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Personal Problems: प्रेग्नेंसी में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (Do’s And Don’ts For A Safer Pregnancy)

मेरी शादी को 4 साल हो गए हैं. मैं प्रेग्नेंट हूं. सोनोग्राफ़ी से पता चला कि मेरे गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं. कृपया, बताएं कि प्रेग्नेंसी में मुझे किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
– वैजयंती गोखले, नासिक. 

आपको पौष्टिक और संतुलित आहार लेना चाहिए. बेहतर होगा कि अपने गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें और अपना रेग्युलर चेकअप करवाती रहें. इसके अतिरिक्त सावधानी के तौर पर यौन संबंधों से दूर रहें. कोई भी भारी सामान न उठाएं. मोटर साइकिल और ऑटोरिक्शा में ट्रैवलिंग से बचें. गायनाकोलॉजिस्ट द्वारा बताए गए सभी सप्लीमेंट्स और वैक्सिनेशन समय पर लें. सारे टेस्ट समय पर कराएं. घबराने की कोई बात नहीं. यदि टेस्ट नॉर्मल होंगे, तो डिलीवरी भी नॉर्मल होने की संभावना अधिक होगी.

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Safe Pregnancy Tips

मेरी उम्र 17 साल है. पिछले कुछ दिनों से मेरे राइट ब्रेस्ट में गांठ-सी महसूस हो रही है, जिसमें दर्द तो बिल्कुल नहीं होता, पर सूजन बनी हुई है. मुझे डर है, कहीं ये गांठ कैंसर की तो नहीं है?
 – वंदना मैथ्यू, दिल्ली.

आपको फाइब्रोएडेनोमा की शिकायत हो सकती है, जो टीनएजर लड़कियों में अधिक देखी जाती है. फाइब्रोएडेनोमा में होनेवाली सूजन व गांठ कैंसर की नहीं होती. आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट या जनरल सर्जन से संपर्क करें, जो आपका मार्गदर्शन कर सही इलाज करेंेगे. अगर सूजन नॉर्मल है तो चिंता की कोई बात नहीं. लेकिन अगर यह सूजन अधिक दिनों तक बनी रहती है, तो हो सकता है कि सर्जन इससे संबंधित कोई टेस्ट कराएं और सर्जरी की सलाह दें.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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Personal Problems: क्या पॉलिप बहुत ख़तरनाक होता है? (Is Polyp In Uterus Dangerous?)

मैं 36 वर्ष की शादीशुदा महिला हूं. मुझे पिछले 6 महीने से पीरियड (Periods) के दौरान बहुत ज़्यादा रक्तस्राव होता है. मैंने सोनोग्राफ़ी टेस्ट (Sonography Test) करवाया, जिससे पता चला कि मेरे यूटेरस (Uterus) में गांठ (पॉलिप) है. यह क्या है? क्या यह बहुत ख़तरनाक (Dangerous) है? क्या इसके लिए मुझे यूटेरस हटाना पड़ सकता है?
– ज्योति, अहमदाबाद

सबसे पहली बात जो हर महिला को ध्यान में रखना चाहिए वह ये कि जब भी माहवारी के समय हैवी ब्लीडिंग हो तो सबसे पहले इसका कारण जानने के लिए चेकअप करवाएं. साथ ही कैंसर के लिए पीएपी स्मीयर और सोनोग्राफ़ी टेस्ट भी करवाएं. आपने बताया कि सोनोग्राफ़ी टेस्ट में पॉलिप (गांठ) बताया गया है. यह भी अनियमित और भारी रक्तस्राव का कारण है. पॉलिप एक तरह का ट्यूमर है जो कि यूटेरस में पाया जाता है. इसे हीस्टिरोस्कोपी सर्जरी द्वारा हटाया जा सकता है. यदि यह ट्यूमर कैंसर का नहीं है तो सर्जरी के बाद फिर से ट्यूमर आने की संभावना नहीं होती.

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Polyp In Uterus

मैं 30 वर्षीय महिला हूूंं और पिछले साल मेरा दो बार तीन-तीन महीने का गर्भपात हो चुका है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन डरती हूं कि कहीं फिर से कोई परेशानी न आ जाए. क्या मुझे नॉर्मल प्रेगनेंसी हो पाएगी?
– संजना, मुरादाबाद

वैसे तो दो बार गर्भपात होने के बाद तीसरी बार गर्भपात होने की संभावना और ़ज़्यादा बढ़ जाती है. आप यदि गर्भधारण करने के बारे में सोच रही हैं तो बेहतर होगा कि सबसे पहले सारे टेस्ट करवा लें, ताकि यह पता चल जाए कि आपका यूटेरस सामान्य है या नहीं. कोई बर्थ ड़िफेक्ट, जैसे- सेप्टम या डबल यूटेरस की समस्या तो नहीं है आदि. यदि इस तरह के ड़िफेक्ट्स हैं भी तब भी कीहोल सर्जरी, जैसे- लेप्रोस्कोपी, हीस्टिरोस्कोपी से इसका इलाज संभव है. इसके अलावा जेनेटिक टेस्टिंग और इम्यूनोलॉजी प्रॉब्लम्स के लिए विशेष तरह का ब्लड टेस्ट भी किया जाता है. गर्भधारण के पहले फोलिक एसिड और हार्मोन्स की टेबलेट लेने की आवश्यकता पड़ सकती है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: पीरियड्स में होनेवाले दर्द के लिए क्या कोई ख़ास टेस्ट कराना होगा? (Menstrual Cramps- Diagnosis And Treatments)

Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भाशय का न होना मुमकिन है? (Can A Woman Be Born Without A Womb?)

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मेरी बेटी 16 साल की है, पर अभी तक उसके पीरियड्स नहीं आए हैं. सोनोग्राफी से पता चला कि उसकी ओवरीज़ तो हैं, पर गर्भाशय नहीं है, क्या ऐसा भी होता है? क्या यही वजह है कि उसके पीरियड्स नहीं आए?

– रीता वर्मा, हैदराबाद.

जी हां, यह मुमकिन है और यही वजह है कि उसके पीरियड्स नहीं आ रहे हैं. दरअसल, ऐसे मामलों में ओवरीज़ तो सामान्य होती हैं, पर योनि या गर्भाशय या तो अविकसित रह जाते हैं या होते ही नहीं. लगभग 4 या 5 हज़ार मामलों में से एक मामला ऐसा भी पाया जाता है. मैं समझ सकती हूं कि यह जानकर आप बहुत परेशान होंगी, पर कुछ सपोर्ट ग्रुप हैं, जो ऐसे मामलों में मदद करते हैं.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

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मैं 35 वर्षीया दो बच्चों की मां हूं. हम तीसरा बच्चा नहीं चाहते थे, पर चूंकि मैंने कंसीव कर लिया था, इसलिए एबॉर्शन करवाना पड़ा. एबॉर्शन के तुरंत बाद डॉक्टर ने गर्भनिरोधक इस्तेमाल करने की सलाह दी. पर अगर इनका इस्तेमाल मैं कुछ दिनों बाद करूं, तो क्या इस बीच कंसीव करने की संभावना है?

– कुसुम जोशी, जबलपुर.

एबॉर्शन के 10-12 दिनों बाद ही महिलाओं में ओव्यूलेशन शुरू हो जाता है, इसलिए अगर आपको बच्चे नहीं चाहिए, तो तुरंत किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल शुरू कर दें.
बार-बार एबॉर्शन से पेल्विक इंफेक्शन, एब्नॉर्मल डिस्चार्ज और पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए तुरंत किसी गर्भनिरोधक का
इस्तेमाल करें.

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पीरियड्स के दर्द में ट्राई करें ये होम रेमेडीज़ 

  • पीरियड्स के पहले ही दिन एक ग्लास गुनगुने पानी में डेढ़ टीस्पून दालचीनी पाउडर और 1 टेबलस्पून शहद मिलाकर दिन में तीन बार पीएं.
  • एक कप पानी में अदरक का एक टुकड़ा, शहद और नींबू का रस मिलाकर पांच मिनट तक उबालें. दिन में तीन बार पीएं.
  • एक कप पानी में 1 टेबलस्पून तुलसी की पत्तियां उबालकर थोड़ी-थोड़ी देर में पीएं.
  • अलसी में दर्दनिवारक गुण होते हैं, जो पीरियड्स में होनेवाले दर्द व मरोड़ मेंे आराम दिलाते हैं. 1-2 टेबलस्पून अलसी फांक लें.
  • गर्म पानी की थैली से पेट के निचले हिस्से में सेंक करें. तुरंत आराम मिलेगा.
  • एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पपीता पीरियड्स के दर्द में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है. पीरियड्स के दौरान पपीता खाएं, यह दर्द से राहत दिलाकर पीरियड्स को हैप्पी बनाता है.
यह भी पढ़ें:  शादी से पहले गर्भनिरोधक की जानकारी कितनी ज़रूरी है?
डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

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