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लघु उद्योग- जानें सोप मेकिंग बिज़नेस की एबीसी… (Small Scale Industry- Learn The Basics Of Soap Making)

आर्थिक रूप से मज़बूत बनना चाहते हैं, तो लघु उद्योग से बेहतर

माध्यम भला और क्या हो सकता है. इसके ज़रिए आप आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बन सकते हैं. मेरी सहेली (Meri Saheli) के लघु उद्योग सीरीज़ में हम हर महीने एक नए लघु उद्योग (New Small Industry) के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं. इसी कड़ी में इस बार हम लाए हैं, सोप मेकिंग उद्योग (Soap Making Industry).

Soap Making

साबुन एक ऐसी चीज़ है, जिसका हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है. चाहे नहाने का साबुन हो, कपड़े धोने का या फिर बर्तन धोने का, इन सभी की ज़रूरत हमें रोज़ाना होती है, इसलिए मार्केट में इसकी मांग भी हमेशा बनी रहती है और इसका बिज़नेस भी तेज़ी से बढ़ रहा है.

मार्केट में कौन-सा नया साबुन आ रहा है, इस ओर बहुत से लोगों का ध्यान रहता है. नए साबुन से लोगों को काफ़ी अपेक्षा रहती है कि इसमें कुछ तो नया होगा. पैकेजिंग, ख़ुशबू और कलर्स में कुछ इनोवेटिव करके आप ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं. तो आइए, देखें नहाने का साबुन बनाने के इस लघु उद्योग की प्रक्रिया.

मशीनें

* रॉ मटेरियल मिक्सिंग मशीन की क़ीमत लगभग 35 हज़ार रुपए से शुरू.

* मिलिंग मशीन की क़ीमत लगभग 40 हज़ार रुपए से शुरू.

* सोप प्रिंटिंग मशीन की क़ीमत लगभग 70 हज़ार रुपए से शुरू.

* इस तरह कुल ख़र्च होगा, लगभग 1 लाख 45 हज़ार रुपए.

इसके अलावा मार्केट में आधुनिक तकनीक की ऑटोमैटिक सोप मेकिंग मशीन भी उपलब्ध है. इसके सेट में सभी ज़रूरी मशीनें शामिल हैं, जिसकी क़ीमत लगभग 2,50,000 रुपए है. कंपनी और उत्पादन क्षमता के अनुसार इसकी क़ीमत अलग-अलग हो सकती है.

स्थान और कर्मचारी ख़र्च

* साबुन के बिज़नेस के लिए कम से कम 800 स्न्वेयर फीट के जगह की ज़रूरत है.

* बिजली का बिल हर शहर के मुताबिक़ अलग-अलग हो सकता है.

* बिजली का बिल- लगभग 3 हज़ार रुपए.

* अन्य ख़र्च- लगभग 1 हज़ार रुपए.

* प्रशासकीय ख़र्च- लगभग 4 हज़ार रुपए. (किराया छोड़कर)

कर्मचारी

रोज़ाना 2500 साबुन बनाने के लिए आपको क़रीब 5 कर्मचारियों की ज़रूरत पड़ेगी.

* हर एक कर्मचारी को रोज़ाना 200 रुपए के अनुसार दिन के

200×5=1000 रुपए देने होंगे, तो एक महीने का वेतन 1000×25= 25000 रुपए होगा.

कच्चा माल

पाम ऑयल और कोकोनट ऑयल से सोप नूडल्स तैयार किए जाते हैं. बाज़ार में रेडीमेड सोप नूडल्स मिलते हैं. सोप नूडल्स के अलावा कास्टिक सोडा, ऑलिव ऑयल, कोकोनट ऑयल और अन्य कई तरह के ऑयल्स, कलर्स और फ्रेग्रेंस की ज़रूरत पड़ती है. फ्रेग्रेंस के लिए चंदन, गुलाब, लेमन, नीम, एलोवीरा, लैवेंडर, मोगरा आदि विकल्प हैं. कच्चे माल की क़ीमत मार्केट में और ऑनलाइन साइट्स पर अलग-अलग हो सकती है.

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साबुन तैयार करने की प्रक्रिया

यहां हम 2500 साबुन प्रतिदिन बनाने के अनुसार कच्चे माल का अनुपात रखेंगे.

* इसके लिए 250 किलो सोप नूडल्स की ज़रूरत होगी.

* सबसे पहले रॉ मटेरियल मिक्सिंग मशीन में सोप नूडल्स डालें.

* थोड़ी देर बाद साढ़े सात किलो सोप स्टोन पाउडर मिलाएं.

* ढाई-ढाई किलो मनपसंद फ्रेग्रेंस और कलर मिलाएं.

* सोप नूडल्स, सोप स्टोन पाउडर, कलर, फ्रेगरेंस अच्छी तरह मिल जाए, तो मिलिंग मशीन में डालें.

* मिलिंग मशीन में मिश्रण को 5-6 गुना और बारीक़ किया जाता है. मिश्रण तैयार करने के लिए इसमें आधा लीटर पानी भी मिलाएं.

* लगभग 20-25 मिनट में एक बार में ही 50 किलो कच्चे माल से 100 ग्राम वज़न के 500 साबुन तैयार किए जाते हैं.

* साबुन को मनचाहा आकार देने के लिए इस मिश्रण को सोप प्रिंटिंग मशीन में डालें. मनपसंद आकार के साबुन तैयार हो जाएंगे.

Soap Making

इसे हमेशा याद रखें

* साबुन के इस्तेमाल से ग्राहकों के शरीर पर उसका कोई साइड इफेक्ट न हो, इस बात का ख़ास ख़्याल रखें.

* साबुन की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें.

* साबुन के लिए इस्तेमाल होनेवाला कच्चा माल अच्छी क्वालिटी व ग्रेड का हो.

* साबुन बनाते समय इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि साबुन का आकार ऐसा हो, जो आपके हाथ में आसानी से आ जाए.

* मार्केट में बहुत-से ब्रांड्स हैं, ऐसे में आपके साबुन की पैकेजिंग ऐसी होनी चाहिए, जो लोगों को आकर्षित करे.

* ज़्यादातर साबुन को लेकर यही शिकायत रहती है कि वो जल्दी गल जाता है, इसलिए आप ऐसा साबुन बनाएं, जो ज़्यादा समय तक टिके.

साबुन की पैकिंग

साबुन भले ही बेहतरीन क्वालिटी का हो, पर अगर उसकी पैकिंग अच्छी नहीं होगी, तो लोगों को वह आकर्षित नहीं कर पाएगा. पैकिंग के लिए इन बातों का ख़्याल रखें.

* पैकिंग करते समय इस बात का ख़ास ख़्याल रखें कि साबुन और पैकिंग जल्दी ख़राब न हो.

* हो सके तो साबुन की पैकिंग के लिए पेपर बॉक्स या पेपर रैपर का इस्तेमाल करें.

* साबुन का पैक रंगबिरंगी और आकर्षक होना चाहिए और उस पर आपके साबुन का ख़ूबसूरत-सा फोटो प्रिंटेड होना चाहिए.

* साबुन के बॉक्स पर उसकी पूरी जानकारी ज़रूर छापें, जैसे- साबुन का नाम, सामग्री, कंपनी का नाम, पता आदि.

उत्पादन की बिक्री

* शुरू में साबुन की बिक्री के लिए आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी. साबुन तैयार करके उसे आप शहर के बड़े-बड़े होटल्स या दुकानों में रख सकते हैं.

* आसपास के इलाकों में सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में जाकर अपने साबुन के बारे में उन्हें बता सकती हैं.

* बिज़नेस प्रमोशन के लिए आप विज़िटिंग कार्ड, पैंफ्लेट या बैनर बनवाकर ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक प्रमोशन कर पाएंगे.

* न्यूज़पेपर, टीवी और वेबसाइट का सहारा ले सकते हैं.

* फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.

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उत्पादन और क़ीमत (प्रतिदिन)

प्रतिदिन साबुन का उत्पादन   2500

होलसेल में एक साबुन की क़ीमत   15 रुपए.

एक साबुन की एमआरपी 20 रुपए.

फुटकर व्यापार करनेवाले को

मिलनेवाला प्रॉफिट  5 रुपए.

आवश्यक कच्चा माल (प्रतिदिन)

सोप नूडल्स      250 किलो x  80 रुपए

(1 किलो का दाम)     20,000 रुपए

सोप स्टोन पाउडर 7.5 किलो x  10 रुपए

(1 किलो का दाम)      75 रुपए

रंग   2.5 किलो x  300 रुपए     750 रुपए

(1 किलो का दाम)

परफ्यूम    2.5 किलो x  500 रुपए      1250 रुपए

(1 किलो का दाम)

कुल ख़र्च         22,075 रुपए.

जमा ख़र्च

हर महीने का कुल मिलाकर ख़र्च     8,92,875 रुपए

(तक़रीबन 25 दिन)

(5,51,875+3,12,000+25,000+4,000)

कच्चा मालः 5,51875 रुपए (22,075×25)

पैकिंग का ख़र्चः  3,12,00 रुपए

(प्रति साबुन रुपए 5x2500x25)

कर्मचारी वेतनः  25000 रुपए

प्रशासकीय ख़र्च  4000 रुपए

25 दिनों में कुल उत्पादन (2500×25)    62,500

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हर महीने साबुन की बिक्री से होनेवाला लाभ

जैसे कि एक होलसेल साबुन की     9,37,500 रुपए

क़ीमत  15 (62,500×15) रुपए

हर महीने का प्रॉफिट    44,625 रुपए

(9,37,500-8,92,875)

1 साल का प्रॉफिट (44,625×12)    5,35,500 रुपए

Soap

लघु उद्योग लाइसेंस

* कोई भी लघु उद्योग शुरू करने से पहले व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ज़रूरी है.

* लघु उद्योगों के लिए सरकार विविध प्रकार से सहायता करती है, रजिस्ट्रेशन कराके आप इसका लाभ ले सकती हैं.

* बिज़नेस के लिए मशीनों, कच्चा माल और अन्य जानकारी के लिए आप नीचे दी गई इंडस्ट्रीज़ से संपर्क कर सकती हैं-

स्टैंडर्ड सोप इंडस्ट्री

जी-2, गोपाल हाउस, आईबी पटेल रोड, गोरेगांव-पूर्व,

मुंबई- 400063. संपर्क: 022-26862794

ईमेल: [email protected]

कॉनपोर सोप इंडस्ट्रीज़

दुकान नं. 45/100, नई सड़क,

ग्रैंड पैलेस हॉटेल के पास, कानपुर- 208001.

संपर्क: 078006 70707, 077040 24054

वेबसाइट: www.cmimart.com

ईमेल: [email protected]

अजंता सोप वर्क्स

प्लॉट नं. 11 व 12, राम टेकड़ी इंडस्ट्रियल इस्टेट,

हडपसर, पुणे- 411013

संपर्क: 09422014600, 098231 08197

वतन सोप इंडस्ट्रीज़

वतन हाउस, रखिआल, चकुडिआ,

महादेव मंदिर के पास, अहमदाबाद- 380023

संपर्क: 09824093132, 07922744080

एसआर एंटरप्राइज़

24, रतन इस्टेट, नेशनल हाइवे क्रं. 8,

विराट नगर, अहमदाबाद- 382350

संपर्क: 09152900105

सनराइज़ सोप्स

प्लॉट नं. 90 व 121, आइडीए जीडीमेटला,

स्टैंडर्ड ग्लास वर्क्स केपास, हैदराबाद.

संपर्क: 09440310021

ग्रेट धारा उद्योग समूह

रूम नं. 8, ओम श्रीजी, सेकंड फ्लोर, गोलेवाड़ी,

शिवकृपा पतपेढ़ी के पास, ठाणे- 421503, महाराष्ट्र

संपर्क: 091522 28541

आर्यन्स एंटरप्राइज़

लक्ष्मी सौमिल कंपाउंड, वसई रोड-पश्‍चिम,

दत्तात्रेय शॉपिंग सेंटर के पास, पालघर- 401202

संपर्क: 09152264523

साबुन के लिए ज़रूरी सामग्री ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं. इसके लिए आप इन वेबसाइट की मदद ले सकती हैं.
www.amazon.com
www.flipkart.com
www.indiamart.com
www.snapdeal.com

कर्ज़/लोन

व्यवसाय कोई भी हो, पूंजी की आवश्यकता होती ही है. इस पूंजी पर ही आपका नफ़ा या नुक़सान निर्भर करता है. यदि पूंजी न हो, तो आप बैंक से लोन भी ले सकती हैं. हर एक बैंक का ब्याज़ दर अलग-अलग होता है. उसे भी जान लेना ज़रूरी है.

* सरकार भी लघु उद्योगों के लिए मदद करती है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण तथा विशेष सहूलियतें भी दी गई हैं. यदि इस योजना का लाभ लेना है, तो यहां संपर्क करें-

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वेबसाइट

टोल फ्री नंबरः 1800 180 1111 और 1800 110 001

वेबसाइटः www.mudra.org.in

ईमेलः helpmudra.org.in

– साइली शिरके