Tag Archives: social media

डॉल के बाद अब मार्केट में तैमूर के फोटो वाली बिस्किट (After Doll, Taimur Ali Khan Cookies Hit Market)

सैफ अली खान (Saif Ali Khan) और करीना कपूर (Kareena Kapoor) के बेटे (Son) तैमूर अली खान (Timur Ali Khan) सोशल मीडिया पर कितने लोकप्रिय हैं, यह हम जानते हैं. ऐसा  कोई दिन नहीं होता जब तैमूर की कोई नहीं तस्वीर न आए . इसके अलावा वहीं इंस्टाग्राम पर तैमूर के कई फ़ैन क्लब भी मौजूद हैं. ये कहना कही से ग़लत नहीं होगा कि तैमूर  सोशल मीडिया पर अपने मम्मी पाापा से ज़्यादा फ़ेमस है. यही वजह है कि पैपराजी भी तैमूर की तस्वीर के लिए घंटो इंतज़ार में खड़ी रहती है.

Taimur Ali Khan Cookies

Taimur Ali Khan
Taimur Ali Khan
Taimur Ali Khan
Taimur Ali Khan Cookies
 तैमूर की इस पॉपुलारिटी का हर कोई फ़ायदा उठाना चाहता है. हाल ही में मार्केट में तैमूर के नाम पर डॉल बनाकर बेचे जाने की ख़बर चर्चा में थी. लेकिन अब तो तैमूर के नाम बिस्किट भी बेची जा रही है.
Taimur Ali Khan Cookies
एक अखबार में छपी खबर के अनुसार, कस्टमाइज कुकीज बना कर बेचने वाली एक बेकरी तैमूर की कुकीज बना कर बेच रही है. इस बेकरी ने एक अवॉर्ड फंक्शन में आने वाले मेहमानों को भी ये कुकीज उपहार के रूप में गिफ्ट की थी. हालांकि इस मामले में अभी तक करीना या सैफ़ का रीऐक्शन सामने नहीं आया है. तैमूर की डॉल के वक़्त सैफ़ ने जहां  इस पर ख़ास प्रतिक्रिया नहीं दी थी. वही करण जौहर के शो में आयी करीना ने उस डॉल को बकवास बताया था. करीना ने कहा था कि डॉल उनके बेटे से कही से भी नहीं मिलती है.

नोटबुक का पहला गाना ‘नहीं लगदा’ शेयर किया सलमान खान ने… (Nahi Lagda… Salman Khan Shares First Song From Notebook)

Song From Notebook

नोटबुक का पहला गाना ‘नहीं लगदा’ शेयर किया सलमान खान ने… (Nahi Lagda… Salman Khan Shares First Song From Notebook)

फिल्म नोटबुक (Notebook) का सॉन्ग (Song) सलमान खान (Salman Khan) ने सोशल मीडिया पर शेयर किया. यह रोमांटिक सॉन्ग है और सलमान की मानें, तो फैंस को यह गाना सुनकर महसूस करना चाहिए. यह एक रोमांटिक सॉन्ग है और नोटबुक सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म है. इस फिल्म से डेब्यू कर रहे हैं एक्टर ज़हीर इकबाल और मोहनीश बहल की बेटी प्रनूतन. यह एक रोमांटिक मूवी है और सबको प्रनूतन की सिल्वर स्क्रीन पर एंट्री का भी बेसब्री से इंतज़ार है.

 

यह भी पढ़ें: Sanu Kehndi: अक्षय कुमार की केसरी का पहला सॉन्ग सानु केहंदी हुआ रिलीज़, म्यूज़िक चार्ट्स पर मचा रहा है धमाल…. देखें वीडियो! (The First Song From Kesari ‘Sanu Kehndi’ Out Now)

यूं रीस्टार्ट करें अपनी डिजिटल लाइफ (Restart Your Digital Life Now)

हमारी वर्क लाइफ (Work Life) हो या पर्सनल लाइफ (Personal Life) सब कुछ बहुत तेज़ी से बदल रहा है. रोज़ नए-नए ऐप्स हमें बहुत कुछ सिखाने के लिए आतुर रहते हैं. हमारी डिजिटल लाइफ दिन-ब-दिन एडवांस होती जा रही है, तो क्यों न इस साल बची-खुची कसर भी पूरी कर दें और नए साल में अपनी डिजिटल लाइफ (Digital Life) को रीस्टार्ट करके ख़ुद को दें बेस्ट न्यू ईयर गिफ्ट. 

Digital Life

रीस्टार्ट करें डिजिटल लाइफ

अभी कुछ दिन पहले ही एक बहुत सुंदर-सी पंक्ति पढ़ी, जिसमें लिखा था- ‘सेल्फी ने झूठा ही सही, मगर लोगों को मुस्कुराना सिखा दिया.’ पढ़कर लगा भले ही हम डिजिटल लाइफ को कुछ भी कहें, पर आज यह हमारी पहचान बन चुकी है.

–   ऑनलाइन दुनिया में हमारा अपना एक डिजिटल आईडी कार्ड है ये डिजिटल लाइफ. फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम, ट्विटर, स्नैप चैट जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर हमारी डिजिटल लाइफ की झलक देखने को मिलती है.

–     कभी ख़ुशी-कभी ग़म, कभी नखरे, कभी जलन, कभी भावुक होना, तो कभी ग़ुस्सा करना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हमारी डिजिटल लाइफ कई रंगों से गुज़रती है. भले ही सोशल मीडिया पर बहुत कुछ बनावटी होता है, पर हमारी असल ज़िंदगी की एक झलक तो सभी को मिल ही जाती है.

चेहरे पर मुस्कान लाती है डिजिटल लाइफ

ज़रा सोचिए आजकल हमारे चेहरे पर मुस्कान कब आती है-

–     जब कोई अपना हमें व्हाट्सऐप पर याद करता है.

–     जब कोई दोस्त फेसबुक की फोटो पर ईमोजी या कमेंट शेयर करता है.

–    कोई रिश्तेदार अपनी बहुत पुरानी फोटो शेयर करता है, जिसमें हम भी हों.

–    कोई आपके स्टेटस की तारीफ़ करता है.

–     कोई वीडियो कॉल करके कुछ स्पेशल शेयर करता है.

हमारी डिजिटल लाइफ ने हमें एक नया जहां दे दिया है, जहां लोग अपनी लाइफ को उस नज़रिए से सबके सामने रखते हैं, जैसा वो दिखना चाहते हैं. अपनी हसरतों को सबके सामने रखने का प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया ने ही तो दिया है. इस डिजिटल लाइफ को नए साल में यूं रीस्टार्ट करें.

अपलोड करें फ्रेशनेस

–     एक और नया साल अपने साथ कई नए मौ़के लेकर आया है, तो इस बार इन्हें अपने हाथ से न जाने दें. फेसबुक पर अपने बचपन या स्कूल के दिनों के पुराने दोस्तों को ढूंढ़ें. नए साल में पुराने दोस्तों का साथ आपकी डिजिटल लाइफ में नई फ्रेशनेस भर देगा.

–    अब तक आप सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर बहुत कम शेयर करते थे, जैसे- महीने में एक बार प्रोफाइल पिक्चर चेंज करना, सालों तक एक ही कवर लगाए रखना आदि, शुरुआत यहीं से करें.

–    बीच-बीच में कभी कुछ स्टेटस डाल दें. कभी कोई बात, कभी कोई फोटो हमें बहुत अच्छी लगती है. उसे दूसरों के साथ शेयर करेंगे, तो उसके रिएक्शन हमें अलग ही ख़ुशी देते हैं.

–     नई-नई कम्यूनिटीज़ से जुड़ें, ताकि आपको कुछ नया जानने को मिले.

–     अपनी हॉबी से जुड़े पेजेज़ को लाइक और फॉलो करें, ताकि हर दिन आप अपनी हॉबी से जुड़े रहें.

–    अगर आपको लगता है कि कई सालों से आपका एक ही पासवर्ड है, जो दूसरों को भी पता है, तो नए साल में उसे भी नया कर दें. यह आपकी डिजिटल सेफ्टी के लिए भी बहुत ज़रूरी है.

डिजिटल कचरा साफ़ करें

–     फेसबुक के ऐसे दोस्तों को ब्लॉक कर दें, जिनकी पोस्ट आपको अच्छा फील नहीं कराती.

–     थोड़ा समय निकालकर अपनी फ्रेंड्स लिस्ट देखें और ग़ैरज़रूरी दोस्तों को लिस्ट से छांट दें. थोड़ा डिजिटल कचरा आपकी लाइफ से साफ़ हो जाएगा.

–    ऐसे कुछ लोग होते हैं, जिन्हें हम कॉमन फ्रेंड के ज़रिए जानते हैं और वो अक्सर अपनी फोटो डालकर भी 20 लोगों को टैग कर देते हैं. ऐसे लोगों से दूरी ही अच्छी.

–     व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर न जाने कैसे-कैसे फोटोज़ और वीडियोज़ आते रहते हैं, इसलिए ऐप में जाकर ऑटो डाउनलोड बंद कर दें, ताकि उन्हें बैठकर डिलीट न करना पड़े.

यह भी पढ़ें: टॉप 10 टिप्स ऑनलाइन रोमांस स्कैम से बचने के (Top 10 Tips To Protect Yourself Against Online Romance Scams)

Digital Life
अपडेट करें स्टाइल और ट्रेंड

–     इस साल अपनी डिजिटल लाइफ को थोड़ा अलग बनाएं. पुराने और बोरिंग स्टाइल को कहें बाय-बाय.

–   डिजिटल लाइफ के प्रोफाइल से लेकर अपने पर्सनल प्रोफाइल तक में कुछ नया करें.

–     नया साल आपके लिए एक नया मौक़ा लेकर आया है, लीक से हटकर कुछ अलग करने के लिए. रोज़मर्रा के अपने बोरिंग रूटीन को बदलने के लिए.

–     नए साल में नए-नए गैजेट्स और स्मार्टफोन्स भी आपको लुभाएंगे, तो अपने स्मार्टफोन को अपडेट करने का समय भी आ गया है.

–     जो कुछ भी करें, यह याद रखें कि आपको अपनी लाइफ को बेहतरीन बनाना है.

रीचार्ज करें पर्सनल लाइफ

हमारी डिजिटल लाइफ सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं है. हमारी पर्सनल और वर्क लाइफ में भी यह काफ़ी मायने रखती है.

–     इस धरती पर ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जिसे यह पता हो कि वो ईश्‍वर से कितने सालों का रीचार्ज करवा के आया है, पर इतना यक़ीन है कि यह अनलिमिटेड नहीं है. तो हर पल ख़ुश रहें और अपनों को भी ख़ुश रखें, क्योंकि ख़ुशियां ही आपकी ज़िंदगी को रीचार्ज करती हैं.

–    हेल्थ और फिटनेस सबसे ज़रूरी है, इसलिए एक अच्छा-सा फिटनेस ऐप डाउनलोड करें. योग व एक्सरसाइज़ न स़िर्फ आपकी सेहत को रीचार्ज करेंगे, बल्कि आपकी डिजिटल लाइफ भी अपडेट हो जाएगी.

–     लाइफ को रीचार्ज करने का बेस्ट तरीक़ा है, ऐसे लोगों के साथ रहें, जो आपसे प्यार करते हैं और इसके लिए व्हाट्सऐप से बेहतर क्या हो सकता है.

–    व्हाट्सऐप की मदद से आप अपनों से 24 घंटे जुड़े रहते हैं. दिल में जो आया शेयर कर दिया, आपके अपनों के लिए इससे अच्छा क्या होगा कि आप उनसे 24ु7 जुड़े रहेंगे.

–    हर रोज़ कुछ नया सीखने की कोशिश करें. आप चाहें, तो कुछ ऐप्स डाउनलोड करें और उनके नोटिफिकेशन आपको हर रोज़ कुछ न कुछ नया सिखाएंगे. यूट्यूब और पिनट्रेस्ट पर भी आपको बहुत कुछ रोज़ाना सीखने को मिलेगा.

–     गेम्स आपकी क्रिएटिविटी और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाते हैं. इसलिए नए साल में कुछ ऐसे डिजिटल और आउटडोर गेम्स को अपनी लाइफ में शामिल करें, जो डीस्ट्रेस करने के साथ-साथ आपके माइंड को शार्प भी बनाएंगे.

–     डायटिंग कर रहे हैं, तो ऐसा ऐप डाउनलोड करें, जो आपको बता सके कि आपने कितनी कैलोरीज़ खाई. इससे आप सचेत हो जाएंगे.

–    पढ़ने के शौक़ीन हैं, तो बुक्स के बहुत से ऐप्स ऑनलाइन मौजूद हैं. बस, उन्हें डाउनलोड करें और अपनी मनपसंद कहानियों व उपन्यास में खो जाएं.

–     कोई बिरला ही होगा, जिसे म्यूज़िक का शौक़ न हो. नए साल में अपने मनपसंद गानों का मज़ा लेना चाहते हैं, तो कोई म्यूज़िक ऐप डाउनलोड करें.

अपग्रेड करें वर्क लाइफ

–     बिज़नेस प्लान बनाना हो या लेटेस्ट प्रोजेक्ट को बेहतर बनाने के लिए भी आइडियाज़ की ज़रूरत हो, डिजिटल वर्ल्ड में ये चीज़ें चुटकी बजाते हो जाती हैं.

–     ऑफिस के काम को मैनेज करने के लिए आपका स्मार्टफोन आपकी काफ़ी मदद कर सकता है. दरअसल, आप अपनी फील्ड से संबंधित ज़रूरी ऐप्स डाउनलोड करके भी अपनी वर्क लाइफ को अपग्रेड कर सकते हैं.

– संतारा सिंह

यह भी पढ़ें: सेहत को नुक़सान पहुंचाते हैं ये गैजेट्स (These Gadgets Can Be Harmful To Your Health)

यह भी पढ़ें: प्रियंका चोपड़ा का फेमिनिस्ट डेटिंग ऐप-बम्बल: क्या है ख़ास? (Smart Features Of Priyanka Chopra’s Dating App Bumble)

सोशल मीडिया रिलेशन: अधूरे रिश्ते… बढ़ती दूरियां… (Impact Of Social Media On Relationships)

 Social Media Relationships
सोशल मीडिया रिलेशन: अधूरे रिश्ते… बढ़ती दूरियां… (Impact Of Social Media On Relationships)

डिजिटल (Digital) होती दुनिया में रिश्ते (Relationships) भी डिजिटल हो चुके हैं. अब तो पति-पत्नी भी आसपास बैठकर सोशल मीडिया (Social Media) के ज़रिए ही एक-दूसरे से बात करते हैं. वहीं दूसरी ओर रियल लाइफ से दूर अब हमारे डिजिटल रिश्ते (Digital Relationships) भी बहुत सारे बन गए हैं, जो हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण भी हो गए हैं, क्योंकि उनमें अलग तरह का आकर्षण है. वहां रोक-टोक नहीं है, वहां हर बात जायज़ है… ऐसे में हमें वो भाते हैं और बहुत ज़्यादा लुभाते हैं.

–    सोशल मीडिया एडिक्शन की तरह है, यह बात शोधों में पाई गई है. यह एडिक्शन मस्तिष्क के उस हिस्से को एक्टिवेट करता है, जो कोकीन जैसे नशीले पदार्थ के एडिक्शन पर होता है. यही वजह है कि सोशल साइट्स से दूर रहने को एक तरह से लोग बहुत बड़ा त्याग या डिटॉक्सिफिकेशन मानते हैं.

–    यहां पनपे रिश्ते शुरुआत में बेहद आकर्षक और ख़ूबसूरत लगते हैं, क्योंकि सबकुछ एकदम नया लगता है.

–    अंजान लोग दोस्त बनते हैं और उनके बारे में सबकुछ जानने को आतुर हो जाते हैं.

–    न स़िर्फ उनके बारे में हम जानना चाहते हैं, बल्कि अपने बारे में भी सबकुछ बताने को उतावले रहते हैं.

–    यहां हमें इस बात का आभास तक नहीं होता कि इनमें से कौन, कितना सच बोल रहा होता है? अपने बारे में कौन किस तरह की जानकारी साझा कर रहा होता है और उनका इरादा क्या होता है.

–    डिजिटल रिश्तों में सबसे बड़ा ख़तरा फ्रॉड या धोखे का होता है. यहां कोई भी आपको आसानी से बेव़कूफ़ बना सकता है.

–    दरअसल, जो सोशल मीडिया के रिश्ते हमें इतने भाते हैं, वो उतने ही अधूरे होते हैं. कई बार तो साल-दो साल गुज़रने के बाद पता चलता है कि जिससे हम बात कर रहे थे, वो तो ये था ही नहीं.

–    इतने फेक अकाउंट्स, इतनी फेक आईडीज़, इतना दिखावटी अंदाज़… पर यही सब हमें इतना रियल लगता है कि अपने रिश्तों में दूरियां बढ़ाकर हम इन नक़ली रिश्तों के क़रीब जाते हैं.

–    एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो लोग सोशल साइट्स पर अधिक समय बिताते हैं, वो अधिक अकेलापन और डिप्रेशन महसूस करते हैं, क्योंकि जितना अधिक वो ऑनलाइन इंटरएक्शन करते हैं, उतना ही उनका फेस टु फेस संपर्क लोगों से कम होता जाता है. यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन द्वारा की गई थी.

–    आपसी रिश्तों में हम पर बहुत सारी ज़िम्मेदारियां और जवाबदेही होती है, जबकि सोशल मीडिया रिलेशन इन सबसे मुक्त होते हैं, तो ऐसे में ज़ाहिर है ये रिश्ते हमें अच्छे लगने लगते हैं.

–    इन रिश्तों का मायाजाल ऐसा होता है कि हम इन्हें अपने पल-पल की ख़बर देना चाहते हैं और अपनी लाइफ को बहुत हैप्पनिंग दिखाना चाहते हैं, जबकि रियल रिश्तों में हमारी दिलचस्पी कम होने लगती है.

–    हम भले ही डिजिटल रिश्तों में अपनी ख़ुशियां ढूंढ़ने की कोशिश करें, लेकिन सच्चाई तो यही है कि ये सबसे अधूरे रिश्ते होते हैं, क्योंकि ये झूठ की बुनियाद पर अधिक बने होते हैं.

–    इनमें कई आवरण और नक़ाब होते हैं, जो परत दर परत धीरे-धीरे खुलते हैं और कभी-कभार तो हमें पता भी नहीं चलता और हम फरेब के मायाजाल में फंसते चले जाते हैं.

–    रियल रिश्तों में हमारा कम्यूनिकेशन कम होने लगता है और प्यार की गर्माहट भी घटती चली जाती है. जब तक होश आता है, तब तक बहुत कुछ हाथ से निकल चुका होता है.

यह भी पढ़ें: 10 झूठ पति-पत्नी एक दूसरे से बोलते हैं (10 Lies Husband And Wives Tell Each Other)

Social Media Relationships

इस तरह छलता है सोशल मीडिया का रिश्ता…

मुंबई की रहनेवाली 35 वर्षीया आशा यूं तो अपनी  ज़िंदगी से और शादी से ख़ुश थी, पर कहीं न कहीं उसे सोशल मीडिया की ऐसी लत लग गई थी कि वो वहां अपनी ज़िंदगी के अधूरेपन को कम करने की कोशिशों में जुट गई थी. उसे हमेशा शिकायत रहती थी कि उसका पति उसे पूरा समय नहीं दे पाता. वो उसको पहले की तरह पैंपर नहीं करता… ऐसे में वो एक लड़के के संपर्क में आई. उसका नाम राजेश था. उसकी राजेश से रोज़ बातें होने लगीं. ये बातें अब इतनी बढ़ गई थीं कि मुलाक़ात करने का मन बनाया.

आशा का 5 साल का बेटा भी था, पर उसने किसी तरह अपने पति से झूठ कहा कि वो ऑफिस की तरफ़ से ट्रेनिंग के लिए दूसरे शहर जा रही है. वो राजेश के साथ होटल में रहने गई, तो उसे पता चला कि वो अकेला नहीं आया. उससे मिलने उसके साथ उसके दो दोस्त भी हैं.

ये पहला झटका जो आशा को लगा. उसके बाद राजेश ने उसे समझाया कि वो सब अलग कमरे में रहेंगे. आशा मान गई. राजेश उसको शहर में साथ घूमने के लिए कहता, तो आशा मना करती, क्योंकि इसी शहर में वो पति से झूठ बोलकर रह रही है, तो एक डर था मन में कि कहीं कोई देख न ले.

अगले ही दिन राजेश के साथ आशा की बहस हो गई. आशा को महसूस होने लगा कि राजेश की सोच बहुत पिछड़ी हुई है. वो चैटिंग में भले ही मीठी-मीठी बातें करता था, पर अब

रू-ब-रू उससे मिलकर अलग ही व्यक्तित्व सामने आ रहा है. राजेश का सोचना था कि जो वो बोले, आशा को आंख मूंदकर वही करना चाहिए.

आशा आत्मनिर्भर महिला थी. उसे इस तरह के व्यवहार की आदत भी नहीं थी, क्योंकि उसका पति बेहद सुलझा हुआ और शालीन था. अब आशा को महसूस हुआ कि उससे इस झूठे, अधूरे-से रिश्ते के लिए अपनी शादी को दांव पर लगा दिया. आशा को यह भी डर था कि कहीं राजेश उसे ब्लैकमेल न करे, पर उसने राजेश से बात करके अपने सारे रिश्ते ख़त्म किए और अपने घर लौट आई.

इस घटना ने आशा को बुरी तरह हिला दिया, लेकिन उसे यह बात समझ में आ गई कि रियल और डिजिटल रिश्तों में कितना अंतर होता है.

पति भले ही व्यस्तता के चलते समय न दे पाते हों, पर वो एक भले इंसान हैं और आशा का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे, जबकि राजेश एक दंभी पुरुष था, जो स़िर्फ आशा का फ़ायदा उठाना चाहता था.

कुछ इसी तरह का केस मालिनी का भी था, लेकिन वहां मालिनी के पति ने उसका झूठ पकड़ लिया था और मालिनी का तलाक़ हो गया था. उसके बाद जिस लड़के की वजह से मालिनी ने पति से फरेब किया था, उस लड़के ने भी मालिनी से पल्ला झाड़ लिया. जबकि मालिनी का कहना है कि वो पहले कहता था कि दोनों शादी कर लेंगे.

इस तरह के तमाम वाकये इस तरह के रिश्ते के अधूरेपन और रियल रिश्तों में बढ़ती दूरियों का संकेत देते हैं. ऐसे में बेहतर होगा कि संतुलन व सामंजस्य बनाकर ही हर चीज़ का इस्तेमाल किया जाए, वरना जो चीज़ वरदान है, उसे हम ख़ुद ही अपने लिए अभिशाप बना लेंगे.

– शौर्य सिंह

यह भी पढ़ें: रिश्तेदारों से कभी न पूछें ये 9 बातें (9 Personal Questions You Shouldn’t Ask To Your Relatives)

लाइफस्टाइल के नए फंडे (How Modern Lifestyle Has Changed Our Perception Of Life & Fitness)

Life & Fitness

लाइफस्टाइल के नए फंडे (How Modern Lifestyle Has Changed Our Perception Of Life & Fitness)

यह तो सच है कि ज़िंदगी और इसे जीने का अंदाज़ (Lifestyle) पहले से बहुत बदल (Changed) गया है और हम उन बदलावों के बीच ख़ुद को एडजस्ट करने में लगे हैं. कुछ बदलाव अच्छे होते हैं, तो कुछ ज़रूरी होते हैं, कुछ हमें तनाव दे जाते हैं, तो कुछ मजबूरी होते हैं… पर ज़िंदगी है, हर पल बदलती है… इसे ही तो लाइफ कहते हैं और इन बदलावों के बीच सामंजस्य बैठाने के तौर-तरीक़ों को हम लाइफस्टाइल का नाम दे देते हैं. क्या कुछ नया जुड़ता जा रहा है और क्या कुछ तेज़ी से बदलता जा रहा, इसी विषय को हम समझने का प्रयास करेंगे, ताकि इस बदलाव की प्रक्रिया को सहजता से ले सकें और अपनी लाइफस्टाइल को भी बेहतर बना सकें. क्या हैं ये लाइफस्टाइल के न्यू फंडे, आइए जानें.

स्वैग ज़रूरी है…
लोग, लोगों की ज़रूरतें, उनके तौर-तरी़के… सब कुछ हर पल में तेज़ी से बदल रहा है. इसी बदलाव का लेटेस्ट व हॉट ट्रेंड है स्वैग. जी हां, आज की लाइफस्टाइल में अगर आपके पास स्वैग नहीं है, तो आपकी ज़िंदगी बेकार है. यही वजह है कि लोग कभी अपने लुक्स के साथ, तो कभी अपने स्टाइल के साथ एक्सपेरिमेंट करने लगे हैं. हेयरस्टाइल और हेयरकलर्स में भी यह स्वैग उतर आया है, कभी देसी स्वैग, तो कभी स्वैगवाली टोपी, कभी चलने का स्टाइल, तो कभी आपका अंदाज़… हर चीज़ में स्वैग ज़रूरी हो गया है. यह बदलते लाइफस्टाइल का सबसे बड़ा बदलाव है.

फिटनेस है न्यू हॉटनेस…
लाइफस्टाइल का सबसे ज़्यादा असर हमारी हेल्थ और फिटनेस पर पड़ता है. हमारी डायट बदलती है, रहने का ढंग भी बदलता है, साथ ही ढेर सारा स्ट्रेस भी होता है. ये सब हमें अनफिट और अनहेल्दी बनाता है. लेकिन अब नहीं, क्योंकि लोग अब फिट रहना पसंद करते हैं. चाहे कितना भी तनाव हो या कितना ही वर्कलोड हो, फिटनेस के लिए टाइम निकालते हैं. जिम जाते हैं, हेल्दी डायट भी लेते हैं और यह बहुत ही पॉज़ीटिव बदलाव है, क्योंकि फिटनेस ही अब हॉटनेस की नई परिभाषा.

सोशल साइट्स अब बन गई हैं शो ऑफ साइट्स…
लोगों का नया घर बन चुकी हैं ये सोशल साइट्स. क्या खा रहे हैं, क्या सोच रहे हैं, रिलेशनशिप स्टेटस क्या है, हॉलीडे प्लान्स, वीकेंड पार्टीज़… सब कुछ वो यहीं शेयर और पोस्ट करते हैं. घर के मेंमर्स अब फिज़िकली पास होकर भी वो सब नहीं जान पाते, जो सोशल साइट्स पर फ्रेंड बने दूर-दराज़ बसे लोग जान लेते हैं. लेकिन इसमें भी चौंकानेवाली बात यह है कि लोग यहां ईमानदार नहीं हैं, हर किसी का मक़सद स़िर्फ ‘दिखावा’ यानी ‘शो ऑफ’ ही होता है. भले ही निजी ज़िंदगी उतनी हैपनिंग न हो, लेकिन सोशल साट्स भी सबकी ज़िंदगी की एक अलग ही तस्वीर नज़र आती है. एक नक़लीपन होता है वहां, जिसे जानबूझकर हम हक़ीक़त समझकर ख़ुद को ख़ुश करने का बहाना बना लेते हैं. यह जितना रोमांचक है, उतना ही ख़तरनाक भी हो सकता है. लेकिन आज की लाइफस्टाइल का यह अभिन्न हिस्सा बन चुका है, जिससे फिल्हाल तो दूर-दूर तक निजात मिलना नामुमकिन ही लग रहा है.

इंस्टाग्राम पर फिटनेस का बोलबाला- इन सेलेब्स ने उड़ाए सबके होश…
जैसाकि हम पहले भी बता चुके हैं कि आज की लाइफस्टाइल में फिटनेस ही हॉटनेस की नई परिभाषा बन चुकी है, तो ऐसे में कई ऐसे सेलेब्स हैं, जो इन दिनों इंस्टाग्राम पर अपनी फिटनेस को लेकर ही काफ़ी हॉट टॉपिक बन चुके हैं. वो अक्सर अपने फिटनेस वीडियोज़ और डायट टिप्स व हेल्दी लाइफस्टाइल के पिक्चर्स शेयर करते रहते हैं. वो अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स भी देते हैं यदि कोई उनसे पर्सनली फिटनेस ट्रेनिंग लेना चाहे तो. इनमें सेलेब्स में टॉप पर हैं- मंदिरा बेदी, भाग्यश्री, मिलिंद सोमन, विराट कोहली, शिल्पा शेट्टी, सुष्मिता सेन, जैकलिन फर्नांडिस, मलिका शेरावत, शीबा, करिश्मा तन्ना, जॉन अब्राहम, गौतम गुलाटी, प्रिंस नरुला आदि.

यह भी पढ़ें: अब डिप्रेशन दूर भगाएगा किराये का बॉयफ्रेंड… रेंट ए बॉयफ्रेंड ऐप, एक अनोखी पहल! (RABF: This App Lets You Rent A Boyfriend To Cure Depression)

इंडिया के टॉप फिटनेस इंस्टाग्रामर्स, जिन्हें ज़रूर करें फॉलो

आज के समय में अधिकतर लोग फिटनेस फ्रीक हैं, ऐसे में आप भी अगर फिटनेस में दिलचस्पी रखते हैं, तो इन इंस्टाग्रामर्स को ज़रूर फॉलो करें.

– रोहित खंडेलवाल: मिस्टर इंडिया 2016 रोहित को देखते ही आप उनकी फिटनेस लेवल को जान जाएंगे. फिट रहना न स़िर्फ उनके प्रोफेशन की डिमांड है, बल्कि उनका पैशन भी है.

– मिलिंद सोमन: इन्हें कौन नहीं जानता और फिटनेस के प्रति इनके पैशन से भी हम सभी वाक़िफ़ हैं. मिलिंद के लिए मानो उम्र रुक सी गई हो और वो आज हम सभी को इंस्पायर करते हैं.

– बानी: अपनी ख़ूबसूरती से लेकर बिंदास अंदाज़ के लिए बानी जानी जाती हैं, वहीं उनकी फिटनेस भी किसी से छिपी नहीं. बानी को उनके रफ-टफ अंदाज़ के लिए ही सभी पसंद करते हैं.

Fitness

– गौतम गुलाटी: बिग बॉस के विनर बनकर गौतम ने हर किसी का दिल जीत लिया था. शो के दौरान भी गौतम की फिटनेस और हॉट बॉडी सबकी चर्चा का विषय बनी रहती थी. मल्टी टैलेंटेड गौतम फिटनेस को लेकर काफ़ी गंभीर हैं और यही वजह है कि फिटनेस उनकी पहचान बन चुकी है.

Gautam Gulati

 

– नम्रता पुरोहित: नम्रता राष्ट्रीय स्तर की स्क्वैश प्लेयर थीं और स्टेट लेवल की फुटबॉल प्लेयर भी थीं, लेकिन एक बार घुड़सवारी के दौरान वो गिर गई थीं और उनके घुटने में गंभीर चोट आ गई थी, जिसके चलते उनकी सर्जरी तो हो गई, लेकिन उन्हें स्पोर्ट्स को करियर के तौर पर छोड़ना पड़ा. उनके पिता, जो एक सेलिब्रिटी फिटनेस एक्सपर्ट थे, उन्होंने नम्रता को पिलेट्स प्रैक्टिस करने की सलाह दी. उसके बाद नम्रता दुनिया की सबसे कम उम्र की सर्टिफाइड स्टॉट पिलेट्स इंस्ट्रक्टर बनीं. आज फिटनेस की दुनिया में वो एक जाना-माना नाम हैं.

– रेसलर संग्राम सिंह: कोई सोच भी नहीं सकता था कि आर्थराइटिस से पीड़ित कोई व्यक्ति अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पहलवान बन सकता है, लेकिन संग्राम सिंह ने यह कर दिखाया. उन्होंने न स़िर्फ देश का नाम रौशन किया है, बल्कि वो मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं और फिटनेस के लिए लोगों को प्रेरित करते रहते हैं. बिग बॉस में भी संग्राम के देसी अंदाज़ को सभी ने पसंद किया था और रियल लाइफ में भी उनके फाइटिंग स्पिरिट के सभी कायल हैं.

Sangram Singh

– विनोद चन्ना: विनोद आज फिटनेस फील्ड का बहुत बड़ा नाम हैं. ये सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेनर हैं. बड़े-बड़े सेलेब्स इनके काम का लोहा मान चुके हैं. हालांकि विनोद के लिए यहां तक का सफ़र बेहद मुश्किलों भरा था. बचपन उन्होंने बेहद ग़रीबी देखी. शरीर से वो बहुत ही दुबले-पतले थे. उन्हें अक्सर लोग ‘सुकड़ा’ कहकर चिढ़ाते थे. इसी बात ने उन पर ऐसा असर डाला कि उन्होंने अपने शरीर पर ही काम करने का इरादा बना लिया, लेकिन पैसों की तंगी के कारण वो जिम नहीं जा सके. तब उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ ख़ुद काम करने की सोची. वो सैलेरी का छोटा-सा हिस्सा ही घर में देते थे, बाकी अपनी फिटनेस ट्रेनिंग पर ख़र्च करते थे. घरवाले उन पर तब नाराज़ होते थे, क्योंकि घर पर पैसों की ज़रूरत थी, लेकिन उनके अनुसार यदि मैं आज ख़ुद पर ध्यान देकर काबिल बन जाऊंगा, तब ही तो परिवार को भविष्य में बेहतर कुछ दे पाऊंगा… विनोद टॉप रेटेड फिटनेस ट्रेनर बनना चाहते थे और फिटनेस के प्रति उनके पैशन ने ही उन्हें वो सब कुछ दिया, जिसके सपने वो देखा करते थे. वो प्रोफेशनल बॉडी बिल्डर भी थे और कई प्रतियोगिताओं में विजेता भी बने.

– प्रशांत सावंत: इनकी इंस्टा आईडी से ही आपको इनके फिटनेस प्रेम का अंदाज़ा हो जाएगा. जी हां, प्रशांतसिक्सपैक नाम से है इनकी आईडी और ये भी बहुत बड़े सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेनर हैं. चाहे शाहरुख हों या आलिया, वरुण धवन, अजय देवगन और अभिषक बच्चन इनके क्लाइंट्स हैं. दहिसर के 10/10 के छोटे से कमरे में बड़े परिवार के साथ रहनेवाले प्रशांत इस मुक़ाम तक पहुंचेंगे यह किसी ने नहीं सोचा था. कॉलेज ड्रापआउट, जिन्हें परिवार के लोग भी गंभीरता से नहीं लेते थे, आज बादशाह ख़ान के फिटनेस ट्रेनर हैं. प्रशांत बचपन में बहुत मोटे थे, लेकिन वो हमेशा से अच्छा दिखना चाहते थे. जो चीज़ फैशन के लिए शुरू हुई, वो पैशन में बदल गई और उनके वर्क स्टाइल के बड़े-बड़े स्टार्स भी कायल हो गए.

यह भी पढ़ें: लव से लेकर लस्ट तक… बदल रही है प्यार की परिभाषा (What Is The Difference Between Love And Lust?)

लाइफस्टाइल तो बदल रही है, पर क्या हम बदल रहे हैं… फिटनेस एथलीट श्‍वेता मेहता
रोडीज़ राइज़िंग 2017 की विनर श्‍वेता की स्टोरी आपको ज़रूर इंस्पायर करेगी. एक आईटी प्रोफेशनल से रोडीज़ तक का सफ़र आसान नहीं था श्‍वेता के लिए. वो फिटनेस और बिकनी एथलीट हैं. एशियन बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में भी वो भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. आज की बदलती लाइफस्टाइल और उसके इंपैक्ट के बारे में हमने ख़ुद श्‍वेता से बात की…

“आज से बस 3 साल पहले तक की बात है कि मुझे यह भी नहीं पता था कि जिम आख़िर होता क्या है. मैं पीठ दर्द से परेशान रहती थी. यह समस्या तब से थी, जब में 12वीं में पढ़ रही थी. स्पॉन्डिलाइटिस से जूझना वैसे भी आसान नहीं होता. पढ़ाई पूरी होने के बाद में जॉब करने लगी और मेरा 12 घंटे का डेस्क जॉब मेरे बैक पेन को और बढ़ा रहा था. मुझे एक्सरसाइज़ करने का समय ही नहीं मिलता था, लेकिन मेरे लिए यह ज़रूरी हो गया था कि सिक्योर फ्यूचर, जॉब, सैलरी के मायाजाल से बाहर निकलूं. मैंने हिम्मत की और आज रिज़ल्ट सबके सामने है. आज फिटनेस ही मेरी पहचान बन चुकी है. मैंने अपनी लाइफस्टाइल चेंज की और मुझे मेरे सपनों की लाइफ मिली. मैं फिटनेस एथलीट हूं, पिछले 3 सालों में 5-6 कॉम्पटीशन्स जीत चुकी हूं. मैं हरियाणा की हूं और मैंने कभी स्लीवलेस कपड़े तक नहीं पहने थे. मेरे पैरेंट्स को मेरी बिकनी की पिक्चर्स के लिए यहां तक सुनना पड़ता था कि क्या आपकी बेटी नाइट क्लब में काम करती है… लेकिन आज मैं कामयाब हूं, तो वही लोग मेरा सम्मान करते हैं. मेरा यही कहना है कि अपने सपनों को मत बदलो, कुछ ऐसा करो कि लोगों का नज़रिया बदले.  मेरी कामयाबी में बहुत बड़ा रोल मेरे पैरेंट्स के सपोर्ट का है और हेल्दी लाइफस्टाल का भी है और अब मैं इस लाइफस्टाइल को बदलना नहीं चाहती, जो भी चीज़ मेरी फिटनेस के आड़े आती है, मैं उसे करती ही नहीं. क्योंकि फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल से कोई समझौता नहीं करना है.

 

Woman Fitness

हमारे यहां प्रॉब्लम यह है कि हम समय और परिस्थितियों के अनुसार न ख़ुद को ढालते हैं और न ही अपना डायट बदलते हैं. उदाहरण के तौर पर कोई कहता है कि भई हम तो पंजाबी हैं, हम तो तगड़ा ही खाते हैं, कोई कहता है हम गुजराती हैं, मीठा तो छोड़ नहीं सकते… इसी तरह से हम ट्रेडिशन के नाम पर वही डायट फॉलो करते हैं, जो हमारे दादाजी के समय में खाया जाता था. लेकिन यह भी तो सोचो कि वो समय अलग था, उनका काम अलग था. आज हम सभी डेस्क जॉब करते हैं, कहां से पचेगा तगड़ा खाना…? बेहतर होगा कि मीठा कंट्रोल करें, ऑयली फूड अवॉइड करें, एक्सरसाइज़ करें. ख़ुद की बॉडी से प्यार करें. तब जाकर आप हेल्दी बनोगे. कुछ चीज़ें हम सभी को पता होती हैं, लेकिन हम फॉलो नही करते, जैसे- पानी भरपूर पीएं, ऑयली-फैटी फूड कम खाएं, मीठा ज़्यादा न खाएं, प्रोटीन अधिक लें… आदि… लेकिन हम जानते हुए भी फॉलो नहीं करते. मैं बस हेल्दी चीज़ें लेती हूं और अनहेल्दी चीज़ें अवॉइड करती हूं, यही है डायट. मैं अपना खाना ख़ुद बनाती हूं. दिन में 6 बार खाती हूं, 2 बार जिम जाती हूं… मैं अपना ये रूटीन नहीं बदलती और इसीलिए फिट रहती हूं.”

Life & Fitness

वीकेंड्स के बदलते रूल्स…
एक व़क्त था, जब वीकेंड्स को आराम करने में ही बिताया जाता था. सभी लोग ज़्यादातर घर पर ही रहना पसंद करते थे, ताकि हफ़्तेभर की थकान मिट सके, लेकिन अब थकान व स्ट्रेस भगाने के तरी़के बदल गए हैं. लोग बाहर घूमने जाते हैं. पूरी प्लानिंग करते हैं कि कैसे हर वीकेंड को वो यादगार बना सकें.

वर्क मोर, पार्टी हार्ड…
वर्क लोड हर जगह, हर क्षेत्र में बढ़ा है. ऐसे में ज़्यादा काम करना ज़रूरी भी है और मजबूरी भी, लेकिन इस वर्क लोड के बदले लोग ख़ुद को ख़ुश करने के रास्ते भी ढूंढ़ लेते हैं. यह ख़ुशी उन्हें मिलती है पार्टी करके. फ्रेंड्स के साथ पार्टी करने का एक भी मौका आजकल कोई नहीं छोड़ता, बल्कि लोग तो बहाने ढूंढ़ते हैं कि कब पार्टी करके अपने वर्क लोड के स्ट्रेस को दूर कर सकें, क्योंकि बदलती लाइफस्टाइल में स्ट्रस बस्टर्स भी बदल गए हैं. एक समय था, जब परिवार के साथ बैठकर खाना खाने व अपनी तकली़फें शेयर करने से तनाव दूर होता था, वहीं अब फ्रेंड्स के साथ पार्टी करके, एंजॉय करके स्ट्रेस दूर किया जाने लगा है.

Life

महंगे गैजेट्स बन गए हैं सबकी ज़रूरत…
भले ही आपकी सैलरी या घर की कंडीशन ऐसी न हो कि आप लैग्ज़री को अपनी लाइफस्टाइल बना सकें, लेकिन यह भी सच है कि जैसे-तैसे महंगे गैजेट्स आप ज़रूरी अफोर्ड या मैनेज कर लेते हैं, क्योंकि वो इस लाइफस्टाइल की ज़रूरत बन चुके हैं. पर्सनल काम ही नहीं, ऑफिशियल काम के लिए भी यह ज़रूरी हो गया है. बेसिक फोन्स अब आउटडेटेड हो गए हैं, स्मार्ट फोन्स ने लाइफ में जगह बना ली है. वाईफाई अब घर-घर की ज़रूरत है, डेटा कार्ड से लेकर नोट पैड तक सभी कुछ एक ही घर में अब देखने को मिलता है, क्योंकि बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स से लेकर घरवालों की शॉपिंग तक इन्हीं से होती है.

क्या शो ऑफ बनकर रह गई है ज़िंदगी…?
आज लोग ज़िंदगी जीने से कहीं ज़्यादा दिखावे में यकीन करने लगे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है सोशल नेटवर्किंग साइट्स, जो एक तरह से तो बहुत बड़ा ज़रिया है लोगों से जुड़ने का, लेकिन हमने इन्हें शो ऑफ की जगह बना डाला. यहां लोग अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ से ख़ुद को बहुत अलग दिखाने की होड़ में लगे रहते हैं. अपनी लाइफस्टाइल को बहुत ही हैपनिंग दिखाते हैं. इसके पीछे एक वजह यह भी होती है कि यहां लोगों का स्ट्रेस कम हो जाता है, कुछ पल के लिए भ्रम में रहकर ख़ुद को हल्का और पॉज़ीटिव महसूस करते हैं, लेकिन यह सही है कि अपने नए जूते-कपड़ों से लेकर लेटेस्ट गैजेट्स व कार तक की पिक्चर्स लोग यहां सबसे पहले शेयर करते हैं. घरवालों को भी पता नहीं होता है, लेकिन आप कहां पार्टी कर रहे हो और किन के साथ, यह आपके चेकइन्स से सोशल साइट्स पर सभी को पता चल जाता है.

यह भी पढ़ें: जानें 21 दिलचस्प तथ्य (21 Interesting Facts That Will Amaze You)

रिलेशनशिप स्टेटस- इसमें छुपाने की क्या बात है…
अब लोग हिचकते नहीं है, भले ही वो लिव इन में हों या एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर कर रहे हों, उन्हें लगता है कि इसमें छिपाने की क्या बात है. आख़िर हमारी लाइफ है, हमें चाहे जैसे जीएं. लोग क्या कहेंगे का डर अब लोगों के मन से काफ़ी हद तक निकल चुका है और यह अच्छी बात भी है, क्योंकि कम से कम नकली ज़िंदगी तो नहीं जीते. जो हैं, जैसे हैं, सबके सामने हैं.

ऑउटस्पोकन, आउटगोइंग बन गई है कॉन्फिडेंस और स्मार्टनेस की नई पहचान…
शर्म-संकोच आज के समय में दब्बूपन की निशानी मानी जाती है. ज़्यादा बोलना, खुलकर बोलना यह जताता है कि आप कॉन्फिडेंट और स्मार्ट हो. पहले कम बोलनेवाले और संकोची इंसान को लोग संस्कारी मानते थे, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल ने संस्कारों के मायने भी बदल दिए हैं. अगर आप कम बोलते हैं, ज़्यादा शर्माते हैं, तो आपको पर्सनैलिटी डेवलेपमेंट क्लासेस जॉइन करने की सलाह भी मिलते देर नहीं लगेगी, क्योंकि आज के समय की ज़रूरत है कि आप शर्म-संकोच हटाकर बिंदास बनें. चाहे पर्सनल लाइफ हो या प्रोफेशनल, सभी जगह यही डिमांड है.

सेक्स पर बात करना अब संकोच या शर्म की बात नहीं
जैसे खाना-पीना-सोना, वैसे ही सेक्स, इसमें शर्माने की क्या बात है… जी हां, आजकल अधिकांश लोग यही मानते हैं. सेक्स अब प्राइवेसी का विषय नहीं रहा. लोग उस पर खुलकर बात भी करते हैं और इसे बुरा भी नहीं समझते. एक तरह से हम कह सकते हैं कि सेक्स को लेकर थोड़ी मैच्योरिटी और खुलापन तो आया है समाज में. लड़कियां भी इसे सहजता से लेती हैं. अपनी मूल ज़रूरत पर शर्माने की क्या बात है, ऐसा लोग मानने लगे हैं. लोग अब सेक्स को गंदा या बेशर्मी न मानकर स्वाभाविक व नैसर्गिक चीज़ समझने लगे हैं, यही वजह है कि अब वो खुलकर उस पर बात करते हैं. इसकी ज़रूरत भी है, ताकि सेक्सुअल डिसीज़ व सेक्स संबंधी अन्य मानसिक व शारीरिक समस्याओं का निवारण आसानी से हो सके. बच्चों को भी सेक्स एजुकेशन मे महत्व पर ज़ोर दिया जाने लगा है, ताकि वो भी यौन शोषण से बच सकें.

पीरियड्स पर अब खुलकर बोलते हैं…
इसी तरह से पीरिड्स पर भी बात करना, खुलकर चर्चा करने को लोग सहजता से लेने लगे हैं. यह एक प्राकृतिक क्रिया है, तो इसमें शर्मिंदगी या झिझक क्यों? ख़ुद लड़कियां व कई संस्थाएं भी आगे आकर सोशल साइट्स के ज़रिए अपने कैंपेन को चला रही हैं और लोगों में जागरूकता ला रही हैं. ऐसे में लाइफस्टाइल में आए कुछ नए बदलाव वाक़ई काबिले तारीफ़ हैं, जिससे समाज पहले के मुकाबले अधिक परिपक्व व सहज हो सकेगा.

– गीता शर्मा

न्यूज़ टाइम- आज की 5 ख़ास ख़बरें… (Today’s Updates: Top 5 Breaking News)

News

रक्षाबंधन पर फेंगशुई राखियों की धूम

हर बहन की यह ख़्वाहिश रहती है कि उसकी राखी सबसे अलग हो. इसी कारण रक्षाबंधन के दिन बहन भाई को सबसे सुंंदर राखी बांधने के लिए तमाम मेहनत-मशक्कत करती है. इस बार हर तरह की रंग-बिरंगी राखियों के अलावा फेंगशुई व ईको फ्रेंडली राखियों की सबसे अधिक मांग रही. इन राखियों की ख़ासियत यह है कि ये ख़ूबसूरत व आकर्षक होने के साथ-साथ सेहत व पर्यावरण के नज़रिए से भी हितकर हैं. सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं!

 

नेताओं को सोशल मीडिया पर प्रचार की मनाही

देश के निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए गाइडलाइंस जारी की है. इसमें सबसे अहम् बात यह है कि राजनीतिक पार्टियां इलेक्शन के समय प्रचार के लिए सोशल मीडिया, जैसे- फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सऐप आदि का इस्तेमाल नहीं करेंगे. अब नेताओं को चुनाव आयोग को अपनी अन्य सभी जानकारियों के अलावा अपना मोबाइल फोन नंबर, सोशल साइट्स अकाउंट, ईमेल आईडी आदि की भी विस्तृत जानकारी देनी होगी.

यह भी पढ़ें: न्यूज़ टाइम- आज की 5 ख़ास ख़बरें… (Today’s Updates: Top 5 Breaking News)

ऐपल ने २५ हज़ार ऐप्स हटाए

अमेरिकी कंपनी ऐपल ने अपने ऐप स्टोर को सेफ और बेहतरीन बनाए रखने के लिए चीन के ऐप स्टोर से २५ हज़ार ऐप हटा दिए हैं. ये सभी अवैध ऐप थे, जो फर्जी लॉटरी टिकट्स के साथ-साथ गैंबलिंग किया करते थे. पिछले साल भी कंपनी ने कम से कम सात सौ वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क सर्विस ऐप्स को अपने ऐप स्टोर से हटा दिया था.

 

पति पर अश्लील मैसेज भेजने का इल्ज़ाम

बैतूल निवासी एक पत्नी ने अपने पति द्वारा अश्लील-गंदे मैसेज भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पति अजय को स्किन की बीमारी हो गई है. इस कारण पत्नी यह कहकर मायके चली गई कि जब तक वो ठीक नहीं हो जाता, वो मायके ही रहेगी. इस पर पति ने पत्नी की भाभी के फोन पर वाहियात संदेश भेजने के अलावा जान से मारने की धमकी भी दी. पुलिस ने अजय को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया. कोर्ट ने भी उसकी जमानत की याचिका को खारिज कर दिया.

 

खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन

एशियन गेम्स में खिलाड़ियों की मेहनत-लगन दिनोंदिन रंग ला रही है. हर रोज़ पदकों में इजाफा हो रहा है. घुडसवारी में सिंगल इवेंट में फुआद मिर्ज़ा ने रजत पदक जीता. इसी में टीम इवेंट में भी भारत ने रजत जीता. इसमें जितेंद्र सिंह, राकेश कुमार, आशीष मलिक व फुआद मिर्ज़ा का प्रदर्शन लाजवाब रहा. अब तक ७-७ गोल्ड-सिल्वर व १७ ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ भारत की झोली में ३१ पदक आ चुके हैं. बैडमिंटन में दोहरी ख़ुशी हाथ लगी, क्योंकि साइना नेहवाल व पीवी सिंधु ने सेमीफाइनल में पहुंचकर दो पदक पक्के कर लिए हैं. हिमा दास और मुहम्मद अनस ने ४०० मीटर दौड़ में सिल्वर पर कब्ज़ा किया. सभी खिलाड़ियों को उनके बेहतरीन योगदान के लिए बधाई!

– ऊषा गुप्ता

OMG विराट को मिल गई है गुड न्यूज़… Congratulations! (Is Anushka Sharma Pregnant? Virat’s Tweet Has Gone Viral)

Is Anushka Sharma Pregnant, Virat’s Tweet

Is Anushka Sharma Pregnant, Virat’s Tweet

OMG विराट को मिल गई है गुड न्यूज़… विराट बनने वाले हैं पापा? Congratulations! (Is Anushka Sharma Pregnant? Virat’s Tweet Has Gone Viral)

आख़िर विराट को भी गुड न्यूज़ मिल ही गई… हाल ही में विराट ने एक ट्वीट किया, जिससे ये अन्दाज़ लगाना बिलकुल भी मुश्किल नहीं के वो और अनुष्का बेहद ख़ुश हैं क्यूँकि उनके लिए ये बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है… विराट ने ट्वीट में लिखा है- अभी बहुत कुछ हो रहा है, जल्द है आपको जानकारी दूंगा…

आख़िर हर पति-पत्नी यही तो चाहते हैं कि उनका परिवार ख़ुशियों से भरा हो… घर में नई ख़ुशियाँ आयें… तो आप भी विराट-अनुष्का की इस नई ख़ुशख़बरी में शामिल हो जायें और उन्हें बधाई दें… अगर आपको ये लग रहा है कि ये ख़बर ग़लत है तो हम आपको देंगे पूरे सबूत!

सबसे पहले विराट-अनुष्का को congratulations! हमारी तरफ़ से भी!

इस ख़बर की पुष्टि करने के लिए बस थोड़ा सा नीचे स्क्रोल करें और ख़ुद ही देखें विराट-अनुष्का की दुनिया को ख़ुशियों से भरने कौन क्यूट नन्हा मेहमान आ रहा है… और हमें इसका पता कैसे चला…

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मूर्खों का दिवस मुबारक हो… April Fool!

बुरा ना मानो आज तो हक़ बनता है… वैसे भी हमारी ख़बर झूठी नहीं… अब आपको बताते हैं कि क्या है ये ख़ुशख़बरी…

विराट ने दरअसल पिछले दिनों एक ट्वीट किया था कि अभी बहुत कुछ हो रहा है, जल्द है आपको जानकारी दूंगा… बस फिर क्या था
फैंस ने अंदाज़ा लगा लिया कि अनुष्का प्रेग्नेंट है. जी हां, यही नहीं, फैंस ने विराट को बधाइयां भी देनी शुरू कर दी.
जबकि सच ये है कि विराट ने अपने नए एंडोर्समेंट के बारे में यह ट्वीट किया था, जिसे लोगों ने अपने ही ढंग से समझ लिया.

कहीं सोशल मीडिया आपकी स्किन को ख़राब तो नहीं कर रहा? (Is Social Media Bad For Your Skin?)

Is Social Media Bad For Your Skin
सोशल मीडिया (Social Media) ने हमारे रिश्ते, सोशल लाइफ और हेल्थ (Health)  को तो प्रभावित किया ही है, लेकिन इसका साइड इफेक्ट हमारी स्किन पर भी हुआ है. घंटों सोशल मीडिया पर टाइम बिताने की वजह से हमें कई स्किन प्रॉब्लम्स (Skin Problems) हो रही हैं.

Is Social Media Bad For Your Skin

उम्र के निशांः आजकल सबका ज़्यादातर समय कंप्यूटर और मोबाइल पर बीतता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी वजह से आंखों के किनारों पर झुर्रियां पड़ जाती हैं और डार्क सर्कल की प्रॉब्लम भी हो सकती है.

समाधानः बेहतर होगा कि कंप्यूटर या मोबाइल पर बहुत ज़्यादा समय ना बिताएं. बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें. रात को अच्छी क्वालिटी की आई क्रीम आंखों के आसपास लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें.

मुंहासे/एक्ने की परेशानीः क्या आप जानते हैं कि आपके मोबाइल फोन पर आपकी टॉयलेट सीट की तुलना में 10 गुना ज़्यादा बैक्टीरिया होते हैं. आप जब फोन कान से लगाते हैं, तो ये बैक्टीरिया आपके चेहरे पर स्थानांतरित हो जाते हैं, जिससे मुंहासे की प्रॉब्लम होने लगती है.

समाधानः मोबाइल हाइजीन का ख़्याल रखें. अपना मोबाइल हमेशा क्लीन रखें. बेहतर होगा रोज़ एक बार सेनिटाइजर से अच्छी तरह मोबाइल को पोंछ लें. इससे इंफेक्शन की संभावना नहीं रहती और आपकी स्किन भी सुरक्षित रहती है.

नींद ने भी छीनी ख़ूबसूरतीः कंप्यूटर और मोबाइल फोन की तेज़ रोशनी हमारे स्लीप पैटर्न को बिगाड़ती है. अक्सर सोने से पहले मोबाइल पर व्हाट्स अप या मैसेज देखा जाता है. इससे हमारे शरीर में मेलाटोनिन बनता है, जिससे नींद डिस्टर्ब हो जाती है और हम ठीक से सो नहीं पाते.

समाधानः सोते समय सेलफोन देखने की आदत छोड़ दें.

यह भी पढ़ें: 10 गलतियां बिगाड़ सकती हैं त्वचा की ख़ूबसूरती 

यह भी पढ़ें: ख़ूबसूरती बढ़ाते हैं ये 10 ब्यूटी फूड

स्ट्रेस का भी होता है असरः आजकल सोशल मीडिया का बहुत ज़्यादा दबाव है. लगातार इसके संपर्क में रहने से स्ट्रेस होता है, जिसका स्किन पर साइड इफेक्ट होता है.

समाधानः सबसे पहले तो सोशल मीडिया को एडिक्शन न बनने दें. मोबाइल या कंप्यूटर को टाइमपास या मनोरंजन का ज़रिया न बनाएं. स्किन से स्ट्रेस दूर करने के लिए कोई अच्छी सी डे और नाइट रिपेयर क्रीम से मसाज करें.

नोमोफोबियाः बहुत से लोग जब फोन घर पर भूल जाते हैं तो पैनिक हो जाते हैं. मोबाइल के ना होने और फोन से कॉन्टेक्ट में ना रहने पर उत्पन्न होने वाला डर नोमोफोबिया कहलाता है. इससे तनाव उत्पन्न होता है, जो त्वचा पर असर डालता है. इससे प्रीमेच्योर एंजिग या सोरायसिस भी हो सकता है.

समाधानः इस तरह का डर अपने ऊपर हावी न होने दें. स्ट्रेस से दूर रहें.

जानें कौन है प्रिया वारियर, जिसकी अदा ने पूरे Internet को सम्मोहित कर दिया (Who Is This Mistery Girl?)

इस video ने internet पे धूम मचा दी है… कुछ ही समय में ये video इतना वाइरल हो गया कि हर कोई इसी की बात और इसे share कर रहा है… यहां तक कि इसपे जोक्स और इंट्रेस्टिंग पोस्ट्स भी बनने लगी… आप भी देखिए ये दिलचस्प video… ये विडीओ है प्रिया वारियर (Priya Warrier) ( का जो साउथ की मूवी में डेब्यू करने जा रही है और उनकी इस अदा ने पूरे internet को सम्मोहित ही कर लिया.

प्रिया एक एक्ट्रेस हैं, वो 18 साल की हैं और बी कॉम की स्टूडेंट हैं, प्रिया मलयालम मूवी से अपना डेब्यू करने जा रही हैं, उनकी आंख मारने की इस अदा ने लोगों को उनका दीवाना बना दिया, वहीं उनके साथ वीडियो में नज़र आ रहे उस क्यूट बॉय को भी सभी पसंद कर रहे हैं…

यह भी पढ़ें: एली ने क्रिकेटर हार्दिक पांड्या संग अपने रिश्ते का किया खुलासा ! 

[amazon_link asins=’B0733DX9DF,B071CWS3JC,B00KMRPJP2′ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’4d61783c-0fe9-11e8-a3d4-b9c6e29fb59e’]

सोशल मीडिया पर एक्टिव लड़कियों को बहू बनाने से क्यों कतराते हैं लोग? (How Social Media Affects Girls Marriage)

How Social Media Affects Girls Marriage

सोशल मीडिया के साइड इफेक्ट्स का असर न स़िर्फ बच्चों की पढ़ाई, लोगों के काम के परफॉर्मेंस, फैमिली लाइफ आदि पर पड़ा है, बल्कि इसका असर अब शादियों पर भी पड़ने लगा है. शादी का रिश्ता पक्का करते समय अब लड़कियों के लुक्स, एजुकेशन, फैमिली बैकग्राउंड आदि के अलावा ये भी देखा जाने लगा है कि वो सोशल मीडिया पर कितनी एक्टिव है.

How Social Media Affects Girls Marriage

आजकल डिजिटल मीडिया का लोगों पर इस कदर हैंगओवर हो गया है कि किसी भी इंसान के बारे में कुछ भी पता करना हो, तो लोग सबसे पहले उसके सोशल अकाउंट्स खंखालने लगते हैं. फ्रेंडशिप, बिज़नेस, जॉब… यहां तक कि अब शादी फिक्स होने से पहले लड़का-लड़की के सोशल अकांउट्स की तलाशी ली जाने लगी है. ख़ास बात ये है कि जो लड़कियां सोशल साइट्स पर ज़्यादा एक्टिव रहती हैं, लोग उन्हें अपने घर की बहू नहीं बनाना चाहते. उनके मन में उस लड़की को लेकर कई शंकाएं रहती हैं. क्या हैं ये शंकाएं? आइए, जानते हैं.

धोखाधड़ी से बचना चाहते हैं
हमारे देश में आज भी ज़्यादातर शादियां अरेंज ही होती हैं, जिसमें लड़का-लड़की की रज़ामंदी के साथ ही परिवार के लोगों का राज़ी होना भी उतना ही ज़रूरी होता है. हां, समय के साथ ये बदलाव ज़रूर आया है कि अब लोग बेटा या बेटी की शादी फिक्स होने से पहले लड़का या लड़की के बारे अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लेते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है तलाक़ के बढ़ते आंकड़े और शादियों में बढ़ती धोखाधड़ी. यही वजह है कि लोग अब स़िर्फ बाहरी दिखावे पर नहीं जाते और शादी के लिए हां करने से पहले पूरी तसल्ली कर लेना चाहते हैं.

लोगों का डर लाजमी है
देश की पहली महिला जासूस रजनी पंडित कहती हैं, हमारे पास ऐसे कई केसेस आते हैं जहां लड़के वाले लड़की का कैरेक्टर, शौक, फ्रेंड सर्कल आदि के बारे में पता करने के लिए उसका सोशल अकाउंट चेक करने को कहते हैं. लोग जानना चाहते हैं कि जिस लड़की से वो अपने बेटे की शादी करने जा रहे हैं, उसकी लाइफ स्टाइल कैसी है. क्या वो उनके घर में फिट हो पाएगी? ज़्यादातर लोग सोशल मीडिया पर जैसे दिखाई देते हैं, असल में वैसे होते नहीं है इसलिए हमें बहुत ध्यान से जांच-परख करनी पड़ती है. कई बार तो हमें फ्रॉड अकाउंट बानकर लड़की को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उसके बारे में पता करना पड़ता है. लड़के वाले ही नहीं, लड़की वाले भी अपने होने वाले दामाद के बारे में सबकुछ पहले ही जाने लेना चाहते हैं. साइबर क्राइम के बढ़ते आंकड़े भी लोगों को ऐसा करने के लिए मजबूर करते हैं.

देखने का नज़रिया अलग है
कई बार लोगों का देखने का नज़रिया भी अलग होता है. लोग लड़कियों की हर गतिविधि को शक की नज़र से देखते हैं. एक मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत प्रिया शर्मा (परिवर्तित नाम) ने बताया, सोशल साइट्स पर मेरी अधिकतर फोटोग्राफ्स मेरी बेस्ट फ्रेंड के साथ होती हैं. हम मस्ती-मज़ाक के मूड में अलग-अलग पोज़ में फोटो खिंचवाकर पोस्ट करते रहते हैं. जब मेरे लिए शादी का रिश्ता आया, तो लड़का मुझे पसंद आया और लड़के को भी मैं पसंद थी. हम दोनों एक-दूसरे से मिलने लगे, फोन पर बातें करने लगे, सोशल मीडिया पर भी हम फ्रेंड बन गए. फिर मेरा सोशल अकाउंट देखकर उसने मुझे शक की निगाह से देखते हुए पूछा, तुम अपनी बेस्ट फ्रेंड के साथ कुछ ज़्यादा ही क्लोज़ हो, तुम दोनों के बीच सब नॉर्मल है ना? उसकी बातें सुनकर मैं हैरान रह गई. लड़कों के साथ दोस्ती करने पर तो लड़कियों पर तरह-तरह के इल्ज़ाम लगते ही हैं, मुझ पर तो लड़की के साथ दोस्ती करने पर भी शक किया गया. जब लोगों के देखने का नज़रिया ही ग़लत हो, तो आप क्या कर सकते हैं.

सच्चाई कुछ और होती है
डिटेक्टिव रजनी पंडित ने हमें बताया कि लगभग 90% लोग सोशल साइट्स पर जैसे नज़र आते हैं असल में वो वैसे होते नहीं हैं. लोग सोशल साइट्स पर अपनी इमेज अपनी असल ज़िंदगी से बिल्कुल अलग बनाकर रखते हैं. सोशल साइट्स पर लोग अपनी हर बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं. कई लोग तो बोगस अकाउंट बनाकर लोगों को बेवकूफ़ भी बनाते हैं. ऐसे में लोगों का डर वाजिब है. आजकल शादियों में फ्रॉड भी बहुत हो रहे हैं. लड़कियां पैसे देखकर लड़के से शादी करती हैं और बाद में तलाक़ लेकर मोटी रकम वसूलती हैं. इसी तरह लड़के भी गरीब लड़की से शादी करके उसके सिर पर घर की सारी ज़िम्मेदारियां थोपकर ख़ुद बाहर अय्याशी करते हैं. एक बार शादी हो जाने के बाद तलाक़ के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है, जिससे लड़का-लड़की दोनों के परिवार डिस्टर्ब हो जाते हैं. इसीलिए लोग अब पहले ही अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लेना चाहते हैं.

स्टेटस देखकर जज करते हैं
सोशल मीडिया पर लड़कियों का स्टेटस देखकर बिना सोचे-समझे उनके लिए राय बनाने वालों की भी कमी नहीं है. लाइफ स्टाइल ब्लॉगर मानसी मेहता (परिवर्तित नाम) कहती हैं, मैं एक लाइफ स्टाइल ब्लॉगर हूं इसलिए मुझे इवेंट्स, फैशन शो, ब्यूटी कॉन्टेस्ट आदि कवर करने होते हैं. इसके लिए मुझे ट्रैवल करना पड़ता है, हाई प्रोफाइल लोगों से मिलना पड़ता है और ख़ुद भी फैशनेबल रहना पड़ता है. मेरी शादी में इसलिए दिक्कत आ रही है कि लोगों को लगता है मेरी लाइफ स्टाइल बहुत हाई फाई है, मैं हमेशा घूमती रहती हूं इसलिए मैं घर में नहीं टिक पाउंगी.

यह भी पढ़ें: लेडी लक के बहाने महिलाओं को निशाना बनाना कितना सही?

 

फेहरिस्त लंबी है
सोशल मीडिया के कारण रिश्ते टूटने के मामले कुछ कम नहीं हैं. लोग सोशल मीडिया पर एक्टिव लड़कियों को जल्दी स्वीकार नहीं पाते. उन्हें लगता है कि ऐसी लड़कियां परफेक्ट बहू नहीं बन सकती. आइए, जानते हैं कुछ ऐसे ही रिश्तों के बारे में जिनके टूटने की वजह स़िर्फ सोशल मीडिया है:

* एक आम भारतीय लड़की की तरह रिया (परिवर्तित नाम) की भी शादी फिक्स हुई. अरेंज मैरिज के सेट पैटर्न के अनुसार दोनों परिवारों की रज़ामंदी से लड़का-लड़की दोनों एक-दूसरे से मिलने लगे. लड़के ने जब लड़की का सोशल अकाउंट देखा, तो उसे लड़की के मेल फ्रेंड के साथ उसकी फोटो से ऑब्जेक्शन होने लगा. फिर वो उस पर शक करने लगा, उसे ताने देने लगा, लड़की को ये सब पसंद नहीं आया और उसने ऐसी संकीर्ण मानसिकता वाले लड़के से शादी करने के लिए मना कर दिया.
* शिवानी (परिवर्तित नाम) की अपनी एक इवेंट कंपनी है और अपने काम को प्रमोट करने के लिए उसे सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना ही पड़ता है. शिवानी के लिए जब शादी का रिश्ता आया और वो लड़के से मिली, तो लड़के ने कहा मैं बहुत रिज़र्व टाइप का इंसान हूं. मैं ऐसी लड़की से शादी नहीं कर सकूंगा, जो सोशल साइट्स पर इतनी एक्टिव रहती हो. मेरी बीवी की पोस्ट पर लोग तरह-तरह के कमेंट करें ये मैं सहन नहीं कर पाउंगा. शिवानी के सामने अपना पक्ष रखकर लड़के ने शादी के लिए मना कर दिया.
* नेहा (परिवर्तित नाम) को सेल्फी का शौक है. वो रोज़ सेल्फी लेती है और सोशल मीडिया पर पोस्ट करती है. उसके फॉलोवर्स भी बहुत हैं, जो उसकी फोटो पर हमेशा कमेंट करते हैं. जब नेहा के लिए शादी का प्रपोज़ल आया, तो लड़के वालों को नेहा बहुत पसंद आई. सगाई के बाद जब उसने अपने मंगेतर और ससुराल वालों को अपने सोशल अकाउंट में एड किया, तो लड़के वालों ने ये कहकर रिश्ता तोड़ दिया कि लड़की कुछ ज़्यादा ही तेज़ है. हमें अपने घर के लिए सीधी सादी बहू चाहिए, मॉडल नहीं.
* आकांक्षा (परिवर्तित नाम) एक संवेदनशील लड़की है. जब भी वो अपने आसपास कुछ ग़लत होता देखती है, तो अपनी भावनाओं को सोशल मीडिया पर ज़रूर व्यक्त करती है. दहेज, घरेलू हिंसा, बाल मजदूरी, बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर लिखकर उसे संतुष्टि मिलती है. जब आकांक्षा की शादी फिक्स हुई, तो सोशल मीडिया पर उसके ससुराल वाले भी उससे जुड़ गए. ससुराल वालों को उसकी पोस्ट पसंद नहीं आती थी. आख़िरकार ससुराल वालों ने आकांक्षा को एक्टिविस्ट बताकर उसे अपने घर की बहू बनाने से इनकार कर दिया. उनका कहना था, कल को ये घर की हर बात सोशल मीडिया तक ले जाएगी, इसके घर में आने से घर की हर बात सोशल मीडिया पर वायरल हो जाएगी.

यह भी पढ़ें: विमेन सेफ्टीः ख़ुद करें अपनी सुरक्षा

जब पैरेंट्स लगाते हैं रोक
लड़कियों के सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने से उन पर तरह-तरह के इल्ज़ाम लगाए जाते हैं इसलिए कई घरों में पैरेंट्स लड़कियों को सोशल मीडिया से दूर रहने के लिए कहते हैं. ऐसे में लड़कियां ख़ुद को आउटडेटेड महसूस करने लगती हैं इसलिए वो फेक अकाउंट बनाकर सोशल मीडिया पर आ जाती हैं. ऐसी स्थिति ज़्यादा भयानक होती है, क्योंकि फेक अकाउंट वाले लड़कों की भी कमी नहीं होती. ऐसे में इन लड़कियों के फंसने की गुंजाइश ज़्यादा रहती है. अत: पैरेंट्स को चाहिए कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर नज़र रखें, लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा सख़्ती बच्चों को गुमराह कर सकती है.

ये सोशल प्रेशर का मामला है
लड़कियों को सोशल मीडिया से दूर रहने की हिदायत जहां लड़कियों के लिए अजीब स्थिति होती है, वहीं माता-पिता के लिए चिंता की वजह. हमारे देश में लोग क्या कहेंगे, ये सबसे बड़ा मुद्दा है. आप जानते हैं कि आपकी बेटी ग़लत नहीं है, फिर भी लड़के वालों को ख़ुश करने के लिए बेटी को हर समझौता करने के लिए कहा जाता है. सोशल मीडिया की अति ग़लत है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली हर लड़की पर सवाल उठाना भी सही नहीं है.

किस पोस्ट पर क्या टैग दिया जाता है?
लड़कियां सोशल साइट्स पर कितनी एक्टिव हैं और किस तरह की पोस्ट करती हैं इससे उन्हें जज किया जाता है. आइए, जानते हैं किस पोस्ट का क्या मतलब निकाला जाता है.

* यदि आप फैशनेबल कपड़े पहनती हैं, अक्सर पार्टी या डिनर की फोटो पोस्ट करती हैं, तो आप बहुत ख़र्चीली हैं. आपका मेंटेनेंस आम बहू की कैटेगरी में नहीं आता.
* यदि आप राजनीतिक या सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करती हैं, तो आप एक्टिविस्ट कहलाती हैं इसलिए आप आदर्श बहू नहीं कहला सकतीं.
* यदि आप अपने पुरुष मित्रों के साथ फोटो खिंचवाती हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करती हैं, तो आपका कैरेक्टर ठीक नहीं. अच्छे घर की बहू ऐसा नहीं करती हैं.
* यदि आप अपनी हर गतिविधि को सोशल साइट पर पोस्ट करती हैं, तो आप पर टैग लगेगा कि आप घर की हर छोटी-बड़ी बात को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगी.
* यदि आप सोशल मीडिया पर महिलाओं के हक़ की बात करती हैं, तो आप पर ये इल्ज़ाम लग सकता है कि कल को हमें भी कोर्ट तक ले जा सकती है.
* यदि आप अपने काम को सोशल मीडिया पर प्रमोट करती हैं, तो कहा जाएगा कि काम के बाद भी फ्री नहीं रहती, घर क्या खाक संभालेगी.
*यदि सोशल मीडिया पर आपके ज़्यादा फॉलोवर्स हैं, तो कहा जाएगा कि ख़ुद को सेलिब्रिटी समझती है, घर में तो किसी को कुछ समझेगी ही नहीं.

यह भी पढ़ें: क्यों बढ़ रही है मल्टीटास्किंग बहुओं की डिमांड?

दोनों पक्ष करते हैं जांच-पड़ताल
ऐसा नहीं है कि शादी तय होते समय स़िर्फ लड़कियों के बारे में जानकारी हासिल की जाती है, लड़कों के बारे में भी काफी जांच-पड़ताल की जाती है.

क्या जानना चाहते हैं लड़कों के बारे में?
– लड़का कहीं नशा तो नहीं करता
– किसी और लड़की के साथ अ़फेयर तो नहीं है
– कैसे लोगों के साथ उठता-बैठता है
– लड़का अय्याश तो नहीं.
– कमाई के बारे में सच बताया है या झूठ
– प्रॉपर्टी कितनी है

क्या जानना चाहते हैं लड़की के बारे में?
– चाल-चलन कैसा है
– किसी और लड़के के साथ चक्कर तो नहीं चल रहा
– फ्रेंड सर्कल कैसा है
– जॉब के बारे में सही जानकारी दी है या नहीं
– सोशल साइट्स पर कितनी एक्टिव है
– झूठा अकाउंट बनाकर लड़कों से चैट तो नहीं करती

– कमला बडोनी

[amazon_link asins=’B01N1OHMY9,B078V6JPN6,B071XVY36W,B074L236VX’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’cbd3bebe-0814-11e8-bc4f-c1c1fcbaf7c5′]

Pictures: आशका गोराडिया पति के साथ मनाली में मना रही हैं ड्रीमी वेकेशन (See Pics: Aashka Goradia Enjoying Vacation With Hubby In Manali)

Aashka Goradia, Vacation With Hubby In Manali

 

Aashka Goradia, Vacation With Hubby In Manali

टीवी शो नागिन की न्यूली मैरिड ऐक्ट्रेस आशका गोराडिया अपने पति ब्रेंट गोबल के साथ हनीमून डेस्टिनेशन मनाली में ज़िंदगी के ख़ूबसूरत लम्हे बिता रहे हैं. किसी भी नए शादीशुदा कपल के लिए एक-दूसरे के साथ व़क्त बिताना ज़िंदगी के सबसे हसीन और यादगार लम्हे होते हैं, ऐसे में टीवी एक्टर्स की भागदौड़ भरी ज़िंदगी से जब वो अपने लिए व़क्त चुराते हैं, तो उसे भरपूर एंजॉय भी करते हैं. ऐसा ही हसीन मंज़र देखने मिला मनाली की ख़ूबसूरत वादियों में जहां हॉट आशका और ब्रेंट ने प्रकृति की गोद में अपनी नई शादीशुदा ज़िंदगी के बेहतरीन पल बिताएं. आशका ने ये ख़ूबसूरत पिक्चर्स सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसे उनके फैंस काफ़ी पसंद कर रहे हैं.

 

Aashka Goradia, Vacation With Hubby In Manali

Aashka Goradia, Vacation With Hubby In Manali

Aashka Goradia, Vacation With Hubby In Manali

Aashka Goradia, Vacation With Hubby In Manali

Aashka Goradia, Vacation With Hubby In Manali

Aashka Goradia, Vacation With Hubby In Manali

आपको बता दें कि आशका और ब्रेंट की शादी पिछले महीने 3 दिसंबर को हुई थी, जहां टीवी इंडस्ट्री के साथ-साथ बॉलीवुड के भी कई स्टार्स ने शिरकत की थी.

यह भी पढ़ें: इन टीवी स्टार्स के इंस्टाग्राम पोस्ट हैं बोल्ड एंड बिंदास!

यह भी पढ़ें: सुशांत सिंह से ब्रेकअप के बाद अंकिता को मिला नया ब्वॉयफ्रेंड

[amazon_link asins=’B01BIXYG02,B072M78CW2,B07262WYRY,B078LGQTFY,B01LVXZS73′ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’20f57d5a-04d3-11e8-a92f-c9762d2982e0′]

सोशल मीडिया पर रिश्ते तलाशते लोग अंदर से होते हैं तन्हा…! (Relationship Alert: Social Media Makes You Feel Alone)

Social Media Makes You Feel Alone

Social Media Makes You Feel Alone
सोशल साइट्स ने हमारी ज़िंदगी बदलकर रख दी है, इसमें कोई दो राय नहीं है. हम अब आसानी से अपडेटेड रहते हैं, पुराने दोस्तों व दूर-दराज़ के रिश्तेदारों से कनेक्टेड रहते हैं, अपनी फीलिंग्स उनके साथ बांट सकते हैं… इस तरह से देखा जाए, तो सोशल साइट्स हमारे लिए किसी सोशल साइट्स ने हमारी ज़िंदगी बदलकर रख दी है, इसमें कोई दो राय नहीं है. हम अब आसानी से अपडेटेड रहते हैं, पुराने दोस्तों व दूर-दराज़ के रिश्तेदारों से कनेक्टेड रहते हैं, अपनी फीलिंग्स उनके साथ बांट सकते हैं… इस तरह से देखा जाए, तो सोशल साइट्स हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं. लेकिन जब हम इनके आदी होने लगें और जब यथार्थ की दुनिया को छोड़कर इस डिजिटल वर्ल्ड में ही अपनों को और अपने रिश्तों को तलाशने लगें, तब यह सवाल उठना लाज़िमी है कि क्या हम इतने तन्हा हैं कि हमारे आसपास कोई है ही नहीं अपने सुख-दुख बांटने के लिए और हम ऐसे लोगों की तलाश सोशल साइट्स पर भी करने लगे हैं.

  • कई तरह की स्टडीज़ और रिसर्च यह बताते हैं कि सोशल साइट्स पर सीमा से अधिक समय बिताना एक तरह के एडिक्शन को जन्म देता है.
  • ये शोध यह भी बताते हैं कि जो लोग भीतर से तन्हा होते हैं, वो इस तरह के एडिक्शन के अधिक शिकार होते हैं.
  • वो अपना अकेलापन दूर करने के लिए ही चैटिंग का सहारा लेते हैं.
  • अक्सर इस तरह की चैटिंग के ज़रिए ही वो अपने लिए पार्टनर भी तलाशने लगते हैं.
  • हालांकि कुछ लोग ये चैटिंग फन के लिए करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इसकी लत लगने लगती है और फिर वो सीरियस एडिक्शन में तब्दील होने लगती है.
  • यह एडिक्शन मस्तिष्क के उस हिस्से को एक्टिवेट करता है, जो कोकीन जैसे नशीले पदार्थ के एडिक्शन पर होता है. यही वजह है कि सोशल साइट्स से दूर रहने को एक तरह से लोग बहुत बड़ा त्याग या डिटॉक्सिफिकेशन मानते हैं.
  • दरअसल, यंगस्टर्स सोशल मीडिया में इस तरह से इंवॉल्व हो जाते हैं कि बाहरी दुनिया से कट जाते हैं. उन्हें वो डिजिटल दुनिया और उसके रिश्ते इतने आकर्षक लगते हैं कि अपनी असली दुनिया उन्हें बोरिंग लगने लगती है. यही वजह है कि जब कभी उन्हें डिजिटल वर्ल्ड से ब्रेक लेना पड़ता हो या फिर वहां उन्हें रिश्ते नहीं मिल रहे हों, तो उन्हें रियल वर्ल्ड और भी तन्हा लगने लगता है. उनमें निराशा, अवसाद और चिड़चिड़ापन पनपने लगता है. इसका असर यह होता है कि वो फिर उसी डिजिटल दुनिया का रुख करते हैं और अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए नए रिश्ते तलाशने लगते हैं.
  • यह एक चक्र जैसा है, जिसमें हमें पहले यह लगता है कि हम तन्हा हैं, तो सोशल मीडिया हमारी तन्हाई को दूर करने का सबसे कारगर साधन है, लेकिन जब हम इस चक्र में फंसने लगते हैं, तो महसूस होता है कि यह तन्हाई दूर करने का नहीं, बढ़ाने का साधन साबित हो रहा है.
  • यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो लोग सोशल साइट्स पर अधिक समय बिताते हैं, वो अधिक अकेलापन और अवसाद महसूस करते हैं, क्योंकि जितना अधिक वो ऑनलाइन इंटरएक्शन करते हैं, उतना ही उनका फेस टु फेस संपर्क लोगों से कम होता जाता है.
  • यानी लोग अपनी तन्हाई दूर करने के इरादे से सोशल वर्ल्ड में आते हैं और यह उनकी तन्हाई घटाने की बजाय बढ़ा देता है.
  • इसके अलावा, डिजिटल रिश्तों में सबसे बड़ा ख़तरा फ्रॉड या धोखे का भी होता है. आपको कोई भी आसानी से बेव़कूफ़ बना सकता है यहां.
  • अपनी पहचान छिपाकर आपसे लंबे समय तक दोस्ती रख सकता है, आपका फ़ायदा उठा सकता है. इसी तरह की एक घटना का ज़िक्र करती हैं मुंबई की प्रीति वर्मा (बदला हुआ नाम). प्रीति ने जो आपबीती सुनाई, वो हैरान करनेवाली थी. “मैं पहले तो बहुत अधिक सोशल मीडिया पर रहती ही नहीं थी. मेरे सभी दोस्त सोशल मीडिया पर काफ़ी एक्टिव थे और मैं अपनी ज़िंदगी में बहुत ही तन्हाई के दौर से गुज़र रही थी. मैंने सोचा, क्यों न मैं भी सोशल मीडिया पर किसी से दोस्ती कर लूं. धीरे-धीरे मुझे यहां अच्छा लगने लगा. मेरा ज़्यादा समय यहां गुज़रने लगा. मुझे नए दोस्त बनाने का शौक़ तो था ही, यहां नए-नए लोगों से बातचीत होती, उनके बारे में दिलचस्प बातें जानने को मिलतीं, तो मेरा रुझान इस तरफ़ ज़्यादा ही होने लगा. कुछ समय पहले मुझे एक लड़के की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, उसका प्रोफाइल बेहद आकर्षक था. मैंने भी उसमें दिलचस्पी दिखाई. हम दोस्त बन गए, दोस्ती थोड़ी गहरी हुई, तो हमने अपने फोन नंबर्स एक्सचेंज किए. वो घंटों मुझसे फोन पर बात करता. मुझे भी अच्छा लगने लगा था. वो अपने वीडियोज़ और पिक्चर्स भेजता. पर कहीं न कहीं मुझे लगता था कि न जाने क्यों इस शख़्स की पर्सनैलिटी से इसकी बातें मैच नहीं करतीं. वो पिक्चर्स तो बहुत आकर्षक भेजता था, लेकिन उसकी बातें बहुत ही बचकानी लगती थीं, जैसे कोई टीनएजर बात कर रहा हो. इस तरह पूरा एक साल बीत गया. वो अक्सर मिलने की इच्छा ज़ाहिर करता. दूसरे शहर में रहने की वजह से मैं प्लान कर रही थी कि कैसे जाकर उससे मिलूं, क्योंकि मैं भी उससे मिलना चाहती थी.एक दिन मैं यूं ही यू ट्यूब पर वीडियोज़ देख रही थी, तो अचानक एक वीडियो पर मेरी नज़र गई. मैं हैरान रह गई. वो वीडियो एक पंजाबी मॉडल का था, जिसकी शक्ल मेरे उस दोस्त से हूबहू मिलती थी. मैंने डीटेल में उस मॉडल का प्रोफाइल खंगाला, तो मेरे पसीने छूट गए, ये अगर असली है, तो वो कौन है, जो इसकी पहचान के आधार पर मेरा दोस्त बना हुआ था? उसने नकली पिक्चर्स लगाकर, नाम बदलकर मुझसे दोस्ती की. मैंने उसे तुरंत फोन लगाकर सफ़ाई मांगी, तो वो डर गया, मैंने पुलिस कंप्लेन करने की बात कही, तो उसने मुझे ब्लॉक कर दिया. नंबर्स से लेकर सोशल मीडिया तक, सब जगह से वो अब गायब था. मैं चाहकर भी कुछ न कर सकी, बस यही सोचकर रूह कांप जाती है कि अगर मैं उससे मिलने चली गई होती, तो न जाने क्या होता? मैं ख़ुद को ठगा हुआ महसूस कर रही थी. मैं बस, यही कहना चाहती हूं कि जब भी सोशल मीडिया पर रिश्ते तलाशें, तो अच्छी तरह जांचें-परखें, वरना यह आपको और भी तन्हा कर देगा. कहां तो मैं अपनी तन्हाई दूर करने यहां आई थी, कहां मैं बेव़कूफ़ बन बैठी.”
  • यह अपने आप में अकेली घटना नहीं है, प्रीति की तरह ही बहुत से लड़के-लड़कियां अपनी तन्हाई को दूर करने के लिए सोशल मीडिया की शरण में आते हैं और वो इस कदर तन्हा होते हैं कि कोई दोस्त मिल जाने पर बिना जांचे-परखे आगे बढ़ने लगते हैं. जबकि सोशल मीडिया एक अच्छा प्लेटफॉर्म है हर किसी के लिए, लेकिन यहां आकर जल्दबाज़ी में रिश्ते ढूंढ़ना आपको भारी पड़ सकता है. बेहतर होगा सतर्क रहें, सावधान रहें.
  • रियल वर्ल्ड में अगर आप तन्हा हैं या आपका अभी-अभी ब्रेकअप हुआ है, तो थोड़ा सब्र करें, ख़ुद को समय दें. अपनी हॉबीज़ पर ध्यान दें और अपना मन लगाने के अन्य साधन भी तलाशें. अक्सर लोग ब्रेकअप के बाद सोशल मीडिया पर अधिक एक्टिव हो जाते हैं या फिर अपनी बोरिंग शादीशुदा लाइफ से हटकर ज़िंदगी में कुछ स्पाइस ऐड करने के इरादे से यहां आते हैं. शुरुआत में उन्हें सब कुछ बेहद आकर्षक लगता है, लेकिन इससे अपनी तन्हाई दूर करने का यह इरादा उन्हें भटका भी सकता है.
  • बेहतर होगा, तन्हाई को क्रिएटिविटी में बदलें. कुछ समय बाद तन्हाई का एहसास अपने आप कम होने लगेगा. सोशल मीडिया पर ज़रूर जाएं, लेकिन एक निश्‍चित सीमा में रहकर, सावधानी से ही किसी से संपर्क साधें और अपने नंबर्स शेयर करें.

ब्रह्मानंद शर्मा

यह भी पढ़ें: ख़ुशहाल ससुराल के लिए अपनाएं ये 19 हैप्पी टिप्स