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इन 10 तरीक़ों से अपने स्लो मोबाइल को बनाएं फास्ट (10 Smart Tricks To Speed Up Your Android Phone)

क्या आपका स्मार्टफोन (SmartPhone) बार-बार हैंग (Hang) होता है? एक ऐप यूज़ करने के बाद दूसरे ऐप में जाने में क्या अधिक समय लगता है? या होम स्क्रीन पर लौटने में ज़्यादा व़क्त लगता है, तो इसका मतलब है कि आपका स्मार्टफोन स्लो हो गया है. यदि आप अपने स्मार्टफोन की स्पीड बढ़ाना चाहते हैं, तो यहां पर बताए गए ट्रिक्स (Tricks) को अपनाकर अपने स्लो मोबाइल को फास्ट बना सकते हैं.

Tricks To Speed Up Phone

क्यों होता है मोबाइल स्लो?

मोबाइल की स्पीड बढ़ाने में अहम् भूमिका प्रोसेसर और रैम की होती है. ऐसा माना जाता है कि जिन मोबाइल की रैम 2जीबी होती है, उनकी स्पीड तेज़ होती है और जिन मोबाइल की रैम 1जीबी होती है, वे धीमे चलते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. 1जीबी रैम या उससे कम रैमवाले मोबाइल की स्पीड भी तेज़ हो सकती है, अगर उसकी सेेटिंग और कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो जैसे:

1. लॉन्चर से छुटकारा पाएं

अगर आपने अपने मोबाइल पर कोई कस्टम लॉन्चर इंस्टॉल किया है, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें. मोबाइल पर बहुत अधिक लॉन्चर्स इंस्टॉल करने से वह स्लो हो जाता है. लॉन्चर्स (होम ऐप) वे ऐप्स होते हैं, जो आपके फोन की होम स्क्रीन पर दिखाई देते हैं. इन लॉन्चर्स की मदद से आप दूसरे काम करते हैं. अगर आपके मोबाइल पर इंस्टॉल लॉन्चर्स अच्छे नहीं हैं, तो भी फोन की स्पीड धीमी हो जाती है. अगर आपको ऐसा महसूस हो कि मोबाइल में मौजूद लॉन्चर्स से उसकी स्पीड धीमी हो रही है, तो आप उन्हें डिलीट करके थर्ड पार्टी लॉन्चर यूज़ कर सकते हैं.

2. सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें

यदि आप चाहते हैं कि आपके मोबाइल की स्पीड हमेशा फास्ट बनी रहे, तो समय-समय पर अपना सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहें. वैसे तो मोबाइल और ऐप्स कंपनियां समय-समय पर अपडेटेड वर्ज़न भेजती रहती हैं. कंपनी द्वारा भेजे गए अपडेटेड वर्ज़न को इंस्टॉल करें. हो सकता है अपडेटेड वर्ज़न से मोबाइल की स्पीड पर भी असर पड़े.

3. अनयूज़्ड ऐप्स को डिसेबल करें

अगर आपने अपने फोन में ऐसे ग़ैरज़रूरी ऐप्स इंस्टॉल किए हैं, जिनका प्रयोग आप न के बराबर करते हैं, तो उन्हें तुरंत अनइंस्टॉल कर दें. ऐसे ऐप्स मोबाइल पर केवल स्पेस घेरते हैं, इसलिए इन ऐप्स को सेटिंग में जाकर ‘ऐप्स मेन्यू’ पर क्लिक करें. फिर जिस ऐप को अनइंस्टॉल करना चाहते हैं, उसे सिलेक्ट करके अनइंस्टॉल कर दें. फोन में पहले से ही कंपनी के अपने ख़ुद के ऐप्स होते हैं, जिन्हें अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता है. इन ऐप्स को डिसेबल करके फोन को धीमा होने से बचा सकते हैं.

4. महत्वपूर्ण ऐप्स को एक्सटर्नल मेमोरी में सेव करें

आप अपने मोबाइल को हैंग या स्लो होने से बचाना चाहते हैं, तो फोन में मौजूद महत्वपूर्ण ऐप्स को आप एक्सटर्नल मेमोरी में सेव कर सकते हैं. ऐसा करके आपकी इंटरनल मेमोरी खाली हो जाएगी और आपका फोन भी स्लो नहीं होगा.

5. अनवॉन्टेड ऐप्स को टर्न ऑफ करें

हर फोन में इंटरनल मेमोरी सीमित होती है. इंटरनल मेमोरी में जितना स्पेस होगा, फोन की स्पीड उतनी फास्ट होगी. फोन में बहुत सारे ऐप्स, वीडियोज़, फोटोज़, म्यूज़िक और डेटा ऐसे होते हैं, जिनके कारण फोन की स्पीड कम हो जाती है. इन ऐप्स, वीडियोज़ और डेटा को मोबाइल से डिलीट करके आप ड्रॉप बॉक्स या गुगल ड्राइव क्लाउड स्टोरेज सर्विस में सेव कर सकते हैं. इसके अलावा एक अन्य विकल्प यह भी है कि जिन वीडियोज़ और ऐप्स की आपको ज़रूरत नहीं है, उन्हें आप अनइंस्टॉल कर सकते हैं.

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Tricks To Speed Up Phone
6. फोन की होम स्क्रीन को क्लीन करें

अगर आप अपने मोबाइल की होम स्क्रीन पर लाइव वॉलपेपर लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए फोन की होम स्क्रीन से ऐसे ऐप्स को डिलीट करें, जिनका आप न तो इस्तेमाल करते हैं और न ही जिनकी आपको ज़रूरत है. ऐसे अवांछित व ग़ैरज़रूरी ऐप्स को डिलीट करने से फोन की स्पीड ज़रूर बढ़ेगी.

7. कैश (Cache) ऐप डाटा को क्लीयर करें

क्या आप जानते हैं कि जब भी आप मोबाइल पर इंटरनेट या ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो फोन की मेमोरी में ऐप, ब्राउज़र टेक्स्ट और वेबसाइट का पूरा ब्योरा आ जाता है. ऐसा इसलिए होता है, ताकि अगली बार जब आप उसी ऐप या वेबसाइट को खोलें, तो पहले से सेव ऐप या वेबसाइट की मदद से अपना काम जल्द से जल्द कर सकें. लेकिन यह एक समस्या भी है, क्योंकि अधिक टेक्स्ट डेटा सेव होने के बाद फोन स्लो हो जाता है. अगर आप इस परेशानी से बचना चाहते हैं, तो नियमित रूप से कैश को क्लीयर करें. कैश क्लीयर करने के लिए सेटिंग में ‘ऐप्स मेन्यू’ में जाएं. फिर एक-एक ऐप को सिलेक्ट करके कैश क्लीयर करें. यह थोड़ा बोरियतवाला काम है. इस बोरियत से बचने के लिए आप ‘ऐप कैश क्लीयर’ और ‘क्लीन मास्टर’ आदि जैसे फ्री ऐप्स भी डाउनलोड कर सकते हैं. इन फ्री ऐप्स की मदद से बस एक क्लिक से सारा कैश क्लीयर हो जाएगा.

8. मोबाइल स्क्रीन पर लाइव वॉलपेपर न लगाएं

फोन की स्क्रीन पर लाइव वॉलपेपर से उसकी स्पीड धीमी हो जाती है और बैटरी बैकअप पर इसका असर पड़ता है. एनिमेशन को टर्न ऑफ करें. फोन की स्पीड बढ़ाने के लिए उसमें मौज़ूद एनिमेशन को टर्न ऑफ करें. टर्न ऑफ करने के लिए आपको अपने मोबाइल के सेटिंग ऑप्शन में जाकर एनिमेशन को ऑफ करना होगा.

9. स्क्रीन पर कम विगेट (आइकन) का इस्तेमाल करें

स्क्रीन पर मौजूद विगेट (आइकन) से काम जल्दी होता है, क्योंकि ऐप पर जाकर उसे खोलने की बजाय होम स्क्रीन पर मौजूद आइकन से काम तुरंत हो जाता है. लेकिन इससे फोन की स्पीड धीमी हो जाती है और बैटरी बैकअप पर इसका बुरा असर पड़ता है. बेहतर होगा कि स्क्रीन पर विगेट का इस्तेमाल कम से कम करें. जिन आइकन की आपको ज़रूरत नहीं हैं, उन्हें डिलीट कर दें.

10. फैक्ट्री रिसेट करें

यदि उपरोक्त बताए गए ट्रिक्स से आपके मोबाइल की स्पीड नहीं बढ़ रही है, तो एक अंतिम प्रयास और कर सकते हैं यानी मोबाइल के फैक्ट्री रिसेट ऑप्शन पर क्लिक करें. फैक्ट्री रिसेट जंक फाइलों से छुटकारा पाने का शॉर्टकट तरीक़ा है, लेकिन इसका सबसे बड़ा नुक़सान यह है कि फैक्ट्री रिसेट करने से मोबाइल के सारे डेटा और सेटिंग्स डिलीट हो जाते हैं. इसलिए सोच-समझकर इस ऑप्शन पर क्लिक करें. वरना आपका सारा डेटा और सेटिंग्स डिलीट होने में समय नहीं लगेगा. इस ऑप्शन पर क्लिक करने से पहले बैकअप लेना न भूलें.

– देवांश शर्मा

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स्मार्ट महिलाओं के लिए मोबाइल वॉलेट टिप्स (Mobile Wallet Tips For Smart Women)

मोबाइल वॉलेट (Mobile Wallet) महिलाओं के लिए एक वरदान की तरह है. हमें हर दिन कितने सारे लेन-देन के काम करने होते हैं. दूध, सब्ज़ी, ग्रॉसरी का सामान, टैक्सी किराया, बिजली का बिल, डीटीएच का बिल, इंटरनेट और मोबाइल रिचार्ज जैसे जाने कितने ट्रांज़ैक्शन हम लगातार करते रहते हैं. इन सारे बिलों का भुगतान करके मोबाइल वॉलेट हमारे जीवन को सरल कर देता है. इनके भुगतान के लिए ना आपको किसी लाइन में खड़ा होना होगा और न चेक काटना होगा और ना ही अलग-अलग वेबसाइट पर जाना पड़ेगा. बस, मोबाइल वॉलेट का ऐप खोला और आप चुटकियों में बिल का भुगतान कर सकती हैं. इसे इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ख़ास ध्यान, बता रही हैं मोबिक्विक की को-फाउंडर उपासना टाकू.

Mobile Wallet Tips

 

–    अपने फोन और वॉलेट दोनों को ही लॉक करके रखें. अपने मोबाइल में कोई ख़ास पैटर्न या लॉक की लगाकर रखें, ताकि आपकी इजाज़त के बिना कोई आपका वॉलेट इस्तेमाल न कर पाए.

–     अपना वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) कभी किसी से शेयर न करें. अगर कोई फोन करके यह कहता है कि वह मोबाइल वॉलेट कंपनी या आपके बैंक से बोल रहा है, तो भी उससे अपना ओटीपी शेयर न करें.

–     अपने लिए हमेशा बेस्ट मोबाइल वॉलेट सिलेक्ट करें. आप किन कामों के लिए मोबाइल वॉलेट डाउनलोड कर रही हैं, वह सुविधा उसमें है या नहीं, पहले चेक करें. अगर आपको इलेक्ट्रिसिटी बिल भरना है या कैब बुक करना है, तो पहले देखें कि उस ऐप में यह सुविधा कैसी है.

–     मोबाइल वॉलेट को अपने ज़रूरी ऐप्स से लिंक करें. हर ऐप से वॉलेट को लिंक करने की ज़रूरत नहीं, लेकिन जिनका उपयोग आप ज़्यादा करती हैं, उन्हें लिंक करें.

–     आपका मोबाइल वॉलेट यूज़र फ्रेंडली और ईज़ी है, तो इसका ये बिल्कुल मतलब नहीं कि आप ग़ैरज़रूरी शॉपिंग कर लें. अपने मंथली बजट का हमेशा ध्यान रखें.

–     ज़्यादातर वॉलेट ऐप्स कैशबैक के अलावा बहुत-से डिस्काउंट्स भी देते रहते हैं. उनका ट्रैक रखकर आप भी उनके ऑफर्स का फ़ायदा उठा सकती हैं.

–     मोबिक्विक (Mobikwik), पेटीएम (PayTM), फोनपे (PhonePe), भीम (BHIM) और पेयूमनी (PayUMoney) कुछ पॉप्युलर मोबाइल वॉलेट्स हैं.

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हर वक्त सेल्फी लेना है ‘मेंटल डिस्ऑर्डर’ (Selfitis Is A Genuine Mental Disorder)

Selfitis, Mental Disorder

सेल्फी लेना तो हर किसी का शौक़ होता है, पर कहीं यह शौक़ आपको शॉक न दिला दे. चौंकिए नहीं, क्योंकि बार-बार सेल्फी लेना और सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करते रहना एक मेंटल डिस्ऑर्डर यानी मानसिक विकार है. सेल्फी के इस मानसिक विकार की क्या है कहानी और आपके लिए कितना ख़तरनाक हो सकता है यह? आइए जानते हैं.

 Selfitis, Mental Disorder

क्या है सेल्फीटिस?

बारबार सेल्फी लेना और सोशल मीडिया पर पोस्ट करना एक गंभीर मानसिक अवस्था है, जिसे सायकोलॉजिस्ट्स ने ‘सेल्फीटिस’ का नाम दिया है. पहली बार इस शब्द का इस्तेमाल 2014 में किया गया, जब अमेरिकन सायकैट्रिक एसोसिएशन इसे डिस्ऑर्डर घोषित करने पर विचार कर रही थी. इसके बाद नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी और थियागराजर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने अमेरिकन रिसर्च में कितनी सच्चाई है, उसका पता लगाने के लिए आगे स्टडी की. अपनी स्टडी में इन्होंने पाया कि वाक़ई ‘सेल्फीटिस’ एक मानसिक विकार है. इसके बाद रिसर्चर्स ने एक बिहेवियर स्केल बनाया, ताकि इस बात की जांच की जा सके कि सेल्फीटिस किस लेवल पर है.

सेल्फीटिस के लेवल्स

बॉर्डरलाइन: दिनभर में कम से कम 3 बार सेल्फी लेना, पर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट न करना. अगर आप भी सुबह, दोपहर, शाम सेल्फी लेते हैं, तो समझ जाइए कि आप बॉर्डरलाइन पर हैं.

अक्यूट: दिनभर में कम से कम 3 बार सेल्फी लेना और हर बार सोशल मीडिया पर पोस्ट करना गंभीर अवस्था है. अगर आप ऐसा कुछ करते हैं, तो इसे अवॉइड करना शुरू करें.

क्रॉनिक: दिनभर सेल्फी लेने से ख़ुद को रोक न पाना. बारबार सेल्फी लेते रहना और सोशल मीडिया पर 6 बार से ज़्यादा पोस्ट करना क्रॉनिक लेवल है. इन पर सेल्फी लेने का जुनून हर व़क्त सवार रहता है.

इंटरनेशनल जरनल ऑफ मेंटल हेल्थ में छपी स्टडी में इस बात की पुष्टि की गई है कि सेल्फीटिस एक मेंटल या सायकोलॉजिकल डिस्ऑर्डर है. हालांकि अभी भी कुछ लोग हैं, जो इसका विरोध कर रहे हैं. उनके मुताबिक किसी भी रवैये को नाम देने भर से वह विकार में परिवर्तित नहीं हो जाता.

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सेल्फीटिस बिहेवियर स्केल

ख़ुद को 1-5 तक की रैंकिंग दें, जहां 5 का मतलब है आप उस बात से पूरी तरह सहमत हैं, वहीं 1 का मतलब है कि आप उससे बिल्कुल सहमत नहीं. आपका स्कोर जितना ज़्यादा होगा, सेल्फीटिस की संभावना उतनी ज़्यादा होगी.

सेल्फी लेने से मेरा मूड अच्छा हो जाता है.

फोटो एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल करती हूं, ताकि दूसरों से बेहतर दिख सकूं.

इससे मैं कॉन्फिडेंट महसूस करती हूं.

अलगअलग पोज़ेज़ में सेल्फी शेयर करने पर मेरा सोशल स्टेटस बढ़ जाता है.

सेल्फी पोस्ट करते रहने से मैं ख़ुद को पॉप्युलर महसूस करती हूं.

इससे मेरा तनाव दूर होता है.

ज़्यादा सेल्फी पोस्ट करती हूं, ताकि ज़्यादा लाइक्स और कमेंट्स मिलें.

सोशल मीडिया पर दोस्तों की तारीफ़ सुनने के लिए सेल्फी पोस्ट करती हूं.

ख़ूब सेल्फी लेती हूं, फिर अकेले में देखती हूं, इससे मेरा आत्मविश्‍वास बढ़ता है.

अगर सेल्फी नहीं लेती हूं, तो अपने पीयर ग्रुप से अलगथलग महसूस करती हूं.

Selfitis, Mental Disorder

सेल्फी न बन जाए ‘किलफी’

हाल ही में हुए एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पूरी दुनिया में सेल्फी लेने के चक्कर में सबसे ज़्यादा लोगों की मौत भारत में ही होती है, जिसे ‘किलफी’ कहते हैं. इस बात की गंभीरता का पता इसी से लगाया जा सकता है कि दुनिया में होनेवाली सभी सेल्फी डेथ्स के 50% मामले भारत में होते हैं.

2014-2016 के बीच सेल्फी के कारण 127 मौतें हुईं, जिनमें से 76 इंडिया में हुईं.

ज़्यादातर सेल्फी डेथ का कारण समंदर या नदी में सेल्फी लेते हुए या टू व्हीलर पर स्टंट करते हुए या फिर बिल्डिंग से गिरने से हुई.

क्या है सोल्यूशन?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, क्योंकि यह एक एडिक्शन या लत है, इसलिए इसे छुड़ाने के लिए सायकोलॉजिस्ट्स वही तरीक़ा अपनाते हैं, जो व्यसन मुक्ति के लिए किया जाता है.

सेल्फी लें, पर कोशिश करें कि सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें.

– ख़ुद को कैमरे के लेंस से देखना बंद करें. आप जैसे हैं, वैसे ख़ुद को स्वीकारें.

अगर आप ख़ुद को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, तो किसी मनोचिकित्सक से मिलें.

दिनेश सिंह

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क्या आपने देखे ‘फ्यूचर ऑफ स्मार्टफोन’ आईफोन X के ये बेहतरीन फीचर्स? ( iPhone X- Loaded With Best Smartphone Features)

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अपनी 10वीं सालगिरह पर ऐप्पल कंपनी ने आईफोन X (आईफोन टेन) लॉन्च किया. दुनिया के बेहतरीन फोन्स के स्मार्ट फीचर्स की ख़ूबियों से भरपूर आईफोन टेन किसी का भी दिल जीत सकता है. इसके फीचर्स के बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. ऑल ग्लास डिज़ाइन, नो होम बटन और सुपर रेटिना डिस्प्ले जैसी अनगिनत ख़ूबियों वाले इस फोन की कीमत भारत में 89 हज़ार और 1 लाख, 2 हज़ार है. आइए जानें इसकी अन्य ख़ूबियां-

– ऑल ग्लास डिज़ाइन में सुपर रेटिना 5.8 डिस्प्ले है. यकीनन ग्लास डिज़ाइन सबको आकर्षित करेगा.

– नो होम बटन, जैसे कि सबको उम्मीद थी, इसमें से होम बटन ग़ायब हो गया है. इसकी बजाय इसमें होम बार होगा. यानी नीचे से ऊपर तक पूरे स्क्रीन पर कोई बटन नहीं.

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– फेस आईडी का नया फीचर इसमें शामिल किया गया है. आपके स्मार्टफोन की सुरक्षा और आपकी प्राइवेसी के साथ कोई छेड़छाड़ न कर सके, इसलिए ऐप्पल ने आपके फेस को ही बतौर अनलॉक रखा है यानी आपका फोन स़िर्फ आपके चेहरे को पहचानकर ही अनलॉक होगा.

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– फोन के दोनों कैमरा को रीइंवेंट किया गया है. इसमें ट्रू डेप्थ सेंसिंग फीचर है, जिसके कारण अंधेरे में भी फोन आपका चेहरा पहचान लेगा.

 

– इसमें एनिमेटेड ईमोजी हैं, जिनका नाम ऐनिमोजी रखा गया है. इसमें मौजूद एनिमोजी आपके चेहरे के भावों को पहचानकर उसी तरह व्यवहार करेगा, जैसा आप करना चाहते हैं. यानी अगर आप किसी को सिर हिलाता हुआ एनिमोजी भेजना चाहता हैं, तो मनपसंद एनिमोजी सिलेक्ट करके सिर हिलाएं और भेज दें.

– अब आपकी दुनिया भी होगी वायरलेस. जी हां, इसमें वायरलेस चार्जिंग मौजूद है.

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– यह सिल्वर और स्पेस ग्रे कलर्स में मौजूद है.

– इसका 64 जीबी फोन 89 हज़ार में, जबकि 256 जीबी वर्जन 1 लाख, 2 हज़ार में मिलेगा.

– भारत में यह फोन 3 नवंबर को लॉन्च होगा.

– दिनेश सिंह

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स्मार्टफोन आंखों के लिए है हानिकारक (Smartphone Overuse May Damage Your Eyes)

Smartphone Overuse

दिन-रात फोन से चिपके रहने की आदत भले ही आपको दूर-दराज़ बैठे लोगों से जोड़ रही हो, लेकिन ये आपकी आंखों की सेहत बड़ी तेज़ी से बिगाड़ रहा है. आंखों का एकटक मोबाइल फोन पर टिके रहना, उसकी सेहत को डैमेज कर रही है. आइए, हम आपको बताते हैं कि कैसे मोबाइल फोन बहुत स्मार्टली आपकी आंखों को ख़राब कर रहा है. स्मार्टफोन की स्क्रीन आंखों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है. स्मार्टफोन के आने से आंखों की परेशानी में इज़ाफ़ा हुआ है. नई-नई तरह की बीमारियां सुनने और देखने को मिल रही हैं.

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रेटिना पर अटैक

रात में जब आप अपना फोन यूज़ करते हैं, तो उससे निकलनेवाली लाइट सीधे रेटिना पर असर करती है. इससे आपकी आंखें जल्दी ख़राब होने लगती हैं. देखने की क्षमता धीरे-धीरे घटने लगती है.

ड्राईनेस

दिनभर काम करते रहने से आंखों को आराम नहीं मिलता, ऐसे में रात में भी सोने की बजाय फोन पर देर तक बिज़ी रहना आंखों को ड्राई कर देती है. इससे आंखों में खुजली और जलन होने लगती है. लगातार ऐसा करने से आंखों की अश्रु ग्रंथि पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

आईसाइट डैमेज

क्या आप जानते हैं कि स्मार्टफोन हमेशा के लिए आंखों की रोशनी छीन सकता है? जी हां, कई शोधों में ये बात साबित हो चुकी है. फोन से निकलनेवाली ब्लू लाइट (कएत श्रळसहीं) आंखों को पूरी तरह से डैमेज कर सकती है.

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आंखों से पानी गिरना

घंटों स्मार्टफोन से चिपके रहने से आंखों से पानी गिरने लगता है. ऐसा मोबाइल से निकलनेवाली किरणों के कारण होता है. लगातार मोबाइल पर देखते रहने से पलकों का झपकना लगभग कम हो जाता है. इससे आखों को आराम नहीं मिलता और आंखों से पानी गिरने लगता है.

चश्मा लगना

ये मोबाइल फोन आपको भले ही सोशल साइट्स से जोड़कर सुकून पहुंचाते हों, लेकिन आपकी आंखों पर जल्द ही चश्मा चढ़ा देते हैं. इतना ही नहीं, धीरे-धीरे आंखों का नंबर बढ़ने लगता है और पतला चश्मा मोटा होने लगता है. कुछ सालों के बाद आपको आंखों का ऑपरेशन तक करवाना पड़ सकता है.

पुतलियों का सिकुड़ना

स्मार्टफोन का अधिक उपयोग करने से न केवल पलक झपकाने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, बल्कि आंखों की पुतलियां भी सिकुड़ने लगती हैं. आंखों की नसें सिकुड़ने लगती हैं. इससे आंखों की रोशनी के साथ सिरदर्द की समस्या भी होने लगती है.

आंखों का लाल होना

लगातार फोन की स्क्रीन पर देखते रहने से आंखों का स़फेद भाग लाल होने लगता है. आईड्रॉप डालने से भी ये समस्या कम नहीं होती. लाल होने के साथ ही आंखें हमेशा सूजी हुई भी लगती हैं.

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टेंपरेरी ब्लाइंडनेस

लगातार फोन की तरफ़ देखने से जब अचानक आप कहीं और देखते हैं, तो कुछ देर के लिए सब ब्लैक दिखता है. आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है. यह आपकी आंखों के लिए अच्छा संकेत नहीं है.

धुंधला दिखना

स्मार्टफोन का अधिक उपयोग आपको इतना नुक़सान पहुंचाता है कि आपको धुंधला दिखने लगता है. अंग्रेज़ी में इसे ब्लर्ड विज़न कहते हैं. यह प्रक्रिया आगे चलकर गंभीर हो जाती है और आपको दिखने में समस्या होने लगती है

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कैसे बचें?

अगर आप चाहते हैं कि आपकी आंखें ख़राब न हों, तो आप नीचे दिए गए सुझावों को अपनाएं.

दूरी मेंटेन करें

आप अचानक तो फोन का यूज़ करना बंद या कम नहीं कर सकते. ये सच भी है लेकिन फोन को आंखों से दूर रखकर कुछ हद तक आंखों को सेफ रख सकते हैं. जब भी फोन यूज़ करें इस बात का ज़रूर ध्यान रखें कि फोन आंखों के बेहद क़रीब न हो.

20 सेकंड का ब्रेक

दिनभर ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करने के बाद वैसे ही आपकी आंखें थक जाती हैं. ऐसे में फोन की स्क्रीन से चिपके रहने पर आंखों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है. जब भी फोन इस्तेमाल करें, तब हर 20 मिनट के बाद 20 सेकंड का ब्रेक लें. यह ब्रेक आंखों को रिलैक्स करेगा.

नो नाइट वॉच

क्या आपको नहीं लगता कि रात सोने के लिए बनी है. दिनभर काम और रात को फोन पर चैटिंग, वीडियो वॉचिंग आदि आपको कितना थका देता है. ख़ुद ही एक लिमिट तय करें. रात में एक समय के बाद फोन यूज़ न करें. देर रात तक फोन यूज़ करने से नींद ख़राब होती है और बाद में ये आदत-सी हो जाती है. इससे आंखों के नीचे डार्क सर्कल, पफनेस आदि होने के साथ आईसाइट पर भी बुरा असर होता है.

लाइट कम करें

शुरुआत में फोन की लत से बचना बहुत मुश्किल है. हां, धीरे-धीरे इस आदत को आप कम कर सकते हैं, इसलिए बेहतर होगा कि फोन यूज़ करते समय फोन की ब्राइटनेस कम करें. इससे आंखों पर प्रेशर कम पड़ेगा.

– श्‍वेता सिंह

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स्लो फोन को सुपरफास्ट बनाने के 5 स्मार्ट ट्रिक्स (5 Smart Tricks To Make Your Mobile Phone Super Fast)

Smart Tricks for Mobile Phone speed
जैसे-जैसे आपका मोबाइल पुराना होने लगता है, वैसे-वैसे उसके स्लो होने, हैंग होने और स्टोरेज की कमी जैसी समस्या आने लगती है. ऐसे में इससे निपटने के लिए आपको थोड़ा स्मार्ट बनना होगा. मोबाइल को स्लो से फास्ट और फास्ट से सुपरफास्ट बनाने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट ट्रिक्स. 

Smart Tricks for Mobile Phone speed

 

अनइंस्टॉल करें ग़ैरज़रूरी ऐप्स

कुछ लोगों के मोबाइल में ऐप्स की भरमार रहती है, भले ही वो उन्हें इस्तेमाल करें या नहीं अपने पास रखते ज़रूर हैं. तो ऐसे लोगों को यह समझना चाहिए, जब आप उन ऐप्स को इस्तेमाल ही नहीं कर रहे हैं, तो मोबाइल में भीड़भाड़ करने की क्या ज़रूरत है? आज ही अपने मोबाइल से ग़ैरज़रूरी ऐप्स को अनइंस्टॉल कर दें और स़िर्फ ज़रूरी ऐप्स ही मोबाइल में रखें.

कैश डाटा क्लीयर करें

अगर आप कोई ऐप अनइंस्टॉल नहीं करना चाहते, तो उसमें मौजूद कैश डाटा को क्लीयर करके भी काफ़ी स्टोरेज बढ़ा सकते हैं. ऐसा करने से मोबाइल की स्पीड भी बढ़ जाती है. इसके लिए सेटिंग्स में जाकर ऐप्स में जाएं. जिस ऐप का कैश डाटा क्लीयर करना चाहते हैं, उसे ओपन करें और क्लीयर कैश बटन दबाएं. इससे आपको काफ़ी स्टोरेज स्पेस मिलेगा और मोबाइल भी फास्ट चलेगा.

एनिमेशन बंद कर दें

मोबाइल के होम स्क्रीन पर लाइव वॉलपेपर्स और तरह-तरह के एनिमेशन्स रखने से मोबाइल की स्पीड कम हो जाती है. एनिमेशन इफेक्ट्स स्पेस के साथ-साथ बैटरी भी काफ़ी यूज़ करते हैं, जिससे मोबाइल हैंग होने लगते हैं, इसलिए ऐसा कोई भी एनिमेशन बंद कर दें. लाइव वॉलपेपर्स की बजाय नॉर्मल पिक्चर्स का इस्तेमाल करें.

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फैक्टरी मोड रिसेट कर दें

अगर उपरोक्त उपायों से भी मोबाइल की स्पीड नहीं बढ़ रही है, तो सबसे बेस्ट और लास्ट ऑप्शन है, मोबाइल को फैक्टरी मोड पर रिसेट करना. इसके लिए आपको सेटिंग्स में जाकर बैकअप और रिसेट पर क्लिक करना होगा. यहां आपको यह सावधानी बरतनी होगी कि मोबाइल को फैक्टरी रिसेट करने से पहले अपने कॉन्टैक्ट्स, इमेज़ेस, मैसेजेस आदि का बैकअप लेना होगा, क्योंकि फैक्टरी रिसेट करने पर ये सारी जानकारी मोबाइल से डिलीट हो जाती है. अगर आप ऐसा नहीं करेंगे, तो आप अपने क़ीमती डाटा से हाथ धो बैठेंगे.

रिस्टार्ट और स्विच ऑफ करें

रोज़ाना एक बार अपना मोबाइल रिस्टार्ट, रिबूट या स्विच ऑफ करें, ताकि ग़ैरज़रूरी कैश डाटा क्लीयर हो जाए.

व्हाट्सऐप के चैट्स क्लीयर करते रहें

रोज़ाना आपके व्हाट्सऐप पर न जाने कितनी चैट्स होती हैं. ख़ासतौर से गुप्स में तो लोग काफ़ी चैट करते हैं. ये सारी चैट्स आपके मोबाइल में काफ़ी स्पेस लेती हैं, जिसके कारण भी मोबाइल स्लो हो जाता है, इसलिए जैसे ही ़फुर्सत मिले चैट्स क्लीयर करते जाएं.

– दिनेश सिंह

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सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर कैसे करें प्राइवेसी मेंटेन? (maintain your privacy at social networking sites )

दिनोंदिन सोशल मीडिया का क्रेज़ युवाओं में तेज़ी से ब़ढ़ता जा रहा है. अपनी हर छोटी से छोटी पर्सनल बातों और गतिविधियों से फैमिली व फ्रेंड्स को रू-ब-रू करना उनकी आदत बनती जा रही है. मिनट-मिनट की अपडेट्स देकर वे अपनी फैमिली व फ्रेंड्स के साथ संवाद तो क़ायम रख सकते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि कोई अजनबी शख़्स उनकी प्रोफेशनल और पर्सनल प्राइवेसी में सेंध लगा रहा है, जिससे वे अंजान हैं. सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर आपकी प्राइवेसी में किसी का कोई दख़ल न हो, इसलिए ज़रूरी है कि ऑनलाइन प्राइवेसी का ध्यान रखा जाए. कैसे, आइए जानें? social networking sites

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गोपनीयता की जांच करने के लिए अपने पीसी वेब ब्राउज़र में फेसबुक पेज खोलें. फेसबुक मेनू बार (फेसबुक पर दिखनेवाली ब्लू पट्टी) के राइट कॉर्नर में दिए लॉक सिंबल (प्राइवेसी शॉर्टकट) पर जाएं. क्लिक करने पर Privacy Check-up आएगा, जिसके 3 स्टेप्स हैं:

 पहला स्टेप

आपकी पोस्ट कौन-कौन देख सकते हैं: यहां पर क्लिक करने पर यदि “Public’ आता है, तो इसका अर्थ है कि इंटरनेट पर मौजूद हर व्यक्ति आपकी पोस्ट देख सकता है. इसलिए वहां पर “Friends’ ऑप्शन सिलेक्ट करें. इससे आपके फ्रेंड्स ही देख सकते हैं.

दूसरा स्टेप

चेक करें कि कौन से ऐप्स आपकी टाइमलाइन पर इंफॉर्मेशन पोस्ट कर सकते हैं: यहां पर दिए गए ऑप्शन्स में से “Only Me’ सेट करें.

तीसरा स्टेप

अपने प्रोफाइल (ईमेल एड्रेस, बर्थडे और रिलेशनशिप स्टेटस) को दोबारा चेक करें: जिसमें फे्रंड्स को आपकी विज़ीबिलिटी दिखाई दे, अपनी कौन-सी पोस्ट गोपनीय रखना चाहते हैं- इनका सिलेक्शन करें.

कौन-से फे्रंडस आपसे कॉन्टैक्ट करना चाहते हैं, पहले उसे कंट्रोल करें.

– क्लिक करें Privacy Shortcut >Who Can Contact Me?

– वहां पर दिए गए ऑप्शन पर क्लिक करें कि आपको कौन-कौन लोग फ्रेंड्स रिक्वेस्ट भेज सकते हैं. इसके लिए Privacy Shortcut >Who Can Contact Me? को सिलेक्ट करें.

जो ऐप्स आपके बारे में जानकारी देते हैं, उन्हें चेक करें
– पीसी वेब ब्राउज़र में www.facebook.com/setting/?tab=application पर जाएं.

– Logged in with Facebook पर क्लिक करें.

– किसी ऐप पर क्लिक करके चेक करें कि आपने कौन-सी इंफॉर्मेशन (अपनी प्रोफाइल डिटेल्स, फें्रड लिस्ट आदि) शेयर की है, इस ऐप के ज़रिए आप यह जान सकते हैं कि किसने आपकी पोस्ट देखी है और किसने आपको नोटिफिकेशन भेजा है.

कैसे चेक करें कि लोग आपके बारे में क्या कहते हैं?

– फेसबुक मेनू बार के राइट कॉर्नर के आख़िर में प्राइवेसी शॉर्टकट के बाद आपको Triangular drop-down list (ट्रायएंगुलर ड्राप-डाउन लिस्ट) दिखाई देगी. इस पर क्लिक करने पर कई ऑप्शन्स मिलेंगे. उनमें से “Activity Log’ को क्लिक करें.

– फिर लेफ्ट साइडबार में जाकर “Timeline Review’ पर क्लिक करें. फिर अप्रूव/रिजेक्ट या ऐड/इग्नोर का ऑप्शन आएगा.

– फिर Tag Review को क्लिक करके अपने टैग्स को मैनेज करें.

– अंत में, “Post you are Tagged in’ में क्लिक करें. इसमें क्लिक करने पर आप सभी पोस्ट को देख सकते हैं, जिन्हें आपने टैग-अनटैग किया है.

गूगल: गोपनीयता की जांच करने के लिए

– myaccount.google.com/privacycheckup पर जाएं.

– आप Google+ पर कौन-सी इंफॉर्मेशन दूसरों के साथ शेयर करना चाहते हैं. फिर “Dont feature my publicly shared Google+Photos as background
images को सिलेक्ट करें.

– उसके बाद “Edit Your Shared Endorsement Setting’ पर क्लिक करें. वहां पर दिए गए ऑप्शन को अनचेक करें.

– फिर उन लोगों को allow/disallow करें, जो Google पर आपकी पर्सनल
इंफॉर्मेशन को देख रहे थे और आपका फोन नंबर सर्च कर रहे थे.

– इसी तरह से यूट्यूब पर भी आप अपनी गोपनीयता बनाए रख सकते हैं. उसके लिए Manage your Google Photos Settings पर क्लिक करके उसे डिसेबल करें.

ऐप्स और साइट्स की प्राइवेसी को कैसे कंट्रोल करें?

– myaccount.google.com/security#connectedapps पर जाएं.

– “Manage app’ को क्लिक करें. इससे मालूम चलेगा कि कौन-से ऐप्स आपके गूगल अकाउंट से कनेक्टेड हैं.

– जिन ऐप्स को आप ज़्यादा यूज़ नहीं करते, उन्हें डिलीट करने के लिए रिमूव पर क्लिक करें.

– अंत में Allow Less Secure Apps सेट करके उसे “OFF’ करें.

ट्विटर: गोपनीयता की जांच करने के लिए

– twitter.com/setting/security पर जाएं और Privacy सेक्शन पर स्क्रोल करें.

– Photo Tagging पर क्लिक करें कि कौन-कौन आपकी फोटो को टैग कर सकते हैं?

– फिर Tweet Privacy को लॉक करें. इससे आपकी पोस्ट को केवल आपके द्वारा अप्रूव्ड फॉलोवर्स ही देख पाएंगे.

– Tweet Location को डिसेबल करें. चाहें, तो आप अपने पिछले ट्वीट के लोकेशन संबंधी डाटा को भी डिलीट कर सकते हैं.

– यह जानने के लिए कि ट्विटर पर कौन आपको, आपका फोन नंबर और ईमेल एड्रेस सर्च कर रहा है, इसके लिए Discoverability को सेट करें.

– Personalization को डिसेबल करें. ऐसा करने पर कोई भी आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री को नहीं देख पाएगा.

– Promote Content को भी डिसेबल करें, जिसमें आपके पर्सनल इंफॉर्मेशन और इंट्रेस्ट बेस्ड विज्ञापन दिखाई देते हैं.

– फिर Direct Message में जाकर “receive direct messages from
anyone’ ऑप्शन को डिसेबल करें.

ऐप्स को एक्सेस करें

– twitter.com/setting/application पर जाएं.

– अपने ट्विटर अकाउंट पर जाकर “Revoke access’ पर क्लिक करके अनट्रस्टेड ऐप्स एंड सर्विस को स्टॉप करें, जिन्हें आपने कभी-कभी एक्सेस किया हो.

इंस्टाग्राम पर गोपनीयता की जांच

कंट्रोल करें कि कौन आपकी पोस्ट देख रहा है?

अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर “Private>’ सेट करने के लिए: अपने इंस्टाग्राम मोबाइल ऐप को ओपन करें. Profile टाइप करने पर तीन वर्टिकल
डॉट्स दिखाई देंगे फिर Options में जाकर Private Account सेट करें. अब
फॉलोवर्स को आपकी इंस्टाग्राम फीड देखने के लिए आपके अप्रूवल की
ज़रूरत होगी.

टैग्ड को कैसे कंट्रोल करें?

– अपनी फोटो को अनटैग करने के लिए: इंस्टाग्राम ऐप में फोटो पर क्लिक करें. फिर Options>Photo Options>Remove Tag करें.

– अपनी सभी फोटोज़ को टैग करने के लिए Profile>Photo of you>Options करें.

यहां पर आप मैन्युअली भी अपनी इच्छानुसार किसी भी फोटो को टैग कर सकते हैं. इसके लिए Tagging Options>Add Manually करना होगा. इसके अलावा, आप उन सभी फोटोज़ को रिमूव कर सकते हैं, जो आपने कुछ समय पहले/हाल ही में टैग की हैं. इसके लिए आपको Profile>Photo of you>Options>Hide Photo करना होगा.

– पूनम नागेंद्र शर्मा

5 ईज़ी स्टेप्स में अनलॉक करें लॉक्ड स्मार्टफोन ( 5 Easy Steps to Unlock Locked smartphone)

प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए अक्सर लोग अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन को लॉक करके रखते हैं, पर ऐसा कई बार होता है कि आप अनलॉक पैटर्न भूल जाते हैं या फिर जल्दबाज़ी में ग़लत पैटर्न बना देते हैं, जिससे मोबाइल लॉक हो जाता है. लेकिन अब अगर आपका मोबाइल लॉक हो जाए या आप पासवर्ड भूल जाएं, तो बिल्कुल भी घबराएं नहीं. इन 5 ईज़ी स्टेप्स में अनलॉक करें अपना स्मार्टफोन.

 

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स्टेप 1

सबसे पहले अपने स्मार्टफोन को स्विच ऑफ कर दें.

स्टेप 2

मोबाइल स्विच ऑफ होने पर मोबाइल का अप वॉल्यूम बटन, पावर बटन और होम बटन को एक साथ दबाएं.

यह भी पढ़ें: स्मार्टफोन आंखों के लिए है हानिकारक

स्टेप 3

एक साथ तीनों बटन प्रेस करने पर स्क्रीन पर Reboot data, Wipe data/factory Reset/ Install update, Power button, Advance options जैसे ऑप्शन्स दिखेंगे. इसमें से Wipe data/factory Reset/ Install update पर क्लिक करें.

स्टेप 4

Wipe data/factory Reset/ Install update सिलेक्ट करने के बाद एक पॉप अप आएगा, उसे yes करें. इस प्रोसेस में थोड़ा व़क्त लग सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें और जल्दबाज़ी में कोई ग़लत बटन न दबाएं.

स्टेप 5

आख़िरी स्टेप में आपको अपने स्मार्टफोन को स़िर्फ रीस्टार्ट करना है. रीस्टार्ट के बाद आपका फोन अनलॉक हो जाएगा.

यह भी पढ़ें: पासवर्ड सिलेक्ट करते व़क्त न करें ये ग़लतियां

मोबाइल चार्जिंग में रखें इन बातों का ख़्याल

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  • मोबाइल हमेशा अपने फोन के चार्जर से ही चार्ज करें. किसी और मोबाइल का चार्जर इस्तेमाल करने से या तो चार्जिंग धीरे-धीरे होती है या होती ही नहीं या फिर वह आपके फोन या बैटरी को नुक़सान पहुंचा सकता है.
  • अपने मोबाइल को बहुत गरम होने से बचाएं, क्योंकि ज़्यादा गर्म होने से मोबाइल के साथ-साथ उसकी बैटरी को भी नुक़सान पहुंच सकता है.
  • मोबाइल को दिनभर चार्जिंग में लगाकर न रखें, क्योंकि उस दौरान मोबाइल बहुत गर्म रहता है, जो आपके मोबाइल के लिए ठीक नहीं.
  • जैसे ही आपका मोबाइल पूरा चार्ज हो जाए, उसे चार्जिंग से निकाल दें. 80% या 90% हो गया है, इसलिए मोबाइल दिनभर लगाए न रखें.
  • टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ अपने मोबाइल के लाइफस्पैन कोे बढ़ाने के लिए मोबाइल की चार्जिंग हमेशा 50% से ऊपर रखें.
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ बैटरी की लंबी लाइफ के लिए महीने में एक बार मोबाइल को पूरी तरह डिस्चार्ज करके चार्ज करना चाहिए.
  • जब ज़रूरत न हो, जैसे- सोते व़क्त, ज़रूरी मीटिंग के दौरान आदि तो मोबाइल को बंद करके रखें. इससे बैटरी की चार्जिंग बेवजह ख़त्म नहीं होती.
  • वाइब्रेशन में बैटरी तेज़ी से डिस्चार्ज होती है, इसलिए मोबाइल को वाइब्रेशन की बजाय स्लो रिंग टोन पर रखें.
  • ब्लूटूथ, जीपीएस, वाई-फाई बेवजह ऑन न रखें, इससे भी आपके मोबाइल की बैटरी जल्द ख़त्म होती है.
  • बहुत से लोग मोबाइल को रातभर के लिए चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं. ऐसे में मोबाइल चार्ज तो होता है, पर ओवरहीट भी हो जाता है,
    जिससे आपकी बैटरी डैमेज हो सकती है, इसलिए ऐसा करने से बचें.
  • एनीमेशनवाली थीम्स न रखें और न ही बहुत ज़्यादा इफेक्टवाले या लाइव वॉलपेपर्स, क्योंकि इनसे बैटरी बहुत जल्दी डिस्चार्ज होती है.

– सत्येंद्र सिंह    

मोबाइल डाटा बचाने के स्मार्ट टिप्स

 
क्या आप हर महीने के बढ़ते मोबाइल इंटरनेट बिल से परेशान हैं? क्या आपको भी लगता है कि बिना ज़्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल किए, आप उसकी क़ीमत चुका रहे हैं, तो आपको करने होंगे कुछ आसान से उपाय. जी हां, मोबाइल सेटिंग्स में थोड़े बदलाव करके और कुछ लेटेस्ट ऐप्स की मदद से आप अपने मोबाइल का काफ़ी डाटा बचा सकते हैं.

 

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कैसे ख़र्च होता है डाटा?

आजकल लगभग हर दूसरे काम के लिए हम इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. इंटरनेट ने हमारे काम को काफ़ी हद तक आसान बना दिया है, पर आपको पता है कि आपकी छोटी-छोटी एक्टीविटीज़ पर कितना डाटा ख़र्च होता है, आइए डालें इस पर एक नज़र.

– अगर आप रोज़ाना ऑनलाइन किसी न्यूज़ वेबसाइट पर 15 मिनट तक कोई न्यूज़ वीडियो देखते हैं, इसके बाद यूट्यूब पर कुछ फनी वीडियोज़ देखते हैं, किसी वेबसाइट पर आधे घंटे का कोई सीरियल देखते हैं, तो महीने में आप क़रीब 1.25 जीबी डाटा ख़र्च करते हैं.

– 30 मिनट की ड्राइविंग के व़क्त ऑनलाइन गाने सुनने भर से आप क़रीब 800 एमबी डाटा ख़र्च कर देते हैं.

– कुछ लोगों को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर हर व़क्त फोटोज़ अपलोड करने का बहुत शौक़ होता है. स़िर्फ फोटोज़ ही नहीं, कुछ लोग पूरा का पूरा एलबम अपलोड कर देते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि एक दर्जन हाई रेज़ोल्यूशन फोटो अपलोड करने में क़रीब 400-500 एमबी डाटा ख़र्च होता है. तो सोचिए अगर आप रोज़ाना ऐसा करते हैं, तो लगभग कितना डाटा ख़र्च होगा?

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कैसे बचाएं इंटरनेट डाटा?

– ज़रूरी नहीं कि आपका इंटरनेट डाटा हर व़क्त ऑन रहे. अगर आप ड्राइविंग कर रहे हैं, मीटिंग में हैं, सो रहे हैं, तो उस व़क्त आप इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते, उस व़क्त के लिए डाटा बंद करके न स़िर्फ आप पैसे बचाएंगे, बल्कि मोबाइल की बैटरी भी बचाएंगे.

– आजकल व्हाट्सऐप काफ़ी लोकप्रिय ऐप है. पर जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सऐप पर कोई भी इमेज, वीडियो और ऑडियो अपने आप डाउनलोड हो जाता है, जिसमें बेवजह बहुत-सारा डाटा ख़र्च हो जाता है. चैट सेटिंग्स में जाकर मीडिया ऑटो डाउनलोड में अपनी ज़रूरत के मुताबिक ऑटो डाउनलोड बंद कर दें. इससे ऑटो डाउनलोड बंद हो जाएगा और आप अपनी पसंद की इमेज या वीडियो अपनी मर्ज़ी से डाउनलोड कर सकते हैं.

– अक्सर हमें पता भी नहीं चलता और बैकग्राउंड में बहुत-से ऐप्स काम करते रहते हैं, जिससे आपको बिना पता चले आपका क़ीमती डाटा ख़र्च होता रहता है. इससे बचने के लिए सेटिंग्स में डाटा यूसेज़ में जाएं और रेस्ट्रिक्ट बैकग्राउंड डाटा ऑप्शन पर टिक करें. इससे आपका काफ़ी डाटा बच जाएगा.

– जब भी घर पर रहें, तब मोबाइल डाटा ऑफ करके घर का वाई-फाई इस्तेमाल करें. घर पर वाई-फाई लगवाना काफ़ी फ़ायदेमंद होता है, इसमें आप एक कंप्यूटर के साथ 2-3 मोबाइल भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

– ग़ैरज़रूरी पुश नोटिफिकेशन बंद करें. आजकल की सोशल नेटवर्किंग साइट्स और मैसेजिंग साइट्स पर ये बहुत ज़्यादा होते हैं, जो बेवजह आकर आपका डाटा ख़र्च करते रहते हैं. मोबाइल के सिस्टम सेटिंग्स में जाकर पुश नोटिफिकेशन का ऑप्शन डिसेबल कर दें.

– गाने सुनने के शौक़ीन हैं, तो ऑनलाइन सुनने की बजाय अपने पसंदीदा गानों को एक बार में ही डाउनलोड कर लें, उसके बाद आप जब चाहें, तब उनका लुत्फ़ उठा सकते हैं.

– ऐप्स को अपडेट करने के लिए उन्हें वाई-फाई अपडेट मोड पर रखें. इसके लिए प्ले स्टोर में जाकर सेटिंग्स पर क्लिक करके ऑटो अपडेट ऑप्शन चेक करें. ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली सिलेक्ट करें.

– अपने डाटा यूसेज़ पर नज़र रखें. इससे आपको पता चलेगा कि कौन-सा ऐप कितना डाटा इस्तेमाल कर रहा है. इसके बाद आप ऐप्स के मुताबिक लिमिट सेट कर सकते हैं, ताकि वह ऐप उससे ज़्यादा डाटा इस्तेमाल न कर पाए.

– मोबाइल ब्राउज़र का सही चुनाव करके भी आप मोबाइल डाटा बचा सकते हैं. इसके लिए मोबाइल के लिए इस्तेमाल होनेवाले ब्राउज़र्स चुनें, जो ज़्यादा डाटा ख़र्च किए बिना अच्छी स्पीड से काम करते हैं. इसके लिए गूगल क्रोम, ओपेरा मिनी और टेक्स्ट ओनली ब्राउज़र्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.

– अगर आप बहुत ज़्यादा मैप्स यानी ऑनलाइन नक्शों का इस्तेमाल करते हैं, तो ट्रैवलिंग से पहले ही वाईफाई पर गूगल मैप्स डाउनलोड कर लें. बाद में बिना ऑनलाइन गए आप ऑफलाइन भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

– बहुत-से लोग मोबाइल में जगह बनाने के लिए कैश मेमोरी डिलीट कर देते हैं. पर अगर आप इंटरनेट का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसा न करें, क्योंकि कैश में ऐसी कई ईमेजेस डाउनलोडेड होती हैं, जो अगली बार डाउनलोड होने से बच जाएंगी.

– अकाउंट सिंक्रोनाइज़ सेटिंग्स का सही इस्तेमाल करें. फेसबुक और गूगल प्लस की सेटिंग्स में जाकर ऑटो सिंक्रोनाइज़ डिसेबल कर दें. इससे बेवजह ईमेजेस डाउनलोड नहीं होंगी और आपका डाटा कम ख़र्च होगा.

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डाटा बचाने के स्मार्ट ऐप्स

– अगर आप ऑनलाइन मैप्स वगैरह हमेशा देखते हैं, तो Navfree (नेवफ्री) और
Mapswithme Light (मैप्सविदमी लाइट) आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकते हैं, क्योंकि ये ऑफलाइन भी काम करते हैं.

Opera Max (ओपेरा मैक्स): अपने मोबाइल में यह ऐप इंस्टॉल करें. यह आपके वीडियोज़, इमेजेस और वेब पेजेस को कंप्रेस करके आपका डाटा सेव करने में आपकी मदद करता है. इसके अलावा अगर कोई ऐप ज़रूरत से ज़्यादा डाटा इस्तेमाल कर रहा है, तो यह ऐप आपको इसकी जानकारी भी देता है और सबसे बड़ी बात यह है कि फ्री ऐप है.

Onavo Extend (ओनावो एक्सटेंड): फेसबुक द्वारा 2013 में लाया गया यह ऐप आपके मोबाइल डाटा को कंप्रेस करके डाटा सेव करने में आपकी मदद करता है.

Google Chrome (गूगल क्रोम): अगर आप गूगल क्रोम ब्राउज़र का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अलग से डाटा कंप्रेसर डाउनलोड करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि क्रोम में डाटा कंप्रेशन की सुविधा पहले से ही है.

UC Browser HD (यूसी ब्राउज़र एचडी): यह भी काफ़ी लोकप्रिय डाटा कंप्रेशन ब्राउज़र ऐप है. अपने मोबाइल में इसे डाउनलोड कर आप अपना क़ीमती डाटा बचा सकती हैं. इसमें ऐड ब्लॉकर्स की भी सुविधा मौजूद है. आजकल बहुत-सी मोबाइल कंपनियां इसे इनबिल्ट ऐप के तौर पर पेश करती हैं. अगर आप क्रोम इस्तेमाल नहीं कर रहे हो, तो यूसी ब्राउज़र आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है.

What’s Local Today (व्हाट्स लोकल टुडे): यह एक ब्राउज़र ऐप है, जो बैकग्राउंड में काम नहीं करता, जिससे आपका काफ़ी मोबाइल डाटा बच जाता है. यह एक ऑल-इन-वन ऐप है, जिसकी मदद से आप बेवजह के कई ऐप्स को अपने मोबाइल से हटा सकते हैं. इसके इस्तेमाल से मोबाइल की बैटरी भी लंबे समय तक चलती है.

– सत्येंद्र सिंह

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