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क्यों घट रहा है पुरुषों में स्पर्म काउंट? (What Are The Reasons For Low Sperm Count In Men?)

पिछले 40 सालों में पुरुषों (Men) के स्पर्म काउंट (Sperm Count) में काफ़ी गिरावट आई है और यह गिरावट दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है. ऐसा नहीं है कि स़िर्फ भारतीय पुरुष ही इसके शिकार हैं, बल्कि यह पूरी दुनिया के पुुरुषों को प्रभावित कर रहा है. क्या हैं इसके कारण और बचाव के उपाय, आइए जानते हैं. 

Low Sperm Count In Men

क्या कहते हैं आंकड़े?

–     वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन (WHO) के अनुसार, पिछले 40 सालों में पूरी दुनिया के पुरुषों के स्पर्म काउंट और क्वालिटी में भारी कमी आई है.  पहले हर सैंपल में जो स्पर्म काउंट 60 मिलियन होता था, अब वो महज़ 20 मिलियन रह गया है.

–     हमारे देश में हर साल 12-18 मिलियन कपल्स इंफर्टिलिटी के शिकार हो रहे हैं, जिसमें 50% पुरुष शामिल हैं.

–     आज यह स्थिति आ गई है कि हर छह में से एक कपल इंफर्टिलिटी का शिकार हो रहा है.

–     साथ ही यह बहुत गंभीर बात है कि हर साल पुरुषों के स्पर्म काउंट में 2% की कमी देखी जा रही है. ऐसा ही चलता रहा, तो कुछ ही सालों में इंफर्टिलिटी एक गंभीर सामाजिक समस्या बन जाएगी.

क्यों घट रहा है स्पर्म काउंट?

हमारी बदलती लाइफस्टाइल और वर्क कल्चर ने बहुत कुछ बदल दिया है. जिस तेज़ी से पुरुषों के स्पर्म काउंट में कमी आ रही है, उसके लिए बहुत हद तक ये चीज़ें ही ज़िम्मेदार हैं. इसके अलावा और क्या हैं इस कमी के कारण, आइए देखते हैं.

–     दिन-ब-दिन बढ़ता मोटापा

–     अनहेल्दी लाइफस्टाइल

–     फिज़िकल एक्टिविटी की कमी

–     बहुत ज़्यादा टाइट कपड़े पहनना

–     वर्कप्लेस पर बढ़ता प्रेशर

–     स्मोकिंग और अल्कोहल

–     बहुत ज़्यादा इमोशनल स्ट्रेस

–     हार्मोंस का असंतुलन

–     इनडोर व आउटडोर पोल्यूशन

–     लगातार लैपटॉप पर काम करने से टेस्टिकल्स का तापमान बढ़ता है, जिससे स्पर्म प्रोडक्शन पर असर पड़ता है.

–     कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी ऐसा हो सकता है.

–     पर्यावरण में बढ़ती गर्मी इसका एक और कारण है.

पहचानें इसके लक्षण

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नज़र आता है, तो तुरंत किसी एक्सपर्ट सेे संपर्क करें. याद रखें, स्पर्म काउंट की समस्या को जितनी जल्दी सुलझाएंगे, ज़िंदगी उतनी आसान होगी. ग़ौर करें इन लक्षणों पर.

–     इजैकुलेशन में द़िक्क़त महसूस होना.

–     बहुत कम सीमेन का निकलना.

–     इरेक्टाइल डिस्फंक्शन.

–     सेक्सुअल डिज़ायर में कमी.

–     साथ ही बार-बार सांस संबंधी समस्या होना.

–     चेहरे और शरीर पर बालों का बढ़ना.

–     इंफर्टिलिटी से जूझ रहे पुरुषों के सूंघने की शक्ति में भी कमी देखी जाती है.

क्या है सामान्य स्पर्म काउंट?

आमतौर पर एक मि.ली. सीमेन में 15 मिलियन या फिर हर सैंपल में 39 मिलियन स्पर्म काउंट सामान्य माना जाता है. दूसरे शब्दों में कहें, तो एक मि.ली. सीमेन में 10 मिलियन से कम स्पर्म काउंट असामान्य माना जाता है और ऐसे पुरुषों को इंफर्टिलिटी का इलाज कराना पड़ता है.

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Low Sperm Count In Men
कैसे बढ़ाएं स्पर्म काउंट?

–     रोज़ाना 30-45 मिनट्स की फिज़िकल एक्टीविटी स्पर्म काउंट को बढ़ाने में मदद करती है.

–    एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, वेट लॉस और स्पर्म काउंट की बढ़ोत्तरी में डायरेक्ट लिंक देखा गया है. बेहतर होगा कि वेट लॉस पर ध्यान दें.

–     स्मोकिंग ब्लड वेसल्स को डैमेज करती है, जिससे गुप्तांगों में भी ब्लड फ्लो में द़िक्क़त आती है. साथ ही ये आपकी कामोत्तेजना को भी प्रभावित करती है, इसलिए बेहतर होगा कि जल्द-से-जल्द स्मोकिंग छोड़ दें.

–     लो स्पर्म काउंट के बारे में अपने डॉक्टर को बताएं, हो सकता है उनके द्वारा दी गई दवाइयों के कारण ऐसा हो रहा हो.

–     बढ़ते हुए स्ट्रेस के कारण शरीर रिप्रोडक्शन पर ज़्यादा ध्यान नहीं दे पाता है, इसलिए ़तनाव को कम करने की कोशिश करें.

–     ताज़े फल, सब्ज़ियां और साबूत अनाज अपने डायट में शामिल करें. कोशिश करें कि जंक फूड या पैक्ड फूड ज़्यादा न खाएं.

–     द जर्नल रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी एंड एंडोक्रेनोलॉजी में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, पुरुषों के विटामिन डी और कैल्शियम के लेवल और स्पर्म काउंट का सीधा संबंध है, इसलिए अगर विटामिन डी की कमी रही, तो कपल को कंसीव करने में द़िक्क़त महसूस होती है. अपने शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम का लेवल बनाए रखें.

–     रेग्युलर एक्सरसाइज़ और अच्छी नींद से भी स्पर्म काउंट बढ़ता है.

–     लंबे समय तक एक ही जगह पर न बैठें. इससे पुरुष गुप्तांग में गर्मी बढ़ जाती है, जो स्पर्म प्रोडक्शन में रुकावट पैदा कर सकता है.

–     कोशिश करें कि ज़्यादा-से -ज्यादा हेल्दी फैट्स लें. ओमेगा3 और ओमेगा6 इसमें काफ़ी लाभदायक सिद्ध होता है. आप चाहें, तो ओमेगा3 के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं.

अपनाएं ये फर्टिलिटी फूड्स

अंडा: स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए यह बेस्ट फूड माना जाता है. अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन ई होता है, जो स्पर्म को फ्री रैडिकल्स से बचाते हैं.

केला: विटामिन ए, बी1 और सी के गुणों से भरपूर केला स्पर्म प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है. इसमें ब्रोमेलेन नामक नेचुरल एंटी इंफ्लेमेट्री एंज़ाइम होता है, जो स्पर्म की गुणवत्ता और गतिशीलता कोे बढ़ाता है.

पालक: फॉलिक एसिड के गुणों से भरपूर पालक हेल्दी स्पर्म काउंट बढ़ाने में उपयोगी साबित होता है. अगर आपके शरीर में फॉलिक एसिड की कमी होगी, तो अनहेल्दी स्पर्म बनेंगे, जो आपके किसी काम नहीं आएंगे.

मेथी: लो स्पर्म काउंट और कामोत्तेजना को बढ़ानेवाला यह पारंपरिक घरेलू नुस्ख़ा है. एक शोध के मुताबिक़, लगातार 12 हफ़्तों तक मेथी के सेवन से स्पर्म काउंट और सीमेन में बढ़ोत्तरी देखी गई है.

अनार: यह एक बेहतरीन फर्टिलिटी बूस्टर माना जाता है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स ब्लड फ्री रैडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं. यह स्पर्म काउंट और क्वालिटी दोनों में लाभदायक है.

लहसुन: यह एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर है. विटामिन बी6 और सेलेनियम के गुणों से भरपूर लहसुन स्पर्म प्रोडक्शन को बढ़ाता है.

ब्रोकोली: इसमें मौजूद फॉलिक एसिड फर्टिलिटी दूर करने में मदद करता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, अगर रोज़ खाने में इसे शामिल किया जाए, तो आपका स्पर्म काउंट 70% तक बढ़ सकता है.

डार्क चॉकलेट: रात के खाने के बाद अगर आप और आपके पार्टनर स़िर्फ एक टुकड़ा डार्क चॉकलेट खाएं, तो स्पर्म काउंट की समस्या जल्द ही ख़त्म हो जाएगी. इसमें मौजूद एल-आर्जिनाइन स्पर्म प्रोडक्शन में काफ़ी लाभदायक सिद्ध होता है.

अखरोट: ब्रेन फूड के नाम से मशहूर अखरोट स्पर्म काउंट बढ़ाने में भी मदद करता है. ओमेगा3 फैटी एसिड्स से भरपूर अखरोट स्पर्म की गतिशीलता बढ़ाने में मददगार साबित होता है.

टमाटर: बेहतरीन फर्टिलिटी फूड्स में शुमार टमाटर इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है. इसमें मौजूद लाइकोपीन स्पर्म की बनावट और गतिशीलता में काफ़ी मदद करता है. अपने रोज़ाना के खाने में टमाटर शामिल करें.

गाजर: बीटा कैरोटीन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर गाजर स्पर्म को फ्री रैडिकल्स से बचाती है, जिससे स्पर्म जल्दी नष्ट नहीं होते. यह उनकी गतिशीलता बढ़ाने में भी सहायक होती है.

अश्‍वगंधा: सालों से हमारे देश में इसे आयुर्वेदिक दवा के रूप में लिया जाता रहा है. अश्‍वगंधा न स़िर्फ टेस्टोस्टेरॉन के लेवल को बढ़ाता है, बल्कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या को भी दूर करता है.

कद्दू के बीज: अमीनो एसिड्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स के गुणों से भरपूर कद्दू के बीज पुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ाते हैं. यह हेल्दी स्पर्म काउंट को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे उनकी गतिशीलता भी बढ़ जाती है.

– सुनीता सिंह

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स्पर्म काउंट बढ़ाने के आसान देसी उपाय (Super Foods That Increase Sperm Count)

एक स्वस्थ पुरुष के शरीर में प्रति सेकेंड 1,500 स्पर्म्स यानी शुक्राणु बनते हैं, लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी तनावपूर्ण ज़िंदगी व आधुनिक जीवनशैली के कारण बहुत से पुरुष शुक्राणुओं की कमी की समस्या का सामना कर रहे हैं. इतना ही नहीं, शुक्राणुओं की गुणवत्ता भी घट रही है. स्पर्म काउंट कम होने से उनकी फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है. एक अध्ययन के अनुसार, पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी 90 फ़ीसदी समस्याएं शुक्राणुओं की कमी के कारण होती हैं.  आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि आपके स्पर्म काउंट का सीधा संबंध आपके खानपान से है. आपकी डायट जितनी अच्छी होगी, स्पर्म काउंट उतना बेहतर ही होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की जानकारी दे रहे हैं, जो  शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ आपकी सेक्सलाइफ बेहतर बनाने में मददगार सिद्ध होंगे. यदि आप अपना परिवार बढ़ाने की सोच रहे हैं तो अपने मेनू में इन चीज़ों को शामिल कीजिए.

Foods That Increase Sperm Count

स्पर्म प्रोडक्शन के लिए ऑयस्टर
शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में ज़िंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऑयस्टर यानी घोंघा ज़िंक का उत्तम स्रोत है. यह स्पर्म प्रोडक्शन यानी शुक्राणुओं का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है. अतः रोज़ाना 50 ग्राम ऑयस्टर का सेवन करें.

स्वस्थ स्पर्म के लिए अंडे
प्रोटीन व विटामिन ई से भरपूर अंडे स्वस्थ शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद करते हैं. स़िर्फ इतना ही नहीं, यह स्पर्म काउंट बढ़ाने के साथ-साथ प्रजनन क्षमता को कम करने वाले फ्री रैडिकल्स से लड़ने में भी मदद करते हैं. इसलिए रोज़ाना दो अंडे खाएं.

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एंटीऑक्सीडेंट्स के लिए डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट्स में अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं जो स्पर्म काउंट को दोगुना करने के साथ ही सीमन (वीर्य) को गाढ़ा बनाने में भी मदद करते हैं. इसके अलावा डार्क चॉकलेट में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाले फ्री रैडिकल्स को दूर करने में मददगार होते हैं. लेकिन बहुत ज़्यादा चॉकलेट नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे वज़न बढ़ सकता है, जिसकी वजह से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक सेक्स हार्मोन कासंतुलन बिगड़ जाता है, नतीजतन स्पर्म काउंट कम होता है. दिनभर में एक टुकड़ा डार्क चॉकलेट काफ़ी है. चॉकलेट जितना डार्क होगा, स्पर्म काउंट बढ़ाने में उतना ही फ़ायदेमंद होगा.

शुक्राणुओं की गतिशीलता के लिए लहसुन
अगर लहसुन की तेज़ महक से आपको कोई परेशानी नहीं है तो इसका सेवन शुरू कर दीजिए. इसमें दो जादुई तत्व पाए जाते हैं- पहला है एलिसिन, जो पुरुषों के सेक्सुअल ऑर्गन में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और स्पर्म को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है और दूसरा है सेलेनियम- यह एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट है, जो शुक्राणुओं की गतिशीलता को बढ़ाता है. प्रतिदिन दो लहसुन की कलियां खाना पर्याप्त होगा.

कामेच्छा के लिए केला

Banana
यह फल पुरुषों के सेक्सुअल हेल्थ के लिए अच्छा होता है. केले में ब्रोमेलिन नामक एंज़ाइम पाया जाता है, जो पुरुषों की कामेच्छा बढ़ाने व सेक्स हार्मोन्स को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, ए और बी 1 पाया जाता है, जो पुरुषों के शरीर में शुक्राणु पैदा करने की क्षमता को बढ़ाता है.

सेक्स हार्मोन्स के लिए कद्दू के बीज
इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड मेल ऑर्गन्स में रक्त संचार बढ़ाते हैं. रोज़ाना एक मुट्ठी कद्दू के बीज खाने से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक सेक्स हार्मोन का स्राव व स्पर्म काउंट बढ़ता है.

ऐक्टिव शुक्राणुओं के लिए ब्रोकोली
शरीर में विटामिन ए की कमी से प्रजनन क्षमता कम होती है, क्योंकि इसकी कमी से स्पर्म्स सुस्त हो जाते हैं. इससे बचने के लिए अपने खाने में विटामिन ए से भरपूर ब्रोकोली शामिल करें. इसका सेवन करने से शुक्राणु ऐक्टिव व हेल्दी बनेंगे.

स्पर्म काउंट के लिए अखरोट
Walnuts for sperm count

ओमेगा 3 फैटी एसिड स्पर्म काउंट व मेल ऑर्गन्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने में मदद करता है. अखरोट ओमेगा 3 फैटी एसिड का बढ़िया स्रोत है. रोज़ाना एक मुट्ठीअखरोट खाने से स्पर्म की संख्या बढ़ेगी और उनका आकार भी बेहतर होगा.

टेस्टोस्टेरॉन के लिए जिनशेंग
सालों से इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए इस चमत्कारी पौधे का प्रयोग किया जा रहा है. यह शरीर में टेस्टोस्टेरॉन के लेवल को बढ़ाता है और पुरुषों के जननांगों में ब्लड सर्कुलेशन को तेज़ करता है. अतः जिनशेंग युक्त चाय पीएं या रात में सोने से पहले आधा टीस्पून जिनशेंग पाउडर ग्रहण करें.

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Personal Problems: क्या पति का स्पर्म काउंट टेस्ट कराना ज़रूरी है? (Should You Get Your Husband’s Sperm Count Checked?)

मैं 30 वर्षीया महिला हूं और मेरे पति की उम्र भी इतनी ही है. पिछले 3 सालों से हम प्रेग्नेंसी के लिए ट्राई कर रहे हैं, पर अभी तक हमें कोई सफलता नहीं मिली. क्या महिलाओं की ही तरह पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी की समस्या होती है?
– पार्वती मिश्रा, नोएडा.

रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि महिलाओं की तरह पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी की समस्या काफ़ी कॉमन है. इंफर्टिलिटी के मामलों में ऐसा देखा गया है कि 1/3 मामलों में पुरुषों में होनेवाली इंफर्टिलिटी, 1/3 मामलों में महिलाओं की इंफर्टिलिटी और 1/3 मामलों में दोनों या फिर किन्हीं अज्ञात कारणों से गर्भधारण में प्रॉब्लम हो सकती है. आपको किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलना चाहिए, वो आप दोनों की जांच करके सही इलाज की सलाह देंगे.

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं. मेरे पति को लगता है कि उनकी स्पर्म क्वालिटी में कुछ समस्या है. इस बात को लेकर उनमें हीनभावना आ गई है. हम प्रेग्नेंसी प्लान करने के बारे में सोच रहे हैं, इसलिए जानना चाहते हैं कि क्या पति का स्पर्म काउंट टेस्ट कराना ज़रूरी है? और पुरुषों के लिए नॉर्मल स्पर्म काउंट क्या है?
– शशि मेहरा, हैदराबाद.

सीमेन टेस्ट के ज़रिए पुरुषों के सीमेन में स्पर्म काउंट और उसकी क्वालिटी की जांच की जाती है. आमतौर पर 1 मिलीलीटर सीमेन में 15 से 100 मिलियन स्पर्म होते हैं. 10 मिलियन से नीचे स्पर्म काउंट लो माना जाता है, जबकि 15 मिलियन या उससे अधिक का स्पर्म काउंट सामान्य माना जाता है, बशर्ते उसकी क्वालिटी अच्छी हो. स्टडी में यह बात पता चली है कि क़रीब 10-15% पुरुषों में स्पर्म काउंट ज़ीरो होता है, जिसके कारण उन्हें इंफर्टाइल कहा जा सकता है, इसलिए अगर किसी का स्पर्म काउंट 10 मिलियन से कम हो, तो उन्हें इंफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलकर अपना इलाज कराना चाहिए. आप सबसे पहले अपने पति को सीमेन टेस्ट कराने की सलाह दें, ताकि उनका स्पर्म काउंट पता चल सके.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

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जानें आख़िर कितनी देर तक जीवित रहते हैं शुक्राणु ( How Long does Sperms Survive)

How Long does Sperms Survive

गर्भधारण करना एक बेहद जटिल प्रक्रिया है. कुछ तो आसानी से गर्भवती हो जाती हैं, तो कुछ को महीनों तक अपने ओवुलेशन पर नज़र रखनी पड़ती है. लेकिन प्रेग्नेंसी के लिए सिर्फ़ महिला का शरीर ज़िम्मेदार नहीं होता. महिला के शरीर में पुरुष का शुक्राणु कितने समय तक जीवित रहता है, इससे भी काफ़ी फ़र्क़ पड़ता है. शुक्राणुओं की यात्रा और जीवनकाल (How Long does Sperms Survive) के बारे में मोनिका अग्रवाल विस्तार से जानकारी दे रही हैं.

How Long does Sperms Survive

सेक्स के दौरान पुरुष के वीर्य से
लाखों-करोड़ों शुक्राणु बाहर निकलते हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ़ एक-दो ही ऐसे होते हैं जो महिला के अंडों के साथ मिलकर प्रजनन की प्रक्रिया को पूरा करते हैं. अधिकांश लोग स्पर्म के बारे में बहुत ज़्यादा नहीं जानते हैं, जबकि शुक्राणु से जुड़ी कई ऐसी कई बाते हैं जिसके बारे में आपको पूरी जानकारी होनी चाहिए.

महिला के शरीर के अंदर
एक बार जब शुक्राणु महिला के वेज़ाइना में चले जाते हैं तो वे शरीर में 24 से 48 घंटों तक जीवित रह सकते हैं. हालांकि बहुत से शुक्राणु महिला के शरीर में घुसते ही नष्ट हो जाते हैं.

ओवेलुशन के दौरान 3-5 दिन तक जीवित रह सकते हैं
अमेरिकन प्रेग्नेंसी एसोसिएशन के अनुसार, शुक्राणुओं को अगर अनुकूल माहौल मिले तो वे ज़्यादा समय तक जीवित रह सकते हैं. अगर जगह गर्म और नम हो तो वे 3 से 5 दिन तक जीवित रह सकते हैं. शुक्राणुओं को नम माहौल की आवश्यकता होती है. चूंकि ओवेलुशन के दौरान महिला का वेजाइना और गर्भाशय नम और गर्म होता है इसलिए उन दौरान शुक्राणु महिला के शरीर में ज़्यादा समय के लिए जीवित रहते हैं. अगर सर्विकल फ्लूइड कम हो तो शुक्राणु जल्दी मर जाते हैं.

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शरीर के बाहर
चूंकि मानव शरीर गर्म और मॉइस्ट होता है, इसलिए शुक्राणु ज़्यादा समय तक जीवित रहते हैं, लेकिन बात जब कपड़ों और अन्य जगहों की हो तो शुक्राणुओं का जीवनकाल बहुत छोटा होता है. शरीर के बाहर ये कुछ मिनटों या ज़्यादा से ज़्यादा दो घंटे तक जीवित रहते हैं. चूंकि वीर्य जल्दी सूखता है इसलिए नमी के कमी के कारण शुक्राणु मर जाते हैं.

जानें ये बातें


शुक्राणुओं की संख्याः एक स्खलन यानी इजैकुशन में अनुमानित 280 मिलियन शुक्राणु होते हैं.

कम स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी  जब शुक्राणुओं की संख्या 10 मिलियन से कम हो जाती है, तो प्रजनन क्षमता कम हो जाती है. नैशनल इंफर्टिलिटी एसोसिएशन के अनुसार, अगर शुक्राणु की संख्या 40 मिलियन और 300 मिलियन के बीच है तो पुरुष सामान्य श्रेणी में आता है.

स्पर्म बनने में लगने वाला समयः  वैसे तो पुरुषों के अंडकोष में हमेशा शुक्राणु बनते रहते हैं, लेकिन किसी भी स्पर्म को पूरी तरह परिपक्व होने और प्रजनन के लिए पूरी तरह तैयार होने में लगभग 46 से 72 दिनों तक का समय लग जाता है.

स्वस्थ स्पर्मः जितने भी स्पर्म शरीर से बाहर निकलते हैं उनमें से सभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं होते हैं. लगभग 90% स्पर्म ख़राब होते हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पुरुष में कोई कमी है बल्कि यह सामान्य बात है. वास्तव में जब ये स्पर्म अंडे की तरफ़ जाते हैं तो उस दौड़ में कई स्पर्म पीछे ही छूट जाते हैं, स़िर्फ हेल्दी स्पर्म ही अंडों तक पहुंच पाते हैं.

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या पति का सीमेन टेस्ट करवाना ज़रूरी है? (How Important Is Semen (Sperm Count) Test?)

How Important Is Semen Sperm Count Test
मैं 25 वर्षीया महिला हूं और शादी के 4 साल बाद भी कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, पर पति का सीमेन टेस्ट नहीं हुआ है. क्या यह ज़रूरी है? कृपया, मेरा मार्गदर्शन करें.
– मीनाक्षी यादव, वाराणसी.

यह बहुत ज़रूरी है, क्योंकि कंसीव न कर पाने के 1/3 मामलों में कारण पुरुषों से जुड़े होते हैं. इसके लिए ज़रूरी है कि आपके पति किसी तरह की एंटीबायोटिक्स न ले रहे हों और उन्हें बुख़ार न हो. टेस्ट के 3-4 दिन पहले से ही शारीरिक संबंध न बनाएं, पर यह भी ध्यान रहे कि कई हफ़्तों का गैप न हो. अगर पति टूर पर थे, तो शारीरिक रिश्ते सामान्य होने पर ही टेस्ट कराएं. सीमेन मास्टरबेशन के ज़रिए लैब द्वारा दी गई शीशी में ही रखें. कभी भी कंडोम में सीमेन इकट्ठा न करें. रिपोर्ट आने पर ही अगला क़दम उठा सकते हैं.

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 How Important Is Semen Sperm Count Test
मैं 48 वर्षीया महिला हूं और ट्रीटमेंट के बावजूद पिछले कई सालों से हेवी ब्लीडिंग से परेशान हूं. डॉक्टर ने मुझे हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह दी है. कृपया, इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में बताएं.
– रेखा वर्मा, कानपुर.

हिस्टेरेक्टॉमी में सर्जरी के ज़रिए यूटरस और सर्विक्स निकाल दी जाती हैं. यह सर्जरी एब्डॉमिनल, वेजाइनल और लैप्रोस्कोपिक तरीक़ों से की जा सकती है. वेजाइनल और लैप्रोस्कोपिक दोनों ही बेहतरीन तरी़के हैं, क्योंकि इनमें रिकवरी तेज़ी से होती है और ज़्यादा ब्लीडिंग भी नहीं होती. कुछ ही हफ़्तों में आप अपनी नॉर्मल लाइफ शुरू कर सकती हैं. सर्जरी के दौरान ओवरीज़ भी निकाल देने से एस्ट्रोजेन की कमी हो जाती है, जिससे मेनोपॉज़ के सभी लक्षण महसूस होते हैं. हालांकि सर्जरी के बाद डॉक्टर आपको क्या करें, क्या न करें की पूरी लिस्ट देंगे. सर्जरी के बाद आपको हाई फाइबर डायट लेना होगा, ताकि कफ़ या कब्ज़ की शिकायत न हो, वरना आपकी सर्जरी पर इसका असर पड़ेगा.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: एग फ्रीज़िंग की प्रक्रिया में कितना वक्त लगता है?

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

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स्पर्म काउंट बढ़ाने के घरेलू उपाय (How To Increase Sperm Count)

How To Increase Sperm Count

एक स्वस्थ पुरुष के शरीर में प्रति सेकेंड 1,500 स्पर्म्स (How To Increase Sperm Count) यानी शुक्राणु बनते हैं, लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी तनावपूर्ण ज़िंदगी व आधुनिक जीवनशैली के कारण बहुत-से पुरुष शुक्राणुओं की कमी की समस्या का सामना रहे हैं. इतना ही नहीं, शुक्राणुओं की गुणवत्ता भी घट रही है. स्पर्म काउंट कम होने से उनकी फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है. एक अध्ययन के अनुसार, पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी 90 फ़ीसदी समस्याएं शुक्राणुओं की कमी के कारण होती हैं. आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि स्पर्म काउंट का सीधा संबंध खानपान से है. डायट जितनी अच्छी होगी, स्पर्म काउंट उतना बेहतर ही होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का जानकारी दे रहे हैं, जो शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ सेक्सलाइफ़ बेहतर बनाने में मददगार सिद्ध होंगे.

How To Increase Sperm Count

स्पर्म प्रोडक्शन के लिए ऑइस्टर
शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में ज़िंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऑइस्टर यानी घोंघा ज़िंक का उत्तम स्रोत है. यह स्पर्म प्रोडक्शन यानी शुक्राणुओं का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है. अतः रोज़ाना 50 ग्राम ऑइस्टर का सेवन कीजिए.

स्वस्थ स्पर्म के लिए अंडे
प्रोटीन व विटामिन ई से भरपूर अंडे स्वस्थ शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद करते हैं. स़िर्फ इतना ही नहीं, यह स्पर्म काउंट (How To Increase Sperm Count) बढ़ाने के साथ-साथ प्रजनन क्षमता को कम करने वाले फ्री रेेडिकल्स से लड़ने में भी मदद करते हैं. इसलिए रोज़ाना दो अंडे ग्रहण कीजिए.

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एंटीऑक्सिडेंट्स के लिए डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट्स में अमिनो एसिड्स पाए जाते हैं. जो स्पर्म काउंट दोगुना करने के साथ ही सीमन (वीर्य) को गाढ़ा बनाने में भी मदद करते हैं. इसके अलावा डार्क चॉकलेट में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाले फ्री रेडिकल्स को दूर करने में मददगार होते हैं. लेकिन बहुत ज़्यादा चॉकलेट नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे वज़न बढ़ सकता है, जिसकी वजह से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक सेक्स हार्मोन कासंतुलन को बिगाड़ जाता है, नतीजतन स्पर्म काउंट कम होता है. दिनभर में एक टुकड़ा डार्क चॉकलेट काफ़ी है. चॉकलेट जितना डार्क होगा, स्पर्म काउंट बढ़ाने में उतना ही फ़ायदेमंद होगा.

How To Increase Sperm Count

शुक्राणुओं की गतिशीलता के लिए लहसुन
अगर लहसुन की तेज़ महक से आपको कोई परेशानी नहीं है तो इसका सेवन शुरू कर दीजिए. इसमें दो जादुई सत्व पाए जाते हैं-पहला है एलिसिन, जो पुरुषों के सेक्सुअल ऑर्गन में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और स्पर्म को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है और दूसरा है सेलेनियम- यह एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट है, जो शुक्राणुओं की गतिशीलता को बढ़ाता है. प्रति दिन दो लहसुन की कलियां खाना पर्याप्त होगा.

कामेच्छा के लिए केला
पुरुषों की योनि की तरह दिखने वाला यह फल उनके सेक्सुअल हेल्थ के लिए अच्छा होता है. केले में ब्रोमेलिन नामक एंज़ाइम पाया जाता है, जो पुरुषों की कामेच्छा बढ़ाने व सेक्स हार्मोन्स को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, ए और बी 1 पाया जाता है, जो पुरुषों के शरीर में शुक्राण पैदा करने की क्षमता को बढ़ाता है.

सेक्स हार्मोन्स के लिए कद्दू के बीज
इसमें मौजूद ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स मेल ऑर्गन्स में रक्त संचार बढ़ाते हैं. रोज़ाना एक मुठ्ठी कद्दू के बीज खाने से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक सेक्स हार्मोन का स्राव व स्पर्म काउंट बढ़ता है.

How To Increase Sperm Count

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ऐक्टिव शुक्राणुओं के लिए ब्रोकोली
शरीर में विटामिन ए की कमी से प्रजनन क्षमता कम होती है, क्योंकि इसकी कमी से स्पर्म्स सुस्त हो जाते हैं. इससे बचने के लिए अपने खाने में विटामिन ए से भरपूर ब्रोकोली शामिल करें. इसका सेवन करने से शुक्राणु ऐक्टिव व हेल्दी बनेंगे.

स्पर्म काउंट के लिए अखरोट
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स स्पर्म काउंट व मेल ऑर्गन्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने में मदद करते हैं. अखरोट ओमेगा-थ्री फैटी एसिड्स का बढ़िया स्रोत है. रोज़ाना एक मुट्ठी अखरोट खाने से स्पर्म की संख्या बढ़ेगी और उनका आकार भी बेहतर होगा.

टेस्टोस्टेरॉन के लिए जिनशेंग
सालों से इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए इस चमत्कारी पौधे का प्रयोग किया जा रहा है. यह शरीर में टेस्टोस्टेरॉन के लेवल को बढ़ाता है और पुरुषों के जनांगों में ब्लड सर्कुलेशन को तेज़ करता है. अतः जिनशेंग युक्त चाय पिएं या रात में सोने से पहले आधा टीस्पून जिनशेंग पाउडर ग्रहण करें.

स्वस्थ स्पर्म के लिए पालक
पालक में फॉलिक एसिड पाया जाता है, जो शुक्राणुओं के लिए ज़रूरी पोषक तत्व है. यह स्वस्थ शुक्राणु के उत्पादन में मदद करता है. शरीर में फॉलिक एसिड की कमी होने पर अस्वस्थ स्पर्म्स पनपते हैं. जिसके कारण स्पर्म्स को एग्स तक पहुंचने में दिक्कत होती है.

अन्य घरेलू उपाय
1- चार-पांच बादाम को रातभर पानी में भिगोएं, सुबह पीसकर महीन पेस्ट बनाकर एक ग्लास दूध में डालकर दूध उबालें. उसमें एक चम्मच देसी घी व मिश्री डालकर पिएं.
2- एक ग्राम इलायची के दानें, एक ग्राम जावित्री, 10 ग्राम मिश्री को पांच बादाम के पेस्ट में मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं.
3- रोज़ाना आधा ग्राम जायफल पाउडर पानी के साथ लें.
4- शतावरी, अश्‍वगंधा व सफेल मूसली को मिलाकर पाउडर तैयार करें. इस मिश्रण को सुबह-शाम तीन-तीन ग्राम एक ग्लास दूध से लें.
5. एक चम्मच शहद में उतनी ही मात्रा में प्याज़ का रस व अदरक का रस मिलाकर पिएं. काफी फ़ायदा होगा.

इन बातों का रखें ध्यान
1-शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए योग का सहारा लें. रोज़ाना भस्त्रिका प्राणायाम, हलासन, सूर्यनमस्कार, सेतूबंघासन व धनुरासन करें. इससे प्रजनन क्षमता व शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने में मदद मिलती है.
2- तनाव से दूर रहें. हमेशा तनाव में रहने से शुक्राणुओं की संख्या व उनकी गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
3- एल्कोहल व सिगरेट का सेवन करने से बचें.
4. ज़्यादा कसा हुआ अंडरवियर न पहनें. रात में जीन्स पहनकर न सोएं. ढीला-ढाला पायजामा पहनकर सोने की आदत डालें.
5- लैपटॉप को जांघ पर रखकर काम न करें.
6- मोबाइल को हमेशा अपनी पैंट के पॉकेट में न रखें.
7-अत्यधिक ल्यूब्रिकेन्ट का प्रयोग न करे. इससे शुक्राणु मर सकते हैं.
8-सोया मिल्क का सेवन न करें, क्योंकि ये शुक्राणुओं को नुक़सान पहुंचाते हैं.
9- एक अध्ययन से पता चला है कि जो पुरुष रोज़ाना तीन या उससे अधिक कप कॉफी का सेवन करते हैं, उनके शुक्राणुओं की संख्या व गुणवत्ता कम होती है. अतः ज़्यादा चाय या कॉफी पीने से बचें.
10. स्टीम या सोना बाथ से बचें. हफ़्ते में एक बार स्टीम बाथ सही है, लेकिन 40 डिग्री से उससे अधिक गर्म पानी से नहाने से शुक्राणुओं की संख्या घट सकती है.

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