgalakakshmitrading.com

Bags Making

यह भी पढ़ें: लघु उद्योग- चॉकलेट मेकिंग- छोटा इन्वेस्टमेंट बड़ा फायदा (Small Scale Industry- Chocolate Making- Small Investment Big Returns)

कपड़े की कैरी बैग्स बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध है. इसके लिए आप इन वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं.

www. amazon.com

www.flipkart.com

www.indiamart.com

www.snapdeal.com

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं. हर एक बैंक की ब्याज़ दर अलग-अलग होती है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

– सायली शिर्के

यह भी पढ़ें: लघु उद्योग- कैंडल मेकिंग: रौशन करें करियर (Small Scale Industries- Can You Make A Career In Candle-Making?)

लघु उद्योग- पोटैटो वेफर मेकिंग क्रंची बिज़नेस (Small Scale Industries- Start Your Own Potato Wafer-Making Business)   

Potato Wafer-Making Business

बढ़ती महंगाई और बेरोज़गारी ने बहुतों को सोचने पर मजबूर किया है कि वो कोई लघु उद्योग (Small Industry) करें, पर जानकारी न होने के कारण वो आगे नहीं बढ़ पाते. ऐसे ही लोगों के लिए ख़ास ‘मेरी सहेली’ (Meri Saheli) लेकर आई है लघु उद्योग सीरीज़ (Small Scale Industries Series), जहां हर महीने हम एक नए लघु उद्योग (New Small Industries) के बारे में आपको जानकारी (Information) दे रहे हैं. इसी कड़ी में इस बार हम लाए हैं, पोटैटो वेफर्स उद्योग (Potato Wafers Industry)..

बर्थडे पार्टी हो या कोई और सेलिब्रेशन का मौक़ा- पोटैटो वेफर्स के बिना कोई भी सेलिब्रेशन अधूरा ही लगता है. मूवी टाइम हो या पिकनिक, स्नैक्स टाइम या फिर यूं ही टाइमपास करना हो पोटैटो वेफर्स ही सबसे पहले दिमाग़ में आते हैं. हालांकि मार्केट में और भी कई तरह के वेफर्स उपलब्ध हैं, पर पोटैटो वेफर्स के शौक़ीन सबसे ज़्यादा हैं. किराने की दुकान हो, बेकरी या फिर होटल हर जगह इनकी डिमांड सबसे ज़्यादा है. पोटैटो वेफर्स में भी प्लेन वेफर्स, मसाला वेफर्स और बहुत से टैंगी फ्लेवर्स उपलब्ध हैं. आप अपनी सुविधानुसार जो चाहें बना सकते हैं. तो आइए देखें, इस बिज़नेस को शुरू करने की क्या है सही प्रक्रिया?

मशीनें

मार्केट में पोटैटो वेफर्स बनाने की ऑटोमैटिक और सेमी ऑटोमैटिक कई मशीनें उपलब्ध हैं. इन्हें आप अपनी पसंद व क्षमतानुसार ले सकते हैं. यहां हमने बेसिक मशीनों के बारे में आपको जानकारी दी है, जिन्हें ख़रीदकर आप अपना बिज़नेस शुरू कर सकते हैं.

* पोटैटो पीलिंग मशीन (छिलके निकालने के लिए) 20 हज़ार रुपए से शुरू.

* स्लाइसिंग मशीन (स्लाइस में काटने के लिए) की क़ीमत लगभग 20 हज़ार रुपए से शुरू.

* तलने के लिए मशीन 10 हज़ार रुपए से शुरू.

* पैकिंग के लिए मशीन 2 हज़ार रुपए से शुरू.

* इस तरह कुल ख़र्च होगा, क़रीब 52 हज़ार रुपए.

आपको रोज़ाना कितने वेफर्स का उत्पादन करना है, उसकी क्षमतानुसार आप मशीन ले सकते हैं. ब्रांड और क्षमता के अनुसार मशीनों की क़ीमत में थोड़ा-बहुत फ़र्क़ हो सकता है. आप अपनी आर्थिक क्षमतानुसार मशीनें ख़रीदने का निर्णय लें.

कुल ख़र्च
स्थान

* वेफर्स तैयार करने के लिए वैसे आपको अलग से जगह लेने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि इसे आप घर पर ही शुरू कर सकते हैं.

* यह बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको 250 से 300 स्न्वैर फुट के जगह की ज़रूरत होती है.

* किराया: अगर आपके घर में बिज़नेस करना मुमकिन नहीं, तो आप किराए पर जगह ले सकते हैं. अपनी क्षमतानुसार किरायेवाली जगह लें.

* बिजली का बिल- लगभग 1 हज़ार रुपए.

* अन्य ख़र्च- लगभग 1 हज़ार रुपए.

* प्रशासकीय ख़र्च- लगभग 2 हज़ार रुपए (किराया छोड़कर).

कर्मचारी

रोज़ाना 30 किलो वेफर्स बनाने के लिए आपको क़रीब 5 कर्मचारियों की ज़रूरत पड़ेगी.

* हर एक कर्मचारी को रोज़ाना 200 रुपए के अनुसार दिन के.

* 200×5=1000 देने होंगे, तो एक महीने यानि 25 वर्किंग डे का वेतन 1000×25= 25000 रुपए होगा.

कच्चा माल

पोटैटो वेफर्स बनाने के लिए कच्चे माल के तौर पर आपको आलू, नमक और तेल की ज़रूरत होगी. इसके अलावा अगर आपको वेफर्स में फ्लेवर्स ऐड करने हैं, तो उसकी व्यवस्था करनी होगी. आप यह कच्चा माल नज़दीकी किराने की दुकान से ख़रीद रहे हैं या फिर सब्ज़ी मंडी से, उससे भी आपकी लागत पर फ़र्क़ पड़ता है. आप चाहें तो ये सारा कच्चा माल ऑनलाइन भी ख़रीद सकते हैं.

Small Business Tips

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उत्पादन और क़ीमत (प्रतिदिन)

प्रतिदिन वेफर्स का उत्पादन   30 किलो

होलसेल में 50 ग्राम वेफर्स की क़ीमत         15 रुपए

50 ग्राम वेफर्स की एमआरपी                    20 रुपए

फुटकर व्यापार करनेवाले को

होलसेल विक्रेता को मिलनेवाला प्रॉफिट    5 रुपए

आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

आलू 20 किलो × क़ीमत                   30 रुपए

(1 किलो का दाम)                       600 रुपए

नमक 1 किलो × क़ीमत                    30 रुपए

(1 किलो का दाम)               30 रुपए

तेल  10 लीटर × क़ीमत 100 रुपए      1000 रुपए

प्रतिलीटर

पेपर बैग्स  3 × क़ीमत 20 रुपए        60 रुपए

(1 पेपर बैग की क्षमता 10 किलो)

कुल ख़र्च                                      1690 रुपए

जमा ख़र्च

हर महीने का कुल मिलाकर ख़र्च    69,250 रुपए

(तक़रीबन 25 दिन)

(42,250+25,000+2000)

कच्चा मालः 42,250 रुपए (1690×25)

कर्मचारी वेतनः 25,000 रुपए.

प्रशासकीय ख़र्च 2000 रुपए.

25 दिनों में कुल उत्पादन (30 किलो×25) 750 किलो

हर महीने वेफर्स की बिक्री से होनेवाला लाभ

क़ीमत रुपए 300×750 2,25,000 रुपए

1 किलो वेफर की होलसेल क़ीमत: 300 रुपए

हर महीने का प्रॉफिट   1,55,750 रुपए

(रुपए 2,25,000-69,250)

1 साल का प्रॉफिट (रुपए1,55,750×12)   18,69,000 रुपए

Potato Wafer-Making Business

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ये बातें याद रखें

* पोटैटो वेफर्स का उद्योग शुरू करने के लिए उत्पादन की क्वालिटी पर ध्यान देना सबसे ज़रूरी है.

* पोटैटो वेफर्स लोग बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन वो ख़राब भी जल्दी होते हैं, इसलिए इस बात का ख़ास ध्यान रखें.

* बेहतरीन क्वालिटी का पोटैटो वेफर्स बनाने के लिए आलू अच्छी क्वालिटी के होने ज़रूरी हैं, इसलिए आलू ख़रीदते समय ध्यान रखें कि आलू अच्छे हों, कटे-फटे या ख़राब न हों.

* वेफर्स तलनेवाली मशीन का इस्तेमाल करते समय स्टैंडर्ड तापमान बनाए रखें, वरना वेफर्स जल सकते हैं.

* इसे पैक करने के लिए सही पैकिंग का इस्तेमाल करें, वरना वो नरम हो सकते हैं या फिर उनमें चींटी लग सकती है.

* लोगों को साफ़-सुथरे और अच्छी तरह से पैक किए गए पैकेट्स पसंद आते हैं, जो देखने में भी अट्रैक्टिव हों, तो आप भी इस बात का ध्यान रखें.

पोटैटो वेफर्स की पैकिंग

अच्छी क्वालिटी के वेफर्स तैयार करते समय जिस तरह आपने सभी बातों का ध्यान रखा, उसी तरह उसकी पैकेजिंग पर भी विशेष ध्यान देना होगा.

* वेफर्स की पैकिंग इस बात पर निर्भर करती है कि आप उसे किस मार्केट में बेचेंगे, क्योंकि होलसेल और रिटेल की पैकेजिंग अलग-अलग तरह से की जाती है.

* अगर आप लोकल मार्केट में उसे बेचनेवाले हैं, तो लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए, छोटे-छोटे पैकेट्स बनाएं.

* डिमांड को ध्यान में रखते हुए आप उसकी पैकेजिंग में बदलाव ला सकते हैं.

* अपने वेफर्स को कोई अच्छा-सा नाम देकर आप अपना ब्रांड क्रिएट कर सकते हैं.

उत्पादन की बिक्री

वेफर्स तैयार होने और अच्छी पैकिंग होने के बाद जो सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है वो है, प्रोडक्ट की बिक्री. जितनी अच्छी ब्रिकी होगी, बिज़नेस भी उतना ही अच्छा होगा, इसलिए इस ओर ध्यान रखें.

* वेफर्स की मार्केटिंग के लिए आपको ख़ुद मेहनत करनी होगी. मार्केट में अपने ब्रांड की पहचान के लिए आपको ख़ुद पब्लिसिटी करनी होगी.

* पोटैटो वेफर्स सभी जगह बिक जाते हैं, छोटे-बड़े मार्केट, दुकान सभी जगह आप अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सकते हैं.

* अपने आस-पास की छोटी-छोटी दुकानों पर भी आप अपने प्रोडक्ट को रखने के लिए बात कर सकते हैं.

* न्यूज़पेपर, टीवी और वेबसाइट का सहारा ले सकते हैं.

* फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

संपर्क

पोटैटो वेफर्स का उद्योग शुरू करने के लिए लगनेवाला कच्चा माल, मशीनें और इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए स्थानों पर संपर्क करें-

टूल्स एंड मशीनरी स्टोर्स

बी.आर.बी. बासू रोड, कोलकाता,

पश्‍चिम बंगाल.

संपर्क: 09831024094

वेबसाइट: www.indiamart.com/toolsmachinery

हरि ओम इंडस्ट्रीज़

वावड़ी, राजकोट, गुजरात.

संपर्क: 9428264944

वेबसाइट: www.hariomindfood.com

स्किल लाइफ इंडस्ट्रीज़

नांगलोई, दिल्ली.

संपर्क: 08048698282

एस.एस. इक्विपमेंट

चिखलठाणा, औरंगाबाद, महाराष्ट्र.

संपर्क: 9422202772

वेबसाइट: www.ssequipment.net

पोटैटो वेफर्स बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध है. इसके लिए आप इन वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं.

www. amazon.com

www.flipkart.com

www.indiamart.com

www.snapdeal.com

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं. हर एक बैंक की ब्याज़ दर अलग-अलग होती है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

ईमेलः helpmudra.org.in

– श्रद्धा भालेराव

यह भी पढ़ेंलघु उद्योग- जानें सोप मेकिंग बिज़नेस की एबीसी… (Small Scale Industry- Learn The Basics Of Soap Making)

लघु उद्योग- कैंडल मेकिंग: रौशन करें करियर (Small Scale Industries- Can You Make A Career In Candle-Making?)

चाहते तो सभी हैं अपना कोई लघु उद्योग (Small Business) शुरू करना, पर जानकारी न होने के कारण वो आगे नहीं बढ़ पाते. ऐसे ही लोगों के लिए ख़ास ‘मेरी सहेली’ लेकर आई है लघु उद्योग सीरीज़, जहां हर महीने हम एक नए लघु उद्योग (New Small Scale Industries) के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं. इसी कड़ी में इस बार हम लाए हैं, कैंडल मेकिंग उद्योग (Candle Making Industry) की पूरी जानकारी (Information).

Candle Making Tips

बिजली जाते ही सबसे पहले जिस चीज़ की याद आती है, वो है मोमबत्ती. भले ही आजकल बड़े शहरों में बिजली कम जाती है, पर ग्रामीण इलाके आज भी लोड शेडिंग की मार झेल रहे हैं. ऐसे में मोमबत्ती रखना उनके लिए काफ़ी ज़रूरी हो जाता है. घरों के अलावा रेस्टोरेंट्स में कैंडल लाइट डिनर के लिए, स्पा में ख़ुशबू के लिए, तो बर्थडे और एनीवर्सरी के केक पर लगाने के लिए मोमबत्ती की ज़रूरत पड़ती है. आजकल डेकोरेटिव व एरोमा कैंडल्स की भी काफ़ी डिमांड है, ऐसे में कैंडल मेकिंग का यह बिज़नेस आपके लिए फ़ायदेमंद हो सकता है.

साधन

यह बिज़नेस ऐसा है, जिसे आप अपने घर से शुरू कर सकते हैं और इसके लिए बहुत ज़्यादा साधनों की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी. आपको स़िर्फ मोम पिघलाने के लिए बर्तन, थर्मामीटर, मोमबत्ती का मोल्ड और गैस स्टोव की ज़रूरत होगी.

मोम पिघलाने के लिए बर्तन    

मोम पिघलाने के लिए जिस बर्तन की ज़रूरत होती है, उसकी क़ीमत होगी लगभग 500 रुपए. ऐसे दो बर्तनों की ज़रूरत होगी

यानी (500×2)= 1000 रुपए.

थर्मामीटर

मोमबत्ती तैयार करते समय मोम का तापमान जानना ज़रूरी होता है, जिसके लिए थर्मामीटर की ज़रूरत पड़ती है. एक थर्मामीटर की क़ीमत लगभग 250 रुपए होगी.

मोमबत्ती का मोल्ड

मोमबत्ती बनाने के लिए हमें ज़रूरत पड़ेगी मोमबत्ती के सांचे यानी मोल्ड की. मार्केट में कई वेरायटी के मोल्ड उपलब्ध हैं. रोज़ाना 2000 मोमबत्तियां बनाने के लिए आपको 2 मोल्ड की ज़रूरत पड़ेगी. 1 मोल्ड की क़ीमत लगभग 2850 रूपए है, तो 2850 x2= 5700 रुपए.

गैस स्टोव

मोमबत्ती पिघलाने के लिए 2 गैस स्टोव की ज़रूरत होगी. एक गैस स्टोव की क़ीमत लगभग 3500 रुपए है, तो 3500×2= 7000 रुपए..

इस प्रकार कुल ख़र्च लगभग 13,950 रुपए होगा.

* एक और दो रुपए में बिकनेवाली 5 इंच और 10 ग्राम की मोमबत्ती तैयार करने के लिए 2850 रुपएवाला मोल्ड इस्तेमाल होगा. साथ ही पांच रुपए में बिकनेवाली 7 इंच और 22 ग्राम की मोमबत्ती के लिए भी यही मोल्ड इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें एक बार में 36 मोमबत्तियां तैयार होती हैं.

* 10 रुपए में बिकनेवाली 8 इंच और 45 ग्राम की मोमबत्ती के मोल्ड की क़ीमत 3000 रुपए से शुरू होती है, जिसमें एक बार में 12 मोमबत्तियां तैयार होती हैं.

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यंत्र सामग्री

फुल ऑटोमैटिक कैंडल मेकिंग मशीन

इसकी क़ीमत लगभग 1 लाख रुपए से शुरू होती है.

सेमी ऑटोमैटिक कैंडल मेकिंग मशीन

इसकी क़ीमत लगभग 40 हज़ार रुपए से शुरू होती है.

अलग-अलग ब्रांड की मशीनों की क़ीमत भी अलग-अलग हो सकती है. आप अपनी सुविधानुसार ब्रांड चुनें.

स्थान और कर्मचारी ख़र्च
स्थान 

* यह बिज़नेस शुरू करने के लिए आपको 300 स्न्वैर फुट जगह की ज़रूरत होती है.

किराया: हर शहर का किराया अलग-अलग होता है.

* बिजली का बिल- लगभग 1500 रुपए.

* अन्य ख़र्च- लगभग 1 हज़ार रुपए.

* कुल मिलाकर प्रशासनिक ख़र्च: 2500 हज़ार रुपए.

कर्मचारी

रोज़ाना 2000 मोमबत्तियां बनाने के लिए आपको चार कर्मचारियों की ज़रूरत होगी.

* हर एक कर्मचारी को रोज़ाना 150 रुपए के अनुसार एक महीने यानी 25 वर्किंग डे का वेतन 600×25= 15,000 रुपए होगा.

कच्चा माल

* मोमबत्ती तैयार करने के लिए आमतौर पर मोम (पैराफिन वैक्स), कैस्टर ऑयल, मोमबत्ती का धागा, कलर और मोमबत्ती के बॉक्स की ज़रूरत पड़ती है.

* बाज़ार में मोम 3 प्रकार का मिलता है- पैराफिन वैक्स, बी वैक्स और वेजीटेबल वैक्स. उसी प्रकार मार्केट में कई तरह के रंग और सुगंध, जैसे- चंदन, गुलाब, मोगरा, लैवेंडर आदि मिलते हैं, जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं. कंपनी और इनके स्टैंडर्ड के अनुसार इनकी क़ीमत अलग-अलग हो सकती है.

उत्पादन और क़ीमत (प्रतिदिन)

प्रतिदिन मोमबत्ती का उत्पादन      2000

होलसेल मोमबत्ती की क़ीमत        4 रुपए

होलसेल विक्रेता का फ़ायदा           1 रुपए

मोमबत्ती की एमआरपी क़ीमत      5 रुपए

Careers In Candle Making
आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

रोज़ाना 2000 मोमबत्ती तैयार करने के लिए निम्न कच्चे माल की ज़रूरत पड़ेगी-

मोम (पैराफिन वैक्स)

40 किलो x 80 रुपए        3200 रुपए

कैस्टर ऑयल                 500 रुपए

मोमबत्ती का धागा         500 रुपए

कलर                             500 रुपए

मोमबत्ती के लिए बॉक्स   1000 रुपए

अन्य ख़र्च                      1000 रुपए

कुल ख़र्च                        6700 रुपए

जमा ख़र्च

हर महीने का कुल मिलाकर ख़र्च           1,85,000 रुपए

(तक़रीबन 25 दिन)

(1,67,500+15,000+ 2500)

कच्चा मालः 1,67,500 रुपए (6700 x25)

कर्मचारी वेतनः 15,000 रुपए.

प्रशासकीय ख़र्च 2,500 रुपए.

25 दिनों में कुल उत्पादन (2000×25)    50,000 रुपए.

हर महीने मोमबत्ती की कुल बिक्री       2,00,000 रुपए

1 मोमबत्ती की क़ीमत= 4 रुपए

एक महीने की कुल बिक्री: 50,000×4

हर महीने होनेवाला लाभ                     15,000 रुपए

(2,00,000-1,85,000)

एक साल का कुल लाभ:                       1,80,000 रुपए.

(15,000 x12)

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मोमबत्ती तैयार करने की विधि

* सबसे पहले आपको किस आकार और वज़न की मोमबत्ती तैयार करनी है, वो निश्‍चित कर लें.

* मोल्ड के बीचोंबीच धागा डालकर रखें.

* 40 किलो मोम पिघलाने के लिए डबल बॉयलर का इस्तेमाल करें. मोम के तापमान का ध्यान रखें. पिघलने के बाद तापमान 280-285 सें. से ज़्यादा न हो.

* मोमबत्ती को कलरफुल और सुगंधित बनाने के लिए मोमबत्ती को पिघलाते समय ही कलर व सुगंध मिलाएं.

* पिघलने के बाद मोम को मोल्ड में डालें. मोमबत्ती तैयार होने में 15-20 मिनट का समय लगता है.

* 20 मिनट बाद मोमबत्ती निकालकर अतिरिक्त धागा काटकर निकाल दें.

 इन बातों पर विशेष ध्यान दें

* मोमबत्ती बनाने के लिए एल्यूमिनियम या सिलिकॉन के मोल्ड का ही इस्तेमाल करें.

* मोमबत्ती बनाने के लिए उसका तापमान काफ़ी मायने रखता है, इसलिए उसका विशेष ध्यान दें.

उत्पादन की पैकेजिंग

* मोमबत्तियां टूटें-फूटें न, इस बात का ध्यान रखते हुए उसकी पैकेजिंग करें.

* पैकेजिंग के लिए पेपर बॉक्स का इस्तेमाल करें.

उत्पादन की बिक्री

* शहर की बड़ी-बड़ी दुकानों और होटल्स में आप मोमबत्ती को बेचने के लिए रख सकते हैं.

* आसपास के सरकारी व प्राइवेट ऑफिसेस में आप अपने प्रोडक्ट को प्रमोट कर सकते हैं.

* ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक प्रोडक्ट पहुंचे, उसके लिए विज़िटिंग कार्ड, बैनर्स आदि छपवा सकते हैं.

* फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

लघु उद्योग लाइसेंस

* लघु उद्योग की शुरुआत के लिए उसका रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज़रूरी है. इससे कई सरकारी योजनाओं का आपको लाभ मिल सकता है.

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Candle Making
संपर्क

कैंडल मेकिंग उद्योग शुरू करने के लिए लगनेवाला कच्चा माल, मशीनें और इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए स्थानों पर संपर्क करें-

जेनेसिस

4/13, क्षत्रिय निवास, शीतला देवी रोड, माहिम, मुंबई- 400016

संपर्क: 9821025735/ 9870086115

ईमेल: [email protected]

वेबसाइट: www.candlemakingmoulds.com

संदीप वैक्स कैंडल

प्लॉट नंबर 22, एकता कॉलोनी, स्टेशन रोड, आगरकर माला, अहमदनगर-414001

संपर्क: 9822435155/9371044031

गुनिया एंटरप्राइज़

डब्ल्यू पी वज़ीरपुर, अशोक विहार, नई दिल्ली-110052

संपर्क: 9716616630

ईमेल: [email protected]

वेबसाइट: www.guniyamachine.com

देवी दयाल एंड कंपनी

श्री कपिल मलिक, 18 लाल कुआं,

दिल्ली-110006

संपर्क: 9810044205

ईमेल: [email protected], [email protected], [email protected]

वेबसाइट: www.devidayal.com

ऑयल केम मैन्युफैक्चरिंग कंपनी

17, अलकुबा इस्टेट, कोज़ी हॉटेल के पीछे, नारोल-साखेज हाइवे, नारोल, अहमदाबाद, गुजरात- 382405

संपर्क: 8046084634/ 9824612666

निरल इंडस्ट्रीज़

230, गाला कॉम्प्लेक्स, दूसरी मंज़िल, गाला इंडस्ट्रियल इस्टेट, डंपिंग रोड, मुलुंड-पश्‍चिम, मुंबई- 400080

संपर्क: 022 25641428/ 8879651091

वेबसाइट: www.candlemould.com

ईमेल: [email protected]

जोगी इंजीनियरिंग इंडस्ट्री 

12/2, अश्‍वथाकट्टे रोड, कस्तूरबा नगर, गोपालन मॉल के पास, मैसूर रोड, बैंग्लुरू, कर्नाटक- 560026

संपर्क: 9341969693/ 9152320040

वेबसाइट: www.candlemoulds.co.in

 

मोमबत्ती बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध है. इसके लिए आप इन वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं.

www. amazon.com

www.flipkart.com

www.indiamart.com

www.snapdeal.com

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं. हर एक बैंक की ब्याज़ दर अलग-अलग होती है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

ईमेलः helpmudra.org.in

नोट: यह प्रोजेक्ट रिपोर्ट नवंबर, 2018 में तैयार की गई है.

– सायली शिर्के

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